द एपिस् ऑफ इग्पाटि ाू िॉ्ीक्ि् अध्ट 1 1 इग्नाटि, जेल् निटोफोरि तको केहे ज्िे, पॉलीक्प्, चच् के निशप जेन सन्् म ह्वट; उं कर पट्वेेक, िल् खुद ल भगव्न नपत्, अउ पभु टीशु मिीह डहर ले अनदे खी करे नगि: ििो खुशी। 2 ज्नके के भगव्न के पनत तुँहर मन, एक अचल चट्न म जइिे ल्र ह्वट; मै अनत धनव्द दे वत ह्वं, के मोल् तुँहर धन चेहर् ल दे खे के ल्टक िमझे गे ह्वट, जेम् मै हमेश् ईशर म आनल्त रहं । 3 एखरे िेती मै तुँहर ले नवनती करत हवं नक जउन ईशर के कृप् ले तू कपड् पनहरे हे, अपन रद् म आगू िढट, अउ दू िर ििो झन ल पेररत करट नक ओमन ल िच्ट ज् िकट। 4 दे ह अउ आत् दु नों के पूर् ि्वध्नी के िंग अपन ठऊर िन्टे रखव : एकत् ल िंरनेत रखे के अपन पट्ि िन्व, जेकर ले कुछ भी िनि़ट् नइ होवट। ििो मनखे के िंग िहन, जइिे पभु तको िंग ह्वट। 5 पेम म ििो के िहटोग करव, जइिे तको करिे। निन् रके प्ि्न् करव : जेन ि्त के तको पनहली ले ह्वट ओकर ले ज्द् िमझ म्ं ग। चौकि रहो, अपन हौिल् हमेश् ज्गत रइही। 6 हर एक ले ि्त करव जइिे भगव्न तुँहर िेम करही। ििो के कमजोरी ल िहन, एक निद लड्क् के रप म; नजह्ं शम महत्री ह्वट, ल्भ तको ज्द् ह्वट। 7 िुघ्र चेल् मन ले पेम करव त क् धनव्द हवट? फेर िल् तुँहर अधीन करव जेन शर्रती ह्वट, नमत् म। 8 हर ््व एक ही प्लर ले ठीक नइ होवत ह्वट : टनद रोग के नवलट जोरदरह् होही, त ओल् नरम उपच्र ले िंशोनधत करे : ििो ि्त म न्नगन के रप म िुलदम्न, फेर किूतर जइिे ह्ननरनहत हो। 9 इही िेती तू म्ं ि अउ आत् ले िने हव; नक तुँहर चेहर् के आगू नदखइट् ओ ि्त ल िंशोनधत कर िकट। 10 अउ जउन मन नइ दे खे ज्त हे, ओमन िर परमेशर ले प्ि्न् करट नक ओमन ओमन ल तुंहर आगू पका करट, त्नक तू शून म च्हत रइही, फेर हर उपह्र म पचुर म्त् म हो िकट। 11 िमट तुँहर म्ं ग करत ह्वट, जइिे प्टला हव् करत ह्वटं; अउ जेन तूफ्न म उछ्ले ज्त ह्वट, वो सग् नजह्ं होही; जेखर ले तू ईशर ल प् िकट। 12 परमेशर के लड्क् के रप म िंटमी रहो: तुँहर आगू प््नवत मुकुा अमरत्, अउ अनन जीवन ह्वट; जेकर िंिंध म तको पूर् िमझ्टे ज्त ह्वट। मै ििो ि्त म तुँहर जम्नती रइही, अउ अपन िंधन, जेल् तको प्र ररनहि। 13 जउन मन शेट के ल्टक लगत हे, िल् दू िर निद्ं त ल निख्वट, ओमन ल परे श्न नइ करट। दढ अउ अचल खडे होव, जइिे औ अननवल जि ओल् पीाे ज्िे। 