दृष ६०००
मसीहस येश ुम सीहस पुन रागमनात् पूर् बृह तरस इसारास शान्पूप ूपुन प ाूप ना्् प् ाृरता रकादशराजसमामानम् यत दशून ा नान् तत प्ाज ृरनशन्न ृक्ु यज वरप ाा पाायृत सज सुख ी भरृतन सुभ ाृितम् २९:१८ मना तत् राष्ा यस परमेश रज परमेश ् ररज अन् ; ये च ्नान् स यम् उतराृमकाराय ृचनोृतन ् ोतम् ३३:१२
गेग ोगरयन रिू 2240 गेगोरी-रि् २२४० ृहबू -रि् ६००० सङतम् अन्, यस यहदीममर गहना ममूशााीया महता रतूते न शााीयररीसोतानाा अनुसारा (तालुद्, जोहर इतादीनाा ) ृहबूरि् ६००० मसीहस आगमनस मसीहयुगस दीका च अन्मसमया भरृत मसीहयुगम् : पारमगरकयहदी-अ्कााशाास अ्गूता सृृषज सपसहसासीिु ृरभका अन् न प्मिम् युगाज मानरतायाज इृतहासस पृतृनृमधा कुरून्, सपमज तु " ृरशामृदरसस " युगज, सारूृतकशान्ज च न
रकादश राजाृन इ्राया , ृमस , इराक , ्ॉरू न , कुरैत , ाेबनान , पााेलाइन , सऊदी अरब , सीगरया , तुक्, The Christians • इसारा - तन्न् रर ृदने परमेश् ररज अबामेप सह सन्ा कृतरान् यत्, “ृमस-नदाज महानदाज फरात-नदाज यारत् मया तर राशेभज रिा भूृमज दता: केनी-कृन्ी-कदमोनी-ृहती-फरीजी-रे फैम-अमोरी-कनानी-ृगगाू सी, च यबूसी्नाजन अहा धाा तर राश्ा च यत धा परदे शीयज अृस, तत् भूृमा सर् कनानदे शा शाशताृमकारा्् दासाृमन अहा च तेिाा परमेशरज भृरषाृमन उतृतज १५:१८-२१ ; १७ - ८