नासरी लोग के प् गिनती 6:1-21 मे गिहल िइल बा 1 तब परमेस् वर मूसा से कहलन। 2 इसारल के लोि से कहऽ गक जब कवनो मरि भा मेहरार नासररयन के वत करे खागतर अलिा हो जाव त यहोवा से अलिा हो जाई। 3 ऊ शराब आ मािक पेय से अलिा होखे के चाही ं आ ना त शराब के गसरका, ना शराब के गसरका पीये के चाही,ं ना अंिूर के कवनो शराब पीये के चाही ं, ना नम अंिूर खार के चाही ं आ ना सूखल अंिूर खार के चाही ं. 4 अपना अलिा रहला के सब गिन उ बेल के पेड से बनल कुछु ओ ना खाई, िुठली से लेके गछलका तक। 5 जब तक ओकरा अलि होखे के वत के पूरा गिन ओकरा माथा प कवनो उसरा ना आई, जब तक उ गिन पूरा ना होई, जवना मे उ पभु से अलि ना होईहे , तब तक उ पगवत होईहे अवुरी अपना माथा के बाल के ताला उिे गिहे । 6 जब तक उ यहोवा से अलि होई, उ सब कवनो लाश ना आई। 7 जब ऊ लोि मरला त ऊ अपना बाप भा महतारी, भाई भा बगहन खागतर अपना के अशुद ना बनाई काहे गक ओकर भिवान के पगवतता ओकरा माथा पर बा. 8 अपना गवरह के सब गिन उ पभु खागतर पगवत रहे ला। 9 अिर केह ओकरा से अचानक मर जाव आ ऊ अपना पगवतता के गसर के अशुद कर िे ले बा। तब ऊ अपना शुदद के गिन आपन माथा मुंडवा ली, सातवाँ गिन मुंडन करी। 10 आठवाँ गिन ऊ िू िो कछु आ भा िू िो कबूतर के बचा के पुजारी के लिे मंडली के तमू के िु आर पर ले आवे। 11 पुजारी रिो पापबगल खागतर आ िू सरा होमबगल खागतर चढाई आ ओकरा खागतर पायगयत करी गक ऊ मुअल के पाप कइले बा आ ओही गिन ओकर माथा पगवत करी। 12 ऊ अपना गवरह के गिन पभु के समगपपत करी आ अपराध बगल खागतर पगहला साल के मेमना ले आई, लेगकन पगहले के गिन खतम हो जाई, काहे गक ओकर गवरह अशुद हो िइल रहे । 13 जब नासरी के गवरह के गिन पूरा हो जाई त ओकरा के मंडली के तमू के िु आर पर ले आवल जाई। 14 ऊ आपन बगलिान पभु के सामने चढाई, होमबगल खागतर रक साल के मेमना, पापबगल खागतर रक साल के मेमना, गबना कवनो िाि के मेमना, आ शां गत बगल खागतर रिो मेढा गबना िाि। 15 रक टोकरी मे गबना खमीर के रोटी, तेल मे गमला के महीन आटा के केक, तेल से अगभगिक गबना खमीर के रोटी के वेफर, आ ओकर अनबगल आ ओकर पेयबगल। 16 पुजारी ओह लोि के परमेश् वर के सामने ले आके आपन पापबगल आ ओकर होमबगल चढाई।
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17 ऊ मेढा के अखमीरी के रोटी के टोकरी के साथे परमेश् वर के शां गत बगल चढाई, पुजारी आपन अनबगल आ पेयबगल भी चढाई। 18 नासरी मंडली के तमू के िु आर पर अपना बगलिान के गसर मुंडवा के अपना बगलिान के गसर के बाल लेके ओह आि मे डाल िी जवन शां गत बगलिान के नीचे बा। 19 पुजारी मेढक के गभजल कंधा आ टोकरी मे से रिो गबना खमीर के केक आ रिो गबना खमीर वाला वेफर लेके नासरी के हाथ मे डाल गिहे , जब ओकरा अलिा के बाल मुंडवा गिहल जाई। 20 पुजारी ओह लोि के लहरावे के बगलिान के रप मे पभु के सामने लहरावे के चाही,ं ई याजक खागतर पगवत बा, लहरावे वाला छाती आ कंधा उठा के, आ ओकरा बाि नासरी शराब पी सकेला। 21 जवन नासरी प् लेले बा आ ओकरा अलिा होखे खागतर पभु के चढावे के गनयम ह, रकरा अलावा ओकरा हाथ से गमले वाला वत के अनुसार जवन वत कइले रहे , ओकरा के अपना अलिा होखे के गनयम के अनुसार करे के पडी।
सैम सन के नाम से जानल जाला नायाधीश लोि 13 के बा 1 इसारल के लोि गफर से पभु के नजर मे बुराई कइल। आ परमेस् वर चालीस साल तक ओह लोि के पगलसीयन के हाथ मे सौंप गिहलन। 2 सोरा मे िान के वंश के रिो आिमी रहले, जेकर नाम मनोआ रहे । उनकर मेहरार बंजर रहली आ ना भइल रहे । 3 तब परमेस् वर के िू त ओह औरत के सामने पकट होके कहलस, “िे खऽ, तू बंजर हो िइल बाडऽ, आऊ बचा पैिा नइखऽ करत बाडऽ, लेगकन तू िभपवती होके रिो बेटा पैिा करबऽ। 4 अब हम तोहरा से सावधान रहऽ आ शराब ना पीईं आ ना कवनो अशुद चीज मत खाईं। 5 काहे गक िे खऽ, तू िभपवती होके रिो बेटा पैिा करबऽ। आ ओकरा माथा पर कवनो उसरा ना आई, काहे गक लइका पेट से ही भिवान खागतर नासरी हो जाई आ ऊ इसारल के पगलसीयन के हाथ से बचावे लािी। 6 तब उ मेहरार अपना पगत से कहली गक, “परमेशवर के रिो आिमी हमरा लिे आईल रहे , उनुकर चेहरा भिवान के िू त के चेहरा गनहन रहे , जवन गक बहत भयानक रहे , लेगकन हम उनुका से ना पूछनी गक उ कहाँ से आईल बाडे अवुरी ना उ आपन नाम बतवले। 7 लेगकन उ हमरा से कहलस गक िे ख, तू िभपवती होके रिो बेटा पैिा करब। अब ना शराब पीईं आ ना कवनो अशुद चीज खाईं, काहे गक लइका िभप से लेके मरला के गिन तक भिवान खागतर नासरी रही। 