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Hindi - The Death, Burial, and Resurrection of Jesus Christ

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यीशु मसीह की मृत ु , दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ तब मूसन ़े इसनरा के सभी बुजु​ुर को बुानयन और उ़से कहन, “अप़े-अप़े पररवनरों के हहसनब से रक-रक मेम़न चु़कर फसह कन मेम़न मनरो। और तुम जूफे कन रक ु​ुचन ाेकर उसे कटोरे मे भरे खू़ मे डु बो़न, और कटोरे मे भरे खू़ से चौखट और दो़ों चौखटों पर मनऱन; और तुम मे से कोई भी सुबह तक अप़े घर के दरवनजे से बनहर ़ जनर। कोंहक यहोवन हमहसयों को मनऱे के हार जनरुन; और जब वह चौखट और दो़ों चौखटों पर खू़ दे खेुन, तो यहोवन दरवनजे को छोड दे ुन, और ़नश कऱे वनाे को तुमनरे घरों मे तुमे मनऱे के हार अंदर ़ही ं आ़े दे ुन।” ह़ु्म़ 12:21-23 और अुर हकसी आदमी ़े मौत के ानयक पनप हकयन हो, और उसे मौत की सजन हमा़ी हो, और तुम उसे पेड पर ाटकन दो: तो उसकी ानश पूरी रनत पेड पर ़ रहे , बल् तुम उसे उसी हद़ दफ़न दे ़न; (कोंहक हजसे फनँ सी दी जनती है वह भुवऩ कन शनहपत होतन है ;) तनहक तुमनरी जमी़, हजसे तुमनरन भुवऩ यहोवन तुमे हवरनसत मे दे तन है , अपहवत ़ हो। ववयनहववरव 21:22-23 कोंहक कुतों ़े मुझे घेर हायन है : बुरे ाोुों की भीड ़े मुझे घेर हायन है : उनों़े मेरे हनथ और पैर छे द हदर है । मै अप़ी सनरी हह्यनँ बतन सकतन हँ : वे मुझे दे खते और घूरते है । वे मेरे कपडे आपस मे बनँ ट ाेते है , और मेरे कपडों पर हचह्यनँ डनाते है । भज़ 22:16-18 और बयनसठ हफे बनद मसीहन कन अंत हो जनरुन, ाेहक़ वह खुद ़ही ं मरे ुन: और आ़े वनाे रनजकुमनर के ाोु शहर और पहवत जुह को ़ष कर दे ुे; और उसकन अंत बनढ से होुन, और युद के अंत तक तबनही तय है । दनह़येा 9:26 और मै दनऊद के घरऩे और यरशाेम के रह़े वनाों पर कृपन और पनथ़्न की आतन उं डेाूंुन; और वे मुझे दे खेुे हजसे उनों़े छे दन है , और उसके हार ऐसे रोरं ुे जैसे कोई अप़े इकाौते बेटे के हार रोतन है , और उसके हार वैसे ही दु खी होंुे जैसे कोई अप़े जेठे बेटे के हार दु खी होतन है । जकयन् ह 12:10 कोंहक मै़े सबसे पहाे तुमे वही बतनयन जो मुझे हमान थन, हक मसीह हमनरे पनपों के हार शनसों के अ़ुसनर मरन; और उसे दफ़नयन ुयन, और शनसों के अ़ुसनर वह तीसरे हद़ हफर जी उठन: 1 कुररल्यों 15:3-4

पैुंब र यशनयनह यशनयनह 53 1 हमनरी खबर पर हकस़े यकी़ हकयन? और यहोवन कन हनथ हकस पर जनहहर हआ? 2 कोंहक वह उसके सनम़े रक कोमा पौधे की तरह और सूखी जमी़ से ह़काी जड की तरह बढे ुन; उसकन ़ तो कोई रप है , ़ ही कोई सुंदरतन; और जब हम उसे दे खेुे, तो उसमे कोई सुंदरतन ़ही ं होुी हक हम उसे चनहे ।


यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

3 वह तुच जऩन जनतन है और ाोुों ़े उसे ठु करन हदयन है ; वह दु खों कन आदमी है , और दु ख से उसकी जऩपहचऩ है : और हम़े उससे अप़न चेहरन हछपन हायन; वह तुच समझन ुयन, और हम़े उसकी इजत ़ही ं की। 4 बेशक उस़े हमनरे दु ख सहे है , और हमनरे दु ख उठनर है ; हफर भी हम़े उसे भुवऩ कन मनरन हआ, और दु खी समझन। 5 ाेहक़ वह हमनरे ु​ु़नहों की वजह से घनया हआ, वह हमनरे ु​ु़नहों की वजह से कुचान ुयन: हमनरी शनं हत की सजन उस पर पडी; और उसके कोडे खऩे से हम ठीक हो ुर। 6 हम सब भेडों की तरह भटक ुर है ; हम मे से हर रक अप़े-अप़े रनसे पर चान ुयन है ; और यहोवन ़े हम सब के अधम् कन बोझ उसी पर डना हदयन है । 7 उस पर जु​ु हकयन ुयन, और वह दु ख झेा रहन थन, हफर भी उस़े अप़न मुँह ़ही ं खोान: वह वध के हार मेम़े की तरह ानयन ुयन, और जैसे भेड अप़े ऊ़ कतऱे वनाों के सनम़े चुप रहती है , वैसे ही उस़े अप़न मुँह ़ही ं खोान। 8 उसे जेा से और सजन से ह़कनान ुयन: और उसकी पीढी को कौ़ बतनरुन? कोंहक वह हजंदन ाोुों की दु ह़यन से कनट हदयन ुयन: मेरे ाोुों के ु​ु़नहों की वजह से उस पर मनर पडी। 9 और उसकी कब दु षों के सनथ ब़ी, और उसकी मौत अमीरों के सनथ हई; कोंहक उस़े कोई हहं सन ़ही ं की थी, और ़ उसके मुँह से कोई छा ह़कान थन। 10 हफर भी यहोवन को यही अचन ाुन हक वह उसे कुचाे; उस़े उसे दु ख हदयन है : जब तू उसकी आतन को पनप के हार बहादऩ करे ुन, तो वह अप़न वंश दे खेुन, वह अप़े हद़ बढनरुन, और यहोवन की इचन उसके हनथ मे सफा होुी। 11 वह अप़े म़ की तकाीफ दे खेुन और खुश होुन; अप़े जऩ से मेरन ़ेक सेवक बहतों को सही ठहरनरुन; कोंहक वह उ़के ु​ु़नहों कन बोझ उठनरुन। 12 इसहार मै उसे बडे ाोुों के सनथ हहसन दू ँ ुन, और वह तनकतवर ाोुों के सनथ ाूट कन मना बनँ टेुन; कोंहक उस़े अप़ी जऩ मौत के हार दे दी है : और वह ु​ु़नहुनरों के सनथ हु़न ुयन; और उस़े बहतों के ु​ु़नह कन बोझ उठनयन, और ु​ु़नहुनरों के हार बीच-बचनव हकयन।

मैथ ू कन सुस मनचनर मती 26 1 जब यीशु ़े ये सब बनते कह ाी,ं तो उस़े अप़े चेाों से कहन, 2 तुम जऩते हो हक दो हद़ बनद फसह कन तोहनर है , और इं सऩ कन बेटन कूस पर चढऩे के हार धोखन हदयन जनरुन। 3 तब मुख पुजनरी, शनसी और ाोुों के बुजु​ु् कैफन ़नम के मुख पुजनरी के महा मे इक्न हर। 4 और उनों़े सानह की हक वे यीशु को धोखे से पकडकर मनर डनाे। 5 ाेहक़ उनों़े कहन, तोहनर के हद़ ़ही,ं कही ं ऐसन ़ हो हक ाोुों मे हं ुनमन हो जनर। 6 जब यीशु बैतह़यनह मे शमौ़ कोढी के घर मे थन, 7 रक औरत उसके पनस आई, हजसके पनस बहत कीमती इत से भरन रक संुमरमर कन हडबन थन। जब वह खऩन खन रहन थन, तो उस़े उसके हसर पर इत उं डेा हदयन। 8 ाेहक़ जब उसके चेाों ़े यह दे खन, तो वे ु​ुसन हर और कह़े ाुे, “यह बबन् दी कों हो रही है ?” 9 कोंहक यह तेा बहत जनदन दनम मे बेचन जन सकतन थन और ुरीबों को हदयन जन सकतन थन। 10 जब यीशु को यह बनत समझ मे आई, तो उस़े उ़से कहन, “ औरत को कों परे शऩ करते हो? उस़े मेरे सनथ अचन कनम हकयन है ।” 11 कोंहक ुरीब तो तुमनरे सनथ हमेशन रहते है , पर मै तुमनरे सनथ हमेशन ़ही ं रहतन। 12 कोंहक उस़े मेरे शरीर पर यह तेा ाुनयन है , और यह मेरे दफ़ के हार हकयन है । 2


यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

13 मै तुमसे सच कहतन हँ , पूरी दु ह़यन मे जहनँ कही ं भी यह खुशखबरी फैानई जनरुी, वहनँ इस औरत के हकर कनमों की भी यनद हदानई जनरुी। 14 तब बनरह चेाों मे से रक, हजसकन ़नम यहदन इसररयोती थन, मुख पुजनररयों के पनस ुयन। 15 और उ़से कहन, “अुर मै उसे तुमनरे हवनाे कर दू ं , तो तुम मुझे कन दोुे?” तब उनों़े उससे तीस चनं दी के हसकों पर समझौतन हकयन। 16 और उसी समय से वह उसे धोखन दे ़े कन मौकन ढूंढ़े ाुन। 17 अब हब़न खमीर की रोटी के तोहनर के पहाे हद़ चेाे यीशु के पनस आर और उससे पूछन, “तुम कहनँ चनहते हो हक हम तुमनरे हार फसह खऩे की तैयनरी करे ?” 18 उस़े कहन, “ शहर मे ऐसे आदमी के पनस जनओ और उससे कहो, ु​ुर कहते है , मेरन समय आ ुयन है ; मै अप़े चेाों के सनथ तेरे घर पर फसह म़नऊंुन।” 19 और चेाों ़े वैसन ही हकयन जैसन यीशु ़े उने कऱे को कहन थन; और उनों़े फसह तैयनर हकयन। 20 जब शनम हई, तो वह बनरह चेाों के सनथ बैठ ुयन। 21 जब वे खन रहे थे, तो उस़े कहन, “ मै तुमसे सच कहतन हँ हक तुम मे से रक मुझे धोखन दे ुन।” 22 तब वे बहत दु खी हर, और उ़मे से हर रक उससे कह़े ाुन, हे पभु, कन वह मै हं ? 23 उस़े जवनब हदयन, “ जो मेरे सनथ थनाी मे हनथ डनाेुन, वही मुझे पकडवनरुन।” 24 इं सऩ कन बेटन तो जनतन ही है , जैसन उसके बनरे मे हाखन है : ाेहक़ उस आदमी पर अफसोस हजसके जररर इं सऩ कन बेटन धोखन हदयन जनतन है ! उस आदमी के हार अचन होतन अुर वह पैदन ही ़ होतन। 25 तब यहदन, हजस़े उसे धोखन हदयन थन, ़े उतर हदयन, हे सनमी, कन मै हं ? उस़े उससे कहन, तू ही कह रहन है । 26 और जब वे खन रहे थे, तो यीशु ़े रोटी ाी, और उसे धनवनद हदयन, और तोडी, और चेाों को दी, और कहन, ाो, खनओ; यह मेरन शरीर है । 27 तब उस़े पनान हायन, और धनवनद करके उने दे कर कहन, तुम सब इसमे से पीओ। 28 कोंहक यह ़र ह़यम कन मेरन खू़ है , जो बहतों के पनपों की मनफी के हार बहनयन ुयन है । 29 ाेहक़ मै तुमसे कहतन हँ , मै अब से अंुूर कन यह रस तब तक ़ही ं पीऊँुन, जब तक मै अप़े हपतन के रनज मे तुमनरे सनथ ़यन ़ पीऊँ। 30 और जब उनों़े भज़ ुनयन, तो वे जैतू़ पहनड पर चाे ुर। 31 तब यीशु ़े उ़से कहन, “ तुम सब आज रनत मेरे कनरव ठोकर खनओुे, कोंहक हाखन है , मै चरवनहे को मनर ं ुन, और झंुड की भेडे हततर-हबतर हो जनरं ुी।” 32 ाेहक़ जब मै हफर से जी उठूंुन, तो तुमसे पहाे ुाीा जनऊंुन। 33 पतरस ़े जवनब हदयन, “अुर सब ाोु तेरे कनरव ़नरनज हो जनरं , तो भी मै कभी ़नरनज ़ही ं होऊंुन।” 34 यीशु ़े उससे कहन, “ मै तुझसे सच कहतन हँ हक आज रनत मु​ु् के बनँ ु दे ़े से पहाे तू ती़ बनर मुझसे इननर करे ुन।” 35 पतरस ़े उससे कहन, “अुर मुझे तुमनरे सनथ मऱन भी पडे , तो भी मै तुमे म़न ़ही ं कर ँ ुन।” सब चेाों ़े भी ऐसन ही कहन। 36 तब यीशु उ़के सनथ ुतसम़ी ़नम की जुह पर आयन और चेाों से कहन, “ तुम यही ं बैठो, मै वहनँ जनकर पनथ़्न करतन हँ ।” 37 और वह पतरस और जबी के दो़ों बेटों को सनथ ाेकर बहत दु खी और उदनस रह़े ाुन। 38 तब उस़े उ़से कहन, “ मेरन म़ बहत दु खी है , यहनँ तक हक मऱे वनान है : तुम यही ं रको और मेरे सनथ जनुते रहो।” 39 हफर वह थोडन और आुे ुयन, और मुँह के बा हुरकर पनथ़्न कऱे ाुन, “ हे मेरे हपतन, अुर हो सके तो यह पनान मुझसे टा जनर; हफर भी जैसन मै चनहतन हँ वैसन ़ही,ं बल् जैसन तू चनहतन है वैसन हो।” 40 हफर वह चेाों के पनस आयन और उने सोतन हआ पनयन, और पतरस से कहन, “ कन तुम मेरे सनथ रक घंटन भी जनु ़ही ं सकते?”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

41 जनुते रहो और पनथ़्न करो, तनहक तुम परीकन मे ़ पडो: आतन तो तैयनर है , परनु शरीर कमजोर है । 42 वह दू सरी बनर हफर ुयन और पनथ़्न करते हर कहन, “ हे मेरे हपतन, अुर यह पनान मेरे पीर हब़न मुझसे दू र ़ही ं हो सकतन, तो तेरी इचन पूरी हो।” 43 और वह आयन और उने हफर से सोते हर पनयन, कोंहक उ़की आँ खे भनरी थी।ं 44 तब वह उने छोडकर हफर चान ुयन, और वही बनते कहकर तीसरी बनर पनथ़्न की। 45 तब वह अप़े चेाों के पनस आयन और उ़से कहन, “ अब सो जनओ और आरनम करो; दे खो, वह समय आ ुयन है , और इं सऩ कन बेटन पनहपयों के हनथों मे पकडवनयन जन रहन है ।” 46 उठो, चाे; दे खो, मुझे धोखन दे ़े वनान पनस आ ुयन है । 47 और जब वह यह कह ही रहन थन, तो दे खो, यहदन, जो बनरह मे से रक थन, आयन, और उसके सनथ मुख पुजनररयों और ाोुों के बुजु​ुर की तरफ से तावनरे और ानहठयनँ हार रक बडी भीड थी। 48 अब उसके सनथ धोखन कऱे वनाे ़े उने यह इशनरन हदयन, हक हजसे मै चूमूंुन, वही है ; उसे कसकर पकड ाे़न। 49 और वह तुरंत यीशु के पनस आयन और कहन, “पभु, ़मसनर,” और उसे चूमन। 50 तब यीशु ़े उससे कहन, “ हमत, तू कों आयन है ?” तब वे आर, और यीशु पर हनथ डनाकर उसे पकड हायन। 51 और दे खो, यीशु के सनथ वनाों मे से रक ़े हनथ बढनकर अप़ी तावनर ह़कनाी और महनयनजक के रक सेवक पर वनर करके उसकन कऩ उडन हदयन। 52 तब यीशु ़े उससे कहन, “ अप़ी तावनर वनपस अप़ी जुह पर रख ाे, कोंहक जो तावनर चानते है , वे सब तावनर से ही मनरे जनरँ ुे।” 53 कन तुम सोचते हो हक मै अभी अप़े हपतन से पनथ़्न ़ही ं कर सकतन, और वह मुझे अभी सु्दूतों की बनरह फौज से जनदन भेज दे ुे? 54 ाेहक़ हफर पहवत शनस की यह बनत कैसे पूरी होुी हक ऐसन ही हो़न चनहहर? 55 उसी समय यीशु ़े भीड से कहन, “ कन तुम तावनरे और ानहठयनं ाेकर मुझे चोर की तरह पकड़े आर हो? मै तो हर हद़ तुमनरे सनथ मंहदर मे बैठकर हसखनतन थन, और तुम़े मुझे ़ही ं पकडन।” 56 ाेहक़ यह सब इसहार हआ तनहक भहवषवयनओं की हाखी बनते पूरी हों। तब सब चेाे उसे छोडकर भनु ुर। 57 और हजनों़े यीशु को पकडन थन, वे उसे महनयनजक कैफन के पनस ाे ुर, जहनँ शनसी और बुजु​ु् इक्न हर थे। 58 ाेहक़ पतरस दू र से ही उसके पीछे -पीछे महनयनजक के महा तक ुयन, और अंदर जनकर अंत दे ख़े के हार ़ौकरों के सनथ बैठ ुयन। 59 अब मुख यनजकों, पुरह़यों और पूरी महनसभन ़े यीशु को मनर डना़े के हार उसके लखानफ झूठी ुवनही ढूंढी। 60 ाेहक़ कोई ़ही ं हमान: हनँ , हनानँ हक बहत से झूठे ुवनह आर, हफर भी उने कोई ़ही ं हमान। आलखर मे दो झूठे ुवनह आर, 61 और कहन, “इस आदमी ़े कहन, मै परमेशर के मंहदर को तोड सकतन हँ और ती़ हद़ मे ब़न सकतन हँ ।” 62 तब महनयनजक ़े उठकर उससे कहन, कन तू कुछ जवनब ़ही ं दे तन? ये तेरे लखानफ कन ुवनही दे रहे है ? 63 ाेहक़ यीशु चुप रहे । महनयनजक ़े जवनब हदयन, “मै तुमे जीहवत परमेशर की शपथ हदानतन हँ हक तुम हमे बतनओ हक कन तुम मसीह, परमेशर के पुत हो।” 64 यीशु ़े उससे कहन, “ तू़े कह हदयन है : हफर भी मै तुझसे कहतन हँ , हक इसके बनद तू म़ुष के पुत को सनमथ् के दनहह़े हनथ बैठे, और आकनश के बनदाों मे आते हर दे खेुन।” 65 तब महनयनजक ़े अप़े कपडे फनडकर कहन, “उस़े ईशर की ह़ंदन की है ; अब हमे ुवनहों की कन जररत है ? दे खो, अब तुम़े उसकी ईशर की ह़ंदन सु़ी है ।” 66 तुम कन सोचते हो? उनों़े जवनब हदयन, वह मौत की सजन कन हकदनर है ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

67 तब उनों़े उसके मुँह पर थूकन, और उसे घूँसे मनरे ; और दू सरों ़े उसे अप़े हनथों की हथेहायों से मनरन, 68 हे मसीह, हम से भहवषवनवी करके कह, हक तुझे हकस़े मनरन? 69 अब पतरस महा के बनहर बैठन थन, और रक ाडकी उसके पनस आई और बोाी, “तू भी ुाीा के यीशु के सनथ थन।” 70 ाेहक़ उस़े सबके सनम़े इ़कनर करते हर कहन, “मै ़ही ं जऩतन हक तू कन कह रही है ।” 71 जब वह बरनमदे मे ुयन, तो दू सरी ़ौकरऩी ़े उसे दे खन, और वहनँ मौजूद ाोुों से कहन, “यह आदमी भी ़नसरत के यीशु के सनथ थन।” 72 और उस़े हफर कसम खनकर म़न हकयन, मै उस आदमी को ़ही ं जऩतन। 73 थोडी दे र बनद जो ाोु पनस खडे थे, वे उसके पनस आर और पतरस से कहन, “जरर तुम भी उ़मे से रक हो; कोंहक तुमनरी बनते तुमे हदखनती है ।” 74 तब वह ुनाी दे ़े और कसम खऩे ाुन, और कह़े ाुन, मै उस आदमी को ़ही ं जऩतन। और तुरन मु​ु् ़े बनं ु दी। 75 तब पतरस को यीशु की वह बनत यनद आई, जो उस़े उससे कही थी, “मु​ु् के बनं ु दे ़े से पहाे, तू ती़ बनर मेरन इननर करे ुन।” और वह बनहर ुयन और फूट-फूट कर रोयन। मती 27 1 जब सुबह हई, तो सभी मुख पुजनररयों और ाोुों के बुजु​ुर ़े यीशु को मनर डना़े की सनहजश रची। 2 और जब उनों़े उसे बनं ध हायन, तो वे उसे ाे ुर, और ुव़्र पोंहटयस हपानतुस को सौंप हदयन। 3 तब यहदन, हजस़े उसे धोखन हदयन थन, जब उस़े दे खन हक उसे सजन हमाी है , तो उसे पछतनवन हआ और वह चनँ दी के तीस हसके मुख पुजनररयों और बुजु​ुर के पनस वनपस ाे आयन। 4 उनों़े कहन, “मै़े पनप हकयन है हक मै़े बेु​ु़नहों कन खू़ हकयन है ।” उनों़े कहन, “हमे इससे कन? तुम ही इसे समझो।” 5 और उस़े चनँ दी के हसके मंहदर मे फेक हदर, और चान ुयन, और जनकर फनँ सी ाुन ाी। 6 तब मुख पुजनररयों ़े चनँ दी के हसके ाेकर कहन, “इने खजऩे मे डना़न सही ़ही ं है , कोंहक यह खू़ की कीमत है ।” 7 और उनों़े सानह करके उ़से कुमनर कन खेत खरीद हायन, तनहक परदे हसयों को उसमे दफ़न सके। 8 इसहार उस खेत कन ़नम आज तक खू़ कन खेत पडन। 9 तब हयम्यनह ़बी की कही बनत पूरी हई, “उनों़े वे तीस चनँ दी के हसके हार, यह उस आदमी की कीमत थी हजसे इसरनरहायों ़े कीमती मऩन थन।” 10 और मै़े उने कुमनर के खेत के हार दे हदयन, जैसन हक पभु ़े मुझे ह़युय हकयन थन। 11 और यीशु ुव़्र के सनम़े खडन थन: और ुव़्र ़े उससे पूछन, "कन तुम यहहदयों के रनजन हो?" यीशु ़े उससे कहन, " तुम ही कह रहे हो।" 12 और जब मुख यनजकों और बुजु​ुर ़े उस पर इलनम ाुनयन, तो उस़े कुछ जवनब ़ही ं हदयन। 13 तब पीानतुस ़े उससे कहन, “कन तू ़ही ं सु़तन हक ये ाोु तेरे लखानफ हकत़ी बनते ुवनही दे रहे है ?” 14 और उस़े उसे रक भी बनत कन जवनब ़ही ं हदयन; यहनँ तक हक ुव़्र को बहत है रऩी हई। 15 उस तोहनर पर ुव़्र की आदत थी हक वह ाोुों के हार रक कैदी को ररहन कर दे तन थन, हजसे वे चनहते थे। 16 और उस समय उ़के पनस बरअबन ़नम कन रक जऩन-मऩन कैदी थन। 17 इसहार जब वे इक्न हर, तो पीानतुस ़े उ़से कहन, “तुम हकसे चनहते हो हक मै तुमनरे हार छोड दू ं ? बरअबन को यन यीशु को, जो मसीह कहानतन है ?” 18 कोंहक वह जऩतन थन हक उनों़े जा़ के कनरव उसे पकडवनयन थन। 19 जब वह ननय-पीठ पर बैठन, तो उसकी पती ़े उसके पनस यह संदेश भेजन, “उस ़ेक आदमी से कुछ मत ाे़न, कोंहक मै़े आज उसके कनरव सप़े मे बहत दु ख झेाे है ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

20 ाेहक़ मुख पुजनररयों और बुजु​ुर ़े भीड को समझनयन हक वे बरअबन से पूछे और यीशु को मनर डनाे। 21 ुव़्र ़े जवनब मे उ़से पूछन, “तुम दो़ों मे से हकसे चनहते हो हक मै तुमनरे हार छोड दू ं ?” उनों़े कहन, “बरअबन को।” 22 पीानतुस ़े उ़से कहन, “तो हफर मै यीशु के सनथ कन कर ँ , जो मसीह कहानतन है ?” सब़े उससे कहन, “उसे कूस पर चढनयन जनर।” 23 ुव़्र ़े पूछन, “कों, उस़े कन बुरनई की है ?” ाेहक़ वे और भी जोर से हचलऩे ाुे, “उसे सूाी पर चढन हदयन जनर।” 24 जब पीानतुस ़े दे खन हक वह कुछ ़ही ं कर सकतन, बल् इसके बजनय हं ुनमन हो रहन है , तो उस़े पऩी ाेकर भीड के सनम़े अप़े हनथ धोर और कहन, “मै इस ़ेक आदमी के खू़ से बेु​ु़नह हँ : तुम इसकन धऩ रख़न।” 25 तब सब ाोुों ़े उतर हदयन, हक उसकन खू़ हम पर और हमनरे बचों पर हो। 26 तब उस़े बरअबन को उ़के हार छोड हदयन, और यीशु को कोडे ाुवनकर कूस पर चढऩे के हार सौंप हदयन। 27 तब ुव़्र के हसपनही यीशु को कॉम़ हॉा मे ाे ुर, और हसपनहहयों की पूरी टोाी उसके पनस इक्न कर ाी। 28 और उनों़े उसके कपडे उतनरकर उसे ाना रं ु कन कपडन पह़न हदयन। 29 और जब उनों़े कनं टों कन तनज बु़कर उसके हसर पर रखन, और उसके दनहह़े हनथ मे रक सरकंडन हदयन: और वे उसके सनम़े घुट़े टे ककर उसकन मजनक उडनते हर कह़े ाुे, यहहदयों के रनजन, सानम! 30 तब उनों़े उस पर थूकन, और सरकंडन ाेकर उसके हसर पर मनरन। 31 और जब वे उसकन मजनक उडन चुके, तो उनों़े उसकन चोुन उतनरकर उसी के कपडे उसे पह़न हदर, और उसे सूाी पर चढऩे के हार ाे ुर। 32 जब वे बनहर ह़काे , तो उने सनइरे ़ कन रक आदमी हमान, हजसकन ़नम सनइम़ थन: उनों़े उसे अप़न कॉस उठऩे के हार मजबूर हकयन। 33 और जब वे ुोाुोथन ़नम की जुह पर पहँ चे, यऩी खोपडी की जुह, 34 उनों़े उसे हपत हमान हआ हसरकन पी़े को हदयन, और जब उस़े उसे चखन तो उस़े पी़न ़ही ं चनहन। 35 और उनों़े उसे सूाी पर चढन हदयन, और हचह्यनँ डनाकर उसके कपडे बनँ ट हार: तनहक वह बनत पूरी हो जो भहवषवयन ़े कही थी, हक उनों़े मेरे कपडे आपस मे बनँ ट हार, और मेरे कपडे पर हचह्यनँ डनाी।ं 36 और वे वही ं बैठकर उसे दे खते रहे ; 37 और उसके हसर के ऊपर उसकन दोषपत हाखकर ाुन हदयन, हक यह यहहदयों कन रनजन यीशु है । 38 तब उसके सनथ दो चोर भी कूस पर चढनर ुर, रक दनहह़ी ओर और दू सरन बनईं ओर। 39 और जो ाोु वहनँ से ु​ुजरते थे, वे हसर हहानते हर उसकी बुरनई करते थे। 40 और कहन, “हे मंहदर को तोड़े वनाे और ती़ हद़ मे ब़ऩे वनाे , अप़े आप को बचन ाे। अुर तू परमेशर कन बेटन है , तो कूस से ़ीचे उतर आ।” 41 इसी तरह मुख पुजनररयों ़े भी शनलसयों और बुजु​ुर के सनथ हमाकर उसकन मजनक उडनयन और कहन, 42 उस़े दू सरों को बचनयन; वह खुद को ़ही ं बचन सकतन। अुर वह इसनरा कन रनजन है , तो अब कूस से उतर आर, और हम उस पर हवशनस करे ुे। 43 उस़े परमेशर पर भरोसन रखन; यहद वह उसे चनहतन है , तो अब उसे छु डन ाे , कोंहक उस़े कहन थन, मै परमेशर कन पुत हं । 44 और जो चोर उसके सनथ कूस पर चढनर ुर थे, उनों़े भी यही बनत उसके मुँह पर डनाी। 45 छठे घंटे से ाेकर ़ौवे घंटे तक सनरे दे श मे अंधेरन छनयन रहन। 46 और ाुभु ़ौवे घंटे यीशु ़े ऊँची आवनज मे पुकनरन, “ राी, राी, ानमन सबनकथऩी? यऩी, मेरे परमेशर, मेरे परमेशर, तू़े मुझे कों छोड हदयन?” 47 जो ाोु वहनँ खडे थे, उ़मे से कुछ ़े यह सु़कर कहन, “यह आदमी रहायनह को बुान रहन है ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

