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Hindi - The First Book of the Shepherd of Hermas, which is called His Visions

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हरमास के चरवाहे की पहली ककताब, किसे कहज कवज़ कहा िाता है दकष 1 1 किसने मुझे पाला-पोसा, उसने रोम मे एक िवान लडकी को बेच किया था; किसे मैने कई साल बाि िे खा, तो मुझे उसकी याि आ गई, और मै उसे बहन की तरह पार करने लगा। कुछ समय बाि ऐसा हआ कक मैने उसे टाइबर निी मे नहाते हए िे खा; और मैने अपना हाथ उसकी तरफ बढाया, और उसे निी से बाहर ले आया। 2 और िब मैने उसे िे खा तो मैने मन ही मन सोचा, 'अगर मुझे ऐसी पती कमले, तो मै ककतना खुश होऊंगा, खूबसूरती और तौरतरीकों िोनों के कलए।' मैने मन ही मन यह सोचा; और कफर मैने कुछ नही ं सोचा। लेककन कुछ ही समय बाि, िब मै चल रहा था और इन कवचारों पर सोच रहा था, तो मैने भगवान की इस रचना का आिर करना शुर कर किया, और मन ही मन सोचने लगा; वह ककतनी नेक और खूबसूरत थी। 3 और िब मै थोडा चला तो मुझे नीि ं आ गई। और आता ने मुझे उठा कलया, और मुझे िाकहनी ओर एक िगह ले गई, िहाँ से कोई आिमी नही ं गुजर सकता था। वह चटानों के बीच की िगह थी, बहत खडी, और पानी के कलए पार करना मुश्ल था। 4 िब मै इस िगह से आगे कनकल गया, तो मै एक मैिान मे आया; और वहाँ घुटनों के बल कगरकर, मै पभु से पाथाना करने लगा, और अपने पापों को मानने लगा। 5 और िब मै पाथाना कर रहा था, तो आसमान खुल गया, और मैने उस औरत को िे खा किसे मै चाहता था, वह मुझे आसमान से सलाम करते हए कह रही थी, 'हे मास, सलाम!' और मैने उसे िे खकर िवाब किया, 'लेडी, तुम यहाँ का कर रही हो?' उसने मुझे िवाब किया, 'मै यहाँ पभु के सामने तुम पर पाप का इलाम लगाने आई हँ ।' 6 मैने कहा, लेडी, का तुम मुझे यकीन किलाओगी? नही ं, उसने कहा: लेककन िो बाते मै तुमसे कहने वाली हँ , उने सुनो। भगवान

िो सगा मे रहते है , और किनोंने सब कुछ कुछ नही ं से बनाया है , और अपने पकवत चचा के कलए उने बढाया है , वे तुमसे नाराज है कोंकक तुमने मेरे शखलाफ पाप ककया है । 7 मैने िवाब मे उससे कहा, “हे लेडी, अगर मैने तुमारे शखलाफ कोई गुनाह ककया है , तो मुझे बताओ कक मैने तुमसे कहाँ , या ककस िगह, या कब कोई गलत या बेईमानी वाली बात कही है ?” 8 का मैने तुमे हमेशा एक औरत नही ं माना? का मैने तुमे हमेशा एक बहन की तरह इजजत नही ं िी? तो कफर तुम मेरे शखलाफ ये बुरी बाते कों सोचती हो? 9 तब उसने मुझ पर मुसुराते हए कहा: तुमारे किल मे बुराई की इचा िाग उठी है । का तुमे यह बुरी बात नही ं लगती कक एक नेक आिमी के किल मे बुरी इचा िाग िाए? 10 ऐसे इं सान के कलए यह सच मे एक पाप है , और यह बहत बडा पाप है; कोंकक एक नेक इं सान वही सोचता है िो नेक होता है । और िब वह ऐसा करता है , और सीधे रासे पर चलता है, तो सगा मे पभु उसके सभी कामों मे उस पर मेहरबान रहे गे। 11 लेककन िो लोग अपने किल मे बुरी बाते सोचते है , वे मौत और कैि मे चले िाते है ; और खासकर वे िो इस िु कनया से पार करते है , और अपनी िौलत पर घमंड करते है , और आने वाली अची चीजों पर धान नही ं िे ते; उनकी आताएँ इधर-उधर भटकती रहती है, और उने पता नही ं होता कक कहाँ रकना है । 12 यह उन लोगों की बात है िो िु कवधा मे है , िो पभु पर भरोसा नही ं करते, और अपने िीवन को तुच समझते है और उसकी परवाह नही ं करते। 13 लेककन तुम पभु से पाथाना करो, और वह तुमारे पापों, और तुमारे पूरे घर के पापों, और उसके सभी संतों के पापों को ठीक कर िे गा। 14 िैसे ही उसने ये बाते कही,ं आसमान बंि हो गया, और मै िु ख और डर से पूरी तरह डूब गया; और मन ही मन कहने लगा, अगर यह मुझ पर पाप का इलाम है , तो मै कैसे बच सकता हँ ? 15 या मै अपने बहत सारे और बडे पापों के कलए पभु से कैसे कवनती कर पाऊंगा? मै ककन शबों से उससे कवनती कर ं गा कक वह मुझ पर िया करे ? 16 िब मै इन बातों के बारे मे सोच रहा था और अपने मन मे उन पर सोच रहा था, तो िे खो, मेरे सामने बरा की तरह चमकती हई सरेि ऊन की एक कुस् रखी थी।


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

17 और एक बूढी औरत चमकीले कपडे पहने, हाथ मे ककताब कलए, आई और अकेली बैठ गई, और मुझे सलाम करते हए कहा, हे मास, सलाम! और मै बहत िु खी और रोते हए बोला, सलाम, लेडी! 18 और उसने मुझसे कहा, हे मास, तुम उिास कों हो, िो सब रखने वाला, कवनम और हमेशा खुश रहने वाला था? मैने िवाब किया, और उससे कहा, लेडी, एक अची औरत ने मुझ पर इलाम लगाया है , िो मुझसे कहती है कक मैने उसके शखलाफ पाप ककया है । 19 उसने िवाब किया, “परमेशर के सेवक से ऐसी कोई बात िू र है । लेककन हो सकता है कक उसकी इचा तुमारे किल मे उठी हो। कोंकक सच मे ऐसा सोचना परमेशर के सेवकों को पाप का िोषी बनाता है ।” 20 और न ही परमेशर के सेवक मे ऐसा कघनौना कवचार होना चाकहए: और न ही किसे आता से मंजूरी कमली है, उसे बुराई की इचा करनी चाकहए; लेककन खासकर हरमास को, िो खुि को सभी बुरी इचाओं से िू र रखता है , और पूरी सािगी और बडी मासूकमयत से भरा है । 21 कफर भी यहोवा तुझ पर उतना गुसा नही ं है कितना तेरे घराने के कारण है, किनोंने यहोवा और उनके माता-कपता के शखलाफ बुरा काम ककया है । 22 और अपने बेटों से पार की विह से, तुमने अपने घराने को नही ं समझाया, बश् उने बुरे काम करने किए; इसी विह से यहोवा तुमसे नाराज है : लेककन वह तुमारे घराने मे हई सभी बुराइयों को ठीक कर िे गा। कोंकक उनके पापों और गलत कामों की विह से , तुम पूरी तरह से िु कनयावी कामों मे फँस गए हो। 23 लेककन अब परमेशर की िया ने तुम पर और तुमारे घराने पर िया की है , और तुमे बहत सुकून किया है । बस तुम भटको मत, बश् शां त रहो और अपने घराने को सुकून िो। 24 िैसे कारीगर अपना काम करके किसे चाहे िे िे ता है , वैसे ही तुम भी हर किन सही काम कसखाकर बडे पाप को काट िो। इसकलए अपने बेटों को समझाना मत छोडो, कोंकक पभु िानता है कक वे पूरे किल से पछतावा करे गे, और उनके नाम िीवन की ककताब मे कलखे िाएँ गे। 25 और िब उसने यह कहा, तो उसने मुझसे कहा, का तुम मुझे पढकर सुनाओगी?—मैने उसे िवाब किया, लेडी, मै सुनूंगा। 26 तो सुनो, उसने कहा; और ककताब खोलकर उसने बडे ही शानिार ढं ग से, बहत ही शानिार ढं ग से और है रानी से ऐसी बाते पढी ं किने मै अपनी याि​िाश मे नही ं रख सकती थी। कोंकक वे बहत ही भयानक बाते थीं, किने कोई भी इं सान सह नही ं सकता था। 27 कफर भी मैने उसके आशखरी शब याि रखे; कोंकक वे बहत कम थे, और हमारे कलए बहत काम के थे। 28 उस ताकतवर पभु को िे खो, किसने अपनी अनिे खी ताकत और अपनी बेहतरीन समझ से िु कनया बनाई, और अपनी शानिार सलाह से अपनी िु कनया को सुंिर बनाया, और अपनी ताकत के वचन से आसमान को बनाया, और धरती को पानी पर बनाया; और इस ताकतवर खूबी से अपने पकवत चचा को बनाया, किसे उसने आशीवा​ा ि किया है । 29 िे खो, वह आसमान, पहाड, पहाकडयाँ और समुद हटा िे गा; और उसके चुने हए लोगों के कलए सब कुछ सार हो िाएगा; ताकक वह उनसे वह वािा पूरा करे किसका उसने वािा ककया है ,

