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SARKARI EANV GAIR-SARKARI VIDYALAYON ME ADHYAYANRAT KISHOR BALAK EANV BALIKANO KI CAREER JAGRUKTA KA

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Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2021 = 7.380, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFEREED JOURNAL, JULY-AUGUST, 2021, VOL- 9/66 सरकारी एवं गैर-सरकारी ववद्यालय ं में अध्ययनरत वकश र बालक एवं बावलकाओं की कैररयर जागरूकता का तुलनात्मक अध्ययन गुलशन कुमार (Ph.D, शोधार्थी) शशक्षा शिभाग, महात्मा गा​ां धी अांतर्ा​ा ष्ट्रीय शहां दी शिश्वशिद्यालय, िधा​ा (महार्ाष्ट्र)-442001 Email- gulshansudhaa@gmail.com

Paper Received On: 21 JULY 2021 Peer Reviewed On: 31 JULY 2021 Published On: 1 SEPT 2021

सम्पूर्ा अध्ययन सर्कार्ी एिां गैर्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता के अां तगात स्थर्थत है । इस अध्ययन में ‘कैरर्यर् जागरूकता’ केंद्र श ांदु है । यह अध्ययन माध्यशमक स्तर् के शिद्याशर्थायोां से सम्बांशधत है । इस अध्ययन के माध्यम से सर्कार्ी एिां गैर्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के अां तर् की जा​ांच की गई है । प्रदत्ोां को एकत्र कर्ने के शलए अध्ययनकता​ा द्वार्ा स्व शनशमा त कैरर्यर् जागरूकता प्रश्नािली का उपयोग शकया गया । प्रश्नािली में 45 प्रश्न शनशहत हैं जो शक पा​ांच स्तर्ोां पर् शिभाशजत शकए गए हैं जैसे अत्यशधक, हुधा, अशनश्चय, प्राय:, कभी नहीां । कुल 120 शिद्याशर्थायोां का यादृस्िक शिशध से चयन कर् यह अध्ययन 10 िीां कक्षा पर् प्रशाशसत है । यह अध्ययन केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद क्षेत्र के सर्कार्ी एिां गैर्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता की तुलना कर्ता है । संकेतक शब्द:- सर्कार्ी एिां गैर्- सर्कार्ी, शकशोर्, ालक एिां ाशलका, कैरर्यर् जागरूकता ।

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प्रस्तावनाशशक्षा हो या अन्य कोई क्षे त्र पर्न्तु दे श काल परर्स्थर्थशत के अनुकूल शिशभन्न कालोां में शभन्न-शभन्न रूपोां में कैरर्यर् के क्षे त्रोां में सां भािनाएां घटती ढ़ती र्ही है । कैरर्यर् चुनना जीिन के महत्वपू र्ा शनर्ा योां में से एक है (एस. र्ज़ा, एम. आर्., एिां गु शलओ, आर्. एम. 2015 पृष्ठ-78) कैरर्यर् के सन्दभा में प्रत्येक व्यस्ि को एक टर स्टी के समान होना चाशहए शकसी व्यस्ि का कैरर्यर् केिल उसके स्वयां के शलए नही ां है , स्ि यह परर्िार्, समाज तर्था सम्पूर्ा र्ाष्ट्र के शलए भी है (कुमार्, आर्. 2017 पृष्ठ-07) कैरर्यर् जागरूकता कैरर्यर् के शिकास का पहला चर्र् माना जाता है (शकांडो, एम., एिां अस्तशलन, पी. के. 2020 पृष्ठ-73) शजसके तहत शिद्याशर्थायोां को सफल होने के शलए अिी जानकर्ी ि कैरर्यर् के प्रशत समझ होना आिश्यक है । माध्यशमक स्तर् के शिद्याशर्थायोां में कैरर्यर् ि शिषय सां िगों के प्रशत जागरूकता होनी चाशहए तभी िह समाज में एक उि मुकाम हा​ां शसल कर् सकते है । केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद में माध्यशमक शिद्यालयोां में अध्ययनर्त ालक एिां ाशलकाओां का शशक्षा का स्तर् हुत सर्ाहनीय र्हा है । यहा​ाँ के कुछ शिद्यालयोां में शनदे शन ि पर्ामशा काया क्रमोां की भी सुशिधाएाँ उपलब्ध है । शजस कार्र् यहा​ाँ के शिद्यालयोां से शशक्षा पाकर् काफी शिद्याशर्थायोां ने अिा मुकाम हाशसल शकया है । शिद्याशर्थायोां के शलए शकसी भी मुकाम को हाशसल कर्ने के शलए अपने लक्ष्य शनधा​ा रर्त कर्ने होते है । उसके शलए उसे उशचत पर्ामशा-एिां मागा दशान की आिश्यकता होती है । (मीनाक्षी., एिां साशदक, एस. 2017 पृष्ठ-304) शजससे पाकर् शिद्याशर्थायोां को सही शदशा का ोध होता है । और् यह पर्ामशा कैरर्यर् जागरूकता की भू शमका में भी सहायक है ।

