अध्य 1 1 भविषियव एस्व् की दू ्री पुसक, ्रै यव् कव पुत, अजयवय ा कव पुत, ाे लवकयव् कव पुत, ्दववियव कव पुत, ्दोक कव पुत, अवितोब कव पुत, 2 अखियवा कव पुत, पीनी् कव पुत, ाे ली कव पुत, अियवय ा कव पुत, अजीयी कव पुत, िरीिोत कव पुत, अरनव कव पुत, ओवजयव् कव पुत, बोरीत कव पुत, अबी्े ई कव पुत फीनी् कव पुत, एलीआजर कव पुत, 3 ले िी के गोत िे ्े ावरन कव पुत; जो फवर् के रवजव अर् टरे ट के शव्नकवल िे िववदयों की भूवि िे बं दी बनव वलयव गयव थव। 4 और याोिव कव या ििन िे रे पव् पहं िव, 5 तू जव, और िे री पजव को उनके पवप के कवि, और उनके लडकेबवलों को िा दु ष कवि वदिव, जो उनोंने िे रे विरू वकयव ाै ; तववक िे अपने बचों के बचों को बतव ्के: 6 कोंवक उनके पुरिवओं के पवप उन िे बढ गए ाै , और िे िु झे भूल गए ाै , और परवये दे ितवओं की पूजव करने लगे ाै । 7 कव िै िाी नाीं जो उने विस दे श ्े , अथवय तत दव्त के घर ्े वनकवल लवयव? परनु उनोंने िु झे कोर भडकवयव ाै , और िे री युखययों को तुच जवनव ाै । 8 वफर अपने व्र के बवल उिवडकर उन पर ्ब विपव् डवल दो, कोंवक उनोंने िे री विसथव कव पवलन नाीं वकयव, परनु िे बलिव करनेिवले लोग ाै । 9 वजन कव िै ने इतनव भलव वकयव ाै , िै उने कब तक रोके रिूंगव? 10 िै ने उनके कवरण बहत ्े रवजवओंको नवश वकयव ाै ; िै ने व़ररन को उ्के ्े िकों और उ्की ्वरी शखय ्िे त नष कर वदयव ाै । 11 और ्ब जववतयोंको िै ने उनके ्वमने ्े नवश वकयव, और पूिय िे ्ोर और ्ीदोन के दो पवनोंके लोगोंको वततर-वबतर वकयव, और उनके ्ब शतु ओक ं ो घवत वकयव ाै । 12 इ्वलये तू उन ्े का, याोिव यों कातव ाै , 13 िै ने तुझे ्िु ् िे ्े पवर वकयव, और पवाले तो तुझे बडव और ्ु रव्त िवगय वदयव; िै ने तुमे िू ्व को परवन ाोने के वलये, और ावरन को यवजक के वलये वदयव ाै । 14 िै ने आग के िमे िे ाोकर तुमे उवजयवलव वदयव, और तुमवरे बीि बडे बडे आशययकिय वकए ाै ; तरभी तुि िु झे भूल गए ाो, याोिव की याी िवणी ाै । 15 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , बरे र तुमवरे वलये विन ठारे ; िै ने तुमवरी र्व के वलथे तुमे तमू वदए, तरभी तुि िावं कुडकुडवते राे , 16 और अपने शतु ओं के नवश के वलये िे रे नवि ्े जयिन नाीं हए, िरन आज के वदन तक ्दै ि कुडकुडवते राते ाो। 17 जो उपकवर िै ने तुमवरे वलये वकए िे कावं राे ? जब तुि जं गल िे भूिे और पव्े थे, तब कव तुि ने िे री दोावई न दी? 18 और काव, तू ाि को इ् जं गल िे घवत करने को कों ले आयव ाै ? ािवरे वलये इ् जं गल िे िरने ्े विवसयों की ्े िव करनव भलव ाोतव। 19 तब िै ने तुमवरे विलवप पर तर् िवकर तुमे िनव िवने को वदयव; इ्वलये तुि ने सगय दूतों की रोरी िवई। 20 जब तुि पव्े थे, तब कव िै ने िटवन न फवडी, और जल ्े तुि भर न गए? गि् के कवरण िै ने तुमे पेडों की पव्यों ्े ढक वदयव। 21 िै ने तुमवरे बीि उपजवऊ भूवि बवं र दी, िै ने तुमवरे ्वमने ्े कनववनयों, फेरे वजयों और पवलख्यों को वनकवल वदयव; िै वफर तुमवरे वलये और कव कर ं ? पभु काते ाै . 22 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , जब तुि जं गल िे एिोररयोंकी नदी के वकनवरे पव्े ाोकर िे रे नवि की वननव करते थे, 23 िै ने तुमवरी वननव के कवरण तुमे आग नाीं दी, िरन जल िे िृ ् डवल कर नदी को िीठव कर वदयव।
24 ाे यवकूब, िै तुझ ्े कव कर ं ? ाे यहदव, तू ने िे री बवत नाीं िवनी; िै अनजववतयों की ओर वफर ं गव, और उन को अपनव नवि दू ं गव, वक िे िे री विवरयोंको िवने। 25 या दे िकर वक तुि ने िु झे तवग वदयव ाै , िै भी तुि को तवग दू ं गव; जब तुि िवाोगे वक िै तुि पर अनुगा कर ू , तो िै तुि पर दयव न कर ू गव। 26 जब कभी तुि िु झे पुकवरोगे , तब िै तुमवरी न ्ु नूंगव; कोंवक तुि ने अपने ावथ िून ्े अशुू कर वलए ाै , और तुमवरे पैर िून करने को िे ग ्े दरडते ाै । 27 तुि ने िु झे नाीं, परनु अपने आप को ाी तवग वदयव ाै , याोिव कव याी ििन ाै । 28 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , कव िै ने वपतव की नवईं बे रे, और िवतव की नवईं अपनी बे वरयवं , और दू र वपलवती हई बवलकोंकी नवईं तुझ ्े पवथयनव न की? 29 वक तुि िे री पजव ठारो, और िै तुमवरव परिे शर ठार ं ; वक तुि िे री ्नवन ठारो, और िै तुमवरव वपतव ठार ं ? 30 जै ्े िु ग् अपने िूजों को पंिों के नीिे इकटव करती ाै , िै ्े ाी िै ने तुि को इकटव वकयव; परनु अब िै तुमवरे ्वथ कव कर ं ? िै तुमे अपने ्विने ्े वनकवल दू ं गव। 31 जब तुि िु झे भेर िढवओगे , तब िै तुि ्े िुं ा फेर लूं गव; कोंवक िै ने तुमवरे पवित पर्, नये िवन और ितने के वदनोंको तवग वदयव ाै । 32 िै ने अपने दव् भविष्यवओं को तुमवरे पव् भेजव, वजने तुि ने पकड वलयव, और घवत वकयव, और उनकी लोय के रु कडे रु कडे कर वदए, उनके िून कव बदलव िै तुमवरे ावथ ्े लूं गव, याोिव की याी िवणी ाै । 33 ्िय शखयिवन याोिव यों कातव ाै , तेरव घर उजवड ाो गयव ाै , िै तुझे ऐ्े वनकवल दू ं गव जै ्े िवयु ्े भू्ी वगरती ाै । 34 और तेरे लडकेबवले फलिन न ाोंगे; कोंवक उनोंने िे री आजव तुच जवनी, और िा कवि वकयव ाै जो िे री दवष िे बु रवई ाै । 35 तेरे घर िै आनेिवले लोगों को दू ं गव; जो अब तक िे रे विषय िे न ्ु नकर िे री पतीवत करे गे; उनको िै ने कोई विन नाीं वदिवयव, तरभी जो आजव िै ने उनको दी ाै िाी िे करे गे । 36 उनोंने कोई भविष्यव नाीं दे िव, तरभी िे अपने पवपों को सरण करके उने िवन ले गे। 37 िै आनेिवले लोगोंके अनुगा कव गिवा हं , वजनके बवलक आनन ्े िगन ाै ; और यदवप उनोंने शवरीररक आं िों ्े िु झे नाीं दे िव, तरभी आतव ्े िे जो िै कातव हं उ् पर विशव् करते ाै । 38 और अब, भवई, दे िो कै्ी िवािव; और उन लोगों को दे िो जो पूिय ्े आते ाै : 39 वजन को िै परवन कर दू ं गव, अयवय तत इबवाीि, इ्ावक, यवकूब, ओ्े ्, आिो्, िीकव, योएल, अख्यव्, और यूनु्, 40 नहि, और अबवकुक, ्ोफोवनय्, अगु्, जकररयव, और िलवकी, जो पभु कव दू त भी कालवतव ाै । अध्य दो 1 याोिव यों कातव ाै , िै ने इ् पजव को दव्त ्े छु डवयव, और अपने दव् भविष्यवओं के ्वरव उनको अपनी आजवएं दी;ं उनोंने उनकी न ्ु नी, परनु िे री युखययों को तुच जवनव। 2 और उनकी िवतव ने उन ्े काव, ाे बवलकों, अपने िवगय जवओ; कोंवक िै विरिव और तवगी हई हं । 3 िै ने तुझे आनन ्े पवलव; परनु दु ःि और भवरीपन के कवरण िै ने तुमे िो वदयव ाै ; कोंवक तुि ने अपने परिे शर याोिव के ्वमने पवप वकयव ाै , और िा कवि वकयव ाै जो उ्की दवष िे बु रव ाै ।
4 परनु अब िै तुमवरे ्वथ कव कर ं ? िै एक विरिव और पररतयव हं : ाे िे रे बचों, अपने िवगय पर जवओ, और पभु ्े दयव िवं गो। 5 जावं तक िे री बवत ाै , ाे वपतव, िै इन बवलकों की िवतव के विषय िे जो िे री िविव कव पवलन नाीं करती, तुझ ्े ्व्ी िवं गतव हं । 6 वक तू उनको घबरवए, और उनकी िवतव को लू र ले , यावं तक वक उनकव कोई िं श न राे । 7 िे अनजववतयोंके बीि वततर-वबतर ाो जवएं , उनकव नवि पृयिी पर ्े विर जवए; कोंवक उनोंने िे री िविव को तुच जवनव ाै । 8 ाे अ्ु र, तुझ पर ावय, तू जो अरिय को अपने िे वछपव रितव ाै ! ाे दु ष लोगों, सरण करो वक िै ने ्दोि और अिोरव के ्वथ कव वकयव; 9 उनकी भूवि ढे लों और रवि के ढे रों ्े भरी पडी ाै ; ्िय शखयिवन याोिव कव याी ििन ाै , वक जो िे री नाीं ्ु नते, िै उन ्े िै ्व ाी कर ं गव। 10 याोिव एस्व् ्े यों कातव ाै , िे री पजव ्े का, वक िै यरशले ि कव रवज जो िै इसवएल को दे नव िवातव थव, उने दे दू ं गव। 11 और िै उनकव िै भि भी अपने पव् ले लूं गव, और िे ्दवबावर िणप जो िै ने उनके वलये तैयवर करवए थे , उने दे दू ं गव। 12 उनके पव् ्ु िदवयक ्ु गन दे नेिवलव जीिन कव िृ ् ाोगव; िे न तो पररशि करे गे , और न थकेगे । 13 जवओ, और तुि पवओगे ; थोडे वदन के वलथे तुि ्े पवथयनव वकयव करो, वक िे घरे ; रवज तुमवरे वलये पवाले ्े तैयवर ाै ; जवगते राो। 14 आकवश और पृयिी को ्व्ी ठारवओ; कोंवक िै ने बु रवई को रु कडे रु कडे वकयव, और भलवई को उतन वकयव ाै ; कोंवक िै जीवित हं , याोिव की याी िवणी ाै । 15 ाे िवतव, अपके बवलकोंको गले लगव, और आनन ्े उनकव पवलन-पोषण कर, उनके पवं ि िमे के ्िवन दढ कर; कोंवक िै ने तुझे िुन वलयव ाै , याोिव कव याी ििन ाै । 16 और जो िरे हए ाै उनको िै उनके सवन िे ्े वजलव उठवऊंगव, और कबों िे ्े वनकवलूं गव; कोंवक िै ने इसवएल िे अपनव नवि जवन वलयव ाै । 17 ाे बवलकोंकी िवतव, ित डर; कोंवक िै ने तुझे िुन वलयव ाै , याोिव कव याी ििन ाै । 18 िै तेरी ्ावयतव के वलथे अपने दव् ए्े और यरे िी को भेजूंगव, वजनकी ्मवत के अनु्वर िै ने तेरे वलथे भवं वत भवं वत के फलों ्े लदे हए बवरा िृ ् तैयवर वकए ाै । 19 और दू र और िरु ्े बानेिवले बहत ्े ्ोते, और ्वत बडे बडे पावड, वजन पर गु लवब और ्ो्न के फूल उगते ाै , उन ्े िै तेरे लडकेबवलोंको आनन ्े भर दू ं गव। 20 विरिव कव नवय करो, अनवथों कव नवय करो, कंगवलों को दवन दो, अनवथों की र्व करो, नंगे को िस पवानवओ, 21 रू रे और वनबय ल को िंगव करो, लं गडे की ां ्ी न उडवओ, रु णों की र्व करो, और अने को िे री दवष िे आने दो। 22 बू ढों और जिवनों को अपनी िवरदीिवरी के भीतर रिो। 23 जावं काी ं तुझे िरे हए विले , उने ले जवकर गवड दे नव, और िै अपने जी उठने िे िु ख सथवन तुझे ाी दू ं गव। 24 ाे िे री पजव, खसथर राो, और विशवि करो, कोंवक तुमवरव िैन अब भी आनेिवलव ाै । 25 ाे अची रवय, अपने बवलकोंकव पवलन पोषण कर; उनके पैर खसथर करो. 26 जो दव् िै ने तुझे वदए ाै , उन िे ्े एक भी नवश न ाोगव; कोंवक िै उनको तेरे वगनती िे ्े ले लूं गव। 27 ित थको, कोंवक जब ्ं कर और भवरीपन कव वदन आएगव, तो दू ्रे तो रोएं गे और उदव् ाोंगे, परनु तू आनन करे गव, और बहतवयत ्े ाोगव।
28 अनजववत तुझ ्े डवा करे गे, परनु तेरे विरू कुछ न कर ्केगे , याोिव कव याी ििन ाै । 29 िै अपने ावथ ्े तुझे ढवं पूंगव, और तेरे लडकेबवलोंको अरोलोक न दे िनव पडे गव। 30 ाे िवतव, अपने बवलकोंके ्ं ग आनखनत ाो; कोंवक िै तुझे बिवऊंगव, याोिव कव याी ििन ाै । 31 अपने ्ोते हए बवलकोंको सरण करो, कोंवक िै उने पृयिी की छोर ्े वनकवल ले आऊंगव, और उन पर दयव कर ं गव; कोंवक िै दयवलु हं , ्िय शखयिवन याोिव कव याी ििन ाै । 32 जब तक िै आकर उन पर दयव न कर ं , तब तक अपके बवलकोंको गले लगवए रिनव; कोंवक िे रे ्ोते बा जवते ाै , और िे रव अनुगा अरल ाोतव ाै । 33 िु झ एस्् को ओरे ब पावड पर याोिव की ओर ्े आजव विली, वक िै इसवएल के पव् जवऊं; परनु जब िै उनके पव् आयव, तब उनोंने िु झे तुच जवनव, और याोिव की आजव कव वतरसवर वकयव। 34 और इ्वलये िै तुि ्े कातव हं , ाे अनजववतयों, ्ु नो और ्िझो, अपने िरिवाे की बवर जोाते राो, िा तुमे ्दै ि विशवि दे गव; कोंवक िा वनकर ाै , जो जगत के अन िे आएगव। 35 रवज के पवतफल के वलये तैयवर राो, कोंवक अनन जोवत तुि पर ्िय दव ििकती राे गी। 36 इ् ्ं ्वर की छवयव ्े दू र भवग, अपनी िवािव कव आनन पवर कर; िै अपने उूवरकतवय की गिवाी िुलकर दे तव हं । 37 जो उपावर तुमे वदयव गयव ाै उ्े गाण करो, और जो तुमे सगय के रवज िे ले गयव ाै उ्कव रनिवद करते हए आनखनत ाोओ। 38 उठ कर िडे ाो, और याोिव के परय िे वजन पर िु ार दी गई ाै , उन की वगनती दे िो; 39 जो जगत की छवयव ्े दू र ाो गए, और पभु के िवािविय िस पवए ाै । 40 ाे व्योन, अपनव वगन ले, और अपके जो शे त िस पवाने हए ाै , और याोिव की विसव पूरी करते ाै , उनको बन कर दे । 41 तेरे लडकेबवलोंकी वगनती, वजनकी तू लवल्व करतव यव, पूरी ाो गई ाै ; याोिव की शखय ्े पवथयनव करो, वक तेरी पजव जो आरम ्े बु लवयी गई ाै , पवित ाो जवए। 42 िै एस्् ने व्योन पावड पर बडी पजव दे िी, वजने िै वगन नाीं ्कतव थव, और िे ्ब गीत गवकर याोिव की सु वत करते थे। 43 और उनके बीि िे एक जिवन पुरष थव जो ऊंिे कद कव यव, और ्ब ्े ऊंिव थव, और उ् ने उन ्ब के व्रोंपर िु कुर रिव यव, और िा अवरक ऊंिे पद पर थव; वज् पर िु झे बहत आशयय हआ। 44 इ्वलये िै ने सगय दूत ्े पूछव, ाे पभु, ये कव ाै ? 45 उ् ने उ्र दे कर िु झ ्े काव, ये िे ाी ाै वजनोंने नवशिवन िस उतवरकर अिर को पवान वलयव ाै , और परिे शर कव नवि िवन वलयव ाै ; अब िे िु कुर रवरण वकए हए ाै , और ाथेवलयवं ले ते ाै । 46 तब िै ने सगय दूत ्े काव, िा करन जिवन ाै जो उनको िु कुर पानवतव, और उनके ावथों िे िजू र के प्े दे तव ाै ? 47 उ् ने उ्र दे कर िु झ ्े काव, या परिे शर कव पुत ाै , वज् को उनोंने जगत िे िवन वलयव ाै । तब िै ने उन लोगों की बहत ्रवानव करनव शुर वकयव जो पभु के नवि के वलए इतनी दढतव ्े िडे थे। 48 तब सगय दूत ने िु झ ्े काव, जव, और िे री पजव ्े का, वक तू ने अपने परिे शर याोिव के कै्े -कै्े कवि और कै्े -कै्े बडे आशययकिय दे िे ाै ।
अध्य 3 1 नगर के उजडने के ती्िे िषय िे िै बवबे ल िे थव, और अपने वबछरने पर पडव हआ घबरवयव हआ यव, और िे रे हदय िे वििवर उठते राे । 2 कोंवक िै ने व्योन कव उजडनव, और बवबु ल के रानेिवलोंकी ्मव् दे िी। 3 और िे रव िन बहत उदव् हआ, यावं तक वक िै परिपरवन ्े भय भरी बवते काने लगव, 4 ाे पभु, पभु, तू ने पवाले ाी ्े काव थव, जब तू ने पृयिी पर और आप ाी अकेलव बीज बोयव, और पजव को आजव दी, 5 और आदि को तेरे ावथ की बनवई हई वबन पवण दे ा दी, और उ् िे जीिन कव शव् फूंकव, और िा तेरे ्वमने वजलवयव गयव। 6 और तू उ्े सगय िे ले जवतव ाै , वज्े तू ने पृयिी के उतन ाोने ्े पवाले ाी अपने दववाने ावथ ्े लगवयव थव। 7 और तू ने उ्े आजव दी, वक अपने िवगय ्े पीवत रि; परनु उ् ने उलंघन वकयव, और तुरन तू ने उ्को और उ्की पीढी को, वज् िे ्े बहत ्ी जववतयवं , और कुल, और लोग, और कुल उतन हए, िृ तु ठारव दी। 8 और ्ब लोग अपकी अपकी इचव के अनु्वर िले , और तेरे ्वमने अदत भुत कवि वकए, और तेरी आजवओंको तुच जवनव। 9 और वफर ्िय के ्वथ तू ने जगत के रानेिवलोंपर जलपलय करके उनको नवश वकयव। 10 और उन िे ्े ार एक के वलये ऐ्व हआ, वक जै ्े आदि के वलये िृ तु हई, िै ्े ाी इन के वलये जलपलय हआ। 11 तरभी तू ने उन िे ्े एक को अथवय त नूा को उ्के घरवने ्िे त छोड वदयव, उ्ी िे ्े ्ब रि् पुरष वनकले । 12 और ऐ्व हआ, वक जब िे पृयिी पर बहत बढने लगे , और उनके बहत ्े ्नवन उतन हए, और बडी जववत बन गए, तो िे पवाले ्े भी अवरक दु ष ाो गए। 13 अब जब िे तेरे ्वमने ऐ्ी दु षतव करते थे, तो तू ने उन िे ्े इबवाीि नवि एक पुरष को िुन वलयव। 14 तू ने उ्ी ्े पेि रिव, और उ्ी को अपनी इचव पगर की; 15 और उ् ्े या पवतजव करके ्दव की िविव बवनी, वक तू अपने िं श को कभी न तवगे गव। 16 और उ् को तू ने इ्ावक वदयव, और इ्ावक को यवकूब और ए्वि भी वदयव। यवकूब को तू ने अपने वलये िुन वलयव, और ए्वि के पव् रि वलयव; और इ् पकवर यवकूब बडी भीड बन गयव। 17 और ऐ्व हआ, वक तू उ्के िं श को विस ्े वनकवलकर ्ीनै पावड तक ले आयव। 18 और तू ने आकवश को दणित करके पृयिी को ढवं प वदयव, और ्वरे जगत को वालव वदयव, और गवारे सथवनों को कंपव वदयव, और उ् युग के िनुषोंको ववकुल कर वदयव। 19 और तेरी िवािव आग, भूकम, आू री, और शीत के िवर फवरकों ्े ाोकर वनकली; इ्वलये वक तू यवकूब के िं श को विसथव दे , और इसवएल के िं श को पररशि दे । 20 तरभी तू ने उन ्े दु ष िन दू र न वकयव, वक तेरी विसथव ्े उन िे फल उतन ाो। 21 कोंवक पवाले आदि ने दु ष िन ्े अपरवर वकयव, और ावर गयव; और जो उ् ्े उतन हए ाै उन ्ब कव भी ऐ्व ाी ाोनव। 22 इ् पकवर दु बयलतव सथवयी ाो गई; और कवनून (भी) लोगों के हदय िे दु भवय िनव जड ्े जिव दे तव ाै ; तववक भलवई दू र ाो जवए, और बु रवई बनी राे । 23 इ् पकवर ्िय बीततव गयव, और िषय पूरे ाोते गए; तब तू ने दवऊद नवि एक दव् को िडव वकयव;
