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Maithili - The Letter of Aristeas

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(ङ) पु्क क् अेुव्द क् हलय् हेयु् टहमहु क् े्म | 3. ि्जकखय उपि्िक वणपे : १. (क) ट् बुल (टंभवुः एले धरि बेल िे्चिक टबटँ हव्ृु टु कड्)। (ल) दोटि प्ु​ु किै ु अहछ। 4. यरशल्म क् वणपे। (क) मंहदि (आ जल-क्यप पण्लख)। (ल) टम्िोि। (ग) हकल्। (घ) शि​ि। (ङ) द् ि्ु। 5. एहलज्ब्रक हवद्ई। 6. एहलय्जिक वव्​्क व्य् (ई गिखिं बु्स अहछ)। 7. स्गु टम्िोि। 8. भोज (72 प् उति)। 9.पु्क क् अेुव्द।

अरिस् ट क् पत परिचय एहि टंगिक टबटँ उल्लेखय आ प्चखे पुेप्प ्र म् टँ एक अरि्सयटक पत म् िम टभ आदम आ िव् टँ बहु दू ि आहब ग्ल छख, जलपलय टँ बहु दू ि। ई ल्ले म्ेव ज्हु क्िऽ लचखल्पे क् ुम्श् प्ु​ु किै छै , ज्कि् े॑ पृथख क॑ पुेः जहेु किख द् ल॑ छै , ज्कि् म॑ श्​्श्लख ि्ष् धूमध्म आर वैभव म॑ जख ि​िलऽ छै । अि्ँ एुय पहिल मि्े गंरप्मख--टोल्मख हिल्ड् लट क् पढब। ओ अल्क्हड्य् ्​्ु अपे पु्क्लय म् "दु हेय्क टभट् हकु्ब" टंगि किब्क इच् िलैु छहर | अंु​ुः एकट् पैघ क्ज--यहदख क्ेूे--क टुिह्ु किब्क अपे जुेूे म् ओ ओहि पोरखक ल्ल एक ल्ल कैदखक व्प्ि किै ु छहर | श्यद ई एकट् क्ज क् ल्ल एले धरि क् टबट ब्टख द्म अहछ. ई मि्े कैद क् अंु क् एगो अट्म्न क्िण प्ु​ु किै छै । एहि कथक घटे् पहटस ि्ेख आहटपेोक जखवेक्ल म् भ्ल छल, हजेकि मृतु 270 ई.पू. दिब्िख जखवेक हवविण, ुत्लखे ट्म्हजक टमस्क चच्प अतंु रहच आ जखवंु​ु्क अहछ । ि्ज् आ हेक प्हे क् भोज क् दौि्े टव्ल जव्ब पि ल्ल्इु द् लब एहि युग म् एकट् अजखब लोज अहछ | एहि अवशोषक क्जक टंिचे् हेमहल्लु अहछ : १. 1. पोरखक टमपपण हिलोक्हटट क्ँ। 2. प्िं हभक क्यपव्िख : १. (क) पु्क्लयक प्​्व ज् यहदख बंदख टभक्ँ एकट् पोरखक बदल्म् मु् किब्क च्िख। (ल) मु्​् क्। (ग) हिल्ड् लट क् एहलज्ब्र क् पत। (घ) उति।

अध ्य 1

हमस म् यहदख कैद क् टमय टोल्मख हिल्ड् लट लुद क॑ पहिलऽ मि्े गंरप्मख क् रप म॑ पकट किै छै । हेकि इच् छहे ज् दु हेय्ँ क टभट् पोरख हेकि पु्क्लय म् ि​िय; मूट्क हेयम प्र किब्क ल्ल ओ ओहि क्जक ल्ल एक ल्ल कैदखक व्प्ि किब्क प्​्व दै ु छहर आ उद् घोष किै ु छहर, "ई टचमुच एकट् छोट विद्े अहछ!" 1 चूँहक िम यहदख टभक मि्पुिोहिु एहलय्जि लग अपे य्त्क एकट् य्दग्ि इहुि्टक ल्ल ट्मगख एकहतु क्े् छख, आ क्िण ज् अि्ँ , हिलोक्हटट, ज्े् अि्ँ िमि् मोे प्डब्क कोेो अवटि ेहि गम्बैु छख, िमि हमशेक प्िण् आ व्ुक ल्ल्-जोल् भ्टल् पि बहु पैघ भंड्ि लग्े् छख, ु् ँ िम अि्ँ क ल्ल एहि हवषयक सष व्य् बे्ब्क पय्ट क्लहँ, क्िण िम बुझैु छख ज् अि्ँ म् हवद्क स्भ्हवक प्म अहछ, ज् गुण अहछ मेुष क्िऽ टव्व कब् छै --इहुि्ट क्िऽ अधये क् म्धम ट् िोय य् व्​्व म् लुद घटे् म् भ्ग ल्बै क् द्ि् 'अपेऽ ज्े आर अहधगिण क् भंड्ि म् जोडै क्' हेिं ुि पय्ट किे् । 2 एहि ुि​ि् ,ँ उद्तुम ुत क्ँ अपे् म् गिण कए, आत् शुसु् म् ्​्हपु भ' ज्इु अहछ, आ टभ टँ उद्त लक धमपपि्यणु् पि अपे लक हेध्प रिु कए, ओ एकि् अपे अचूक म्गपदशपकक रप म् पयोग किै ु अहछ आ एहि ुि​ि् एकट् हेह्ु उद् द प्र किै ु अहछ। 3 ध्हमपक ज्ेक लोज म् िमि टमपपण छल ज् िमि् ओहि आदमखक दू ु्व्टक क्ज किब्क ल्ल प्रिु क्लक जकि हजक िम क्े् छख, हजेक् अपेहि े्गरिक आ दोटि लोक द्ि् अपे गुण आ महिम् दु ेूक ल्ल टव्व टम्े भ्टैु छलहे, आ हजेक् प्ट अपेहि द् श म् आ हवद् शख भूहम म् यहदख लोकहेक पहु टव्व मूलक द्​्व्ज छलहे, ज् ईशिखय क्ेूेक व्य् किब्क ल्ल, हेकि हेयमक ल्ल चमड्क चमपपत पि यहदख अ्ि म् हललल ग्ल अहछ | 4 ुले िम ई दू ु्व्ट उत्िपूवपक गिण कयल, टभटँ पहिे् ि्ज्टँ ओहि यहदख बंदख टभक हदटटँ हेिोि् किब्क अवटि भ्टल ज् ि्ज्क हपु् द्ि् यहहदय्टँ हमस पहँ च्ओल ग्ल छल, जले ओ पहिल ब्ि एहि ेगि पि कब् कए हमस भूहम पि हवजय प्र कयलहे।


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Maithili - The Letter of Aristeas by Filipino Tracts and Literature Society Inc. - Issuu