निकोडे मस का सुसमाचार, निसे पहले पोोंनियस नपलाि के कायय कहा िाता था अध्याय 1 1 हन्ना और कैफा, और सुमास, और दाताम, गमलीएल, यहूदा, लेवी, नेप्तलीम, ससकन्दर, कुस्रू, और अन्य यहूदी यीशु के सवषय में सिलातुस के िास गए, और उस िर बहुत से बुरे अिराध ों का द ष लगाया। 2 और कहा, हम क सनश्चय है, सक यीशु बढ़ई यूसुफ का, और मररयम से उत्पन्न भूसम का िुत्र है, और वह अिने आि क िरमेश्वर का िुत्र, और राजा घ सषत करता है ; और केवल इतना ही नहीों, बल्कि सब्त के सदन और हमारे िूववज ों के सनयम ों क भोंग करने का प्रयास करता है। 3 िीलातुस ने उत्तर सदया; वह क्या है सजसकी वह घ षणा करता है? और वह क्या है सजसे वह सवघसित करने का प्रयास करता है? 4 यहूसदय ों ने उस से कहा, हमारे िास एक व्यवस्था है, ज सवश्राम के सदन चोंगाई करने से मना करती है; िरन्तु वह उस सदन लोंगड ,ों और बहर ,ों अयावत् झ ले के मारे हुओों, अन् ,ों क सढ़य ,ों और दु ष्टात्माओों क भी दु ष्टता से चोंगा करता है। 5 िीलातुस ने उत्तर सदया, वह दु ष्ट चाल से ऐसा क्य क ों र कर सकता है? उन् न ों े उत्तर सदया, वह त जादू गर है, और दु ष्टात्माओों के सरदार की सहायता से दु ष्टात्माओों क सनकालता है; और इस प्रकार सभी चीजें उसके अधीन ह जाती हैं। 6 तब सिलातुस ने कहा, दु ष्टात्माओों क सनकालना अशुद्ध आत्मा का काम नहीों, िर िरमेश्वर की शल्कि से ह ता हुआ जान िडता है। 7 यहूसदय ों ने िीलातुस क उत्तर सदया, हम तुझ से सबनती करते हैं, सक तू उसे अिने न्याय के साम्हने बुलवा ले, और आि ही उसकी सुन ले। 8 तब िीलातुस ने एक दू त क बुलाकर उस से कहा, मसीह सकस उिाय से यहाों लाया जाएगा? 9 तब दू त सनकला, और मसीह क जानकर उस की आराधना की; और उस ने अिने हाथ में का किडा भूसम िर सबछाकर कहा, हे प्रभु, इस िर चल, और भीतर जा, क्य सों क हासकम तुझे बुलाता है। 10 जब यहूसदय ों ने जान सलया, सक उस दू त ने यह काम सकया है, त उन् न ों े िीलातुस से सचल्लाकर कहा, तू ने उसे दू त के द्वारा नहीों, वरन मनके के द्वारा क्य ों बुलाया? दू त ने जब उसे दे खा, और उसे दण्डवत सकया, और अिना वस्त्र अिने हाथ में लेकर उसके साम्हने भूसम िर फैलाया, और उस से कहा, हे प्रभु, राज्यिाल तुझे बुलाता है। 11 तब िीलातुस ने दू त क बुलाकर कहा, तू ने ऐसा क्य ों सकया है? 12 दू त ने उत्तर सदया, सक जब तू ने मुझे यरूशलेम से ससकन्दर के िास भेजा, तब मैं ने यीशु क गदही िर दु ष्ट रूि में बैठे दे खा, और इब्री ल ग िेड ों की डासलयाों हाथ में सलए हुए सचल्लाकर, ह सन्नाह कहते थे। 13 और ों ने मागव में अिने वस्त्र सबछाए, और कहा, हे स्वगव के हे तू हमारा उद्धार कर; धन्य है वह ज प्रभु के नाम िर आता है। 14 तब यहूसदय ों ने उस दू त के सवरूद्ध सचल्लाकर कहा, इब्री ल ग इब्रानी भाषा में जयजयकार करते हैं; और तू ज यूनानी है, इब्रानी कैसे समझ सका? 15 दू त ने उन क उत्तर सदया, मैं ने यहूसदय म ों ें से एक से िूछा, यह क्या है ज लडके इब्रानी भाषा में सचल्ला सचल्लाकर कहते हैं? 16 और उस ने मुझे यह समझाकर कहा, सक वे ह सन्नाह सचल्लाते हैं, और इसका मतलब यह है, सक हे प्रभु, मुझे बचा; या, हे भगवान, बचाओ। 17 िीलातुस ने उन से कहा, तुम आि ही ज बातें बालक क ों े द्वारा ब ली जाती हैं, अयावत चुि रहने से क्य ों गवाही दे ते ह ? दू त ने क्या भूल की है? और वे चुि थे. 18 तब हासकम ने दू त से कहा, जाकर उसे सकसी भी प्रकार से भीतर लाने का यत्न कर । 19 िरन्तु दू त ने सनकलकर िसहले के समान ही सकया; और कहा, हे प्रभु, भीतर आ, क्य सों क हासकम तुझे बुलाता है। 20 और जब यीशु ध्वज उठानेवाले झोंड क ों े िास से भीतर जा रहा या, त उन में से सरदार न ों े झुककर यीशु क दण्डवत सकया। 21 इस िर यहूदी ध्वज क ों े सवरूद्ध और भी असधक सचल्लाने लगे। 22 िरन्तु िीलातुस ने यहूसदय स ों े कहा, मैं जानता हूों, सक तुम्हें यह अच्छा नहीों लगता, सक झण क ों ी च सिय न ों े आि ही झुककर यीशु क दण्डवत सकया; िरन्तु तुम झोंड क ों े सवरूद्ध क्य ों सचल्लाते ह मान उन् न ों े दण्डवत करके दण्डवत सकया ह? 23 उन् न ों े सिलातुस क उत्तर सदया, हम ने त िहरुओोंक झुकते और यीशु क दण्डवत करते दे खा है। 24 तब हासकम ने झोंड क ों बुलवाकर उन से कहा, तुम ने ऐसा क्य ों सकया?
25 और िहरुओोंने िीलातुस से कहा, हम सब मूसतविूजक हैं, और मल्कन्दर म ों ें दे वताओों की उिासना करते हैं; और हमें उसकी िूजा के सवषय में सकस प्रकार स चना चासहए? हम ने त केवल अिने हाथ में ध्वजाएों रखीों, और उन् न ों े ससर झुकाकर उसकी आराधना की। 26 तब िीलातुस ने आराधनालय के हासकम ों से कहा, तुम आि ही कुछ बलवन्त िुरूष चुन ल , और उन्ें झण्डे थामने द , और हम दे खेंगे सक वे आि आि झुकेंगे या नहीों। 27 तब यहूसदय क ों े िुरसनय न ों े बडे बलवन्त और वीर बूढ़ म ों ें से बारह क ढू ों ढ़ सलया, और उनक झण्डे िकडाए, और वे हासकम के साम्हने खडे सकए गए। 28 तब िीलातुस ने दू त से कहा, यीशु क बाहर ले जाओ, और सकसी उिाय से सफर भीतर ले आओ। और यीशु और दू त सभागृह से बाहर चले गए। 29 और िीलातुस ने उन झोंड क ों ज िसहले से झोंड क ों उठाए हुए थे, बुलवाया, और उन से यह शिय खाई, सक यसद यीशु िसहले भीतर प्रवेश करते समय झण्ड क ों इसी रीसत से न उठाए रहे, त वह उनका ससर काि डालेगा। 30 तब हासकम ने यीशु क सफर भीतर आने की आज्ञा दी। 31 और दू त ने िसहले के समान ही सकया, और यीशु से बहुत सबनती की, सक वह अिना वस्त्र िसहने, और उस िर चले, और वह उस िर चलकर भीतर गया। 32 और जब यीशु भीतर गया, त िसहले की नाईों झण्डे झुककर उसे दण्डवत करने लगे। अध्याय दो 1 जब िीलातुस ने यह दे खा, त वह डर गया, और अिनी जगह से उठने ही लगा। 2 िरन्तु जब वह उठने की स च रहा था, त उसकी ित्नी ने ज दू र खडी थी, उसके िास कहला भेजा, तू उस धमी मनुष्य से काम न लेना; क्य सों क आज रात क दशवन में मैं ने उसके सवषय में बहुत दु ख उठाया है। 3 यह सुनकर यहूसदय ों ने सिलातुस से कहा, क्या हम ने तुम से न कहा या, सक वह ज्य सतषी है? दे ख, उस ने तेरी ित्नी क स्वप्न सदखाया है। 4 िीलातुस ने यीशु क बुलाकर कहा, क्या तू सुनता है, सक वे तेरे सवर ध में क्या गवाही दे ते हैं, और कुछ उत्तर नहीों दे ते? 5 यीशु ने उत्तर सदया, यसद उन में ब लने की शल्कि न ह ती त वे ब ल नहीों सकते थे; िरन्तु क्य सों क हर एक क भला और बुरा द न ों ब लने की अिनी ही जीभ की आज्ञा है , इससलये वह ध्यान से दे खे। 6 िरन्तु यहूसदय क ों े िुरसनय न ों े उत्तर सदया, और यीशु से कहा, हम क्या ध्यान करें ? 7 िसहले त हम तेरे सवषय में यह जानते हैं, सक तू व्यसभचार से उत्पन्न हुई; दू सरी बात, सक तेरे जन्म के समय ही बेतलेहेम में सशशु मारे गए थे; तीसरा, सक तेरे सिता और माता मररयम समस्र भाग गए, क्य सों क वे अिके ल ग ि ों र भर सा न कर सके। 8 और ज यहूदी िास खडे थे, उन में से कुछ ने असधक अनुकूलता से कहा, हम नहीों कह सकते, सक वह व्यसभचार से उत्पन्न हुआ है; िरन्तु हम जानते हैं, सक उसकी माता मररयम की मोंगनी यूसुफ से हुई थी, इससलये वह व्यसभचार से उत्पन्न नहीों हुआ। 9 तब िीलातुस ने उन यहूसदय स ों े ज उसके व्यसभचार से उत्पन्न ह ने की िुसष्ट करते थे, कहा, तुम्हारा यह वृत्तान्त सच्चा नहीों है, क्य सों क तुम्हारी ही जासत के ल ग इस बात की गवाही दे ते हैं, सक सगाई हुई थी। 10 हन्ना और कैफा ने िीलातुस से कहा, इस सब मण्डली क ध्यान से दे खना चासहए, ज सचल्लाते हैं, सक यह व्यसभचार से उत्पन्न हुआ, और जादू गर है; िरन्तु ज उसे व्यसभचार से उत्पन्न ह ने से इन्कार करते हैं, वही उसके अनुयायी और चेले हैं। 11 सिलातुस ने हन्ना और कैफा क उत्तर सदया, मत धारण करनेवाले कौन हैं? उन् न ों े उत्तर सदया, वे त बुतिरस् ों की सन्तान हैं, और यहूदी नहीों, िरन्तु उसके अनुयायी हैं। 12 तब एलीआजर, और अस्ररयुस, और अन्त सनयुस, और याकूब, कैरस और शमूएल, इसहाक और िीनीस, सिस्पुस और असिप्पा, हन्ना और यहूदा ने उत्तर सदया, हम मत में आए हुए नहीों, िरन्तु यहूसदय ों की सन्तान हैं, और सच ब लते हैं, और मररयम के समय भी उिल्कस्थत थे सगाई ह गयी थी. 13 तब िीलातुस ने उन बारह िुरूष क ों ी ओर ज यह बातें कहते थे, अिके आि से कहा, मैं तुम्हें कैसर के प्राण की शिथ ल्कखलाता हूों , सक तुम सवश्वास से कह , सक वह व्यसभचार से उत्पन्न हुआ या नहीों, और ज बातें तुम ने बताई हैं वे सच सच ह ।ों 14 उन् न ों े िीलातुस क उत्तर सदया, हमारे िास एक व्यवस्था है, सजसके अनुसार हम शिथ खाना िाि से मना करते हैं: वे कैसर के प्राण की शिथ खाएों , सक जैसा हम ने कहा था वैसा नहीों है, और हम मार डालने से ही प्रसन्न ह ग ों े। 15 तब हन्ना और कैफा ने िीलातुस से कहा, वे बारह िुरूष प्रतीसत न करें गे, सक हम जानते हैं, सक वह जन्म से ही नीच, और जादू गर है, तौभी वह अिने क िरमेश्वर का िुत्र, और राजा ठहराता है; जैसा हम अब तक करते आए हैं सवश्वास करने से, सक हम सुनकर काोंि उठते हैं। 16 तब सिलातुस ने उन बारह िुरूष क ों छ ड ज यह कहते थे, सक मैं व्यसभचार से उत्पन्न नहीों हुआ, सब क बाहर जाने की आज्ञा दी, और यीशु दू र हि गया, और उन से कहा, यहूदी यीशु क मार डालने का मन क्य ों कर रहे हैं?