14 ््टल होन्, अउ फेर उपर क्िू प्न् एक िह्दु र लड्क् के नहस् ह्वट। फेर नवशेष रप ले हमन ल भगव्न के ख्नतर ििो ि्त ल िहन करन् च्ही, त्नक वो हमर िंग िहन कर िकट। 15 हर नदन आन ले िनि़ट् होवट : िमट म नवच्र करे ; अउ ओकर अपेे् करही, जेन ििो िमट ले ऊपर, श्शत, अदृ ह्वट, ह्ल्ँ नक हमर ख्नतर दृम्न िन्टे गे ह्वट: अप्रदश्, अउ अगम, फेर हमर ख्नतर कष के अधीन; हमर मोे के ख्नतर ििो पक्र के तरीक् ल िहन करत ह्वटं। अध्ट 2 1 नवधव् मनके उपेे् नइ होवट : भगव्न के ि्द हो, उं कर िंरेक हो। 2 तुँहर ज्नक्री अउ िहमनत के निन् कुछ नइ करे ज्ए; न त तू कुछु करिे निव्ट ईशर के इच् के अनुि्र; जइिे तको करत ह्वटं, ििो ल्रत् के ि्ि। 3 अपन नवध्निभ् मन ल अउ ज्द् भरे : ििो के न्म ले पूछत्छ करट। 4 मनखे अउ नौकर्नी िेवक मन ल नजरअंद्ज नइ करट; न त ओल् फुल्टे ज्ए: िल् ओल् ईशर के मनहम् के ज्द् अधीन होवट, त्नक वो ओकर ले िनि़ट् सतंतत् प् िके। 5 ओमन ि्व्जननक कीमत म मुक होए के इच् नइ करट, के वो अपन व्िन् के गुल्म नइ होवट। 6 दु ष कल् ले भ्गन्; ट् फेर उं खर कोनों नकिम के नजकर नइ करट। 7 मोर िनहनी मन ले कहं नक ओमन पभु ले पेम करट; अउ दे ह अउ आत् दू नों म अपन पनत ले िंतुष होही।
8 अइिने ़ं ग ले मोर भ्ई मन ल ईि् मिीह के न्व म आहव्न करट नक ओमन अपन पन् मन ले पेम करट, इह्ं तक नक पभु चच् के रप म ्लो पेम करट। 9 टनद कोनो मनखे कुंव्री अव्् म रनह िकत ह्वट, मिीह के दे ह के िम्न के ख्नतर ओल् निन् ्मंड करे िने रहन् च्ही; फेर ्मंड करे म ओल् पूव्वत कर दे ज्िे। अऊ टनद वो निशप ले ज्द् िंज्न ले ज्टे के इच् रखत ह्वट त वो भष ह्वट। 10 फेर टे िि अइिे हो ज्िे जइिे निह्व होवत ह्वट, च्हे पुरष हो ट् न्री, निशप के िहमनत ले एक िंग आन्, त्नक उं कर निह्व ईशरीटत् के मुत्निक हो िकट, न नक व्िन् म। 11 ििो िुत् ईशर के िम्न म करे ज्ए। 12 निशप ल िुनो, त्नक भगव्न तको िुन िकट। मोर आत् उं कर ख्नतर िुरे् होही जेन अपन निशप के िमे िमप्प करत ह्वटं, उं कर पेलेार अउ डीकन के ि्ि। अऊ मोर नहस् भगव्न म उं कर िंग होवट। 13 एक दू िर के िंग शम; एक िंग िं्ष् करे , एक िंग दौडे , एक िंग पीनडत हो; िंग म िुते, अउ एक िंग उठिे; जेम् ईशर के क्रभ्री, अउ मूल्ं कनकत्् , अउ मंती के रप म ि्नमल हे । 14 कृप् करव जेकर अधीन टुद करव, अउ जेकर ले तुँहर मजदू री नमलत ह्वट। आप म ले कोनो भी मनखे ल भगोड् नइ नमलट; फेर तुँहर िपनतस् िने रइही, जइिे तुँहर भुज्; अपन नवश्ि, जइिे अपन हे लमेा; अपन द्न, अपन भ्ल् जइिन; अपन धैट्, अपन पूर् कवच के रप म। 