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Maithili - Ecclesiasticus

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अध्य 1 1 सिराकक पुत यीशुक बुद्क प्ास्ा​ा जख् सक धर्-स्यर आ पसकव ता िभ आ ह्कर िभक कदर पर चलय बला दोिर लोक िभ दारा हररा िभ केँ बहत राि पैघ बात िभ दे ल गेल असि, जासह िभक लेल इसारल केँ ससदा आ बुद्क लेल पशरिा करबाक चाहीा आर जेकरा रे खाली पाठक सि्ी के ही ्ै, बद् जे िीखै के इचा रखै िै , सू भी जे बाहर िै , ओकरा बोलै आरो सलखै िे फायदा उठाबै रे िकर होय िकै िै : हररऽ दादा यीशु, जबेॅ ह्ी खुद क का्ू् के पढै रे बहत िरसप्त करी चुकलऽ िे लै . रसह लेल जे जे िभ िीखय चाहै त िसि आ रसह िभ बातक आदी िसि, ह्का िभ केँ धर्-स्यरक अ्ुिार जीबा रे बहत बेिी लाभ भेटया ते ँ हर अहाँ िभ िँ सस्ती करै त िी जे अहाँ िभ रकरा अ्ुगह आ धा् िँ पढू आ हररा िभ केँ करा कर, जासह रे हररा िभ केँ सकिु शबक करी बुझाइत होयत, जकर वाया करबाक लेल हर िभ रेह्सत केलहँ ा कारण, जे बात सहबू रे कहल गेल असि आ दोिर भाषा रे अ्ुसाद कयल गेल असि, ओकरा िभ रे रक िरा् शद् ्सह िै क, आ रसह बात िभ रे रात ्सह, बलव सक धर्-स्यर आ भससषस्ा िभ आ बाकी पु्क िभ रे को्ो िोट अरतर ्सह असि, जख् अप् भाषा रे बाजल जाइत असिा कारण, सरस रे अबैत आठर सष् रे जख् यूग्टवि राजा िलाह आ ओतय सकिु िरय धरर रहलाह, हररा रकटा िोट ि् ससदाक पोिी भेटल, ते ँ हर रकरा वाया करबा रे सकिु लग् आ पररशर करब बेिी आसशक बुझलहँ ा ओसह सा् पर बहत चौकि आ कौशल के पयोग क' पोिी के िराप क' दे ल जाय, आ ओकरा ह्का लोकस्क लेल िेहो राखल गेल, जे को्ो पराया दे श रे िीख' लेल तैयार िसि, पसह्े का्ू् के पाल् करय लेल सशषाचार रे तैयार रहै त िसि. िभ बुद् पभुक सदि िँ अबैत असि आ ह्का िरग अ्न काल धरर रहै त असिा 2 िरुदक बालु, बरखाक बूरद आ अ्न काल के के सग्ती क’ िकैत असि? 3 िव सग्क ऊँचाई, पृिव सीक चौडाई, गहीरर आ बुद् के बुसझ िकैत असि? 4 िभ स्ु िँ पसह्े बुद् आ बुद्रा्ी केँ अ्न काल िँ िृसजत कयल गेल असिा 5 पररेशव सरक पररेशव सरक सच् बुद्क फवारा असिा ओकर बाट अ्न आजा असिा 6 बुद्क जसड केकरा पर पगट भेल असि? आसक ओकर बुद्रा् िलाह के के ज्ैत असि? 7 बुद्क जा् केकरा लग पगट कयल गेल असि? आ ओकर रहा् अ्ुभस के बुझलक? 8 रकटा बुद्रा् आ बहत भयासह असि, जे पभु अप् सिरहाि् पर बैिल िसिा 9 ओ ओकरा िृसजत कऽ दे खलक आ ओकरा सग्लक आ ओकरा अप् िभ काज पर उझसल दे लका 10 ओ ह्कर सरदा्क अ्ुिार िभ शरीरक िरग िसि आ ओ ह्का पेर करयसला िभ केँ दऽ दे ्े िसिा 11 पभुक भय आदर, रसहरा, आ्न आ आ्नक रुकुट असिा 12 पभुक भय हदय केँ पिर करै त असि, आ्न, आ्न आ दीघा् यु पदा् करै त असिा 13 जे केओ पभु िँ डरै त असि, ओकरा अरत रे ्ीक होयतैक आ ओकर रृतुक सद् ओकरा अ्ुगह भेटतैका 14 पभु िँ डे रब बुद्क आरर भ असि, आ ई गभ् रे ससशव सािी िभक िरग िृसजत भेल असिा

15 ओ र्ुषव य िभक िरग अ्​्व त ्ीसर ब्ौ्े िसि आ ह्का िभक सरशजक िरग रहतीहा 16 पभु िँ भय रा्ब बुद्क पूण्ता सिक आ र्ुषव य केँ अप् फल िँ भरै त असिा 17 ओ ह्का िभक घर रे र्रोहक स्ु िभ िँ भरर दै त िसि्, आ अप् उपज िँ िरगहक ध् केँ भरर दै त िसि्ा 18 पभुक भय बुद्क रुकुट असि, जासह िँ शादन आ पूण् साव प्पैत असिा दु ्ू पररेशव सरक सरदा् असिा 19 बुद्, ठाढ हे बाक लूरर आ जा्क बरिात करै त असि आ ओकरा िभ केँ आदर दे बाक लेल ऊपर उठबैत असि जे ओकरा पकड्े असिा 20 बुद्क जसड पभु िँ भय रा्ब असि, आ ओकर डारर दीघा् यु होइत िै का 21 पभुक भय पाप केँ भगा दै त असि, आ जतऽ ओ असि, ओतऽ कोध केँ दू र कऽ दै त असिा 22 कोसधत आदरी केँ धर् ्सह ठहराओल जा िकैत असिा कारण, ओकर कोधक झूला ओकर सस्ाश होयता 23 धैय्सा् आदरी सकिु िरयक लेल ्ोसच लेत, आ तकर बाद ओकरा आ्नक उरडता 24 ओ अप् बात सकिु काल धरर ्ुका कऽ राखत, आ बहतो लोकक ठोर ओकर बुद्क पचार करता 25 जा्क दषान बुद्क भरडार रे असि, रुदा पापी लेल पररेशव सरक भद् घृसणत असिा 26 जँ अहाँ बुद् चाहै त िी तँ आजा िभक पाल् कर आ पभु अहाँ केँ ओकरा दऽ दे ताहा 27 सकरक तँ पभुक भय बुद् आ सशका सिका 28 गरीब भेला पर पभुक भय पर अससशाि ्सह करा 29 र्ुषव यक िरक पाखरडी ्सह ब्ू आ जे सकिु बजैत िी तासह पर धा् राखूा 30 अप्ा केँ ऊँच ्सह कर, जासह िँ अहाँ खसि कऽ अप् पाण पर अपरा् ्सह आ्ब, आ रसह तरहे ँ पररेशव सर अहाँ क रहस केँ पता लगा कऽ अहाँ केँ ररडली रे ्ीचाँ फेसक दे सि्, सकरक तँ अहाँ ित रे पभुक भय रे ्सह, बद् अप् हदय रे आसब गेलहँ िलिँ भरल असिा अध्य 2 1 हरर बेटा, जँ अहाँ पभुक िेसा करऽ अबैत िी तँ अप् पाण केँ परीका लेल तैयार करा 2 अप् रो् केँ ठीक कर, आ स्रर तर िह् कर, आ ससपस् रे जलबाजी ्सह करा 3 ह्का िँ सचपकल रह आ ्सह जाउ, जासह िँ अहाँ अप् अरसतर अरत रे बसढ जाउा 4 जे सकिु अहाँ पर आ्ल जायत असि, िे हँ िी-खुशी िँ लऽ सलअ आ जख् अहाँ ्ीच िमस् रे बदसल जायब तख् धैय् राखूा 5 सकरक तँ िो्ा आसग रे परीका कयल जाइत असि आ सीकाय् लोक ससपस्क भटी रेा 6 ह्का पर ससशव साि कर, तँ ओ अहाँ क िहायता करताहा अप् बाट ठीक-ठीक वसदसत कर आ ह्का पर भरोिा करा 7 अहाँ िभ जे पभुक भय रा्ैत िी, ह्कर दयाक पतीका करा आ रक कात ्सह जाउ, कही र ्सह खसि पडबा” 8 अहाँ िभ पभुक भय रा्ब, ह्का पर ससशव साि करा आ अहाँ क इ्ार खत ्सह होयता


9 अहाँ िभ जे पभु िँ डे रैत िी, िे ्ीक आ अ्न आ्न आ दयाक आशा करा 10 पुर्ा जरा्ा िभ केँ दे खू, आ दे खूा की कसहयो पभु पर को्ो भरोिा के्े िल, आ भसरत भ’ गेल िल? की सकयो ह्का डर रे रहलाह आ िोसड दे ल गेलस्? आसक ओ केकरा सतरसृत केलक जे ओकरा बजौलक? 11 सकरक तँ पभु दया आ दया िँ भरल िसि, धैय्सा् आ बहत दयालु िसि, आ पाप करा करै त िसि आ दु ःखक िरय रे उ्ार करै त िसिा 12 सधकार असि भयभीत हदय, कीण हाि आ पापी जे दू बाट पर चलैत असि! 13 सधकार जे करजोर रो् असि! सकरक तँ ओ ससशव साि ्सह करै त असिा ते ँ ओकर बचास ्सह कयल जायता 14 अहाँ िभ केँ सधकार असि जे धैय् गरा ले्े िी! जख् पभु अहाँ िभक दश्​् करताह तख् अहाँ िभ की करब? 15 जे िभ पभु िँ डे रैत असि िे ह्कर सच्क आजा ्सह रा्ता जे ह्का िँ पेर करै त िसि, िे ह्कर बाट पर चलता 16 जे िभ पभुक भय रा्ैत िसि, िे िभ ह्का ्ीक जकाँ ताकता जे ह्का िँ पेर करै त िसि, िे िभ धर् -स्यर िँ भरल रहताहा 17 जे िभ पभु पररेशव सरक भय रा्ैत िसि, िे िभ अप् हदय केँ तैयार कऽ लेताह आ ह्का िार्े अप् पाण केँ सस्म करताहा 18 ओ कहै त िसि, “हर िभ र्ुषव यक हाि रे ्सह, पभुक हाि रे खिबा अध्य 3 1 हे बचा िभ, अहाँ िभ अप् सपताक बात िु्ू, आ तकर बाद कर, जासह िँ अहाँ िभ िुरसकत रहबा 2 सकरक तँ पररेशव सर सपता केँ ि्व ता् िभ पर आदर दे लस् आ पुत िभ पर रायक असधकार केँ पुष कयलस्ा 3 जे केओ अप् सपताक आदर करै त असि, ओ अप् पापक पायसयत करै त असिा 4 जे अप् रायक आदर करै त असि, िे ध् जरा करयसला जकाँ असिा 5 जे केओ अप् सपताक आदर करत, ओकरा अप् िरता् पर आ्दनत होयता जख् ओ अप् पाि्​्ा करत तख् ओकर बात िु्ल जायता” 6 जे अप् सपताक आदर करै त असि, ओकर जीस् दीघ् होयता जे पभुक आजाकारी होयत िे अप् रायक लेल िान्​्ा दे ता 7 जे पभु िँ डे राइत असि, िे अप् सपताक आदर करत आ अप् रासलकक िरा् अप् राता-सपताक िेसा करता 8 अप् सपता आ रायक बात आ काज दु ्ू रे आदर कर, जासह िँ अहाँ केँ ह्का िभ िँ आशीसा् द भेटया 9 सकरक तँ सपताक आशीष िरता्क घर-पररसार केँ सासपत करै त असिा रुदा रायक असभशाप ्ीसर केँ जसड िँ उखासड दै त असिा 10 अप् सपताक अपरा् रे रसहरा ्सह करा सकरक तँ अहाँ क सपताक अपरा् अहाँ क लेल को्ो रसहरा ्सह असिा 11 र्ुखक रसहरा ओकर सपताक आदर िँ होइत िै का आ अपरास्त राय बचा िभक लेल स्ना होइत असिा 12 हरर बेटा, अप् सपताक उम रे िहायता कर आ जाबत धरर ओ जीससत िसि ता धरर ह्का दु खी ्सह करा

13 जँ ह्कर बुद् करजोर भऽ जाइत िस् तँ ह्का िरग धैय् राखूा जख् अहाँ अप् पूण् िारर् रे रहब तख् ओकरा सतरसार ्सह करा 14 सकरक तँ अहाँ क सपताक रुद् सबिरल ्सह जायत, आ पापक बदला रे ई अहाँ केँ रजबूत करबाक लेल जोडल जायता 15 अहाँ क केशक सद् ई सरण कयल जायता तोहर पाप िेहो सपघसल जायत, जे्ा ्ीक गरर रौिर रे बफ् सपघसल जायता 16 जे अप् सपता केँ िोसड दै त असि िे स्ना करयसला जकाँ असिा जे अप् राय केँ कोसधत करै त असि, िे पररेशव सरक शासपत असिा 17 हरर बेटा, ्मता रे अप् काज रे आगू बढूा ते्ा अहाँ ओसह लोकक सपय ब्ब जे अ्ुरोसदत असिा” 18 अहाँ जतेक पैघ होयब, ओतेक सस्म होयब आ पभुक िार्े अ्ुगह पाओबा 19 बहतो ऊँच सा् पर आ पसिद् रे िसि, रुदा ्म लोक िभक िार्े रहस पगट होइत असिा 20 सकरक तँ पभुक िारिव् य बहत पैघ असि आ ्ीच लोक िभक आदर होइत िस्ा 21 जे बात अहाँ क लेल बेिी कसठ् असि तकरा ्सह ताकू आ ्े अप् िारिव् य िँ बेिी जे सकिु असि तकरा खोजूा 22 रुदा जे आजा दे ल गेल असि, िे आदरपूस्क िोचू, सकरक तँ अहाँ केँ अप् आँ दख िँ गुप बात िभ केँ दे खबाक को्ो आसशव यकता ्सहा 23 अ्ासशक बात रे उतुकता ्सह कर, सकरक तँ अहाँ केँ जतेक बात बुझल जाइत असि, तासह िँ बेिी बात अहाँ केँ दे खाओल गेल असिा 24 बहतो लोक अप् वि् ससचार िँ धोखा खाइत िसिा आ रकटा दु ष शरका ह्का िभक स्ण्य केँ उखासड दे ्े असिा 25 सब्ा आँ दख के तोरा इजोत के करी होयता 26 सजदी हदय अरत रे अधलाह होयता जे खतरा िँ पेर करै त असि िे ओसह रे ्ाश भऽ जायता 27 सजदी हदय दु ःख िँ भाररत होयता आ दु षव ट र्ुषव य पाप पर पापक ढे र लगा दे ता 28 घररडी लोकक दण रे को्ो उपाय ्सह होइत िै का सकरक तँ ओकरा रे दु षताक पौधा जसड जरा ले्े असिा 29 बुद्रा् लोकक हदय रकटा दषान बुझता आ चौकि का् बुद्रा्क इचा होइत िै का 30 पास् जालारुखी आसग बुझा दे ता आ सभका पापक पायसयत करै त असिा 31 जे केओ ्ीक रोडक बदला लैत असि, िे आगू जे सकिु भ’ िकैत असि, तकरा रो् रे रहै त असिा जख् ओ खसि पडत तख् ओकरा ठहरास भेटतैका” अध्य 4 1 हरर बेटा, गरीबक जीस्-याप् रे धोखा ्सह कर, आ जररतररद आँ दख केँ बेिी काल पतीका ्सह करा 2 भूखल पाणी केँ दु खी ्सह करा आ ्े र्ुषव‍य केँ ससपस् रे उकिाउा 3 जे हदय वसित हो, ओकरा रसह िँ बेिी कष ्सह जोडूा आ जररतररद के दे बऽ रे ससगत रहा 4 पीसडत िभक सस्ती केँ असीकार ्सह करा आ ्े को्ो गरीब आदरीिँ रुँह रोडूा 5 जररतररद लोक िँ अप् ्जरर ्सह हटाउ आ ओकरा अहाँ केँ गारर दे बाक को्ो असिर ्सह सदयौका


6 जँ ओ अप् पाणक कटु ता रे अहाँ केँ गारर पढत तँ ओकर पाि्​्ा ओकरा ब्ौस्हार दारा िु्ल जायता 7 अप्ा केँ ररडली केर पेर पाप कर, आ रकटा पैघ आदरीक िरक अप् राि झुकाउा 8 गरीबक िरक का् झुका कऽ ओकरा ्मतापूस्क सरतसत उ्र दे ब अहाँ केँ दु ख ्सह होउा 9 जकरा दु षव ट कष होइत िै क तकरा अताचारी के हाि िँ रु् करा जख् अहाँ ्व याय रे बैिल रहब तख् कीण ्सह होउा 10 अ्ाि िभक लेल सपता जकाँ रह आ ओकर रायक पसतक बदला रे रहा 11 बुद् अप् िना् केँ ऊपर उठबैत असि आ ओकरा तकस्हार िभ केँ पकसड लैत असिा 12 जे ओकरा िँ पेर करै त असि, िे जीस् िँ पेर करै त असिा जे िभ ओकरा भोरे -भोर तकैत असि, ओ िभ आ्न िँ भरल रहता 13 जे ओकरा पकड्े असि, ओकरा रसहरा भेटतैका ओ जतय पसेश करतीह, पभु आशीसा् द दे सि्ा 14 जे िभ ओकर िेसा करै त असि, िे िभ पससत पररेशव सरक िेसा करता 15 जे केओ ओकर बात िु्त िे जासत-जासत िभक ्व याय करता 16 जँ केओ ओकरा लग अप्ा केँ िौरपत तँ ओकरा उ्रासधकार भेटतैका ओकर पीढी ओकरा अप् कबा रे रादख लेतैा 17 पसह्े ओ ओकरा िरग टे ढ बाट पर चलत आ ओकरा पर भय आ भय आ्तीह आ ओकरा अप् अ्ुशाि् िँ यात्ा दे तीह, जाबत धरर ओ ओकर आता पर भरोिा ्सह कऽ लेत आ अप् स्यरक अ्ुिार ओकरा परख ्सह करता 18 तख् ओ िोझ बाट पर ह्का लग घुरर कऽ ह्का िान्​्ा दे तीह आ ह्का अप् गुप बात िभ दे खाओतस्ा 19 रुदा जँ ओ गडबड भऽ जायत तँ ओ ओकरा िोसड कऽ ओकरा अप् सस्ाश रे दऽ दे तीहा 20 असिरक पाल् कर आ अधलाह िँ िासधा् रहा आ जख् अहाँ क पाणक बात हो तँ लाज ्सह करा 21 सकरक तँ रह् लाज असि जे पाप लऽ कऽ अबैत असिा आ लाज असि जे रसहरा आ अ्ुगह असिा 22 अप् पाणक ससरोध रे ककरो सीकार ्सह कर आ ककरो आदर िँ अहाँ केँ खिय ्सह सदयौका 23 जख् ्ीक काज करबाक असिर भेटैत असि तख् बाजबा िँ ्सह परहे ज कर आ ओकर िौनय् रे अप् बुद् केँ ्सह ्ुकाउा 24 सकरक तँ बजबाक दारा बुद् आ सशका जीहक सच् दारा जा्ल जायता 25 को्ो तरहे ँ ितक ससरोध रे ्सह बाजूा रुदा अप् अजा्ताक गलती िँ लद्त रहा 26 अप् पाप केँ सीकार करबा रे लाज ्सह करा आ ्दीक धार पर बल ्सहा 27 अप्ा केँ रूख्क अधी् ्सह ब्ाउा ्े पराकरी के वद् के सीकार करा 28 रृतु धरर ितक लेल पयाि कर, आ पभु अहाँ क लेल लडताहा 29 अप् जीह रे जलबाजी ्सह कर, आ अप् काज रे सशसिल आ बेतरतीब ्सह रहा 30 अप् घर रे सिरह जकाँ ्सह ब्ू आ ्े अप् ्ोकर िभक बीच चसकत रहा

31 अहाँ क हाि गहण करबाक लेल ्सह पिारर दे ल जाय आ जख् अहाँ केँ पसतफल दे बाक चाही तख् बन ्सह कयल जाया अध्य 5 1 अप् िमस् पर अप् रो् ्सह राखूा आ ई ्सह कहब जे हररा लग अप् जीस्क लेल पया् प असिा 2 अप् र्क बाट पर चलबाक लेल अप् र् आ िारिव् यक पाल् ्सह करा 3 रुदा ई ्सह कहब जे, “हरर काजक कारणे हररा के रोकत?” कारण, पभु अहाँ क घररडक बदला असश लेताहा” 4 ई ्सह कहब जे हर पाप केलहँ , आ हररा की हास् भेल? कारण, पभु धैय्सा् िसि, ओ अहाँ केँ को्ो तरहे ँ ्सह िोडताहा” 5 पायसयतक ससषय रे पाप रे पाप जोडबाक लेल स्भ्क ्सह रहा 6 ई ्सह कहब जे ह्कर दया बहत पैघ असिा हरर पापक भररारक कारणे ँ ओ शान भ’ जेताह, सकरक तँ दया आ कोध ह्का सदि िँ अबैत िस् आ ह्कर कोध पापी िभ पर रहै त िस्ा 7 पभुक सदि घुरबा रे को्ो दे री ्सह कर आ सद्-पसतसद् टासल ्सह सदयौक, सकरक तँ अचा्क पभुक कोध आसब जेताह, आ अहाँ क िुरका रे अहाँ ्ष भऽ जायब आ पसतशोधक सद् रे ्ाश भऽ जायबा 8 अनायपूस्क पाप िमस् पर अप् रो् ्सह राखू , सकरक तँ ससपस्क सद् अहाँ केँ को्ो फायदा ्सह होयता 9 हर हसाक िरग ्सह फुफकार आ िभ बाट रे ्सह जाउ, सकरक तँ पापी जे दु गु्ा जीह बला पापी िेहो करै त असिा 10 अप् िरझ रे असडग रहा आ तोहर सच् ओसह्ा रहया 11 िु्बा रे जली करा आ तोहर जीस् स्शल होा आ धैय्िँ उ्र सदयौका 12 जँ अहाँ क बुद् असि तँ अप् पडोिी केँ उ्र सदअा जँ ्सह तँ रुँह पर हाि राखूा 13 आदर आ लाज बजैत असि, आ र्ुषव यक जीह ओकर पत् असिा 14 फुिफुिारबला ्सह कहल जाउ, आ अप् जीह िँ त् ्सह रह, सकरक तँ चोर पर अधलाह लाज असि आ दु गु्ा जीह पर अधलाह दोषी ठहराओल जाइत असिा 15 को्ो पैघ बात सा िोट बात रे को्ो बात िँ अ्सभज ्सह रहा अध्य 6 1 सरतक बदला दु श् ्सह ब्ू; कारण, अहाँ केँ रकटा दु षव ट ्ार, लाज आ अपरा्क उ्रासधकार भेटता 2 अप् हदयक िलाह रे अप्ा केँ बडाई ्सह करा जे अहाँ क पाण अिगरे भटकल बैल जकाँ टु कडा-टु कडा ्सह होअया 3 अहाँ अप् पात खारब आ अप् फल गरा लेब आ अप्ा केँ िुखायल गाि जकाँ िोसड दे बा 4 दु ष पाणी ओकरा धारक केँ ्ष कऽ दे त आ ओकरा अप् शतु िभक सतरसार रे हँ िा दे ता 5 रधुर भाषा सरत केँ गुणा करत, आ स्षक भाषा िँ दयालु असभसाद् बढता 6 बहतो लोकक िरग शादन रे रहा


7 जँ अहाँ को्ो सरत केँ पाबय चाहै त िी तँ पसह्े ओकरा परखू आ ओकर शेय दे बा रे जलबाजी ्सह करा 8 सकरक तँ केओ अप् असिरक लेल सरत होइत असि आ अहाँ क ससपस्क सद् रे ्सह सटकता 9 रकटा सरत िेहो असि जे शतुता रे बदसल कऽ झगडा-झरझसट अहाँ क स्ना केँ पासब लेता 10 फेर, को्ो सरत टे बुल पर िरगी िसि, आ अहाँ क दु ःखक सद् रे ्सह रहताहा 11 रुदा अहाँ क िरृद् रे ओ अहाँ जकाँ होयत आ अहाँ क ्ोकर िभक पसत िाहिी होयता 12 जँ अहाँ केँ ्ीचाँ उतारल जायत तँ ओ अहाँ क ससरोध रे होयत आ अहाँ क रुँह िँ ्ुका जायता 13 अप् शतु िभ िँ अलग भऽ जाउ आ अप् सरत िभ िँ िासधा् रहा 14 ससशािी सरत रकटा रजबूत रका होइत असि, आ जेकरा रह् लोक भेटल असि ओकरा रकटा खजा्ा भेटैत िै का 15 ससशािी सरत केँ सकिु ओ पसतकूल ्सह होइत िै क, आ ओकर शेरता अरूल होइत िै का 16 ससशािी सरत जीस्क औषसध होइत असिा जे िभ पभु िँ डे रैत असि, िे िभ ह्का पासब लेता” 17 जे केओ पभु िँ डे राइत असि, िे अप् सरतता केँ ठीक-ठाक ब्ाओत, सकरक तँ जसह्ा ओ असि, ओकर पडोिी िेहो ओसह्ा होयता 18 हरर बेटा, जसा्ी िँ सशका जुटा सलअ, ते्ा अहाँ केँ बुढापा धरर बुद् भेटता 19 जोतब आ बोस्बला जकाँ ओकरा लग आसब कऽ ओकर ्ीक फलक पतीका कर, सकरक तँ अहाँ ओकरा लेल बेिी रेह्सत ्सह करब, बलव सक ओकर फल जदलये खारबा 20 ओ अससदा्क लेल बहत असपय िसि, जे बुद्ही् असि िे ह्का िरग ्सह रहता 21 ओ ओकरा पर परीकाक पराकरी पािर जकाँ पडल रहतीहा ओ ओकरा अप्ा सदि िँ फेसक दे तैक, रसह िँ पसह्े जे बेिी सद् ्सह भ' जायता 22 सकरक तँ बुद् ओकर ्ारक अ्ुिार होइत िै क आ बहतो लोक केँ ओ पगट ्सह होइत िै का 23 हे बेटा, का् कर, हरर िलाह गहण कर आ हरर िलाह केँ असीकार ्सह करा 24 अप् परर ओकर बेडी रे रादख सदयौक आ गरदस् ओकर जरजीर रे रादख सदयौका 25 अप् कान झुसक कऽ ओकरा िह, आ ओकर बरध् िँ दु खी ्सह होउा 26 पूरा रो् िँ ह्का लग आसब जाउ आ अप् िर् िारिव् य िँ ह्कर बाट-पाट पर चलैत रहा 27 खोजू आ खोजू, तख् ओकरा अहाँ केँ जात कयल जायता 28 अन रे अहाँ ओकरा ससशार पासब लेब, आ िे अहाँ क आ्न रे बदसल जायता 29 तख् ओकर बेडी तोहर लेल रजबूत रका होयत आ ओकर जरजीर सैभसक सस ब्ता 30 सकरक तँ ओकरा पर िो्ाक आभूषण असि आ ओकर पटी बैग्ी रर गक फीता असिा 31 अहाँ ओकरा आदरक सस जकाँ पसहरब आ ओकरा आ्नक रुकुट जकाँ अप्ा चार कात पसहरबा 32 हरर बेटा, जँ अहाँ चाहब तँ अहाँ केँ सिखाओल जायत, आ जँ अहाँ अप् र्क पाल् करब तँ अहाँ सससेकशील रहबा 33 जँ अहाँ िु्बा रे पेर करब तँ अहाँ केँ बुद् भेटता

34 बुजुग् िभक भीड रे ठाढ रहा आ बुद्रा्क िरग सचपकल रहा 35 िभ पररेशव सरक पसच् िु्बाक लेल तैयार रहा आ बुझबाक दषान अहाँ िँ ्सह बसच जाया” 36 जँ अहाँ को्ो बुद्रा् आदरी केँ दे खैत िी तँ ओकरा लग आसब जाउ आ ओकर परर ओकर दरब्ाक िीढी केँ सघसिया सदयौका 37 अहाँ क र् पभुक स्यर पर रह आ ह्कर आजा पर स्रर तर सचरत् करा अध्य 7 1 को्ो अधलाह ्सह कर, ते ँ अहाँ क को्ो हास् ्सह होयता 2 अधर् िभ िँ हसट जाउ, आ अधर् अहाँ िँ हसट जायता 3 हे बेटा, अधर्क खाई रे ्सह बोउ, आ िात गु्ा ्सह कासट िकबा 4 पभु िँ पधा्ता ्सह ताकू आ ्े राजा िँ आदरक आि् ्सहा 5 पभुक िरक अप्ा केँ धर् ्सह ब्ाउा आ राजाक िरक अप् बुद्क घररड ्सह करा 6 अधर् केँ दू र ्सह कऽ पासब कऽ नायी ब्बाक पयाि ्सह करा कही र कसहयो अहाँ पराकरी िभक वद् िँ ्सह डे रब, जे अहाँ क िोझ रहबाक बाट रे ठोकर ब्या 7 को्ो ्गरक भीड पर को्ो अपराध ्सह कर, तख् अहाँ अप्ा केँ लोकक बीच ्सह फेसक जायबा 8 रक पाप केँ दोिर पाप पर ्सह बादन सदयौका सकरक तँ रक रे अहाँ अददणत ्सह रहबा” 9 ई ्सह कहब जे पररेशव सर हरर बसलदा्क भररार दे खताह आ जख् हर पररेशव सर पररेशव सर केँ चढा दे ब तँ ओ ओकरा सीकार करताहा 10 पाि्​्ा करबा काल कीण ्सह होउ आ सभका दे बा रे उपेका ्सह करा 11 ककरो अप् पाणक कटु ता रे सतरसृत करबाक लेल हँ िी ्सह कर, सकरक तँ रह् असि जे ्म आ उदा् करै त असिा 12 अप् भाय पर झूठ ्सह िोचूा आ ्े अप् सरतक िरग रह् काज करा 13 को्ो तरहक झूठ ्सह बाजब, सकरक तँ रकर पिा ्ीक ्सह असिा 14 बूढ-पुरा्क भीड रे बेिी बात ्सह कर आ पाि्​्ा करबा काल बेिी बकबक ्सह करा 15 शरिाध काज आ ्े खेती-बाडी िँ घृणा ्सह करा 16 पापी िभक भीड रे अप्ा केँ ्सह सग्ू , बलव सक ई रो् राखू जे कोध बेिी सद् ्सह रहता 17 अप्ा केँ बहत ्म ब्ाउ, सकरक तँ अभ्क पसतशोध आसग आ कीडा असिा 18 को्ो तरहे ँ को्ो भलाईक लेल सरत केँ ्सह बदलूा आ ्े ओफीरक िो्ाक लेल ससशािी भाया 19 बुद्रा् आ ्ीक िव ती केँ ्सह िोडू, सकरक तँ ओकर कृपा िो्ा िँ बेिी असिा 20 जख् सक अहाँ क िेसक ितव य काज करै त असि, आ ्े ओसह भाडा-करक जे अहाँ क लेल पूरा तरहे ँ अप्ा केँ पूरा करै त असिा 21 अहाँ क पाण ्ीक िेसक िँ पेर कर आ ओकरा रुद् िँ धोखा ्सह सदयौका 22 अहाँ क राल-जाल असि? ओकरा िभ पर ्जरर राखूा