24 तू ने उ्ी को आजव दी, वक िा तेरे नवि कव एक नगर बनवए, और उ् िे तुझे रू प और अनबवल िढवए। 25 जब बहत िषय ाो गए, तब नगर के रानेिवलोंने तुझ को तवग वदयव, 26 और ्ब कविों िे िै ्व ाी वकयव जै ्व आदि और उ्की पीढी के ्ब लोग करते आए थे ; कोंवक उनकव िन भी दु ष थव। 27 और तू ने अपके नगर को अपके शतु ओक ं े िश िे कर वदयव। 28 कव बवबु ल के रानेिवलोंके कवि कुछ अचे ाै , वक िे व्योन पर पभुतव करे ? 29 कोंवक जब िै िावं पहं िव, और अनवगवनत अरिय के कवि दे िे, तो इ् ती् के दशक िे िे रे पवण ने बहत ्े कुकि् दे िे। कवन, यावं तक वक िे रव हदय विफल ाो गयव। 30 कोंवक िै ने दे िव ाै , वक तू ने उनको पवप करने वदयव, और दु षोंको बिव रिव; 31 िु झे सरण नाीं, वक इ् रीवत ्े कव छोडव जवए; ्ो कव बवबु ल के लोग व्योन ्े अचे ाै ? 32 यव कव इसवएल को छोड और कोई तुझे जवनतव ाै ? यव यवकूब के ्िवन वक् पीढी ने तेरी िविव पर विशव् वकयव ाै ? 33 तरभी उनकव पवतफल पगर नाीं ाोतव, और उनके पररशि कव फल नाीं ाोतव; कोंवक िै इरर उरर अनजववतयों के बीि वफरतव हं , और दे ितव हं , वक िे रन बढवते ाै , और तेरी आजवओं पर वििवर नाीं करते। 34 इ्वलये अब तू ािवरी और जगत के रानेिवलोंकी भी दु षतव तरवजू िे तरल; और इ् पकवर तेरव नवि इसवएल के व्िव काी ं न विले गव। 35 यव पृयिी के रानेिवलोंने तेरे ्वमने पवप कब न वकयव? िव वकन लोगों ने तेरी आजवओं कव पवलन वकयव ाै ? 36 और तू दे िेगव, वक इसवएल ने तेरे उपदे शों को िवन वलयव ाै ; ले वकन बु तपरस नाीं. अध्य 4 1 और जो दू त िे रे पव् भेजव गयव, उ्कव नवि उरीएल थव, उ् ने िु झे उ्र वदयव, 2 और काव, तेरव िन इ् जगत िे बहत आगे तक पहं ि गयव ाै , और कव तू परिपरवन कव िवगय ्िझने कव वििवर करतव ाै ? 3 तब िै ने काव, ावं , ाे िे रे पभु! और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक िै तुझे तीन िवगय बतवने, और तेरे ्वमने तीन उपिवएं वदिवने के वलये भेजव गयव हं : 4 और यवद तू िु झे बतव ्के, तो िै तुझे िा िवगय बतवऊंगव जो तू दे िनव िवातव ाै , और िै तुझे बतवऊंगव वक दु ष िन कावं ्े आतव ाै । 5 और िै ने काव, ाे िे रे पभु, आगे बतव। तब उ् ने िु झ ्े काव, जव, आग कव तरल तरल, िव पिन कव झोंकव नवप, िव जो वदन बीतव, िा िु झे वफर बु लव। 6 तब िै ने उ्र वदयव, करन िनुष ऐ्व कर ्कतव ाै , वक तू िु झ ्े ऐ्ी बवते पूछे? 7 और उ् ने िु झ ्े काव, यवद िै तुझ ्े पूछूं, वक ्िु ् के बीि िे वकतने बडे बडे घर ाै , यव गारे जल के आरम िे वकतने ्ोते ाै , यव आकवश के ऊपर वकतने ्ोते ाै , यव ्िु ् ्े बवार वकतने ्ोते ाै ? सगय : 8 कदववित तू िु झ ्े काे , िै कभी गवारे सथवन िे , और न अरोलोक िे , और न कभी सगय पर िढव। 9 तरभी अब िै ने तुझ ्े केिल आग, और िवयु , और उ् वदन के विषय िे , वज् ्े तू गु जरव, और उन िसु ओं के विषय िे, वजन ्े तू अलग नाीं ाो ्कतव, पूछव ाै , तरभी तू िु झे उनकव उ्र नाीं दे ्कतव।
10 वफर उ् ने िु झ ्े काव, कव तू अपनी ्मव् को िरन जो तेरे ्वय बडे हए ाै उनको भी नाीं जवन ्कतव; 11 तो वफर तेरव जावज परिपरवन के िवगय को कै्े ्िझने िे ्िथय ाो ्कतव ाै , और ्ं ्वर जो अब बवह रप ्े भष ाो गयव ाै , उ् भषविवर को जो िे री दवष िे सष ाै , ्िझने िे कै्े ्िथय ाो ्कतव ाै ? 12 तब िै ने उ् ्े काव, या तो भलव ाोतव, वक ाि िावं ाी न ाोते, इ् ्े तो अचव ाोतव, वक ाि अब तक दु षतव िे पडे राते , और दु ि उठवते, और न जवनते वक कों हआ। 13 उ् ने िु झे उ्र वदयव, िै जं गल िे िै दवन िे गयव, और िृ झोंने ्मवत ली, 14 और काव, आओ, ाि िलकर ्िु ् ्े लडे , वक िा ािवरे ्वमने ्े वनकल जवए, और ाि अपने वलये और जं गल बनव ले । 15 इ्ी रीवत ्े ्िु ् की बवढ भी ्मवत करके काने लगी, आओ, ाि िढकर िै दवन के जं गल को अपने िश िे कर ले , वक िावं भी ाि अपने वलये एक और दे श बनव ले । 16 लकडी कव वििवर वथय गयव, आग ने आकर उ्े भस कर वदयव। 17 इ्ी पकवर ्िु ् की बवढ कव वििवर भी वथय ाो गयव, कोंवक रे त ने उठकर उने रोक वदयव। 18 यवद तू अब इन दोनोंके बीि नवय करे , तो वक्े रि् ठारवनव आरम करे गव? अथिव तू वक्की वनंदव करे गव? 19 िै ने उ्र वदयव, ्ििु ि उन दोनों ने जो कलनव की ाै िा िू ियतवपूणय ाै , कोंवक भूवि तो लकडी के िश िे ाो गई ाै , और ्िु ् को भी अपनी बवढ ्ाने कव सथवन विल गयव ाै । 20 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, तू ने तो ठीक नवय वकयव ाै , परनु आप आप ाी कव नवय कों नाीं करतव? 21 कोंवक जै ्े भूवि जं गल को, और ्िु ् को बवढ के वलथे दी गई ाै , िै ्े ाी पृयिी पर रानेिवले पृयिी पर जो कुछ ाै , उ्े छोड और कुछ नाीं ्िझते; और जो आकवश के ऊपर रातव ाै , िा केिल बवते ाी ्िझतव ाै । जो सगय की ऊंिवई ्े भी ऊपर ाै । 22 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु िै तुझ ्े वबनती करतव हं , वक िु झे ्िझ दे ; 23 कोंवक िे रव िन ऊंिे ऊंिे कविोंके विषय िे कुढनव नाीं िवातव थव, परनु उन लोगोंके विषय िे जो पवत वदन ािवरे पव् ्े ाोकर जवयव करते थे, अथवय त इसवएल अनजववतयोंके कवरण वननव करके वक् कवरण ्े पकडिवयव गयव, और वजन लोगों ्े तू ने पेि रिव, िे वक् कवरण ्े वदए गए ाै अरि् रवष्ों के ऊपर, और ािवरे पूियजों कव कवनून कों रद कर वदयव गयव ाै , और वलखित अनुबंर वनषभविी ाो गए ाै , 24 और ाि वरव्यों की नवईं जगत ्े विर जवते ाै , और ािवरव जीिन विसय और भय कव ाोतव ाै , और दयव के योग नाीं राते। 25 तो िा अपने नवि के वलथे कव करे गव, वज् ्े ाि बु लवए गए ाै ? िै ने इनिे ्े कुछ बवते पूछी ाै । 26 तब उ् ने िु झे उ्र दे कर काव, वजतनव तू िोजे गव, उतनव ाी अवरक िवकत ाोगव; कोंवक ्ं ्वर तेजी ्े विरने को ततर ाै , 27 और जो बवते रविय यों ्े पवतजव की गई ाै िे भविष िे ्िझ नाीं ्कते, कोंवक या जगत अरिय और वनबय लतवओं ्े भरव हआ ाै । 28 परनु जावं तक इ् बवत कव प् ाै जो कुछ तू िु झ ्े पूछे, िै तुझे बतवऊंगव; कोंवक विपव् बोई गई ाै , परनु उ्कव विनवश अभी तक नाीं हआ। 29 इ्वलये यवद जो बोयव गयव ाै िा उलरव न वकयव जवए, और वज् सवन पर बु रवई बोई गई ाै िा न विरे , तो जो भलवई बोई गई ाै िा िवप् नाीं आ ्कती।
30 कोंवक आदि के िन िे आवद ्े बु रे बीज कव बीज बोयव गयव ाै , और उ् ्े अब तक वकतनी दु षतव उतन हई ाै ? और दविने कव ्िय आने तक िा वकतनव फल उपजवएगी? 31 अब आप ाी ्ोिो, वक बु रे बीज कव अन दु षतव कव कै्व बडव फल लवतव ाै । 32 और जब अनवगवनत कवन कवर डवले जवएं गे , तो उन ्े वकतनव बडव फशय भर जवएगव? 33 तब िै ने उ्र वदयव, ये बवते कै्े और कब घरे गी? ािवरे िषय छोरे और बु रे कों ाै ? 34 और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक परिपरवन ्े अवरक उतविली न करनव; कोंवक उ्के ऊपर पहं िने के वलये तेरी उतविली वथय ाै , कोंवक तू बहत बढ गयव ाै । 35 कव रविय योंिे ्े लोग अपकी कोठरीिे इन बवतोंके विषय िे न पूछते थे, वक िै कब तक इ्ी आशव िे रहं गव? ािवरे पवतफल कव फल कब आएगव? 36 और परवन सगय दूत उरीएल ने उनको इन बवतोंकव उ्र वदयव, और काव, जब तुि िे बीज वगनती िे भर गए ाों तब भी; कोंवक उ् ने जगत को तरवजू िे तोलव ाै । 37 उ् ने ्ियोंको नवप ्े नवपव; और उ् ने कवल को वगनती ्े वगन वलयव; और जब तक उय उपवय पूरव न ाो जवए, तब तक िा उने वालवतव यव वालवतव नाीं। 38 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, पभु, ाि ्ब अपविततव ्े भरे हए ाै । 39 और ािवरे कवरण कदववितत पृयिी के रानेिवलोंके पवपोंके कवरण रविय योंकी िं वजले न भरी।ं 40 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक वक्ी गभयिती सी के पव् जव, और जब िा नर िाीने की ाो जवए तब उ् ्े पूछ, वक कव उ्के गभय िे बचे कव जन अवरक वदन तक बनव राे गव। 41 तब िै ने काव, नाीं ाे पभु, िा ऐ्व नाीं कर ्कती। और उ् ने िु झ ्े काव, कब िे पवणों की कोठररयवं सी के गभय के ्िवन ाै । 42 कोंवक जै ्े जचव सी प्ि पीडव ्े बिने के वलये उतविली करती ाै , िै ्े ाी ये सथवन भी उन कविों को पहं िवने िे उतविली करते ाै जो उने ्रंपव गयव ाै । 43 आरम ्े दे ि, जो कुछ तू दे िनव िवातव ाै िाी तुझे वदिवयव जवएगव। 44 तब िै ने उ्र वदयव, यवद तेरे अनुगा की दवष िु झ पर ाो, और ाो ्के, और इ् कवरण िै योग ाोऊं, 45 तो िु झे वदिव, वक जो बीत गयव, उ् ्े अवरक आनेिवलव ाै , यव जो बीत गयव, उ् ्े अवरक जो बीत िुकव ाै । 46 जो बीत गयव उ्े िै जवनतव हं , परनु जो आनेिवलव ाै उ्े िै नाीं जवनतव। 47 और उ् ने िु झ ्े काव, दववानी ओर िडव ाो, और िै उ्कव सरप तुझे ्िझवऊंगव। 48 तब िै िडव हआ, और कव दे िव, वक एक जलतव हआ तनदू र िे रे ्वमने ्े ाोकर गु जर राव ाै ; और जब आग बु झ गई, तब िै ने दवष की, और कव दे िव, वक रु आं अब भी बनव हआ ाै । 49 इ्के बवद एक जलिय बवदल िे रे ्वमने ्े ाोकर वनकलव, और आू री के ्वथ बहत िषवय बर्वई; और जब तूफवनी िषवय बीत गई, तब बूं दे खसथर राी।ं 50 तब उ् ने िु झ ्े काव, आप ाी वििवर कर; जै ्े िषवय बूं दों ्े अवरक ाै , और आग रु एू ्े अवरक ाै ; परनु बूू दे और रु आू पीछे रा गए: इ् पकवर जो िवतव बीत गई िा और भी अवरक ाो गई। 51 तब िै ने पवथयनव करके काव, कव िै उ् ्िय तक जीवित रा ्कतव हं ? यव उन वदनों िे कव ाोगव?
52 उ् ने िु झे उ्र वदयव, जो विन तू िु झ ्े पूछतव ाै , िै उनको कुछ तो बतव ्कतव हं , परनु तेरे पवण के विषय िे िै तुझे बतवने के वलये नाीं भेजव गयव हं ; कोंवक िै या नाीं जवनतव। अध्य 5 1 वफर भी जै ्े विन आते ाै , दे िो, ऐ्े वदन आएं गे , वक पृयिी के रानेिवले बडी ्ं खव िे ले वलए जवएं गे , और ्त कव िवगय वछप जवएगव, और दे श विशव् ्े बं जर ाो जवएगव। 2 परनु अरिय उ् ्े भी बढ जवएगव जो तू ने अब दे िव, िव बहत पवाले ्े ्ु नव ाै । 3 और वज् भूवि को तू अब जड पकडतव दे ितव ाै िा अिवनक उजडती हई दे िेगव। 4 परनु यवद परिपरवन तुझे जीवित राने दे , तो ती्री तुराी के बवद तू दे िेगव वक रवत को ्ू यय और वदन को तीन बवर िनिव ििकेगव। 5 और लकडी िे ्े लोह रपकेगव, और पतर ्े उ्कव श् वनकले गव, और लोग ववकुल ाोंगे; 6 और िा पभुतव करे गव, वज्की बवर जोाते हए पृयिी पर राते ाै , और प्ी एक ्ं ग उड जवएं गे ; 7 और ्दोविश ्िु ् ्े िछवलयवू वनकले गी, और रवत को ऐ्व श् ाोगव, वज्े बहत लोग न जवनते ाोंगे; परनु ्ब उ्कव श् ्ु नेगे। 8 और जगा-जगा ालव ििेगव, और आग बवर-बवर भडक उठे गी, और जं गली जवनिर अपनव सवन बदल ले गे, और रजसलव खसयवं रव््ों को जन दे गी। 9 और िीठे िे िवरव जल विले गव, और ्ब वित एक दू ्रे को नवश करे गे ; तब बु खू वछप जवएगी, और बु खू अपने गु र क् िे िली जवएगी, 10 और बहतों ्े ढू ं ढने पर भी न विलतव; तब अरिय और अ्ं यि पृयिी पर बहत बढ जवएं गे । 11 एक दे श दू ्रे दे श ्े पूछेगव, और काे गव, कव िा रिय जो िनुष को रि् बनवतव ाै , लु र ाो गयव? तुमवरे िवधि ्े ? और या काे गव, नाीं. 12 उ्ी ्िय िनुष आशव तो रिेगे, परनु कुछ न पवएं गे ; िे पररशि तो करे गे , परनु उनकी िवल ्फल न ाोगी। 13 िु झे ऐ्ी ाी वनशववनयवं तुझे वदिवने की आजव ाै ; और यवद तू वफर पवथयनव करे गव, और अब की भवू वत रोएगव, और कई वदन तक उपिव् करे गव, तो तू और भी बडी बवते ्ु नेगव। 14 तब िै जवग उठव, और िे रे ्वरे शरीर िे अतन भय ववर ाो गयव, और िे रव िन ववकुल ाो गयव, यावं तक वक िै िू वछय त ाो गयव। 15 तब जो दू त िु झ ्े बवते करने को आयव यव, उ् ने िु झे पकडकर शवखन दी, और पवं िोंके बल िडव वकयव। 16 और दू ्री रवत को ऐ्व हआ, वक पजव कव परवन ्लवतीएल िे रे पव् आकर काने लगव, तू कावं थव? और तेरव िु ि इतनव भवरी कों ाै ? 17 कव तू नाीं जवनतव, वक इसवएल बनु िवई के दे श िे तेरे िश िे ाो गयव ाै ? 18 ्ो तुि रोरी िवओ, और उ् िरिवाे के ्िवन ािे न तवगो जो अपनी भेड-बकररयों को कूर भेवडयोंके िश िे छोड दे तव ाै । 19 तब िै ने उ् ्े काव, िे रे पव् ्े ार जव, और िे रे वनकर न आ। और जो कुछ िै ने काव िा उ् ने ्ु न वलयव, और िे रे पव् ्े िलव गयव। 20 और इ् पकवर िै ने उरीएल दू त की आजव के अनु्वर विलवप करते और रोते हए ्वत वदन तक उपिव् वकयव।
21 और ्वत वदन के बवद ऐ्व हआ, वक िे रे िन कव वििवर वफर िु झे बहत दु :ि दे ने लगव। 22 और िे रे िन िे ्िझ की आतव वफर आ गई, और िै वफर परिपरवन ्े बवते करने लगव। 23 और काव, ाे पभु, पृयिी के ्ब िृ ्ोंऔर ्ब िृ ्ोंिे ्े तू ने एक ाी दविलतव को िुन वलयव ाै ; 24 और ्वरे जगत के ्ब दे शोंिे ्े तू ने एक गडाव, और उ्के ्ब फूलोंिे ्े एक ्ो्न कव फूल िुन वलयव। 25 और ्िु ् के ्ब गवारे सथवनोंिे ्े एक नदी को तू ने भर वलयव ाै ; और ्ब ब्वए हए नगरोंिे ्े तू ने व्योन को अपने वलये पवित कर वलयव ाै ; 26 और वजतने प्ी उतन हए उन िे ्े तू ने एक कबू तर रिव, और वजतने पशु उतन हए उन िे ्े एक भेड तू ने रि ली। 27 और तू ने ्वरी भीड के बीि िे एक जववत बनव ली; और इन लोगोंको, वजन ्े तू ने पेि रिव, तू ने ऐ्ी विसथव दी जो ्ब को भवती ाै । 28 और अब, ाे पभु, तू ने इ् एक को बहतों के ावथ िे कों कर वदयव? और एक ाी िू ल पर तू ने औरोंको तैयवर वकयव, और अपने एक ाी िं श को बहतोंिे कों वततर-वबतर वकयव ाै ? 29 और जो तेरी पवतजवओं ्े िु कर गए, और तेरी िविवओं की पतीवत नाीं करते थे, उनोंने उनको ररंद डवलव ाै । 30 यवद तू ने अपकी पजव ्े इतनव बै र रिव, तो कव तुझे अपके ाी ावथ ्े उनको दण दे नव िववाए? 31 जब िै ये बवते का िुकव, तो जो दू त वपछली रवत को िे रे पव् आयव, िा िे रे पव् भेजव गयव। 32 और िु झ ्े काव, िे री ्ु न, और िै तुझे व्िवऊंगव; जो कुछ िै कातव हं उ्े ्ु नो, और िै तुमे और भी बतवऊंगव। 33 और िै ने काव, ाे िे रे पभु, बोल। तब उ् ने िु झ ्े काव, तू इसवएल के कवरण िन िे बडव ववकुल ाोतव ाै ; कव तू उन लोगों्े उनके रिनेिवले ्े अवरक पेि रितव ाै ? 34 और िै ने काव, नाीं ाे पभु; परनु िै ने बडे दु :ि के विषय िे काव ाै ; कोंवक जब िै परिपरवन के िवगय को ्िझने, और उ्के नवय कव भवग ढू ं ढने कव पयर करतव हं , तब िे री लगवि पवत घडी िु झे दु :ि दे ती ाै । 35 और उ् ने िु झ ्े काव, तू नाीं कर ्कतव। और िै ने काव, कों, पभु? वफर िे रव जन कावं हआ? यव िे री िवू के गभय िे ाी िे री कब कों न हई, वक िै यवकूब कव कष, और इसवएल के पशुओं कव कवठन पररशि न दे ि पवतव? 36 और उ् ने िु झ ्े काव, जो बवते अब तक घरी नाीं, उने वगन ले, और जो कूडव इरर उरर वबिरव हआ ाै , उ्े ्िे र ले , और जो फूल िु रझव गए ाै उने वफर ्े ारव कर दे । 37 जो सथवन बन ाै उने िे रे वलये िोल दे , और जो ािवएं उन िे बन ाै उने िे रे वलये बवार ले आ, िु झे िवणी कव सरप वदिव; और तब िै जो कुछ तू जवननव िवातव ाै िा तुझ को बतवऊंगव। 38 और िै ने काव, ाे पभु, पभु, पभु, इन बवतों को करन जवन ्कतव ाै , परनु िा जो िनुषों के बीि िे न रातव ाो? 39 और िै तो वनबुय खू हं ; ्ो जो तू िु झ ्े पूछतव ाै , उ्के विषय िे िै कोंकर कहं ? 40 तब उ् ने िु झ ्े काव, जै ्े तू इन बवतोंिे ्े कुछ भी नाीं कर ्कतव, जो िै ने काव ाै , िै ्े ाी तू िे रव नवय, यव अन िे उ् पेि कव पतव नाीं लगव ्कतव, वज्कव ििन िै ने अपनी पजव ्े वदयव ाै । 41 और िै ने काव, ाे पभु, दे ि, कव तू अब भी उन लोगों के वनकर ाै जो अन तक बिे राे गे; और जो िु झ ्े पवाले थे, यव ाि जो अब ाै , यव जो ािवरे बवद आएं गे िे कव करे गे ?