48 और उ़मे से रक तुरंत दौडन, और रक संज हायन, और उसे हसरके मे डु बोयन, और उसे रक सरकंडे पर रखकर उसे पी़े को हदयन। 49 बनकी ाोुों ़े कहन, “रह़े दो, दे खते है हक रहायनह उसे बचऩे आतन है यन ़ही ं।” 50 यीशु ़े हफर जोर से पुकनरन और पनव तनु हदर। 51 और दे खो, मंहदर कन पदन् ऊपर से ़ीचे तक दो टु कडों मे फट ुयन; और धरती कनं प उठी, और चटऩे फट ुईं; 52 और कबे खुा ुईं; और सोर हर पहवत ाोुों के बहत से शरीर उठ खडे हर। 53 और अप़े जी उठ़े के बनद कबों से ह़काकर पहवत शहर मे ुयन, और बहतों को हदखनई हदयन। 54 जब सूबेदनर और उसके सनथ जो यीशु पर ़जर रखे हर थे, उनों़े भूकंप और जो कुछ हआ थन, उसे दे खन, तो वे बहत डर ुर और कह़े ाुे, “सच मे यह परमेशर कन बेटन थन।” 55 और बहत सी औरते जो ुाीा से यीशु के पीछे -पीछे आई थी,ं और उसकी सेवन कर रही थी ं, दू र से उसे दे ख रही थी ं। 56 इ़मे मररयम मुदाी़ी, मररयम जो यनकूब और योसेस की मनँ थी, और जेबेदी के बचों की मनँ थी। 57 जब शनम हई, तो अररमहथयन कन रक अमीर आदमी आयन, हजसकन ़नम यूसुफ थन, और जो खुद भी यीशु कन चेान थन। 58 वह पीानतुस के पनस ुयन और यीशु की ानश मनँ ुी। तब पीानतुस ़े ानश सौंप़े कन हु हदयन। 59 और जब यूसुफ ़े शव हायन, तो उसे रक सनफ हा़​़ के कपडे मे ापेट हदयन। 60 और उसे अप़ी ़ई कब मे रख हदयन, हजसे उस़े चटऩ मे खुदवनयन थन: और कब के दरवनजे पर रक बडन पुर ाुढकनकर चान ुयन। 61 और मररयम मुदाी़ी और दू सरी मररयम कब के सनम़े बैठी थी।ं 62 अुाे हद़, जो तैयनरी के हद़ के बनद कन हद़ थन, मुख पुजनरी और फरीसी पीानतुस के पनस इक्न हर। 63 उनों़े कहन, “हे पभु, हमे यनद है हक उस धोखेबनज ़े जीते जी कहन थन, “ती़ हद़ बनद मै हफर जी उठूँुन।” 64 इसहार हु दो हक तीसरे हद़ तक कब की सुरकन की जनर, कही ं ऐसन ़ हो हक उसके चेाे रनत मे आकर उसे चुरन ाे जनरं , और ाोुों से कहे , हक वह मरे हओं मे से जी उठन है : और इस तरह हपछाी ुाती पहाी से भी बुरी होुी। 65 पीानतुस ़े उ़से कहन, “तुमनरे पनस पहरन है : जनओ, और हजत़न हो सके उसे पकन करो।” 66 इसहार वे ुर और कब को पकन हकयन, पुर पर मुहर ाुनई और पहरन हबठन हदयन। मती 28 1 सब के हद़ के आलखर मे , जब हफे के पहाे हद़ सुबह हो़े ाुी, तो मररयम मुदाी़ी और दू सरी मररयम कब दे ख़े आईं। 2 और दे खो, रक बडन भूकंप आयन: कोंहक पभु कन दू त सु् से उतरन, और आयन और उस़े दरवनजे से पुर ाुढकन हदयन, और उस पर बैठ ुयन। 3 उसकन चेहरन हबजाी जैसन चमक रहन थन, और उसकन कपडन बफ् जैसन सफेद थन। 4 और उसके डर से पहरे दनर कनं प उठे , और मरे हर जैसे हो ुर। 5 तब सु्दूत ़े औरतों से कहन, “डरो मत, कोंहक मै जऩतन हँ हक तुम यीशु को ढूंढ रही हो, हजसे कूस पर चढनयन ुयन थन।” 6 वह यहनँ ़ही ं है , कोंहक वह जी उठन है , जैसन उस़े कहन थन। आओ, उस जुह को दे खो जहनँ पभु ाेटे थे। 7 और जली जनओ, और उसके चेाों से कहो हक वह मरे हओं मे से जी उठन है ; और दे खो, वह तुमसे पहाे ुाीा को जनरुन; वही ं तुम उसे दे खोुे: दे खो, मै़े तुमे बतन हदयन है । 8 और वे डर और बडी खुशी के सनथ कब से जली से चाे ुर; और उसके चेाों को खबर दे ़े के हार दौडे । 9 और जब वे उसके चेाों को यह बतऩे जन रहे थे, तो दे खो, यीशु उ़से हमान और कहन, “ सबको सानम।” और वे आर और उसके पैर पकडकर उसे पवनम हकयन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

10 तब यीशु ़े उ़से कहन, “ डरो मत; जनओ मेरे भनइयों से कहो हक वे ुाीा जनरं , और वही ं मुझे दे खेुे।” 11 जब वे जन रहे थे, तो दे खो, पहरे दनरों मे से कुछ ाोु शहर मे आर और उनों़े मुख पुजनररयों को सब कुछ बतनयन जो हआ थन। 12 जब वे बुजु​ुर के सनथ इक्न हर और सानह-मशहवरन हकयन, तो उनों़े हसपनहहयों को बहत सनरन पैसन हदयन। 13 और कहन, “तुम कहो, हक रनत को उसके चेाे आर और जब हम सो रहे थे, तो उसे चुरन ाे ुर।” 14 और अुर यह बनत ुव़्र के कऩों तक पहँ चेुी, तो हम उसे म़न ाेुे, और तुमे बचन ाेुे। 15 इसहार उनों़े पैसे हार और जैसन उने हसखनयन ुयन थन वैसन ही हकयन: और यह बनत आज तक यहहदयों मे आम तौर पर कही जनती है । 16 हफर गनरह चेाे ुाीा मे उस पहनड पर चाे ुर, जहनँ यीशु ़े उने ठहरनयन थन। 17 और जब उनों़े उसे दे खन, तो उसे पवनम हकयन, पर कुछ को शक हआ। 18 तब यीशु ़े आकर उ़से कहन, “ सु् और पृथी कन सनरन अहधकनर मुझे हदयन ुयन है ।” 19 इसहार तुम जनओ और सब जनहतयों को हसखनओ, और उने हपतन, पुत और पहवत आतन के ़नम से बपहतसन दो। 20 उने वे सब बनते मऩ​़न हसखनओ जो मै़े तुमे आजन दी है : और दे खो, मै दु ह़यन के आलखर तक हमेशन तुमनरे सनथ हँ । आमी़।

मनक् कन सुस मनचनर मरकु स 14 1 दो हद़ बनद फसह और हब़न खमीर की रोटी कन तोहनर थन: और मुख पुजनररयों और शनलसयों ़े यह सोचन हक उसे कैसे धोखे से पकडकर मनर डनाे। 2 ाेहक़ उनों़े कहन, तोहनर के हद़ ़ही,ं कही ं ऐसन ़ हो हक ाोु हं ुनमन करे । 3 और जब वह बैतह़यनह मे कोढी शमौ़ के घर खऩन खन रहन थन, तो रक औरत आई हजसके पनस कीमती जटनमनं सी के तेा से भरन रक संुमरमर कन हडबन थन; और उस़े हडबन तोडकर उसके हसर पर उं डेा हदयन। 4 और कुछ ाोु म़ ही म़ ु​ुसन होकर कह़े ाुे, “इत कन यह ़ुकसऩ कों हकयन ुयन?” 5 कोंहक इसे ती़ सौ से जनदन पैसे मे बेचन जन सकतन थन, और ुरीबों को हदयन जन सकतन थन। और वे उसके लखानफ बडबडऩे ाुे। 6 यीशु ़े कहन, उसे अकेान छोड दो; उसे कों सतनते हो? उस़े मेरे सनथ अचन कनम हकयन है । 7 कोंहक ुरीब तो हमेशन तुमनरे सनथ रहते है , और जब चनहो उ़कन भान कर सकते हो; पर मै तुमनरे सनथ हमेशन ़ही ं रहतन। 8 उस़े जो कुछ कर सकती थी, वह हकयन है : वह मेरे शरीर को दफ़ऩे के हार पहाे से ही अहभषेक कऱे आई है । 9 मै तुमसे सच कहतन हँ , पूरी दु ह़यन मे जहनँ कही ं भी यह खुशखबरी फैानई जनरुी, वहनँ उसकी यनद मे यह भी बतनयन जनरुन हक उस़े कन हकयन है । 10 और यहदन इसररयोती, जो बनरह चेाों मे से रक थन, उसे पकडवऩे के हार मुख यनजकों के पनस ुयन। 11 जब उनों़े यह सु़न, तो वे खुश हर और उसे पैसे दे ़े कन वनदन हकयन। और वह यह सोच रहन थन हक कैसे आसऩी से उसे धोखन दे सके। 12 और हब़न खमीर की रोटी के पहाे हद़, जब वे फसह कन मनं स मनर रहे थे, तो उसके चेाों ़े उससे पूछन, “तुम कहनँ चनहते हो हक हम जनकर तुमनरे हार फसह खऩे की तैयनरी करे ?” 13 तब उस़े अप़े दो चेाों को भेजन, और उ़से कहन, “ शहर मे जनओ, वहनँ रक आदमी तुमे पऩी कन घडन उठनर हमाेुन, उसके पीछे चाे जनओ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

14 और जहनँ कही ं वह जनर, वहनँ घर के मनहाक से कह़न, 'ु​ुर कहते है , वह ुेस रम कहनँ है जहनँ मै अप़े चेाों के सनथ फसह खनऊँुन?' 15 और वह तुमे रक बडन, सजन हआ और तैयनर ऊपरी कमरन हदखनरुन; वहनं हमनरे हार तैयनरी कऱन। 16 और उसके चेाे ह़काकर शहर मे आर, और जैसन उस़े उ़से कहन थन, वैसन ही पनयन: और उनों़े फसह तैयनर हकयन। 17 और शनम को वह बनरह चेाों के सनथ आयन। 18 जब वे बैठकर खन रहे थे, तो यीशु ़े कहन, “ मै तुमसे सच कहतन हँ , तुम मे से रक जो मेरे सनथ खन रहन है , वह मुझे धोखन दे ुन।” 19 तब वे उदनस होकर रक-रक करके उससे कह़े ाुे, कन वह मै हं ? और दू सरे ़े कहन, कन वह मै हं ? 20 उस़े जवनब हदयन, “ वह बनरह मे से रक है , जो मेरे सनथ थनाी मे डु बोतन है ।” 21 इं सऩ कन बेटन तो जनतन ही है , जैसन उसके बनरे मे हाखन है : ाेहक़ उस आदमी पर अफसोस हजसके जररर इं सऩ के बेटे को धोखन हदयन जनतन है ! उस आदमी के हार अचन होतन अुर वह कभी पैदन ही ़ होतन। 22 और जब वे खन रहे थे, तो यीशु ़े रोटी ाी, और आशीवन् द दे कर उसे तोडन, और उने हदयन, और कहन, ाो, खनओ: यह मेरन शरीर है । 23 तब उस़े पनान हायन, और धनवनद करके उने हदयन, और उ़ सब ़े उसमे से हपयन। 24 और उस़े उ़से कहन, “ यह ़र ह़यम कन मेरन खू़ है , जो बहतों के हार बहनयन ुयन है ।” 25 मै तुमसे सच कहतन हँ , मै दनख कन रस तब तक ़ही ं पीऊँुन, जब तक परमेशर के रनज मे ़यन ़ पीऊँ। 26 और जब उनों़े भज़ ुनयन, तो वे जैतू़ पहनड पर चाे ुर। 27 तब यीशु ़े उ़से कहन, “ तुम सब आज रनत मेरे कनरव ठोकर खनओुे, कोंहक हाखन है , मै चरवनहे को मनर ं ुन, और भेडे हततर-हबतर हो जनरं ुी।” 28 ाेहक़ जब मै जी उठूंुन, तो तुमसे पहाे ुाीा जनऊंुन। 29 ाेहक़ पतरस ़े उससे कहन, “भाे ही सब ठोकर खनरँ , ाेहक़ मै ़ही ं खनऊँुन।” 30 तब यीशु ़े उससे कहन, “ मै तुझसे सच कहतन हँ हक आज ही, इसी रनत, मु​ु् के दो बनर बनँ ु दे ़े से पहाे, तू ती़ बनर मेरन इननर करे ुन।” 31 ाेहक़ उस़े और जोर दे कर कहन, “अुर मुझे तुमनरे सनथ मऱन भी पडे , तो भी मै तुमे हकसी भी तरह से म़न ़ही ं कर ँ ुन।” सब़े भी ऐसन ही कहन। 32 और वे ुतसम़ी ़नम की जुह पर आर: और उस़े अप़े चेाों से कहन, “ जब तक मै पनथ़्न कर ँ , तुम यही ं बैठो।” 33 और वह पतरस, यनकूब और यूहनन को अप़े सनथ ाे ुयन, और बहत ही चहकत और वनकुा हो़े ाुन। 34 और उ़से कहन, “ मेरन म़ बहत दु खी है , यहनँ तक हक मै मऱे वनान हँ : तुम यही ं रको और जनुते रहो।” 35 हफर वह थोडन आुे बढन और जमी़ पर हुरकर पनथ़्न कऱे ाुन हक अुर हो सके तो यह घडी उससे टा जनर। 36 और उस़े कहन, हे अबन, हे हपतन, तेरे हार सब कुछ हो सकतन है ; इस पनाे को मुझसे दू र कर दे ; हफर भी वह ़ही ं जो मै चनहतन हं , बल् वह जो तू चनहतन है । 37 तब वह आयन और उने सोतन हआ पनकर पतरस से कहन, “ शमौ़, कन तू सो रहन है ? कन तू रक घंटन भी जनु ़ही ं सकतन?” 38 जनुते रहो और पनथ़्न करो, तनहक तुम परीकन मे ़ पडो। आतन तो तैयनर है , पर शरीर कमजोर है । 39 और वह हफर चान ुयन, और पनथ़्न की, और वही बनते कही।ं 40 जब वह ाौटन, तो उस़े उने हफर से सोते हर पनयन, (कोंहक उ़की आँ खे भनरी थी)ं , और वे ़ही ं जऩते थे हक उसे कन जवनब दे । 41 और वह तीसरी बनर आयन और उ़से कहन, अब सो जनओ, और आरनम करो; बस, समय आ ुयन है ; दे खो, म़ुष कन पुत पनहपयों के हनथों मे पकडवनयन ुयन है । 42 उठो, चाो; दे खो, मुझे धोखन दे ़े वनान पनस आ ुयन है ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

43 और जब वह यह कह ही रहन थन, तो फौऱ यहदन आयन, जो बनरह मे से रक थन, और उसके सनथ मुख पुजनररयों, शनलसयों और बुजु​ुर की तरफ से तावनरे और ानहठयनं हार रक बडी भीड आई। 44 और हजस़े उसे धोखन हदयन थन, उस़े उने यह इशनरन हदयन थन, हक हजसे मै चूमूंुन, वही है ; उसे पकडो, और सुरहकत ाे जनओ। 45 और जैसे ही वह आयन, वह तुरंत उसके पनस ुयन, और कहन, हे ु​ुर, हे ु​ुर; और उसे चूमन। 46 और उनों़े उस पर हनथ डनाे, और उसे पकड हायन। 47 और जो पनस खडे थे, उ़मे से रक ़े तावनर ह़कनाी और महनयनजक के रक सेवक पर वनर करके उसकन कऩ कनट हदयन। 48 यीशु ़े जवनब हदयन, “ कन तुम मुझे चोर की तरह पकड़े के हार तावनरे और ानहठयनं ाेकर ह़काे हो?” 49 मै हर हद़ तुमनरे सनथ मंहदर मे हसखनतन थन, और तुम़े मुझे ़ही ं पकडन; ाेहक़ शनसों की बनते पूरी हो़ी चनहहर। 50 और वे सब उसे छोडकर भनु ुर। 51 और रक जवऩ आदमी उसके पीछे आयन, हजस़े अप़े ़ंुे शरीर पर रक कपडन डनान हआ थन; और जवऩों ़े उसे पकड हायन। 52 और वह चनदर छोडकर ़ंुन ही उ़के पनस से भनु ुयन। 53 और वे यीशु को महनयनजक के पनस ाे ुर: और उसके सनथ सभी मुख यनजक, बुजु​ु् और शनसी जमन हर। 54 और पतरस उसके पीछे -पीछे दू र तक ुयन, और महनयनजक के महा तक ुयन; और वह ़ौकरों के सनथ बैठकर आु तनप़े ाुन। 55 और मुख पुजनररयों और पूरी महनसभन ़े यीशु को मनर डना़े के हार उसके लखानफ कोई ुवनह ढूंढन; ाेहक़ कोई ़ही ं हमान। 56 कोंहक बहतों ़े उसके लखानफ झूठी ुवनही दी, ाेहक़ उ़की ुवनही रक जैसी ़ही ं थी। 57 तब कुछ ाोुों ़े उठकर उसके लखानफ झूठी ुवनही दी, और कहन, 58 हम़े उसे यह कहते सु़न, मै इस मंहदर को जो हनथों से ब़न है , तोड दू ँ ुन, और ती़ हद़ के अंदर दू सरन मंहदर ब़नऊँुन जो हब़न हनथों के ब़न हो। 59 ाेहक़ उ़की ुवनही रक जैसी ़ही ं थी। 60 तब महनयनजक बीच मे खडन हआ और यीशु से पूछन, “कन तू कुछ जवनब ़ही ं दे तन? ये तेरे लखानफ कन ुवनही दे रहे है ?” 61 ाेहक़ वह चुप रहन और कुछ जवनब ़ही ं हदयन। हफर महनयनजक ़े उससे पूछन, कन तू मसीह है , परम पहवत कन बेटन? 62 तब यीशु ़े कहन, मै हं : और तुम म़ुष के पुत को सनमथ् के दनहह़े हनथ बैठे, और आकनश के बनदाों मे आते हर दे खोुे। 63 तब महनयनजक ़े अप़े कपडे फनडे और कहन, “हमे और ुवनहों की कन जररत है ?” 64 तुम़े ईशह़ंदन सु़ी है : तुम कन सोचते हो? और सब़े उसे मौत की सजन दी। 65 और कुछ ाोु उस पर थूक़े ाुे, और उसकन चेहरन ढक़े ाुे, और उसे घूंसे मनऱे ाुे, और उससे कह़े ाुे, भहवषवनवी करो: और सेवकों ़े उसे अप़ी हथेहायों से मनरन। 66 जब पतरस ़ीचे महा मे थन, तो महनयनजक की दनहसयों मे से रक वहनँ आई। 67 और जब उस़े पतरस को आु तनपते दे खन, तो उस पर ़जर डनाी और कहन, “और तू भी ़नसरत के यीशु के सनथ थन।” 68 ाेहक़ उस़े म़न करते हर कहन, “मै ़ही ं जऩतन, और ़ ही मै समझतन हँ हक तुम कन कह रहे हो।” और वह बरनमदे मे चान ुयन; और मु​ु् ़े बनं ु दी। 69 और रक ़ौकरऩी ़े उसे हफर दे खन, और पनस खडे ाोुों से कह़े ाुी, “यह उ़मे से रक है ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

70 उस़े हफर इ़कनर हकयन। थोडी दे र बनद, जो ाोु पनस खडे थे, उनों़े हफर पतरस से कहन, “जरर तुम उ़मे से रक हो: कोंहक तुम ुाीाी हो, और तुमनरी बनते भी वैसी ही है ।” 71 ाेहक़ वह ुनाी दे ़े और कसम खऩे ाुन, और कह़े ाुन, “मै इस आदमी को ़ही ं जऩतन हजसके बनरे मे तुम बनत कर रहे हो।” 72 और दू सरी बनर मु​ु् ़े बनं ु दी। और पतरस को यीशु की कही बनत यनद आई, “ मु​ु् के दो बनर बनं ु दे ़े से पहाे, तू ती़ बनर मेरन इननर करे ुन।” और जब उस़े इस बनत पर सोचन, तो वह रो पडन। मरकु स 15 1 और सुबह होते ही मुख पुजनररयों ़े बुजु​ुर, शनलसयों और पूरी कनउं हसा के सनथ सानह की, और यीशु को बनं धकर ाे ुर, और पीानतुस को सौंप हदयन। 2 तब पीानतुस ़े उससे पूछन, कन तू यहहदयों कन रनजन है ? उस़े उतर हदयन, तू ही कह रहन है । 3 और मुख यनजकों ़े उस पर बहत सी बनतों कन आरोप ाुनयन, पर उस़े कुछ भी उतर ़ही ं हदयन। 4 तब पीानतुस ़े उससे हफर पूछन, “कन तू कुछ जवनब ़ही ं दे तन? दे ख, ये ाोु तेरे लखानफ हकत़ी बनते ुवनही दे रहे है ।” 5 ाेहक़ यीशु ़े हफर भी कुछ जवनब ़ही ं हदयन, हजससे पीानतुस है रऩ हआ। 6 उस तोहनर मे उस़े उ़के हार रक कैदी को छोड हदयन, हजसे वे चनहते थे। 7 और बरअबन ़नम कन रक आदमी थन, जो उ़ ाोुों के सनथ बंधन हआ थन हजनों़े उसके सनथ बुनवत की थी, और हजस़े बुनवत मे खू़ हकयन थन। 8 और भीड जोर-जोर से हचलऩे ाुी और उससे कह़े ाुी हक जैसन उस़े हमेशन उ़के सनथ हकयन है , वैसन ही वह भी करे । 9 ाेहक़ पीानतुस ़े उ़से कहन, “कन तुम चनहते हो हक मै तुमनरे हार यहहदयों के रनजन को छोड दू ं ?” 10 कोंहक वह जऩतन थन हक मुख यनजकों ़े उसे जा़ के कनरव पकडवनयन थन। 11 ाेहक़ मुख पुजनररयों ़े ाोुों को उकसनयन हक वह बरअबन को उ़के हार छोड दे । 12 इस पर पीानतुस ़े हफर उ़से पूछन, “तो हफर तुम कन चनहते हो हक मै उसके सनथ कर ँ हजसे तुम यहहदयों कन रनजन कहते हो?” 13 और वे हफर हचलनर, हक उसे कूस पर चढनओ। 14 तब पीानतुस ़े उ़से कहन, “कों, उस़े कन बुरनई की है ?” तब वे और भी जोर से हचलनर, “उसे सूाी पर चढन दो।” 15 इसहार हपानतुस ़े ाोुों को खुश कऱे के हार बरअबन को उ़के हार छोड हदयन, और यीशु को कोडे ाुवऩे के बनद, कूस पर चढऩे के हार सौंप हदयन। 16 और सैह़क उसे पेटोररयम ़नम के हॉा मे ाे ुर; और उनों़े पूरी टोाी को बुानयन। 17 और उनों़े उसे बैु़ी कपडे पह़नर, और कनं टों कन तनज ब़नकर उसके हसर पर रखन। 18 और उसे सानम करके कह़े ाुे, “यहहदयों के रनजन, सानम!” 19 और उनों़े उसके हसर पर सरकंडे से मनरन, और उस पर थूकन, और घुट़े टे ककर उसे पवनम हकयन। 20 और जब उनों़े उसकन मजनक उडनयन, तो उनों़े उसके बैु़ी कपडे उतनर हदर, और उसे उसके ही कपडे पह़न हदर, और उसे सूाी पर चढऩे के हार बनहर ाे ुर। 21 और उनों़े सनइरे ़ के रक शमौ़ को, जो हसकंदर और रफुस कन हपतन थन, जो ुनं व से आ रहन थन, मजबूर हकयन हक वह उसकन कूस उठनर। 22 और वे उसे ुोाुोथन ़नम की जुह पर ाे ुर, हजसकन मताब है , खोपडी की जुह। 23 और उनों़े उसे ाोबऩ हमान हआ दनखरस पी़े को हदयन, पर उस़े ़ही ं हायन। 24 और जब उनों़े उसे सूाी पर चढन हदयन, तो उनों़े उसके कपडे बनँ ट हार और उ़ पर हचह्यनँ डनाकर तय हकयन हक हर आदमी को कन हमाेुन। 25 और तीसरन घंटन थन, और उनों़े उसे सूाी पर चढन हदयन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

26 और उसके ऊपर यह हाखन थन, यहहदयों कन रनजन। 27 और उसके सनथ दो चोरों को भी सूाी पर चढनयन ुयन; रक उसके दनहह़े हनथ और दू सरन उसके बनरं हनथ। 28 और पहवत शनस की यह बनत पूरी हई, हक वह अपरनहधयों मे हु़न ुयन। 29 और जो ाोु वहनँ से ु​ुजरते थे, वे हसर हहानते हर उस पर तऩे मनरते थे, और कहते थे, “अरे , तू जो मंहदर को तोडतन है और ती़ हद़ मे ब़नतन है , 30 अप़े आप को बचनओ, और कूस से ़ीचे उतर आओ। 31 इसी तरह मुख यनजकों ़े भी शनलसयों के सनथ आपस मे मजनक उडनते हर कहन, “इस़े दू सरों को बचनयन; अप़े आप को ़ही ं बचन सकतन।” 32 अब इसनरा के रनजन मसीह को कूस से उतर आ़े दो, तनहक हम दे खे और हवशनस करे । और जो उसके सनथ कूस पर चढनर ुर थे, उनों़े उसकी बुरनई की। 33 जब छठन घंटन आयन, तो पूरे दे श मे अंधेरन छन ुयन और ़ौवे घंटे तक अंधेरन रहन। 34 और ़ौवे घंटे यीशु ़े ऊँची आवनज मे पुकनरन, “ राोई, राोई, ानमन सबनकथऩी?” हजसकन मताब है , “मेरे परमेशर, मेरे परमेशर, तू़े मुझे कों छोड हदयन?” 35 और जो ाोु पनस खडे थे, उ़मे से कुछ ़े यह सु़कर कहन, “दे खो, वह रहायनह को पुकनर रहन है ।” 36 तब रक वलय दौडकर रक संज को हसरके से भरकर रक सरकंडे पर रखकर उसे पी़े को हदयन, और कहन, “रह़े दो; दे खते है हक रहायनह उसे उतनऱे आतन है यन ़ही ं।” 37 तब यीशु ़े ऊँची आवनज मे पुकनरकर पनव तनु हदर। 38 और मंहदर कन पदन् ऊपर से ़ीचे तक दो टु कडों मे फट ुयन। 39 और जब से़नपहत ़े, जो उसके सनम़े खडन थन, दे खन हक वह इस तरह हचलनयन और मर ुयन, तो कहन, “सच मे यह आदमी परमेशर कन बेटन थन।” 40 और कुछ लसयनं भी दू र से दे ख रही थी,ं हज़ मे मररयम मुदाी़ी, और छोटे यनकूब और योसेस की मनतन मररयम, और साोमी थी।ं 41 (ये औरते भी, जब वह ुाीा मे थन, तो उसके पीछे -पीछे चाती थी ं और उसकी सेवन करती थी ं) और बहत सी औरते भी थी ं जो उसके सनथ यरशाेम आई थी।ं 42 और अब जब शनम हो ुई, कोंहक यह तैयनरी कन हद़ थन, यऩी सब के रक हद़ पहाे, 43 अररमहथयन कन यूसुफ, जो रक इजजतदनर सानहकनर थन और परमेशर के रनज कन इं तजनर कर रहन थन, आयन और हहमत करके पीानतुस के पनस ुयन, और यीशु की बॉडी मनं ुी। 44 तब पीानतुस को है रऩी हई हक कन वह पहाे ही मर चुकन है ? और उस़े सूबेदनर को बुानकर पूछन, हक कन वह कुछ समय से मरन हआ है ? 45 और जब उस़े सूबेदनर से यह जऩ हायन, तो उस़े ानश यूसुफ को दे दी। 46 और उस़े बहढयन हा़​़ खरीदन, और उसे ़ीचे उतनरन, और उसे हा़​़ मे ापेटन, और उसे रक कब मे रखन जो चटऩ से खोदी ुई थी, और कब के दरवनजे पर रक पुर ाुढकन हदयन। 47 और मररयम मुदाी़ी और योसेस की मनँ मररयम दे ख रही थी ं हक वह कहनँ रखन ुयन थन। मरकु स 16 1 जब सब कन हद़ बीत ुयन, तो मररयम मुदाी़ी, और यनकूब की मनँ मररयम, और साोमी ़े खुशबूदनर चीजे खरीदी ं, तनहक वे आकर उसकन अहभषेक करे । 2 और हफे के पहाे हद़ सुबह-सुबह, सूरज ह़काते ही वे कब पर पहँ चे। 3 और वे आपस मे कह़े ाुे, “कब के दरवनजे से पुर कौ़ हटनरुन?” 4 और जब उनों़े दे खन तो पनयन हक पुर ाुढकन हआ थन, कोंहक वह बहत बडन थन। 5 और कब मे घुसकर उनों़े रक जवऩ आदमी को दनहह़ी तरफ बैठे दे खन, हजस़े रक ांबन सफेद कपडन पह़न हआ थन; और वे डर ुर।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