23 अहाँ क िरता् असि? ह्का िभ केँ स्द् श सदयौक, आ जसा्ी िँ ह्का िभक गरदस् झुकाउा 24 अहाँ िभक बेटी िभ असि? ह्का िभक शरीरक सचना कर, आ ह्का िभक पसत हँ िरुख ्सह रहा 25 अप् बेटीक सससाह कर, आ रसह तरहे ँ अहाँ को्ो कसठ् काज पूरा कऽ लेबा 26 की अहाँ क र् रे पती असि? ओकरा ्सह िोडू, रुदा अप्ा केँ को्ो हलुक सी रे ्सह सदयौका 27 अप् सपता केँ पूरा रो् िँ आदर कर, आ अप् रायक दु ःख केँ ्सह सबिरबा 28 रो् राखू जे अहाँ ह्का िभ िँ जनल िीा आ जे काज ओ िभ अहाँ क लेल के्े िसि, तकरा अहाँ ह्का िभ केँ को्ा पसतफल दऽ िकैत िी? 29 अप् पूरा पाण िँ पभु िँ डे राउ आ ह्कर पुरोसहत िभक आदर करा 30 जे अहाँ केँ अप् िर् िारर् िँ ब्ौ्े िी, ओकरा िँ पेर कर आ ओकर िेसक िभ केँ ्सह िोडूा 31 पभु िँ डे राउ आ पुरोसहतक आदर करा जे्ा तोरा आजा दे ल गेल असि, ओकर भाग ओकरा दऽ सदयौका पसहल फल, अपराध बसल, कानक सरदा्, पससतताक बसलदा् आ पससत स्ुक पसहल फला 32 गरीब िभक सदि हाि बढाउ, जासह िँ अहाँ क आशीसा् द सि् होा 33 सरदा् पर िभ जीससत लोकक ्जरर रे अ्ुगह होइत िै का आ रृतक िभक कारणे ँ ओकरा रोकब ्सहा 34 का्स्हार िभक िरग ्सह रह आ शोक करयसला िभक िरग शोक ्सह करा 35 बीरार िभ केँ दे खबा रे दे री ्सह कर, सकरक तँ रसह िँ अहाँ सपय बस् जायबा 36 जे सकिु हाि रे लेब, अन केँ रो् राखू, आ कसहयो गलत ्सह करबा अध्य 8 1 को्ो पराकरी िँ झगडा ्सह कर' कही र ओकर हाि रे ्सह पसड जायबा 2 को्ो धस्क आदरी िँ रतभेद ्सह कर, जासह िँ ओ अहाँ पर भारी ्सह पडय, सकरक तँ िो्ा बहतो केँ ्ष कऽ दे लक आ राजा िभक रो् केँ ससकृत कऽ दे लका 3 जीह िँ भरल आदरी िँ झगडा ्सह कर आ ओकर आसग पर लकडीक ढे र ्सह करा 4 अभद आदरी िँ रजाक ्सह कर, जासह िँ अहाँ क पूस्ज िभक अपरा् ्सह भऽ जाया 5 पाप िोडस्हार केँ स्ना ्सह कर, बलव सक ई रो् राखू जे हर िभ िजाय योग िीा 6 बुढारी रे ककरो अपरा् ्सह कर, सकरक तँ हररा िभ रे िँ सकिु गोटे बूढ भऽ जाइत िीा 7 अप् िभिँ पैघ शतु ररर गेला पर आ्दनत ्सह होउ, बलव सक ई रो् राखू जे हर िभ ररर जाइत िीा 8 बुद्रा् िभक बात केँ सतरसार ्सह कर, बलव सक ह्का िभक फकडा िँ पररसचत रह, सकरक तँ अहाँ ह्का िभ िँ सशका आ रहा् लोकक िेसा िहजता िँ करब िीखबा 9 बूढ-पुरा् िभक गप-िप ्सह िोडू, सकरक तँ ओ िभ िेहो अप् पूस्ज िभ िँ िीखलस्, आ अहाँ ह्का िभ िँ बुद्रा्ी िीखब आ आसशकता्ुिार उ्र दे बा

10 पापीक कोयला ्सह जराबह, जासह िँ अहाँ ओकर आसग केर लौ िँ जरर ्सह जायबा 11 को्ो कसतग् वद्क िासरध पर कोध रे ्सह उठू, जासह िँ ओ अहाँ केँ अहाँ क बात रे फँिाबऽ ्सह जाय 12 जे अप्ा िँ बेिी पराकरी असि तकरा उधार ्सह सदअा सकरक तँ जँ अहाँ ओकरा उधार दऽ दे ब तँ ओकरा हे रारल बुझाू ” 13 अप् िारिव् य िँ बेिी जरा्त ्सह कर, सकरक तँ जँ अहाँ जरा्तदार िी तँ ओकरा चुकाबऽ रे िासधा् रहा 14 को्ो नायाधीशक िरग का्ू् रे ्सह जाउा सकरक तँ ओ िभ ओकर आदरक अ्ुिार ओकर लेल नाय करता 15 को्ो िाहिी वद्क िरग याता ्सह कर, ्सह तँ ओ अहाँ क पसत घोर भऽ जायत; सकरक तँ ओ अप् इचा्ुिार करत, आ अहाँ ओकर रूख्तािँ ओकर िङ ्ष भऽ जारबा 16 कोसधत आदरीक िरग झगडा ्सह कर आ ओकरा िरग रकार त रे ्सह जाउ, सकरक तँ खू् ओकरा ्जरर रे सकिु ्सह जेकाँ असि आ जतऽ को्ो िहायता ्सह असि, ओ अहाँ केँ उखासड दे ता 17 रूख्क िरग ससचार-ससरश् ्सह करा कारण, ओ िलाहरशसरा ्सह रादख िकैत असिा 18 परदे शी के िार्े को्ो गुप बात ्सह करा सकरक तँ अहाँ ्सह ज्ैत िी जे ओ की पैदा करता” 19 रक-रक गोटे क लेल अप् हदय ्सह खोसल सदयौक, जासह िँ ओ अहाँ केँ चतुराई िँ बदला ्सह दऽ दे ता अध्य 9 1 अप् कोराक पती पर ईषा् ्सह कर आ ओकरा अप्ा ससर् को्ो अधलाह पाठ ्सह सिखाउा 2 को्ो सी केँ अप् पाण ्सह सदयौक जे ओ अप् िमस् पर पैर राखया 3 सेशा िँ भेट ्सह कर, जासह िँ अहाँ ओकर जाल रे ्सह पसड जायबा 4 गायक सीगणक िरगसत बेिी ्सह कर, जासह िँ अहाँ ओकर पयाि रे ्सह ल’ जायबा 5 को्ो दािी सदि ्सह तकैत रह, जासह िँ अहाँ ओसह दािी रे जे कीरती असि, तासह िँ ्सह खसि पडबा 6 अप् पाणी सेशा िभ केँ ्सह सदयौक, जासह िँ अहाँ क उ्रासधकार ्सह गराओल जाया 7 ्गरक गली-गली रे चार कात ्सह दे खू आ ्े ओकर रकार त सा् रे भटकबा 8 को्ो िुनर सी िँ अप् ्जरर हटाउ आ दोिरक िौनय् केँ ्सह दे खूा सकरक तँ बहतो िव तीक िौनय्क कारणे ँ धोखा खा गेल असिा कारण, रसह िँ पेर आसग जकाँ पजसलत होइत असिा 9 दोिर पुरषक पतीक िरग रकदर ्सह बैिू, आ ्े ओकरा िरग कोरा रे बैिू, आ अप् पाइ ओकरा िरग शराब पीबय रे ्सह खच् करा कही र तोहर हदय ओकरा सदि झुसक ्सह जाय, आ ते ँ तोहर इचाक कारणे ँ तोँ सस्ाश रे पसड जायबा” 10 पुरा् सरत केँ ्सह िोडूा सकरक तँ ्सका िरगी ओकर तुल्ा ्सह करल जा िकैत असिा जख् ओ पुरा् भऽ जायत तख् अहाँ ओकरा पिरतापूस्क पीबा 11 पापीक रसहरा िँ ईषा् ्सह कर, सकरक तँ अहाँ ्सह ज्ैत िी जे ओकर अरत की होयता 12 जासह बात रे अभ् लोक केँ पिरता होइत िै क, तासह रे आ्दनत ्सह होउा रुदा रो् राखू जे ओ िभ अप् कब धरर सब्ा दर सडत ्सह जायता


13 जकरा रारबाक असधकार िै क, ओकरा िँ दू र राखूा ते ँ अहाँ रृतुक भय पर िरदेह ्सह करब, आ जँ अहाँ ह्का लग आसब जायब तँ को्ो दोष ्सह कर, कही र ओ अहाँ क पाण रख्सह ्सह िीस् लेता 14 जतेक ्जदीक भ’ िकैत असि, अप् पडोिीक अ्ुरा् लगाउ, आ बुद्रा् लोकस् िँ परारश् करा 15 अहाँ क गप बुद्रा् िभक िरग रह आ परराताक धर् स्यर रे अहाँ क िभटा गप-िप करा 16 धर् लोक अहाँ क िरग भोज्-पी् करसिा आ अहाँ क घररड पभुक भय रे रहया” 17 कारीगरक हाि िँ काज पशरसित होयत, आ लोकक बुद्रा् शािक अप् बातक लेला 18 बदराश जीभक लोक अप् ्गर रे खतर्ाक होइत असिा जे अप् गप-िप रे बेसकूफी करै त असि, तकरा घृणा कयल जायता अध्य 10 1 बुद्रा् नायाधीश अप् लोक केँ सशका दे ता आ सससेकी आदरीक िरकार ्ीक जकाँ वसदसत होइत िै क | 2 जसह्ा लोकक नायाधीश सयर होइत असि, तसह्ा ओकर असधकारी िभ िेहो होइत िसिा ्गरक शािक केह् र्ुख होइत असि, ओसह रे रहस्हार िभ रह् असिा 3 अबुद्रा् राजा अप् लोक केँ ्ष कऽ दै त असिा रुदा असधकाररणी िभक सससेकक कारणे ँ रसह ्गर रे आबाद होयता 4 पृिव सीक िारिव् य पभुक हाि रे असि, आ िरय पर ओ ओकरा पर रकटा रह् चीज ठाढ करताह जे लाभदायक होा 5 र्ुषव यक िरृद् पररेशव सरक हाि रे असि, आ ओ अप् आदर शासी पररेशव सर पर लगाओता 6 अप् पडोिी िँ हर गलतीक लेल घृणा ्सह करा आ चोट पहँ चाबय बला पिा िँ रकदर सकिु ्सह करा 7 घररड पररेशव सर आ र्ुषव यक िरक घृसणत असि, आ दु ्ूक दारा अधर् कयल जाइत असिा 8 अधर्क वसहार, चोट आ धोखा िँ भेटल ध्क कारणे ँ राज रक लोक िँ दोिर लोक रे बदसल जाइत असिा 9 धरती आ भस सकरक घररडी असि? लोभी िँ बेिी दु ष सकिु ्सह, सकरक तँ रह् लोक अप् पाण केँ बेचबाक लेल लगा दै त असिा सकरक तँ जीबैत काल ओ अप् आर त फेसक दै त असिा 10 सैद रकटा ्रहर रोग केँ कासट दै त असिा जे आइ राजा असि िे काद् ररर जायता 11 जख् र्ुषव यक ररर जायत तख् ओकरा रे गैत जीस-जनु आ कीडा-रकोडाक उ्रासधकार भेटतैका 12 घररडक आरर भ तख् होइत असि जख् केओ पररेशव सर िँ हसट जाइत असि आ ओकर रो् अप् िृसषकता् िँ भटसक जाइत असिा 13 सकरक तँ घररड पापक पारर भ होइत िै क, आ जे घररड रखैत असि िे घृसणत बात उझसल दे तैका 14 पभु घररडी राजकुरार िभक सिरहाि् िभ केँ खिा दे लस् आ ह्का िभक सा् पर ्म लोक िभ केँ ठाढ कयलस्ा 15 पभु घररडी जासत िभक जसड उखासड कऽ ओकरा िभक सा् पर ्ीच लोक िभ केँ रोप्े िसिा 16 पररेशव सर गैर-यहदी दे श िभ केँ उखासड कऽ पृिव सीक ्ीसर धरर ्ष कऽ दे लस्ा

17 ओ ओकरा िभ रे िँ सकिु केँ लऽ कऽ ओकरा िभ केँ ्ष कऽ दे लक आ ओकर िभक सरण पृथी पर िँ िराप कऽ दे लका 18 पुरखक लेल घररड ्सह भेल आ ्े िव ती िँ जन लेस्हार िभक लेल कोसधत कोधा 19 जे िभ पभुक भय रा्ैत असि िे िभ रकटा स्सयरत बीया असि आ जे िभ ह्का िँ पेर करै त असि िे रकटा आदरणीय पौधा असिा जे आजाक उलरघ् करै त असि, िे धोखा दे बय योग बीज असिा 20 भाइ िभक बीच जे रुदखया असि िे आदरणीय असिा तसह्ा जे पभुक ्जरर रे पररेशव सरक भय रा्ैत िसिा 21 पभुक भय असधकार पाप करबा िँ पसह्े होइत िै क, रुदा रकता आ घररड ओकर हास् होइत िै का 22 ओ धस्क होसि, कुली् होसि सा गरीब, ह्का िभक रसहरा पभुक भय असिा 23 बुद्रा् गरीब केँ सतरसार करब उसचत ्सहा आ ्े पापी के रसहरा करब िुससधाज्क असिा 24 रहा् लोक, नायाधीश आ िारिव् य िभ केँ आदर कयल जायता तैयो पभु िँ डे रारबला िँ पैघ सकयो ्सह असिा” 25 बुद्रा् दािक लेल सतरत लोक िभ िेसा करता 26 अप् काज रे बेिी बुद्रा् ्सह होउा आ िरकटक िरय रे अप् घररड ्सह करा 27 जे पररशर करै त असि आ िभ सकिु रे पचुरता करै त असि, िे ्ीक असि जे घररड करै त असि आ रोटीक अभास रे असिा 28 हे बेटा, ्मता रे अप् पाणक रसहरा कर आ ओकर गररराक अ्ुिार ओकर आदर करा 29 जे अप् पाणक ससर् पाप करै त असि तकरा के धर् ठहराओत? जे अप् पाणक अपरा् करै त असि तकरा के आदर करत? 30 गरीब केँ ओकर लूरर केँ िमा् भेटैत िै क, आ धस्क केँ ओकर ध्क कारणे ँ िमास्त कयल जाइत िै का 31 जे गरीबी रे िमास्त होइत असि, िे ध् रे कतेक बेिी आदर करै त असि? जे ध्-दौलत रे अपरास्त होइत असि, िे गरीबी रे कतेक बेिी? अध्य 11 1 बुद् ्ीच लोकक राि उठबैत असि आ ओकरा रहा् लोकक बीच बैिा दै त असिा 2 र्ुकक िौनय्क पशरिा ्सह करा आ ्े र्ुकक बाहरी रपक लेल घृणा करा 3 रकी जेह् रे रधुरािी कर होइत असिा रुदा ओकर फल रधुर स्ुक परुख होइत िै का 4 अप् सस आ ससक घररड ्सह कर आ आदरक सद् रे अप्ा केँ ऊँच ्सह कर, सकरक तँ पभुक काज अदव भुत असि आ र्ुषव य रे ह्कर काज ्ुकायल असिा 5 बहतो राजा जरी् पर बैिल िसिा आ जे कसहयो िोचल ्सह गेल िल िे रुकुट पसहर्े असिा 6 बहतो पराकरी लोक बहत बेइ्त भ’ गेल िसिा आ आदरणीय लोकस् केँ दोिरक हाि रे िौरपल गेलस्ा 7 ित केँ परखबा िँ पसह्े दोष ्सह सदयौका 8 कारण िु्बा िँ पसह्े को्ो उ्र ्सह सदयौक, आ ्े लोकक गप-िपक बीच रे टोसक सदयौका 9 को्ो रह् ससषय रे झगडा ्सह कर जे अहाँ क िरबरध रे ्सह होा आ पापी िभक िरग नाय रे ्सह बैिबा


10 हरर बेटा, बहतो बात रे ह्केप ्सह कर, सकरक तँ जँ अहाँ बहत ह्केप करब तँ स्द्ष ्सह होयबा जँ पािू-पािू चलब तँ को्ो लाभ ्सह भेटत आ ्े भासग कऽ बचबा” 11 रकटा रह् असि जे पररशर करै त असि, कष उठबैत असि आ जलबाजी करै त असि आ ओतेक पािू असिा 12 फेर रकटा आओर रह् असि जे ररद असि, ओकरा िहायताक आसशकता असि, िारर्क अभास आ गरीबी िँ भरल असिा तैयो पभुक ्जरर ओकरा ्ीक सदि तकलक आ ओकरा अप् ्ीचाँ िँ ठाढ कऽ दे लका 13 दु ःख िँ राि उठौलस्ा जे दे खस्हार बहतो लोक ह्का दे दख आयय्चसकत भ' गेलाहा 14 िरृद् आ ससपस्, जीस् आ रृतु, गरीबी आ ध्, पभुक दारा अबैत असिा 15 बुद्, जा् आ धर्-स्यरक िरझ पभुक असिा 16 गलती आ अनारक शुरआत पापी िभक िरग भेल िल, आ ओसह रे घररड करयसला िभक िरग अधलाह पुरा् भऽ जायता 17 पररेशव सरक सरदा् पररेशव सरक सरदा् पररेशव सरक िरग रहै त असि आ ह्कर अ्ुगह िदाक लेल िरृद् दै त असिा 18 ओ असि जे अप् िासधा् आ चुटकी िँ िरृ् होइत असि, आ ई ओकर इ्ारक सहसा असिा 19 ओ कहै त िसि जे , “हररा ससशार भेसट गेल असि, आब हर अप् िमस् रे िँ स्रर तर खायबा” आ तइयो ओकरा ई ्सह बुझल िै क जे ओकरा पर को् िरय आओत, आ ओ िभ बात ओकरा दोिर पर िोसड क’ ररय पडतैका 20 अप् साचा रे असडग रह आ ओसह रे िजग रह आ अप् काज रे बूढ भऽ जाउा 21 पापी िभक काज रे आयय्चसकत ्सह होउा रुदा पभु पर भरोिा राखू आ अप् पररशर रे ब्ल रह, सकरक तँ गरीब केँ अरीर ब्ाबय रे पभुक ्जरर रे अचा्क िहज काज होइत िै का 22 पररेशव सरक आशीसा् द पररेशव सरक आशीष पररेशव सरक फल रे होइत असि, आ अचा्क ओ अप् आशीसा् द केँ प्पबैत िसिा 23 ई ्सह कहब जे, हरर िेसा िँ को् लाभ? आ बाद रे हररा को् ्ीक चीज भेटत? 24 फेर ई ्सह कहब जे, हररा लग बहत असि आ बहत राि स्ु असि, आ बाद रे हररा को् दु षव ट होयत? 25 िरृद्क सद् रे दु ःखक सबिरर जाइत असि, आ कषक सद् रे आब िरृद्क सरण ्सह होइत असिा 26 सकरक तँ रृतव युक सद् पररेशव सरक लेल ई िहज काज असि जे र्ुषव य केँ ओकर आचरणक अ्ुिार पसतफल दे बा 27 रक घरटाक कष र्ुषव य केँ भोग-ससलाि केँ सबिरर दै त असिा 28 ओकर रृतु िँ पसह्े को्ो धनक नाय ्सह कर, सकरक तँ र्ुषव य अप् िरता् रे सचनल जायता 29 िभ केँ अप् घर रे ्सह आ्ू, सकरक तँ धोखेबाजक बहत राि ठे का् होइत िै का 30 जसह्ा तीतर केँ लऽ कऽ सपरजरा रे राखल जाइत िै क, तसह्ा घररडी लोकक हदय िेहो होइत िै का ओ जािूि जकाँ अहाँ क पत् पर ्जरर रखैत असिा 31 सकरक तँ ओ पतीका रे पडल रहै त असि आ ्ीक केँ अधलाह रे बदसल दै त असि, आ पशरिा योग काज रे अहाँ पर दोषी ठहराओता 32 आसग के सचरगारी िँ कोयला के ढे र जरर जाइत असि, आ पापी खू्क पतीका रे रहै त असिा

33 दु ष आदरी िँ िासधा् रह, सकरक तँ ओ दु षव ट काज करै त असिा कही र ओ तोरा पर िदा-िदा के धबा ्सह आस् दे ता 34 को्ो परदे शी केँ अप् घर रे लऽ जाउ, तख् ओ अहाँ केँ परे शा् करत आ अहाँ केँ अप् घर िँ बाहर स्कासल दे ता अध्य 12 1 जख् अहाँ ्ीक काज करब तख् ई जास् सलअ जे अहाँ केकरा लेल ई काज करै त िीा ते ँ अहाँ क उपकारक लेल धनसाद दे ल जायता 2 पररेशव सरक भलाई कर, तँ अहाँ केँ ओकर पसतफल भेटता आ जँ ह्का िँ ्सह, तइयो परराता िँा 3 जे िदै स अधलाह काज रे व् रहै त असि, आ ्े सभका ्सह दे स्हार केँ को्ो ्ीक ्सह भऽ िकैत असिा 4 पररेशव सरक भकव त र्ुख केँ दऽ सदअ, आ पापीक िहायता ्सह करा 5 ्ीच लोकक िरग ्ीक कर, रुदा अभ् केँ ्सह सदयौक, अप् रोटी रोकू आ ओकरा ्सह सदयौक, जासह िँ ओ अहाँ पर हासी ्सह भऽ जाय, सकरक तँ अहाँ केँ जतेक ्ीक होयत, तासह िँ दु गु्ा अधलाह भेटत ओकरा िरग कयल गेला 6 सकरक तँ पररेशव सर पापी िभ िँ घृणा करै त िसि आ अभ् िभ िँ पसतशोध दे सि् आ ह्का िभक दर डक पराकरी सद् िँ बचाबैत िसिा 7 ्ीक लोक केँ दऽ सदयौक आ पापी केँ रदसद ्सह करा 8 िरृद् रे सरत ्सह सचनल जा िकैत असि, आ शतु ससपस् रे ्ुकायल ्सह भ’ िकैत असिा 9 र्ुषव यक िरृद् रे शतु दु खी होयत, रुदा ओकर ससपस् रे सरत िेहो चसल जायता 10 अप् शतु पर कसहयो भरोिा ्सह कर, सकरक तँ जसह्ा लोहा जरग खाइत असि तसह्ा ओकर दु षता िेहोा 11 जँ ओ अप्ा केँ ्म ब्ा कऽ कुबडा कऽ चसल जाय, रुदा ओकरा िँ िासधा् रहब आ िासधा् रहब, आ अहाँ ओकरा लेल र्ा रहब जे्ा दे खबाक चशा पोि्े होयब आ बुझब जे ओकर जरग रकदर िँ ्सह पोिल गेल होा 12 ओकरा अप्ा लग रे ्सह राखू , जासह िँ ओ अहाँ केँ उखासड कऽ उखासड कऽ अहाँ क सा् पर ठाढ ्सह भऽ जायता आ ्े ओ अहाँ क दसह्ा कात बैिय, जासह िँ ओ अहाँ क आि् रे बैिय चाहै त असि, आ अहाँ अरततः हरर बात रो् पाडब आ ओसह रे चुभ् ्सह खायबा 13 िाँ पक कासट लेलक आ को्ो रह् को्ो जादू गर पर के दया करत जे जरगली जा्सरक लग अबैत असि? 14 जे केओ पापी लग जाइत असि आ ओकर पाप रे ओकरा िरग अशु् भऽ जाइत असि, िे के दया करत? 15 ओ सकिु काल धरर अहाँ क िरग रहत, रुदा जँ अहाँ खिय लागब तँ ओ दे री ्सह करता 16 शतु अप् ठोर िँ रधुर बजैत असि, रुदा हदय रे ओ िोचैत असि जे अहाँ केँ को्ा गडा रे फेसक दे त, ओ आँ दख िँ का्त, रुदा जँ असिर भेसट जायत तँ खू् िँ तृप ्सह होयता 17 जँ अहाँ पर को्ो ससपस् आओत तँ पसह्े ह्का ओतसह भेटतस्ा जँ ओ अहाँ क िहायता करबाक ्ाटक करत, रुदा अहाँ केँ ्ीचाँ खिा दे ता” 18 ओ राि सहलाओत, ताली बजाओत आ बहत फुिफुिाओत आ रुँह बदलता


अध्य 13 1 जे खिरा केँ िूबैत असि िे ओसह िँ अशु् भऽ जायता जे घररडी आदरीक िरगसत रखैत असि िे ओकरा जकाँ होयता 2 जीबैत काल अप्ा केँ अप् िारर् िँ बेिी बोझ ्सह लगाउा आ अप्ा िँ बेिी शद्शाली आ ध्ी लोकक िरग को्ो िरगसत ्सह राखू, सकरक तँ केतली आ रासटक घैल को्ा रक दोिरा िँ सरलैत असि? सकरक तँ जँ रक दोिर पर पहार कयल जायत तँ ओ टू सट जायता” 3 धस्क लोक अधलाह के्े असि, तइयो ओ धरकी दै त असि, गरीब पर अनाय होइत असि आ ओकरा िेहो सस्ती करबाक चाहीा 4 जँ अहाँ ह्कर लाभक लेल रहब तँ ओ अहाँ क उपयोग करत, रुदा जँ अहाँ लग सकिु ्सह असि तँ ओ अहाँ केँ िोसड दे ता 5 जँ अहाँ लग को्ो स्ु असि तँ ओ अहाँ क िरग रहता 6 जँ ओकरा तोहर जररत िै क तँ ओ तोरा धोखा दे त आ तोरा पर रुसुराओत आ तोरा आशा रे राखता ओ अहाँ केँ ्ीक जकाँ कहत आ कहत जे अहाँ केँ की चाही? 7 ओ अहाँ केँ अप् भोज् िँ लद्त करत, जाबत धरर ओ अहाँ केँ दू -ती् बेर िुखायल ्सह खीच र त, आ अरत रे ओ अहाँ केँ सतरसार रे हँ ित, बाद रे जख् ओ अहाँ केँ दे खत तख् अहाँ केँ िोसड दे त आ अहाँ केँ राि सहला दे ता 8 िासधा् रह जे अहाँ अप् उलाि रे धोखा ्सह खाउ आ ्ीचाँ ्सह खिल जाउा 9 जँ अहाँ केँ को्ो पराकरी दारा आररसतत कयल जायत तँ अप्ा केँ हसट जाउ, आ ओ अहाँ केँ ओतेक बेिी आररसतत करताहा 10 ओकरा पर दबाब ्सह सदयौक, जासह िँ अहाँ पािू ्सह भ’ जायबा दू र ्सह ठाढ रह, कही र सबिरल ्सह जाउा 11 गप-िप रे ह्कर बराबर ्सह ब्ू आ ह्कर अ्ेक बात पर ससशाि ्सह कर, सकरक तँ ओ अहाँ केँ बहत राि बात-बात रे परीका दे त आ अहाँ पर रुसुराइत अहाँ क रहस केँ बाहर स्कालता 12 रुदा ओ अहाँ क बात केँ कूरतापूस्क जरा कऽ लेताह, आ अहाँ केँ को्ो आपस् करबा रे आ अहाँ केँ जेल रे राखय रे को्ो जु्ू् ्सह करता 13 धा् राखू आ िासधा् रह, सकरक तँ अहाँ अप् उखासडपसड कऽ खटखट रे चसल रहल िीा 14 जीस् भरर पभु िँ पेर कर आ अप् उ्ारक लेल ह्का पुकारा 15 िभ पाणी अप्-अप् िदश पेर करै त असि आ िभ अप्अप् पडोिी िँ पेर करै त असिा 16 िभ र्ुख अप् तरहक िरग सरलैत असि, आ र्ुषव य अप् िदशक िरग सचपकल रहता 17 भेसडयाक रेर्ा िँ को् िरगसत असि? तसह्ा पापी भगसा्व के िरगा 18 हाइ्ा आ कुकुरक बीच की िहरसत असि? आ धस्क आ गरीबक बीच को् शार सत? 19 जसह्ा जरगल रे जरगली गदहा सिरहक सशकार होइत असि, तसह्ा धस्क लोक गरीब केँ खा जाइत असिा 20 जे्ा घररडी लोक सस्मता िँ घृणा करै त असि, तसह्ा धस्क लोक गरीब िँ घृणा करै त असिा 21 जे ध्ी आदरी खिय लगैत असि ओकरा ओकर सरत िभ पकसड लैत असि, रुदा गरीब केँ ओकर सरत िभ धकेसल दै त िै का

