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Maithili - The Nazarite Vow

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नासरी व् गणना 6:1-21 1 परमेश् वर मूसा केँ कहलथिन। 2 इसारलक सन् तान सभ सँ कह जे, “जखन कोनो पुरु वा स् त् नासर्क पथतता करबाक लेल अलग भऽ जायत आ परमेश् वरक समक अलग भऽ जायत। 3 ओ मथिरा आ मािक पेय सँ अलग रहत, आ ने शराबक थसरका, आ ने मदपानक थसरका, आ ने अंगूरक कोनो िार प्बय, ने नम अंगूर आ ने सुखायल अंगूर खाय। 4 थवरहक भरर थिन ओ अंगूरक गाछक गुठल् सँ लऽ कऽ थछलका धरर नथह खायत। 5 हनकर थवरहक वतक सभ थिन हनकर माि पर कोनो उसरा नथह आओत, जाबत धरर ओ थिन पूरा नथह होयत जाथह थिन मे ओ पभुक लेल अलग नथह होयत, ता धरर ओ पथवत रहताह आ मािक केशक ताला उगय िे ताह। 6 जाबत धरर ओ परमेश् वरक लेल अलग रहताह, ताबत धरर ओ कोनो मृत् यु मे नथह आओत। 7 जखन ओ सभ मरला पर अपन थपता वा माय, भाइ आ बथहनक लेल अपना केँ अशुद नथह बनाओत, थकरक तँ ओकर परमेश् वरक पथवतता ओकर माि पर अथछ। 8 अपन थवरहक भरर थिन परमेश् वरक लेल पथवत छथि। 9 जँ केओ हनका दारा अचानक मरर जाइत अथछ आ ओ अपन अथभुेकक माि केँ अशुद कऽ िै त अथछ। तखन ओ अपन शुदद के थिन अपन माि मुंडन करत, सातम थिन ओकरा मुंडन करत। 10 आठम थिन ओ िू टा कछु आ वा िू टा कबूतर केँ पुरोथहतक लग भेट करबाक तमूक िरबजा पर आनत। 11 पुरोथहत रकटा पापबथल आ िोसर होमबथल चढा कऽ ओकरा लेल पायथयत करथि, जे ओ मृत् युक दारा पाप कयलथन आ ओह् थिन ओकर माि पथवत करताह। 12 ओ अपन थवरहक थिन परमेश् वरक लेल समथपपत कऽ कऽ अपराध बथलिानक रप मे पथहल वुपक मेमना आनत। 13 जखन नासर्क थवरहक थिन पूरा भऽ जायत तखन हनका सभक थनयम ई अथछ। 14 ओ अपन बथलिान परमेश् वरक समक होमबथल मे रक वुपक मेमना आ पापबथल मे थनि्ु पथहल वुपक रकटा मेमना, आ शां थत बथल मे रकटा थनि्ु मेमना। 15 रक टोकर् मे अखम्र् रोट्, तेल थमलाओल मह्न आटाक केक आ तेल सँ अथभथुक अखम्र् रोट्क वेफन, आ ओकर अनबथल आ पेयबथल। 16 पुरोथहत हनका सभ केँ परमेश् वरक समक लऽ कऽ अपन पापबथल आ होमबथल चढ़ताह। 17 ओ मेढा केँ अखम्रक रोट्क टोकर्क संग परमेश् वरक समक बथलिानक रप मे चढाओत।

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नासरी व्

18 नासर् सभ मंडपक िरबजा पर अपन थवरहक माि मुंडन करत आ अपन थवरहक मािक केश लऽ कऽ ओथह आथग मे राखत जे शां थत बथलिानक न्चाँ अथछ। 19 पुरोथहत मेढक थभजल कान आ टोकर् मे सँ रकटा खम्र रथहत थपटा आ रकटा खम्र रथहत पट् लऽ कऽ नासर्क केश मुंडन केलाक बाि ओकरा हाि पर रादख िे त। 20 पुरोथहत ओकरा सभ केँ लहराबथल परमेश् वरक समक लहराओत। 21 जे नासर् वत केने छथि आ अपन थवरहक लेल परमेश् वरक बथलिानक ववया अथछ, जकरा हाि मे भेटतथन।