42 और उ् ने िु झ ्े काव, िै अपनव नवय कडे के ्िवन कर ं गव; जै ्े पवाले िे वढलवई नाीं, िै ्े ाी पवाले िे फुत् नाीं। 43 इ्वलये िै ने उ्र वदयव, कव तू उने जो बन िुकव ाै और अभी बनव हआ ाै , और जो आनेिवलव ाै , तुरन नाीं बनव ्कतव; तववक आप अपनव वनणयय शीघ बतव ्के? 44 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक पवणी बनवनेिवले ्े अवरक उतविली न करे ; न ाी दु वनयव उने तुरंत पकड ्कती ाै जो उ्िे बनवई जवएगी। 45 और िै ने काव, जै ्व तू ने अपके दव् ्े काव यव; वक तू जो ्ब को वजलवतव ाै , उ् ने जो ्ृ षी तू ने बनवई, उ् को तुरन वजलव वदयव, और उ् ्ृ षी ने उ्े जन वदयव, िै ्े ाी अब भी िा उन को वजलवएगव। अब तुरन उपखसथत ाोइये। 46 और उ् ने िु झ ्े काव, सी के गभय ्े पूछ, और उ् ्े का, यवद तू ्नवन उतन करती ाै , तो एक ्वथ कों नाीं, परनु एक के पीछे एक करके उतन करती ाै ? इ्वलये उ््े पवथयनव करो वक िा द् ्नवन उतन करे n एक ाी बवर िे . 47 और िै ने काव, िा नाीं कर ्कती: िरन ्िय की दू री के कवरण अिश ाै । 48 तब उ् ने िु झ ्े काव, िै ्े ाी िै ने पृयिी की कोि उन को दी ाै जो उ् िे अपने अपने ्िय पर बोए जवते ाै । 49 कोंवक वज् पकवर छोरव बवलक बू ढों की िसु एं उतन नाीं कर ्कतव, उ्ी पकवर िै ने अपने रिे हए जगत को नष कर वदयव ाै । 50 और िै ने पूछव, वक अब तू ने िु झे िवगय दे वदयव ाै , इ्वलये िै तुझ ्े आगे बोलूं गव; कोंवक ािवरी िवतव, वज्के विषय िे तू ने िु झ ्े काव थव, वक िा जिवन ाै , अब बू ढी ाोने पर ाै । 51 उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक वक्ी गभयिती सी ्े पूछ, और िा तुझ ्े काे गी। 52 उ् ्े का, वक वजने तू ने अब वनकवलव ाै िे पवाले के ्िवन कों ाो गए, परनु कद िे छोरे ाै ? 53 और िा तुझे उ्र दे गी, वक जो जिवनी के ्िय िे जन ले ते ाै , िे एक रीवत के ाोते ाै , और जो बु ढवपे के ्िय, जब गभय रू र जवतव ाै , िे उतन ाोते ाै , िे दू ्री रीवत के ाोते ाै । 54 इ्वलये इ् पर भी वििवर करो, वक तुि जो तुि ्े पवाले थे, उन ्े कि कद के ाो। 55 और जो तुमवरे बवद तुमवरे बवद आते ाै , िे तुि ्े भी छोरे ाै , जै ्े िे पवणी जो अब बू ढे ाोने लगे ाै , और जिवनी की तवकत भी पवर कर िुके ाै । 56 तब िै ने काव, ाे पभु, िै तुझ ्े वबनती करतव हं , यवद तेरे अनुगा की दवष िु झ पर ाो, तो अपके उ् दव् को बतव, वज्के ्वरव तू अपनी ्ृ षी की ्ु वर ले तव ाै । अध्य 6 1 और उ् ने िु झ ्े काव, आरम िे , जब पृयिी बनी, और जगत की ्ीिवएं थिने ्े पवाले, िव पिने िलती थी ं, 2 इ््े पवाले वक बवदल गरजे और वबजली ििके, िव सगय की नेि डवली गई, 3 इ््े पाले वक ्ु नर फूल वदिवई पडते थे, िव िलती-वफरती शखययवू पगर ाोती थी ं, और सगय दूतों की अनवगनत भीड इकटी ाोती थी, 4 िव आकवश की िवपोंके नवि पवाले ्े पवाले ्े आकवश की ऊंिवइयवं ऊपर उठती थी,ं िव व्योन की वििवनयवं कभी जलती थी,ं 5 और जब ्े ितयिवन िष् की िोज की गई, और िव उन के आविषवर हए, वक अब पवप को िोड वदयव गयव, पवाले उन पर िु ार की गई, वक उनोंने भणवर के वलथे विशव् इकटव वकयव ाै :
6 तब िै ने इन बवतों पर वििवर वकयव, और िे ्ब िे रे ाी ्वरव, वक्ी और के ्वरव उतन नाीं हए: िे भी िे रे ाी ्वरव ्िवर ाोंगे, और वक्ी और के ्वरव नाीं। 7 तब िै ने उ्र वदयव, ्ियोंके अलग ाोने कव कव लवभ ाोगव? यव पवाले कव अन और उ्के बवद कव आरम कब ाोगव? 8 और उ् ने िु झ ्े काव, इबवाीि ्े इ्ावक तक, जब यवकूब और उ् ्े ए्वि उतन हए, तब यवकूब ने पाले ावथ ्े ए्वि की एडी को पकडव। 9 कोंवक ए्वि जगत कव अन ाै , और यवकूब उ्के पीछे कव आवद ाै । 10 िनुष कव ावथ एडी और ावथ के बीि िे ाै ; ाे एस्व, तू दू ्रव प् न पूछ। 11 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, पभु, यवद तेरे अनुगा की दवष िु झ पर ाो, 12 िै तुझ ्े वबनती करतव हं , वक तू अपने दव् को अपनी उन वनशववनयों कव अन वदिव दे , वजनकव भवग तू ने िु झे वपछली रवत को वदिवयव थव। 13 तब उ् ने िु झ ्े काव, अपके पवं िोंके बल िडव ाो, और ऊंिे श् कव श् ्ु न। 14 और या िवनो एक बडव आं दोलन ाोगव; परनु वज् सथवन पर तू िडव ाो, उ् सथवन ्े न ारनव। 15 इ्वलये जब िा बोले , तो ित डरनव; कोंवक ििन अन कव ाै , और पृयिी की नेि कव जवन ाो गयव ाै । 16 और कों? कोंवक इन िसु ओं की िवणी थरथरवती और ्वित ाोती ाै ; कोंवक िा जवनतव ाै , वक इन िसु ओं कव अन अिश बदल जवएगव। 17 और ऐ्व हआ, वक जब िै ने या ्ु नव, तो अपके पवं िोंके बल िडव हआ, और कवन लगवयव, और कव दे िव, वक कोई श् बोल राव थव, और उ्कव श् बहत जल के श् के ्िवन थव। 18 और उ् ने काव, दे ि, ऐ्े वदन आते ाै , वक िै वनकर जवकर पृयिी के रानेिवलोंकी ्ु वर लूं गव। 19 और उन ्े पूछनव आरम करे गे, वक िे करन ाै वजनोंने अपने अरिय ्े अनवय वकयव ाै , और व्योन कव दु :ि कब पूरव ाोगव; 20 और जब जगत, जो लु र ाोने को ाै , ्िवर ाो जवएगव, तब िै ये विन वदिवऊंगव: आकवश के ्वमने पुसके िोली जवएं गी, और िे ्ब एक ्वथ दे िेगे; 21 और एक-एक िषय के बवलक ऊंिे श् ्े बोले गे, और गभयिती खसयवं तीन यव िवर िाीने के बे िक बचे जनेगी, और िे जीवित राकर बडे वकए जवएं गे । 22 और जो िेत बोए गए थे िे अिवनक वबन बोए हए वदिवई दे गे, और भरे हए भणवर अिवनक ्ू ने पवए जवएं गे ; 23 और नरव्ं गे कव श् ाोगव, वज्े ्ु नकर ्ब एकवएक डर जवएं गे । 24 उ् ्िय वित शतु की नवईं एक दू ्रे ्े लडे गे, और पृयिी अपने रानेिवलों्िे त स् ाो जवएगी, और ्ोतों के ्ोते बन ाो जवएं गे , और तीन घडी तक न िले गे। 25 जो कोई इन ्ब बवतोंिे ्े जो िै ने तुि ्े काव ाै बि जवए, िा बि वनकले गव, और िे रव उूवर और तेरे जगत कव अन दे िेगव। 26 और जो िनुष गाण वकए जवएं गे , वजनोंने जन ्े िृ तु कव सवद नाीं ििव, िे इ्े दे िेगे; और वनिवव्यों कव िन बदल जवएगव, और दू ्रे अथय िे बदल जवएगव। 27 कोंवक बु रवई दू र की जवएगी, और छल कव अन वकयव जवएगव। 28 जावं तक विशव् की बवत ाै , िा फले गव-फूले गव, भषविवर दू र ाोगव, और ्त, जो बहत वदनों ्े वनषल राव ाै , घोवषत वकयव जवएगव।
29 और जब उ् ने िु झ ्े बवते की ं , दे िो, िै वज्के ्वमने िडव थव, उ् पर थोडी-थोडी दवष करतव राव। 30 और उ् ने िु झ ्े ये बवते काी;ं िै तुमे आने िवली रवत कव ्िय बतवने आयव हू । 31 यवद तू वफर भी पवथयनव करे , और ्वत वदन कव उपिव् करे , तो िै जो िै ने ्ु नव ाै , उ् ्े भी बडी बवते तुझे पवत वदन बतवऊंगव। 32 कोंवक तेरी िवणी परिपरवन के ्वमने ्ु नी जवती ाै ; कोंवक परवकिी ने तेरे रिय िय कवि को दे िव ाै , और तेरी पविततव को भी दे िव ाै , जो तू लडकपन ्े ले कर आज तक ाै । 33 इ्वलये उ् ने िु झे ये ्ब बवते तुझे वदिवने और या काने को भेजव ाै , वक ढवढ् रिो, और ित डरो। 34 और बीते वदनों के अनु्वर वथय बवते ्ोिने िे उतविली न करो, ऐ्व न ाो वक तुि बवद के वदनों िे उतविली करो। 35 और इ्के बवद ऐ्व हआ, वक िै वफर रोयव, और उ्ी रीवत ्े ्वत वदन तक उपिव् वकयव, वक जो तीन ्रवा उ् ने िु झ ्े काे थे उनको पूरव कर ं । 36 और आठिीं रवत को िे रव िन वफर ववकुल हआ, और िै परिपरवन के ्वमने बोलने लगव। 37 कोंवक िे रव िन बहत जल गयव, और िै ्ं कर िे पड गयव। 38 और िै ने काव, ाे पभु, तू ने तो ्ृ वष के आरम ्े , िरन पवाले वदन ्े ाी काव, और यों काव; सगय और पृथी बनवये; और तेरव ििन उ्ि कवि वनकलव। 39 और तब आतव पगर हई, और िवरों ओर अखनयवरव और ्नवरव छव गयव; िनुष की आिवज की धवन अभी तक नाीं बनी थी। 40 तब तू ने अपने भणवरों िे ्े उवजयवले को वनकलने की आजव दी, वक तेरव कवि पगर ाो। 41 दू ्रे वदन तू ने आकवशिणल की आतव बनवकर उ्े दो भवगों िे बवू रने, और जल के बीि दो भवग करने की आजव दी, वक एक तो ऊपर उठे , और दू ्रव नीिे राे । 42 ती्रे वदन तू ने आजव दी, वक जल पृयिी की ्वतिीं पृयिी पर इकटव वकयव जवए; और छ: पृयिी ्ु िवकर रि छोडव, वक उन िे ्े कुछ परिे शर की ओर ्े बोयव और जोतव जवए, और तेरे कवि आए। 43 कोंवक तेरव ििन फैलते ाी कवि पूरव ाो गयव। 44 कोंवक तुरन बहत ्े बडे और अनवगवनत फल, और बहत ्े और भवं वत भवं वत के सवद के ्ु ि, और न बदलने िवले रं ग के फूल, और अदभुत ्ु गन के फूल उग आए: और ती्रे वदन ऐ्व ाी हआ। 45 िरथे वदन तू ने आजव दी, वक ्ू यय ििके, और िवन कव पकवश ाो, और तवरे कि िे ाों; 46 और उने िनुष की ्े िव करने कव आदे श वदयव, जो वकयव जवनव थव। 47 पवं ििे वदन तू ने ्वतिे भवग ्े , जावं जल इकटव ाोतव थव, काव, वक उ् ्े जीवित पवणी, प्ी, और िछवलयवं उतन ाों; और िै ्व ाी ाो गयव। 48 कोंवक परिे शर की आजव ्े गूं गव जल और वनज्ि पवणी जीवित पवणी उतन हए, वक ्ब लोग तेरे आशययकि् की सु वत करे । 49 वफर तू ने दो जीवित पवणी ठारवए, एक कव नवि तू ने ानोक रिव, और दू ्रे कव ले विथवन; 50 और एक को दू ्रे ्े अलग वकयव, इ्वलये वक ्वतिवं भवग अथवय त जावं जल इकटव ाोतव थव, उन दोनों को न रोक ्के। 51 तू ने ानोक को एक भवग वदयव, जो ती्रे वदन ्ू ि गयव, वक िा उ्ी भवग िे वनिव् करे , वज् िे ाजवरों पाववडयवं ाै । 52 परनु तू ने वलबवतवन को ्वतिवं भवग अथवय तत गीलव भवग वदयव; और उ्े रि छोडव ाै , वक तू वज् ्े िवाे , और जब िवाे , तब उ्े फवड डवले ।
53 छठिे वदन तू ने पृयिी को आजव दी, वक िा तेरे ्वमने पशुओ,ं और घरे लू पशुओ,ं और रे गनेिवले जनुओं को उतन करे गी। 54 और इनके बवद आदि भी हआ, वज्े तू ने अपकी ्वरी ्ृ षी कव सविी ठारवयव; उ्ी ्े ाि ्ब वनकले , िरन िा पजव भी, वज्े तू ने िुन वलयव। 55 ाे याोिव, िै ने या ्ब तेरे ्वमने इ्वलये काव ाै , वक तू ने ािवरे वलये जगत बनवयव ाै 56 और और लोगोंके विषय िे जो आदि की ्नवन ्े आए, तू ने काव, वक िे कुछ नाीं, िरन थूकने के ्िवन ाै ; और उनकी बहतवयत को बतयन िे ्े वगरी हई बूं द के ्िवन ठारवयव ाै । 57 और अब, ाे पभु, दे िो, ये अनजववतयवं , जो कभी तुच ्िझी जवती थी,ं ाि पर पभुतव करने लगी ाै , और ािे वनगलने लगी ाै । 58 परनु ाि तेरी पजव के लोग, वजने तू अपनव पवालरठव, और अपनव एकलरतव, और अपनव पेिी कातव ाै , उनके िश िे कर वदए जवते ाै । 59 यवद जगत अब ािवरे वलये रिव गयव ाै , तो जगत िे ािवरव भवग कों न ाो? या कब तक ्ानव पडे गव? अध्य 7 1 और जब िै ये बवते का िुकव, तो जो सगय दूत वपछली रवत को िे रे पव् भेजव गयव यव, िा िे रे पव् भेजव गयव। 2 और उ् ने िु झ ्े काव, ाे एस्व्, उठ, और जो बवते िै तुझ ्े काने को आयव हं ्ु न। 3 और िै ने काव, ाे िे रे परिे शर, बोल। तब उ् ने िु झ ्े काव, ्िु ् िरडे सवन िे बनव ाै , इ्वलये िा गवारव और बडव ाो गयव ाै । 4 परनु पिे श ्वर ्ं करव और नदी के ्िवन थव; 5 वफर करन ्िु ् िे जवकर उ् पर दवष कर ्के, और उ् पर पभुतव कर ्के? यवद िा ्ं कीणय िे नाीं गयव, तो विसृ त िे कै्े आ ्कतव ाै ? 6 और भी एक बवत ाै ; एक नगर ब्वयव गयव, और िरडे िै दवन िे ब्वयव गयव, और ्ब अची िसु ओं ्े पररपूणय ाै ; 7 उ्कव पिे श ्वर ्करव ाै , और वगरने के भय ्े ऐ्व बनव ाै , िवनो दववानी ओर आग ाो, और बवईं ओर गवारव जल ाो: 8 और उन दोनों के बीि एक ाी िवगय , यावं तक वक आग और पवनी के बीि, इतनव छोरव वक केिल एक रवसव ाो ्कतव थव नाीं यवर तुरंत िावं जवओ. 9 यवद या नगर अब वक्ी िनुष को वनज भवग करने के वलथे वदयव गयव ाै , और िा इ्के ्वमने आए ितरे ्े कभी न भवगव, तो उ्े या वनज भवग कोंकर विले गव? 10 और िै ने काव, ाे पभु ऐ्व ाी ाै । तब उ् ने िु झ ्े काव, इसवएल कव भवग भी ऐ्व ाी ाै । 11 कोंवक िै ने उनी ं के वलये जगत को बनवयव; और जब आदि ने िे री विवरयोंकव उलंघन वकयव, तब जो आजव दी गई, िा अब पूरी ाो गई। 12 तब इ् जगत के ्वर ्ं करे , और दु :ि और कष ्े भरे हए कर वदए गए; िे थोडे ाी ाै , और बु रे ाै , और ्ं करों ्े भरे हए ाै , और बहत दु :िदवयी ाै । 13 कोंवक पविीन जगत के पिे श ्वर िरडे और दढ थे, और अिर फल लवते थे। 14 ्ो यवद जीवित लोग इन वनकमी और वथय िसु ओं िे पिे श करने के वलये पररशि न करे , तो जो कुछ उनके वलये रिव गयव ाै उ्े कदववप न पव ्केगे । 15 इ्वलये अब तू कों ववकुल ाोतव ाै , कोंवक तू तो नवशिवन िनुष ाै ? और तू कों नष ाो गयव, जबवक तू तो नशर ाै ?