22 जख् को्ो ध्ी आदरी खसि पडै त असि तख् ओकर बहत राि िहायक होइत िै क, ओ बात ्सह बजैत िै क, रुदा लोक ओकरा धर् ठहरबैत िै का ओ बुद्रा्ी िँ बजैत िलाह, आ ह्का को्ो सा् ्सह िलस्ा 23 जख् को्ो ध्ी लोक बजैत असि तँ िभ अप् जीह पकसड लैत असि आ दे खू, ओ जे कहै त असि, तकर पशरिा रेघ धरर करै त असिा आ जँ ठोकर खारत तँ ओकरा उखाडबारे रदसत करता 24 जकरा पाप ्सह िै क तकरा लेल ध्-दौलत ्ीक होइत िै क आ अभ्क रुँह रे गरीबी अधलाह होइत िै का 25 र्ुषव यक हदय अप् चेहरा बदलैत असि, चाहे ओ ्ीक हो सा अधलाहा 26 पिर चेहरा रकटा रह् हदयक स्शा्ी असि जे िरृद् रे असिा आ दषानक खोज र्क िकाऊ शर सिका अध्य 14 1 धन असि ओ आदरी जे रुँह िँ सफिलल ्सह असि आ पापक भररार िँ चुभल ्सह असिा 2 धन असि ओ जे सससेक ओकरा दोषी ्सह ठहरौलक आ जे पभुक आशा िँ ्सह खिल असिा 3 ध्-दौलत ्ीचक लेल ्ीक ्सह होइत िै क, आ ईषा् लु केँ पाइ िँ की करबाक चाही? 4 जे अप् पाण केँ धोखा दऽ कऽ जरा करै त असि, िे दोिरक लेल जरा करै त असि, जे ओकर िरव पस् उधर रचाबैत असिा 5 जे अप्ा लेल अधलाह असि, िे केकरा लेल ्ीक होयत? अप् राल रे आ्न ्सह लेता 6 जे अप्ा आप िँ ईषा् करै त असि, तासह िँ बेिी अधलाह केओ ्सह असिा आ ई ओकर दु षताक पसतफल सिका 7 जँ ओ ्ीक काज करै त असि तँ ओ अस्चा िँ करै त असिा आ अरत रे ओ अप् दु षताक घोषणा करता 8 ईषा् करऽ सला आदरीक दु षव ट आँ दख होइत िै का ओ अप् रुँह घुरा लैत असि आ र्ुषव य केँ सतरसार करै त असिा 9 लोभीक आँ दख अप् भाग िँ तृप ्सह होइत िै का आ दु षक अधर् ओकर पाण केँ िुखा दै त िै का 10 दु ष आँ दख अप् रोटी िँ ईषा् करै त असि, आ ओ अप् टे बुल पर घोर असिा 11 हरर बेटा, अप् िारर्क अ्ुिार अप् भलाई कर आ पभु केँ ह्कर उसचत बसलदा् सदअा 12 रो् राखू जे रृतुक आगर् रे बेिी सद् ्सह होयत आ कबरक साचा अहाँ केँ ्सह दे खाओल गेल असिा 13 ररबािँ पसह्े अप् सरतक भलाई कर आ अप् िारर्क अ्ुिार हाि बढा कऽ ओकरा दऽ सदयौका 14 ्ीक सद्क लेल अप्ा केँ धोखा ्सह सदयौक आ ्ीक इचाक भाग अहाँ केँ पार ्सह करया 15 की अहाँ अप् कष दोिर पर ्सह िोडब? आ तोहर रेह्सत सचटी रे बाँ टल जायब? 16 अप् पाण केँ सदअ, लऽ सलअ आ पससत करा कारण, सचता रे सासदष भोज्क खोज ्सह होइत िै का 17 िभ रार ि सस जकाँ बूढ भऽ जाइत असि, सकरक तँ शुरर िँ ई साचा असि जे, “अहाँ ररर कऽ ररर जायबा” 18 रोटका गािक हररयर पात जकाँ सकिु खसि पडै त असि आ सकिु बढै त असिा तसह्ा खू्-रार िक पीढी िेहो असि, रकटाक अरत भ’ जाइत िै क आ दोिरक जन होइत िै का


19 िभ काज िडै त असि आ भस भऽ जाइत असि, आ ओकर काज करस्हार िेहो चलैत रहता 20 धन असि ओ आदरी जे बुद् िँ ्ीक बात पर सचरत् करै त असि आ अप् बुद् िँ पससत बात पर ससचार करै त असिा 21 जे केओ र् रे ओकर बाट पर ससचार करत, ओकरा ओकर गुप बात रे िेहो बुझल रहतैका 22 ओकर पािाँ -पािाँ जाउ जे्ा को्ो पता लगाबऽ सला असि आ ओकर बाट-बाट रे डूबल रहा 23 जे ओकर दखडकी पर चढै त असि, िे ओकर दरब्ा पर िेहो िु्ता 24 जे केओ ओकर घरक लग रे रहय, ओकर दे बाल रे रकटा सप् िेहो बादन दे ता 25 ओ ओकरा लग अप् डे रा ठाढ करत आ ओसह रे ठहरत जतय ्ीक-्ीक स्ु होा 26 ओ अप् बचा िभ केँ ओकर आशय रे राखत आ ओकर डारर िभक ्ीचाँ बैिता 27 ओकरा दारा ओ गर् िँ झाँ पल रहत आ ओकर रसहरा रे रहता अध्य 15 1 जे पभु िँ डे राइत असि िे ्ीक काज करत, आ जकरा धर् स्यरक जा् असि, ओकरा ओकरा पाप करता 2 ओ रायक रप रे ह्का िँ भेट करत आ कुरारर िँ सससासहत पती जकाँ ह्का गहण करतीहा 3 ओ बुद्क रोटी िँ ओकरा खुआओत आ ओकरा पीबाक लेल बुद्क पास् दे तीहा 4 ओ ओकरा पर सटकल रहत, आ ्सह सहलता आ ओकरा पर भरोिा करत, आ भसरत ्सह होयता 5 ओ ओकरा अप् पडोिी िँ ऊपर उठाओत आ ररडली रे ओकर रुँह खोसल लेतीहा 6 ओकरा आ्न आ आ्नक रुकुट भेटतैक, आ ओ ओकरा अ्न ्ारक उ्रासधकारी ब्ा दे तीहा 7 रुदा रूख् लोक ओकरा लग ्सह पहँ चत आ पापी िभ ओकरा ्सह दे खतैका 8 ओ घररड िँ दू र िसि आ झूठ बाजस्हार लोक ह्का रो् ्सह पासब िकैत िसिा 9 पापी के रुँह रे ्ुसत ्ीक ्सह होइत िै क, सकरक त’ ओकरा पभु दारा ्सह पठाओल गेल िै का 10 कारण, ्ुसत बुद् िँ कयल जायत, आ पभु ओकरा िरृद् दे ताहा 11 अहाँ ई ्सह कह जे हर पभुक दारा चसल गेलहँ , सकरक तँ अहाँ केँ ओ काज ्सह करबाक चाही जकरा ओ घृणा करै त िसिा” 12 अहाँ ई ्सह कह जे ओ हररा भटका दे लस्, सकरक तँ ओकरा पापीक को्ो आसशव यकता ्सहा 13 पभु िभ घृसणत काज िँ घृणा करै त िसिा जे िभ पररेशव सरक भय रा्ैत असि, िे िभ रकरा पेर ्सह करै त असिा 14 ओ शुरर िँ र्ुख केँ ब्ौलस् आ ओकरा अप् ससचारक हाि रे िोसड दे लस्ा 15 जँ अहाँ चाहै िी तँ आजा िभक पाल् कर आ सीकाय् ससशव साि करबा 16 ओ अहाँ क िोझाँ रे आसग आ पास् रादख दे लस् असिा 17 र्ुषव यक आगाँ जीस् आ रृतु असिा आ ओकरा ्ीक लागय सक ्सह, ओकरा दे ल जेतैा

18 पभुक बुद् बहत पैघ असि, ओ िारर् रे पराकरी िसि आ िभ सकिु दे खैत िसिा 19 ओकर ्जरर ओकरा िभ पर रहै त िै क जे ओकरा डरै त िै क, आ र्ुषव यक िभ काज केँ ओ ज्ैत िै का 20 ओ ककरो अधलाह काज करबाक आजा ्सह दे लस् आ ्े ककरो पाप करबाक अ्ुरसत दे लस्ा अध्य 16 1 अ्ि्क िरता्क भीड ्सह चाहै त िी आ ्े अभ् पुत रे आ्दनत होउा 2 जँ ओ िभ बढै त िसि, रुदा ह्का िभ रे आ्दनत ्सह रह, जाबत धरर पभुक भय ह्का िभक िरग ्सह रहता 3 ह्का िभक जीस् पर भरोिा ्सह कर आ ्े ह्का िभक भीड केँ आदर कर, सकरक तँ रक हजार िँ ्ीक जे धासर्क असिा आ अभ् लोकक रहबा िँ ्ीक जे सब्ा िरता्क ररबा 4 सकरक तँ बुद्रा्क दारा ्गर भरर कऽ आओत, रुदा दु षव ट लोकक ि्व ता् िभ जदलये उजाड भऽ जायता 5 रहे ् बहत राि बात हर आँ दख िँ दे खलहँ आ का् रसह िभ िँ पैघ बात िु्​्े असिा 6 अभ् िभक ररडली रे आसग जडल जायता आ ससदोही राष् रे कोध रे आसग लगा दे ल जाइत िै का 7 ओ बूढ सदगज िभक पसत शान ्सह भेलाह, जे अप् रूख्ताक बल रे खसि पडलाहा 8 ओ ओसह सा् केँ ्सह िोडलस् जतय लूत पसाि करै त िलाह, बलव सक ह्का िभ केँ घररड करबाक कारणे ँ घृणा कयलस्ा 9 ओ सस्ाशक लोक िभ पर दया ्सह उठौलस् जे पाप रे चसल गेल िला 10 आ ्े िह लाख पैदल िैस्क जे अप् हदयक कठोरता रे जरा भेल िला 11 जँ लोक िभक बीच कठोर गरदस् रहल असि तँ ओ अदम दर सडत भऽ कऽ बसच जाय तँ आयय् होयता ओ करा करबा रे आ ्ाराजगी उसझलबा रे पराकरी असिा 12 जसह्ा ओकर दया बेिी होइत िै क, तसह्ा ओकर िुधार िेहो होइत िै क 13 पापी अप् लूट-पाट ल’ क’ ्सह बसच िकैत असि, आ पररेशव सरक धैय् रे को्ो कसत ्सह होयता 14 दयाक िभ काजक लेल बाट ब्ाउ, सकरक तँ पतेक केओ अप् काजक अ्ुिार पाओता 15 पभु सफरौ् केँ कठोर कऽ दे लसि् जे ओ ह्का ्सह सचनसि, जासह िँ ह्कर िारर्क काज िरिार रे बुझल जा िकया 16 ह्कर दया िभ पाणी पर पगट होइत िस्ा आ ओ अप् इजोत केँ अनार िँ असडग भ' क' अलग क' दे ्े िसिा 17 अहाँ ई ्सह कहब जे हर पभु िँ ्ुका जायबा रतेक लोकक बीच हररा सरण ्सह कयल जायत, कारण रतेक अिीर पाणी रे हरर आता की असि? 18 दे खू, आकाश, आकाशक आकाश, गहीरर आ पृिव सी आ ओसह रे जे सकिु असि, तख् जख् ओ घुरताह तख् सहलता 19 जख् पररेशव सर ओकरा िभ केँ दे खैत िसि तँ पृिव सीक पहाड आ ्ीसर िभ काँ सप कऽ सहलैत असिा 20 रसह िभ बात पर को्ो हदय उसचत रपे ँ ्सह िोसच िकैत असिा 21 ई रकटा रह् तूफा् असि जकरा केओ ्सह दे दख िकैत असि, सकरक तँ ओकर असधकार श काज ्ुकायल असिा


22 अप् नायक काज के घोषणा क’ िकैत असि? सा के िसह िकैत असि? कारण, ह्कर साचा दू र असि, आ िभ सकिु क परीका अरत रे असिा 23 जे बुद्क करी करै त असि ओ वि् बात पर िोचत, आ भसरत रूख् रूख्ताक कल्ा करै त असिा 24 हरर बेटा, हरर बात िु्ू आ जा् िीखू आ हरर बात केँ अप् हदय िँ सचदनत करा 25 हर सशका केँ तौल रे दे खा दे ब आ ह्कर जा् केँ ठीक-ठीक बता दे बा 26 पभुक काज िभ शुर िँ ्व याय रे कयल जाइत असि, आ जसहया िँ ओ ओकरा ब्ौलस् तख्सह िँ ओकर भाग िभ केँ स्पटारा कयलस्ा 27 ओ अप् काज िभ केँ अ्न काल धरर िजाबैत रहलाह, आ िभ पीढी धरर ह्का िभक हाि रे परुख िसिा 28 ओकरा िभ रे िँ सकयो दोिर केँ बासधत ्सह करै त असि, आ ओ िभ कसहयो ह्कर सच्क आजा ्सह रा्ता 29 रकर बाद पभु पृिव सी सदि तकलस् आ ओकरा अप् आशीष िँ भरर दे लस्ा 30 ओ िभ तरहक जीस-जनु िँ ओकर रुँह झाँ सप दे ्े िसिा ओ िभ फेर ओसह रे घुरर जेताहा” अध्य 17 1 पभु पृिव सी िँ र्ुषव य केँ िृसजत कयलस् आ ओकरा फेर िँ ओसह रे बदसल दे लस्ा 2 ओ ओकरा िभ केँ सकिु सद्, कर िरय, आ ओसह रे राखल स्ु िभ पर िेहो असधकार दे लसि्ा 3 ओ ह्का िभ केँ अप्ा आप रे बल दऽ कऽ अप् पसतरपक अ्ुिार ब्ौलस्ा 4 र्ुषव यक भय िभ पाणी पर लगा दे लक आ ओकरा पशु आ सचडै िभ पर असधकार दे लका 5 ह्का िभ केँ पभुक पाँ चटा सकयाक उपयोग भेटलस्, आ िठर सा् पर ओ ह्का िभ केँ िरझ आ िातर भाषण रे ओकर सचरत्-सचरत्क वायाकार पदा् कयलस्ा 6 ह्का िभ केँ िलाह, जीह, आँ दख, का् आ हदय ह्का िभ केँ बुझय रे आसब गेलस्ा 7 ओ ओकरा िभ केँ बुझबाक जा् िँ भरर दे लसि् आ ्ीकबेजाय केँ दे खौलस्ा 8 ओ ह्का िभक हदय पर ्जरर रखलस् जासह िँ ओ ह्का िभ केँ अप् काजक रहा्ता दे खाबसिा 9 ओ ह्का िभ केँ अप् अदव भुत काज रे अ्न काल धरर गौरस करऽ दे लसि्, जासह िँ ओ िभ ह्कर काज िभ केँ बुद्रा्ी िँ पचाररत करसिा 10 चु्ल गेल लोक िभ ह्कर पससत ्ारक ्ुसत करताहा 11 रकर असतरर् ओ ह्का िभ केँ जा् आ जीस्क वससा केँ धरोहरक रप रे दे लस्ा 12 ओ ह्का िभक िरग अ्न कालक साचा कयलस् आ ह्का िभ केँ अप् ्व याय िभ केँ दे खौलस्ा 13 ह्का िभक आँ दख ह्कर रसहराक रसहरा दे दख रहल िल आ का् ह्कर रसहरापूण् आसाज िु्लका 14 ओ ह्का िभ केँ कहलसि्, “िब अधर् िँ िासधा् रहा ओ िभ अप्ा-अप् पडोिीक ससषय रे आजा दे लसि्ा 15 ह्का िभक बाट ह्का िभक िोझाँ िसदख् रहै त िस्, आ ह्कर ्जरर िँ ्ुकारल ्सह रहतस्ा

16 हरे क आदरी अप् जसा्ी िँ अधलाह काज रे डूबल असिा आ ्े पािरक बदला अप्ा लेल रार िल हदय ब्ा िकैत िला 17 पूरा पृिव सीक जासत िभक बँटसारा रे ओ िभ पजा पर रकटा शािक ब्ौलस्ा रुदा इसारल पभुक भाग असिा 18 ओ अप् जेठ बचा रसहतो अ्ुशाि्क िरग पोिैत िसि आ अप् पेरक इजोत दै त ह्का ्सह िोडै त िसिा 19 ते ँ ह्का िभक िभ काज ह्का िभक िोझाँ िूय् जकाँ असि आ ह्कर ्जरर ह्का िभक बाट पर िसदख् रहै त िस्ा 20 ह्का िभक को्ो अधर्क काज ह्का िँ ्ुकायल ्सह असि, रुदा ह्का िभक िभ पाप पभुक िरक असि 21 रुदा पभु कृपालु आ अप् कारीगरी केँ ज्ैत ह्का िभ केँ ्सह िोसड दे लस् आ ्े िोसड दे लस्, बलव सक ह्का िभ केँ बखलस्ा 22 र्ुषव यक सभका ओकरा लेल रकटा स्शा् जकाँ होइत िै क, आ ओ र्ुषव यक ्ीक काज केँ आँ दखक ्ेबो जकाँ राखत आ अप् बेटा-बेटी िभ केँ पयाताप करता 23 तकर बाद ओ उसठ कऽ ओकरा िभ केँ इ्ार दे सि् आ ओकर िभक पसतफल ओकरा िभक राि पर दे सि्ा 24 रुदा जे िभ पयाताप करै त िल, तकरा िभ केँ ओ ओकरा िभ केँ घुरर कऽ आ्य दे लस् आ धैय् रे ससफल रहस्हार िभ केँ िान्​्ा दे लस्ा 25 पभु लग घुरर जाउ आ अप् पाप केँ तासग जाउ, ह्का िार्े अप् पाि्​्ा कर आ कर अपराध करा 26 पररेशव सर पररेशव सर सदि घुर आ अधर् िँ रुडू, सकरक तँ ओ अहाँ केँ अ्व हार रे िँ सावक इजोत रे लऽ जायत आ घृसणत काज िँ घृणा करबा 27 जे जीबैत असि आ धनसाद दै त असि, ओकर बदला रे कबर रे पररेशव सरक ्ुसत के करत? 28 रृतव यु रे िँ ध्व यसाद ्ाश भऽ जाइत असि, जे्ा सक रृतव यु िँ ्ष भऽ जाइत असिा 29 हररा िभक पररेशव सर पभुक दया आ ह्कर दया कतेक पैघ असि जे पससतता रे ह्का सदि घुरैत असि! 30 र्ुख रे िभ सकिु ्सह भऽ िकैत असि, सकरक तँ र्ुषव यक पुत अरर ्सह असिा 31 िूय्िँ बेिी उजल की असि? तैयो ओकर इजोत कीण भ’ जाइत िै का आ खू्-रार ि अधलाहक कल्ा करता 32 ओ िव सग्क ऊँचाईक िारर् केँ दे खैत िसिा आ िभ र्ुख रासट आ भस रात असिा अध्य 18 1 जे अ्न काल धरर जीबैत असि, ओ िभ स्ु केँ िारान रप िँ ब्ौ्े असिा 2 पभु रात धर् िसि, आ ह्का िोसड आ् केओ ्सह असिा 3 ओ अप् हिेली िँ िरिारक शाि् करै त िसि आ िभ सकिु ह्कर इचाक पाल् करै त िसि, सकरक तँ ओ िभ िभक राजा िसि आ अप् िारिव् य दारा पससत स्ु िभ केँ अपससत िँ बाँ सट दै त िसिा 4 ओ केकरा अप् काजक पचार करबाक असधकार दे लस्? आ ओकर उदा् काज के के पता चलत? 5 ह्कर रसहराक िारर् के सग्त? आ ओकर दया के कहत? 6 जँ पररेशव सरक आयय्क काजक बात तँ ओकरा िभ िँ सकिु ्सह िी्ल जा िकैत असि आ ्े ओकरा िभ केँ को्ो स्ु दे ल


जा िकैत असि आ ्े ओकर जरी्क पता लगाओल जा िकैत असिा 7 जख् र्ुषव यक काज कऽ लेत तख् ओ शुर भऽ जाइत असिा आ जख् िोसड दे त तख् ओकरा िरदेह होयता 8 र्ुषव यक की होइत असि आ ओ को् काजक िेसा करै त असि? ओकर की ्ीक आ की अधलाह? 9 र्ुषक सद्क िरया बेिी िँ बेिी िय सष् होइत िै का 10 िरुद रे पास् के बूरद आ बालु के तुल्ा रे सगटी के पािर जकाँ ा तसह्ा हजार सष् अ्न काल धरर होइत िै का 11 ते ँ पररेशव सर ह्का िभक पसत धैय् रखैत िसि आ ह्का िभ पर अप् दया बहाबैत िसिा 12 ओ ह्का िभक अरत केँ अधलाह बुसझ कऽ बुसझ गेलाहा ते ँ ओ अप् करणा केँ बढौलस्ा 13 र्ुषव यक दया अप् पडोिी पर होइत िै का रुदा पभुक दया िभ शरीर पर असि, ओ डाँ टैत िसि, पोिैत िसि, सिखाबैत िसि आ अप् भेड ँ ा केँ चरबाह जकाँ फेर िँ लऽ जाइत िसिा 14 जे लोक िभ केँ अ्ुशाि् भेटैत िै क आ जे िभ ह्कर ्व याय केँ पूरा-पूरा ताकैत असि, तकरा िभ पर ओ दया करै त िसिा 15 बौआ, अप् ्ीक काज पर को्ो दोष ्सह लगाउ, आ ्े को्ो स्ु दे बा काल अिहज शबक पयोग करा 16 की ओि गर् केँ ्सह रारत? तसह्ा सरदा्िँ शब ्ीक होइत िै का 17 दे खू, की सरदा् िँ रक शब ्ीक ्सह? रुदा दु ्ू गोटे कृपालु आदरीक िरग िसिा 18 रूख् गडबडाइत असि आ ईषा् लु लोकक सरदा् आँ दख केँ भस कऽ दै त असिा 19 बजबािँ पसह्े िीखू, आ शारीररकताक पयोग कर सा कसहयो बीरार रहा 20 ्व याय िँ पसह्े अप्ा केँ परदख सलअ, आ पररेशव सरक सद् अहाँ केँ दया भेटता 21 बीरार पडबा िँ पसह्े अप्ा केँ ्म ब्ाउ, आ पापक िरय रे पयाताप करऽा 22 िरय पर अप् वत पूरा करबा रे को्ो बाधा ्सह होउ आ धर् ठहरबाक लेल रृतु धरर ससगत ्सह होउा 23 पाि्​्ा करबा िँ पसह्े अप्ा केँ तैयार करा आ पभु केँ पलोभ् दे स्हार जकाँ ्सह ब्ूा” 24 अन रे जे कोध होयत आ पसतशोधक िरय पर िोचू, जख् ओ रुँह घुरा लेताहा 25 जख् अहाँ क पाि पेट भऽ जायत तख् भूखक िरय रो् राखू, आ जख् अहाँ धस्क भऽ जायब तख् गरीबी आ आसशकता पर ससचार करा 26 भोर िँ िाँ झ धरर िरय बदसल जाइत असि आ पभुक िरक िभ काज जदलये भऽ जाइत असिा 27 बुद्रा् लोक िभ बात रे डरै त रहत, आ पाप करबाक सद् अपराध िँ िासधा् रहत, रुदा रूख् िरयक पाल् ्सह करता 28 बुद्रा् लोक बुद् केँ ज्ैत असि आ जे ओकरा पासब गेल असि ओकर पशरिा करता 29 जे िभ बात रे बुद्रा् िल, िे िभ िेहो बुद्रा् भऽ गेल आ उ्र दषान िभ उझसल दे लका 30 अप् इचाक अ्ुिरण ्सह कर, बलव सक अप् भूख िँ परहे ज करा 31 जँ अहाँ अप् पाण केँ ओसह कार्ा िभ केँ दऽ दे ब जे ओकरा ्ीक लगैत असि तँ ओ अहाँ केँ अहाँ क बद्ारी करयसला शतु िभक लेल हँ िीक पात ब्ा दे ता

32 बेिी हष् रे पिर ्सह होउ आ ्े ओकर खच् रे बानल रहा 33 जख् अहाँ क पि् रे सकिु ्सह असि तख् उधार लेला पर भोज-भात कऽ सभखारी ्सह ब्ाउ, सकरक तँ अहाँ अप् पाणक लेल पतीका रे पडल रहब आ गप-िप करबा अध्य 19 1 जे शसरक ्शा रे डूबल असि िे धस्क ्सह होयत, आ जे िोट-िोट बात केँ सतरसार करै त असि िे कस्-रस् खसि पडता 2 रसदरा आ िव ती िभ बुद्रा् पुरष केँ खसि पडतस्, आ सेशा िभ िँ सचपकल रहस्हार अधलाह भऽ जायता 3 पतरग आ कीडा-रकोडा ओकरा धरोहर रे भेटतैक, आ रकटा िाहिी आदरी केँ लऽ जेतैा 4 जे जलबाजी रे शेय दै त असि, िे हलुक असिा जे पाप करै त असि, िे अप् आतव रा पर दोषी ठहराओता” 5 जे केओ दु षता रे पिर होइत असि, तकरा दोषी ठहराओल जायता 6 जे अप् जीह पर राज कऽ िकैत असि, िे सब्ा को्ो झगडा के जीससत रहता जे बकबक िँ घृणा करै त असि तकरा अधलाह कर होयता 7 जे बात अहाँ केँ कहल गेल असि, िे दोिर केँ अभाि ्सह कर, तख् अहाँ केँ रसह िँ बेिी खराब दससत कसहयो ्सह होयता 8 सरत हो सा शतु, दोिरक पाणक गप ्सह करा आ जँ अहाँ स्द्ष कऽ िकैत िी तँ ओकरा िभ केँ पकट ्सह करा 9 ओ अहाँ क बात िुस् कऽ दे खैत रहलाह, आ जख् िरय आओत तख् ओ अहाँ िँ घृणा करताहा 10 जँ अहाँ को्ो सच् िु्​्े िी तँ ओ अप् िरग ररर जाउा आ िाहि कर, ई अहाँ केँ ्सह फटता 11 रूख् रकटा सच् िँ पिस करै त असि, जे्ा बचाक पिस करस्हार सीा 12 जे्ा र्ुषव यक जाँ घ रे बाण सचपकल रहै त असि, तसह्ा रूख्क पेट रे शब िेहो होइत असिा 13 को्ो सरत केँ उपदे श सदअ, भऽ िकैत असि जे ओ ई काज ्सह के्े होा 14 अप् सरत केँ उपदे श सदअ, भऽ िकैत असि जे ओ ई बात ्सह कह्े होा 15 सरत केँ उपदे श सदअ, सकरक तँ ई बहत बेर स्ना होइत असि, आ िभ किा पर ससशाि ्सह करा 16 रकटा रह् असि जे अप् बात रे सफिलैत असि, रुदा हदय िँ ्सहा आ के असि जे अप् जीह िँ को्ो आपस् ्सह के्े असि? 17 अप् पडोिी केँ धरकी दे बा िँ पसह्े ओकरा उपदे श सदअा आ कोसधत ्सह भऽ परर पररेशव सरक स्यर केँ जगह दऽ सदयौका 18 पभुक भय ह्का सीकार करबाक पसहल डे ग असि, आ बुद् ह्कर पेर पाप करै त असिा 19 पभुक आजाक जा् जीस्क सशका सिक, आ जे ह्का ्ीक लगैत असि, तकरा अररताक गािक फल भेटतस्ा 20 पभुक भय िभ बुद् असिा आ िभ बुद् रे वससाक पाल् आ ओकर िस्शद्रा्ताक जा् असिा 21 जँ को्ो ्ोकर अप् रासलक केँ कहत जे, “हर अहाँ क इचा्ुिार ्सह करबा” यदसप बाद रे ओ रह् काज करै त असि, रुदा जे ओकरा पोिैत असि तकरा कोसधत करै त असिा


22 दु षताक जा् को्ो बुद् ्सह असि आ ्े को्ो िरय पापी िभक सससेच्ा 23 रकटा दु षता असि आ ओ घृसणत काज असिा आ बुद्क अभास रूख् असिा 24 जे िोट बुद् रखैत असि आ पररेशव सर िँ डरै त असि, ओ ओसह िँ ्ीक असि जे बहत बुद् रखैत असि आ परर पररेशव सरक स्यरक उलरघ् करै त असिा 25 रकटा उ्र चतुराई असि, आ िे अनाय असिा रकटा रह् असि जे ्व याय केँ पगट करबाक लेल घुसर जाइत असिा रकटा रह् बुद्रा् लोक असि जे नाय रे धर् ठहरबैत असिा 26 रकटा दु ष आदरी असि जे उदाि भऽ कऽ राि पर लटकल असिा रुदा भीतर िँ ओ िल-पपरच िँ भरल असिा 27 ओ अप् रुँह ्ीचाँ फेसक कऽ जे्ा ्सह िु्​्े होसिा 28 जँ शद्क अभास रे पाप करबा रे बाधा पहँ सच जायत, तख्ो जख् ओकरा असिर भेटतैक तख् ओ अधलाह काज करता 29 जख् अहाँ ओकरा िँ भेट करब तख् र्ुषव य केँ ओकर ्जरर िँ सचनल जा िकैत असि आ जे बुद्रा् असि ओकरा ओकर चेहरा िँ सचनल जा िकैत असिा 30 र्ुषव यक पररधा्, असत हँ िी आ चल्-चल्, ई दे खाबैत असि जे ओ की असिा अध्य 20 1 रकटा रह् डाँ ट असि जे उसचत ्सह असि, फेर सकयो अप् जीह पकड्े रहै त असि आ ओ बुद्रा् होइत असिा 2 गुप रप िँ कोसधत होयबा िँ बेिी ्ीक, डाँ टब, और जे अप् दोष सीकार करत, तकरा आहत िँ बचाओल जायता 3 जख् अहाँ केँ डाँ ट दे ल जायत तख् अहाँ पयाताप करब कतेक ्ीक असि! सकरक तँ र्ा अहाँ जास्-बुसझ कऽ पाप िँ बसच जायबा” 4 जसह्ा ्पुरिकक कुरारर केँ फूल तोडबाक साि्ा होइत िै का तसह्ा जे सहर िाक िरग नाय करै त असिा 5 रकटा रह् असि जे चुप रहै त असि आ बुद्रा् पाओल जाइत असिा 6 सकयो अप् जीह पकड्े रहै त असि, कारण ओकरा उ्र दे बऽ ्सह पडै त िै का 7 बुद्रा् लोक जाबत धरर रौका ्सह दे खत ता धरर अप् जीह पकसड लेत, रुदा बकबक करयसला आ रूख् िरयक को्ो परसाह ्सह करता 8 जे बहत शबक पयोग करै त असि, तकरा घृणा कयल जायता जे ओसह रे असधकार गहण करै त असि, ओकरा घृणा कयल जायता 9 रकटा रह् पापी असि जकरा अधलाह काज रे ्ीक िफलता भेटैत िै का आ रकटा रह् लाभ होइत िै क जे हास् रे बदसल जाइत िै का 10 रह् सरदा् असि जकरा अहाँ केँ को्ो फायदा ्सह होयता आ रकटा रह् सरदा् असि जकर पसतफल दु गु्ा होइत िै का 11 रसहराक कारणे ँ अपरा् होइत िै का आ ओतसह असि जे ्ीचाँ क िमस् िँ राि उठबैत असिा 12 रह् लोक असि जे िोडे क दार रे बेिी कीस् लैत असि आ ओकरा िात गु्ा चुका दै त असिा 13 बुद्रा् अप् बात िँ सपय ब्बैत असि, रुदा रूख् िभक कृपा बहाओल जायता

