पित्त दोष हमारे शरीर में अग्नि (आग) तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। यह हमारे पाचन, चयापचय, और शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। जब पित्त का संतुलन बिगड़ जाता है, तो यह कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है। पित्त दोष का असंतुलन अधिक गर्मी, जलन, और अन्य परेशानियों का कारण बनता है।
आइए जानते हैं कि पित्त दोष कैसे उत्पन्न होता है और इसे संतुलित करने के लिए कौन से आयुर्वेदिक उपाय मदद कर सकते हैं।