बहत समान और खुशी के साथ; अगर वे परमेशर की आजाओं का पालन करे , िो उने बडे कवशास के साथ कमली है । 30 िब उसने पढना खत ककया, तो वह कुस् से उठी; और िे खो, चार िवान आिमी आए, और कुस् को पूरब की ओर ले गए। 31 और उसने मुझे अपने पास बुलाया, और मेरे सीने को छूकर मुझसे कहा, का मेरा पढना तुमे अचा लगा? मैने िवाब किया, लेडी, ये आशखरी बाते मुझे अची लगी;ं लेककन िो पहले हआ वह बहत सख और कठोर था। 32 उसने मुझसे कहा, ये आशखरी बाते नेक लोगों के कलए है , लेककन ये आगे की बाते बाकगयों और गैर-यहकियों के कलए है । 33 और िब वह मुझसे बात कर रही थी, तो िो आिमी आए, और उसे अपने कंधों पर उठाकर पूरब की ओर चले गए िहाँ कुस् थी। 34 और वह खुशी-खुशी चली गई; और िाते हए उसने मुझसे कहा, हे मा​ा स, कहमत रखो। कविन 2 1 िब मै कूमा िा रहा था, लगभग उसी समय िब मै कपछले साल गया था, तो मुझे वह सपना याि आने लगा िो मैने पहले िे खा था। और कफर से आता मुझे ले गई, और मुझे उसी िगह ले गई, िहाँ मै कपछले साल था। 2 और िब मै उस िगह पहँ चा, तो घुटनों के बल कगरकर पभु से पाथाना करने लगा, और उसके नाम की बडाई करने लगा, कक उसने मुझे योग समझा है, और मेरे कपछले पापों को मुझ पर पकट ककया है । 3 और िब मै पाथाना से उठा, तो मैने अपने सामने उस बूढी औरत को िे खा किसे मैने कपछले साल िे खा था, वह चलती हई और एक ककताब पढ रही थी। 4 और उसने मुझसे कहा, का तुम ये बाते परमेशर के चुने हए लोगों को बता सकती हो? मैने िवाब किया और उससे कहा, लेडी, मै इतनी सारी बाते याि नही ं रख सकता, लेककन मुझे वह ककताब िो, और मै उने कलख लूँगा। 5 वह बोली, इसे ले लो, और िे खो कक तुम इसे मुझे लौटा िो। 6 िैसे ही मुझे यह कमला, मै खेत मे एक िगह गया और हर अकर कलख किया, कोंकक मुझे कोई अकर नही ं कमला। 7 और िैसे ही मैने ककताब मे कलखी बाते खत कीं, ककताब अचानक मेरे हाथ से छीन ली गई, लेककन मैने उसे नही ं िे खा। 8 पंदह किन बाि, िब मैने उपवास ककया और पूरे मन से पभु से पाथाना की, तो मुझे कलखा हआ जान हआ। कलखा हआ यह था: 9 हे हरमास! तेरे वंश ने पभु के कवरु पाप ककया है, और अपनी बडी िु षता के कारण अपने माता-कपता को धोखा किया है । और वे अपने माता-कपता के कवशासघाती कहलाए है , और अपने कवशासघात मे लगे रहे है । 10 और अब उनोंने अपने िू सरे पापों के साथ बितमीजी और अपनी शैतानी की गंिगी भी िोड ली है : इस तरह उनोंने अपने गुनाहों का िायरा बढा किया है । लेककन तुम इन सब बातों से अपने बेटों को डां टना; और अपनी पती को, िो तुमारी बहन होगी; और उसे अपनी जबान पर काबू रखना कसखाओ, किससे वह बुराई करती है । 11 और िब वह ये बाते सुनेगी, तो खुि को रोक लेगी, और उस पर िया की िाएगी।


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

12 और िब तुम इन बातों से उने डां टोगे, किने पभु ने तुमे बताने की आजा िी है , तब उने भी कसखाया िाएगा। 13 तब उनके पाप मार कर किए िाएँ गे, िो उनोंने अब तक ककए है , और उन सभी संतों के पाप भी मार कर किए िाएँ गे किनोंने आि तक पाप ककया है ; अगर वे पूरे किल से मारी माँ गे, और अपने किल से सारे शक कनकाल िे । 14 कोंकक पभु ने अपने चुने हए लोगों के बारे मे अपनी मकहमा की शपथ खाई है , और इसी समय यह तय ककया है कक यकि कोई 5 अब भी पाप करे , तो वह बचाया नही ं िाएगा। 15 कोंकक नेक लोगों के पछतावे का अंत हो गया है; सभी पकवत लोगों के कलए पछतावे के किन पूरे हो चुके है ; लेककन गैर-यहकियों के कलए आशखरी किन तक पछतावा है । 16 इसकलए तुम चचा के अगुआओं से कहो कक वे नेकी से अपने काम करे , ताकक वे वािा ककया हआ पूरा-पूरा और बहत शान से पा सके। 17 इसकलए तुम िो नेकी के काम करते हो, डटे रहो और उसे करते रहो, ताकक तुम पकवत सगािूतों के पास िाओ। 18 तुम खुशककसत हो, िो आने वाली बडी परीका को सह लेगे, और िो अपनी िान नही ं गँवाएं गे। 19 कोंकक पभु ने अपने बेटे की कसम खाई है , कक िो कोई उसके बेटे और उसे अपने िीवन के डर से मना करे गा, वह आने वाली िु कनया मे भी उसे मना करे गा। 20 लेककन िो लोग उसे कभी मना नही ं करे गे, वह अपनी बहत बडी िया से उन पर मेहरबान रहे गा। 21 लेककन हे हरमास! अपने बेटों के ककए बुरे कामों को याि मत करो, और न ही अपनी बहन को नजरअंिाज करो, बश् धान रखो कक वे अपने कपछले पापों को सुधार ले। 22 कोंकक अगर तुम उनके बुरे कामों को याि न रखो, तो वे इसी कशका से सीखे िाएँ गे। 23 कोंकक बुराइयों को याि रखने से मौत आती है , लेककन उने भूल िाने से हमेशा की कजंिगी कमलती है । 24 लेककन हे साधुओ!ं तुमने अपने घर के गुनाहों की विह से बहत सारी िु कनयावी परे शाकनयाँ झेली है, कोंकक तुमने उने ऐसे नजरअंिाज ककया िैसे वे तुमारी नही ं है ; और तुम पूरी तरह से अपने बडे कामों मे लगे हए हो। 25 कफर भी, तुम इसी विह से बच िाओगे कक तुम िीकवत परमेशर से िू र नही ं गए हो, और तुमारी सािगी और खास संयम तुमे बचाए रखेगा, अगर तुम उनमे बने रहोगे। 26 हां , वे उन सभी को बचाएं गे िो ऐसे काम करते है , और मासूकमयत और सािगी से चलते है । 27 इस तरह के लोग हर तरह की बुराई पर िीत हाकसल करे गे, और हमेशा की कजंिगी तक बने रहे गे। 28 धन है वे सब िो नेकी करते है , वे सिा के कलए नष नही ं होंगे। 29 लेककन तुम कहोगे, िे खो, एक बडी परीका आने वाली है । अगर तुमे अचा लगे, तो उसे कफर से मना कर िो। 30 िो लोग यहोवा की ओर कफरते है , वह उनके करीब रहता है , िैसा कक हे लाम और मोिाल की ककताब मे कलखा है , किनोंने िंगल मे इसाएल के लोगों से भकवषवाणी की थी। 31 और भाइयों, िब मै सो रहा था, तो एक बहत अचे िवान आिमी ने मुझे बताया, और पूछा, 'तुम उस बूढी औरत के बारे मे का सोचते हो किससे तुमने यह ककताब ली थी? वह कौन है ?' मैने िवाब किया, 'वह एक कसकबल है ।'

