जयंती अध ्य 1 1 इस्राए सन्त सभए मिस सँ पा्यतए पमिा वर् िे, तेसर ि्स िे, ि्सए सोािि मित [2450 अनो िुंडी] परिेश् वर िूस् एेँ एिामित, ‘पव्त पर ििर् ाग चढू, आ िि अि्ँ एेँ ओमि ववय् आ आज्ए िू ट् प्िरए प्िर िे ब, जे िि माखते छी, ज्मि सँ अि्ँ हतए् सभ एेँ मसख् सएब।’ 2 िूस् परिेश् वरए पि्ड पर चमढ गेा्ि आ परिेश् वरए िमिि् मसतै पि्ड पर रमि गेा आ छि मित धरर िेघ ओएर् पर छ्िरर िे ाए। 3 ओ स्ति मित िेघए बीच सँ िूस् एेँ बजौामत आ पभुए िमिि् पि्डए चोटी पर ज्ा्िुखी आमग जए्ँ छा। 4 िूस् च्ाीस मित च्ाीस र्मत पि्ड पर रिा्ि, आ परिेश् वर हतए् पमिते आ ब्िए इमति्स मसखबैत छा्ि जे धि् मतयि आ गव्िी सभए सभ मितए मवभ्जत। 5 ओ एिामत: ‘िि रमि पि्ड पर जे मएछु शब अि्ँ एेँ एिब, त्मि िे अपत िोत एेँ झुए्उ, आ ओएर् सभ एेँ रएट् पुसए िे माखू, ज्मि सँ हतएर पीढी िे खय जे एोत् िि हतए् सभ एेँ ओमि सभ िु षत्ए ाेा तमि छोडते छी जे ओ सभ आइ मसतै पि्ड पर ििर् आ अि्ँ ए बीच जे व्च् िि अपत पीढी-िरपीढी सभए ाेा य्मपत एरै त छी, तएर् उलंघत एरते छमि। 6 आ रमि तरिे ँ ई िोयत जे जखत ई सभ ब्त हतए् सभ पर आओत, तखत ओ सभ ई बूमझ ाेत्ि जे िि हतए् सभ सँ बेसी धि् छी, हतए् सभए सभ मतर्य आ सभ ए्ज िे, आ ओ सभ ई बूमझ ाेत्ि जे िि हतए् सभए संग सत् य िे रिाहँ अमछ। 7 िि आइ अि्ँ एेँ ई सभ ब्त अपत् ाेा माखू, मएरए तँ िि हतए् सभए मवदोि आ एठोर गि् त एेँ जतैत छी, त्मि सँ पमिते जे िि हतए् सभ एेँ ओमि िे श िे अतब् सँ पमिते, जएर िि हतए् ाोएमतए पूव्ज, अब्िि आ इसि्ए आ य्एूब एेँ शपि ाेते रिी, ई एिै त जे : ‘िि अि्ँ ए वंश एेँ िू ध आ िधु सँ बिय बा् िे श िे ब। 8 ओ सभ ख् एऽ तृप भऽ ज्यत आ ओ सभ परिे शी िे वत् सभए मिस घुरर ज्यत, जे सभ ओएर् सभ एेँ एोतो तरिए एष सँ िुक् तमि एऽ सएैत अमछ। ए्रर, ओ सभ ििर सभ आज्, (रतय धरर) जे िि ओएर् सभ एेँ आज् िै त छी से मबसरर जेत्ि, आ ओ सभ गैर-यहिी सभए प्छ्ँ -प्छ्ँ चात आ अपत अशुदत् आ ा्जए अतुसरर एरत आ अपत िे वत् सभए सेव् एरत, आ ई सभ हतए् सभए ाेा अपर्ध आ एष आ केश आ ज्ा स्मबत िोयत। 9 बहतो ाोए तष भऽ जेत्ि आ ओ सभ बंिी भऽ जेत्ि आ शतु सभए ि्ि िे पमड जेत्ि, मएरए तँ ओ सभ ििर मतयि आ ििर आज्, ििर व्च्ए प्बमत, ििर मवश्ि-मितए प्बमत, आ ििर पमवत य्त जे िि हतए् सभए बीच िे अपत् ाेा पमवत एरते छी, आ अपत तमू आ अपत पमवत य्त, जे िि िे शए बीच िे अपत् ाेा पमवत एरते छी, एेँ छोमड िे ामत ििर त्ि ओमि पर, आ जे ओ (ओतय) रिय।
