हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब, किसे कहज कसकमकिट्यूस कहा िाता है समानता 1 1 और उसने मुझसे कहा, तुम िानते हो कक तुम िो प्ु के सेवक हो, यहाँ ऐसे रहते हो िैसे कोई तीर् याता पर हो; कोयकक तुमारा शहर इस शहर से बहत द् र है । 2 इसकिए, अगर तुम अपने शहर को िानते हो किसमे तुमे रहना है, तो तुम यहाँ जमीन-िायदाद कोय खरीदते हो, और अपने किए शानदार चीजे, आिीशान इमारते और फाित् घर कोय खरीदते हो? कोयकक िो इस शहर मे अपने किए ये चीजे िुटाता है , वह अपने शहर िौटने के बारे मे नही य सोचता। 3 हे म्ख्, शक करने वािे और बेचारे इय सान; िो यह नही य समझता कक ये सब चीजे द् सरे िोगोय की है, और ककसी और के कबे मे है । कोयकक इस शहर का माकिक तुझसे कहता है; या तो मेरे कनयमोय का पािन कर, या मेरे शहर से कनकि िा। 4 तो तुम का करोगे िो अपने शहर मे कान्न के अधीन हो? का तुम अपनी िायदाद के किए, या उन चीजोय के किए िो तुमने िमा की है , अपने कान्न को मना कर सकते हो? िेककन अगर तुम उसे मना करोगे, और बाद मे अपने शहर िौटोगे, तो तुमे सीकार नही य ककया िाएगा, बल् वहाँ से कनकाि कदया िाएगा। 5 इसकिए दे खो, द् सरे दे श के आदमी की तरह, तुम अपने किए उतना ही इकटा करो कितना ज़री और काफी है ? और तैयार रहो, कक िब इस शहर का ्गवान या माकिक तुमे इससे कनकाि दे , तो तुम उसके कान्न का कवरोध करके अपने शहर मे चिे िाओ; िहाँ तुम कबना ककसी गिती के अपने कान्न के अनुसार खुशी-खुशी रह सको। 6 इसकिए तुम िो परमेशर की सेवा करते हो, सावधान रहो और उसे अपने कदि मे रखो: परमेशर के काम करो, उसकी आजाओय और उसके वादोय को धान मे रखो, िो उसने ककए है ; और ्रोसा रखो कक वह उने तुमारे किए अचा बनाएगा; अगर तुम उसकी आजाओय को मानोगे। 7 इसकिए िो चीजे तुम खरीदना चाहते हो, उनके बिाय ज़रतमयदोय की ज़रते प्री करो, िैसा हर कोई कर सकता है ;
कवधवाओय को सही ठहराओ; अनारोय का इय साफ करो; और अपनी दौित और पैसा ऐसे कामोय मे खच् करो। 8 कोयकक परमेशर ने तुमे इसी मकसद से अमीर बनाया है कक तुम इस तरह की सेवा प्री कर सको। जमीन या घर खरीदने से तो यह करना कही य बेहतर है ; कोयकक ऐसी स्ी चीजे इसी समय के सार खत हो िाएँ गी। 9 िेककन िो कुछ तुम प्ु के नाम के किए करोगे, वह तुमे अपने शहर मे कमिेगा, और तुमे कबना दु ख या यर के खुशी कमिेगी। इसकिए गैर-यहकदयोय के धन का िािच मत करो; कोयकक वे परमेशर के सेवकोय के किए नुकसानदायक है । 10 बल् अपने पास िो दौित है , उसी से िेन-दे न करो, किससे तुमे हमेशा की खुशी कमिेगी। 11 और न तो वक्चार करो, न ककसी द् सरे आदमी की पती को छु ओ, न उसकी इचा करो; बल् अपने काम का िािच करो, तो तुम बच िाओगे। समानता 2 1 िब मै खेत मे िा रहा रा, और एल और अयग्र की बेि को दे ख रहा रा, और उनके फिोय के बारे मे सोच रहा रा, तो एक दे वद् त मेरे सामने आया, और मुझसे कहा; तुम इतने कदनोय से अपने मन मे का सोच रहे हो? 2 और मैने उससे कहा, सर, मै इस बेि और इस एल के बारे मे सोचता हँ कोयकक उनके फि अचे होते है । और उसने मुझसे कहा; ये दोनोय पेड ्गवान के सेवकोय के किए एक उदाहरण है । 3 और मैने उससे कहा, सर, मै िानना चाहता हँ कक इन पेडोय का पैटन् का है किनका आप कजि कर रहे है । उसने कहा, सुनो; का तुम इस बेि और इस एल को दे ख रहे हो? सर, मैने कहा, मै उने दे ख रहा हँ । 4 वह कहता है , यह बेि फि दे ने वािी है , िेककन एल का पेड कबना फि का है । कफर ्ी, यह बेि अगर इस एल के सहारे न कटकी हो और इसका सहारा न िेती हो, तो जादा फि नही य दे गी; बल् जमीन पर पडी रहने पर कम फि दे गी, कोयकक यह एल पर िटकी नही य रहती; िबकक एल पर कटकी होने पर यह अपने किए और उसके किए ्ी फि दे ती है । 5 तो दे खो, एल का पेड बेि से कम नही य, बल् जादा फि दे ता है । मैने प्छा, सर, यह बेि से जादा फि कैसे दे ता है? कोयकक,
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उसने कहा, एल पर कटकी बेि बहत जादा और अचा फि दे ती है; िबकक, अगर यह जमीन पर पडी रहे , तो यह बहत कम फि दे गी, और वह ्ी बहत बुरा। 6 इसकिए, यह कमसाि ्गवान के सेवकोय के किए है ; और यह अमीर और गरीब आदमी को कदखाती है । मैने िवाब कदया, सर, मुझे यह बात समझाइए। उनोयने कहा, सुकनए; अमीर आदमी के पास दौित है ; िेककन ्गवान के सामने वह गरीब है ; कोयकक वह अपने दौित के बारे मे सोचता रहता है , और ्गवान से बहत कम पार्ना करता है ; और िो पार्नाएँ वह करता है वे आिस और कबना जोर के होती है । 7 इसकिए, िब अमीर आदमी गरीबोय को अपनी ज़रत की चीजे दे ता है , तो गरीब आदमी अमीर के किए ्गवान से पार्ना करता है; और ्गवान अमीर आदमी को स्ी अची चीजे दे ता है , कोयकक गरीब आदमी पार्ना मे अमीर है ; और उसकी दु आओय मे ्गवान के किए बहत ताकत होती है । 8 तब अमीर आदमी गरीबोय की हर चीज करता है , कोयकक उसे पता चिता है कक प्ु उसकी सुनता है : और वह और ्ी खुशी से और कबना शक के, उसे वह दे ता है िो वह चाहता है , और धान रखता है कक उसे ककसी चीज की कमी न हो। 9 और गरीब आदमी अमीर के किए यहोवा का धनवाद करता है ; कोयकक वे दोनोय अपने काम यहोवा की ओर से करते है । 10 इसकिए, इय सानोय के सार ऐसा नही य माना िाता कक एल कोई फि दे ता है ; और वे यह नही य िानते और न ही समझते है कक िब यह बेि के सार िुड िाता है, तो बेि अपने किए और एल के किए, दोनोय के किए दोगुनी बढोतरी करती है । 11 इसी तरह गरीब ्ी िब अमीरोय के किए प्ु से पार्ना करते है, तो वह उनकी सुनता है ; और उनकी दौित बढ िाती है , कोयकक वे अपनी दौित से गरीबोय की सेवा करते है । इसकिए वे दोनोय एक-द् सरे के अचे कामोय मे कहसेदार बन िाते है । 12 इसकिए िो कोई ये काम करे गा, उसे प्ु नही य छोडे गा, बल् उसका नाम िीवन की ककताब मे किखा िाएगा। 13 खुशककसत है वे िो अमीर है, और खुद को बढता हआ दे खते है: कोयकक िो यह समझता है, वह द् सरोय की कुछ सेवा कर पाएगा। समानता 3 1 कफर उसने मुझे कई पेड कदखाए किनके पते झड चुके रे, और िो मुझे स्खे हए िग रहे रे, कोयकक वे सब एक िैसे रे। और उसने मुझसे कहा, का तुम इन पेडोय को दे ख रहे हो? मैने कहा, सर, मै दे ख रहा हँ कक ये स्खे पेडोय िैसे िग रहे है । 2 उसने िवाब कदया, ये पेड उन इय सानोय िैसे है िो इस दु कनया मे रहते है । मैने िवाब कदया: सर, ये स्खे पेडोय िैसे कोय है ? कोयकक, उसने कहा, न तो नेक और न ही बुरे िोग एक-द् सरे से िाने िाते है; बल् इस दु कनया मे स्ी एक िैसे है । 3 कोयकक यह दु कनया नेक िोगोय के किए सद् के मौसम िैसी है , कोयकक वे िाने नही य िाते, बल् पाकपयोय के बीच रहते है । 4 िैसे सकद् योय मे पते झड िाने पर सारे पेड स्खे पेडोय िैसे हो िाते है; और यह नही य पहचाना िा सकता कक कौन स्खा है और कौन हरा; वैसे ही इस दु कनया मे न तो अचे िोग और न ही बुरे िोग एक-द् सरे से अिग पहचाने िाते है ; बल् वे सब एक िैसे है ।
समानता 4 1 कफर उसने मुझे और ्ी बहत से पेड कदखाए, किनमे से कुछ पर पते रे, और कुछ स्खे और मुरझाए हए िग रहे रे। और उसने मुझसे कहा, का तुम ये पेड दे ख रहे हो? मैने िवाब कदया, सर, मै उने दे ख रहा हँ ; और कुछ स्खे है, और कुछ पतोय से ्रे हए है । 2 वह कहता है , ये हरे पेड नेक िोग है िो आने वािी दु कनया के माकिक होयगे। आने वािी दु कनया नेक िोगोय के किए गम् का मौसम है; िेककन पाकपयोय के किए सद् का मौसम है । 3 इसकिए, िब प्ु की दया चमकेगी, तब िो िोग परमेशर की सेवा करते है , वे सबके किए साफ और स् हो िाएँ गे। कोयकक िैसे गकम्योय मे हर पेड का फि कदखाई दे ता है और साफ होता है , वैसे ही नेक िोगोय के काम ्ी बताए िाएँ गे और साफ होयगे, और वे उस दु कनया मे खुश और आनयकदत होकर वापस आएँ गे। 4 कोयकक द् सरे तरह के िोग, यानी बुरे िोग, उन पेडोय की तरह किने तुमने स्खा दे खा रा, उस द् सरी दु कनया मे स्खे और कबना फि वािे पाए िाएय गे; और स्खी िकडी की तरह ििा कदए िाएय गे; और यह साफ हो िाएगा कक उनोयने अपनी प्री कजयदगी बुरे काम ककए है ; 5 और वे ििा कदए िाएय गे कोयकक उनोयने पाप ककया है और अपने पापोय का पछतावा नही य ककया है । और बाकी स्ी रा्् ्ी ििा कदए िाएय गे, कोयकक उनोयने अपने बनाने वािे परमेशर को नही य माना है । 6 इसकिए तुम अचा फि पैदा करो, ताकक गकम्योय मे तुमारे फि का पता चिे; और जादा काम से द् र रहो, तो तुम गिती नही य करोगे। कोयकक िो िोग जादा काम मे िगे रहते है, वे बहत पाप करते है ; कोयकक वे अपने कामोय मे िगे रहते है , और परमेशर की सेवा नही य करते। 7 और िो इय सान परमेशर की सेवा नही य करता, वह परमेशर से कुछ कैसे माय ग सकता है और उसे कमि सकता है ? िेककन िो िोग उसकी सेवा करते है, वे िो चाहते है, माय गते है और उने कमि िाता है । 8 िेककन, अगर ककसी आदमी को कसफ् एक ही काम करना है , तो वह सेवा कर सकता है ्गवान, कोयकक उसका मन ्गवान से हटा नही य है , बल् वह शुद मन से उनकी सेवा करता है । 9 इसकिए, अगर तुम ऐसा करोगे, तो तुमे आने वािी दु कनया मे फि कमिेगा; और कितने िोग ऐसा करे गे, वे सब फि िाएय गे। समानता 5 1 िब मै उपवास कर रहा रा और एक पहाड पर बैठा रा, और परमेशर ने मेरे किए िो कुछ ककया रा, उसके किए उसे धनवाद दे रहा रा; तो मैने दे खा कक चरवाहा, िो मुझसे बात करता रा, मेरे पास बैठा रा, और मुझसे कह रहा रा: तुम इतनी सुबह-सुबह यहाँ का कर आए हो? मैने िवाब कदया, सर, आि मै यही य रका हआ हँ । 2 उसने िवाब कदया, 'से शन का है?' मैने िवाब कदया, 'यह तो वत है ।' उसने कहा, 'वह वत का है?' मैने िवाब कदया, 'मै तो वत रखता हँ , िैसा मै करता आया हँ ।' उसने कहा, 'तुम नही य िानते कक परमेशर के किए वत का होता है ; और न ही यह ऐसा वत है किसे तुम करके परमेशर को कुछ फायदा पहँ चाते हो।'
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
3 मैने प्छा, सर, आप ऐसा कोय कह रहे है ? उसने िवाब कदया, मै इसकिए कह रहा हँ , कोयकक यह वह सचा उपवास नही य है िो आप सोचते है कक आप करते है ; बल् मै आपको वह बताऊँगा िो प्रा उपवास है और िो परमेशर को मयज्र है । 4 उसने कहा, सुनो, प्ु ऐसा फाित् उपवास नही य चाहता, कोयकक इस तरह उपवास करने से तुम नेकी मे कुछ नही य करोगे। 5 िेककन सचा वत यह है: अपनी कजयदगी मे कोई बुरा काम मत करो, बल् साफ मन से परमेशर की सेवा करो; और उसकी आजाओय को मानो और उसके उपदे शोय के अनुसार चिो, और अपने मन मे कोई बुरी इचा न आने दो। 6 िेककन प्ु पर ्रोसा रखो, अगर तुम ये काम करोगे, उससे यरोगे और हर बुरे काम से द् र रहोगे, तो तुम परमेशर के किए िीकवत रहोगे। 7 अगर तुम ऐसा करोगे, तो तुम एक बडा उपवास प्रा करोगे, िो प्ु को सीकार होगा। 8 इस मामिे मे िो कमसाि मै तुमे बताने िा रहा हँ, उसे सुनो। 9 एक आदमी के पास एक खेत और बहत से नौकर रे। उसने अपनी जमीन के एक कहसे मे अपने बचोय के किए अयग्र का बाग िगाया। 10 और एक द् र दे श मे िाकर, उसने अपने एक नौकर को चुना, किसे वह सबसे जादा वफादार और पसयद करता रा, और अयग्र का बाग उसके हवािे कर कदया; और उसे हु कदया कक वह अयग्र की बेिोय की दे ख्ाि करे । अगर वह ऐसा करता, और उसकी बात मानता, तो उसने वादा ककया कक वह उसे आजाद कर दे गा। और उसने उसे और कुछ करने का हु नही य कदया; और इस तरह वह द् र दे श चिा गया। 11 और िब उस नौकर ने यह काम अपने ऊपर िे किया, तो उसने वही ककया िो उसके माकिक ने उसे करने को कहा रा। और िब उसने अयग्र के बाग मे ख्यटा गाड कदया, और पाया कक वह ियगिी पौधोय से ्रा हआ है , तो वह मन ही मन सोचने िगा, 12 मैने वही ककया िो मेरे माकिक ने मुझे कहा रा, अब मै इस अयग्र के बाग को खोद् य गा, और िब यह खोदा िाएगा, तो यह और ्ी सुयदर होगा; और ियगिी पौधे उखाड कदए िाएय गे, तो इसमे और ्ी फि िगेगे और ियगिी पौधे इसे नही य दबाएय गे। 13 इसकिए उसने यह काम शु़ ककया और उसमे से सारी ियगिी घास उखाड दी; और इस तरह अयग्र का बाग बहत सुयदर और फिने-फ्िने िगा, और ियगिी घास से दबा नही य रहा। 14 कुछ समय बाद अयग्र के बाग का माकिक आया और बाग मे गया। िब उसने दे खा कक बाग मे अची तरह से ख्यटे िगे है और खुदाई हो चुकी है , और उसमे से ियगिी पौधे उखाड कदए गए है , और बेिे फि-फ्ि रही है, तो वह अपने नौकर की दे ख्ाि दे खकर बहत खुश हआ। 15 और उसने अपने बेटे को, किसे वह पार करता रा और िो उसका वाररस होने वािा रा, और अपने दोसोय को किनसे वह सिाह-मशकवरा करता रा, बुिाया; और उने बताया कक उसने अपने नौकर को का करने की आजा दी री, और उसके नौकर ने उससे जादा का ककया; और उनोयने तुरयत उस नौकर को बधाई दी, कक उसे अपने माकिक से इतनी प्री गवाही कमिी है । 16 तब उसने उनसे कहा, “मैने इस नौकर से वादा ककया रा कक अगर वह मेरी दी हई आजा मानेगा तो मै उसे आजाद कर द् ँ गा; और उसने आजा मानी, और मेरे अयग्र के बाग मे ्ी अचा काम ककया है , किससे मै बहत खुश हँ ।”
17 इसकिए, इस काम के किए िो उसने ककया है , मै उसे अपने बेटे के सार अपना वाररस बनाऊयगा, कोयकक िब उसने अचा काम दे खा, तो उसे नजरअयदाज नही य ककया, बल् वही ककया। 18 माकिक की यह योिना उसके बेटे और उसके दोसोय, दोनोय को पसयद आई, यानी उसका नौकर उसके बेटे के सार वाररस हो। 19 इसके कुछ समय बाद, घर के माकिक ने अपने दोसोय को बुिाकर, अपने खाने मे से कई तरह का खाना उस नौकर के किए ्ेिा। 20 िब उसे कुछ कमिा, तो उसने उसमे से उतना ही किया कितना उसके किए काफी रा, और बाकी अपने सारी नौकरोय मे बाँ ट कदया। 21 िब उने यह कमिा, तो वे बहत खुश हए; और उनोयने कामना की कक िो कुछ उसने उनके सार ककया रा, उसके कारण उसे अपने सामी की और ्ी कृपा कमिे। 22 िब उसके माकिक ने ये सब बाते सुनी,य तो वह कफर से बहत खुश हआ; और उसने अपने दोसोय और बेटे को कफर से बुिाया, और उने बताया कक उसके नौकर ने उन खाने के सार का ककया िो उसने उनके किए ्ेिे रे। 23 इसकिए वे घर के माकिक की बात पर और ्ी जादा राजी हो गए; और उसे चाकहए कक वह उस नौकर को अपने बेटे के सार अपना वाररस बनाए। 24 मैने उससे कहा, सर, मै ये कमसािे नही य िानता, और न ही मै इने समझ सकता हँ , िब तक आप मुझे इनका मतिब न समझाएँ । उसने कहा, मै तुमे वह सब कुछ समझा द् ँ गा िो मैने तुमसे कहा है , या तुमे कदखाया है । 25 प्ु की आजाओय का पािन करो और तुम मयज्र ककए िाओगे , और िो उसकी आजाओय का पािन करते है , उनमे तुमारा नाम किखा िाएगा। िेककन अगर प्ु की आजाओय के अिावा तुम कुछ अची चीजे ्ी िोडोगे, तो तुम अपने किए जादा इजत खरीदोगे, और प्ु की कृपा मे जादा रहोगे, कितना तुमे होना चाकहए रा। 26 इसकिए अगर तुम प्ु की आजाओय को मानोगे, और उनमे ये पद िोडोगे, तो तुम खुश होगे; िेककन खासकर अगर तुम उने मेरी आजाओय के अनुसार मानोगे। 27 मैने उससे कहा, सर, आप मुझे िो ्ी हु दे गे, मै मान्यगा; कोयकक मै िानता हय कक आप मेरे सार रहे गे। उसने कहा, मै तुमारे सार रहय गा किसने ऐसा इरादा ककया है ; और मै उन सबके सार रहय गा िो ऐसा इरादा रखते है । 28 वह कहता है , यह उपवास, िब तुम प्ु की आजाओय का पािन ्ी करते हो, बहत अचा है । इसकिए तुम इसे रखो। 29 सबसे पहिे, अपना धान रखो, और हर बुरे काम, हर गयदी बात, और हर बुरी इचा से खुद को बचाओ; और इस दु कनया की सारी बेकार की बातोय से अपने मन को साफ करो। अगर तुम इन बातोय का पािन करोगे, तो यह उपवास सही रहे गा। 30 इसकिए ऐसा ही करो। िैसा पहिे किखा है वैसा ही करो, किस कदन तुम उपवास करो, उस कदन तुम रोटी और पानी के अिावा कुछ नही य खाओगे; और द् सरे कदनोय मे कितना खाना खाते हो, उसका कहसाब िगाकर, उस कदन का खच् अिग करके कवधवा, अनार और गरीबोय को दे दो। 31 और इस तरह तुम अपनी आता की दीनता को प्रा करोगे; ताकक िो इसे गहण करे वह अपनी आता को सयतु् कर सके, और उसकी पार्ना तुमारे किए प्ु परमेशर तक पहय चे।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