8 तब मनोआ यहोवा से गनहोरा कइलस आ कहलस, “हे पभु, जवन परमेशर के आिमी के तू भेजले बाडू, ऊ हमनी के लिे आके हमनी के गसखावे गक हमनी के पैिा होखे वाला बचा के का करब जा। 9 भिवान मनोआ के आवाज सुनले। खेत मे बइठल घरी परमेस् वर के िू त फेर से ओह औरत के लिे आ िईले, लेगकन ओकर पगत मनोआ ओकरा संिे ना रहले। 10 उ मेहरार जली-जली िौड के अपना पगत के बतावत कहलस गक, िे ख, उ आिमी हमरा सोझा िे खाई िे ले बा, जवन गक पगछला गिन हमरा लिे आईल रहे । 11 तब मनोआ उठ के अपना मेहरार के पीछे -पीछे चल के ओह आिमी से पूछले, “का तू उ आिमी ह जवन ओह औरत से बात कईले बाडू?” आ कहलन गक हम हईं. 12 मनोआ कहलस, “अब तोहार बात पूरा होखे।” हमनी के लइका के कइसे आिे श िे ब जा आ ओकरा के कइसे करब जा? 13 यहोवा के िू त मनोआ से कहलस, “हम ओह औरत से जवन कुछ कहले रहनी ओकरा से सावधान रहे ।” 14 ऊ बेल के कवनो चीज ना खा सकेली, ना शराब भा शराब पीये सकेली आ ना कवनो अशुद चीज खा सकेली।
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15 तब मनोआ परमेश् वर के िू त से कहलस, “हम तोहरा के तब तक रोक के रख िी ं जब तक गक हमनी के तोहरा खागतर रिो बछडा तैयार ना कर लेब जा।” 16 तब परमेश् वर के िू त मनोआ से कहलस, “तू हमरा के रोक के रखब त हम तोहार रोटी ना खइब, आ अिर तू होमबगल चढावे के बा त ओकरा के यहोवा के चढावे के पडी। काहे गक मनोह के इ ना मालूम रहे गक उ पभु के िू त हवे। 17 मनोआ परमेश् वर के िू त से कहलस, “तोहार नाम का ह, तागक जब तोहार बात पूरा होई त हमनी के तोहार आिर करी ं जा? 18 यहोवा के िू त ओकरा से कहलस, “तू हमार नाम काहे पूछत बाडू, काहे गक इ िुप बा? 19 तब मनोआ रिो बछडा के अनबगल के साथे लेके रिो चटान पर पभु के चढवले। आ मनोह आ उनकर मेहरार िे खत रहले। 20 जब वेिी के लौ से आकाश के ओर बढल त यहोवा के िू त वेिी के लौ मे चढ िईले। मनोह आ उनकर मेहरार ओकरा के िे ख के जमीन पर मुंह से गिर िइलन। 21 लेगकन परमेस् वर के िू त अब मनोआ आ उनकर मेहरार के सामने ना लउकलन। तब मनोह के पता चल िईल गक उ पभु के िू त हवे। 22 मनोआ अपना मेहरार से कहलस, “हमनी के जरर मरब जा, काहे गक हमनी के परमेशर के िे खले बानी जा।” 23 लेगकन उनकर मेहरार उनका से कहली, “जगि यहोवा हमनी के मारे मे पसन रगहत त हमनी के हाथ से होमबगल आ अनबगल ना गमगलत, ना ही उ हमनी के इ सब बात बताईत, ना ही रह समय हमनी के इ सब बात बतवले रहते। 24 ऊ मेहरार रिो बेटा के जनम कइलस आ ओकर नाम गशमशोन रखलस आ ऊ लइका बड हो िइल आ यहोवा ओकरा के आशीि गिहलन। 25 सोरा आ रसाओल के बीच िान के डे रा मे पभु के आता ओकरा के कबो-कबो गहलावे लिले। नायाधीश लोि के 14 1 गशमशोन गतमनाथ मे चल के गतमनाथ मे पगलसीयन के बेटी के रिो मेहरार िे खले। 2 ऊ ऊपर आके अपना बाप-माई के बतवले आ कहलन गक, “हम गतमनाथ मे पगलसीयन के बेटी मे से रिो मेहरार िे खले बानी। 3 तब उनकर बाप आ महतारी उनकरा से कहलन, “का तोहार भाई लोि के बेटी मे भा हमरा सब लोि मे कबो कवनो मेहरार नइखे गक तू खतना ना भइल पगलसीयन के मेहरार लेबे खागतर चल जाऽ?” गशमशोन अपना बाप से कहलस, “हमरा खागतर ओकरा के ले आवऽ। काहे गक उ हमरा के बगढया से खुश करे ली। 4 लेगकन उनकर बाप आ महतारी इ ना जानत रहले गक उ पगलसीयन के दखलाफ मौका खोजत रहले, काहे गक उ समय पगलसीन के इसारल पर पभुभ रहे । 5 तब गशमशोन आ ओकर बाप आ महतारी गतमनाथ उतर के गतमनाथ के अंिूर के बिइचा मे चल िइलन आ िे खऽ गक रिो शेर के बचा ओकरा दखलाफ िजपत रहे । 6 तब परमेस् वर के आत् मा ओकरा पर जोर से आ िइल आ ऊ ओकरा के ओइसही ं फाड गिहलस जइसे ऊ बछडा के फाड िे त होखे आ ओकरा हाथ मे कुछ ना रहे , बागकर ऊ अपना बाप भा महतारी के ना बतवले. 7 ऊ नीचे जाके ओह औरत से बात कइलन। आ ऊ गशमशोन के बगढया से खुश कइली। 8 कुछ समय बाि उ शेर के लाश िे खे खागतर रक ओर मुड िईले अवुरी िे ख, शेर के लाश मे मधुमकी अवुरी शहि के झंुड रहे । 9 ऊ ओकरा के अपना हाथ मे लेके खात िइलन आ अपना बाप-माई के लिे अइले आ ऊ लोि के िे गिहलन आ ऊ लोि खा िइल, बागकर ऊ ओह लोि के ना बतवले गक ऊ शेर के लाश से शहि गनकाल गलहले बाडन. 10 तब उनकर बाप ओह औरत के लिे चल िइलन आ गशमशोन उहाँ भोज बनवले। काहे गक नवही लोि अइसने करे खागतर इसेमाल करत रहे .