सैम सन नायाध्श 13 1 इसारलक लोक सभ फेर परमेश् वरक नजरर मे अधलाह काज कयलक। परमेश् वर चाल्स वुप तक ओकरा सभ केँ पथलस् सभक हाि मे स़ंप िे लथिन। 2 सोरा मे िान् वंशक रक आिम् छल, जकर नाम मनोआ छल। हनकर पत् बंजर छल्ह, मुिा पसव नथह केने छल्ह। 3 परमेश् वरक स् वगपिूत स् त् केँ पगट भऽ कहलथिन, “िे खू, अहाँ बां झ छ् आ पसव नथह कऽ रहल छ्। 4 ते ँ आब सावधान रह, आ ने मथिरा आ मािक पेय पिािप नथह प्ब आ कोनो अशुद वसु नथह खाउ। 5 िे खू, अहाँ गभपवत् भऽ कऽ पुत पैिा करब। ओकर माि पर कोनो उसरा नथह आओत, थकरक तँ बचा गभपथह सँ परमेश् वरक लेल नासर् होयत। 6 तखन ओ स् त् आथब कऽ अपन पथत केँ कहलथिन, “परमेश् वरक रक आिम् हमरा लग आथब गेलाह, ओकर चेहरा परमेश् वरक स् वगपिूतक मुँह जकाँ छल, जे बहत भयावह छल। 7 मुिा ओ हमरा कहलथिन, “िे खू, अहाँ गभपवत् भऽ कऽ रकटा बेटा पैिा करब। आब मथिरा नथह प्बू आ ने कोनो अशुद च्ज खाउ, थकरक तँ बचा गभप सँ मरबाक थिन धरर परमेश् वरक लेल नासर् रहत। 8 तखन मनोआ परमेश् वर सँ थवनत् कयलथन आ कहलथिन, “हे हमर पभु, जे परमेश् वरक आिम् केँ अहाँ पठ़ने छ्, से हमरा सभ लग आथब कऽ हमरा सभ केँ थसखाबथि जे हम सभ ओथह बचाक संग क् करब।” 9 परमेश् वर मानोआक आवाज सुनलथन। परमेश् वरक स् वगपिूत खेत मे बैसल स् त् लग फेर आथब गेलाह, मुिा हनकर पथत मनोआ हनका संग नथह छलाह। 10 ओ स् त् जल्-जल् ि़थ़ कऽ अपन पथत केँ िे ख़लथिन आ कहलथिन, “िे खू, ओ आिम् हमरा लग पकट भेल अथछ जे परसू हमरा लग आयल छल।” 11 तखन मनोआ उथठ कऽ अपन स् त्क पाछाँ -पाछाँ जा कऽ ओथह आिम् लग आथब पुछलथिन, “क् अहाँ ओ आिम् छ् जे ओथह स् त् सँ गप केने छ्?” ओ कहलथिन, “हम छ्।” 12 तखन मऩआ कहलथिन, “आब अहाँ क बात पूरा होउ।” बचा के कोना आिे श िे ब आ ओकरा कोना करब? 13 परमेश् वरक स् वगपिूत मनोआ केँ कहलथिन, “हम ओथह स् त् केँ जे थकछु कहलहँ ताथह सँ सावधान रहय।” 14 ओ बेल सँ थनकलल कोनो च्ज नथह खा सकैत अथछ, ने मथिरा वा मािक पेय पिािप प्बय, आ ने कोनो अशुद वसु खा सकैत अथछ। 15 तखन मनोआ परमेश् वरक स् वगपिूत केँ कहलथिन, “हमरा सभ केँ ताबत धरर रोथक कऽ राखब जाबत धरर हम सभ अहाँ क लेल रकटा बछ़ा तैयार नथह कऽ लेब।” 16 परमेश् वरक स् वगपिूत मनोआ केँ कहलथिन, “अहाँ हमरा रोथक कऽ राखब, मुिा हम अहाँ क रोट् नथह खारब। थकरक तँ मनोआ ई नथह जनैत छल जे ओ परमेश् वरक स् वगपिूत छथि। 17 तखन मनोआ परमेश् वरक स् वगपिूत केँ कहलथिन, “तोहर नाम क् अथछ, जाथह सँ जखन अहाँ क बात पूरा होयत तखन हम सभ अहाँ क आिर कर्?” 18 परमेश् वरक स् वगपिूत हनका कहलथिन, “अहाँ हमर नाम रथह तरहे ँ थकरक पुछैत छ्?

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नासरी व्

19 तखन मनोआ रकटा बछ़ा केँ भोजन बथलिानक संग लऽ कऽ रकटा चटान पर परमेश् वर केँ चढ़लथन। आ मनोआ आ ओकर पत् तकैत रहलाह। 20 जखन वेि् पर सँ ल़ स् वगप थिस बढल तँ परमेश् वरक स् वगपिूत वेि्क ल़ मे चथढ गेलाह। तखन मनोआ आ हनकर पत् ओथह थिस तकलथन आ मुँह िऽ कऽ जम्न पर खथस प़लाह। 21 मुिा परमेश् वरक स् वगपिूत आब मनोआ आ हनकर स् त् केँ नथह पगट भेलाह। तखन मनोआ बुथझ गेल जे ओ परमेश् वरक स् वगपिूत छथि। 22 तखन मनोआ अपन पत् केँ कहलथिन, “हम सभ मरर जायब, थकरक तँ हम सभ परमेश् वर केँ िे खलहँ ।” 23 मुिा हनकर स् त् हनका कहलथिन, “जँ परमेश् वर हमरा सभ केँ मारय मे पसन रथहतथि तँ हनका हमरा सभक हाि सँ होमबथल आ अनबथल नथह भेथटतथन, आ ने ओ हमरा सभ केँ ई सभ बात बताथबतथि आ ने रथह समय मे हमरा सभ केँ रथह तरहक बात कथहतथि।” 24 ओथह स् त् केँ रकटा बेटा भेलथन आ ओकर नाम थशमशोन रखलथन। 25 परमेश् वरक आत् मा हनका सोरा आ रशाओलक ब्चक िानक थशथवर मे कखनो काल हनका घुमाबय लगलाह। नायाध्श 14 1 थशमशोन थतमनाि मे गेलाह आ थतमनाि मे पथलस्क बेट् मे सँ रक मथहला केँ िे खलथन। 2 ओ ऊपर आथब अपन थपता आ माय केँ कहलथिन, “हम थतमाि मे पथलस्क बेट् मे सँ रकटा स् त् केँ िे खलहँ । 3 तखन हनकर थपता आ माय हनका कहलथिन, “क् अहाँ क भाय सभक बेट् मे वा हमर समस लोक मे रहन कोनो स् त् नथह अथछ जे अहाँ खतना नथह कयल पथलश् त् सभक स् त् केँ लऽ कऽ जायब?” थशमशोन अपन थपता केँ कहलथिन, “हमरा लेल ओकरा ल’ थलअ। थकरक तँ ओ हमरा न्क जकाँ पसन करै त छथि। 4 मुिा ओकर थपता आ माय ई नथह जनैत छल जे ई परमेश् वरक थिस सँ अथछ जे ओ पथलस् सभक थवरद कोनो अवसर चाहै त छल, थकरक तँ ओथह समय मे पथलश् त् सभक इसारल पर पभुभ छल। 5 तखन थशमशोन आ ओकर थपता आ माय थतमनाि मे उतरर थतमनािक अंगूरक बाग मे आथब गेलाह। 6 परमेश् वरक आत् मा हनका पर पबलतापूवपक आथब गेलाह आ ओ ओकरा ओथहना फाथ़ िे लथन जेना ओ बछ़ा फाथ़ िै त छल, मुिा हनका हाि मे थकछु नथह छलथन। 7 ओ न्चाँ जा कऽ ओथह स् त् सँ गप-सप कयलथन। ओ थशमशोन केँ न्क जकाँ पसन कयलथन। 8 थकछु समयक बाि ओ ओकरा लऽ कऽ घुरर गेलाह आ थसंहक शव िे खबाक लेल घुथम गेलाह। 9 ओ ओथह मे सँ हाि मे लऽ कऽ भोजन करै त गेलाह आ अपन बाप-माय लग आथब हनका सभ केँ िऽ िे लथिन आ ओ सभ खा गेलाह। 10 तखन ओकर थपता ओथह स् त् लग गेलाह। थकरक तँ युवक सभ रना करबाक लेल पयोग करै त छल। 11 ओ सभ हनका िे दख त्स टा संग् केँ हनका संग रहबाक लेल अनलथन। 12 थशमशोन हनका सभ केँ कहलथिन, “हम आब अहाँ सभ केँ रकटा पहे ल् राखब। 13 मुिा जँ अहाँ सभ हमरा ई बात नथह कथह सकैत छ् तँ हमरा त्स चािर आ त्स वस बिथल िे ब। ओ सभ हनका कहलथिन, “अपन पहे ल् राखू, जाथह सँ हम सभ सुनब।” 14 ओ हनका सभ केँ कहलथिन, “भोजथनहार मे सँ भोजन थनकलल आ बलवान मे सँ थमठास थनकलल।” आ त्न थिन मे ओ सभ पहे ल् नथह बुझा सकलाह। 15 सातम थिन ओ सभ थसमशोनक पत् केँ कहलथिन, “अपन पथत केँ पलोथभत कर जाथह सँ ओ हमरा सभ केँ ई पहे ल् सुनाबथि, जाथह सँ हम सभ अहाँ आ अहाँ क थपताक घर केँ आथग मे नथह जरा िे ब।” से नथह अथछ? 16 थशमशोनक पत् हनका सामने कानैत बजल्ह, “अहाँ हमरा सँ घृणा करै त छ् आ हमरा सँ पेम नथह करै त छ्। ओ ओकरा कहलथिन, “िे खू, हम ई बात अपन थपता आ मार केँ नथह कहने छ्, आ क् हम अहाँ केँ कहब?”