32 इसकिए अगर तुम इस तरह अपना उपवास प्रा करोगे, िैसा मैने तुमे आजा दी है , तो तुमारा बकिदान यहोवा को सीकार होगा, और तुमारा उपवास उसकी ककताब मे किखा िाएगा। 33 इस तरह ककया गया यह पद अचा और मन्ावन है , और प्ु को सीकार है । अगर तुम अपने बचोय और अपने प्रे घराने के सार इन बातोय का पािन करोगे, तो तुम खुश रहोगे। 34 और िो कोई ये बाते सुनकर उने मानेगा, वह ्ी खुश रहे गा; और िो कुछ वे प्ु से माय गेगे, वह उने कमिेगा। 35 और मैने उससे पार्ना की कक वह मुझे खेत, और प्ु , और अयग्र के बाग, और उस नौकर की कमसाि समझाए किसने अयग्र के बाग को दाय व पर िगाया रा; और अयग्र के बाग से उखाडे गए खरपतवार; और उसके बेटे और उसके दोसोय की कमसाि, किनसे उसने सिाह िी री। कोयकक मै समझता हँ कक यह एक कमसाि री। 36 उसने मुझसे कहा, “तुम बहत कहमत से माय ग रहे हो, कोयकक तुमे कुछ माय गना नही य चाकहए; कोयकक अगर तुमे कुछ कदखाना सही होगा, तो वह तुमे कदखाया िाएगा।” 37 मैने उसे िवाब कदया; सर, आप मुझे िो कुछ ्ी समझाए कबना कदखाएँ गे , मै उसे बेकार मे दे ख्ँगा, अगर मै समझ नही य पाया कक वह का है । और अगर आप कोई कमसािे बताएँ गे , और उने समझाएँ गे नही य, तो मै उने बेकार मे सुन्ँगा। 38. उसने मुझे कफर िवाब कदया, कहा: िो कोई ्ी परमेशर का सेवक है , और किसके कदि मे प्ु है, वह उससे समझ चाहता है , और उसे कमिती ्ी है ; और वह हर कमसाि समझाता है , और प्ु की उन बातोय को समझता है किनके बारे मे िानने की ज़रत है । 39 िेककन िो िोग आिसी है और पार्ना करने मे धीमे है , वे प्ु से माय गने मे शक करते है ; हािाँ कक प्ु इतने असाधारण ्िे है कक िो िोग उनसे माँ गते है , उने कबना रके सब कुछ दे ते है । 40 इसकिए तुम िो उस आदरणीय द् त से ताकतवर हए हो, और तुमे पार्ना का इतना शल्शािी तोहफा कमिा है; िबकक तुम आिसी नही य हो, तो अब तुम प्ु से समझ कोय नही य माय गते, और उसे कोय नही य पाते? 41 मैने उससे कहा; कोयकक त् मेरे पास है , इसकिए ज़री है कक मै तुझसे प्छ्य, कोयकक त् मुझे सब कुछ कदखाता है, और िब त् मेरे पास होता है , तो मुझसे बात करता है । 42 िेककन अगर मै ये बाते तब दे ख्ँ या सुन्ँ िब तुम मौि्द नही य हो, तो मै प्ु से गुजाररश क़ ँ गा कक वह मुझे ये बाते कदखाए। 43 और उसने िवाब कदया, मैने रोडी दे र पहिे कहा रा कक तुम चािाक और बोल हो, कोयकक तुम इन कमसािोय का मतिब प्छ रहे हो। 44 िेककन कोयकक तुम अब ्ी कजद कर रहे हो, इसकिए मै तुमे यह कहानी बताता हँ िो तुम चाहते हो, ताकक तुम इसे सब िोगोय को समझा सको। 45 इसकिए उसने कहा, सुनो और समझो। पहिे बताए गए खेत का मतिब प्री धरती है । खेत का माकिक वही है किसने सब चीजे बनाईय और प्री कीय, और उने अचाई दी। 46 उसका बेटा पकवत आता है : सेवक परमेशर का बेटा है : अयग्र का बाग वे िोग है किने वह बचाता है । ख्यटे वे द् त है किने प्ु ने अपने िोगोय को सहारा दे ने के किए उनके ऊपर रखा है । अयग्र के बाग से िो खरपतवार उखाडे िाते है, वे पाप है िो परमेशर के सेवकोय ने ककए रे।
47 िो खाना उसने अपने खाने मे से ्ेिा, वह वही हु है िो उसने अपने बेटे के जररए अपने िोगोय को कदए रे। किन दोसोय को उसने सिाह दे ने के किए बुिाया, वे पकवत फररिे है किने उसने सबसे पहिे बनाया रा। घर के माकिक की गैरमौि्दगी, उसके आने तक का समय है । 48 मैने उससे कहा, सर, ये सब बाते बहत बकढया, अदू ्ुत और अची है । िेककन, मैने आगे कहा, का मै या कोई और आदमी, िो इतना समझदार न हो, इन बातोय को समझ सकता रा? 49 इसकिए अब, सर, मुझे बताओ कक मै का प्छता हँ । उसने िवाब कदया, मुझसे प्छो िो तुम चाहते हो। मैने प्छा, इस कहानी मे परमेशर के बेटे को नौकर की िगह कोय रखा गया है ? 50 उसने कहा, सुनो; परमेशर का बेटा नौकर की हाित मे नही,य बल् बडी ताकत और अकधकार मे रखा गया है । मैने उससे कहा, 'कैसे, सर? मै समझ नही य पाया।' 51 उसने कहा, कोयकक बेटे ने अपने द् तोय को उन पर कनयु् ककया किने कपता ने उसे सौयपा रा, ताकक वे उनमे से हर एक की रका करे ; िेककन उसने खुद बहत मेहनत की और बहत दु ख उठाया, ताकक उनके गुनाहोय को कमटा सके। 52 कोयकक कबना जादा मेहनत और मेहनत के कोई ्ी अयग्र का बाग नही य खोदा िा सकता। इसकिए उसने अपने िोगोय के पापोय को कमटाकर, उने िीवन के रासे कदखाए, और उने वह कनयम कदया िो उसे कपता से कमिा रा। 53 उसने कहा, “दे खो, वह अपने िोगोय का प्ु है , और उसे अपने कपता से सारी शल् कमिी है । िेककन प्ु ने कवरासत और अचे सग्द्तोय को बाँ टने के बारे मे सिाह करने के किए अपने बेटे का इसेमाि कोय ककया, अब सुनो।” 54 उस पकवत आता को, किसे सबसे पहिे बनाया गया रा, उसने उस शरीर मे रखा किसमे परमेशर वास करे गा; यानी, एक चुने हए शरीर मे, िैसा उसे अचा िगा। इसकिए यह शरीर किसमे पकवत आता िाया गया रा, उस आता की सेवा करता रा, सही और शुद तरीके से कवनमता से चिता रा; और क्ी ्ी उस आता को गयदा नही य करता रा। 55 इसकिए यह शरीर हर समय पकवत आता की बात मानता रा, और उसके सार सही और पकवतता से काम करता रा, और क्ी यगमगाता नही य रा; वह शरीर रका हआ तो रा, िेककन उसने गुिामी से बात की, िेककन पकवत आता के सार परमेशर को बहत मयज्र होने के कारण, उसे परमेशर ने सीकार कर किया। 56 कोयकक ऐसा मजब्त काम परमेशर को अचा िगा, कोयकक वह पकवत आता को बनाए रखते हए धरती पर गयदा नही य हआ। इसकिए उसने अपने बेटे और अचे सग्द्तोय को सिाह दे ने के किए बुिाया, ताकक इस शरीर को, किसने कबना ककसी गिती के पकवत आता की सेवा की री, कुछ िगह दी िा सके; ऐसा न िगे कक उसने अपनी सेवा का इनाम खो कदया है । 57 कोयकक हर पकवत शरीर को उसका इनाम कमिेगा; वह बेदाग पाया िाता है , किसमे पकवत आता रहने के किए कनयु् ककया गया है । और इस तरह अब आपको इस द्ाय त की वाया ्ी कमि गई है । 58 मैने कहा, सर, अब मै आपका मतिब समझ गया हँ , कोयकक मैने यह बात सुनी है । उसने आगे कहा, सुनो: अपने इस शरीर को साफ और पकवत रखो, ताकक इसमे रहने वािी आता इसकी गवाही दे , और यह माना िाए कक वह तुमारे सार री। 59 और धान रखना कक तुमारे मन मे यह बात न बैठ िाए कक यह शरीर खत हो िाता है , और तुम इसका गित इसेमाि
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
ककसी ्ी हवस के किए न करो। कोयकक अगर तुम अपने शरीर को गयदा करोगे, तो तुम उसी समय पकवत आता को ्ी गयदा करोगे; और अगर तुम पकवत आता को गयदा करोगे, तो तुम कजयदा नही य रहोगे। 60 तब मैने कहा, अगर ककसी इय सान ने ये बाते सुनने से पहिे ही अनिाने मे ये कर किया हो, तो वह कैसे मुल् पा सकता है , किसने अपने शरीर को इस तरह गयदा कर किया है? 61 उसने िवाब कदया, “इय सानोय ने िो पहिे अनिाने मे काम ककए है, उनके किए कसफ् ्गवान ही इिाि दे सकते है ; कोयकक सारी ताकत उसी की है ।” 62 िेककन अब अपना धान रखो; और कोयकक परमेशर सव्शल्मान और दयािु है, वह तुमारे पहिे ककए गए गित कामोय का बदिा ज़र दे गा, अगर तुम आगे के किए अपने शरीर और आता को गयदा न करो; 63 कोयकक वे एक-द् सरे के सारी है , और एक तो अशुद नही य हो सकता, पर द् सरा ्ी अशुद हो िाएगा। इसकिए उन दोनोय को पकवत रखो, और तुम परमेशर के किए िीकवत रहोगे। समानता 6 1 िब मै घर पर बैठा रा, और िो कुछ मैने दे खा रा, उसके किए परमेशर की तारीफ कर रहा रा; और आजाओय के बारे मे सोच रहा रा, कक वे बहत अची, और महान, और ईमानदार, और सुखद रीय; और ऐसी रीय िो इय सान को मुल् कदिा सकती रीय; तो मैने मन ही मन कहा; अगर मै इन आजाओय के अनुसार चि्ँगा तो मै खुश रहँ गा, और िो कोई ्ी इन पर चिेगा वह परमेशर के किए िीकवत रहे गा। 2 िब मै मन ही मन यह बाते कर रहा रा, तो मैने उसे दे खा किसे मै पहिे ्ी दे खता रा, मेरे पास बैठा हआ रा; और उसने मुझसे यह कहा: 3 मैने तुमे िो आजाएँ दी है , उनके बारे मे तुमे का शक है? वे अची है , शक मत करो, बल् प्ु पर ्रोसा रखो, और तुम उन पर चिोगे। कोयकक मै तुमे उने प्रा करने की ताकत द् ँ गा। 4 ये आजाएँ उन िोगोय के किए फायदे मयद है िो अपने पहिे ककए गए पापोय से पछतावा करे गे; अगर वे आगे चिकर उनमे बने नही य रहे गे। 5 इसकिए तुम िो ्ी हो, िो पशाताप करते हो, इस दु कनया की बुराई को अपने से द् र करो; और सारे गुण और नेकी को अपना िो, और इस तरह तुम इन आजाओय को मान पाओगे; और आगे से पाप नही य करोगे। 6 कोयकक अगर तुम आने वािे समय से खुद को पाप से बचाए रखोगे, तो तुम अपने कपछिे पापोय मे से बहत कुछ काट दोगे। मेरे आदे शोय पर चिो, और तुम परमेशर के किए िीकवत रहोगे: ये बाते मैने तुमसे कही है । 7 और िब उसने यह कहा, तो उसने कहा; चिो हम खेत मे चिे, और मै तुमे ्ेडोय के चरवाहे कदखाऊयगा। मैने कहा, सर, चिो चिे। 8 और हम एक खेत मे पहँ चे, और वहाँ उसने मुझे एक िवान चरवाहा कदखाया, िो अचे कपडे पहने हए रा, और बैगनी रय ग के कपडे पहने हए रा। और वह बडे झुययोय को चरा रहा रा; और उसकी ्ेडे बहत खुश और खुश रीय; और वे उछि-क्द करती हई इधर-उधर दौड रही रीय।
9 और चरवाहे को अपने झुयय से बहत खुशी कमिी; और उस चरवाहे का चेहरा खुश रा, वह अपने झयुय के बीच इधर-उधर दौड रहा रा। 10 तब सग्द्त ने मुझसे कहा, का तुम इस चरवाहे को दे ख रहे हो? मैने िवाब कदया, सर, मै उसे दे ख रहा हँ । उसने मुझसे कहा, यह खुशी और आनयद का द् त है । इसकिए वह परमेशर के सेवकोय के मन को भ् कर दे ता है, और उने सचाई से द् र कर दे ता है , उने कई सुखोय से खुश करता है , और वे न् हो िाते है । 11 कोयकक वे िीकवत परमेशर की आजाओय को ््ि िाते है , और ऐशो-आराम और बेकार की खुकशयोय मे िीते है, और बुरे सग्द्त के कारण कबगड िाते है , उनमे से कुछ तो मौत तक पहँ च िाते है ; और कुछ तो पतन की ओर चिे िाते है । 12 मैने िवाब कदया; मै नही य समझता कक तुम का कहना चाहते हो, मौत की ओर, और पतन की ओर। उसने कहा, सुनो; ये स्ी ्ेडे किने तुमने बहत खुश दे खा, वे ऐसी है िो हमेशा के किए परमेशर से द् र हो गई है , और इस समय की इचाओय के हवािे हो गई है । 13 इसकिए ऐसे िोगोय को पछतावे से कजयदगी वापस नही य कमिेगी; कोयकक उनोयने अपने द् सरे पापोय के सार यह ्ी िोड किया है कक उनोयने प्ु के नाम की बेइजती की है । ऐसे िोगोय को मौत की सजा दी िाती है । 14 िेककन किन ्ेडोय को तुमने उछिते-क्दते नही,य बल् एक ही िगह चरते हए दे खा, वे असि मे मौि-मसी और मजे मे य्बी हई है ; िेककन उनोयने प्ु के लखिाफ कोई बुरी बात नही य कही। 15 इसकिए ये िोग कसफ् सचाई से ्टक गए है, और इसकिए उनके किए पछतावे मे अ्ी ्ी उमीद बची हई है । कोयकक ऐसे ्टकने से कफर से िी उठने की कुछ उमीद बची रहती है ; िेककन िो मर चुके है , वे हमेशा के किए प्री तरह से चिे गए है । 16 कफर हम रोडा और आगे बढे ; और उसने मुझे एक बडा चरवाहा कदखाया, िो एक दे हाती शक का रा, उसने सफेद बकरी की खाि पहनी हई री, उसके कयधे पर उसका रैिा रा, और उसके हार मे गाय ठोय से ्री एक बहत सख छडी री, और द् सरे हार मे एक कोडा रा; और उसका चेहरा सख और कडवा रा; ककसी ्ी आदमी को यराने के किए काफी; उसका ़प ऐसा रा। 17 उसने उस िवान चरवाहे से ऐसी ्ेडे िीय िो मौि-मसी मे रहती रीय, िेककन उछि-क्द नही य करती रीय; और उने काय टोय और झाकडयोय से ्री एक खडी, ऊबड-खाबड िगह पर िे गया, िहाँ से वे खुद को छु डा नही य पाईय। 18 िेककन वे उनमे उिझकर काँ टोय और झाकडयोय को खाने िगे, और उसके कोडोय से बुरी तरह तडपते रहे । कोयकक वह उने आगे बढाता रहा, और उने रकने के किए कोई िगह या समय नही य कदया। 19 इसकिए िब मैने उने इतनी बेरहमी से कोडे खाते और तकिीफ मे दे खा, तो मुझे उनके किए दु ख हआ; कोयकक उने बहत तकिीफ दी गई री, और न ही उने कोई आराम कमिा रा। 20 और मैने अपने सार वािे चरवाहे से प्छा; सर, यह बेरहम और कठोर चरवाहा कौन है, किसे इन ्ेडोय पर कोई दया नही य आती? उसने िवाब कदया, यह चरवाहा सच मे पकवत सग्द्तोय मे से एक है , िेककन पाकपयोय को सजा दे ने के किए कनयु् ककया गया है । 21 इसकिए िो िोग परमेशर से ्टक गए है और इस दु कनया की इचाओय और सुखोय के गुिाम बन गए है , वे सब उसके हवािे कर
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
कदए गए है । इसी विह से वह हर एक को उनके कम् के कहसाब से, बेरहमी से और तरह-तरह के दद् से सजा दे ता है । 22 मैने कहा, सर, मै िानना चाहता हँ कक ये ककस तरह के दद् है किनसे हर कोई गुजरता है? उसने कहा, सुनो; ये कई तरह के दद् और तकिीफे है किनसे इय सान अपनी कजयदगी मे हर कदन गुजरता है । कुछ िोग नुकसान उठाते है ; कुछ गरीबी झेिते है; कुछ अिग-अिग बीमाररयाँ झेिते है । कुछ बेचैन रहते है ; कुछ नाकाकबि िोगोय से चोट खाते है ; कुछ द् सरी मुल्िोय और परे शाकनयोय मे पड िाते है । 23 कोयकक बहत से िोग कबना सोचे-समझे बहत सी चीजे करने का इरादा करते है , िेककन उनसे उने कोई फायदा नही य होता; और वे कहते है कक उने अपने कामोय मे सफिता नही य कमिी। 24 वे यह नही य सोचते कक उनोयने का गित ककया है, और वे प्ु से कशकायत करते है । इसकिए िब वे हर तरह की परे शानी और परे शानी झेि चुके होते है ; तब वे अची कशका के किए मेरे पास आ िाते है, और प्ु के कवशास मे पके हो िाते है, और अपने बाकी िीवन मे शुद मन से प्ु की सेवा करते है । 25 और िब वे अपने पापोय का पछतावा करने िगते है , तो वे अपने ककए गए गित कामोय को याद करते है, और परमेशर का आदर करते हए कहते है , कक वह एक सचा िि है , और उनोयने अपने कामोय के अनुसार सब कुछ सही-सिामत सहा है । 26 कफर वे अपनी बाकी कजयदगी मे साफ मन से परमेशर की सेवा करते है ; और अपने स्ी कामोय मे सफि होते है, और िो कुछ वे चाहते है , प्ु से पाते है । 27 और तब वे यहोवा का धनवाद करते है कक वे मुझे सौयप कदए गए; और उन पर और कोई जुल नही य होता। 28 मैने उससे कहा; सर, मै आपसे कफर ्ी एक बात बताने की गुजाररश करता हँ । उसने कहा, तुम का प्छते हो? मैने उससे कहा; का वे िोग िो ्गवान का यर छोड दे ते है , उसी समय के किए परे शान होते है िब वे अपनी झ्ठी खुशी और सुख का मजा िेते है ? उसने मुझे िवाब कदया: वे उसी समय के किए परे शान होते है । 29 तब मैने उससे कहा, उने तो बहत कम तकिीफ होती है ; िबकक िो िोग अपनी खुकशयोय मे इतने मगन रहते है कक परमेशर को ््ि िाते है , उने सात गुना जादा सजा कमिनी चाकहए। 30 उसने मुझे िवाब कदया; त् बेवक्फ है , और न ही इस सजा का असर समझता है । मैने उससे कहा; सर, अगर मै इसे समझता, तो मै नही य चाहता कक आप मुझे बताएय । 31 उसने कहा, धान से सुनो और सीखो कक दोनोय का का असर है, खुशी और सजा दोनोय का। खुशी का एक घयटा अपने ही समय मे खत हो िाता है; िेककन सजा का एक घयटा तीस कदनोय के बराबर असरदार होता है । इसकिए िो कोई एक कदन अपनी झ्ठी खुशी का मजा िेता है , और एक कदन सजा पाता है ; सजा का वह एक कदन प्रे एक साि के बराबर है । 32 इसकिए दे खो, कोई ककतने कदन अपनी खुकशयोय के पीछे ्ागता है, उसे उतने ही साि उसकी सजा कमिती है । इसकिए तुम दे खते हो कक दु कनयावी मौि-मसी का समय बहत कम होता है; िेककन दद् और तकिीफ का समय बहत जादा होता है । 33 मैने िवाब कदया; सर, कोयकक मै खुशी और दु ख के इन पिोय को कब्ुि नही य समझता; मै तुमसे कवनती करता हँ कक तुम उनके बारे मे और साफ-साफ बताओ। उसने मुझे िवाब कदया, तुमारी म्ख्ता अब ्ी तुमसे िुडी हई है ।
