(ङ) पु्क क् अेुव्द क् हलय् हेयु् टहमहु क् े्म | 3. ि्जकखय उपि्िक वणपे : १. (क) ट् बुल (टंभवुः एले धरि बेल िे्चिक टबटँ हव्ृु टु कड्)। (ल) दोटि प्ुु किै ु अहछ। 4. यरशल्म क् वणपे। (क) मंहदि (आ जल-क्यप पण्लख)। (ल) टम्िोि। (ग) हकल्। (घ) शिि। (ङ) द् ि्ु। 5. एहलज्ब्रक हवद्ई। 6. एहलय्जिक वव््क व्य् (ई गिखिं बु्स अहछ)। 7. स्गु टम्िोि। 8. भोज (72 प् उति)। 9.पु्क क् अेुव्द।
अरिस् ट क् पत परिचय एहि टंगिक टबटँ उल्लेखय आ प्चखे पुेप्प ्र म् टँ एक अरि्सयटक पत म् िम टभ आदम आ िव् टँ बहु दू ि आहब ग्ल छख, जलपलय टँ बहु दू ि। ई ल्ले म्ेव ज्हु क्िऽ लचखल्पे क् ुम्श् प्ुु किै छै , ज्कि् े॑ पृथख क॑ पुेः जहेु किख द् ल॑ छै , ज्कि् म॑ श््श्लख ि्ष् धूमध्म आर वैभव म॑ जख ििलऽ छै । अि्ँ एुय पहिल मि्े गंरप्मख--टोल्मख हिल्ड् लट क् पढब। ओ अल्क्हड्य् ््ु अपे पु्क्लय म् "दु हेय्क टभट् हकु्ब" टंगि किब्क इच् िलैु छहर | अंुुः एकट् पैघ क्ज--यहदख क्ेूे--क टुिह्ु किब्क अपे जुेूे म् ओ ओहि पोरखक ल्ल एक ल्ल कैदखक व्प्ि किै ु छहर | श्यद ई एकट् क्ज क् ल्ल एले धरि क् टबट ब्टख द्म अहछ. ई मि्े कैद क् अंु क् एगो अट्म्न क्िण प्ुु किै छै । एहि कथक घटे् पहटस ि्ेख आहटपेोक जखवेक्ल म् भ्ल छल, हजेकि मृतु 270 ई.पू. दिब्िख जखवेक हवविण, ुत्लखे ट्म्हजक टमस्क चच्प अतंु रहच आ जखवंुु्क अहछ । ि्ज् आ हेक प्हे क् भोज क् दौि्े टव्ल जव्ब पि ल्ल्इु द् लब एहि युग म् एकट् अजखब लोज अहछ | एहि अवशोषक क्जक टंिचे् हेमहल्लु अहछ : १. 1. पोरखक टमपपण हिलोक्हटट क्ँ। 2. प्िं हभक क्यपव्िख : १. (क) पु्क्लयक प््व ज् यहदख बंदख टभक्ँ एकट् पोरखक बदल्म् मु् किब्क च्िख। (ल) मु्् क्। (ग) हिल्ड् लट क् एहलज्ब्र क् पत। (घ) उति।
अध ्य 1
हमस म् यहदख कैद क् टमय टोल्मख हिल्ड् लट लुद क॑ पहिलऽ मि्े गंरप्मख क् रप म॑ पकट किै छै । हेकि इच् छहे ज् दु हेय्ँ क टभट् पोरख हेकि पु्क्लय म् ििय; मूट्क हेयम प्र किब्क ल्ल ओ ओहि क्जक ल्ल एक ल्ल कैदखक व्प्ि किब्क प््व दै ु छहर आ उद् घोष किै ु छहर, "ई टचमुच एकट् छोट विद्े अहछ!" 1 चूँहक िम यहदख टभक मि्पुिोहिु एहलय्जि लग अपे य्त्क एकट् य्दग्ि इहुि्टक ल्ल ट्मगख एकहतु क्े् छख, आ क्िण ज् अि्ँ , हिलोक्हटट, ज्े् अि्ँ िमि् मोे प्डब्क कोेो अवटि ेहि गम्बैु छख, िमि हमशेक प्िण् आ व्ुक ल्ल्-जोल् भ्टल् पि बहु पैघ भंड्ि लग्े् छख, ु् ँ िम अि्ँ क ल्ल एहि हवषयक सष व्य् बे्ब्क पय्ट क्लहँ, क्िण िम बुझैु छख ज् अि्ँ म् हवद्क स्भ्हवक प्म अहछ, ज् गुण अहछ मेुष क्िऽ टव्व कब् छै --इहुि्ट क्िऽ अधये क् म्धम ट् िोय य् व््व म् लुद घटे् म् भ्ग ल्बै क् द्ि् 'अपेऽ ज्े आर अहधगिण क् भंड्ि म् जोडै क्' हेिं ुि पय्ट किे् । 2 एहि ुिि् ,ँ उद्तुम ुत क्ँ अपे् म् गिण कए, आत् शुसु् म् ््हपु भ' ज्इु अहछ, आ टभ टँ उद्त लक धमपपि्यणु् पि अपे लक हेध्प रिु कए, ओ एकि् अपे अचूक म्गपदशपकक रप म् पयोग किै ु अहछ आ एहि ुिि् एकट् हेह्ु उद् द प्र किै ु अहछ। 3 ध्हमपक ज्ेक लोज म् िमि टमपपण छल ज् िमि् ओहि आदमखक दू ु्व्टक क्ज किब्क ल्ल प्रिु क्लक जकि हजक िम क्े् छख, हजेक् अपेहि े्गरिक आ दोटि लोक द्ि् अपे गुण आ महिम् दु ेूक ल्ल टव्व टम्े भ्टैु छलहे, आ हजेक् प्ट अपेहि द् श म् आ हवद् शख भूहम म् यहदख लोकहेक पहु टव्व मूलक द््व्ज छलहे, ज् ईशिखय क्ेूेक व्य् किब्क ल्ल, हेकि हेयमक ल्ल चमड्क चमपपत पि यहदख अ्ि म् हललल ग्ल अहछ | 4 ुले िम ई दू ु्व्ट उत्िपूवपक गिण कयल, टभटँ पहिे् ि्ज्टँ ओहि यहदख बंदख टभक हदटटँ हेिोि् किब्क अवटि भ्टल ज् ि्ज्क हपु् द्ि् यहहदय्टँ हमस पहँ च्ओल ग्ल छल, जले ओ पहिल ब्ि एहि ेगि पि कब् कए हमस भूहम पि हवजय प्र कयलहे।