मरियम के जनम के सुसमाचाि अधाय 1 के बा
1 दाऊद के शाही जाति आ परिवाि से तिकलल धन आ सदा मतहमामंतिि कुंवािी मरियम के जिम िासिि शहि मे भइल िहे आ यरशलेम मे, पभु के मंतदि मे पढाा-तलखाा भइल िहे । 2 उिकि तपिा के िाम योआतकम आ माा के अना िहे । उिकि तपिा के परिवाि गलील आ िासिि शहि के िहे । उिकि माा के परिवाि बेिलेहेम के िहे । 3 पभु के िजि मे उिकि जीवि सादा आ सही िहे , आदमी के सामिे पुण आ तिद्द िहे । काहे तक उ लोग आपि सब पदार् के िीि भाग मे बां टि िहले। 4 जविा मे से एगो उ लोग मंतदि आ मंतदि के अतधकािी लोग के समतप्ि काले। एगो अउिी के ऊ लोग अजिबी लोग मे, आ गिीब परिस्रति मे िहे वाला लोग के बीच बाँ टि िहे ; आ िीसिा के ऊ लोग अपिा खातिि आ अपिा परिवाि के इसेमाल खातिि आित्ि कि तदहल. 5 एही ििह से उ लोग लगभग बीस साल िक पतवतिा से, पिमेशि के अिुगह मे अवुिी आदमी के समाि मे तबिा कविो संिाि के तजयले। 6 लेतकि उ लोग प् काले तक अगि भगवाि कविो मुदा प उिुका प कृपा किीहे ि उ लोग ओकिा के पभु के सेवा मे लगा तदहे । जविा के चलिे उ लोग साल मे हि भोज मे पभु के मंतदि मे जाि िहले। 7 जब समप्् के पिब िजदीक आइल ि योआतकम अपिा गोत के कुछ लोग के सारे यरशलेम चल गइलि आ ओह घिी इसाकि महायाजक िहले। 8 जब ऊ योआकीम के अपिा बाकी पडोसी लोग के सारे आपि चढावा लेके आवि दे खले ि ओकिा के आ ओकि चढावे के िुच समझ के पूछले। 9 जेकि संिाि िा िहे , उ जवि बचा वाला लोग के बीच मे आवे के अतभमाि बा? जोडि, तक उिकि पसाद भगवाि के कबो सीकाय् िा हो सकेला, जेकिा के उ संिाि पैदा किे के अयोग मािि िहले; पतवतशाश मे कहल गइल बा तक, “इसाएल मे जे िि िा पैदा किी, ओकिा के अतभशप बा।” 10 उ आगे कहले तक, ओकिा पतहले कुछ बचा पैदा क के ओ अतभशाप से मुक होखे के चाही अवुिी ओकिा बाद अपिा चढावे के संगे भगवाि के सोझा आवे के चाही। 11 लेतकि योआतकम एह ििह के तिंदा के शम् से बहि पिे शाि होके चिवाहा के लगे चल गाले, जवि तक मवेशी के संगे अपिा चािागाह मे िहले। 12 काहे तक उ अपिा घिे लवटे के इचु क िा िहे तक कही ं ओकि पडोसी जे उहाँ मौजूद िहले अवुिी महायाजक से इ सभ बाि सुिले िहले, उ लोग उिुका के ओििे तिंदा िा किे । अधाय 2 के बा 1 जब उ कुछ समय से उहाँ िहले, एक तदि जब उ अकेले िहले, ि पभु के दू ि एगो अद् भुि िोशिी के संगे उिुका संगे खडा हो गाले।
2 ओकिा के दे ख के पिे शाि होके, जे सग्दूि ओकिा से पकट भइल िहे , ओकिा के िचिा किे के कोतशश किि कहलस। 3 हे योआतकम, हमिा के दे ख के मि िे िा, िा ही घबिा, काहे तक हम पभु के एगो सग्दूि हां जवि उिुका दािा िोहिा लगे भेजल गइल बा, िातक हम िोहिा के सूतचि कि सकीले तक िोहाि पार्िा सुिल गइल बा आ िोहाि तभ्ा भगवाि के सामिे चढ गइल बा । 5 आ एही से जब ऊ केह के गभ् बंद कि दे ला ि ऊ एही काि् से किे ला तक ऊ अउिी अद् भुि ििीका से ओकिा के फेि से खोल सके आ जवि पैदा भइल बा ऊ कामवासिा के उपज िा, बलुक भगवाि के विदाि जइसि लउकेला . 