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Home Polity Pdf। Important Articles of Indian Constitution
Pdf। Important Articles of Indian Constitution
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By Harshit Tiwari
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Important Articles of Indian Constitution in Hindi
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Seekhte Rahiye वागत है आपका मेर े इस ले ख म बहु त से िवधाथय के HOME
मांग को देखते हु ए म आपको इस ले ख म Important Articles of Indian
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Constitution in Hindi मतलब Indian Constitution के सभी Important Articles को हदी म िव तार से बताने वाला हू ँ। यिद आप दूसरे लॉग को छोड़कर मेर े लॉग पर आये ह तो कोशश क ँ गा िक आपको बिढ़या से बिढ़या कं टट दान कराय । यह टॉिपक राजनीत शा
(Polity) का एक अ यंत
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मह वपूण टॉिपक है यह सभी तयोगी परी ाओं जैसे SSC, RRB, UPSC और रा य तर के परी ाओं आिद के लए अ यंत मह वपूण है तो इस टॉिपक को
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ज र पिढयेगा ।इस ले ख म मने ■जतने भी Articles लखे ह वह सब Important Articles ह इस लए आपसे अनुरोध है िक मेर े इस ले ख को अंत तक पढ़।
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साथ ही आप Important Articles of Indian Constitution pdf in Hindi for Ssc Cgl, Ssc chsl, Upsc,Bank और भी रा य तर के
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• नाग रकता 6/recent/ticker-posts
• मौ लक अधकार • रा य के नीत िनदेशक त व • रा पत
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5/random/slider
• उपरा पत • मंि प रषद • एटो न जनरल ऑफ इंडया • सव
यायालय
• भारत का CAG • रा य का रा यपाल • रा य का महाधवकता • िवधानमंडल • क शा■सत देश क
शासन यव था
• क और रा य के बीच संबंध • िनवाचन आयोग • संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC) • राजभाषा • आपात उपबंध • संिवधान संशोधन
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भारतीय संिवधान के मह वपूण अनुछेद ( Important Articles of Indian Constitution in Hindi )
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च - भारतीय झंडा
नाग रकता - अनुछेद 5 से 11 तक भारतीय संिवधान म नाग रकता भाग 2 और अनुछेद 5 से ले कर 11 तक नाग रकता का उ ेख िकया गया है।नाग रक वह होता है ■जसे अपने देश म सामा■जक, राजनीतक और अधकार ा होता है।
नाग रकता अधिनयम 1955 - अनुछेद 11 संसद को यह अधकार देता है िक संसद नाग रक क नाग रकता और अजन तय कर। भारत म 5 कार से नाग रकता ा करने का ावधान है • ज म से • वंश म से • देशीकरन ारा • पंजीयन ारा • अ■जत भू भाग ारा नाग रकता संशोधन अधिनयम 2003 - इस संशोधन का मु य उ े य िवदेशय को दोहरी नाग रकता दान करना है। यह िवधे यक ल मी लाल ↓सधिव क अ य ता वाली सिमत क ■सफा रश के आधार पर तैयार िकया गया था। इस अधिनयम ारा 16 देश म बसे भारतीय मूल के लोग को उनक िवदेशी नाग रकता के साथ भारत क ओवरसीज नाग रकता दान करने का ावधान िकया गया है।
भारतीय अधिनयम 2005 - इसके अनुसार भारत म अ वासी नाग रक को ठहरने क अवध 1 वष कर दी गई है। अनुछेद 16(1) - नाग रकता क समाि • भारत म एकल नाग रकता का ावधान है। • अमे रका और वडजरलड म दोहरी नाग रकता मतलब एक देश के लए और एक रा य के लए, का ावधान है।
अनुछेद 12 से 35 तक - मौ लक अधकार आइये सबसे पहले हम जानते ह मौ लक अधकार के बारे म जैसे मौ लक अधकार या है? मौ लक अधकार िकतने ह? मौ लक अधकार क माँग मौ लक अधकार या है? िकसी भी देश के नाग रक को सामा■जक राजनीत और आथक िवकास के लए मौ लक अधकार आव यक है अथात भारतीय संिवधान म 6 अधकार का उ ेख िकया गया है जो भारतीय नाग रक इन 6 अधकार को ा करके सामाज म िवकास करते ह। इ ह 6 अधकार को मौ लक अधकार कहा गया है। मौ लक अधकार िकतने ह? भारतीय संिवधान म कु ल 6 मौ लक अधकार ह ■जसका उ ेख Article 12 से 35 तक िकया गया है। पहले भारतीय
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संिवधान म 7 मौ लक अधकार थे ले िकन 42 व संिवधान संशोधन म संपत के अधकार को मौ लक अधकार का दजा
Deze Google omह।services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent समाsite करgebruikt िदया गया।cookies वतमान म 6van मौ लक अधकार worden met Google gedeeld, samen met prestatie- en beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, gebruiksstatistieken मौ लक अधकार क माँगte genereren, misbruik te detecteren en maatregelen te treffen. • सबसे पहले ीमती एनी बेसट क कॉमन वे थ ऑफ इंडया िबल 1925 और मोती लाल ने ह भारतय के लए मौ लक अधकार क माँग क गई थी।
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रपोट 1928 म
• साइमन कमीशन 1927 और संयु संसदीय सिमत 1934 म मूल अधकार क माँग को वीकार नह िकया गया ■जससे 1935 के भारत सरकार अधिनयम म मूल अधकार को शािमल नह िकया गया। • संिवधान के िनमाण के समय संिवधान सभा ने सरदार व भ भाई पटेल क अ य ता म मूल अधकार और अ पसं यक के अधकार के लए एक सिमत का गठन िकया गया। कु छ समय बाद जे. बी कृपलानी क अ य ता म एक उपसिमत का गठन िकया गया इ ह सिमत और उपसिमत क ■सफा रश ने संिवधान म मूल अधकार को शािमल िकया गया। • संिवधान के भाग 3 म मौ लक अधकार का उ ेख है। 6 मौ लक अधकार िन न ह • समानता का अधकार - Article 14 से 18 • वंतं ता का अधकार - Article 19 से 22 • शोषण के िव ध अधकार - Article 23 से 24 • धम क वंतं ता का अधकार - Article 25 से 28