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17 ओ सात थिन धरर हनका सभक सोझाँ मे कानैत रहलाह, जखन थक हनका सभक भोज चलैत छलथन, आ सातम थिन ओ हनका ई बात कहलथिन, थकरक तँ ओ हनका पर चोट लग़लथन। 18 सूयाप स सँ पथहने सातम थिन नगरक लोक सभ हनका पुछलथिन, “मधु सँ बेस् म्ठ क् होइत अथछ?” आ थसंहसँ बेस् बलशाल् क् अथछ? ओ हनका सभ केँ कहलथिन, “जँ अहाँ सभ हमर बछ़ा सँ जोत नथह कररतहँ तँ हमर पहे ल् नथह बुझल रथहतहँ ।” 19 परमेश् वरक आत् मा हनका पर आथब गेलाह आ ओ अशलोन गेलाह आ हनका सभ मे सँ त्स आिम् केँ मारर िे लथन आ हनका सभक लूट-पाट लऽ कऽ पहे ल् बज़थनहार सभ केँ वस बिथल िे लथन। हनकर तामस भ़थक गेलथन आ ओ अपन थपताक घर चथल गेलाह। 20 मुिा थशमशोनक स् त् हनकर संग् केँ िे ल गेलथन, जकरा ओ अपन थमत बना लेने छलाह। नायाध्श 15 1 मुिा गहम कटबाक समय मे थकछु र काल मे थशमशोन रकटा बछ़ा ल’ क’ अपन पत्क ओतय गेलाह। ओ कहलथिन, “हम अपन पत्क लग कोठल् मे जायब।” मुिा ओकर थपता ओकरा भ्तर नथह जाय िै त छलैक। 2 ओकर थपता कहलथिन, “हमरा तऽ सते लागैत छल जे अहाँ ओकरा सँ घृणा केने छ्। ते ँ हम ओकरा अहाँ क संग् केँ िऽ िे थलयैक। ओकर बिला मे ओकरा ल' थलय'। 3 थशमशोन हनका सभक थवुय मे कहलथिन, “आब हम पथलस् सभ सँ बेस् थनि्ु रहब, यदथप हम हनका सभ केँ नाराज करब।” 4 थशमशोन जा कऽ त्न सय लोम़् पकथ़ लेलक आ पूँछ सँ पूँछ घुमा कऽ िू टा पूँछक ब्च मे रकटा आथग लगा िे लक। 5 जखन ओ धबा सभ केँ आथग लगा कऽ पथलश् त् सभक ठाढ धान मे जाय िे लथिन आ ओथह चक़ा आ ठाढ धान केँ अंगूरक बाग आ जैतून िु नू केँ जरा िे लथन। 6 तखन पथलस् सभ पुछलथिन, “ई के केलक?” ओ सभ उतर िे लथिन, “थसमशोन, थतमन्क जमाय, थकरक तँ ओ अपन स् त् केँ लऽ कऽ अपन संग् केँ िऽ िे ने छल।” पथलस् सभ चथढ कऽ ओकरा आ ओकर थपता केँ आथग मे जरा िे लक। 7 थशमशोन हनका सभ केँ कहलथिन, “अहाँ सभ जँ ई काज कऽ िे ब, तखनो हम अहाँ सभक बिला लेबऽ लेब आ तकर बाि हम छोथ़ िे ब।” 8 ओ हनका सभक कूद् आ जाँ घ पर बहत मारर मारर िे लथन आ ओ न्चाँ जा कऽ रतम चटानक चोट् मे रथह गेलाह। 9 तखन पथलस् सभ चथढ कऽ यहिा मे खसखस लगा कऽ लेह् मे पसरल। 10 यहिाक लोक सभ कहलथिन, “अहाँ सभ हमरा सभक थवरद थकरक आथब रहल छ्?” ओ सभ उतर िे लथिन, “हम सभ थशमशोन केँ बादन िे बाक लेल चढल छ्, जेना ओ हमरा सभक संग केने छथि।” 11 तखन यहिाक त्न हजार आिम् रताम चटानक चोट् पर जा कऽ थशमशोन केँ कहलथिन, “क् अहाँ नथह जनैत छ् जे पथलस् हमरा सभ पर शासक छथि?” अहाँ हमरा सभक संग ई क् केलहँ ? ओ हनका सभ केँ कहलथिन, “जथहना ओ सभ हमरा संग कयलथन, तथहना हम हनका सभक संग केलहँ ।” 12 ओ सभ हनका कहलथिन, “हम सभ अहाँ केँ बानय लेल उतरल छ् जाथह सँ अहाँ केँ पथलस् सभक हाि मे स़ंथप सकब।” थशमशोन हनका सभ केँ कहलथिन, “हमरा कसम खाउ जे अहाँ सभ सयं हमरा पर नथह खसब।” 13 ओ सभ हनका सँ कहलथिन, “नथह। मुिा हम सभ तोरा बादन कऽ हनका सभक हाि मे स़ंथप िे ब। ओ सभ ओकरा िू टा नव डोर् सँ बादन कऽ चटान पर सँ ऊपर अनलथन। 14 जखन ओ लेह् पहँ चलाह तखन पथलस् सभ हनका पर थचथचया उठलथन, आ परमेश् वरक आत् मा हनका पर जोर-जोर सँ आथब गेलाह आ हनकर बाँ थह पर जे डोर् छल से आथग मे जरर गेल सन जकाँ भऽ गेलथन आ हनकर हाि सँ पट् खोलल गेलथन।