17 उन् न ों े उस क उत्तर सदया, सक उस ने सब्त के सदन चोंगा सकया, इस कारण वे ि सधत हैं। िीलातुस ने कहा, क्या वे उसे अच्छे काम के कारण मार डालेंगे? उन् न ों े उस से कहा, हाों, श्रीमान। अध्याय 3 1 तब िीलातुस ि ध से भर गया, और सभा से बाहर सनकलकर यहूसदय ों से कहने लगा, मैं सारे जगत क गवाही दे ता हूों, सक मैं उस मनुष्य में कुछ द ष नहीों िाता। 2 यहूसदय ों ने िीलातुस क उत्तर सदया, यसद वह दु ष्ट न ह ता, त हम उसे तेरे साम्हने न लाते। 3 िीलातुस ने उन से कहा, क्या तुम उसे िकड कर अिनी व्यवस्था के अनुसार िरखते ह ? 4 तब यहूसदय न ों े कहा, हमें सकसी क मार डालना उसचत नहीों। 5 सिलातुस ने यहूसदय स ों े कहा, यह आज्ञा त तुम क ही है, िरन्तु मेरी नहीों, इससलये तुम हत्या न करना। 6 और वह सफर भवन में गया, और यीशु क अिने िास बुलाकर उस से कहा, क्या तू यहूसदय ों का राजा है? 7 यीशु ने िीलातुस क उत्तर सदया, क्या तू यह बात अिनी ही ओर से कहता है, या यहूसदय न ों े मेरे सवषय में तुझ से यह कहा? 8 िीलातुस ने उत्तर दे कर यीशु से कहा, क्या मैं यहूदी हूों? यहूसदय ों की सारी जासत और हासकम ों ने तुझे मेरे हाथ सौोंि सदया है। तुमने क्या सकया है? 9 यीशु ने उत्तर सदया, मेरा राज्य इस जगत का नहीों; यसद मेरा राज्य इस जगत का ह ता, त मेरे दास लडते, और मैं यहूसदय क ों े हाथ सौोंिा न जाता; िरन्तु अब मेरा राज्य वहाों से नहीों है। 10 िीलातुस ने कहा, त क्या तू राजा है? यीशु ने उत्तर सदया, तू कहता है, सक मैं राजा हूों; इसी सलये मैं उत्पन्न हुआ, और इसी सलये जगत में आया हूों; और मैं इसी सलये आया हूों, सक सत्य िर गवाही दू ों ; और ज क ई सत्य है, वह मेरा शब्द सुनता है। 11 िीलातुस ने उस से कहा, सत्य क्या है? 12 यीशु ने कहा, सत्य स्वगव से है। 13 िीलातुस ने कहा, इससलये सत्य िृय्वी िर नहीों है। 14 यीशु ने िीलातुस से कहा, सवश्वास कर, सक सत्य िृथ्वी िर उन ल ग ों में है, ज सनणवय करने की शल्कि िाकर सत्य से सोंचासलत ह ते हैं, और ठीक न्याय करते हैं। अध्याय 4 1 तब िीलातुस यीशु क आों गन में छ ड कर बाहर यहूसदय ों के िास गया, और कहा, मैं यीशु में सकसी का द ष नहीों िाता। 2 यहूसदय ों ने उस से कहा, उस ने कहा, मैं िरमेश्वर का मल्कन्दर नाश कर सकता हूों, और तीन सदन में उसे सफर बना सकता हूों। 3 िीलातुस ने उन से कहा, वह सजस मल्कन्दर की चचाव करता है वह कैसा मल्कन्दर है? 4 यहूसदय ों ने उस से कहा, सजस क सुलैमान ने सछयालीस वषव में बनाया या, उस ने कहा, सक वह नाश करे गा, और तीन सदन में उसे बना दे गा। 5 िीलातुस ने उन से सफर कहा, मैं उस मनुष्य के खून से सनदोष हूों; क्या तुम इस िर गौर करते ह ? 6 यहूसदय ों ने उस से कहा, उसका खून हम िर और हमारी सन्तान िर िडे । तब िीलातुस ने िुरसनय ों और शाल्कस्त्रय ,ों याजक ों और लेसवय क ों इकट्ठे करके एकान्त में उन से कहा, ऐसा काम न कर ; तेरे बीमार ों क चोंगा करने, और मृत्युदोंड के य ग्य सवश्रामसदन का उल्लोंघन करने के सवषय में मुझे तेरे आर ि में कुछ भी नहीों समला। 7 याजक ों और लेसवय न ों े िीलातुस क उत्तर सदया, कैसर के प्राण की शिथ, यसद क ई सनन्दा करनेवाला ह त वह प्राणदण्ड के य ग्य है ; िरन्तु इस मनुष्य ने यह वा की सनन्दा की है। 8 तब हासकम ने यहूसदय क ों सफर आज्ञा दी, सक भवन से सनकल जाएों ; और यीशु क बुलाकर उस से कहा, मैं तेरे साथ क्या करू ों ? 9 यीशु ने उस क उत्तर सदया, जैसा सलखा है वैसा ही कर। 10 िीलातुस ने उस से कहा, यह कैसे सलखा है? 11 यीशु ने उस से कहा, मूसा और भसवष्यद्विाओों ने मेरे दु :ख और िुनरुत्थान के सवषय में भसवष्यद्वाणी की है। 12 यह सुनकर यहूदी ि सधत हुए, और िीलातुस से कहने लगे, तू उस मनुष्य की सनन्दा अब क्य ों सुनेगा? 13 िीलातुस ने उन से कहा, यसद ये बातें तुम्हें सनन्दा की लगें, त उसे िकड कर अिने दरबार में लाओ, और अिनी व्यवस्था के अनुसार उस िर सवचार कर । 14 यहूसदय ों ने िीलातुस क उत्तर सदया, हमारी व्यवस्था त यही कहती है, सक उसे नौ तीस क डे खाने िडें गे; िरन्तु यसद इस रीसत से वह यह वा की सनन्दा करे , त वह िथराव सकया जाए। 15 िीलातुस ने उन से कहा, यसद उसकी वह बात सनन्दा की है, त तुम अिनी व्यवस्था के अनुसार उस की िरीक्षा कर ।
16 यहूसदय ों ने िीलातुस से कहा, हमारी व्यवस्था हमें आज्ञा दे ती है, सक हम सकसी क मार न डालें; हम चाहते हैं, सक वह िूस िर चढ़ाया जाए, क्य सों क वह िूस की मृत्यु के य ग्य है। 17 िीलातुस ने उन से कहा, यह उसचत नहीों सक उसे िूस िर चढ़ाया जाए; उसे क डे मार कर सनकाल सदया जाए। 18 िरन्तु जब हासकम ने उिल्कस्थत ल ग औ ों र यहूसदय ि ों र दृसष्ट की, त बहुतेरे यहूसदय क ों र ते दे खा, और यहूसदय क ों े प्रधान याजक स ों े कहा, सब ल ग उसका मरना नहीों चाहते। 19 यहूसदय क ों े िुरसनय न ों े िीलातुस क उत्तर सदया, हम और सब ल ग इससलये यहाों आए हैं, सक वह मार डाला जाए। 20 िीलातुस ने उन से कहा, वह क्य म ों रे गा? 21 उन् न ों े उस से कहा, क्य सों क वह अिने आि क िरमेश्वर का िुत्र और राजा बताता है। अध्याय 5 1 िरन्तु नीकुदे मुस नाम एक यहूदी ने हासकम के साम्हने खडा ह कर कहा, हे धमी न्यायी, मैं तुझ से सबनती करता हूों, सक तू मुझे थ डी सी बातें ब लने की इजाजत दे । 2 िीलातुस ने उस से कहा, ब ल; 3 नीकुदे मुस ने कहा, मैं ने यहूसदय क ों े िुरसनय औ ों र शाल्क्त्रय ् औ ों र याजक औ ों र लेसवय औ ों र उनकी सभा में यहूसदय क ों ी सारी मण्डली से बातें कीों; तुम इस आदमी के साथ क्या कर गे? 4 वह ऐसा मनुष्य है सजस ने बहुत से उिय गी और मसहमामय आश्चयवकमव सकए, जैसे िृय्वी िर सकसी मनुष्य ने न िहले कभी सकए, और न कभी करे गा। उसे जाने द , और उसकी क ई हासन न कर ; यसद वह िरमेश्वर की ओर से आता है, त उसके चमत्कार, (उसके चमत्कारी इलाज) जारी रहेंगे; िरन्तु यसद मनुष्य ों की ओर से ह ,ों त वे नाश ह जाएों गे। 5 इस प्रकार मूसा जब िरमेश्वर के द्वारा समस्र में भेजा गया, तब उस ने समस्र के राजा सफरौन के साम्हने वे चमत्कार सदखाए सजनकी आज्ञा िरमेश्वर ने उसे दी थी; और यद्यसि उस दे श के जादू गर यान्नेस और जम्ब्रेस ने अिने जादू से वही चमत्कार सकए ज मूसा ने सकए थे, तौभी वे वह सब काम नहीों कर सके ज उसने सकया था; 6 और हे शाल्कस्त्रय ,ों और फरीससय ,ों जैसा तुम जानते ह , सक जादू गर ों ने ज चमत्कार सकए, वे िरमेश्वर की ओर से नहीों थे; िरन्तु उनके बनानेवाले और उन िर सवश्वास करनेवाले सब नाश ह गए। 7 और अब इस मनुष्य क जाने दे ; क्य सों क सजन आश्चयवकमों के सलये तुम उस िर द ष लगाते ह , वे िरमेश्वर की ओर से हैं; और वह मृत्यु के य ग्य नहीों है। 8 तब यहूसदय ों ने नीकुदे मुस से कहा, क्या तू उसका चेला बन कर उसके िक्ष में भाषण करता है? 9 नीकुदे मुस ने उन से कहा, क्या हासकम भी उसका चेला ह गया है, और क्या वह उसके सलथे भाषण करता है? क्या सीजर ने उसे उस ऊँचे िद िर नहीों सबठाया? 10 यह सुनकर यहूदी काोंि उठे , और नीकुदे मुस िर दाोंत िीसकर कहने लगे, क्या तू उसका उिदे श सच्चाई से िहण करे गा, और मसीह के साथ अिना भाग िाएगा! 11 नीकुदे मुस ने उत्तर सदया, आमीन; जैसा सक तुम ने कहा है, मैं उसका उिदे श िहण करू ों गा, और उसके साथ अिना भाग भी लूोंगा। 12 तब एक और यहूदी ने उठकर हासकम से इजाजत माोंगी, सक वह कुछ बातें सुन ले। 13 और हासकम ने कहा, ज तेरा मन ह वही कह। 14 और उस ने कहा, मैं अडतीस वषव तक यरूशलेम के भेड-बकररय ों के तालाब के िास िडा रहा, और बडी बीमारी में िडा रहा, और उस स्वगवदूत के आने से चोंगा ह ने की बाि ज हता रहा, ज एक समय िर जल क िरे शान करता था। ; और ज क ई जल के उिद्रव के बाद िसहले उस में प्रवेश सकया, उसका चाहे ज भी र ग ह , वह चोंगा ह गया। 15 और यीशु ने मुझे वहाों िडे हुए दे खा, और मुझ से कहा, क्या तू चोंगा ह जाएगा? मैं ने उत्तर सदया, हे प्रभु, जब जल बढ़ जाए, त मेरे िास क ई नहीों, ज मुझे कुण्ड में उतार सके। 16 और उस ने मुझ से कहा, उठ, अिना सबछौना उठा, और चल सफर। और मैं तुरन्त स्वस्थ ह गया, और अिना सबस्र उठाकर चलने लगा। 17 तब यहूसदय ों ने सिलातुस से कहा, हे हमारे प्रभु हासकम, उस से िूछ, वह कौन सा सदन था सजस सदन वह अिनी बीमारी से चोंगा हुआ था। 18 उस दु बवल मनुष्य ने उत्तर सदया, वह त सवश्रामसदन का सदन है। 19 यहूसदय ों ने सिलातुस से कहा, क्या हम ने न कहा, सक वह सवश्रामसदन क चोंगा करता, और दु ष्टात्माओों के सरदार की सहायता से दु ष्टात्माओों क सनकालता है? 20 सफर एक और 7 यहूदी ने सनकलकर कहा, मैं त अन्ा हूों, आवाज त सुनता हूों, िरन्तु कुछ नहीों दे खता; और जब यीशु जा रहा था, त मैं ने भीड क आते हुए सुना, और िूछा, वहाों क्या है?
