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Hindi - The Epistle of Ignatius to the Philadelphians

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फिलाडे ल्फायाफाफिय के फलए इगाफाफा का पत अधाफ 1 1 इग्नाटि, जो निटोफोरि भी कहल्त् है , परमनपत् परमे शर और हम्रे पभर टीशर मिीह की उि कलीनिट् की ओर, जो एनशट् के नफल्डे लनफट् मे है ; नजिने दट् प्र की है , ईशर की िहमनत मे स्र हो गट् है , और हम्रे पभर के जर नून मे हमे श् आनस्त रह् है , और उिके परनरु्न के म्धम िे िभी दट् मे पूर् हआ है : नजिे मै टीशर मिीह के रक मे भी नमस्र करत् हू , जो हम्र् श्शत और ननम् ल है आनूद; निशेषकर टनद िे निशप, और उिके ि्ि रहने ि्ले पेसेारोू, और टीशर मिीह के मन के अनरि्र ननटर क नकए गए उपट्जकोू के ि्ि एकत् मे है ; नजिे उि ने अपनी इच् के अनरि्र अपने पनित आत् के द्र् पूरी दृत् िे ्​्नपत नकट् है : 2 मै ज्नत् हू नक नकि निशप ने तर म्रे िीच िह मह्न् िेि् प्र की, न अपनी ओर िे, न मनरषोू के द्र्, न वि् मनहम् के क्रण; परनर परमनपत् परमे शर और हम्रे पभर टीशर मिीह के पेम िे। 3 नजिके िूटम की मै पशूि् करत् हू ; जो अपनी ख्मोशी िे अपनी ि्री वि् ि्तोू मे दू िरोू िे अनिक करने मे िकम है । कोूनक िह आज्ओू िे, और िीण् उिके त्रोू िे जर ड् हआ है । 4 इि क्रण मे र् मन परमे शर की ओर उिके मन को ि​ि गर णोू िे फलद्टक, और निद ज्नकर अनत िरखी िमझत् है ; स्रत् िे भरपूर, जर नून िे मर क, और जीनित ईशर के िभी िूटम के अनरि्र। 5 इिनलटे जोनत और ित दोनोू की िन्न हो ज्ती है ; फूा और झूठे निद्ू तोू िे भ्गो; परनर जह्ू तर म्र् चरि्ह् हो, तर म भे ड-िकररटोू की न्ईू उनके पीछे पीछे हो लेते हो। 6 कोूनक िहत िे भे नडटे निश्ि के टोग ज्न पडते है , और जो परमे शर के म्ग् पर चलते है , उने झूठी पिरत् िे िनर आई मे ले ज्ते है ; परनर िूनि मे उने कोई ्​्न न नमलेग्। 7 इिनलटे उन िर री जडी-िू नाटोू िे दू र रहो नजने टीशर पनहन्त् नहीू; कोूनक ि्प क् ि्ग्न ऐि् नहीू है . ऐि् नहीू है नक मै ने तर म्रे िीच कोई निभ्जन प्ट् है , िस् हर तरह की पनितत् दे खी है । 8 कोूनक नजतने परमे शर और टीशर मिीह के है , िे भी अपने िम्​् धक के ि्ि है । और नजतने लोग पश्त्प के ि्ि चच् की एकत् मे लौाे गे, िे भी परमे शर के िेिक होूगे, त्नक िे टीशर के अनरि्र जी िके। 9 हे भ्इटो, िोख् न ख्ओ; टनद कोई उिके पीछे हो ले जो कलीनिट् मे फूा ड्लत् है , तो िह परमे शर के र्ज क् ि्ररि न होग्। टनद कोई नकिी अन मत के पीछे चलत् है , तो िह मिीह के जर नून िे िहमत नहीू है । 10 इिनलए आपक् पट्ि टह होन् च्नहए नक आप िभी एक ही पनित टर कररस मे भ्ग ले। 11 कोूनक हम्र् पभर टीशर मिीह एक ही तन है ; और उिके खून की एकत् मे एक काोर्; एक िेदी; 12 जै ि् एक निशप और उिक् पि्न भी है , और मे रे िहकम् िेिक भी है , इिनलटे नक तर म जो करछ करो, परमे शर की इच् के अनरि्र करो। अधाफ दि 1 हे मे रे भ्इटोू, जो पेम मै ने तर म िे नकट् है , िह मर झे और भी िड् करत् है ; और मै तर झ िे िड् आनस्त होकर तर झे िूका िे िच्ने क् टत करत् हू ; ट् टूँ कहे नक मै नहीू, िस् टीशर मिीह; नजिके िू िन मे िू िने िे मर झे और भी अनिक डर लगत् है , कोूनक मै अभी भी केिल पीड् के र्से पर हू । 