6 और उस़े उ़से कहन, डरो मत: तुम ़नसरत के यीशु को ढूंढ रहे हो, हजसे सूाी पर चढनयन ुयन थन: वह जी उठन है ; वह यहनं ़ही ं है : दे खो वह जुह जहनं उनों़े उसे रखन थन। 7 ाेहक़ जनओ, उसके चेाों और पतरस से कहो हक वह तुमसे पहाे ुाीा जनरुन: वही ं तुम उसे दे खोुे, जैसन उस़े तुमसे कहन थन। 8 और वे जली से ह़काकर कब से भनु ुर; कोंहक वे कनं प रहे थे और है रऩ थे; और उनों़े हकसी से कुछ ़ही ं कहन; कोंहक वे डरे हर थे। 9 जब यीशु हफे के पहाे हद़ सुबह-सुबह जी उठन, तो वह सबसे पहाे मररयम मुदाी़ी को हदखन, हजसमे से उस़े सनत शैतऩों को ह़कनान थन। 10 और वह ुई और जो ाोु उसके सनथ थे, उने बतनयन हक वे कैसे रो रहे थे और रो रहे थे। 11 और जब उनों़े सु़न हक वह हजंदन है और उसे दे खन ुयन है , तो उनों़े यकी़ ़ही ं हकयन। 12 इसके बनद वह दू सरे रप मे उ़मे से दो को हदखनई हदयन, जब वे चाते हर ुनँ व मे जन रहे थे। 13 तब उनों़े जनकर बनकी ाोुों को यह बनत बतनई, पर उनों़े उ़ पर हवशनस ़ही ं हकयन। 14 इसके बनद वह उ़ गनरह ाोुों को हदखनई हदयन, जब वे खऩन खन रहे थे। उस़े उ़के अहवशनस और हदा की कठोरतन के हार उने डनं टन, कोंहक उनों़े उ़ ाोुों पर हवशनस ़ही ं हकयन थन हजनों़े उसे जी उठ़े के बनद दे खन थन। 15 और उस़े उ़से कहन, “ तुम सनरी दु ह़यन मे जनओ और हर जीव को खुशखबरी सु़नओ।” 16 जो हवशनस करे ुन और बपहतसन ाेुन वह बच जनरुन; ाेहक़ जो हवशनस ़ही ं करे ुन वह दोषी ठहरनयन जनरुन। 17 और जो ाोु हवशनस करे ुे उ़मे ये ह़शनह़यनँ होंुी: वे मेरे ़नम से दु षनतनओं को ह़कनाेुे; वे ़ई-़ई भनषनरँ बोाेुे; 18 वे सनँ प उठन ाेुे; और अुर वे कोई जऩाेवन चीज पी भी ाे , तो भी उने कोई ़ुकसऩ ़ही ं होुन; वे बीमनरों पर हनथ रखेुे, और वे ठीक हो जनरँ ुे। 19 तो जब पभु ़े उ़से बनत की, तो वह सु् मे उठन हायन ुयन, और परमेशर के दनहह़े हनथ बैठ ुयन। 20 और वे ह़काकर हर जुह पचनर कऱे ाुे, पभु उ़के सनथ कनम कर रहन थन, और संकेतों से वच़ को पकन कर रहन थन। आमी़।

ाूक न कन सुस मनचनर ाूक न 22 1 अब हब़न खमीर की रोटी कन तोहनर, हजसे फसह कहते है , पनस आ ुयन। 2 और मुख यनजकों और शनलसयों ़े उसे मनऱे कन तरीकन ढूंढन, कोंहक वे ाोुों से डरते थे। 3 तब शैतऩ यहदन मे समन ुयन, हजसकन ़नम इसररयोती थन, जो बनरह चेाों मे से रक थन। 4 तब वह चान ुयन, और मुख पुजनररयों और सरदनरों से बनतचीत कऱे ाुन हक वह उसे उ़के हनथ कैसे पकडवन सकतन है । 5 और वे खुश हर और उसे पैसे दे ़े कन वनदन हकयन। 6 और उस़े वनदन हकयन, और भीड की ुैर-मौजूदुी मे उसे उ़के हनथों पकडवऩे कन मौकन ढूंढन। 7 हफर हब़न खमीर की रोटी कन हद़ आयन, जब फसह कन पशु बहा हकयन जऩन थन। 8 और उस़े पतरस और यूहनन को यह कहकर भेजन, “ जनओ और हमनरे हार फसह तैयनर करो, तनहक हम खन सके।” 9 तब उनों़े उससे कहन, तू कहनं चनहतन है हक हम तैयनरी करे ? 10 और उस़े उ़से कहन, “ दे खो, जब तुम शहर मे दनलखा होुे, तो रक आदमी तुमे पऩी कन घडन हार हर हमाेुन; हजस घर मे वह दनलखा हो, तुम उसके पीछे -पीछे चाे जऩन।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

11 और तुम घर के मनहाक से कह़न, 'ु​ुर तुमसे कहते है , वह ुेस रम कहनँ है जहनँ मै अप़े चेाों के सनथ फसह खनऊँुन?' 12 और वह तुमे रक बडन सजन हआ ऊपरी कमरन हदखनरुन; वही ं तैयनरी कऱन। 13 और वे ुर, और जैसन उस़े उ़से कहन थन वैसन ही पनयन: और उनों़े फसह तैयनर हकयन। 14 और जब वह समय आयन, तो वह और उसके बनरह पेररत उसके सनथ बैठ ुर। 15 तब उस़े उ़से कहन, “ मै़े दु ख उठऩे से पहाे तुमनरे सनथ यह फसह खऩे की बहत इचन की थी। 16 कोंहक मै तुम से कहतन हं , हक जब तक यह परमेशर के रनज मे पूरन ़ हो जनर, तब तक मै इसे हफर कभी ़ खनऊंुन। 17 हफर उस़े पनान हायन, और धनवनद करके कहन, “ इसे ाो और आपस मे बनँ ट ाो। 18 कोंहक मै तुमसे कहतन हं , हक जब तक परमेशर कन रनज ़ आर, मै दनख कन रस ़ पीऊंुन। 19 तब उस़े रोटी ाी, और धनवनद करके उसे तोडन, और उने दे ते हर कहन, “ यह मेरन शरीर है , जो तुमनरे हार हदयन जनतन है : मेरी यनद मे यही करो।” 20 इसी तरह खऩे के बनद पनान भी, और कहन, यह पनान मेरे उस खू़ मे ़यन करनर है , जो तुमनरे हार बहनयन ुयन है । 21 ाेहक़ दे खो, मुझे धोखन दे ़े वनाे कन हनथ मेरे सनथ मेज पर है । 22 और सच मे इं सऩ कन बेटन तो जनतन ही है , जैसन तय थन: ाेहक़ उस आदमी पर अफसोस है हजसके हनथों उसे धोखन हदयन जनतन है ! 23 तब वे आपस मे पूछ़े ाुे हक यह कनम उ़ मे से कौ़ करे ुन? 24 और उ़मे यह झुडन भी हआ हक उ़मे से कौ़ सबसे बडन समझन जनर। 25 और उस़े उ़से कहन, “ अनजनहतयों के रनजन उ़ पर अहधकनर जतनते है ; और जो उ़ पर अहधकनर जतनते है , उने उपकनरक कहन जनतन है ।” 26 ाेहक़ तुम ऐसन मत करो; बल् जो तुम मे सबसे बडन है , वह छोटे जैसन ब़े; और जो सबसे बडन है , वह सेवक जैसन ब़े। 27 कोंहक बडन कौ़ है , खऩे पर बैठ़े वनान यन सेवन कऱे वनान? कन खऩे पर बैठ़े वनान ़ही?ं पर मै तुमनरे बीच सेवन कऱे वनाे के समऩ हँ । 28 तुम ही वे हो जो मेरे ानाच मे मेरे सनथ रहे । 29 और जैसे मेरे हपतन ़े मेरे हार रक रनज ठहरनयन है , वैसे ही मै भी तुमनरे हार रक रनज ठहरनतन हँ । 30 तनहक तुम मेरे रनज मे मेरी मेज पर खनओ-पीओ, और हसंहनस़ों पर बैठकर इसनरा के बनरह ुोतों कन ननय करो। 31 तब पभु ़े कहन, शमौ़, शमौ़, दे ख, शैतऩ ़े तुमे चनहन है , हक वह तुमे ुेहँ की तरह फटके। 32 ाेहक़ मै़े तुमनरे हार पनथ़्न की है हक तुमनरन हवशनस कम ़ हो: और जब तुम बदा जनओ, तो अप़े भनइयों को मजबूत कऱन। 33 तब उस़े उससे कहन, हे पभु , मै तेरे सनथ जेा जऩे और मऱे को भी तैयनर हं । 34 तब उस़े कहन, हे पतरस, मै तुझसे कहतन हं , हक आज मु​ुन् बनं ु ़ दे ुन, तब तक तू ती़ बनर मुझे जऩ​़े से इननर ़ कर ाेुन। 35 तब उस़े उ़से कहन, “ जब मै़े तुमे हब़न बटु आ, झोान और जूते के भेजन थन, तो कन तुमे हकसी चीज की कमी हई थी?” उनों़े कहन, “हकसी चीज की ़ही।ं ” 36 तब उस़े उ़से कहन, “ ाेहक़ अब हजसके पनस बटु आ हो, वह उसे ाे ाे , और अप़ी झोाी भी; और हजसके पनस तावनर ़ हो, वह अप़े कपडे बेचकर रक खरीद ाे।” 37 कोंहक मै तुमसे कहतन हँ , हक जो हाखन है वह मुझमे पूरन हो़न जररी है , और वह ु​ु़नहुनरों मे हु़न ुयन: कोंहक मेरे बनरे मे बनते खत हो ुई है । 38 तब उनों़े कहन, हे पभु, दे ख, यहनं दो तावनरे है । उस़े उ़से कहन, यह कनफी है ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

39 और वह बनहर ह़कान और अप़ी आदत के मुतनहबक जैतू़ पहनड पर ुयन; और उसके चेाे भी उसके पीछे हो हार। 40 जब वह उस जुह पर थन, तो उस़े उ़से कहन, “ पनथ़्न करो हक तुम परीकन मे ़ पडो।” 41 और वह उ़से ाुभु रक पुर दू र हट ुयन, और घुट़ों के बा बैठकर पनथ़्न कऱे ाुन, 42 और कहन, हे हपतन, अुर तू चनहे , तो इस पनाे को मेरे पनस से हटन ाे; हफर भी मेरी ़ही,ं परनु तेरी ही इचन पूरी हो। 43 और सु् से रक सु्दूत उसके पनस आयन, और उसे हहमत दी। 44 और वह बहत परे शऩ होकर और भी जोर-जोर से पनथ़्न कऱे ाुन: और उसकन पसी़न खू़ की बडीबडी बूंदों की तरह जमी़ पर हुर रहन थन। 45 और जब वह पनथ़्न से उठन, और अप़े चेाों के पनस आयन, तो उस़े उने उदनसी के मनरे सोते हर पनयन। 46 और उ़से कहन, “ तुम कों सो रहे हो? उठो और पनथ़्न करो, कही ं तुम परीकन मे ़ पडो।” 47 और जब वह बोा ही रहन थन, तो दे खो रक भीड आई, और यहदन ़नम कन वह आदमी, जो बनरह मे से रक थन, उ़के आुे -आुे चान, और यीशु को चूम़े के हार उसके पनस आयन। 48 ाेहक़ यीशु ़े उससे कहन, “ यहदन, कन तू इं सऩ के बेटे को चूमकर धोखन दे तन है ?” 49 जब उसके आस-पनस के ाोुों ़े दे खन हक आुे कन हो़े वनान है , तो उनों़े उससे कहन, “हे पभु, कन हम तावनर से मनरे ?” 50 और उ़मे से रक ़े महनयनजक के सेवक पर वनर हकयन, और उसकन दनहह़न कऩ कनट हदयन। 51 यीशु ़े उतर हदयन, “ अब तक सह ाो।” तब उस़े उसकन कऩ छूकर उसे चंुन हकयन। 52 तब यीशु ़े मुख पुजनररयों, मंहदर के सरदनरों और बुजु​ुर से, जो उसके पनस आर थे, कहन, “ कन तुम तावनरे और ानहठयनं ाेकर चोर की तरह ह़काे हो?” 53 जब मै हर हद़ मंहदर मे तुमनरे सनथ थन, तो तुम़े मुझ पर हनथ ़ही ं उठनयन: ाेहक़ यह तुमनरन समय है , और अंधेरे की तनकत है । 54 तब वे उसे पकडकर महनयनजक के घर मे ाे ुर, और पतरस दू र से उसके पीछे -पीछे चान। 55 और जब उनों़े हॉा के बीच मे आु जानई, और रक सनथ बैठ ुर, तो पतरस भी उ़के बीच बैठ ुयन। 56 ाेहक़ रक ़ौकरऩी ़े उसे आु के पनस बैठे दे खन, और उसे ुौर से दे खकर कहन, यह आदमी भी उसके सनथ थन। 57 तब उस़े उसे म़न करते हर कहन, “हे सी, मै उसे ़ही ं जऩतन।” 58 थोडी दे र बनद हकसी और ़े उसे दे खकर कहन, तू भी उ़मे से है । पतरस ़े कहन, हे म़ुष, मै उ़मे से ़ही ं हं । 59 और करीब रक घंटे बनद दू सरे ़े पूरे भरोसे के सनथ कहन, “सच मे यह आदमी भी उसके सनथ थन, कोंहक वह ुाीाी है ।” 60 तब पतरस ़े कहन, हे म़ुष, मै ़ही ं जऩतन तू कन कह रहन है । और जब वह बोा ही रहन थन, तो तुरन मु​ु् ़े बनं ु दी। 61 तब पभु ़े मुडकर पतरस की ओर दे खन। और पतरस को पभु की वह बनत यनद आई, जो उनों़े उससे कही थी, हक मु​ु् के बनं ु दे ़े से पहाे, तू ती़ बनर मेरन इननर करे ुन। 62 तब पतरस बनहर ुयन और फूट-फूट कर रो़े ाुन। 63 और हज़ ाोुों ़े यीशु को पकडन थन, उनों़े उसकन मजनक उडनयन और उसे मनरन। 64 और जब उनों़े उसकी आँ खों पर पटी बनँ धी, तो उसके चेहरे पर मनरन, और उससे पूछन, “भहवषवनवी करो, तुमे हकस़े मनरन?” 65 और उनों़े उसके लखानफ और भी बहत सी बनते ईशह़ंदन वनाी बनते कही।ं 66 और जैसे ही हद़ हआ, ाोुों के बुजु​ु् और मुख पुजनरी और शनसी इक्न हर, और उसे अप़ी कनउं हसा मे ाे जनकर कहन, 67 कन तुम मसीह हो? हमे बतनओ। उस़े उ़से कहन, अुर मै तुमे बतनऊं, तो तुम यकी़ ़ही ं करोुे।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

68 और अुर मै तुमसे पूछूं भी, तो तुम मुझे जवनब ़ही ं दोुे, और ़ ही मुझे जऩे दोुे। 69 इसके बनद इं सऩ कन बेटन परमेशर की शलय के दनहह़े हनथ बैठेुन। 70 तब सब ़े कहन, तो कन तू परमेशर कन पुत है ? उस़े उ़से कहन, तुम कहते हो हक मै हं । 71 उनों़े कहन, “हमे और ुवनही की कन जररत है ? कोंहक हम़े खुद उसके मुँह से सु़न है ।” ाूक न 23 1 तब सनरी भीड उठकर उसे पीानतुस के पनस ाे ुई। 2 और वे उस पर इलनम ाुऩे ाुे, और कह़े ाुे, “हम़े इस आदमी को ाोुों को ु​ुमरनह करते हर और कैसर को कर दे ़े से म़न करते हर, यह कहते हर पनयन हक मै खुद मसीह रनजन हँ ।” 3 तब पीानतुस ़े उससे पूछन, “कन तुम यहहदयों के रनजन हो?” उस़े उतर हदयन, “ तुम ही कह रहे हो।” 4 तब पीानतुस ़े मुख यनजकों और ाोुों से कहन, “मुझे इस आदमी मे कोई ुाती ़ही ं हदखती।” 5 और वे और भी ु​ुसे मे आकर कह़े ाुे, “वह ुाीा से ाेकर यहनँ तक सनरे यहदी इानके मे हसखनसु़नकर ाोुों को भडकन रहन है ।” 6 जब हपानतुस ़े ुाीा के बनरे मे सु़न, तो उस़े पूछन हक कन वह आदमी ुाीाी है ? 7 और जैसे ही उसे पतन चान हक वह हे रोदे स के इानके कन है , उस़े उसे हे रोदे स के पनस भेज हदयन, जो उस समय यरशाेम मे थन। 8 और जब हे रोदे स ़े यीशु को दे खन, तो वह बहत खुश हआ: कोंहक वह बहत समय से उसे दे ख़न चनहतन थन, कोंहक उस़े उसके बनरे मे बहत कुछ सु़न थन; और उसे उमीद थी हक वह उसे कोई चमतनर करते हर दे खेुन। 9 तब उस़े उससे बहत सी बनते पूछी,ं परनु उस़े उसे कुछ उतर ़ही ं हदयन। 10 और मुख यनजक और शनसी खडे होकर उस पर जोर-जोर से इलनम ाुऩे ाुे। 11 तब हे रोदे स ़े अप़े सैह़कों के सनथ हमाकर उसकन मजनक उडनयन, और उसे रक शऩदनर कपडन पह़नकर, उसे वनपस पीानतुस के पनस भेज हदयन। 12 और उसी हद़ पीानतुस और हे रोदे स रक दू सरे के दोस ब़ ुर, कोंहक पहाे वे आपस मे दु श़ी रखते थे। 13 और पीानतुस ़े जब मुख यनजकों, सरदनरों और ाोुों को इक्न हकयन, 14 उनों़े उ़से कहन, “तुम इस आदमी को मेरे पनस ानर हो, जो ाोुों को ु​ुमरनह करतन है । और दे खो, मै़े तुमनरे सनम़े इसकी जनं च की, और हज़ बनतों कन तुम उस पर इलनम ाुन रहे हो, उ़मे मुझे इस आदमी मे कोई कमी ़ही ं हमाी। 15 ़ही ं, हे रोदे स को भी ़ही;ं कोंहक मै़े तुमे उसके पनस भेजन है ; और दे खो, उसके सनथ ऐसन कुछ ़ही ं हआ जो मौत के ानयक हो। 16 इसहार मै उसे सजन दू ँ ुन और छोड दू ँ ुन। 17 (कोंहक उसे पव् मे उ़के हार रक को अवश छोड़न होुन।) 18 तब वे सब रक सनथ हचलन उठे , “इस आदमी को ाे जनओ, और हमनरे हार बरअबन को छोड दो।” 19 (हजसे शहर मे रक बुनवत और हतन के जुम् मे जेा मे डना हदयन ुयन थन।) 20 इसहार पीानतुस ़े यीशु को छोड़े की इचन से उ़से हफर बनत की। 21 ाेहक़ वे हचलन-हचलनकर कह़े ाुे, “उसे कूस पर चढनओ, उसे कूस पर चढनओ।” 22 उस़े तीसरी बनर उ़से कहन, “कों, उस़े कन बुरनई की है ? मुझे उसमे मौत की सजन कन कोई कनरव ़ही ं हमान है : इसहार मै उसे सजन दे कर छोड दू ँ ुन।” 23 और वे ऊँची आवनज मे हचलऩे ाुे हक उसे सूाी पर चढनयन जनर। और उ़की और मुख पुजनररयों की आवनजे जोर पकड ुईं। 24 तब पीानतुस ़े आजन दी हक जैसन वे चनहते है वैसन ही हो।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

25 और उस़े उस आदमी को, हजसे वे चनहते थे, दे शदोह और हतन के हार जेा मे डनान ुयन थन, ररहन कर हदयन; ाेहक़ उस़े यीशु को उ़की मज् के मुतनहबक सौंप हदयन। 26 और जब वे उसे ाे जन रहे थे, तो उनों़े सनइम़ ़नम के रक कुरे ़ी आदमी को, जो ुनँ व से आ रहन थन, पकड हायन, और उस पर कॉस रख हदयन, तनहक वह उसे यीशु के पीछे ाे जनर। 27 और उसके पीछे बहत सनरे ाोु और औरते भी थी,ं जो उसके हार दु ख और हवानप कर रही थी।ं 28 ाेहक़ यीशु ़े उ़की तरफ मुडकर कहन, “ यरशाेम की बेहटयों, मेरे हार मत रोओ, बल् अप़े हार और अप़े बचों के हार रोओ।” 29 कोंहक दे खो, ऐसे हद़ आ रहे है , हज़मे ाोु कहे ुे, धन है वे जो बनं झ है , और वे ुभ् जो कभी बचे ़ दे सके, और वे स़ जो कभी दू ध ़ हपान सके। 30 तब वे पहनडों से कह़े ाुेुे, हम पर हुरो; और पहनहडयों से, हमे ढक ाो। 31 कोंहक जब वे हरे पेड के सनथ ऐसन करते है , तो सूखे पेड के सनथ कन हकयन जनरुन? 32 और दो और अपरनधी भी उसके सनथ मौत की सजन पऩे के हार ाे जनर ुर। 33 और जब वे उस जुह पहँ चे, हजसे कावनरी कहते है , तो वहनँ उनों़े उसे और उ़ अपरनहधयों को, रक को दनहह़ी ओर और दू सरे को बनईं ओर, कूस पर चढन हदयन। 34 तब यीशु ़े कहन, “ हे हपतन, इने कमन कर; कोंहक ये ़ही ं जऩते हक ये कन कर रहे है ।” और उनों़े उसके कपडे बनँ ट हार, और हचह्यनँ डनाी।ं 35 और ाोु खडे होकर दे ख रहे थे। और उ़के सनथ सरदनर भी उसकन मजनक उडन रहे थे, और कह रहे थे, “उस़े दू सरों को बचनयन; अुर वह मसीह है , जो परमेशर कन चु़न हआ है , तो खुद को बचन ाे।” 36 और हसपनही भी उसके पनस आकर उसकन मजनक उडनते थे, और उसे हसरकन दे ते थे। 37 और कहन, “अुर तू यहहदयों कन रनजन है , तो अप़े आप को बचन ाे।” 38 और उसके ऊपर गीक, ाैहट़ और हहबू अकरों मे यह हाखन हआ थन, “यह यहहदयों कन रनजन है ।” 39 और जो अपरनधी ाटकनर ुर थे, उ़मे से रक ़े उस पर तऩन मनरन, और कहन, “अुर तू मसीह है , तो अप़े आप को और हमे बचन।” 40 ाेहक़ दू सरे ़े जवनब मे उसे डनं टन, “कन तू परमेशर से ़ही ं डरतन, जब हक तू भी वही सजन पन रहन है ?” 41 और हम तो सही मे करते है ; कोंहक हमे अप़े कनमों कन सही फा हमातन है : ाेहक़ इस आदमी ़े कुछ भी ुात ़ही ं हकयन। 42 और उस़े यीशु से कहन, हे पभु, जब तू अप़े रनज मे आर, तो मुझे यनद रख़न। 43 तब यीशु ़े उससे कहन, मै तुझसे सच कहतन हं , हक आज तू मेरे सनथ सु् मे होुन। 44 और यह ाुभु छठे घंटे कन समय थन, और सनरी पृथी पर ़ौवे घंटे तक अंधेरन छन ुयन। 45 और सूरज अंधेरन हो ुयन, और मंहदर कन पदन् बीच मे से फट ुयन। 46 और जब यीशु ़े ऊँची आवनज मे पुकनरन, तो उस़े कहन, हे हपतन, मै अप़ी आतन तेरे हनथों मे सौंपतन हँ : और यह कहकर उस़े पनव तनु हदर। 47 जब सूबेदनर ़े यह दे खन हक कन हआ है , तो उस़े परमेशर की बडनई करते हर कहन, “यह जरर रक ़ेक आदमी थन।” 48 और जो ाोु यह ़जनरन दे ख़े के हार जमन हर थे, उनों़े जो कुछ हआ थन, उसे दे खकर अप़ी छनती पीट ाी और ाौट ुर। 49 और उसके सब जऩ-पहचऩ वनाे और जो औरते ुाीा से उसके पीछे आई थी,ं वे दू र खडी होकर ये सब दे ख रही थी ं। 50 और दे खो, यूसुफ ़नम कन रक आदमी थन, जो सानहकनर थन; और वह रक अचन और ़ेक आदमी थन। 51 (वह उ़की सानह और कनम से रनजी ़ही ं थन;) वह यहहदयों के शहर अररमहथयन कन रह़े वनान थन: और खुद भी परमेशर के रनज कन इं तजनर कर रहन थन। 52 यह आदमी पीानतुस के पनस ुयन और यीशु की ानश मनँ ुी।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

53 और उस़े उसे ़ीचे उतनरन, और उसे हा़​़ मे ापेटन, और उसे रक कब मे रख हदयन जो पुर मे खुदी हई थी, हजसमे पहाे कभी हकसी को ़ही ं रखन ुयन थन। 54 और वह हद़ तैयनरी कन थन, और सब कन हद़ पनस आ रहन थन। 55 और जो औरते उसके सनथ ुाीा से आई थी,ं वे भी उसके पीछे -पीछे ुईं और उनों़े कब को दे खन और यह भी हक उसकी ानश कैसे रखी ुई थी। 56 और वे ाौट आर, और मसनाे और मरहम तैयनर हकर; और आजन के अ़ुसनर सब के हद़ आरनम हकयन। ाूक न 24 1 हफे के पहाे हद़, सुबह-सुबह वे कब पर आर, और अप़े सनथ वे मसनाे और कुछ और मसनाे भी ानर जो उनों़े तैयनर हकर थे। 2 और उनों़े पनयन हक पुर कब से ाुढकन हआ है । 3 और वे अंदर ुर, ाेहक़ उने पभु यीशु कन शरीर ़ही ं हमान। 4 और जब वे इस बनत से बहत उाझ़ मे थे, तो दे खो, दो आदमी चमकते हर कपडे पह़े उ़के पनस खडे थे। 5 और जब वे डर ुर और अप़न चेहरन जमी़ पर झुकन हायन, तो उनों़े उ़से कहन, तुम हजंदन को मरे हओं मे कों ढूंढ रहे हो? 6 वह यहनँ ़ही ं है , बल् जी उठन है : यनद करो हक जब वह ुाीा मे थन, तो उस़े तुमसे कन कहन थन, 7 कहते है , “इं सऩ के बेटे को पनहपयों के हनथ मे सौंप हदयन जनरुन, और उसे सूाी पर चढनयन जनरुन, और वह तीसरे हद़ जी उठे ुन।” 8 और उने उसकी बनते यनद आईं, 9 और कब से ाौटकर उस़े गनरहों और बनकी सब को ये सब बनते बतनईं। 10 ये बनते मररयम मुदाी़ी, और योआनन, और यनकूब की मनँ मररयम, और उ़के सनथ की दू सरी औरतों ़े पेररतों को बतनईं। 11 और उ़की बनते उने बेकनर की कहनह़यनँ ाुी,ं और उनों़े उ़ पर हवशनस ़ही ं हकयन। 12 तब पतरस उठन और कब की तरफ दौडन; और ़ीचे झुककर उस़े दे खन हक कपडे अाु रखे है , और जो हआ थन उस पर है रऩ होकर चान ुयन। 13 और दे खो, उसी हद़ उ़मे से दो ाोु इमनउस ़नम के रक ुनँ व मे ुर, जो यरशाेम से करीब सनठ फानल ु दू र थन। 14 और वे आपस मे इ़ सब बनतों पर बनते कऱे ाुे जो हई थी।ं 15 और जब वे आपस मे बनते कर रहे थे और बहस कर रहे थे, तो यीशु खुद पनस आयन और उ़के सनथ चा़े ाुन। 16 ाेहक़ उ़की आँ खे बंद थी ं तनहक वे उसे पहचऩ ़ सके। 17 तब उस़े उ़से कहन, “ ये कैसी बनते है जो तुम चाते-चाते रक-दू सरे से करते हो, और उदनस रहते हो?” 18 उ़मे से रक, हजसकन ़नम ल्योपनस थन, ़े उससे कहन, “कन तू यरशाेम मे हसफ् रक अज़बी है , और कन तू ़ही ं जऩतन हक इ़ हद़ों वहनँ कन-कन हो रहन है ?” 19 उस़े उ़से पूछन, “ कौ़ सी बनते ?” उनों़े उससे कहन, “़नसरत के यीशु के बनरे मे, जो परमेशर और सभी ाोुों के सनम़े कनम और बनत मे रक तनकतवर ़बी थन।” 20 और कैसे मुख पुजनररयों और हमनरे सरदनरों ़े उसे मौत की सजन के हार सौंप हदयन, और उसे सूाी पर चढन हदयन। 21 ाेहक़ हमे भरोसन थन हक वही इसरनइा को छु डनरुन: और इ़ सबके अानवन, आज इ़ बनतों को हर तीसरन हद़ है । 22 हनं , हमनरे गुप की कुछ औरतों ़े भी हमे है रऩ कर हदयन, जो सुबह-सुबह कब पर थी।ं 23 और जब उने उसकन शरीर ़ही ं हमान, तो वे यह कहते हर आर हक उनों़े सु्दूतों कन दश़् भी दे खन है , हजनों़े कहन थन हक वह जीहवत है ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