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11 जब उ लोि ओकरा के िे ख के तीस िो साथी के लेके अइले। 12 गशमशोन ओह लोि से कहलस, “हम अब तोहनी खागतर रिो पहे ली गनकालब, अिर तोहनी पवप के सात गिन के भीतर हमरा के ई बात के बारे मे जरर बता सकीले आ ओकरा के पता लिा सकेनी त हम तोहनी के तीस चािर आ तीस िो बिल के कपडा िे ब। 13 लेगकन अिर तू लोि हमरा के ना बता पइब त हमरा के तीस िो चािर आ तीस िो बिले वाला कपडा िे बऽ। उ लोि ओकरा से कहलस, “अपना पहे ली के आिे बढा ि, तागक हमनी के सुन सकीले।” 14 ऊ ओह लोि से कहलन, “खार वाला से भोजन गनकलल आ बलवान से गमठास गनकलल। आ तीन गिन मे पहे ली ना बता पवले। 15 सातवाँ गिन उ लोि गसमशोन के मेहरार से कहलस गक, “अपना पगत के लुभा के हमनी के पहे ली बतावे , कही ं हमनी के तोहरा आ तोहरा गपता के घर के आि से ना जरा िे नी जा। का अइसन नइखे? 16 गशमशोन के मेहरार ओकरा सोझा रोवत कहलस, “तू हमरा से नफरत करत बाडू, हमरा से पार नई करत बाडू। उ ओकरा से कहलस, “िे खऽ, हम ई बात आपन बाप-माई ना बतवले बानी आ का हम तोहरा के बताइब?” 17 जबले उ लोि के भोज चलत रहे तब तक उ सात गिन तक उनुका सोझा रोवत रहली अवुरी सातवां गिन उ उनुका के बतवले, काहे की उनुका प चोट लािल रहे । 18 सूरज डूबे से पगहले सातवाँ गिन शहर के लोि ओकरा से पूछले, “शहि से भी मीठ का होला?” आ शेर से मजबूत का बा? ऊ ओह लोि से कहलन गक अिर तू लोि हमरा बगछया से जोत ना कइले रहती ं त हमार पहे ली ना पता चगलत। 19 तब परमेश् वर के आत् मा ओकरा पर आके ऊ अशेलोन मे उतर के ओह लोि मे से तीस आिमी के मार गिहलन आ ओह लोि के लूट के सामान लेके पहे ली बतावे वाला लोि के कपडा बिल गिहलन। उनकर कोध भडक िइल आ ऊ अपना बाप के घरे चल िइलन. 20 लेगकन गशमशोन के पती ओकर साथी के िे गिहल िईल, जेकरा के उ अपना िोस के रप मे इसेमाल कईले रहले। नायाधीश लोि के 15 1 लेगकन िेहं के कटाई के समय मे कुछ िे र मे गशमशोन रिो बची लेके अपना पती से गमले िईले। ऊ कहलस, “हम अपना मेहरार के लिे कोठरी मे जाइब।” बागकर ओकर बाबूजी ओकरा के भीतर ना जार िे त रहले. 2 ओकर बाप कहलन, “हमरा त इहे लािल गक तू ओकरा से पूरा तरह से नफरत करत बाडू। रही से हम ओकरा के तोहरा साथी के िे िे नी, का ओकर छोट बगहन ओकरा से िोरी नईखी? ओकरा के ले ली,ं हमरा से गनहोरा बा गक ओकरा जिह पर। 3 गशमशोन ओह लोि के बारे मे कहलन, “अब हम पगलसीयन से भी गनि्ि होखब, भले हम ओह लोि के नाराजिी करब।” 4 गशमशोन जाके तीन सौ लोमडी पकड के आि के चीरा लेके पूंछ से पूँछ मे घुमा के िू िो पूंछ के बीच मे आि के चीरा डाल गिहलस। 5 जब उ धबा के आि लिा के पगलसीयन के खडी खाई मे जार िे ले अवुरी अंिूर के बिइचा अवुरी जैतून के संिे झटका अवुरी खडा धान के भी जरा िे ले। 6 पगलसी लोि पूछल, “ई के कइले बा? उ लोि जवाब िे ले, “गसमशोन, गतमनी के िामाि, काहे गक उ अपना पती के लेके अपना साथी के िे िे ले रहले।” पगलसी लोि चढ के ओकरा आ ओकर बाप के आि से जरा गिहले। 7 गशमशोन ओह लोि से कहलस, “भले तू लोि अईसन काम करबऽ, तबो हम तोहनी से बिला लेबऽ आ ओकरा बाि हम छोड िे ब।”
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8 ऊ ओह लोि के कूद् आ जां घ पर बहते कत कर गिहलन आ ऊ नीचे उतर के रटम चटान के चोटी पर रह िइलन. 9 तब पगलसी लोि चढ के यहिा मे डे रा डाल के लेही मे फइल िइलन। 10 यहिा के लोि कहले, “तू हमनी के दखलाफ काहे आवत बाडू? उ लोि जवाब िे ले गक, हमनी के गशमशोन के बाने खागतर चढल बानी जा, जईसे उ हमनी के संिे कईले बाडे । 11 यहिा के तीन हजार आिमी रताम के चटान के चोटी पर जाके गशमशोन से कहले, “का तू नई जानत गक पगलसी हमनी के शासक हवे?” ई का ह जवन तू हमनी के साथे कइले बाडऽ? उ लोि से कहलस, “जइसे उ लोि हमरा संिे कईले रहले, ओसही हम ओ लोि के संिे कईले बानी।” 12 उ लोि ओकरा से कहलस, “हम तोहरा के बाने खागतर उतरल बानी जा तागक हम तोहरा के पगलसीयन के हाथ मे सौंप सकीले।” गशमशोन ओह लोि से कहलन, “हमरा से कसम खाईं गक तू लोि खुि हमरा पर ना गिरब।” 