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गु लशन कुमार् (Pg. 15277-15285)

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जीिन की पूर्ा सफलता रुशच, योग्यता, स्रोत, आिश्यकता, प्रभाि अनुकूल कैरर्यर् चयन पर् शनभा र् कर्ती है । इसशलए िता मान समय में कैरर्यर् के प्रशत जागरूकता अत्यांत आिश्यक हैं । पर्न्तु यह एक शिचार्र्ीय प्रश्न है शक दु शनया​ां में प्रत्येक शैशक्षक सां थर्थानो, सर्कार्ोां द्वार्ा चलाए जा र्हे योजनाओां से कैरर्यर् जागरूकता सम्बां शधत प्रयास शकए जा र्हे हैं , क्या िे सही शदशा में चल पा र्हें हैं ? क्या जो शिद्यार्थी कक्षा 11 िी ां में शिषय का चयन कर्े गा उससे सां ां शध कैरर्यर् के क्षे त्र क्या-क्या होांगे उनको िह समझता है ? क्या शिद्याशर्थायोां में कैरर्यर् के प्रशत उशचत जागरूकता हैं । शिद्याशर्थायोां की आका​ां क्षा स्तर् क्या है? (जोशी, ए., एिां कश्यप, एस. 2014 पृष्ठ-61) उनकी कैरर्यर् के प्रशत मानशसक स्थर्थशत क्या है ? च्चा िै ज्ञाशनक ि मनोिै ज्ञाशनक सम्बन्ध कैरर्यर् को लेकर् शकतना थर्थाशपत कर् पा र्हा है? इन्ीां पहलुओां को ध्यान में र्खकर् अध्ययन कर्ता अध्ययन के शलए अग्रसर् है । सावित्य समीक्षाअध्ययन की समीक्षा कैरर्यर् जागरूकता के सम्बन्ध में शिशभन्न क्षे त्रोां से सम्बां शधत है से ठी, आर्. (2017). ने ‘कैरर्यर् अिे यर्नेस ऑफ़ स्टू डें ट एट से केंडर्ी स्कूल ऑफ़ ओशडशा’ का अध्ययन शकया । इस अध्ययन में इन्ोांने माध्यशमक स्तर् पर् शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता, जानकार्ी प्रदान कर्ने में शिद्यालय की भू शमका और् शिशभन्न प्रकार् के शिद्यालयोां शलांग और् अशभभािकोां की शशक्षा के सम्बन्ध में माध्यशमक स्तर् के शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता की तु लना की । इस अध्ययन में इन्ोांने सिे क्षर् शिशध का उपयोग कर् पाया शक अध्ययन इस सच्चाई को उजागर् कर्ता है शक हमें अपने शिद्याशर्थायोां को कैरर्यर् के सही शिकल्ोां के माध्यम से र्ाष्ट्र शनमा​ा र् में महत्वपूर्ा भू शमका शनभाने के शलए पया​ा प्त रूप से पूर्ा नाने के शलए समग्र प्रयास कर्ने होांगे । आज की दु शनया में यह शमर्थक है शक हमार्े शिद्यालयी शिद्याशर्थायोां को कोई समस्या नही ां है या स कुछ ठीक कर्ने के शलए जो कुछ भी आिश्यक है िह पया​ा प्त है । एक अिा शशक्षर् या मागा दशान और् पर्ामशा के रूप में से िा उच्च माध्यशमक शशक्षा के अलािा तु ि है यह आज दु शनया में शदखाई दे र्हा है । शमा​ा , के. (2016). ने ‘िोकेशनल इां टर्े स्ट र्े गाशडिं ग कैरर्यर् अिे यर्नेस अमोांग एडोलसें ट