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• सं कृत और श ा संबंध ी अधकार - Article 29 से 30 संिवधािनक उपचार का अधकार - Article 32 अब एक बार मौ लक अधकार के
मानुसार अनुछेद को देख ले ते ह -
• Article 14 - सभी के लए समान कानून • Article 16 - सरकार सभी के लए सरकारी नौक रय के पद के लए वक सी िनकले गी • Article 17 - छुवा- छूत का समापन • Article 19 - बोलने क आजादी •Article 21- जीने क आजादी • Article 21A - 14 से कम वष के उ के ब
को िनशु क श ा
• Article 25 - धा मक वतं ता का अधकार • Article 29 - अ पसं यक के िहत का र ा करना • Article 30 - अ पसं यक अपने श ा सं थान खोल सकते ह। • Article 31C - नीत जो लोग के िहत म है उनका संर ण • Article 32 - संिवधािनक उपचार का अधकार
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अनुछेद 36 से 51 तक - रा य के नीत िनदेशक त व
FOOD
Deze site gebruikt cookies van Google om services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent इसे DPSP Principles of State भी कहते ह। संिवधान के भाग 4 और अनुछ े द 36 से 51 worden met(Directive Google gedeeld, samen metPolicy) prestatieen beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, 3/Food/feat-list gebruiksstatistieken misbruik te treffen. तक रा य क नीत िनदेte शकgenereren, त व का उ ेख िकया गयाte है।detecteren रा य क नीतen िनदेmaatregelen शक त व आयरलड के संिवधान से लया गया है।
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MUSIC
आप सब के मन म एक सवाल आ रहा होगा िक रा य क नीत िनदेशक त व या है? तो च लए जानते ह िक रा य के नीत िनदेशक त व के बारे म
4/Music/grid-big
रा य क नीत िनदेशक त व
NATURE
रा य क नीत के िनदेशक त व संिवधान के आदश होते ह जो सरकार के माग िनदशक का काय करते ह ■जसम रा य के कत य का यान आकृ करते ह। इसका पालन करना रा य क इ छा पर िनभर करता है। यह यायलय ारा वतनीय नह है। साधारण भाषा म समझ तो रा य का अपने नाग रक के त जो कत य बनता है उसे रा य के नीत िनदेशक त व कहते ह। रा य क नीत िनदेशक त व के अनुछेद
3/Nature/grid-small
FASHION
3/Fashion/grid-small
• अनुछेद 39A - समान याय एवम गरीब को िनशु क कानूनी सुिवधा उपल ध कराना।
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• अनुछेद 40 - रा य को िनदेश देता है िक वह ाम पंचायत का संगठन करने के लए कदम उठायेगा तथा उनको ऐसी शि यां और ाधकार दान करेगा ■जससे व सरकार क इकाई के प म काय कर।
How To Design A Mo… Mo…
• अनुछेद 41 - रा य बेरोजगार , वृ , िवकलांगो और असहाय को उनक साम य और िवकास क सीमाओं के भीतर काम, श ा और अभाव क दशा म सहायता पाने के अधकार का उपबंध करेगा। • अनुछेद 42 - रा य काम क मनोवाचत दशाय और सूत म राहत सहायता के लए उपबंध कर। • अनुछेद 43 - रा य कमकार को िनवाह मजदूरी तथा कु टीर उधोग को बढ़ावा द तथा मनोवाचत दशाएँ उपल ध करवाएं । • अनुछेद 44 - यह उपबंध भारत के सम त रा य े म सभी नाग रक के लए समान ■सिवल संिहता के तहत पूर े देश म सुर ा दान कर। • अनुछेद 46 - समाज के कमजोर वग क अ याय और शोषण से उनक र ा तथा श ा और आथक िहत म अभवृ का यास करेगा। • अनुछेद 47 - रा य जन वा य और लोग के रहन सहन के तर को उ करने तथा मादक पेय, वा हािनकारक औषधय का तथा उन औषधय से भ उनके उपभोग पर तषेध कर। अनुछेद 48 - गाय और बछड़ तथा अ य दुध ा
SPORTS
3/Sports/col-left
TECHNOLOGY
य के लए
पशुओं क ब ल पर रोक लगायेगा। Error: No Posts Found
अनुछेद 48A - रा य देश के पयावरण क सुर ा तथा उनम सुध ार करने का और वन तथा व य जीव क र ा का यास करेगा। अनुछेद 49 - रा ीय मह व के मारक , थान तथा व तुओं का संर ण करना रा य जा अधकार होगा।
TECHNOLOGY
अनुछेद 50 - रा य लोक सेवाओं म कायपा लका से यायपा लका को अलग करने के लए कदम उठायेगा। अनुछेद 51 - अंतरा ीय शांत और सुर ा क अभवृध तथा अंतरा ीय कानून का स मान और अंतरा ीय िववाद के िनपटारे के लए ो साहन देने का यास करेगा।
3/Technology/col-right
BUSINESS
अनुछेद 51A - मौ लक कत य संिवधान के 42 व संशोधन के तहत भारतीय संिवधान म शािमल िकया गया मौ लक कत य का उ ेख भारतीय संिवधान के अनुछेद 51A म िकया गया है।
अनुछेद 51A म िन न मौ लक कत य का उ ेख है • संिवधान का पालन कर और उसके आदश , सं थाओं, रा
वज और रा गान का आदर कर।
Business/feat-big Home Contact
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• वंतं ता के लए हमारे रा ीय आं दोलन को े रत करने वाले उ आदश को दय म संजोय रख और उनका पालन
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HOT WIDGET
• देश म मेल िमलाप और भाईचारे क भावना का िनमाण हो जो सभी भे द भाव से परे हो मिहलाओं क स मान क र ा कर।
random/hot-posts
• देश क सं कृत और िवरासत क र ा और स मान कर। • ाकृतक पयावरण क , ■जसके अंतगत वन, नदी, झील, और व य जीव शािमल है उनके त दया, उनक र ा और उनके बढ़ाने म मदद कर। • वै ािनक ि कोण का ानाजन मानवता के सुध ार और िहत क भावना का िवकास कर। • सावजिनक संपत क र ा कर।
mughal samrajya history Written by Harshit Tiwari वागत है दो त आप सभी का मेरे इस आले ख म आज म इस आले ख म आप सभी को M...