24 और हमनरे सनथ के कुछ ाोु कब पर ुर, और जैसन औरतों ़े कहन थन, वैसन ही पनयन, पर उसे ़ही ं दे खन। 25 तब उस़े उ़से कहन, “ हे मूखर, और भहवषवयनओं की कही हर बनत पर हवशनस कऱे मे धीमे हो! 26 कन मसीह को ये दु ख उठनकर अप़ी महहमन मे पवेश ़ही ं कऱन चनहहर थन? 27 और मूसन और सब ़हबयों से शुर करके, उस़े उने सनरे पहवत शनसों मे से अप़े बनरे मे बनते समझनईं। 28 और वे उस ुनँ व के पनस पहँ चे जहनँ वे जन रहे थे: और उस़े ऐसन हकयन जैसे वह और आुे जऩन चनहतन हो। 29 ाेहक़ उनों़े उसे यह कहकर रोकन, “हमनरे सनथ रहो, कोंहक शनम हो ुई है और हद़ भी ढा ुयन है ।” इसहार वह उ़के सनथ रह़े के हार अंदर चान ुयन। 30 और जब वह उ़के सनथ खऩन खऩे बैठन, तो उस़े रोटी ाी, उसे धनवनद हदयन, और तोडी, और उने दी। 31 और उ़की आँ खे खुा ुईं, और उनों़े उसे पहचऩ हायन; और वह उ़की ़जरों से ओझा हो ुयन। 32 और उनों़े रक-दू सरे से कहन, “जब वह रनसे मे हमसे बनते कर रहन थन और हमे पहवत शनस समझन रहन थन, तो कन हमनरे हदा मे जा़ ़ही ं हई?” 33 और वे उसी समय उठे और यरशाेम ाौट आर, और गनरहों को और उ़के सनहथयों को इक्न पनयन। 34 और कहन, “पभु सचमुच जी उठे है , और शमौ़ को हदखनई हदर है ।” 35 और उनों़े बतनयन हक रनसे मे कन-कन हआ, और रोटी तोडते समय वे उसे कैसे पहचऩ पनर। 36 और जब वे यह कह रहे थे, तो यीशु खुद उ़के बीच मे आ खडन हआ और उ़से कहन, “ तुमे शनं हत हमाे।” 37 ाेहक़ वे डर ुर और घबरन ुर, और उनों़े सोचन हक उनों़े कोई आतन दे खी है । 38 तब उस़े उ़से कहन, तुम कों परे शऩ हो? और तुमनरे हदाों मे कों खना आ रहे है ? 39 मेरे हनथ और मेरे पैर दे खो, हक मै वही हँ ; मुझे छूकर दे खो; कोंहक आतन मे मनं स और हह्यनँ ़ही ं होती,ं जैसन तुम मुझमे दे खते हो। 40 और जब उस़े यह कहन, तो उस़े उने अप़े हनथ और पैर हदखनर। 41 जब वे खुशी के मनरे यकी़ ़ही ं कर रहे थे और है रऩ थे, तो उस़े उ़से पूछन, “ कन तुमनरे पनस यहनँ कुछ खऩन है ?” 42 और उनों़े उसे भु़ी हई मछाी कन रक टु कडन और मधु के छते कन रक टु कडन हदयन। 43 तब उस़े उसे ाेकर उ़के सनम़े खनयन। 44 और उस़े उ़से कहन, “ ये वो बनते है जो मै़े तुमसे तब कही थी ं जब मै तुमनरे सनथ थन, हक मूसन के कऩू़, और ़हबयों, और भज़ों मे मेरे बनरे मे जो कुछ हाखन है , वो सब पूरन हो़न चनहहर।” 45 तब उस़े उ़की समझ खोाी, तनहक वे पहवत शनस को समझ सके, 46 और उ़से कहन, “ ऐसन हाखन है , और ऐसन ही हआ हक मसीह दु ख उठनर, और तीसरे हद़ मरे हओं मे से जी उठे ।” 47 और यरशाेम से शुर करके, सभी दे शों मे उसके ़नम से पशनतनप और पनपों की मनफी कन पचनर हकयन जनरुन। 48 और तुम इ़ बनतों के ुवनह हो। 49 और दे खो, मै अप़े हपतन कन वनदन तुम पर उतनरतन हँ : ाेहक़ जब तक तुमे ऊपर से तनकत ़ हमाे, तब तक यरशाेम शहर मे ही रको। 50 और वह उने बैतह़यनह तक ाे ुयन, और उस़े अप़े हनथ उठनकर उने आशीवन् द हदयन। 51 और जब वह उने आशीवन् द दे रहन थन, तो वह उ़से अाु हो ुयन और सु् मे उठन हायन ुयन। 52 और उनों़े उसे पवनम हकयन, और बडी खुशी के सनथ यरशाेम ाौट ुर। 53 और वे ाुनतनर मंहदर मे परमेशर की सुहत और आशीवन् द करते रहे । आमी़।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

यूह नन कन सुस मनचनर यूहनन 18 1 जब यीशु ़े ये बनते कही,ं तो वह अप़े चेाों के सनथ हसदो़ ़दी के पनर ुयन, जहनँ रक बुीचन थन, हजसमे वह और उसके चेाे ुर। 2 और यहदन भी, हजस़े उसे धोखन हदयन थन, वह जुह जऩतन थन, कोंहक यीशु अकर अप़े चेाों के सनथ वहनँ जनयन करतन थन। 3 तब यहदन, मुख पुजनररयों और फरीहसयों की तरफ से आदहमयों और पहरे दनरों कन रक दा ाेकर, ानाटे ़, मशनाे और हहथयनर ाेकर वहनँ आयन। 4 इसहार यीशु , जो जऩतन थन हक उसके सनथ कन हो़े वनान है , बनहर ुयन और उ़से पूछन, “ तुम हकसे ढूंढ रहे हो?” 5 उनों़े उतर हदयन, यीशु ़नसरत कन है । यीशु ़े उ़से कहन, मै ही हँ । और यहदन भी, हजस़े उसे पकडवनयन थन, उ़के सनथ खडन थन। 6 जैसे ही उस़े उ़से कहन, मै वही हँ , वे पीछे हट ुर और जमी़ पर हुर पडे । 7 तब उस़े उ़से हफर पूछन, “ तुम हकसे ढूंढ रहे हो?” उनों़े कहन, “यीशु ़नसरत को।” 8 यीशु ़े उतर हदयन, “ मै़े तुमसे कहन है हक मै वही हँ ; इसहार यहद तुम मुझे ढूँढते हो, तो इने जऩे दो।” 9 तनहक वह बनत पूरी हो जनर जो उस़े कही थी, हक जो तू़े मुझे हदर, उ़मे से मै़े हकसी को ़ही ं खोयन। 10 तब शमौ़ पतरस ़े तावनर ह़कनाी और महनयनजक के ़ौकर पर चानकर उसकन दनहह़न कऩ कनट हदयन। उस ़ौकर कन ़नम माखुस थन। 11 तब यीशु ़े पतरस से कहन, अप़ी तावनर मऩ मे रख ाे; जो पनान मेरे हपतन ़े मुझे हदयन है , कन मै उसे ़ पीऊं? 12 तब यहहदयों के दा और सरदनर और अफसरों ़े यीशु को पकडकर बनँ ध हायन। 13 और वे उसे पहाे हनन के पनस ाे ुर; कोंहक वह कैफन कन ससुर थन, जो उसी सना कन महनयनजक थन। 14 कैफन वही थन हजस़े यहहदयों को सानह दी थी हक ाोुों के हार रक आदमी कन मऱन जररी है । 15 और शमौ़ पतरस यीशु के पीछे हो हायन, और रक और चेान भी चान; वह चेान महनयनजक कन जऩनपहचऩन थन, और यीशु के सनथ महनयनजक के महा मे ुयन। 16 ाेहक़ पतरस बनहर दरवनजे पर खडन थन। तब दू सरन चेान, जो महनयनजक कन जऩन-पहचऩन थन, बनहर ुयन और दरवनजे की रखवनाी कऱे वनाी से बनत करके पतरस को अंदर ाे आयन। 17 तब दरवनजे पर खडी ाडकी ़े पतरस से कहन, “कन तुम भी इस आदमी के चेाों मे से ़ही ं हो?” उस़े कहन, “मै ़ही ं हँ ।” 18 और ़ौकर और अफसर वहनँ खडे थे, हजनों़े ठं ड के कनरव कोयाे जानर थे; और वे खुद को ुम् कर रहे थे: और पतरस उ़के सनथ खडन होकर खुद को ुम् कर रहन थन। 19 तब महनयनजक ़े यीशु से उसके चेाों और उसकी हशकन के बनरे मे पूछन। 20 यीशु ़े उसे जवनब हदयन, “ मै़े दु ह़यन से खुाकर बनत की है ; मै़े हमेशन सभन-घर और मंहदर मे हसखनयन है , जहनँ यहदी हमेशन आते है ; और मै़े चुपके से कुछ ़ही ं कहन।” 21 तू मुझसे कों पूछतन है ? उ़से पूछ हजनों़े मुझे सु़न, हक मै़े उ़से कन कहन: दे खो, वे जऩते है हक मै़े कन कहन। 22 जब उस़े यह कहन, तो पनस खडे पहरे दनरों मे से रक ़े यीशु को हनथ मनरकर कहन, “कन तू महनयनजक को इस तरह जवनब दे तन है ?” 23 यीशु ़े उसे जवनब हदयन, “ अुर मै़े बुरन कहन है , तो बुरनई की ुवनही दे ; ाेहक़ अुर अचन कहन है , तो तू मुझे कों मनरतन है ?” 24 अब हनन ़े उसे बनँ धकर महनयनजक कैफन के पनस भेज हदयन थन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

25 और शमौ़ पतरस खडन होकर आु तनप रहन थन। तब उनों़े उससे कहन, कन तू भी उसके चेाों मे से रक ़ही ं है ? उस़े इ़कनर हकयन, और कहन, मै ़ही ं हं । 26 महनयनजक के सेवकों मे से रक, जो उसकन ररशेदनर थन और हजसकन कऩ पतरस ़े कनट हदयन थन, कह़े ाुन, “कन मै़े तुझे उसके सनथ बुीचे मे ़ही ं दे खन थन?” 27 तब पतरस ़े हफर इननर हकयन, और तुरन मु​ु् ़े बनं ु दी। 28 तब वे यीशु को कैफन के पनस से ननय-भव़ मे ाे ुर; और सुबह कन समय थन; और वे खुद ननय-भव़ मे ़ही ं ुर, तनहक अपहवत ़ हो जनरं ; बल् इसहार हक वे फसह कन भोज़ कर सके। 29 तब पीानतुस उ़के पनस बनहर ुयन और पूछन, “तुम इस आदमी पर कन इलनम ाुनते हो?” 30 उनों़े जवनब हदयन, “अुर वह बदमनश ़ होतन, तो हम उसे तुमनरे हवनाे ़ करते।” 31 तब पीानतुस ़े उ़से कहन, “इसे ाे जनओ और अप़े कऩू़ के अ़ुसनर इसकन ननय करो।” यहहदयों ़े उससे कहन, “हमनरे हार हकसी को भी मनऱन सही ़ही ं है । 32 तनहक यीशु की वह बनत पूरी हो जनर जो उस़े कही थी, यह बतनते हर हक उसे कैसी मौत मऱी है । 33 तब पीानतुस हफर से ननय-भव़ मे ुयन, और यीशु को बुानकर उससे पूछन, “कन तू यहहदयों कन रनजन है ?” 34 यीशु ़े उसे जवनब हदयन, “ कन तू यह बनत अप़ी ओर से कहतन है यन दू सरों ़े मेरे बनरे मे तुझसे कही?” 35 हपानतुस ़े जवनब हदयन, “कन मै यहदी हँ ? तेरे ही दे श और मुख पुजनररयों ़े तुझे मेरे हवनाे हकयन है । तू़े कन हकयन है ?” 36 यीशु ़े जवनब हदयन, “ मेरन रनज इस दु ह़यन कन ़ही ं है । अुर मेरन रनज इस दु ह़यन कन होतन, तो मेरे सेवक ाडते हक मै यहहदयों के हनथ ़ सौंप हदयन जनऊँ। ाेहक़ अब मेरन रनज यहनँ कन ़ही ं है ।” 37 इसहार हपानतुस ़े उससे कहन, "तो कन तुम रनजन हो?" यीशु ़े जवनब हदयन, " तुम कहते हो हक मै रनजन हँ । मै इसहार पैदन हआ और इसीहार दु ह़यन मे आयन हक सच की ुवनही दू ँ । जो कोई सच कन है , वह मेरी आवनज सु़तन है ।" 38 पीानतुस ़े उससे कहन, “सच कन है ?” यह कहकर वह हफर यहहदयों के पनस ुयन और उ़से कहन, “मुझे उसमे कोई ुाती ़ही ं हमाी।” 39 ाेहक़ तुमनरन रक ररवनज है हक मै फसह के मौके पर तुमनरे हार रक आदमी को ररहन कर दू ं । तो कन तुम चनहते हो हक मै तुमनरे हार यहहदयों के रनजन को ररहन कर दू ं ? 40 तब सब हफर हचलन उठे , “यह आदमी ़ही,ं बरअबन ही सही।” बरअबन तो डनकू थन। यूहनन 19 1 तब पीानतुस ़े यीशु को पकडकर कोडे ाुवनर। 2 और हसपनहहयों ़े कनं टों कन तनज ब़नकर उसके हसर पर रखन, और उसे बैु़ी रं ु कन कपडन पह़नयन। 3 और कहन, यहहदयों के रनजन, सानम! और उनों़े उसे अप़े हनथों से मनरन। 4 इसहार पीानतुस हफर बनहर ुयन और उ़से कहन, “दे खो, मै उसे तुमनरे सनम़े ानतन हँ , तनहक तुम जऩ ाो हक मुझे उसमे कोई ुाती ़ही ं हमाी।” 5 तब यीशु कनं टों कन तनज और बैु़ी चोुन पह़े हर बनहर आयन। और हपानतुस ़े उ़से कहन, दे खो, यह आदमी! 6 इसहार जब मुख पुजनररयों और पहरे दनरों ़े उसे दे खन, तो हचलनकर कहन, “उसे सूाी पर चढनओ, उसे सूाी पर चढनओ।” पीानतुस ़े उ़से कहन, “उसे ाे जनओ और सूाी पर चढनओ, कोंहक मुझे उसमे कोई ुाती ़ही ं हमाी।” 7 यहहदयों ़े उसे जवनब हदयन, “हमनरन रक कऩू़ है , और हमनरे कऩू़ के हहसनब से उसे मऱन चनहहर, कोंहक उस़े खुद को परमेशर कन बेटन ब़नयन है ।” 8 जब पीानतुस ़े यह बनत सु़ी तो वह और भी डर ुयन। 9 और वह हफर से ननय-भव़ मे ुयन और यीशु से पूछन, “तू कहनँ से है ?” ाेहक़ यीशु ़े उसे कोई जवनब ़ही ं हदयन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

10 तब पीानतुस ़े उससे कहन, “कन तू मुझसे बनत ़ही ं करतन? कन तू ़ही ं जऩतन हक मुझे तुझे सूाी पर चढऩे और छोड़े कन भी अहधकनर है ?” 11 यीशु ़े जवनब हदयन, “ अुर तुमे ऊपर से यह ़ हदयन ुयन होतन, तो तुमनरन मुझ पर कोई असर ़ही ं होतन; इसहार हजस़े मुझे तुमनरे हवनाे हकयन, उसकन पनप जनदन है ।” 12 तब से पीानतुस उसे छोड़न चनहतन थन, ाेहक़ यहहदयों ़े हचलनकर कहन, “अुर तू इस आदमी को जऩे दे ुन, तो तू कैसर कन दोस ़ही ं है : जो कोई खुद को रनजन ब़नतन है , वह कैसर के लखानफ बोातन है ।” 13 जब पीानतुस ़े यह बनत सु़ी, तो वह यीशु को बनहर ाे आयन और उस जुह पर ननय-पीठ पर बैठ ुयन हजसे फश् कहन जनतन है , ाेहक़ इबऩी मे ुबनथन। 14 और यह फसह की तैयनरी कन समय थन, और ाुभु छठन घंटन थन: और उस़े यहहदयों से कहन, दे खो, तुमनरन रनजन! 15 ाेहक़ वे हचलनर, “इसे ाे जनओ, इसे ाे जनओ, इसे सूाी पर चढनओ।” पीानतुस ़े उ़से कहन, “कन मै तुमनरे रनजन को सूाी पर चढनऊं?” मुख पुजनररयों ़े जवनब हदयन, “सीजर के अानवन हमनरन कोई रनजन ़ही ं है ।” 16 तब उस़े उसे कूस पर चढऩे के हार उ़के हवनाे कर हदयन। और वे यीशु को पकडकर ाे ुर। 17 और वह अप़न कूस उठनर हर उस जुह ुयन जो खोपडी की जुह कहानती है , हजसे इबऩी मे ुोाुोथन कहते है । 18 जहनँ उनों़े उसे और उसके सनथ दो और ाोुों को सूाी पर चढनयन, रक को दो़ों तरफ और रक को बीच मे यीशु को। 19 और हपानतुस ़े रक ़नम हाखकर कूस पर ाुन हदयन, और वह यह थन, यीशु ़नसरत कन, यहहदयों कन रनजन। 20 यह टनइटा बहत से यहहदयों ़े पढन, कोंहक वह जुह जहनँ यीशु को सूाी पर चढनयन ुयन थन, शहर के पनस थी और यह हहबू, गीक और ाैहट़ मे हाखन थन। 21 तब यहहदयों के मुख पुजनररयों ़े पीानतुस से कहन, “यह मत हाखो हक यहहदयों कन रनजन, बल् यह हाखो हक उस़े कहन, मै यहहदयों कन रनजन हँ ।” 22 पीानतुस ़े जवनब हदयन, “जो मै़े हाखन है , वो हाख हदयन है ।” 23 जब सैह़कों ़े यीशु को सूाी पर चढन हदयन, तो उनों़े उसके कपडे ाेकर चनर हहसे हकर, हर सैह़क के हार रक हहसन; और उसकन कोट भी: कोट हब़न हसानई कन थन, ऊपर से ाेकर पूरन बु़न हआ थन। 24 इसहार उनों़े आपस मे कहन, “इसे फनडे ़ही ं, बल् इस पर हचह्यनँ डनाे हक यह हकसकन होुन।” तनहक पहवत शनस की यह बनत पूरी हो, हजसमे हाखन है , “उनों़े मेरे कपडे आपस मे बनँ ट हार और मेरे कपडे पर हचह्यनँ डनाी ं।” इसहार सैह़कों ़े ऐसन ही हकयन। 25 यीशु के कूस के पनस उसकी मनँ , उसकी मनँ की बह़, ल्योफनस की पती मररयम और मररयम मुदाी़ी खडी थी ं। 26 जब यीशु ़े अप़ी मनँ और उस चेाे को, हजससे वह पनर करतन थन, पनस खडे दे खन, तो उस़े अप़ी मनँ से कहन, “ हे औरत, दे ख, यह तेरन बेटन है !” 27 तब उस़े चेाे से कहन, “ दे खो, यह तुमनरी मनँ है !” और उसी समय से वह चेान उसे अप़े घर ाे ुयन। 28 इसके बनद, यीशु ़े यह जऩकर हक अब सब कुछ पूरन हो ुयन है , तनहक पहवत शनस की बनत पूरी हो सके, कहन, “ मुझे पनस ाुी है ।” 29 अब वहनँ हसरके से भरन रक बत़् रखन थन: और उनों़े रक संज को हसरके से भरकर जूफे पर रखन, और उसके मुँह से ाुनयन। 30 इसहार जब यीशु ़े हसरकन हायन, तो उस़े कहन, “ पूरन हआ।” और उस़े हसर झुकनकर पनव तनु हदर। 31 इसहार यहहदयों ़े, कोंहक यह तैयनरी कन हद़ थन, तनहक सब के हद़ ानशे कॉस पर ़ रहे , (कोंहक वह सब कन हद़ बडन हद़ थन), पीानतुस से ु​ुजनररश की हक उ़की टनं ुे तोड दी जनरं और उने हटन हदयन जनर। 32 तब सैह़कों ़े आकर पहाे की टनं ुे तोड दी,ं और दू सरे की भी, जो उसके सनथ कूस पर चढनर ुर थे। 33 ाेहक़ जब वे यीशु के पनस आर, और दे खन हक वह मर चुकन है , तो उनों़े उसकी टनं ुे ़ही ं तोडी।ं

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

34 ाेहक़ रक हसपनही ़े भनान उसकी बुा मे मनर हदयन, और तुरंत खू़ और पऩी ह़का़े ाुन। 35 और हजस़े यह दे खन, उस़े ुवनही दी, और उसकी ुवनही सची है : और वह जऩतन है हक वह सच कहतन है , तनहक तुम हवशनस कर सको। 36 ये बनते इसहार हईं, तनहक पहवत शनस की यह बनत पूरी हो, हक उसकी रक भी ह्ी ़ही ं तोडी जनरुी। 37 और हफर रक और पहवत शनस कहतन है , हक हजसे उनों़े बेधन है , वे उस पर दहष डनाेुे। 38 इसके बनद अररमहथयन के यूसुफ ़े, जो यीशु कन चेान थन, यहहदयों के डर से हछपकर, हपानतुस से ु​ुजनररश की हक वह यीशु की ानश ाे जनर। हपानतुस ़े उसे इजनजत दे दी। इसहार वह आयन और यीशु की ानश ाे ुयन। 39 और ह़कुदे मुस भी, जो पहाे रनत मे यीशु के पनस आयन थन, ाुभु सौ पौंड वज़ कन ाोबऩ और राो कन हमशव ानयन। 40 तब उनों़े यीशु की ानश ाी और उसे मसनाों के सनथ हा़​़ के कपडों मे ापेट हदयन, जैसन यहहदयों कन दफ़ऩे कन तरीकन है । 41 अब हजस जुह उसे सूाी पर चढनयन ुयन थन, वहनँ रक बुीचन थन; और बुीचे मे रक ़ई कब थी, हजसमे कभी हकसी इं सऩ को ़ही ं रखन ुयन थन। 42 इसहार यहहदयों के तैयनरी के हद़ के कनरव उनों़े यीशु को वही ं रखन, कोंहक कब पनस ही थी। यूहनन 20 1 हफे के पहाे हद़ मररयम मुदाी़ी सुबह-सुबह, जब अंधेरन थन, कब पर आई और दे खन हक पुर कब से हटन हआ है । 2 तब वह दौडकर शमौ़ पतरस और उस दू सरे चेाे के पनस, हजससे यीशु पेम करतन थन, आई और उ़से कहन, “वे पभु को कब से ह़कना ाे ुर है , और हम ़ही ं जऩती ं हक उनों़े उसे कहनं रखन है ।” 3 इसहार पतरस और वह दू सरन चेान ह़काकर कब पर आर। 4 इसहार वे दो़ों सनथ-सनथ दौडे , और दू सरन चेान पतरस से आुे ह़काकर कब पर पहाे पहँ च ुयन। 5 और उस़े झुककर अंदर दे खन, तो दे खन हक हा़​़ के कपडे पडे है ; हफर भी वह अंदर ़ही ं ुयन। 6 तब शमौ़ पतरस उसके पीछे -पीछे आयन और कब के अंदर ुयन, और दे खन हक कपडे पडे है । 7 और जो रमना उसके हसर पर थन, वह कपडों के सनथ ़ही ं पडन थन, बल् अाु रक जुह पर ापेटन हआ थन। 8 तब वह दू सरन चेान भी, जो कब पर पहाे पहँ चन थन, भीतर ुयन, और दे खकर हवशनस हकयन। 9 कोंहक वे अभी तक पहवत शनस की यह बनत ़ही ं जऩते थे हक उसे मरे हओं मे से हफर से जी उठ़न होुन। 10 तब चेाे अप़े घर वनपस चाे ुर। 11 ाेहक़ मररयम कब के बनहर खडी रो रही थी: और रोते-रोते वह ़ीचे झुकी, और कब मे झनँ ककर बोाी, 12 और उस़े दो सु्दूतों को सफेद कपडे पह़े हर दे खन, रक हसरहऩे और दू सरन पैरों के पनस, जहनँ यीशु कन शरीर पडन थन। 13 तब उनों़े उससे कहन, “हे सी, तू कों रो रही है ?” उस़े उ़से कहन, “कोंहक वे मेरे पभु को ाे ुर है , और मै ़ही ं जऩती हक उनों़े उसे कहनँ रखन है ।” 14 यह कहकर वह पीछे मुडी और यीशु को खडन दे खन, पर पहचऩ ़ सकी हक वह यीशु है । 15 यीशु ़े उससे कहन, “ औरत, तू कों रो रही है ? हकसे ढूंढ रही है ?” उस़े मनाी समझकर उससे कहन, “हे पभु, अुर तू़े उसे यहनं से उठन हायन है , तो मुझे बतन हक उसे कहनं रखन है , और मै उसे ाे जनऊंुी।” 16 यीशु ़े उससे कहन, मररयम। उस़े मुडकर उससे कहन, रबो़ी; यऩी, ु​ुर। 17 यीशु ़े उससे कहन, “ मुझे मत छू; कोंहक मै अभी तक अप़े हपतन के पनस ऊपर ़ही ं ुयन हँ ; बल् मेरे भनइयों के पनस जनओ, और उ़से कहो, मै अप़े हपतन, और तुमनरे हपतन, और अप़े परमेशर, और तुमनरे परमेशर के पनस ऊपर जनतन हँ ।” 18 मररयम मुदाी़ी ़े आकर चेाों को बतनयन हक उस़े पभु को दे खन है , और उस़े उससे ये बनते कही ं।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

19 हफर उसी हद़ शनम को, जो हफे कन पहान हद़ थन, जब यहहदयों के डर से जहनँ चेाे इक्न हर थे, वहनँ के दरवनजे बंद थे, तो यीशु आयन और बीच मे खडन होकर उ़से कहन, “ तुमे शनं हत हमाे।” 20 और यह कहकर उस़े उने अप़े हनथ और अप़ी पसाी हदखनई। तब चेाे पभु को दे खकर खुश हर। 21 तब यीशु ़े उ़से हफर कहन, “ तुमे शनं हत हमाे; जैसे मेरे हपतन ़े मुझे भेजन है , वैसे ही मै भी तुमे भेजतन हँ ।” 22 यह कहकर उस़े उ़ पर फूंकन और उ़से कहन, “ पहवत आतन गहव करो।” 23 हज़के पनप तुम मनफ कर दो, वे उ़के हार मनफ कर हदर जनरं ुे; और हज़के पनप तुम रख ाो, वे रख हार जनरं ुे। 24 ाेहक़ जब यीशु आयन, तो बनरह मे से रक, थोमन, हजसकन ़नम हददु मुस थन, उ़के सनथ ़ही ं थन। 25 इसहार दू सरे चेाों ़े उससे कहन, “हम़े पभु को दे खन है ।” ाेहक़ उस़े उ़से कहन, “जब तक मै उसके हनथों मे कीाों के ह़शऩ ़ दे ख ाूँ, और अप़ी उं ुाी कीाों के ह़शऩ मे ़ डना ाूँ , और अप़न हनथ उसकी पसाी मे ़ डना ाूँ, मै हवशनस ़ही ं कर ँ ुन।” 26 आठ हद़ बनद उसके चेाे हफर अंदर थे, और थोमन भी उ़के सनथ थन। तब यीशु आयन, और दरवनजे बंद थे, और बीच मे खडन होकर कहन, “ तुमे शनं हत हमाे।” 27 तब उस़े थोमन से कहन, “ अप़ी उं ुाी यहनँ ानकर मेरे हनथों को दे ख; और अप़न हनथ यहनँ ानकर मेरे पंजर मे डना; और अहवशनसी ़ हो, बल् हवशनसी हो।” 28 तब थोमन ़े उतर हदयन, हे मेरे पभु, हे मेरे परमेशर! 29 यीशु ़े उससे कहन, “ थॉमस, तू़े मुझे दे खन है , इसहार हवशनस हकयन है । धन है वे हजनों़े हब़न दे खे हवशनस हकयन।” 30 और यीशु ़े अप़े चेाों के सनम़े और भी बहत से चमतनर हदखनर, जो इस हकतनब मे ़ही ं हाखे है : 31 ाेहक़ ये बनते इसहार हाखी ुई है , तनहक तुम यकी़ करो हक यीशु ही मसीह है , परमेशर कन बेटन; और यकी़ करके तुम उसके ़नम से हजंदुी पनओ। यूहनन 21 1 इ़ बनतों के बनद यीशु ़े हतहबररयनस झीा के हक़नरे चेाों को हफर से हदखनयन; और इस तरह उस़े खुद को हदखनयन। 2 वहनं शमौ़ पतरस, और थोमन जो हददु मुस कहानतन है , और ुाीा के कऩन कन ़त़रा, और जबी के बेटे, और उसके दो और चेाे इक्े थे। 3 सनइम़ पीटर ़े उ़से कहन, “मै मछाी पकड़े जन रहन हँ ।” उनों़े उससे कहन, “हम भी तुमनरे सनथ जनरँ ुे।” वे ह़का पडे और तुरंत ़नव पर चढ ुर; और उस रनत उने कुछ ़ही ं हमान। 4 ाेहक़ जब सुबह हई, तो यीशु हक़नरे पर खडन थन: ाेहक़ चेाे ़ही ं पहचऩ पनर हक वह यीशु है । 5 तब यीशु ़े उ़से कहन, “ हे बचों, कन तुमनरे पनस कुछ खऩन है ?” उनों़े उतर हदयन, “़ही ं।” 6 तब उस़े उ़से कहन, “ जहनज के दनहह़ी ओर जना डनाो, और तुमे हमा जनरुन।” इसहार उनों़े जना डनान, और अब वे मछहायों की भीड के कनरव उसे खीच ं ़ही ं पनर। 7 इसहार उस चेाे ़े, हजससे यीशु पनर करतन थन, पतरस से कहन, “यह पभु है ।” जब सनइम़ पतरस ़े सु़न हक यह पभु है , तो उस़े अप़न मछु आरे कन कोट पह़न (कोंहक वह ़ंुन थन), और समुद मे कूद ुयन। 8 और दू सरे चेाे रक छोटी ़नव मे आर; (कोंहक वे जमी़ से जनदन दू र ़ही ं थे, बल् ाुभु दो सौ हनथ दू र थे), मछहायों से भरन जना खी ंचते हर। 9 जैसे ही वे जमी़ पर पहँ चे, उनों़े वहनँ कोयाे की आु, उस पर रखी मछहायनँ और रोटी दे खी। 10 यीशु ़े उ़से कहन, “ जो मछहायनँ तुम़े अभी पकडी है , उ़मे से कुछ ानओ।” 11 सनइम़ पीटर ऊपर ुयन और जना को हक़नरे पर खीच ं न, हजसमे रक सौ हतरप़ बडी मछहायनँ थी:ं और इत़ी सनरी मछहायनँ हो़े के बनवजूद जना ़ही ं टू टन। 12 यीशु ़े उ़से कहन, “ आओ और खऩन खनओ।” और चेाों मे से हकसी ़े भी उससे यह पूछ़े की हहमत ़ही ं की, “तुम कौ़ हो?” यह जऩते हर हक वह पभु है ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