ॉयज एां ड गर्ल्ा ऑफ़

र्ोहतक शसटी : हर्यार्ा (इां शडया)’ शिषय का अध्ययन शकया । इस अध्ययन के उद्दे श्य उच्च शिद्यालय के शकशोर् शिद्याशर्थायोां की व्यािसाशयक रुशच के सां ां ध में शलांग अांतर् का अध्ययन कर्ना र्था । परर्र्ामोां में पाया गया शक आजकल शकशोर् शिद्यार्थी एक ही िातािर्र् में

ढ़ र्हे हैं और् समान कैरर्यर् जागरूकता प्राप्त कर् र्हे हैं । शकांडो, एम., एिां अस्तशलन, के. पी.

(2020). ने ‘ए स्टडी ऑफ़ कैरर्यर् अिे यर्नेस ऑफ़ टर ाइ ल एां ड नॉन टर ाइ ल स्टू डें ट्स ऑफ़ गु मला शडस्स्टर क्ट झार्खण्ड’ का अध्ययन शकया । इस अध्ययन के उद्दे श्य आशदिासी और् गै र्-आशदिासी छात्रोां के कैरर्यर् जागरूकता के स्तर् का अध्ययन और् आशदिासी और् गैर्-आशदिासी एिां पुरुष और् मशहला छात्रोां के कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ना र्था । परर्र्ामोां में पाया गया शक अशधका​ां श आशदिासी छात्रोां में कैरर्यर् के प्रशत जागरूकता का स्तर् शनम्न और् औसत र्था । गै र्-आशदिासी छात्रोां में कैरर्यर् जागरूकता का स्तर् आशदिासी छात्रोां की तु लना में काफी अशधक पाया गया है तर्था शलांग भी कैरर्यर् जागरूकता से सां ां शधत एक कार्क है । इब्राहीम, ऍफ़. आर्., िास्म्बया. पी., अलोका. पी., एिां र् ु रु, पी. (2014). ने ‘द स्टे टस ऑफ़ कैरर्यर् अिे यर्नेस अमोांग शसले क्टेड केन्या पस्िक से केंडर्ी स्कूल स्टू डें ट्स’ शिषय पर् केन्या में अध्ययन शकया । इस अध्ययन के उद्दे श्य केन्या प्रान्त के मासा श ट सें टरल जनपद के पस्िक माध्यशमक शिद्यालयोां के शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता का अध्ययन कर्ना र्था । इस अध्ययन में िर्ा नात्मक ि सिे क्षर् शिशध का उपयोग शकया परर्र्ाम स्वरूप पाया शक शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता के सार्थ महत्वपूर्ा सां ां ध पाया गया जो शिद्यार्थी कैरर्यर् को जानते र्थे िो कैरर्यर् से सां ां शधत शनर्ा य लेने में सक्षम पाए गए और् शजन शिद्याशर्थायोां को कैरर्यर् के