14 रूख्क सरदा् जख् अहाँ लग भेटत तख् अहाँ क को्ो उपकार ्सह होयता आ ्े ईषा् करऽ सला िभक आसशव यकताक कारणे,ँ सकरक तँ ओ रक गोटे क बदला रे बहत सकिु पाबय चाहै त असिा 15 ओ कर दै त असि, आ बेिी डाँ टैत असिा ओ का्य बला जकाँ रुँह खोलैत असिा आइ ओ उधार दै त िसि आ काद् फेर राँ गताहा 16 रूख् कहै त असि, “हरर को्ो सरत ्सह असि, हरर िभ ्ीक काजक लेल हररा को्ो धनसाद ्सह असि, आ हरर रोटी खास्हार िभ हररा पर अधलाह बजैत असिा” 17 कतेक बेर आ कतेक बेर ओकरा सतरसृत करबाक लेल हँ सिओल जायत! सकरक तँ ओ ठीके ्सह ज्ैत असि जे ओकरा की होबाक चाहीा आ ओकरा लेल िभटा रक असि जे्ा ओकरा लग ्सह होा 18 फुटपाि पर सफिलब जीह िँ सफिलब ्ीक असि, ते ँ दु षक पत् जली आसब जायता 19 बेरौिर किा िसदख् अबुद्क रुँह रे रहता 20 बुद्रा् साक जख् रूख्क रुँह िँ स्कलत तख् ओकरा खाररज कयल जायता सकरक तँ ओ िरय रे ई बात ्सह बाजता 21 रह् लोक असि जे अभासक कारणे ँ पाप करबा रे बाधा उतर होइत असिा 22 रह् लोक असि जे ल्ा कऽ कऽ अप् पाण केँ ्ष कऽ दै त असि आ लोक केँ सीकार कऽ कऽ अप्ा केँ उखासड कऽ उखासड लैत असिा 23 ओ असि जे ल्ा अप् सरत िँ पसतजा करै त असि आ ओकरा बेकार रे अप् शतु ब्ा दै त असिा 24 झूठ र्ुषव य रे गरदा धबा होइत िै क, रुदा ओ असशसकत लोकक रुँह रे िसदख् रहै त िै का 25 झूठ बाजबाक आदसत रखस्हार िँ चोर ्ीक असि, रुदा दु ्ू गोटे क धरोहरक सस्ाश होयता 26 झूठ बाजस्हारक सभास अपरा्ज्क होइत िै क, आ ओकर लाज िसदख् ओकरा िरग रहै त िै का 27 बुद्रा् अप् बात िँ अप्ा केँ आदर-ितार करबाक लेल बढाओता 28 जे अप् दे शक खेती करै त असि, िे ओकर ढे र बढाओत, आ जे पैघ लोक िभ केँ ्ीक लगैत असि, ओकरा अधर्क करा भेटतैका 29 उपहार आ सरदा् बुद्रा्क आँ दख केँ आनर कऽ दै त असि आ ओकर रुँह रोकैत असि जे ओ डाँ सट ्सह िकैत असिा 30 जे बुद् ्ुकायल असि आ जे खजा्ा जरा कयल गेल असि, तासह दु ्ू रे को् लाभ? 31 अप् बुद् ्ुकेस्हार िँ ्ीक जे अप् रूख्ता ्ुका लैत असिा 32 पभुक खोज रे आसशक धैय् ओसह िँ ्ीक असि जे सब्ा को्ो राग्दश्कक अप् जीस् जीबैत असिा अध्य 21 1 हरर बेटा, की अहाँ पाप केलहँ ? आब रह् ्सह कर, बलव सक अप् पूस्क पापक करा राँ गूा 2 पाप िँ पलाय् कर जे्ा िाँ पक रुँह पर पसड जाउ, सकरक तँ जँ अहाँ ओकर बेिी ्जदीक आसब जायब तँ ओ अहाँ केँ कासट लेता 3 िभ अधर् दू धारबला तलसार जकाँ असि, जकर घास ठीक ्सह भऽ िकैत असिा


4 आतरसकत करब आ अधलाह करब ध्क बबा् दी होयत, रसह तरहे ँ घररडी लोकक घर उजाड भऽ जायता 5 गरीबक रुँह िँ पाि्​्ा पररेशव सरक का् धरर पहँ सच जाइत असि आ ओकर ्व याय जली अबैत असिा 6 जे केओ डाँ टय िँ घृणा करै त असि, िे पापी िभक बाट रे असि, रुदा जे पभु िँ डे राइत असि, िे अप् हदय िँ पयाताप करता 7 साकटु आदरी दू र-दू र धरर सचनल जाइत असिा रुदा बुद्रा् लोक कख् सफिलैत असि िे ज्ैत असिा 8 जे दोिरक पाइ िँ अप् घर ब्बैत असि, िे ओसह्ा असि जे अप् अरसतर िरसारक कब पर पािर जरा करै त असिा 9 दु ष िभक ररडली रक िरग लपेटल टोल जकाँ होइत असि, आ ओकरा िभक अरत आसग केर लौ जकाँ असि जे ओकरा िभ केँ ्ष कऽ दै त असिा 10 पापी िभक बाट पािर िँ िाफ कयल गेल असि, रुदा ओकर अरत रे ्रकक गडा असिा 11 जे पभुक वससाक पाल् करै त असि, तकरा ओकर िरझ भेटैत िै का 12 जे बुद्रा् ्सह असि, ओकरा सिखाओल ्सह जायत, रुदा रह् बुद् असि जे कटु ता केँ बढाबैत असिा 13 बुद्रा्क जा् बासढ जकाँ पचुर होयता 14 रूख्क भीतरक अरग टू टल-फूटल बत्​् जकाँ होइत िै क, जा धरर ओ जीससत रहत ता धरर को्ो जा् ्सह राखता 15 जँ को्ो स्पुण लोक को्ो बुद्रा् सच् िु्ैत असि तँ ओकरा पशरिा करत आ ओकरा रे सकिु जोसड दे तैक, रुदा जसह्ा को्ो बुद्रा् लोक ओकरा िु्ैत असि तसह्ा ओकरा अपिर होइत िै क आ ओ ओकरा अप् पीठ पािू फेसक दै त िै का 16 रूख्क गप बाट रे बोझ जकाँ होइत िै क, रुदा जा्ी िभक ठोर रे अ्ुगह भेटता 17 ओ िभ ररडली रे बुद्रा्क रुँह िँ पूिताि करै त िसि आ ह्कर बात िभ केँ रो् रे सचरत् करताहा 18 जसह्ा ्ष घर होइत िै क, तसह्ा रूख्क लेल बुद् होइत िै का 19 रूख् िभक लेल सशका परर पर बेडी जकाँ होइत िै क आ दसह्ा हाि रे बान जकाँ होइत िै का 20 रूख् हँ िैत-हँ िैत आसाज उठबैत असिा रुदा बुद्रा् आदरी कस् रुसा् दु ल्भ असिा 21 बुद्रा्क लेल ससदा िो्ाक आभूषण जकाँ होइत िै क आ ओकर दसह्ा बाँ सह पर करग् जकाँ होइत िै का 22 रूख्क परर पडोिीक घर रे जदलये आसब जाइत िै क, रुदा अ्ुभसी लोक ओकरा पर लाज होइत िै का 23 रूख् घरक दरब्ा पर झाँ सक लेत, रुदा जे ्ीक पोिल असि िे बाहर ठाढ रहता 24 दरब्ा पर िु्ब र्ुषव यक अभदता सिक, रुदा बुद्रा् लोक अपरा्क कारणे ँ दु खी होयता 25 गप करस्हार िभक ठोर ओसह बात िभ केँ कहै त रहत जे ह्का िभक बात ्सह असिा 26 रूख् िभक रो् ओकर रुँह रे होइत िै क, रुदा बुद्रा्क रुँह ओकर हदय रे िै का 27 जख् अभ् शैता् केँ शाप दै त असि तँ ओ अप् पाण केँ शाप दै त असिा 28 फुिफुिाहसट अप् पाण केँ अशु् करै त असि, आ जतय रहै त असि, ओकरा घृणा कयल जाइत िै का

अध्य 22 1 आलिी आदरीक तुल्ा गरदा पािर िँ कयल जाइत िै क, आ िभ ओकरा बद्ार करबाक लेल सि​िकी रारता 2 आलसक तुल्ा गोबरक गरदगी िँ कयल जाइत असि, जे रकरा उठाओत िे हाि सहलाओता 3 दु ष पोसषत आदरी ओकर जन दे स्हार सपताक अपरा् होइत िै क, आ रूख् बेटी ओकर कसत रे जन लैत िै का 4 बुद्रा् बेटी अप् पसत केँ उ्रासधकार दे त, रुदा जे बेईरा्ी िँ जीबैत असि, िे ओकर सपताक भार असिा 5 जे िाहिी असि िे अप् सपता आ पसत दु ्ू केँ अपरास्त करै त असि, रुदा दु ्ू गोटे ओकरा सतरसार करता 6 रौिरक किा शोक रे िरगीत जकाँ होइत असि, रुदा धार आ बुद्क िुधार कसहयो िरय िँ ्सह स्कलैत असिा 7 जे रूख् केँ सिखाबैत असि, िे ओसह्ा होइत असि जे्ा घैल केँ गोरद लगाबैत असि आ ्ीक ्ीद र िँ जगबैत असिा 8 जे रूख् केँ को्ो किा कहै त असि, िे िुतल लोक िँ बाजैत असिा 9 जँ बचा िभ ईरा्दारी िँ जीबैत असि आ ओकरा लग िारिव् य असि तँ ओ िभ अप् राता-सपताक ्ीचता केँ झाँ सप लेता 10 रुदा बचा िभ घररडी भऽ कऽ सतरसार आ पाल्-पोषणक अभास रे अप् पररज्क कुली् सग् पर दाग लगा दै त असिा 11 रृतकक लेल का्ब, सकरक तँ ओ इजोत गरा ले्े असि, आ रूख्क लेल का्ब, सकरक तँ ओकरा बुद्क अभास असि, रृतकक लेल कर का्ब, सकरक तँ ओ आराररे असि, रुदा रूख्क जीस् रृतुिँ बेिी खराब असिा 12 रृतकक लेल िात सद् धरर र्ुषव य शोक करै त असिा रुदा रूख् आ अभ् आदरीक लेल जीस् भररा 13 रूख्क िरग बेिी गप ्सह कर आ जकरा को्ो बुद् ्सह असि तकरा लग ्सह जाउ पागलप्िँ बेचै्ा 14 िीिािँ भारी की होइत िै क? रूख्ता िोसड रकर की ्ार असि? 15 बालु, ्ू् आ लोहाक दवरा् केँ िह् करब आिा् असि, जख् सक सब्ा बुझल आदरी िँ िह् करब आिा् असिा 16 जे्ा भस् रे बानल लकडी केँ सहलैत-डु लैत ढीला ्सह कयल जा िकैत असि, तसह्ा िलाह दे ल गेल हदय केँ को्ो िरय रे डर ्सह होयता 17 बुझबाक ससचार पर बिल हदय गैलरीक दे बाल पर गोरा पालररर ग जकाँ होइत असिा 18 ऊँच सा् पर बैिल पालेि कसहयो हसाक ससर् ्सह ठाढ होयत, ते ँ रूख्क कल्ा रे भयभीत हदय को्ो भय के ससर् ्सह ठाढ भ’ िकैत असिा 19 जे आँ दख रे चुभैत असि, िे ्ोर खिबैत असि, आ जे हदय केँ चुभैत असि, िे ओकर जा् दे खबैत असिा 20 जे केओ सचडै िभ पर पािर फेसक दै त असि िे ओकरा िभ केँ चक्ाचूर कऽ दै त असिा 21 जँ अहाँ अप् सरत पर तलसार चला कऽ चसल गेलहँ, रुदा स्राश ्सह होउ, सकरक तँ अ्ुगहक पु्रासृस् भऽ िकैत असिा 22 जँ अहाँ अप् सरतक ससर् रुँह खोललहँ तँ ्सह डे राउा सकरक तँ रेल-सरलाप भ' िकैत असि, सिसाय डाँ ट, घररड, सा रहसक खुलािा, सा ससशािघातक घास, सकरक तँ रसह िभ बातक लेल िभ सरत चसल जायता 23 अप् पडोिीक गरीबी रे ससशािी रह, जासह िँ अहाँ ओकर िरृद् रे आ्दनत होयब, ओकर कषक िरय रे ओकरा िरग


असडग रह, जासह िँ ओकरा िरग ओकर उ्रासधकार रे उ्रासधकारी ब्ब : आ ्े धस्क जे पशरिा रे भेटब रूख् असिा 24 जसह्ा भटीक साष आ धुँआ आसग लग जाइत असिा खू्क आगू रतेक स्रदा करबा 25 हर को्ो सरतक रका करबा रे लाज ्सह करबा आ ्े हर ह्कािँ अप्ाकेँ ्ुका लेबा 26 जँ ह्का दारा हररा िरग को्ो अधलाह होयत तँ जे सकयो िु्त िे ह्का िँ िासधा् रहता 27 हरर रुँहक िोझाँ के चौकी आ हरर ठोर पर बुद्क रोहर लगाओत जे हर अचा्क ओकरा िभ लग ्सह खसि पडब आ हरर जीह हररा ्ष ्सह करय? अध्य 23 1 हे पभु, हरर िमूण् जीस्क सपता आ राजपाल, हररा ह्का िभक िलाह पर ्सह िोडू आ हररा ह्का िभक दारा ्सह खिय सदअा 2 हरर ससचार पर के कोडा लगाओत आ बुद्क अ्ुशाि् हरर हदय पर? हरर अजा्ताक कारणे ँ ओ िभ हररा ्सह िोसड दै त असि आ ई हरर पाप िँ ्सह गुजरै त असिा 3 कही र हरर अजा्ता बसढ ्सह जाय आ हरर पाप हरर सस्ाशक लेल पचुर ्सह भऽ जाय आ हर अप् ससरोधी िभक िोझाँ खसि पडब आ हरर शतु हररा पर आ्दनत ्सह भऽ जाय, जकर आशा अहाँ क दया िँ दू र असिा 4 हे पभु , हरर जीस्क सपता आ पररेशव सर, हररा घररडी ्जरर ्सह सदअ, बलव सक िसदख् घररडी रो् िँ अप् िेसक िभ िँ रुँह घुराउा 5 हररा िँ वि् आशा आ कारुकता केँ रोसड सदयौक, आ जे अहाँ क िेसा िसदख् करय चाहै त असि, तकरा अहाँ पकसड कऽ राखबा 6 पेटक लोभ आ शरीरक साि्ा हररा ्सह पकडया आ हररा अप् िेसक केँ बेशर् रे ्सह दऽ सदअा” 7 हे बचा िभ, रुँहक अ्ुशाि् िु्ूा 8 पापी अप् रूख्ता रे रसह जायता 9 अप् रुँह केँ गारर पढबाक आदसत ्सह सदयौका आ ्े पससत पररेशव सरक ्ारकरणक उपयोग करा 10 जे ्ोकर लगातार रारर-पीटल रहै त असि, तसह्ा ्ील रर गक स्शा्ी रसहत ्सह होयत, तसह्ा जे पररेशव सरक शपि करै त असि आ पररेशव सरक ्ार रखैत असि, िे स्द्ष ्सह होयता 11 जे र्ुषव य बहत गारर पढै त असि िे अधर् िँ भरल रहत, आ ससपस् ओकर घर िँ कसहयो ्सह हटत, जँ ओ अपराध करब तऽ ओकर पाप ओकरा पर पडतैक जँ ओ वि् शपि दे त तँ ओ स्द्ष ्सह होयत, रुदा ओकर घर ससपस् िँ भरल रहता 12 रकटा रह् सच् असि जे रृतुक कपडा पसहर्े असि, पररेशव सर ई बात याकूबक धरोहर रे ्सह भेटया सकरक तँ रहे ् िभ बात पररेशव सरक भकव त लोक िभ िँ दू र रहत आ ओ िभ अप् पाप रे ्सह लरगटता 13 अप् रुँह िँ अशु् शपि ्सह कर, सकरक तँ पापक सच् ओसह रे असिा 14 जख् अहाँ पैघ लोकक बीच बैिल िी तख् अप् सपता आ राय केँ रो् पाडूा ह्का िभक िोझाँ सबिरल ्सह रह, आ ते ँ अहाँ अप् पिा िँ रूख् बस् जाउ, आ इचा करै त िी जे अहाँ क जन ्सह भेल रहै त, आ ह्का िभ केँ अप् जनक सद् गारर पढूा

15 जे र्ुषव य अपरा्ज्क बातक आदसत रखैत असि, ओकर जीस् भरर कसहयो िुधार ्सह होयता 16 दू तरहक लोक पाप केँ बढाबैत असि, आ तेिर कोध आ्त, गरर रो् जरै त आसग जकाँ होइत असि, जा धरर ओ भस ्सह भऽ जायत ता धरर कसहयो ्सह बुझल जायत, जाबत धरर ओ अप् शरीरक वसभचारी ताबत धरर कसहयो ्सह रकत जाबत धरर ओ क आसग. 17 सेशा के लेल िभ रोटी रीठ होइत िै क, जा धरर ओ ररर ्सह जायत ता धरर ओ ्सह िोडता 18 जे आदरी सससाह तोसड कऽ रो् रे ई कहै त असि जे, “हररा के दे खैत असि?” हर अनार रे घेरल िी, दे बाल हररा झाँ सप दे ्े असि, आ को्ो दे ह हररा ्सह दे खैत असिा हररा की डरबाक चाही? पररेशव सर हरर पाप िभक सरण ्सह करताहा 19 रह् आदरी रात र्ुषव यक आँ दख िँ डरै त असि, आ ई ्सह ज्ैत असि जे पभुक आँ दख िूय् िँ दि हजार गु्ा तेज असि, र्ुषव यक िभ राग् केँ दे खैत असि आ अतन गुप अरग िभ पर ससचार करै त असिा 20 ओ िभ सकिु िृसष िँ पसह्े ज्ैत िलाहा तसह्ा ह्का िभक सि् भेलाक बाद ओ िभ केँ दे खलस्ा 21 रसह आदरी केँ ्गरक गली-गली रे िजा दे ल जायत, आ जतऽ ओकरा शरका ्सह होयत, ओकरा लऽ जायल जायता 22 जे पती अप् पसत केँ िोसड कऽ दोिरक उ्रासधकारी केँ आस् लेत, तकरा िरग िेहो रसह तरहे ँ चलता 23 पसह्े ओ पररेशव सरक स्यरक असहे ल्ा कयलस्ा दोिर बात जे ओ अप् पसत पर अपराध के्े िसिा तेिर बात ई जे ओ वसभचार रे सेशासृस् कर्े िसि आ दोिर पुरष िँ बचा िभ केँ अ्​्े िसिा 24 ओकरा ररडली रे आ्ल जायत आ ओकर िना् िँ पूिताि कयल जायता 25 ओकर बचा िभ जसड ्सह हटत आ ओकर डारर को्ो फल ्सह दे ता 26 ओ अप् सृसत केँ शासपत करबाक लेल िोसड दे त, आ ओकर स्ना ्सह रेटाओल जायता 27 जे िभ रसह जायत िे बुझत जे पभुक भय िँ ्ीक सकिु ्सह आ पभुक आजा पर धा् दे बा िँ ्ीक सकिु ्सहा 28 पभुक पािाँ चलब बहत गौरसक बात असि, आ ह्का दारा गहण करब दीघा् यु असिा अध्य 24 1 बुद् अप्ा केँ ्ुसत करत आ अप् लोकक बीच रे घररड करता 2 पररेशव सरक ररडली रे ओ अप् रुँह खोसल कऽ ह्कर िारिव् यक िरक ससजयी भऽ जेतीहा 3 हर पररेशव सरक रुँह िँ स्कसल कऽ पृिव सी केँ रेघ जकाँ झाँ सप दे लहँ ा 4 हर ऊँच सा् पर रहै त िलहँ आ हरर सिरहाि् रेघक खरभा रे असिा 5 हर अिगरे िव सग्क चकर लगा कऽ गहीरर रे चलैत गेलहँ ा 6 िरुदक लहरर रे आ िर् पृिव सी रे आ पतव येक जासत आ जासत रे हररा अप् िरव पस् भेटला 7 हर रसह िभ बातक िरग ससशार चाहै त िलहँ , आ हर केकर उ्रासधकार रे रहब?


8 ते ँ िभ स्ुक िृसषकता् हररा आजा दे लसि् आ हररा ब्ौस्हार हरर तमू केँ आरार दे लस् आ कहलसि्, “अहाँ क स्साि याकूब रे रहय आ अहाँ क उ्रासधकार इसारल रे रहया” 9 ओ हररा िरिार िँ पसह्े शुरर िँ ब्ौलस्, आ हर कसहयो खत ्सह होयबा 10 हर ह्का िरक पससत तमू रे िेसा करै त िलहँ ा आ तसह्ा हर सियो् रे सासपत भेलहँ ा 11 तसह्ा सपय ्गर रे ओ हररा ससशार दे लस् आ यरशलेर रे हरर िारिव् य िला 12 हर पभुक उ्रासधकारक भाग रे आदरणीय लोक रे जसड जरा लेलहँ ा 13 हर सलबा्ि रे दे सदारक गाि जकाँ आ हररो्क पहाड पर िरक गाि जकाँ ऊँच कयल गेलहँ ा 14 हर र्-गदी रे ताडक गाि जकाँ आ यरीहो रे गुलाबक गाि जकाँ , िुखद खेत रे िुनर जैतू्क गाि जकाँ ऊँच भऽ गेलहँ आ पास्क कात रे रकटा पे् गाि जकाँ पैघ भेलहँ ा 15 हर दालची्ी आ अिपालि​ि जकाँ रधुर गरध दे लहँ , आ हर िबिँ ्ीक गरध, गैलब्र, आ ओस्क, आ रधुर लोरे क, आ तमू रे लोबा्क धुआँ जकाँ िुखद गरध दे लहँ ा 16 तारपी्क गाि जकाँ हर अप् डारर पिारर दे लहँ आ हरर डारर िभ आदर आ कृपाक डारर असिा 17 जे्ा बेल गाि अ्लक तसह्ा हर िुगद्त करै त िी, आ हरर फूल आदर आ ध्क फल असिा 18 हर िुनर पेर, भय, जा् आ पससत आशाक राय िीा 19 अहाँ िभ जे िभ हररा िँ इचव िा करै त िी, हररा लग आसब कऽ हरर फल िँ अप्ा केँ भरा 20 हरर सरण रधुिँ बेिी रीठ असि आ हरर उ्रासधकार रधुक ि्ेिँ बेिीा 21 हररा खारबला िभ रख्ो भूखल रहत, आ हररा पीबय बला िभ रख्ो सपयािल रहता 22 जे हरर आजा रा्त िे कसहयो लद्त ्सह होयत आ जे हररा दारा काज करै त असि िे को्ो अधलाह ्सह करता 23 ई िभ बात पररेशव सर पररेशव सरक साचाक पु्क असि, जे धर्-स्यर याकूबक ररडली िभक लेल धरोहरक रप रे रूिा दारा आजा दे ल गेल िला 24 पभु रे बलसा् ब्बाक लेल बेहोश ्सह होउा जासह िँ ओ अहाँ िभ केँ दढ करसि आ ह्का िँ सचपकल रह, सकरक तँ िस्शद्रा् पभु अिगरे पररेशव सर िसि आ ह्का िोसड को्ो आ् उ्ारकता् ्सह िसिा 25 ओ ्स फलक िरय रे सफिो् आ टाइसगि जकाँ िभ सकिु अप् बुद् िँ भरै त िसिा 26 ओ फिलक िरय रे यूफेसटि आ यरद् जकाँ बुद् केँ बढबैत िसिा 27 ओ जा्क सशका केँ इजोत जकाँ दे खाबैत िसि आ बूढक िरय रे सजयो् जकाँ ा 28 पसहल आदरी ओकरा ्ीक जकाँ ्सह सचनलका 29 सकरक तँ ओकर ससचार िरुद िँ बेिी असि आ ओकर ससचार बहत गहीरर िँ गहीरर असिा 30 हर ्दीक धार जकाँ आ गािी रे पसेश करय बला ्ाली जकाँ स्कललहँ ा 31 हर कहसलयस्, “हर अप् ्ीक गािी रे पास् दे ब आ अप् बगीचा रे पचुर राता रे पास् दे बा” 32 हर रख्ो सशका केँ भोर जकाँ चरका दे ब आ ओकर इजोत दू र धरर पठा दे बा

33 हर रख्ो सशका केँ भससषसाणीक रप रे उझसल दे ब आ ओकरा िभ युगक लेल िदाक लेल िोसड दे बा 34 दे खू, हर रात अप्ा लेल ्सह, बलव सक बुद् चाहस्हार िभ लोकक लेल पररशर केलहँ ा अध्य 25 1 हर ती्ू बात रे िुनर भऽ गेलहँ आ पररेशव सर आ र्ुषव य दु ्ूक िरक िुनर ठाढ भऽ गेलहँ : भाय िभक रकता, पडोिी िभक पेर, रक िरग रक-रकटा पुरष आ पतीा 2 हरर पाण ती् तरहक आदरी िँ घृणा करै त असि, आ ह्का िभक जीस् पर हररा बहत आहत होइत असि: रकटा गरीब जे घररडी असि, रकटा धस्क जे झूठ बाजैत असि आ रकटा बूढ वसभचारी जे काज करै त असिा 3 जँ अहाँ जसा्ी रे सकिु ्सह जरा के्े िी तऽ अहाँ केँ अप् उम रे को्ा सकिु भेटत? 4 हे धूिर केशक लेल आ पाची् लोकक लेल िलाह-रशसरा केँ जा्ब कतेक िुनर बात असि! 5 हे बूढ-पुरा् िभक बुद्, आ रा्-िमा् लोक िभक लेल बुद् आ िलाह कतेक िुनर असिा 6 बहत अ्ुभस बूढ लोकक रुकुट असि, आ पररेशव सरक भय ह्का िभक रसहरा असिा 7 हर अप् रो् रे ्ौ टा बात असि जे हर खुश रहबाक लेल रा्​्े िी आ दिर बात हर अप् जीह िँ कहबा आ जे अप् शतु के पत् दे खय लेल जीबैत असिा 8 ओ ्ीक असि जे बुद्रा् पतीक िरग रहै त असि, जे जीह िँ ्सह सफिलैत असि आ जे अप्ा िँ बेिी अयोग पुरषक िेसा ्सह करै त असिा 9 जे बुद्रा्ी पासब गेल असि आ जे िु्य बला िभक का् रे बजैत असि, िे ्ीक असिा 10 ओ कतेक पैघ असि जे बुद् पाबैत असि! तैयो पभु िँ डे रारबला िँ बेिी सकयो ्सह असिा” 11 रुदा पभुक पेर पकाशक लेल िभ सकिु िँ आगू बसढ जाइत असिा 12 पभुक भय ह्कर पेरक शुरआत होइत िस्, आ ससशाि ह्का िँ सचपकल रहबाक आरम िस्ा 13 हररा को्ो ससपस् सदअ, रुदा हदयक ससपस्, आ को्ो दु षव टता, रुदा िव तीक दु षव टता​ा 14 को्ो कष, रुदा हररा घृणा करयसला िभक कष ्सहा 15 िाँ पक राि िँ ऊपर को्ो राि ्सह होइत िै का आ शतु के कोध िॅ ऊपर को्ो कोध ्सह होइत िै का 16 हर शेर आ अजगरक िरग रहब पसि् करै त िलहँ , ्सह सक दु ष िव तीक िरग घर राखबा 17 सीक दु षता ओकर रुँह बदसल दै त िै क आ ओकर चेहरा बोरा जकाँ अनार कऽ दै त िै का 18 ओकर पसत अप् पडोिी िभक बीच बैिता जख् ओ िु्त तख् कटु आह भरता 19 िव तीक दु षव टताक लेल िभ दु षव टता कर असिा 20 जे्ा रे तीला बाट पर चढब सृ्क परर धरर होइत िै क, तसह्ा चुपचाप आदरीक लेल बात िँ भरल पती िेहो होइत िै का 21 सीक िौनय् पर ठोकर ्सह खाउ आ भोगक लेल ओकर इचा ्सह करा 22 सी जँ अप् पसतक पाल्-पोषण करै त असि तँ कोध, अशु्ता आ बहत राि अपरा् िँ भरल रहै त असिा


23 दु ष िव ती िाहि केँ कर करै त असि, रुँह पर भारी पडै त असि आ हदय घायल करै त असिा 24 ओसह िव ती रे िँ पापक पारर भ भेल आ ओकरा दारा हर िभ ररर जाइत िीा 25 पास् केँ को्ो बाट ्सह सदयौका ्े को्ो दु ष सी ससदे श रे गड करबाक सतरतता​ा 26 जँ ओ अहाँ क इचा्ुिार ्सह जायत तँ ओकरा अप् शरीर िँ कासट सदयौक आ ओकरा तलाकक पत दऽ सदयौक आ ओकरा िोसड सदयौका अध्य 26 1 धन असि जे पुरष िदव गुणी पती रखैत असि, सकरक तँ ओकर सद्क िरया दु गु्ा होयता 2 िदव गुणी सी अप् पसत केँ आ्दनत करै त िसि आ ओ अप् जीस्क सष् शादनपूस्क पूरा करताहा 3 ्ीक पती ्ीक भाग होइत िै क, जे पभुक भय रा्स्हारक भाग रे दे ल जायता 4 जँ केओ धस्क हो सा गरीब, जँ पभुक पसत ्ीक रो् असि तँ ओ हरदर पिर रुँह िँ आ्दनत रहता 5 ती् टा बात असि जासह िँ हरर रो् डरै त असिा चाररर सद्क लेल हर बहत डरा गेलहँ , शहरक स्ना, अशु् भीडक जरास आ झूठ आरोप, ई िभ रृतु िँ बेिी खराब असिा 6 रुदा हदयक शोक आ शोक ओ िव ती असि जे दोिर िव तीक पसत ईषा् करै त असि आ जीहक पकोप जे िभ िँ गप करै त असिा 7 दु ष पती रमर-ओमर सहलाओल जुआ होइत असि, जे ओकरा पकड्े असि िे जे्ा सबचू केँ पकड्े होा 8 ्शा रे धु् सी आ बाहरक गडबड बहत कोध उतर करै त असि, आ ओ अप् लाज ्सह झाँ पैत असिा 9 सीक सेशासृस् ओकर असभरा्ी ्जरर आ पलक रे जात भ’ िकैत असिा 10 जँ अहाँ क बेटी स्ल्​् असि तँ ओकरा िरकीण् राखू, जासह िँ ओ बेिी सतरतताक कारणे ँ अप्ा केँ दु व्सहार ्सह करसिा 11 अधलाह आँ दख िँ िासधा् रह, आ जँ ओ अहाँ क ससर् अपराध करै त असि तँ आयय् ्सह करा 12 ओ अप् रुँह खोसल लेतीह जे्ा पािल याती केँ फवारा भेटैत िै क आ ओकर लग रे िभ पास् पीसब लेतीहा 13 पतीक कृपा ओकर पसत केँ आ्दनत करै त िै क आ ओकर सससेक ओकर हडी रोट करता 14 रौ् आ पेरी िव ती पभुक सरदा् असिा आ ्ीक जकाँ स्द् सशत र् जकाँ रतेक रोल सकिु ्सह असि ा 15 लद्त आ ससशािी सी दु गु्ा कृपा होइत असि, आ ओकर रहादीपीय र्क रोल ्सह कयल जा िकैत असिा 16 जे्ा िूय् ऊँच आकाश रे उगैत असिा तसह्ा ्ीक पतीक घरक करब्ता रे िुनरता िेहो होइत िै क | 17 जसह्ा पससत दीया पर िाफ इजोत होइत असिा तसह्ा पाकल उम रे चेहराक िौनय्ा 18 जे्ा िो्ाक खरभा चा्ीक आधार पर होइत असिा तसह्ा स्रर तर हदयक गोरा पैर िेहो असिा 19 बौआ, अप् युगक फूल केँ ठीक राखूा आ अप् िारर् परदे शी केँ ्सह सदयौका 20 जख् अहाँ िभ खेत रे फलदार िमस् पासब लेब तख् ओकरा अप् बीया िँ बोउ, आ अप् भरडारक भलाई पर भरोिा करा