10 ओ सभ अपत् ाेा ऊँच य्त आ बगीच् आ उतीर् िूमत् बत्ओत आ प्ेए अपत-अपत िूमत्ए आर्धत् एरत, ज्मि सँ भटएत, आ अपत संत्त एेँ िु र् ट्त् ि् सभए ाेा बमाि्त एरत, आ अपत हियए सभट् भष ए्जए ाेा। 11 िि हतए् सभ ाग गव्ि पठ् िे बमत जे िि हतए् सभए मवरद गव्िी िे ब, िुि् ओ सभ तमि सुतत, आ गव्ि सभ एेँ सेिो ि्रर िे ब, आ ओ सभ धि्-मतयिए खोज एरयवा् सभ एेँ सत्ओत, आ ओ सभ सभ मएछु एेँ मतषृत आ बिमा िे त ज्मि सँ ििर तजरर िे अधा्ि ए्ज एया ज्य। 12 िि ओएर् सभ सँ अपत िुँि तुए् िे ब आ ओएर् सभ एेँ गैर-यहिी सभए ि्ि िे बंिी बत् िे ब आ ओएर् सभ एेँ बंिी बत् िे ब आ ओएर् सभ एेँ ख्रब। 13 ओ सभ ििर सभ मतयि आ ििर सभ आज् आ ििर सभ न्य एेँ मबसरर जेत्ि आ अि्वस्, मवश्ि-मित, प्बमत-मति्र, जयंती आ मवमध-मवध्तए मवरय िे भटएत। 14 रएर ब्ि ओ सभ गैर-यहिी सभए बीच सँ ििर् मिस घुरत्ि, पूर् िोत आ पूर् प्र आ पूर् शक् सँ, आ िि सभ गैर-यहिी सभए बीच सँ हतए् सभ एेँ रएमतत एरब, आ ओ सभ ििर् त्एत्ि, ज्मि सँ िि हतए् सभए बीच प्मब सएब, जखत ओ सभ ििर् अपत पूर् िोत आ पूर् प्र सँ त्एत्ि। 15 िि ओएर् सभ एेँ ध्मि्एत्ए संग पचुर श्कनए पगट एरब, आ िि ओएर् सभ एेँ अपत पूर् हिय आ पूर् प्र सँ, ओएर् सभ एेँ सोझत्ए पौध् एेँ िट् िे ब, आ ओ सभ आशीव्् िए ाेा िोयत, श्पए ाेा तमि, आ ओ सभ ि्ि िोयत आ पूँछ तमि। 16 िि हतए् सभए बीच अपत पमवत य्त बत् ाेब, आ हतए् सभए संग रिब, आ िि हतए् सभए परिेश् वर बतब आ ओ सभ स् आ ध्मि्एत् िे ििर पज् बतत्ि। 17 िि ओएर् सभ एेँ तमि छोडब आ ते ओएर् सभ एेँ छोडब। ए्रर, िि हतए् सभए परिेश् वर पभु छी।' 18 िूस् िुँि पर खमस पडा्ि आ प्ि्त् एयामत, ‘िे पभु ििर परिेश् वर, अपत पज् आ अपत उतर्मधए्र एेँ तमि छोडू, ज्मि सँ ओ सभ अपत हियए भि िे भटएय, आ ओएर् सभ एेँ अपत शतु, गैर-यहिी सभए ि्ि िे तमि सौंप मिअ, ज्मि सँ ओ सभ ओएर् सभ पर र्ज तमि एरमि आ अि्ँ ए मवरद प्प तमि एरमि।” 19 िे पभु , अि्ँ ए िय् अपत ाोए पर उठय, आ ओएर् सभ िे रएट् सोझ आत् ि् उतन एर, आ बेमाय्रए आत् ि् ओएर् सभ पर र्ज तमि एरय जे ओएर् सभ पर अि्ँ ए सोझ्ँ आरोप ाग्बय, आ ओएर् सभ एेँ ध्मि्एत्ए सभ ब्ट सँ फँस्ब, ज्मि सँ ओ सभ अि्ँ ए िुँिए सोझ्ँ सँ तष भऽ ज्य। 20 िुि् ओ सभ तोिर पज् आ तोिर उतर्मधए्र अमछ, जएर् तोँ अपत िि्त शक् सँ मिसव्सी सभए ि्ि सँ िु् एऽ िे ाहँ , ओएर् सभ िे रएट् शुद हिय आ पमवत आत् ि् सृजत एर, आ आब सँ अतन ए्ा धरर ओ सभ अपत प्प िे फँमस तमि ज्य।'