16 तू ने अपने िन िे इ् ्िय की बवत को छोड, जो आनेिवली ाै , कों नाीं ्ोिी? 17 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, ाे पभु, तू ने अपनी विसथव िे या ठारवयव ाै , वक रि् इन िसु ओक ं े अवरकवरनेी ाों, परनु भखयाीन नवश ाों। 18 तरभी रि् ्ं कर िे तो दु :ि उठवएं गे , और दू र की आशव रिेगे; कोंवक वजनोंने दु षतव की ाै , िे दु :ि ाी तो उठवएं गे , तरभी दू र कव िुं ा न दे ि ्केगे । 19 और उ् ने िु झ ्े काव; परिे शर ्े बडव कोई नवयवरीश नाीं ाै , और ्ि्च ्े बढकर कोई भी ्िझ रिने िवलव नाीं ाै । 20 कोंवक बहत ्े लोग इ्ी जीिन िे नवश ाो जवते ाै , कोंवक िे परिे शर की उ् विसथव कव वतरसवर करते ाै जो उने दी गई ाै । 21 कोंवक परिे शर ने आनेिवलोंको ्ख आजव दी ाै , वक जै ्व िे आए ाै िै ्व ाी जीवित राने के वलये कव करे , और दण ्े बिने के वलये वक् बवत कव पवलन करे । 22 तरभी उनोंने उ्की आजव न िवनी; परनु उ्के विरू बवते की,ं और वथय बवते कलनव की;ं 23 और अपने बु रे कविोंके ्वरव अपने आप को रोिव वदयव; और परिपरवन के विषय िे काव, वक िा नाीं ाै ; और उ्की िवल नाीं जवनतव थव; 24 परनु उनोंने उ्की विसथव को तुच जवनव, और उ्की िविवओं को तुच जवनव ाै ; िे उ्की विवरयोंपर विशव्योग नाीं राे , और उ्के कवि नाीं वकए। 25 और इ्वलए, एसड्व्, िवली के वलए िवली िीजे ाै , और भरे हए के वलए पूरी िीजे ाै । 26 दे ि, िा ्िय आएगव, वक ये विन जो िै ने तुझ ्े काव ाै पूरे ाोंगे, और दु लन पकर ाोगी, और जो अब पृयिी पर ्े वनकवली गई ाै , वदिवई दे गी। 27 और जो कोई उपरोय बु रवइयों ्े छु रकवरव पवएगव िा िे रे आशययकिय दे िेगव। 28 कोंवक िे रव पुत यीशु अपने ्ववथयोंके ्वय पगर ाोगव, और जो बिे राे गे िे िवर ्र िषय तक आनन करे गे । 29 इन िष् के बवद िे रव पुत ि्ीा, और ्ब पवणी जो जीवित ाै , िर जवएं गे । 30 और जगत पवाले नवय के ्िवन ्वत वदन के वलये खविोशी िे बदल जवएगव, यावं तक वक कोई भी न बिेगव। 31 और ्वत वदन के बवद जगत िे जो अब तक नाीं जवगे गव, िा उठ िडव ाोगव, और जो भष ाो िा िर जवएगव। 32 और पृयिी अपने िे ्ोए हओं को फेर दे गी, और रू ल उनको जो िुपिवप ब् गए ाै , और गु र सथवन उन पवणों को बिव ले गे जो उनको ्रंपे गए ाै । 33 और परिपरवन नवय आ्न पर पकर ाोगव, और दु ि दू र ाो जवएगव, और लं बे ्िय की पीडव कव अं त ाो जवएगव: 34 परनु नवय कवयि राे गव, ्त खसथर राे गव, और विशव् दढ राे गव; 35 और कवि कव पवलन वकयव जवएगव, और पवतफल वदिवयव जवएगव, और अचे किय पभविशवली ाोंगे, और दु ष कि् पर शव्न न वकयव जवएगव। 36 तब िै ने काव, पवाले इबवाीि ने ्दोवियोंके वलये और िू ्व ने उन बवपदवदोंके वलये जो जं गल िे पवप करते थे पवथयनव की। 37 और आकवन के ्िय िे यीशु इसवएल की ओर ्े उ्के पीछे ाो वलयव; 38 और विनवश के वलथे शिू एल और दवऊद, और पवितसथवन िे आनेिवलोंके वलथे ्ु लैिवन। 39 और िे ा बर्वनेिवलोंके वलथे ाे वलयव्; और िरे हओं के वलये, वक िा जीवित राे :
40 और ्ने रीब के ्िय िे लोगोंकी ओर ्े वाजवकयवा, और बहतोंके वलथे बहत। 41 ्ो अब भी जब दे िव वक वबगवड बढ गयव ाै , और दु षतव बढ गई ाै , और रि् दु षों के वलये पवथयनव करने लगे , तो अब भी ऐ्व कों न ाो? 42 उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक या ितयिवन जीिन अन नाीं ाै , जावं बडी िवािव बनी राे गी; इ्वलए उनोंने किजोरों के वलए पवथयनव की ाै । 43 परनु विनवश कव वदन इ् ्िय कव अन ाोगव, और आनेिवले अिरत कव आरम ाोगव, वज् िे विनवश विर जवएगव, 44 अ्ं यि कव अन ाो जवतव ाै , विशव्घवत कव नवश ाोतव ाै , रिय बढतव ाै , और ्चवई उगती ाै । 45 तब कोई नवश वकए हए को बिव न ्केगव, और जो जय को पवर ाो उ् पर अने र कर ्केगव। 46 तब िै ने उ्र वदयव, या िे री पवाली और अखनि बवत ाै , वक या भलव ाोतव, वक आदि को पृयिी न दी जवती; नाीं तो जब िा दी गई, तो उ्े पवप करने ्े रोक दे तव। 47 कोंवक इ् ्िय िनुष को कष िे राने और िरने के बवद दण की आशव करने ्े कव लवभ? 48 ाे आदि, तू ने कव वकयव ाै ? यदवप तू ाी ने पवप वकयव ाै , तरभी तू अकेलव नाीं, परनु ाि ्ब जो तुझ ्े उतन हए ाै , पवप िे वगरे ाै । 49 कोंवक यवद ाि ्े अिर ्िय की पवतजव की जवए, तो ािे कव लवभ कव ाि ने िे कवि वकए ाै जो िृ तु लवते ाै ? 50 और ाि ्े अनन आशव की पवतजव की गई ाै , और ाि तो बडे ाी दु ष ाोकर वथय ठारे ाै ? 51 और ािवरे वलथे सवव और वनडरतव के घर तैयवर वकए गए ाै , और ाि दु षतव ्े जी राे ाै ? 52 और परिपरवन की िवािव उनकी र्व के वलये बनी राती ाै , वजनोंने ्विरवन जीिन वतीत वकयव ाै , जबवक ाि ्ब ्े अवरक बु रे िवग् पर िले ाै ? 53 और िावं एक ऐ्व सगय वदिवयव जवए, वज्कव फल ्िय दव बनव राे , वज् िे ्ु र्व और औषवर ाै , कोंवक ाि उ् िे पिे श करने न पवएं गे ? 54 (कोंवक ाि अवपय सथवनों िे िले ाै ।) 55 और उन लोगों के िेारे जो पराे जगवर ाै तवरों ्े अवरक ििकेगे , और ािवरे िेारे अखनयवरे ्े भी अवरक कवले ाोंगे? 56 कोंवक जब तक ाि जीवित राे , और अरिय करते राे , तो या नाीं ्ोिव, वक िरने के बवद उ्कव फल भोगे । 57 तब उ् ने िु झे उ्र दे कर काव, युू की रीवत या ाै , वक जो िनुष पृयिी पर उतन ाो िा लडे गव; 58 वक यवद िा जीत जवए, तो तेरे काने के अनु्वर दु ि उठवए; परनु यवद िा जीत जवए, तो जो कुछ िै कातव हं , िा िवन ले गव। 59 कोंवक या िा जीिन ाै , वज्के विषय िे िू ्व ने अपने जीवित राते लोगों्े काव यव, वक जीिन को ाी िुन लो, वक तुि जीवित राो। 60 तरभी न उनोंने उ् की पतीवत की, और न उ्के बवद के भविष्यवओं की, और न िु झ की, वजनोंने उन ्े बवते की। 61 वक उनके नवश िे इतनव भवरीपन न ाो, वजतनव उूवर की आशव करनेिवलों को आनन ाोगव। 62 तब िै ने उ्र वदयव, ाे पभु, िै जवनतव हं , वक परिपरवन दयवलु कालवतव ाै , वक िा उन पर भी दयव करतव ाै जो अब तक जगत िे नाीं आए। 63 और उन पर भी जो उ्की विसथव की ओर वफरते ाै ; 64 और िा रै ययिवन ाै , और अपने पववणयों की नवईं पवप करने िवलों को रीरज ररतव ाै ; 65 और िा उदवर ाै , कोंवक जावं जररत ाो िा दे ने को तैयवर ाै ;
66 और िा बडव दयवलु ाै , कोंवक िा ितयिवन, और भूतकवल, और आनेिवले पर भी बहत अवरक दयव करतव ाै । 67 कोंवक यवद िा अपनी दयव न बढवए, तो ्ं ्वर अपने उ्रववरकवररयों के ्वथ बनव न राे गव। 68 और उ् ने ्िव वकयव; कोंवक यवद उ् ने अपनी भलवई के अनु्वर ऐ्व न वकयव, वक अरिय करनेिवलोंको उन ्े छु रकवरव विले , तो िनुषोंकव द् ाजवरिवू भवग भी जीवित न बिेगव। 69 और नवयी ाोकर यवद िा उन को झिव न करे जो उ्के ििन ्े िंगे ाो गए, और बहत ्े झगडों को दू र न कर दे , 70 अ्ं ख भीड िे बहत कि ्वा् शेष रा जवनव िववाए। अधवय 8 1 और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक परिपरवन ने या जगत तो बहतोंके वलये बनवयव, परनु आनेिवलव जगत थोडे ाी लोगोंके वलये बनवयव ाै । 2 ाे एस्व्, िै तुझे एक उपिव बतवऊंगव; जै ्े जब तू पृयिी ्े पूछेगव, तब िा तुझ ्े काे गी, वक विटी के बतयन तो ्वं िे िे बहत ढलते ाै , परनु विटी िे बहत कि ्ोनव वनकलतव ाै ; इ्ी पकवर इ् ितयिवन ्ं ्वर की रीवत भी ाै । 3 ्ृ जे गए बहत ाै , परनु उूवर थोडे ाी वकयव जवएगव। 4 िै ने उ्र वदयव, ाे िे रे िन, ्िझ, ्ो वनगल जव, और बु खू को वनगल जव। 5 कोंवक तू कवन लगवने को तैयवर ाै , और भविष्वणी करने को तैयवर ाै ; कोंवक जीवित राने को छोड तेरे पव् अब कुछ भी नाीं बिव। 6 ाे पभु, यवद तू अपने दव् को या न दे , वक ाि तेरे ्वमने पवथयनव करे , और तू ािवरे िन के अनु्वर बीज, और ािवरी ्िझ के अनु्वर ्ं सवर दे , वक उ्कव फल वनकले ; जो िनुष भष ाै , और िनुष कव पद रवरण करतव ाै , िा वक् रीवत ्े जीवित राे गव? 7 कोंवक तू अकेलव ाै , और ाि ्ब तेरे ावथ की बनी हई िसु एं ाै , जै ्व तू ने काव ाै । 8 कोंवक जब शरीर िवतव के गभय िे बनतव ाै , और तू उ्के अं ग दे तव ाै , तब तेरी ्ृ षी आग और जल िे रव्त राती ाै , और तेरी बनवई हई ्ृ षी जो उ्िे उतन ाोती ाै , नर िाीने तक जीवित राती ाै । 9 परनु जो ्ु रव्त रिव जवतव ाै और रिव जवतव ाै , िा दोनों ्ु रव्त रिव जवएगव: और ्िय आने पर गभय अपने िे पले हए को ्रंप दे तव ाै । 10 कोंवक तू ने शरीर के अं गों ्े अथवय तत सनों ्े दू र दे ने की आजव दी ाै , जो सनों कव फल ाै । 11 वक जो िसु गढी गई ाै , िा जब तक तू उ् पर दयव न करे , तब तक उ्कव पवलन पोषण ाोतव राे । 12 तू ने उ्े अपने रिय ्े पवलव, और अपनी विसथव के अनु्वर बडव वकयव, और अपने नवय ्े उ्े ्ु रवरव। 13 और अपके पवणी के ्िवन उ्े घवत करनव, और अपके कवि के ्िवन उ्े वजलवनव। 14 इ्वलये यवद तू उ्े नवश करे गव, जो बडे पररशि ्े रिव गयव ाै , तो तेरी आजव ्े ठारवयव जवनव आ्वन बवत ाै , वक जो िसु बनवई गई ाै िा बनी राे । 15 इ्वलये अब, ाे पभु, िै बोलूं गव; आि तरर पर िनुष को छूनव, आप ्ब्े अची तरा जवनते ाै ; परनु तेरी पजव को छू राव हं , वज्के कवरण िु झे िेद ाै ; 16 और तेरे वनज भवग के वलथे िै विलवप कर ं गव; और इसवएल के वलथे िै भवरी हं ; और यवकूब के वलये िै ववकुल हं ;
17 इ्वलथे िै अपके वलथे और उनके वलथे तेरे ्वमने पवययनव कर ं गव; कोंवक िै ाि लोगोंको जो इ् दे श िे राते ाै उनकी ाववन दे ितव हं । 18 परनु िै ने आनेिवले नवयी की फुत् ्ु नी ाै । 19 इ्वलये िे री ्ु नो, और िे री बवते ्िझो, और िै तुमवरे ्वमने बोलूं गव। या एसड्व् के श्ों की शुरआत ाै , उ्के ऊपर उठवए जवने ्े पाले : और िै ए् ्ावयतव, 20 ाे पभु, तू जो अनन कवल िे वनिव् करतव ाै , जो आकवश और िवयु िे ्ब कुछ ऊपर ्े दे ितव ाै ; 21 वज्कव व्ं ाव्न अतुलनीय ाै ; वज्की िवािव ्िझी न जव ्के; वज्के ्विने सगय दूतों की ्े नव थरथरवती हई िडी ाै , 22 वज्की ्े िव िवयु और आग ्े पररवित ाो; वज्कव ििन ्त ाै , और बवते खसथर ाै ; उ्की आजव दढ और विवर भययोग ाै ; 23 वज् की दवष ्े गवारे सथवन ्ू ि जवते, और जलजलवार ्े पावड वपघल जवते ाै ; जो ्त गिवाी दे तव ाै : 24 ाे अपने दव् की पवथयनव ्ु न, और अपने पवणी की वबनती की ओर कवन लगव। 25 कोंवक जब तक िै जीवित रहं गव, तब तक बोलतव रहं गव, और जब तक िै ्िझूंगव तब तक उ्र दे तव रहं गव। 26 अपकी पजव के पवपोंपर दवष न कर; परनु उन पर जो ्चवई ्े तेरी ्े िव करते ाै । 27 अनजववतयों की दु ष युखययोंपर धवन न दे , परनु जो केशोंिे तेरी वितरवनयोंको िवनते ाै , उनकी लवल्व पर धवन दे । 28 जो तेरे ्वमने कपर की िवल िलते थे, उन पर धवन न कर; परनु उनको सरण कर, जो तेरी इचव के अनु्वर तेरे भय को जवन ले ते ाै । 29 जो पशु के ्िवन राते ाै उनको नवश करनव तेरी इचव न ाो; परनु उन पर दवष करनव वजनोंने तेरी विसथव सष रीवत ्े व्िवई ाै । 30 जो पशु ्े भी बदतर ्िझे जवते ाै उन पर कोर न करनव; परनु उन ्े पेि रिो जो ्दै ि तेरे रिय और िवािव पर भरो्व रिते ाै । 31 कोंवक ाि और ािवरे बवप-दवदव ऐ्े रोगों ्े ्ू िते राते ाै ; परनु ाि पववपयोंके कवरण तू दयवलु कालवएगव। 32 कोंवक यवद तू ाि पर दयव करनव िवाे , तो ाि पर, अथवय तत वजन लोगों ने रिय के कवि नाीं वकए, दयवलु कालवएगव। 33 कोंवक जो रि् तुझ ्े बहत भले कवि करते ाै , िे अपने ाी कविों के अनु्वर पवतफल पवएं गे । 34 िनुष कव ाै , वक तू उ् पर कोर करे ? यव नवशिवन पीढी कव ाै , वक तू उ्के पवत इतनव कडुआ ाो? 35 कोंवक जो उतन हए ाै उन िे ्े ्ििु ि िनुष कोई नाीं, परनु उ् ने दु षतव की ाै ; और ईिवन िवलों िे ्े कोई ऐ्व नाीं वज्ने गलती न की ाो। 36 कोंवक ाे याोिव, इ्ी ्े तेरव रिय और भलवई पगर ाोगी, यवद तू उन पर दयव करे गव जो भले कविों पर भरो्व नाीं रिते। 37 तब उ् ने िु झे उ्र दे कर काव, कुछ बवते तू ने ठीक काी ाै , और तेरे ििन के अनु्वर ाी ाोगव। 38 कोंवक िै उन लोगों के सभवि पर वििवर नाीं कर ं गव, वजनोंने िृ तु ्े पवाले , नवय ्े पवाले , और विनवश ्े पवाले पवप वकयव ाै । 39 परनु िै रविय यों के सभवि पर आनन कर ं गव, और उनके तीथययवतव, और उूवर, और पवतफल को, जो उने विले गव, सरण कर ं गव। 40 जै ्व िै ने अब काव ाै , िै ्व ाी ाो जवएगव। 41 कोंवक जै ्े वक्वन भूवि पर बहत बीज बोतव, और बहत ्े िृ ् लगवतव ाै , तरभी जो कुछ अचव ्िय पर बोयव जवतव ाै , िा नाीं उगतव, और जो कुछ बोयव जवतव ाै , िा जड नाीं पकड पवतव; िै ्व
ाी बोए गए लोगों कव ाोतव ाै । इ् दु वनयव िे ; िे ्भी नाीं बिवये जवयेगे. 42 तब िै ने उ्र वदयव, यवद िु झ पर अनुगा हआ ाो, तो बोलूं । 43 जै ्े वक्वन कव बीज यवद न उगे , और ्िय पर िषवय न ाो, तो िा नवश ाो जवतव ाै ; यव यवद बहत अवरक िषवय ाो और िा जल को नष कर दे , 44 िै ्े ाी िनुष भी जो तेरे ावथ कव बनवयव हआ और तेरव सरप कालवतव ाै , इ्ी रीवत ्े नवश ाोतव ाै , कोंवक तू उ्के ्िवन ाै , वज्के वलये तू ने ्ब कुछ बनवयव, और उ्की तुलनव वक्वन के िं श ्े की। 45 ाि पर कोर न कर, परनु अपनी पजव पर दयव कर, और अपने वनज वनज भवग पर दयव कर; कोंवक तू अपनी ्ृ वष पर दयवलु ाै । 46 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, जो कुछ ितयिवन िे ाै िा ितयिवन के वलये ाै , और जो कुछ आने िवलव ाै िा आनेिवले के वलये ाै । 47 कोंवक तू िु झ ्े अवरक िे री ्ृ जी हई िसु ्े पेि करने िे अ्िथय ाै ; परनु िै बवरमवर तेरे और उ्के वनकर तो आयव हं , परनु अरविय यों के पव् कभी नाीं आयव। 48 इ् िे भी तू परिपरवन के ्वमने अदत भुत ाै ; 49 इ् ्े तू ने अपने आप को दीन वकयव ाै , जै ्व तुझे ाोनव िववाए, और अपने आप को इ् योग नाीं ्िझव वक रविय यों के बीि अवरक िवािव ाो। 50 कोंवक जो लोग अन िे जगत िे बने राे गे, उन पर बहत बडी विपव्यवं डवली जवएं गी, कोंवक िे बडे घिण ्े िलते राे ाै । 51 परनु अपने ाी विषय िे ्िझो, और अपने तुलों के वलये िवािव की िोज करो। 52 कोंवक तुमवरे वलये सगय िोलव गयव ाै , जीिन कव िृ ् लगवयव गयव ाै , आने िवलव ्िय तैयवर वकयव गयव ाै , पिुरतव तैयवर की गई ाै , एक नगर ब्वयव गयव ाै , और विशवि की अनुिवत दी गई ाै , ावं , उ्ि भलवई और बु खू दी गई ाै । 53 बु रवई की जड तुझ ्े वछपव दी गई ाै , दु बयलतव और कीडव तुझ ्े वछपव रिव गयव ाै , और बु रवई भूले जवने के वलथे नरक िे डवल दी गई ाै । 54 दु ि दू र ाो जवते ाै , और अं त िे अिरतव कव िजवनव पकर ाोतव ाै । 55 और इ्वलये तू उन नवश ाोनेिवलोंकी बहतवयत के विषय िे वफर कोई प् न पूछनव। 56 कोंवक जब िे सतंत हए, तो उनोंने परिपरवन कव वतरसवर वकयव, और उ्की विसथव कव वतरसवर वकयव, और उ्के िवगय को तवग वदयव। 57 और उनोंने उ्के रिय को ररंद डवलव ाै , 58 और अपने िन िे काने लगे , वक परिे शर ाै ाी नाीं; ावू , और या जवनते हए भी वक उने िरनव ाोगव। 59 कोंवक जै ्व ऊपर काव गयव ाै िा तुमे गाण करे गव, िै ्े ाी उनके वलये पव् और पीडव तैयवर ाै ; कोंवक उ्की इचव न थी, वक िनुष नवश ाो जवएं । 60 परनु जो ्ृ जे गए, उनोंने वकयव उनोंने अपने रिवयतव के नवि को अशुू वकयव, और वज् ने उनके वलये जीिन तैयवर वकयव उ्के पवत कृतघ राे । 61 और इ्वलये िे रव नवय अब वनकर ाै । 62 ये बवते िै ने ्ब िनुषों को नाीं, परनु तुि को और तुमवरे ्िवन वकतने लोगों को वदिवई ाै । तब िै ने उ्र वदयव और काव, 63 दे ि, ाे पभु, अब तू ने िु झे बहत ्े आशययकिय वदिवए ाै , जो तू अन के ्िय िे करनव आरम करे गव; परनु वक् ्िय करे गव, या तू ने िु झे नाीं वदिवयव।