21 ते ँ तोहर जासत जे अहाँ िोसड दे ब, ओकरा अप् ्ीक सरशक भरोिा रादख कऽ बढाओल जायता 22 सेशा केँ िूक बुझल जायता रुदा सससासहत सी अप् पसतक लेल रृतुक ससर् टासर असिा 23 दु ष िव ती केँ दु षव ट पुरष केँ भागक रप रे दे ल जाइत िै का 24 बेईरा् सी लाज केँ सतरसृत करै त असि, रुदा ईरा्दार िव ती अप् पसतक आदर करता 25 स्ल्​् सी केँ कुकुर जकाँ रा्ल जायता रुदा जे लद्त असि िे पभु िँ डे राता 26 जे िव ती अप् पसतक आदर करै त असि, तकरा िभ केँ बुद्रा् रा्ल जायता रुदा जे अप् घररड रे ओकर अपरा् करत, ओकरा िभ िँ अभ् रा्ल जायता 27 शतु िभ केँ भगाबऽ लेल जोर-जोर िँ का्य बला िव ती आ डाँ ट-फटकार तकल जायता 28 दू टा बात असि जे हरर रो् केँ दु खी करै त असिा तेिर हररा कोसधत करै त असिा आ बुद्रा् लोक जे िेट ्सह होइत असिा आ जे धासर्कता िँ पाप सदि घुरर जाइत असिा पभु रह् केँ तलसारक लेल तैयार करै त िसिा 29 वापारी अप्ा केँ गलत काज करबा िँ रुद्ल िँ बचा िकैत असिा आ हकलर पाप िँ रु् ्सह होयता अध्य 27 1 बहतो लोक िोट-िोट बातक लेल पाप कयलस्ा जे पचुरताक खोज करै त असि, ओ अप् ्जरर घुरा लेता” 2 जसह्ा पािरक जोडक बीच कील सचपकल रहै त असिा तसह्ा पाप की्-बेचबाक बीच ्जदीक सचपकल रहै त असिा 3 जाबत धरर केओ पभुक भय रे अप्ा केँ लग् िँ ्सह रादख लेत, ताबत ओकर घर जदलये उखासड दे ल जायता 4 जसह्ा चल्ीिँ िा्ैत असि तँ कचरा बसच जाइत असिा ते ँ र्ुकक गरदगी ओकर गप रेा 5 भटी कुमारक बत्​् िभ केँ परखैत असिा ते ँ र्ुषक परीका ओकर तक् रे होइत िै क | 6 फल बताबैत असि जे गाि केँ िजाओल गेल असिा तसह्ा र्ुषक हदय रे असभरा्क उचारण िेहो होइत िै का 7 ओकरा बजैत िु्बा िँ पसह्े ककरो ्ुसत ्सह करा सकरक तँ ई र्ुषव यक परीका असिा 8 जँ अहाँ धासर्कताक पाल् करब तँ ओकरा पासब कऽ ओकरा रकटा गौरसशाली ्रहर सस जकाँ पसहरबा 9 सचडै िभ अप् िरा्क िहारा लेता तसह्ा ितव य ओकरा रे आचरण करस्हार िभ केँ घुरर कऽ आओता 10 जसह्ा सिरह सशकारक लेल पतीका रे पडल रहै त असिा ते ँ अधर्क काज करस्हार िभक लेल पाप करा 11 पररेशव सरक पसच् िदै स बुद्क िरग होइत असिा रुदा रूख् चा् जकाँ बदसल जाइत असिा 12 जँ अहाँ असससेकी लोकक बीच िी तँ िरयक पाल् करा रुदा बुद्रा् लोकक बीच स्रर तर रहा 13 रूख् िभक पसच् सचढबैत असि, आ ओकर खेल पापक बेतुकाप् होइत िै का 14 जे बहत किर खाइत असि, ओकर गप केश केँ िोझ ठाढ कऽ दै त असिा आ ह्का लोकस्क झगडा िँ का् रसक जाइत िै का 15 घररडी िभक झगडा खू्-खराबा होइत िै क, आ ओकर गारर का् धरर कषदायक होइत िै का


16 जे रहसक खोज करै त असि, िे ओकर शेय गरा लैत असिा आ ओकर रो् रे कसहयो सरत ्सह भेटतैका 17 अप् सरत िँ पेर कर आ ओकरा पसत ससशव साि कर, रुदा जँ अहाँ ओकर गुप बात केँ धोखा दै त िी तँ आब ओकर पािाँ ्सह पािाँ ा 18 जे्ा र्ुषव य अप् शतु केँ ्ष कऽ दै त असिा तसह्ा अहाँ अप् पडोिीक पेर गरा लेलहँ ा 19 जसह्ा सचडै केँ अप् हाि िँ बाहर स्कलय दै त असि, तसह्ा अहाँ अप् पडोिी केँ िोसड दे लहँ आ ओकरा फेर िँ ्सह पासब िकब 20 आब ओकर पािाँ ्सह जाउ, सकरक तँ ओ बहत दू र असिा ओ ओसह्ा असि जे्ा को्ो रोडा जाल िँ बाहर स्कसल गेल होा 21 जँ घास बानल जा िकैत असिा गारर-गरौबसल केलाक बाद रेल-सरलाप भऽ िकैत असि, रुदा जे गुप बात केँ धोखा दै त असि, िे आशाही् असिा 22 जे आँ दख िँ आँ दख सरडबैत असि िे अधलाह काज करै त असिा 23 जख् अहाँ उपदसत रहब तख् ओ रधुर बाजत आ अहाँ क बातक पशरिा करता 24 हर बहत राि बात िँ घृणा करै त िी, रुदा ह्का ि् सकिु ्सहा सकरक तँ पभु ओकरा घृणा करता 25 जे सकयो ऊँच-ऊँच पािर फेकैत असि िे अप् राि पर फेसक दै त असिा धोखाक पहारिँ घास भऽ जायता 26 जे गडा खोदत िे ओसह रे खसि पडता 27 जे अधलाह काज करै त असि, िे ओकरा पर खसि पडतैक आ ओकरा ई ्सह बुझल रहतैक जे ई कतय िँ आयल असिा 28 उपहाि आ अपरा् घररडी लोकक सदि िँ होइत िै का रुदा शेर जकाँ पसतशोध ह्का िभक लेल पतीका रे रहता 29 जे धासर्क लोकक पत् पर आ्दनत होइत असि, िे िभ जाल रे फँसि जायता ररबािँ पसह्े सेद्ा ओकरा िभकेँ भस कऽ दे तैका 30 दु भा् स्ा आ कोध, ई िभ घृसणत काज असिा पापी र्ुषव‍य केँ ई दु ्ू भेटतस्ा अध्य 28 1 जे पसतशोध लेत, तकरा पभु िँ पसतशोध भेटतैक, आ ओ अप् पापक सरण रे असश राखता 2 अप् पडोिी केँ जे आहत कयल गेल असि िे करा कर, ते ँ जख् अहाँ पाि्​्ा करब तख् अहाँ क पाप िेहो करा कयल जायता 3 रक आदरी दोिर िँ घृणा करै त असि आ की ओ पभु िँ करा चाहै त असि? 4 ओ अप्ा िदश र्ुषव य पर को्ो दया ्सह करै त असिा 5 जँ रात रार िल लोक घृणा केँ पोिैत असि तँ ओकर पापक करा के सस्ती करत? 6 अप् अन केँ रो् पाडू, आ शतुता िराप होउा भषाचार आ रृतु केँ रो् राखू आ आजाक पाल् करा 7 आजा िभ केँ रो् पाडू, आ अप् पडोिी िँ को्ो दु भा् स्ा ्सह करा 8 झगडा िँ परहे ज कर आ अहाँ अप् पाप केँ कर करब, सकरक तँ कोसधत लोक कलह पजसलत करता 9 पापी लोक सरत िभ केँ परे शा् करै त असि आ शादन रे रहस्हार िभक बीच बहि करै त असिा

10 जसह्ा आसग केर बात होइत िै क, तसह्ा ओ जरै त िै का ओकर ध्क अ्ुिार ओकर कोध बढै त िै का आ जे झगडा करत ओ जतेक रजबूत होयत, ओतेक बेिी भडकाओता 11 जलबाजी रे भेल झगडा आसग जरा दै त असि, आ जलबाजी रे लडाइ खू् बहबैत असिा 12 जँ अहाँ सचरगारी उडाबैत िी तँ ओ जरर जायत, जँ अहाँ ओकरा पर िूक दे ब तँ ओ बुसझ जायता 13 फुिफुिाहसट आ दु भासषया केँ गारर सदअ, सकरक तँ रह् लोक िभ केँ शादन रे रहस्हार बहतो केँ ्ष कऽ दे लका 14 रकटा बकबक जीह बहतो केँ परे शा् क’ दे लक आ रक जासत िँ दोिर जासत रे भगा दे लका 15 बकबक जीह िदव गुणी सीगण केँ बाहर स्कासल दे लकस् आ ओकरा िभ केँ शर िँ सरसचत कऽ दे लकस्ा 16 जे केओ रकर बात रा्त िे कसहयो ससशार ्सह भेटत आ कसहयो चुपचाप ्सह रहता 17 कोडाक पहार िँ रार ि रे स्शा् पडै त िै क, रुदा जीहक पहार िँ हडी टू सट जाइत िै का 18 बहतो तलसारक धार रे खसि पडल असि, रुदा ओतेक ्सह जे जीह िँ खिल असिा 19 जे ओकर जहर िँ बचाओल जाइत असि िे ्ीक असिा जे ओकर जुआ ्सह खीच र ्े असि आ ्े ओकर बान रे बानल असिा 20 रकर जुआ लोहाक जुआ असि आ ओकर पटी पीतलक पटी असिा 21 ओकर रृतु रकटा अधलाह रृतु असि, कब ओकरा िँ ्ीक िला 22 पररेशव सरक भय दे खस्हार िभ पर रकर राज ्सह होयत आ ्े ओकर लौ िँ जरर जायता 23 जे िभ पभु केँ िोसड दे त, ओ ओसह रे खसि पडता ओ ओकरा िभ रे जरर जायत, रुदा ्सह बुझता ओ सिरह जकाँ ओकरा िभ पर पठाओल जायत आ तेदुआ जकाँ ओकरा िभ केँ खा जायता 24 दे खू जे अहाँ अप् कबाकेँ काँ टिँ घेरर सलय आ अप् चा्ी आ िो्ाकेँ बादन सदयौा 25 अप् बात केँ तराजू रे तौसल कऽ रुँहक लेल दरब्ा आ िलाख ब्ाउा 26 िासधा् रह, अहाँ ओसह रे ्सह िरसक जाउ, जासह िँ अहाँ ओसह चकरा रे पडल लोकक िोझाँ ्सह खसि पडबा अध्य 29 1 दयालु अप् पडोिी केँ उधार दे ता जे अप् हाि रजगूत करै त असि िे आजा िभक पाल् करै त असिा 2 अप् पडोिी केँ जररतक िरय रे उधार दऽ सदयौक आ अप् पडोिी केँ उसचत िरय पर फेर िँ भुगता् करा 3 अप् सच्क पाल् कर आ ह्का िरग ससशािपूस्क वसहार कर, तख् अहाँ केँ िसदख् ओ स्ु भेटत जे अहाँ क लेल आसशक असिा 4 बहतो लोक जख् को्ो स्ु उधार दे ल गेल िल तख् ओकरा िभ केँ भेटबाक सहिाब लगा कऽ ओकरा िभ केँ ससपस् रे डासल दे लक जे ओकरा िभ केँ रदसद करै त िलैका 5 जाबत धरर ओ ्सह पासब लेत, ताबत धरर ओ आदरीक हाि चुमा लेता पडोिीक पाइक लेल ओ अधी्तापूस्क बाजत, रुदा जख् ओकरा पसतफल भेटतैक तख् ओ िरय केँ लमा करत, आ शोकक बात सापि करत आ िरयक सशकायत करता


6 जँ ओ जीत हासिल करत तँ ओकरा आधा भाग रुद्ल िँ भेटतैक, आ ओ ओसह्ा सग्ल जायत जे्ा ओकरा भेसट गेल हो रे सलरग; आ इ्तक लेल ओ ओकरा बद्ारी करता 7 ते ँ बहतो लोक ठकबाक डर िँ दोिर लोकक दु व्सहारक लेल उधार दे बऽ िँ र्ा कऽ दे लका 8 तइयो गरीब िमस् रे पडल आदरी पर धैय् राखू , आ ओकरा पर दया करबा रे दे री ्सह करा 9 आजाक लेल गरीबक िहायता कर, आ ओकर गरीबीक कारणे ँ ओकरा ्सह घुराउा 10 अप् भाय आ अप् सरतक लेल अप् पाइ गरा सदयौक, आ पािरक ्ीचाँ जरग ्सह लागय जे हे रा जाया 11 परर पररेशव सरक आजाक अ्ुिार अप् खजा्ा जरा कर, तख् ओ अहाँ केँ िो्ा िँ बेिी लाभ दे ता 12 अप् भरडार रे सभका केँ बन कऽ सदयौका 13 ई अहाँ क शतु िभक ससर् रकटा शद्शाली ढाल आ रजबूत भाला िँ ्ीक लडता 14 ईरा्दार आदरी अप् पडोिीक लेल स्यय करै त असि, रुदा जे बेसकूफ ओकरा िोसड दे ता 15 अप् जरा्तदारक सरतता केँ ्सह सबिरर जाउ, सकरक तँ ओ अहाँ क लेल अप् पाण दऽ दे ्े िसिा 16 पापी अप् जरा्तक ्ीक िमस् केँ उखासड दे ता 17 जे केओ ध्व यसाद ्सह रखैत असि, िे ओकरा बचाबऽ सला खतरा रे िोसड दे तैका 18 स्यय बहतो केँ ्ीक िमस् केँ तोसड दे लक आ िरुदक लहरर जकाँ सहला दे लका 19 जे दु ष पभुक आजाक उलरघ् करै त असि, िे जरा्त रे पसड जायता 20 अप् िारर्क अ्ुिार अप् पडोिीक िहायता कर आ िासधा् रह जे अहाँ सयर ओसह रे ्सह पडबा 21 जीस्क लेल िभिँ पैघ स्ु असि पास्, रोटी, सस आ लाज झाँ पबाक घरा 22 दोिरक घर रे ्ाजुक सकराया िँ ्ीक, ्ीच कुटी रे गरीबक जीस् ्ीका 23 कर हो सा बेिी, अहाँ केँ िरतोष कर जे अहाँ अप् घरक अपरा् ्सह िु्बा 24 घर-घर घुरब दु खद जीस् असि, सकरक तँ जतऽ परदे शी िी, ओतय रुँह खोलबाक िाहि ्सह होइत असिा 25 अहाँ िभ भोज-भात करब आ भोज-भोज करब, रुदा को्ो धनसाद ्सह करबा 26 हे परदे शी, आऊ, आ रकटा टे बुल तैयार कर आ जे सकिु तैयार के्े िी िे हररा खुआउा 27 हे परदे शी, आदरणीय आदरी केँ सा् सदयौका हरर भाय ठहरय लेल अबैत िसि, आ हररा अप् घरक आसशकता असिा 28 ई िभ बात बुद्रा् लोकक लेल दु खद होइत िै का घरक कोठलीक डाँ ट, आ उधार दे स्हारक स्ना​ा अध्य 30 1 जे अप् बेटा िँ पेर करै त असि, िे ओकरा बेर-बेर लाठीक बोध कराबैत असि, जासह िँ अरत रे ओकरा पर आ्न भेटया 2 जे अप् पुत केँ ताडै त असि िे ओकरा पर आ्दनत होयत आ अप् पररसचत लोक रे ओकरा पर आ्दनत होयता 3 जे अप् बेटा केँ सिखाबैत असि, ओ शतु केँ दु खी करै त असि, आ अप् सरतक िरक ओकरा पर आ्दनत होयता

4 जँ ओकर सपता ररर गेल होसि, रुदा ओ र्ा असि जे्ा ओ ्सह ररर गेल होसिा 5 जीबैत काल ओ दे दख कऽ ह्का पर आ्दनत भेलाहा 6 ओ अप् शतु िभक पसत पसतशोध लेस्हार आ अप् सरत िभक पसत दया करबाक बदला रे िोसड गेलाहा 7 जे अप् बेटा िँ बेिी काज करै त असि, ओ अप् घास केँ बादन दे ता आ हर चीतार पर ओकर आर त परे शा् भ’ जायता 8 घोडा जे घोडा ्सह टू टल असि, िे रािक बलदार भऽ जाइत असि, आ जे बचा अप्ा लेल िोसड दे ल गेल असि, िे जास्बुसझ कऽ भऽ जायता 9 अप् बचा केँ कोकुर कर, तख् ओ अहाँ केँ डरा दे त, ओकरा िरग खेलाइत, ओ अहाँ केँ भारी पसड जायता 10 ह्का िरग हँ िी ्सह कर, कही र ह्का िरग दु ख ्सह भ’ जाय आ अरत रे दाँ त ्सह कटबा 11 ओकरा जसा्ी रे को्ो सतरतता ्सह सदयौक आ ओकर रूख्ता पर आँ दख ्सह सरचाउा 12 िोट रहै त ओकर गरदस् झुसक कऽ ओकरा कात रे रारर सदयौक, जासह िँ ओ सजद ्सह भऽ जाय आ अहाँ क आजा ्सह रा्य आ रसह तरहे ँ अहाँ क हदय रे दु ःख ्सह आसब जाया 13 अप् बेटा केँ दर सडत कर आ ओकरा शरिाध क’ सदयौक, जासह िँ ओकर अशील वसहार अहाँ केँ अपराध ्सह बस् जाया 14 गरीब, जे अप् शरीर रे दु ःदखत ध्ी लोक िँ ्ीक असि, जे अप् िरससधा् रे िुदढ आ रजबूत असिा 15 साव आ शरीरक ्ीक िमस् िभ िो्ा िँ ऊपर असि, आ अिीर ध् िँ बेिी रजबूत शरीरा 16 सस शरीर िँ बेिी को्ो ध् ्सह आ हदयक आ्न िँ बेिी को्ो आ्न ्सहा 17 कटु जीस् सा स्रर तर बीरारी िँ रृतु ्ीक असिा 18 रुँह पर ढारल ्ाजुक भोज् कब पर राखल रार िक गरदगी जकाँ होइत असिा 19 रूसत्क बसलदा् की फायदा होइत िै क? सकरक तँ ई ्े खा िकैत असि आ ्े गरध कऽ िकैत असिा 20 ओ अप् आँ दख िँ दे खैत असि आ कुहरै त असि, जे्ा को्ो ्पुरिक कुरारर केँ गला लगा कऽ आह भरै त असिा 21 अप् रो् केँ भारी बात पर ्सह जुटाउ आ अप् ससचार रे अप्ा केँ कष ्सह करा 22 हदयक आ्न र्ुषक जीस् होइत िै क, आ र्ुषव यक आ्न ओकर जीस् लमा करै त असिा 23 अप् पाण िँ पेर कर आ अप् रो् केँ िान्​्ा सदयौक, दु ख केँ दू र दू र करा 24 ईषा् आ कोध जीस् केँ िोट कऽ दै त असि, आ िासधा्ी काल िँ पसह्े उम बढबैत असिा 25 हँ िरुख आ ्ीक हदयक अप् रार ि आ खा्-पा्क याल रहता अध्य 31 1 ध्क पसत जागरण रार ि केँ भस कऽ दै त असि आ ओकर सचना ्ीद र केँ भगा दै त असिा 2 दे खभाल दे खब र्ुष केँ ्ीद र ्सह आबय दे त, जे्ा दद् ्ाक रोग ्ीद र तोसड दै त असिा 3 धस्क लोक िभ ध् जुटाबऽ रे बहत रेह्सत करै त असिा ससशार करै त काल अप् ्ाजुक भोज् िँ भरर जाइत असिा


4 गरीब अप् गरीब िमस् रे पररशर करै त असिा आ जख् िोसड दै त िसि तख्ो जररतररद िसिा 5 जे िो्ा िँ पेर करै त असि, िे धर् ्सह ठहराओल जायत, आ जे भषाचारक पािाँ चलत, तकरा ओसह रे िँ बहत सकिु भेटता 6 िो्ा बहतो लोकक सस्ाश भऽ गेल असि आ ओकर सस्ाश िेहो िला 7 रकरा बसलदा् दे बऽ सला िभक लेल ई ठोकर असि, आ िभ रूख् ओकरा िरग पकडल जायता 8 धन असि ओ ध्ी जे स्द्ष भेटैत असि आ िो्ाक पािाँ ्सह गेल असिा 9 ओ के िसि? हर िभ ह्का धन कहबस्, सकरक तँ ओ अप् लोकक बीच अदव भुत काज कयलस्ा 10 केकरा रसह तरहे ँ परखल गेल आ सि् पाओल गेल? तख् ओ घररड करसिा के आपस् क’ िकैत असि, आ ्सह के्े असि? आसक अधलाह के्े िी, आ ्सह के्े िी? 11 ओकर िमस् सासपत होयत आ ररडली ओकर सभकाक पचार करता 12 जँ अहाँ भरपूर टे बुल पर बैिल िी तँ ओसह पर लोभ ्सह कर आ ई ्सह कहब जे , “ओसह रे बहत राि भोज् असिा” 13 रो् राखू जे दु ष आँ दख अधलाह स्ु असि, आ आँ दख िँ बेिी दु ष की िृसजत असि? ते ँ ई हर असिर पर का्ैत असिा 14 अप् हाि कतह ्सह पिारर सदयौक आ ओकरा िरग बत्​् रे ्सह फेसक सदयौका 15 अप् पडोिीक ्व याय अप्े िँ ्सह करा 16 जे सकिु अहाँ क िोझाँ राखल गेल असि, तकरा जे्ा र्ुषव यक चाही, िे खाउा आ धा् राखू, कही र अहाँ िँ घृणा ्सह भ' जाया 17 सशषाचारक लेल पसह्े िोसड सदयौका आ अतृप ्सह रह, कही र अहाँ को्ो आपस् ्सह करबा 18 जख् अहाँ बहतो लोकक बीच बैिल रहब तख् िभिँ पसह्े अप् हाि ्सह बढाउा 19 ्ीक पोिल आदरीक लेल बहत कर पया् प होइत िै क, आ ओ अप् पलरग पर अप् हसा कर ्सह करै त असिा 20 ्ीक ्ीद र रधर भोज् िँ अबैत असि, ओ भोरे उठै त असि आ ओकर बुद् ओकरा िरग रहै त िै क, रुदा अतृप आदरी रे दे खैत रहबाक पीडा, हडबडाहट आ पेटक पीडा होइत िै का 21 जँ अहाँ केँ भोज् करबाक लेल रजबूर कयल गेल असि तँ उठू, उली कर आ अहाँ केँ ससशार भेटता 22 हरर बेटा, हरर बात िु्ू आ हररा सतरसार ्सह कर, आ अरत रे अहाँ केँ ओसह्ा भेटत जे्ा हर अहाँ केँ कहलहँ ा 23 जे केओ अप् भोज्क उदारता रखैत असि, िे लोक ओकरा ्ीक बात कहता आ ओकर ्ीक घर-पाल्क ररपोट् पर ससशाि कयल जायता 24 रुदा जे अप् भोज्क चोराबला असि तकरा ससर् पूरा ्गर गु्गु्ाता आ ओकर ्ीचताक गसाही पर को्ो िरदेह ्सह होयता 25 शराब रे अप् सीरता ्सह दे खाउा सकरक तँ रसदरा बहतो केँ ्ष कऽ दे ्े असिा 26 भटी डु बकी लगा कऽ सक्ार परखैत असि, तसह्ा रसदरा ्शा रे घररडी लोकक हदय केँ पररषृत करै त असिा 27 रसदरा जँ रधर राता रे पीबैत असि तँ जीस् जकाँ ्ीक होइत िै का सकरक तँ ई र्ुषव य केँ पिर करबाक लेल ब्ाओल गेल िला 28 रसदरा ्ापल-जोदख कऽ पीसब कऽ िरय रे रसदरा हदय केँ आ्दनत करै त असि आ र् केँ पिरता दै त असिा

29 रुदा असतशय पीिल रसदरा र् केँ कटु ब्ा दै त असि, झगडा आ झगडा-झरझसट िँा 30 ्शा रूख्क कोध केँ ताबत धरर बढबैत असि जाबत धरर ओ अपराध ्सह करै त असि, ओ शद् केँ कर करै त असि आ घास िेहो करै त असिा 31 अप् पडोिी केँ शराब पीसब कऽ डाँ सट ्सह सदयौक आ ओकर हँ िी-खुशी रे ओकरा सतरसार ्सह करा अध्य 32 1 जँ अहाँ को्ो भोजक रासलक ब्ाओल गेलहँ तँ अप्ा केँ ऊपर ्सह उठाउ, बलव सक ह्का िभक बीच रे रहा ह्का िभक लग् िँ दे खभाल कर, आ ते ँ बैसि जाउा 2 जख् अहाँ अप् िभटा काज पूरा कऽ लेब तख् अप् सा् पर आसब जाउ, जासह िँ अहाँ ह्का िभक िरग र् रहब आ भोजक ्ीक वससाक लेल रुकुट पासब िकबा 3 हे जे जेर िी, बाजू, सकरक तँ ई अहाँ केँ उसचत असि, रुदा ितव य सससेकक िरगा आ बाधा ्सह िरगीतका 4 जतऽ िरगीतकार हो, ओतऽ बात ्सह उझसल सदयौक, आ िरयक िरग बुद् ्सह स्कालूा 5 शराबक भोज रे िरगीतक िरगीत काय्कर िो्ा रे िेट काब्कलक स्शा् जकाँ होइत असिा 6 जे्ा िो्ाक काज रे राखल पराक स्शा् असि, तसह्ा िुखद रसदराक िरग िरगीतक राग िेहो होइत असिा 7 हे युसक, जँ अहाँ क आसशकता हो तँ बाजूा 8 अहाँ क बाजब िोट हो, कर शब रे बहत सकिु बुझाू जे ज्ैत असि आ तैयो अप् जीह पकड्े असि, ते्ा ब्ूा” 9 जँ अहाँ पैघ लोकक बीच िी तँ अप्ा केँ ह्का िभक बराबर ्सह ब्ाउा आ जख् पाची् र्ुष जगह पर रहत तख् बेिी शबक पयोग ्सह करा 10 गरसज कऽ सबजली बजबािँ पसह्ेा आ लद्त आदरीक अ्ुकूलताक िोझाँ चलता 11 बेर-बेर उठू, आ अरसतर ्सह ब्ूा रुदा सब्ा दे री के्े घर पहँ चा सदयौका 12 ओतय अप् लीला कर आ जे चाहै त िी िे करा 13 रसह बात िभक लेल जे अहाँ केँ ब्ौलस् आ जे अहाँ केँ अप् ्ीक स्ु िँ भरर दे लस्, तकरा आशीसा् द सदअा 14 जे केओ पभु िँ डे राइत असि, ओकर अ्ुशाि् भेटतैका जे िभ ओकरा जली तकैत असि, ओकरा िभ केँ अ्ुगह भेटतैका” 15 जे केओ धर्-स्यरक खोज करै त असि, िे ओसह िँ भरल रहत, रुदा पाखरडी केँ रसह िँ आहत होयता 16 जे िभ पभु िँ डे रैत असि, ओकरा िभ केँ नाय भेटतैक आ ओ नाय केँ इजोत जकाँ पजसलत करता 17 पापी केँ डाँ ट ्सह दे ल जायत, बलव सक ओकरा अप् इचाक अ्ुिार बहा्ा भेटैत िै का 18 िलाह-धरधा करयसला लोक ससचारशील होयता रुदा पराया आ घररडी आदरी भय िँ ्सह डे राइत असि, तख्ो जख् ओ अप्ा िँ सब्ा को्ो िलाह के्े होा 19 सब्ा िलाह के सकिु ्सह करा आ जख् रक बेर कऽ लेब तख् पयाताप ्सह करा 20 ओसह बाट पर ्सह जाउ जासह िँ खसि पडब आ पािरक बीच रे ठोकर ्सह खायबा 21 िाफ-िाफ भरोिा ्सह करा 22 अप् िरता् िँ िासधा् रहा


