बाइबल को समझने का एक ही उद्देश्य है : पाठक को परमेश्वर के वचन को समझने मे ें सहायता करना। यह उसे हाससल करने की कोसिि करता है जो नहेम्याह ने सलखा, “उनहोेंने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से
पढ़कर अथथ समझा दिया; और लोगोें ने पाठ को समझ सलया” (नहेम्याह 8:8)। यह पुस्तक दकसी भी अनुच्छे ि के अथथ को समझाने का प्रयास करती है और पाठक को उसे समझने मे ें सहायता करती है जो वह पढ़ रहा है।
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