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Hindi - Odes of Solomon the King of Israel

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सोलोमन के गीत परिचय ये दु ननया के कुछ सबसे खूबसूित शां नत औि खुशी के गाने है ं नि​ि भी, इनकी शुरुत, इनके नलखे जाने की तािीख औि कई लाइनों का सही मतलब ुज भी बडे सानहत्क िहसों मे से एक है ं ये हमािे पास सीरियाई भाषा मे एक बहत पुिाने डॉकूमेम मे ुए है ं साफ है नक वह डॉकूमेम असली गीक भाषा का म् ां सलेशन है ं इन ओड् स को लेकि बहत बहस हई है ; सबसे सही वजहों मे से एक यह है नक ये पहली सदी के नए बैपाइा हए ईसाइयों के गाने है ं उनमे अजीब तिह से ऐनतहानसक बातों की कमी है ं उनकी चमक दू सिे नदनों की झलक नही ं है ं वे न तो ओल मे सामेम से औि न ही गॉसेल से कुछ लेते है ं इन ुयतों की पेिेा सीधे अनुभव से नमलती है ं वे ुपको एरिसाइड् स की बात याद नदलाती है , "एक नया समुदाय नजसके साथ कुछ नदव नमला हु है ं" यहाँ वह जोश औि समझ है नजसकी तुलना हमे नसफ् धम्गंथों के सबसे ऊँचे नहसों मे ही नमल सकती है ं इन शानदाि नमस् ी ओड् स के नलए, हम जे . िे डे ल है रिस, MA, केयि कॉलेज, कैत्ज के ऑनिे बल िेलो के म् ां सलेशन के नलए शुकगुजाि है ं वे इनके बािे मे कहते है : "ऐसा कुछ भी नही ं लगता नजस पि सभी सहमत हों, नसवाय इसके नक ये ओड् स बहत खूबसूित औि हाई तसरिचुअल वैलू वाले हों​ं" स ोत 1 1 पभु मेिे नसि पि ताज की तिह है , औि मै उसके नबना नही ं िहँ गां 2 उनोंने मेिे नलए सचाई का ताज बुना, औि उससे मुझमे तेिी डानलयाँ उगीं​ं 3 कोंनक यह उस सूखे मुकुम के समान नही ं है नजसमे कनलयाँ नही ं ननकलती;ं पिनु तू मेिे नसि पि िहता है , औि तू मेिे नसि पि तखला है ं 4 तेिे िल पूिे औि पूिे है , वे तेिे उदाि से भिे हए है ं स ोत 2 (इस ओड का कोई भी नहसा कभी पहचाना नही ं गया है ं)

स ोत 3 1 . . . मैने पहना: 2 औि उसके अंग उसके साथ है , औि मै उन पि खडा हं, औि वह मुझसे पेम किता है ं 3 कोंनक अगि पभु ने मुझसे पाि न नकया होता, तो मै उनसे पाि किना नही ं जानतां 4 कोंनक पेम को कौन पहचान सकता है , नसवाय उसके नजससे पेम नकया जाता है ? 5 मै अपने नपयतम से पेम किता हँ , औि मेिा पाे भी उससे पेम किता है ं 6 औि जहाँ उसका नवशाम है, वहाँ मै भी हँ ; 7 औि मै अजनबी नही ं िहं गा, कोंनक पिमपधान औि दयालु पभु के साथ कोई नशकायत नही ं है ं 8 मै ुई-िन से जुड गया हँ , कोंनक पेमी ने नपयतम को पा नलया है , 9 औि कोंनक मै उस से पेम िखूंगा, जो पुत है , इसनलये मै पुत बन जाऊंगां 10 कोंनक जो अमि से जुड जाता है, वह ुप भी अमि हो जाएगां 11 औि जो जीनवत मे पसर है, वह जीनवत हो जाएगां 12 यह पभु की ुता है , जो झूठ नही ं बोलती, औि मनुषों को अपने माग् जानना नसखाती है ं 13 बुतदमान, समझदाि औि चौकस बनों हालेलुयाहं स ोत 4 1 हे मेिे पिमेशि, कोई भी मनुष तेिे पनवत सान को नही ं बदल सकता, 2 औि यह मुमनकन नही ं है नक वह उसे बदलकि दू सिी जगह िख दे , कोंनक उस पि उसका कोई अनधकाि नही ं है ं 3 तूने अपने पनवत सान के नलए दू सिे सान बनाने से पहले ही योजना बना ली थीं 4 जो चीा पुिानी है, उसे उससे छोमे लोग नही ं बदल सकतें 5 हे पभु , तूने अपना नदल अपने नवशानसयों को दे नदया है: तू कभी असिल नही ं होगा, न ही िल के नबना िहे गा: 6 कोंनक तेिे नवशास का एक घंमा सब नदनों औि सालों से जादा कीमती है ं 7 कोंनक कौन है जो तेिी कृपा पाकि दु ख उठाए? 8 कोंनक तेिी मुहि जानी जाती है : औि तेिे जीव इसे जानते है : औि तेिी (सगवय) सेनाएँ इसे िखती है : औि चुने हए महादू त इसे पहने हए है ं 9 तूने हमे अपना साथ नदया है; ऐसा नही ं नक तुझे हमािी ा़ित थी, बत् हमे तेिी ा़ित है ं


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