2 परनर परमे शर िे तर म्री प्ि्न् मर झे निद िन्एगी, नक मै उि भ्ग को प्र कर िकू, जो परमे शर की दट् िे मर झे िौूप् गट् है : िरिम्च्र की ओर ऐिे भ्गो, जै िे मिीह की दे ह के; और पेररतोू को चच् के पेसेारी के रप मे । 3 आओ हम भनिषदक्ओू िे भी पेम रखे , कोूनक उनोूने हमे िरिम्च्र की ओर, और मिीह पर आश् रखने , और उि की ि्ा जोहने मे अगर ि्ई दी है । 4 और नजि पर निश्ि करके टीशर मिीह की एकत् मे िे उद्र प् गए; पनित वसक होने के न्ते, प्र प्ने के टोग और आशट् चनकत होने के टोग; 5 नजनोूने टीशर मिीह की ओर िे गि्ही प्ई है , और हम्री ि्झी आश् के िरिम्च्र मे नगने गए है । 6 परनर टनद कोई तर मे टहदी वि्​् क् पच्र करे , तो उिकी न िरनन्; कोूनक नजि क् खतन् हआ है उि िे मिीह की नशक् गहण करन् उतम है , न नक नजि क् खतन् हआ है उि िे टहदी िम् की नशक् गहण करन्। 7 परनर टनद िे दोनोू मिीह टीशर के निषट मे करछ न िोले , तो िे मर झे मरे हओू के स्रक, और कबे ही पतीत होते है , नजन पर केिल मनरषोू के न्म ही नलखे हए है । 8 इिनलटे इि जगत के पि्न की िर री च्लोू और ज्लोू िे िचो; कहीू ऐि् न हो नक तर म उिकी िूत्त् िे दिकर अपने द्न मे ठू डे पड ज्ओ। लेनकन िभी एक ि्ि एक ही ्​्न पर अनिभ्नजत हदट के ि्ि आएू । 9 और मै अपके परमे शर को िनि्द दे त् हू , नक मै तर म्रे पनत शरद नि​िेक रखत् हू , और तर म मे िे नकिी को न तो पगा और न गर र मे घमण करने क् अि​िर नमलत् है , नक मै ने उि पर िहत ट् िोड् भ्र ड्ल् है । 10 और मै च्हत् हू , नक नजन िभोूिे मै ने ि्ते की, िे उनके निरद गि्ही न दे ने प्एू ।

11 कोूनक टदनप नकतनोू ने शरीर के अनरि्र मर झे िोख् दे न् च्ह्, तौभी आत् जो परमे शर की ओर िे है , िोख् नहीू ख्त्; कोूनक िह ज्नत् है नक कह्ू िे आत् है और नकिर को ज्त् है , और हदट के भे दोू को ज्नत् है । 12 जि मै तर म्रे िीच मे ि्, ति मै रोट्; मै ऊँचे सर मे िोल्: निशप, और पेसेारी, और डीकन की िेि् करो। 13 अि नकतनोू ने टह िमझ्, नक मै तर म्रे िीच होनेि्ले फूा को पहले िे दे खकर टह कह रह् हू । 14 परनर िही मे र् गि्ह है , नजि के क्रण मै ऐिे िनन मे हू , नक मै ने नकिी िे करछ नहीू िीख्। परनर आत् ने इि िर सदम्नी िे कह्: निशप के निन् करछ भी मत करो: 15 अपने शरीरोू को परमे शर के मस्र के िम्न रख, एकत् िे पेम रख; पभ्गोू िे भ्गो; मिीह के अनरट्टी िनो, जै िे िह अपने नपत् के िे। 16 इिनलटे मै ने एकत् मे स्र मनरष के िम्न िैि् ही नकट्। कोूनक जह्ू फूा और कोि है , िह्ू परमे शर ननि्ि नहीू करत्। 17 परनर टनद िे परमे शर की एकत्, और िम्​् धक की िमनत की ओर नफरे , तो पभर उन ि​ि को कम् कर दे त् है । 18 कोूनक मै टीशर मिीह के अनरगह पर भरोि् रखत् हू , नक िह तर मे ि​ि िू िनोू िे छर ड्एग्। 19 तौभी मै तर म िे निनती करत् हू , नक झगडे के नलटे करछ न करो, परनर मिीह की नशक् के अनरि्र करो। 