21 उन् न ों े मुझे बताया, सक यीशु उधर से जा रहा है: तब मैं ने सचल्लाकर कहा, हे यीशु, दाऊद की सन्तान, मुझ िर दया कर। और उस ने खडे ह कर आज्ञा दी, सक मुझे अिने िास लाओ, और मुझ से कहा, तू क्या चाहता है? 22 मैं ने कहा, हे प्रभु, सक मुझे दृसष्ट समले। 23 उस ने मुझ से कहा, दे ख, और मैं तुरन्त दे खकर आनन्द करता और धन्यवाद करता हुआ उसके िीछे ह सलया। 24 सफर एक और यहूदी ने भी सनकलकर कहा, मैं क ढ़ी था, और उस ने यह कहकर, सक मैं चाहता हूों, तू शुद्ध ह जा, मुझे चोंगा सकया; और अब मैं अिने कुष्ठ र ग से शुद्ध ह गया हूों। 25 और एक और यहूदी ने सनकलकर कहा, मैं िे ढ़ा था, और उस ने अिने वचन से मुझे सीधा कर सदया। 26 और वेर सनका नाम एक स्त्री ने कहा, मैं बारह वषव तक ल हू की बीमारी से िीसडत रही, और मैं ने उसके वस्त्र के आों चल क छु आ, और तुरन्त मेरा ल हू सनकलना बन्द ह गया। 27 तब यहूसदय न ों े कहा, हमारे िास व्यवस्या है, सक स्त्री क गवाही दे ने न सदया जाए। 28 और और बात क ों े बाद एक और यहूदी ने कहा, मैं ने गलील के काना में यीशु क अिने चेल क ों े साय ब्याह में बुलाते दे खा, और उनक दाखमधु की घिी हुई; 29 और जब दाखमधु सब िी गया, तब उस ने सेवक क ों आज्ञा दी, सक छ: घडे थे ज वहाों थे, जल से भर द ; और उन् न ों े उन्ें िूरा भर सदया, और उस ने उनक आशीवावद सदया, और जल क दाखमधु में बदल सदया, और सब ल ग भी जल से भर गए। इस चमत्कार िर आश्चयवचसकत ह कर सिया। 30 और एक और यहूदी ने खडे ह कर कहा, मैं ने यीशु क कफरनहूम के आराधनालय में उिदे श करते दे खा है; और आराधनालय में एक मनुष्य था सजस में शैतान था; और उस ने सचल्लाकर कहा, मुझे अकेला छ ड दे ; नाजरे थ के यीशु, हमें तुमसे क्या लेना-दे ना? क्या तुम हमें नष्ट करने आये ह ? मैं जानता हूों सक तू िरमेश्वर का िसवत्र जन है। 31 और यीशु ने उसे डाोंिकर कहा, हे अशुद्ध आत्मा, चुि रह, और उस मनुष्य में से सनकल जा; और तुरन्त वह उसमें से सनकल आया, और उसे कुछ हासन न हुई। 32 एक फरीसी ने सनम्नसलल्कखत बातें भी कहीों; मैं ने दे खा, सक गलील और यहूसदया से, और समुद्र के ति से, और यरदन के आस िास के बहुत से दे श ों से एक बडी ि ली यीशु के िास आई, और बहुत से र गी उसके िास आए, और उस ने उन सब क चोंगा सकया। 33 और मैं ने अशुद्ध आत्माओोंक सचल्लाकर यह कहते सुना, सक तू िरमेश्वर का िुत्र है। और यीशु ने उन्ें सख्ती से सचताया, सक वे मुझे प्रगि न करें । 34 इसके बाद एक और मनुष्य ने, सजसका नाम सेंचुररय था, कहा, मैं ने यीशु क कफरनहूम में दे खा, और उस से सबनती करके कहा, हे प्रभु, मेरा दास झ ले के र ग से घर िर िडा है। 35 और यीशु ने मुझ से कहा, मैं आकर उसे चोंगा करू ों गा। 36 िरन्तु मैं ने कहा, हे प्रभु, मैं इस य ग्य नहीों सक तू मेरी छत के तले आए; िरन्तु केवल वचन कह , और मेरा दास चोंगा ह जाएगा। 37 तब यीशु ने मुझ से कहा, जा; और जैसा तू ने सवश्वास सकया है, वैसा ही तेरे सलये भी सकया जाए। और मेरा दास उसी घडी चोंगा ह गया। 38 तब एक रईस ने कहा, कफ़रनहूम में मेरा एक बेिा था, ज मरने िर था; और जब मैं ने सुना, सक यीशु गलील में आया है, त मैं ने जाकर उस से सबनती की, सक वह मेरे घर आए, और मेरे बेिे क चोंगा कर दे , क्य सों क वह मरने िर था। 39 उस ने मुझ से कहा, जा, तेरा िुत्र जीसवत है। 40 और मेरा िुत्र उसी घडी चोंगा ह गया। 41 इनके अलावा और भी बहुत से यहूदी िुरूष, क्या ल्कस्त्रयाों, सचल्लाकर कहने लगे, वह सचमुच िरमेश्वर का िुत्र है, ज अिने वचन से सब र ग ों क दू र करता है, और दु ष्टात्माएों भी उसी के आधीन हैं। 42 उन में से सकतन ों ने आगे कहा, यह सामर्थ्व िरमेश्वर के ससवा सकसी और की ओर से नहीों आ सकती। 43 िीलातुस ने यहूसदय स ों े कहा, दु ष्टात्माएों तुम्हारे वैद्य क ों े वश में क्य ों नहीों रहते? 44 उन में से सकतन ों ने कहा, दु ष्टात्माओों क वश में करने की शल्कि िरमेश्वर से समल नहीों सकती। 45 िरन्तु और न ों े िीलातुस से कहा, सक उस ने चार सदन तक कब्र में रहने के बाद लाजर क मरे हुओों में से सजला सदया। 46 हासकम ने यह सुनकर काोंिते हुए यहूसदय ों की भीड से कहा, सनदोष का खून बहाने से तुम्हें क्या लाभ ह गा? अध्याय 6 1 तब िीलातुस ने नीकुदे मुस क और उन िन्द्रह िुरूष ों क , ज कहते थे, सक यीशु व्यसभचार से उत्पन्न नहीों हुआ, इकट्ठे करके उन से कहा, यह दे खकर सक ल ग ों में क लाहल मच गया है, मैं क्या करू ों । 2 उन् न ों े उस से कहा, हम नहीों जानते; उन्ें दे खने द सक होंगामा कौन मचाता है।
3 तब िीलातुस ने भीड क सफर बुलाकर उन से कहा, तुम जानते ह , सक तुम्हारी रीसत है, सक मैं फसह के िर्ब्व में तुम्हारे सलये एक बन्दी क छ ड दे ता हूों; 4 मेरे िास एक प्रससद्ध कैदी और हत्यारा है, ज बरअर्ब्ा कहलाता है, और यीशु भी है, ज मसीह कहलाता है, और सजस में मैं मृत्यु के य ग्य कुछ भी नहीों िाता; स उनमें से तुम्हारे िास कौन सा मन है, सजसे मैं तुम्हारे सलये छ ड दू ों ? 5 वे सब सचल्ला सचल्लाकर कहते हैं, बरअर्ब्ा क हमारे सलये छ ड दे । 6 िीलातुस ने उन से कहा, त सफर मैं यीशु से ज मसीह कहलाता है, क्या करू ों ? 7 उन सबने उत्तर सदया, वह िूस िर चढ़ाया जाए। 8 सफर उन् न ों े सचल्लाकर िीलातुस से कहा, यसद तू इस क छ ड दे , त क्या तू कैसर का समत्र नहीों? क्य सों क उस ने घ सषत सकया है सक वह िरमेश्वर का िुत्र और राजा है। लेसकन क्या आि चाहते हैं सक वह राजा ह , न सक सीजर? 9 तब िीलातुस ने ि ध से भर कर उन से कहा, तुम्हारी जासत त सदा ही बलवा करती आई है, और तुम सदा अिने सेवक ों के ही सवरूद्ध रहते ह ? 10 यहूसदय ों ने उत्तर सदया, ज ल ग हमारी सेवा में आए वे कौन हैं? 11 िीलातुस ने उनक उत्तर सदया, सक तेरा िरमेश्वर ज तुम क समसस्रय क ों े कसठन दासत्व से छु डाकर लाल समुद्र क मान सूखी भूसम के समान िार ले गया, और जोंगल में तुम्हें मन्ना और बिे र ों का माोंस ल्कखलाता, और जल लाता चट्टान में से, और तुम्हें स्वगव से एक व्यवस्था दी: 12 तुम ने उसे सब प्रकार से ि ध सदलाया, और अिने सलये एक बछडा ढालकर चाहा, और उसक दण्डवत सकया, और उसके सलये बसलदान सकया, और कहा, हे इस्राएल, ज तुझे समस्र दे श से सनकाल ले आया, वही तेरे िरमेश्वर हैं 13 इस कारण तेरे िरमेश्वर ने तुझे नाश करना चाहा है; िरन्तु मूसा ने तुम्हारे सलये सबनती की, और तुम्हारे िरमेश्वर ने उसकी सुनी, और तुम्हारा अधमव क्षमा सकया। 14 इसके बाद तुम ि सधत ह गए, और अिने भसवष्यद्विा मूसा और हारून क जब वे तम्बू की ओर भाग गए, तब घात कर डालते, और तुम िरमेश्वर और उसके भसवष्यद्विाओों िर सदै व कुडकुडाते रहते थे। 15 और वह न्याय आसन िर से उठकर बाहर चला जाता; िरन्तु सब यहूदी सचल्ला उठे , हम यीशु क नहीों, िरन्तु कैसर क राजा मानते हैं। 16 और यह मनुष्य उत्पन्न ह ते ही बुल्कद्धमान ल ग आकर उसे भेंि दे ने लगे; सजसे हेर दे स ने सुना त बहुत घबराया, और उसे मार डालना चाहा। 17 जब उसके सिता क यह मालूम हुआ, त वह उसे और उसकी माता मररयम क लेकर समस्र भाग गया। हेर दे स ने जब सुना सक वह िैदा हुआ है, त उसे मार डाला; और तदनुसार बेतलेहेम और उसके सब ति ों िर सजतने बालक थे, द वषव और उससे कम आयु के सब बालक ों क भेजकर मार डाला। 18 जब िीलातुस ने यह वृत्तान्त सुना, त वह डर गया; और उस ने भीड क ज श र मचा रहे थे चुि करा सदया, और यीशु से कहा, क्या तू राजा है? 19 सब यहूसदय न ों े िीलातुस क उत्तर सदया, यह वही िुरूष है, सजसे हेर दे स घात करना चाहता या। 20 तब िीलातुस ने जल लेकर ल ग ों के साम्हने हाथ ध ए, और कहा, मैं इस धमी मनुष्य के खून से सनदोष हूों; तुम इस िर गौर कर . 21 यहूसदय ों ने उत्तर सदया, उसका खून हम िर और हमारी सन्तान िर िडे । 22 तब िीलातुस ने यीशु क अिने साम्हने लाने की आज्ञा दी, और उस से ये बातें कहीों। 23 तेरी सनज जासत ने तुझ िर द ष लगाया है, सक तू अिने आि क राजा बनाता है; इससलये मैं, िीलातुस, तुझे िसहले हासकम ों की रीसत के अनुसार क डे मारने की आज्ञा दे ता हूों; और तू िसहले बान्ा जाएगा, सफर उसी स्यान िर िूस िर लिकाया जाएगा जहाों तू अब बन्ुया है; और तेरे साथ द अिराधी भी हैं, सजनके नाम सदमास और गेस्टस हैं। अध्याय 7 1 तब यीशु द न ों च र ों समेत मोंडि से बाहर चला गया। 2 और जब वे उस स्यान िर ज गुलगुता कहलाता है िहुोंचे, त उसके वस्त्र उतारकर उसे सनी के किडे से लिेिा, और उसके ससर िर काोंि ों का मुकुि रखा, और उसके हाथ में एक सरकण्डा सदया। 3 और उन् न ों े उन द न ों डाकुओों के साथ भी वैसा ही सकया, ज उसके साथ िूस िर चढ़ाए गए थे, अथावत सदमास उसकी दासहनी ओर, और गेस्टास उसकी बाईों ओर। 4 िरन्तु यीशु ने कहा, हे मेरे सिता, इन्ें क्षमा कर; क्य सों क वे नहीों जानते सक वे क्या करते हैं। 5 और उन् न ों े उसके वस्त्र बाोंि सलये, और उसके वस्त्र िर सचट्ठी डाली। 6 इतने में ल ग खडे रहे, और प्रधान याजक ों और यहूसदय क ों े िुरसनय ों ने यह कहकर उसका उिहास सकया, सक उस ने और क ों बचाया, यसद वह अिने आि क बचा सके त अब अिने आि क बचाए; यसद वह िरमेश्वर का िुत्र है, त अब िूस िर से उतर आए। 7 ससिासहय ों ने भी उसका ठट्ठा सकया, और ससरका और सित्त लेकर उसे सिलाया, और उस से कहा, यसद तू यहूसदय ों का राजा है, त अिने आि क बचा ले।