34 का तुमे अपना मन साफ नही य करना चाकहए और परमेशर की सेवा नही य करनी चाकहए? धान रखना, कही य ऐसा न हो कक िब तुमारा समय प्रा हो िाए, तो तुम नासमझ ही कनकिे। इसकिए िैसा तुम चाहते हो, वैसा सुनो, ताकक तुम आसानी से समझ सको। 35 िो एक कदन अपनी मौि-मसी मे िगा रहता है, और िो कुछ उसका मन चाहता है वही करता है , वह बहत बडी म्ख्ता से ्रा है , और न ही यह समझता है कक वह का कर रहा है , बल् अगिे कदन वह ््ि िाता है कक उसने कपछिे कदन का ककया रा। 36 कोयकक दु कनयावी सुख-सुकवधाएँ याद नही य रहती,य कोयकक उनमे म्ख्ता ्री होती है । िेककन िब ककसी इय सान को एक कदन मे दद् और तकिीफ होती है , तो असि मे वह प्रे साि परे शान रहता है ; कोयकक उसकी सजा उसकी याद मे हमेशा बनी रहती है । 37 इसकिए वह प्रे साि दु ख के सार इसे याद करता है ; और कफर अपनी बेकार की खुशी और आनयद को याद करता है , और महस्स करता है कक इसी विह से उसे सजा कमिी। 38 इसकिए िो िोग खुद को ऐसे मजे के हवािे कर दे ते है , वे इसी तरह सजा पाते है ; कोयकक िब उनके पास कजयदगी री, तो वे मौत के िायक हो गए। 39 मैने उससे प्छा, “सर, कौन सी खुकशयाँ नुकसानदायक है ?” उसने िवाब कदया, “हर आदमी को वही खुशी कमिती है िो वह अपनी मज् से करता है ।” 40 कोयकक गुसा करने वािा आदमी अपनी वासना प्री करके उसमे खुशी पाता है ; और ऐसा ही वक्चारी और शराबी; बदनाम करने वािा और झ्ठा; िािची आदमी और धोखेबाज; और िो कोई ्ी इनके िैसा कुछ करता है, कोयकक वह अपने बुरे स्ाव के पीछे चिता है , उसे ऐसा करने मे खुशी कमिती है । 41 ये स्ी सुख और खुकशयाँ परमेशर के सेवकोय के किए नुकसानदायक है । इसकिए वे दु ख पाते है और सजा पाते है । 42 कुछ सुख ्ी है िो इय सानोय को मुल् कदिाते है । कोयकक बहत से िोग िब अचा काम करते है , तो उने उसमे खुशी कमिती है , और वे उससे कमिने वािे सुखोय की ओर लखयचे चिे आते है । 43 अब यह सुख परमेशर के सेवकोय के किए फायदे मयद है , और ऐसे िोगोय को िीवन दे ता है ; िेककन वे नुकसानदायक सुख, किनका पहिे कजि ककया गया है , तकिीफ और सजा िाते है । 44 और िो कोई उनमे बना रहे गा, और अपने ककए पर पछतावा नही य करे गा, वह अपने ऊपर मौत िाएगा। समानता 7 1 कुछ कदनोय के बाद मैने उसी आदमी को दे खा िो पहिे मुझसे बात करता रा, उसी खेत मे िहाँ मैने उन चरवाहोय को दे खा रा। और उसने मुझसे प्छा, त् का ढ् य ढ रहा है ? 2 मैने कहा, "हे प्ु , मै आपसे कवनती करने आया हँ कक आप उस चरवाहे को, िो सजा दे ने वािा है , मेरे घर से चिे िाने का हु दे , कोयकक वह मुझे बहत परे शान करता है ।" 3 उसने िवाब कदया, “तुमे तकिीफ और परे शानी सहनी ज़री है ; कोयकक उस अचे फररिे ने तुमारे बारे मे ऐसा हु कदया है , कोयकक वह तुमे परखना चाहता है ।” 4 मैने कहा, सर, मैने ऐसा कौन सा बडा गुनाह ककया है कक मुझे इस मैसेिर के हवािे ककया िाए? उसने कहा, सुनो, तुमने सच मे
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
बहत सारे गुनाह ककए है , कफर ्ी इतने जादा नही य कक तुमे इस मैसेिर के हवािे ककया िाए। 5 िेककन तुमारे घराने ने बहत पाप और गुनाह ककए है , और इसकिए उस अचे फररिे ने उनके कामोय से दु खी होकर हु कदया कक तुम कुछ समय के किए दु ख झेिो; ताकक वे अपने ककए पर पछतावा कर सके, और इस दु कनया की स्ी इचाओय से खुद को धो सके। 6 इसकिए िब वे तौबा कर िेगे और पकवत हो िाएय गे, तो वह द् त िो तुमारी सजा के किए कनयु् ककया गया है , तुमारे पास से चिा िाएगा। 7 मैने उससे कहा; सर, अगर उनोयने ऐसा बता् व ककया है कक उस अचे फररिे को गुसा आ गया, तो मैने का ककया है ? उसने िवाब कदया: उने और तकिीफ नही य हो सकती, िब तक कक तुम, िो पररवार के मुलखया हो, तकिीफ न उठाओ। 8 कोयकक िो कुछ ्ी तुम सहोगे, उने ज़र महस्स होगा; िेककन िब तक तुम मजब्ती से खडे रहोगे, उने कोई परे शानी महस्स नही य होगी। 9 मैने िवाब कदया; िेककन, सर, दे खो वे ्ी अब प्रे कदि से पछतावा करते है । उसने कहा, मै िानता हँ कक वे प्रे कदि से पछतावा करते है ; िेककन का तुम सोचते हो कक िो िोग पछतावा करते है , उनके गुनाह तुरयत कमट िाते है? 10 नही,य वे अ्ी नही य है ; िेककन िो पछतावा करता है , उसे अपनी आता को दु ख दे ना चाकहए और अपने स्ी मामिोय मे खुद को कवनम कदखाना चाकहए, और कई और अिग-अिग परे शाकनयोय से गुजरना चाकहए। 11 और िब वह उन स्ी चीजोय को झेि िेगा िो उसके किए तय की गई रीय; तब शायद किसने उसे बनाया, और बाकी सब चीजोय को बनाया, वह उस पर दया करे गा, और उसे कोई इिाि दे गा; और खासकर तब िब वह अपने कदि को, िो पछतावा करता है , हर बुरे काम से साफ दे खेगा। 12 िेककन अ्ी तुमारे और तुमारे घराने के किए दु खी होना अचा है; और यह ज़री है कक तुम बहत दु ख सहो, िैसा कक प्ु के उस द् त ने, किसने तुमे मेरे हवािे ककया है , आजा दी है । 13 बल् प्ु का धनवाद करो, कक उसने तुमे इस िायक समझा कक तुम पर मुसीबत आने वािी है , और तुम उसे सह सकते हो। 14 मैने उससे कहा, सर, आप ्ी मेरे सार रकहए, तो मै आसानी से कोई ्ी परे शानी झेि ि्यगा। उसने कहा, मै आपके सार रहय गा; और मै उस मैसेिर से ररकेस क़ य गा िो आपकी सजा के किए कनयु् है, कक वह आपके पकत अपनी तकिीफे कम कर दे । 15 और इसके अिावा, तुमे रोडे समय के किए ही मुल्िे झेिनी पडे गी; और कफर तुम अपनी पुरानी हाित मे वापस आ िाओगे; बस अपने मन की कवनमता मे बने रहो। 16 त्, तेरा घराना, और तेरे बचे , सब शुद मन से प्ु की आजा माने; और िो आजाएय मैने तुझे दी है , उन पर चिे; तब तेरा पशाताप पका और शुद होगा। 17 और अगर तुम इन बातोय को अपने घर मे रखोगे, तो तुमारी परे शाकनयाँ द् र हो िाएँ गी। 18 और िो कोई इन आजाओय के अनुसार चिेगा, उस सब से सारी परे शानी इसी तरह द् र हो िाएगी।
समानता 8 1 कफर उसने मुझे एक नीची िगह कदखाई िो खेतोय और पहाडोय को ढक रही री, किसकी छाया मे वे स्ी िोग आते रे किने प्ु के नाम से पुकारा िाता रा। 2 और उस कविो के पेड के पास प्ु का एक द् त खडा रा िो बहत ही शानदार और ऊँचा रा; और उसने एक बडे हक से कविो की याकियाँ काटी य; और िो िोग कविो की छाया मे रे, उन तक छोटी-छोटी टहकनयाँ पहँ चाईय, िो िग्ग एक फुट ियबी रीय। 3 और िब सबने उने पकड किया, तो उसने अपना काय टा एक तरफ रख कदया, और पेड वैसा ही रहा, िैसा मैने पहिे दे खा रा। इस पर मुझे है रानी हई, और मै मन ही मन सोचने िगा। 4 तब उस चरवाहे ने मुझसे कहा; इस बात पर है रान मत हो कक वह पेड इतनी सारी टहकनयाँ कट िाने के बाद ्ी सही-सिामत है , िेककन रोडा रको, कोयकक अब तुमे बताया िाएगा कक उस फररिे का का मतिब है, किसने िोगोय को वे छडे दी।य 5 इसकिए उसने कफर उनसे छकडयाँ माँ गी,य और किस िम मे हर एक को छकडयाँ कमिी रीय, उसी िम मे उसे बुिाया गया, और उसकी छड वापस दे दी; िब उसे छड कमिी, तो उसने उनकी िाँ च की। 6 कुछ से उसने स्खी और सडी हई छकडयाँ िीय, और मानो कीडे से छ्ई हई होय; उने उसने बाककयोय से अिग करके अिग रखने का हु कदया। द् सरोय ने अपनी छकडयाँ स्खी दी,य िेककन कीडे से छ्ई हई नही य रीय: इने ्ी उसने अिग रखने का हु कदया। 7 द् सरोय ने अपनी आधी स्खी छकडयाँ दी;य इने ्ी अिग रखा गया। द् सरोय ने अपनी आधी स्खी और फटी हई छकडयाँ दी;य इने ्ी उनोयने खुद ही रखा। द् सरोय ने अपनी आधी स्खी और आधी हरी छकडयाँ िाईय, और इने ्ी उनोयने खुद ही रखा। 8 द् सरोय ने अपनी छकडयोय मे से दो ्ाग हरी और एक ्ाग स्खी दी; और उने ्ी अिग रखा गया। द् सरोय ने अपनी छकडयोय मे से दो ्ाग स्खी और एक ्ाग हरी दी; और उने ्ी अिग रखा गया। 9 द् सरोय ने अपनी छडे कम स्खी दी य (कोयकक उनका ऊपरी कहसा बहत कम स्खा रा) िेककन उनमे दरारे रीय, और उने ्ी उनोयने वैसे ही िगा कदया। द् सरोय की छडोय मे रोडी सी हरी री, और बाकी स्खी रीय; और उने ्ी उनोयने अिग रख कदया। 10 और िोग आए और अपनी छकडयाय वैसी ही हरी िे आए िैसी उने कमिी रीय, और जादातर िोग ्ी अपनी छकडयाय वैसी ही िे आए; और द् त इनसे बहत खुश हआ, और उनोयने ्ी खुद को अिग कर किया। 11 द् सरे िोग अपनी छकडयाँ न कसफ् हरी, बल् याकियोय से ्री हई िाए; और उने एक तरफ रख कदया गया, और सग्द्त ने ्ी उने बडी खुशी से सीकार ककया। द् सरे िोग अपनी छकडयाँ हरी याकियोय से ्री हई िाए, और उन पर कुछ फि ्ी िगे रे। 12 किनके पास ऐसी छकडयाँ रीय, वे बहत खुश रे; और सग्द्त ्ी उनसे बहत खुश हआ; और मेरे सार खडा चरवाहा ्ी उनसे कम खुश नही य हआ। 13 तब प्ु के द् त ने ताि िाने का आदे श कदया: और ताि खि्र के पेडोय से बने हए िाए गए; और द् त ने उन आदकमयोय को ताि पहनाया किनकी याकियोय मे उसे फि वािी नई याकियाँ कमिी;य और उने टावर मे िाने का आदे श कदया। 14 और किन िोगोय की छकडयोय मे उसे कबना फि वािी याकियाँ कमिी,य उने ्ी उसने टावर मे ्ेि कदया और उन पर मुहर िगा
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
दी। कोयकक उनके पास वही कपडा रा, यानी बफ् िैसा सफेद; किसे पहनकर उसने उने टावर मे िाने को कहा रा। और किन िोगोय ने अपनी छकडयाँ वैसे ही हरी िौटाईय िैसे उसने िी रीय, उनके सार ्ी उसने वैसा ही ककया; उने एक सफेद कपडा कदया, और उने टावर मे िाने के किए ्ेि कदया। 15 यह करने के बाद, उसने मेरे सार वािे चरवाहे से कहा, “मै िाता हँ ; िेककन तुम इन िोगोय को दीवारोय के अयदर ्ेि दो, हर एक को उस िगह ्ेि दो िहाँ वे रहने िायक है; पहिे उनकी छकडयोय को दे खो, कफर उने धान से दे खो कक कोई तुमे धोखा न दे । िेककन अगर कोई तुमसे बच कनकिे, तो मै उने वेदी पर परख्यगा।” चरवाहे से यह कहकर वह चिा गया। 16 उसके िाने के बाद, चरवाहे ने मुझसे कहा: चिो, हम उनसे टहकनयाँ िे िे और उने िगा दे ; शायद वे कफर से हरी हो िाएँ । मैने उससे कहा; सर, वे स्खी टहकनयाँ कफर से हरी कैसे हो सकती है? 17 उसने मुझे िवाब कदया; वह पेड कविो है, और हमेशा िीना पसयद करता है । इसकिए अगर इन टहकनयोय को िगाया िाए, और रोडी नमी कमिे, तो उनमे से कई अपने आप ठीक हो िाएय गी। 18 इसकिए मै कोकशश क़ ँ गा, और उन पर पानी याि्ँगा, और अगर उनमे से कोई कजयदा बच गया, तो मै उसके सार खुश होऊँगा; िेककन अगर नही य ्ी, तो कम से कम इस तरह यह तो पता चिेगा कक मैने अपना काम नजरअयदाज नही य ककया है । 19 तब उसने मुझे उने बुिाने का हु कदया; और वे सब उसके पास आए, हर एक अपनी िाइन मे किस िगह खडा रा, और उसे अपनी छकडयाँ दी;य किने िेकर उसने उनमे से हर एक को अिग-अिग िाइन मे खडा कर कदया। 20 और िब उसने उन सबको िगा कदया, तो उसने उन पर इतना पानी यािा कक वे पानी से ्र गए, और पानी के ऊपर कदखाई नही य दे रहे रे। कफर िब उसने उने पानी कदया, तो उसने मुझसे कहा; चिो, हम चिते है, और रोडी दे र बाद हम वापस आकर उनसे कमिेगे। 21 कोयकक किसने इस पेड को बनाया है , वह चाहता है कक िो ्ी इससे टहकनयाँ खाए, वे सब कजयदा रहे । और मुझे उमीद है कक अब िब इन टहकनयोय को इस तरह पानी कमिेगा, तो उनमे से कई नमी पाकर ठीक हो िाएँ गी। 22 मैने उससे कहा, सर, मुझे बताइए कक यह पेड ककस चीज को कदखाता है ? कोयकक मै बहत है रान हँ कक इतनी सारी याकियाँ कट िाने के बाद ्ी यह अ्ी ्ी प्रा िगता है ; और न ही इसका कोई छोटा कहसा बचा हआ िगता है , िो मुझे बहत है रान करता है । 23 उसने िवाब कदया, “सुनो। यह बडा पेड िो मैदानोय और पहाडोय और सारी धरती को ढकता है , वह परमेशर का कनयम है , िो प्री दु कनया मे फैिा हआ है ।” 24 अब यह कनयम परमेशर का पुत है , किसका पचार पृथी के कोने-कोने तक ककया िाता है । िो िोग इसकी छाया मे खडे है , वे वे है किनोयने उसका पचार सुना है और कवशास ककया है । 25 किस महान और आदरणीय सग्द्त को तुमने दे खा, वह माइकि रा, किसके पास अपने िोगोय पर अकधकार है, और वह उन पर राि करता है । कोयकक उसने उन िोगोय के कदिोय मे कान्न यािा है किनोयने कवशास ककया है ; और इसकिए वह उन िोगोय से कमिने िाता है किने उसने कान्न कदया है , यह दे खने के किए कक का उनोयने उसका पािन ककया है ।
26 और वह हर एक की छडी को दे खता है; और उनमे से बहतोय को िो कमजोर है : कोयकक वे छकडयाँ प्ु का कनयम है । कफर वह उन स्ी को पहचानता है किनोयने कनयम का पािन नही य ककया है , और उनमे से हर एक की िगह िानता है । 27 मैने उससे प्छा, सर, उसने कुछ को टावर पर कोय ्ेि कदया, और द् सरोय को यहाँ आपके पास कोय छोड कदया? उसने िवाब कदया, किनोयने उससे कमिे कान्न को तोडा है , वे मेरे कबे मे है , ताकक वे अपने पापोय का पछतावा कर सके: िेककन किनोयने कान्न को प्रा ककया और उसका पािन ककया, वे उसके कबे मे है । 28 िेककन मैने प्छा, तो कफर वे कौन है िो ताि पहनकर मीनार मे गए? उसने िवाब कदया, किनोयने शैतान से िडाई की है , उस पर िीत हाकसि की है , उने ताि पहनाया गया है: और ये वे है किनोयने मुल्िे झेिी है, ताकक वे कान्न का पािन कर सके। 29 िेककन किनोयने अपनी हरी-्री और नई याकियोय वािी, िेककन कबना फि वािी छकडयाँ छोड दी,य उनोयने उसी कान्न के किए तकिीफ तो सही, िेककन मौत नही य झेिी; और न ही उनोयने अपने पकवत कान्न को नकारा। 30 किनोयने अपनी छकडयाँ हरी-्री दी,य वे वे िोग है िो कवनम और नायकपय रे, और बहत शुद मन से िीवन िीते रे, और परमेशर की आजाओय का पािन करते रे। 31 बाकी बाते तुम तब िानोगे, िब मै उन टहकनयोय को दे ख्यगा किने मैने िगाया और सीच य ा है । 32 कुछ कदनोय के बाद हम वापस आए, और उसी िगह पर वह शानदार फररिा खडा रा, और मै उसके पास खडा रा, तब उसने मुझसे कहा; एक तौकिया बाय ध िो, और मेरी सेवा करो। 33 और मैने एक साफ तौकिया बाँ धा, िो मोटे कपडे का बना रा। और िब उसने मुझे कमरबयद पहने और उसकी सेवा करने के किए तैयार दे खा, तो उसने कहा, उन आदकमयोय को बुिाओ किनकी छडे गाड दी गई है , हर एक को उसके बताए िम मे। 34 और वह मुझे खेत मे िे गया, और मैने उन सबको बुिाया, और वे सब अपनी-अपनी िाइनोय मे तैयार खडे हो गए। कफर उसने उनसे कहा; हर कोई अपनी छडी उठाकर मेरे पास िे आए। और सबसे पहिे उनोयने अपनी छडे दी,य किनकी छडे स्खी और सडी हई रीय। 35 और किनकी छडे अ्ी ्ी वैसी ही रीय, उने उसने अिग खडे होने का हु कदया। कफर वे िोग आए किनकी छडे स्खी रीय िेककन सडी नही य रीय। इनमे से कुछ की छडे हरी रीय; कुछ स्खी और सडी हई रीय, िैसे कक उने कीडे ने छ् किया हो। 36 किनोयने हरी छकडयाँ दी,य उने उसने अिग खडे रहने का हु कदया; िेककन किनकी छडे स्खी और सडी हई रीय, उने उसने पहिे तरह के िोगोय के सार खडा ककया। कफर वे िोग आए किनकी छडे आधी स्खी और फटी हई रीय: इनमे से कई ने अपनी हरी और कबना कटी छडे दी।य 37 द् सरोय ने उने हरी याकियोय और याकियोय पर फि के सार कदया, िैसे वे िोग िो ताि पहनकर मीनार मे िाते रे। द् सरोय ने उने स्खा कदया, िेककन सडा हआ नही;य और कुछ ने उने पहिे की तरह ही कदया, आधा स्खा और फटा हआ। 38 उसने इनमे से हर एक को अिग खडे होने का आदे श कदया; कुछ को अकेिे, और कुछ को अपनी-अपनी िाइन मे। 39 कफर वे िोग आए किनकी छडे हरी रीय, िेककन उनमे दरारे रीय। उनोयने अपनी छडे प्री तरह हरी कर दी,य और अपनी िाइन