ार्े में जानकार्ी नही ां र्थी उन शिद्याशर्थायोां को

कैरर्यर् शनर्ा य लेने में समस्याओां का सामना कर्ना पड़ता है । पररभाविक शब्दावलीसरकारी ववद्यालयसर्कार्ी शिद्यालय सर्कार् द्वार्ा सां चाशलत शिद्यालय होते हैं । यह शिद्यालय पूर्ा रूप से र्ाज्य सर्कार् एिां केद्र सर्कार् के अांतगा त आते है । र्ाज्य में स्थर्थत शिद्यालय शजसे प्रार्थशमक, माध्यशमक, उच्च माध्यशमक शिद्यालय यह र्ाज्योां के

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अांतगा त आते है इन्ें र्ाज्य सर्कार्े चलती हैं । और् निोदय शिद्यालय, केन्द्रीय शिद्यालय इत्याशद । यह शिद्यालय केंद्र सर्कार् के अांतगा त आते है इन्ें केंद्र सर्कार् चलती हैं इनका र्ाज्य सर्कार्ोां से कोई लेना दे ना नही ां होता । गैर-सरकारी ववद्यालयगै र्-सर्कार्ी शिद्यालय यह शिद्यालय सर्कार् द्वार्ा मान्यता प्राप्त शिद्यालय होते हैं । सर्कार् इस शिद्यालयोां का समय-समय पर् सिे कर्ती है । इसे शनजी शिद्यालय भी कहा जाता है । शनजी शिद्यालय कोई भी व्यस्ि जो योग्य हो अपने खचे पर् खोल सकता है स उसे केंद्री सर्कार् द्वार्ा मान्यताएां लेनी पड़ती है । वकश र बालक एवं बावलकाएं शकशोर् ालक एिां ाशलकाएां उच्च प्रार्थशमक, माध्यशमक ि उच्च माध्यशमक शशक्षा के अांतगा त आतें हैं । इनकी उम्र सीमा 11 से 18 िषा के ीच होती हैं । आइजनेक के शब्ोां मे _“शकशोर्ािथर्था ियः सां शध के ाद की िह अिथर्था है शजसमें व्यस्ि के अन्दर् उत्र्दाशयत्व की भािना थर्थाशपत होती है ।” (चौहान, आर्., एिां पाठक, पी. डी. 2015 पृष्ठ-153) कैररयर जागरूकताकैरर्यर् जागरूकता से आशय नौकर्ी, व्यिसाय सम्बां शधत क्षे त्रोां में जागरूक होने से है शजससे व्यस्ि भशिष्य में एक सफल व्यस्ि

न सके और् अपने इिा अनुसार् कैरर्यर्

ना सके । शिद्यार्थी अपने शिद्यालयी जीिन के अध्ययन

अध्यापन के दौर्ान अपने भशिष्य के प्रशत शकतना सचेत है कैरर्यर् जागरूकता इन स पहलुओां से सम्बां शधत है । अध्ययन सम्बंवित प्रश्न एवं उद्दे श्य 1.

सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां में से शकसकी कैरर्यर् जागरूकता अशधक पाई जाती है ?

2.

गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां

ाशलकाओां में से शकसकी कैरर्यर् जागरूकता अशधक पाई

जाती है ? 3.

सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां में से शकसकी कैरर्यर् जागरूकता अशधक पाई जाती है ?

उप्रुक्त प्रश्न ं क ध्यान में रख कर वनम्नवलखखत उद्दे श्य ं का वनमा​ा ण वकया गया िै 1.

सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर्

ालक एिां

ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का तु लनात्मक अध्ययन

कर्ना । 2.

गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का तु लनात्मक अध्ययन कर्ना ।

3.

सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर्

ालक एिां

ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का

तु लनात्मक अध्ययन कर्ना । अध्ययन वक पररकल्पनाएं 1.

सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है ।

2.

गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है ।

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सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है ।

अध्ययन की वववि प्रस्तु त अध्ययन केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद माध्यशमक स्तर् के सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां के कक्षा 10 िी ां के शिद्याशर्थायोां पर् शकया गया है । यह अध्ययन पशश्चमी शदल्ली जनपद के ालक एिां ाशलकाओां तक सीशमत हैं । अध्ययन में िर्ा​ा त्मक सां सोधन एिां सिे क्षर् शिशध का उपयोग शकया गया हैं । न्यादशा केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के दो शिद्यालयोां के शिद्याशर्थायोां पर् ऑनलाइन गू गल फामा के माध्यम से आयोशजत शकया गया र्था । शजसमें सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी माध्यशमक कक्षा के 10 िी ां में पढ़ने िाले ालक एिां ाशलकाएां शाशमल र्थे । शिद्यालय के चयन के शलए उद्दे श्यपूर्ा नमूने का उपयोग शकया गया । शिद्यालय में ालक एिां

ाशलकाओां को

उत्र्दाताओां के रूप में चयन के शलए यादृस्िक न्यादशा तकनीक का उपयोग शकया गया । न्यादशा में कुल 120 शिद्यार्थी शाशमल हैं शजसमें सर्कार्ी शिद्यालय के 30

ालक एिां 30

ाशलकाएां तर्था गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय से 30

ालक एिां 30

ाशलकाएां शाशमल हैं । उपकरण उपकर्र् के रूप में शोधकता​ा द्वार्ा स्व शनशमात कैरर्यर् जागरूकता माशपनी का उपयोग शकया गया । इस माशपनी के माध्यम से सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता की सार्थाकता अांतर् की जा​ाँ च की गई है । इस माशपनी में पा​ां च श ां दु पैमाने का उपयोग कर्ते हुए 45 प्रश्नोां का शनमा​ा र् शकया गया है । इन 45 प्रश्न को चार् भागोां में अशभव्यि शकया गया है । 1. सामशजक, व्यस्िगत, आशित, अनाशित । प्रत्येक श न्दु ओां के शलए अांक शनधा​ा रर्त शकया गया हैं जैसे अत्यशधक के शलए 5 अांक, हुधा के शलए 4 अांक, अशनश्चय के शलए 3 अांक, प्राय: के शलए 2 अांक और् कभी नही ां के शलए 1 अांक यह माशपनी शलक्ट् स माशपनी के आधार् पर् नाई गई है । प्रदत ् ं के संग्रिण की प्रविया प्रद् त्ोां के सां ग्रहर् कर्ने से पहले अध्ययनकता​ा ने केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के शिद्यालयोां में जाकर् शिशभन्न अशधकारर्योां एिां प्रधानाचाया को अध्ययन शिषय “सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का तु लनात्मक अध्ययन” से अिगत कर्ाया और् उनसे शिद्याशर्थायोां के तर्था शिद्याशर्थायोां के अशभभािकोां के सां पका सू त्र प्राप्त शकए गए । और् कक्षा 10 के शिद्याशर्थायोां से माशपनी भर्िाने की आज्ञा प्राप्त की । शिद्यालय द्वार्ा प्राप्त सां पका सू त्रोां से सां पका कर् शिद्याशर्थायोां ि उनके अशभभािकोां को अध्ययन शिषय से अिगत कर्ाया गया । और् गू गल फॉमा के माध्यम से नाई गई माशपनी को शिद्याशर्थायोां को उनके ईमे ल अर्थिा व्हाट् सअप पर् भे ज कर् माशपनी को 25-35 शमनट का समय दे कर् भर्िाया गया । भर्िाए गए माशपनी के शिश्लेषर् के शलए सा​ां स्िकीय तकनीक के रूप में अध्ययनकता​ा ने मध्यमान, मानक शिचलन ि t-परर्क्षर् द्वार्ा प्रद् त्ोां का शिश्लेषर् शकया । प्रदत ् ं के ववश्ले िण तावलका िमां क- 01 सरकारी ववद्यालय ं में अध्ययनरत वकश र बालक एवं बावलकाओं की कैररयर जागरूकता की तुलनासमूि

सरकारी विद्यालय ों बालक सरकारी विद्यालय ों बावलकाएों कुल य ग

N

मध्यमान

मानक विचलन

के

30

97.76

17.14

के

30

93.8

t-परिक्षण

तावलका मान

स्वातंत्र्य की मात्रा

0.87

2.00.