8 तब ल सों गनुस नामक एक ससिाही ने भाला लेकर उसकी िोंजर में छे दा, और तुरन्त ल हू और िानी सनकला। 9 और िीलातुस ने िूस िर इब्रानी, लातीनी, और यूनानी अक्षर ों में शीषवक सलख सदया, अथावत। यह यहूसदय ों का राजा है. 10 िरन्तु उन द न ों डाकुओों में से ज यीशु के साथ िूस िर चढ़ाए गए थे, गेस्टास नाम एक ने यीशु से कहा, यसद तू मसीह है, त अिने आि क और हमें बचा ले। 11 िरन्तु उस च र ने ज दसहनी ओर िूस िर चढ़ाया गया या, और उसका नाम सदमास था, उस क डाोंिकर कहा, क्या तू िरमेश्वर से नहीों डरता, ज इस दण्ड का द षी है? हम वास्व में अिने कायों का उसचत और न्यायसोंगत िाि प्राप्त करते हैं; िरन्तु इस यीशु ने क्या बुरा काम सकया है? 12 इस के बाद उस ने कराहते हुए यीशु से कहा, हे प्रभु, जब तू अिने राज्य में आए त मुझे स्मरण करना। 13 यीशु ने उस क उत्तर सदया, मैं तुझ से सच कहता हूों, सक आज ही तू मेरे साथ स्वगव में ह गा। अध्याय 8 1 और यह छठे घोंिे के लगभग था, और नौवें घोंिे तक सारी िृय्वी िर अल्कन्यारा छाया रहा। 2 और जब सूयव िहण हुआ, तब क्या दे खा, सक मल्कन्दर का िरदा ऊिर से नीचे तक फि गया है; और चट्टानें फि गईों, और कब्रें खुल गईों, और बहुत से िसवत्र ल ग ों की ल थें ज स ई हुई थीों, उठ खडी हुईों। 3 और तीसरे घोंिे के सनकि यीशु ने ऊोंचे शब्द से सचल्लाकर कहा, हेली, हेली, लमा जबिनी? सजसका अथव यह है, हे मेरे िरमेश्वर, हे मेरे िरमेश्वर, तू ने मुझे क्य ों छ ड सदया? 4 इन बात ों के बाद यीशु ने कहा, हे सिता, मैं अिनी आत्मा तेरे हाथ में सौोंिता हूों; और यह कहकर उसने भूत क त्याग सदया। 5 िरन्तु जब सूबेदार ने दे खा, सक यीशु ने य ों सचल्लाकर प्राण छ ड सदए, त िरमेश्वर की बडाई करके कहा, सचमुच यह त धमी मनुष्य था। 6 और सजतने ल ग िास खडे थे, वे यह दे खकर बहुत घबरा गए; और ज कुछ बीता था उस िर सवचार करके उनकी छाती िर हाथ मारा, और यरूशलेम नगर क लौि गए। 7 सूबेदार ने हासकम के िास जाकर ज कुछ घसित हुआ था, सब बता सदया; 8 और जब उस ने ये सब बातें सुनीों, त बहुत उदास हुआ; 9 और यहूसदय ों क िास बुलाकर उन से कहा, क्या तुम ने सूयव िहण का चमत्कार, और यीशु के मरने के समय ज कुछ हुआ, उसे दे खा है? 10 यह सुनकर यहूसदय ों ने हासकम क उत्तर सदया, सक सूयव िहण अिनी रीसत के अनुसार हुआ। 11 िरन्तु ज मसीह के िररसचत थे, वे सब दू र खडे रहे , और ज ल्कस्त्रयाों गलील से यीशु के िीछे आई थीों, वे भी दू र खडी ह कर ये सब बातें दे ख रही थीों। 12 और दे ख , यूसुफ नाम अररमसथया का एक मनुष्य, ज यीशु का चेला भी या, िरन्तु यहूसदय ों के डर के मारे हासकम के िास आकर उस से सबनती करने लगा, सक वह उसे ले जाने की आज्ञा दे । िूस से यीशु का शरीर. 13 और हासकम ने उसे छु ट्टी दे दी। 14 और नीकुदे मुस अिने साथ गन्रस और अगर का समला हुआ लगभग सौ मन समला हुआ आया; और उन् न ों े यीशु क आों सुओों के साथ िूस िर से उतार सलया, और यहूसदय ों के गाडने की रीसत के अनुसार उसे सुगन् द्रव्य के साथ किडे में बान् सदया। 15 और उसे एक नई कब्र में रखा, ज यूसुफ ने बनवाई, और ऐसी चट्टान में से किवाई, सजस में कभी सकसी मनुष्य क नहीों रखा गया था; और उन् न ों े कब्र के द्वार िर एक बडा ित्थर लुढ़का सदया। अध्याय 9 1 जब अन्यायी यहूसदय ों ने सुना, सक यूसुफ ने भीख माोंगकर यीशु की ल य क समट्टी दी है, त वे नीकुदे मुस की ख ज में लगे; और वे िन्द्रह मनुष्य सजन् न ों े हासकम के सामने गवाही दी थी, सक यीशु का जन्म व्यसभचार से नहीों हुआ था, और अन्य अच्छे व्यल्कि सजन् न ों े उसके प्रसत क ई अच्छा कायव सदखाया था। 2 िरन्तु जब वे सब यहूसदय ों के डर के मारे सछि गए, त नीकुदे मुस ने अकेले में उन िर प्रगि ह कर कहा, ऐसे ल ग आराधनालय में क्य क ों र प्रवेश कर सकते हैं? 3 यहूसदय ों ने उस क उत्तर सदया, िरन्तु ज मसीह का समत्र या, तू ने आराधनालय में प्रवेश करने का साहस क्य ों सकया? तुम्हारा भाग्य िरल क में उसके साथ रहे। 4 नीकुदे मुस ने उत्तर सदया, आमीन; ऐसा ह सक उसके राज्य में मेरा भाग उसके साथ ह । 5 इसी रीसत से यूसुफ ने भी यहूसदय क ों े िास आकर उन से कहा, तुम िीलातुस के यीशु की ल थ की इच्छा करके मुझ िर क्य ों ि सधत ह ते ह ? दे ख, मैं ने उसे अिनी कब्र में रखा है, और शुद्ध मलमल में लिेिा है, और कब्र के द्वार िर एक ित्थर रख सदया है।
6 मैं ने उसके प्रसत धमव से काम सकया है; िरन्तु तुम ने उस धमी मनुष्य के प्रसत अन्याय सकया है, सक उसे िूस िर चढ़ाया, उसे ससरका सिलाया, उस िर काोंि ों का ताज िहनाया, क ड ों से उसके शरीर क फाड डाला, और उसके खून का द ष तुम िर थ िने की प्राथवना की। 7 यह सुनकर यहूदी घबरा गए, और घबरा गए; और उन् न ों े यूसुफ क िकड सलया, और उसे सवश्रामसदन से िसहले बन्दीगृह में डालने की आज्ञा दी, और सवश्रामसदन के समाप्त ह ने तक वहीों रखा जाए। 8 और उन् न ों े उस से कहा, अोंगीकार कर; क्य सों क इस समय सप्ताह के िसहले सदन तक तुम्हें हासन िहुोंचाना उसचत नहीों। िरन्तु हम जानते हैं, सक तू गाडे जाने के य ग्य न समझा जाएगा; िरन्तु हम तेरा माोंस आकाश के िसक्षय ,ों और िृय्वी के िशुओों क ल्कखला दें गे। 9 यूसुफ ने उत्तर सदया, वह बात घमण्डी ग सलयत की सी है, सजस ने दाऊद के सवरूद्ध ब लकर जीवते िरमेश्वर की सनन्दा की। िरन्तु तुम शास्त्री और वैद्य जानते ह , सक िरमेश्वर भसवष्यद्विा के द्वारा कहता है, िलिा लेना मेरा काम है, और मैं तुम से उस बुराई के बराबर बदला दू ों गा ज तुम ने मुझे दी है। 10 सजस िरमेश्वर क तुम ने िूस िर लिकाया है, वही मुझे तुम्हारे हाथ से बचा सकता है। तुम्हारी सारी दु ष्टता तुम िर लौि आएगी। 11 क्य सों क हासकम ने हाथ ध कर कहा, मैं इस धमी मनुष्य के खून से सनदोष हूों। िरन्तु तुम ने उत्तर सदया, और सचल्लाकर कहा, उसका खून हम िर और हमारी सन्तान िर िडे । जैसा तुमने कहा है, तुम सववदा के सलये नाश ह जाओ। 12 ये बातें सुनकर यहूसदय क ों े िुरसनये अत्यन्त ि सधत हुए; और यूसुफ क िकडकर एक क ठरी में डाल सदया, जहाों ल्कखडकी न थी; उन् न ों े दरवाजा कस सदया, और ताले िर मुहर लगा दी; 13 और हन्ना और कैफा ने उस िर िहरा सबठाया, और याजक औ ों र लेसवय स ों े सम्मसत की, सक सब सवश्राम के सदन इकट्ठे ह ,ों और उन् न ों े यह ठाना, सक यूसुफ क मार डालें। 14 जब उन् न ों े ऐसा सकया, तब हन्ना और कैफा नाम हासकम ों ने यूसुफ क बाहर लाने की आज्ञा दी। अध्याय 10 1 जब सारी मण्डली ने यह सुना, त प्रशोंसा की, और चसकत हुए, क्य सों क उन् न ों े क ठरी के ताले िर वही मुहर िाई, और यूसुफ क न िाया। 2 तब हन्ना और कैफा बाहर चले गए, और जब वे सब यूसुफ के चले जाने िर प्रशोंसा कर रहे थे, त दे ख , यीशु की कब्र के रखवाल ों में से एक ससिाही सभा में ब ल रहा था। 3 सक जब वे यीशु की कब्र की रखवाली कर रहे थे, त भूकम्प हुआ; और हम ने िरमेश्वर के दू त क कब्र का ित्थर लुढ़काते और उस िर बैठते दे खा; 4 और उसका मुख सबजली के समान और उसका वस्त्र सहम के समान था; और हम भय के कारण मरे हुओों के समान ह गए। 5 और हम ने एक स्वगवदूत क यीशु की कब्र के िास ल्कस्त्रय स ों े यह कहते हुए सुना, मत डर ; मैं जानता हूों सक तुम यीशु क ढू ों ढ़ते ह ज िूस िर चढ़ाया गया था; जैसा उसने भसवष्यवाणी की थी, वैसा ही वह जी उठा है। 6 आओ और उस स्यान क दे ख जहाों वह रखा गया था; और अभी जाकर उसके चेल ों से कह , सक वह मरे हुओों में से जी उठा है, और तुम से िसहले गलील क जाएगा; वहाँ तुम उसे वैसा ही दे ख गे जैसा उसने तुम से कहा था। 7 तब यहूसदय ों ने यीशु की कब्र के रखवाले सब ससिासहय क ों इकट्ठे करके िूछा, वे ल्कस्त्रयाों कौन हैं, सजन से स्वगवदूत ने बातें कीों? तुमने उन्ें क्य ों नहीों िकड सलया? 8 ससिासहय ों ने उत्तर सदया, हम नहीों जानते सक वे ल्कस्त्रयाों कौन थीों; और हम भय के मारे मरे हुए मनुष्य बन गए, और हम उन ल्कस्त्रय क ों क्य क ों र िकड सकें? 9 यहूसदय ों ने उन से कहा, यह वा के जीवन की शिय हम तुम िर सवश्वास नहीों करते। 10 ससिासहय न ों े उत्तर दे कर यहूसदय स ों े कहा, जब तुम ने यीशु क इतने आश्चयवकमव करते दे खा और सुना, और उस की प्रतीसत नहीों की, त हमारी क्य क ों र प्रतीसत कर ? तुम ने ठीक कहा, प्रभु के जीवन की शिथ, क्य सों क प्रभु सचमुच जीसवत है। 11 हम ने सुना है, सक तुम ने यूसुफ क सजस ने यीशु की ल य क गाड सदया था, बन्द करके एक क ठरी में बन्द कर सदया, और उस िर ताला लगा सदया; और जब तुम ने उसे ख ला, त उसे वहाों न िाया। 12 त तुम यूसुफ क , सजसे तुम ने क ठरी में िहरे के सलये रख छ डा था, सामने लाओ; और हम यीशु क , सजसकी हम ने कब्र में रखवाली की थी, िेश करें गे। 13 यहूसदय ों ने उत्तर सदया, हम यूसुफ क उत्पन्न करें गे, तुम यीशु क भी उत्पन्न कर गे। लेसकन यूसुफ अिने शहर अररमसथया में है। 14 ससिासहय न ों े उत्तर सदया, यसद यूसुफ अररमसतया में ह ता, और यीशु गलील में ह ता, त हम ने स्वगवदूत क ल्कस्त्रय क ों यह समाचार दे ते सुना। 15 यह सुनकर यहूदी डर गए, और आिस में कहने लगे, यसद सकसी रीसत से ये बातें प्रगि ह जाएों , त सब ल ग यीशु िर सवश्वास करें गे। 16 तब उन् न ों े बहुत सा धन बि रकर ससिासहय क ों सदया, और कहा, तुम ल ग ों से यह नहीों कहते, सक रात क जब तुम स रहे थे, तब यीशु के चेले आए, और यीशु
की ल थ चुरा ले गए; और यसद िीलातुस हासकम क यह बात मालूम ह , त हम उसे सन्तुष्ट करके तुम्हें बचा लेंगे। 17 और जैसा यहूसदय ों ने हमें ससखाया या, वैसा ही ससिासहय न ों े रूिया लेकर कहा; और उनकी खबर सवदे श ों में ल ग ों के बीच फैल गई। 18 िरन्तु एक याजक िीनीस, और आदा नाम एक अध्यािक, और अगुस नाम एक लेवीय, वे तीन ों गलील से यरूशलेम क आए, और प्रधान याजक औ ों र सभाओोंके सब ल ग क ों यह समाचार सदया, 19 हम ने यीशु क , सजसे तुम ने िूस िर चढ़ाया था, अिके ग्यारह चेल क ों े बीच में जैतून िहाड िर बैठ कर, और उन से कहते हुए दे खा। 20 सारे जगत में सनकल , सब जासतय ों में सुसमाचार प्रचार कर , और उन्ें सिता, और िुत्र, और िसवत्र आत्मा के नाम से बिसतस्मा द ; और ज क ई सवश्वास करे गा और बिसतस्मा लेगा, वह उद्धार िाएगा। 21 और जब उस ने अिने चेल ों से ये बातें कहीों, त हम ने उसे स्वगव िर चढ़ते दे खा। 22 जब प्रधान याजक ों और िुरसनय औ ों र लेसवय न ों े ये बातें सुनीों, तब उन तीन स ों े कहा, इस्राएल के िरमेश्वर की स्ुसत कर , और उसके साम्हने अोंगीकार कर , क्या वे बातें सच हैं, ज तुम कहते ह , सक तुम ने दे खी और सुनी हैं . 23 उन् न ों े उत्तर सदया, हमारे सितर ों का िरमेश्वर, इब्राहीम का िरमेश्वर, और इसहाक का िरमेश्वर, और याकूब का िरमेश्वर जीसवत है, जैसा हम ने यीशु क अिने चेल क ों े साथ बातें करते सुना, और जैसा हम ने उसे स्वगव िर चढ़ते दे खा , त हमने आिक सच्चाई बता दी है. 24 और उन तीन ों ने यह कहकर उत्तर सदया, सक ज बातें हम ने यीशु क ब लते सुना, और उसे स्वगव िर चढ़ते दे खा है, यसद वे हम में न रहें, त िाि में द षी ठहरें । 25 तब महायाजक ों ने तुरन्त उठकर, और व्यवस्था की िुस्क हाथ में लेकर, उन िुरूष ों क यह कहकर समझाया, सक ज बातें तुम ने यीशु के सवषय में कही हैं, वे भसवष्य में तुम सफर कभी न कहना। 26 और उन् न ों े उनक बहुत सा धन सदया, और और ों क उनके साय भेज सदया, सक उन्ें अिके दे श में िहुोंचा दें , सक वे यरूशलेम में सकसी रीसत से सिक न सकें। 27 तब सब यहूदी इकट्ठे हुए, और बडी श क की बात कहकर कहने लगे, यरूशलेम में यह कौन सी अन खी बात हुई है? 