• वंय और सामूिहक बेहतरी क ओर बढ़ाने का यास कर ■जससे देश का िवकास िनरंतर हो और उपल धय क ओर हो। • 6 - 14 वष के आयु के बालक के माता िपता और तपा य के संर ं क का यह कत य होगा िक वे उ ह श ा का अवसर दान कर। वतमान म भारतीय संिवधान म कु ल 11 मौ लक कत य ह। 11 वाँ मौ लक कत य को 86 वाँ संिवधान संशोधन अधिनयम 2002 को संिवधान म जोड़ा गया था।
अनुछेद 52 से 63 - रा पत रा पत से संबंधत सभी अनुछेद ( Articles) बहु त मह वपूण है। यहाँ से बहु त सारे इसको यान र खयेगा।
तयोगी परी ाओं म बनते ह तो
bharat ki jheel in hindi । bharat ki sabse badi jheel। khare pani ki sabse badi jheel। sabse unchi jheel। sabse prasidh laigun jheel । bharat ki jheel list। bharat ki jheel
question in hindi । वागत है दो त आप सभी का मेरे इस ले ख म, इस ले ख म म आप सभी को Bharat ki Jheel के बारे म बताने वाला हू ँ जो सभी तयोगी परी ाओं...
अनुछेद 52 - रा पत का पद भारत का एक रा पत होगा यह Article 52 म कहा गया है। भारतीय संसदीय सरकार म रा पत संिवधािनक मुख होता है। संसदीय शासन यव था ि टेन के संिवधान से लया गया है।
अनुछेद 53 - रा पत क शि यां Article 53 म रा पत के शि य का उ ेख िकया गया है। रा पत के शि य क बात कर तो हम मु य भाग म बाँटकर रा पत के शि य के बारे म पढ़ते ह जैसे -
Bharat mein kitne prakaar ki mitti pai jati hai । Bharat ki mitti / mrida वागत है दो त आप सभी का मेरे इस ले ख म, इस ले ख म म आप सभी को भारत क िम ी के बारे म बताने जा रहा हू ँ साथ ही bharat mein kitne p...
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प से चार
• सै य शि याँ रा पत देश के तर ा बल का सव है।
सेनापत होता है। अपनी सै य शि य का योग मं ी प रषद क मं णा से करता
• राजनीतक शि यां इस शि य म संसद के अनुसमथन के उपरांत िवदेश से संधयाँ और अंतरा ीय समझौते रा पत के नाम से िकये जाते ह, अ य देश म राजदूत और कूटनीतक तिनधय क िनयुि करता है।
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िहमालय पवत और इसक
मुख चोिटयाँ
08:46
• आपातकालीन शि यां संिवधान म अनुछेद 352 से 360 म आपात शि य का उ ेख है।
भारत क कृ िष। कृ िष मं ी। भारत के फसल। ह रत ांत। भारत म कृ िष के कार। भारत क कृ िष ांत
• यायक शि याँ अनुछेद 72 रा पत को िकसी अपराध के लए दोषी ठहराए गए िकसी यि प रहार) या दंड म बदलाव ( लघुकरन) क शि दान करता है।
के दंड को मा, दंड क मा ा को मा (
11:35
OK
अ य शि यां
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रा पत क वीटो शि यां संसद ारा पा रत कोई िवधे यक तभी कानून बनता है जब रा पत अपनी सहमत देता है। अनुछेद 111 के तहत रा पत के पास इस थत के लए िन न तीन िवक प ह • वह िवधे यक पर अपनी वीकृत दे सकता है। या • िवधे यक पर अपनी वीकृत सुर त रख सकता है। या • यिद िवधे यक धन िवधे यक नह है तो संसद को पुन वचार के लए लौटा सकता है। कतु संसद यिद िबना िकसी संशोधन ( सुध ार) के रा पत के सामने तुत करे तो रा पत को अपनी वीकृत देनी होगी। भारत के संिवधान म रा पत के वीटो क शि य का कोई ावधान नह है ले िकन काय के आधार पर माना जाता िक तीन कार क वीटो शि याँ है -
1• आ यंतक वीटो इस कार के वीटो म रा पत संसद ारा पा रत िकसी िवधे यक को अपने पास रोक कर रखता है ■जस कारण से वह िवधे यक समा हो जाता है और कानून नह बन पाता है। नोट - 1954 म रा पत डॉ. राज साद ने पी. ई. एस. यू. िवधे यक पर अपना िनणय रोक कर रखा। 1991 म रा पत डॉ. आर वकटरमन ारा संसद सद य के वेतन भ , पशन से संबंधत िवधे यक को रोक कर रखा गया कतु यह िवधे यक संसद ारा रा पत क पूव ■सफा रश के पा रत हो गया।
2. िनलं बनकारी वीटो इस कार क शि का योग रा पत ारा उस समय िकया जाता है जब वह िकसी िवधे यक को संसद के पास िफर से िवचार करने के लए लौटाता है। ले िकन इस कार के वीटो को साधारण बहु मत से पा रत कराकर िनर त िकया जा सकता है।
नोट - यिद संसद उस िवधे यक को पुनः िकसी संशोधन के िबना अथवा संशोधन के साथ पा रत कर रा पत के पास भे जती है।
रा पत धन िवधे यक के मामले म इस कार के वीटो का योग नह कर सकता है।
3. जेबी वीटो इस कार का वीटो अमे रका के रा पत के पास है। इस िवटो को पाकेट वीटो भी कहते ह। इस कार के वीटो म रा पत अनुमत के लए भे जे गए िवधे यक पर न तो अनुमत देता है और ना ही पुन वचार के लए वापस भे जता है। नोट - इस कार के वीटो का योग 1986 म रा पत ानी जैल↓सह ने पा रत भारतीय डाक संशोधन अधिनयम के लए िकया था।
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अनुछेद 54 - रा पत का िनवाचन