23 िभ ्ीक काज रे अप् आतव रा पर भरोिा राखूा कारण आजाक पाल् रसह्ा असिा 24 जे पभु पर ससशव साि करै त असि, िे आजा पर धा् दै त असिा जे ओकरा पर भरोिा करत, ओकर हालत रसह िँ बेिी खराब ्सह होयता अध्य 33 1 जे पभु िँ डरै त असि, तकरा पर को्ो अधलाह ्सह होयता रुदा फेर परीका रे ओ ओकरा उ्ार करता 2 बुद्रा् लोक धर् -स्यर िँ घृणा ्सह करै त असिा रुदा ओसह रे जे पाखरडी असि िे आँ धी-तूफा् रे जहाज जकाँ असिा 3 बुद्रा् लोक धर्-स्यर पर भरोिा करै त असिा आ धर् स्यर ह्का लेल सव ‍यसिव‍िाक रप रे ससशव साि करै त असिा 4 जे कहब िे तैयार कर, तख् अहाँ क बात िु्ल जायता 5 रूख्क हदय गाडीक चका जकाँ होइत िै का आ ओकर ससचार गुडकैत धुरी जकाँ असिा 6 घोडाक घोडा उपहाि करय बला सरत जकाँ होइत िै क, ओ अप्ा पर बैिल िभ गोटे क ्ीचाँ घुरैत रहै त असिा 7 रक सद् दोिर सद् सकरक आगू बढै त असि, जख् सक िालक िभ सद्क िभ इजोत िूय्क होइत असि? 8 पभुक जा्क कारणे ँ ओ िभ अलग-अलग भऽ गेलाहा 9 ओसह रे िँ सकिु केँ उना सद् ब्ौलस् आ पससत कयलस् आ सकिु केँ िाधारण सद् ब्ा दे लस्ा 10 आदर पृिव सी िँ ब्ल असिा 11 पभु बहत जा् िँ ओकरा िभ केँ बाँ सट दे लस् आ ओकर िभक बाट-ससससध ब्ा दे लस्ा 12 सकिु गोटे केँ आशीष दऽ कऽ उदा् कयलस् आ सकिु केँ पससत कयलस् आ अप्ा लग आसब गेलाहा 13 जसह्ा रासट कुमारक हाि रे रहै त िै क जे ओकरा अप् इचा्ुिार ब्बैत िै क, तसह्ा र्ुख ओकरा ब्ौस्हारक हाि रे िै क जे ओकरा िभ केँ ्ीक जकाँ बदला सदयौका 14 ्ीक अधलाहक ससर् आ जीस् रृतुक ससर् होइत असि, तसह्ा पररेशव सरक भद् पापी आ पापी पररेशव सरक ससर्ा 15 ते ँ पररेशव सरक िभ काज दे खूा आ दू आ दू , रक दोिराक ससर्ा 16 हर िभिँ अरतरे जागल िी, जे्ा अरगूर बटोरस्हारक पािाँ पािाँ चलैत असिा 17 ई िोचू जे हर रात अप्ा लेल ्सह, बलव सक िभ लोकक लेल पररशर केलहँ जे सशका चाहै त िसिा 18 हे लोकक रहापुरष लोकस्, हरर बात िु्ू, अहाँ िभ रणव डलीक शािक िभ, का् िँ िु्ूा 19 अप् बेटा-पती, अप् भाय-सरत केँ जीबैत काल अप्ा पर असधकार ्सह सदयौक आ अप् िमस् दोिर केँ ्सह सदयौक, जासह िँ ओ अहाँ केँ पयाताप ्सह कऽ लेत आ अहाँ फेर ओसह लेल सस्ती ्सह करा 20 जा धरर अहाँ जीससत रहब आ अहाँ रे िाँ ि असि, ता धरर अप्ा केँ ककरो हाि रे ्सह सदयौका 21 अहाँ ह्का िभक सशषाचार रे ठाढ रहबा िँ ्ीक जे अहाँ क ि्व ता् िभ अहाँ केँ ताकया 22 अप् िभ काज रे अप्ा केँ पधा्ता राखूा अप् आदर रे को्ो दाग ्सह िोडूा 23 जासह िरय रे अहाँ अप् जीस् िराप करब आ अप् जीस् िराप करब, तख् अप् उ्रासधकार बाँ सट सदयौका

24 चारा, िडी आ बोझ गदहाक लेल असिा आ रोटी, िुधार आ काज, ्ोकरक लेला 25 जँ अहाँ अप् िेसक केँ शर रे राखब तँ अहाँ केँ ससशार भेटता 26 जुआ आ कालर गरदस् झुकबैत असि, तसह्ा दु ष िेसकक लेल यात्ा आ यात्ा िेहो होइत िै का 27 ओकरा शर करबा लेल पठाउ, जासह िँ ओ बेकार ्सह रहया सकरक तँ आलस बहत अधलाह सिखाबैत असिा 28 ओकरा अप् उसचत काज करबाक लेल राखूा 29 रुदा ककरो पसत असतशयोद् ्सह करा आ सब्ा सससेक के सकिु ्सह करा 30 जँ अहाँ क को्ो ्ोकर असि तँ ओ अहाँ क लेल अप्ा जकाँ ब्य, सकरक तँ अहाँ ओकरा दार रे कीस् ले्े िीा 31 जँ अहाँ क को्ो ्ोकर असि तँ ओकरा भाइ जकाँ सस्ती कर, सकरक तँ अहाँ केँ ओकर आ्​्व‍्ा असि जे्ा अहाँ क अप् पाणक आसशकता असिा अध्य 34 1 बुद्ही् आदरीक आशा वि् आ झूठ होइत िै क, आ िप्ा रूख् केँ उठबैत िै का 2 जे केओ िप्ा दे खैत असि, िे ओसह्ा असि जे िाया पकसड कऽ हसाक पािाँ चलैत असिा 3 िप्ाक दश्​् रक स्ुक दोिर स्ुक िरा्ता सिक, जे्ा रुँहक िरा्ता​ा 4 अशु् स्ु िँ की शु् कयल जा िकैत असि? आ जे बात सररा असि तासह िँ को् ित आसब िकैत असि? 5 भससषसाणी, भससक-साणी आ िप्ा वि् असिा 6 जँ ओ िभ पररेशव सरक सदि िँ ्सह पठाओल गेल होसि तँ ओकरा िभ पर अप् रो् ्सह राखूा 7 सकरक तँ िप्ा बहतो केँ धोखा दे लक आ ओ िभ अिफल भऽ गेल जे ओकरा पर भरोिा करै त असिा 8 धर् -स्यर सब्ा झूठक सि् पाओल जायता 9 जे र्ुषव य याता कर्े असि, िे बहत सकिु ज्ैत असिा जे बहत अ्ुभस रखैत असि, ओ बुद्क पचार करता 10 जे को्ो अ्ुभस ्सह रखैत असि, िे कर ज्ैत असि, रुदा जे याता करै त असि, िे बुद्रा्ी िँ भरल असिा 11 जख् हर याता करै त िलहँ तँ बहत सकिु दे खलहँ ा आ हर जतेक व् क' िकैत िी तासह िँ बेिी बुझैत िीा 12 हर बेर-बेर रृतुक खतरा रे पडै त िलहँ , रुदा रसह िभ बातक कारणे ँ हर उ्ार पासब गेलहँ ा 13 जे िभ पभु िँ डे रैत असि, ओकर आतव रा जीससत रहता सकरक तँ ह्का िभक आशा ओसह पर असि जे ओकरा िभ केँ उ्ार करै त असिा” 14 जे केओ पभु िँ डे राइत असि, िे ्सह डरत आ ्े डरता सकरक तँ ओ ओकर आशा असिा 15 जे पभु िँ डे राइत असि, ओकर पाण धन असि, ओ केकरा सदि तकैत असि? आ ओकर ताकत के असि? 16 सकरक तँ पभुक ्जरर ओसह िभ पर रहै त असि जे ह्का िँ पेर करै त असि, ओ ह्का िभक पराकरी रका आ रजबूत ठहरब िसि, गर् िँ बचास आ दु पहर रे रौद िँ आसड, ठोकर िँ बचास आ खिबा िँ िहायक िसिा 17 ओ पाण केँ उठबैत िसि आ आँ दख केँ हलुक करै त िसि, ओ साव, जीस् आ आशीसा् द दै त िसिा


18 जे गलत तरीका िँ भेटल स्ुक बसलदा् दै त असि, ओकर बसलदा् हासायद असिा आ अनायी लोकक सरदा् सीकार ्सह कयल जाइत असिा 19 पररेशव सर दु षव ट लोकक बसलदा् रे पिर ्सह होइत िसिा आ ्े बसलदा्क भररार िँ पापक लेल शान कयल जाइत असिा 20 जे केओ गरीबक िमस् रे िँ बसलदा् अ्ैत असि, ओ ओसह्ा करै त असि जे्ा अप् सपताक ्जरर रे बेटा केँ रारर दै त असिा 21 गरीबक रोटी ओकर जा् असि, जे ओकरा ठकैत असि िे खू्क लोक असिा 22 जे अप् पडोिीक जीस्-याप् िीस् लैत असि, िे ओकरा रारर दै त असिा जे रजदू रक भाडाक ठकैत असि िे खू्-खराबा करऽ सला असिा 23 जख् सकयो ब्बैत असि आ दोिर खसि पडै त असि तख् ओकरा िभ केँ रेह्सत िोसड की फायदा? 24 जख् सकयो पाि्​्ा करत आ दोिर गारर पढत तख् पभु केकर आसाज िु्ताह? 25 जे रृतव यु केँ िूसब कऽ अप्ा केँ धोबैत असि, जँ फेर ओकरा िूसब लैत असि तँ ओकरा धोला िँ की फायदा? 26 जे आदरी अप् पापक उपसाि करै त असि आ फेर जा कऽ ओसह्ा करै त असि, ओकर पाि्​्ा के िु्त? आसक ओकर सस्मता ओकरा की फायदा होइत िै क? अध्य 35 1 जे वससाक पाल् करै त असि िे पया् प बसल चढबैत असिा 2 जे केओ ्ीक-्ीक बदला लैत असि, िे रही् आटा चढबैत असिा जे सभका दै त असि, िे ्ुसत बसल दै त असिा 3 दु षता िँ हसट जायब पभु केँ पिर करयसला बात सिका आ अधर् केँ िोडब पायसयत असिा 4 अहाँ पभुक िरक खाली ्सह दे खारबा 5 ई िभ काज आजाक कारणे ँ करबाक असिा 6 धर् लोकक बसलदा् सेदी केँ रोट ब्ा दै त असि आ ओकर रधुर िुग् परर पररेशव सरक िरक होइत असिा 7 नायी र्ुषक बसलदा् सीकाय् असिा आ ओकर सारक कसहयो सबिरल ्सह जायता 8 ्ीक ्जरर िँ पभुक आदर कर, आ अप् हािक पसहल फल केँ कर ्सह करा 9 अप् िभ सरदा् रे पिर रुँह दे खाउ आ अप् दिर भाग हसष्त भऽ कऽ िरसप्त करा 10 पररेशव सर केँ ओसह्ा दऽ सदयौक जे्ा ओ अहाँ केँ िरृ् कयलस्ा आ जे्ा-जे्ा अहाँ केँ भेटल असि, हँ िरुख आँ दखिँ दऽ सदयौका 11 सकरक तँ पभु पसतफल दै त िसि् आ अहाँ केँ िात गु्ा बेिी दे सि्ा 12 सरदा् िँ भष करबाक लेल ्सह िोचूा सकरक तँ ओ रह् ्सह करता कारण, पभु नायाधीश िसि, आ ह्का िरग को्ो वद्क आदर ्सह होइत िस्ा 13 गरीबक ससर् ककरो सीकार ्सह करत, बलव सक दबलकुचलल लोकक पाि्​्ा िु्ता 14 ओ अ्ाि िभक सस्ती केँ सतरसार ्सह करता आ ्े ससधसा, जख् ओ अप् सशकायत उसझलैत असिा 15 की ससधसाक गाल पर ्ोर ्सह बहै त असि? की ओकर पुकार ओसह पर ्सह जे ओकरा िभ केँ खिबैत िै क?

16 जे पररेशव सरक िेसा करै त असि, तकरा अ्ुगह िँ गहण कयल जायत आ ओकर पाि्​्ा रेघ धरर पहँ सच जायता 17 सस्म लोकक पाि्​्ा रेघ केँ बेधैत असि, जा धरर ओ ्जदीक ्सह आसब जायत ता धरर ओकरा िान्​्ा ्सह भेटतैका ओ ताबत धरर ्सह जायब जाबत धरर पररेशव सर धासर्क ्व याय करब आ ्व याय ्सह करता 18 सकरक तँ पभु ताबत धरर िु् ्सह हे ताह आ ्े पराकरी ह्का िभक पसत धैय् रखताह, जाबत धरर ओ दयालु लोकक करर केँ फासड ्सह दे ताह आ जाबत धरर ह्का िभक पसतशोध ्सह करताहा जाबे तक ओ घररडी लोकक भीड केँ ्सह हँ टा दे ताह आ अधर् िभक राजदण केँ तोसड ्सह दे ताहा 19 जाबत धरर ओ िभ रक-रक केँ अप् काजक अ्ुिार आ र्ुषव य िभक काज केँ ओकर िभक योज्ाक अ्ुिार ्सह दऽ दे ता जाबत धरर ओ अप् लोक िभक काजक ्व याय ्सह कऽ कऽ ओकरा िभ केँ अप् दया रे आ्दनत ्सह कऽ लेताहा 20 कषक िरय रे दया रौिरी होइत िै क, जे्ा रौदीक िरय रे बरखाक रेघ होइत िै का अध्य 36 1 हे िभक पररेशव सर, हररा िभ पर दया कर आ हररा िभ केँ दे खूा 2 जे िभ जासत अहाँ क पािाँ ्सह चाहै त असि, तकरा िभ पर अप् भय पठाउा 3 परदे शी जासत िभक ससर् हाि उठाउ, आ ओकरा िभ केँ अहाँ क िारर् दे खया 4 जसह्ा अहाँ ह्का िभक िरक हररा िभ रे पससत कयल गेलहँ , तसह्ा अहाँ हररा िभक िरक ह्का िभक बीच रे रसहरा कयल जाउा 5 ओ िभ अहाँ केँ ई जास् लेसि् जे्ा हर िभ अहाँ केँ ज्ैत िी, जे पररेशव सर रात अहाँ केँ िोसड को्ो पररेशव सर ्सह िसिा 6 ्स-्स सच्व ह िभ दे खाउ आ आ्-आ् आयय्क काज करा 7 कोध उठाउ आ कोध उझाउ, ससरोधी केँ दू र कर आ शतु केँ ्ष करा 8 िरय कर करबाक लेल, साचा केँ रो् राखू, आ ओ िभ अहाँ क अदव भुत काज िभक पचार करसिा 9 जे बचैत असि िे आसग केर कोध िँ भस भऽ जाया आ जे लोक िभ पर अताचार करै त असि, तकरा ्ाश भऽ जाया 10 जासत-जासतक शािक िभक राि केँ फासड सदयौक जे कहै त असि जे, “हररा िभक असतरर् दोिर सकयो ्सह असिा” 11 याकूबक िभ गोत केँ रक ठार जरा कर आ ओकरा िभक उ्रासधकारी ब्ू, जे्ा शुर िँ होइत िला 12 हे पभु , अहाँ क ्ार िँ बजाओल गेल लोक आ इसारल पर दया कर, जकरा अहाँ अप् जेठ बचाक ्ार रख्े िीा 13 हे यरशलेर, अहाँ क पससत ्गर, अहाँ क ससशारक सा् पर दया करा 14 सियो् केँ अप् अकि्ीय सच् िँ भर आ अप् पजा केँ अप् रसहरा िँ भरा 15 जे िभ अहाँ लग शुरर िँ असि, ह्का िभ केँ गसाही सदअ आ जे पसकव ता िभ अहाँ क ्ार रे असि, तकरा िभ केँ ठाढ करा


16 जे िभ अहाँ क पतीका करै त असि तकरा िभ केँ इ्ार दऽ सदयौक आ अहाँ क पसकव ता िभ ससशव सािपूण् पाओल जाया 17 हे पभु , अप् पजा पर हार्क आशीसा् दक अ्ुिार अप् िेसक िभक पाि्​्ा िु्ू, जासह िँ पृिव सी पर रहस्हार िभ लोक ई जास् िकसि जे अहाँ पभु, अ्न पररेशव सर िीा 18 पेट िभ भोज् खा जाइत असि, रुदा रक भोज् दोिर िँ ्ीक होइत असिा 19 जसह्ा तालु रे तरह-तरह केर सहर्क रार िक साद होइत िै क, तसह्ा झूठ बाजब बुझबाक हदय िेहोा 20 कूर हदय भारी पडै त असि, रुदा अ्ुभसी लोक ओकर बदला दे ता 21 िव ती िभ पुरष केँ गहण करत, रुदा रक बेटी दोिर िँ ्ीक असिा 22 सीक िौनय् चेहरा केँ हसष्त करै त असि, आ पुरष केँ रसह िँ ्ीक सकिु ्सह चाहीा 23 जँ ओकर जीह रे दया, ्मता आ िान्​्ा असि तँ ओकर पसत आ् पुरष जकाँ ्सह असिा 24 जे िव ती पाबैत असि, िे िरव पस्, अप्ा ि् िहायक आ ससशारक खरभा शुर करै त असिा 25 जतऽ बेध ्सह असि, ओतसह िमस् लूसट जाइत असि, आ जकरा पती ्सह असि, ओ शोक र्ा कऽ ऊपर-्ीचा भटकता 26 ओसह चोर पर के भरोिा करत जे ्गर-्गर रे दौडै त असि? ते ँ के ससशव साि करत जे ओसह पररेशव सर पर ससशव साि करत जकरा घर ्सह िै क आ जे जतऽ रासत ओकरा लऽ जाइत िै क, ओतसह रसक जायत? अध्य 37 1 िभ सरत कहै त असि जे हरहँ ओकर सरत िीा 2 की ई रृतुक दु ःख ्सह होइत िै क, जख् िरगी आ सरत शतु सदि घुसर जाइत असि? 3 हे दु ष कल्ा, अहाँ कतय िँ पृथी केँ िल-पपरच िँ झाँ सप लेलहँ? 4 रकटा िरगी असि जे सरतक िरृद् रे आ्दनत होइत असि, रुदा ससपस्क िरय रे ओकर ससर् होयता 5 रकटा िरगी असि जे अप् सरतक पेट लेल िहायता करै त असि आ दु श्क ससर् बकलर उठबैत असिा 6 अप् सरत केँ र् रे ्सह सबिरर जाउ, आ अप् ध् रे ओकरा िँ अ्सभज ्सह रहा 7 पतेक िलाहकार िलाहक पशरिा करै त असिा रुदा सकिु रह् असि जे अप्ा लेल िलाह दै त असिा 8 को्ो िलाहकार िँ िासधा् रह आ पसह्े िँ जास् सलअ जे ओकरा को् तरहक आसशकता िै का सकरक तँ ओ अप्ा लेल िलाह दे ता कही र ओ तोरा पर सचटी ्सह फेकता 9 अहाँ केँ कह जे अहाँ क बाट ्ीक असिा 10 जे अहाँ पर शरका करै त असि, ओकरा िँ ससचार ्सह करा 11 जासह िव ती केँ ईषा् करै त असि, तकरा यश् ्सह करऽ सला िव ती िँ ससचार ्सह करा ्े यु्क रारला रे कायरक िरगा आ ्े को्ो वापारी िरग आदा्-पदा्क ससषय रेा आ ्े बेचबाक खरीददारक िरग; आ ्े धनसादक ईषा् लु आदरीक िरगा आ ्े को्ो अदयालु लोकक िरग जे दया केँ िूबैत असिा आ ्े को्ो काज रे आलिी लोकक िरगा आ ्े रक िालक काज िराप करबाक लेल भाडाक िरग; आ ्े बेिी काजक बेकार िेसक िरगा

12 रुदा जँ अहाँ पररेशव सरक आजाक पाल् करबाक लेल ज्ैत िी, सज्कर र् अहाँ क र्क अ्ुरप असि आ जँ अहाँ गभ्पात करब तँ अहाँ िरग दु खी रहबा 13 अप् हदयक िलाह ठाढ रह, सकरक तँ रसह िँ बेिी ससशािी केओ ्सह असिा 14 सकरक तँ र्ुषव य केँ कख्ो काल ओकरा िातटा िँ बेिी चौकीदार केँ कहबाक आदसत होइत िै क जे ऊपर ऊँच बुज् रे बैिल रहै त असिा 15 रसह िभ िँ ऊपर पररेशव सर िँ पाि्​्ा कर जे ओ अहाँ क बाट ितव य रे स्द् सशत करसिा 16 हर काज रे तक् केँ आगू बढय सदयौक आ हर काज िँ पसह्े िलाह सदयौका 17 चेहरा हदयक पररसत्​्क स्शा्ी असिा 18 चारर तरहक बात पकट होइत असि: ्ीक-बेजाय, जीस् आ रृतु, रुदा जीह ओकरा िभ पर िसदख् राज करै त रहै त असिा 19 रकटा रह् असि जे बुद्रा् असि आ बहतो केँ सिखाबैत असि, रुदा अप्ा लेल बेकार असिा 20 रकटा रह् लोक असि जे बात रे बुद् दे खाबैत असि आ ओकरा घृणा कयल जाइत असिा 21 सकरक तँ पभुक अ्ुगह ्सह दे ल गेल असि, सकरक तँ ओ िभ बुद् िँ सरसचत असिा 22 दोिर अप्ा लेल बुद्रा् असिा आ बुझबाक फल ह्कर रुँह रे िराह्ीय असिा 23 बुद्रा् अप् लोक केँ सशका दै त असिा आ ओकर िरझक फल अिफल ्सह होइत िै का 24 बुद्रा् आदरी आशीसा् द िँ भरल रहता जे िभ ह्का दे खस्हार िभ ह्का िुखी रा्तस्ा” 25 र्ुषव यक जीस्क सद् सग्ल जा िकैत असि, रुदा इसारलक सद् अिरय असिा 26 बुद्रा् केँ अप् पजा रे रसहरा भेटतैक आ ओकर ्ार िदा-िदा रहता 27 हरर बेटा, अप् जीस् रे अप् पाण केँ परखू आ दे खू जे ओकरा लेल की अधलाह असि, आ िे ओकरा ्सह सदयौका 28 सकरक तँ िभ र्ुखक लेल िभ सकिु लाभदायक ्सह असि आ ्े िभ पाणी केँ िभ सकिु रे पिरता होइत असिा 29 को्ो सासदष स्ु रे अतृप ्सह होउ आ भोज् रे बेिी लोभी ्सह होउा 30 सकरक तँ भोज्क असधकता िँ बीरारी होइत िै क, आ बेिी भोज् चोरा रे बदसल जायता 31 असतशयोद्क कारणे ँ बहतो लोकक ्ाश भऽ गेल असिा रुदा जे धा् रखैत असि, िे अप् जीस् लमा करै त असिा अध्य 38 1 सैद केँ ओसह आदर िँ आदर कर जे अहाँ िभ केँ ओसह काज िँ भेटय, सकरक तँ पभु ओकरा िृसजत कयलस्ा 2 सकरक तँ पररेशव सरक चरगाई अबैत असि आ ओ राजाक आदर पाओता 3 सैदक स्पुणता ओकर राि ऊपर उठाओत, आ रहा् लोकक ्जरर रे ओकर पशरिा होयता 4 पभु पृथी िँ औषसध ब्ौलस्ा जे बुद्रा् असि िे ओकरा िभ िँ घृणा ्सह करता 5 की पास् केँ लकडी िँ रीठ ्सह कयल गेल िल जासह िँ ओकर गुणक जा् हो?


6 ओ र्ुषव य िभ केँ लूरर दे लस्, जासह िँ ओ अप् अदव भुत काज रे आदर कयल जाया 7 रह् तरहे ँ ओ र्ुषव य केँ ठीक करै त िसि आ ओकर कष दू र करै त िसिा 8 रह् तरहक दसाई ब्ौस्हार सरठाई ब्बैत असिा ओकर काजक को्ो अरत ्सह िै का आ ह्का िँ िर् पृथी पर शादन असिा 9 हरर बेटा, अप् बीरारी रे लापरसाह ्सह कर, बलव सक पभु िँ पाि्​्ा कर, तख् ओ अहाँ केँ ठीक कऽ दे ताहा 10 पाप िोडू आ अप् हाि केँ ठीक िँ वसदसत कर आ अप् हदय केँ िभ दु षता िँ शु् करा 11 रकटा रीठ िुगरध आ रही् आटाक सरण करा आ रोटका बसलदा् ब्ाउ जे्ा ्सह असिा 12 तख् सैद केँ जगह सदयौक, सकरक तँ पभु ओकरा िृसजत कयलस्ा 13 रक िरय होइत िै क जख् ह्का लोकस्क हाि रे ्ीक िफलता होइत िस्ा 14 सकरक तँ ओ िभ पभु िँ िेहो पाि्​्ा करत जे ओ िभ जे सकिु िहजता आ उपायक लेल दै त िसि आ जीस् केँ दीघ् करबाक लेल दै त िसि्, िे ओ िभ िरृद् पदा् करसिा 15 जे केओ अप् ब्ौस्हारक िरक पाप करै त असि, िे सैदक हाि रे पसड जाया 16 हरर बेटा, रृतव यु पर ्ोर खिय आ ससलाप करय लागय जे्ा अहाँ केँ बहत ्ुकिा् भेल होा आ फेर पिाक अ्ुिार ओकर दे ह झाँ सप सदयौक, आ ओकर दफ् करबाक उपेका ्सह करा 17 कटु का्ब, आ बहत राि कराहब आ ससलाप करब, जे्ा ओ योग िसि, आ रक-दू सद्, जासह िँ अहाँ पर को्ो तरहक गडबडी ्सह भऽ जाया 18 सकरक तँ भार िँ रृतु होइत िै क आ हदयक भार बल तोसड दै त िै का 19 दु ःख रे िेहो दु ःख रहै त िै क, आ गरीबक जीस् हदयक असभशाप होइत िै का 20 को्ो भारी बात केँ हदय रे ्सह राखू , ओकरा भगा सदयौक आ अरसतर िोर केँ िदस ब्ाउा 21 रकरा सबिरर ्सह जाउ, सकरक तँ फेर घुरबाक को्ो उपाय ्सह असि, अहाँ ओकर भलाई ्सह करब, बलव सक अप्ा केँ चोट पहँ चाबा 22 हरर स्ण्य रो् राखू , सकरक तँ अहाँ क िेहो रह्े होयता काद् हररा लेल, आ आइ अहाँ क लेला 23 जख् रृतक ससशार रे आसब जायत तख् ओकर सरण ससशार होा जख् ओकर आतव रा ओकरा िँ दू र भऽ जायत तख् ओकरा लेल िान्​्ा भेसट जाउा” 24 ससदा्क बुद् फुि्त रे भेटैत िै क, आ जकरा कर काज िै क िे बुद्रा् भ’ जायता 25 ओकरा को्ा बुद् भेटतैक जे हल पकडै त असि, जे चोरच रे गौरसाद्त करै त असि, जे बैल केँ भगाबैत असि, आ अप् रेह्त रे व् रहै त असि, आ जकर गप बैल िभक बात होइत असि? 26 ओ खररहा् ब्ेबाक लेल अप् र् दै त िसिा आ गायकेँ चारा दे बारे लग्शील होइत असिा 27 रसह तरहे ँ हर बढई आ कारीगर, जे रासत-सद् पररशर करै त असि, आ रोहर कासट कऽ कब पर चढाबऽ सला िभ, आ बहत तरहक सबम ब्ेबा रे लग्शील असि आ ्कली सबमक काज पूरा करबाक लेल जागरक रहै त असिा

28 लोहार िेहो स्हाईक कात रे बैिल लोहाक काज पर ससचार करै त आसग केर साष ओकर रार ि केँ बबा् द कऽ दै त िै क आ भटीक ताप िँ लडै त िै क आँ दख दसर दे खैत असि जे ओ जे चीज ब्बैत िसि ओकर ्रु्ा​ा ओ अप् काज पूरा करबाक लेल रो् लगा लैत असि, आ ओकरा पूरा तरहे ँ चरकाबय रे दे खैत रहै त असिा 29 तसह्ा कुमार अप् काज रे बैिल आ परर िँ चका घुराबैत असि, जे िसदख् अप् काज रे िासधा्ीपूस्क ठाढ रहै त असि आ अप् िभ काज सग्ती रे करै त असिा 30 ओ अप् बाँ सह िँ रासट केँ ब्बैत असि आ अप् शद् केँ अप् पररक िोझाँ झुका लैत असिा ओकरा आगू बढे बाक लेल अप्ा केँ लगा दै त असिा ओ भटी केँ िाफ करबा रे लग्शील िसिा 31 ई िभ अप् हाि पर भरोिा करै त िसि, आ िभ अप् काज रे बुद्रा् िसिा 32 रसह िभक सब्ा को्ो ्गर रे लोक ्सह रसह िकैत असिा 33 ओकरा िभ केँ िास्जस्क िलाह रे ्सह खोजल जायत आ ्े ररडली रे ऊँच बैित, ओ िभ नायाधीशक आि् पर ्सह बैित आ ्े नायक दण केँ बुसझ िकैत असिा आ जतऽ दषान बाजल जाइत असि, ओतऽ ओ िभ ्सह भेटता 34 रुदा ओ िभ िरिारक दशा केँ स्सा् ह करत, आ ओकर िभटा इचा ओकर िभक सशल रे असिा अध्य 39 1 रुदा जे पररेशव सरक धर् -स्यरक पसत अप् र् लगा दै त असि आ ओकर र्​् रे व् रहै त असि, िे िभ पाची् लोकक बुद् तकत आ भससषसाणी रे व् रहता 2 ओ ्ारी लोक िभक बात केँ पाल् करताह, आ जतऽ िूक दषान असि, ओतसह िेहो रहताहा 3 ओ गरभीर साकक रहस ताकत आ अनार दषान रे पररसचत रहता 4 ओ रहा् लोकक बीच िेसा करत आ राजपुत िभक िरक दश्​् करता सकरक तँ ओ र्ुषव यक बीच ्ीक-बेजाय केँ परख्े िसिा 5 ओ अप् रो् केँ भोरे -भोर पररेशव सरक िहारा लेत जे पररेशव सरक िरक पाि्​्ा करत आ पाि्​्ा रे रुँह खोलत आ अप् पापक सस्ती करता 6 जख् रहा् पभु चाहसि तख् ओ िरझदारीक आतव रा िँ भरल रहताहा 7 ओ अप् िलाह आ जा् केँ स्द् सशत करत, आ अप् रहस रे र्​् करता 8 ओ जे सकिु िीख्े असि िे दे खाओत आ पभुक साचाक स्यर पर घररड करता 9 बहतो लोक ह्कर बुद्क पशरिा करताहा जा धरर िरिार सटकल रहत ता धरर ओकरा रेटाओल ्सह जायता ओकर सारक ्सह चसल जायत, आ ओकर ्ार पीढी-दर-पीढी जीससत रहता 10 जासत-जासत ह्कर बुद् पगट करत आ ररडली ह्कर पशरिा करता 11 जँ ररर जायत तँ हजार िँ पैघ ्ार िोसड जायता 12 तइयो हररा आओर कहबाक असि जे हर िोच्े िीा सकरक तँ हर चा् जकाँ पूण् भऽ गेल िीा 13 हे पससत िना् िभ, हरर बात िु्ू, आ खेतक धार रे उगैत गुलाबक फूल जकाँ अरकुर उगया