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
मे खडे हो गए। और चरवाहा इन पर खुश हआ, कोयकक वे सब बदि गई रीय, और उनमे दरारे नही य रीय। 40 कफर उनोयने अपनी टहकनयाँ दे दी,य किनके पास आधी हरी और आधी स्खी टहकनयाँ रीय। इनमे से कुछ प्री तरह हरी कमिी,य कुछ आधी स्खी; कुछ हरी, किनमे नई टहकनयाँ रीय। और इन स्ी को, हर एक को उसके सही पद पर ्ेि कदया गया। 41 कफर उनोयने अपनी छकडयाँ दे दी,य किनके पास पहिे से रीय, दो कहसे हरे और एक कहसा स्खा। उनमे से कई ने अपनी छकडयाँ हरी दी,य कई ने आधी स्खी दी;य बाकी स्खी रीय िेककन सडी नही य रीय। इसकिए इने ्ेि कदया गया, हर एक को उसकी सही िगह पर। 42 कफर वे िोग आए किनकी छकडयोय के सामने दो कहसे स्खे और एक कहसा हरा रा; इनमे से कई ने अपनी छकडयाँ आधी स्खी दी,य कुछ स्खी और सडी हई; कुछ ने आधी स्खी और फटी हई; िेककन कुछ हरी रीय। और इन स्ी को उनकी अपनी िाइन मे खडा ककया गया। 43 कफर उनोयने अपनी टहकनयोय को दे खा, किनमे पहिे रोडी सी हररयािी री और बाकी स्खी री। उनकी टहकनयाँ जादातर हरी रीय, किनमे छोटी-छोटी टहकनयाँ रीय, किन पर फि रे और बाकी सब प्री तरह से हरी रीय। 44 और चरवाहा इने दे खकर बहत खुश हआ, कोयकक उसने उने ऐसा पाया रा; और वे ्ी अपने-अपने िम मे चिे गए। 45 िब उसने उनकी स्ी छकडयोय को दे ख किया, तो उसने मुझसे कहा, मैने तुमसे कहा रा कक यह पेड िीवन से पार करता है: तुम दे खते हो कक ककतने िोगोय ने पशाताप ककया है , और मुल् पाई है । मैने कहा, सर, मै यह दे खता हँ । 46 वह कहता है , ताकक तुम िान सको कक प्ु की ्िाई और दया महान है , और आदर के योग है; किसने अपनी आता उन िोगोय को दी िो पशाताप के योग पाए गए। 47 मैने कहा, सर, तो कफर उन सबने पछतावा कोय नही य ककया? उसने िवाब कदया, किनके मन प्ु ने पहिे से दे ख किए रे कक वे पकवत होयगे, और वे प्रे कदि से उनकी सेवा करे गे, उने उसने पछतावा करने का मौका कदया। 48 िेककन किन िोगोय का धोखा और बुराई उसने दे खी, और िान किया कक वे सच मे उसके पास नही य िौटे गे; उने उसने पछतावे के किए िौटने से मना कर कदया, ताकक वे कफर से बुरी बातोय से उसके कान्न की बुराई न करे । 49 मैने उससे कहा; अब, सर, मुझे बताओ कक किन िोगोय ने अपनी छडे छोड दी है , उनमे से हर एक की िगह का है, और उनका 2 कहसा का है; ताकक िब वे अपनी मुहर प्री तरह से न रख सके, बल् िो मुहर उने कमिी री, उसे बबा् द कर दे , तो वे ये बाते सुनकर उन पर कवशास करे , और अपने बुरे कामोय को मान िे और पछतावा करे ; 50 और तुमसे उनकी मुहर कफर से पाकर, परमेशर की बडाई करो, कक वह उन पर दया करके उनके मन को नया करने के किए तुमे ्ेिा। 51 उसने कहा, सुनो: किनकी छडे स्खी और सडी हई पाई गईय, और मानो कीडे ने उने छु आ हो; वे चच् को छोडने वािे और धोखा दे ने वािे है । 52 किनोयने अपने बाकी गुनाहोय के सार, प्ु की ्ी बुराई की है , और उसके नाम को नकार कदया है िो उने कदया गया रा। इसकिए ये सब परमेशर के किए मर चुके है : और तुम दे खते हो कक उनमे से ककसी ने ्ी पछतावा नही य ककया, हािाँ कक उनोयने मेरे
हु सुने है िो तुमने उने कदए है । इसकिए इन िोगोय से कजयदगी बहत द् र है । 53 और किनोयने अपनी छकडयाँ स्खी दी,य िेककन सडी हई नही,य वे ्ी उनसे द् र नही य रहे । कोयकक वे नकिी रे, और बुरी कशकाएँ िाए; और परमेशर के सेवकोय को गुमराह ककया: खासकर उने किनोयने पाप ककया रा; उने पछतावा करने नही य कदया, बल् अपनी झ्ठी कशकाओय से उने रोके रखा। 54 इसकिए इन िोगोय को उमीद है ; और त् दे खता है कक िब से त्ने मेरे हु उनके सामने रखे है, उनमे से बहतोय ने पछतावा ककया है ; और बहत से और ्ी पछतावा करे गे। िेककन िो पछतावा नही य करे गे वे पछतावा और कजयदगी दोनोय खो दे गे। 55 िेककन किनोयने पछतावा ककया है , उनकी िगह पहिी दीवारोय के अयदर शु़ हो गई है , और उनमे से कुछ तो टावर मे ्ी चिे गए है । इसकिए, उसने कहा, तुम दे खते हो कक पाकपयोय के पछतावा मे िीवन है ; िेककन िो पछतावा नही य करते, उनके किए मौत तैयार है । 56 अब उन िोगोय के बारे मे सुनो किनोयने अपनी छडे आधी स्खी और दरारोय से ्री दी रीय। किनकी छडे आधी स्खी रीय, वे शक वािे है; कोयकक वे न तो कजयदा है और न ही मरे हए। 57 िेककन िो िोग अपनी िाकठयोय मे , िो न कसफ् आधी स्खी बल् दरारोय से ्री हई है , वे शक करने वािे और बुरी बाते करने वािे है; िो गैर-मौि्द िोगोय का धान ्टकाते है , और आपस मे क्ी शाय कत नही य रखते, और एक-द् सरे से ििते है । 58 िेककन उन िोगोय को ्ी पछतावा कदया िाता है; कोयकक तुम दे खते हो कक इनमे से कुछ ने पछतावा ककया है । 59 अब इस तरह के स्ी िोग किनोयने िली से पछतावा ककया है , उने टावर मे िगह कमिेगी; िेककन िो िोग पछतावा करने मे जादा धीमे रहे है , वे दीवारोय के अयदर रहे गे; िेककन िो िोग पछतावा नही य करे गे, बल् अपने बुरे कामोय मे िगे रहे गे, वे मौत मरे गे। 60 और किनकी छडे हरी रीय, िेककन कफर ्ी फटी हई रीय; वे ऐसे रे िो हमेशा वफादार और अचे रे, िेककन उनमे इजत और ऊँचे पद को िेकर आपस मे रोडी ििन और झगडा रा। 61 अब ये सब बेकार और नासमझ है, िो इन बातोय पर एकद् सरे से झगडते रहते है । 62 कफर ्ी, यह दे खते हए कक वे वैसे ्ी अचे है, अगर वे ये आदे श सुनकर खुद को सुधार िेगे, और मेरे कहने पर अचानक पछतावा करे गे; तो वे आलखर मे टावर मे रहे गे, िैसे वे िोग किनोयने सच मे और सही तरीके से पछतावा ककया है । 63 िेककन अगर कोई कफर से अपनी बात पर अडा रहे , तो उसे टावर से बाहर कनकाि कदया िाएगा, और वह अपनी िान गँवा दे गा। कोयकक िो िोग प्ु की आजाओय को मानते है , उनकी कजयदगी उनी य कामोय मे है िो उने कदए गए है; न कक राि या ककसी और इजत मे। 64 कोयकक धीरि और मन की कवनमता से इय सान कजयदगी पा िेगा; िेककन बगावत और कान्न को नजरअयदाज करके वे अपने किए मौत खरीद िेगे। 65 किनकी छकडयाँ आधी स्खी और आधी हरी रीय, वे दु कनया के बहत सारे कामोय मे िगे रहते है, और पकवत िोगोय से िुडे नही य रहते। इसी विह से उनमे से आधे कजयदा है और आधे मरे हए है । 66 इसकिए िब से इनमे से बहतोय ने मेरी आजाएँ सुनी है , उनोयने पछतावा ककया है, और टावर मे रहने िगे है । िेककन उनमे से
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
कुछ प्री तरह से ्टक गए है ; उनके किए अब पछतावा करने की कोई िगह नही य है । 67 कोयकक अपने अ्ी के फायदोय की विह से उनोयने ्गवान की बुराई की है और उने नकारा है : और इस बुराई की विह से उनोयने अपनी कजयदगी गँवा दी है । और इनमे से कई अ्ी ्ी शक मे है ; ये अ्ी ्ी िौट सकते है ; और अगर वे िली पछतावा करे गे, तो उने टावर मे िगह कमिेगी; िेककन अगर वे और धीमे होयगे, तो वे दीवारोय के अयदर रहे गे; िेककन अगर वे पछतावा नही य करे गे, तो वे मर िाएँ गे। 68 किनकी छकडयोय का दो कहसा हरा और तीसरा कहसा स्खा रा, उनोयने कई तरह से प्ु को नकार कदया है । उनमे से बहतोय ने पशाताप ककया है , और उने मीनार मे िगह कमिी है: और बहत से िोग प्री तरह से परमेशर से द् र हो गए है । उनोयने प्री तरह से िीवन खो कदया है । 69 और कुछ िोग शक की हाित मे है, इसकिए उनोयने झगडे शु़ कर कदए है : ये िोग कफर से िौट सकते है , अगर वे अचानक पछतावा करे और अपनी इचाओय मे िगे न रहे ; िेककन अगर वे अपने बुरे कामोय मे िगे रहे तो वे मर िाएँ गे। 70 किनोयने अपनी छकडयोय मे दो कहसे स्खे और एक कहसा हरा कदया, वे वे िोग है िो सच मे वफादार रहे है, िेककन सार ही अमीर और अची चीजोय से ्रे हए है ; और इस विह से उनोयने बाहर के गैर-यहकदयोय के बीच मशहर होने की चाहत की, और इस तरह वे बहत घमयय मे आ गए, और ऊँची बातोय को पाने िगे, और सचाई को छोड कदया। 71 वे पकवत िोगोय के सार नही य िुडे, बल् गैर-यहकदयोय के सार रहे ; और यह कजयदगी उने जादा अची िगी। कफर ्ी वे परमेशर से द् र नही य हए, बल् कवशास मे बने रहे ; बस उनोयने कवशास के काम नही य ककए। 72 इसकिए इनमे से बहतोय ने माफी माय गी है , और टावर मे रहने िगे है । कफर ्ी द् सरे िोग िो अ्ी ्ी गैर-ईसाई िोगोय के बीच रह रहे है , और अपनी घमयय की विह से ऊपर उठकर, प्री तरह से ्गवान से द् र हो गए है, और गैर-ईसाई िोगोय के कामोय और बुराइयोय का पीछा कर रहे है । इसकिए इस तरह के िोग गॉसेि के किए अिनकबयोय मे कगने िाते है । 73 इनमे से कुछ िोगोय के मन मे शक होने िगा; अपने बुरे कामोय की विह से वे क्ी मोक पाने की उमीद खो बैठे रे: और कुछ िोग इस तरह शक मे पडकर, और ्ी झगडे ्डकाने िगे। 74 इसकिए, ऐसे िोगोय के किए, और िो अपने कामोय की विह से शक मे पड गए है , उनके िौटने की उमीद अ्ी ्ी है ; िेककन उने िली से पछतावा करना चाकहए, ताकक उनकी िगह टावर मे हो सके। िेककन िो िोग पछतावा नही य करते, बल् अपने मजे मे िगे रहते है , वे मौत के करीब है । 75 और किन िोगोय ने अपनी छकडयाँ हरी रखीय, कसफ् ऊपरी कहसे स्खे रे और उनमे दरारे रीय; वे हमेशा अचे , वफादार और 2 परमेशर के सामने सीधे रे: कफर ्ी उनोयने अपनी खोखिी खुकशयोय और अपने अयदर के छोटे -मोटे कवचारोय की विह से रोडा पाप ककया। 76 इसकिए िब उनमे से कई िोगोय ने मेरी बाते सुनी,य तो उने तुरयत पछतावा हआ और वे टावर मे रहने िगे। कफर ्ी कुछ िोगोय को शक हआ, और द् सरोय ने अपने शक ्रे मन मे मत्ेद बढा कदए। इसकिए उनके पास अ्ी ्ी वापसी की उमीद है , कोयकक वे हमेशा अचे रे; िेककन वे मुल्ि से नही य कहिेगे।
77 आलखर मे, किनोयने अपनी छडे स्खी दी,य कसफ् उनके ऊपरी कहसे को छोडकर, िो हरे रे: वे ऐसे है किनोयने सच मे ्गवान पर कवशास ककया, िेककन बुरे कामोय मे िीते रहे ; कफर ्ी ्गवान से द् र नही य हए: हमेशा खुशी-खुशी ्गवान का नाम किया; और ्गवान के सेवकोय को अपने घरोय मे खुशी-खुशी रखा। 78 इसकिए ये बाते सुनकर वे िौट आए, और तुरयत पछतावा ककया, और प्री तरह से नेकी से कजयदगी िी। और उनमे से कुछ को मौत कमिी: द् सरोय ने अपने बुरे कामोय को याद करते हए, आसानी से कई मुल्िोय का सामना ककया। 79 और िब उसने स्ी छकडयोय के बारे मे अपनी बाते खत कर िीय, तो उसने मुझसे कहा, िाओ, और सबसे कहो कक वे पशाताप करे , ताकक वे परमेशर के किए िी सके: कोयकक प्ु ने बडी दया से मुझे स्ी को पशाताप का उपदे श दे ने के किए ्ेिा है । 80 यहाय तक कक उन िोगोय के किए ्ी िो अपने बुरे कामोय की विह से मुल् पाने के िायक नही य है । िेककन प्ु सब रखेगा और अपने बेटे के बुिावे को मानेगा। 81 मैने उससे कहा, सर, मुझे उमीद है कक िब वे ये बाते सुनेगे, तो सब िोग पछतावा करे गे। कोयकक मुझे ्रोसा है कक हर कोई अपने गुनाहोय को मानकर, और प्ु का यर मानकर, पछतावा करने के किए वापस आएगा। 82 उसने मुझसे कहा, िो कोई ्ी प्रे कदि से पछतावा करे गा, और उन स्ी बुराइयोय से खुद को साफ करे गा किनके बारे मे मैने पहिे बताया है , और अपने पापोय मे कुछ और नही य िोडे गा, उसे प्ु से अपने कपछिे पापोय का इिाि कमिेगा, अगर वह इन आजाओय पर कोई शक नही य करे गा, और वह परमेशर के किए िीएगा। 83 िेककन िो िोग अपने गुनाहोय मे इजाफा करते रहे गे, और इस दु कनया की इचाओय मे िगे रहे गे, वे खुद को मौत की सजा दे गे। िेककन तुम इन आदे शोय पर चिो, और िो कोई ्ी इन पर चिेगा, और उने सही तरीके से मानेगा, वह परमेशर के किए िीकवत रहे गा। 84 और ये सब बाते मुझे कदखाकर उसने कहा, बाकी बाते मै तुमे कुछ कदनोय मे बताऊयगा। समानता 9 1 िब मैने चरवाहे , यानी पशाताप के द् त की आजाएँ और उदाहरण किख किए, तो वह मेरे पास आया और मुझसे कहा, मै तुमे वे स्ी बाते कदखाऊँगा िो आता ने चच् के नाम से तुमसे कही रीय। कोयकक वह आता परमेशर का पुत है । 2 और कोयकक तुम शरीर से कमजोर रे, इसकिए सग्द्त ने तुमे तब तक नही य बताया िब तक तुम आता से मजब्त नही य हए और तुमारी ताकत नही य बढी, ताकक तुम सग्द्त को ्ी दे ख सको। 3 कोयकक उस समय चच् ने तुमे मीनार बनाना बहत अचे से और शानदार तरीके से कदखाया रा; कफर ्ी तुमने सब कुछ ऐसे दे खा िैसे ककसी कुयवारी ने कदखाया हो। 4 िेककन अब तुम सग्द्त से रोशनी पा रहे हो, िेककन कफर ्ी उसी आता से। िेककन तुमे सब बातोय पर धान से सोचना होगा; कोयकक इसीकिए मुझे उस आदरणीय द् त ने तुमारे घर ्ेिा है , ताकक िब तुम सब बातोय को अची तरह से दे ख िो, तो तुम पहिे की तरह यरो मत। 5 और वह मुझे अका् कयया मे एक पहाड की ऊयचाई पर िे गया, और हम उसकी चोटी पर बैठ गए। और उसने मुझे एक बडा
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
मैदान कदखाया, और उसके चारोय ओर अिग-अिग आकृकतयोय मे बारह पहाड रे। 6 पहिा काकिख िैसा कािा रा। द् सरा कचकना रा, उसमे िडीब्कटयाँ नही य रीय। तीसरा काँ टोय और ऊँटकटारोय से ्रा रा। चौरे मे िडी-ब्कटयाँ आधी स्खी रीय; किसका ऊपरी कहसा हरा रा, िेककन उसके बाद वािी िड स्खी री; और कुछ िडी-ब्कटयाँ , िब ध्प तेज होती री, तो स्ख िाती रीय। 7 पाँ चवाँ पहाड बहत ऊबड-खाबड रा; िेककन कफर ्ी उसमे हरी-्री घास री। छठा पहाड दरारोय से ्रा रा, कुछ छोटी, और कुछ बडी; और इन दरारोय मे घास उगी री, िो फि-फ्ि नही य रही री, बल् मुरझाती हई िग रही री। 8 सातवे पहाड पर बहत अचा चारागाह रा, और वह बहत उपिाऊ रा: और हर तरह के िानवर और आसमान के पकी उस पर चरते रे; और कितना जादा वे उसे खाते रे, घास उतनी ही जादा और अची तरह उगती री। 9 आठवाँ पहाड झरनोय से ्रा रा, और उन झरनोय से परमेशर के स्ी तरह के िीवोय को पानी कमिता रा। नौवे पहाड पर कब्ुि ्ी पानी नही य रा, बल् वह प्री तरह से खािी रा; और उसमे खतरनाक साँ प पिते रे, िो इय सानोय के किए खतरनाक रे। 10 दसवाय पहाड ऊयचे पेडोय से ्रा रा, और प्री तरह छायादार रा: और उनकी छाया मे मवेशी आराम करते और िुगािी करते रे। 11 गारहवाय पहाड घने पेडोय से ्रा हआ रा; और वे पेड कई तरह के फिोय से िदे हए िग रहे रे; िो कोई ्ी उने दे खता, वह उनके फि खाने की इचा ककए कबना नही य रह सकता रा। 12 बारहवाँ पहाड प्री तरह से सफेद रा, और बहत ही सुयदर रा, और खुद को बहत ही ख्बस्रत बना रहा रा। 13 मैदान के बीच मे उसने मुझे एक बहत बडी सफेद चटान कदखाई, िो मैदान से कनकिी हई री, और वह चटान उन पहाडोय से ऊँची री, और चौकोर री; ऐसा िग रहा रा कक वह प्री दु कनया को सय्ाि सकती है । 14 मुझे वह पुराना िगा, कफर ्ी उसमे एक नया दरवाजा रा, िो ऐसा िग रहा रा िैसे अ्ी-अ्ी बनाया गया हो। अब वह दरवाजा स्रि से ्ी जादा चमकीिा रा; इतना कक मुझे उसकी रोशनी बहत अची िगी। 15 गेट के पास बारह कुँवाररयाँ खडी रीय; उनमे से चार िो गेट के कोनोय पर खडी रीय, मुझे सबसे अची िगी,य हािाँ कक बाकी ्ी अची रीय: और वे गेट के चारोय कोनोय पर खडी रीय। 16 उन कुयवाररयोय की ख्बस्रती मे यह ्ी इजाफा हआ कक वे िोडोय मे खडी रीय, किनन के कपडे पहने हए रीय, और अची तरह कमरबयद पहने हए रीय, उनके दाकहने हार आजाद रे, िैसे कक वे कोई बोझ उठाने वािी होय; कोयकक वे इसी तरह सिी हई रीय, और बहत खुश और तैयार रीय। 17 िब मैने यह दे खा, तो मुझे है रानी हई कक इतनी बडी और शानदार चीजे कैसे दे खी।य और कफर मैने उन कुयवाररयोय की तारीफ की, कक वे ककतनी सुयदर और नाजुक रीय; और इतनी मजब्ती और ल्रता के सार खडी रीय, मानो वे प्रा आसमान उठा िेगी। 18 और िब मै मन ही मन ऐसा सोच रहा रा, तो चरवाहे ने मुझसे कहा: त् अपने मन मे का सोच रहा है, किससे परे शान है, और कचयता से ्र रहा है ? 19 िो तुम नही य समझते, उसे समझदार समझकर मत सोचो, बल् प्ु से पार्ना करो, ताकक तुम उसे समझ सको: िो आने