28 िरन्तु हन्ना और कैफा ने उनक शाल्कन्त दे कर कहा, हम उन ससिासहय ों की प्रतीसत क्य ों करें ज यीशु की कब्र के रखवाले थे, और उन् न ों े हम से कहा, सक एक स्वगवदूत ने कब्र के द्वार िर से ित्थर लुढ़का सदया है? 29 कदासचत उसके चेल ों ने यह बात उन से कही, और उनक रूिया सदया, सक वे ऐसा कहें , और वे आि ही यीशु की ल थ उठा ले गए। 30 और इस िर भी सवचार कर , सक िरदे सशय ों क कुछ श्रेय नहीों, क्य सों क उन् न ों े हम से बहुत धन ले सलया, और ज सशक्षा हम ने उनक दी थी, उसी के अनुसार उन् न ों े हम से कहा। उन्ें या त हमारे प्रसत वफादार ह ना चासहए, या यीशु के सशष्य ों के प्रसत। अध्याय 11 1 तब नीकुदे मुस ने उठकर कहा, हे इस्राएल के बेि ,ों तुम ठीक कहते ह , तुम ने िरमेश्वर की व्यवस्था की शिथ खाकर उन तीन िुरूष ों की बात सुनी है, सजन् न ों े कहा, सक हम ने यीशु क जैतून िहाड िर अिने चेल ों से बातें करते दे खा है; वह स्वगव तक चढ़ रहा है। 2 और धमविोंथ हमें ससखाता है सक धन्य भसवष्यविा एसलय्याह क स्वगव िर उठा सलया गया था; और भसवष्यद्विाओों के चेल न ों े एलीशा से िूछा, हमारा सिता एसलय्याह कहाों है? उस ने उन से कहा, सक वह स्वगव िर उठा सलया गया है। 3 और भसवष्यद्विाओों के चेल ों ने उस से कहा, कदासचत आत्मा उसे इस्राएल के सकसी िहाड में ले गया ह , कदासचत हम उसे वहीों िाएों । और उन् न ों े एलीशा से प्राथवना की, और वह उनके साथ तीन सदन तक घूमता रहा, और उन् न ों े उसे न िाया। 4 और अब हे इस्राएसलय ,ों मेरी सुन , हम इस्राएल के िहाड म ों ें मनुष्य क ों भेजें, ऐसा न ह सक आत्मा यीशु क उठा ले जाए, और हम उसे वहीों िाकर तृप्त ह जाएों । 5 और नीकुदे मुस की युल्कि सारी प्रजा क अच्छी लगी; और उन् न ों े ल ग ों क भेजा ज यीशु क ढू ों ढ़ते थे, िरन्तु उसे न िा सके; और उन् न ों े लौिकर कहा, हम सब जगह घूमे, िरन्तु यीशु क न िा सके, िरन्तु यूसुफ क उसके नगर अररमसथया में िाया है। 6 यह सुनकर हासकम और सारी प्रजा आनल्कन्दत हुई, और इस्राएल के िरमेश्वर की स्ुसत करने लगी, क्य सों क यूसुफ समल गया, सजसे उन् न ों े क ठरी में बन्द कर रखा था, और न िा सका। 7 और जब उन् न ों े बडी मण्डली इकट्ठी की, त महायाजक न ों े िूछा, हम सकस उिाय से यूसुफ क अिने िास लाएों , सक उस से बातें करें ? 8 और उन् न ों े कागज का िु कडा लेकर उस क सलखा, तुझे और तेरे सारे घराने क शाल्कन्त समले। हम जानते हैं सक हमने िरमेश्वर और आिके प्रसत अिराध सकया
है। अिने सिताओों से समलने की कृिा करें , क्य सों क हम आिके जेल से भागने िर िूरी तरह से आश्चयवचसकत थे। 9 हम जानते हैं, सक हम ने तेरे सवरूद्ध द्वे षिूणव युल्कि की है, और यह वा ने तेरी सुसध ली, और यह वा ने ही तुझे हमारी युल्किय स ों े छु डाया। तुम्हें शाोंसत समले, ज सेफ, ज सभी ल ग ों के बीच सम्माननीय है। 10 और उन् न ों े यूसुफ के समत्र ों में से सात क चुनकर उन से कहा, जब तुम यूसुफ के िास आओ, त उसे कुशल से नमस्कार करना, और उसे यह ित्र दे ना। 11 इससलथे जब वे िुरूष यूसुफ के िास आए, तब उसक शाल्कन्त से नमस्कार सकया, और ित्र उसे सदया। 12 और जब यूसुफ ने उसे िढ़ा, तब कहा, धन्य प्रभु यह वा, सजसने मुझे इस्राएसलय ों से बचाया, सक वे मेरा ल हू न बहा सकें। धन्य ह ईश्वर, सजसने अिने िोंख ों के नीचे मेरी रक्षा की है। 13 और यूसुफ ने उनक चूमा, और अिने घर में ले गया। और दू सरे सदन यूसुफ अिके गदहे िर चढ़कर उनके साय यरूशलेम क चला। 14 और जब सब यहूदी ये बातें सुनकर उस से भेंि करने क सनकले, और सचल्लाकर कहने लगे, हे सिता यूसुफ, तेरे आने में कुशल ह । 15 उस ने उत्तर सदया, यह वा की ओर से सारी प्रजा क सुख समले। 16 और सब ने उसे चूमा; और नीकुदे मुस ने एक बडा साज-सज्जा तैयार करके उसे अिने घर में ले गया। 17 िरन्तु दू सरे सदन, ज तैयारी का सदन था, हन्ना और कैफा और नीकुदे मुस ने यूसुफ से कहा, इस्राएल के िरमेश्वर के साम्हने अोंगीकार कर, और ज प्रश्न हम तुझ से िूछें उन सभ क ों ा उत्तर हमें दे ; 18 क्य सों क हम क बडा क्लेश हुआ, सक तू ने यीशु की ल य क गाड सदया; और जब हम ने तुझे क ठरी में बन्द कर सदया, तब हम तुझे न िा सके; और जब से तू हमारे बीच में प्रगि हुआ, तब से लेकर अब तक हम डरते ही रहे हैं। इससलये ज कुछ हुआ, वह सब िरमेश्वर के साम्हने हमें बताओ। 19 तब यूसुफ ने उत्तर सदया, सक तुम ने त मुझे तैयारी के सदन से भ र तक बन्दीगृह में रखा। 20 िरन्तु जब मैं आधी रात क प्राथवना करने क खडा हुआ, त घर क चार स्वगवदूत ों ने घेर सलया; और मैं ने यीशु क सूयव के तेज के समान दे खा, और भय के मारे िृय्वी िर सगर िडा। 21 िरन्तु यीशु ने मेरा हाथ िकडकर मुझे भूसम िर से उठाया, और ओस मुझ िर सछडकी; िरन्तु उस ने मेरा मुोंह ि छ ों कर मुझे चूमा, और मुझ से कहा, हे यूसुफ, मत डर; मेरी ओर दे ख , क्य सों क यह मैं ही हूों। 22 तब मैं ने उस िर दृसष्ट करके कहा, रर्ब् नी एलीयाह! उस ने मुझे उत्तर सदया, मैं एसलय्याह नहीों, िरन्तु यीशु नासरत हूों, सजस की ल य तू ने गाड दी। 23 मैं ने उस से कहा, मुझे वह कब्र सदखा, सजस में मैं ने तुझे रखा था। 24 तब यीशु मेरा हाथ िकडकर मुझे उस स्यान िर ले गया जहाों मैं ने उसे सलिाया था, और मुझे सनी के किडे और अोंग छा सदखाया ज मैं ने उसके ससर िर लिेिा था। तब मैं ने जान सलया सक यह यीशु है, और उसे दण्डवत करके कहा, धन्य है वह ज प्रभु के नाम से आता है। 25 यीशु सफर मेरा हाथ िकडकर मुझे अररमसतया के िास मेरे घर ले गया, और मुझ से कहा, तुझे शाल्कन्त समले; िरन्तु चालीसवें सदन तक अिने घर से बाहर न सनकलना; िरन्तु मुझे अिने सशष्य ों के िास जाना अवश्य है। अध्याय 12 1 जब प्रधान याजक ों ने ये सब बातें सुनीों, त वे चसकत ह गए, और मुदों की नाईों मुोंह के बल भूसम िर सगर िडे , और सचल्लाकर एक दू सरे से कहने लगे, यह कौन सा अन खा सचन् है ज यरूशलेम में प्रगि हुआ है? हम यीशु के सिता और माता क जानते हैं। 2 और एक लेवीय ने कहा, मैं उसके बहुत से कुिु ल्कम्बय क ों और धासमवक ल ग क ों जानता हूों, ज इस्राएल के िरमेश्वर के सलथे मल्कन्दर में प्राथवना करके बसलदान और ह मबसल चढ़ाया करते हैं। 3 और जब महायाजक सशम न ने उसे ग द में उठाया। उस ने उस से कहा, हे प्रभु, अब तू अिने दास क अिने वचन के अनुसार कुशल से जाने दे ; क्य सों क मेरी आों ख ों ने तेरा उद्धार दे खा है, ज तू ने सब ल ग क ों े साम्हने तैयार सकया है; वह अन्यजासतय क ों प्रकाश दे नेवाली ज्य सत, और तेरी प्रजा इस्राएल की मसहमा है। 4 उसी प्रकार सशम न ने भी यीशु की माता मररयम क आशीवावद दे कर कहा, मैं उस बालक के सवषय में तुझ से कहता हूों; वह बहुत ों के सगरने और सफर से उठने के सलये, और एक ऐसे सचन् के सलये सनयुि सकया गया है सजसके सवरूद्ध बात की जायेगी। 5 हाों, तलवार तेरे प्राण क भी छे दे गी, और बहुत मन के सवचार प्रगि ह जाएों गे। 6 तब सब यहूसदय न ों े कहा, हम उन तीन िुरूष क ों े िास भेजें, सजन् न ों े कहा, सक हम ने उसे जैतून िहाड िर अिने चेल स ों े बातें करते दे खा है। 7 इसके बाद उन् न ों े उन से िूछा, तुम ने क्या दे खा है; सजन् न ों े एक स्वर से उत्तर सदया, इस्राएल के िरमेश्वर के साम्हने हम प्रसतज्ञा करते हैं, सक हम ने यीशु क
ओसलवेि िववत िर अिने चेल ों से बातें करते, और स्वगव की ओर चढ़ते हुए स्पष्ट रूि से दे खा है। 8 तब हन्ना और कैफा ने उन क अलग-अलग स्यान में ले जाकर अलग-अलग जाोंचा; और उन् न ों े एकमत ह कर सत्य क मान सलया, और कहा, हम ने यीशु क दे खा है। 9 तब हन्ना और कैफा ने कहा, हमारी व्यवस्था त यही कहती है, सक एक एक बात द या तीन गवाह क ों े मुोंह से िक्की ठहराई जाए। 10 िरन्तु हमने क्या कहा है? धन्य हन क ने िरमेश्वर क प्रसन्न सकया, और िरमेश्वर के वचन द्वारा उसका अनुवाद सकया गया; और धन्य मूसा की कब्रगाह ज्ञात है। 11 िरन्तु यीशु क िीलातुस के हाथ सौोंि सदया गया, क डे मारे गए, काोंि ों का ताज िहनाया गया, उस िर थूका गया, भाले से छे दा गया, िूस िर चढ़ाया गया, िूस िर मर गया, और उसे दफनाया गया, और उसके शरीर क माननीय यूसुफ ने एक नई कब्र में दफनाया, और वह गवाही दे ता है सक वह उसे जीसवत दे खा. 12 और इन मनुष्य न ों े यह भी कहा, सक उन् न ों े उसे जैतून िहाड िर अिने चेल क ों े साथ बातें करते, और स्वगव िर चढ़ते दे खा है। 13 तब यूसुफ उठकर खडा हुआ। हन्ना और कैफा से कहा, तुम बडे आश्चयव में ह , सक तुम से कहा गया है, सक यीशु जीसवत है, और स्वगव िर चढ़ गया है। 14 यह सचमुच आश्चयव की बात है, सक वह न केवल आि ही मरे हुओों में से जी उठा, वरन और ों क भी कब्र ों में से सजला उठा, सजन्ें यरूशलेम में बहुत ों ने दे खा है। 15 और अब मेरी थ डी सी सुन : हम सब धन्य सशम न नाम महायाजक क जानते थे, सजस ने बालक यीशु क मल्कन्दर में अिनी ग द में सलया था। 16 उसी सशम न के द बेिे थे, और हम सब उनकी मृत्यु और अन्त्येसष्ट में उिल्कस्थत थे। 17 इससलये तू जाकर उनकी कब्रें दे ख, क्य सों क वे खुली हुई हैं, और वे जी उठी हैं; और दे ख , वे अररमसथया नगर में भल्कि के काम ों में एक साथ समय सबताते हैं। 18 िरन्तु सकतन ों ने प्राथवना करते हुए उनका शब्द सुना है, िरन्तु वे सकसी से कुछ ब लना नहीों चाहते, िरन्तु मरे हुओों के समान मूक बने रहते हैं। 19 िरन्तु आओ, हम उनके िास चलें, और उनके साथ िूरा आदर और सावधानी का व्यवहार करें । और यसद हम उन्ें शिथ सदला सकें, त शायद वे हमें अिने िुनरुत्थान के कुछ रहस्य बतायेंगे। 20 जब यहूसदय ों ने यह सुना, त वे बहुत आनल्कन्दत हुए। 21 तब हन्ना और कैफा, नीकुदे मुस, यूसुफ, और गमलीएल अररमसथया क गए, िरन्तु उन्ें अिनी कब्र ों में न िाया; िरन्तु नगर में घूमते हुए उन् न ों े उनक उनकी भल्कि के सलये घुिन ों के बल बान् सलया; 22 तब वे उनक िूरा आदर और िरमेश्वर का आदर करके नमस्कार करके यरूशलेम के आराधनालय में ले आए, और फािक बन्द करके यह वा की व्यवस्था की िुस्क ले ली। 23 और उसे उनके हाथ ों में दे कर, िरमेश्वर यह वा और इस्राएल के िरमेश्वर की शिथ खाई, सजस ने हमारे बािदाद ों से व्यवस्था और भसवष्यद्विाओों के द्वारा बातें करके कहा, यसद तुम सवश्वास करते ह सक ज तुम क मरे हुओों में से सजला उठा, वह यीशु है, त बताओ तुम ने हमें क्या दे खा, और तुम सकस रीसत से मरे हुओों में से सजलाए गए। 24 सशम न के द न ों िुत्र चाररनुस और लेंसथयुस ये बातें सुनकर काोंि उठे , और व्याकुल ह कर कराहने लगे; और साथ ही स्वगव की ओर दे खते हुए, उन् न ों े अिनी जीभ िर अिनी उों गसलय ों से िॉस का सचन् बनाया। 25 और वे तुरन्त ब ले, हम में से हर एक क कुछ कागज द , और हम ज कुछ हम ने दे खा है वह सब तुम्हारे सलये सलख दें गे। और वे सब बैठ गए, और यह कहते हुए सलखने लगे, अध्याय 13 1 हे प्रभु यीशु और सिता, ज िरमेश्वर है, और मृतक ों का िुनरुत्थान और जीवन भी है, हमें अिने उन रहस्य ों क घ सषत करने की अनुमसत दे , सजन्ें हमने मृत्यु के बाद, तुम्हारे िूस से सोंबोंसधत दे खा था; क्य सों क हम ने तेरे नाम की शिथ खाई है। 2 क्य सों क तू ने अिके दास क ों उन गुप्त बात क ों बताने से मना सकया है, ज नरक में तेरी ईश्वरीय शल्कि से बनाई गई हैं। 3 जब हम अिने िुरखाओों के साथ अध ल क की गहराई में, अन्कार के अन्कार में रखे गए थे, तब अचानक सूयव का रों ग स ने जैसा सदखाई सदया, और उस स्थान क चमकाने वाली एक गहरी बैंजनी र शनी सदखाई दी। 4 इस िर, आदम, सभी मनुष्य ों के सिता, सभी कुलिसतय ों और भसवष्यविाओों ससहत, आनल्कन्दत हुए और कहा, वह ज्य सत अनन्त ज्य सत का रचसयता है, सजसने हमें अनन्त ज्य सत में अनुवाद करने का वादा सकया है। 5 तब यशायाह भसवष्यद्विा ने सचल्लाकर कहा, जब मैं िृय्वी िर जीसवत था, तब मेरी भसवष्यद्वाणी के अनुसार यह सिता और िरमेश्वर के िुत्र की ज्य सत है। 6 जाबुल न के दे श, और यरदन के िार नेप्तालीम के दे श के ल ग ज अल्कन्यारे में चलते थे, उन् न ों े बडा उसजयाला दे खा; और ज ल ग मृत्यु की छाया के क्षेत्र में