14 अहाँ िभ लोबा् जकाँ रधुर गरध सदअ आ कुरुद जकाँ प्पब, गरध पठाउ आ ्ुसत गीत गाउ, पभुक िभ काज रे आशीष करा 15 ह्कर ्ार बढाउ आ अप् ठोरक गीत आ सीणा िँ ह्कर ्ुसत कर आ ह्कर ्ुसत रे अहाँ िभ रसह तरहे ँ कहबा 16 पभुक िभ काज बहत ्ीक असि, आ जे सकिु आजा दे सि् िे िरय पर पूरा कयल जायता 17 सकयो ई ्सह कसह िकैत असि जे, “ई की असि?” िे सकयैक असि? कारण िरय पर िभ केँ खोजल जायता 18 ह्कर आजा पर जे सकिु ह्का ्ीक लगैत िस् िे कयल जाइत िस्ा आ सकयो बाधा ्सह दऽ िकैत असि, जख् ओ उ्ार करता 19 िभ र्ुखक काज ह्का िार्े असि, आ ह्कर ्जरर िँ सकिु ओ ्ुकायल ्सह जा िकैत असिा 20 ओ अ्न िँ अ्न धरर दे खैत िसिा आ ओकरा िार्े को्ो आयय्क बात ्सह िै का 21 र्ुषव‍य केँ ई कहबाक पयोज् ्सह जे “ई की असि?” िे सकयैक असि? सकरक तँ ओ िभ सकिु ओकरा िभक उपयोगक लेल ब्ौ्े िसिा 22 ह्कर आशीसा् द िूखल जरी् केँ ्दी जकाँ झाँ सप दे लक आ बासढ जकाँ पास् दे लका 23 जसह्ा ओ पास् केँ ्ू् रे बदसल दे लस्, तसह्ा ओकर कोधक उ्रासधकारी जासत-जासत केँ िेहो भेटतैका 24 जे्ा पससत लोकक लेल ह्कर बाट िाफ असिा तसह्ा ओ िभ दु षव ट लोकक लेल ठोकर असिा 25 सकरक तँ ्ीक सिव तु शुरर िँ ब्ाओल गेल असिा 26 र्ुषक जीस्क िर् उपयोगक लेल रुय स्ु िभ असि पास्, आसग, लोहा आ ्ू्, गहरक आटा, रधु , दू ध आ अरगूरक खू्, तेल आ कपडा​ा 27 ई िभ बात पररेशव सरक भलाईक लेल होइत असि, ते ँ पापी िभक लेल ई िभ अधलाह रे बदसल जाइत असिा 28 रह् आता िभ असि जे पसतशोधक लेल ब्ाओल गेल असि, जे अप् कोध रे भयरकर पहार पर पडल असिा सस्ाशक िरय रे ओ िभ अप् बल उसझलैत असि आ ओकरा िभ केँ ब्ौस्हारक कोध केँ शान करै त असिा 29 आसग, ओला, अकाल आ रृतु, ई िभ पसतशोधक लेल ब्ाओल गेल असिा 30 जरगली जा्सरक दाँ त, सबचू, िाँ प आ तलसार जे दु ष केँ सस्ाशक िजा दै त असिा 31 ओ िभ ह्कर आजा पर आ्दनत हे ताह आ जख् जररत पडत तख् पृिव सी पर तैयार रहताहा जख् ह्का िभक िरय आसब जायत तख् ओ िभ ह्कर सच्क उलरघ् ्सह करता 32 ते ँ हर शुरर िँ रसह बात िभ पर िोसच कऽ िोसच कऽ सलदख कऽ िोसड दे लहँ ा 33 पभुक िभ काज ्ीक होइत िै क, आ िरय पर ओ िभ आसशक स्ु दऽ दे ताहा 34 रसह तरहे ँ केओ ई ्सह कसह िकैत असि जे, ‘ई बात रसह िँ बेिी खराब असिा 35 ते ँ अहाँ िभ पूरा रो् आ रुँह िँ पभुक ्ुसत कर आ पभुक ्ारक आशीष करा अध्य 40 1 जासह सद् िँ ओ िभ अप् रायक गभ् िँ बाहर स्कलैत असि, ताबत धरर जे िभ सकिु क राय लग घुरर जाइत असि, ताबत धरर

आदरक पुत िभक लेल बहत पैघ पिस उतर कयल गेल असिा 2 आगारी बात आ रृतुक सद् ह्का िभक कल्ा ह्का िभक ससचार केँ परे शा् करै त असि आ हदयक भय पैदा करै त असिा 3 जे रसहराक सिरहाि् पर बैिल असि, तकरा िँ ल' क' पृिव सी आ भस रे ्म भ' गेल असिा 4 बैग्ी आ रुकुट पसहरस्हार िँ ल' क' जे सल्े् कपडा पसहर्े असिा 5 कोध, ईषा् , ससपस् आ अशुद्, रृतुक भय, कोध आ झगडा आ सबिौ् पर ससशारक िरय रे ओकर रासत रे ्ीद र ओकर जा् बदसल दै त िै का 6 कस्-कस् सा सकिु ्सह, ओकर ससशार होइत िै क, आ तकर बाद ओ ्ीद र रे रहै त असि, जे्ा पहरा पर रहै त असि, हदयक दश्​् रे परे शा् भ’ जाइत असि, जे्ा को्ो यु् िँ बसच गेल होा 7 जख् िभ सकिु िुरसकत भऽ जाइत असि तख् ओ जासग जाइत िसि आ आयय्चसकत होइत िसि जे डर सकिु ्सह िला 8 र्ुषव यक आ पशु-पकी िभक िरग रह् घट्ा घसटत होइत िै क आ पापी िभ पर ई िात गु्ा बेिी होइत िै का 9 रृतु, खू्-खराबा, कलह, तलसार, ससपस्, अकाल, कष आ पकोपा 10 ई िभ दु षव ट लोकक लेल ब्ाओल गेल असि आ ह्का िभक लेल जलपलय आयला 11 पृथीक िभ स्ु फेर िँ पृिव सी सदि घुसर जायता 12 िभ घूि आ अनाय रेटाओल जायत, रुदा िचा वसहार अ्नकाल धरर रहता 13 अधर् िभक िरव पस् ्दी जकाँ िुखायत आ हला िँ ससलुप भऽ जायता 14 जाबत धरर ओ अप् हाि खोलत ताबत ओ आ्दनत होयता 15 अभ्क ि्व ता् बहत राि डारर ्सह पैदा करत, बलव सक कठोर चटा् पर अशु् जसड जकाँ होयता 16 ्दीक पतेक पास् आ कात रे उगैत खरपतसार िभ घािपातक आगू खीच र ल जायता 17 पचुरता रकटा फलदार बगीचा जकाँ होइत असि, आ दया अ्न काल धरर रहै त असिा 18 रेह्त करब आ र्ुषव यक जे सकिु असि तासह िँ िरतुष रहब रधुर जीस् असिा 19 िरता् आ ्गरक स्रा् ण पुरषक ्ार ब्ल रहै त असि, रुदा स्द्ष पती दु ्ू गोटे िँ बेिी सग्ल जाइत असिा 20 रसदरा आ िरगीत हदय केँ आ्दनत करै त असि, रुदा बुद्क पेर दु ्ू िँ बेिी असिा 21 पाइप आ भज् रधुर धु् ब्बैत असि, रुदा दु ्ूक ऊपर िुखद जीह असिा 22 अहाँ क आँ दख अ्ुगह आ िौनय्क इचा रखैत असि, रुदा हररयर रहै त दु ्ू धान िँ बेिीा 23 सरत आ िरगी कसहयो गडबड ्सह होइत असि, रुदा दु ्ूक ऊपर पती अप् पसतक िरग असिा 24 भाइ लोकस् आ िहायता ससपस्क िरयक ससरोध रे असि, रुदा सभका ह्का दु ्ू िँ बेिी बचाओता 25 िो्ा आ चा्ी पैर केँ ठाढ करै त असि, रुदा िलाह दु ्ू िँ बेिी रा्ैत असिा 26 ध् आ िारर् हदय केँ ऊपर उठबैत असि, रुदा पभुक भय दु ्ू िँ ऊपर असि, पभुक भय रे को्ो करी ्सह असि, आ ओकरा रदसद लेबाक आसशकता ्सहा


27 पभुक भय रकटा फलदार बगीचा असि आ िभ रसहरा िँ ऊपर ओकरा झाँ सप दै त असिा 28 हरर बेटा, सभखररगाक जा् ्सह सलअा सकरक तँ भीख राँ गबािँ ्ीक ररबा 29 जे केओ दोिरक टे बुल पर स्भ्र असि, ओकर जीस् रक जीस्क लेल ्सह सग्ल जा िकैत असिा सकरक तँ ओ दोिरक भोज् िँ अप्ा केँ गरदा करै त असि, रुदा ्ीक पोिल बुद्रा् लोक रसह िँ िासधा् रहता 30 स्ल्​्क रुँह रे भीख रार गब रधुर होइत िै क, रुदा ओकर पेट रे आसग जरर जायता अध्य 41 1 हे रृतु, जे आदरी अप् िमस् रे ससशार रे रहै त असि, ओकरा लेल जे र्ुषव य केँ परे शा् करबाक लेल सकिु ्सह असि आ जे िभ बात रे िरृद् रखैत असि, तकरा लेल अहाँ क सरण कतेक कटु असि रार ि! 2 हे रृतु, जररतररद आ जकर िारर् कीण भऽ गेल असि, जे आब अरसतर युग रे असि, आ िभ सकिु िँ परे शा् असि, आ जे स्राश असि, आ धैय् गरा ले्े असि, तकरा लेल अहाँ क िजा सीकाय् असि! 3 रृतुक िजा िँ ्सह डे राउ, अहाँ िँ पसह्े जे िभ िल आ ओकर बाद आओत, तकरा िभ केँ रो् पाडूा कारण, पभुक ई दण िभ शरीर पर असिा 4 अहाँ पररेशव सरक पिरताक ससरोध रे सकरक िी? कब रे को्ो इदनकसजश् ्सह होइत िै क, जे अहाँ दि िाल जीससत िी, सा िय िाल, आसक हजार िाला 5 पापी िभक ि्व ता् घृसणत िरता् असि आ जे अभ् िभक स्साि रे पररसचत असिा 6 पापी िभक िरता्क उ्रासधकार ्ष भऽ जायत आ ओकर िरता् िभ केँ िदा-िदा स्ना होयता 7 बचा िभ अभ् सपताक सशकायत करत, सकरक तँ ओकरा िभक कारणे ँ ओकरा िभ केँ स्ना कयल जायता 8 हे अभ् लोक िभ, जे पररेशव सर पररेशव सरक स्यर केँ िोसड दे लहँ , अहाँ िभक सधकार! जँ अहाँ िभ बढब तँ अहाँ िभक सस्ाश होयता 9 जँ अहाँ िभ ज्र लेब तँ शापक लेल जन लेबा 10 पृिव सीक िभ लोक फेर िँ पृिव सी सदि घुरर जायता 11 र्ुषव यक शोक ओकर शरीरक ससषय रे होइत िै क, रुदा पापी िभक अधलाह ्ार रेटाओल जायता 12 अप् ्ार पर धा् राखूा सकरक तँ िो्ाक हजार पैघ खजा्ा िँ ऊपर अहाँ क िरग रहता” 13 ्ीक जीस्क सद् कर होइत िै क, रुदा ्ीक ्ार अ्न काल धरर रहै त िै का 14 हे बचा िभ, शादनपूस्क अ्ुशाि् रे राखू, सकरक तँ जे बुद् ्ुकायल असि आ जे खजा्ा ्सह दे खाइत असि, ओकरा दु ्ू रे की लाभ होइत िै क? 15 जे अप् रूख्ता ्ुकाबैत असि, िे अप् बुद् ्ुकाबला िँ ्ीक असिा 16 ते ँ हरर सच्क अ्ुिार लद्त होउ, सकरक तँ िभटा ल्ा केँ राखब ्ीक ्सहा आ ्े हर बात रे रकदर ररजूर असिा 17 बाप-राताक िरक सेशासृस् पर लाज करा 18 को्ो नायाधीश आ शािकक िरक को्ो अपराधक ससषय रेा को्ो ररडली आ लोकक िरक अधर्का अप् िािी आ सरतक िरक अनाय करबाक;

19 जासह ठार अहाँ पसाि करै त िी, आ पररेशव सरक ितव य आ ह्कर साचाक ससषय रे चोरीक ससषय रे िेहोा आ रार ि पर कोह्ी िँ झुकबा आ दे ब-लेबक सतरसारका 20 अहाँ केँ पणार करस्हार िभक िरक रौ् रहबा आ सेशा केँ दे खबा 21 अप् पररज् िँ रुँह घुराबऽा सा को्ो भाग सा उपहार िी्बा सा दोिर पुरषक पती सदि रकटक तकबा 22 सा अप् दािीक िरग बेिी व् रहब आ ओकर ओिाओ् लग ्सह आबया सा सरतक िरक गारर-गरौबसल दे बाक; आ दे लाक बाद, डाँ ट ्सह करा 23 सा जे िु्लहँ िे दोहराबऽ आ फेर बाजबा आ रहसक खुलािा करबाका 24 ते ँ अहाँ ि्े लद्त होयब आ िभ लोकक िरक अ्ुगह पासब जायबा अध्य 42 1 रसह बात िभ िँ अहाँ लाज ्सह कर आ रसह िँ ककरो पाप करबाक लेल सीकार ्सह करा 2 पररेशव सरक धर्-स्यर आ ह्कर साचाक ससषय रेा आ अभ् केँ धर् ठहराबय लेल नायका 3 अप् िरगी आ याती िभक िरग सहिाब-सकताब करबाक लेला सा सरतक धरोहरक सरदा्क; 4 िरतुल् आ सज्क िटीकताका सा बेिी-कर भेटबाक; 5 आ बस्या िभक उदािी् सबकी पर िेहोा बचा िभक बहत िुधारक; आ दु ष ्ौकरक पक केँ खू् बहाबय लेला 6 जतऽ अधलाह िव ती होइि, ओतऽ स्सयन पाल् ्ीक होइत िै का आ चुप रह, जतय कतेको हाि असिा 7 िभ स्ुक िरया आ सज् रे बँचाउा आ जे सकिु दै त िी सा गहण करै त िी िे िभ सकिु सलदख कऽ रादख सदयौका 8 अबुद्रा् आ रूख् आ िोट-िोट लोकक िरग झगडा करयसला असत सृ् केँ िूच्ा दे बा रे लाज ्सह करा 9 सपता बेटीक लेल जागल रहै त असि, जख् सक केओ ्सह ज्ैत असिा आ ओकर दे खभाल ्ीद र केँ दू र क' दै त िै क, जख् ओ िोट होइत िै क, जासह िँ ओ अप् उमक फूल ्सह सबता दै त िै का सससासहत भऽ कऽ ओकरा घृणा ्सह भऽ जाया 10 अप् कुराररप् रे, कही र ओ अप् सपताक घर रे अशु् भ’ क’ गभ्सती ्सह भ’ जाया आ पसत रहब, जासह िँ ओ अप्ा केँ गलत वसहार ्सह करसिा आ जख् ओ सससाह कऽ लेतीह तख् ओ बरजर ्सह भऽ जाया 11 रकटा स्ल्​् बेटी पर धा् राखू , जासह िँ ओ अहाँ केँ शतु िभक लेल हँ िीक पात आ ्गर रे अपशब आ लोकक बीच अपरा् ्सह ब्ाबय आ अहाँ केँ भीडक िरक लद्त ्सह कऽ दे ता 12 िभ शरीरक िौनय् ्सह दे खू आ सीगणक बीच ्सह बैिबा 13 सकरक तँ सस िँ पतरग आ िव तीगण िँ दु षता अबैत असिा 14 हर कहै त िी जे ल्ा आ अपरास्त करयसला सी िँ पुरषक चरचलता ्ीक होइत िै का 15 हर आब पभुक काज िभ केँ रो् पाडब आ जे दे खलहँ िे िभ िु्बा 16 जे िूय् इजोत दै त असि, ओ िभ सकिु दे खैत असि आ ओकर काज पभुक रसहरा िँ भरल असिा 17 पभु पससत लोक िभ केँ अप् िभ अदव भुत काजक पचार करबाक असधकार ्सह दे लस्, जकरा िस्शद्रा् पभु


दढतापूस्क स्सयरत कयलस्, जासह िँ जे सकिु असि िे ह्कर रसहरा लेल दसर भऽ जाया 18 ओ गहीरर आ हदय केँ तकैत असि आ ओकर िभक धूत् षडरत िभ पर ससचार करै त असि, सकरक तँ पभु िभ सकिु ज्ैत िसि जे जास् िकैत असि आ िरिारक सचह िभ केँ दे खैत िसिा 19 ओ अतीत आ आबय बला बात िभक पचार करै त िसि आ ्ुकायल बात िभक डे ग केँ पगट करै त िसिा 20 ओकरा िँ को्ो ससचार ्सह बसच जाइत िै क आ ्े को्ो बात ओकरा िँ ्ुकायल िै का 21 ओ अप् बुद्क उ्र काज िभ केँ िजौ्े िसि आ अ्न िँ अ्न धरर िसिा 22 ओ ह्कर िभ काज कतेक सार ि्ीय असि! आ जे र्ुक सचरगारी धरर दे दख िकया 23 ई िभ बात िभ काजक लेल जीबैत असि आ अ्न काल धरर रहै त असि, आ िभ आजाकारी असिा 24 िभ बात रक दोिराक ससर् दोगु्ा असि, रुदा ओ को्ो बात केँ अपूण् ्सह ब्ौलस्ा 25 रकटा बात ्ीक केँ सासपत करै त असि सा दोिर, आ ओकर रसहरा दे दख के भरल रहत? अध्य 43 1 ऊँचाईक घररड, िाफ आकाश, सग्क िौनय्, अप् गौरसशाली पदश्​्क िरगा 2 िूय् जख् पगट होइत असि तँ अप् उगैत काल रकटा अदव भुत सादयरतक घोषणा करै त असि जे पररेशव सरक काज असिा 3 दु पहर रे ओ दे श केँ िुखा दै त असि, आ ओकर जरै त गर् के िह् कऽ िकैत असि? 4 भटी उडाबैत आदरी गर्क काज रे होइत असि, रुदा रौद पहाड केँ ती् गु्ा बेिी जरा दै त असिा आसग के साष के िाँ ि िोसड, आ चरकैत सकरण के बाहर पठाबैत, आँ दख के रद्र क दै त असिा 5 रकरा ब्ौस्हार पभु रहा् िसिा ओकर आजा पर जलबाजी रे दौडै त असिा 6 ओ चा् केँ िेहो िरयक घोषणा आ िरिारक स्शा्ी लेल अप् िरय रे िेसा करबाक लेल ब्ौलस्ा 7 चा् िँ भोज-भातक स्शा्ी असि, रकटा इजोत जे ओकर सि्ता रे कर होइत असिा 8 ई राि ओकर ्ार पर कहल गेल असि, जे ओकर बदलबा रे आयय्ज्क रप िँ बढै त असि, ऊपरक िे्ा िभक िाध् बस् िव सग्क आकाश रे चरकैत असिा 9 सग्क िौनय्, तारा िभक रसहरा, पभुक ऊँच सा् पर पकाश दे बयसला आभूषणा 10 पससत पररेशव सरक आजा पर ओ िभ अप्-अप् कर रे ठाढ रहताह, आ अप् घडी रे कसहयो बेहोश ्सह हे ताहा 11 इनध्ुष केँ दे खू आ ओकरा ब्ौस्हारक पशरिा करा बहत िुनर असि ओकर चरक रेा 12 ओ आकाश केँ रकटा गौरसशाली घेरा िँ घेर्े असि आ पररेशव सरक हाि ओकरा रोसड दे ्े असिा 13 ओ अप् आजा िँ बफ् केँ खिबैत िसि आ अप् ्व यायक सबजली िभ केँ तेजी िँ पठा दै त िसिा 14 रसह िँ खजा्ा खुजैत असि आ रेघ सचडै जकाँ उडै त असिा

15 ओ अप् पैघ िारिव् य िँ रेघ केँ दढ करै त िसि आ ओला िभ िोट-िोट टू सट जाइत असिा 16 ह्का दे दख पहाड सहलैत असि आ ह्कर इचा पर दसकणक हसा बहै त असिा 17 गरजबाक शोर पृथी केँ काँ सप दै त असि, उ्र सदिक तूफा् आ बसरडर िेहो ओसह्ा बफ् केँ उडै त सचडै िभ जकाँ सिसडयाबैत असि आ ओकर खिब सटडीक इजोत जकाँ होइत असिा 18 ओकर उ्रता दे दख आँ दख आयय्चसकत भऽ जाइत असि आ ओकर बरखा दे दख हदय आयय्चसकत भऽ जाइत असिा 19 ठर ढा ठर ढा िेहो ्ू् जकाँ धरती पर ढारर दै त िसि आ जरल भऽ कऽ तेज खरभाक चोटी पर पडल रहै त असिा 20 जख् उ्र सदिक ठर ढा हसा बहै त असि आ पास् जरैत असि आ पास् बफ् बस् जाइत असि तँ ओ िभ पास् जरा होइत असि आ पास् केँ िाती जकाँ कपडा पसहरा दै त असिा 21 ई पहाड िभ केँ भस कऽ दै त असि आ जरगल केँ जरा दै त असि आ घाि केँ आसग जकाँ भस कऽ दै त असिा 22 िभक सत्रा् उपाय असि जे धुरध जली आसब रहल असि, ओि गर्क बाद ताजा भऽ जाइत असिा 23 ओ अप् िलाह िँ गहीरर रे शान करै त िसि आ ओसह रे दीप रोपैत िसिा 24 िरुद पर जे जहाज चलैत असि, िे िभ रकर खतरा बताबैत असिा आ जख् का्िँ िु्ैत िी तँ ओसह पर आयय्चसकत होइत िीा 25 सकरक तँ ओसह रे सससचत आ आयय्क काज होइत असि, जे तरह-तरह के जा्सर आ हे ल के िृसष कयल गेल असिा 26 ह्का दारा ह्का िभक अरत रे िफलता भेटैत िस् आ ह्कर सच् िँ िभ सकिु ब्ल रहै त िस्ा 27 हर िभ बहत बासज िकैत िी, रुदा कर भऽ िकैत िी, ते ँ िरकेप रे ओ िभ सकिु िसिा 28 हर िभ ह्का को्ा बढा िकब? सकरक तँ ओ अप् िभ काजिँ पैघ िसिा 29 पभु भयासह आ बहत पैघ िसि, आ ह्कर िारर् अदव भुत िसिा 30 जख् अहाँ िभ पभुक रसहरा करब तँ ह्का जतेक िरभस भऽ िकैत असि, ह्का ऊपर उठाउा सकरक तँ रख् धरर ओ बहत बेिी होयता कारण, अहाँ िभ कसहयो रतेक दू र ्सह जा िकैत िीा 31 ओकरा के दे खलक जे ओ हररा िभ केँ कहय? आ ओकरा जे्ा असि ते्ा के बढा िकैत असि? 32 रसह िभ िँ पैघ बात रख् धरर ्ुकायल असि, सकरक तँ हर िभ ह्कर सकिु काज दे खलहँ ा 33 सकरक तँ पभु िभ सकिु ब्ौ्े िसिा आ पररेशव सरक लोक केँ ओ बुद् दे लस्ा अध्य 44 1 आब हर िभ पसि् लोक आ अप् पूस्ज िभक पशरिा करी जे हररा िभ केँ जन दे लस्ा 2 पभु शुरर िँ अप् रहा् िारिव् य दारा ह्का िभक दारा बहत रसहरा कयलस्ा 3 जे िभ अप् राज रे शाि् करै त िल, अप् िारर्क लेल पसि् लोक िभ, अप् बुद् िँ िलाह दै त आ भससषसाणीक पचार करै ता


4 लोकक ्ेता िभ अप् िलाह आ सशकाक जा् िँ लोकक लेल योग, बुद्रा् आ साकटु िसिा 5 जे्ा िरगीतक धु् पता चलल, आ सलदखत रप रे शोक िु्ल गेला 6 िमर लोक िभ िारर् िँ िुिद्त आ अप् आसाि रे शादनपूस्क रहै त िसिा 7 ई िभ अप्-अप् पीढी रे आदर-ितार कयल गेल आ अप् िरयक रसहरा िला 8 रहे ् लोक िभ रे िँ रह् लोक िभ िसि जे अप् ्ुसत केँ िु्बा लेल अप् ्ार िोसड कऽ गेलाहा 9 सकिु रह् असि, जकर को्ो सरण ्सह असिा जे ्ष भ' गेल असि, जे्ा कसहयो ्सह भेल होा आ रह् भ' गेल िसि जे्ा कसहयो जन ्सह ले्े होसिा आ ह्का िभक बादक अप् बचा िभा 10 रुदा ई िभ दयालु लोक िलाह, सज्कर धासर्कता सबिरल ्सह गेल असिा 11 ह्का िभक सरशक िरग िसदख् ्ीक उ्रासधकार ब्ल रहत, आ ह्का िभक िरता् िभ साचा रे रहता 12 ह्का िभक सरशज आ िरता् ह्का िभक लेल ठाढ असिा 13 ह्का िभक िरता् अ्न काल धरर रहत आ ह्कर िभक रसहरा ्सह रेटाओल जायता 14 ह्का िभक लाि शादन रे दफ्ाओल गेल असिा रुदा ह्का लोकस्क ्ार अ्न काल धरर जीससत असिा 15 लोक िभ अप् बुद्क ससषय रे कहत आ ररडली ओकर पशरिा करता 16 ह्ोक पभु केँ पिर कयलस् आ ओ िभ पीढीक लेल पयाताप करबाक उदाहरण बस् गेलाहा 17 ्ूह सि् आ धर् पाओल गेलाहा कोधक िरय रे ह्का िरिारक बदला रे लेल गेल िलस्ा ते ँ जख् जल-पलय आसब गेल िल तख् ओ पृथी पर असशेषक रप रे िोसड दे ल गेलाहा 18 ह्का िरग अ्न कालक साचा कयल गेलस् जे आब जलपलय रे िभ पाणी ्ष ्सह भऽ जाया 19 अबाहर बहतो लोकक पैघ सपता िलाहा 20 ओ पररेशव सरक धर् -स्यरक पाल् करै त िलाह आ ह्का िरग साचा रे िलाहा जख् ह्का पररषृत कयल गेलस् तख् ओ ससशव सािपूण् पाओल गेलाहा 21 ते ँ ओ ह्का शपि िँ आश् कयलस् जे ओ अप् सरशज रे जासत िभ केँ आशीसा् द दे सि् आ पृिव सीक धूरा जकाँ ह्का बढा दे सि् आ अप् सरशज केँ तारा जकाँ उचव चता करसि् आ िरुद िँ िरुद रे उ्रासधकार दे बस्ा आ ्दीिँ लऽ कऽ दे शक परर भाग धररा 22 ओ इिहाकक िरग अप् सपता अबाहरक लेल िभ लोकक आशीष आ साचा केँ सासपत कयलस्, आ ओकरा याकूबक राि पर रादख दे लस्ा ओ अप् आशीसा् द रे ह्का सीकार केलस्, आ ह्का धरोहर दे लस्, आ अप् सहसा बँसट दे लस्; बारह गोत रे ओ ओकरा िभ केँ अलग कयलस्ा अध्य 45 1 ओ ह्का रे िँ रकटा दयालु आदरी केँ बाहर स्कासल लेलस्, जे िभ र्ुषक ्जरर रे अ्ुगह पासब गेलाह, रूिा, जे पररेशव सर आ र्ुषव य िभक सपय िलाह, सज्कर सरण धन असिा 2 ओ ह्का रसहरासा् पससत लोक िभक िरा् ब्ा दे लस् आ ह्कर रसहरा कयलस्, जासह िँ ह्कर शतु िभ ह्का िँ डरै त ठाढ भऽ गेलाहा

3 ओ अप् बात िँ चरतार िभ केँ िराप कऽ दे लस् आ राजा िभक िार्े ह्का रसहराररड् कयलस् आ अप् लोकक लेल आजा दे लस् आ अप् रसहराक सकिु भाग ह्का दे खौलस्ा 4 ओ अप् अससशाि आ ्मता रे ह्का पससत कयलस् आ िभ लोक रे िँ ह्का चु्लस्ा 5 ओ ओकरा अप् आसाज िु्ौलस् आ अनार रेघ रे लऽ गेलाह आ ओकरा िार्े जीस् आ जा्क वससा दे लसि्, जासह िँ ओ याकूब केँ अप् साचा आ इसारल केँ अप् नाय सिखाबसिा 6 ओ लेसीक सरशक हार् केँ, जे ह्का ि् पसब्र िलाह आ ह्कर भाय िलाहा 7 ओ ह्का िरग अ्न कालक साचा कयलस् आ लोक िभक बीच ह्का पुरोसहतक पद दे लस्ा ओ ओकरा िुनर आभूषण िँ िुशोसभत कयलस् आ रसहरा केर सस पसहरा दे लस्ा 8 ओ ह्का पर पूण् रसहरा रखलस्ा ओ ओकरा िरृ् सस, बेच, ्मर सस आ रफोड िँ रजबूत कयलस्ा 9 ओ अ्ार आ चार कात िो्ाक अ्ेक घरटी िँ ह्का घेर लेलस्, जासह िँ ओ जाइत काल रदनर रे आसाज आ हला भऽ जाय जे ह्कर लोकक ि्व ता् िभक सरणक रप रे कयल जाया 10 िो्ा, ्ील रे शर आ बैग्ी रर गक पससत सस, कढाईक काज, नायक िाती आ उरीर आ िुमीरा 11 ११ रुडल लाल रर गक िरग, धूत् कारीगरक काज, जकर कीरती पतर रोहर जकाँ उतीण् असि, आ िो्ारे राखल गेल असि, जौहरीक काज, रकटा सारकक लेल उतीण् लेख्क िङ, इजरायलक ज्जासतिभक िरयाक बादा 12 ओ राइटर पर िो्ाक रुकुट लगा दे लस्, जासह रे पससतता, िमा्क आभूषण, रहग काज, आँ दखक इचा, ्ीक आ िुनर उतीण् िला 13 ह्का िँ पसह्े रह् सकयो ्सह िल, आ ्े को्ो परदे शी ओकरा िभ केँ पसहर्े िल, बलव सक ह्कर बचा िभ आ ह्कर बचा िभक िदा-िदा​ा 14 ह्का िभक बसलदा् िभ सद् दू बेर लगातार भऽ जायता 15 रूिा ह्का पससत कयलस् आ पससत तेल िँ असभषेक कयलस्ा आ ह्कर ्ार पर लोक के आशीसा् द सदयौ्ा 16 ओ िभ जीससत लोक रे िँ ह्का चु्लस् जे पभु केँ बसल चढाबय, धूप आ िुगरध चढाबय, जासह िँ ओ अप् लोकक िरग रेल-सरलाप करबाक लेल सरणक रप रे ब्ाबसिा 17 ओ ओकरा अप् आजा आ नायक स्यर रे असधकार दे लसि् जे ओ याकूब केँ गसाही सिखाबसि आ इसारल केँ अप् स्यर रे िूसचत करसिा 18 अ्जा् लोक िभ ह्का ससर् िासजश रचलक आ जरगल रे ह्कर बद्ारी केलक, दािा् आ अबीरो्क पकक लोक आ कोरक ररडली िेहो, कोध आ कोधक िरगा 19 ई बात पररेशव सर दे खलस् आ ई ह्का िभ केँ अपिर कयलस् आ ह्कर कोसधत कोध रे ओ िभ भस भऽ गेलाहा 20 रुदा ओ हार् केँ आरो आदरणीय ब्ा दे लसि् आ ओकरा धरोहर दे लसि् आ ओसह रे िँ पसहल फल ओकरा बाँ सट दे लसि्ा खाि कऽ ओ पचुर राता रे रोटी तैयार करै त िलाहा 21 ओ िभ पभुक बसलदा् रे िँ खाइत िसि, जे ओ ह्का आ ह्कर सरशज केँ दे लस्ा 22 रुदा लोकक दे श रे ह्का को्ो उ्रासधकार ्सह िलस् आ ्े लोक रे ह्का को्ो सहसा िलस्, कारण पभु सयर ह्कर सहसा आ उ्रासधकार िसिा