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15 ओ गिहाक नव जब़ाक हड् भेटलथन आ हाि बढा कऽ ओकरा पकथ़ लेलथन आ ओथह सँ रक हजार आिम् केँ मारर िे लथन। 16 थशमशोन कहलथिन, “हम गिहाक जब़ाक हड् सँ ढे र पर ढे र आ गिहाक जब़ा सँ हजार आिम् केँ मारर िे लहँ ।” 17 जखन ओ बाजब समाप कऽ लेलथन तँ ओ अपन हािक जब़ाक हड् फेथक िे लथन आ ओथह यान केँ रामिलेह् रादख िे लथन। 18 ओ बहत पास लगलाह आ परमेश् वर केँ पुकारै त कहलथिन, “अहाँ ई महान उदार अपन सेवकक हाि मे िऽ िे थलयैक। 19 परमेश् वर जब़ा मे रकटा खोखला जगह केँ फाथ़ िे लथिन आ ओथह मे सँ पाथन थनकथल गेलथन। जखन ओ शराब प्थब गेलाह तखन हनकर आत् मा फेर सँ ज्थवत भऽ गेलाह, ते ँ ओ रकर नाम रनहकोरे रखलथन जे आइ धरर लेह् मे अथछ। 20 पथलस्क समय मे ओ ब्स वुप धरर इसारलक न् याय केलथन। नायाध्श 16 1 तखन थशमशोन गाजा गेलाह आ ओतय रकटा वेशा केँ िे दख हनका लग गेलाह। 2 गाज् सभ केँ कहल गेलथन जे, “थसमशोन रतय आथब गेल छथि।” ओ सभ हनका चार कात घुथम कऽ भरर राथत नगरक फाटक मे हनकर पत्का कयलथन आ भरर राथत चुपचाप रहलाह आ कहै त छलाह जे, भोर मे जखन थिन होयत तखन हम सभ हनका मारर िे बथन। 3 थशमशोन आधा राथत धरर प़ल रहलाह आ आधा राथत मे उथठ कऽ नगरक फाटकक िरबजा आ िु नू खंभा केँ पकथ़ कऽ हनका सभक संग जा कऽ अपन कान पर बैसा कऽ हे बोनक समक रकटा पहा़्क चोट् पर लऽ गेलाह। 4 तकर बाि सोरे क उपतका मे रकटा स् त् सँ पेम कयलथन, जकर नाम िल्ला छल। 5 पथलस्क माथलक सभ हनका लग आथब कऽ हनका कहलथिन, “ओकरा लोभाबय आ िे खू जे हनकर पैघ शदक कतय अथछ आ हम सभ हनका पर कोन तरहे ँ थवजय् भऽ सकैत छ्, जाथह सँ हम सभ ओकरा बादन कऽ ओकरा िु ःख िे बऽ सकब। 6 िल्ला थशमशोन केँ कहलथिन, “हमरा कह जे अहाँ क पैघ शदक कोन मे अथछ आ अहाँ केँ कोन तरहे ँ कष िे बऽ प़त।” 7 थशमशोन ओकरा कहलथिन, “जँ ओ सभ हमरा सात टा हररयर-हररयर टां ग सँ बादन िे त जे कथहयो नथह सुखायल छल, तखन हम कमजोर भ’ जायब आ िोसर आिम् जकाँ भ’ जायब।” 8 तखन पथलस्क माथलक सभ ओकरा लग सातटा हररयर-हररयर टाँ ग अनलथन जे नथह सुखायल छल आ ओ ओकरा ओथह सभ सँ बादन िे लथन। 9 हनका संग कोठल् मे रहथनहार लोक सभ ओथह मे प़ल छल। ओ ओकरा कहलथिन, “थसमसोन, पथलस् सभ तोरा पर चथढ जाय।” ओ थवि तोथ़ िे लक, जेना टोक धागा आथग केँ छु बैत टू थट जाइत छै क। ते ँ हनकर ताकतक पता नथह चललथन । 10 तखन िल्ला थशमशोन केँ कहलथिन, “िे खू, अहाँ हमरा उपहास कऽ कऽ झूठ बाथज रहल छ्। 11 ओ ओकरा कहलथिन, “जँ ओ सभ हमरा नव रस् सँ बादन िे त जे कथहयो नथह लागल छल, तखन हम कमजोर भऽ जायब आ िोसर आिम् जकाँ भऽ जायब।” 12 िल्ला नव रस् लऽ कऽ ओकरा बादन कऽ कहलथिन, “हे थशमशोन, पथलस् सभ तोरा पर चथढ जाय।” आ कोठल् मे पत्का मे प़ल लोक सभ सेहो रथह गेल छल। आ ओकरा सभकेँ सूत जकाँ अपन बाँ थहसँ तोथ़ िे लकैक। 13 िल्ला थशमशोन केँ कहलथिन, “अहाँ रखन धरर हमरा उपहास करै त छ् आ झूठ बाथज रहल छ्। ओ ओकरा कहलथिन, “जँ अहाँ हमर मािक सात टा ताला जाल सँ बुनब।”