वािा है उसे तुम नही य समझ सकते, िेककन िो तुमारे सामने है उसे तुम दे ख रहे हो। 20 इसकिए िो चीजे तुम नही य दे ख सकते, उनसे परे शान मत हो, बल् िो चीजे तुम दे खते हो, उने समझो। 21 किजासु मत बनो; और मै तुमे वे सब बाते बताऊयगा िो मुझे तुमे बतानी चाकहए; िेककन पहिे सोचो कक अ्ी का बाकी है । 22 िब उसने मुझसे यह कहा, तो मैने ऊपर दे खा, और दे खो, छह ियबे और शरीफ आदमी आ रहे रे; उनके चेहरे एक िैसे रे; और उनोयने बहत से आदकमयोय को बुिाया; और िो उनके बुिाने पर आए, वे ्ी ियबे और हटे -कटे रे। 23 और उन छहोय ने उने उस गेट के ऊपर एक मीनार बनाने का हु कदया। और तुरयत ही उन आदकमयोय का बहत शोर होने िगा िो मीनार बनाने के किए इकटा हए रे और गेट के आस-पास इधर-उधर दौडने िगे। 24 िेककन िो कुँवाररयाँ गेट के पास खडी रीय, उनोयने दे खा कक उने मीनार बनाने मे िली करनी है । और उनोयने अपने हार आगे बढा कदए, मानो उने उनसे कुछ काम कमिना हो। 25 कफर उन छह आदकमयोय ने हु कदया कक वे एक गहरी िगह से पतर उठाकर मीनार बनाने के किए तैयार करे । और दस सफेद पतर उठाए गए, िो चौकोर रे और गोि नही य रे। 26 तब उन छह आदकमयोय ने दस कुँवाररयोय को अपने पास बुिाया, और उने हु कदया कक वे सारे पतर िे िाएँ िो इमारत मे िगाए िाने रे, और उने गेट से बाहर िे िाकर उन िोगोय को दे दे िो मीनार बनाने वािे रे। 27 तुरयत ही सब कुँवाररयाँ कमिकर उन पतरोय को उठाने िगी,य िो पहिे गहरे पानी से कनकािे गए रे। 28 और िो िोग गेट के पास खडे रे, वे ्ी पतर इस तरह से िे गए कक िो पतर सबसे मजब्त िगे, उने कोनोय पर रखा गया, और बाकी को ककनारोय पर िगाया गया। 29 और इस तरह वे सारे पतर िे गए, और उने गेट से अयदर िाकर रािकमल्योय को दे कदया, िैसा उने हु कदया गया रा: किनोयने उने उनके हारोय से िेकर उनसे कनमा् ण ककया। 30 िेककन यह इमारत उस बडी चटान पर और गेट के ऊपर बनी री; और इनी य से प्रा टावर कटका हआ रा। िेककन दस पतरोय से बनी इमारत ने प्रा गेट ्र कदया, िो उस टावर की नीवय के किए बनाया िाना शु़ हआ। 31 उन दस पतरोय के बाद पचीस और पतर गहरे पानी से कनकिे; और उने उसी मीनार की इमारत मे रखा गया; उने ्ी उन कुँवाररयोय ने ऊपर उठाया रा, िैसे पहिे द् सरे पतरोय को ऊपर उठाया गया रा। 32 इनके बाद पैतीस और पतर िगाए गए; और उने ्ी उसी तरह उसी काम मे िगाया गया। कफर चािीस और पतर िगाए गए, और ये सब उस मीनार को बनाने मे िोडे गए। 33 तो उस मीनार की नीवय मे चार िाइने बनने िगी;य और पतर गहरे पानी से ऊपर उठना बयद हो गए; और बनाने वािोय को ्ी रोडी राहत कमिी। 34 कफर उन छह आदकमयोय ने ्ीड को हु कदया कक वे उन बारह पहाडोय से पतर िाकर वही मीनार बनाएय । 35 इसकिए उनोयने स्ी पहाडोय से अिग-अिग रय ग के पतर काटे , और उने िाकर कुँवाररयोय को दे कदया; िब उने कमि गए, तो उनोयने उने िे िाकर मीनार की इमारत मे रख कदया। 36 िब वे बनाए गए तो वे सफेद हो गए, और पहिे िैसे नही य रे; कोयकक वे सब एक िैसे रे, और उनोयने अपने पुराने रय ग बदि
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किए रे। और कुछ को तो आदकमयोय ने खुद ही ऊपर तक पहँ चाया रा, िो िब कबललय ग मे आए, तो वैसे ही रहे िैसे उने रखा गया रा। 37 ये पतर न तो सफेद हए, न ही पहिे िैसे रे; कोयकक कुयवाररयाय इने गेट से अयदर नही य िे गईय। इसकिए ये पतर कबललय ग मे खराब िग रहे रे: िब उन छह आदकमयोय ने दे खा, तो उनोयने उने हटाने और उसी िगह पर वापस रखने का हु कदया िहाय से उने िाया गया रा। 38 और उनोयने उन पतरोय को िाने वािोय से कहा; इस इमारत के किए तुम हमे कोई पतर मत दो, बल् उने मीनार के पास रख दो, ताकक ये कुँवाररयाँ उने उठाकर हम तक पहँ चा दे । 39 कोयकक िब तक ये कुँवाररयाँ उने इस दरवाजे से नही य िे िाएँ गी, वे अपना रय ग नही य बदि सकती;य इसकिए बेकार मेहनत मत करो। 40 इसकिए उस कदन कबललय ग का काम तो हो गया, िेककन टावर प्रा नही य हआ; कोयकक उसे बाद मे बनाना रा, इसकिए अब ्ी उसमे कुछ दे र हो रही री। 41 और इन छह आदकमयोय ने बनाने वािोय को िाने का हु कदया, और मानो कुछ दे र आराम करने को कहा; िेककन उनोयने उन कुँवाररयोय को हु कदया कक वे मीनार से न िाएँ ; अब मुझे िगा कक वे उसकी रखवािी के किए छोड दी गई है । 42 िब सब चिे गए, तो मैने उस चरवाहे से कहा; सर, टावर बनाना अ्ी तक प्रा कोय नही य हआ? उसने कहा, कोयकक यह तब तक प्रा नही य हो सकता िब तक इसका माकिक आकर इसे बनाने को मयज्री न दे ; ताकक अगर उसे इसमे कोई खराब पतर कमिे तो उसे बदिा िा सके; कोयकक यह टावर उसकी मज् से बना है । 43 मैने कहा, सर, मै िानना चाहता हँ कक इस मीनार के बनने का का मतिब है ; और मुझे इस चटान और इस दरवाजे के बारे मे ्ी िानकारी चाकहए। 44 और पहाडोय, और कुयवारी िडककयोय, और उन पतरोय के बारे मे िो गहरे पानी से कनकिे रे, और काटे नही य गए, बल् िैसे कनकिे वैसे ही इमारत मे याि कदए गए; और नीवय मे पहिे दस पतर कोय रखे गए, कफर पचीस, कफर पैतीस, कफर चािीस? 45 और इन पतरोय के बारे मे िो कबललय ग मे यािे गए रे, और कफर कनकािे गए, और वापस अपनी िगह पर िे िाए गए? मै पार्ना करता हँ कक इन सब बातोय के बारे मे मेरी आता की इचा प्री करो और मुझे सब कुछ कदखाओ। 46 और उसने मुझसे कहा; अगर तुम सुस नही य रहोगे, तो तुम सब कुछ िान िाओगे, और इस मीनार मे होने वािी बाकी स्ी बाते दे खोगे; और इन स्ी कमसािोय को धान से समझोगे। 47 और कुछ कदनोय के बाद हम उसी िगह पर आए िहाँ हम पहिे बैठे रे; और उसने मुझसे कहा, चिो हम टावर पर चिे; कोयकक उसका माकिक आकर उसे दे खेगा। 48 तो हम वहाँ पहँ चे, और वहाँ कसफ् उनी य कुयवाररयोय को पाया। और उसने उनसे प्छा कक का उस मीनार का माकिक वहाँ आया है? और उनोयने िवाब कदया कक वह अ्ी इमारत को दे खने के किए वहाँ आएगा। 49 रोडी दे र बाद मैने दे खा कक बहत सारे िोग आ रहे है, और उनके बीच मे एक आदमी रा िो इतना ियबा रा कक उसकी ऊयचाई टावर से ्ी जादा री। 50 उसके आस-पास वे छह िोग रे, किनोयने पहिे बनाने का काम सय्ािा रा, और बाकी सब िोग किनोयने वह मीनार बनाई
री, और बहत से द् सरे बडे िोग रे: और िो कुँवाररयाँ मीनार की रखवािी करती रीय, वे उससे कमिने दौडी,य और उसे च्मा, और उसके पास चिने िगी।य 51 िेककन उसने इमारत को इतनी सावधानी से दे खा कक उसने हर पतर को छु आ; और अपने हार मे पकडी हई छडी से हर एक पर मारा: 52 इनमे से कुछ पतर काकिख की तरह कािे पड गए; कुछ खुरदु रे हो गए; कुछ ऐसे िग रहे रे िैसे उनमे दरारे होय; कुछ कटे -फटे िग रहे रे: कुछ न तो कािे रे और न ही सफेद; कुछ नुकीिे िग रहे रे, और द् सरे पतरोय से मेि नही य खाते रे, और कुछ धबोय से ्रे हए रे। 53 ये वे पतर रे िो कबललय ग मे सही नही य पाए गए रे; इन स्ी को यहोवा ने टावर से कनकािकर उसके पास रखने का हु कदया, और द् सरे पतर िाकर उनकी िगह पर रखने का हु कदया। 54 और बनाने वािोय ने उससे प्छा कक पहाडोय मे से कौन से पतर िाकर उन पतरोय की िगह िगाना चाहते है िो अिग रखे गए है । िेककन उसने उने पहाडोय से पतर िाने से मना कर कदया, और हु कदया कक वे पास के एक खेत से पतर िे िे। 55 इसकिए उनोयने खेत मे खुदाई की, और उने बहत सारे चमकीिे चौकोर पतर कमिे, और कुछ गोि ्ी रे। िेककन, िो ्ी उस खेत मे कमिे, उने उन कुयवाररयोय ने गेट से बाहर कनकाि कदया; और िो चौकोर रे, उने कनकािकर बाहर कनकािे गए पतरोय की िगह पर िगा कदया। 56 िेककन गोि पतरोय को कबललय ग मे नही य िगाया गया, कोयकक वे सख रे, और उने काटने मे बहत जादा समय िगता; िेककन उने टावर के चारोय ओर िगाया गया, िैसे कक उने बाद मे चौकोर काटकर कबललय ग मे िगाया िाएगा; कोयकक वे बहत सफेद रे। 57 िब उसने, िो इजतदार रा और प्रे टावर का माकिक रा, यह दे खा, तो उसने मेरे सार वािे चरवाहे को बुिाया और उसे वे पतर कदए िो बेकार रे और टावर के चारोय ओर रखे रे, और उससे कहा; इन पतरोय को धान से साफ करो, और उने टावर की बनावट मे िगाओ, ताकक वे बाकी पतरोय से मेि खा सके; िेककन िो बाकी पतरोय से मेि नही य खाते , उने टावर से द् र फेक दो। 58 िब उसने उसे यह हु कदया, तो वह अपने सार आए स्ी िोगोय के सार टावर पर चिा गया: िेककन वे कुँवाररयाँ टावर की रखवािी करने के किए उसके आस-पास खडी रही।य 59 और मैने उस चरवाहे से कहा, ये पतर, िो ररिेक हो गए है , इस टावर की कबललय ग मे वापस कैसे आ सकते है ? उसने िवाब कदया; मै इन पतरोय के सामने का सबसे बडा कहसा काट द् ँ गा, और उने कबललय ग मे िोड द् ँ गा, और वे बाकी पतरोय के सार कमि िाएँ गे। 60 और मैने कहा, सर, िब वे इतने जादा कट िाएय गे तो वे उसी िगह को कैसे ्र पाएय गे? उसने िवाब कदया; िो कम पाए िाएय गे उने कबललय ग के बीच मे रखा िाएगा, और िो जादा होयगे उने बाहर रखा िाएगा, और उने अयदर रखा िाएगा। 61 िब उसने मुझसे यह कहा, तो उसने कहा, चिो, और तीन कदन बाद िौटे गे, और मै इन पतरोय को, किने साफ करके मै मीनार मे रख द् ँ गा। 62 कोयकक टावर के आस-पास िो ्ी है , उने साफ करना ज़री है , कही य ऐसा न हो कक घर का माकिक अचानक वहाँ आ
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िाए, और टावर के आस-पास के िोगोय को गयदा पाए; और इतना गुसा हो िाए कक ये पतर इस टावर को बनाने मे क्ी न िगे, और िोग मुझे अपने माकिक की आजाओय को न मानने वािा समझे। 63 इसकिए िब हम तीन कदन बाद टावर पर पहँ चे, तो उसने मुझसे कहा, चिो हम इन सब पतरोय को दे खते है, और दे खते है कक इनमे से कौन सा पतर कबललय ग मे िग सकता है । मैने िवाब कदया, सर, चिो दे खते है । 64 ¶ और सबसे पहिे हमने उन पर धान दे ना शु़ ककया िो कािे रे; कोयकक वे वैसे ही पाए गए िैसे वे तब रे िब उने टावर से बाहर कनकािा गया रा: इसकिए उसने उने टावर से हटाने और अिग रखने का आदे श कदया। 65 कफर उसने उन खुरदु रे पतरोय को दे खा; और उनमे से कई को चारोय ओर से काटकर कुँवाररयोय से मीनार की इमारत मे िगाने का हु कदया; तो उनोयने उने किया, और इमारत के बीच मे िगा कदया; और उसने बाकी को कािे पतरोय के सार रखने का हु कदया, कोयकक वे ्ी कािे हो गए रे। 66 इसके बाद उसने उन दीवारोय को दे खा किनमे दरारे रीय, और उनमे से ्ी कई को उसने हटाने का आदे श कदया, और कफर उनी य कुयवाररयोय को बाकी कबललय ग मे िोडने का आदे श कदया। 67 इने बाहर इसकिए रखा गया कोयकक ये प्रे पाए गए रे; िेककन उनकी जादातर दरारोय की विह से बचे हए कहसे को ठीक नही य ककया िा सका, और इसकिए उने टावर की कबललय ग से अिग कर कदया गया। 68 कफर उसने उन िोगोय को दे खा िो अपाकहि हो गए रे; इनमे से कई मे दरारे रीय, और वे कािे पड गए रे; द् सरोय मे बडी दरारे रीय; उसने उने उन िोगोय के सार रखने का आदे श कदया किने असीकार कर कदया गया रा। 69 िेककन बाकी िोग िब साफ और ठीक हो गए, तो उसने उने कबललय ग मे रखने का हु कदया। इसकिए उन कुयवाररयोय ने कबललय ग के बीच मे िगह िे िी, कोयकक वे कमजोर रीय। 70 इनके बाद उसने उन िोगोय को ्ी दे खा िो आधे सफेद और आधे कािे रे; और उनमे से कई अब कािे रे; उसने उने ्ी फेके गए िोगोय के सार रखने का आदे श कदया। 71 बाकी सब प्री तरह से सफेद पाए गए; उने कुयवाररयोय ने उठाकर उसी मीनार मे रख कदया: और इने बाहर रख कदया गया, कोयकक वे प्रे पाए गए रे; ताकक वे बीच मे रखे गए िोगोय को रख सके, कोयकक उनमे से कुछ ्ी कटा नही य रा। 72 कफर उसने उन पतरोय को दे खा िो सख और नुकीिे रे; िेककन उनमे से कुछ का इसेमाि नही य हआ, कोयकक उने काटा नही य िा सकता रा, कोयकक वे बहत सख पाए गए रे: िेककन बाकी को कुयवाररयोय ने बनाया और इमारत के बीच मे कफट कर कदया, कोयकक वे जादा कमजोर रे। 73 कफर उसने उन पर धान कदया किनमे दाग रे; इनमे से कुछ कािे पाए गए, और उने उनके साकरयोय के पास िे िाया गया। बाकी सफेद और प्रे रे; और उने कुयवाररयोय ने इमारत मे कफट ककया, और उनकी मिब्ती के कारण बाहर रख कदया। 74 इसके बाद वह उन सफेद और गोि पतरोय को दे खने आया और मुझसे प्छा, “हम इन पतरोय का का करे गे?” मैने िवाब कदया, “सर, मै नही य बता सकता।” 75 उसने िवाब कदया, "तो कफर तुम इनके बारे मे कुछ नही य सोच सकते?" मैने िवाब कदया, "सर, मै यह किा नही य समझता; न ही मै पतर काटने वािा हँ, और न ही मै कुछ बता सकता हँ ।"
76 और उसने कहा, का तुम नही य दे खते कक वे बहत गोि है ? अब उने चौकोर बनाने के किए, मुझे उनमे से बहत कुछ काटना होगा; कफर ्ी, यह ज़री है कक इनमे से कुछ मीनार बनाने मे िगे। 77 मैने िवाब कदया; अगर ज़री है , तो आप कोय उिझन मे है , और अगर आपके पास उनमे से कोई चुनने का मौका है , तो उने कबललय ग मे कोय नही य कफट करते? 78 इस पर उसने सबसे बडे और सबसे चमकीिे पतरोय को चुना और उने चौकोर कर कदया; िब उसने ऐसा कर किया तो कुँवाररयोय ने उने उठा किया और इमारत के बाहर रख कदया। 79 और िो बचे रे उने उसी खेत मे वापस िे िाया गया िहाँ से उने कनकािा गया रा; कफर ्ी, उने फेका नही य गया; कोयकक, उसने कहा, इस टावर मे, किसे बनाया िाना है, अ्ी रोडी ्ी कमी नही य है ; और शायद प्ु इन पतरोय को इस इमारत मे िगवा दे गे, कोयकक वे बहत जादा सफेद है । 80 कफर बारह बहत ख्बस्रत औरते बुिाई गईय, किनोयने कािा कपडा पहना हआ रा, कमरबयद बाय धा हआ रा, उनके कयधे खुिे रे और बाि खुिे हए रे। मुझे ये गाय व की औरते िगी।य 81 और चरवाहे ने उने हु कदया कक िो पतर इमारत से बाहर फेके गए रे, उने उठाकर उन पहाडोय पर वापस िे िाओ िहाँ से उने कनकािा गया रा। 82 और वे उन सबको खुशी-खुशी उठाकर उनकी िगहोय पर वापस िे गए, िहाँ से उने िाया गया रा। 83 िब मीनार के चारोय ओर एक ्ी पतर नही य बचा, तो उसने मुझसे कहा, चिो इस मीनार के चारोय ओर घ्मकर दे खे कक इसमे कुछ कमी तो नही य है । 84 इसकिए हम उसके चारोय ओर घ्मने िगे; और िब उसने दे खा कक वह बहत सुयदर बना हआ है, तो वह बहत खुश हआ; कोयकक वह इतनी ख्बस्रती से बना हआ रा कक किसने ्ी उसे दे खा होगा, उसे वह इमारत बहत पसयद आई होगी: 85 कोयकक ऐसा िग रहा रा कक यह सब एक ही पतर है, और कही य कोई िोड ्ी नही य रा; बल् ऐसा िग रहा रा िैसे यह सब एक ही चटान से काटा गया हो। 86 ¶ और िब मैने धान से सोचा कक यह कैसा टावर है , तो मै बहत खुश हआ: और उसने मुझसे कहा, यहाँ कुछ च्ना और छोटे -छोटे सीकपयाँ िाओ, ताकक मै उन पतरोय की िगह ्र सक्ँ िो कबललय ग से कनकािे गए रे, और कफर से िगा कदए गए रे; कोयकक टावर के आस-पास की स्ी चीजे बराबर करनी है । 87 और मैने वैसा ही ककया िैसा उसने मुझे आजा दी री, और उसने मुझसे कहा, मेरी सहायता के किए तैयार रहो, और यह काम िली प्रा हो िाएगा। 88 इसकिए उसने उन पतरोय की िगह ्र दी, और टावर के आस-पास की िगह को साफ करने का हु कदया। 89 तब उन कुयवाररयोय ने झाड् िेकर आस-पास की सारी िगह साफ की, सारा क्डा-करकट हटाया और पानी यािा; ऐसा करने से वह िगह सुयदर हो गई और मीनार सुयदर हो गई। 90 तब उसने मुझसे कहा, अब सब कुछ साफ है : अगर प्ु टावर को प्रा करने के किए आएय गे, तो उने हमारे बारे मे कशकायत करने के किए कुछ ्ी नही य कमिेगा। 91 यह कहकर वह चिा िाता। िेककन मैने उसका रैिा पकड किया और प्ु के नाम पर उससे कवनती करने िगा कक वह मुझे वह सब कुछ समझा दे िो उसने मुझे कदखाया रा।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