13 तब यीशु आयन, और रोटी ाेकर उने दी, और वैसे ही मछाी भी दी। 14 यह तीसरी बनर है जब यीशु मरे हओं मे से जी उठ़े के बनद अप़े चेाों को हदखन। 15 जब वे खऩन खन चुके, तो यीशु ़े शमौ़ पतरस से कहन, “ शमौ़, यो़न के बेटे, कन तू इ़से जनदन मुझसे पनर करतन है ?” उस़े उससे कहन, “हनँ , पभु; तू जऩतन है हक मै तुझसे पनर करतन हँ ।” उस़े उससे कहन, “ मेरे मेम़ों को चरन।” 16 उस़े दू सरी बनर उससे पूछन, “ शमौ़, यो़न के बेटे, कन तू मुझसे पनर करतन है ?” उस़े उससे कहन, “हनँ , पभु; तू जऩतन है हक मै तुझसे पनर करतन हँ ।” उस़े उससे कहन, “ मेरी भेडों को चरन।” 17 उस़े तीसरी बनर उससे कहन, “ शमौ़, यो़न के बेटे, कन तू मुझसे पनर करतन है ?” पतरस दु खी हआ कोंहक उस़े उससे तीसरी बनर पूछन, “कन तू मुझसे पनर करतन है ?” उस़े उससे कहन, “हे पभु, तू सब कुछ जऩतन है ; तू जऩतन है हक मै तुझसे पनर करतन हँ ।” यीशु ़े उससे कहन, “ मेरी भेडों को चरन।” 18 मै तुमसे सच-सच कहतन हँ , जब तुम जवऩ थे, तो अप़ी कमर बनँ धकर जहनँ चनहते थे, वहनँ जनते थे; ाेहक़ जब तुम बूढे होुे, तो अप़े हनथ फैानओुे, और कोई दू सरन तुमनरी कमर बनँ धकर तुमे वहनँ ाे जनरुन जहनँ तुम ़ही ं जऩन चनहोुे। 19 यह बनत उस़े यह हदखऩे के हार कही हक वह हकस तरह की मौत से परमेशर की महहमन करे ुन। और यह कह़े के बनद उस़े उससे कहन, “ मेरे पीछे आओ।” 20 तब पतरस ़े मुडकर उस चेाे को दे खन, हजसे यीशु पनर करतन थन, और जो खऩे के समय उसकी छनती पर झुकन हआ थन, और पूछन, हे पभु, वह कौ़ है जो तुमे पकडवनरुन? 21 पतरस ़े उसे दे खकर यीशु से कहन, हे पभु, यह आदमी कन करे ुन? 22 यीशु ़े उससे कहन, “ अुर मै चनहँ हक वह मेरे आ़े तक रके, तो तुमे कन? मेरे पीछे आओ।” 23 तब भनइयों मे यह बनत फैा ुई हक वह चेान ़ मरे ुन; हफर भी यीशु ़े उससे यह ़ही ं कहन, हक वह ़ मरे ुन; परनु यहद मै चनहं हक वह मेरे आ़े तक ठहरन रहे , तो तुझे इससे कन? 24 यह वही चेान है जो इ़ बनतों की ुवनही दे तन है , और हजस़े ये बनते हाखी है : और हम जऩते है हक उसकी ुवनही सची है । 25 और भी बहत से कनम है जो यीशु ़े हकर, अुर वे रक-रक करके हाखे जनरं , तो मुझे ाुतन है हक दु ह़यन मे भी वे हकतनबे ़ही ं समनरं ुी जो हाखी जनरं ुी। आमी़।

पेर रतो ं के कनय् पेर रतो ं के कनम 1

1 हे हथयोहफास, मै़े हपछाी हकतनब मे उ़ सभी बनतों को हाखन है जो यीशु ़े कऱन और हसखऩन शुर हकयन थन। 2 उस हद़ तक जब वह पहवत आतन के दनरन उ़ पेररतों को हजने उस़े चु़न थन, आजन दे कर ऊपर उठन हायन ुयन: 3 और उस़े अप़ी तकाीफ के बनद भी खुद को बहत से पके सबूतों से हजंदन हदखनयन, और चनाीस हद़ तक उने हदखनई दे तन रहन, और परमेशर के रनज की बनते करतन रहन। 4 और जब वह उ़के सनथ इक्न हआ, तो उस़े उने आजन दी हक वे यरशाेम से ़ जनरं , बल् हपतन के उस वनदे कन इं तजनर करे , हजसके बनरे मे उस़े कहन है , हक तुम़े मुझसे सु़न है । 5 कोंहक यूहनन ़े तो पऩी से बपहतसन हदयन थन; परनु तुम थोडे ही हद़ों मे पहवत आतन से बपहतसन पनओुे। 6 इसहार जब वे इक्न हर, तो उनों़े उससे पूछन, “हे पभु , कन आप इसी समय इसनरा को रनज हफर से ाौटन दे ुे?” 7 और उस़े उ़से कहन, “ समय यन मौसम को जऩ​़न तुमनरन कनम ़ही ं है , हजसे हपतन ़े अप़े ही अहधकनर मे रखन है ।” 8 ाेहक़ जब पहवत आतन तुम पर आरुन, तो तुम तनकत पनओुे; और यरशाेम, और सनरे यहहदयन, और सनमररयन, और धरती के को़े-को़े तक मेरे ुवनह होुे। 9 जब उस़े ये बनते कही ं, तो उ़के दे खते-दे खते वह ऊपर उठन हायन ुयन; और रक बनदा ़े उसे उ़की ़जरों से ओझा कर हदयन। 10 और जब वह ऊपर जन रहन थन, तो वे आकनश की ओर टकटकी ाुनर दे ख रहे थे, तो दे खो, दो पुरष सफेद वस पह़े हर उ़के पनस खडे थे।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

11 उनों़े यह भी कहन, “हे ुाीा के ाोुों, तुम कों खडे होकर आसमऩ की तरफ दे ख रहे हो? यही यीशु, जो तुमनरे पनस से आसमऩ पर उठन हायन ुयन है , वैसे ही आरुन जैसे तुम़े उसे आसमऩ को जनते दे खन है ।”

ह़कोदे म स कन सुस मनचनर अध नय 1 1 हनन, कैफन, सुमनस, दनतम, ुमहारा, यहदन, ाेवी, ़पनाी, हसकंदर, कुसू और दू सरे यहदी यीशु के बनरे मे पीानतुस के पनस ुर और उस पर कई बुरे जुमर कन इलनम ाुनयन। 2 और कहन, हमे यकी़ है हक यीशु यूसुफ बढई कन बेटन है , मररयम से पैदन हआ है , और वह खुद को परमेशर कन बेटन और रनजन बतनतन है ; और इत़न ही ़ही,ं बल् सब के हद़ और हमनरे पूव्जों के ह़यमों को खत कऱे की कोहशश करतन है । 3 पीानतुस ़े जवनब हदयन, वह कन ऐाऩ कर रहन है ? और वह कन खत कऱे की कोहशश कर रहन है ? 4 यहहदयों ़े उससे कहन, “हमनरे पनस रक कऩू़ है जो सब के हद़ इानज कऱे से म़न करतन है ; ाेहक़ वह उस हद़ ांुडों, बहरों, ाकवनगस, अंधों, कोहढयों और दु षनतनओं से पीहडत ाोुों को बुरे तरीकों से ठीक करतन है ।” 5 पीानतुस ़े जवनब हदयन, “वह यह सब बुरे तरीकों से कैसे कर सकतन है ?” उनों़े जवनब हदयन, “वह जनदू ुर है , और शैतऩों के सरदनर की मदद से शैतऩों को ह़कनातन है ; और इसहार सब कुछ उसके वश मे हो जनतन है ।” 6 तब पीानतुस ़े कहन, “दु षनतनओं को ह़कना़न हकसी अशुद आतन कन कनम ़ही,ं बल् परमेशर की शलय से होतन है ।” 7 यहहदयों ़े पीानतुस को जवनब हदयन, “हम आपसे ु​ुजनररश करते है हक आप उसे अप़ी अदनात मे बुानरँ और आप खुद उसकी बनत सु़े।” 8 तब पीानतुस ़े रक दू त को बुानकर उससे पूछन, “मसीह को यहनँ कैसे ानयन जनरुन?” 9 तब दू त बनहर ुयन, और मसीह को जऩकर उसे पवनम हकयन; और अप़े हनथ मे जो चनदर थी, उसे जमी़ पर फैानकर कहन, हे पभु, इस पर चाकर अंदर जनओ, कोंहक रनजपना तुमे बुान रहे है । 10 जब यहहदयों को पतन चान हक मैसेजर ़े कन हकयन है , तो वे हपानतुस से हचलनकर बोाे, “तू़े उसे बुाऩे के हार रक बीडा कन इसेमना कों ़ही ं हकयन, बल् रक मैसेजर कन इसेमना कों ़ही ं हकयन?” कोंहक जब मैसेजर ़े उसे दे खन, तो उस़े उसे पवनम हकयन, और अप़े हनथ मे जो कपडन थन, उसे उसके सनम़े जमी़ पर हबछन हदयन, और उससे कहन, “हे पभु, ुव़्र तुमे बुान रहे है ।” 11 तब पीानतुस ़े दू त को बुानकर कहन, “तू़े ऐसन कों हकयन?” 12 दू त ़े जवनब हदयन, “जब तुम़े मुझे यरशाेम से हसकंदर के पनस भेजन थन, तो मै़े यीशु को रक ुधे पर बैठे दे खन थन, और इबी बचे अप़े हनथों मे पेडों की टहह़यनँ हार हर हचलन रहे थे, होसनन।” 13 दू सरों ़े अप़े कपडे रनसे मे हबछनकर कहन, “हे सु् मे रह़े वनाे , हमे बचन ाे ; धन है वह जो पभु के ़नम से आतन है ।” 14 तब यहहदयों ़े दू त के लखानफ हचलनकर कहन, “इबनह़यों ़े तो इबऩी भनषन मे जयजयकनर की; और तू जो यू़ऩी है , इबऩी भनषन कैसे समझ सकतन है ?” 15 दू त ़े उने उतर हदयन, “मै़े यहहदयों मे से रक से पूछन थन, हक ये बचे हहबू भनषन मे कन हचलन रहे है ?” 16 और उस़े मुझे समझनयन, वे होसनन हचलनते है , हजसकन मताब है , हे पभु, मुझे बचनओ; यन हे पभु, बचनओ। 17 तब पीानतुस ़े उ़से कहन, “तुम खुद बचों की बनतों की ुवनही कों दे रहे हो, यऩी चुप रहकर? उस दू त ़े कन ुात हकयन है ?” और वे चुप हो ुर। 18 तब ुव़्र ़े मैसेजर से कहन, “जनओ और हकसी भी तरह से उसे अंदर ाऩे की कोहशश करो।” 19 ाेहक़ दू त बनहर ुयन और पहाे की तरह ही बोान, “हे पभु, अंदर आ जनइर, कोंहक ुव़्र आपको बुान रहे है ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

20 और जब यीशु झंडे हार हर झंडों के पनस से अंदर जन रहन थन, तो उ़के ऊपर वनाे झुककर यीशु को पवनम कर रहे थे। 21 इस पर यहहदयों ़े झंडों के लखानफ और भी जोर से आवनज उठनई। 22 ाेहक़ हपानतुस ़े यहहदयों से कहन, “मै जऩतन हँ हक यह बनत तुमे अची ़ही ं ाुी हक झंडे के ऊपर वनाे खुद झुककर यीशु को पवनम करते है ; ाेहक़ तुम झंडे के लखानफ कों हचलन रहे हो, जैसे हक वे झुककर पवनम करते है ?” 23 उनों़े हपानतुस को जवनब हदयन, “हम़े तो झंडे वनाों को यीशु को झुककर पवनम करते दे खन है ।” 24 तब ुव़्र ़े झंडे बुानकर उ़से पूछन, “तुम़े ऐसन कों हकयन?” 25 झंडन फहरऩे वनाों ़े हपानतुस से कहन, “हम सब ुैर-ईसनई है और मंहदरों मे दे वतनओं की पूजन करते है ; हफर हम उसकी पूजन कऱे के बनरे मे कन सोच सकते है ? हम़े तो बस झंडे अप़े हनथों मे हार हर थे और वे झुककर उसकी पूजन करते थे।” 26 तब पीानतुस ़े सभन के सरदनरों से कहन, “तुम ही कुछ मजबूत आदहमयों को चु़ ाो और उने झंडे थनम़े दो, और हम दे खेुे हक वे हफर झुकेुे यन ़ही।ं ” 27 इसहार यहहदयों के बुजु​ुर ़े बनरह सबसे तनकतवर और कनहबा बूढे आदहमयों को चु़न, और उने झंडे पकड़े के हार कहन, और वे ुव़्र के सनम़े खडे हो ुर। 28 तब पीानतुस ़े दू त से कहन, “यीशु को बनहर ाे जनओ, और हकसी तरह उसे वनपस अंदर ाे आओ।” और यीशु और दू त हॉा से बनहर चाे ुर। 29 और पीानतुस ़े उ़ झंडे वनाों को बुानयन हजनों़े पहाे झंडे उठनर थे, और उ़से कसम खनई हक अुर उनों़े यीशु के अंदर आ़े से पहाे झंडे इसी तरह ़ही ं उठनर होंुे, तो वह उ़के हसर कनट दे ुन। 30 तब रनजपना ़े यीशु को हफर से भीतर आ़े कन आदे श हदयन। 31 और दू त ़े वैसन ही हकयन जैसन उस़े पहाे हकयन थन, और यीशु से बहत हव़ती की हक वह उसके कपडे पर चाे, और उस पर चाे, और वह उस पर चान, और अंदर चान ुयन। 32 और जब यीशु अंदर ुयन, तो झंडे पहाे की तरह झुक ुर और उसे पवनम हकयन। अध नय दो 1 जब पीानतुस ़े यह दे खन, तो वह डर ुयन और अप़ी सीट से उठ़े ही वनान थन। 2 ाेहक़ जब वह उठ़े की सोच रहन थन, तो उसकी पती ़े, जो दू र खडी थी, उसे यह संदेश भेजन, “उस ़ेक आदमी से कुछ मत ाे़न; कोंहक मै़े आज रनत रक दश़् मे उसके बनरे मे बहत दु ख उठनयन है ।” 3 जब यहहदयों ़े यह सु़न तो उनों़े पीानतुस से कहन, “कन हम़े तुमसे ़ही ं कहन थन हक वह जनदू ुर है ? दे खो, उस़े तुमनरी पती को सप़न हदखनयन है ।” 4 तब पीानतुस ़े यीशु को बुानकर कहन, “तू़े सु़न है हक वे तेरे लखानफ कन ुवनही दे रहे है , और तू कोई जवनब ़ही ं दे तन?” 5 यीशु ़े जवनब हदयन, “अुर उ़मे बोा़े की शलय ़ होती, तो वे बोा ़ही ं सकते थे; ाेहक़ कोंहक हर हकसी को अप़ी जबऩ पर कनबू है , तनहक वह अचन और बुरन दो़ों बोा सके, तो उसे इस पर धऩ दे ़न चनहहर।” 6 ाेहक़ यहहदयों के बुजु​ुर ़े यीशु से पूछन, “हम हकस बनत पर धऩ दे ?” 7 सबसे पहाे, हम तुमनरे बनरे मे यह जऩते है हक तुम वहभचनर से पैदन हर थे; दू सरी बनत, तुमनरे जन की वजह से बेथाेहम मे बचों को मनर डनान ुयन थन; तीसरी बनत, तुमनरे हपतन और मनतन मररयम हमस भनु ुर थे, कोंहक वे अप़े ाोुों पर भरोसन ़ही ं कर सकते थे। 8 जो यहदी पनस खडे थे, उ़मे से कुछ ़े और भी अची तरह कहन, “हम यह ़ही ं कह सकते हक वह वहभचनर से पैदन हआ; ाेहक़ हम जऩते है हक उसकी मनँ मररयम की मंु़ी यूसुफ से हो चुकी थी, इसहार वह वहभचनर से पैदन ़ही ं हआ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

9 तब पीानतुस ़े उ़ यहहदयों से, जो उसे वहभचनर से पैदन हआ मऩते थे, कहन, “तुमनरी यह बनत सच ़ही ं है , कोंहक तुमनरी ही जनहत के ाोु ुवनही दे ते है हक तुमनरी मंु़ी हो चुकी है ।” 10 हनन और कैफन ़े पीानतुस से कहन, “यह सब भीड धऩ दे ़े ानयक है , जो हचलनती है हक वह बदचा़ी से पैदन हआ है और जनदू ुर है ; ाेहक़ जो ाोु उसे बदचा़ी से पैदन हो़े से इ़कनर करते है , वे उसके धम् बदा़े वनाे और चेाे है ।” 11 हपानतुस ़े हनन और कैफन को जवनब हदयन, "ये यहदी कौ़ है ?" उनों़े जवनब हदयन, "ये वे है जो ुैरयहहदयों के बचे है , और यहदी ़ही ं ब़े, बल् उसके मऩ​़े वनाे है ।" 12 तब राीरजेर, और रसे ररयस, और रं टोह़यस, और जेम, कैरस और सैमुअा, इसहनक और हफ़ीस, हकसस और अहगरन, हनन और यहदन ़े जवनब हदयन, “हम धम् बदा़े वनाे ़ही ं है , बल् यहहदयों की संतऩ है , और सच बोाते है , और जब मररयम की सुनई हई थी, तब हम मौजूद थे।” 13 तब पीानतुस ़े उ़ बनरह आदहमयों से, हजनों़े यह बनत कही थी, कहन, “मै तुमे सीजर के जीव़ के आधनर पर यह समझनतन हँ हक तुम सच-सच बतनओ हक वह वहभचनर से पैदन हआ थन यन ़ही,ं और जो बनते तुम़े बतनई है , वे सच हों।” 14 उनों़े हपानतुस को जवनब हदयन, “हमनरे पनस रक कऩू़ है , हजसके तहत हमे कसम खऩे से म़न हकयन ुयन है , कोंहक यह पनप है । वे सीजर की हजंदुी की कसम खनरं हक यह वैसन ़ही ं है जैसन हम़े कहन है , और हम मौत की सजन पऩे मे खुश रहे ुे।” 15 तब हनन और कैफन ़े पीानतुस से कहन, “वे बनरह आदमी यकी़ ़ही ं करे ुे हक हम जऩते है हक वह जन से ही घहटयन है और जनदू ुर है , हनानँ हक वह खुद को परमेशर कन बेटन और रनजन बतनतन है : हजस पर हम यकी़ कऱे से इत़े दू र है हक सु़कर भी कनँ पते है ।” 16 तब पीानतुस ़े उ़ बनरह आदहमयों को छोडकर, हजनों़े कहन थन हक वह वहभचनर से पैदन ़ही ं हआ, बनकी सबको बनहर जऩे कन हु हदयन, और यीशु को दू र जऩे को कहन, और उ़से कहन, “यहदी यीशु को कों मनऱन चनहते है ?” 17 उनों़े उसे जवनब हदयन, “वे इसहार ़नरनज है कोंहक उस़े सब के हद़ ाोुों को ठीक हकयन।” पीानतुस ़े कहन, “कन वे उसे अचे कनम के हार मनर डनाेुे?” उनों़े उससे कहन, “हनँ , सर।” अध नय 3 1 तब पीानतुस ु​ुसे से भरकर हॉा से बनहर चान ुयन और यहहदयों से कहन, “मै सनरी दु ह़यन को ुवनह ब़नतन हँ हक मुझे उस आदमी मे कोई ुाती ़ही ं हमाी।” 2 यहहदयों ़े पीानतुस को उतर हदयन, “यहद वह बुरन ़ होतन, तो हम उसे तेरे सनम़े ़ ानते।” 3 पीानतुस ़े उ़से कहन, “तुम उसे पकडकर अप़े कऩू़ से परखो।” 4 तब यहहदयों ़े कहन, “हकसी को भी मनऱन हमनरे हार सही ़ही ं है ।” 5 पीानतुस ़े यहहदयों से कहन, “इसहार यह हु तुमनरन है हक तुम खू़ ़ करो, मेरन ़ही ं।” 6 तब वह हफर से हॉा मे ुयन, और यीशु को अकेाे मे बुानकर उससे पूछन, “कन तू यहहदयों कन रनजन है ?” 7 यीशु ़े पीानतुस से कहन, “कन तू यह बनत अप़े आप कह रहन है यन यहहदयों ़े मेरे बनरे मे तुझसे कही?” 8 हपानतुस ़े जवनब मे यीशु से कहन, “कन मै यहदी हँ ? यहहदयों की पूरी जनहत और सरदनरों ़े तुमे मेरे हवनाे कर हदयन है । तुम़े कन हकयन है ?” 9 यीशु ़े जवनब हदयन, “मेरन रनज इस दु ह़यन कन ़ही ं है । अुर मेरन रनज इस दु ह़यन कन होतन, तो मेरे सेवक ाडते और मै यहहदयों के हनथ ़ही ं सौंपन जनतन। ाेहक़ अब मेरन रनज यहनँ कन ़ही ं है ।” 10 हपानतुस ़े कहन, तो कन तू रनजन है ? यीशु ़े जवनब हदयन, तू कहतन है हक मै रनजन हँ : इसी मकसद से मै पैदन हआ, और इसी मकसद से मै दु ह़यन मे आयन; और इसी मकसद से आयन, हक मै सचनई की ुवनही दू ँ ; और हर कोई जो सचनई कन है , मेरी आवनज सु़तन है । 11 पीानतुस ़े उससे कहन, “सत कन है ?” 12 यीशु ़े कहन, सत सु् से है ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

13 पीानतुस ़े कहन, “इसहार पृथी पर सत ़ही ं है ।” 14 यीशु ़े हपानतुस से कहन, “हवशनस करो हक धरती पर सचनई उ़ ाोुों मे है , जो जब ननय कऱे की शलय रखते है , तो सचनई से चाते है और सही ननय करते है ।” अध नय 4 1 तब पीानतुस यीशु को हॉा मे छोडकर यहहदयों के पनस ुयन और कहन, “मुझे यीशु मे कोई कमी ़ही ं हमाी।” 2 यहहदयों ़े उससे कहन, “ाेहक़ उस़े कहन, मै परमेशर के मंहदर को तोड सकतन हँ , और ती़ हद़ मे उसे हफर ब़न सकतन हँ ।” 3 पीानतुस ़े उ़से कहन, “वह हकस तरह कन मंहदर है हजसके बनरे मे वह बनत कर रहन है ?” 4 यहहदयों ़े उससे कहन, “हजसे ब़ऩे मे सुाैमऩ ़े हछयनाीस सना ाुनर, उसे उस़े कहन थन हक वह तोड दे ुन, और ती़ हद़ मे ब़न दे ुन।” 5 पीानतुस ़े हफर उ़से कहन, “मै उस आदमी के खू़ से बेु​ु़नह हँ ; तुम इस बनत पर धऩ दो।” 6 यहहदयों ़े उससे कहन, “उसकन खू़ हम पर और हमनरे बचों पर हो।” तब पीानतुस ़े बुजु​ुर, शनलसयों, पुजनररयों और ाेहवयों को अकेाे मे बुानकर उ़से कहन, “ऐसन मत करो; मुझे तुमनरे इलनम मे उसके लखानफ ऐसन कुछ ़ही ं हमान हक उस़े बीमनरों को ठीक हकयन हो और सब के हद़ को तोडन हो, जो मौत के ानयक हो।” 7 पुजनररयों और ाेहवयों ़े पीानतुस को जवनब हदयन, “कैसर के जीव़ की कसम, अुर कोई ईशह़ंदन करतन है तो वह मौत के ानयक है ; ाेहक़ इस आदमी ़े पभु के लखानफ ईशह़ंदन की है ।” 8 तब ुव़्र ़े हफर यहहदयों को हॉा से बनहर जऩे कन हु हदयन; और यीशु को बुानकर उससे पूछन, “मै तुमनरे सनथ कन कर ँ ?” 9 यीशु ़े उसे उतर हदयन, “जैसन हाखन है , वैसन ही करो।” 10 पीानतुस ़े उससे पूछन, “यह कैसे हाखन है ?” 11 यीशु ़े उससे कहन, “मूसन और भहवषवयनओं ़े मेरी तकाीफ और हफर से जी उठ़े के बनरे मे भहवषवनवी की है ।” 12 यह सु़कर यहदी भडक ुर और पीानतुस से कहन, “तुम उस आदमी की बुरनई अब और कों सु़ते हो?” 13 पीानतुस ़े उ़से कहन, “अुर ये बनते तुमे ईशह़ंदन ाुती है , तो इसे पकडकर अप़ी अदनात मे ाे जनओ और अप़े कऩू़ के हहसनब से इसकन मुकदमन चानओ।” 14 यहहदयों ़े पीानतुस को जवनब हदयन, “हमनरन कऩू़ कहतन है हक उसे उ़तीस कोडे मनरे जनरँ ुे, ाेहक़ अुर वह इस तरह पभु की बुरनई करे ुन, तो उसे पुर मनरकर मनर डनान जनरुन।” 15 पीानतुस ़े उ़से कहन, “अुर उसकी यह बनत ईशह़ंदन थी, तो तुम उसे अप़े कऩू़ के हहसनब से परखो।” 16 यहहदयों ़े पीानतुस से कहन, “हमनरन कऩू़ हमे आजन दे तन है हक हम हकसी को भी मौत की सजन ़ दे : हम चनहते है हक उसे सूाी पर चढनयन जनर, कोंहक वह सूाी पर चढनर जऩे के ानयक है ।” 17 पीानतुस ़े उ़से कहन, “उसे सूाी पर चढऩन ठीक ़ही ं है ; बस उसे कोडे मनरकर भेज हदयन जनर।” 18 ाेहक़ जब ुव़्र ़े वहनँ मौजूद ाोुों और यहहदयों को दे खन, तो उस़े बहत से यहहदयों को रोते हर दे खन, और यहहदयों के मुख पुजनररयों से कहन, “सब ाोु उसकी मौत ़ही ं चनहते।” 19 यहहदयों के बुजु​ुर ़े पीानतुस को जवनब हदयन, “हम और सब ाोु यहनँ इसी मकसद से आर है हक वह मर जनर।” 20 पीानतुस ़े उ़से कहन, “वह कों मरे ुन?” 21 उनों़े उससे कहन, “कोंहक वह खुद को परमेशर कन बेटन और रनजन बतनतन है ।” अध नय 5 1 ाेहक़ ह़कोदे मुस ़नम कन रक यहदी ुव़्र के सनम़े खडन हआ और बोान, “हे ़ेक जज, मै आपसे ु​ुजनररश करतन हँ हक आप मुझे कुछ बनते कह़े की इजनजत दे ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

2 पीानतुस ़े उससे कहन, बोाो। 3 ह़कोदे मुस ़े कहन, “मै़े यहहदयों के बुजु​ुर, शनलसयों, यनजकों, ाेहवयों और यहहदयों की सनरी भीड से उ़की सभन मे पूछन, “तुम इस आदमी के सनथ कन कऱन चनहते हो?” 4 वह रक ऐसन आदमी है हजस़े कई कनम के और शऩदनर चमतनर हकर है , जैसे धरती पर हकसी इं सऩ ़े पहाे कभी ़ही ं हकर, और ़ ही कभी करे ुन। उसे जऩे दो, और उसे कोई ़ुकसऩ मत पहँ चनओ; अुर वह भुवऩ की तरफ से आयन है , तो उसके चमतनर, (उसके चमतनरी इानज) जनरी रहे ुे; ाेहक़ अुर इं सऩों की तरफ से, तो वे बेकनर हो जनरँ ुे। 5 इस तरह जब मूसन को परमेशर ़े हमस भेजन, तो उस़े हमस के रनजन हफरौ़ के सनम़े वे चमतनर हकर हज़की आजन परमेशर ़े उसे दी थी; और हनानँ हक उस दे श के जनदू ुरों, यनेस और यमेस ़े अप़े जनदू से वही चमतनर हकर जो मूसन ़े हकर थे, हफर भी वे वे सभी चमतनर ़ही ं कर सके जो उस़े हकर थे; 6 और हे शनलसयों और फरीहसयों, तुम जऩते हो, जनदू ुरों ़े जो चमतनर हकर, वे परमेशर की ओर से ़ही ं थे; बल् हजनों़े उने हकयन, वे और उ़ पर हवशनस कऱे वनाे सभी ़नश हो ुर। 7 और अब इस आदमी को जऩे दो; कोंहक हज़ चमतनरों कन तुम उस पर इलनम ाुनते हो, वे परमेशर की तरफ से है ; और वह मौत के ानयक ़ही ं है । 8 तब यहहदयों ़े ह़कोदे मुस से कहन, “कन तू उसकन चेान ब़ ुयन है और उसके पक मे बनते कर रहन है ?” 9 ह़कोदे मुस ़े उ़से कहन, “कन ुव़्र भी उसकन चेान ब़ ुयन है , और उसके हार भनषव दे तन है ? कन सीजर ़े उसे उस ऊँचे पद पर ़ही ं रखन थन?” 10 जब यहहदयों ़े यह सु़न तो वे कनं प उठे और ह़कोदे मुस पर दनं त पीसते हर उससे कहन, “कन तू उसकी हशकन को सच मऩ सकतन है , और मसीह के सनथ तेरन भनु हो सकतन है ?” 11 ़ीकुदे मुस ़े जवनब हदयन, “आमी़; मै उसकी हशकन और उसके सनथ अप़न हहसन मऩूंुन, जैसन तुम़े कहन है ।” 12 हफर रक और यहदी खडन हआ और ुव़्र से कुछ बनते सु़​़े की इजनजत मनं ुी। 13 तब ुव़्र ़े कहन, “जो म़ मे आर कहो।” 14 और उस़े कहन, मै यरशाेम मे भेडों के तनानब के पनस अडतीस सना से पडन थन, रक बडी बीमनरी से परे शऩ थन, और इानज कन इं तजनर कर रहन थन जो रक फररशे के आ़े से होुन, जो रक खनस समय पर पऩी को हहानरुन; और जो कोई भी पऩी के हहा़े के बनद सबसे पहाे पऩी मे उतरतन थन, वह अप़ी हकसी भी बीमनरी से ठीक हो जनतन थन। 15 और जब यीशु ़े मुझे वहनँ तडपते हर दे खन, तो मुझसे कहन, कन तुम ठीक हो़न चनहते हो? मै़े जवनब हदयन, सर, मेरे पनस कोई आदमी ़ही ं है , जब पऩी हहाे, तो मुझे कुंड मे उतनर दे । 16 तब उस़े मुझसे कहन, उठो, अप़न हबसर उठनओ और चाो। और मै तुरंत ठीक हो ुयन, और अप़न हबसर उठनकर चा़े ाुन। 17 तब यहहदयों ़े पीानतुस से कहन, हे हमनरे पभु, उससे पूछो हक वह हकस हद़ अप़ी बीमनरी से ठीक हआ थन। 18 बीमनर आदमी ़े जवनब हदयन, “यह सब के हद़ हआ थन।” 19 यहहदयों ़े पीानतुस से कहन, “कन हम़े ़ही ं कहन थन हक वह सब के हद़ बीमनरों को ठीक करतन है और शैतऩों के सरदनर की मदद से शैतऩों को ह़कनातन है ?” 20 हफर रक और 7 यहदी ह़कान, और बोान, “मै अंधन थन, आवनजे तो सु़तन थन, पर हकसी को दे ख ़ही ं सकतन थन; और जब यीशु जन रहन थन, तो मै़े भीड को जनते हर सु़न, और मै़े पूछन हक कन है ?” 21 उनों़े मुझे बतनयन हक यीशु वहनँ से ु​ुजर रहे है : तब मै़े पुकनरकर कहन, यीशु, दनऊद के बेटे, मुझ पर दयन करो। और वह रक ुर, और आजन दी हक मुझे उ़के पनस ानयन जनर, और मुझसे कहन, तुम कन चनहते हो? 22 मै़े कहन, हे पभु, हक मै दे ख़े ाुूं। 23 उस़े मुझसे कहन, “दे खो, और मै तुरंत दे ख़े ाुन, और खुशी म़नते हर और धनवनद दे ते हर उसके पीछे चान ुयन।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