13 उ लोि ओकरा से कहलस, “ना; लेगकन हम तोहरा के तेज बां ध के ओ लोि के हाथ मे सौंप िे ब, लेगकन हम तोहरा के जरर ना मारब। िू िो नया डोरी से बान के चटान से ऊपर ले अइले। 14 जब उ लेही पहं चले त पगलसी लोि ओकरा दखलाफ गचलाहट कईले अवुरी पभु के आता ओकरा प जोरिार तरीका से आईल अवुरी उनुका बां ह प जवन डोरी रहे उ सन गनहन हो िईल, जवन गक आि से जरा िईल रहे अवुरी उनुकर पटी उनुका हाथ से खुल िईल। 15 रिो ििहा के जबडा के रिो नया हडी गमलल, उ हाथ बढा के ओकरा के पकड लेले अवुरी ओकरा से हजार आिमी के हता क िे ले। 16 गशमशोन कहले, “ििहा के जबडा के हडी से ढे र पर ढे र, ििहा के जबडा से हम हजार आिमी के मार िे ले बानी।” 17 जब ऊ बात खतम कइलन त ऊ अपना हाथ से जबडा के हडी फेक गिहलन आ ओह जिह के रामथलेही कहलन. 18 ऊ बहत पासत रहले आ पभु के पुकारत कहले, “तू ई बडहन उदार अपना सेवक के हाथ मे िे िे ले बाडऽ, आ अब का हम पास से मर के खतना ना भइल लोि के हाथ मे गिर जाईं?” 19 लेगकन भिवान जबडा मे रिो खोखला जिह के फाड िे ले अवुरी ओकरा से पानी गनकलल। जब ऊ शराब पी गलहले त उनकर आता फेर से गजंिा हो िइल, रही से ऊ रकर नाम रनहकोरे रखले जवन आजु ले लेही मे बा। 20 पगलसीयन के समय मे उ बीस साल तक इसारल के नाय कईले। नायाधीश लोि 16 के बा 1 तब गशमशोन िाजा िइलन आ उहाँ रिो वेशा के िे खलन आ ओकरा लिे चल िइलन। 2 िाजी लोि के कहल िईल गक, “गशमशोन इहाँ आ िईल बाडे ।” उ लोि ओकरा के घेर के रात भर शहर के फाटक मे ओकर इं तजार करत रहले अवुरी रात भर चुप रहले अवुरी कहत रहले गक, सबेरे जब गिन होई त हमनी के ओकरा के मार िे ब। 3 गशमशोन आधा रात तक पडल रहे आ आधा रात के उठ के शहर के फाटक के िरवाजा आ िु नो खंभा लेके चल िईले अवुरी ओकरा के अपना कंधा प बईठ के हे बोन के सोझा रिो पहाडी के चोटी प ले िईले। 4 ओकरा बाि सोरे क घाटी मे रिो औरत से पेम करत रहले, जेकर नाम िलीला रहे । 5 पगलसीयन के मागलक लोि ओकरा लिे जाके कहलस, “उनुका के लुभावऽ आ िे खऽ गक ओकर बडहन ताकत कहाँ बा आ हमनी के ओकरा पर कवना तरीका से हावी हो सकेनी जा, तागक हमनी के ओकरा के िु खी करे खागतर बान सकीले। 6 िलीला गशमशोन से कहली, “हमरा के बताईं गक तोहार बडहन ताकत कवना मे बा आ कवना काम से तू तोहरा के िु खी कर सकेनी।
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7 गशमशोन ओकरा से कहलस, “जगि उ लोि हमरा के सात िो हररयर रं ि से बान िे ले जवन कबो ना सूखल रहे , त हम कमजोर होखब अवुरी िोसरा आिमी गनहन होखब।” 8 पगलसीयन के मागलक लोि ओकरा लिे सात िो हररयर-हररयर िोड लेके अइले जवन ना सूखल रहे आ ऊ ओकरा के ओकरा से बान गिहली। 9 अब ओकरा साथे कोठरी मे रहे वाला आिमी लोि बेहाल रहे । उ ओकरा से कहली, “हे गशमशोन, पगलसी तोहरा पर होखे।” आ ऊ गवथ के तोड गिहलस, जइसे टो के धािा आि के छूवे पर टू ट जाला। त उनकर ताकत के पता ना चलल। 10 िलीला गशमशोन से कहली, “िे खऽ, तू हमरा से मजाक उडावत बाडऽ आ झूठ बोलले बाडऽ, अब हमरा के बतावऽ गक तू कवना चीज से बानल होखऽ। 11 उ ओकरा से कहलस, “जगि उ लोि हमरा के नया रसी से मजबूती से बान िे ले बाडे , जवन गक कबहँ ना लािल रहे , त हम कमजोर होखब अवुरी िोसरा आिमी गनहन होखब। 12 िलीला नया रसी लेके ओकरा के बान के कहली, “हे गशमशोन, पगलसी तोहरा पर होखे।” आ कोठरी मे इं तजार मे पडल झूठा लोि रहे । आ ऊ ओह लोि के अपना बाँ गह से धािा गनयर तोड गिहले. 13 िलीला गशमशोन से कहली, “अब तक तू हमार मजाक उडावत रहलू आ झूठ बोलत बाडू। उ ओकरा से कहलस, “अिर तू हमरा माथा के सात िो ताला जाल से बुनब।” 14 ऊ ओकरा के गपन से बां ध के कहली, “हे गशमशोन, पगलसी तोहरा पर होखे।” आ ऊ नीि ं से जाि के बीम के गपन आ जाल लेके चल िइलन। 15 ऊ ओकरा से कहली, “जब तोहार मन हमरा साथे नइखे त तू कइसे कह सकत बाडऽ गक हम तोहरा से पार करे नी?” तू ई तीन बेर हमार मजाक उडावले बाडू आ ना बतवले बाडू गक तोहार बडहन ताकत कवना मे बा. 