अध्य 9 1 उ् ने िु झे उ्र वदयव, और काव, ्िय को अपके आप िे भलीभवं वत िवप लो; और जब तुि वपछले विनों िे ्े कुछ को दे िो, जो िै ने तुि ्े पवाले काव ाै , 2 तब तू ्िझ ले गव, वक या िाी ्िय ाै , वज् िे परिपरवन उ् जगत कव दशयन करनव आरम करे गव वज्े उ्ने बनवयव ाै । 3 इ्वलये जब जगत िे भूकम और लोगों कव कोलवाल दे िव जवएगव; 4 तब तू भलीभवं वत ्िझ ले गव, वक परिपरवन ने जो बवते तुझ ्े पवाले ्े िरन आरम ्े आरम तक की ाै , उन ्ब के विषय िे काव ाै । 5 कोंवक जै ्े जगत िे जो कुछ उतन हआ ाै , उ्कव आवद और अन ाै , और अन पगर ाै ; 6 इ्ी पकवर परिपरवन के ्िय कव भी सष आरम आशयय और ्विथ् कविों ्े ाोतव ाै , और पभवि और विनों ्े अन ाोतव ाै । 7 और जो कोई अपने कविों और उ् विशव् के कवरण वज् पर तुि ने विशव् वकयव ाै , उूवर पवएगव, और बि ्केगव, 8 िे उय ्ं करों ्े बिे राे गे, और अपने दे श िे और अपनी ्ीिवओं के भीतर िे रव उूवर दे िेगे; कोंवक िै ने आरम ाी ्े उने अपने वलये पवित वकयव ाै । 9 तब जो लोग िे रे िवलिलन कव अपिवन करते ाै , िे अभवगे ाोंगे; और वजनों ने उनको ्े ष करके तवग वदयव ाै , िे यवतनव िे पडे राे गे। 10 कोंवक वजतनों ने अपने जीिन िे लवभ उठवयव, और िु झे नाीं जवनव; 11 और जब तक िे सतंत नाीं राे , और जब तक उनके वलये िन वफरवि कव ्वर िुलव राव, तब तक उनोंने िे री विसथव ्े घृणव की, परनु उ्े न ्िझव, िरन उ्कव वतरसवर वकयव; 12 िाी पीडव ्े िरने के बवद इ्े जवन ले । 13 और इ् कवरण या न जवननव, वक दु षोंको वक् पकवर दण वदयव जवएगव, और कब; परनु या पूछो, वक रि् लोग वक् पकवर उूवर पवएं गे , जगत वक्कव ाै , और जगत वक्के वलये रिव गयव ाै । 14 तब िै ने उ्र दे कर काव, 15 िै पवाले भी का िुकव हं , और अब भी कहं गव, और आगे भी कहं गव, वक जो बि जवएं गे उन ्े अवरक नवश ाोनेिवले ाै । 16 जै ्े लार बूं द ्े बडी ाोती ाै । 17 और उ् ने िु झे उ्र वदयव, वक जै ्व िेत ाै , िै ्व ाी बीज भी ाै ; जै ्े फूल ाोंगे, िै ्े ाी रं ग भी ाोंगे; जै ्व किय करने िवलव ाै , िै ्व ाी कवयय भी ाै ; और जै ्व वक्वन आप ाै , िै ्व ाी उ्कव पवत भी ाै : कोंवक जगत कव ्िय आ गयव ाै । 18 और अब जब िै ने उ् जगत को जो उ् ्िय तक नाीं बनव यव, उ् िे अब जीवितों के राने के वलये तैयवर वकयव, तो वक्ी ने िे रे विरोर िे कुछ नाीं काव। 19 कोंवक तब तो ्ब िवनते थे, परनु अब इ् जगत िे जो ्ृ जे गए ाै , उनकव िवलिलन ्नवतन िं श के ्वरव वबगड जवतव ाै , और अगम विसथव के ्वरव िे अपने आप को छु डव ले ते ाै । 20 ्ो िै ने जगत पर वििवर वकयव, और कव दे िव, वक जो युखययवं उ् िे घु्ी ाै , उनके कवरण ्ं कर ाै । 21 और िै ने दे िव, और उ्को बहत बिव वलयव, और गु चे िे ्े एक दवि, और बहत जववत के लोगोंके बीि िे ्े एक पररव अपने वलये रि वलयव। 22 ्ो िा भीड वज्कव जन वथय हआ, नवश ाो; और िे री दवि और िे रव पररव बिव राे ; कोंवक िै ने बडे पररशि ्े उ्े व्ू वकयव ाै । 23 तरभी यवद तू ्वत वदन तक और उपिव् न करनव िवाे ,
24 परनु फूलों के िेत िे जवकर, जावं कोई घर न बनव ाो, और िै दवन के फूल ाी िवओ; िवं ् कव सवद न ििे, शरवब न वपये, केिल फूल िवये;) 25 और परिपरवन ्े वनरनर पवथयनव वकयव करो, तब िै आकर तुझ ्े बवते कर ं गव। 26 इ्वलये िै उ् की आजव के अनु्वर अदय थ नवि िै दवन िे िलव गयव; और िावं िै फूलों के बीि बै ठव, और िेत की ्ख्यवू िवईं, और उनके िवं ् ्े िु झे तृखर विली। 27 ्वत वदन के बवद िै घव् पर बै ठव, और िे रव िन पवाले के ्िवन ववकुल ाो गयव; 28 और िै ने अपनव िुं ा िोलकर परिपरवन के ्वमने बवते करनव आरम वकयव, और काव, 29 ाे याोिव, तू जो अपने आप को ाि पर पगर करतव ाै , तू ािवरे पुरिवओं को विस ्े वनकलते ्िय जं गल िे , अथवय त बं जर सथवन िे , जावं कोई पवं ि नाीं रितव थव पगर हआ। 30 और तू ने काव, ाे इसवएल िे री ्ु न; और ाे यवकूब के िं श, िे रे ििन पर धवन दे । 31 कोंवक दे ि, िै अपनी विसथव तुि िे बोतव हं , और िा तुि िे फल लवएगी, और तुि उ्के ्वरव ्िय दव आदर पवते राोगे । 32 परनु ािवरे पुरिवओं ने वजनको विसव दी, उनोंने न िवनी, और न तेरे वनयिोंको िवनव; और यदवप तेरी विसव कव फल नवश न हआ, और न ाो ्कव, कोंवक िा तो तेरी ाी दे न थी; 33 तरभी वजनों ने उ्े पवयव, िे नवश ाो गए, कोंवक जो कुछ उन िे बोयव गयव थव, उ्े उनोंने न रिव। 34 और दे िो, या रीवत ाै , वक जब भूवि िे बीज, यव ्िु ् िे कोई जावज, यव वक्ी जावज िे िवं ् यव पेय विलव ाो, और वज् िे िा बोयव यव डवलव गयव, िा नवश ाो जवतव ाै , 35 और जो कुछ बोयव गयव, यव डवलव गयव, यव पवर वकयव गयव, िा नवश ाो जवतव ाै , और ािवरे पव् नाीं रातव; परनु ािवरे ्वथ ऐ्व नाीं हआ। 36 कोंवक ाि वजजनोंने विसव पवई ाै , िे पवप ाी ्े नवश ाोते ाै , और ािवरव िन भी वजज्ने उ्े वजकयव, पवप ाी ्े नवश ाो जवते ाै 37 तरभी विसथव नवश नाीं ाोती, िरन बनी राती ाै उ्कव बल. 38 और जब िै ने ये बवते अपने िन िे काी, तब िै ने पीछे वफरकर दववानी ओर एक सी को दे िव, और कव दे ितव हं , वक िा विलवप करती और ऊंिे श् ्े रोती ाै , और िन िे बहत उदव् ाो राी ाै । कपडे वकरवए के थे, और उ्के व्र पर रवि थी। 39 तब िै ने अपनव वििवर जो िै िे यव, जवने वदयव, और िु झे उ्की ओर फेर वदयव, 40 और उ् ्े काव, तू कों रोती ाै ? तू िन िे इतनव दु ःिी कों ाै ? 41 और उ् ने िु झ ्े काव, ाे पभु, िु झे छोड दे , वक िै विलवप करके अपनव दु :ि बढवऊं, कोंवक िै िन िे बहत कोवरत ाो गई हं , और बहत उदव् ाो गई हं । 42 और िै ने उ् ्े काव, तुझे कव हआ? िु झे बतवओ। 43 उ् ने िु झ ्े काव, िै तेरी दव्ी बवं झ हं , और िे रे पवत को ती् िषय ाो गए, तरभी िे रे कोई ्नवन न हई। 44 और उन ती् िष् िे िै ने वदन और रवत, और ार घंरे और कुछ नाीं वकयव, केिल परिपरवन ्े पवथयनव की। 45 ती् िषय के बवद परिे शर ने िे री ्ु न ली, जो तेरी दव्ी थी, उ्ने िे री ्ु न ली, और िे रे दु ि पर दवष की, और िे रे ्ं कर पर वििवर वकयव, और िु झे एक पुत वदयव; और िै और िे रव पवत, और िे रे ्ब पडो्ी भी उ् ्े बहत प्न हए, और ाि ने उ्कव बडव आदर वकयव। ्िय शखयिवन। 46 और िै ने बडे कष ्े उ्कव पवलन-पोषण वकयव।
47 ्ो जब िा बडव हआ, और उ्के परी उतन करने कव ्िय आयव, तो िै ने जे िनवर की। अध्य 10 1 और ऐ्व हआ, वक जब िे रव पुत वििवा के घर िे गयव, तो वगरकर िर गयव। 2 तब ाि ्ब ने ब्ी बु झव दी, और िे रे ्ब पडो्ी िु झे शवखन दे ने के वलथे उठे ; इ् पकवर िै ने दू ्रे वदन की रवत को विशवि वकयव। 3 और ऐ्व हआ, वक जब िे ्ब िु झे शवखन दे ने को िले गए, तब िै अन तक शवन राव; तब िै रवत को उठकर भवगव, और जै ्व तू दे ि राव ाै , इ् िै दवन िे आ गयव। 4 और अब िै ने ठवनव ाै , वक नगर िे न लररू ं , परनु याी ं रहं , और न िवऊं, न पीऊं, परनु जब तक िर न जवऊं, तब तक विलवप करतव और उपिव् करतव रहं । 5 तब िै ने जो धवन वकयव यव, िा छोड वदयव, और कोर िे आकर उ् ्े काव; 6 ाे ्ब ्े अवरक िू िय सी, कव तू ािवरव विलवप नाीं दे िती, और ािे कव ाोतव ाै ? 7 ािवरी िवतव व्योन वक् कवरण बहत भवरी और दीन ाै , और बहत बडे दु ःि ्े विलवप करती ाै ? 8 और अब या दे िकर, वक ाि ्ब शोक करते और उदव् ाै , ाि ्ब भवरी दु ःि िे ाै , कव तू एक ाी पुत के कवरण दु ःिी ाै ? 9 और पृयिी ्े पूछो, और िा तुझ ्े काे गी, वक िाी ाै , जो उ् पर वजतने उपजते ाै उनके वगरने पर शोक िनवती ाै । 10 कोंवक पवाले ्ब उ्ी िे ्े वनकले , और ्ब उ्ी िे ्े आएं गे , और दे िो, िे ्ब पवय: विनवश की ओर िले गे, और उन िे ्े बहतेरे जड ्े उिवड वदए जवएं गे । 11 तो उ् ्े अवरक शोक करन िनवएगव, वज् ने इतनी बडी भीड िोई ाै ; और तुमे नाीं, एक के अलविव और वक् िीज पर िेद ाै ? 12 परनु यवद तू िु झ ्े काे , िे रव विलवप पृयिी के विलवप के ्िवन नाीं, कोंवक िै ने अपने गभय कव फल िो वदयव ाै , वज्े िै ने दु :ि ्ाते हए उतन वकयव, और दु :ि ाी ्ाते हए उ्े जन वदयव; 13 परनु पृयिी ऐ्ी नाीं, कोंवक पृयिी की रीवत के अनु्वर उ् िे जो बहतवयत थी, िै ्े ाी लोर गई ाै । 14 तो िै तुझ ्े कातव हं , जै ्व तू ने पररशि करके उतन वकयव ाै ; िै ्े ाी पृयिी ने भी आरम ्े अपने ्ृ जनावर को, अथवय तत िनुष को, अपनव फल वदयव ाै । 15 इ्वलये अब अपनव दु :ि अपने ाी िन िे रि, और जो कुछ तुझ पर पडव ाै उ्े वायवि ्े ्ा ले । 16 कोंवक यवद तू परिे शर के नवयी ाोने कव वनशय कर ले, तो तू ्िय पर अपने बे रे को पवर करे गी, और खसयों के बीि पशं्व की पवत बनेगी। 17 वफर नगर िे अपने पवत के पव् जव। 18 और उ् ने िु झ ्े काव, िै ऐ्व न कर ं गी; िै नगर िे न जवऊंगी, िरन याी ं िर जवऊंगी। 19 इ्वलये िै ने उ् ्े आगे बवते करनव आरम करके काव, 20 ऐ्व न करो, परनु ्मवत लो। िे रे ्वरव: ्वयन की विपव्यवू वकतने लोगों के वलए ाै ? यरशले ि के दु ःि के विषय िे शवखन पवओ। 21 कोंवक तू दे ितव ाै , वक ािवरव पवितसथवन उजवड ाो गयव, ािवरी िे दी रू र गई, और ािवरव िखनर नवश ाो गयव; 22 ािवरव भजन भूवि पर रि वदयव गयव ाै , ािवरव गीत बन कर वदयव गयव ाै , ािवरव आनन ्िवर ाो गयव ाै , ािवरी दीिर की रोशनी बु झ गई ाै , ािवरी िविव कव ्नदू क नष ाो गयव ाै , ािवरी पवित िसु एं अशुू ाो गई ाै , और उ्कव नवि भी अशुू ाो गयव
ाै । ािवरे वलए बु लवयव गयव लगभग अपवित ाै : ािवरे बचों को लख्त वकयव गयव ाै , ािवरे यवजकों को जलव वदयव गयव ाै , ािवरे ले वियों को बं रुआई िे ले जवयव गयव ाै , ािवरी कुंिवररयों को अशुू कर वदयव गयव ाै , और ािवरी पवरयों को लू र वलयव गयव ाै ; ािवरे रि् पुरष बनु िवई िे िले गए, ािवरे बवल-बचे नष ाो गए, ािवरे जिवन दव्त िे लवए गए, और ािवरे बलिन पुरष वनबय ल ाो गए; 23 और, जो ्ब ्े बडी बवत ाै , ्वयन की िु ार ने अब अपनव ्मवन िो वदयव ाै ; कोंवक िा ािवरे बै ररयों के ावथ िे पकड दी गई ाै । 24 और इ्वलये अपनव भवरी भवरीपन दू र करो, और बहत ्े दु ि दू र करो, वक परवकिी वफर तुि पर दयवलु ाो, और परिपरवन तुझे तेरे पररशि ्े विशवि और आरवि दे गव। 25 और जब िै उ् ्े बवते कर राव यव, तो ऐ्व हआ, वक उ्कव िु ि एकवएक बहत ििक गयव, और उ्कव िु ि ऐ्व ििकव, वक िै उ् ्े डर गयव, और ्ोिने लगव, वक या कव ाोगव। 26 और दे िो, िा अिवनक बहत भयवनक विलव उठी: यावं तक वक सी के श् ्े पृयिी वाल गई। 27 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक िा सी वफर िु झे वदिवई न दी, परनु िावं एक नगर ब्व हआ ाै , और नेि ्े बडव सवन वदिवई दे तव थव; तब िै डर गयव, और ऊंिे श् ्े विलवकर काव, 28 उरीएल सगय दूत कावं ाै , जो ्ब्े पाले िे रे पव् आयव थव? कोंवक उ् ने िु झे बहत िू चवय िे डवलव, और िे रव अन विनवश िे और िे री पवथयनव िे घुडकव कव हआ। 29 और जब िै ये बवते का ाी राव यव, तो िा िे रे पव् आयव, और िु झ पर दवष की। 30 और दे िो, िै िु द् के ्िवन पडव हं , और िे री ्िझ िु झ ्े छीन ली गई ाै ; और उ् ने िे रव दववानव ावथ पकडकर िु झे शवखन दी, और पवं िोंके बल िडव करके िु झ ्े काव, 31 तुझे कव रोग ाै ? और तू इतनव ववकुल कों ाै ? और तेरी ्िझ और तेरे िन के वििवर कों घबरव गए ाै ? 32 और िै ने काव, तू ने तो िु झे तवग वदयव, तरभी िै ने तेरे ििन के अनु्वर वकयव, और िै दवन िे जवकर कव दे िव, और वफर भी दे ितव हं , वक बतव नाीं ्कतव। 33 और उ् ने िु झ ्े काव, पुरष ाोकर िडव ाो, और िै तुझे ्मवत दू ं गव। 34 तब िै ने काव, ाे िे रे पभु, िु झ िे बोल; परनु िु झे ित तवगनव, ऐ्व न ाो वक िै अपनी आशव तोड कर िर जवऊं। 35 कोंवक िै ने दे िव ाै वक िै नाीं जवनतव, और ्ु नव ाै वक िै नाीं जवनतव। 36 यव िे री बु खू िव िे रव पवण स् िे रोिव िव गयव ाै ? 37 इ्वलये अब िै तुझ ्े वबनती करतव हं , वक तू अपने दव् को या दशयन वदिव। 38 तब उ् ने िु झे उ्र वदयव, और िे री ्ु न, िै तुझे बतवऊंगव, और तुझे बतवऊंगव, वक तू कों डरतव ाै ; कोंवक परिपरवन तुझ पर बहत ्ी गु र बवते पगर करे गव। 39 उ् ने दे िव ाै , वक तेरी िवल ्ीरी ाै ; इ् कवरण तू अपकी पजव के वलथे वनरनर शोक करतव ाै , और व्योन के वलथे बडव विलवप करतव ाै । 40 इ्वलये जो दशयन तू ने अभी दे िव उ्कव अथय या ाै : 41 तू ने एक सी को विलवप करते दे िव, और उ्े शवखन दे ने लगव; 42 परनु अब तुझे उ् सी की शक वफर न वदिवई पडी, पर एक नगर बनतव हआ वदिवई पडव। 43 और उ् ने अपके बे रेके िरने कव ्िविवर तुझ ्े काव, इ्कव उपवय या ाै :