32 उसने कहा, "तुम गलत हो, वह नही ं है ।" मैने िवाब किया, "तो कफर वह कौन है , सर?" उसने मुझे िवाब किया, "वह भगवान का चचा है ।" 33 तब मैने उससे कहा, तो कफर वह बूढी कों किखती है ? उसने कहा, वह बूढी औरत है , कोंकक वह सारी सृकष मे सबसे पहली थी, और िु कनया उसके कलए बनाई गई थी। 34 इसके बाि मैने अपने घर मे एक सपना िे खा, और वह बूढी औरत किसे मैने पहले िे खा था, मेरे पास आई और मुझसे पूछा, कक का मैने उसकी ककताब चचा के बुजुगर को िे िी है ? और मैने िवाब किया, कक मैने अभी तक नही ं िी है । 35 उसने िवाब किया, “तुमने अचा ककया, कोंकक मुझे तुमे कुछ और बाते बतानी है । लेककन िब मै सारी बाते कह िू ँ गी, तो चुने हए लोग उने साफ-साफ समझ िाएँ गे।” 36 और तुम िो ककताबे कलखोगे, और एक केमेट को और एक गैरे को भेिोगे। कोंकक केमेट इसे िू सरे शहरों मे भेिेगा, कोंकक उसे ऐसा करने की इिाजत है : लेककन गैरे कवधवाओं और अनाथों को समझाएगा। 37 लेककन तुम इसी शहर मे चचा के बुजुगर के साथ पढोगे। कविन 3 1 हे भाईयों, िो िशान मैने िे खा वह यह था। 2 िब मैने कई बार उपवास ककया और पभु से पाथाना की कक वह मुझे वह रहस किखाएँ , किसका वािा उनोंने उस बूढी औरत के ज़रए मुझे किखाने का ककया था; उसी रात वह मुझे किखाई िी,ं और मुझसे कहा: 3 कोंकक तुम खुि को इतना परे शान कर रहे हो, और सब कुछ िानने के इतने इचु क हो, तो मैिान मे आओ, िहाँ तुम चाहो, और लगभग छठे घंटे, मै तुमारे सामने आऊँगा, और तुमे वह किखाऊँगा िो तुमे िे खना चाकहए। 4 मैने उससे पूछा, लेडी, खेत के ककस कहसे मे? उसने िवाब किया, िहाँ भी तुम चाहो, बस एक अची और पाइवेट िगह चुन लो। और इससे पहले कक मै उसे िगह बताता, उसने मुझसे कहा: मै वही ं आऊँगी िहाँ तुम चाहोगी। 5 इसकलए, भाइयो, मै खेत मे था, और मैने समय िे खा और उस िगह पर आया िहाँ मैने उसे आने के कलए कहा था। 6 और मैने िे खा कक एक बेच रखी हई है ; वह कलनन का तककया था, और उस पर बकढया कलनन का कपडा कबछा हआ था। 7 िब मैने िे खा कक ये चीजे इस तरह से रखी है , और उस िगह पर कोई नही ं है, तो मै है रान हो गया, मेरे रोंगटे खडे हो गए, और मुझे एक तरह का डर लगने लगा; कोंकक मै अकेला था। 8 लेककन िब मुझे होश आया, और गाि की मकहमा याि आई, और कहमत कमली, तो मै घुटनों के बल कगर पडा, और पहले की तरह कफर से अपने पाप मानने लगा। 9 और िब मै यह कर रहा था, तो वह बूढी औरत उन छह िवानों के साथ वहाँ आई, किने मैने पहले िे खा था, और िब मै पाथाना कर रहा था, तो मेरे पीछे खडी हो गई, और मुझे पाथाना करते और पभु के सामने अपने पाप कबूल करते हए सुना। 10 और मुझे छूकर उसने कहा: अब कसरा अपने पापों के कलए पाथाना करना छोडो; नेकी के कलए भी पाथाना करो, ताकक तुम उसे अपने घर मे पा सको।