रहते थे, उनके सलए प्रकाश उत्पन्न हुआ। और अब वह आया है, और हमें ज मृत्यु में बैठे हैं , प्रबुद्ध सकया है। 7 और जब हम सब उस उसजयाले से ज हमारे ऊिर चमका, आनन्द कर रहे थे, त हमारा सिता सशम न हमारे बीच में आया, और सारी मण्डली क बधाई दे कर कहा, िरमेश्वर के िुत्र प्रभु यीशु मसीह की मसहमा कर । 8 सजसे मैं ने मल्कन्दर में बालक के समय ग द में सलया, और िसवत्र आत्मा से द्रसवत ह कर उस से कहा, और मान सलया, 1 सक अब मेरी आों ख ों ने तेरा उद्धार दे खा है, सजसे तू ने सब ल ग क ों े साम्हने तैयार सकया है अन्यजासतय ों क प्रबुद्ध करने और अिनी प्रजा इस्राएल की मसहमा के सलए एक प्रकाश। 9 यह सुनकर सब िसवत्र ल ग, ज अध ल क की गहराई में थे, और भी असधक आनल्कन्दत हुए। 10 इसके बाद वहाों छ िे साधु के समान क ई सनकला, और सब ने िूछा, तू कौन है? 11 उस ने उत्तर सदया, मैं जोंगल में सचल्लानेवाले की आवाज हूों, यूहन्ना बिसतस्मा दे नेवाला, और िरमप्रधान का भसवष्यद्विा हूों, ज अिने आने से िसहले अिना मागव तैयार करने क चला, सक अिक्की प्रजा क उद्धार का ज्ञान दे । िाि ों की क्षमा. 12 और मुझ यूहन्ना ने, जब मैं ने यीशु क िसवत्र आत्मा से प्रेररत ह कर अिने िास आते दे खा, त कहा, दे ख , यह िरमेश्वर का मेम्ना है , दे ख , वह जगत के िाि उठा ले जाता है। 13 और मैं ने उसे यरदन नदी में बिसतस्मा सदया, और िसवत्र आत्मा क कबूतर के रूि में उस िर उतरते दे खा, और स्वगव से यह शब्द सुना, सक यह मेरा सप्रय िुत्र है, सजस से मैं असत प्रसन्न हूों। 14 और अब जब मैं उसके आगे आगे जा रहा था, त तुम्हें यह बताने के सलये यहाों उतर आया, सक िरमेश्वर का िुत्र सफर हम से सुसध लेगा, और ऊिर से भ र के स ते के समान हमारे िास आएगा, ज अल्कन्यारे में और अोंधेरे में हैं। प्रेतात्मा। अध्याय 14 1 िरन्तु जब हमारे सिता आदम ने ये बातें सुनी, सक यीशु ने यरदन में बिसतस्मा सलया, त उस ने अिने िुत्र शेत क िुकारकर कहा, 2 अिने िुत्र ,ों कुलिसतय ों और भसवष्यद्विाओों क वे सब बातें सुनाओ, ज तू ने प्रधान स्वगवदूत मीकाईल से तब सुनीों, जब मैं ने तुझे स्वगव के फािक ों िर इससलये भेजा, सक िरमेश्वर से सबनती करे , सक जब मैं बीमार ह तब वह मेरे ससर िर असभषेक करे । 3 तब शेत ने कुलिसतय ों और भसवष्यद्विाओों के िास आकर कहा, हे शेत, जब मैं स्वगव के फािक ों िर िरमेश्वर से प्राथवना कर रहा था, तब यह वा के दू त मीकाएल ने मुझे सदखाई दे कर कहा, मैं यह वा की ओर से तुम्हारे िास भेजा गया हूों। ; मुझे मानव सनकाय ों की अध्यक्षता करने के सलए सनयुि सकया गया है। 4 हे हेठ, मैं तुझ से कहता हूों, आों सू बहाकर िरमेश्वर से प्राथवना न कर, और करूणा के वृक्ष का तेल उस से न माोंग, सजस से तू अिने सिता आदम के ससर के ददव के सलथे उसका असभषेक कर सके; 5 क्य सों क अन्त के सदन और समय तक, अयावत िाोंच हजार िाोंच सौ वषव बीतने तक तू उसे सकसी रीसत से प्राप्त न कर सकेगा। 6 तब मसीह, िरमेश्वर का िरम दयालु िुत्र, आदम के मानव शरीर क सफर से जीसवत करने के सलए िृथ्वी िर आएगा, और साथ ही मृतक ों के शरीर क िुनजीसवत करे गा, और जब वह आएगा त उसे जॉडव न में बिसतस्मा सदया जाएगा: 7 तब वह अिनी करूणा के तेल से उन सब का असभषेक करे गा ज उस िर सवश्वास करते हैं; और उसकी दया का तेल आने वाली िीसढ़य ों तक, उन ल ग ों के सलए बना रहेगा ज अनन्त जीवन के सलए जल और िसवत्र आत्मा से िैदा ह ग ों े । 8 और जब उस समय िरमेश्वर का िरम दयालु िुत्र, मसीह यीशु, िृथ्वी िर आएगा, त वह हमारे सिता आदम क स्वगव में दया के वृक्ष से िररसचत कराएगा। 9 जब सब कुलिसतय ों और भसवष्यद्विाओों ने शेत से ये सब बातें सुनीों, त वे और भी आनल्कन्दत हुए। अध्याय 15 1 जब सब िसवत्र ल ग आनन्द कर रहे थे, त दे ख शैतान ने, ज हासकम और मृत्यु का सरदार है, नरक के हासकम से कहा, 2 यीशु नासरत क ज अिने आि क िरमेश्वर का िुत्र कहता या, और मृत्यु से डरता या, और कहता था, सक मेरा प्राण यहाों तक सक मरने से भी दु :खी है, उसके स्वागत की तैयारी कर । 3 और उस ने मुझे और बहुत क ों बहुत हासन िहुोंचाई; सजनक मैं ने अन्ा और लोंगडा बनाया, और सजनक मैं ने नाना प्रकार की दु ष्टात्माओों से सताया, उस ने अिने वचन से चोंगा सकया; हाँ, और सजन्ें मैं तेरे िास मरा हुआ लाया हूों, उन्ें वह तुझ से बलिूववक छीन लेता है। 4 इस िर अध ल क के हासकम ने शैतान क उत्तर सदया, वह कौन हासकम है, ज इतना बलवन्त है, तौभी मृत्यु से डरता है?
5 क्य सों क िृय्वी के सब शल्किशाली ल ग मेरी शल्कि के वश में हैं, सजन्ें तू ने अिनी शल्कि से अिने वश में कर सलया है। 6 िरन्तु यसद वह अिने मानवीय स्वभाव में इतना शल्किशाली ह , त मैं तुझ से सच कहता हूों, सक वह अिने सदव्य स्वभाव में सववशल्किमान है, और क ई भी मनुष्य उसकी शल्कि का सवर ध नहीों कर सकता। 7 इससलथे उस ने यह कहकर, सक तुम मृत्यु से डर गए ह , तुम्हें जाल में फोंसाने की युल्कि की है, और तुम सदा युग ों तक दु खी रह गे। 8 तब शैतान ने अध ल क के हासकम से कहा, तू ने क्य स ों ोंदेह सकया, और उस नासरतवासी यीशु क िहण करने से क्य ों डर गया, ज तेरा और मेरा द न ों सवर धी है? 9 और मैं ही ने उसकी िरीक्षा की, और अिक्की प्रजा यहूसदय क ों उसके सवरूद्ध जलन और ि ध से भडकाया? 10 मैं ने उसके दु :ख के सलथे भाले िर धार तेज की; मैं ने सित्त और ससरके क समला सदया, और आज्ञा दी, सक वह िी ले; मैंने उसे िूस िर चढ़ाने के सलए िूस तैयार सकया, और इसबस के हाथ ों और िैर ों क छे दने के सलए कीलें तैयार कीों; और अब उसकी मृत्यु सनकि आ गई है, मैं उसे तेरे और अिने आधीन करके यहाों ले आऊोंगा। 11 तब अध ल क के हासकम ने उत्तर सदया, तू ने त अभी मुझ से कहा, सक वह मरे हुओों क बल से मुझ से छीन ले गया। 12 ज ल ग िृय्वी िर सफर से जीसवत ह ने तक यहाों रखे गए हैं, वे अिनी शल्कि से नहीों, िरन्तु िरमेश्वर से की गई प्राथवनाओों के द्वारा यहाों से सनकाले गए हैं, और उनके सववशल्किमान िरमेश्वर ने उन्ें मुझ से छीन सलया। 13 त वह यीशु नासरत कौन है, सजस ने िरमेश्वर से प्राथवना सकए सबना अिने वचन के द्वारा मरे हुओों क मुझ से दू र कर सदया? 14 कदासचत यह वही है, सजस ने लाजर क मरे चार सदन के बाद मुझ से छीन सलया, और वह दु गवन्युि और सडा हुआ था, और सजसे मरा हुआ जानकर मैं ने अिना कर सलया, तौभी उस ने उसे अिक्की सामयव से सजलाया। . 15 शैतान ने अध ल क के हासकम क उत्तर सदया, यह त वही िुरूष है, अथावत यीशु नासरी। 16 सजसे अध ल क के हासकम ने सुना, उस से कहा, मैं तेरे और मेरे असधकार के द्वारा तुझे शिथ सदलाता हूों, सक तू उसे मेरे िास न ले आए। 17 क्य सों क जब मैं ने उसके वचन की शल्कि सुनी, त मैं भय से काोंि उठा, और मेरी सारी दु ष्ट मण्डली एक ही समय घबरा गई; 18 और हम लाजर क न र क सके, िरन्तु वह घबरा गया, और बैर के सब लक्षण सदखाते हुए तुरन्त हमारे िास से चला गया; और वही भूसम, सजस में लाजर का शव िडा था, उसी ने उसे जीसवत कर सदया। 19 और अब मैं जानता हूों सक वह सववशल्किमान िरमेश्वर है ज ऐसे कायव कर सकता है , ज अिने प्रभुत्व में शल्किशाली है, और अिने मानव स्वभाव में शल्किशाली है, ज मानव जासत का उद्धारकताव है। 20 इससलये इस मनुष्य क यहाों मत लाओ, क्य सों क वह उन सभ क ों सजन्ें मैं ने असवश्वास के कारण बन्दीगृह में डाल रखा है, और उनके िाि ों की बेसडय स ों े जकड रखा है, स्वतोंत्र कर दे गा, और अनन्त जीवन की ओर ले जाएगा। अध्याय 16 1 और जब शैतान और नरक का हासकम एक दू सरे क य ों समझा रहे थे, त अचानक गरजने और आँ धी के झ क ों ों का सा शब्द हुआ, सक हे हासकम ,ों अिने फािक ऊोंचे कर ; और हे सनातन द्वार ,ों तुम ऊिर उठ , और मसहमा का राजा प्रवेश करे गा। 2 जब अध ल क के हासकम ने यह सुना, तब शैतान से कहा, मेरे साम्हने से दू र ह , और मेरे घर ों से सनकल गया; यसद तुम एक शल्किशाली य द्धा ह , त मसहमा के राजा से लड । लेसकन तुम्हें उससे क्या लेना-दे ना? 3 और उस ने उसक उसके घर स ों े सनकाल सदया। 4 और हासकम ने अिके दु ष्ट सरदार स ों े कहा, िूरता के िीतल के फािक क ों बन्द कर , और उन्ें ल हेके बेड म ों ें जकड , और सहयाव से लड , ऐसा न ह सक हम बन्ुवाई में िकें। 5 िरन्तु जब िसवत्र ल ग ों की सारी मण्डली ने यह सुना, त ि ध के ऊोंचे शब्द से नरक के प्रधान से कहा; 6 अिने फािक ख ल , सक मसहमा का राजा भीतर आ सके। 7 और ईश्वरीय भसवष्यद्विा दाऊद ने सचल्लाकर कहा, क्या मैं ने िृय्वी िर सचमुच भसवष्यद्वाणी करके नहीों कहा, सक मनुष्य यह वा की भलाई के कारण, और मनुष्य ों के सलये उसके आश्चयवकमों के कारण उसकी स्ुसत करते। 8 क्य सों क उस ने िीतल के फािक क ों त ड डाला, और ल हेके बेड क ों िु कडे िु कडे कर डाला। उस ने उनके अधमव के कारण उनक िकड सलया, और उनके अधमव के कारण वे दु :ख उठा रहे हैं। 9 इसके बाद एक और भसवष्यद्विा अयावत िसवत्र यशायाह ने सब िसवत्र ल ग स ों े इसी रीसत से कहा, क्या मैं ने जब मैं िृय्वी िर जीसवत या, त तुम से ठीक भसवष्यद्वाणी न की?