44 या सी वज्े तू ने दे िव, िा व्योन ाै ; और उ् ने तुझ ्े काव, वक वज्े तू एक नगर बनतव हआ दे ि राव ाै , 45 िै तो कातव हं , वक उ् ने तुि ्े काव, वक िा ती् िषय ्े बवं झ ाै ; ये िे ती् िषय ाै , वजन िे उ् ने कुछ भी अनबवल न वकयव। 46 परनु ती् िषय के बवद ्ु लैिवन ने नगर को ब्वयव, और भेर िढवई, और बवं झ ्े एक पुत उतन हआ। 47 और उ् ने तुझ ्े काव, वक िै ने उ्े जचव-बचव करके पवलव, यरशले ि िे याी वनिव् ाै । 48 परनु जब उ् ने तुझ ्े काव, वक िे रव पुत बवा की कोठरी िे आयव यव, तब उ्कव िुं ा रू र गयव, और िा िर गयव; इ् पकवर यरशले ि कव विनवश हआ। 49 और दे ि, तू ने उ्कव सरप दे िव, और िा अपके बे रे के वलथे विलवप करती थी, इ्वलये तू उ्े शवखन दे ने लगव; और इन बवतोंिे ्े जो ्ं योग ्े घरी ाै , िे तेरे वलथे िुल गई ाै । 50 कोंवक अब परिपरवन ने दे िव ाै , वक तू वनषपर शोक करतव ाै , और उ्के वलये अपने ्मू णय िन ्े दु ि उठवतव ाै , इ्वलथे उ् ने तुझे अपनी िवािव कव तेज और ्ु नरतव वदिवई ाै । 51 इ्वलथे िै ने तुझ ्े वबनती की, वक तू उ्ी िेत िे रा, जावं कोई घर न बनव यव। 52 कोंवक िै जवनतव थव, वक परिपरवन तुझे या बतवएगव। 53 इ्वलये िै ने तुझे उ् िै दवन िे जवने की आजव दी, जावं वक्ी भिन की नेि न पडी ाो। 54 कोंवक वज् सवन िे परिपरवन अपके नगर कव पगर करनव आरम करतव ाै , िावं वक्ी कव भिन वरक न ्केगव। 55 इ्वलये ित डर, तेरव िन ववकुल न ाो, परनु भीतर जवकर उ् भिन कव ्रनयय और बडवई दे ि, जावं तक तेरी आं िे दे ि ्के। 56 और तब तुि उतनव ्ु नोगे वजतनव तुमवरे कवन ्िझ ्के। 57 कोंवक तू बहतों्े अवरक रन ाै , और परिपरवन के ्वरव बु लवयव गयव ाै ; और इ्वलए बहत कि ाै । 58 परनु कल रवत को तू याी ं ठारनव; 59 और इ् पकवर ्ि्च तुमे उच िीजों के दशयन वदिवएगव, जो परिपरवन अं वति वदनों िे पृथी पर राने िवलों के ्वथ करे गव । इ्वलए िै उ् रवत और दू ्री रवत ्ोयव, जै ्े उ्ने िु झे आजव दी थी। अध्य 11 1 वफर िै ने स् दे िव, और कव दे िव, वक झील िे ्े एक उकवब वनकलव, वज्के बवरा पंि और तीन व्र थे। 2 और िै ने दवष की, और कव दे ितव हं , वक िा अपने पंि ्वरी पृयिी पर फैलव राी ाै , और आकवश के ्ब पिन उ् पर उडकर इकटे ाो गए ाै । 3 और िै ने दवष की, और उ्के पंिों ्े और भी विपरीत पंि वनकले; और िे छोरे पंि िवले और छोरे ाो गये। 4 परनु उ्के व्र एक दू ्रे ्े अलग थे; और जो व्र बीि िे थव, िा दू ्रे ्े बडव थव, तरभी िा बिे हए भवग के ्वथ वरकव हआ थव। 5 वफर िै ने दषतवर की, और उकवब अपके पंिोंके ्वय उडकर पृयिी पर और उ् िे रानेिवलोंके ऊपर रवज करने लगव। 6 और िै ने दे िव, वक आकवश के नीिे की ्वरी िसु एं उ्के िश िे ाो गईं, और कोई िनुष कव पृयिी भर कव कोई पवणी उ्के विरोर िे कुछ नाीं बोलतव थव। 7 और िै ने दषतवर की, और दे िो, उकवब उ्के पंजोंके बल उठव, और उ्के पंिोंकी ओर ्े काने लगव, 8 ्ब को एक ्वथ न जवगनव; ार एक अपने ाी सथवन पर ्ोनव, और किवनु्वर जवगते रानव।
9 परनु व्रोंको अन तक ्ु रव्त रिव जवए। 10 और िै ने दवष की, और कव दे िव, िा श् उ्के व्र ्े नाीं, पर उ्के शरीर के बीि ्े वनकलव। 11 और िै ने उ्के विपरीत पंिों को वगन वलयव, और कव दे िव, वक िे आठ ाो गए। 12 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक दववानी ओर एक पंि और रवज उग आयव ाै ्वरी पृयिी पर; 13 और ऐ्व हआ, वक जब िा रवज करतव राव, तब उ्कव अन आ गयव, और उ्कव सवन वफर न राव; और जो अगलव ाो िा उठ िडव हआ। और रवज वकयव, और बडव आनन वकयव; 14 और ऐ्व हआ, वक जब िा रवज करतव राव, तो पवाले के ्िवन उ्कव अन भी हआ, यावं तक वक वफर वदिवई न दे तव थव। 15 तब िावं ्े एक आिवज आई, और काव, 16 ्ु नो तुि जो बहत वदन तक पृयिी पर पभुतव करते आए ाो, िै तुि ्े या कातव हं , इ् ्े पवाले वक तुि वफर पगर न ाोओ, 17 तेरे बवद कोई तेरे ्िय तक, िरन उ्के आरे तक न पहं िेगव। 18 वफर ती्रव उठकर पवाले के ्िवन रवज करने लगव, और वफर कभी वदिवई न वदयव। 19 और ्ब बिे हए लोगोंके ्वय एक के बवद एक ऐ्व ाोतव गयव, वक ्ब ने रवज वकयव, और वफर कभी वदिवई न वदए। 20 वफर िै ने दवष की, और दे िो, कुछ ्िय बवद जो पंि उ्के पीछे आए िे दववानी ओर िडे ाो गए, वक िे भी पभुतव करे ; और उन िे ्े वकतनों ने रवज वकयव, परनु थोडे ाी ्िय िे िे वफर वदिवई न वदए। 21 कोंवक उन िे ्े कुछ िडे तो हए, परनु पभुतव न कर ्के। 22 इ्के बवद िै ने दवष की, और कव दे िव, वक बवरा पंि वफर न वदिवई वदए, और न िे दोनों छोरे पंि वदिवई वदए। 23 और उकवब की दे ा पर और कुछ न राव, केिल तीन व्र और छ: छोरे पंि थे। 24 वफर िै ने या भी दे िव, वक छ: िे ्े दो छोरे पंि अलग ाो गए, और व्र के नीिे जो दववानी ओर थव िाी रा गए, और िवरों अपने सथवन पर बने राे । 25 और िै ने दवष की, और कव दे िव, पंिों के नीिे जो पंि थे, उनोंने अपने आप को खसथर करने और वनयि रिने कव वििवर वकयव। 26 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक एक िडव हआ ाै , परनु शीघ ाी िा वफर वदिवई न वदयव। 27 और दू ्रव पवाले ्े जली दू र ाो गयव। 28 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक जो रा गए थे, उनोंने भी अपने आप िे रवज करने कव वनशय वकयव। 29 और जब उनोंने या ्ोिव, तो दे िो, जो व्र विशवि के बीि िे थे, उनिे ्े एक जवग उठव; कोंवक िा अन दोनों व्रों ्े बडव थव। 30 और वफर िै ने दे िव, वक और दो व्र उ्ी ्े जु डे हए ाै । 31 और, दे िो, व्र उ्के ्ववथयों ्िे त उलर गयव, और उ् पंि के नीिे के दोनों पंिों को, जो रवज करते, िव गए। 32 परनु इ्ी व्र ने ्वरी पृयिी को भय िे डवल वदयव, और पृयिी के ्ब रानेिवलोंपर अने र करके उन पर पभुतव की; और उ्के पव् विश के ्भी संरों ्े अवरक शव्न थव। 33 और इ्के बवद िै ने दवष की, और जो व्र बीि िे थव, िा अिवनक पंिों के ्िवन वदिवई न वदयव। 34 परनु िे दो िु ख पुरष रा गए, जो इ्ी रीवत ्े पृयिी पर और उ् िे रानेिवलोंपर पभुतव करते थे। 35 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक दववानी ओर कव एक व्र बवईं ओर के को वनगल गयव।
36 तब िु झे एक श् ्ु नवई वदयव, वज् ने िु झ ्े काव, अपके ्वमने दवष करके जो कुछ तू दे ितव ाै उ् पर धवन कर। 37 और िै ने दवष की, और िवनो कोई गजय नेिवलव व्ं ा जं गल िे ्े िदे डव जव राव ाो; और िै ने दे िव, वक उ् ने उकवब को िनुष कव ्व श् ्ु नवकर काव, 38 ्ु न, िै तुझ ्े बवते कर ं गव, और परिपरवन तुझ ्े काे गव, 39 कव तू िाी नाीं जो उन िवर पशुओं िे ्े बिव हआ ाै , वजने िै ने अपने जगत पर रवज करने को ठारवयव, वक उनके ्वरव उनके ्िय कव अन आ जवए? 40 और िरथे ने आकर अतीत के ्ब पशुओं पर विजय पवर की, और बडे भय ्े जगत पर, और पृयिी की ्वरी पररवर पर बडे दु ष अने र ्े अवरकवर कर वलयव; और िा बहत वदन तक छल ्े पृयिी पर राव। 41 कोंवक तू ने पृयिी कव नवय ्चवई ्े नाीं वकयव। 42 कोंवक तू ने नम लोगोंको दु :ि वदयव ाै , तू ने िे ल रिनेिवलोंको दु :ि वदयव ाै , तू ने झूठों्े पेि रिव ाै , और फल उपजवनेिवलोंके घरोंको उजवड वदयव ाै , और वजन ्े तू ने कुछ ाववन नाीं पहं िवई, उनकी शारपनवा को ढव वदयव ाै । 43 इ् कवरण तेरव अरिय कव कवि परिपरवन तक, और तेरव घिण परिपरवन तक पहं ि गयव ाै । 44 परिपरवन ने भी घिण के वदनोंपर दवष की, और दे िो, िे ्िवर ाो गए, और उ्के घृवणत कवि पूरे हए। 45 इ्वलये ाे उकवब, तू वफर कभी न वदिवई दे नव, न तेरे भयवनक पंि, न तेरे दु ष पंि, न तेरे ्े षपूणय व्र, न तेरे ाववनकवरक पंजे, न तेरव ्वरव वघनरनव शरीर; 46 तववक ्वरी पृयिी तरोतवजव ाो जवए, और तेरे उप्ि ्े छु रकवरव पवकर लरर आए, और अपने ्ृ जनावर ्े नवय और दयव की आशव रिे। अध्य 12 1 और ऐ्व हआ वक जब व्ं ा उकवब ्े ये बवते का राव थव, तो िै ने दे िव, 2 और दे िो, जो व्र रा गयव और िवरों पंि वफर वदिवई न वदए, और िे दोनों उ्के पव् जवकर रवज करने को िडे हए, और उनकव रवज छोरव और उप्ि ्े भर गयव। 3 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक िे वफर वदिवई न वदए, और उकवब कव ्वरव शरीर जल गयव, यावं तक वक पृयिी पर बडव भय छव गयव; तब िै अपने िन की घबरवार और िू चवय ्े और बडे भय ्े जवग उठव। और िे री आतव ्े काव, 4 दे िो, तू ने िु झ ्े या वकयव ाै , वक तू परिपरवन कव िवगय ढू ं ढतव ाै । 5 दे िो, िै तो िन िे थक गयव हं , और आतव िे बहत दु बयल ाो गयव हं ; और इ् रवत वज् बडे भय ्े िै पीवडत हआ, उ्के कवरण िु झ िे थोडी शखय रा गई ाै । 6 इ्वलये अब िै परिपरवन ्े वबनती कर ं गव, वक िा अन तक िु झे शवखन दे । 7 और िै ने काव, ाे पभु, पभु, यवद िु झ पर पवाले अनुगा ाो तेरी दवष, और यवद िै तेरे ्वथ बहतों के ्वमने रि् ठार ं , और यवद िे री पवथयनव ्ििु ि तेरे ्वमने पूरी ाो; 8 ्ो तू िु झे शवखन दे , और अपने दव् को उ् भयवनक दशयन कव अथय और भेद बतव, वज् ्े तू िे रे पवण को शवखन दे । 9 कोंवक तू ने िु झे अखनि ्िय िे िु झे वदिवने के योग ्िझव। 10 और उ् ने िु झ ्े काव, उ् दशयन कव फल या ाै :
11 वज् उकवब को तू ने ्िु ् िे ्े वनकलते दे िव, िा िाी रवज ाै जो तेरे भवई दववनये ल ने स् िे दे िव यव। 12 परनु या बवत उ् को नाीं बतवई गई, इ्वलथे अब िै तुझ ्े या कातव हं । 13 दे ि, ऐ्े वदन आएं गे , वक पृयिी पर एक रवज उदय ाोगव, और िा ्ब पवाले रवजों ्े अवरक डरे गव। 14 उ्ी िे बवरा रवजव एक के बवद एक रवज करे गे ; 15 और दू ्रव रवज करनव आरम करे गव, और बवराोंिे ्े ्ब ्े अवरक ्िय तक राे गव। 16 और िे बवरा पंि, जो तू ने दे िव, इ्ी को दशवय ते ाै । 17 और जो श् तू ने बवते करते ्ु नव, और जो तू ने दे िव, वक िा उनके व्रोंके बीि ्े नाीं, परनु उनके बीि ्े वनकलतव ाै , उ्कव अथय या ाै : 18 वक उ् रवज के ्िय के बवद बडे -बडे झगडों कव उदय ाोगव, और उ्के नष ाोने कव ितरव उतन ाो जवएगव; तरभी िा न वगरे गव, िरन अपने आरम िे वफर सथववपत ाो जवएगव। 19 और तू ने उ्के पंिों ्े विपके हए आठ छोरे छोरे पंिों को दे िव, इ्कव अथय या ाै : 20 उ् िे आठ रवजव उदय ाोंगे, वजनके ्िय छोरे -छोरे ाोंगे, और उनके िषय बहत तीव ाोंगे। 21 और उन िे ्े दो तो िधकवल तक पहं िते-पहं िते नवश ाो जवएं गे ; िवर तो तब तक बिे राे गे जब तक उनकव अन न आ जवए; परनु दो अन तक बिे राे गे। 22 और तू ने तीन व्र पडे हए दे िे, तो इ्कव अथय या ाै : 23 अपने अखनि वदनों िे परिपरवन तीन रवजों को िडव करे गव, और उन िे बहत कुछ नयव करे गव, और िे पृयिी पर पभुतव करे गे । 24 और उ् िे के रानेिवलोंपर जो उन ्े पवाले थे उन ्भों्े अवरक अने र ्ाव; इ् कवरण िे उकवब के ्रदवर कालवए। 25 कोंवक याी िे ाै जो उ्की दु षतव को पूरव करे गे , और उ्कव अन करे गे । 26 और तू ने दे िव, वक बडव व्र वफर वदिवई नाीं दे तव, इ्कव या अथय ाै , वक उन िे ्े एक अपके वबछरने पर ाी पीडव ्ाते हए िर जवएगव। 27 कोंवक जो दो बिे राे गे िे तलिवर ्े िवर डवले जवएं गे । 28 कोंवक एक की तलिवर दू ्रे को भस करे गी, परनु अन िे िा आप ाी तलिवर ्े िवर डवलव जवएगव। 29 और तू ने पंिों के नीिे व्र के ऊपर ्े , जो दववानी ओर ाै , दो पंि दे िे; 30 इ्कव अथय या ाै , वक ये िाी ाै , वजने परिपरवन ने अन तक बिवए रिव; जै ्व तू ने दे िव, या छोरव ्व और उप्ि ्े भरव हआ रवज ाै । 31 और िा व्ं ा वज्े तू ने जं गल िे ्े उठकर गरजते और उकवब ्े बवते करते, और ्ब ििनों के ्वरव जो तू ने ्ु ने ाै , उ्के अरिय के कवरण डवं रते दे िव; 32 याी िा अवभवषय ाै , वज्े परिपरवन ने उनके वलये और उनकी दु षतव के कवरण अन तक बिवए रिव ाै ; 33 कोंवक िा नवय के ्िय उन को अपने ्वमने जीवित करे गव, और उनको डवं रेगव, और तवडनव दे गव। 34 कोंवक िा िे री शेष पजव के लोगोंको, जो िे री ्ीिव पर दब गए ाै , दयव करके छु डवएगव, और नवय के वदन के आने तक उनको आनन दे गव, वज्के विषय िे िै ने आरम ्े तुि ्े काव ाै । 35 जो स् तू ने दे िव िा याी ाै , और उ्कव फल ये ाी ाै । 36 तू केिल ्ि्च के इ् रास को जवनने के वलये ाी विलव ाै । 37 इ्वलये ये ्ब बवते जो तू ने दे िी ाै , पुसक िे वलिकर वछपव रि;
38 और उनको बु खूिवन लोगोंको व्िव, वजनके िन को तू जवनतव ाो, और िे ये भेद ्िझकर रि ्के। 39 परनु तू याी ं ्वत वदन तक और ठारनव, वक जो कुछ परिपरवन तुझ ्े कानव िवाे िा तुझे बतव दे । और इ्के ्वथ ाी िा अपने रवसे िलव गयव। 40 और ऐ्व हआ, वक जब ्ब लोगोंने दे िव वक ्वत वदन बीत गए, और िै नगर िे वफर न आनेिवलव, तब छोरे ्े ले कर बडे तक ्ब ्भों को इकटव वकयव, और िे रे पव् आकर काने लगे , 41 ाि ने तेरव कव वबगवडव ाै ? और ाि ने तुझ ्े करन ्ी बु रवई की ाै , वक तू ाि को तवगकर यावं इ् सवन पर बै ठव ाै ? 42 कोंवक ्ब भविष्यवओं िे ्े केिल तू ाी ािवरे वलये छोड वदयव गयव, अथवय त अं गूर के गु चे के ्िवन, और अने रे सथवन िे दीिर के ्िवन, िव आनी ्े बिे हए आशय िव जावज के ्िवन। 43 कव जो विपव्यवं ाि पर आती ाै , िे कवफी नाीं? 44 यवद तू ाि को तवग दे गव, तो यवद ाि भी व्योन के बीि िे जलवए जवते, तो ािवरव कव भलव ाोतव? 45 कोंवक जो िावं िर गए, उन ्े ाि कुछ भी अचे नाीं। और िे ऊंिे श् ्े रोने लगे । तब िै ने उनको उ्र वदयव, और काव, 46 ाे इसवएल, ढवढ् बं रवओ; और ाे यवकूब के घरवने, भवरी ित बनो; 47 कोंवक परिपरवन ने तुझे सरण वकयव ाै , और परवकिी ने परी्व िे तुझे नाीं भुलवयव। 48 जावं तक िे री बवत ाै , िै ने तुि को नाीं तवगव, और न िै तुि ्े अलग हआ हं ; परनु इ् सवन िे आयव हं , वक व्योन के उजडे जवने के वलथे पवययनव कर ं , और तुि ्े जो दीन जववत पर दयव कर ं आपकव अभयवरण. 49 और अब तुि ्ब अपने अपने घर लरर जवओ, और इन वदनों के बवद िै तुमवरे पव् वफर आऊंगव। 50 ्ो लोग िे री आजव के अनु्वर नगर िे िले गए। 51 परनु सगय दूत की आजव के अनु्वर िै ्वत वदन तक िै दवन िे राव; और उन वदनों िे केिल िै दवन के फूल िवतव थव, और जडीबू वरयों कव िवं ् िवतव थव। अध्य 13 1 और ्वत वदन के बवद ऐ्व हआ, वक िै ने रवत को स् दे िव; 2 और दे िो, ्िु ् ्े ऐ्ी आू री उठी, वक उ् ने उ्की ्ब लारे वालव दी।ं 3 और िै ने दवष की, और कव दे िव, वक िा पुरष ाजवरों आकवशोंके ्िवन बलिन ाो गयव; और जब उ् ने िुं ा फेरकर दे िव, तो जो िसु एं उ्के नीिे वदिवई दे ती थी ं िे ्ब कवं प उठे । 4 और जब जब उ्कव श् उ्के िुं ा ्े वनकलतव, तब तब िे ्ब जल जवते, जो उ्कव श् ्ु नते थे, िवनो पृयिी आग लगने ्े जल जवती ाै । 5 और इ्के बवद िै ने दवष की, और कव दे िव, वक जो िनुष ्िु ् ्े वनकलव यव, उ् को िश िे करने के वलथे आकवश की िवरोंवदशवओं्े बहत ्े िनुष इकटे ाो गए। 6 परनु िै ने दवष की, और कव दे िव, वक उ् ने एक बडव पावड बनव वलयव, और उ् पर उड गयव। 7 परनु िै उ् ्ेत यव सथवन को दे ितव, जावं पावडी िोदी गई थी, और नाीं दे ि ्कव। 8 और इ्के बवद िै ने दवष की, और कव दे िव, वक वजतने लोग उ्े िश िे करने के वलये इकटे हए थे, िे ्ब बहत डर गए, और वफर भी लडने कव ्वा् वकयव। 9 और दे िो, उ् ने उ् भीड कव उप्ि दे िव, और न ावथ उठवयव, न तलिवर िव कोई ावथयवर उठवयव;