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

11 और उसने मुझे उस िगह से उठाया, और मेरा हाथ पकडकर मुझे सीट पर ले आई; और िवानों से कहा, िाओ, और बनाओ। 12 िैसे ही वे चले गए, और हम अकेले रह गए, उसने मुझसे कहा: यही ं बैठो। मैने उसे िवाब किया: लेडी, िो बडे है वे पहले बैठ िाएं । उसने कहा, िैसा मै कहँ , बैठ िाओ। 13 और िब मै िाकहनी ओर बैठना चाहता था, तो उसने मुझे बैठने नही ं किया, बश् हाथ से इशारा ककया कक मै बाईं ओर बैठ िाऊं। 14 इसकलए िब मै सोच रहा था और िु खी था कक वह मुझे िाकहनी तरफ बैठने नही ं िे रही है, तो उसने मुझसे कहा, हे कमास, तुम उिास कों हो? 15 िाकहनी ओर की िगह उन लोगों की है िो पहले ही परमेशर को पा चुके है, और उसके नाम के कलए िु ख उठा चुके है । लेककन तुमारे कलए अभी बहत कुछ बाकी है , इससे पहले कक तुम उनके साथ बैठो। 16 लेककन िैसा तुम ईमानिारी से करते हो, वैसे ही करते रहो, और उनके साथ बैठो; िैसे बाकी सब लोग िो अपना काम करते है, और िो कुछ उनोंने सहा है , उसे भी सहोगे। 17 मैने उससे कहा: लेडी, मै िानना चाहता हँ कक उनोंने काका सहा है ? उसने कहा, तो सुनो: उसके नाम के कलए िंगली िानवर, कोडे , कैि और सूली। 18 इसकलए पकवतता का िाकहना हाथ उनका है, और उन सबका भी िो परमेशर के नाम के कलए िु ख उठाएं गे ; लेककन बायां हाथ बाकी लोगों का है । 19 लेककन तोहरे और वािे िोनों के है , िाईं ओर वालों के भी, और बाईं ओर वालों के भी; बस िाईं ओर बैठने वालों को िू सरों से जािा इजत कमलती है । 20 लेककन तुम उनके साथ िाकहने हाथ बैठना चाहते हो, कफर भी तुममे बहत सी ककमयाँ है । लेककन तुम अपनी ककमयों से शु​ु हो िाओगे, और िो कोई शक नही ं करे गा, वह भी उन सभी पापों से शु​ु हो िाएगा िो उनोंने आि तक ककए है । 21 और यह कहकर वह चली गई। 22 इसकलए, मै उसके पैरों पर कगरकर, पभु के नाम पर उससे कवनती करने लगा कक वह मुझे वह िशान किखाए किसका उसने वािा ककया था। 23 कफर उसने कफर से मेरा हाथ पकडा, और मुझे उठाकर बाईं तरफ की सीट पर कबठाया; और एक चमकिार छडी ऊपर उठाकर मुझसे कहा, का तुमे वह बडी चीज किख रही है ? मैने िवाब किया, लेडी, मुझे कुछ नही ं किख रहा। 24 उसने िवाब किया, का तुमे अपने सामने एक बडा टावर नही ं किख रहा है , िो पानी पर बना है, और किसके चमकीले चौकोर पतर है ? 25 कोंकक वह मीनार उसके साथ आए इन छह िवानों ने एक चौक पर बनाई थी। 26 लेककन कई हजार िू सरे आिमी पतर लाए; कुछ ने उने गहरे पानी से कनकाला, िू सरों ने जमीन से उठाकर उन छह िवानों को िे किया। और उनोंने उने लेकर बनाया। 27 िो पतर गहरे पानी से कनकाले गए थे, उन सबको उनोंने कबश्ं ग मे लगा किया; कोंकक वे पॉकलश ककए हए थे, और उनके चौकोर कहसे एक-िू सरे से कब्ुल मेल खाते थे, और एक-िू सरे से इस तरह िुडा हआ था कक िहाँ वे िुडे थे, वहाँ कोई िगह

नही ं किखती थी, इतना कक पूरा टावर ऐसा लगता था िैसे एक ही पतर से बना हो। 28 लेककन िो िू सरे पतर जमीन से कनकाले गए थे, उनमे से कुछ को उनोंने खा़रि कर किया, और कुछ को इमारत मे कफट कर किया। 29 िो खा़रि कर किए गए थे, उनमे से कुछ को उनोंने काटकर टावर से िू र फेक किया; लेककन उनमे से बहत से टावर के आसपास पडे रहे , किनका उनोंने बनाने मे कोई इसेमाल नही ं ककया। 30 कोंकक इनमे से कुछ खुरिरे थे, कुछ मे िरारे थीं, कुछ सफेि और गोल थे, िो मीनार बनाने के कलए सही नही ं थे। 31 लेककन मैने िे खा कक िू सरे पतर टावर से िू र िाकर हाईवे पर कगर रहे थे, और कफर भी रासे पर नही ं कटके, बश् रासे से लुढककर सुनसान िगह पर चले गए। 32 िू सरों को मैने आग मे कगरते और िलते िे खा; कुछ और पानी के पास कगरे , कफर भी वे उसमे नही ं लुढक सके, हालाँ कक वे पानी मे कगरने के कलए बहत उतुक थे। 33 िब उसने मुझे ये बाते बताईं, तो वह चली िाना चाहती थी, लेककन मैने उससे कहा, “हे लेडी, इन बातों को िे खने से मुझे का फायिा, और मै इनका मतलब न समझूँ?” 34 उसने िवाब किया और मुझसे कहा: तुम बहत चालाक हो, कोंकक तुम टावर से िुडी बाते िानना चाहती हो। हाँ , मैने कहा, लेडी, ताकक मै उने भाइयों को बता सकूँ, और वे खुश हों, और ये बाते सुनकर परमेशर की बडी मकहमा करे । 35 कफर उसने कहा, “बहत से लोग जरर इने सुनेगे, और िब वे इने सुनेगे, तो कुछ खुश होंगे, और कुछ रोएं गे। और कफर भी ये भी, अगर पछताएं गे, तो खुश होंगे।” 36 इसकलए सुनो कक मै मीनार की कहानी के बारे मे का कहँ गा, और इसके बाि खुलासे के बारे मे मुझसे कजि मत करना। 37 कोंकक ये खुलासे पूरे होने पर खत हो िाएँ गे। लेककन तुम खुलासे की चाहत रखना मत छोडो, कोंकक तुम बहत िलबाज हो। 38 किस टावर को तुम बनते हए िे ख रहे हो, वह मै ही हँ, यानी चचा, िो तुमे अब भी और पहले भी किखा है । इसकलए टावर के बारे मे िो कुछ भी तुम चाहो पूछो, और मै तुमे बता िू ँ गा, ताकक तुम संतों के साथ खुशी मना सको। 39 मैने उससे कहा, “लेडी, कोंकक आपने मुझे एक बार इन सब बातों का खुलासा पाने के लायक समझा है, तो मुझे बताइए।” 40 उसने मुझे िवाब किया, “िो कुछ भी तुमे बताना सही है , वह बताया िाएगा; बस तुमारा किल पभु के साथ रहे , और िो कुछ भी तुम िे खोगे, उस पर शक मत करना।” 41 मैने उससे पूछा, लेडी, टावर पानी पर कों बना है ? उसने िवाब किया, मैने तुमसे पहले ही कहा था कक तुमने कबश्ं ग के बारे मे धान से पूछताछ करके बहत समझिारी किखाई, इसकलए तुमे सच पता चल िाएगा। 42 इसकलए सुनो कक टावर पानी पर कों बनाया गया है : कोंकक तुमारी कजंिगी पानी से ही बचाई िाएगी और बचाई िाएगी। कोंकक यह सवाशशकमान और आिरणीय नाम के वचन पर आधा़रत है , और परमेशर की अनिे खी शशक और गुण से कटका हआ है । 43 मैने िवाब किया, “ये चीजे तो बहत अची है; लेककन, लेडी, ये छह िवान कौन है िो इसे बना रहे है ?” 44 उसने कहा, ये परमेशर के ऱरशे है , किने पहले कनयुक ककया गया था, और किने पभु ने अपने सभी पाकणयों को सौंप