16 जब ऊ रोज अपना बात से ओकरा के िबावत रहली आ गनहोरा करत रहली गक ओकर जान मर के परे शान हो िइल। 17 ऊ ओकरा से आपन पूरा मन बतावत कहलन गक, “हमरा माथा पर उसरा नइखे आइल। काहे गक हम अपना माई के पेट से ही भिवान खागतर नासरी रहनी, अिर हम मुंडन कर लेब त हमार ताकत हमरा से चल जाई अवुरी हम कमजोर हो जाईब अवुरी कवनो आिमी गनहन होखब। 18 जब िलीला िे खली गक उ आपन पूरा मन बता िे ले बाडे त उ पगलसीयन के मागलकन के बोलवा के भेजली गक, “रक बेर चढ जा, काहे गक उ हमरा के आपन पूरा मन बता िे ले बाडे ।” तब पगलसीयन के मागलक लोि ओकरा लिे आके अपना हाथ मे पईसा लेके अईले। 19 ऊ ओकरा के घुटना पर सुता गिहली। ऊ रिो आिमी के बोलवली आ ओकरा माथा के सात िो ताला मुंडवा गिहली। उ ओकरा के िु खी करे लिली अवुरी ओकर ताकत ओकरा से चल िईल। 20 उ कहली, “गसमशोन, पगलसी तोहरा पर होखे।” उ नीि ं से जाि के कहले, “हम पगहले के समय गनहन बाहर गनकल के अपना के गहला िे ब।” आ ओकरा ना मालूम रहे गक यहोवा ओकरा से िू र हो िइल बा। 21 पगलसी लोि ओकरा के पकड के आँ ख गनकाल के िाजा ले अइले आ पीतल के बेडी से बान गिहले। आ जेल के घर मे पीसत रहले। 22 बागकर मुंडन कइला के बाि उनकर माथा के बाल फेर से बढे लािल। 23 तब पगलसीयन के मागलक लोि अपना िे वता िािोन के रिो बडहन बगल चढावे आ खुश होखे खागतर रकटा कइलन काहे गक ऊ लोि कहत रहे गक, “हमनी के िे वता हमनी के िु शन गशमशोन के हमनी के हाथ मे सौंप गिहले बाडन.” 24 लोि ओकरा के िे खले त अपना िे वता के सुगत कईलस, काहे गक उ लोि कहलस गक, “हमनी के िे वता हमनी के िु शन अवुरी हमनी के िे श के नाश करे वाला के हाथ मे सौंप िे ले बाडे , जवन गक हमनी मे से बहत लोि के मार िे ले रहले।”
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25 जब उनकर मन खुश हो िइल त ऊ लोि कहल गक, “गसमशोन के बोलावऽ गक ऊ हमनी के खेला करस.” उ लोि जेल के घर से गशमशोन के बोलवले। ऊ ओह लोि के खेला गिहलस आ ऊ लोि ओकरा के खंभा के बीच मे रख गिहलस। 26 गशमशोन ओकरा हाथ से पकडे वाला लइका से कहलस गक, “हमरा के ओह खंभा के महसूस करे के अनुमगत िी ं जवना पर घर खडा बा, तागक हम ओह खंभा पर झुक सकीले।” 27 घर मे मरि मेहरार से भरल रहे । पगलसीयन के सब मागलक उहाँ रहले। छत पर करीब तीन हजार मरि मेहरार िे खले रहले जब गशमशोन खेलत रहले. 28 गशमशोन यहोवा के पुकार के कहलन, “हे परमेस् वर, हमरा के याि करऽ आ हमरा के मजबूत करऽ, हे भिवान, खाली रक बेर, हे भिवान, तागक हम अपना िु नु आँ ख के बिला पगलसीयन से रके बेर मे ले सकीले। 29 गशमशोन ओह बीच के िू िो खंभा के पकड गलहले जवना पर घर खडा रहे आ जवना पर ऊ ऊपर उठल रहे , रिो के िागहना हाथ से आ िू सरा के बायां हाथ से। 30 गशमशोन कहलन, “हमरा के पगलसीयन के साथे मरे िी ं।” उ पूरा ताकत से झुक िईले। घर मागलकन आ ओकरा मे मौजूि सब लोि पर गिर िइल। त जवन मुअल उ अपना मौत के समय मारले रहले, उ लोि से जािे रहले जवन उ अपना जीवन मे मारले रहले। 31 तब उनकर भाई लोि आ उनकर बाप के पूरा घराना उतर के उनकरा के लेके चढ के ले अइले आ उनकर बाप मनोआ के िफन सल मे सोरा आ रसाओल के बीच िफना गिहले। उ बीस साल तक इसारल के नाय कईले।
सैमुअ ल के ह 1 शमूरल 1 के बा 1 रपैम पहाड के रामथैमजोगफम के रिो आिमी रहे , जेकर नाम रफाती के रहे वाला यूफ के बेटा तोह के बेटा रलकना रहे । 2 उनकर िू िो मेहरार रहली। रक के नाम हना रहे आ िू सरा के नाम पेगनना रहे , पेगनना के संतान रहे , लेगकन हना के कवनो संतान ना रहे । 3 ऊ आिमी हर साल अपना शहर से बाहर गशलो मे सेना के यहोवा के पूजा करे आ बगल चढावे खागतर गनकलत रहे । रली के िू िो बेटा होफनी आ गफनहास, जे यहोवा के याजक रहले, उहाँ रहले। 4 जब रलाना चढावे के समय भइल त ऊ आपन मेहरार पेगनना आ उनकर सब बेटा आ बेटी के गहसा िे गिहलन। 5 लेगकन उ हना के रिो योग गहसा िे ले। काहे गक उ हना से पार करत रहले, लेगकन पभु उनुकर पेट बंि क िे ले रहले। 