10 परनु िै ने केिल या दे िव, वक उ् ने अपने िुं ा ्े आग कव झोंकव, और अपने ाोठों ्े ररकती हई ्वं ् वनकवली, और अपनी जीभ ्े विंगवरी और आनी वनकवली। 11 और िे ्ब एक ्वथ विल गए; आग कव झोंकव, ररकती ्वं ्, और बडव तू़वन; और उ् भीड पर जो लडने को तैयवर थी, बु री तरा रू र पडव, और ्ब को जलव डवलव, यावं तक वक अिवनक भीड को रू ल और रु एं की गं र के अलविव कुछ भी वदिवई नाीं दे तव थव: जब िै ने या दे िव तो िै डर गयव . 12 इ्के बवद िै ने िाी पुरष पावड ्े उतरकर एक और िे ल विलवप करनेिवली भीड को अपने पव् बु लवते दे िव। 13 और बहत ्े लोग उ्के पव् आए, और उन िे ्े कुछ आनखनत हए, और कुछ उदव् हए, और उन िे ्े कुछ बने हए थे, और कुछ िढविे िे ्े कुछ लवए; तब िै बडे डर के िवरे ववकुल ाो गयव, और जवगकर काव, 14 तू ने आरम ्े अपने दव् को ये अदत भुत कवि वदिवए, और िु झे इ् योग ्िझव वक तू िे री पवथयनव गाण करे : 15 अब िु झे इ् स् कव फल बतवओ। 16 कोंवक जै ्व िै ने अपनी ्िझ िे ्ोिव ाै , उन वदनों िे जो छूर जवएं गे उन पर ावय, और जो पीछे नाीं छूरे गे उन पर उ् ्े भी अवरक ावय! 17 कोंवक जो बिे नाीं थे, िे ्ं कर िे थे। 18 अब िै उन बवतों को ्िझ गयव हं जो अन के वदनों िे रिी जवएं गी, और उनकव भी, और जो पीछे छूर गए ाै उनकव भी कव ावल ाोगव। 19 इ् कवरण उन पर बडे ्ं कर और बहत ्ी कवठनवइयवं पडीं, जै ्व इन स्ों्े पतव िलतव ाै । 20 तरभी जो ितरे िे ाै उ्के वलये इन बवतोंिे आनव कव ्ाज ाै , इ् ्े वक िा बवदल की नवईं जगत िे ्े उड जवए, और अन के वदनोंकी बवते न दे ि ्के। और उ् ने िु झे उ्र वदयव, और काव, 21 िै उ् दशयन कव फल तुझे बतवऊंगव, और जो कुछ तू ने िवाव ाै िा तुझ को बतवऊंगव। 22 तू ने जो पीछे रा गए ाै उनके विषय िे काव, उ्कव अथय या ाै : 23 जो उ् ्िय ्ं कर ्ाे गव, उ्ने अपने आप को बिव रिव ाै ; जो ्ं कर िे पडते ाै , िे किय करते और ्िय शखयिवन पर विशव् रिते ाै । 24 इ्वलये या जवन लो, वक जो पीछे छूर गए ाै , िे िरे हओं ्े अवरक रन ाै । 25 उ् दशयन कव अथय या ाै , वक तू ने एक िनुष को ्िु ् के बीि ्े वनकलते दे िव; 26 िाी ाै वज्के वलये परिपरवन परिे शर ने बडव ्िय ठारवयव ाै , वक िा आप ाी अपनी ्ृ षी को बिवएगव; और जो पीछे रा गए ाै उनको भी िाी आजव दे गव। 27 और तू ने दे िव, वक उ्के िुं ा ्े बडी आू री, और आग, और बिं डर वनकलव; 28 और उ्के पव् न तो तलिवर थी, और न युू कव कोई ावथयवर, परनु जो भीड उ्े िश िे करने को आती थी, िा उ्के दरडने ्े नवश ाो गई; या ववखव ाै : 29 दे िो, िे वदन आते ाै , जब परिपरवन पृयिी पर के लोगोंको छु डवनव आरम करे गव। 30 और िा पृयिी के रानेिवलोंको िवकत कर दे गव। 31 और एक दू ्रे ्े , एक नगर दू ्रे ्े , एक सथवन दू ्रे सथवन ्े , एक दे श दू ्रे दे श ्े , और एक रवज दू ्रे रवज ्े लडने कव यर करे गव।
32 और िा ्िय आएगव जब ये बवते पूरी ाोंगी, और जो विन िै ने तुि को पवाले वदिवए थे, िे पगर ाोंगे, और तब िे रव पुत, वज्े तू ने पुरष की नवईं िढते दे िव ाै , पगर वकयव जवएगव। 33 और जब ्ब लोग उ्कव श् ्ु नेगे, तब ्ब लोग अपने अपने दे श िे एक दू ्रे ्े युू करने को वनकल पडे गे। 34 और जै ्व तू ने उने दे िव, उ्के अनु्वर अनवगनत भीड इकटी ाोगी, जो आकर लडने को उ् पर विजय पवने को इचु क ाों। 35 परनु िा व्योन पिय त की िोरी पर िडव राे गव। 36 और व्योन आकर तैयवर और बनवयव हआ ्ब िनुषों को पगर वकयव जवएगव, जै ्े तू ने पावडी को वबनव ावथों के िुदव हआ दे िव। 37 और या िे रव पुत उन जववतयों की दु ष कलनवओं को घुडकेगव, जो अपने दु ष जीिन के कवरण आू री िे वगरे पडे ाै ; 38 और उनके बु रे वििवर उन के ्वमने रि दे गव, और िे आग के ्िवन यवतनवएं ्ाने लगे गे; और िा िे रे ्िवन विसथव के ्वरव उने वबनव पररशि के नवश कर डवले गव। 39 और तू ने दे िव, वक उ् ने एक और िे ल विलवप करनेिवली भीड को अपने पव् इकटव कर वलयव; 40 िे द् गोत ाै , जो ओव्यव रवजव के ्िय िे अपके दे श िे ्े बनु िवई करके ले गए थे; और उनको अशू र कव रवजव ्लिवन्वर बनु िवई करके जल के पवर ले गयव, और िे दू ्रे दे श िे िले गए। . 41 परनु उनोंने आप् िे या ्मवत की, वक अनजववतयों की भीड को छोडकर दू ्रे दे श िे िले जवएं , जावं िनुष कभी नाीं ब्े । 42 इ्वलये वक िे िावं अपनी िे विवरयवं िवने , वजने उनोंने अपके दे श िे कभी न िवनी।ं 43 और िे िावनद के ्ं करे सथवनों ्े ाोते हए परवत तक पहं ि गए। 44 तब परिपरवन ने उनके वलथे विन वदिवए, और जल को तब तक रोके रिव जब तक िे पवर न ाो गए। 45 कोंवक उ् दे श ्े ाोकर डे ढ िषय कव बडव िवगय यव, और िाी दे श अ्वय रेत कालवतव ाै । 46 तब िे अन ्िय तक िाी ं राे ; और अब जब िे आनव शुर करे गे, 47 परिपरवन नवले के ्ोतों को वफर रोकेगव, वक िे ाोकर िले; इ् कवरण तू ने लोगों को शवखन ्े दे िव। 48 परनु जो तेरी पजव िे ्े बि गए ाै , िे ाी िे री ्ीिव के भीतर पवए गए ाै । 49 अब जब िा इकटे हए रवष्ों की भीड को नवश करे गव, तब िा अपनी बिी हई पजव की र्व करे गव। 50 और तब िा उन को बडे बडे आशययकिय वदिवएगव। 51 तब िै ने काव, ाे पभु, पभु, िु झे या वदिव, िै ने उ् पुरष को ्िु ् के बीि िे ्े वनकलते कों दे िव? 52 और उ् ने िु झ ्े काव, वज् पकवर तू गारे ्िु ् की िसु एं न ढू ं ढ ्कतव, और न जवन ्कतव, िै ्े ाी पृयिी पर कोई िनुष िे रे पुत को, िव उ्के ्ववथयों को वदन के व्िवए नाीं दे ि ्कतव। . 53 जो स् तू ने दे िव, उ्कव फल या ाै , और इ् ्े तू ाी यावं ालकव हआ ाै । 54 कोंवक तू ने अपनव िवगय छोड वदयव, और िे री विसथव की ओर धवन लगवकर उ्की िोज की ाै । 55 तू ने अपके पवण को बु खू ्े ठारवयव ाै , और ्िझ को अपनी िवतव को बु लवयव ाै । 56 और इ्वलथे िै ने तुझे परिपरवन के भणवर वदिवए ाै ; और तीन वदन के बवद िै तुझ ्े और भी बवते कहं गव, और ्विथय की और अदत भुत बवते तुझे बतवऊंगव। 57 तब िै िै दवन िे गयव, और परिपरवन को उ्के आशययकि् के कवरण जो उ् ने ्िय पर वकए थे, बहत सु वत और रनिवद वदयव;
58 और कोंवक िा उन पर पभुतव करतव ाै , और जो िसु एं अपने ्िय पर घरती ाै उन पर पभुतव करतव ाै : और िै िावं तीन वदन तक बै ठव राव। अध्य 14 1 और ती्रे वदन ऐ्व हआ वक िै एक बवं ज िृ ् के तले बै ठव, और कव दे ितव हं , वक एक झवडी िे ्े िे रे ्वमने या आिवज आई, वक एस््, एस््। 2 और िै ने काव, ाे पभु, िै यावं हं , और िै अपके पवं िोंके बल िडव ाो गयव। 3 तब उ् ने िु झ ्े काव, जब िे री पजव विस िे ्े िव करती यव, तब िै ने झवडी िे अपने आप को िू ्व पर पगर करके उ् ्े बवते वकयव यव। 4 और िै ने उ्को भेजकर अपनी पजव को विस ्े वनकवल वलयव, और उ् पावड पर पहं िव जावं िै ने उ्े बहत वदन तक अपने पव् रिव। 5 और उ्े बहत ्ी अदत भुत बवते बतवईं, और ्ियों और अन कव भेद वदिवयव; और उ्े आजव दे ते हए काव, 6 ये बवते तू कानव, और ये बवते वछपव रिनव। 7 और अब िै तुझ ्े कातव हं , 8 और जो विन िै ने वदिवए ाै , और जो स् तू ने दे िव, और जो फल तू ने ्ु नव ाै , उ्े अपने हदय िे सरण रिो; 9 कोंवक तू ्ब ्े अलग वकयव जवएगव, और अब ्े तू युग के अन तक िे रे पुत और तेरे तुल लोगों के ्वथ राे गव। 10 कोंवक जगत ने अपनी जिवनी िो दी ाै , और ्िय पुरवनव ाोने लगव ाै । 11 कोंवक जगत बवरा भवगोंिे बं र गयव ाै , और उ्के द् भवग तो विर गए, और द्िे भवग कव आरव भी विर गयव। 12 और द्िे भवग के आरे के बवद कव भवग बवकी रा जवतव ाै । 13 इ्वलये अब अपनव घर ्ु रवर, और अपनी पजव को डवं र, और जो ्ं कर िे ाों उनको शवखन दे , और अब वबगवड करनव छोड दे । 14 नवशिवन वििवरों को अपने पव् ्े दू र करो, िनुष के बोझ को दू र करो, वनबय ल सभवि को दू र करो, 15 और जो वििवर तुझ पर भवरी पडते ाै उने दू र कर, और इ् ्िय ्े भवगने के वलये फुत् कर। 16 कोंवक जो बु रवई तू ने अब तक दे िी ाै , उ् ्े भी बडी बु रवई भविष िे घरे गी। 17 कोंवक दे िो, जगत जों कव तों दु बयल ाोतव जवएगव, और उ् िे रानेिवलोंपर विपव्यवं और भी अवरक बढती जवएं गी। 18 कोंवक ्िय बहत दू र िलव गयव ाै , और पटे दे नव कवठन ाै ; कोंवक जो दशयन तू ने दे िव ाै िा अब वनकर ाै । 19 तब िै ने तेरे ्वमने उ्र दे कर काव, 20 दे ि, ाे पभु, िै तेरी आजव के अनु्वर जवऊंगव, और जो लोग उपखसथत ाै उनको डवं रूंगव; परनु जो उ्के बवद उतन ाोंगे उनको करन ्िझवएगव? इ् पकवर जगत अखनयवरव ाो गयव ाै , और उ् िे रानेिवले उवजयवले ्े रवात ाो गए ाै । 21 इ् कवरण तेरी विसथव जल गई ाै जो कवि तुझ ्े वकए जवएं गे , यव जो कवि आरम ाोगव, िा कोई नाीं जवनतव। 22 परनु यवद िु झ पर तेरी कृपव ाो, तो पवित आतव को िु झ िे भेज, और जो कुछ जगत िे आरम ्े हआ ाै , और जो तेरी विसथव िे वलिव ाै , िा ्ब िै वलिूंगव, वक िनुष तेरव िवगय पव ्के, और जो बवद के वदनों िे जीवित राे गव िा जीवित रा ्कतव ाै । 23 और उ् ने िु झ ्े काव, जव, और लोगोंको इकटे करके का, वक िे िवली् वदन तक तुझे न ढू ं ढे ।
24 परनु दे ि, तू बहत ्े ्नदू क के िृ ् तैयवर करनव, और ्वरे आ, दबीयव, ्े लेवियव, एकवनु्, और अ्ीएल अथवय तत पवं िों को जो फुत् ्े वलिने को तैयवर ाै , अपने ्वथ ले ले नव; 25 और यावं आओ, और िै तुमवरे हदय िे ्िझ की एक िोिब्ी जलवऊंगव, जो तब तक नाीं बु झेगी, जब तक वक िे बवते पूरी न ाो जवएं वजने तुि वलिनव शुर करोगे । 26 और जब तू ऐ्व कर िुकव तो कुछ बवते पकववशत करनव, और कुछ बवते बु खूिवनों को गु र रप ्े बतवनव, और कल इ्ी घडी ्े वलिनव आरम कर दे नव। 27 तब उ्की आजव के अनु्वर िै वनकलव, और ्ब लोगों को इकटव करके काव, 28 ाे इसवएल, ये बवते ्ु नो! 29 ािवरे बवप पवाले विस िे परदे शी थे, और िाी ं ्े छु डवए गए थे; 30 और जीिन की विसथव पवई, वज्े उनोंने नाीं िवनव, और तुि ने भी उनके पीछे ाो कर उ्कव उलंघन वकयव ाै । 31 तब व्योन कव दे श भी विटी डवलकर तुमवरे बीि बवू र वदयव गयव; परनु तुमवरे पुरिवओं ने, और तुि ने भी कुवरल कवि वकयव, और परिपरवन की आजव के अनु्वर नाीं िले । 32 और कोंवक िा रि् नवयी ाै , इ् कवरण जो कुछ उ् ने तुमे वदयव थव, िा ्िय पर तुि ्े ले वलयव। 33 और अब तुि यावं ाो, और तुमवरे भवई भी तुमवरे बीि िे ाै । 34 इ्वलये यवद ऐ्व ाो, वक तुि अपनी ्िझ को िश िे करोगे , और अपने िन को ्ु रवरोगे , तो तुि जीवित राोगे, और िरने के बवद तुि पर दयव की जवएगी। 35 कोंवक िरने के बवद नवय आएगव, वक ाि वफर जीएं गे; और तब रविय योंके नवि पगर ाोंगे, और दु षोंके कवि पगर ाोंगे। 36 इ्वलये अब िवली् वदन तक कोई िे रे पव् न आए, और न िे री िोज करे । 37 इ्वलये उ् की आजव के अनु्वर िै ने उन पवं ि पुरषोंको ्वथ वलयव, और ाि िै दवन िे गए, और िाी ं राे । 38 और दू ्रे वदन िु झे वक्ी श् ने पुकवरकर काव, ाे एस्व, अपनव िुं ा िोल, और पी ले जो िै तुझे वपलवऊंगव। 39 तब िै ने अपनव िुं ा िोलव, और कव दे िव, वक िा िे रे पव् एक भरव हआ करोरव ले आयव, जो िवनो जल ्े तो भरव हआ यव, परनु उ्कव रं ग आग के ्िवन थव। 40 और िै ने उ्े ले कर पीयव; और जब िै ने उ्े पीयव, तब िे रे हदय िे ्िझ उतन हई, और िे री छवती िे बु खू उतन हई, और िे री आतव ने िे री सरण शखय को दढ वकयव। 41 और िे रव िुं ा िुल गयव, और वफर बन न हआ। 42 और परिपरवन ने उन पवं ि पुरषों को ्िझ दी, और उनोंने रवत के अदत भुत दशयन जो िे नाीं जवनते थे, वलि डवलव; और िे िवली् वदन तक बै ठे राे , और वदन को वलिते राे, और रवत को रोरी िवते राे । 43 जावं तक िे री बवत ाै . िै वदन को बोलतव थव, और रवत को अपनी जीभ नाीं पकडतव थव। 44 िवली् वदन िे उनोंने दो ्र िवर पुसके वलिीं। 45 और जब िवली् वदन पूरे ाो गए, तो परिपरवन ने काव, पवाले जो तू ने वलिव ाै , उ्े िोलकर पकववशत कर, वक कव योग और कव अयोग, ्ब उ्े पढ ्के। 46 परनु वपछले ््र को अपने पव् रिनव, वक तू उन को केिल लोगोंिे ्े बु खूिवनोंको ाी ्रंपनव। 47 कोंवक उन िे ्िझ कव ्ोतव, बु खू कव ्ोतव, और जवन की रवरव ाै । 48 और िै ने िै ्व ाी वकयव।
अध्य 15 1 दे ि, तू भविष्वणी के ििन िे री पजव को ्ु नव, जो िै तेरे िुं ा िे डवलूं गव, याोिव की याी िवणी ाै । 2 और उने कवगज पर वलििवओ: कोंवक िे विशव्योग और ्चे ाै । 3 जो तेरे विरोर िे कलनवएं करते ाै , उन ्े ित डर; जो तेरे विरोर िे बवते करते ाै , उनकी अविशतिव्तव ्े तू घबरव न जवए। 4 कोंवक ्ब विशव्घवती अपने विशव्घवत िे िरे गे । 5 दे िो, याोिव की या िवणी ाै , िै जगत पर विपव्यवं डवलूं गव; तलिवर, अकवल, िृ तु, और विनवश। 6 कोंवक दु षतव ने ्वरी पृयिी को अतन अशुू कर वदयव ाै , और उनके दु :ि के कवि पूरे ाो गए ाै । 7 इ्वलये याोिव यों कातव ाै , 8 िै उनकी दु षतव को जो िे अपविततव ्े करते ाै , अपनी जीभ वफर न रोकूंगव, और न उनको उन कविों िे ्तवऊंगव, वजन िे िे दु षतव करते ाै ; दे िो, वनद्ष और रि् कव िून िे री दोावई दे राव ाै , और उनके पवण भी िे री दोावई दे राे ाै । ब् लगवतवर वशकवयत करे . 9 और इ् कवरण याोिव की या िवणी ाै , िै वनशय उन ्े पलरव लूं गव, और उन िे ्े वजतने वनद्ष कव िून ाोगव उन ्भों कव बदलव लूं गव। 10 दे ि, िे री पजव घवत के वलये झुण की नवईं ले जवई गई ाै ; अब िै उनको विस दे श िे राने न दू ं गव; 11 परनु िै बलिन ावथ और बढवई हई भुजव ्े उनको ले आऊंगव, और विस को पवाले की नवईं िरी ्े िवर ं गव, और उ्के ्वरे दे श को नवश कर ं गव। 12 विस विलवप करे गव, और उ्की नेि उ् विपव् और दण ्े जो परिे शर उ् पर डवले गव, नष ाो जवएगी। 13 जो भूवि पर िेती करते ाै िे छवती पीरे गे, कोंवक उनके बीज भवरी िषवय और ओलों के कवरण नष ाो जवएं गे । 14 ावय जगत और उ् िे रानेिवलोंपर! 15 कोंवक तलिवर और उनकव विनवश वनकर आ गयव ाै , और एक जववत उठकर लडने लगे गी दू ्रव, और उनके ावथों िे तलिवरे । 16 कोंवक िनुष आप् िे बलिे करे गे, और एक दू ्रे पर आकिण करे गे ; िे अपने रवजवओं और ाववकिों की ओर कुछ न िवनेगे, और उनके कवय् कव िवगय उनके िश िे राे गव। 17 कोई िनुष नगर िे जवनव िवाे , परनु न जव ्के। 18 कोंवक उनके घिण के कवरण नगर ववकुल ाो जवएं गे, घर नष ाो जवएं गे , और लोग डर जवएं गे । 19 िनुष अपने पडो्ी पर तर् न िवएगव, परनु रोरी न विलने और बडे केश के कवरण उनके घरों को तलिवर ्े नष कर दे गव, और उनकी ्मव् लू र ले गव। 20 दे ि, परिे शर कातव ाै , िै पृयिी के ्ब रवजवओं को, जो ्ू यय के उदय ्े ले कर दख्न ्े , और पूिय ्े , और वलबवनु् ्े ाै , अपने पव् बु लवऊंगव; वक एक दू ्रे के विरू ाो जवएं , और जो कुछ उनोंने उन ्े वकयव ाै उ्कव बदलव िुकवएं । 21 जै ्व िे आज तक िे रे िुने हओं ्े करते ाै िै ्व ाी िै भी कर ं गव, और उनको बदलव दू ं गव। परिे शर याोिव यों कातव ाै ; 22 िे रव दवानव ावथ पववपयोंको न बिवएगव, और िे री तलिवर उन पर जो भूवि पर वनद्ष कव लोह बावते ाै , बन न ाोगी। 23 उ्के कोर की आग भडक उठी, और उ् ने पृयिी की नेि को और पववपयोंको आग के भू्े के ्िवन भस कर वदयव ाै । 24 ावय उन पर जो पवप करते ाै , और िे री आजवएं नाीं िवनते ! पभु काते ाै .