24 रक और यहदी भी आयन और बोान, “मै कोढी थन।” उस़े हसफ् अप़ी बनत से मुझे ठीक हकयन, और कहन, “मै चनहतन हँ , तू सनफ हो जन।” और मै तुरंत अप़े कोढ से सनफ हो ुयन। 25 हफर रक और यहदी आयन और बोान, “मै टे ढन थन, और उस़े अप़ी बनत से मुझे सीधन कर हदयन।” 26 और वेरोह़कन ़नम की रक औरत ़े कहन, “मुझे बनरह सना से खू़ बह़े की बीमनरी थी, और मै़े उसके कपडे कन हक़नरन छू हायन, और तुरंत मेरन खू़ बह़न बंद हो ुयन।” 27 तब यहहदयों ़े कहन, “हमनरन कऩू़ है हक हकसी औरत को सबूत के तौर पर ़ही ं रखन जन सकतन।” 28 और कुछ बनतों के बनद रक और यहदी ़े कहन, “मै़े यीशु को अप़े चेाों के सनथ रक शनदी मे बुानयन हआ दे खन, और ुाीा के कऩन मे दनखमधु की कमी थी। 29 और जब सनरी शरनब पी ाी ुई, तो उस़े ़ौकरों को हु हदयन हक वे वहनँ रखे छह बत़्ों मे पऩी भर दे , और उनों़े उने ऊपर तक भर हदयन, और उस़े उने आशीवन् द हदयन, और पऩी को शरनब मे बदा हदयन, और सभी ाोुों ़े इस चमतनर से है रऩ होकर पी हायन। 30 हफर रक और यहदी खडन हआ और बोान, “मै़े यीशु को कफऱहम के सभन-घर मे हसखनते दे खन; और सभन-घर मे रक आदमी थन हजसमे शैतऩ थन; और वह हचलनकर कह़े ाुन, “मुझे अकेान छोड दो; हे यीशु ़नसरत के, हमनरन तुमसे कन ाे़न-दे ़न? कन तुम हमे खत कऱे आर हो? मै जऩतन हँ हक तुम परमेशर के पहवत ज़ हो।” 31 तब यीशु ़े उसे डनं टन, और कहन, चुप रह, अशुद आतन, और उस आदमी मे से ह़का जन; और वह तुरन उसमे से ह़का ुयन, और उसे कुछ भी ़ुकसऩ ़ही ं पहँ चनयन। 32 रक फरीसी ़े ये बनते भी कही;ं मै़े दे खन हक ुाीा और यहहदयन, और समुद के हक़नरे , और यरद़ के आस-पनस के बहत से दे शों से रक बडी भीड यीशु के पनस आई, और बहत से बीमनर ाोु उसके पनस आर, और उस़े उ़ सबको ठीक हकयन। 33 और मै़े अशुद आतनओं को हचलनते हर यह कहते सु़न, हक तू परमेशर कन पुत है । और यीशु ़े उने सख चेतनव़ी दी, हक वे उसे जनहहर ़ करे । 34 इसके बनद रक और आदमी, हजसकन ़नम सेचुररयो थन, ़े कहन, “मै़े यीशु को कफऱहम मे दे खन थन, और मै़े उससे हव़ती की, “हे पभु, मेरन ़ौकर घर पर ाकवन से बीमनर पडन है ।” 35 तब यीशु ़े मुझसे कहन, मै आकर उसे चंुन कर ं ुन। 36 ाेहक़ मै़े कहन, हे पभु, मै इस ानयक ़ही ं हक तू मेरे घर आर; पर तू हसफ् वच़ कह दे , तो मेरन सेवक चंुन हो जनरुन। 37 तब यीशु ़े मुझसे कहन, “जनओ; और जैसन तुम़े हवशनस हकयन है , वैसन ही तुमनरे सनथ हो।” और मेरन सेवक उसी समय से ठीक हो ुयन। 38 तब रक अमीर आदमी ़े कहन, “कफऱहम मे मेरन रक बेटन थन, जो मऱे वनान थन; और जब मै़े सु़न हक यीशु ुाीा मे आयन है , तो मै ुयन और उससे हव़ती की हक वह मेरे घर आर और मेरे बेटे को ठीक कर दे , कोंहक वह मऱे वनान थन।” 39 उस़े मुझसे कहन, “जनओ, तुमनरन बेटन हजंदन है ।” 40 और मेरन बेटन उसी समय से ठीक हो ुयन। 41 इ़के अानवन, यहहदयों मे से और भी बहत से आदमी और औरते हचलन-हचलनकर कह़े ाुे, “वह सच मे परमेशर कन बेटन है , जो हसफ् अप़े वच़ से सब बीमनररयनँ ठीक कर दे तन है , और शैतऩ पूरी तरह उसके वश मे है ।” 42 उ़मे से कुछ ़े आुे कहन, यह शलय केवा परमेशर से ही आ सकती है । 43 पीानतुस ़े यहहदयों से कहन, “तुमनरे डॉकर शैतऩों के वश मे कों ़ही ं रहते?” 44 उ़मे से कुछ ़े कहन, “शैतऩों को कनबू कऱे की तनकत हब़न परमेशर के ़ही ं आ सकती।” 45 ाेहक़ दू सरों ़े पीानतुस से कहन हक उस़े ानजर को मरे हओं मे से हजंदन हकयन है , जबहक वह चनर हद़ से कब मे थन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

46 यह सु़कर ुव़्र कनं पते हर यहहदयों की भीड से बोान, “बेु​ु़नहों कन खू़ बहऩे से तुमे कन फनयदन होुन?” अध नय 6 1 तब पीानतुस ़े ह़कोदे मुस और उ़ पंदह आदहमयों को, जो कहते थे हक यीशु वहभचनर से पैदन ़ही ं हआ, इक्न करके उ़से कहन, “मै कन कर ँ , कोंहक ाोुों मे हं ुनमन हो़े वनान है ।” 2 उनों़े उससे कहन, “हम ़ही ं जऩते; जो ाोु शोर मचनते है , वे ही इस पर धऩ दे ।” 3 तब पीानतुस ़े भीड को हफर बुानयन, और उ़से कहन, “तुम जऩते हो हक तुमनरन रक ररवनज है हक मै फसह के तोहनर पर तुमनरे हार रक कैदी को ररहन कर ँ । 4 मेरे पनस रक मशहर कैदी है , रक हतनरन, हजसकन ़नम बरअबन है , और यीशु जो मसीह कहानतन है , उसमे मुझे ऐसन कुछ ़ही ं हमान जो मौत के ानयक हो; तो तुम उ़मे से हकसे चनहते हो हक मै तुमे छोड दू ं ? 5 वे सब हचलन-हचलनकर कहते है , बरअबन को हमनरे हार छोड दो। 6 पीानतुस ़े उ़से कहन, “तो हफर मै यीशु के सनथ कन कर ँ , जो मसीह कहानतन है ?” 7 वे सब उतर दे ते है , हक वह कूस पर चढनयन जनर। 8 वे हफर हचलनकर पीानतुस से कहते है , “अुर तुम इस आदमी को छोडोुे तो तुम सीजर के दोस ़ही ं हो? कोंहक उस़े कहन है हक वह परमेशर कन बेटन और रनजन है । ाेहक़ कन तुम चनहते हो हक वह रनजन ब़े, और सीजर ़ही?ं ” 9 तब पीानतुस ु​ुसे से भरकर उ़से बोान, “तुमनरन दे श हमेशन से ही बनुी रहन है , और तुम हमेशन उ़ ाोुों के लखानफ रहते हो जो तुमनरे कनम आते है ?” 10 यहहदयों ़े जवनब हदयन, “ये कौ़ है जो हमनरे कनम आर है ?” 11 पीानतुस ़े उ़से कहन, “तुमनरे परमेशर ़े तुमे हमहसयों की कडी ु​ुानमी से छु डनयन, और तुमे ाना सनुर के पनर ऐसे ाे आयन जैसे वह सूखी जमी़ हो, और जंुा मे तुमे मनन और बटे रों कन मनं स लखानयन, और चटऩ से पऩी ह़कनान, और तुमे सु् से रक ह़यम हदयन: 12 तुम़े हर तरह से उसे ु​ुसन हदानयन, और अप़े हार रक हपघान हआ बछडन मनं ुन, और उसकी पूजन की, और उसे बहा दी, और कहन, हे इसनरा, ये तुमनरे दे वतन है , जो तुमे हमस दे श से बनहर ानर है । 13 इसी वजह से तुमनरन परमेशर तुमे खत कऱन चनहतन थन; ाेहक़ मूसन ़े तुमनरे हार दु आ की, और तुमनरे परमेशर ़े उसकी सु़ी, और तुमनरन ु​ु़नह मनफ कर हदयन। 14 इसके बनद तुम अप़े ़हबयों, मूसन और हनऱ पर ु​ुसन हो ुर और उने मनर डना़न चनहते थे, जब वे तमू की ओर भनुे थे, और तुम हमेशन परमेशर और उसके ़हबयों के लखानफ बडबडनते रहते थे। 15 और वह अप़ी ननय-पीठ से उठकर बनहर जऩन चनहतन थन; ाेहक़ सब यहदी हचलन उठे , “हम सीजर को रनजन मऩते है , यीशु को ़ही।ं ” 16 ाेहक़ यह आदमी, जैसे ही पैदन हआ, जऩी ाोु आर और उसे तोहफे हदर; यह सु़कर हे रोदे स बहत परे शऩ हआ, और उसे मनर डना़न चनहतन थन। 17 जब उसके हपतन को यह पतन चान, तो वह उसे और उसकी मनँ मररयम को ाेकर हमस भनु ुयन। हे रोदे स ़े जब सु़न हक वह पैदन हआ है , तो वह उसे मनर डना़न चनहतन थन; इसहार उस़े बेथाेहम और उसके आसपनस के इानकों मे दो सना और उससे कम उम के सभी बचों को भेजकर मरवन हदयन। 18 जब पीानतुस ़े यह बनत सु़ी, तो वह डर ुयन; और शोर मचन रहे ाोुों को चुप रह़े कन हु दे कर यीशु से पूछन, “तो कन तुम रनजन हो?” 19 सब यहहदयों ़े पीानतुस को उतर हदयन, यह वही वलय है हजसे हे रोदे स मनर डना़न चनहतन थन। 20 तब पीानतुस ़े पऩी ाेकर ाोुों के सनम़े अप़े हनथ धोर और कहन, “मै इस ़ेक आदमी के खू़ से बेु​ु़नह हँ ; तुम इस पर धऩ दो।” 21 यहहदयों ़े जवनब हदयन, “उसकन खू़ हम पर और हमनरी संतऩों पर हो।” 22 तब पीानतुस ़े यीशु को अप़े सनम़े ाऩे कन आदे श हदयन, और उससे ये बनते कही ं:

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

23 तुमनरे अप़े दे श ़े तुम पर आरोप ाुनयन है हक तुम खुद को रनजन ब़न रहे हो; इसहार मै , पीानतुस, तुमे पहाे के ुव़्रों के कऩू़ों के अ़ुसनर कोडे मनऱे की सजन दे तन हँ ; और तुमे पहाे बनं धन जनर, हफर उसी जुह पर कॉस पर ाटकन हदयन जनर जहनँ तुम अभी कैदी हो; और तुमनरे सनथ दो अपरनधी भी होंुे, हज़के ़नम हडमनस और ुेसनस है । अध नय 7 1 तब यीशु और उसके सनथ दो चोर हॉा से बनहर चाे ुर। 2 और जब वे उस जुह पहँ चे हजसे ुोाुोथन कहते है , तो उनों़े उसके कपडे उतनर हदर, और उसे रक हा़​़ कन कपडन पह़न हदयन, और उसके हसर पर कनँ टों कन तनज पह़न हदयन, और उसके हनथ मे रक सरकंडन दे हदयन। 3 और उनों़े उ़ दो चोरों के सनथ भी ऐसन ही हकयन जो उसके सनथ कूस पर चढनर ुर थे, यऩी दीमनस को उसके दनहह़े हनथ और ुेसनस को उसके बनरं हनथ। 4 ाेहक़ यीशु ़े कहन, “हे मेरे हपतन, इने मनफ कर दे ; कोंहक ये ़ही ं जऩते हक ये कन कर रहे है ।” 5 और उनों़े उसके कपडे बनँ ट हार, और उसके कपडे पर हचह्यनँ डनाी।ं 6 इस बीच ाोु पनस खडे थे, और यहहदयों के मुख पुजनररयों और बुजु​ुर ़े उसकन मजनक उडनते हर कहन, “उस़े दू सरों को बचनयन, अुर वह खुद को बचन सकतन है तो बचन ाे ; अुर वह परमेशर कन बेटन है , तो अब कूस से उतर आर।” 7 हसपनहहयों ़े भी उसकन मजनक उडनयन, और हसरकन और हपत ाेकर उसे पी़े को हदयन, और उससे कहन, “अुर तू यहहदयों कन रनजन है तो खुद को बचन ाे।” 8 तब ाोंहु़स ़नम के रक सैह़क ़े भनान ाेकर उसकी बुा मे घोंप हदयन, और कुछ ही दे र मे खू़ और पऩी ह़का़े ाुन। 9 और हपानतुस ़े कॉस पर हहबू, ाैहट़ और गीक अकरों मे हाखन, यऩी, यह यहहदयों कन रनजन है । 10 ाेहक़ यीशु के सनथ कूस पर चढनर ुर दो चोरों मे से रक, हजसकन ़नम ुेसनस थन, ़े यीशु से कहन, “अुर तू मसीह है , तो अप़े आप को और हमे छु डन ाे।” 11 ाेहक़ जो चोर उसके दनहह़े हनथ पर सूाी पर चढनयन ुयन थन, हजसकन ़नम दीमनस थन, उस़े जवनब मे उसे डनं टन और कहन, कन तू परमेशर से ़ही ं डरतन, जो इस सजन के हार सजन पनयन ुयन है ? हम तो अप़े कनमों कन फा सही और इं सनफ के सनथ भु​ुतते है ; ाेहक़ इस यीशु ़े कन बुरन हकयन है ? 12 इस तरह करनह़े के बनद उस़े यीशु से कहन, हे पभु, जब तू अप़े रनज मे आर, तो मुझे यनद रख़न। 13 यीशु ़े उतर हदयन, “मै तुझसे सच कहतन हँ हक आज तू मेरे सनथ सु् मे होुन।” अध नय 8 1 और यह ाुभु छठे घंटे कन समय थन, और सनरी पृथी पर अंधेरन छन ुयन, और वह भी ़ौवे घंटे तक। 2 और जब सूरज डूब रहन थन, तो दे खो, मंहदर कन पदन् ऊपर से ़ीचे तक फट ुयन; और चटऩे भी फट ुईं, और कबे खुा ुईं, और बहत से संतों के शरीर, जो सो रहे थे, उठ खडे हर। 3 और ाुभु ़ौवे घंटे यीशु ़े ऊँची आवनज मे पुकनरकर कहन, हे ाी, हे ाी, ानमन जबयऩी? हजसकन मताब है , हे मेरे परमेशर, हे मेरे परमेशर, तू़े मुझे कों छोड हदयन? 4 इ़ बनतों के बनद यीशु ़े कहन, हे हपतन, मै अप़ी आतन तेरे हनथों मे सौंपतन हं ; और यह कहकर उस़े पनव तनु हदर। 5 ाेहक़ जब सूबेदनर ़े दे खन हक यीशु ़े इस तरह हचलनकर पनव तनु हदर, तो उस़े परमेशर की बडनई की, और कहन, “सच मे यह रक ़ेक आदमी थन।” 6 और जो ाोु वहनँ खडे थे, वे यह ़जनरन दे खकर बहत परे शऩ हो ुर; और जो हआ थन, उस पर सोचते हर, अप़ी छनती पीट़े ाुे, और हफर यरशाेम शहर ाौट ुर। 7 सूबेदनर ़े हनहकम के पनस जनकर जो कुछ हआ थन, सब उसे सु़नयन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

8 जब उस़े ये सब बनते सु़ी ं, तो वह बहत दु खी हआ। 9 और यहहदयों को बुानकर उ़से कहन, “कन तुम़े सूरज के ह़का़े कन चमतनर और दू सरी बनते दे खी है जो यीशु के मऱे के समय हईं?” 10 जब यहहदयों ़े यह सु़न, तो उनों़े ुव़्र से कहन, “सूय् गहव तो अप़ी आम परं परन के अ़ुसनर ही हआ है ।” 11 ाेहक़ मसीह के सभी जऩ-पहचऩ वनाे, और वे औरते भी जो ुाीा से यीशु के पीछे आई थी ं, दू र खडी होकर ये सब बनते दे ख रही थी।ं 12 और दे खो, अररमहथयन कन यूसुफ ़नम कन रक आदमी, जो यीशु कन चेान भी थन, ाेहक़ यहहदयों के डर से खुाकर ़ही ं बतनतन थन, ुव़्र के पनस आयन और उससे ु​ुजनररश की हक वह उसे यीशु की ानश को सूाी से उतनऱे की इजनजत दे । 13 और ुव़्र ़े उसे जऩे की इजनजत दे दी। 14 और ह़कोदे मुस आयन, और अप़े सनथ ाुभु सौ पौंड वज़ कन ाोबऩ और राो कन हमशव ानयन; और उनों़े यीशु को आँ सुओं के सनथ कूस से उतनरन, और यहहदयों के दफ़ऩे के ररवनज के अ़ुसनर, उसे मसनाे ाुे हा़े़ के कपडों से बनँ ध हदयन। 15 और उसे रक ़ई कब मे रखन, हजसे यूसुफ ़े ब़वनयन थन, और रक चटऩ से कटवनयन थन, हजसमे कभी हकसी को ़ही ं रखन ुयन थन; और उनों़े कब के दरवनजे पर रक बडन पुर ाुढकन हदयन। अध नय 9 1 जब ुात यहहदयों ़े सु़न हक यूसुफ ़े भीख मनं ुकर यीशु की ानश को दफ़न हदयन है , तो वे ह़कोदे मुस को ढूंढ़े ाुे; और उ़ पंदह आदहमयों को भी हजनों़े ुव़्र के सनम़े ुवनही दी थी हक यीशु वहभचनर से पैदन ़ही ं हआ थन, और दू सरे अचे ाोुों को भी हजनों़े उसके सनथ अचे कनम हकर थे। 2 ाेहक़ जब वे सब यहहदयों के डर से हछप ुर, तो हसफ् ह़कुदे मुस ़े खुद को उने हदखनयन और कहन, “ऐसे ाोु सभन-घर मे कैसे जन सकते है ?” 3 यहहदयों ़े उसे जवनब हदयन, “ाेहक़ तू जो मसीह कन सनथी है , सभन-घर मे कैसे घुस सकतन है ? तेरन भनग दू सरी दु ह़यन मे उसके सनथ हो।” 4 ़ीकुदे मुस ़े जवनब हदयन, “आमी़; ऐसन ही हो, हक उसके रनज मे मेरन भी भनु उसके सनथ हो।” 5 इसी तरह यूसुफ ़े यहहदयों के पनस आकर उ़से कहन, तुम मुझसे कों ़नरनज हो हक मै पीानतुस से यीशु कन शरीर चनहतन हँ ? दे खो, मै़े उसे अप़ी कब मे रख हदयन है , और उसे सनफ कपडे मे ापेट हदयन है , और कब के दरवनजे पर रक पुर ाुन हदयन है । 6 मै़े उसके सनथ सही कनम हकयन; ाेहक़ तुम़े उस ़ेक इं सऩ के सनथ ़नइं सनफी की, उसे सूाी पर चढनयन, हसरकन हपानयन, कनं टों कन तनज पह़नयन, कोडों से उसकन शरीर फनडन, और उसके खू़ कन दोष अप़े ऊपर थोपन। 7 यह सु़कर यहदी घबरन ुर और परे शऩ हो ुर; और उनों़े यूसुफ को पकड हायन, और उसे सब के हद़ से पहाे हहरनसत मे रख़े कन हु हदयन, और सब खत हो़े तक वही ं रखन। 8 उनों़े उससे कहन, “अप़न ु​ु़नह कबूा कर ाो; कोंहक इस समय तुमे कुछ भी ़ुकसऩ पहँ चऩन सही ़ही ं है , जब तक हक हफे कन पहान हद़ ़ आ जनर। ाेहक़ हम जऩते है हक तुम दफ़ऩे ानयक ़ही ं समझे जनओुे; बल् हम तुमनरन मनं स हवन के पहकयों और जमी़ के जऩवरों को दे दे ुे।” 9 यूसुफ ़े जवनब हदयन, “यह बनत घमंडी ुोहायत की बनत जैसी है , हजस़े दनऊद के लखानफ बोाते हर हजंदन परमेशर की बुरनई की थी। ाेहक़ तुम शनलसयों और डॉकरों को पतन है हक परमेशर ़े भहवषवयन के जररर कहन है , बदान ाे़न मेरन कनम है , और मै तुमे वैसी ही बुरनई दू ँ ुन जैसी तुम़े मुझे धमकी दी है ।” 10 हजस परमेशर को तुम़े कूस पर ाटकनयन है , वही मुझे तुमनरे हनथों से छु डन सकतन है । तुमनरी सनरी बुरनई तुम पर ाौट आरुी।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

11 कोंहक ुव़्र ़े हनथ धोकर कहन, “मै इस ़ेक आदमी के खू़ से बेदनु हँ ।” ाेहक़ तुम़े जवनब हदयन और हचलनकर कहन, “इसकन खू़ हम पर और हमनरे बचों पर हो।” जैसन तुम़े कहन है , तुम हमेशन के हार खत हो जनओ। 12 यहहदयों के बुजु​ुर ़े ये बनते सु़कर बहत ु​ुसन हकयन; और उनों़े यूसुफ को पकडकर रक ऐसे कमरे मे डना हदयन हजसमे कोई लखडकी ़ही ं थी; उनों़े दरवनजन बंद कर हदयन, और तनाे पर मुहर ाुन दी; 13 और हनन और कैफन ़े उस पर पहरन हबठन हदयन, और पुजनररयों और ाेहवयों से सानह की हक वे सब सब के बनद हमाे, और उनों़े तय हकयन हक यूसुफ को हकस तरह मौत दे । 14 जब उनों़े ऐसन हकयन, तो शनसकों, हनन और कैफन ़े यूसुफ को बनहर ाऩे कन आदे श हदयन। अध नय 10 1 जब सनरी सभन ़े यह सु़न, तो वे है रऩ रह ुर, कोंहक उने कमरे के तनाे पर वही मुहर हमाी, और यूसुफ ़ही ं हमान। 2 तब हनन और कैफन बनहर ह़काे , और जब वे सब यूसुफ के जऩे पर खुश हो रहे थे, तो दे खो, यीशु की कब की रखवनाी कऱे वनाे सैह़कों मे से रक ़े सभन मे बनत की। 3 जब वे यीशु की कब पर पहरन दे रहे थे, तो रक भूकंप आयन; और हम़े परमेशर के रक सु्दूत को कब कन पुर हटनकर उस पर बैठते दे खन; 4 और उसकन चेहरन हबजाी जैसन और उसकन कपडन बफ् जैसन थन; और हम डर के मनरे मरे हर ाोुों जैसे हो ुर। 5 और हम़े रक सु्दूत को यीशु की कब पर औरतों से यह कहते सु़न, “डरो मत; मै जऩतन हँ हक तुम यीशु को ढूँढ रही हो हजसे सूाी पर चढनयन ुयन थन; वह जैसन उस़े पहाे बतनयन थन, जी उठन है ।” 6 आओ और उस जुह को दे खो जहनँ उसे रखन ुयन थन; और तुरंत जनकर उसके चेाों से कहो हक वह मरे हओं मे से जी उठन है , और वह तुमसे पहाे ुाीा जनरुन; वहनँ तुम उसे दे खोुे जैसन उस़े तुमसे कहन थन। 7 तब यहहदयों ़े यीशु की कब की रखवनाी कऱे वनाे सभी सैह़कों को इक्न हकयन और उ़से पूछन, “वे औरते कौ़ है हज़से सु्दूत ़े बनत की थी? तुम़े उने कों ़ही ं पकडन?” 8 हसपनहहयों ़े जवनब हदयन, “हम ़ही ं जऩते हक वे औरते कौ़ थी;ं और हम तो डर के मनरे मरे हर जैसे हो ुर थे, हफर हम उ़ औरतों को कैसे पकड सकते थे?” 9 यहहदयों ़े उ़से कहन, “पभु के जीव़ की शपथ, हम तुम पर हवशनस ़ही ं करते।” 10 सैह़कों ़े जवनब मे यहहदयों से कहन, “जब तुम़े यीशु को इत़े चमतनर करते दे खन और सु़न, और उस पर हवशनस ़ही ं हकयन, तो तुम हम पर कैसे हवशनस करोुे? तुम़े ठीक कहन, पभु के जीव़ की शपथ, कोंहक पभु सचमुच जीहवत है ।” 11 हम़े सु़न है हक तुम़े यूसुफ को, हजस़े यीशु की ानश को दफ़नयन थन, रक कमरे मे, रक सीाबंद तनाे के ़ीचे बंद कर हदयन थन; और जब तुम़े उसे खोान, तो उसे वहनँ ़ही ं पनयन। 12 तो यूसुफ को पेश करो हजसे तुम़े कमरे मे पहरे मे रखन थन; और हम यीशु को पेश करे ुे हजसे हम़े कब मे पहरे मे रखन थन। 13 यहहदयों ़े जवनब हदयन, “हम यूसुफ को पेश करे ुे, तुम यीशु को पेश करो।” ाेहक़ यूसुफ अप़े शहर अररमहथयन मे है । 14 सैह़कों ़े जवनब हदयन, “अुर यूसुफ अररमहतयन मे है और यीशु ुाीा मे, तो हम़े सु्दूत को औरतों को बतनते हर सु़न है ।” 15 यह सु़कर यहदी डर ुर और आपस मे कह़े ाुे, “अुर ये बनते हकसी तरह सबके सनम़े आ ुईं, तो हर कोई यीशु पर हवशनस कर ाेुन।” 16 तब उनों़े बहत सनरन पैसन इक्न हकयन और हसपनहहयों को दे ते हर कहन, “कन तुम ाोुों से यह कह़न हक यीशु के चेाे रनत मे आर जब तुम सो रहे थे और यीशु की ानश चुरन ाे ुर; और अुर ुव़्र पीानतुस को यह पतन चाेुन, तो हम उसे म़न ाेुे और तुमे बचन ाेुे।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