15 तुँहर िुत् ल तुँहर पभ्र होवट, जेकर ले तको उपटुक इन्म नमल िकट। अइिन म नमत् म एक-दू िर के पनत धीरज रहो: जइिे भगव्न तुँहर नतर ह्वट। 16 ििो ि्त म तुँहर खुशी होवट। अध्ट 3 1 अि जइिे िीररट् म एं नाओक के नगरज््र, जइिे मोल् ित्टे गे ह्वट, तुँहर प्ि्न् के म्धम ले ह्वट; मोल् तको भगव्न म ज्द् नदल्ि् अउ निन् परव्ह के रे हे ह्वट; टनद अइिन होही के कष ले मै ईशर के प्ला करिो; नक तुँहर प्ि्न् के म्धम ले मै मिीह के चेल् प् िकूं। 2 हे ििले टोग पॉलीक्प् ए िहत नफा होही नक ओमन चुननंद् पररषद ल िुल्ट, अउ कोनो अइिन मनखे ल चुने जेल् आप नवशेष रप ले पेम करट, अउ जउन शम के रोगी होवट; जेकर ले वो भगव्न के दू त हो िकट; अउ नक िीररट् ज्के वो तुँहर िरलग पेम के मनहम्मंडन कर िकट, मिीह के ्ुनत तक। 3 एक ईि्ई के प्ि अपन शलक नइ ह्वट: िल् ईशर के िेव् के ख्नतर हमेश् फुरित म रहन् च्ही। अि टे िुत् भगव्न अउ तुँहर दू नों के ह्वट: जि तको एल् निद करे होही। 4 क्िर के मै ईशर के कृप् ले भरोि् करिे के पभु म तुँहर ख्नतर उपटुक हर अच् क्म के ख्नतर तको तइट्र ह्वटं। 5 अइिन म ित के पनत तुँहर ईम्नद्र सेह ल ज्नके ए ल्ु पत ले तुँहर मन ल पेररत करे ह्वं। 6 फेर जतक् िर ििो नगरज््र मन ल नइ नलख प्ट हे , क्िर नक मै अच्नक तोआि ले नेपोनलि िर रव्न् होन् च्ही; क्िर नक अइिने ओ मनखे मनके आज् हवट, जेखर िुख के मै अधीन हवं ; क् तुँहर प्ि के चच् मन ल नलखत ह्वटं, जइिे भगव्न के इच् म ननद् श दे ज्त ह्वटं, के वो तको अइिे तरीक् ले कर िकत ह्वटं। 7 जेन िेम ह्वट ओमन दू त भेजे; अउ ि्की मन अपन नचटी ओ मनखे मन ल भेजे, जउन मन ल तुँहर डह्र ले भेजे ज्ही: त्नक तुँहर ििो अनंत क्ल तक मनहम्मंडन होवट, जेम् ले तू ल्टक हव। 8 मै ििो ल न्म ले नमन करत ह्वं, नवशेष रप ले एनपा् ोपि के प्ी ल उं कर ििो ्र अउ लइक् के िंग। ए मउक् म ओमन अपन िुह्नगन अट्लुि ल नमन करीन। ९ मै ओल् नमन करत हवं जउन ल तुँहर डह्र ले िीररट् भेजे ज्ट के ल्टक िमझे ज्ही। अनुगह हमेश् उं कर िंग हो, अउ पॉलीक्प् के िंग जेन ओल् भेजत ह्वट। 10 मै आप ििो ल हमर परमेशर, ईि् मिीह म खुिट्ली के क्मन् करत हवं; जेम् ज्री ह्वट, ईशर के एकत् अउ िंरेप म। 11 म एले ल अपन िुघ्र नपट ल नमन करत हवं। भगव्न म नवद्ई।