Deze site gebruikt cookies van Google om services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent भारत का रा Google पत अ यgedeeld, िनवाचनsamen ारा चुनाmet जाताprestatieहै। रा पत पद उ मीदवार के लए ज री है िक om उसकservicekwaliteit े नाम को worden met enकेbeveiligingsstatistieken te garanderen, gebruiksstatistieken te genereren, te detecteren te treffen. कम से कम 50 मतदाताओं ारा तािवत misbruik और कम से कम 50 मतदाताओंenाराmaatregelen समथत हो। उ मीदवार 15,000 क धरोहर राश जमानत के तौर पर िनवाचन अधकारी के पास जमा कर।
अनुछेद 55 - रा पत के िनवाचन क
ि या
रा पत का चुनाव आनुपतक तिनध व प त के अनुसार एकल सं मणीय मत के मा यम से एक िनवाचक गण ारा होता है। • रा पत के िनवाचन म भ - भ रा य के तिनध व के मापन म एक पता होगी और सम त रा य म आपस म एक पता और सभी रा य और संघ म भी ऐसी ही समतु यता होगी रा पत के उ मीदवार को िनवाचत होने के लए मत का एक िन त भाग ा करना आव यक है। अनुछेद 71 म यह उपबंध है िक रा पत और उपरा पत के िनवाचन संबंध ी िववाद के जाँच सव सव यायलय का फैसला अंतम माना जायेगा। अनुछेद 56 के उपबंध के अनुसार • रा पत अपने पद हन क तारीख सर 5 वष क अवध तक रा पत के पद पर रहेगा।
यायलय करेगा और
• रा पत अपने 5 साल के कायकाल समा होने के उपरांत भी पद पर बना रहेगा जब तक िक नया िनवचत सद य रा पत पद हण नह कर ले ता है। • भारतीय संिवधान म रा पत के लए ऐसा कोई वणन नह है िक वह िकतनी बार रा पत बन सकता है। • रा पत अपने पद का याग पांच वष से पहले उपरा पत को अपने ह ता र ले ख ारा करेगा। इस यागप क सूचना उपरा पत लोकसभा अ य को देगा।
अनुछेद 56 - रा पत के पद क अवध रा पत अपने पद धारण करने के अधकतम 5 वष तक रा पत के पद पर रह सकता है।
अनुछेद 57 - रा पत के चुने जाने क सीमा एक ही यि
रा पत का चुनाव कई बार लड़ सकता है इसका कोई िन त सीमा नह है।
अनुछेद 58 - रा पत क यो यता
1. वह भारत का नाग रक हो। 2. 35 वष क आयु पूरी कर चुका हो। 3. लोकसभा सद य िनवाचत होने क यो यता रखता हो अथात उसका नाम िकसी संसदीय िनवाचन मंडल म मतदाता के प म पंजीकृत हो। 4. भारत सरकार या िकसी रा य क सरकार के अधीन िकसी लाभ के पद पर न हो।
अनुछेद 59 - रा पत के काय करने क शि यां अनुछेद 60 - रा पत का शपथ रा पत को सव
यायालय के मु य यायधीश शपथ िदलाते ह।
अनुछेद 61 - रा पत का महािवयोग
अनुछेद 61 के अनुसार भारत के रा पत पर महािवयोग क ि या चलाकर रा पत को पद से हटाया जा सकता है। रा पत के महािवयोग क ि या द ण अ का के संिवधान से लया गया है। • यह महािवयोग का संक प िकसी भी सदन म पेश िकया जा सकता है। • ■जस सदन म महािवयोग का संक प पेश िकया जाना है उस सदन के कु ल सद य का 1/4 सद य गया आरोप प रा पत के पास 14 िदन पहले भे जना आव यक है।
ारा ह ता र िकया
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• ■जस सदन म संक प पेश िकया जाए, उसके सद य सं या के बहु मत और उप थत मतदान करने वाले सद य के दो
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अनुछेद 62 - रा पत के पद के खाली रहने क अधकतम अवध रा पत का पद अधकतम 6 महीने तक खाली रह सकता है।
अनुछेद 63 - उपरा पत भारत का एक उपरा पत होगा इसका अनुछेद 63 म ावधान है। उपरा पत का पद अमे रका के संिवधान से लया गया है। उपरा पत का पद रा पत के पद के बाद दूसरा सबसे सव पद होता है। उपरा पत रा यसभा का सभापत होता है और िद ी िव िवधालय का पदेन कु लपत होता है। उपरा पत को उपरा पत के पद के लए कोई वेतन देने का ावधान नह है उपरा पत को जो वेतन िदया जाता है वह रा यसभा के सभापत पद के लए िदया जाता है। नोट - वतमान म उपरा पत का वेतन 4 लाख त मिहना है । नोट - कृ णका त भारत के एकमा ऐसे उपरा पत ह ■जनक मृ यु कायकाल के दौरान हु ई थी। अनुछेद 66 - उपरा पत पद के लए यो यता ■जस कार से रा पत के पद के लए यो यता के लए कु छ शत है ठीक उसी कार अनुछेद 66 के अनुसार उपरा पत पद के लए िन न यो यताएँ ह • वह भारत का नाग रक हो। • युनतम आयु 35 वष होना चािहए। • और कोई अ य अहताएं जो रा यसभा ारा मांगी गई हो।
अनुछेद 74 - मंि प रषद अनुछेद 74 के अनुसार धानमं ी मंि प रषद का धान होता है। मंि प रषद का गठन धानमं ी क सलाह से रा पत करता है। मंि प रषद क तीन ेणयाँ ह -
• कै िबने ट मं ी - इस कार के मं ी को मं ीमंडल क
येक बैठ क म उप थत और भाग ले ने का अधकार होता है। यह अपने िवभाग का अ य होता है।
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• रा य तर के मं ी - इस कार के मं ी िकसी कै िबने ट मं ी के अधीन नह होते है। इ ह िकसी िवभाग का भार स पा जाता