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14 ओ ओकरा थपन सँ बादन कऽ कहलथिन, “हे थशमशोन, पथलस् सभ तोरा पर चथढ जाय।” ओ न्ि ं सँ जाथग गेलाह आ ब्मक थपन आ जाल लऽ कऽ चथल गेलाह। 15 ओ हनका कहलथिन, “जखन अहाँ क मोन हमरा संग नथह अथछ, तखन अहाँ कोना कथह सकैत छ् जे हम अहाँ सँ पेम करै त छ्?” अहाँ रथह त्न बेर हमरा पर उपहास केलहँ आ हमरा ई नथह कहलहँ जे अहाँ क पैघ सामरप कोन मे अथछ। 16 जखन ओ हनका पथतथिन अपन बात सँ िबाबैत छल्ह आ आगह करै त छल्ह, तखन हनकर पाण मृतुक लेल परे शान भ’ गेलथन। 17 ओ ओकरा पूरा मोन कथह कऽ कहलथिन, “हमर माि पर कोनो उसरा नथह आयल अथछ। कारण, हम अपन मायक कोदख सँ परमेश् वरक लेल नासर् छ्। 18 जखन िल्ला िे खलक जे ओ हनका अपन पूरा मोन कथह िे ने छथि, तखन ओ पथलस् सभक माथलक सभ केँ बजा कऽ बज़लथन जे, “रथह बेर चलू, थकरक तँ ओ हमरा अपन पूरा मोन िे ख़लथन।” तखन पथलस्क माथलक सभ हनका लग आथब कऽ अपन हाि मे पाइ लऽ कऽ गेलाह। 19 ओ हनका ठे हन पर सुता िे लथिन। ओ रकटा आिम् केँ बज़लथन आ ओकर मािक सात टा ताला मुंडन कऱलथन। ओ ओकरा कष िे बऽ लगल्ह आ ओकर सामरप ओकरा सँ चथल गेलैक। 20 ओ बजल्ह, “, थसमशोन, पथलस् सभ तोरा पर होउ।” ओ न्ि ं सँ जाथग कऽ कहलथिन, “हम पथहने जकाँ बाहर थनकथल कऽ अपना केँ थहला िे ब।” हनका ई नथह बुझल छलथन जे परमेश् वर हनका सँ थविा भऽ गेलाह। 21 मुिा पथलस् सभ हनका पकथ़ कऽ आँ दख थनकाथल गाजा उतारर कऽ प्तल के बे़् सँ बादन िे लथिन। ओ जेल घर मे प्सैत छलाह। 22 मुिा मुंडन केलाक बाि हनकर मािक केश फेर बढय लागल। 23 तखन पथलस्क माथलक सभ हनका सभ केँ अपन िे वता िागोन केँ पैघ बथल चढाबय आ आनद्त होयबाक लेल जमा कयलथन, कारण ओ सभ कहै त छलाह जे, “हमर सभक िे वता हमरा सभक शतु थसमशोन केँ हमरा सभक हाि मे स़ंथप िे लथन।” 24 लोक सभ हनका िे दख अपन िे वताक सुथत कयलथन, कारण ओ सभ कहलकथन, “हमर सभक िे वता हमरा सभक शतु आ हमरा सभक िे शक थवनाश करयवला केँ हमरा सभक हाि मे स़ंप िे लथन, जे हमरा सभ मे सँ बहतो केँ मारर िे लक।” 25 जखन हनका सभक मोन पसन भऽ गेलथन तँ ओ सभ कहलथिन, “थसमशोन केँ बजाउ, जाथह सँ ओ हमरा सभ केँ खेला-कूि करथि।” ओ सभ जेल घर सँ थशमशोन केँ बजा लेलक। ओ ओकरा सभ केँ खेला़​़लथन आ ओ सभ ओकरा खंभा सभक ब्च मे रादख िे लक। 26 थशमशोन ओकर हाि पक़ने बला बालक केँ कहलथिन, “हमरा अनुमथत थिअ जे हम ओथह खंभा सभ केँ बूथझ सकब जाथह पर घर ठाढ अथछ, जाथह सँ हम ओकरा पर झुथक सकब।” 27 घर मे स्-पुरु सँ भरल छल। पथलस्क सभ माथलक ओतथह छलाह। छत पर कर्ब त्न हजार पुरु आ मथहला छल जे थसमशोन खेलाइत काल िे खैत छल। 28 थशमशोन परमेश् वर केँ बजा कऽ कहलथिन, “हे परमेश् वर, हमरा मोन पा़ू आ हमरा बल थिअ, हे परमेश् वर, मात रतबे रक बेर, जाथह सँ हम अपन िु नू आँ दखक बिला मे पथलश् त् सभ सँ तुरन उठा सकब।” 29 थशमशोन ओथह ब्चक िू टा खंभा केँ पकथ़ लेलक जाथह पर घर ठाढ छल आ जाथह पर ओ घर ठाढ छल, रकटा अपन िथहना आ िोसर बामा हाि सँ। 30 थशमशोन कहलथिन, “हमरा पथलस् सभक संग मरय थिअ।” ओ अपन समस शदक सँ पणाम कयलथन। घर माथलक सभ आ ओथह मे रहथनहार सभ लोक पर खथस प़ल। ते ँ जे मृत् यु केँ ओ अपन मृतुक समय मे मारलथन, ओ सभ ओथह मृत् यु सँ बेस् छल जे ओ अपन ज्वन मे मारलथन। 31 तखन हनकर भाय सभ आ हनकर थपताक सम् पूणप घराना उतरर कऽ हनका लऽ कऽ लऽ गेलथन आ हनका सोरा आ रसाओलक ब्च मे हनकर थपता मनोआक िफन मे गाथ़ िे लथन। ओ ब्स वुप इसारलक न् याय कयलथन।