20 कोूनक मै ने नकतनोूको टह कहते िरन् है ; जि तक मर झे टह मू ल मे नलख् हआ नहीू नमल ज्त्, मै निश्ि नहीू कर ू ग् नक टह िरिम्च्र मे नलख् हआ है । और जि मै ने कह्, नलख् है ; उनोूने िही उतर नदट् जो उनकी भ् पनतटोू मे उनके ि्मने ि्। 21 परनर मे रे नलटे िूि्र के ि​ि अकर ष स्रकोू के ्​्न पर टीशर मिीह है ; उन ननषलूक स्रकोू के ि्ि, उिक् कूि, और मृ तर, और परनरु्न, और िह निश्ि जो उिके द्र् है ; नजिके द्र् मै आपकी प्ि्न्ओू के म्धम िे न्टिूगत होन् च्हत् हू । 22 ट्जक िचमर च अचे है ; परनर िह मह्ट्जक िहत अच् है , नजिे परमपनित ्​्न िौूप् गट् है ; और नजिे अकेले ही परमे शर के रहस िौूपे गए है । 23 िह नपत् क् द्र है ; नजि िे इब्हीम, और इिह्क, और ट्कूि, और ि​ि भनिषदक् पिेश करते है ; ि्ि ही पेररत, और चच्। 24 और टे ि​ि ि्ते उि एकत् की ओर पिृत होती है जो परमे शर की ओर िे है । ह्ल्ँ नक िरिम्च्र मे करछ है । इिमे अन िभी वि्​्ओू िे कहीू ऊपर क् है ; अि्​् त्, हम्रे उद्रकत्​् , पभर टीशर मिीह की उपस्नत, उनक् जर नून और परनरु्न। 25 कोूनक नपट भनिषदक्ओू ने उि की चच्​् की िी; परनर िरिम्च्र अनिन्शीत् की पूण्त् है । इिनलटे ि​ि नमलकर अचे है , टनद तर म द्न के ि्ि निश्ि करो। अधाफ 3 1 अि जह्ू तक अन्नकट् की कलीनिट् क् प् है जो िीररट् मे है , मर झे ित्ट् गट् है नक आपकी प्ि्न्ओू और टीशर मिीह मे उिके पनत आपके हदट िे, िह श्ू नत मे है ; परमे शर की कलीनिट् के रप मे, आप नकिी उपट्जक को परमे शर के दू त के रप मे उनके प्ि ज्ने के नलए ननटर क करे गे; त्नक जि िे इकटे होू तो िह उनके ि्ि आन् मन्ए, और परमे शर के न्म की मनहम् करे । 2 टीशर मिीह मे िह मनरष िन है , जो ऐिी िेि् के टोग ठहरे ग्; और तर म भी मनहम् प्ओगे । 3 अि टनद तर म च्हो, तो परमे शर के अनरगह के नलिे ऐि् करन् तर म्रे नलिे अनहोन् नहीू; ि्ि ही अन पडोिी चच् ने भी, करछ निशपोू, करछ परज्ररटोू और उपट्जकोू ने उने भे ज् है । 4 जह्ू तक नकनलनकट् के उपट्जक नफलो की ि्त है , जो एक अतूत टोग वसक है , िह अभी भी परमे शर के िचन मे मे री िेि् करत् है : अग्िोपोनलि के रे उि के ि्ि, एक निलकण अच् वसक, जो िीररट् िे भी मे रे पीछे आट् है , अपने जीिन के ि्रे मे नहीू: टे तर म भी गि्ही दो। 5 और मै आप ही तर म्रे नलटे परमे शर क् िनि्द करत् हू , नक तर म उने िैिे गहण करते हो, जै िे टहोि् तर मे गहण करत् है । परनर नजनोूने उनक् अन्दर नकट्, िे टीशर मिीह के अनरगह िे कम् नकए ज्एू । 6 तोआि के भ्इटोूकी द्नशीलत् तर झे नमस्र कहती है ; जह्ू िे मै अि िर रहि के द्र् नलखत् हू , नजिे इनफिरि और सररन् के लोगोूने मे रे ि्ट आदर के नलिे भे ज् है । 7 हम्र् पभर टीशर मिीह उनक् आदर करे ; नजि पर िे शरीर, और प्ण, और आत् दोनोू िे आश् रखते है ; निश्ि मे , पेम मे , एकत् मे । मिीह टीशर मे निद्ई हम्री ि्म्न आश् है ।


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Hindi - The Epistle of Ignatius to the Philadelphians by Filipino Tracts and Literature Society Inc. - Issuu