Deze site gebruikt vanिवषय Google om te analyseren. है जब उनक े िवभाग सेcookies संबंधत कोई मं ीमंड ल कservices काय सूचीteम leveren होता है तोen उ हverkeer बैठ क म आमं ि त िकया जाताJe है। IP-adres en user-agent worden met Google gedeeld, samen met prestatie- en beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, gebruiksstatistieken te genereren, misbruik te detecteren en maatregelen te treffen. • उपमं ी - इसके अंदर आने वाले सभी मं ी कै िबने ट या रा य तर के मं ी के अधीन काय करते ह। मं ी िकसी भी सदन म बोल सकता है ले िकन मतदान केवल उसी सदन म कर सकता है ■जस सदन का वह सद य है।
मंि य क सं या - मूल संिवधान म मंि य क सं या कोई िन त िनधा रत नह क गई है। यह धानमं ी पर िनभर करता है।
अनुछेद 76 - एटॉ न जनरल ऑफ इंडया ( भारत का महाधवकता ) भारत का एक महा ययवादी होगा इसका उ ेख अनुछेद 76 म िकया गया है। भारत के महा ययवादी क िनयुि करता है। भारत का महा ययवादी भारत का सव कानून अधकारी होता है।
रा पत
काय - इसका काय भारत के कानून से संबंधत मामल म क सरकार को सलाह देश है।
कायकाल - भारत के महा ययवादी क कोई िन त कायकाल तय नह िकया गया है।
अनुछेद 124(1) सव
यायालय
भारत का एक सव यायालय होगा यह अनुछेद 124(1) और भाग 5 म कहा गया है। देश म याय यव था को सु ढ़ बनाए रखने के लए सव यायालय का यव था िकया गया है। सव यायालय म कु ल 31 यायधीश ह ■जसम 30 अ य यायधीश और 1 मु य यायधीश होते ह। सव यायलय के यायधीश क यो यता • वह भारत का नाग रक हो • उसे िकसी उ यायालय का कम से कम पांच वष के लए यायधीश होना चािहए या उसे िकसी उ यायलय या िवभ उ यडलय म िमलाकर 10 वष तक अधव ा होना चािहए। अनुछेद 124(2) - कायकाल - संिवधान के अनुछेद 124(2) के अनुसार सव ह। संसद क ■सफा रश पर सव सव
यायालय के यायधीश 65 वष के उ तक अपने पद पर आसीन रहते
यायालय के मु य यायधीश को उनके पद से हटाया जा सकता है।
यायालय का मु य यायधीश अपना याग प रा पत को देता है।
अनुछेद 124(6) - शपथ - अनुछेद 124(6) के अनुसार रा पत सव
यायालय के मु य यायधीश को शपथ िदलाता है।
अनुछेद 148 - भारत का CAG CAG का पुरा नाम Comptroller and Auditor General of India हदी म इसे िनयं क और महाले खा परी क कहते ह। संिवधान के अनुछेद 148 म इसका वणन िकया गया है। िनयुि
- भारत के CAG क िनयुि
रा पत के ारा िकया जाता है।
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Deze site gebruikt cookies van Google om services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent काय - इसका काय संसgedeeld, द के धन केsamen यय पर िनयं रखने का है।en beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, worden met Google metणprestatiegebruiksstatistieken te genereren, misbruik te detecteren en maatregelen te treffen. कायकाल - भारत के CAG का कायकाल 6 वष का होता है।
अनुछेद 153 - रा यपाल रा य के रा यपाल का उ ेख भारतीय संिवधान के अनुछेद 153 म िकया गया है। ■जस कार भारत का संिवधािनक मुख रा पत होता है ठीक उसी कार भारत के रा य का संिवधािनक मुख रा यपाल होता है। अनुछेद 155 - रा यपाल क िनयुि अनुछेद 155 के अनुसार धानमं ी क सलाह से रा पत रा य के रा यपाल क िनयुि
करता है।
अनुछेद 156 - रा यपाल क पद क अवध अनुछेद 156 के अनुसार रा यपाल क अवध अधकतम 5 वष है। रा यपाल अपने कायकाल पूरा होने के पहले भी अपना पद याग सकता है। रा यपाल अपना पद का याग प रा पत को देगा। अनुछेद 157 - रा यपाल क यो यता अनुछेद 157 के अनुसार • वह भारत का नाग रक हो। • वह 35 वष क आयु पूरी कर चुका हो। • वह क सरकार या रा य सरकार के िकसी लाभ के पद पर न हो। अनुछेद 158 - अनुछेद 158 के अनुसार यिद रा यपाल संसद या रा य िवधानमंडल का सद य है तो रा यपाल के पद क शपथ ले ने के बाद संसद या िवधानमंडल के सद यता नह रहेगी अथात रा यपाल का वह थान खाली समझा जायेगा। अनुछेद 159 - रा यपाल का शपथ अनुछेद 159 के अनुसार रा यपाल को उस रा य के उ यायालय के मु य यायधीश शपथ िदलाते ह। नोट - यिद रा य के उ यायालय के मु य यायधीश अनुप थत हो तो यायलय के ये यायधीश रा यपाल को शपथ िदलाते ह।
अनुछेद 165 - रा य का महाधव ा संिवधान के अनुछेद 165 म रा य के महाधव ा पद क यव था क गई है। ■जसक िनयुि
रा यपाल करेगा।
यो यता • उ यायालय के यायधीश पद के लए यो य होने वाले यि क यो यता होनी चािहए। • उसे 10 वष तक यायक अधकारी या उ यायालय म 10 वष तक वकालत करने का अनुभव हो। कायकाल • संिवधान ारा महाधव ा के कायकाल का कोई िनधारण नह है। • वह अपने पद पर रा यपाल क इ छा तक पद धारण करता है अथात वह याग प तब देता है जब मंि प रषद याग प देती है।
अनुछेद 168 - िवधानमंडल
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अनुछेद 168 म िवधानमंडल क यव था क गई है। िवधानमंडल के 2 सदन होते ह -