58

17.97

60

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सार्थकता स्तर 0.05


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ताशलका क्रमा​ां क-01 में केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालकोां के कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 97.76 तर्था मानक शिचलन 17.14 है । और् सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 93.8 तर्था मानक शिचलन 17.97 है । दोनोां चर्ोां के मध्य t-अनुपात का मान 0.87 है । जो 0.05 सार्थाकता स्तर् पर् 58 स्वातां त्र्य की मात्रा के सार्र्ीयन मान 2.00 से कम है । अतः शून्य परर्कल्ना सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है । स्वीकृत होती है । अतः कहा जा सकता है शक सर्कार्ी शिद्याल के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में कोई अांतर् नही ां है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान है ।

100% 80% 60% 40% 20% 0%

97.76

93.8

सरकारी विद्यालय के बालक 97.76

सरकारी विद्यालय की बाललकाएं 93.8

Series 1 ताशलका क्रमा​ां क-01 में केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालकोां के कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 97.76 तर्था मानक शिचलन 17.14 है । और् सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 93.8 तर्था मानक शिचलन 17.97 है । दोनोां चर्ोां के मध्य t-अनु पात का मान 0.87 है । जो 0.05 सार्थाकता स्तर् पर् 58 स्वातां त्र्य की मात्रा के सार्र्ीयन मान 2.00 से कम है । अतः शून्य परर्कल्ना सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है । स्वीकृत होती है । अतः कहा जा सकता है शक सर्कार्ी शिद्याल के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में कोई अांतर् नही ां है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान है । ताशलका क्रमा​ां क-01 में केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालकोां के कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 97.76 तर्था मानक शिचलन 17.14 है । और् सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 93.8 तर्था मानक शिचलन 17.97 है । दोनोां चर्ोां के मध्य t-अनुपात का मान 0.87 है । जो 0.05 सार्थाकता स्तर् पर् 58 स्वातां त्र्य की मात्रा के सार्र्ीयन मान 2.00 से कम है । अतः शून्य परर्कल्ना सर्कार्ी शिद्यालयोां में

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अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है । स्वीकृत होती है । अतः कहा जा सकता है शक सर्कार्ी शिद्याल के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में कोई अांतर् नही ां है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान है ।तावलका िमां क- 02 गैर-सरकारी ववद्यालय ं में अध्ययनरत वकश र बालक एवं बावलकाओं की कैररयर जागरूकता की तुलनासमूि

गै र-सरकारी विद्यालय ों के बालक गै र-सरकारी विद्यालय ों के बावलकाएों कुल य ग

N

मध्यमा न

मानक विचलन

30

103.43

20.62

30

89.33

tपरिक्षण

तावलका मान

स्वातंत्र्य की मात्रा

2.5

2.00

58

23.02

सार्थकता स्तर 0.05

60

ताशलका क्रमा​ां क-02 में केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां

ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालकोां के

कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 103.43 तर्था मानक शिचलन 20.62 है । और् गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 89.33 तर्था मानक शिचलन 23.02 है । दोनोां चर्ोां के मध्य t-अनुपात का मान 2.5 है । जो 0.05 सार्थाकता स्तर् पर् 58 स्वातां त्र्य की मात्रा के सार्र्ीयन मान 2.00 से अशधक है । अतः शून्य परर्कल्ना गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है । अस्वीकृत होती है । अतः कहा जा सकता है की गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर्

ालक एिां

ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में सार्थाक

अांतर् है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान नही ां है । दोनोां समूहोां के माध्योां को दे खने पर् पता चलता है शक गै र्सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् िालकोां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां कोां के मध्यमान का मान गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्रप्ताओां के माध्य की तु लना में अशधक है अतः स्पष्ट् होता है की गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालकोां की कैरर्यर् के प्रशत जागरूकता अशधक है ।