6 ओकर गवरोधी भी ओकरा के गचंगतत करे खागतर ओकरा के चोट पहं चवलस, काहे गक यहोवा ओकर पेट बंि क िे ले रहले। 7 जइसे ऊ साल िर साल अइसन करत रहले, जब ऊ पभु के घरे जात रहली, ओइसही ं ऊ ओकरा के नाराज करत रहली। रही से ऊ रोवत रहली आ ना खइली। 8 तब रलकाना ओकर पगत ओकरा से कहलस, “हना, तू काहे रोवत बाडू? आ तू काहे नइखऽ खात बाडऽ? आ तोहार मन काहे िु खी बा? का हम तोहरा खागतर िस बेटा से बगढया नइखी?ं 9 तब हना गशलो मे खाना खइला के बाि आ शराब पी के उठली। अब रली याजक परमेश् वर के मंगिर के रिो खंभा के लिे रिो आसन प बईठल रहले। 10 ऊ कडवाहट होके पभु से पाथपना कइली आ बहते रोवत रहली। 11 ऊ प् कइली आ कहली, “हे सेना के पभु, अिर तू अपना िासी के िु ख िे ख के हमरा के याि करब आ अपना िासी के ना भुलाब, बलुक अपना िासी के रिो लइका िे ब त हम ओकरा के पभु के गजगनिी भर िे िे ब आ ओकरा माथा पर कवनो उसरा ना आई। 7
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12 जब ऊ यहोवा के सामने पाथपना करत रहली त रली उनकर मुँह पर गनशान लिा गिहली। 13 हना, उ मन मे बोलत रहली। खाली उनकर होठ गहलल, लेगकन उनकर आवाज ना सुनाई पडल, रही से रली के लािल गक उ नशा मे धुत हो िईल बाडी। 14 रली ओकरा से कहलस, “तू कब तक नशा मे रहब? तोहरा से आपन शराब िू र कर ि। 15 हना जवाब गिहली, “ना हे मागलक, हम रिो िु खी आता के मगहला हई, ना त शराब पीले बानी, ना शराब, लेगकन पभु के सोझा आपन जान डाल िे ले बानी। 16 अपना िासी के बेगलयाल के बेटी के रप मे मत गिन, काहे गक हम अब तक अपना िु ख आ िु ख के भरमार से बात कईले बानी। 17 तब रली जवाब िे ले, “शां गत से जा, इसारल के परमेशर तोहरा से उ गनहोरा पूरा करस जवन तू ओकरा से माँ िले बाडू।” 18 उ कहली, “तोहार िासी के तोहरा नजर मे कृपा होखे।” त ऊ मेहरार अपना रासा से चल िइल आ जरर खा िइल आ ओकर चेहरा अब उिास ना रहे . 19 उ लोि सबेरे सबेरे उठ के परमेश् वर के आराधना कईले अवुरी वापस अपना घरे रामा पहं चले अवुरी रलाना अपना पती हना के जान िईली। आ परमेस् वर ओकरा के याि कइलन। 20 रही से जब हना के िभपवती होखे के समय आईल त उ रिो बेटा के जन गिहली अवुरी उनुकर नाम शमूरल रखली अवुरी कहली गक, “हम उनुका से पभु से मां िले बानी।” 21 ऊ आिमी रलाना आ ओकर पूरा घराना, सालाना बगलिान आ ओकर वत के चढावे खागतर चढ िइलन। 22 हना ना चढली। काहे गक उ अपना पगत से कहली गक, जब तक बचा िु ध ना छु डाई, तब तक हम ओकरा के ना जाईब, तागक उ पभु के सोझा हागजर हो सके अवुरी उहाँ हमेशा खाती रहे । 23 ओकर पगत रलाना ओकरा से कहलस, “जवन तोहरा अचा लािेला, उ करऽ। जबले तू ओकरा के िु ध छु डा ना लेहऽ तबले रकऽ; खाली यहोवा आपन वचन के सागपत करे ला। त मेहरार रह के अपना बेटा के िू ध छु डावे तक िू ध गपयावलस। 24 जब ऊ िू ध छु डावली त ओकरा के अपना साथे तीन िो बैल, रक रफा आटा आ रक बोतल शराब के साथे लेके गशलो मे यहोवा के घर मे ले अइली आ लइका छोट रहे । 25 उ लोि रिो बैल के मार के लइका के रली के लिे ले अइले। 26 ऊ कहली, “हे मागलक, जइसे तोहार पा् गजंिा बा, हे मागलक, हम ऊ मेहरार हईं जे इहाँ तोहरा लिे खडा होके पभु से पाथपना करत रहली।” 27 हम रह लइका खागतर पाथपना कइनी। आऊ परमेस् वर हमरा के आपन गनहोरा िे िे ले बाडन जवन हम उनका से माँ िले रहनी। 28 रही से हम ओकरा के पभु के उधार िे ले बानी। जबले ऊ गजंिा रही तबले ओकरा के पभु के उधार गिहल जाई. उ उहाँ पभु के आराधना कईले।
यूह ना बपगतस ा िे वे वाला लूका 1 के बा 1 काहे गक बहत लोि हमनी के बीच जवन बात पर गवशास बा, ओकरा बारे मे बतावे के काम मे लािल बाडे । 2 जइसे उ लोि हमनी के हाथ मे िे ले रहले, जवन गक शुर से चशिीि िवाह रहले अवुरी वचन के सेवक रहले। 3 हे परम शेर गथयोगफलस, हमरा पगहले से ही सब बात के पूरा तरह से समझल अचा लािल। 4 तागक तू ओह बातन के गनयतता के बारे मे जान सकीले जवना के बारे मे तोहरा के गसखावल िइल बा। 5 यहगिया के राजा हे रोिे स के समय मे जकरयाह नाम के रिो याजक अगबया के रहे , उनकर मेहरार हारन के बेटी मे से रहली आ उनकर नाम रगलजाबेथ रहे । 6 उ िु नो लोि परमेशर के सामने धम् रहले अवुरी पभु के सभ आजा अवुरी गनयम मे गनि्ि चलत रहले। 8