92 उसने मुझसे कहा, “अ्ी मुझे एक छोटा सा काम है; िेककन मै तुमे सब बाते तुरयत समझा द् ँ गा। िब तक मै न आऊँ, तुम यही य रको।” 93 मैने उससे कहा, “सर, मै यहाँ अकेिे का क़ ँ ?” उसने िवाब कदया, “तुम अकेिे नही य हो, कोयकक ये सब कुँवाररयाँ तुमारे सार है ।” 94 मैने कहा, “सर, तो मुझे उनके हवािे कर दीकिए।” तब उसने उने बुिाया और उनसे कहा, “मै इस आदमी को तुमारे हवािे करता हँ िब तक मै न आऊँ।” 95 इसकिए मै उन कुयवाररयोय के सार रहा: अब वे मेरे सार खुश और कवनम रीय; खासकर वे चार, िो उनमे सबसे बडी िगती रीय। 96 तब उन कुयवाररयोय ने मुझसे कहा, वह चरवाहा आि यहाँ नही य िौटे गा। मैने उनसे कहा, तो मै का क़ ँ ? उनोयने िवाब कदया, शाम तक उसका इय तजार करो, शायद वह आकर तुमसे बात कर सके; अगर नही,य तो ्ी िब तक वह सो न िाए, तुम हमारे सार रहो। 97 मैने उनसे कहा, मै शाम तक उसके किए रक्यगा; िेककन अगर वह उस समय तक नही य आता है , तो मै घर िाऊयगा, और अगिी सुबह कफर यहाय िौट् य गा। 98 उनोयने मुझे िवाब कदया, “तुम हमारे हवािे हो गए हो, तुम हमसे द् र नही य िा सकते।” मैने कहा, “मै कहाँ रक्ँ?” 99 उनोयने िवाब कदया, “तुम हमारे सार ्ाई की तरह सोओगे, पकत की तरह नही;य कोयकक तुम हमारे ्ाई हो, और हम अब से तुमारे सार रहने को तैयार है ; कोयकक तुम हमे बहत पारे हो।” 100 कफर ्ी मुझे उनके सार रहने मे शम् आ रही री। िेककन िो उनमे सबसे बडी िग रही री, उसने मुझे गिे िगाया और मुझे च्मने िगी। और िब बाकी िोगोय ने दे खा कक उसने मुझे च्मा है , तो वे ्ी मुझे ्ाई की तरह च्मने िगे; और मुझे टावर के चारोय ओर िे गए, और मेरे सार खेिे। 101 उनमे से कुछ ने ्िन ्ी गाए, द् सरोय ने उनके सार कोरस बनाया। िेककन मै उनके सार टावर के चारोय ओर घ्मता रहा, चुपचाप खुश होता रहा, और खुद को कफर से िवान महस्स करता रहा। 102 िब शाम हई, तो मै तुरयत घर िाना चाहता रा, िेककन उनोयने मुझे रोक किया और िाने नही य कदया। इसकिए मै उस रात उनके सार उसी टावर के पास ही रहा। 103 तब उनोयने अपने किनन के कपडे जमीन पर कबछा कदए; और मुझे बीच मे कबठा कदया, और कुछ नही य ककया, बस पार्ना करते रहे । 104 मै ्ी उनके सार िगातार पार्ना करता रहा, उनसे कम नही।य िब उनोयने मुझे इस तरह पार्ना करते दे खा, तो वे बहत खुश हए; और मै अगिे कदन तक उनके सार वही य रहा। 105 और िब हमने ्गवान को पणाम ककया, तो चरवाहा आया और उनसे कहा: तुमने इस आदमी का कोई नुकसान नही य ककया। उनोयने िवाब कदया, उससे प्छो। मैने उससे कहा, सर, मुझे उनके सार रहकर बहत खुशी कमिी है । 106 तब उसने मुझसे प्छा, "तुमने खाना कैसे खाया?" मैने िवाब कदया, "सर, मैने प्री रात प्ु के वचनोय पर दावत उडाई।" उसने कहा, "तो उनोयने तुमारा अचे से सागत ककया।" मैने कहा, "सर, बहत अचे से।" 107 उसने िवाब कदया, का तुम अब िानना चाहते हो कक तुम का चाहते रे? मैने िवाब कदया, सर, मै िानना चाहता हँ : और
सबसे पहिे मै आपसे पार्ना करता हँ कक आप मुझे स्ी बाते उसी िम मे कदखाएँ किस िम मे मैने उनसे प्छा रा। 108 उसने िवाब कदया, मै वही क़ ँ गा िो तुम मुझसे चाहते हो, और तुमसे कुछ नही य कछपाऊँगा। 109 ¶ सबसे पहिे, सर, मैने कहा, मुझे बताइए कक यह चटान और यह दरवाजा का कदखाता है? उसने कहा, सुकनए; यह चटान और यह दरवाजा, परमेशर के बेटे है । मैने िवाब कदया, सर, यह कैसे हो सकता है; चटान तो पुरानी है , िेककन दरवाजा नया है । 110 उसने कहा, हे म्ख् मनुष! सुनो और समझो। परमेशर का पुत सचमुच ककसी ्ी पाणी से अकधक पुराना है ; इतना कक वह स्ी चीिोय के कनमा् ण के समय अपने कपता के सार कमिकर काम कर रहा रा। 111 िेककन इसकिए दरवाजा नया है , कोयकक वह आलखरी कदनोय मे समय के प्रे होने पर कदखाई कदया; ताकक िो िोग उदार पाना चाहते है , वे इसके जररए परमेशर के राज मे पवेश कर सके। 112 उसने कहा, तुमने दे खा है कक िो पतर गेट से अयदर िाए गए रे, वे टावर बनाने मे कैसे िगाए गए; िेककन िो गेट से अयदर नही य िाए गए, उने उनकी अपनी िगह पर ्ेि कदया गया? 113 मैने िवाब कदया, “सर, मैने दे खा है ।” उसने कहा, “कोई ्ी इय सान परमेशर के राज मे दालखि नही य होगा, कसवाय उसके िो परमेशर के बेटे का नाम अपने ऊपर िे िेगा।” 114 कोयकक अगर तुम ककसी शहर मे िाना चाहो, और वह शहर दीवार से कघरा हो, और उसका कसफ् एक ही दरवाजा हो, तो का तुम उस दरवाजे के कबना उस शहर मे िा सकते हो? 115 मैने िवाब कदया, सर, मै और कैसे कर सकता रा? इसकिए, उसने कहा, उस शहर मे उसके गेट के अिावा कोई और रासा नही य है , वैसे ही कोई ्ी परमेशर के राज मे उसके बेटे के नाम के कबना नही य िा सकता, िो उसे सबसे पारा है । 116 और उसने मुझसे कहा, का तुमने उस मीनार को बनाने वािोय की ्ीड दे खी? मैने कहा, सर, मैने दे खी। उसने िवाब कदया, वे स्ी सग्द्त है , िो अपनी इजत मे आदरणीय है । 117 प्ु उनके सार दीवार की तरह कघरा हआ है, िेककन दरवाजा परमेशर का पुत है , िो परमेशर के पास आने का एकमात रासा है । कोयकक कोई ्ी वल् परमेशर के पास उसके पुत के कबना नही य िा सकता। 118 उसने कहा, "का तुमने उन छह आदकमयोय को और उनके बीच मे उस आदरणीय महान वल् को दे खा, िो मीनार के चारोय ओर घ्म रहा रा और मीनार से पतर हटा रहा रा?" 119 मैने कहा, सर, मैने उने दे खा। उसने िवाब कदया, वह ियबा आदमी ्गवान का बेटा रा: और वे छह उसके सबसे बडे फररिे रे, िो उसके दाकहने और बाएय खडे रे। 120 इन बेहतरीन सग्द्तोय मे से कोई ्ी उसके कबना परमेशर के पास नही य आता। उसने आगे कहा, इसकिए िो कोई उसका नाम नही य िेगा, वह परमेशर के राज मे पवेश नही य करे गा। 121 तब मैने कहा, यह टावर का है ? उसने कहा, यह चच् है । और सर, ये कुँवाररयाँ का है ? उसने मुझसे कहा, ये पकवत आताएँ है , कोयकक कोई ्ी इय सान परमेशर के राज मे तब तक पवेश नही य कर सकता िब तक ये उसे अपने कपडे न पहना दे । 122 कोयकक परमेशर के बेटे का नाम िेने से तुमे कुछ फायदा नही य होगा, िब तक कक तुम उनसे उनका कपडा न िे िो। कोयकक ये कुँवाररयाँ परमेशर के बेटे की ताकते है । इसी तरह एक आदमी बेकार मे उसका नाम िेगा, िब तक कक वह ्ी उसकी ताकतोय से न ्र िाए।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
123 और उसने मुझसे कहा, का तुमने उन पतरोय को दे खा किने फेक कदया गया रा? उन पर नाम तो रे, िेककन उनोयने अपने कपडे नही य पहने रे। मैने प्छा, सर, उनका कपडा का है? उसने कहा, उनके नाम ही उनके कपडे है । 124 इसकिए िो कोई परमेशर के पुत का नाम रखता है , उसे उनके नाम ्ी रखने चाकहए; कोयकक परमेशर का पुत सयय उनके नाम रखता है । 125 उसने आगे कहा, “िो पतर उनके हारोय से आए रे, तुमने उने कबललय ग मे रहते दे खा, वे उनकी ताकत से ढके हए रे; इसी विह से तुम प्री मीनार को चटान के रय ग का और एक ही पतर से बना हआ दे खते हो।” 126 वैसे ही किनोयने परमेशर पर उसके बेटे के जररए कवशास ककया है, उनोयने उसकी आता को पहन किया है । दे खो, एक आता, एक शरीर, और उनके कपडोय का रय ग एक होगा; और वे सब िो इन कुयवाररयोय के नाम रखेगे, इसे पा िेगे। 127 और मैने कहा, सर, तो कफर उन पतरोय को कोय फेक कदया गया किने ररिेक कर कदया गया रा, िबकक उने ्ी गेट से िे िाया गया रा, और इन कुँवाररयोय के हारोय से इस टावर की कबललय ग मे पहँ चाया गया रा? 128 उसने कहा, “दे खो, तुम हर बात की अची तरह से िाय च करते हो, तो उन पतरोय के बारे मे ्ी सुनो किने ररिेक कर कदया गया रा। इन स्ी ने परमेशर के बेटे का नाम पाया, और उसके सार इन कुयवाररयोय की शल् ्ी।” 129 इसकिए ये आताएँ पाकर वे प्री तरह से परमेशर के सेवकोय मे शाकमि हो गए; और वे एक शरीर और एक कपडा होने िगे, कोयकक वे 3 एक ही नेकी से सयपन रे, किसका वे एक िैसे इसेमाि करते रे। 130 िेककन उसके बाद वे औरते किने तुमने कािा कपडा पहने, कयधे खुिे और बाि खुिे दे खे रे, उन पर अपनी हवस िमाई, उनकी ख्बस्रती से िु्ाकर; और उनकी ताकत से िैस होकर, औरतोय के कपडे उतार फेके। 131 इसकिए उने ्गवान के घर से कनकाि कदया गया और उन औरतोय को सौयप कदया गया। िेककन िो अपनी ख्बस्रती मे खराब नही य हईय, वे ्गवान के घर मे रही।य उसने कहा, यह उन पतरोय की कनशानी है किने ररिेक कर कदया गया रा। 132 ¶ और मैने कहा, सर, अगर इनमे से कोई आदमी पछतावा करे , और उन औरतोय की चाहत छोड दे , और बदि िाए, और इन कुँवाररयोय के पास िौट आए, और कफर से अपना सदू गुण अपना िे; तो का वे ्गवान के घर मे दालखि नही य होयगे? 133 उनोयने कहा, वे त्ी अयदर आएँ गे, िब वे उन औरतोय के सारे काम छोड दे गे, और इन कुँवाररयोय की ताकत कफर से पा िेगे, और उनके कामोय मे चिेगे। 134 और इसी विह से इसे बनाने मे रकावट यािी गई है , ताकक अगर वे पछताएय , तो उने इस टावर को बनाने मे िोडा िा सके; िेककन अगर वे पछताएय नही य, तो उनकी िगह द् सरे टावर बनाए िा सके, और उने प्री तरह से हटा कदया िाए। 135 इन सब बातोय के किए मैने प्ु को धनवाद कदया, कक किन िोगोय पर उसका नाम रखा गया है , उन पर दया करके, उसने हमारे पास पशाताप का द् त ्ेिा, ताकक हम पर, किनोयने उसके लखिाफ पाप ककया रा, अगुवाई करे ; और उसने हमारी आताओय को तरोताजा ककया है िो िग्ग खत हो चुकी रीय, और किने मुल् की कोई उमीद नही य री, िेककन अब वे िीवन के नए कसरे से ताजा हो गए है ।
136 तब मैने कहा, सर, मुझे बताओ कक यह मीनार जमीन पर कोय नही,य बल् चटान पर और गेट पर बनी है ? उसने िवाब कदया, तुम बेवक्फ हो और तुमे समझ नही य है , इसकिए तुम यह प्छ रहे हो। 137 और मैने कहा, सर, मुझे आपसे सब कुछ प्छना ही होगा, कोयकक मै कुछ ्ी नही य समझता। कोयकक आपके स्ी िवाब बहत अचे और शानदार है ; और किने कोई आदमी मुल्ि से समझ सकता है । 138 उसने कहा, सुनो: परमेशर के बेटे का नाम महान और बेकहसाब है , और प्री दु कनया उसी से चिती है । इसकिए, मैने कहा, अगर परमेशर की हर रचना उसके बेटे से चिती है , तो वह उन िोगोय को कोय नही य चिाएगा किने उसने बुिाया है , और िो उसका नाम िेते है, और उसकी आजाओय पर चिते है? 139 उसने कहा, का तुम नही य दे खते कक वह उनका सार दे ता है , िो प्रे कदि से उसका नाम िेते है ? इसकिए वह उनकी नीवय है , और खुशी-खुशी उनका सार दे ता है िो उसके नाम को मना नही य करते, बल् खुशी-खुशी उसे िेते है । 140 ¶ और मैने कहा: सर, मुझे इन कुँवाररयोय के नाम बताओ; और उन औरतोय के ्ी किनोयने कािे कपडे पहने रे। 141 उसने कहा, उन कुँवाररयोय के नाम सुनो िो जादा ताकतवर है और दरवाजे के कोनोय पर खडी है । उनके नाम ये है : 142 पहिे को कवशास कहते है ; द् सरे को सययम; तीसरे को शल्; चौरे को धैय्; इनके नीचे िो बाकी है वे है, सादगी, मास्कमयत, पकवतता, खुशी, सचाई, समझ, मेि-कमिाप, दान। 143 इसकिए िो कोई इन नामोय को और परमेशर के पुत के नामोय को धारण करे गा, वह परमेशर के राज मे पवेश करे गा। 144 उसने कहा, अब उन औरतोय के नाम सुनो, किनोयने कािा कपडा पहना हआ रा। इनमे से चार खास है: पहिी है धोखा; द् सरी है असययम; तीसरी है बेवफाई; चौरी है खुशी। 145 और बाकी िो इसके बाद आते है , उने इस तरह कहा िाता है , उदासी, बुराई, वासना, गुसा, झ्ठ, म्ख्ता, घमयय और नफरत। परमेशर का सेवक, किसमे ये आताएँ होती है , वह परमेशर का राज ज़र दे खेगा, िेककन उसमे पवेश नही य करे गा। 146 िेककन, सर, वे पतर का है िो गहरे पानी से कनकािकर कबललय ग मे िगाए गए रे? उनोयने कहा, िो दस पतर नीवय मे रखे गए रे, वे पहिे जमाने के है ; और उसके बाद पचीस पतर द् सरे जमाने के नेक िोगोय के है । 147 अगिे पैतीस, प्ु के पैगयबर और मयती है । और चािीस, परमेशर के बेटे के उपदे शक और उपदे शक है । 148 और मैने प्छा, सर, िब कुँवाररयोय को गेट से अयदर िे िाया गया, तो उनोयने उन पतरोय को कबललय ग मे कोय रखा? और उसने कहा, कोयकक ये पहिे उन आताओय को िे गईय, और वे एक से अिग नही य हईय, न तो आदमी आताओय से, और न ही आताएँ आदकमयोय से: 149 िेककन आताएय उन िोगोय के सार उनकी मौत के कदन तक िुडी रही;य अगर उनके सार ये आताएय न होती,य तो वे इस टावर को बनाने मे काम नही य आ सकते रे। 150 और मैने कहा, सर, मुझे यह और कदखाइए। उसने िवाब कदया, तुम का प्छते हो? ये पतर गहरे पानी से कोय कनकिे, और इस मीनार की कबललय ग मे कोय रखे गए, िबकक ये बहत पहिे उन पकवत आताओय को िे गए रे। 151 उनोयने कहा कक उनके किए पानी के रासे ऊपर िाना ज़री रा, ताकक उने आराम कमि सके। कोयकक वे अपने कपछिे
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
िीवन की नशरता को तागे कबना परमेशर के राज मे पवेश नही य कर सकते रे। 152 इसकिए वे मर चुके रे, कफर ्ी उन पर परमेशर के पुत की मुहर िग गई, और इस तरह वे परमेशर के राज मे दालखि हए। 153 कोयकक इससे पहिे कक कोई इय सान परमेशर के बेटे का नाम िे, उसे मौत के किए ठहराया िाता है; िेककन िब उसे वह मुहर कमि िाती है , तो वह मौत से आजाद हो िाता है , और उसे कजयदगी कमि िाती है । 154 अब वह मुहर बपकतसा का पानी है, किसमे िोग मौत के किए कजमेदारी के सार नीचे िाते है, िेककन िीवन के किए चुने हए होकर ऊपर आते है । 155 इसकिए उन िोगोय को ्ी इस मुहर का पचार ककया गया, और उनोयने इसका इसेमाि ककया, ताकक वे परमेशर के राज मे पवेश कर सके। 156 तब मैने कहा, तो कफर, सर, ये चािीस पतर ्ी उनके सार गहरे पानी से कोय बाहर कनकिे, िबकक उने पहिे ही वह मुहर कमि चुकी री? 157 उसने िवाब कदया, “कोयकक ये पेररत और कशकक, िो परमेशर के पुत के नाम का पचार करते रे, उसका कवशास और शल् पाने के बाद मर गए, उनोयने उन िोगोय को पचार ककया िो पहिे मर चुके रे; और उनोयने उन पर यह मुहर िगा दी।” 158 इसकिए वे उनके सार पानी मे उतरे और कफर ऊपर आ गए। िेककन ये िोग कजयदा रहते हए नीचे गए और कफर कजयदा ऊपर आ गए: िबकक िो पहिे मर चुके रे, वे मरे हए नीचे गए, िेककन कजयदा ऊपर आ गए; 159 इसकिए इनके जररए उने कजयदगी कमिी और उनोयने परमेशर के बेटे को िाना: इसी विह से वे उनके सार ऊपर आए, और टावर बनाने के िायक हए; और काटे नही य गए, बल् प्रे यािे गए; कोयकक वे नेकी और बडी पकवतता मे मरे रे; बस यह मुहर उनके किए कम री। 160 इस तरह इन बातोय का मतिब समझ मे आ गया। 161 ¶ मैने िवाब कदया: सर, अब मुझे बताइए कक उन पहाडोय का का मतिब है, वे इतने अिग कोय है ; कुछ एक तरह के है, और कुछ द् सरे तरह के। 162 उसने कहा, सुनो; ये बारह पहाड िो तुम दे ख रहे हो, बारह रा्् है , किनसे प्री दु कनया बनती है । इसकिए किने परमेशर ने उनके पास ्ेिा है , उनके दारा परमेशर के पुत का पचार ककया िाता है । 163 िेककन मैने प्छा, वे अिग-अिग कोय है , और हर एक एक ही आकार का कोय है ? उसने िवाब कदया, सुनो। वे बारह रा्् िो प्री दु कनया पर कबा करते है , बारह िोग है । 164 और िैसे तुमने इन पहाडोय को अिग-अिग दे खा है, वैसे ही वे ्ी है । इसकिए मै तुमे हर पहाड का मतिब और काम बताता हँ । 165 िेककन पहिे, सर, मैने कहा, मुझे यह कदखाओ; ये पहाड इतने अिग-अिग है , कफर ्ी वे इस मीनार को बनाने मे कैसे एक हो गए; और एक ही रय ग के हो गए; और वे उन पहाडोय से कम चमकीिे नही य है िो गहरे समुद से कनकिे रे? 166 उसने िवाब कदया, कोयकक आसमान के नीचे की स्ी िाकतयोय ने परमेशर के बेटे का वही एक नाम सुना है और उस पर कवशास ककया है, किसके दारा वे बुिाए गए है । 167 इसकिए उसकी मुहर पाकर, वे सब एक ही 1 समझ और 2 जान के कहसेदार बन गए; और उनका कवशास और पार एक