17 सैह़कों ़े पैसे ाे हार और यहहदयों की बतनई बनते कही;ं और उ़की बनत ाोुों मे फैा ुई। 18 ाेहक़ रक पुजनरी फी़ीस, आदन रक टीचर, और अगूस ़नम कन रक ाेवी, वे ती़ों ुाीा से यरशाेम आर, और मुख पुजनररयों और सभनओं मे मौजूद सभी ाोुों से कहन, 19 हम़े यीशु को, हजसे तुम़े कूस पर चढनयन थन, अप़े गनरह चेाों के सनथ बनत करते हर, और जैतू़ पहनड पर उ़के बीच बैठे हर, उ़से यह कहते हर दे खन है , 20 पूरी दु ह़यन मे जनओ, सभी दे शों मे सुसमनचनर कन पचनर करो, उने हपतन, पुत और पहवत आतन के ़नम से बपहतसन दो; और जो कोई हवशनस करे ुन और बपहतसन ाेुन, वह बच जनरुन। 21 और जब उस़े अप़े चेाों से ये बनते कही ं, तो हम़े उसे सु् पर चढते दे खन। 22 जब मुख पुजनररयों, बुजु​ुर और ाेहवयों ़े ये बनते सु़ी,ं तो उनों़े इ़ ती़ आदहमयों से कहन, “इसनरा के परमेशर की बडनई करो, और उसके सनम़े कबूा करो हक जो बनते तुम कहते हो हक तुम़े दे खी और सु़ी है , वे सच है यन ़ही।ं ” 23 उनों़े जवनब हदयन, “हमनरे पुरखों के पभु, अबनहम के परमेशर, इसहनक के परमेशर, और यनकूब के परमेशर के जीव़ की शपथ, जैसन हम़े यीशु को उसके चेाों से बनते करते सु़न, और उसे सु् पर चढते दे खन, वैसन ही हम़े तुमे सच बतनयन है ।” 24 और ती़ों आदहमयों ़े जवनब हदयन, और ये बनते कही,ं “अुर हम उ़ बनतों को ़ मऩे जो हम़े यीशु को कहते सु़न थन, और उसे सु् मे चढते दे खन थन, तो हम पनप के दोषी होंुे।” 25 तब मुख पुजनरी तुरंत उठे और अप़े हनथों मे कऩू़ की हकतनब ाेकर उ़ ाोुों को बुानयन और कहन, “तुम आुे से वे बनते ़ही ं बतनओुे जो तुम़े यीशु के बनरे मे कही है ।” 26 और उनों़े उने बहत सनरन पैसन हदयन, और उ़के सनथ दू सरे ाोुों को भेजन, जो उने उ़के दे श तक पहँ चन दे , तनहक वे हकसी भी तरह यरशाेम मे ़ रके। 27 तब सब यहदी इक्न हर और बहत दु ख की बनत कहकर कह़े ाुे, यरशाेम मे यह कन अ़ोखी बनत हई है ? 28 ाेहक़ हनन और कैफन ़े उने हदानसन दे ते हर कहन, “हम यीशु की कब पर पहरन दे ़े वनाे सैह़कों की बनत पर कों यकी़ करे , जो हमसे कहते है हक रक फररशे ़े कब के दरवनजे से पुर हटन हदयन है ?” 29 शनयद उसके अप़े चेाों ़े उने यह बनत बतनई होुी, और उने पैसे हदर होंुे तनहक वे ऐसन कहे , और वे खुद यीशु की ानश ाे ुर होंुे। 30 इसके अानवन, इस बनत पर भी धऩ दो हक हवदे हशयों को कोई केहडट ़ही ं हदयन जन सकतन, कोंहक उनों़े भी हमसे बहत पैसन हायन है , और उनों़े हमनरे हदर ुर ह़द् शों के अ़ुसनर हमे बतनयन है । उने यन तो हमनरे पहत वफनदनर रह़न होुन, यन यीशु के हशषों के पहत। अध नय 11 1 तब ह़कोदे मुस खडन हआ और बोान, “हे इसनरा के बेटों, तुम ठीक कहते हो; तुम़े सु़न है हक उ़ ती़ आदहमयों ़े परमेशर के ह़यम की कसम खनकर कहन थन, “हम़े यीशु को जैतू़ पहनड पर अप़े चेाों से बनत करते दे खन है , और उसे सु् मे चढते दे खन है ।” 2 और पहवत शनस हमे हसखनतन है हक धन भहवषवयन रहायनह को सु् मे ाे जनयन ुयन; और जब भहवषवयनओं के बेटों ़े राीशन से पूछन, हमनरे हपतन रहायनह कहनँ है ? तो उस़े उ़से कहन, हक वह सु् मे ाे जनयन ुयन है । 3 और ़हबयों के बेटों ़े उससे कहन, “शनयद आतन उसे इसनरा के हकसी पहनड पर ाे ुई हो, शनयद वही ं हम उसे पन ाे।” और उनों़े राीशन से ु​ुजनररश की, और वह ती़ हद़ तक उ़के सनथ घूमतन रहन, और वे उसे ़ही ं ढूंढ पनर। 4 और अब हे इसनरा के बेटों, मेरी सु़ो, और आओ हम इसनरा के पहनडों मे ाोुों को भेजे, कही ं ऐसन ़ हो हक आतन यीशु को ाे जनर, और शनयद वहनँ हम उसे पन ाे , और संतुष हो जनरं ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

5 और ह़कोदे मुस की सानह सब ाोुों को अची ाुी; और उनों़े यीशु को ढूंढ़े के हार आदमी भेजे, ाेहक़ वह ़ही ं हमान: और वे ाौटकर कह़े ाुे, “हम सब जुह ुर, ाेहक़ यीशु को ़ही ं पनयन; ाेहक़ यूसुफ को उसके शहर अररमहथयन मे पनयन है ।” 6 यह सु़कर सरदनरों और सब ाोुों ़े खुश होकर इसनरा के परमेशर की तनरीफ की, कोंहक यूसुफ हमा ुयन थन, हजसे उनों़े रक कमरे मे बंद कर हदयन थन और ढूँढ ़ही ं पनर थे। 7 जब उनों़े रक बडी सभन की, तो मुख पुजनररयों ़े पूछन, “हम यूसुफ को अप़े पनस कैसे ानरँ तनहक उससे बनत कर सके?” 8 और उनों़े रक कनुज ाेकर उसे हाखन, और कहन, तुमे और तुमनरे पूरे पररवनर को शनं हत हमाे। हम जऩते है हक हम़े परमेशर और तुमनरन अपमऩ हकयन है । कृपयन हम अप़े पूव्जों से हमहार, कोंहक हम तुमनरे जेा से भनु़े पर बहत है रऩ थे। 9 हम जऩते है हक हम़े तुमनरे लखानफ बुरी सनहजश रची थी, और पभु ़े तुमनरन धऩ रखन, और पभु ़े खुद तुमे हमनरी सनहजशों से बचनयन। यूसुफ, तुम सब ाोुों मे इजजतदनर हो, तुमे शनं हत हमाे। 10 और उनों़े यूसुफ के सनत दोसों को चु़न, और उ़से कहन, “जब तुम यूसुफ के पनस आओ, तो उसे सानम कह़न और यह हच्ी दे ़न।” 11 इसहार जब वे ाोु यूसुफ के पनस आर, तो उनों़े शनं हत से उसे सानम हकयन और उसे हच्ी दे दी। 12 और जब यूसुफ ़े इसे पढन, तो उस़े कहन, धन है पभु परमेशर, हजस़े मुझे इसनरहायों से बचनयन, तनहक वे मेरन खू़ ़ बहन सके। धन है परमेशर, हजस़े मुझे अप़े पंखों के ़ीचे सुरहकत रखन है । 13 और यूसुफ ़े उने चूमन और अप़े घर ाे ुयन। और अुाे हद़ यूसुफ अप़े ुधे पर सवनर होकर उ़के सनथ यरशाेम चान ुयन। 14 जब सब यहहदयों ़े ये बनते सु़ी ं, तो वे उससे हमा़े के हार बनहर ह़काे और हचलनकर कहन, “हपतन यूसुफ, जब आप यहनं आरं तो शनं हत हो।” 15 उस़े जवनब हदयन, “पभु की ओर से सभी ाोुों को खुशहनाी हमाे।” 16 तब सब ़े उसे चूमन; और ह़कुदे मुस ़े रक बडन भोज तैयनर करके उसे अप़े घर ाे ुयन। 17 ाेहक़ अुाे हद़, जो तैयनरी कन हद़ थन, हनन, कैफन और ह़कोदे मुस ़े यूसुफ से कहन, “इसनरा के परमेशर के सनम़े अप़न ु​ु़नह कबूा कर, और जो भी सवना हम तुझसे पूछे, उ़कन जवनब दे ।” 18 कोंहक हम बहत परे शऩ है हक तुम़े यीशु की बॉडी को दफ़नयन; और जब हम़े तुमे रक कमरे मे बंद हकयन, तो हम तुमे ़ही ं ढूंढ पनर; और तब से ाेकर अब तक हम तुमनरे हमनरे बीच आ़े से डरते रहे है । इसहार भुवऩ के सनम़े हमे सब कुछ बतनओ जो हआ। 19 तब यूसुफ ़े उतर हदयन, “तुम़े तो मुझे तैयनरी के हद़ सुबह तक कैद मे रखन थन।” 20 ाेहक़ जब मै आधी रनत को पनथ़्न कर रहन थन, तो घर को चनर सु्दूतों ़े घेर हायन; और मै़े यीशु को सूरज की चमक की तरह दे खन, और डर के मनरे जमी़ पर हुर पडन। 21 ाेहक़ यीशु ़े मेरन हनथ पकडकर मुझे जमी़ से उठनयन, और ओस मुझ पर पडी; हफर उस़े मेरन चेहरन पोंछन, मुझे चूमन, और मुझसे कहन, “यूसुफ, डरो मत; मेरी तरफ दे खो, कोंहक मै ही हँ ।” 22 तब मै़े उसकी तरफ दे खन और कहन, रबी रहायनस! उस़े मुझे जवनब हदयन, मै रहायनस ़ही,ं बल् ़नसरत कन यीशु हँ , हजसकी ानश को तुम़े दफ़नयन थन। 23 मै़े उससे कहन, “मुझे वह कब हदखनओ हजसमे मै़े तुमे रखन थन।” 24 तब यीशु ़े मेरन हनथ पकडकर मुझे उस जुह ाे ुर जहनँ मै़े उने हाटनयन थन, और मुझे हा़​़ के कपडे और रमना हदखनयन हजसे मै़े उ़के हसर पर बनँ धन थन। तब मुझे पतन चान हक यह यीशु है , और मै़े उने पवनम हकयन, और कहन, धन है वह जो पभु के ़नम से आतन है । 25 यीशु ़े हफर मेरन हनथ पकडकर मुझे अररमहथयन मे मेरे घर ाे जनकर कहन, “तुमे शनं हत हमाे; ाेहक़ चनाीसवे हद़ तक अप़े घर से बनहर मत जऩन; मुझे अप़े चेाों के पनस जऩन है ।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

अध नय 12 1 जब मुख पुजनररयों ़े ये सब बनते सु़ी,ं तो वे है रऩ रह ुर, और मरे हर ाोुों की तरह जमी़ पर मुँह के बा हुर पडे , और रक-दू सरे से हचलनकर कह़े ाुे, यरशाेम मे यह कौ़ सन अ़ोखन ह़शऩ हदखन है ? हम यीशु के हपतन और मनतन को जऩते है । 2 और रक ाेवी ़े कहन, “मै उसके कई ररशेदनरों को जऩतन हँ , जो धनहम्क ाोु है , जो मंहदर मे इसनरा के परमेशर के हार पनथ़्न के सनथ बहादऩ और होम-बहा चढनते है ।” 3 और जब महनयनजक हशमो़ ़े उसे अप़ी ुोद मे उठनयन, तो उस़े उससे कहन, हे पभु, अब तू अप़े सेवक को अप़े वच़ के अ़ुसनर शनं हत से हवदन कर; कोंहक मेरी आँ खों ़े तेरन उदनर दे खन है , हजसे तू़े सब ाोुों के सनम़े तैयनर हकयन है : अनजनहतयों को रोश़ी दे ़े के हार रक रोश़ी, और तेरे ाोुों इसनरा की शऩ। 4 इसी तरह हशमो़ ़े यीशु की मनँ मररयम को आशीवन् द हदयन और उससे कहन, “मै तुमे उस बचे के बनरे मे बतनतन हँ ; वह बहतों के हुऱे और हफर से उठ़े के हार और रक ह़शऩी के तौर पर चु़न ुयन है , हजसके लखानफ बनते की जनरँ ुी।” 5 हनं , रक तावनर तुमनरी आतन को भी छे द दे ुी, और बहत से हदाों के हवचनर पकट हो जनरं ुे। 6 तब सब यहहदयों ़े कहन, आओ, हम उ़ ती़ आदहमयों के पनस कुछ भेजे, हजनों़े कहन थन हक उनों़े उसे जैतू़ पहनड पर अप़े चेाों से बनत करते दे खन थन। 7 इसके बनद उनों़े उ़से पूछन हक उनों़े कन दे खन; उनों़े रकमत होकर जवनब हदयन, “इसनरा के परमेशर के सनम़े हम यह कहते है हक हम़े यीशु को जैतू़ पहनड पर अप़े चेाों से बनत करते और सु् मे ऊपर जनते हर सनफ दे खन।” 8 तब हनन और कैफन ़े उने अाु-अाु जुहों पर ाे जनकर अाु-अाु जनं च की; और उनों़े रकमत होकर सच कबूा हकयन, और कहन, हक उनों़े यीशु को दे खन है । 9 तब हनन और कैफन ़े कहन, “हमनरन कऩू़ कहतन है , दो यन ती़ ुवनहों के मुंह से हर बनत पकी होुी।” 10 ाेहक़ हम़े कन कहन? धन ह़ोक परमेशर को पसंद आयन, और परमेशर के वच़ से उसे उठन हायन ुयन; और धन मूसन की कबुनह जऩी जनती है । 11 ाेहक़ यीशु को हपानतुस को सौंप हदयन ुयन, कोडे मनरे ुर, कनं टों कन तनज पह़नयन ुयन, उ़ पर थूकन ुयन, भनाे से छे दन ुयन, सूाी पर चढनयन ुयन, सूाी पर मर ुर, और उने दफ़न हदयन ुयन, और उ़के शरीर को आदरवीय यूसुफ ़े रक ़ई कब मे दफ़नयन, और उनों़े ुवनही दी हक उनों़े उने हजंदन दे खन थन। 12 और इसके अानवन इ़ ाोुों ़े यह भी बतनयन है हक उनों़े उसे जैतू़ पहनड पर अप़े चेाों से बनत करते और सु् मे ऊपर जनते दे खन थन। 13 तब यूसुफ ़े उठकर हनन और कैफन से कहन, “तुमे यह जऩकर बहत है रऩी हई होुी हक यीशु हजंदन है और सु् चान ुयन है ।” 14 यह सच मे बहत है रऩी की बनत है हक वह ़ हसफ् खुद मरे हओं मे से जी उठन, बल् दू सरों को भी उ़की कबों से हजंदन करे ुन, हजने यरशाेम मे बहतों ़े दे खन है । 15 और अब मेरी थोडी सी बनत सु़ो: हम सब धन हशमो़ को जऩते थे, जो महनयनजक थन, हजस़े यीशु को, जब वह रक हशशु थन, मंहदर मे अप़ी ुोद मे हायन थन। 16 इसी हशमो़ के अप़े दो बेटे थे, और हम सब उ़की मौत और अंहतम संसनर मे मौजूद थे। 17 इसहार जनओ और उ़की कबे दे खो, कोंहक ये खुाी है , और वे जी उठे है : और दे खो, वे अररमहथयन शहर मे है , और भलय के कनमों मे रक सनथ अप़न समय हबतन रहे है । 18 कुछ ाोुों ़े पनथ़्न मे उ़की आवनज तो सु़ी है , ाेहक़ वे हकसी से बनत ़ही ं करते , बल् मरे हर ाोुों की तरह ुूंुे रहते है । 19 ाेहक़ आओ, हम उ़के पनस चाे, और उ़के सनथ पूरी इजत और सनवधऩी से पेश आरं । और अुर हम उ़से कसम खन सके, तो शनयद वे हमे अप़े हफर से जी उठ़े के कुछ रनज बतन सके। 20 जब यहहदयों ़े यह सु़न, तो वे बहत खुश हर।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

21 तब हनन, कैफन, ह़कोदे मुस, यूसुफ और ुमाीरा अररमहतयन ुर, ाेहक़ उने कब मे ़ही ं पनयन; बल् शहर मे घूमते हर, उनों़े उने उ़की पनथ़्न के समय घुट़ों के बा पर बनं ध हदयन। 22 तब वे उने पूरे आदर और आदर के सनथ सानम करके यरशाेम के आरनध़नाय मे ाे ुर; और फनटक बंद करके, उनों़े पभु के कऩू़ की हकतनब ाे ाी, 23 और उसे उ़के हनथों मे दे कर उ़से परमेशर यहोवन और इसनरा के परमेशर की कसम खनई, हजस़े हमनरे पूव्जों से कऩू़ और भहवषवयनओं के जररर कहन थन, “अुर तुम उस पर हवशनस करते हो हजस़े तुमे मरे हओं मे से हजंदन हकयन, वह यीशु है , तो हमे बतनओ हक तुम़े कन दे खन है और तुम कैसे मरे हओं मे से हजंदन हर।” 24 हशमो़ के दो़ों बेटे, चनरऱस और ाे़हथयस, ये बनते सु़कर कनं प उठे , और घबरन ुर, और करनह उठे ; और उसी समय सु् की ओर दे खकर अप़ी जीभ पर उं ुहायों से कॉस कन ह़शऩ ब़नयन। 25 और उनों़े तुरंत कहन, “हम मे से हर रक को कुछ कनुज दो, और हम जो कुछ हम़े दे खन है , उसे तुमनरे हार हाख दे ुे।” और वे सब बैठकर हाख़े ाुे, “ अध नय 13 1 हे पभु यीशु और हपतन, जो परमेशर है , और मरे हओं के जी उठ़े और जीव़ दे ़े वनाे है , हमे अप़े रहसों को बतऩे की इजनजत दे , हजने हम़े मऱे के बनद दे खन, जो आपके कूस से जुडे थे; कोंहक हम़े आपके ़नम की कसम खनई है । 2 कोंहक तू़े अप़े सेवकों को उ़ ु​ुप बनतों को बतऩे से म़न हकयन है , जो तेरी हदव शलय ़े ़रक मे की थी ं। 3 जब हमे हमनरे पुरखों के सनथ ़रक की ुहरनई मे , अंधेरे के अंधेरे मे रखन ुयन, तो अचऩक सूरज कन रं ु सो़े जैसन हदखनई हदयन, और रक बडी बैु़ी रोश़ी उस जुह को रोश़ कर रही थी। 4 इस पर, आदम, जो सनरी इं सनह़यत कन हपतन थन, सभी कुाहपतनओं और ़हबयों के सनथ खुश हआ और कहन, वह रोश़ी हमेशन रह़े वनाी रोश़ी कन ब़ऩे वनान है , हजस़े हमे हमेशन रह़े वनाी रोश़ी मे ाे जऩे कन वनदन हकयन है । 5 तब यशनयनह ़बी ़े पुकनरकर कहन, यह हपतन और परमेशर के पुत कन पकनश है , जैसन हक मै़े भहवषवनवी की थी, जब मै पृथी पर जीहवत थन। 6 जबूाू़ और यरद़ के पनर ़ेफथाीम के दे श मे रह़े वनाे ाोु, जो अंधेरे मे चा रहे थे, उनों़े रक बडी रोश़ी दे खी; और जो मौत की छनयन के इानके मे रहते थे, उ़के हार रोश़ी चमकी है । और अब वह आयन है , और उस़े हमे, जो मौत मे बैठे थे, रोश़ी दी है । 7 और जब हम सब उस रोश़ी मे खुश हो रहे थे जो हम पर चमक रही थी, तो हमनरे हपतन हशमो़ हमनरे बीच आर, और सनरी भीड को बधनई दे ते हर कहन, “परमेशर के बेटे पभु यीशु मसीह की महहमन करो।” 8 जब मै मंहदर मे रक बचन थन, तो मै़े उसे अप़ी ुोद मे हायन और पहवत आतन से पेररत होकर उससे कहन, 1 हक अब मेरी आँ खों ़े तेरन उदनर दे खन है , हजसे तू़े सब ाोुों के सनम़े तैयनर हकयन है , जो ुैर-यहहदयों को रोश़ी दे ़े के हार रक रोश़ी और तेरे ाोुों इसनरा की शऩ है । 9 यह सु़कर ़रक की ुहरनई मे रह़े वनाे सभी संत और भी जनदन खुश हर। 10 इसके बनद रक छोटन सन सनधु जैसन ाडकन ह़कान, और सब़े उससे पूछन, तू कौ़ है ? 11 इस पर उस़े जवनब हदयन, मै जंुा मे पुकनऱे वनाे की आवनज हँ , यूहनन बपहतसन दे ़े वनान, और सबसे ऊँचे परमेशर कन ़बी, जो उसके आ़े से पहाे उसकन रनसन तैयनर कऱे ुयन, तनहक उसके ाोुों को पनपों की मनफी के हार मुलय कन जऩ दे सकूँ। 12 और मै यूहनन, जब मै़े यीशु को अप़ी ओर आते दे खन, तो पहवत आतन से पेररत होकर मै़े कहन, दे खो, यह परमेशर कन मेमन है , दे खो वह जो दु ह़यन के पनप उठन ाे जनतन है । 13 और मै़े उसे यरद़ ़दी मे बपहतसन हदयन, और पहवत आतन को कबूतर के रप मे उस पर उतरते दे खन, और सु् से रक आवनज सु़ी, जो कह रही थी, यह मेरन पनरन बेटन है , हजससे मै बहत खुश हँ ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

14 और अब जब मै उसके आुे-आुे जन रहन थन, तो मै तुमे यह बतऩे के हार ़ीचे आयन हक परमेशर कन पुत अुाी बनर हमसे हमा़े आरुन, और ऊपर से हद़ की हकरव की तरह, हमनरे पनस आरुन, जो अंधेरे और मौत की छनयन मे है । अध नय 14 1 ाेहक़ जब पहाे आदमी हमनरे हपतन आदम ़े ये बनते सु़ी,ं हक यीशु ़े यरद़ मे बपहतसन हायन है , तो उस़े अप़े बेटे शेत को पुकनरन और कहन, 2 अप़े बेटों, यऩी कुाहपतनओं और भहवषवयनओं को वे सनरी बनते बतनओ, जो तुम़े मनइका ़नम के सु्दूत से सु़ी थी,ं जब मै़े तुमे जनत के दरवनजों पर भेजन थन, तनहक तुम भुवऩ से हव़ती करो हक जब मै बीमनर होऊं तो वह मेरे हसर पर तेा ाुन दे । 3 तब सेठ ़े कुाहपतनओं और भहवषवयनओं के पनस जनकर कहन, “मै सेठ, जब सु् के दरवनजों पर परमेशर से पनथ़्न कर रहन थन, तो मै़े पभु के दू त मनइका को मेरे पनस आते दे खन और कहन, “मुझे पभु ़े तुमनरे पनस भेजन है ; मुझे इं सऩों के शरीरों की दे खभना कऱे के हार ह़युय हकयन ुयन है ।” 4 मै तुझसे कहतन हँ , हे सेठ, रोते हर परमेशर से पनथ़्न मत कर, और उस दयन के वृक के तेा के हार उससे हव़ती मत कर हजससे तेरे हपतन आदम के हसर के दद् के हार अहभषेक हकयन जन सके; 5 कोंहक तुम इसे हकसी भी तरह से आलखरी हद़ और समय तक ़ही ं पन सकते, यऩी जब तक पनँ च हजनर पनँ च सौ सना ़ बीत जनरँ । 6 तब परमेशर कन सबसे दयनाु पुत मसीह, आदम के मऩव शरीर को हफर से जीहवत कऱे के हार धरती पर आरुन, और सनथ ही मरे हओं के शरीरों को भी जीहवत करे ुन, और जब वह आरुन तो उसे जॉड् ़ मे बपहतसन हदयन जनरुन: 7 हफर वह अप़ी दयन के तेा से उ़ सब पर अहभषेक करे ुन जो उस पर हवशनस करते है ; और उसकी दयन कन तेा आ़े वनाी पीहढयों तक ब़न रहे ुन, उ़ ाोुों के हार जो पऩी और पहवत आतन से हमेशन की हजंदुी के हार पैदन होंुे। 8 और जब उस समय परमेशर कन सबसे दयनाु पुत, मसीह यीशु, धरती पर उतरे ुन, तो वह हमनरे हपतन आदम को सु् मे , दयन के वृक के पनस ाे जनरुन। 9 जब सभी कुापहतयों और भहवषवयनओं ़े शेत से ये सब बनते सु़ी,ं तो वे और भी खुश हर। अध नय 15 1 जब सभी संत खुश हो रहे थे, तो दे खो, मौत के रनजकुमनर और कपऩ शैतऩ ़े ़रक के रनजकुमनर से कहन, 2 ़नसरत के यीशु को अप़ऩे के हार तैयनर हो जनओ, हजस़े घमंड हकयन थन हक वह परमेशर कन बेटन है , और हफर भी मौत से डरतन थन, और कहन थन, मेरी आतन मऱे तक दु खी है । 3 इसके अानवन उस़े मुझे और बहत से दू सरों को बहत दु ख पहँ चनर; कोंहक हज़ ाोुों को मै़े अंधन और ांुडन ब़न हदयन थन और हज़को मै़े कई शैतऩों से सतनयन थन, उने उस़े अप़े वच़ से ठीक हकयन; हनँ , और हज़ ाोुों को मै मरन हआ तेरे पनस ानयन थन, उने भी वह जबरदसी तेरे पनस से ाे ुयन। 4 इस पर ़रक के रनजकुमनर ़े शैतऩ से कहन, “वह इत़न शलयशनाी रनजकुमनर कौ़ है , और हफर भी वह मौत से डरतन है ?” 5 कोंहक धरती के सभी तनकतवर ाोु मेरी तनकत के अधी़ है , हजने तू़े अप़ी तनकत से कनबू मे कर हायन है । 6 ाेहक़ अुर वह अप़े इं सऩी सभनव मे इत़न तनकतवर है , तो मै सच-सच तुमसे कहतन हँ हक वह अप़े भुवऩ के सभनव मे सबसे तनकतवर है , और कोई भी इं सऩ उसकी तनकत कन सनम़न ़ही ं कर सकतन। 7 इसहार जब उस़े कहन हक वह मौत से डरतन है , तो उस़े तुमे फँसऩे की सोची, और यह बनत हमेशन तुमनरे हार दु ख भरी रहे ुी।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

8 तब शैतऩ ़े ़रक के रनजकुमनर से कहन, “तू़े शक कों हकयन, और उस यीशु ़नसरत के आदमी को, जो तेरन और मेरन दो़ों कन दु श़ है , सीकनर कऱे से कों डरन?” 9 और मै़े तो उसे परखन और अप़े पुरऩे ाोुों, यऩी यहहदयों को उसके लखानफ जोश और ु​ुसन हदानयन। 10 मै़े उसकी तकाीफ के हार भनान तेज हकयन; मै़े हपत और हसरकन हमानयन, और उसे पी़े कन हु हदयन; मै़े उसे सूाी पर चढऩे के हार कॉस तैयनर हकयन, और इहबस के हनथों और पैरों मे कीाे ठोक़े के हार; और अब उसकी मौत पनस है , मै उसे यहनँ ानऊँुन, तुमनरे और मेरे दो़ों के अधी़। 11 तब ़रक के रनजकुमनर ़े उतर हदयन, “तू़े अभी मुझसे कहन हक वह मरे हओं को मुझसे जबरदसी ाे ुयन।” 12 जो ाोु धरती पर दोबनरन जी़े के हार यहनँ रखे ुर थे, वे अप़ी तनकत से ़ही,ं बल् भुवऩ से की ुई पनथ़्नओं के जररर यहनँ से ाे जनर ुर, और उ़के सव्शलयमऩ भुवऩ ़े उने मुझसे ाे हायन। 13 तो हफर वह ़नसरत कन यीशु कौ़ है हजस़े अप़े वच़ से परमेशर से पनथ़्न हकर हब़न मरे हओं को मुझसे दू र कर हदयन? 14 शनयद यह वही है हजस़े ानजर को मुझसे छी़ हायन, जब वह चनर हद़ से मरन हआ थन, और उसमे से बदबू आ रही थी और वह सड रहन थन, और हजसे मै़े मरे हर की तरह अप़े पनस रखन थन, हफर भी उस़े अप़ी तनकत से उसे हफर से हजंदन कर हदयन। 15 शैतऩ ़े ़रक के रनजकुमनर को उतर हदयन, “यह वही वलय है , अथन् त ़नसरत कन यीशु।” 16 यह सु़कर ़रक के रनजकुमनर ़े उससे कहन, “मै तुमे अप़ी और अप़ी शलययों की शपथ हदानतन हँ हक तुम उसे मेरे पनस मत ानओ।” 17 कोंहक जब मै़े उसके वच़ की शलय के बनरे मे सु़न, तो मै डर के मनरे कनं प उठन, और मेरे सनरे अधम् ाोु भी उसी समय घबरन ुर; 18 और हम ानजर को रोक ़ही ं पनर, बल् वह खुद को हहानतन हआ, और सनरे बुरे बतन् व के सनथ, तुरंत हमनरे पनस से चान ुयन; और हजस हमटी मे ानजर की ानश रखी थी, उसी ़े उसे फौऱ हजंदन बनहर ह़कनान। 19 और अब मै जऩतन हँ हक वह सव्शलयमऩ परमेशर है जो ऐसे कनम कर सकतन है , जो अप़े रनज मे तनकतवर है , और अप़े इं सऩी सभनव मे तनकतवर है , जो इं सऩों कन बचऩे वनान है । 20 इसहार इस आदमी को यहनँ मत ानओ, कोंहक वह उ़ सभी को आजनद कर दे ुन हजने मै़े अहवशनस की वजह से जेा मे रखन है , और उ़के पनपों की बेहडयों से बनँ धन है , और उने हमेशन की हजंदुी की ओर ाे जनरुन। अध नय 16 1 और जब शैतऩ और ़रक कन रनजकुमनर आपस मे ऐसी बनते कर रहे थे, तो अचऩक ुरज़े और तेज हवनओं जैसी आवनज आई, हजसमे कहन ुयन, हे रनजकुमनरों, अप़े दरवनजे खोाो; और हे हमेशन रह़े वनाे दरवनजों, तुम भी खोाो, और महहमन कन रनजन अंदर आरुन। 2 जब ़रक के रनजकुमनर ़े यह सु़न, तो उस़े शैतऩ से कहन, मेरे पनस से चान जन, और मेरे घरों से ह़का जन; अुर तू रक तनकतवर योदन है , तो शऩ के रनजन से ाड। ाेहक़ तेरन उससे कन ाे़न-दे ़न? 3 और उस़े उसे उसके घरों से ह़कना हदयन। 4 और रनजकुमनर ़े अप़े ़नपनक अफसरों से कहन, "कूरतन के पीता के दरवनजे बंद कर दो, और उने ाोहे की सानखों से बंद कर दो, और हहमत से ाडो, कही ं ऐसन ़ हो हक हम बंदी ब़न हार जनरं ।" 5 ाेहक़ जब पहवत ाोुों की पूरी मंडाी ़े यह सु़न, तो वे ु​ुसे मे ऊँची आवनज मे ़रक के रनजकुमनर से बोाे: 6 अप़े दरवनजे खोाो तनहक महहमन कन रनजन अंदर आ सके। 7 और ईशरीय भहवषवयन दनऊद ़े पुकनरकर कहन, कन मै़े धरती पर रहते हर सची भहवषवनवी ़ही ं की थी और यह ़ही ं कहन थन, हक कनश ाोु पभु की अचनई और इं सऩों के हार उसके अद् भुत कनमों के हार उसकी तनरीफ करे ।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

