SEVAPURV ADHYAPAK - SHIKSHA ME KAUSHAL VIKAS HETU CHALAYE JA RAHE KARYKRAMON KA PUNARAVLOKAN

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Scholarly Research Journal for Humanity Science & English Language, Online ISSN 2348-3083, SJ IMPACT FACTOR 2017: 5.068, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFERRED JOURNAL, JUNE-JULY, 2019, VOL- 7/34

सेवापवू व अध्यापक-शिक्षा में कौिल शवकास हेतु चलाये जा रहे कायवक्रमों का पनु रावलोकन के सर शसहिं शोध छात्र, महात्मा गा​ांधी अांतरराष्ट्रीय हहदां ी हिश्वहिद्यालय िधा​ा, महाराष्ट्र-442001 Abstract

प्रस्ततु अध्ययन में अध्यापक हशक्षा में कौशल हिकास के हलए चलाए जा रहे हिहभन्न कायाक्रमों तथा इनसे इतर कायाक्रमों का अध्ययन हकया गया है। ितामान अध्यापक हशक्षा में छात्राध्यापकोंके हलए हिहभन्न प्रकार के कायाक्रम सांचाहलत हकए जा रहे हैं हजससे छात्राध्यापकों में हशक्षण कौशल के साथ साथ अन्य आिश्यक कौशलों का भी हिकास हकया जा सके । स्ितांत्रता प्राहि के पश्चात से ही बहुत से आयोगों और सहमहतयों का गठन हुआ ।हजन्होंने अनेकों हसफाररशें की। हजससे अध्यापक हशक्षा को ओर बेहतर बनाया जा सके तथा हजससे दक्षता पणू ा अध्यापक तैयार हो सके । जो छात्रों का बहहमाख ु ी हिकास करने में सक्षम होइसहलए अध्यापक हशक्षा में हशक्षण कौशल के अलािा अन्य आिश्यक कौशलों का भी प्रहशक्षण हदया जा रहा है। हजससे अध्यापक एक छात्र को एक अच्छे नागररक के रूप में पररिहतात कर सकें । इन्हीं सब सेिा पिू ा अध्यापक हशक्षा में चलाए जा रहे हैं कौशलों हिकास कायाक्रमों के अध्ययन के हलए ितामान अध्ययन की आिश्यकता महससू हुई और यह जानने का प्रयास हकया गया हक ितामान अध्यापक हशक्षा में छात्र अध्यापकों के हलए हशक्षण कौशल हिकास के कायाक्रमों के साथ-साथ इन कौशलों से इतर और कौन-कौन से कायाक्रम सच ां ाहलत हकए जा रहे है। Scholarly Research Journal's is licensed Based on a work at www.srjis.com

प्रस्तावना परंपरागत रूप से एक अध्यापक का मख्ु य कायय शिक्षा प्रदान करना, सामाशजकरण एवं मलू यांकन रहा है। शकंतु वतयमान बदलती पररशथथशतयों में पाठ्यचयाय शनयोजन, समय प्रबंधन, परीक्षाप्रबंधन, पाठय सहगामी शियाकलापों का प्रबंधन और मागयदियन तथा परामिय आशद से सबं ंशधत शियाओ ं का सच ं ालन उसके दाशयत्व का अशभन्न शहथसा बन चक ु ा है। अध्यापक को तैयार करने और उसकी पेिेवर कुिलता सवं धयन से सबं ंशधत कोसों में प्रबंधन से सबं ंशधत शवषय वथतु का अशनवाययता समावेि होना चाशहए। शजससे वह शवद्यालय में आयोशजत शियाकलापों का शनयोजन एवं शकयान्वनसफलतापवू यक कर सके । कोठारी आयोग ने अध्यापक शिक्षा को अकादशमक जीवन की मख्ु यधारा से जोड़ने पर बल शदया ।शजसके शलए हमें अध्यापक शिक्षा के ढांचे को सदृु ढ़ बनाना होगा। अध्यापक प्राध्यापक और शवषय का अध्ययन करने वाले अध्यापकों के कायों में अंतसंबंध तो है शकंतु दोनों के कायों की प्रकृ शत में शवशिष्ट अंतर भी है।अध्यापकों के पेिेवर शवकास की अवधारणा एक बहुआयामी दृशष्टकोण है ।शजसमें अध्यापकों की सामाशजक प्रशतबद्धता के साथ साथ उनके चयन, प्रशिक्षण, िैक्षशणक शवकास, क्षमता शनमायण एवं Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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