सुलेमान के भजन परिचय अठािह युद गीतक ई संगह एकटा पाचीन सेमममटक लेखकक उपहाि मिक । मूल पाणु मलमप नष होय गेलऽ छै लेमकन सौभाग स॑ यूनानी अनुवाद सुिम्त छै , आर हाल ही म॑ वू ही गीतऽ के सीरियाई संसिक सामने ऐलऽ छै आर पमहलऽ बाि १९०९ म॑ डॉ. िे डल है रिस न॑ अंगेजी म॑ पकामात किलकै । लेखन के मतमि ईसा पूव् पिम ाताबी के मध मे सामपत होय सकै छै , कैने मक ई गीतऽ के मवषय पमेय केिऽ मिमलसीन मे किलऽ गेलऽ काम आर ४८ ईसा पूव् मे ममस मे ओकिऽ मृतु के छै ई भजन केिऽ एगो महतपूक् सान छे लै आर पािं मभक कलीमसया मे एकिऽ वापक पसाि छे लै । ईसाई युग केिऽ पमहलऽ कुछ ाताबी केिऽ मवमभन कोडे क आर इमतहासऽ मे एकिऽ अकि उलेख किलऽ जाय छै । बाद मे अवायीय कािके ँ ओ सभ हे िा गेलाह; आ कतेको ाताबीक बीतलाक बाद मात हमिा लोकमनक उपयोगक लेल बिामद भेल अमछ । एमह छं द सभक तुिही सन लय केि सामहततक मूलक अमतरिक हमिा लोकमन केँ एतय एकटा पत्दाय दािा मलखल गेल पाचीन इमतहास केँ झकझोिय बला अधाय अमछ | पोमेय पम्मसँ बाहि अबैत छमि । मकलाबंदी पि बैटरिं गिामक पयोग किै त छमि । ओकि मसपाही सभ वेदी केँ अाुद किै त अमछ। एकटा भयावह कैरियि के बाद ममस मे मािल गेल छै ि। एमह भजन सभक "धमय" मे हम सभ िरिसी सभ केँ दे खैत छी; "पापी" मे हम सभ सदु की सभ केँ दे खैत छी। ई एकटा पैघ संकट के कष मे पडल एकटा पैघ लोक के महाकाव अमछ. अध ाय 1 हम जखन मवपम् मे छलहँ तखन पभु सँ पुकािलहँ । जखन पापी सभ आकमक किै त छल तखन पिमेा् वि मदस। अचानक हमिा सोझाँ युदक अलाम् सुनबा मे आयल; हम कहमलयमन, ओ हमि बात सुनताह, कािक हम धम् सँ भिल छी। हम मोन मे सोचैत छलहँ जे हम धम् सँ भिल छी।
कािक हमि समनता नीक छल आ बचा मे धमनक भ' गेल छलहँ । हनका लोकमनक धन समस धिती मे पसिल, आ हनका सभक ममहमा पृथीक अन धरि। ओ सभ तािा धरि ऊँच कयल गेल। ओ सभ कहलक जे कमहयो पंखा नमह किब। मुदा ओ सभ अपन समृतद मे ढीठ भ गेलाह। ओ सभ बूझल नमह िहलाह। हनका लोकमनक पाप गुप छलमन, आ हमिा सेहो हनका सभक कोनो जान नमह छल। हनका लोकमनक अपिाध हनका सभ सँ पमहनेक गैि-यहदी सभक अपिाध सँ बेसी भ’ गेलमन। ओ सभ पभुक पमवत वसु सभ केँ सव्िा दू मषत कयलमन। अध ाय 2 पापी जखन घमंडी भ' गेल, तखन ओ एकटा मारि-पीडक मेढक संग गढवाली दे बाल सभ केँ खसा दे लक। आ अहाँ ओकिा नमह िोकलहँ । मवदे ाी िाष् अहाँ क वेदी पि चढल, चपलसँ गव्सँ िौंदैत िहलाह; मकएक तँ यरालेमक पुत सभ पिमेा् विक पमवत वसु सभ केँ अाुद कऽ दे ने छल। पिमेा् विक बमलदान केँ अधम् सँ अपमवत कएने छलाह। ते ँ ओ कहलमन जे , हनका सभ केँ हमिा सँ दू ि िेमक मदयौक। पिमेा् विक सम् एकिा अाुद भऽ गेल। एकि एकदम बेइजती भेल; बेटा-बेटी म गंभीि बंदी छल, सीलबंद छल हनका लोकमनक गिदमन, बां डेड छल िाष् सभक बीच। जेना हनका सभक पाप हनका सभक संग कयलमन अमछ। मकएक तँ ओ ओकिा सभ केँ जे सभ मवजयी भेल छल, ओकि हाि मे छोमड दे ने छमि। ओ हनका सभ पि दया किबा सँ मुँह घुमा दे ने छमि। छोट-बड आ ओकि बचा सभ एक संग; मकएक तँ ओ सभ एक-एकटा अधलाह काज कऽ कऽ नमह सुनलाह। आकाा तमसा गेल। पृि् वी हनका सभ सँ घृका किै त छल। मकएक तँ ओ सभ जे काज केलमि से एमह पि केओ नमह केने छल। आ धिती सभकेँ मचनलक तोहि धम् नाय हे पिमेा् वि।