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

किया है , ताकक वे उने बनाएँ , बनाएँ और उन पर राि करे । कोंकक इनी ं के दारा टावर का कनमा​ा ण पूरा होगा। 45 और बाकी लोग कौन है िो उने पतर लाते है? 46 वे भी पभु के पकवत सगािूत है ; लेककन िू सरे इनसे बेहतर है । इसकलए िब टावर की पूरी कबश्ं ग बन िाएगी, तो वे सब टावर के पास एक साथ िावत करे गे, और परमेशर की बडाई करे गे, कोंकक टावर का स् टर पूरा हो गया है । 47 मैने उससे पूछा, “मै िानना चाहता हँ कक ये पतर कैसे है और उनका का मतलब है ?” 48 उसने िवाब किया, "का तुम सबसे बेहतर हो कक ये बाते तुमे बताई गईं?" कोंकक िू सरे लोग तुमसे पहले भी है और तुमसे बेहतर भी, किने ये िशान किखाए िाने चाकहए। 49 कफर भी, परमेशर के नाम की मकहमा हो, इसकलए यह तुम पर जाकहर ककया गया है और ककया िाएगा, उन लोगों के कलए िो शक करते है , और अपने किलों मे सोचते है कक ये बाते सच है या नही।ं 50 उनसे कहो कक ये सब बाते सच है , और इनमे कुछ भी ऐसा नही ं है िो सच न हो; बश् सब पकी और सची है । 51 तो अब उन पतरों के बारे मे सुनो िो इमारत मे है । 52 चौकोर और सफेि पतर िो अपनी िोड मे एकिम कमलते है , वे धमािूत, कबशप, डॉकर और मंती है , िो भगवान की िया से आए है, और उनोंने भगवान के चुने हए लोगों पर राि ककया है , कसखाया है और पकवतता और कवनमता से सेवा की है , चाहे वे सो गए हों या अभी भी बचे हों; और हमेशा उनसे सहमत रहे है , और उनके अंिर शां कत रही है , और उनोंने एक-िू सरे की बात सुनी है । 53 इसी कारण से उनके िोड मीनार के कनमा​ा ण मे एक िू सरे से कब्ुल कमलते है । 54 िो लोग गहरे पानी से कनकालकर इमारत मे डाले गए है , और किनके िोड पहले से बने िू सरे पतरों से कमलते है , वे वे है िो पहले से सो चुके है , और किनोंने पभु के नाम के कलए िु ख उठाया है । 55 और और पतर का है , लेडी, िो धरती से लाए गए है? मै िानना चाहता हँ कक वे का है । 56 उसने िवाब किया, “िो जमीन पर लेटे है और किनकी चमक नही ं है , वे वही है किने परमेशर ने पसंि ककया है , कोंकक वे पभु के कनयम पर चले है , और उसकी आजाओं के अनुसार अपने मागा पर चले है ।” 57 िो लोग लाए गए है और मीनार बनाने मे लगाए गए है , वे कवशास मे िवान और ईमानिार है । और उने सगािूतों ने अचा करने की सलाह िी है कोंकक उनमे वह बुराई नही ं पाई िाती। 58 लेककन वे कौन है किने उनोंने ठु करा किया और मीनार के पास रख किया? 59 ये वे लोग है किनोंने पाप ककया है और िो पछतावा करना चाहते है ; इसी विह से उने टावर से िू र नही ं फेका िाता, कोंकक अगर वे पछतावा करे गे तो वे कबश्ं ग के काम आएं गे। 60 इसकलए िो लोग अभी तक पछतावा नही ं करते, अगर वे पछतावा करे गे, तो वे कवशास मे मजबूत होंगे; यानी, अगर वे अभी पछतावा करते है , िबकक टावर बन रहा है । कोंकक अगर कबश्ं ग पूरी हो िाएगी तो उनके रहने के कलए कोई िगह नही ं होगी, बश् उने ़रिेक कर किया िाएगा; कोंकक यह खास अकधकार कसरा उसी को है िो अब टावर के अंिर िाएगा।

61 लेककन का तुम िानोगे कक वे कौन थे किने काटकर टावर से िू र फेक किया गया था? मैने कहा, लेडी, मै यह चाहता हँ । 62 वे अधमा के बचे है , िो कसरा पाखंड पर कवशास करते है , लेककन अपने बुरे रासों से नही ं हटे ; इस विह से वे बच नही ं पाएँ गे, कोंकक उनके पापों की विह से वे बनाने मे ककसी काम के नही ं है । 63 इसकलए वे काटकर अलग कर किए गए, और िू र फेक किए गए, कोंकक यहोवा का गुसा उन पर भडक गया था, और कोंकक उनोंने यहोवा को उन पर गुसा किलाया था। 64 और भी बहत सारे पतर िो तुमने मीनार के चारों ओर रखे िे खे है , लेककन इमारतों मे नही ं लगाए गए; िो पतर मजबूत है , वे वे है किनोंने सचाई को िाना है , लेककन उसमे बने नही ं रहे , न ही पकवत लोगों से िुडे, और इसकलए वे बेकार है । 65 किनके किलों मे िरारे होती है , वे ऐसे लोग है िो एक-िू सरे के शखलाफ अपने किलों मे झगडा करते रहते है और शां कत से नही ं रहते; िो अपने भाइयों के साथ रहते हए तो िोसाना होते है , लेककन िैसे ही वे एक-िू सरे से िू र होते है, उनके किलों मे बुराई बनी रहती है : ये वे िरारे है िो उन पतरों मे किखती है । 66 िो लोग अपाकहि और नाटे है , वे वे है किनोंने यकीन तो ककया है, लेककन कफर भी वे बहत जािा बुराई से भरे हए है : इसी विह से वे अपाकहि है और पूरे नही ं है । 67 लेककन लेडी, ये सफेि और गोल पतर का है, िो टावर बनाने के कलए सही नही ं है? 68 उसने िवाब मे मुझसे कहा: तू कब तक बेवकूर और नासमझ बना रहे गा, सब कुछ पूछता रहे गा और कुछ नही ं समझेगा? 69 वे ऐसे लोग है िो सच मे कवशास रखते है , लेककन उनके पास इस िु कनया की िौलत भी है । इसकलए िब कोई मुसीबत आती है , तो वे अपने िौलत और लेन-िे न के कलए पभु को नकार िे ते है । 70 मैने िवाब किया, “तो कफर ये पभु के कलए कब रायिे मंि होंगे?” उसने कहा, “िब उनकी िौलत, किसमे वे खुश होते है , खत हो िाएगी, तब वे पभु के कलए उसकी इमारत के कलए रायिे मंि होंगे।” 71 कोंकक िैसे गोल पतर को िब तक काटा और थोडा-सा फेका न िाए, उसका आकार चौकोर नही ं हो सकता, वैसे ही िो लोग इस िु कनया मे अमीर है, िब तक उनकी िौलत को काटा न िाए, वे पभु के कलए रायिे मंि नही ं हो सकते। 72 अपने अनुभव से यह सीखो; िब तुम अमीर थे, तो तुम बेकार थे; लेककन अब तुम फायिे मंि हो, और उस कजंिगी के कलए कफट हो िो तुमने शुर की है ; कोंकक तुम भी कभी उन पतरों मे से एक थे। 73 बाकी पतर किने तुमने मीनार से िू र फेका हआ िे खा, और िो रासे मे भागते हए, और सुनसान िगहों पर लुढकते हए िे खे, वे ऐसे है किनोंने सच मे कवशास ककया था, लेककन शक की विह से उनोंने सचा रासा छोड किया, यह सोचकर कक उने कोई बेहतर रासा कमल सकता है । लेककन वे भटकते है और िु खी है , और सुनसान रासों पर िा रहे है । 74 तो िो पतर आग मे कगरकर िल गए, वे वे लोग है िो हमेशा के कलए िीकवत परमेशर से िू र हो गए है ; और न ही उनके किल मे कभी पछतावा करने की बात आती है , कोंकक वे अपनी वासनाओं और अपने ककए गए बुरे कामों से बहत पार करते है । 75 और िो बाकी बचे हए पानी के पास कगरे , और पानी मे नही ं लुढक सके, वे का है ?