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सैमुअ ल १ शमूरल १ 1 रपैम पवपतक रामिैमसोफ्म मे रक आिम् छल, ओकर नाम रलाना छल, जेरोहमक पुत, रल्हक पुत, तोहक पुत, जूफक पुत, जे रफात् छल। 2 हनका िू टा पत् छलथन। रकटाक नाम हना आ िोसरक नाम पथनना छलथन, आ पेथननाक संतान छलथन, मुिा हनाक कोनो संतान नथह छलथन। 3 ई आिम् हर साल अपन नगर सँ बाहर थशलो मे सेना सभक परमेश् वरक आराधना आ बथलिान करबाक लेल जाइत छल। रल्क िु नू पुत होफन् आ थफनहास, जे परमेश् वरक पुरोथहत छलाह। 4 जखन रलाना बथलिान िे बाक समय भेल तखन ओ अपन पत् पेथनना आ ओकर सभ बेटा आ बेट् केँ भाग िे लथन। 5 मुिा हना केँ ओ उथचत भाग िे लथन। थकरक तँ ओ हना सँ पेम करै त छलाह, मुिा परमेश् वर हनकर गभप केँ बंि कऽ िे ने छलाह। 6 ओकर पथतदं ि् सेहो ओकरा घबराहथट मे आकोथशत कऽ िे लकैक, थकरक तँ परमेश् वर ओकर गभप केँ बंि कऽ िे ने छलाह। 7 जथहना ओ साल िर साल करै त छलाह, जखन ओ परमेश् वरक घर मे जाइत छल्ह, तथहना ओ हनका कोथधत करै त छल्ह। ते ँ ओ कानैत छल्ह आ भोजन नथह केलथन। 8 तखन ओकर पथत रलाना ओकरा कहलथिन, “हना, अहाँ थकरक कानैत छ्?” आ अहाँ थकरक नथह खाइत छ्? आ तोहर मोन थकरक िु ख् अथछ? क् हम अहाँ लेल िस बेटा सँ न्क नथह छ्? 9 तखन हना थशलो मे भोजन केलाक बाि आ शराब प्लाक बाि उठल्ह। रल् पुरोथहत परमेश् वरक मन् थिरक रकटा च़क् पर बैसल छलाह। 10 ओ मन मे कटु भऽ कऽ परमेश् वर सँ पािपना कयलथन। 11 ओ पथतता कयलथन आ बजल्ह, “हे सेना सभक परमेश् वर, जँ अहाँ अपन िास्क केश केँ िे खैत हमरा मोन पा़ब आ अपन िास् केँ नथह थबसरब, बल् थक अपन िास् केँ रकटा पुरु बचा िे ब, तखन हम ओकरा परमेश् वर केँ ज्वन भरर िऽ िे ब, आ ओकर माि पर कोनो उसरा नथह आओत।” 12 जखन ओ परमेश् वरक समक पािपना करै त रहल्ह तँ रल् हनकर मुँह पर थनशान लगा िे लथिन। 13 हना, ओ अपन मोन मे बजल्ह। मात ओकर ठोर थहलैत छलैक, मुिा ओकर आवाज नथह सुनल गेलैक, ते ँ रल् ओकरा नशा मे धुत बुझलकै। 14 रल् ओकरा कहलथिन, “अहाँ कतेक थिन धरर नशा मे रहब? अपन मथिरा अहाँ सँ िू र राखू। 15 हना उतर िे लथिन, “नथह, हमर माथलक, हम रकटा िु ख् स् त् छ्, हम ने मथिरा प्ने छ् आ ने मदपान, बल् थक पभुक समक अपन पाण उझथल िे लहँ ।” 16 अपन िास् केँ बेथलयाक बेट्क रप मे नथह थगनू, थकरक तँ हम रखन धरर अपन पचुरता आ शोक सँ बात कऽ रहल छ्। 17 तखन रल् उतर िे लथिन, “शां थत सँ जाउ, आ इसारलक परमेश् वर अहाँ सँ जे थनहोरा हनका सँ माँ गने छ् से पूरा कर।” 18 ओ बजल्ह, “अहाँ क िास् केँ अहाँ क नजरर मे कृपा भेटय।” तखन ओ स् त् अपन बाट पर चथल गेल्ह, आ खा गेल्ह, आ हनकर चेहरा आब उिास नथह छलथन। 19 ओ सभ भोरे उथठ कऽ परमेश् वरक आराधना कयलथन आ घुरर कऽ अपन घर रामा आथब गेलाह। परमेश् वर हनका सरण कयलथन। 20 रथह लेल हनाक गभपवत् भेलाक बाि जखन ओ रकटा बेटाक जन िे लथन आ ओकर नाम शमूरल रखलथन आ कहलथिन, “थकरक तँ हम हनका सँ परमेश् वर सँ माँ थग लेने छ्।” 21 ओ आिम् रलाना आ ओकर सभ घरक लोक सभ सालक बथलिान आ ओकर पथतता परमेश् वर केँ चढाबय लेल चढल। 7


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22 मुिा हना ऊपर नथह गेल्ह। कारण, ओ अपन पथत केँ कहलथिन, “हम जाबत धरर बचा िु ध छु ़ा नथह लेत ता धरर नथह जायब, आ तखन ओकरा आथन िे ब, जाथह सँ ओ परमेश् वरक समक उपदयत भऽ जाय आ ओतथह सिाक लेल रहय।” 23 ओकर पथत रलाना ओकरा कहलथिन, “जे न्क लगैत अथछ से कर। जाबे तक अहाँ ओकरा िु ध छु ़ा नथह लेब ताबे तक रह। केवल परमेश् वर अपन वचन केँ याथपत करै त छथि। तखन ओ स् त् रथह गेल्ह आ अपन बेटा केँ िु ध छु ़ाबैत रहथि। 24 जखन ओ ओकरा िु ध छु ़ा कऽ ओकरा अपना संग त्नटा बैल आ रक रफा आटा आ रक बोतल मथिरा ल’ कऽ थशलो मे परमेश् वरक घर मे ल’ गेल्ह। 25 ओ सभ रकटा बैल केँ मारर कऽ ओथह बचा केँ रल् लग अनलथन। 26 ओ बजल्ह, “हे माथलक, अहाँ क पाण जेना ज्थवत अथछ, हमर माथलक, हम ओ स् त् छ् जे रतय अहाँ क संग ठाढ भ’ क’ परमेश् वर सँ पािपना करै त रह्।” 27 हम रथह बचाक लेल पािपना केलहँ । परमेश् वर हमरा हमर थवनत् िऽ िे लथिन जे हम हनका सँ माँ गलहँ । 28 ते ँ हम हनका परमेश् वर केँ उधार िऽ िे ने छ्। जाबत धरर ओ ज्थवत रहत ता धरर ओकरा परमेश् वर केँ उधार िे ल जायत।” ओतथह परमेश् वरक आराधना कयलथन।