िैसा रहा; और उनोयने इन कुयवाररयोय की आताओय को उसके नाम के सार िे किया। 168 और इसकिए इस मीनार की इमारत उसी रय ग की कदखाई दे ती री, और स्रि की चमक की तरह चमकती री। 169 िेककन िब वे इस तरह एक मन से सहमत हो गए, तो वे सब एक हो गए; िेककन उनमे से कुछ ने खुद को गयदा कर किया, और नेक िोगोय की शेणी से अिग हो गए, और कफर से अपनी पुरानी हाित मे िौट आए, और पहिे से ्ी बुरे हो गए। 170 ¶ मैने प्छा, सर, िो िोग प्ु को िानते रे, वे कैसे बुरे रे? उसने िवाब कदया: अगर िो प्ु को नही य िानता, वह बुरे तरीके से िीता है, तो उसकी बुराई की सजा उसे कमिती है । 171 िेककन किसने प्ु को िान किया है, उसे हर तरह की बुराई से प्री तरह द् र रहना चाकहए, और जादा से जादा नेकी का सेवक बनना चाकहए। 172 और का वह तुमे जादा पापी नही य िगता िो अचाई के पीछे चिना चाहता है , अगर वह पाप का कहसा बनना चाहता है ; उस आदमी से िो परमेशर की शल् को िाने कबना अपराध करता है ? 173 इसकिए ये तो मौत के किए तय है ; िेककन िो िोग प्ु को िानते है , और उनके अदू ्ुत कामोय को दे ख चुके है , अगर वे बुरे तरीके से किएय गे, तो उने दोगुनी सजा कमिेगी, और वे हमेशा के किए मर िाएय गे। 174 इसकिए िैसा तुमने दे खा है कक िब पतरोय को टावर से बाहर फेका गया, किने ररिेक कर कदया गया रा; उने बुरी और बेरहम आताओय को सौयप कदया गया; और तुमने टावर को इतना साफ दे खा, मानो वह सब एक ही पतर से बना हो: 175 इसकिए िब परमेशर का चच् शुद हो िाएगा: (बुरे और नकिी, शरारती और शक करने वािे, और वे स्ी किनोयने इसमे बुरा बता् व ककया है , और तरह-तरह के पाप ककए है, उने कनकाि कदया िाएगा) वे एक शरीर बन िाएय गे, और एक समझ, एक राय, एक कवशास और एक ही पार होगा। 176 और तब परमेशर का पुत उनके बीच आनल्त होगा, और अपने िोगोय को शुद इचा से गहण करे गा। 177 और मैने कहा; सर, ये सब बाते बडी और इजजतदार है ; िेककन अब मुझे हर पहाड का असर और ताकत कदखाओ: ताकक हर इय सान िो प्ु पर ्रोसा करता है, िब ये बाते सुनेगा तो उसके बडे , और शानदार, और पकवत नाम का आदर करे गा। 178 उसने कहा, इन पहाडोय की, यानी बारह दे शोय की अिगअिग तरह की बाते सुनो। 179 ¶ िो िोग पहिे कािे पहाड पर कवशास करते है, वे वही है किनोयने कवशास से बगावत की है ; और प्ु के लखिाफ बुरी बाते कही है ; और परमेशर के सेवकोय को धोखा कदया है । 180 ये मौत की सजा पाए हए है, उने कोई पछतावा नही य है : और इसकिए वे कािे है, कोयकक उनकी तरह के िोग बुरे है । 181 द् सरे पहाड पर िो कचकना रा, वे कपटी िोग है , किनोयने कवशास ककया है , और बुराई कसखाने वािे है : और ये पहिे वािे के बाद वािे है , किनमे नेकी का फि नही य है । 182 कोयकक िैसे उनका पहाड बयिर और कबना फि वािा है , वैसे ही ऐसे िोग ्ी ईसाई कहिाते है , पर उनमे कवशास नही य होता; और न ही उनमे सचाई का कोई फि होता है । 183 कफर ्ी, अगर वे अचानक ऐसा करने की कोकशश करे , तो उनके पास पछतावे का मौका है : िेककन अगर वे दे र करे गे, तो वे ्ी पहिे िैसी मौत के कहसेदार बनेगे।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
184 मैने कहा, सर, उन िोगोय के किए पछतावा करने की िगह कोय छोडी गई है , और पहिे वािे िोगोय के किए कोय नही,य िबकक उनके पाप िग्ग एक िैसे ही है? 185 इसकिए उसने उनसे कहा कक पछतावे से उने कजयदगी कमिेगी, कोयकक उनोयने अपने प्ु की बुराई नही य की, न ही परमेशर के सेवकोय को धोखा कदया: बल् अपने फायदे की चाहत मे िोगोय को धोखा कदया, उने पाकपयोय की इचाओय के अनुसार िे गए; इसकिए वे इस बात के किए दु ख उठाएय गे। 186 कफर ्ी उनके पास पछतावे के किए अ्ी ्ी िगह है , कोयकक उनोयने प्ु के लखिाफ कोई बुरी बात नही य कही है । 187 ¶ तीसरे पहाड के िोग, किसमे काय टे और झाकडयाय रीय, वे िोग है िो ईमान िाए, िेककन उनमे से कुछ अमीर रे, और कुछ बहत सारे कामोय मे िगे हए रे: झाकडयाय उनकी दौित है; और काय टे वे काम है किनमे वे िगे हए रे। 188 अब िो िोग बहत सारे कामोय और अिग-अिग तरह के कामोय मे उिझे रहते है , वे खुद को परमेशर के सेवकोय के सार नही य िोडते, बल् ्टकते रहते है, और उनी य कामोय मे उिझे रहते है किनमे वे फयसे रहते है । 189 और इसकिए िो अमीर है, वे मुल्ि से खुद को परमेशर के सेवकोय की बातचीत मे शाकमि करते है ; इस यर से कक कही य उनसे कुछ न माय गा िाए। इसकिए वे शायद ही परमेशर के राज मे पवेश कर पाएय गे। 190 कोयकक िैसे िोग नयगे पैर काय टोय पर मुल्ि से चिते है, वैसे ही ऐसे िोग परमेशर के राज मे मुल्ि से ही पवेश कर पाएय गे। 191 कफर ्ी, इन स्ी को पछतावा करने के किए वापस िौटना होगा; अगर वे िली से उस पर िौट आएय ; ताकक कोयकक उनोयने अपने पहिे के कदनोय मे काम करना नजरअयदाज ककया रा, इसकिए आने वािे समय मे वे कुछ अचा कर सके। 192 इसकिए अगर वे पछतावा करके नेकी के काम करे गे, तो वे कजयदा रहे गे; िेककन अगर वे अपने बुरे काम करते रहे गे, तो उने उन औरतोय के हवािे कर कदया िाएगा िो उनकी िान िे िेगी। 193 चौरे पहाड के कवषय मे, किसमे बहत से साग-पात रे, किनका ऊपरी ्ाग तो हरा रा, पर िडे स्खी रीय, और कुछ स्य् की गम् से छ् िाने से स्ख गई रीय; 194 यह उन िोगोय को कदखाता है किने शक है, किनोयने कवशास ककया है, और कुछ द् सरे िोग िो अपनी जबान मे प्ु को मानते है, िेककन उनके कदि मे वह नही य है: इसकिए उनकी घास स्खी है , और कबना िड के है ; कोयकक वे कसफ् बातोय मे िीते है , िेककन उनके काम मरे हए है । 195 इसकिए ये न तो मरे हए है और न ही कजयदा, और सार ही शक वािे ्ी है । कोयकक शक वािे न तो हरे है और न ही स्खे; यानी न मरे हए है और न कजयदा। 196 कोयकक िैसे स्रि को दे खते ही िडी-ब्कटयाँ स्ख िाती है , वैसे ही शक करने वािे िोग िैसे ही जुल की बात सुनते है और मुल्िोय से यरते है, अपने बुतोय की तरफ िौट िाते है , और कफर से उनकी इबादत करने िगते है , और अपने रब का नाम िेने मे शकममदा होते है । 197 तो इस तरह के आदमी न तो मरे है और न ही कजयदा; कफर ्ी ये ्ी कजयदा हो सकते है , अगर वे तुरयत पछतावा करे ; िेककन अगर नही य, तो उने उन औरतोय को सौयप कदया िाएगा, िो उनकी िान िे िेगी। 198 ¶ पाय चवे पहाड के बारे मे िो ऊबड-खाबड है , पर उस पर हरी घास है : ऐसे िोग है िो कवशास करते है , और सच मे वफादार
है , पर कवशास करना मुल्ि है ; और कहमतवािे और घमययी है ; किनके बारे मे सोचा िाता है कक वे सब कुछ िानते है , पर असि मे कुछ नही य िानते। 199 इसकिए, इस ्रोसे की विह से, उनमे जान नही य रहा; और उनमे िलबाजी मे अयदाजा िग गया है । 200 िेककन वे खुद को ऊयचा और समझदार आदमी समझते है ; और ्िे ही वे म्ख् होय, कफर ्ी टीचर िगते है । 201 अब इस बेवक्फी की विह से उनमे से कई िोग, खुद को बडा कदखाते हए, घमययी और खोखिे बन िाते है । कोयकक कहमत और घमयय बहत बुरी आता है । 202 इसकिए इनमे से बहत से िोग छोड कदए गए; िेककन द् सरोय ने अपनी गिती मानकर, पछतावा ककया, और खुद को उन िोगोय के हवािे कर कदया िो िानते है । 203 और इस तरह के बाकी स्ी िोगोय को पछतावा करने की इिाजत है ; कोयकक वे उतने बुरे नही य रे कितने बेवक्फ रे, या किनमे समझ नही य री। 204 इसकिए अगर ये िोग मन कफराएय गे, तो वे परमेशर के किए िीकवत रहे गे; िेककन अगर नही,य तो वे उन औरतोय के सार रहे गे, िो उन पर अपनी बुराई करे गी। 205 ¶ कोयकक छठे पहाड मे बडी और छोटी दरारे है , वे िोग है किनोयने कवशास ककया है; िेककन किनमे छोटी दरारे रीय, वे वे है किनके आपस मे झगडे हए है ; और अपने झगडोय की विह से कवशास मे ढीिे पड गए है । 206 कफर ्ी इनमे से बहतोय ने पछतावा ककया है , और बाकी ्ी िब मेरी आजाएँ सुनेगे तो ऐसा ही करे गे; कोयकक उनके झगडे बहत छोटे है , और वे आसानी से पछतावा करने िगेगे। 207 िेककन किनमे जादा दरारे होयगी, वे सख पतरोय की तरह होयगे, उने मन मे एक-द् सरे से नफरत और गिकतयाँ होयगी, और वे आपस मे गुसे से ्रे रहे गे। इसकिए उने मीनार से बाहर कनकाि कदया िाता है, और उने उसकी इमारत मे रखने से मना कर कदया िाता है ; कोयकक इस तरह के िोग मुल्ि से ही कजयदा रह पाते है । 208 हमारा परमेशर और प्ु, िो सब चीजोय पर राि करता है , और अपने स्ी िीवोय पर अकधकार रखता है , हमारे गुनाहोय को याद नही य रखेगा, बल् िो िोग अपने गुनाह मान िेते है, उनसे आसानी से खुश हो िाता है: िेककन इय सान सुस, मरने वािा, कमजोर और गुनाहोय से ्रा होने के कारण, इय सान पर अपना गुसा बनाए रखता है ; मानो उसे बचाना या खत करना उसके बस मे हो। 209 िेककन मै, िो तुमारे पछतावे पर तैनात एक फररिा हँ , तुमे सिाह दे ता हँ कक तुममे से िो कोई ्ी ऐसा इरादा रखता है , उसे उसे छोड दे ना चाकहए, और पछतावे की ओर िौटना चाकहए; और अगर तुम इस बुरी आता से खुद को शुद करोगे, तो प्ु तुमारे कपछिे पापोय को ठीक कर दे गा; िेककन अगर तुम ऐसा नही य करोगे, तो तुम मौत के किए उसके हवािे कर कदए िाओगे। 210 सातवे पहाड की बात करे तो उस पर घास हरी-्री और फि-फ्ि रही री, और प्रा पहाड अचा रा; और हर तरह के िानवर उसकी घास खाते रे, और कितनी जादा घास खाई िाती री, उतनी ही जादा वह फिती-फ्िती री। 211 वे ऐसे िोग रे िो कवशास करते रे, और हमेशा अचे और सीधे रे; और आपस मे कोई फक् नही य रा, बल् इन कुयवाररयोय की तरह परमेशर के सेवकोय मे खुश रहते रे; और हमेशा सब पर
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
दया करने के किए आगे रहते रे, और कबना याय ट-फटकार और कबना सोचे-समझे सब िोगोय को उनकी मेहनत का कहसा दे ते रे। 212 इसकिए प्ु ने उनकी सादगी और मास्कमयत दे खकर, उनके हारोय के कामोय मे उने बढाया, और उनके स्ी कामोय मे उने कृपा दी। 213 िेककन मै, िो तुमारे पछतावे पर कनयु् ककया गया सग्द्त हँ, तुमे समझाता हँ कक िो िोग इस तरह के है , वे इसी मकसद मे िगे रहे , ताकक तुमारा वयश हमेशा के किए खत न हो िाए। 214 कोयकक प्ु ने तुमे परखा है , और तुमे हमारे नाम मे किखा है; और तुमारा सारा वयश परमेशर के पुत के सार रहे गा; कोयकक तुम सब उसकी आता हो। 215 आठवे पहाड के बारे मे, किसमे बहत सारे झरने रे, किनसे परमेशर के स्ी िीवोय को पानी कमिता रा; वे ऐसे िोग है किनोयने उन पेररतोय पर कवशास ककया है किने प्ु ने सारी दु कनया मे पचार करने के किए ्ेिा रा; 216 और उनमे से कुछ टीचर होने के नाते उनोयने प्री ईमानदारी से उपदे श कदया और कसखाया, और ककसी ्ी बुरी इचा के आगे जरा ्ी नही य झुके, बल् हमेशा नेकी और सचाई पर चिते रहे । 217 इसकिए ये िोग फररिोय के बीच अपनी बातचीत करते है । 218 कफर, नौवे पहाड के बारे मे िो सुनसान है और साँ पोय से ्रा है, वे ऐसे िोग है किनोयने कवशास तो ककया, िेककन उन पर बहत दाग रे। 219 ये ऐसे मयती है िो अपनी सेवा गित तरीके से करते है ; कवधवाओय और अनारोय का सामान ि्ट िेते है ; और िो चीजे उने कमिी है, उनसे द् सरोय की नही,य बल् अपनी ही सेवा करते है । 220 अगर ये िोग इसी िािच मे रहते है, तो उनोयने खुद को मौत के हवािे कर कदया है , और उनके किए कजयदगी की कोई उमीद नही य होगी। िेककन अगर वे बदि िाएय , और अपनी सेवा ईमानदारी से करे , तो वे िी सकते है । 221 िो िोग बदतमीज पाए गए, वे ऐसे है किनोयने प्ु के नाम को नकार कदया है, और प्ु के पास वापस नही य िौटे , बल् वे ियगिी और ियगिी हो गए है; वे परमेशर के सेवकोय के सार नही य रहते; बल् उनसे अिग होकर, रोडी सी िापरवाही के कारण अपनी िान गँवा बैठे है । 222 कोयकक िैसे एक बेि िो बाड मे छोड दी िाती है , और किसकी क्ी दे ख्ाि नही य की िाती, वह मर िाती है और ियगिी पौधोय से दब िाती है, और समय के सार ियगिी हो िाती है, और अपने माकिक के किए काम की नही य रहती; वैसे ही इस तरह के िोग खुद से कनराश होकर, और खटे होकर, अपने माकिक के किए बेकार हो िाते है । 223 कफर ्ी, इने पछतावा करने की इिाजत है , अगर ये अपने कदि से मसीह को नकारते हए न पाए िाएय ; िेककन अगर इनमे से कोई ्ी अपने कदि से मसीह को नकारता हआ पाया िाए, तो मै नही य कह सकता कक ऐसा इय सान कजयदगी पा सकता है या नही।य 224 इसकिए मै कहता हँ कक अगर ककसी ने इनकार ककया है , तो उसे इन कदनोय मे पशाताप के किए िौटना चाकहए; कोयकक ऐसा नही य हो सकता कक िो कोई अब प्ु को असीकार करता है, वह बाद मे मुल् पा सके: कफर ्ी, िो पहिे इनकार कर चुके है , उनके किए पशाताप का पसाव है ।
225 िेककन िो कोई पछतावा करना चाहता है , उसे इस मीनार के बनने से पहिे िली पछतावा करना होगा: नही य तो वे औरते उसे मौत के घाट उतार दे गी। 226 िेककन िो िोग अपाकहि है वे धोखेबाज है ; और िो िोग एक द् सरे से कमिते-िुिते है , ये वही साँ प है किने तुमने उस पहाड पर कमिते-िुिते दे खा रा। 227 कोयकक िैसे साँ पोय का जहर इय सानोय के किए िानिेवा होता है; वैसे ही ऐसे िोगोय की बाते इय सानोय को बीमार करती है और उने खत कर दे ती है । इसकिए, किस तरह की कजयदगी वे िीते है , उसकी विह से वे अपने कवशास मे कमजोर हो िाते है । 228 िेककन उनमे से कुछ ने पछतावा करके बचा किया है , और उसी तरह के द् सरे िोग ्ी बच िाएँ गे, अगर वे पछतावा करे गे; िेककन अगर नही,य तो वे उन औरतोय के हारोय मारे िाएँ गे किनकी ताकत और बि उनके पास है । 229 ¶ दसवे पहाड के बारे मे, िहाँ पेड रे िो िानवरोय को ढँ कते रे, ऐसे िोगोय ने कवशास ककया है , और उनमे से कुछ कबशप, यानी चच् के गवन्र ्ी बन गए है । 230 द् सरे , ऐसे पतर है किनोयने कदखावा नही य ककया, बल् खुश मन से परमेशर के सेवकोय का मनोरय िन ककया। 231 कफर िो िोग छोटी-छोटी सेवाओय के अकधकारी रहे है , और किनोयने गरीबोय और कवधवाओय की रका की है , और हमेशा पकवत ववहार बनाए रखा है , इसकिए वे ्ी प्ु दारा सुरककत है । 232 िो कोई ऐसा करे गा, वह प्ु के सामने इजत पाएगा; और अगर वह आलखर तक प्ु की बात मानता रहे गा, तो उसका ्ान फररिोय मे होगा। 233 ¶ गारहवे पहाड के बारे मे, किसमे कई तरह के फिोय से िदे पेड रे, वे ऐसे िोग है किनोयने कवशास ककया और प्ु के नाम के किए मौत ्ी सही; और तैयार मन से धीरि धरकर, और प्रे कदि से अपनी िान दे दी। 234 और मैने कहा, तो कफर सर, ये सारे फि तो है , कफर ्ी कुछ द् सरे से जादा अचे कोय है ? 235 उसने कहा, सुनो: िो कोई ्ी प्ु के नाम के किए दु ख उठाता है , प्ु उसे इजजतदार समझता है ; और उनके सारे गुनाह कमटा कदए िाते है , कोयकक उनोयने परमेशर के बेटे के नाम के किए मौत सही है । 236 अब सुनो, उनके फि अिग-अिग कोय है , और उनमे से कुछ द् सरोय से बेहतर कोय है , वे िो मकिस् े ट के सामने िाए िाने पर, और प्छे िाने पर ्ी, प्ु को मना नही य करते, बल् तैयार मन से सहते है ; ये प्ु के किए जादा समाननीय है । इसकिए िो फि सबसे अचे है , वे ये है । 237 िेककन िो िोग यरे हए और शक मे रे, और किनोयने आपस मे सोचा कक उने मसीह को मानना चाकहए या मना करना चाकहए, और कफर ्ी दु ख उठाया, उनके फि कम है , कोयकक यह बात उनके कदि मे आई। 238 कोयकक यह एक बुरा और बुरी सोच है कक एक नौकर सोचे कक का वह अपने माकिक को मना कर दे । इसकिए तुम िो ऐसे कवचार रखते हो, सावधान रहो, कक यह मन तुमारे अयदर न रहे , और तुम परमेशर के किए मर िाओ। 239 िेककन तुम िो उसके नाम के किए मौत सहते हो, तुमे प्ु का आदर करना चाकहए, कोयकक उसने तुमे अपना नाम रखने के िायक समझा है; और ताकक तुम अपने स्ी पापोय से छु टकारा पा सको।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