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7 ओह लोि के कवनो संतान ना रहे काहे गक रगलजाबेथ बंजर रहली आ िु नु जने के उगमर बहते हो िइल रहे . 8 जबले उ अपना कम के अनुसार परमेशर के सामने पुरोगहत के काम पूरा करत रहले। 9 पुरोगहत के पि के ररवाज के अनुसार पभु के मंगिर मे जाके उनकर भाग धूप जरावे के रहे । 10 धूप के समय मे पूरा भीड बाहर पाथपना करत रहे । 11 धूप के वेिी के िागहना ओर खडा पभु के रिो सिपिूत ओकरा से पकट भईले। 12 जब जकरयाह ओकरा के िे खले त ऊ घबरा िइलन आ ओकरा पर डर लाि िइल। 13 लेगकन सिपिूत ओकरा से कहलस, “जकराह, मत डे रा, काहे गक तोहार पाथपना सुनल िईल बा। तोहार मेहरार रगलजाबेथ तोहरा के रिो बेटा पैिा करी आ ओकर नाम यूहना राखब। 14 आ तोहरा खुशी आ खुशी होई। आ ओकरा जनम पर बहत लोि खुश हो जइहे । 15 काहे गक ऊ पभु के नजर मे महान होई आ ना त शराब पीई आ ना मािक पेय। उ अपना महतारी के पेट से ही पगवत आता से भरल होई। 16 उ इसारल के बहत लोि के अपना परमेशर यहोवा के ओर मुड जाई। 17 ऊ रगलयास के आता आ शदक से ओकरा से पगहले चल के बाप-गपता के गिल लइकन के ओर मोड िीहे आ आजा ना माने वाला लोि के धम् लोि के बुदद के ओर मोड िीहे । पभु खागतर तइयार लोि के तइयार करे खागतर। 18 जकरयाह सिपिूत से कहलन, “हम ई बात कइसे जानब? काहे गक हम बूढ हो िइल बानी आ हमार मेहरार के उगमर बहते हो िइल बा. 19 सिपिूत ओकरा से कहलस, “हम गजबाईल हईं, जे परमेशर के सामने खडा हई। आऊ तोहरा से बात करे आ तोहरा के ई खुशखबरी बतावे खागतर भेजल िइल बानी। 20 िे खऽ, जबले ई काम पूरा ना हो जाई, तबले तू िूंिा रहबऽ आ बोले मे सकम ना रहबऽ, काहे गक तू हमार बात पर गवशास नइखऽ करत जवन अपना समय मे पूरा हो जाई। 21 लोि जकरयाह के इं तजार करत रहे आ अचरज मे पड िइल गक ऊ रतना गिन तक मंगिर मे रहले। 22 जब उ बाहर गनकलले त उ लोि से बात ना कर पवले , त उ लोि के पता चलल गक उ मंगिर मे रिो िशपन िे खले बाडे , काहे की उ ओ लोि के इशारा कईले अवुरी बेजुबान रहले। 23 जइसही ं उनकर सेवा के गिन पूरा भइल त ऊ अपना घरे चल िइलन। 24 ओह गिनन के बाि उनकर मेहरार रगलजाबेथ िभपवती होके पां च महीना तक लुका के कहली। 25 जवना गिन उ हमरा के िे खत रहले, उ गिन मे पभु हमरा संिे अईसन ववहार कईले, तागक हम आिमी के बीच हमार गनंिा िू र हो सके। 26 छठवाँ महीना मे परमेशर के ओर से गजबाईल सिपिूत के िलील के रिो शहर नासरत मे भेजल िईल| 27 रिो कुंवारी के गबयाह रिो आिमी से भइल जेकर नाम यूसुफ रहे , िाऊि के घराना के रहे । आ कुंवारी के नाम मररयम रहे । 28 तब सिपिूत ओकरा लिे आके कहलस, “हे जय, जे बहत अनुगह पावेला, पभु तोहरा साथे बाडे । 29 जब उ ओकरा के िे खली त उनुका बात से घबरा िईली अवुरी मन मे आईल गक इ कवना तरह के नमसार होखे। 30 सिपिूत ओकरा से कहलस, “हे मररयम, मत डे रा, काहे गक तोहरा पर परमेशर के अनुगह गमलल बा।” 31 िे खऽ, तू अपना पेट मे िभपवती होके रिो बेटा पैिा करबऽ आ ओकर नाम यीशु रखबऽ। 32 ऊ महान होई आ परमाता के बेटा कहल जाई आ पभु परमेस् वर ओकरा के ओकर बाप िाऊि के गसंहासन िे गिहे । 33 ऊ याकूब के घराना पर हमेशा खागतर राज करीहे । आ ओकर राज के कवनो अंत ना होई। 34 मररयम सिपिूत से कहली, “जब हम कवनो आिमी के नईखी जानत त इ कईसे होई? 35 सिपिूत ओकरा से कहलस, “पगवत आता तोहरा पर आ जाई आ परमाता के शदक तोहरा पर छा जाई, रही से जवन पगवत चीज तोहरा से पैिा होई ओकरा के भी परमेशर के बेटा कहल जाई।
