एस ् अध ्य 1 1 अहशू्क समय मे भ््त सँ इथियोथिय् धर् एक सय स्त बीस प्र त मे ््ज क्यवल् अहशू् छथि। 2 ओथह समय मे जखन ््ज् अहशू् अिन ््जक थसरह्सन ि् बैसल छल्ह, जे शुश्न महल मे छल। 3 अिन श्सनक तेस् वर् मे ओ अिन सभ ््जकुम्् आ नोक् सभक लेल भोज कयलथन। फ््स आ मीथिय्क अथधक््, प्र तक कुलीन आ ््जकुम्् सभ हनक् सँ िथहने छल्ह। 4 जखन ओ अिन गौ्वश्ली ््जक धन आ अिन मह्न मथहम्क आद् केँ बहत थदन धर् दे खौलथन। 5 ई थदन सभ सम्प भेल् ि् ््ज् शुश्न महल मे उिससत सभ लोक केँ, छोट-िैघ धर्, स्त थदन धर् ््ज्क ््जभवनक बगीच्क आँ गन मे भोज कयलथन। 6 कतय उज्, हर्य् आ नील ्र गक फ्ँ सी छल, जे च्नीक छडी आ सरगम्म्क खरभ् ि् महीन थलनन आ बैगनी ्र गक िो्ी सँ ब्नल छल। 7 ओ सभ हनक् सभ केँ सोन्क बत्न मे, (ि्त सभ एक दोस्् सँ थभन-थभन छल) आ ््ज्क दश्क अनुस्् पचु् म्त् मे ््जकीय मथद्् मे िीबैत छल्ह। 8 िीनब धम् -थनयमक अनुस्् होइत छल। थकयो मजबू् नथह केलक, क््ण ््ज् अिन घ्क सभ अथधक््ी केँ एथह त्हे ँ थनयुक कएने छल्ह जे ओ सभ प्ेकक इच्नुस्् क्ज क्थि। 9 वशी ््नी ््ज् अहशू्क ््जघ् मे स् तीगण सभक लेल भोज क्ौलथन। 10 स्तम थदन जखन ््ज्क हदय मथद्् सँ मस भऽ गेल तखन ओ मेहम्न, थबजि्, ह्बोन्, थबगि् आ अबगि्, जेि् आ क्क्् स, स्त कोठ्ी सभ केँ आज् दे लथिन, जे ््ज् अहशू्सक समक सेव् क्ै त छल्ह। 11 वशी केँ ््जमुकुट ल’ क’ ््ज्क समक आनब, ज्थह सँ लोक आ ््जकुम्् सभ केँ ओक् सौनय् दे ख्बय, क््ण ओ दे खब् मे सुन् छलीह। 12 मुद् ््नी वशी ््ज्क आज् ि् हनक् कोठ्ीक आज् ि् आबय सँ मन् कऽ दे लथिन, ते ँ ््ज् बहत कोथधत भऽ गेल्ह आ हनक् कोध हनक् मे जर् गेलथन। 13 तखन ््ज् समयक ज्नी ज्नी लोकथन केँ कहलथिन, (थकएक तऽ ््ज्क धम्-थनयम आ न्य-थवच््क सभ लोकक पथत एहन ववह्् छलथन। 14 हनक् ब्द मे फ््स आ मीथिय्क स्तट् ््जकुम्् क्श्न्, शेि्, अदम्ि्, तश्श, मे्ेस, म्स्न् आ मेमुक्न छल्ह, जे ््ज्क मुँह दे खैत छल्ह आ ््ज मे िथहल बे् बैसल छल्ह।) 15 हम सभ धम् -थनयमक अनुस्् ््नी वशीक की क्ब, थकएक तँ ओ ््ज् अहशू्क आज्क ि्लन नथह कऽ सकलीह? 16 मेमुकन ््ज् आ ््जकुम्् सभक समक उत् दे लथिन, “््नी वशी म्त ््ज्क सरग दु ष्त नथह केने छथि, बल् थक सभ ््जकुम्् आ ््ज् अहशू्क सभ प्र त मे ्हथनह्् सभ लोकक सरग सेहो दु ष्त कयलथन अथछ।”