Deze site gebruikt cookies van Google om services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent • िवधान प रषद - अनुछgedeeld, े द 169 samen met prestatie- en beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, worden met Google gebruiksstatistieken te genereren, misbruik te detecteren en maatregelen te treffen. • िवधानसभा - अनुछेद 170
अनुछेद 169 - िवधान प रषद अनुछेद 169 के अंतगत इसक यव था और समाि क यव था क गई है। यिद िकसी रा य क िवधानसभा उप थत मतदान करने वाले सद य के दो - तहाई बहु मत से ताव पा रत करे तो संसद रा यपाल क अनुशंसा पर उस रा य म िवधान प रषद क थापना या समाि कर सकती है। वतमान म केवल 7 रा य म िवधान प रषद है । ये 7 रा य ये ह • तेलंगाना • िबहार • ज मू क मीर • उ र देश • कनाटक • आं देश • महारा यो यता - युनतम आयु 30 वष सद य कायकाल - 6 वष • त दूसरे वष 1/3 सद य अवकाश हण करते ह और उनके थान पर नये सद य िनवाचत होते ह इस लए िवधान प रषद कभी भंग नह होती है। • िवधान प रषद म कु ल सद य क सं या उस रा य म िवधानसभा के सद य क सं या का 1/3 से यादा नह हो सकती है और साथ ही साथ िकसी िवधानसभा के सद य क सं या 40 से कम नह हो सकती है। अपवाद - ज मू क मीर के िवधान प रषद म 36 सद य है। िनवाचन क प त - एकल सं मणीय वोट ारा • िवधान प रषद के बैठ क म कम से कम कु ल सद य का 1/10 सद य उप थत होना चािहए। • िवधान प रषद के सद य म से एक सभापत और एक उपसभापत चुना जाता है। काय - िवधे यक को पा रत करना। नोट - सबसे अधक िवधान प रषद क सीट क सं या उ र देश म है। भारत म लोकसभा, रा यसभा, िवधान प रषद और िवधानसभा क सबसे अधक सीट क सं या उ र देश म है।
अनुछेद 170 िवधानसभा िवधानसभा िवधानमंडल का िन न सदन होता है। यो यता - युनतम आयु 25 वष सद य कायकाल - 5 वष • येक रा य म िवधानसभा क सीट क सं या कम से कम 60 और अधक से अधक 500 होते ह। ले िकन इसम भी अपवाद है गोवा - 40 िमजोरम - 40 ■सि म - 32 िनवाचन - जनता ारा • िवधानसभा म 1 सद य आं ल भारतीय समुदाय रा यपाल ारा मनोनीत िकया जा सकता है।
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• ज मू क मीर म 2 रा य क िनयुि
रा यपाल कर सकता है।
Deze site gebruikt cookies van Google om services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent • िवधानसभा क अ य gedeeld, ता करने केsamen लए एक met अ य prestatieऔर एक उपा होता है ■जसक िनयुि िवधानसभा के सद य worden met Google enयbeveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, gebruiksstatistieken te genereren, misbruik te detecteren en maatregelen te treffen. ारा िकया जाता है। • कोई िवधे यक धन िवधे यक है या नह यह अ य ही तय करता है और यह रा यपाल क अनुमत से िवधानसभा म रखा जाता है। • िवधानसभा के िकसी भी बैठ क म िवधानसभा के कु ल सद य का 1/10 सद य उप थत होना ज री है। • िवधानसभा का स साल म 2 बार कराना ज री है। सबसे अधक िवधानसभा सद य वाला रा य - उ र देश िवधानसभा के अधकार और काय • िवध िनमाण • कायपा लका पर िनयं ण • संवेध ािनक संशोधन • िनवाचन संबंध ी अधकार नोट - िबना िवधानसभा सद य बने कोई यि
6 महीने तक पद पर काम कर सकता है।
अनुछेद 239 से 241 तक - क शा■सत देश का शासन भारतीय संिवधान के भाग 8 और अनुछेद 239 से 241 म संघ शा■सत देश के शासन के बारे म उपबंध है। • सभी रा य भारत क संघीय यव था के सद य ह और वह क के साथ शि के िवभाजन के सहभागी है तथा क शा■सत देश वह े है जो क सरकार के सीधे िनयं ण म होता है। इन देश के शासन को चलाने क ■ज मेदारी रा पत को स पा जाता है। अनुछेद 239(क) - िद ी के लए िवशेष ावधान संिवधान के 69 व संिवधान संशोधन ारा अनुछेद 239 (क) और 239(क ख) 1 फरवरी 1992 म इन उपबंध के आधार पर िद ी रा ीय राजधानी े अधिनयम 1991 का अधिनयम िकया गया। ■जस पर िद ी संघ शा■सत देश म 1993 से िवधानसभा और मंि प रषद है। अनुछेद 241 - संघ रा य े के लए उ यायालय संसद कानून ारा िकसी रा य के लए उ यायालय क थापना कर सकता है या िकसी संघ रा य े को िकसी रा य के उ यायलय क अधका रता के अधीन रख सकता है। संसद ने 1966 म िद ी संघ रा य े के लए उ क शा■सत देश है।
यायलय क
थापना क है। इस कार का िद ी एक ऐसा एकमा