10 ज मुदे अिनी कब्र ों में हैं वे जी उठें गे, और ज िृय्वी िर हैं वे आनन्द करें गे; क्य सों क ज ओस यह वा की ओर से है, वह उन क छु डाएगी। 11 सफर मैं ने और भी कहा, हे मृत्यु, तेरी जय कहाों रही? ओ डै थ, वेयर इज दायी ल्कस्टोंग? 12 जब सब िसवत्र ल ग न ों े यशायाह की ये बातें सुनीों, त अध ल क के हासकम से कहा, अिके फािक ख ल, और ल हेके बेण्डे हिा; क्य सों क अब तू बन्ा रहेगा, और तेरे िास क ई शल्कि न रहेगी। 13 तब गडगडाहि का सा बडा शब्द हुआ, सक हे हासकम ,ों अिने फािक ऊोंचे कर ; और हे नरक के फािक ,ों ऊिर उठ , और मसहमा का राजा प्रवेश करे गा। 14 नरक का हासकम, वही आवाज बारों बार सुनकर, ऐसे सचल्लाकर मान अज्ञानी ह , सक वह मसहमामय राजा कौन है? 15 दाऊद ने अध ल क के हासकम क उत्तर दे कर कहा, मैं उस शब्द की बातें समझता हूों, क्य सों क मैं ने उसके आत्मा के द्वारा वे बातें कहीों। और अब, जैसा सक मैंने ऊिर कहा है, मैं तुमसे कहता हूों, भगवान मजबूत और शल्किशाली है, भगवान युद्ध में शल्किशाली है: वह मसहमा का राजा है, और वह स्वगव और िृथ्वी में भगवान है; 16 उस ने बन्ुओों की कराह सुनने के सलये, और घात के य ग्य ल ग ों क छु डाने के सलये नीचे दृसष्ट की है। 17 और अब हे नरक के गोंदे और दु गवन् प्रधान, अिने फािक ख ल, सक मसहमा का राजा प्रवेश कर सके; क्य सों क वह स्वगव और िृथ्वी का प्रभु है। 18 दाऊद यह कह ही रहा या, सक िरािमी यह वा मनुष्य का रूि धारण करके प्रगि हुआ, और ज स्यान िसहले अन्ेरे में थे उनक उसजयाला कर सदया। 19 और ज बेसडयाों िसहले नहीों िू िती थीों उनक त ड डाला; और अिनी अजेय शल्कि से उन ल ग ों िर वार सकया ज अधमव के कारण गहरे अोंधकार में और िाि के कारण मृत्यु की छाया में थे। अध्याय 17 1 दु ष्ट मृत्यु और उसके िूर हासकम ों ने ये बातें सुनीों, जब उन् न ों े प्रकाश की सनमवलता दे खी, त वे अिने कई राज्य ों में भय से घबरा गए। 2 और मसीह आि आि उनके घर ों में अचानक प्रकि ह कर; इससलथे उन् न ों े सचल्लाकर कहा, हम तेरे द्वारा बन्े हुए हैं; ऐसा प्रतीत ह ता है सक तू प्रभु के सामने हमारी उलझन का इरादा रखता है। 3 तू कौन है, सजस में भ्रष्टता का क ई सचन् नहीों, िरन्तु वह उजला रूि ज तेरी महानता का िूरा प्रमाण है, और सजस िर तू सफर भी ध्यान नहीों दे ता? 4 तू कौन है ज इतना शल्किशाली और इतना सनबवल, इतना बडा और इतना छ िा, इतना तुच्छ और सफर भी प्रथम श्रेणी का ससिाही है, ज साधारण ससिाही के समान दास ह कर आज्ञा दे सकता है? 5 मसहमा का राजा, मृत और जीसवत, यद्यसि एक बार िूस िर मारा गया था? 6 ज कब्र में मुदे िडे थे, और हम में से जीसवत आ गए, और तेरे मरने से सब प्राणी काोंि उठे , और सब तारे सहल गए, और अब तू मरे हुओों के बीच में स्वतोंत्र ह कर हमारी सेनाओों क घबरा दे ता है? 7 तू कौन है ज बन्ुओों क ज मूल िाि के कारण जोंजीर ों में जकडे हुए थे, छु डाता है, और उन्ें िसहले स्वतन्त्रता में ले आता है? 8 तू कौन है, सजसने उन ल ग ों िर ज िाि के अन्कार से अन्े ह गए थे, ऐसी मसहमामय और सदव्य ज्य सत फैलाई? 9 इसी रीसत से दु ष्टात्माओों की सारी िलिनें ऐसे भय से घबरा गईों, और बडे ही भय के मारे सचल्लाकर कहने लगीों, 10 हे यीशु मसीह, यह बात कहाों से आती है, सक तू ऐसा िुरूष है, ज इतना सामथी और मसहमामय है, और इतना तेजस्वी है सक क ई कलोंक नहीों, और इतना शुद्ध है सक क ई अिराध नहीों करता? िृथ्वी के उस सनचले ल क के सलए, ज अब तक हमारे अधीन था, और जहाँ से हमें कर समलता था, उसने िहले कभी हमारे सलए ऐसा मरा हुआ आदमी नहीों भेजा, नरक के राजकुमार ों के सलए कभी ऐसे उिहार नहीों भेजे। 11 स तू कौन है, ज इतने साहस के साथ हमारे सनवासस्थान ों में प्रवेश करता है, और न केवल हमें बडे से बडे दण्ड की धमकी दे ने से नहीों डरता, वरन अन्य सब क भी उन जोंजीर ों से छु डाने का यत्न करता है सजनमें हम उन्ें जकडे हुए हैं? 12 कदासचत तू वही यीशु है, सजसके सवषय में शैतान ने अभी हमारे हासकम से कहा, सक िूस की मृत्यु के द्वारा तू मृत्यु की शल्कि प्राप्त करने िर था। 13 तब मसहमा के राजा ने मृत्यु क रौोंदते हुए नरक के राजकुमार क िकड सलया, और उसकी सारी शल्कि छीन ली, और हमारे िासथवव सिता आदम क अिने साथ अिनी मसहमा में ले गया। अध्याय 18 1 तब नरक के राजकुमार ने शैतान क िकड सलया, और बडे सोंकेत से उस से कहा, हे सवनाश के राजकुमार, बाल्जबूब की िराजय और सनवावसन के लेखक,
िरमेश्वर के स्वगवदूत ों का सतरस्कार और सभी धसमवय ों से घृणा! सकस बात ने तुम्हें इस प्रकार कायव करने के सलए प्रेररत सकया? 2 तू ने मसहमा के राजा क िूस िर चढ़ाया, और उसके नाश के द्वारा हमें बहुत बडे लाभ की प्रसतज्ञा दी, िरन्तु तू मूखव के समान इस बात से अनसभज्ञ रहा सक तू क्या कर रहा था। 3 क्य सों क अब दे ख नासरत का यीशु, अिनी मसहमामय सदव्यता की चमक से, अोंधकार और मृत्यु की सभी भयानक शल्किय ों क भगा दे ता है; 4 उस ने हमारी बन्दीगृह ों क ऊिर से नीचे तक त ड डाला, सब बन्ुओों क सनकाल सदया, सब बन्ुओों क छु डाया, और ज िसहले अिनी िीडा के मारे कराहते न थे, उन सभ ों क अब हमारा अिमान सकया है, और हम िरास् ह ने के समान हैं। उनकी प्राथवनाएँ . 5 हमारा अधमी राज्य वश में ह गया, और मनुष्य क ों ा क ई भाग हमारे वश में न रहा, िरन्तु दू सरी ओर वे सब सहयाव करके हमारी सनन्दा करते हैं; 6 यद्यसि मरे हुओों क िसहले कभी हमारे प्रसत अभद्र व्यवहार करने का साहस न हुआ, और न बन्दी ह कर कभी सकसी अवसर िर आनन्द कर सके। 7 हे शैतान, तू सभी दु ष्ट ों का राजकुमार, अधसमवय ों और त्याग सकए गए ल ग ों का सिता, तू यह कारनामा करने का प्रयास क्य ों करे गा, यह दे खते हुए सक हमारे कैदी अब तक हमेशा मुल्कि और जीवन की थ डी सी आशा के सबना थे? 8 िरन्तु अब उन में से एक भी कराहता नहीों, और न उन में से सकसी के चेहरे िर आों सू की झलक ही सदखाई दे ती है। 9 हे राजकुमार शैतान, हे नरक के क्षेत्र ों के महान रक्षक, अिने सारे लाभ ज तू ने सनसषद्ध वृक्ष से प्राप्त सकए थे, और स्वगव की हासन, अब तू िूस की लकडी से ख गया है; 10 और जब तू ने मसहमामय राजा यीशु मसीह क िूस िर चढ़ाया, तब तेरी सारी प्रसन्नता समाप्त ह गई। 11 तू ने अिने और मेरे सहत के सवरूद्ध काम सकया है , जैसा सक तू इस समय उन बडी यातनाओों और अनन्त दण्ड ों से समझेगा ज तू भ गनेवाला है। 12 हे शैतान, हे सारी बुराई के हासकम, मृत्यु का कताव , और सब घमण्ड का मूल, तुझे िसहले यीशु नासरत के बुरे अिराध ों की जाोंच करनी चासहए थी, और तब तू जान लेता सक वह मृत्यु के य ग्य क ई द ष नहीों रखता। 13 तू ने क्य ों सबना कारण वा न्याय के उसे िूस िर चढ़ाने का साहस सकया, और एक सनदोष और धमी मनुष्य क हमारे दे श में ले आए, और इस प्रकार सारे जगत के सब िासिय ,ों अधसमवय ों और अधसमवय ों क ख सदया? 14 जब नरक का हासकम शैतान से इस प्रकार बातें कर रहा या, त मसहमा के राजा ने नरक के हासकम बाल्जबूब से कहा, हे शैतान, हासकम आदम और उसके धमी िुत्र ों के स्थान िर सदा के सलये तेरे आधीन रहेगा। मेरा। अध्याय 19 1 तब यीशु ने हाथ बढ़ाकर कहा, हे मेरे सब िसवत्र ल ग ,ों ज मेरे स्वरूि में सृजे गए, मेरे िास आओ, और वसजवत फल के वृक्ष, और शैतान और मृत्यु के द्वारा द षी ठहराए गए ह ; 2 अब मेरे िूस की लकडी के िास जीसवत रह ; शैतान, इस सोंसार के राजकुमार िर सवजय प्राप्त की गई है, और मृत्यु िर सवजय प्राप्त की गई है। 3 तब तुरन्त सब िसवत्र ल ग िरमप्रधान िरमेश्वर के हाथ के नीचे एक ह गए; और प्रभु यीशु ने आदम का हाथ िकडकर उस से कहा, तुझे और तेरे सारे धमी वोंश क , ज मेरा है, शाोंसत समले। 4 तब आदम ने यीशु के िाोंव ों िर सगरकर, आों सू बहाकर, नम्र भाषा में, और ऊोंचे शब्द से कहा, 5 हे यह वा, मैं तुझे सराहूोंगा, क्य सों क तू ने मुझे ऊोंचा सकया, और मेरे शत्रुओों क मुझ िर आनन्द करने नहीों सदया। हे मेरे िरमेश्वर यह वा, मैं ने तेरी द हाई दी, और तू ने मुझे चोंगा सकया है। 6 हे यह वा, तू ने मेरे प्राण क कब्र में से सनकाल सलया है; तू ने मुझे जीसवत रखा, सक मैं गडहे में न उतरू ों । 7 हे प्रभु के सब िसवत्र ल ग ,ों उसका भजन गाओ, और उसकी िसवत्रता का स्मरण करके धन्यवाद कर । क्य सों क उसका ि ध क्षण भर के सलये ही ठहरता है; उसके िक्ष में जीवन है. 8 इसी रीसत से सब िसवत्र ल ग ों ने यीशु के िाोंव ि ों र सगरकर एक स्वर से कहा, हे जगत के छु डानेवाले, तू आया, और ज कुछ तू ने व्यवस्था और अिने िसवत्र भसवष्यद्विाओों के द्वारा िसहले से कहा या, वह सब िूरा सकया। 9 तू ने अिने िूस के द्वारा जीसवत क ों छु डा सलया, और हमारे िास उतर आया है, सक िूस की मृत्यु के द्वारा हमें नरक से, और अिनी शल्कि के द्वारा मृत्यु से बचा। 10 हे प्रभु, जैसे तू ने अिनी मसहमा की िताकाएों स्वगव में रखीों, और अिने उद्धार का सचन् अयावत अिना िूस िृय्वी िर स्थासित सकया है! इससलए, हे प्रभु, अिने िूस की सवजय का सचन् नरक में स्थासित कर , तासक मृत्यु अब और कुछ न कर सके। 11 तब यह वा ने अिना हाथ बढ़ाकर आदम और उसके सब िसवत्र ल ग ि ों र िूस का सचन् सदखाया।