17 थकएक तँ ््नीक ई क्ज सभ स् तीगणक बीच आथब ज्यत, ज्थह सँ ओ सभ अिन िथतक नजर् मे थत्स्त क्त, जखन ई खबर् आथब ज्यत जे , “््ज् अहशू् ््नी केँ वथ् केँ अिन सोझ्ँ अनब्क आज् दे लथन, मुद् ओ नथह अयलीह।” 18 एथह त्हे ँ फ््स आ मीथिय्क मथहल् सभ आइ ््ज्क सभ ््जकुम्् सभ केँ कहतीह जे ््नीक एथह क्जक थवरय मे सुनने छथि। एथह त्हे ँ बेसी थत्स्् आ कोध उतन होयत। 19 जँ ््ज् केँ नीक ल्गय तँ हनक् थदस सँ कोनो ््जकीय आज् चथल ज्य आ फ््सी आ म्दीक थनयम मे ई थलखल ्हय जे एथह मे कोनो िर्वत्न नथह होअय जे “वशी आब ््ज् अहशू्क सोझ्ँ नथह आओत।” ््ज् ओक् ््जसरिथत ओक्् सँ नीक दोस् केँ द’ थदयौक। 20 जखन ््ज्क फ्म्न जे ओ बन्ओत, से हनक् समस स्म्ज मे पच्र्त होयत, तखन सभ िती अिन िथतक िैघ-िैघ केँ आद् दे थिन। 21 ई ब्त ््ज् आ ््जकुम्् सभ केँ नीक ल्गल। ््ज् मेमुक्नक वचनक अनुस्् कयलथन। 22 थकएक तँ ओ ््ज्क सभ प्र त मे , प्ेक प्र मे ओक् लेखनक अनुस्् आ प्ेक ज्थत केँ अिन-अिन भ्र्क अनुस्् ित िठौलथन, ज्थह सँ प्ेक लोक अिन-अिन घ् मे श्सन क्थि आ प्ेक पज्क भ्र्क अनुस्् पच्् कयल ज्य। अध ्य 2 1 एथह ब्तक ब्द जखन ््ज् अहशू्क कोध श्र भऽ गेलथन तखन हनक् व््ी आ हनक् क्ज आ हनक् ि् जे फ्म्न कयल गेल छल से मोन िथड गेलथन। 2 तखन ््ज्क सेव् क्ऽ वल् नौक् सभ कहलथिन, “््ज्क लेल गो्ी-सुन् कुम्र् कुम्र् सभ केँ खोजल ज्य। 3 ््ज् अिन ््जक सभ प्र त मे अथधक््ी सभ केँ थनयुक क्थि, ज्थह सँ ओ सभ गो्ी युवती सभ केँ शुश्न महल मे, सीगण सभक घ् मे, ््ज्क कोठली हे गेक सर्कण मे जम् कऽ सकथि। आ शुदत्क लेल हनक् सभक स्म्न हनक् सभ केँ दे ल ज्य। 4 जे कुम्र् ््ज् केँ नीक लगैत छै क, से व््ीक बदल् मे ््नी बनय। ओ ब्त ््ज् केँ नीक लगलथन। आ ओ एन् केलथन। 5 शुश्न महल मे एकट् यहदी छल, थजनक् न्म मोद् कै छल, जे य्इ्क िुत छल, जे थशमेईक िुत छल, जे थकशक िुत बेज्थमनक छल। 6 ओ यरशलेम सँ ओथह बरदी मे चथल गेल छल्ह जे यहद्क ््ज् यकोथनय्हक सरग लऽ गेल छल्ह, जक्् बेथबलोनक ््ज् नबूकदनेस् लऽ गेल छल्ह। 7 ओ हद्स् अि्् त एस् केँ अिन म्म्क बेटी केँ िललबढौलथन, क््ण ओक् ने थित् छल आ ने म्य, आ द्सी गो्ी आ सुन् छल। मोद् कै जखन ओक् थित् आ म्य मर् गेल छल तखन ओक्् अिन बेटीक रि मे ल’ लेलक। 8 जखन ््ज्क आज् आ हनक् फ्म्न सुनल गेल आ जखन बहत ््स कन् सभ हे ग्ईक सर्कण मे शुश्न महल मे जम् भ’ गेल तखन एस् केँ सेहो ््ज्क घ् मे आनल गेल, जे मथहल् सभक ्खव्ली हे ग्ईक सर्कण मे छल। 9 कुम्र् हनक् पसन कयलथन आ हनक् ि् दय् कयल गेलथन। ओ जली-जली ओक्् शुसद क्ब्क लेल ओक् स्म्न, ओक् सम्न वसु आ स्तट् कन् जे ओक्् दे बऽ योग छलैक, ््ज्क घ् सँ दऽ दे लकैक।