अनुछेद 245 से 293 तक - क और रा य के बीच संबंध अनुछेद 245 से 293 तक क और रा य के संबंध का उ ेख िकया गया है। संिवधान के अनुछेद 245 के अनुसार इस संिवधान के उपबंध के अधीन रहते हु ए, संसद िकसी रा य े या उसके िकसी भाग के लए िवध बना सकती है और िकसी िवधानमंडल पूर े रा य या उसके िकसी भाग के लए िवध बनाने क शि दान करता है। अनुछेद 248 - संिवधान के अनुछेद 248 म अवश शि य के बारे म उ ेख िकया गया है। अवश शि य म वे िवषय है जो क , रा य या समवत सूचीय म से िकसी म स म लत नह होते ह इन िवषय पर इन िवषय पर िवधान बनाने का अधकार संसद को है। अनुछेद 249 ( रा ीय िहत के संबंध म रा य सूची के िवषय पर कानून बनाने क संसद क शि ) अनुछेद 249 म ावधान है िक यिद रा यसभा अपने उप थत तथा मतदान करने वाले सद य के 2/3 सद य के बहु मत से संक प पा रत कर दे िक रा ीय िहत म यह आव यक है िक संसद रा य - सूची म वणत िकसी िवषय पर कानून बनाये तो संसद को यह शि ा हो जाती है।
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संसद ारा बनाये गए इस कार के कानून एक वष के लए भावी होता है। कतु रा य सभा
येक बार संक प पा रत
Deze site van Google om services te leveren en verkeer te analyseren. Je IP-adres en user-agent करक े इसेgebruikt कई वष के cookies लए बढ़ा सकती है। worden met Google gedeeld, samen met prestatie- en beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, gebruiksstatistieken te genereren, detecteren treffen. संसद ारा पा रत कोई िवध संक प वृत कmisbruik े न रहने परte 6 मास क अवध en समािmaatregelen के दौरान वृतte म ना रहेगी। वष 1950 म संसद ारा यापार तथा वाणी य के लए इस कार का कानून बनाया गया था। अनुछेद 250 - संिवधान के अनुछेद 250 के अनुसार आपात क उ घोषणा के दौरान क क रा य सूची के िकसी भी िवषय पर िवध बना सकती है। अनुछेद 252 - इसके अनुसार यिद दो या दो से अधक रा य के िवधान मंडल ारा संक प पा रत िकया जाए। अनुछेद 253 - इसके अनुसार संसद अंतरा ीय संधय के कायन यन के लए िवध बनाने का अधकार ा है, चाहे वह रा य सूची का ही िवषय हो। कतु वे मूल मूल अधकार का अत मन नह कर सकती है। अनुछेद 256 - संिवधान के अनुछेद 256 के अनुसार िवध के ाधकार के िबना कोई कर न तो लगाया जा सकता है और न ही सं ह िकया जा सकता है। कर लगाने वाली िवध संिवधान ारा वैध होनी चािहये अ यथा कर भी अवैध हो जायगे । अनुछेद 258 - क सरकार 258 (1) के अधीन संसद िकसी रा य सरकार क स मत से कायपा लका से संबंधत िकसी िवषय को उस सरकार को या उसके पदाधका रय को सशत स प सकती है।
अनुछेद 324 - िनवाचन आयोग
भाग 15 और अनुछेद 324 म चुनाव आयोग और मु य चुनाव आयु है। इसक थापना 25 जनवरी 1950 को क गई थी।
का ावधान है। यह एक थाई संवेध ािनक संगठन
िनयुि अनुछेद 324 (2) - इस अनुछेद के अनुसार मु य चुनाव आयु और अ य िनवाचन आयु क िनयुि , संसद ारा इस ायोजन हेतु बनाई गई िवध के उपबंध के अधीन रहते हु ए रा पत ारा धानमं ी के सं तुत पर क जाती है। कायकाल - पद संभालने से ले कर 6 वष तक या उस यि क 65 वष क आयु तक।
संघ लोक सेवा आयोग ( Union Public Service Commission) Article 315(1) भारतीय संिवधान म अनुछेद 315(1) म संघ लोक सेवा आयोग के अलावा रा य लोक सेवा आयोग का गठन का ावधान है। संघ लोक सेवा आयोग वतं संवेध ािनक िनकाय तथा मुख भत कता एजसी है। अनुछेद 315(2) - इसके तहत दो या दो से अधक रा य के लए संयु अनुछेद 316 - इसके अनुसार रा पत ारा िनयु
लोक सेवा आयोग का ावधान है।
एक अ य तथा अ य अ य होते ह।
पदावध - संघ लोक सेवा आयोग के अ य और सद य का कायकाल 6 वष या 65 वष क आयु ा करने तक होता है। संयु लोक सेवा आयोग क उ 62 वष तक है। वेतन - संघ लोक सेवा आयोग के अ य और सद य के वेतन भ संचत िनध से िदया जाता है।
और पशन सिहत सभी खच क पूत भारत क
प युत - रा पत संघ लोक सेवा आयोग के अ य या िकसी अ य सद य को िन न िवध से हटाया जा सकता है • वह िदवा लया घोिषत हो गया हो। • कायकाल के दौरान और अ य िकसी लाभ के पद पर हो। • सव यायालय के तवेदन पर कदाचार के आधार पर रा पत संघ लोक सेवा आयोग के अ य या सद य के कदाचार क जाँच के लए सव यायालय भे जता है सव यायलय यिद जाँच के आरोप को सही मानता है तो सव यायालय रा पत को सलाह देता है संिवधान के ावधान के अनुसार रा पत को सलाह मानना बा य है ■जस आधार पर रा पत संघ लोक सेवा आयोग के अ य या सद य को उसके पद हटा सकता है।
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काय -
Deze gebruikt cookies Google te leveren IP-adres en user-agent • संsite घ लोक सेवा आयोग भारतीयvan सेवाओं , क सेom वाओंservices और क शा■सत देश राenय verkeer क लोक te सेवanalyseren. ाओं म िनयुि केJeलए worden Google gedeeld, samen met prestatie- en beveiligingsstatistieken om servicekwaliteit te garanderen, परी ाएंmet आयो■जत करना। gebruiksstatistieken te genereren, misbruik te detecteren en maatregelen te treffen. • रा पत क
वीकृत या रा यपाल के अनुरोध पर रा य क एक या सभी आव यकताओं को पूरी करना
• यह रा पत को ■सिवल सेवा से संबंधत मामल म रा पत को सलाह देता है।