12 और वह आदम क दासहना हाथ िकडकर अध ल क में से चढ़ गया, और िरमेश्वर के सब िसवत्र ल ग उसके िीछे ह सलए। 13 तब राजभसवष्यद्विा दाऊद ने सहयाव से सचल्लाकर कहा, 1 हे यह वा के सलये नया गीत गाओ, क्य सों क उस ने अदभुत काम सकए हैं; उसके दासहने हाथ और उसकी िसवत्र भुजा ने उसे सवजय सदलाई है। 14 यह वा ने अिना उद्धार प्रगि सकया है, अिना धमव अन्यजासतय ों के साम्हने प्रगि सकया है। 15 और िसवत्र ल ग ों की सारी मण्डली ने उत्तर सदया, उसके सब िसवत्र ल ग ों का यह आदर ह ता है, आमीन, प्रभु की स्ुसत कर । 16 इसके बाद भसवष्यद्विा हबक्कूक 3 ने सचल्लाकर कहा, तू अिनी प्रजा के उद्धार के सलये सनकला है, वरन अिनी प्रजा के उद्धार के सलये। 17 और सब िसवत्र ल ग न ों े कहा, 4 धन्य है वह ज प्रभु के नाम से आता है; क्य सों क प्रभु ने हमें प्रबुद्ध सकया है। यह युगानुयुग हमारा िरमेश्वर है; वह अनोंत काल तक हम िर शासन करे गा, आमीन। 18 इसी रीसत से सब भसवष्यद्विाओों ने उसकी स्ुसत में िसवत्र बातें कही, और यह वा के िीछे ह सलए। अध्याय 20 1 तब यह वा ने आदम का हाथ िकडकर उसे प्रधान स्वगवदूत मीकाएल के हाथ में सौोंि सदया; और वह उन्ें दया और मसहमा से िररिूणव करके स्वगव में ले गया; 2 और द असत प्राचीन मनुष्य उन से समले, और िसवत्र ल ग क ों े द्वारा उन से िूछा गया, सक तुम कौन ह , ज अब तक हमारे साथ नकव में नहीों रहे, और अिने शरीर जन्नत में रखे? 3 उन में से एक ने उत्तर सदया, मैं हन क हूों, ज िरमेश्वर के वचन के अनुसार सनकला है; और यह ज मेरे सोंग है, वह सतशबी एसलय्याह है, ज असिमय रथ िर चढ़ा हुआ है। 4 हम अब तक यहीों थे, और हमने मृत्यु का स्वाद नहीों चखा, िरन्तु अब मसीह सवर धी के आगमन िर, सदव्य सचन् ों और चमत्कार ों से लैस ह कर, उसके साथ युद्ध करने के सलए, और यरूशलेम में उसके द्वारा मारे जाने के सलए वािस आने वाले हैं, और साढ़े तीन सदन के बाद सफर से बादल ों में जीसवत उठा सलया जाएगा। 5 और जब िसवत्र हन क और एसलय्याह यह बातें बता ही रहे थे, त दे ख , एक और मनहूस आकृसतवाला मनुष्य अिने कन् ों िर िूस का सचन् उठाए हुए आया। 6 और सब िसवत्र ल ग ों ने उसे दे खकर उस से िूछा, तू कौन है? क्य सों क तेरा मुख च र का सा है; और तू अिने कन् ों िर िूस क्य ों उठाए हुए है? 7 उस ने उत्तर सदया, तुम ठीक कहते ह , क्य सों क मैं च र था, और िृय्वी िर सब प्रकार का दु ष्ट काम करता था। 8 और यहूसदय ों ने मुझे यीशु के साथ िूस िर चढ़ाया; और मैंने प्रभु यीशु के िूस िर चढ़ने के समय सृसष्ट में ह ने वाली आश्चयवजनक घिनाओों क दे खा। 9 और मैं ने उस िर सवश्वास सकया, सक वह सब वस्ुओों का रचसयता, और सववशल्किमान राजा है; और मैं ने उस से प्राथवना की, सक हे प्रभु, जब तू अिने राज्य में आए, त मुझे स्मरण करना। 10 उस ने तुरन्त मेरी प्राथवना िर ध्यान करके मुझ से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूों, सक आज तू मेरे साथ स्वगव में ह गा। 11 और उस ने मुझे िूस का यह सचन् दे कर कहा, इसे ले कर स्वगव क चला जा; और यसद स्वगव का रक्षक स्वगवदूत तुम्हें प्रवेश न दे , त उसे िूस का सचन् सदखाओ, और उससे कह : यीशु मसीह ने ज अब िूस िर चढ़ाया है, उसी ने मुझे तुम्हारे िास भेजा है। 12 जब मैं ने ऐसा सकया, और स्वगव के रक्षक दू त क ये सब बातें बताईों, और उसने सुना, त उसने तुरन्त फािक ख लकर मुझे िररचय सदया, और मुझे स्वगव में दासहनी ओर सबठा सदया। 13 और कहा, थ डी दे र यहीों ठहर , जब तक सक सारी मनुष्य ों का सिता आदम अिने सब िुत्र स ों मेत, ज िूस िर चढ़ाए गए यीशु मसीह के िसवत्र और धमी सेवक हैं , प्रवेश न करे । 14 जब उन् न ों े च र से यह सब वृत्तान्त सुना, त सब कुलिसतय ों ने एक स्वर से कहा, हे सववशल्किमान िरमेश्वर, तू धन्य है, अनन्त भलाई का सिता, और दया का सिता, सजसने उन ल ग ों िर ऐसी कृिा की है ज िािी थे। उसे, और उन्ें स्वगव की दया िर लाया है, और उन्ें आध्याल्कत्मक और िसवत्र जीवन में, आिके बडे और आध्याल्कत्मक प्रावधान ों के बीच रखा है। तथास्ु। अध्याय 21 1 ये वे सदव्य और िसवत्र रहस्य हैं ज हम ने दे खे और सुने हैं। मुझे, चाररनस और लेंसथयस क ईश्वर के अन्य रहस्य ों की घ षणा करने की अनुमसत नहीों है, जैसा सक महादू त माइकल ने हमें आदे श सदया था, 2 और कह, तुम मेरे भाइय क ों े साय यरूशलेम क चल , और प्राथवना करते रह गे, और यीशु मसीह के जी उठने का प्रचार और मसहमा करते रह गे, क्य सों क उस ने तुम्हें भी अिने साथ मरे हुओों में से सजलाया है।
3 और तुम सकसी मनुष्य से बातचीत न करना, वरन उस समय तक गूोंगे की नाईों बैठे रहना, जब तक प्रभु तुम्हें अिनी सदव्यता का भेद बताने न दे । 4 प्रधान स्वगवदूत मीकाएल ने हमें आगे चलकर यरदन के िार एक उत्तम और म िे दे श में जाने की आज्ञा दी, जहाों बहुत से ल ग हैं ज मसीह के िुनरुत्थान के प्रमाण के सलये हमारे साथ मरे हुओों में से जी उठे हैं। 5 क्य सों क हम क मरे हुओों में से केवल तीन सदन ही बचे हैं, ज अिके माता-सिता के साथ अिके प्रभु का फसह मनाने, और मसीह प्रभु के सलथे हमारी गवाही दे ने क उठे , और हम ने यरदन की िसवत्र नदी में बिसतस्मा सलया। और अब व सकसी क नजर नहीों आते. 6 यह उतना ही है सजतना िरमेश्वर ने हमें तुम्हारे साथ व्यवहार करने की इजाजत दी है; इससलये तुम उसकी स्ुसत कर , और उसका आदर कर , और मन सफराओ, और वह तुम िर दया करे गा। प्रभु िरमेश्वर यीशु मसीह और हम सबके उद्धारकताव की ओर से तुम्हें शाोंसत समले। आमीन, आमीन, आमीन। 7 और जब वे सलखना समाप्त कर चुके, और कागज के द अलग-अलग िु कड ों में सलख चुके, त चररनुस ने ज सलखा, उसे हन्ना, कैफा, और गमलीएल के हाथ में दे सदया। 8 इसी प्रकार लैल्कियस ने ज कुछ उस ने सलखा, वह नीकुदे मुस और यूसुफ के हाथ में दे सदया; और तुरोंत वे अत्यसधक सफेद रूि ों में बदल गए और सफर कभी सदखाई नहीों सदए। 9 िरन्तु ज कुछ उन् ों ने सलखा था, वह िूरी रीसत से एकरस िाया गया, और न त एक अक्षर दू सरे से असधक या कम था। 10 जब यहूसदय ों की सारी मण्डली ने चररनुस और लेंसथयुस की यह सब आश्चयवजनक बातें सुनीों, त एक दू सरे से कहने लगे, सचमुच ये सब बातें िरमेश्वर की ओर से हुई हैं, और प्रभु यीशु युगानुयुग धन्य रहे, आमीन। 11 और वे बडी सचन्ता और भय और काोंिते हुए चले, और अिनी छाती िर हाथ मारते हुए अिने अिने घर क चले गए। 12 िरन्तु ये सब बातें ज यहूसदय ों ने अिनी अिनी सभाओों में यीशु के सवषय में बताई थीों, तुरन्त यूसुफ और नीकुदे मुस ने हासकम क बता दीों। 13 और िीलातुस ने ये सब लेन-दे न सलख सलया, और ये सब वृत्तान्त अिके भवन के साववजसनक असभलेख म ों ें रख सदया। अध्याय 22 1 इन बात ों के बाद िीलातुस यहूसदय ों के मल्कन्दर में गया, और सब हासकम ों और शाल्कस्त्रय ों और शाल्कस्त्रय क ों इकट्ठे करके उनके साथ मल्कन्दर के मल्कन्दर में गया। 2 और सब फािक बन्द करने की आज्ञा दे कर उन से कहा, मैं ने सुना है, सक तुम्हारे िास इस मल्कन्दर में एक बडी िुस्क है; इससलये मैं तुझ से चाहता हूों, सक वह मेरे साम्हने लाया जाए। 3 और जब वह बडी िुस्क, ज मल्कन्दर के चार सेवक क ों े द्वारा उठाई हुई, और स ने और मसणय स ों े सजी हुई, लाई गई, तब सिलातुस ने उन सभ स ों े कहा, मैं तुम्हारे सितर क ों े िरमेश्वर की शिथ खाता हूों, सजस ने इस मल्कन्दर क बनाया और बनाने की आज्ञा दी बनाया, सक तुम मुझ से सत्य न सछिाओ। 4 ज कुछ उस िुस्क में सलखा है, वह सब तुम जानते ह ; इससलये अब मुझे बताओ, सक सजस यीशु क तुम ने िूस िर चढ़ाया, उसके सवषय में यसद तुम्हें िसवत्रशास्त्र में कुछ समला ह , और वह जगत के सकस समय में आया ह , त मुझे सदखाओ। 5 तब उन् न ों े हन्ना और कैफा क शिथ ल्कखलाकर उन सब क ज उनके सोंग थे, आज्ञा दी, सक सगरजाघर से बाहर सनकल जाएों । 6 और उन् न ों े मल्कन्दर और सगरजाघर के फािक बन्द सकए, और सिलातुस से कहा, हे न्यायी, तू ने हम क इस मल्कन्दर के बनाने की शिय ल्कखलाई है, सक हम ज सच और ठीक है उसे तुझ से कहें। 7 जब हम ने यीशु क िूस िर चढ़ाया, तब हम ने यह न जानते हुए, सक वह िरमेश्वर का िुत्र है, िरन्तु यह समझकर, सक वह सकसी जादु ई कला से चमत्कार करता है, इस मल्कन्दर में एक बडी सभा बुलाई। 8 और जब हम आिस में उन आश्चयवकमों के सवषय में सवचार कर रहे थे ज यीशु ने सकए थे, त हमें हमारे ही दे श में बहुत से गवाह समले, सजन् न ों े यह कहा, सक हम ने उसे उसके मरने के बाद जीसवत दे खा है, और उसे चेल ों के साथ उिदे श करते हुए सुना, और दे खा वह आकाश की ऊोंचाइय ों तक चढ़ रहा है, और उनमें प्रवेश कर रहा है; 9 और हम ने द गवाह दे खे, सजनकी ल थ ों क यीशु ने मरे हुओों में से सजलाया, और उन् न ों े हमें बहुत से सवसचत्र काम बताए, ज यीशु ने मरे हुओों के बीच सकए थे, और सजनका लेख हमारे हाथ में है। 10 और हमारी रीसत यह है, सक हम प्रसत वषव सकसी सभा के साम्हने इस िसवत्र िुस्क क ख लें, और उस में िरमेश्वर की युल्कि ढू ों ढ़ें। 11 और उन सत्तर िुस्क ों में से िसहली िुस्क में हम ने िाया, जहाों प्रधान स्वगवदूत मीकाएल प्रथम मनुष्य आदम के तीसरे िुत्र से बातें कर रहा है, यह सववरण सक िाोंच हजार िाोंच सौ वषव के बाद, िरमेश्वर का सबसे सप्रय िुत्र मसीह िृथ्वी िर आया था,
12 और हम ने यह भी स चा, सक कदासचत वही इस्राएल का िरमेश्वर ह , सजस ने मूसा से कहा था, सक तू साक्षीित्र का सन्दू क बनाना; उसकी लम्बाई ढाई हाथ, चौडाई डे ढ़ हाथ, और ऊोंचाई डे ढ़ हाथ की ह । 13 िुराने सनयम के सन्दू क के सनमावण के सलये इन साढ़े िाोंच हाथ के द्वारा हम ने जान सलया, और जान सलया, सक साढ़े िाोंच हजार वषव में यीशु मसीह क दे ह के सन्दू क या तम्बू में आना था। ; 14 और इससलथे हमारे धमविि गवाही दे ते हैं, सक वह िरमेश्वर का िुत्र, और यह वा, और इस्राएल का राजा है। 15 और क्य सों क उसके दु :ख उठाने के बाद हमारे मुख्य याजक उसके द्वारा सदखाए गए सचन् ों से चसकत ह गए थे, इससलये हमने यूसुफ और यीशु की माता मररयम की िीढ़ी तक िीढ़ी-दर-िीढ़ी ख ज करने के सलये उस िुस्क क ख ला, और यह अनुमान लगाया सक वह उसी में से एक है। दाऊद का वोंश; 16 और हमें सृसष्ट का वृत्तान्त समला, और सकस समय उस ने स्वगव, और िृय्वी, और िसहले मनुष्य आदम क बनाया, और उस से जलप्रलय तक द हजार द सौ बारह वषव बीते। 17 और जलप्रलय से इब्राहीम तक नौ सौ बारह िुरूष हुए। और इब्राहीम से मूसा तक चार सौ तीस। और मूसा से लेकर दाऊद राजा तक िाँच सौ दस। 18 और दाऊद से लेकर बाबुल की बन्ुवाई तक िाोंच सौ वषव। और बेबील न की बन्ुवाई से मसीह के दे हधारण तक, चार सौ वषव। 19 इन सबका य ग साढ़े िाोंच हजार ठहरता है। 20 और ऐसा प्रतीत ह ता है, सक सजस यीशु क हम ने िूस िर चढ़ाया, वही यीशु मसीह िरमेश्वर का िुत्र, और सच्चा और सववशल्किमान िरमेश्वर है। तथास्ु।