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36 िे खऽ, तोहार चचेरी बगहन रगलजाबेथ भी बुढापा मे रिो बेटा के िभपवती हो िइल बाडी आ ओकरा साथे ई छठवाँ महीना बा, जेकरा के बंजर कहल जात रहे । 37 काहे गक परमेशर के खागतर कुछु ओ असंभव ना होई। 38 मररयम कहली, “िे खऽ, पभु के िासी हई। तोहरा वचन के अनुसार हमरा खागतर होखे। आ सिपिूत ओकरा से िू र हो िइल। 39 ओह गिन मररयम उठ के जलबाजी मे पहाडी इलाका मे यहिा के रिो शहर मे चल िइली। 40 ऊ जकरयाह के घर मे घुस के रगलजाबेथ के नमसार कइलन। 41 जब रगलजाबेथ मररयम के अगभवािन सुनली त उ बचा उनुका पेट मे कूि िईल। रगलजाबेथ पगवत आता से भर िइली। 42 ऊ जोर-जोर से कहली, “तू मेहरार लोि के बीच धन बाडऽ आ तोहार पेट के फल धन बाडऽ।” 43 हमरा खागतर ई कहाँ से बा गक हमरा पभु के महतारी हमरा लिे आवे? 44 िे ख, जइसही ं तोहार अगभवािन के आवाज हमरा कान मे बाजल, त बचा हमरा पेट मे खुशी से कूि िईल। 45 ऊ धन हई जे गवशास कइली, काहे गक पभु के ओर से जवन बात ओकरा के बतावल िइल रहे , ओकरा के पूरा हो जाई। 46 मररयम कहली, “हमार पा् पभु के बडाई करे ले। 47 हमार आता हमरा मुदकिाता परमेशर मे खुश हो िईल बा। 48 काहे गक उ अपना िासी के नीच दसगत के िे खत बा, काहे गक िे ख, अब से सब पीढी हमरा के धन कहत होई। 49 काहे गक जे पराकमी बा, उ हमरा साथे बहत बड काम कइले बा। आ उनकर नाम पगवत बा। 50 पीढ-पीढी ओकरा से डे रार वाला लोि पर ओकर िया बा। 51 उ अपना बां ह से ताकत िे खवले बा। उ घमंडी लोि के गिल के कलना मे गबखर िे ले बाडे । 52 ऊ पराकमी लोि के आसन से उतार के नीचता के ऊपर उठा गिहले बाडन। 53 ऊ भूखल लोि के नीमन चीजन से भर गिहले बाडन। आ धनी लोि के ऊ खाली भेज गिहले बाडन. 54 ऊ अपना िया के याि मे अपना सेवक इसारल के पकडले बा। 55 जइसे उ हमनी के पुरखन, अबाहम आ उनकर संतान से हमेशा खागतर कहले रहले। 56 मररयम करीब तीन महीना तक ओकरा संिे रहली अवुरी अपना घरे लवटली। 57 रगलजाबेथ के पसव के पूरा समय आ िईल। आ ऊ रिो बेटा के जनम गिहली। 58 ओकर पडोसी आ ओकर चचेरा भाई लोि सुनल गक कइसे पभु ओकरा पर बहत िया कइले बाडन। आ उ लोि ओकरा संिे खुश हो िईले। 59 आठवाँ गिन उ लोि लइका के खतना करे आइल। उ लोि ओकरा के जकरयाह, ओकर गपता के नाम प रखले। 60 उनकर माई जवाब गिहली, “अइसन नइखे; लेगकन ओकर नाम यूहना होई। 61 उ लोि ओकरा से कहलस, “तोहरा ररशेिार मे से केह अइसन नइखे जेकरा के रह नाम से बोलावल जाव।” 62 उ लोि उनकर बाबूजी के संकेत िे ले गक उ कइसे उनुका के बोलावल चाहत बाडे । 63 ऊ रिो गलखे के मेज मंिले आ गलखले गक, “उनकर नाम यूहना ह।” आ उ लोि सबके अचरज मे पड िईले। 64 तुरते उनकर मुँह खुलल आ जीभ ढीला हो िइल आ ऊ बोललन आ भिवान के सुगत कइलन। 65 ओह लोि के आसपास के सब लोि के डर लािल आ यहगिया के पूरा पहाडी इलाका मे ई सब बात के आवाज सुनाई पडल। 66 रह सब के सुनल सब लोि अपना मन मे रख के कहलस गक, “ई कवन बचा होई!” आ पभु के हाथ ओकरा साथे रहे । 67 उनकर बाप जकरयाह पगवत आता से भर िइलन आ भगवषवा्ी कइलन। 68 इसारल के परमेशर पभु के धन होखे। काहे गक उ अपना लोि के मुलाकात क के छु डा लेले बाडे ।
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69 उ अपना सेवक िाऊि के घर मे हमनी खागतर उदार के सीि ं उठवले बाडे । 70 जइसे उ अपना पगवत भगवषवका लोि के मुँह से कहले रहले, जवन िु गनया के शुर से ही बा। 71 तागक हमनी के िु शनन से आ हमनी से नफरत करे वाला सब लोि के हाथ से बचावल जा सके। 72 हमनी के पुरखन से वािा कइल िया के पूरा करे के आ उनकर पगवत वाचा के याि करे के। 73 जवन गकररया उ हमनी के गपता अबाहम के गकररया खइले रहले। 74 हमनी के िु शनन के हाथ से मुक होके गबना डर के उनकर सेवा करे के मौका िे स। 75 हमनी के जीवन के पूरा गिन ओकरा सामने पगवतता आ धागमपकता मे। 76 हे बचा, तू परमाता के भगवषवका कहल जाई, काहे गक तू पभु के सामने जाके ओकर रासा तइयार करबऽ। 77 अपना लोि के पाप के माफी से मुदक के जान िे वे। 78 हमनी के परमेशर के कोमल िया से। जवना से ऊपर से गिन के झरना हमनी के सामने आइल बा। 79 अनार आ मौत के परछाई मे बइठल लोि के रोशनी िे वे खागतर हमनी के िोड के शां गत के रासा पर ले जार खागतर। 80 ऊ लइका बढल आ आता मे मजबूत हो िइल आ इसारल के सामने िे खावे के गिन तक रे गिसान मे रहल।
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