हरमास के चरवाहा के दोसर ककताब, जेक रा हुकक आजा कहलक जाय छै पररचय 1 जखु हम घर मे पाराुा केलहु, आ पलंग पर बैकस गेलहु, तखु एकटा आदमी चरबाहक आदकत मे, उजर वस पकहरुे, पीठ पर अपु बैग आ हार मे लाठी लेुे, आदरपूरा ुजरर सु हमरा लग आकब गेल आ हमरा पराम केलक। 2 हम हुकर पराम घुरा दे कलयकु आ तुरन ओ हमरा लग बैकस कक कहलकरु, “हमरा ओकह पूज दू त दारा पठाओल गेल अकछ जे हम अहाु क जीवुक शेष कदु अहाु क संग रहब।” 3 मुदा हम सोचलहु जे ओ हमरा परखबाक लेल आयल छकर, आ हुका कहकलयकु, “अहाु के छी?” ककएक तु हम जुैत छी जे हम केकरा पकत समकपात छी। ओ हमरा कहलकरु, “की अहाु हमरा ुकह कचनै त छी?” हम जवाब दे कलयकु जे ुकह। हम छी, ओ कहलकु, ओ चरबाह जकर दे खभाल मे अहाु पहु चाओल गेल छी। 4 जाबत ओ बजैत छलाह तखु हुकर आकार बदकल गेलकु। जखु हमरा बुझल छल जे हम हुका संग सौंपल गेल छी, तखु हमरा लाज भेल, आ अचाुक हमरा पर एकटा भय आकब गेल, आ हम एकदम उदास भ' गेलहु, ककएक त' हम हुका संग एतेक मूखातापूवाक बात केुे रही। 5 मुदा ओ हमरा कहलकरु, “लाज ुकह कर, बल् कक हम जे आजा अहाु केु दे बक जा रहल छी, ताकह सु अहाु क मोु मे शक् पार कर।” ओ कहलकरु, “हमरा पठाओल गेल अकछ जे अहाु केु ओ सभ बात फेर सु दे खाबय लेल जे अहाु पकहुे दे खलहु अकछ, मुदा कवशेष रप सु ओकह मे सु जे अहाु केु बेसी उपयोगी होयत।” 6 आ सभसु पकहुे हमर आजा आ उपमा कलखू , शेष जे हम अहाु केु दे खाएब, तेुा कलखब। मुदा हम ते ु अहाु केु सबसु पकहुे हमर आजा आ उपमा कलखबाक आजा दै त छी, जाकह सु बेर-बेर पक़ क' अहाु ओकरा ओतेक सहजता सु मोु मे राकख सकब। 7 तकर बाद हम हुकर आजा आ उपमा कलखलहु , जेुा ओ हमरा कहलकु। 8 जु अहाु सभ सुकु कक ओकरा सभक पालु करब आ ओकरा सभक अुुसार चलब आ शुद मोु सु ओकरा सभ मे वायाम
करब तु पभु सु ओ सभ बात भेटत जे अहाु सभ केु पकतजा केुे छकर। 9 मुदा जु अहाु सभ हुका सभक बात सुकु कक पशाताप ुकह करब, बल् कक अहाु सभ अपु पाप मे आरो ब़ै त रहब तु हुका दारा अहाु सभ केु दं कित कयल जायत। 10 ई सभ बात जे पशाताप करबाक स् वगादूत चरबाह हमरा कलखबाक आजा दे लकु। कमांि 1 1 सबसु पकहुे ई माुू जे एकेटा परमेश् वर छकर जे सभ ककछु ुकहक सभ वसु केु सृकजत आ रप मे बुौलकु। 2 ओ सभ बात केु बुझैत छकर, आ मात अपार छकर, ककरो बूझल ुकह जा सकैत अकछ। 3 जकरा ुे कोुो शबसु पररभाकषत कएल जा सकैत अकछ, आ ुे मुसु कलुा कएल जा सकैत अकछ। 4 ते ु हुका पर कवश् वास कर। आ ओकरा सु िर। आ ओकरा सु िरै त सभ अधलाह सु परहे ज कर। 5 ई सभ बात राखू, आ सभ काम-वासुा आ अधमा केु अपुा सु दू र राखू , आ धाकमाकताक पररधाु पकहर, आ जु अहाु एकह आजाक पालु करब तु परमेश् वरक लेल जीकवत रहब। कमांि 2 1 ओ हमरा कहलकरु, “कुद्ष आ कबुा वेश मे रह। ते ु अहाु एकटा एहु कशशु जकाु बुब जे कोुो एहु दु भाा वुा ुकह जुैत अकछ जे मुुकक जीवु केु ुष करै त अकछ। 2 खास कक ई दे खू जे अहाु ककरो अधलाह ुकह बाजब आ ुे ककरो ककरो अधलाह बजैत सेवा सु सुुब। 3 जु अहाु ई बात ुकह माुब तु अहाु सेहो जे सुुैत छी, तकरा कुना पर कवश् वास कक कक अधलाह बजकुहारक पाप मे सहभागी बुब आ अहाु केु सेहो पाप होयत, ककएक तु अहाु ओकह पर कवश् वास कएुे छी जे अपु भाय पर अधलाह बजैत अकछ। 4 हास एकटा कवुाशकारी वसु अकछ। एकटा अकुत, दु ष आता; जे ककहयो शां कत मे ुकह चलैत अकछ, बक् सकदखु कववाद मे रहै त अकछ। ते ु एकह सु परहे ज कर आ अपु भाय सु बेसी शाकन राखू।