110 100 90

103.43 89.33

80

गैर- सरकारी विद्यालय गैर- सरकारी विद्यालय के बालक 103.43 के बाललकाएं 89.33 Series-2

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तावलका िमां क- 03 सरकारी व गै र-सरकारी ववद्यालय ं में अध्ययनरत वकश र बालक एवं बावलकाओं की कैररयर जागरूकता की तुलनासमूि

सरकारी विद्यालय ों के बालक ि बावलकाएों गै र-सरकारी विद्यालय ों के बालक एिों बावलकाएों कुल य ग

N

मध्यमान

मानक विचलन

60

95.78

17.40

60

96.38

tपरिक्षण

तावलका मान

स्वातंत्र्य की मात्रा

0.16

1.98

118

22.96

सार्थकता स्तर 0.05

120

ताशलका क्रमा​ां क-03 में केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां

ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर्

ालक एिां ाशलकाओां के कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 95.78 तर्था मानक शिचलन 17.40 है । और् गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता का माध्य 96.38 तर्था मानक शिचलन 22.96 है । दोनोां चर्ोां के मध्य t-अनुपात का मान 0.16 है । जो 0.05 सार्थाकता स्तर् पर् 118 स्वातां त्र्य की मात्रा के सार्र्ीयन मान 1.98 से कम है । सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालयोां में अध्ययनर्त शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता के प्राप्ता​ां को के माध्योां में कोई सार्थाक अांतर् नही ां होता है । स्वीकृत होती है । अतः कहा जा सकता है शक सर्कार्ी ि गै र्- सर्कार्ी शिद्याल के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में कोई अांतर् नही ां है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान है ।

Series-3 100% 80% 60% 40% 20% 0%

Series-3

सरकारी विद्यालय के गैर- सरकारी विद्यालय बालक एिं बाललकाएं

के बालक एिं

95.78

बाललकाएं 96.38

वनष्किा एवं चचा​ा एंअध्ययन के शनष्कषों से पता चलता है शक केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया गया की सर्कार्ी शिद्याल के शकशोर् ालक एिां

ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में कोई अांतर् नही ां है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान है ।

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जॉनसन, एल. एस. (2000). ने भी अपने अध्ययन में पाया शक 80% से अशधक शिद्यार्थी की कैरर्यर् जागरूकता सामान पाई गई शजसमें ालक एिां ाशलकाएां दोनोां शाशमल र्थे । सभी शिद्यार्थी एक दृशष्ट्कोर् की पहचान कर्ने में सक्षम र्थे । केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर् ालकोां की कैरर्यर् के प्रशत जागरूकता अशधक है । शमा​ा , के. (2016). ने भी अपने अध्ययन के शनष्कषों में पाया शक उपयुा ि क्षे त्रोां में लड़कोां और् लड़शकयोां के ीच एक महत्वपूर्ा अांतर् मौजूद है । यह इां शगत कर्ते हुए शक, लड़शकयोां ने कलात्मक, सामाशजक और् घर्े लू पसां द शकया, ज शक लड़के कृशष व्यिसायोां में उच्च र्थे । और् मट् टू, एम. आई. (2013). ने भी अपने अध्ययन में समर्थान प्राप्त शकया की कैरर्यर् शिकल्ोां और् जागरूकता में शलांग के आधार् पर् कुछ न कुछ महत्वपूर्ा अांतर् पाया गया । केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के सर्कार्ी एिां गै र्-सर्कार्ी शिद्यालय के शकशोर्