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

76 ये वे लोग है किनोंने वचन सुना था, और पभु के नाम पर बपकतसा लेने को तैयार थे; लेककन सचाई के कलए जररी बडी पकवतता को धान मे रखते हए, वे पीछे हट गए, और कफर से अपनी बुरी इचाओं के पीछे चलने लगे। 77 इस तरह उसने मीनार की वाया पूरी की। 78 लेककन मैने कफर भी जोर िे कर उससे पूछा, का उन सभी पतरों को पछतावा करने की इिाजत है िो इस तरह फेक किए गए है और टावर बनाने के कलए सही नही ं थे; और का उने इस टावर मे िगह कमलेगी? 79 उसने कहा, वे पछतावा कर सकते है, लेककन वे इस टावर मे नही ं आ सकते; बश् उने बहत नीचे रखा िाएगा, और इसके बाि वे िु ख झेल चुके होंगे, और उनके पापों के किन पूरे हो चुके होंगे। 80 और इसी विह से वे हटा किए िाएँ गे, कोंकक उने नेकी का वचन कमला है : और कफर वे अपनी तकलीरों से कनकल िाएँ गे, अगर उनके किल मे यह सही एहसास हो कक उनोंने का गलत ककया है । 81 लेककन अगर उनके किल मे यह समझ नही ं होगी, तो वे अपने किल की कठोरता के कारण बच नही ं पाएं गे। 82 िब मैने उससे इन सब बातों के बारे मे पूछा, तो उसने मुझसे कहा, का तुम कुछ और िे खना चाहते हो? और उसे िे खने की इचा से मै बहत खुश हो गया। 83 इसकलए उसने मेरी तरफ िे खा और थोडा मुसुराकर मुझसे कहा, का तुम टावर के पास सात औरतों को िे ख रहे हो? मैने कहा, लेडी, मै उने िे ख रहा हँ । 84 उसने िवाब किया, यह मीनार पभु के आिे श के अनुसार उनके दारा बनाई गई है: इसकलए उनके काम सुनो। 85 उनमे से पहली, िो अपने हाथ से मजबूती से पकडती है , उसका नाम कवशास है , उसके दारा चुने हए लोग बचेगे। िू सरी, िो कमरबंि पहने हए है , और मिा​ा ना किखती है , उसका नाम संयम है : वह कवशास की बेटी है । 86 इसकलए िो कोई भी उसके पीछे चलेगा, वह अपनी पूरी कजंिगी खुश रहे गा, कोंकक वह सभी बुरे कामों से िू र रहे गा, और यह मानेगा कक अगर वह खुि को सभी वासनाओं से िू र रखेगा, तो वह हमेशा की कजंिगी का वा़रस होगा। और, लेडी, मैने पूछा, बाकी पाँ च का है ? 87 उसने िवाब किया, वे एक-िू सरे की बेकटयाँ है । उनमे से पहली का नाम सािगी है ; िू सरी का नाम मासूकमयत है ; तीसरी का नाम कवनमता है; कफर अनुशासन है ; और सबसे आशखरी का नाम िान है । इसकलए िब तुम उनकी माँ के काम पूरे कर लोगी, तो तुम सब कुछ कर पाओगी। 88 मैने कहा, लेडी, मै िानना चाहता हँ कक इनमे से हर एक मे का खास गुण है । 89 उसने िवाब किया, तो सुनो; उनमे बराबर खूकबयां है , और उनकी खूकबयां आपस मे िुडी हई है , और िैसे वे पैिा हई थीं, वैसे ही एक-िू सरे के पीछे -पीछे चलती है । 90 कवशास से संयम आता है; संयम से सािगी; सािगी से मासूकमयत; मासूकमयत से कवनमता; कवनमता से अनुशासन और िान। इसकलए इनके काम पकवत, पकवत और सही है । 91 इसकलए िो कोई इनकी सेवा करे गा और इनके कामों मे लगा रहे गा, वह परमेशर के पकवत लोगों के साथ मीनार मे रहे गा। 92 तब मैने उससे समय के कवषय मे पूछा, कक का अन कनकट आ गया है ?

93 लेककन वह जोर से कचलाई, “अरे बेवकूर! का तू मीनार को अभी भी एक इमारत नही ं िे खता?” इसकलए िब मीनार पूरी हो िाएगी और बन िाएगी, तो उसका अंत होगा; और सच मे यह िल ही पूरा हो िाएगा। 94 लेककन मुझसे और सवाल मत पूछो। िो कहा गया है , वह तुमारे और सभी संतों के मन को तरोताजा करने के कलए काफी है । कोंकक ये बाते कसरा तुमे ही नही ं बताई गई है, बश् इसकलए बताई गई है ताकक तुम इने सब पर जाकहर कर सको। 95 इसकलए, हे हम्स, तीन किन बाि तुमे ये बाते समझ लेनी चाकहए िो मै तुमसे कहना शुर कर रहा हँ , ताकक तुम इने पकवत लोगों के कानों मे सुना सको; ताकक िब वे इने सुन ले और करे , तो वे अपने पापों से शु​ु हो िाएं , और तुम भी उनके साथ। 96 इसकलए, हे मेरे बेटों, मेरी बात सुनो। मैने तुमे परमेशर के पेम के कलए बहत सािगी, मासूकमयत और शमा के साथ पाला है , िो तुम पर नेकी के साथ बरसा है, ताकक तुम सभी पापों और बुराइयों से पकवत और सही ठहराए िाओ; लेककन तुम अपने बुरे कामों से बाि नही ं आओगे। 97 इसकलए अब मेरी बात सुनो, और एक िू सरे के साथ शां कत रखो, और एक िू सरे का याल रखो, और एक िू सरे को अपनाओ, और कसरा परमेशर की बनाई चीजों का मजा मत लो। 98 जररतमंिों को मुफ मे िो। कोंकक कुछ लोग बहत जािा खाने से अपने शरीर मे कमजोरी लाते है और अपने शरीर को नुकसान पहँ चाते है ; िबकक िू सरों का शरीर, किने खाना नही ं कमलता, सूख िाता है , कोंकक उने पूरा पोषण नही ं कमलता, और शरीर खत हो िाते है । 99 इसकलए यह जािा खाना तुमारे कलए नुकसानिायक है , किनके पास है , और िो चाहते है उने नही ं िे ते। उस सजा के कलए तैयार हो िाओ िो तुम पर आने वाली है । 100 हे बडे लोगों, िब तक मीनार अधूरी है, भूखे लोगों को ढू ं ढो। कोंकक िब मीनार बन िाएगी, तो तुम भलाई करने को तैयार होगे, और उसमे तुमे कोई िगह नही ं कमलेगी। 101 इसकलए, तुम िो अपनी िौलत पर घमंड करते हो, सावधान रहो, कही ं ऐसा न हो कक िो लोग जररत मे है वे कराहे , और उनकी आहे परमेशर तक पहँ चे, और तुम अपने माल के साथ टावर के गेट के बाहर बंि हो िाओ। 102 िे खो, अब मै तुमे चेतावनी िे ता हँ, िो चचा के ऊपर बैठे हो, और सबसे ऊँची सीटों से पार करते हो, कक तुम उन लोगों िैसे मत बनो िो बुराई करते है । 103 और वे तो अपना जहर बकों मे रखते है , लेककन तुम अपना जहर और इं फेकन अपने किलों मे रखते हो, और उने सार नही ं करते, और अपनी समझ को सार किल से नही ं कमलाते, ताकक तुम पर महान रािा की िया हो। 104 मेरे बचों, धान रखना कक तुमारे झगडे तुमारी कजंिगी छीन न ले। तुम परमेशर के चुने हए लोगों को कैसे कसखाओगे, िब तुम खुि सुधार नही ं चाहते ? इसकलए एक-िू सरे को समझाओ, और आपस मे शां कत से रहो, ताकक मै तुमारे कपता के सामने खडा होकर, पभु को तुमारा कहसाब िे सकूँ। 105 और िब उसने मुझसे बात खत की, तो बनाने वाले छह िवान आए और उसे टावर पर ले गए; और चार और लोग उस सीट पर बैठ गए किस पर वह बैठी थी, और वे भी वापस टावर पर चले गए। मैने उनके चेहरे नही ं िे खे, कोंकक उनकी पीठ मेरी तरफ थी।