23 तेिर रसहरा रे रसलयाजरक पुत सफ्ेि िसि, सकरक तँ ह्का पररेशव सरक भय रे उताह िलस् आ हदय िँ ्ीक िाहि िँ ठाढ भऽ गेलाहा 24 ते ँ ह्का िरग शादनक साचा कयल गेलस् जे ओ पससत सा् आ अप् लोकक रुदखया ब्सि आ ह्का आ ह्कर सरशज केँ िदा-िदा लेल पुरोसहतक गरररा भेटया 25 यहदाक सरशक सयशैक पुत दाऊदक िरग कयल गेल साचाक अ्ुिार राजाक उ्रासधकार रात ह्क सरशज केँ भेटया 26 पररेशव सर अहाँ िभ केँ अप् र् रे बुद् दै त िसि् जे अहाँ िभ अप् लोक िभक धासर्कताक ्व याय करबाक लेल, जासह िँ ह्कर िभक ्ीक-्ीक स्ु िभ केँ िराप ्सह कयल जाय आ ह्कर िभक रसहरा अ्न काल धरर ब्ल रहया अध्य 46 1 यीशु पुत रकटा ्ासे यु् रे सीर िलाह आ भससषसाणी रे रूिाक उ्रासधकारी िलाह, जे पररेशव सरक चु्ल लोक िभक उ्ार आ ह्का िभक ससर् उठल शतु िभक पसतशोध लेल अप् ्ारक अ्ुिार रहा् कयल गेलाहा जासह िँ ओ इसारल केँ ओकर िभक उ्रासधकार रे रादख िकया 2 जख् ओ अप् हाि उठा कऽ ्गर िभ पर अप् तलसार पिारर दे लस् तख् ह्का कतेक रसहरा भेलस्! 3 ह्का िँ पसह्े के र्ा ठाढ िल? सकरक तँ पभु सयर अप् शतु िभ केँ अप्ा लग अ्लस्ा 4 की िूय् अप् िारर् िँ घुरर कऽ ्सह गेल? आ रक सद् दू सद् जकाँ ्सह िल? 5 ओ पररेशव सर पररेशव सर केँ पुकारलस्, जख् शतु िभ ह्का पर चार कात दबा दे लकस्ा आ रहा् पभु ह्कर बात िु्लस्ा 6 ओ पराकरी ओला िँ यु् केँ जासत-जासत िभ पर जोरदार ढर ग िँ खिौलस् आ बेत-होरो् िँ उतरबा रे ओ ससरोध करयसला िभ केँ ्ष कऽ दे लस् जासह िँ जासत िभ अप् िभ िारिव् य केँ बुसझ िकसि, सकरक तँ ओ पभुक िोझाँ लडलस् , आ ओ पराकरीक पािाँ -पािाँ चलला 7 रूिाक िरय रे ओ आ यफू्क पुत कालेब दयाक काज कयलस् जे ओ िभ ररडली केँ ससरोध कयलस् आ लोक िभ केँ पाप िँ रोकलस् आ दु ष िभक गु्गु्ाहसट केँ शान कयलस्ा 8 पैदल चलय बला िह लाख लोक रे िँ दू गोटे केँ दू ध आ रधु िँ बहै त दे श धरर धरोहर रे अ्बाक लेल िुरसकत राखल गेला 9 पररेशव सर कालेब केँ िेहो िारिव् य दे लसि्, जे ह्का िरग बुढारी धरर रहलाहा 10 रसह तरहे ँ िभ इसारलक ि्व ता् ई बुसझ िकसि जे पभुक पािाँ चलब ्ीक असिा 11 नायाधीश िभक ससषय रे, सज्कर र् रे सेशासृस् ्सह भेल आ ्े पभु िँ हसट गेल, ओकर िभक सरण धन होा 12 ह्का िभक हडी अप् जगह िँ प्पय, आ िमास्त लोकक ्ार ह्का िभक िरता् पर ब्ल रहया 13 पररेशव सरक पसकव ता शरूरल, जे अप् पभुक सपय िलाह, रकटा राजव य सासपत कयलस् आ अप् पजा पर राजकुरार िभक असभषेक कयलस्ा 14 पररेशव सरक स्यरक अ्ुिार ओ ररडली पर नाय करै त िलाह आ पभु याकूबक आदर करै त िलाहा 15 ह्कर ससशव सािक कारणे ँ ओ ितव य पसकव ता पाओल गेलाह आ ह्कर सच् िँ ओ दश्​् रे ससशव साियोगव य बुझल गेलाहा

16 ओ पराकरी पभु केँ पुकारै त िलाह, जख् ह्कर शतु िभ ह्का पर चार कात दबैत िलस्, जख् ओ दू ध सपयाबय बला रेर्ा केँ चढबैत िलाहा 17 पररेशव सर िव सग् िँ गरजलस् आ बहत हला कयलस्ा 18 ओ िोरक शािक िभ आ पसल्ीक िभ राजकुरार िभ केँ ्ष कऽ दे लसि्ा 19 ओ अप् ्मर ्ीद र िँ पसह्े पभु आ ह्कर असभसष् िभक िोझाँ ससरोध कयलस् जे , “हर ककरो िमस्, जूता जकाँ ्सह लेलहँ ा 20 अप् रृतुक बाद ओ भससषसाणी कयलस् आ राजा केँ अप् अ्व त केँ दे खौलस् आ लोक िभक दु षव टता केँ रेटाबऽ लेल पृिव सी पर िँ अप् आसाज उठौलस्ा अध्य 47 1 ओकर बाद दाऊदक िरय रे ्ाि् भससषसाणी करबाक लेल उठलाहा 2 जसह्ा रेलबसल रे िँ चब् स्कालल जाइत असि, तसह्ा दाऊद इसारलक ि्व ता् रे िँ चु्ल गेलाहा 3 ओ सिरहक िरग बचा जकाँ खेलाइत िलाह आ भालू िभक िरग रेर्ा जकाँ खेलाइत िलाहा 4 जख् ओ िोट िल तख् ओ रकटा सदगज केँ ्सह रारलक? की ओ लोक िभ िँ अपरा् ्सह हँ टा िकलाह, जख् ओ गोसल रे राखल पािर िँ हाि उठौलस् आ गोसलयतक घररड केँ रारर दे लस्? 5 ओ पररेशव सर पररेशव सर केँ पुकारै त िलाहा ओ अप् दसह्ा हाि रे ओसह पराकरी यो्ा केँ रारबाक आ अप् लोकक िीग र ठाढ करबाक िारर् दे लसि्ा 6 लोक िभ ह्का दि हजारक आदर कयलस् आ पभुक आशीष रे ह्कर ्ुसत कयलस् जे ओ ह्का रसहराक रुकुट दे लस्ा 7 ओ चार कातक शतु िभ केँ ्ष कऽ दे लसि् आ पसल्ी िभ केँ अप् ससरोधी िभ केँ ्ष कऽ दे लसि् आ आइ धरर ह्कर िभक िीग र तोसड दे लस्ा 8 ओ अप् िभ काज रे पररेशव सर पररेशव सरक ्ुसत कयलस्ा पूरा रो् िँ गीत गबैत िल, आ जे ओकरा ब्ौ्े िल, ओकरा िँ पेर करै त िला 9 ओ गायक िभ केँ सेदीक िरक रादख दे लस्, जासह िँ ओ िभ ह्का िभक आसाज िँ रधुर धु् ब्बैत रहसि आ िभ सद् अप् गीत रे ्ुसत गासब िकसिा 10 ओ ह्का िभक भोज-भोज केँ शोभा बढबैत िलाह आ अ्व त धरर गरभीर िरय केँ वसदसत कयलस्, जासह िँ ओ िभ ह्कर पससत ्ारक ्ुसत करसि आ भोर िँ र्व सदर बजैत रहसिा 11 पररेशव सर ह्कर पाप िभ केँ दू र कऽ दे लसि् आ ह्कर िीग र केँ िदाक लेल ऊपर उठौलस्ा 12 ह्का बाद रकटा बुद्रा् पुत उठल आ ह्का लेल ओ रु् भऽ गेलाहा 13 िुलेरा् शादनक िरय रे राजव य कयलस् आ ह्का आदर कयल गेलस्ा सकरक तँ पररेशव सर ह्का चार कात िभ केँ शान कऽ दे लसि् जासह िँ ओ अप् ्ार पर घर ब्ाबसि आ अप् पससत सा् अ्​्व त लेल तैयार करसिा 14 अहाँ अप् युसाससा रे कतेक बुद्रा् िलहँ आ बासढ जकाँ बुद् िँ भरल िलहँ !


15 अहाँ क पाण िर् पृथी केँ झाँ सप दे लक आ अहाँ ओकरा अनार दषान िँ भरर दे सलयैका 16 तोहर ्ार दीप िभ धरर गेला आ अप् शादनक लेल अहाँ सपय िलहँ ा 17 अहाँ क गीत, फकडा, दषान आ वाया आ वायाक कारणे ँ दे श िभ अहाँ पर आयय्चसकत िला 18 पररेशव सर पररेशव सरक ्ार िँ, जकरा इसारलक पररेशव सर पररेशव सर कहल जाइत असि, अहाँ िो्ा केँ टी् जकाँ जरा केलहँ आ चा्ी केँ िीिा जकाँ बढा दे लहँ ा 19 अहाँ सीगणक िरक अप् करर झुका लेलहँ आ अप् शरीरक दारा अहाँ केँ अधी् कयल गेला 20 अहाँ अप् आदर केँ कलरसकत केलहँ आ अप् सरशज केँ अशु् कयलहँ , जासह िँ अहाँ अप् िरता् िभ पर कोध अ्लहँ आ अप् रूख्ता िँ दु खी भऽ गेलहँ ा 21 तख् राज बँसट गेल आ रपैर रे िँ रकटा ससदोही राजक शाि् भेला 22 रुदा पभु अप् दया कसहयो ्सह िोडताह, आ ्े ह्कर को्ो काज ्ष होयत आ ्े अप् चु्ल गेल सरशज केँ िराप करताह, आ जे ह्का िँ पेर करै त असि, ओकर सरशज केँ ओ ्सह हँ टताह , आ ह्का रे िँ दाऊदक लेल जसड स्कललस्ा 23 रसह तरहे ँ िुलेरा् अप् पूस्ज िभक िरग ससशार कयलस् आ अप् सरशज रोबोआर केँ िोसड गेलाह, जे लोकक रूख्ता िल, जे को्ो बुद् ्सह िल, जे अप् िलाह िँ लोक िभ केँ भगा दे लका ्बातक पुत यारोबार िेहो िलाह जे इसारल केँ पाप करौलस् आ रपैर केँ पापक बाट दे खौलस्ा 24 ह्का लोकस्क पाप बहत बसढ गेलस् आ ह्का िभ केँ दे श िँ भगा दे ल गेलस्ा 25 सकरक तँ ओ िभ िभ दु षव टताक खोज रे लागल िल जाबत धरर ओकरा िभक पसतशोध ्सह भऽ गेला अध्य 48 1 तख् रसलयाह पसकव ता आसग जकाँ ठाढ भऽ गेलाह आ ह्कर सच् दीप जकाँ जरर गेलस्ा 2 ओ ह्का िभ पर घोर अकाल आस् दे लस् आ अप् उताह िँ ह्का िभक िरया कर कयलस्ा 3 पभुक सच् दारा ओ िव सग् केँ बरद कऽ दे लस् आ ती् बेर आसग िेहो खिा दे लस्ा 4 हे रसलयाह, अहाँ अप् अदव भुत काज रे कतेक िमास्त भेलहँ! आ तोरा ि् के गौरस करत! 5 ओ पररेशव सरक सच् दारा रृतव यु केँ रृतव यु िँ जीससत कयलस् आ रृतव युक िव िा् िँ जीससत कयलस्ा 6 ओ राजा िभ केँ आ आदरणीय लोक िभ केँ अप् सबिौ् िँ सस्ाश रे अ्लस्ा 7 ओ सि्ै आ होरे ब रे पसतशोधक ्व याय पररेशव सरक डाँ ट िु्लस्ा 8 ओ राजा िभ केँ पसतशोध लेबाक लेल असभसष् कयलस् आ पसकव ता िभ केँ ह्का बाद िफल ब्बाक लेल असभसष् कयलस्ा 9 ओ आसग के बसरडर आ आसग के घोडाक रि रे उठाओल गेलाहा 10 ओ िभ ह्का िभक िरय रे डाँ ट-फटकार करबाक लेल स्यु् कयल गेल िलाह, जासह िँ पभुक ्व यायक कोध केँ शान कयल जाय, तासह िँ पसह्े जे ओ कोध रे टू सट जाय, आ

सपताक हदय केँ पुत सदि घुराबसि आ याकूबक गोत केँ पु्सा् सपत करसिा 11 धन िसि ओ िभ जे अहाँ केँ दे दख पेर रे िुसत गेलाहा कारण, हर िभ असश जीससत रहबा” 12 ओ रसलयाह िल, जे बसरडर िँ झाँ पल िल, रसलसिया अप् आतव रा िँ भरर गेल िला 13 को्ो शब ओकरा पर ससजय ्सह पासब िकला ओकर रृतुक बाद ओकर शरीर भससषसाणी केलका 14 ओ अप् जीस् रे चरतार कयलस्, आ ररला पर ह्कर काज अदव भुत िला 15 रसह िभ बातक कारणे ँ लोक िभ पयाताप ्सह केलक आ ्े अप् पाप िँ ्सह हसट गेल, जाबत धरर ओकरा िभ केँ लूसट कऽ अप् दे श िँ बाहर ्सह स्कासल दे ल गेल आ पूरा पृिव सी रे सिसडयारल ्सह गेल : १. 16 ह्का िभ रे िँ सकिु गोटे पररेशव सरक ्ीक काज करै त िलाह आ सकिु गोटे पाप बढबैत िलाहा 17 इजसकयाह अप् ्गरक गढ ब्ौलस् आ ओकर बीच रे पास् अ्लस्ा 18 ह्कर िरय रे िे्ाहे ररब चसढ कऽ रबिाि केँ पठौलस् आ सियो् पर हाि उठौलस् आ घररड िँ घररड कयलस्ा 19 तख् ह्का लोकस्क हदय आ हाि काँ सप उठलस् आ ओ िभ पिसक सशकार िव ती जकाँ पीडा रे पसड गेलाहा 20 रुदा ओ िभ दयालु पभु केँ पुकारलस् आ ह्का सदि हाि पिारर दे लस्ा 21 ओ अशूरक िे्ा केँ रारर दे लक आ ओकर िव सग्दूत ओकरा िभ केँ ्ष कऽ दे लका 22 सकरक तँ इजसकयाह ओसह काज केँ कयलस् जे पररेशव सर केँ ्ीक लागल आ अप् सपता दाऊदक बाट रे बलसा् रहलाह, जे्ा सक दश्​् रे रहा् आ ससशािी पसकव ता रिेय ह्का आजा दे ्े िलाहा 23 ह्कर िरय रे िूय् पािू चसल गेल आ राजाक जीस् लमा कयलस्ा 24 ओ उ्र आतव रा िँ दे खलस् जे आदखर रे की होबय बला असि आ ओ सियो् रे शोक र्ा रहल लोक िभ केँ िान्​्ा दे लस्ा 25 ओ ई दे खा दे लसि् जे अ्न काल धरर की होबऽ सला आ गुप बात सा कसहयो आओता अध्य 49 1 योसियाक सरण ओसह इतक रच्ा जकाँ असि जे दसाइ ब्ौस्हारक कला िँ ब्ैत असि, ई िभ रुँह रे रधु जकाँ रीठ होइत असि आ रसदराक भोज रे िरगीत जकाँ ा 2 ओ लोक िभक धर् पररसत्​् रे िोझ वसहार कयलस् आ अधर्क घृसणत काज िभ केँ दू र कयलस्ा 3 ओ अप् रो् पभु सदि बढौलस् आ अभ्क िरय रे पररेशव सरक आराध्ा केँ सासपत कयलस्ा 4 दाऊद, इजसकयाह आ योसशयाह केँ िोसड िभ दोषपूण् िल, सकरक तँ ओ िभ पररेशव सरक स्यर िोसड दे लक आ यहदाक राजा िभ िेहो अिफल भऽ गेला 5 ते ँ ओ ह्का िभक िारर् दोिर लोक केँ दे लसि् आ ह्कर िभक रसहरा परदे शी जासत केँ दे लसि्ा 6 सयर्याहक भससषसाणीक अ्ुिार ओ िभ पससत सा्क चु्ल ्गर केँ जरा दे लक आ िडक िभ केँ उजाड कऽ दे लका


7 ओ िभ ह्का िँ अधलाह सस्ती करै त िलाह जे ओ रकटा पसकव ता िलाह आ अप् रायक पेट रे पससत कयल गेल िलाह, जासह िँ ओ जसड िँ उखासड कऽ कष करसि आ ्ष करसिा आ रसह लेल जे ओ अप् स्रा् ण िेहो करसि आ रोपसिा 8 इजसकरल िलाह जे ओसह गौरसशाली दश्​् केँ दे खलस् जे ह्का करब िभक रि पर दे खाओल गेलस्ा 9 ओ बरखाक आकृसतक ्ीचाँ शतु िभक उलेख कयलस् आ जे िभ दसह्ा सदि जाइत िलाह, तकरा िभ केँ स्द् श दे लस्ा 10 बारह पसकव ता रे िँ साररका केँ आशीष भेटय आ ओकर हडी िभ अप् जगह िँ फेर िँ प्पया 11 जरोबाबेल केँ को्ा बढाबी? ओ दसह्ा कातक स्शा् जकाँ िलाहा 12 यूिुदकक पुत यीशु िेहो िलाहा 13 चु्ल गेल लोक रे ्ीसरया िेहो िलाह, सज्कर पसिद् बहत असि, जे हररा िभक लेल खिल दे बाल िभ केँ ठाढ कयलस्, फाटक आ िलाख िभ केँ ठाढ कयलस् आ हररा िभक खरडहर केँ फेर िँ ठाढ कयलस्ा 14 रुदा पृिव सी पर ह्ोक जकाँ केओ ्सह ब्ल िला सकरक तँ ओ पृिव सी पर िँ हसट गेल िलाहा 15 आ ्े यूिुफ जकाँ युसक जनल ्सह िल, जे अप् भाय िभक राजपाल िल, लोकक ठहरास िल, जकर हडी पररेशव सर पररेशव सर रा्ैत िला 16 िेर आ िेत र्ुषव यक बीच बहत िमास्त िलाह, आ आदर िेहो िृसष रे िभ जीस-जनु िँ ऊपर िलाहा अध्य 50 1 ओस्याक पुत सिरो् रहापुरोसहत, जे अप् जीस् रे घरक ररमत के्े िलाह आ अप् िरय रे रदनरक गढ ब्ौलस्ा 2 ह्का दारा ्ीसर िँ दु गु्ा ऊँचाई, रदनरक चारकात दे बालक ऊँच सकला ब्ल िलस्ा 3 ह्का िरय रे पास् गहण करबाक कुरड िरुद जकाँ कमाि रे िल, पीतल केर पेट िँ झाँ पल िला 4 ओ रदनरक दे खभाल कयलस् जे ओ रदनर ्सह खिय, आ ्गर केँ घेराबरदी िँ बचा लेलका 5 पससत सा् िँ बाहर स्कलला पर लोकक बीच रे ह्का कतेक आदर कयल गेलस्! 6 ओ रेघक बीच भोरका तारा जकाँ िल आ पूण् भेला पर चा् जकाँ ा 7 जे्ा पररेशव सरक र्व सदर पर िूय् चरकैत असि आ इर दध्ुष जकाँ चरकैत रेघ रे इजोत दै त असिा 8 िालक सिरत ऋतु रे गुलाबक फूल जकाँ, पास्क ्दीक कात रे कुरुदक फूल जकाँ आ गर्क िरय रे लोबा्क गािक डारर जकाँ ा 9 धूप-पात रे आसग आ धूप-दीप आ िभ तरहक कीरती पािरक िरग पीटल िो्ाक बत्​् जकाँ ा 10 रकटा िुनर जैतू्क गाि जेकाँ फल दै त असि आ िरक गाि जकाँ जे रेघ धरर बढै त असिा 11 जख् ओ आदरक सस पसहर्े िलाह आ रसहराक पूण्ताक सस पसहर्े िलाह, तख् पससत सेदी पर चढला पर पससतताक सस केँ िमा्ज्क ब्ा दे लस्ा 12 जख् ओ पुरोसहत िभक हाि िँ भाग लऽ कऽ सलबा्ि रे दे सदारक बचा जकाँ सेदीक चू्ा लग चार कात ठाढ भऽ गेलाहा आ जसह्ा ताडक गाि ओकरा चार कात घेरैत िलैका

13 इसारलक िर् ररडलीक िरक हार्क िभ पुत अप् रसहरा रे आ पभुक बसलदा् ह्का िभक हाि रे िला 14 ओ पररेशव सर पररेशव सरक बसलदा् केँ िुशोसभत करबाक लेल सेदी पर िेसा िराप कयलस्ा 15 ओ पाला लग हाि बढौलस् आ अरगूरक खू् ढारर दे लस् आ सेदीक पाँ सत रे रकटा िुगद्त िुग् िभ परर परर राजा केँ ढारर दे लस्ा 16 तख् हार्क पुत िभ सचसचया उठल आ चा्ीक तुरही बजौलस् आ परर पररेशव सरक िरक सरण करबाक लेल बहत हला कयलस्ा 17 तख् िभ लोक िभ जलबाजी रे आसब अप् िस्शद्रा् पभु पररेशव सर परराताक आराध्ा करबाक लेल रुँह पर धरती पर खसि पडलाहा 18 गायक लोकस् िेहो अप् सर िँ ्ुसत गबैत िलाह, बहत तरहक धस्क िरग ओतय रधुर राग ब्ैत िला 19 लोक िभ दयालु पररेशव सर िँ पाि्​्ा कऽ कऽ पररेशव सर िँ सस्ती केलक, जाबत धरर पभुक आचरण िराप ्सह भऽ गेल आ ह्कर िेसा िराप ्सह भऽ गेला 20 तख् ओ ्ीचाँ उतरर इसारलक िर् ररडली पर हाि उठौलस्, जासह िँ ओ अप् ठोर िँ पभुक आशीसा् द दे सि् आ ह्कर ्ार पर आ्दनत होसिा 21 ओ िभ दोिर बेर आराध्ा करबाक लेल पणार कयलस्, जासह िँ ओ िभ पररेशव सरक आशीष पासब िकया 22 आब अहाँ िभ िभक पररेशव सरक आशीष सदअ, जे िभ ठार रात आयय्चसकत काज करै त िसि, जे हररा िभक गभ्सह िँ हररा िभक जीस् केँ बढबैत िसि आ हररा िभक िरग अप् दयाक अ्ुिार वसहार करै त िसिा 23 ओ हररा िभ केँ हदय रे आ्न पदा् करै त िसि, आ इसारल रे हररा िभक जीस् रे अ्न काल धरर शादन भेटया 24 ओ हररा िभक िरग अप् दया केँ दढ करसि आ अप् िरय रे हररा िभ केँ बचाबसि! 25 दू तरहक जासत असि जकरा हरर रो् घृणा करै त असि, आ तेिर को्ो जासत ्सह असिा 26 िारररयाक पहाड पर बैिल लोक िभ, पसल्ी िभक बीच रहस्हार िभ आ सिकेर रे रहस्हार रूख् लोक िभा 27 यरशलेरक सिराकक पुत यीशु रसह पु्क रे बुद् आ जा्क सशका सलख्े िसि, जे अप् हदय िँ बुद् बहौलस्ा 28 धन असि जे रसह िभ काज रे लागल रहता जे ओकरा िभ केँ अप् हदय रे रादख लेत िे बुद्रा् भऽ जायता” 29 जँ ओ िभ काज करै त असि तँ ओ िभ काजक लेल बलसा् होयत, सकरक तँ पभुक इजोत ओकरा राग्दश्​् करै त असि जे पररेशव सरक लोक िभ केँ बुद् दै त असिा पभु के ्ार िदा के लेल धन होा आरी्, आरी्ा अध्य 51 1 सिराकक पुत यीशुक रकटा पाि्​्ा​ा हे पभु आ राजा, हर अहाँ क धनसाद दे ब, आ हरर उ्ारकता् पररेशव सर, अहाँ क ्ुसत करब, हर अहाँ क ्ारक ्ुसत करै त िीा 2 अहाँ हरर रकक आ िहायक िी, हरर शरीर केँ सस्ाश िँ, स्ना करयसला जीहक जाल िँ आ झूठ गढस्हार ठोर िँ बचा लेलहँ आ हरर ससरोधी िभक ससर् हरर िहायक रहलहँ ा 3 ओ हररा अहाँ क ्ारक दया आ रहा्ताक अ्ेकताक अ्ुिार, हररा खाय लेल तैयार लोकक दाँ त िँ, जे हरर पाणक


खोज रे लागल िल, ओकर हाि िँ आ अ्ेक तरहक केश िँ हररा बचा लेलक हररा लग िल; 4 चार कात आसग के गला घोरटला िँ आ ओसह आसग के बीच िँ जे हर ्सह जरा दे लहँ ा 5 ्रकक पेटक गहीरर धरर, अशु् जीह आ झूठ बाजब िँा 6 अधर् जीह िँ राजा पर आरोप लगाओल गेल जे हरर पाण रृतु धरर पहँ सच गेल, हरर जीस् ्ीचाँ ्रकक ्जदीक आसब गेला 7 ओ िभ हररा चार कात घेर्े िल, रुदा हररा रदसत करय बला केओ ्सह िल, हर र्ुषव यक िहायताक ताकैत िलहँ , रुदा सकयो ्सह िला 8 हे पभु, हर अहाँ क दया आ अप् पुरा् काज पर िोचलहँ जे अहाँ ओसह लोक केँ को्ा उ्ार करै त िी जे अहाँ क पतीका रे असि आ ओकरा िभ केँ शतु िभक हाि िँ बचाबैत िीा 9 तख् हर पृिव सी पर िँ अप् सस्ती उठा कऽ रृतु िँ रुद् लेल पाि्​्ा केलहँ ा 10 हर अप् पभुक सपता पभु केँ आहा् केलहँ जे ओ हररा ससपस्क िरय रे आ घररडी लोकक िरय रे ्सह िोसड दे सि्, जख् सक को्ो िहायता ्सहा 11 हर अहाँ क ्ारक ्ुसत िसदख् करब आ धनसादक िरग ्ुसत गाबबा आ ते ँ हरर पाि्​्ा िु्ल गेला 12 अहाँ हररा सस्ाश िँ बचा लेलहँ आ अधलाह िरय िँ हररा बचा लेलहँ , ते ँ हर अहाँ केँ धनसाद दे ब आ ्ुसत करब आ ह्का िभक ्ार केँ आशीसा् द दे ब, हे पभुा 13 जख् हर िोट िलहँ , सा कसहयो ससदे श जाइत िलहँ , तख् हर अप् पाि्​्ा रे खुसल कऽ बुद्क इचा करै त िलहँ ा 14 हर र्व सदरक िरक ह्का लेल पाि्​्ा केलहँ आ अरत धरर ह्का खोजबा 15 फूलिँ लऽ कऽ अरगूर पाक धरर हरर रो् ओकरा पर पिर भेल असिा 16 हर अप् का् क्ेक झुका कऽ ह्का सागत केलहँ आ बहत सशका पाप केलहँ ा 17 हररा रसह िँ लाभ भेल, ते ँ जे हररा बुद् दै त असि, तकरा हर रसहरा दे बा 18 हर ह्का पािाँ चलबाक योज्ा ब्ौ्े िलहँ आ ्ीक काजक पाल् करै त िलहँ ा तसह्ा हर भसरत ्सह होयबा 19 हरर पाण ओकरा िरग कुशी केलक, आ अप् काज रे हर िटीक िलहँ , हर अप् हाि ऊपर आकाश सदि बढौलहँ आ ओकरा बारे रे अप् अजा्ता पर ससलाप केलहँ ा 20 हर अप् पाण ओकरा सदि बढे लहँ आ ओकरा शु्ता रे पासब गेलहँ ा 21 ह्कर खोज रे हरर रो् घबरा गेल िल, ते ँ हररा ्ीक िमस् भेसट गेल असिा 22 पभु हररा अप् इ्ारक लेल रकटा जीह दे ्े िसि आ हर ओसह िँ ह्कर ्ुसत करबा 23 हे असशसकत, हररा लग आसब जाउ, आ ससदा्क घर रे रहा 24 अहाँ िभ सकरक ररद िी, आ अहाँ िभ रसह बात िभ केँ की कहै त िी, जख् सक अहाँ िभक पाण बहत पािल असि? 25 हर रुँह खोसल कऽ कहसलयस्, “सब्ा पाइक ओकरा अप्ा लेल कीस् सलअा” 26 अप् गरदस् जुआक ्ीचाँ राखू, आ अप् पाण केँ सशका भेटया 27 अहाँ िभक आँ दख िँ दे खू जे हररा लग बहत कर पररशर असि आ हररा बहत आरार भेसट गेल असिा

28 बहत राि पाइ िँ िीखू, आ ओकरा िँ बहत िो्ा पासब सलअा 29 ह्कर दया रे अहाँ िभक पाण आ्दनत होउ आ ह्कर पशरिा रे लाज ्सह करा 30 िरय रे अप् काज रे काज कर, आ ह्कर िरय रे ओ अहाँ केँ अहाँ क इ्ार दे ता


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