ालक एिां

ाशलकाओां के मध्य कैरर्यर् जागरूकता की तु लना कर्ने पर् पाया शक सर्कार्ी ि गैर्- सर्कार्ी शिद्याल के शकशोर् ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता में कोई अांतर् नही ां है । अर्था​ा त् दोनोां की कैरर्यर् जागरूकता सामान है । ज्यादातर् यह दे खा गया शक केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद में ालक एिां ाशलकाओां की कैरर्यर् जागरूकता सामान पाई गई और् कही-ां कही ां पर् लड़कोां में कैरर्यर् जागरूकता को अशधक पाया गया इसका कार्र् यह हो सकता हैं शक लड़कोां में शिशभन्न प्रकार् की जैसे माता-शपता का शनिा हन, भाई- हन का भशिष्य, अपना स्वय का कैरर्यर् इत्याशद की शजम्मेदारर्या​ां अशधक होती हैं । इस शलए लड़शकयोां के मुका ले लड़कोां में कैरर्यर् जागरूकता अशधक पाई जाती हैं । ए. खान, जीनत. (2014). के अध्ययन में कक्षा 10 के शिद्याशर्थायोां में कैरर्यर् जागरूकता की कमी पाई गई । और् इनका मानना हैं शक शिद्यालयोां में समय-समय पर् व्यािसाशयक कैरर्यर् मागा दशान कायाक्रम होने चाशहए । शैवक्षक वनवितार्ाअध्ययन से स्पष्ट् होता है शक केंद्र शाशसत प्रदे श शदल्ली र्ाज्य के पश्चमी शदल्ली जनपद के शिद्यालय के ालक तर्था ाशलकाओां में कैरर्यर् जागरूकता के प्रशत कोई शिशेष अांतर् नही ां पाया गया है । कही-ां कही ां ालकोां में कैरर्यर् जागरूकता अशधक पाई गई है । इस अध्ययन से माध्यम से कहा जा सकता हैं की माध्यशमक स्तर् की कक्षाएां जीिन की आधार्शीला तय कर्ने में स से महत्वपूर्ा भू शमका शनभाती है क्योांशक 9िी ां और् 10िी ां की कक्षा में ही शिद्याशर्थायोां को यह तय कर्ना होता है की उसे आगे आने िाले कक्षाओां में कौन से शिषय का चयन कर्ना है और् यही चयशनत शिषय शिद्याशर्थायोां के लगभग कैरर्यर् तय कर्ते है शक शिद्यार्थी शकस चीज़ में आगे जाकर् कैरर्यर् नाएगा । इस शलए कहा जा सकता है शक शिद्याशर्था चाहे िह ालक हो या ाशलका उन्ें कैरर्यर् जागरूकता पर् शिशेष ध्यान दे ने की आिश्यकता है । और् कैरर्यर् जागरूकता को जागरूक कर्ने में शिद्यालयोां के शशक्षकोां एिां पर्ामशादाताओां की महत्वपूर्ा भूशमका होती है इन्ें भी शिद्याशर्थायोां पर् शिशेष ध्यान दे ने की आिश्यकता है । और् सार्थ ही सार्थ शिद्याशर्थायोां के अशभभािकोां को समय-समय पर् अपने च्चोां को प्रोत्साहन कर्ना चाशहए, तर्था मीशडया या नए स्रोतोां से उपलब्ध कैरर्यर् सां ां धी सभी प्रकार् की जानकार्ी अपने च्चोां को दे ना चशहए । भववष्य में अध्ययन की संभावनाएं •

उच्च माध्यशमक स्तर् पर् अध्ययनर्त शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता का तु लनात्मक अध्ययन ।

•

माध्यशमक स्तर् पर् अध्ययनर्त शिद्याशर्थायोां को पर्ामशा सम्बां शधत आिश्यकताओां का अध्ययन ।

•

माध्यशमक स्तर् पर् अध्ययनर्त शिद्याशर्थायोां के शशक्षा सां ां धी शनदे शन ि पर्ामशा की आिश्यकताओां का अध्ययन ।

•

अनुसूशचत जाशत एिां अनुसूशचत जनजाशत शिद्याशर्थायोां की कैरर्यर् जागरूकता का तु लनात्मक अध्ययन ।

•

कैरर्यर् के ड़ते द ाि के श च शिशभन्न शिषय सां िगों की भूशमका का अध्ययन ।

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