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

106 िब वह िा रही थी, तो मैने उससे पूछा कक वह मुझे बताए कक वह ककन तीन रपों मे मेरे सामने आई थी। 107 उसने िवाब किया, “इन बातों के बारे मे तुमे कुछ और पूछना होगा, ताकक वे तुमे पता चल सके।” 108 अब, भाइयो, कपछले साल पहले िशान मे, वह मुझे बहत बूढी किखाई िी, और एक कुस् पर बैठी हई थी। 109 िू सरे सपने मे, उसका चेहरा तो िवान था, लेककन उसका शरीर और बाल बूढे थे; लेककन वह मेरे साथ खडी होकर बात कर रही थी, और पहली बार से जािा खुश थी। 110 तीसरे िशान मे, वह हर तरह से बहत िवान और िे खने मे सुंिर लग रही थी; बस उसके बाल ककसी बूढे आिमी िैसे थे; कफर भी वह खुश किख रही थी, और एक सीट पर बैठी थी। 111 इसकलए मै इन बातों को लेकर बहत िु खी था, िब तक कक मै उस िशान को समझ नही ं गया। 112 इसकलए मैने रात मे एक सपने मे उसी बूढी औरत को मुझसे कहते हए िे खा, हर पाथाना मे बेइजती जररी है । इसकलए उपवास करो, और तुम पभु से सीखोगे कक तुम का मां ग रहे हो। इसकलए मैने एक किन उपवास ककया। 113 उसी रात एक िवान आिमी मेरे सामने आया और बोला, तुम अपनी पाथानाओं मे इतनी बार रहसोुाटन कों चाहते हो? धान रखना कक बहत सी चीजे माँ गकर तुम शरीर को नुकसान न पहँ चाओ। ये रहसोुाटन तुमारे कलए कारी है । 114 का तुम उन खुलासों से जािा खास खुलासे िे ख सकते हो िो तुमे पहले ही कमल चुके है? 115 मैने िवाब किया और उससे कहा, सर, मै उस बूढी औरत के तीन रपों के बारे मे िो मुझे किखाई किए, बस यही एक बात पूछता हँ , ताकक रे वेलेशन पूरा हो सके। 116 उसने मुझे िवाब किया, “तुममे समझ की कमी नही ं है , बश् तुमारे शक तुमे ऐसा बनाते है , कोंकक तुमारा किल पभु के साथ नही ं है ।” 117 मैने िवाब किया, लेककन हम ये बाते आपसे और धान से सीखेगे। 118 तो कफर वह कहता है , उन आं कडों के बारे मे सुनो किनके बारे मे तुम पूछ रहे हो। 119 और सबसे पहले, पहले िशान मे वह तुमे एक कुस् पर बैठी एक बूढी औरत के रप मे किखाई िी, कोंकक तुमारी पुरानी आता तुमारी कमजो़रयों और तुमारे किल की उलझन की विह से कमजोर और कमजोर हो गई थी। 120 कोंकक िैसे बूढे लोगों को खुि को नया करने की कोई उमीि नही ं होती, और न ही वे अपने िाने के अलावा ककसी और चीज की उमीि करते है ; वैसे ही तुम भी अपनी िु कनयावी बातों मे कमजोर होकर आलस मे पड गए, और अपनी कचंता को खुि से हटाकर पभु पर नही ं लगाया: और तुमारी समझ कन्ूज हो गई, और तुम अपनी उिासी मे बूढे हो गए। 121 लेककन, सर, मै िानना चाहता हँ कक वह कुस् पर कों बैठी थी? 122 उसने िवाब किया, कोंकक हर कमजोर इं सान अपनी कमजोरी की विह से कुस् पर बैठता है , ताकक उसकी कमजोरी बनी रहे । इसकलए पहले िशान का उिाहरण िे खो। 123 िू सरे िशान मे तुमने उसे खडा िे खा, और उसका चेहरा िवान था, और वह पहले से जािा खुश थी; लेककन उसका शरीर और बाल पुराने हो गए थे। उसने कहा, यह कहानी भी सुनो।

124 िब कोई बूढा हो िाता है , तो वह अपनी कमजोरी और गरीबी की विह से खुि से कनराश हो िाता है , और अपनी कजंिगी के आशखरी किन के अलावा ककसी और चीज की उमीि नही ं करता। 125 लेककन अचानक उसे एक कवरासत कमलती है , और वह इसके बारे मे सुनता है , और उठ खडा होता है; और खुश होकर, उसमे नई ताकत आ िाती है । और वह अब बैठता नही,ं बश् खडा हो िाता है , और अपने पहले के िु ख से छु टकारा पा लेता है ; और बैठता नही ं, बश् मिा​ा ना काम करता है । 126 इसकलए िब तुमने वह रहस सुना िो परमेशर ने तुम पर जाकहर ककया, कोंकक परमेशर को तुम पर िया आई और तुमारी आता को नया कर किया, तो तुमने अपनी कमजो़रयाँ िू र कर िी,ं और तुममे ताकत आई, और तुम कवशास मे मजबूत होते गए; और परमेशर ने तुमारी ताकत िे खकर खुशी मनाई। 127 इसी विह से उसने तुमे मीनार बनाना किखाया, और अगर तुम आपस मे पूरे किल से शां कत रखोगे, तो वह तुमे और भी चीजे किखाएगा। 128 लेककन तीसरे िशान मे तुमने उसे और भी िवान, सुंिर और खुशकमिाि, और शां त चेहरे वाला िे खा। 129 कोंकक िैसे कोई अची खबर िु खी इं सान के पास आती है , तो वह तुरंत अपना िु ख भूल िाता है, और िो अची खबर उसने सुनी है , उसके अलावा ककसी और चीज पर धान नही ं िे ता; और बाकी चीजों से उसे तसली कमलती है, और िो खुशी उसे कमली है , उससे उसकी आता तरोताजा हो िाती है : वैसे ही इन अची बातों को िे खकर तुमारी आता भी तरोताजा हो गई है । 130 और कोंकक तुमने उसे एक बेच पर बैठे िे खा, यह एक मजबूत श्कत को किखाता है ; कोंकक एक बेच के चार पैर होते है और वह मजबूती से खडी होती है । और िु कनया भी चार ततों से बनी हई है । 131 इसकलए िो लोग पूरी तरह से पशाताप करते है , वे िवान रहे गे; और िो लोग पूरे किल से अपने पापों से िू र हो िाते है, वे ्ाकपत होंगे। 132 और अब िब तुमे पूरी तरह से रे वेलेशन कमल गया है, तो अब और कुछ और रे वेलेशन पाने के कलए मत पूछो। 133 लेककन अगर कोई बात जाकहर होनी है , तो वह तुम पर जाकहर हो िाएगी। कविन 4 1 हे भाईयों, मैने कपछले िशान के बीस किन बाि एक िशान िे खा; िो आने वाली मुसीबत की कनशानी थी। मै खेत मे िा रहा था। 2 अब पश्क रासे से उस िगह तक िहाँ मै गया था, लगभग िस फलाल ग है ; यह एक ऐसा रासा है िहाँ बहत कम लोग आतेिाते है: 3 और िब मै अकेला चल रहा था, तो मैने पभु से कवनती की कक वह उन खुलासों को पका करे िो उसने अपने पकवत चचा के ज़रए मुझे किखाए थे: 4 और अपने सभी सेवकों को, किनोंने गलती की थी, पछतावा करने का मौका िे गा, ताकक उसके महान और आिरणीय नाम की मकहमा हो, और कोंकक उसने मुझे इस लायक समझा कक मै उसे अपने चमतार किखा सकूँ, और मै उसका आिर कर सकूँ, और उसका धनवाि कर सकूँ।