8 कोंहक उस़े पीता के फनटकों को तोड हदयन है , और ाोहे की सानखों को टु कडे -टु कडे कर हदयन है । उस़े उने उ़के अधम् के कनरव हायन है , और उ़के अधम् के कनरव वे दु ख मे है । 9 इसके बनद रक और ़बी, यऩी पहवत यशनयनह ़े भी सभी पहवत ाोुों से इसी तरह कहन, “कन मै़े धरती पर रहते हर तुमनरे हार सही भहवषवनवी ़ही ं की थी?” 10 मरे हर ाोु हजंदन होंुे, और जो कबों मे है वे हफर से जी उठे ुे, और जो जमी़ पर है वे खुश होंुे; कोंहक पभु की ओस उने छु टकनरन हदानरुी। 11 और मै़े दू सरी जुह कहन, हे मृतु, तेरी जीत कहनँ है ? हे मृतु, तेरन डं क कहनँ है ? 12 जब सभी संतों ़े यशनयनह की ये बनते सु़ी,ं तो उनों़े ़रक के रनजकुमनर से कहन, अब अप़े दरवनजे खोाो, और अप़ी ाोहे की सानखे हटनओ; कोंहक अब तुम बंधे रहोुे , और तुमनरे पनस कोई तनकत ़ही ं होुी। 13 तब रक जोरदनर आवनज आई, जो ुरज़े जैसी थी, “हे रनजकुमनरों, अप़े दरवनजे खोाो; और हे ़रक के दरवनजों, तुम भी खुा जनओ, और शऩ कन रनजन अंदर आरुन।” 14 ़रक के रनजकुमनर ़े वही आवनज बनर-बनर सु़ी, और अ़जऩ मे हचलनयन, “यह महहमन कन रनजन कौ़ है ?” 15 दनऊद ़े ़रक के रनजकुमनर को जवनब हदयन, और कहन, मै उस आवनज की बनते समझतन हँ , कोंहक मै़े उने उसकी आतन से कहन थन। और अब, जैसन हक मै़े ऊपर कहन है , मै तुमसे कहतन हँ , पभु बावऩ और शलयशनाी, युद मे परनकमी पभु: वह महहमन कन रनजन है , और वह सु् और पृथी मे पभु है ; 16 उस़े कैहदयों की करनह सु़​़े और हजने मौत की सजन दी ुई है , उने आजनद कऱे के हार ़ीचे दे खन है । 17 और अब, हे ़रक के ुंदे और बदबूदनर रनजकुमनर, अप़े दरवनजे खोाो, तनहक महहमन कन रनजन अंदर आ सके; कोंहक वह सु् और पृथी कन सनमी है । 18 जब दनऊद यह कह ही रहन थन, तो शलयशनाी यहोवन म़ुष के रप मे पकट हआ, और उ़ जुहों को रोश़ कर हदयन जो पहाे अंधेरे मे थी।ं 19 और उ़ बेहडयों को तोड हदयन जो पहाे ़ही ं तोडी जन सकती थी ं; और अप़ी अजेय शलय से उ़ ाोुों पर ़जर रखी जो अधम् के कनरव ुहरे अंधेरे मे और पनप के कनरव मौत की छनयन मे बैठे थे। अध नय 17 1 दु ष मौत और उसके कूर अहधकनररयों ़े ये बनते सु़ी,ं और जब उनों़े रोश़ी की चमक दे खी, तो वे अप़ेअप़े रनजों मे डर ुर। 2 और जब मसीह खुद अचऩक उ़के घरों मे आर, तो वे हचलनकर कह़े ाुे, हम तुमनरे कनरव बंधे हर है ; ऐसन ाुतन है हक तुम पभु के सनम़े हमे शहमलदन कऱन चनहते हो। 3 तुम कौ़ हो, हजसमे कोई खरनबी कन ह़शऩ ़ही ं है , ाेहक़ तुमनरन रप चमक रहन है जो तुमनरी महऩतन कन पूरन सबूत है , हफर भी तुम इस पर धऩ ़ही ं दे ते? 4 तुम कौ़ हो, इत़े तनकतवर और इत़े कमजोर, इत़े बडे और इत़े छोटे , रक मनमूाी और हफर भी पहाे दज् के सैह़क, जो रक आम सैह़क की तरह रक ़ौकर के रप मे कमनं ड कर सकते हो? 5 महहमन कन रनजन, मरन हआ और हजंदन, हनानँ हक रक बनर कूस पर मनरन ुयन? 6 तू जो कब मे मरन पडन थन, और अब हजंदन होकर हमनरे पनस आयन है , और तेरी मौत से सनरे जीव कनं प उठे , और सनरे तनरे हहा ुर, और अब तू मरे हओं के बीच आजनद है , और हमनरी फौजों को परे शऩ कर रहन है ? 7 तू कौ़ है जो उ़ बंहदयों को आजनद करतन है जो पहाे के पनप की वजह से जंजीरों मे जकडे हर थे, और उने उ़की पहाे की आजनदी मे वनपस ानतन है 8 तुम कौ़ हो, जो पनप के अंधेरे मे अंधे हो चुके ाोुों पर इत़ी शऩदनर और हदव रोश़ी फैानते हो? 9 इसी तरह शैतऩों की सनरी से़न भी डर से भर ुई, और बहत जनदन डर के मनरे हचलनकर कह़े ाुी, 10 हे यीशु मसीह, तुम इत़े तनकतवर और शऩ मे इत़े शऩदनर इं सऩ कैसे हो, इत़े चमकदनर हक तुम पर कोई दनु ़ हो, और इत़े पहवत हक तुम पर कोई ु​ु़नह ़ हो? कोंहक धरती की वह ह़चाी दु ह़यन, जो अब

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

तक हमनरे अधी़ थी, और जहनँ से हमे ़जरऩन हमातन थन, उस़े पहाे कभी हमे ऐसन मरन हआ इं सऩ ़ही ं भेजन, ़ ही ़रक के रनजकुमनरों को ऐसे तोहफे भेजे। 11 तो तुम कौ़ हो, जो इत़ी हहमत से हमनरे घरों मे घुसते हो, और ़ हसफ् हमे सबसे बडी सजन दे ़े की धमकी दे ़े से ़ही ं डरते, बल् बनकी सबको उ़ जंजीरों से छु डऩे की कोहशश भी करते हो हज़मे हम उने जकडे हर है ? 12 शनयद तुम वही यीशु हो, हजसके बनरे मे शैतऩ ़े अभी हमनरे रनजकुमनर से कहन थन, हक कूस की मौत से तुमे मौत की तनकत हमा़े वनाी है । 13 तब महहमन के रनजन ़े मौत को रौंदते हर, ़रक के रनजकुमनर को पकड हायन, उसकी सनरी शलय छी़ ाी, और हमनरे धरती के हपतन आदम को अप़े सनथ अप़ी महहमन मे ाे ुयन। अध नय 18 1 तब ़रक के रनजकुमनर ़े शैतऩ को पकडन, और बडे इशनरे से उससे कहन, हे हव़नश के रनजकुमनर, बेाजेबूब की हनर और दे श ह़कनान के कनरव, परमेशर के सु्दूतों की ह़ंदन और सभी ़ेक ाोुों से ़फरत! तुमे ऐसन कऱे के हार हकस़े उकसनयन? 2 तू शऩ के रनजन को सूाी पर चढऩन चनहतन थन, और उसे खत करके, हमसे बहत बडे फनयदे के वनदे हकर, ाेहक़ रक बेवकूफ की तरह तू कन कर रहन थन, इससे अ़जऩ थन। 3 कोंहक अब दे खो, ़नसरत कन यीशु, अप़ी शऩदनर हदवतन की चमक के सनथ, अंधेरे और मौत की सभी भयऩक तनकतों को भुन दे तन है ; 4 उस़े हमनरी जेाों को ऊपर से ़ीचे तक तोड हदयन है , सभी कैहदयों को ह़कना हदयन है , सभी बंधे हर ाोुों को ररहन कर हदयन है , और जो ाोु पहाे अप़ी तकाीफों के बोझ ताे करनहते थे, उनों़े अब हमनरी बेइजती की है , और हम उ़की दु आओं से हनऱे वनाे है । 5 हमनरे अधम् रनज दब ुर है , और अब इं सनह़यत कन कोई भी हहसन हमनरे अधी़ ़ही ं बचन है , बल् दू सरी तरफ, वे सब बेधडक हमनरन हवरोध कर रहे है ; 6 हनानं हक, पहाे, मरे हर ाोु कभी भी हमनरे सनथ बदतमीजी से पेश आ़े की हहमत ़ही ं करते थे, और ़ ही कैदी हो़े के ़नते, कभी भी हकसी भी मौके पर खुश हो सकते थे। 7 हे शैतऩ, हे सभी बुरे ाोुों के रनजन, पनहपयों और छोडे हर ाोुों के हपतन, तू यह कनम कों कऱन चनहतन है , जबहक हमनरे कैहदयों को अब तक मुलय और जीव़ की जरन भी उमीद ़ही ं थी? 8 ाेहक़ अब उ़मे से कोई भी कभी करनहतन ़ही ं है , और ़ ही उ़के चेहरे पर जरन भी आँ सू हदखनई दे ते है । 9 हे रनजकुमनर शैतऩ, हे ़रक के इानकों के महऩ रकक, तुम़े जो भी फनयदे म़न हकर ुर पेड से हनहसा हकर थे, और जनत को खो हदयन थन, अब तुम कूस की ाकडी से खो चुके हो; 10 और तुमनरी सनरी खुशी तब खत हो ुई, जब तुम़े महहमन के रनजन यीशु मसीह को सूाी पर चढनयन। 11 तुम़े अप़े और मेरे फनयदे के ह़ानफ कनम हकयन है , जैसन हक तुम जल ही उ़ बडी तकाीफों और अ़हु़त सजनओं से समझ जनओुे जो तुमे भु​ुत़ी है । 12 हे शैतऩ, सनरी बुरनइयों के रनजन, मौत के ज़क, और सनरे घमंड की वजह, तुझे पहाे ़नसरत के यीशु के बुरे अपरनधों की जनं च कऱी चनहहर थी, और तब तू पनतन हक उसमे मौत के ानयक कोई ुाती ़ही ं थी। 13 तुम़े हब़न हकसी वजह यन इं सनफ के उसे सूाी पर चढऩे की हहमत कों की, और रक बेु​ु़नह और ़ेक इं सऩ को हमनरे इानके मे कों ाे आर, और इस तरह पूरी दु ह़यन के सभी पनहपयों, अधहम्यों और ुात ाोुों को कों खो हदयन? 14 जब ़रक कन रनजकुमनर शैतऩ से यह बनत कर रहन थन, तो महहमन के रनजन ़े ़रक के रनजकुमनर बेाजेबूब से कहन, हे शैतऩ, रनजकुमनर, आदम और उसके ़ेक बेटों की जुह, जो मेरे है , हमेशन के हार तेरे रनज मे रहे ुन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

अध नय 19 1 तब यीशु ़े अप़न हनथ बढनकर कहन, हे मेरे सब पहवत ाोुों, जो मेरे सरप मे सृजे ुर हो, और वहज्त फा के वृक, और शैतऩ और मृतु के दनरन दोषी ठहरनर ुर थे, मेरे पनस आओ। 2 अब मेरे कूस की ाकडी के सहनरे हजयो; शैतऩ, इस दु ह़यन कन रनजकुमनर, जीत हायन ुयन है , और मौत जीत ाी ुई है । 3 तब सब पहवत ाोु परमपधऩ परमेशर के हनथ के ़ीचे इक्े हो ुर; और पभु यीशु ़े आदम कन हनथ पकडकर उससे कहन, तुझे और तेरे सनरे ़ेक वंश को, जो मेरन है , शनं हत हमाे। 4 तब आदम ़े यीशु के पैरों पर हुरकर, आँ सू बहनते हर, ़मतन से और ऊँची आवनज मे उससे कहन, 5 हे पभु, मै तेरी बडनई कर ं ुन, कोंहक तू़े मुझे ऊपर उठनयन है , और मेरे दु श़ों को मुझ पर खुश ़ही ं हो़े हदयन। हे मेरे पभु परमेशर, मै़े तुझे पुकनरन, और तू़े मुझे ठीक हकयन है । 6 हे पभु, तू़े मेरी आतन को कब से बनहर ह़कनान है ; तू़े मुझे जीहवत रखन है , तनहक मै ुडे मे ़ जनऊं। 7 हे पभु के सब पहवत ाोुों, उसके हार ुीत ुनओ, और उसकी पहवततन को यनद करके धनवनद दो। कोंहक उसकन ु​ुसन बस रक पा के हार रहतन है ; उसकी कृपन मे जीव़ है । 8 इसी तरह सभी संतों ़े यीशु के पैरों पर हुरकर रक आवनज मे कहन, “हे दु ह़यन के उदनर कऱे वनाे , आप आ ुर है , और आप़े वे सभी बनते पूरी कर दी है , हज़की भहवषवनवी आप़े कऩू़ और अप़े पहवत पैुंबरों के जररर की थी।” 9 तू़े अप़े कूस के दनरन जीहवतों को छु डनयन है , और तू हमनरे पनस आयन है , तनहक कूस की मृतु के दनरन तू हमे ़रक से, और अप़ी शलय के दनरन मृतु से छु डनर। 10 हे पभु, जैसे तू़े सु् मे अप़ी महहमन के ह़शऩ ाुनर है , और अप़े छु टकनरे कन ह़शऩ, यऩी अप़न कॉस धरती पर ाुनयन है ! वैसे ही हे पभु, अप़े कॉस की जीत कन ह़शऩ ़रक मे ाुन, तनहक मौत अब और ़ रोक सके। 11 तब पभु ़े अप़न हनथ बढनकर आदम और उसके सभी पहवत ाोुों पर कॉस कन ह़शऩ ब़नयन। 12 और आदम कन दनहह़न हनथ पकडकर वह ़रक से ऊपर चान ुयन, और परमेशर के सब पहवत ाोु उसके पीछे हो हार। 13 तब रनजन ़बी दनऊद ़े हहमत से पुकनरकर कहन, 1 हे पभु के हार रक ़यन ुीत ुनओ, कोंहक उस़े अद् भुत कनम हकर है ; उसके दनहह़े हनथ और उसकी पहवत भुजन ़े उसे हवजय हदानई है । 14 यहोवन ़े अप़न उदनर जनहहर हकयन है , उस़े अप़ी ़ेकी को दू सरे धम् के ाोुों के सनम़े जनहहर हकयन है । 15 और पहवत ाोुों की पूरी भीड ़े जवनब हदयन, “यह समऩ उसके सभी पहवत ाोुों को हमान है । आमी़, पभु की सुहत करो।” 16 इसके बनद, ़बी हबकूक 3 ़े पुकनरकर कहन, तू अप़े ाोुों के उदनर के हार ह़कान है , हनँ , अप़े ाोुों के उदनर के हार। 17 और सभी संतों ़े कहन, 4 धन है वह जो पभु के ़नम से आतन है ; कोंहक पभु ़े हमे रोश़ी दी है । यह हमनरन परमेशर हमेशन और हमेशन के हार है ; वह हमेशन के हार हम पर रनज करे ुन, आमी़। 18 इसी तरह सभी ़हबयों ़े उसकी तनरीफ मे पहवत बनते कही ं और वे यहोवन के पीछे चाे। अध नय 20 1 तब पभु ़े आदम कन हनथ पकडकर उसे पधऩ सु्दूत मनइका को सौंप हदयन; और वह उने दयन और महहमन से भरे हर सु् मे ाे ुयन; 2 और दो बहत बूढे आदमी उ़से हमाे, और संतों ़े उ़से पूछन, तुम कौ़ हो, जो अभी तक हमनरे सनथ ़रक मे ़ही ं ुर, और तुमनरे शरीर सु् मे रखे ुर है ? 3 उ़मे से रक ़े जवनब हदयन, “मै ह़ोक हँ , जो परमेशर के वच़ से पहँ चनयन ुयन थन: और यह आदमी जो मेरे सनथ है , वह हतशबी रहायनह है , जो आु के रथ पर चढनयन ुयन थन।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

4 अब तक हम यही ं थे, और हम़े मौत कन सनद ़ही ं चखन है , ाेहक़ अब रं टीकनइस के आ़े पर, भुवऩ के ह़शऩों और चमतनरों से ाैस होकर, उसके सनथ ाडनई मे ाड़े, और यरशाेम मे उसके हनथों मनरे जऩे, और सनढे ती़ हद़ बनद हजंदन बनदाों मे उठन हार जऩे वनाे है । 5 और जब पहवत ह़ोक और रहायनस यह बतन रहे थे, तो दे खो, रक और आदमी आयन जो रक दु खी श् मे थन और अप़े कंधों पर कॉस कन ह़शऩ उठनर हर थन। 6 और जब सब पहवत ाोुों ़े उसे दे खन, तो उससे पूछन, तू कौ़ है ? तेरन चेहरन चोर जैसन है ; और तू अप़े कंधों पर कूस कों उठनर हर है ? 7 इस पर उस़े जवनब हदयन, “तुम ठीक कहते हो, कोंहक मै रक चोर थन जो धरती पर हर तरह के बुरे कनम करतन थन।” 8 और यहहदयों ़े मुझे यीशु के सनथ कूस पर चढनयन; और मै़े पभु यीशु के कूस पर चढनर जऩे के समय सृहष मे हो़े वनाी आशय्ज़क बनते दे खी ं। 9 और मै़े उसे सब चीजों कन ब़ऩे वनान और सबसे तनकतवर रनजन मऩन; और मै़े उससे पनथ़्न की, हक हे पभु, जब तू अप़े रनज मे आर, तो मुझे यनद रख़न। 10 उस़े तुरंत मेरी पनथ़्न सु़ी और मुझसे कहन, मै तुमसे सच कहतन हँ , आज ही तुम मेरे सनथ सु् मे होुे। 11 और उस़े मुझे कॉस कन यह ह़शऩ हदयन और कहन, इसे ाेकर पैरनडनइज जनओ; और अुर पैरनडनइज कन ुनड् फररशन तुमे अंदर ़ आ़े दे , तो उसे कॉस कन ह़शऩ हदखनओ, और उससे कहो: जीसस कनइस, जो अब कॉस पर चढनर ुर है , उनों़े मुझे तुमनरे पनस भेजन है । 12 जब मै़े ऐसन हकयन, और जनत के पहरे दनर फररशे को ये सब बनते बतनईं, और उस़े ये सब सु़न, तो उस़े तुरंत दरवनजे खोा हदर, मुझे अंदर बुानयन, और जनत मे दनहह़ी तरफ हबठन हदयन। 13 और कहन, “थोडे समय यही ं रको, जब तक आदम, जो सब इं सऩों कन हपतन है , अप़े सभी बेटों के सनथ अंदर ़ आ जनर, जो यीशु मसीह के पहवत और ़ेक सेवक है , हजने सूाी पर चढनयन ुयन थन।” 14 जब उनों़े चोर से यह सब सु़न, तो सभी पनदररयों ़े रक आवनज मे कहन, हे सव्शलयमऩ परमेशर, सदन भानई के हपतन, और दयन के हपतन, धन हो तुम, हजनों़े उ़ ाोुों पर इत़ी कृपन की जो उ़के लखानफ पनपी थे, और उने सु् की दयन के पनस ानयन, और उने अप़ी बडी और आधनलतक चीजों के बीच, रक आधनलतक और पहवत जीव़ मे रखन। आमी़। अध नय 21 1 ये हदव और पहवत रहस है हजने हम़े दे खन और सु़न। मुझे, चनरऱस और ाेहथयस को परमेशर के दू सरे रहसों को बतऩे की इजनजत ़ही ं है , जैसन हक महनदू त मनइका ़े हमे आदे श हदयन थन, 2 और कहन, तुम मेरे भनइयों के सनथ यरशाेम जनओुे, और पनथ़्न करते रहोुे, और यीशु मसीह के हफर से जी उठ़े की घोषवन और महहमन करते रहोुे, कोंहक उस़े तुमे भी उसी समय मरे हओं मे से हजानयन है । 3 और तुम हकसी से बनत ़ही ं करोुे, बल् ुूंुे की तरह बैठे रहोुे, जब तक हक वह समय ़ आ जनर जब पभु तुमे अप़ी हदवतन के रहस बतऩे की अ़ुमहत ़ दे । 4 हफर पधऩ सु्दूत मनइका ़े हमे यरद़ के पनर रक बहढयन और उपजनऊ दे श मे जऩे की आजन दी, जहनँ बहत से ाोु है जो मसीह के हफर से जी उठ़े के सबूत के हार हमनरे सनथ मरे हओं मे से जी उठे है । 5 कोंहक हमे मरे हओं मे से ह़काे हर हसफ् ती़ हद़ हर है , जो अप़े मनतन-हपतन के सनथ अप़े पभु कन पनसओवर म़ऩे और पभु मसीह के हार अप़ी ुवनही दे ़े के हार जी उठे थे, और हम़े यरद़ की पहवत ़दी मे बपहतसन हायन थन। और अब वे हकसी को हदखनई ़ही ं दे ते। 6 परमेशर ़े हमे तुमनरे सनथ इत़न ही कह़े हदयन है ; इसहार तुम उसकी तनरीफ और आदर करो, और म़ हफरनओ, तो वह तुम पर दयन करे ुन। पभु परमेशर यीशु मसीह और हम सबके उदनरकतन् की ओर से तुमे शनं हत हमाे। आमी़, आमी़, आमी़। 7 और जब उनों़े हाख़न खत कर हायन और दो अाु-अाु कनुजों पर हाख हायन, तो चनरऱस ़े जो हाखन थन उसे हनन, कैफन और ुमाीरा के हनथों मे दे हदयन।

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

8 ाेल्यस ़े भी जो हाखन थन, वह ह़कोडे मस और जोसेफ के हनथों मे दे हदयन; और वे तुरंत बहत सफेद हो ुर और हफर कभी हदखनई ़ही ं हदर। 9 ाेहक़ जो कुछ उनों़े हाखन थन, वह पूरी तरह से रक जैसन पनयन ुयन, हजसमे रक अकर दू सरे से जनदन यन कम ़ही ं थन। 10 जब यहहदयों की पूरी सभन ़े चनरऱस और ाे़हथयस की ये सब है रऩ कऱे वनाी बनते सु़ी ं, तो वे रकदू सरे से कह़े ाुे, सच मे ये सब बनते परमेशर की ओर से हई है , और पभु यीशु सदन सव्दन धन हों, आमी़। 11 और वे बडी हचंतन, डर और कनं पते हर इधर-उधर घूम़े ाुे, और अप़ी छनती पीटते हर अप़े-अप़े घर चाे ुर। 12 ाेहक़ ये सनरी बनते जो यहहदयों ़े अप़े सभन-घरों मे यीशु के बनरे मे बतनई थी ं, यूसुफ और ह़कोदे मुस ़े फौऱ ुव़्र को बतन दी।ं 13 और पीानतुस ़े ये सनरे ाे़-दे ़ हाख हार, और इ़ सनरे हहसनब को अप़े हॉा के पल्क ररकॉड् मे रख हदयन। अध नय 22 1 इ़ बनतों के बनद पीानतुस यहहदयों के मंहदर मे ुयन, और सब सरदनरों, शनलसयों और कऩू़ के जऩकनरों को बुानयन, और उ़के सनथ मंहदर के पनथ़्नाय मे ुयन। 2 और सनरे दरवनजे बंद कऱे कन हु दे कर उ़से कहन, “मै़े सु़न है हक इस मंहदर मे तुमनरे पनस रक बडी हकतनब है ; इसहार मै तुमसे ु​ुजनररश करतन हँ हक उसे मेरे सनम़े ानओ।” 3 और जब मंहदर के चनर सेवकों के हनथ मे सो़े और कीमती पुरों से सजी वह बडी हकतनब ानई ुई, तो पीानतुस ़े उ़ सबसे कहन, मै तुमे तुमनरे पुरखों के परमेशर की कसम दे तन हँ , हजस़े यह मंहदर ब़नयन और ब़वऩे कन हु हदयन, हक तुम मुझसे सच ़ हछपनओ। 4 तुम उस हकतनब मे हाखी सनरी बनते जऩते हो; तो अब मुझे बतनओ, अुर तुमे पहवत शनस मे उस यीशु के बनरे मे कुछ हमान है हजसे तुम़े सूाी पर चढनयन थन, और वह दु ह़यन के हकस समय आयन होुन; तो मुझे बतनओ। 5 तब उनों़े हनन और कैफन को शपथ हदानकर, अप़े सनथ के बनकी सब ाोुों को पनथ़्नाय से बनहर जऩे कन आदे श हदयन। 6 और उनों़े मंहदर और चैपा के ुेट बंद कर हदर, और हपानतुस से कहन, “हे जज, इस मंहदर के ब़ऩे की कसम खनकर, हम़े तुमे वह बतनयन जो सच और सही है ।” 7 जब हम़े यीशु को सूाी पर चढन हदयन, तो यह ़ जऩते हर हक वह परमेशर कन पुत है , बल् यह सोचकर हक वह हकसी जनदु ई कान से चमतनर करतन है , हम़े इस मंहदर मे रक बडी सभन बुानई। 8 और जब हम आपस मे यीशु के हकर चमतनरों के बनरे मे बनत कर रहे थे, तो हमे अप़े दे श के कई ुवनह हमाे, हजनों़े कहन हक उनों़े उसे मऱे के बनद हजंदन दे खन थन, और उसे अप़े चेाों से बनत करते सु़न थन, और उसे सु् की ऊँचनइयों पर चढते और उ़मे जनते दे खन थन; 9 और हम़े दो ुवनहों को दे खन, हज़के शरीर यीशु ़े मरे हओं मे से हजंदन हकर थे। उनों़े हमे कई अजीब कनमों के बनरे मे बतनयन जो यीशु ़े मरे हओं के बीच हकर थे, हज़कन बौरन हमनरे पनस हाखन हआ है । 10 और यह हमनरन ररवनज है हक हम हर सना रक सभन के सनम़े इस पहवत हकतनब को खोाे, और उसमे परमेशर की सानह खोजे। 11 और हम़े सतर हकतनबों मे से पहाी हकतनब मे पनयन, जहनँ पधऩ सु्दूत मनइका पहाे इं सऩ आदम के तीसरे बेटे से बनत कर रहे है , रक बौरन है हक पनँ च हजनर पनँ च सौ सना बनद, परमेशर कन सबसे पनरन बेटन मसीह धरती पर आयन थन, 12 और हम़े यह भी सोचन हक शनयद यह वही इसनरा कन परमेशर थन हजस़े मूसन से कहन थन, “तू ुवनही कन संदूक ब़नरुन; इसकी ांबनई ढनई हनथ, चौडनई डे ढ हनथ, और ऊंचनई डे ढ हनथ होुी।”

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यीशु मसीह की मृ त ु, दफ़नयन जऩन और पु़ रुऩ

13 पुरऩे ह़यम के सनदू क के ह़मन् व के हार इ़ सनढे पनँ च हनथ की अवहध से, हम़े जऩ हायन और जऩ हायन हक पनँ च हजनर वष् और डे ढ (रक हजनर) वषर मे , यीशु मसीह रक शरीर के सनदू क यन तमू मे आरुन; 14 और इसहार हमनरे धम्गंथ इस बनत की ुवनही दे ते है हक वह परमेशर कन पुत, और इसनरा कन पभु और रनजन है । 15 और कोंहक उसके दु ख झेा़े के बनद, हमनरे मुख पुजनरी उसके हकर ुर चमतनरों से है रऩ थे, इसहार हम़े वह हकतनब खोाी तनहक यूसुफ और यीशु की मनँ मररयम के वंश तक सभी पीहढयों को ढूंढन जन सके, यह सोचकर हक वह दनऊद के वंश कन है ; 16 और हमे सृहष कन बौरन हमान, और यह भी हक उस़े हकस समय सु् और पृथी और पहाे म़ुष आदम को ब़नयन, और वहनँ से जापाय तक दो हजनर, दो सौ बनरह सना हर। 17 और बनढ से अबनहम तक, ़ौ सौ बनरह। और अबनहम से मूसन तक, चनर सौ तीस। और मूसन से रनजन दनऊद तक, पनँ च सौ दस। 18 और दनऊद से ाेकर बेबीाो़ की कैद तक, पनँ च सौ सना। और बेबीाो़ की कैद से ाेकर मसीह के जन तक, चनर सौ सना। 19 इ़ सबकन जोड सनढे पनँ च हजनर (रक हजनर) होतन है । 20 और ऐसन ाुतन है हक हजस यीशु को हम़े सूाी पर चढनयन, वही यीशु मसीह परमेशर कन पुत और सचन और सव्शलयमऩ परमेशर है । आमी़।

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