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Chhattisgarhi - Honor Your Parents Your Father and Mother

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अपन पपता अउ अपन मां के समान कर: तापक तेरा पिन ओ भूपम म लं बा हो जे न पभर तेरा परमेशर तरझे िे थे। पनर्मन 20:12 मोर बेटा पभर के ताडना ल तरच नइ मानय; न त ओकर सरधार ले थके : जे कर खापतर यहोवा पे म करत हावय ओला सरधारत हावय; इहां तक के पपता के रप म तको बेटा जे मा वो पसर होथे । नीपतवचन 3:11-12 जे मा सरलैमान के कहावत घलो सापमल हे । बरद्मान बेटा खरशहाल बाप बनाथे : फेर मूख् बेटा अपन मां के भारीपन होथे । नीपतवचन 10:1 तरँहर जनम ले वइया अपन पपता ल सरनो, अउ बरप़या होए म अपन मां ल तरच नइ मानय। Proverbs 23:22 लइका मन पभर म अपन माता-पपता के बात मानव : काबर के इही सही हावय। अपन बाप-मां के समान; (जे न वािा के संर पपहली आजा हावय;) पक ए ह तरँहर संर अचा होही, अउ तू धरती म लं बा पजं िा रइही। इपफपसयों 6:1-3 अपन पपता के पू रा मन ले समान करव, अउ अपन मां के िर ख ल नइ भूलय। सररता राखव के तको उं कर जनम नइ होए ररपहस; अउ जउन काम ओमन तरँहर बर करे हे , ओखर पपतपू पत् कइसे कर सकत हे । Ecclesiasticus 7:27-28 Ecclesiasticus 3:1-16 1 हे लइका मन ल अपन पपता ल सरनव अउ ओखर बाि करव, तापक आप सररप्त रइही। 2 काबर पक पभर ह लइका मन उपर पपता के समान िे हे, अउ बेटा मन उपर मां के अपधकार के पर प् करे हे । 3 जे न अपन पपता के समान करत हावय वो अपन पाप के पायपयत करत हावय: 4 अउ जे न अपन मां के समान करथे उही ह खजाना पबसाथे । 5 जे न अपन पपता के समान करही, ओला अपन लइका के खरशी होही; अउ जब ओमन अपन पाथ् ना करही, त ओला सरने जाही। 6 जे न अपन पपता के समान करही, ओकर लं बा उमर होही; अउ जे न भरवान के आजाकारी होही, वो अपन मां के सरकून होही। 7 जे न पभर ले डरत हावय वो अपन पपता के समान करही, अउ अपन माता-पपता के सेवा करही, जइसे उं कर सामी मनके होही। 8 अपन बाप-मां ल शब अउ कम् िू नों म समान करय, तापक उं कर डहर ले तरँहर उपर आशीवा् ि आवे। 9 पपता के आशीवा् ि ले लइका के घर सापपत होवत हावय; फेर मां के शाप बरपनयाि ल जड िे थे। 10 अपन पपता के अनािर म मपहमा नइ होवय; काबर के तरँहर पपता के अनािर तरँहर कोनो मपहमा नइ हावय। 11 काबर पक मनखे के मपहमा ओखर पपता के समान ले होथे ; अउ अनािर म मां लइका के पनंिा हावय। 12 मोर बेटा अपन पपता के उमर म मि​ि कर, अउ जब तक पजं िा हावय तब तक ओला शोक नइ करय। 13 अउ यपि ओकर समझ पवफल हो जाथे त ओकर संर धैय् राखय; अउ ओला तरच नइ करय जब तू अपन पू रा ताकत म होही। 14 काबर पक तेरा पपता के छर टकारा ल भरलाये नइ जाही: अउ पाप के बजाय तरझे बनाय बर जोडे जाही। 15 तेरा क् के पिन म एला सररता करे जाही; तरँहर पाप तको पपघल जाही, जइसे उपचत रम् मौसम म बफ्। 16 जे न अपन पपता ल तार िे थे वो ह पनना करइया के रप म हावय; अउ जे न अपन मां ल कोपधत करथे ओला शाप पमलत हावय: ईशर के।


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Chhattisgarhi - Honor Your Parents Your Father and Mother by Filipino Tracts and Literature Society Inc. - Issuu