यूह ना बपथतस ा िे ब य वाला लूका 1 1 थकरक तँ बहतो लोक सभ अपना सभक ब्च जे बात सभ पर थवश् वास कयल गेल अथछ, तकरा सभक पचार-पसार करबाक लेल हाि मे उठ़ने छथि। 2 जेना ओ सभ हमरा सभक हाि मे स़ंपने छलाह, जे सभ शुरर सँ पतकिशय आ वचनक सेवक छलाह। 3 हे परम शेर थियोथफलस, हमरा सभ केँ पथहने सँ सभ बात केँ पूरा तरहे ँ बुझल छल। 4 जाथह बातक अहाँ केँ थशका िे ल गेल अथछ, तकर थनयय अहाँ केँ जाथन सकब। 5 यहथियाक राजा हे रोिे सक समय मे जकरयाह नामक रकटा पुरोथहत छल जे अथबयाक वंशक छल। 6 ओ िु नू गोटे परमेश् वरक समक धमय छलाह, पभुक सभ आता आ थनयम मे थनि्ु चलैत छलाह। 7 हनका सभक कोनो संतान नथह छलथन, थकरक तँ रथलजाबेि बंजर छल्ह आ िु नू गोटे क उम बथढ गेल छलथन। 8 जखन ओ अपन कमक अनुसार परमेश् वरक समक पुरोथहतक काज पूरा करै त छलाह। 9 पुरोथहतक पिाक अनुसार हनकर भाग परमेश् वरक मन् थिर मे जाइत काल धूप जरे बाक छलथन। 10 धूप-पान्क समय मे लोकक पूरा भ़् बाहर पािपना कऽ रहल छल। 11 धूप-वेि्क िथहना कात परमेश् वरक स् वगपिूत हनका िशपन कयलथन। 12 जकरयाह हनका िे दख कऽ घबरा गेलाह आ भय भऽ गेलथन। 13 मुिा स् वगपिूत हनका कहलथिन, “जकराह, नथह डे राउ, थकरक तँ अहाँ क पािपना सुनल गेल अथछ। तोहर पत् रथलजाबेि तोरा रकटा बेटा पैिा करत्ह आ ओकर नाम यूहना राखबह। 14 अहाँ केँ आन् आ आन् भेटत। हनकर जन पर बहतो गोटे आनद्त हे ताह। 15 थकरक तँ ओ पभुक नजरर मे महान होयत आ ने मथिरा प्त आ ने मदपान। ओ अपन मायक कोदख सँ पथवत आत् मा सँ भरल रहत। 16 ओ इसारलक बहतो लोक केँ अपन परमेश् वर परमेश् वर थिस घुरताह। 17 ओ रथलयाहक आत् मा आ सामि्प य मे हनका सँ आगू बथढ कऽ थपता-थपताक हिय केँ सन् तान थिस आ आता नथह मानथनहार सभक मोन केँ धाथमपक लोकक बुदद थिस घुमा िे त। पभुक लेल तैयार लोक केँ तैयार करबाक लेल। 18 जकरयाह स् वगपिूत केँ कहलथिन, “हम ई बात कोना बुझब?” थकरक तँ हम बूढ छ्, आ हमर पत् सेहो बूढ छ्। 8


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19 स् वगपिूत हनका कहलथिन, “हम थजबाईल छ्, जे परमेश् वरक समक ठाढ छ्। हम अहाँ सँ गप करबाक लेल पठाओल गेल छ् आ अहाँ केँ ई शुभ समाचार सुनाबय लेल पठाओल गेल छ्।” 20 िे खू, अहाँ गूंगा रहब, जा धरर ई सभ काज पूरा नथह होयत, ताबत धरर अहाँ गूंगा रहब आ बाजऽ मे सकम नथह रहब, थकरक तँ अहाँ हमर बात पर थवशास नथह करै त छ् जे अपन समय मे पूरा होयत। 21 लोक जकरयाहक पत्का मे लागल छल आ आययपचथकत छल जे ओ रतेक थिन धरर मन् थिर मे रहलाह। 22 जखन ओ बाहर थनकललाह तँ हनका सभ सँ गप नथह कऽ सकलाह आ ओ सभ बुथझ गेलाह जे ओ मन् थिर मे कोनो िशपन िे खने छथि। 23 ओ अपन सेवाक थिन पूरा होइते अपन घर थिस थविा भेलाह। 24 ओथह थिनक बाि हनकर पत् रथलजाबेि गभपवत् भऽ पाँ च मास धरर नुका गेल्ह। 25 जाथह थिन मे पभु हमरा थिस तकलथन, ताथह थिन मे हमरा संग रथह तरहे ँ ववहार कयलथन जाथह सँ मनु​ु् यक ब्च हमर अपमान केँ िू र कयल जाय। 26 छठम मास मे परमेश् वरक थिस सँ थजबाईल स् वगपिूत केँ नासरत नामक गल्ल नगर मे पठाओल गेलथन। 27 िाऊिक वंशज यूसुफ नामक युवक सँ थववाह कयलथन। कुमार् के नाम मररयम छे लै। 28 तखन स् वगपिूत हनका लग आथब कऽ कहलथिन, “हे य़ परमेश् वर परमेश् वर परमेश् वर अहाँ क संग छथि। 29 ओ हनका िे दख हनकर ई बात सँ घबरा गेल्ह आ मोन मे आथब गेल्ह जे ई कोन तरहक अथभवािन होयत। 30 स् वगपिूत हनका कहलथिन, “हे मररयम, नथह डे राउ, थकरक तँ अहाँ परमेश् वरक अनुगह पाथब गेलहँ ।” 31 िे खू, अहाँ अपन गभप मे गभपवत् भऽ कऽ रकटा पुत पैिा करब आ ओकर नाम य्शु राखब। 32 ओ महान होयत आ परमेश् वरक पुत कहल जायत। 33 ओ याकूबक घराना पर अनन काल धरर राज करत। ओकर राजक कोनो अंत नथह होयत। 34 मररयम स् वगपिूत केँ कहलथिन, “हम रक आिम् केँ नथह थचनै त छ्, ई कोना होयत?” 35 स् वगपिूत उतर िे लथिन, “पथवत आत् मा तोरा पर आथब जायत आ परमेश् वरक सामि्प य तोरा पर छा जायत। 36 िे खू, अहाँ क थपथतय़त बथहन रथलजाबेि सेहो बुढापा मे रकटा बेटाक गभपवत् भऽ गेल छथि। 37 परमेश् वरक लेल कोनो बात असंभव नथह होयत। 38 मररयम कहलथिन, “िे खू, पभुक िास् छथि। अहाँ क वचनक अनुसार हमरा लेल हो।” स् वगपिूत हनका सँ थविा भऽ गेलाह। 39 ओथह थिन मे मररयम उथठ कऽ ह़ब़ा कऽ पहा़् इलाका मे, यहिाक रकटा नगर मे चथल गेल्ह। 40 जकरयाहक घर मे जा कऽ रथलजाबेि केँ पणाम कयलथन। 41 जखन रथलजाबेि मररयमक अथभवािन सुथन कऽ ओ बचा हनकर पेट मे कूथि गेल। रथलजाबेि पथवत आत् मा सँ भरर गेल्ह। 42 ओ जोर-जोर सँ बजल्ह, “अहाँ स् त्गण मे धन छ् आ अहाँ क गभपक फल धन अथछ।” 43 हमरा ई कतय सँ अथछ जे हमर पभुक माय हमरा लग आथब जाथि? 44 िे खू, जथहना अहाँ क अथभवािनक आवाज हमरा कान मे बाजल तथहना ओ बचा हमरा पेट मे हुप सँ उछथल गेल। 45 ओ धन छथि जे थवश् वास कयलथन, थकरक तँ पभुक थिस सँ जे बात हनका कहल गेल छलथन से पूरा होयत। 46 मररयम कहलथिन, “हमर पाण् पभुक मथहमा करै त अथछ। 47 हमर आत् मा हमर उदारकताप परमेश् वर मे आनद्त भेल अथछ। 48 थकरक तँ ओ अपन िास्क न्च समथत केँ धान मे रखैत छथि, थकरक तँ िे खू, आब सँ सभ प्ढ् हमरा धन कहत। 49 थकरक तँ जे पराकम् अथछ, से हमरा संग बहत पैघ काज कयलक। आ ओकर नाम पथवत अथछ।