240 तो कफर तुम खुद को खुश कोय नही य समझते ? का तुम सच मे सोचते हो कक अगर तुम मे से कोई दु ख उठाता है, तो वह कोई बडा काम करता है ? कोयकक प्ु तुमे िीवन दे ता है, और तुम इसे समझते नही य हो। कोयकक तुमारे गुनाहोय ने तुमे सताया है ; और अगर तुमने उसके नाम के किए दु ख नही य उठाया होता, तो तुम अब प्ु के किए मर चुके होते, 241 इसकिए मै तुमसे यह कहता हँ िो सोच रहे है कक उसे मान िो या मना कर दो; मान िो कक तुमारा परमेशर यहोवा है; कही य ऐसा न हो कक तुम उसे मना करके ककसी ्ी समय बयधन मे न पड िाओ। 242 कोयकक स्ी दे श अपने उन सेवकोय को सजा दे ते है िो अपने माकिकोय से इनकार करते है ; तो तुम का सोचते हो कक प्ु तुमारे सार का करे गा, किसके पास सब कुछ करने की शल् है? 243 इसकिए अपने कदिोय से ये शक कनकाि दो, ताकक तुम हमेशा परमेशर के किए िी सको। 244 बारहवे पहाड के बारे मे, िो सफेद रा, वे ऐसे है किनोयने सचे बचोय की तरह कवशास ककया, किनके कवचारोय मे क्ी कोई बुराई नही य आई, न ही उनोयने क्ी िाना कक पाप का है , बल् वे हमेशा अपनी ईमानदारी पर बने रहे । 245 इसकिए इस तरह के िोग कबना ककसी शक के परमेशर के राज के वाररस होयगे; कोयकक उनोयने क्ी ्ी ककसी ्ी चीज मे परमेशर की आजाओय को खराब नही य ककया, बल् अपनी कजयदगी के स्ी कदनोय मे ईमानदारी से उसी हाित मे रहे । 246 इसकिए उसने कहा, िो कोई ्ी कबना ककसी बुराई के बचोय की तरह रहे गा, वह उन सबसे जादा इजतदार होगा किनके बारे मे मैने अ्ी तक बात की है : कोयकक ऐसे स्ी बचोय को प्ु इजत दे ता है , और सबसे पहिे माना िाता है । 247 इसकिए तुम खुश हो िो अपने अयदर से सारी बुराई कनकाि दे गे और मास्कमयत को अपना िेगे; कोयकक तुम पहिे प्ु को दे खोगे। 248 और िब उसने स्ी पहाडोय के बारे मे अपनी बात खत कर िी, तो मैने उससे कहा, सर, अब मुझे उन पतरोय के बारे मे ्ी बताओ िो मैदान से िाए गए रे, और उन पतरोय की िगह पर टावर मे रखे गए रे किने ररिेक कर कदया गया रा: 249 और उन गोि पतरोय के बारे मे ्ी िो मीनार बनाने मे िोडे गए रे: और उन पतरोय के बारे मे ्ी िो अब ्ी गोि बने हए रे। 250 ¶ अब वह कहता है, उन पतरोय के बारे मे सुनो किने मैदान से कनकािकर मीनार बनाने के किए रखा गया रा, और किने ठु करा कदया गया रा, उनकी िगह पर रखा गया रा; वे उस सफेद पहाड की िडे है । 251 इसकिए, कोयकक उस पहाड के िोग िो कवशास करते रे, वे बहत ्ोिे रे; इस मीनार के माकिक ने हु कदया कक िो िोग इस पहाड की िडोय से रे, उने इस इमारत मे रखा िाए। 252 कोयकक वह िानता रा कक अगर उने इस कबललय ग मे रखा गया तो वे हमेशा चमकते रहे गे; और उनमे से कोई ्ी कफर क्ी कािा नही य होगा। 253 िेककन अगर उसने बाकी पहाडोय से इस तरह िोडा होता, तो उसे िग्ग कफर से टावर पर िाकर उसे साफ करने की ज़रत पडती। 254 अब ये स्ी सफेद पतर वे िवान िोग है किनोयने कवशास ककया है , या कवशास करे गे; कोयकक वे स्ी एक ही तरह के है । यह ककस खुशककसत है , कोयकक यह मास्म है ।
255 अब उन गोि और चमकीिे पतरोय के बारे मे ्ी सुनो: ये सब इसी सफेद पहाड के है । िेककन वे गोि पाए िाते है, कोयकक उनकी दौित ने उने सचाई से रोडा द् र कर कदया है और उनकी आँ खोय को चौयकधया कदया है : 256 कफर ्ी वे क्ी प्ु से द् र नही य हए, न ही उनके मुयह से कोई बुरी बात कनकिी; बल् सब तरह की नेकी, अचाई और सचाई ही रही। 257 इसकिए िब प्ु ने उनके मन को दे खा, और यह कक वे सचाई को सिाएय , तो उसने आजा दी कक वे अचाई करते रहे , और उनका धन कम कर कदया िाए: 258 कोयकक वह नही य चाहता रा कक वे प्री तरह से छीन किए िाएय , ताकक िो कुछ बचा है उससे वे कुछ अचा कर सके और परमेशर के किए िी सके; कोयकक वे ्ी अची ककस के है । 259 इसकिए उनमे से कुछ कहसा काट कदया गया, और इसकिए उने इस टावर के कनमा् ण मे िगाया गया। 260 बाकी िो अ्ी ्ी गोि रे, और इस मीनार को बनाने के िायक नही य पाए गए, कोयकक उने अ्ी तक मुहर नही य कमिी री; उने उनकी िगह पर वापस िे िाया गया, कोयकक वे बहत गोि पाए गए रे। 261 िेककन यह मौि्दा दु कनया और उनकी दौित की बेकार चीजे उनसे द् र हो िानी चाकहए; और तब वे परमेशर के राज के िायक बनेगे। कोयकक उने परमेशर के राज मे ज़र दालखि होना है , कोयकक परमेशर ने इस मास्म िाकत को आशीवा् द कदया है । 262 इसकिए इस तरह के िोगोय मे से कोई ्ी ्टकेगा नही;य कोयकक अगर उनमे से कोई शैतान के बहकावे मे आकर गिती ्ी कर िे, तो वह िल ही अपने प्ु परमेशर के पास िौट आएगा। 263 मै, िो पशाताप का द् त हँ , तुम सब को खुश मानता हँ, िो छोटे बचोय की तरह मास्म हो, कोयकक प्ु के पास तुमारा कहसा अचा और समाननीय है । 264 और मै तुम सब से कहता हँ किने यह मुहर कमिी है ; सादगी बनाए रखो, और िो गुनाह तुमारे लखिाफ हए है, उने याद मत करो, और न ही गुनाहोय को याद करके मन मे नाराजगी या कडवाहट रखो। 265 िेककन एक आता बनो, और इन बुरी दरारोय का इिाि ढ् य ढो, और उने अपने से द् र करो; ताकक ्ेडोय का माकिक इससे खुश हो; कोयकक वह खुश होगा, अगर वह सबको ठीक पाएगा। 266 िेककन अगर इन ्ेडोय मे से कोई ्ी कततर-कबतर पाई िाए, तो चरवाहोय पर हाय! िेककन अगर चरवाहे खुद कततर-कबतर हो िाएय , तो वे ्ेडशािा के माकिक को का िवाब दे गे? का वे कहे गे कक ्ेडोय ने उने परे शान ककया? िेककन उन पर यकीन नही य ककया िाएगा। 267 कोयकक यह तो है रानी की बात है कक चरवाहा अपने झुयय के कारण दु ख उठाए; और उसे अपने झ्ठ के किए और ्ी जादा सजा कमिेगी। 268 अब मै चरवाहा हँ; और मुझे खास तौर पर तुमारा कहसाब दे ना होगा। 269 ¶ इसकिए िब तक टावर बन रहा है , अपना याि रखना। प्ु उन िोगोय मे रहता है िो शाय कत पसयद करते है ; कोयकक शाय कत पारी है ; िेककन वह झगडाि् और दे ष से ्रे िोगोय से द् र रहता है ।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
270 इसकिए उसे आता प्री िौटा दो, िैसी तुमने िी री। कोयकक अगर तुम ककसी धोबी को नया और प्रा कपडा दोगे, तो तुम उमीद करोगे कक वह तुमे प्रा वापस कमिेगा; इसकिए अगर धोबी उसे फटा हआ तुमे िौटा दे , तो का तुम उसे िे िोगे? 271 का तुम अ्ी गुसा नही य होगे; और उसे याय टते हए नही य कहोगे, मैने अपना कपडा तुमे प्रा कदया रा; तुमने इसे कोय फाडा, और मेरे किए बेकार कर कदया? अब यह मेरे ककसी काम का नही य है , कोयकक तुमने इसे फाड कदया है । का तुम यह सब एक धोबी से नही य कहोगे, कोयकक उसने तुमारे कपडे को फाड कदया है ? 272 इसकिए अगर तुम अपने कपडे के किए परे शान हो, और कशकायत करो कक तुमे वह प्रा नही य कमिा; तो तुम का सोचते हो कक प्ु का करे गे, किनोयने तुमे अपनी आता प्री दी, और तुमने उसे प्री तरह बेकार कर कदया, ताकक वह अपने प्ु के ककसी काम का न रहे ? कोयकक तुमारे दारा भ् होने के कारण, वह अब उनके किए फायदे मयद नही य रहा। 273 तो का प्ु तुमारे काम की विह से अपनी आता के बारे मे ्ी ऐसा ही नही य करे गा? मैने कहा, बेशक, वह उन स्ी के सार ऐसा ही करे गा किने वह बुराइयोय की याद मे पडा हआ पाएगा। 274 इसकिए उसने कहा, उसकी दया को पैरोय तिे मत रौयदो; बल् उसका आदर करो, कोयकक वह तुमारे अपराधोय के मामिे मे बहत सब रखता है , और तुम मे से ककसी एक िैसा नही य है ; बल् पछताओ, कोयकक यह तुमारे किए फायदे मयद होगा। 275 ये सारी बाते िो ऊपर किखी है , मुझ चरवाहे, िो पशाताप का सग्द्त है , ने परमेशर के सेवकोय को कदखाई और बताई है । 276 इसकिए अगर तुम इन बातोय पर कवशास करोगे और इने सुनोगे, और इनके अनुसार चिोगे, और अपने रासे सही करोगे, तो तुम कजयदा रहोगे। िेककन अगर तुम बुराई करते रहोगे, और नुकसान की याद करते रहोगे, तो ऐसे कोई ्ी पापी परमेशर के किए कजयदा नही य रहे गे। 277 ये सारी बाते िो मुझे कहनी रीय, मैने तुमे बता दी है । तब चरवाहे ने मुझसे कहा, का तुमने मुझसे सब कुछ प्छा है? मैने िवाब कदया, सर, मैने प्छा है । 278 तो कफर, उसने कहा, तुमने कबललय ग मे िगाए गए इन पतरोय की िगह के बारे मे कोय नही य प्छा, ताकक मै तुमे वह ्ी समझा सक्ँ? मैने िवाब कदया, सर, मै ््ि गया रा। तो कफर, उसने कहा, इनके बारे मे ्ी सुनो। 279 ये वे िोग है किनोयने अब ये आजाएँ सुनी है, और प्रे कदि से पशाताप ककया है ; 280 और िब प्ु ने दे खा कक उनका पछतावा अचा और पकवत है, और वे उसमे बने रह सकते है , तो उनोयने उनके कपछिे पापोय को कमटाने का आदे श कदया। कोयकक ये िगहे उनके पाप रे, और इसकिए उने समति बनाया गया ताकक वे कदखाई न दे । समानता 10 1 िब मैने यह ककताब किखी, तो किस सग्द्त ने मुझे उस चरवाहे को सौयपा रा, वह उस घर मे आया िहाँ मै रा और कबसर पर बैठ गया, और वह चरवाहा उसके दाकहने हार खडा हो गया। 2 तब उसने मुझे बुिाया और कहा, मैने तुझे और तेरे घर को इस चरवाहे को सौयप कदया है, ताकक वह तेरी रका करे । मैने कहा, हाय , प्ु।
3 इसकिए उसने कहा, अगर तुम हर तरह की परे शाकनयोय और हर बेरहमी से बचे रहना चाहते हो, और हर अचे काम और बात मे कामयाब होना चाहते हो; और हर तरह का नेक काम और अचाई चाहते हो, तो िो हु उसने तुमे कदए है , उन पर चिो, और तुम हर पाप पर काब् पाओगे। 4 कोयकक अगर तुम इन आजाओय का पािन करोगे, तो इस दु कनया की सारी वासना और सुख तुमारे अधीन हो िाएय गे; और हर अचे काम मे सफिता तुमारे सार होगी। 5 इसकिए उसकी गय्ीरता और कवनमता को अपने पकत अपनाओ, और सबसे कहो, कक वह परमेशर के बीच बहत समान और नाम वािा है , और अपने पद पर बहत अकधकार वािा और शल्शािी रािकुमार है । 6 प्री दु कनया मे कसफ् उसी को पछतावे की ताकत सौयपी गई है । का वह तुमे बडा अकधकार वािा नही य िगता? 7 िेककन तुम उसकी अचाई और उस नरमी को तुच समझते हो िो वह तुमारे पकत कदखाता है । 8 मैने उससे कहा, “हे प्ु , िब से वह मेरे घर आया है, उससे प्छो कक का मैने कोई गित काम ककया है , या ककसी बात मे उसे नाराज ककया है ?” 9 उसने कहा, मै िानता हँ कक तुमने कुछ ्ी गित नही य ककया है , और न ही तुम आगे ऐसा कुछ करोगे; और इसकिए मै तुमसे ये बाते कह रहा हँ ताकक तुम यटे रहो; कोयकक उसने मुझे तुमारे बारे मे अची िानकारी दी है । 10 िेककन तुम ये बाते द् सरोय से कहो, ताकक किनोयने या तो पछतावा ककया है , या िो पछतावा करे गे, वे तुमारे िैसा सोच रखे; और वह मुझे ्ी उनका उतना ही अचा कहसाब दे , और मै ्ी प्ु के सार वैसा ही क़ ँ । 11 मैने िवाब कदया; सर, मै स्ी िोगोय को परमेशर के अदू ्ुत कामोय के बारे मे बताता हँ ; और मुझे उमीद है कक िो िोग उनसे पार करते है और किनोयने पहिे पाप ककया है, िब वे ये बाते सुनेगे, तो वे पछताएँ गे और िीवन पाएँ गे। 12 इसकिए उसने कहा, इस सेवा मे िगे रहो और इसे प्रा करो। और िो कोई इस चरवाहे की आजाओय के अनुसार काम करे गा, वह िीकवत रहे गा; और उसे यहाँ और प्ु के बीच बडा समान कमिेगा। 13 िेककन िो िोग उसकी आजाओय को नही य मानते, वे अपनी िान से ्ाग िाते है , और उसके दु शन बन िाते है । और िो िोग उसकी आजाओय को नही य मानते, वे खुद को मौत के हवािे कर दे गे, और हर कोई अपने ही ख्न का दोषी होगा। 14 िेककन मै तुमसे कहता हय, इन आजाओय का पािन करो, और तुम अपने स्ी पापोय का इिाि पाओगे। 15 इसके अिावा, मैने इन कुयवाररयोय को तुमारे सार रहने के किए ्ेिा है ; कोयकक मैने दे खा है कक वे तुमारे पकत बहत दयािु है । इसकिए तुम उने अपनी मदद के किए रखोगे, ताकक तुम उन आजाओय का बेहतर पािन कर सको िो उसने तुमे दी है ; कोयकक इन आजाओय का पािन इन कुयवाररयोय के कबना नही य ककया िा सकता। 16 और मै दे खता हँ कक वे तुमारे सार रहने को तैयार है; और मै उने यह ्ी हु द् ँ गा कक वे सब तुमारे घर से न िाएँ । 17 बस तुम अपने घर को पकवत करो, कोयकक वे साफ घर मे खुशी-खुशी रहे गे। कोयकक वे साफ-सुररे , पकवत और मेहनती है ; और उन स्ी पर प्ु की कृपा है ।
हरमास के चरवाहे की तीसरी ककताब - समानताएँ
18 इसकिए, अगर तुमारा घर साफ-सुररा रहे गा, तो वे तुमारे सार रहे गी। िेककन अगर वह रोडा ्ी गयदा न हो, तो वे तुरयत तुमारे घर से चिी िाएय गी: कोयकक ये कुँवाररयाँ ककसी ्ी तरह की गयदगी बदा् ि नही य कर सकती।य 19 मैने उससे कहा; सर, मुझे उमीद है कक मै उने इतना खुश कर द् य गा कक वे हमेशा मेरे घर मे रहना पसयद करे गे। और िैसे वह किसे आपने मुझे सौयपा है, मेरे बारे मे कोई कशकायत नही य करता; वैसे ही वे ्ी कशकायत नही य करे गे। 20 तब उसने उस चरवाहे से कहा: मै दे खता हँ कक परमेशर का सेवक िीकवत रहे गा और इन आजाओय का पािन करे गा, और इन कुयवाररयोय को शुद कनवास मे रखेगा। 21 यह कहकर उसने मुझे कफर उस चरवाहे के हवािे कर कदया, और कुयवाररयोय को बुिाकर उनसे कहा; कोयकक मै दे खता हँ कक तुम इस आदमी के घर मे आसानी से रह सकती हो, इसकिए मै उसे और उसके घर को तुमारे हवािे करता हँ , ताकक तुम उसके घर से क्ी मत िाना। और उनोयने खुशी-खुशी ये बाते सुनी।य 22 तब उसने मुझसे कहा, अपनी सेवा मे कहमत से िगे रहो; स्ी िोगोय को परमेशर की बडी बाते बताओ, और तुमे इस सेवा मे कृपा कमिेगी। 23 और िो कोई इन आजाओय पर चिेगा, वह िीकवत रहे गा और अपने िीवन मे खुश रहे गा। िेककन िो उने नजरअयदाज करे गा, वह िीकवत नही य रहे गा और अपने िीवन मे दु खी रहे गा। 24 सबसे कहो कक िो कोई अचा काम कर सकता है , वह अचे कामोय मे िगे रहना न छोडे , कोयकक यह उनके किए फायदे मयद है । कोयकक मै चाहता हँ कक स्ी िोगोय को उन परे शाकनयोय से छु टकारा कमिे किनमे वे रहते है । 25 कोयकक िो इय सान ज़रतमयद है और अपनी रोजमरा् की कजयदगी मे परे शाकनयाँ झेिता है , वह बहत तकिीफ और ज़रत मे रहता है । इसकिए िो कोई ऐसी आता को ज़रत से बचाता है, उसे बहत खुशी कमिती है । 26 कोयकक िो ऐसी परे शाकनयोय से दु खी होता है , वह ्ी उतना ही परे शान होता है , िैसे जयिीरोय मे िकडा हो। और कई िोग ऐसी मुसीबतोय की विह से, उने सह नही य पाते, इसकिए खुद को खत करने का फैसिा कर िेते है । 27 इसकिए िो कोई ऐसे आदमी की मुसीबत को िानता है , और उसे उससे नही य बचाता, वह बहत बडा पाप करता है, और अपने ख्न का दोषी है । 28 इसकिए, कितने िोगोय को प्ु से काकबकियत कमिी है, तुम अचे कामोय मे िगे रहो; कही य ऐसा न हो कक िब तुम उने करने मे दे र करोगे, तो मीनार का बनना प्रा हो िाए; कोयकक तुमारे किए ही बनाना रोका गया है । 29 इसकिए अगर तुम िली से काम प्रा नही य करोगे, तो टावर बनकर तैयार हो िाएगा, और तुम उससे बाहर रहोगे। 30 और मुझसे यह बात कहने के बाद, वह कबसर से उठा और चरवाहे और कुँवाररयोय को अपने सार िेकर चिा गया। 31 कफर ्ी उसने मुझसे कहा कक वह चरवाहे और कुँवाररयोय को मेरे घर वापस ्ेि दे गा। आमीन।