हरमास के चरवाहे की पहली ककताब - िशान

5 और िे खो, एक आवाज ने मुझे िवाब किया; शक मत करो, हरमास। इसकलए मै सोचने लगा, और अपने मन मे कहने लगा; मुझे शक कों करना चाकहए, िबकक मै पभु के साथ इतना िुडा हआ हँ , और मैने इतनी शानिार चीजे िे खी है? 6 मै थोडा और आगे बढा था, भाइयो, कक मैने िे खा कक धूल आसमान की ओर उठ रही है । मै मन ही मन सोचने लगा, का कोई िानवरों का झंुड आ रहा है , िो ऐसी धूल उडा रहा है? 7 यह मुझसे करीब एक फलाल ग िू र था। और िे खो, मैने धूल को और जािा ऊपर उठते िे खा, इतना कक मुझे शक होने लगा कक इसमे कुछ अिीब बात है । 8 और सूरि थोडा चमका: और िे खो मैने एक बडा िानवर िे खा, िो वे ल िैसा था; और उसके मुंह से आग िैसी कटक्यां कनकल रही थीं। िानवर की ऊंचाई लगभग सौ फीट थी, और उसका कसर एक बडे कमटी के बतान िैसा था। 9 मै रोने लगा और पभु से पाथाना करने लगा कक वह मुझे इससे बचाए। कफर मुझे वह बात याि आई िो मैने सुनी थी: हे हरमास, शक मत करो। 10 इसकलए, हे भाईयों, मैने ईशरीय कवशास रखते हए, और यह याि करते हए कक ककसने मुझे बडी-बडी बाते कसखाई थीं, खुि को शरीर सकहत उस िानवर को सौंप किया। 11 अब वह िानवर इस तरह से आया, मानो वह एक ही बार मे ककसी शहर को खा िाएगा। 12 मै उसके पास गया, और िानवर ने अपना पूरा शरीर जमीन पर फैला कलया, और अपनी िीभ के अलावा कुछ नही ं कनकाला, और िब तक मै उसके पास से पूरी तरह कनकल नही ं गया, तब तक वह एक बार भी नही ं कहला। 13 अब उस िानवर के कसर पर चार रं ग थे; पहला काला, कफर लाल और खूनी रं ग, कफर सुनहरा, और कफर सफेि। 14 उसके बाि मै वहाँ से गुजरा और करीब तीस फीट आगे बढा, तो िे खो, वहाँ एक कुंवारी लडकी मुझे कमली, िो ऐसे सिी-धिी थी िैसे अभी-अभी अपने िु लन के कमरे से कनकली हो, पूरी तरह सरेि कपडे पहने हए थी, उसने सरेि िूते पहने थे, चेहरे पर घूँघट था और उसके बाल चमक रहे थे। 15 अब मुझे अपने कपछले िशानों से पता चल गया था कक यह चचा था, और तब मै और खुश हो गया। उसने मुझे सलाम करते हए कहा, 'हे लो, ओ मैन!' मैने भी िवाब मे सलाम करते हए कहा, 'लेडी, हे ल!' 16 उसने िवाब मे मुझसे कहा, "हे मनुष, का तुमे कुछ नही ं कमला?" मैने िवाब किया, "लेडी, मुझे एक ऐसा िानवर कमला, िो पूरे लोगों को खा सकता था; लेककन भगवान की शशक और उनकी अनोखी िया से मै उससे बच गया।" 17 उसने कहा, तुम इससे बच गए, कोंकक तुमने अपनी सारी कचंता भगवान पर डाल िी, और अपना किल उसके कलए खोल किया, यह कवशास करते हए कक तुम उसके महान और समाननीय नाम के अलावा ककसी और चीज से सुरककत नही ं रह सकते। 18 इसी विह से पभु ने अपने िू त को, िो उस िानवर पर है , किसका नाम हे कगन है , भेिा और उसका मुंह बंि कर किया, ताकक वह तुमे खा न सके। तुम अपने कवशास के कारण एक बडी परीका से बच गए हो, और कोंकक तुमने ऐसे भयानक िानवर पर शक नही ं ककया।

19 इसकलए िाओ और परमेशर के चुने हए लोगों को बताओ कक उसने तुमारे कलए का-का बडे काम ककए है । और तुम उनसे कहना कक यह िानवर आने वाली परीका का पतीक है । 20 इसकलए, अगर तुम खुि को तैयार करोगे, तो तुम इससे बच सकते हो, अगर तुमारा किल साफ और बेिाग हो; और अगर तुम अपने बाकी किनों मे कबना कशकायत के भगवान की सेवा करोगे। 21 अपनी सारी कचंताएँ पभु पर डाल िो, और वह उने ठीक कर िे गा। हे शक करने वालों, परमेशर पर कवशास रखो, कोंकक वह सब कुछ कर सकता है ; वह अपना गुसा तुमसे िू र कर सकता है , और तुमे मि​ि और सुरका िे सकता है । 22 अरसोस है उन पर िो शक करते है , िो ये बाते सुनकर उने तुच समझेगे; उनके कलए अचा होता कक वे पैिा ही न होते। 23 कफर मैने उससे उन चार रं गों के बारे मे पूछा िो िानवर के कसर पर थे। लेककन उसने मुझे िवाब किया, 'तुम कफर से उतुक हो कक तुम इन चीजों के बारे मे पूछ रहे हो।' लेककन मैने उससे कहा, 'लेडी, मुझे किखाओ कक वे का है ।' 24 उसने कहा, सुनो; िो काला रं ग तुमने िे खा है , वह उस िु कनया को किखाता है किसमे तुम रहते हो। आग िैसा और खूनी रं ग बताता है कक इस युग को आग और खून से खत कर िे ना चाकहए। 25 सोने का कहसा तुम हो, िो इससे बच कनकले हो। कोंकक िैसे सोना आग मे तपाकर रायिे मंि बनता है, वैसे ही तुम भी िो इस िु कनया के लोगों के बीच रहते हो, तपे िाते हो। 26 इसकलए िो लोग आशखर तक कटके रहे गे और उनके दारा परखे िाएं गे, वे शु​ु ककए िाएं गे। और िैसे सोना इस परीका से शु​ु होता है और उसका मैल कनकल िाता है, वैसे ही तुम भी सारे िु ख और परे शानी को िू र कर िोगे, और मीनार बनाने के कलए शु​ु हो िाओगे। 27 लेककन सरेि रं ग आने वाले समय को किखाता है , किसमे परमेशर के चुने हए लोग रहे गे: कोंकक परमेशर के चुने हए लोग हमेशा की कजंिगी तक पकवत और बेिाग रहे गे। 28 इसकलए तुम पकवत लोगों के कानों मे ये बाते कहना बंि मत करो। यहाँ तुमारे सामने आने वाले बडे संकट का उिाहरण है ; िो अगर तुम चाहो तो तुमारे कलए कुछ भी नही ं होगा। इसकलए िो बाते मैने तुमसे कही है , उने याि रखो। 29 िब उसने इतना कहा, तो वह चली गई; लेककन मैने नही ं िे खा कक वह कहाँ गई। लेककन अचानक मुझे एक आवाज सुनाई िी, और मै डरकर पीछे मुडा, कोंकक मुझे लगा कक िानवर मेरी तरफ आ रहा है ।


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