25 िै उनको न छोडूंगव; ाे बवलको, अपनव िवगय ले लो, और िे रे पवितसथवन को अशुू न करो। 26 कोंवक याोिव उन ्ब को जवनतव ाै जो उ्के विरू पवप करते ाै , और इ् कवरण िा उने िृ तु और विनवश के वलये पहं िव दे तव ाै । 27 कोंवक अब विपव्यवं ्वरी पृयिी पर आएं गी, और तुि उन िे बने राोगे; कोंवक परिे शर तुमे न बिवएगव, कोंवक तुि ने उ्के विरू पवप वकयव ाै । 28 एक भयवनक दशयन और पूिय की ओर ्े उ्कव रप दे िो; 29 जावं अरब के अजगरोंकी जववत के लोग बहत ्े रथ वलए हए वनकले गे, और उनकी बहतवयत िवयु की नवईं पृयिी पर उडवई जवएगी, यावं तक वक जो कोई उनको ्ु नेगव िे डरे गे और कवं प उठे गे । 30 और किय ण लोग कोर ्े जलते हए जं गली ्ू अरों की नवईं वनकले गे, और बडे बल ्े आकर उन ्े लडे गे, और अशू ररयों के दे श कव एक भवग उजवड डवले गे। 31 और तब अपने सभवि को यवद करते हए, ड् े गनों कव पभुत ाोगव; और यवद िे वफरे , और विलकर बडी शखय ्े उनको ्तवने की युखय करे , 32 तब िे लहलु ावन ाोकर घबरवएं गे , और अपने बल ्े िुप ाोकर भवग जवएं गे । 33 और अशू ररयोंके दे श िे ्े शतु उनको घेर ले गे, और उन िे ्े वकतने को नवश कर डवले गे, और उनकी ्े नव िे डर और भय फैल जवएगव, और उनके रवजवओंिे कला ाोगव। 34 पूिय ्े और उ्र ्े दख्न तक बवदलों को दे िो, और िे कोर और तूफवन ्े भरे हए दे िने िे बहत भयवनक ाै । 35 िे एक दू ्रे को िवरे गे , और पृयिी पर बहत ्े तवरों को, िरन अपने अपने तवरे को भी वगरव दे गे; और िून तलिवर ्े पेर तक बाे गव, 36 और िनुषों कव गोबर ऊूर की रवू गों के बरवबर ाै । 37 और पृयिी पर बडव भय और थरथरवार फैल जवएगी; और जो कोर दे िेगे िे डर जवएं गे , और थरथरव उठे गे । 38 और तब दख्न ्े , और उ्र ्े , और पशतविि ्े भी बडे तू़वन आएं गे । 39 और पूिय ्े पिण आखनयवू उठे गी, और उ्े िोल दे गी; और जो बवदल उ् ने कोर करके िडव वकयव, और वज् तवरे को पूरब और पखचि की ओर भय भडकवने के वलये उभवरव थव, िे नवश ाो जवएं गे । 40 बडे और ्विथ् बवदल कोर ्े फुलवए जवएं गे , और तवरव उ् ्े ्वरी पृयिी और उ्के रानेिवलोंको डरव दे गव; और िे ार एक ऊंिे और पवतवित सथवन पर एक भयवनक तवरव उणे लेगे, 41 आग, और ओले, और उडनेिवली तलिवरे , और बहत जल, वज् ्े ्ब िेत भर जवएं , और ्ब नवदयवं बहत जल ्े भर जवएं । 42 और िे नगरोंऔर शारपनवाोंको, और पावडोंऔर रीलोंको, और जं गल के िृ झोंको, और घव् के िै दवनोंको, और उनकेअनवजको तोड डवले गे। 43 और िे बवबु ल तक दढतव ्े िले गे, और उ्े डरव दे गे। 44 िे उ्के पव् आकर उ्े घेर ले गे, और ्वरव कोर उ् पर भडकवएं गे ; तब रू ल और रु आं आकवश तक उठे गव, और उ्के िवरों ओर के ्ब लोग उ्के वलथे छवती पीरे गे। 45 और जो उ्के िश िे राे िे उनको डरवनेिवलोंकी ्े िव करे । 46 और ाे आव्यव, तू बवबु ल की आशव कव भवगी ाै , और उ्के वनज भवग की िवािव ाै ; 47 ाे अभवगे , तुझ पर ावय, कोंवक तू ने अपने आप को उ्के ्िवन बनव वलयव ाै ; और अपनी बे वरयों ्े ववभिवर करवयव ाै , वक िे तेरे वितोंको प्न करे , और उन पर बडवई करे , जो ्दव तेरे ्वय ववभिवर करनव िवाते ाै ।
48 तू उ्के ्ब कविों और कलनवओंके ्वरव उ् घृवणत पुरष के पीछे ाो वलयव; इ् कवरण परिे शर कातव ाै , 49 िै तुझ पर विपव्यवं भेजूंगव; विरिवपन, दरर्तव, अकवल, तलिवर और िरी, वक तेरे घर उजवड ाो जवएं , और विनवश और िृ तु ाो जवएं । 50 और तेरी शखय की िवािव फूल की नवईं ्ू ि जवएगी, और जो तेरे ऊपर भेजव गयव ाै उ् ्े गि् उतन ाोगी। 51 तू कोडे लगनेिवली कंगवल सी के ्िवन, और घविों ्े तवडनव पवनेिवली के ्िवन वनबय ल ाो जवएगी, यावं तक वक शूरिीर और पेिी भी तुझे गाण न कर ्केगे । ाि तुिको 52 कव िै डवा ्े तेरे विरू आगे बढतव, याोिव की याी िवणी ाै , 53 यवद तू ने िे रे िुने हओं को ्दै ि अपने ावथों की िवर ्े घवत न वकयव ाोतव, और ितिवले ाोकर उनके िरे हओं के विषय िे या न काव ाोतव, 54 अपने िु ि की ्ु नरतव पगर करो? 55 तेरे ववभिवर कव पवतफल तेरी गोद िे राे गव, इ्वलथे तुझे पवतफल विले गव। 56 याोिव की या िवणी ाै , जै ्व तू ने िे रे िुने हओं के ्वथ वकयव ाै , िै ्व ाी परिे शर तुझ ्े करे गव, और तुझे विपव् िे डवले गव। 57 तेरे लडके भूिों िरे गे , और तू तलिवर ्े िवरव जवएगव; तेरे नगर ढवए जवएं गे , और तेरे ्ब लोग िै दवन िे तलिवर ्े नवश वकए जवएं गे । 58 और पावडोंके लोग भूि ्े िरे गे , और अपनव िवं ् िवएं गे, और अपनव ाी लोह पीएं गे , कोंवक िे रोरी और पवनी के भूिे ाोंगे। 59 तू दु :ि की नवईं ्िु ् के पवर ाोकर आएगव, और वफर विपव्यवं गाण करे गव। 60 और िवगय िे िे उजडे हए नगर पर रविव बोले गे, और तेरे दे श कव कुछ भवग नवश करे गे , और तेरी िवािव कव कुछ भवग लू र ले गे, और नवश हए बवबु ल िे लरर जवएं गे । 61 और तू उनके ्वरव भू्ी के ्िवन फेक वदयव जवएगव, और िे तेरे वलये आग के ्िवन ठारे गे ; 62 और तेरे नगरोंऔर भूवि और पावडोंको भी ्तवनवश कर डवले गे; तेरे ्वरे जं गल और फलदवर िृ ् आग िे जलव वदए जवएं गे । 63 तेरे लडकेबवले बनु िवई िे ले जवएं गे , और जो कुछ तेरव ाै उ्े भी लू र ले गे, और तेरे िु ि की शोभव वबगवड दे गे। अध्य 16 1 ाे बवबु ल, और आव्यव, तुि पर ावय! ाे विस और ्ीररयव, तुि पर वरकवर ाै ! 2 और अपके अपके अपके अपके अपके बवलकोंके वलथे विलवप करो, और शोक करो; कोंवक तुमवरव विनवश वनकर ाै । 3 तेरे पव् तलिवर भेजी गई ाै , और उ्े करन लररव ्कतव ाै ? 4 तुमवरे बीि आग भडक उठी ाै , उ्े करन बु झव ्कतव ाै ? 5 तुमवरे पव् विपव्यवं भेजी गई ाै , और िा करन ाै जो उने दू र कर ्के? 6 कव कोई िनुष भूिे व्ं ा को जं गल िे ्े भगव ्कतव ाै ? कव िूंरी के जलने पर कोई उ्की आग बु झव ्कतव ाै ? 7 कव कोई बलिन रनुरयर कव छोडव हआ तीर वफर फेर ्कतव ाै ? 8 परवकिी याोिव विपव्यवं भेजतव ाै , और िा करन ाै जो उने दू र कर ्कतव ाै ? 9 उ्के कोर ्े आग भडकेगी, और उ्े बु झवनेिवलव करन ाै ? 10 िा वबजवलयवं वगरवएगव, और करन न डरे गव? िा गरजे गव, और करन न डरे गव? 11 याोिव रिकी दे गव, और करन उ्के ्वमने कूरकर िूणय न कर दे गव?
12 पृयिी और उ्की नेिे भी डोल उठी;ं ्िु ् की गारवइयों ्े लारे उठती ाै , और उ्की लारे और िछवलयवू भी याोिव के ्वमने और उ्की शखय के तेज के ्वमने ववकुल ाो जवती ाै । 13 कोंवक उ्कव दवानव ावथ जो रनुष को झुकवतव ाै , िा बलिन ाै , और उ्के तीर जो िा िलवतव ाै िे िोिे ाै , और जब िे जगत की छोर तक िवरे जवने लगे गे, तब िे िूकेगे नाीं। 14 दे िो, विपव्यवं भेजी गई ाै , और जब तक पृयिी पर न आएं तब तक लररकर न आएं गी। 15 आग भडक उठी ाै , और जब तक पृयिी की नेि को भस न कर दे तब तक नाीं बु झेगी। 16 जै ्े परवकिी रनुरयर कव छोडव हआ तीर पीछे नाीं लररतव, िै ्े ाी विपव्यवं जो पृयिी पर भडकेगी, वफर लररकर न आएं गी। 17 ावय िु झ पर! वरकवर ाै िु झ पर! उन वदनों िे िु झे करन छु डवएगव? 18 दु :ि और बडे शोक कव आरम; अकवल और िाविृ तु की शुरआत; युूों की शुरआत, और शखययवू भयभीत ाो जवएू गी; बु रवइयों की शुरआत! जब ये बु रवइयवू आएू गी तो िै कव कर ू गव? 19 दे िो, अकवल और िाविवरी, केश और पीडव, ्ु रवर के वलए विपव् के रप िे भेजे गए ाै । 20 परनु इन ्ब बवतोंके कवरण भी िे अपनी दु षतव ्े न वफरे गे , और विपव्योंपर ्िय दव सरण न रिेगे। 21 दे ि, पृयिी पर भोजन की िसु एं इतनी ्सी ाो जवएं गी, वक िे अपने आप को अचव ्िझेगे, और तब पृयिी पर विपव्यवं , तलिवर, िां गी, और बडव उप्ि बढे गव। 22 कोंवक पृयिी के रानेिवलोंिे ्े बहतेरे भूि ्े नवश ाोंगे; और दू ्रे जो भूि ्े बि जवएं , उनको तलिवर ्े नवश वकयव जवएगव। 23 और िरे हए गोबर के ्िवन फेक वदए जवएं गे , और कोई उनको शवखन दे नेिवलव न ाोगव; कोंवक पृयिी उजड जवएगी, और नगर ढवए जवएं गे । 24 पृयिी पर िेती करने िव बोनेिवलव कोई िनुष न राे गव 25 िृ झ फल लवएं गे, और उनको करन बरोरे गव? 26 अं गूर पकेगे , और उने करन ररंदेगव? कोंवक ्ब सथवन िनुषों ्े उजवड ाो जवएं गे; 27 यावं तक वक एक िनुष दू ्रे को दे िने, और उ्कव श् ्ु नने की इचव करे गव। 28 कोंवक एक नगर िे ्े द् बिे राे गे, और दो िै दवन िे , जो घने अशेरव और िटवनों की दरवरों िे वछप जवएं गे । 29 जै ्े जै तून की बवरी िे एक एक पेड पर तीन यव िवर जै तून बिे राते ाै ; 30 यव जै ्े जब दवि की बवरी इकटी की जवती ाै , तो जो लोग दवि की बवरी िे यर ्े ढू ं ढते ाै , उन िे ्े कुछ झुण रा जवते ाै ; 31 इ्ी रीवत ्े उन वदनोंिे जो तलिवर ्े उनके घरोंकी तलवशी ले ते ाै उन िे ्े तीन यव िवर लोग बिे राे गे। 32 और पृयिी उजवड ाो जवएगी, और उ्के िेत पुरवने ाो जवएं गे , और उ्के िवगय और ्ब िवगय कवं रों ्े भर जवएं गे, कोंवक कोई उ् ्े ाोकर िलने न पवएगव। 33 कुूिवररयवू वबनव दू ले के विलवप करे गी; खसयवू वबनव पवत के विलवप करे गी; उनकव बे वरयवू विलवप करे गी, और उनकव कोई ्ावयक न ाोगव। 34 उनके दू ले युू िे नवश ाो जवएं गे, और उनके पवत भूि ्े िर जवएं गे । 35 ाे याोिव के दव्ो, ये बवते ्ु नो, और ्िझो। 36 दे िो, याोिव कव ििन ाै , गाण करो; वजन दे ितवओं की ििवय याोिव ने की ाै उन पर विशव् ित करो। 37 दे िो, विपव्यवं वनकर आती ाै , और थिती नाीं।
38 जै ्े जब सी नरिे िाीने िे बे रे को जन दे ती ाै , तो दो-तीन घंरे तक उ्के पेर िे बडी पीडव ाोती राती ाै , और जब बचव उतन ाोतव ाै , तब एक ्ण की भी पीडव नाीं ाोती। 39 इ्ी रीवत ्े विपव्यवं पृयिी पर आने िे विलम ्े न ाोंगी, और जगत छवती पीरे गव, और िवरों ओर ्े दु :ि पडे गव। 40 ाे िे री पजव, िे रव ििन ्ु न, युू के वलथे तैयवर ाो, और उन विपव्योंिे पृयिी पर पवथकोंकी नवईं ाो। 41 जो बे ितव ाै , िा भवगने िवले के ्िवन ाो; और जो िोल ले तव ाै , िा ाववन उठवनेिवले के ्िवन ाो। 42 जो िवल कव ववपवर करतव ाै , िा उ् ्े कुछ लवभ नाीं पवतव, और जो वनिवय ण करतव ाै , िा उ् िे राने न पवतव। 43 जो बोतव ाै , िा िवनो कवरतव ाी नाीं; िै ्े ाी दवि की बवरी लगवनेिवलव भी ऐ्व ठारतव ाै , िवनो अं गूर न तोड ्के। 44 जो बवा करते ाै , िे उनके ्िवन ाोते ाै वजनके ्नवन नाीं ाोती; और जो वििवा नाीं करते, िे विरु र के ्िवन ाै । 45 इ् कवरण पररशि करनेिवलोंकव पररशि वथय ाोतव ाै ; 46 कोंवक परदे शी उनकव फल कवरे गे, और उनकी ्मव् लू र ले गे, उनके घरोंको उजवड दे गे, और उनके बचों को बनु िवई िे ले ले गे, कोंवक बनु िवई और िां गी िे उनके बचे उतन ाोंगे। 47 और जो अपनव िवल लू र ले ते ाै , िे उतनव ाी अपने नगरों, और घरों, और ्मव्यों, और वनज ्मव् को लू र ले ते ाै । 48 याोिव कव याी ििन ाै , वक िै उनके पवप के कवरण उन पर और भी अवरक कोवरत ाोऊंगव। 49 जै ्े कोई िे शव वक्ी ्ीरी ्वरी और ्दविवररणी सी ्े डवा करती ाै ; 50 इ्वलये रिय अरिय ्े बै र रिेगव, जब िा अपनव शृं गवर करे गी, और जब िा आकर उ्की र्व करे गव, जो पृयिी पर ्ब पवपों कव भलीभवं वत पतव लगवतव ाै , तब िा उ्के ्वमने उ् पर दोष लगवएगी। 51 और इ्वलथे तुि उ्के ्िवन न ाो जवओ, और न उ्के कविोंके ्िवन ाो जवओ। 52 कोंवक थोडे ाी िे अरिय पृयिी पर ्े दू र वकयव जवएगव, और तुमवरे बीि रिय रवज करे गव। 53 पवपी या न काे , वक उ् ने पवप नाीं वकयव; कोंवक परिे शर उ्के व्र पर आग के अं गवरे जलवएगव, और िा पभु परिे शर और अपनी िवािव के ्वमने कातव ाो, िै ने पवप नाीं वकयव। 54 दे िो, पभु िनुषों के ्ब कविों को, उनकी कलनवओं, वििवरों और उनके हदयों को जवनतव ाै ; 55 वज् ने या ििन वदयव, पृयिी बनवई जवए; और या बनवयव गयव: सगय बनवयव जवए; और इ्े बनवयव गयव. 56 उ्के ििन ्े तवरे बने, और िा उनकी वगनती जवनतव ाै । 57 िा गवारे रन और उ्के िजवनों को ढू ं ढतव ाै ; उ् ने ्िु ् को, उ् िे जो कुछ ाै , ्ब नवप वलयव ाै । 58 उ् ने ्िु ् को जल के बीि िे बन कर वदयव, और अपने ििन ्े पृयिी को जल के ऊपर लरकव वदयव। 59 िा आकवश को बनरगवा के ्िवन फैलवतव ाै ; उ् ने उ्े जल के ऊपर सथववपत वकयव। 60 उ् ने जं गल िे जल के ्ोते, और पावडोंकी िोवरयोंपर कुण बनवए, वक ऊंिी िटवनों्े बवढ वनकलकर पृयिी पर जल बर्वए। 61 उ् ने िनुष को बनवयव, और उ्कव िन शरीर के बीि िे लगवयव, और उ्े ्वं ्, जीिन और ्िझ दी। 62 ावं , ्िय शखयिवन परिे शर कव आतव, वज्ने ्ब कुछ बनवयव, और पृथी के रासों िे ्ब वछपी हई बवतों कव पतव लगवतव ाै ,
63 वनशय िा तुमवरे आविषवरों को जवनतव ाै , और तुि अपने िन िे कव ्ोिते ाो, अथवय तत उन लोगों को भी जो पवप करते ाै , और अपनव पवप वछपवनव िवाते ाै । 64 इ्वलथे याोिव ने तुमवरे ्ब कविोंको भलीभवं वत जवं ि वलयव ाै , और तुि ्ब को लख्त करे गव। 65 और जब तुमवरे पवप पगर ाोंगे, तब तुि िनुषोंके ्वमने लख्त ाोगे , और उ् वदन तुमवरे ाी पवप ाी तुि पर दोष लगवनेिवले ठारे गे । 66 तुि कव करोगे ? यव तुि अपने पवपों को परिे शर और उ्के सगय दूतों के ्वमने कै्े वछपवओगे ? 67 दे िो, परिे शर आप ाी नवयी ाै , उ् ्े डरो; अपने पवपों ्े दू र राो, और अपने अरिय के कविों को भूल जवओ, और ्दव के वलये उन िे ास्ेप न करो; इ्ी रीवत ्े परिे शर तुमे आगे ले जवएगव, और तुमे ्ब विपव्यों ्े बिवएगव। 68 कोंवक दे िो, बडी भीड कव कोर तुि पर भडकव ाै , और िे तुि िे ्े कुछ को छीन ले गे, और आल्ी ाोकर िू रतों पर िढवए हए पदवथ् ्े तुमे खिलवएं गे । 69 और जो उन ्े ्ाित ाों, िे ठटों िे और वननव िे , और पैरों ्े ररंदे जवएं गे । 70 कोंवक याोिव के डरिै यों्े ्ब सवनोंिे और ्ब नगरोंिे बडव बलिव ाोगव। 71 िे पवगलोंके ्िवन ाोंगे, और वक्ी को भी न बखेगे, िरन याोिव के डरिै योंको लू रेगे और नवश करे गे । 72 कोंवक िे उनकव िवल उजवड दे गे, और उनकव िवल छीन ले गे, और अपने घरों ्े वनकवल दे गे। 73 तब िे पगर ाो जवएं गे, जो िे रे िुने हए ाै ; और िे आग िे ्ोने के ्िवन जवं िे जवएं गे । 74 ाे िे रे वपयो, ्ु नो, याोिव की याी िवणी ाै : दे िो, ्ं कर के वदन वनकर ाै , परनु िै तुमे उ् ्े बिवऊंगव। 75 ित डरो, और न ्ने ा करो; कोंवक परिे शर तुमवरव िवगय दशयक ाै , 76 और जो िे री आजवओं और उपदे शोंको िवनते ाै , उनके अगु िे, पभु याोिव यों कातव ाै , तुमवरे पवप तुि पर भवरी न पडे , और तुमवरे अरिय के कवि तुि पर न बढे । 77 वरकवर ाै उन पर जो अपने पवपों ्े बं रे ाै , और अपने पवपों ्े ढके हए ाै जै ्े कोई िै दवन झववडयों ्े , और उ्कव िवगय कवू रों ्े ढू कव हआ ाो, वज् ्े कोई िनुष न िल ्के! 78 उ्े वबनव कपडों के छोड वदयव जवतव ाै , और भस ाोने के वलये आग िे डवल वदयव जवतव ाै ।