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50 य्शुक िया ओथह सभ पर रहै त छथन जे हनका डरै त छथि, प्ढ्-िर-प्ढ्। 51 ओ अपन बाँ थह सँ सामरप िे ख़लथन। घमंड् लोक केँ हियक कलना मे थछथ़या िे ने छथि। 52 ओ पराकम् सभ केँ अपन आसन पर सँ उतारर कऽ न्चाँ क लोक सभ केँ ऊपर उठ़लथन। 53 ओ भूखल केँ न्क-न्क च्ज सँ भरर िे लथन। आ धथनक लोक केँ ओ खाल् पठा िे लथन। 54 ओ अपन ियाक सरण मे अपन सेवक इसारल केँ पक़ने छथि। 55 जेना ओ हमरा सभक पूवपज, अबाहम आ हनकर वंशज सँ अनन काल धरर कहने छलाह। 56 मररयम कर्ब त्न मास धरर हनका संग रहलाह आ अपन घर वापस आथब गेल्ह। 57 रथलजाबेिक पसवक पूरा समय आथब गेलथन। रकटा बेटा भेलथन। 58 ओकर प़ोस् आ ओकर थपथतय़त भाइ सभ सुनलकै जे पभु ओकरा पर बहत िया केलकै। ओ सभ हनका संग आनद्त भऽ गेलाह। 59 आठम थिन ओ सभ बचाक खतना करऽ लेल अयलाह। ओ सभ हनकर थपताक नाम पर जकरयाह रखलथन। 60 ओकर माय उतर िे लथिन, “रना नथह। मुिा हनका यूहना कहल जायत। 61 ओ सभ ओकरा कहलथिन, “अहाँ क पररजन मे सँ थकयो रहन नथह अथछ जे रथह नाम सँ बजाओल गेल हो।” 62 ओ सभ हनकर थपता केँ संकेत कयलथन जे ओ कोना हनका बजाबय चाहै त छथि। 63 ओ रकटा लेखन मेज मंगलथन आ थलखलथन जे, “ओकर नाम यूहन् ना अथछ।” आ ओ सभ सभ आययपचथकत भऽ गेल। 64 तुरन हनकर मुँह खुथज गेलथन आ ज्ह खुथज गेलथन। 65 हनका सभक चार कात रहथनहार सभ लोक सभ केँ भय भऽ गेलथन। 66 रथह बात सभक बात सुनथनहार सभ अपना मोन मे रादख कऽ कहलथिन, “ई केहन बचा होयत?” पभुक हाि हनका संग छल। 67 ओकर थपता जकरयाह पथवत आत् मा सँ भरर गेलाह आ भथवषवाण् कयलथन। 68 इसारलक परमेश् वर परमेश् वरक धन होउ। थकरक तँ ओ अपन लोक सभ केँ घुथम कऽ मुक् त कयलथन। 69 ओ अपन सेवक िाऊिक घर मे हमरा सभक लेल उदारक स्ग ं उठ़लथन। 70 जेना ओ अपन पथवत पवक् ता सभक मुँह सँ कहने छलाह जे संसारक पाराथह सँ अथछ। 71 जाथह सँ हम सभ अपन शतु सभ सँ आ हमरा सभ सँ घृणा करयवला सभक हाि सँ उदार पाथब सकब। 72 अपन पूवपज सभक पथतता कयल गेल िया केँ पूरा करबाक लेल आ हनकर पथवत वाचाक सरण करबाक लेल। 73 ओ हमरा सभक पूवपज अबाहम केँ जे शपि गहण कयलथन। “ 75 ज्वन भरर हनका सामने पथवत आ धाथमपकता मे रह। 76 हे बच्, अहाँ परमेश् वरक पवक् ता कहल जारब, थकरक तँ अहाँ पभुक मुँहक सोझाँ जा कऽ हनकर बाट तैयार करब। 77 ओ अपन पापक कमा दारा अपन पजा सभ केँ उदारक तान िे ब। 78 हमरा सभक परमेश् वरक कोमल ियाक कारणे।ँ जाथह सँ ऊपर सँ थिनक वसंत हमरा सभ केँ आथब गेल अथछ। 79 अनार आ मृतुक छाया मे बैसल लोक सभ केँ इजोत िे बाक लेल, जाथह सँ हमरा सभक परर केँ शादनक बाट मे मागपिशपन कयल जाय। 80 ओ बचा बढै त गेल आ आत् मा मजबूत भऽ गेल आ इसारलक समक पगट करबाक थिन धरर मरभूथम मे रहल।

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