अनुछेद 343 - राजभाषा भारत म हदी को आमतौर पर रा भाषा के प म वीकार िकया जाता है ले िकन अधका रक प से ऐसा कोई दजा ा नह है। संिवधान के भाग 17 म अनुछेद 343 और 344 के अनुसार संघ क राजभाषा के संबंध म िदये गए उपबंध िन न है • अनुछेद 343(1) - इसके अनुसार संघ क राजभाषा हदी और लिप देवनागरी होगी। • संघ क राजयक य योजन के लए योग क जाने वाली अंको का
प भारतीय अंको का अंतरा ीय
प होगा।
• अनुछेद 343(2) - इसके अनुसार कायालय संबंध ी काय म अं ेजी का योग संिवधान के शु आत होने के 15 वष क अवध अथात 25 जनवरी 1935 तक जारी रहेगा। इस अवध के दौरान रा पत आदेश ारा संघ के राजयक य काय म से अं ेजी भाषा के साथ - साथ हदी या देवनागरी लपी के योग का अधकार दान करते ह। • अनुछेद 344 - अनुछेद 344 राजभाषा के लए आयोग गिठत करने का उपबंध करता है। अनुछेद 344(4) - इसके अनुसार एक संयु सद य राजसभा से ह गे ।
सिमत का गठन िकया जायेगा ■जसम 20 सद य लोकसभा तथा 10
नोट - वतमान म भारतीय संिवधान क आठव अनुसूची म 22 भाषाएँ ह। अनुछेद 345 - अनुछेद 345 के अनुसार िकसी रा य का िवधानमंडल िवध ारा उस रा य म योग होने वाली भाषाओं म िकसी एक या अधक भाषाओं को उस रा य क शासक य भाषा के प म योग कर सकता है। अनुछेद 347 - इस अनुछेद के अनुसार िकसी रा य क पया जनसं या िकसी िवशेष भाषा को उस देश के कायालय म संबंध ी काय म योग करने क मांग कर सकता है। तो रा पत उस मांग को शासक य योजन के लए मा यता देने का उपबंध कर सकता है। अनुछेद 348 - भारतीय संिवधान के अनुछेद 348 के अनुसार यिद संसद िवध ारा िनणय कर ले तो 15 वष क अवध के बाद भी योजन के लए अं ेजी भाषा का योग होगा। नोट - नागालड, िमजोरम, मेघालय और अ णाचल देश क राज भाषा अं ेजी है।
आपात उपबंध Article 324 से 360 भारतीय संिवधान के भाग 18 और अनुछेद 324 से 360 तक रा य म तीन कार का आपात उपबंध करता है। आपात उपबंध क ि या जमनी के संिवधान से लया गया है। भारतीय संिवधान क एक मु य िवशेषता यह है िक संकट के समय म यह संघा मक से एका मक प म आ जाता है। संघीय संिवधान म यह शि रा पत म िनिहत है ■जसके उपयोग म क ीय मं ीमंडल सहायता करते ह। भारतीय संिवधान म तीन कार के आपातकालीन उपबंध है रा ीय आपात अनुछेद 352 - रा पत िन न आधार म यु , वा मं ीमंडल क सलाह से रा ीय आपात क घोषणा क ।
आ मण, सश
िव ोह से िकसी भी आधार पर
अनुछेद 353 - अनुछेद 353 से रा य सूची िवषय पर कानून बना सकते ह कतु संसद ारा पा रत िवधय के अधीन होते ह। अनुछेद 356 - रा य म सांिवधािनक तं के िवफल हो जाने क दशा म ( आपात कालीन उपबंध )
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अनुछेद 360 - िवतीय आपात के बारे म उपबंध ह।
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ि या का उ ेख िकया गया है। संिवधान संशोधन क
ि या
संिवधान संशोधन अधिनयम 1951 पहला संिवधान संशोधन 1951 म हु आ था। इस संशोधन से संबंधत मु य बात • सामा■जक और आथक तथा िपछड़े वग क उ त के लए रा य को अधक शि शाली बनाना। • कानून क र ा के लए संपत अध हण आिद क यव था। • भूिम सुध ार एवम यायक समी ा से जुड़े अ य कानून को न वी सूची म थान िदया गया है। 12वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1962 गोवा, दमन और दीव भारतीय संघ म शािमल 15वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1963 उ यायलय के यायधीश क सेवािनवृत उ 60 से बढ़ाकर 62 वष 21वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1967 ↓सधी भाषा को आठव अनुसूची म शािमल िकया गया। 31वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1972 लोकसभा सीट क सं या 525 से बढ़ाकर 545 कर दी गई। 22वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1969 असम म से एक अलग रा य मेघालय का िनमाण 42वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1976 उ ेशका म तीन नये श द जोड़े गए ( समाजवादी, धमिनरपे , और अखंडता)। अ खल भारतीय िविवध सेवा के िनमाण क यव था 44वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1976 संपत के अधकार को मूल अधकार से हटा िदया गया और इसे कानूनी अधकार बना िदया गया और अनुछेद 300(क) के अंतगत रखा गया है। संिवधान संशोधन अधिनयम 2006 म य देश पुनगठन अधिनयम, 2000 और िबहार पुनगठन अधिनयम, 2000 झारखंड और छ ीसगढ़ दो नये रा य बनाये गए। 61 वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1989 लोकसभा और िवधानसभा चुनाव म मतदान क उ सीमा 21 से घटाकर 18 वष कर दी गई। 69वां संिवधान संशोधन अधिनयम 1992 िद ी को NCT ( National Capital Territory) घोिषत िकया गया ।
इ ह भी पढ़ - कै िबने ट मं ी क सूची 2021
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