6 िोहाि जाति के पतहला महिािी सािा असीवाँ साल िक बंजि िा िहली, लेतकि बुढापा के अंि मे भी इसहाक के जिम दे ली, जेकिा से उ वादा सब जाति खातिि आशीद बिल िहे । 7 िाहे ल भी, पिमेशि के पति बहि अिुगही आ पतवत याकूब के बहि तपय, बहि तदि िक बंजि िहली, तफि भी ओकिा बाद यूसुफ के मोट िहली, जे तमस के िाजपाल िा िहले, बस् बहि िाष् के िाश होखे से बचा लेले िहले भूख के भाव बा। 8 नायाधीशि मे से के तशमशोि से वीि िहे , या शमूएल से भी पतवत िहे ? आ िबो दु िु के माा बंजि िहली। 9 लेतकि अगि िक् िउआ के हमाि बाि के सचाा के बािे मे िा बिाा तक बड उतमि मे बाि-बाि गभ्धाि् होला आ जे बंजि िहे उ लोग अपिा के बहि आशय्चतकि कि दे ले बा। एह से िोहाि मेहिार अना िोहिा खातिि एगो बेटी लेके अइहे आ िू ओकि िाम मरियम िखबऽ। 10 िोहिा वि के अिुसाि ऊ अपिा बचपि से ही पभु के समतप्ि िही आ अपिा महिािी के पेट से ही पतवत आता से भिल िही। 11 उ िा ि कविो अशुद चीज खाा िा पीा, िा ही ओकि ववहाि आम लोग के बीच से बाहि होा, बस् पभु के मंतदि मे होा। तक एहसे ऊ कविो ििह के तिंदा भा बुिाा पि शक िा होखे. 12 अपिा सालि के कम मे जइसे उ बंजि से चमतारिक ििीका से पैदा होा, ओइसहीं कुंवािी होखला के दौिाि, बेजोड ििीका से पिम पिमेशि के बेटा के जन तदही , यीशु कहल जाव, आ उिकि िाम के अर् के अिुसाि, सब िाष् के उदािकिा् बिीं। 13 हम जवि बाि बिावि बािी, ओकिा खातिि इ एगो तिशािी होा, जब िू यरशलेम के सोिा के फाटक प पहं चब ि उहाँ आपके पती हना से मुलाकाि होा, जवि तक बहि पिे शाि िहली तक िू जली वापस िा आाल, िब खुश होा िउिा के दे खे खातिि। 14 जब सग्दूि इ बाि कहलि ि उ ओकिा से दू ि हो गाले। अधाय 3 के बा 1 ओकिा बाद सग्दूि अपिा मेहिार हना से पकट भइले आ कहलि तक मि िे िाां आ जवि दे खि बाडऽ ओकिा के आता िा समझी।ं 2 काहे तक हम ऊ सग्दूि हां जे िोहाि पार्िा आ तभ्ा भगवाि के सामिे अतप्ि कइले बािी आ अब िोहिी के लगे भेजल गइल बािी तक हम िोहके बिा सकीले तक िोहिा खातिि एगो बेटी पैदा होा, जेकि िाम मरियम होा आ ओकिा के ऊपि से आशीवा् द तदहल जाा सब मेहिार लोग के। 3 ऊ जिम के िुिंि बाद पभु के कृपा से भिल होा आ दू ध छु डावे के िीि साल िक अपिा तपिा के घि मे िही आ ओकिा बाद
भीपभु के सेवा मे समतप्ि, मंतदि से िब िक िा तिकली, जब िक तक उ सालों के तववेक मे िा पहं च जाा। 4 एक शब मे कहल जाव ि उहाँ िाि-तदि उपवास आ पार्िा मे पभु के सेवा किी, हि अशुद चीज से पिहे ज किी आ कबो केह के िा जािि होा। 5 बातकि तबिा कविो पदू द् भा अशुसद के बेजोड उदाहि् होखला का िािे आ कविो आदमी के िा जािे वाली कुंवािी एगो बेटा पैदा किी आ दासी पभु के जिम दी, जे अपिा कृपा आ िाम आ काम दु िु से उदािकिा् होखी दु तिया के बा। 6 एह से उठ के यरशलेम चढ जा आ जब िू सोिा के फाटक कहल जाए वाला जगह पि चहँ पब काहे तक ऊ सोिा के सोिा के फाटक कहल जाला, जवि हम िोहिा के बिावल बाि के तिशािी ह, ि िू अपिा पति से भेट किब, जेकिा सुि्ा खातिि िू एििा तचंतिि िहल बाडे । 7 जब िू इ सब काम पूिा हो गाल पााब ि तवशास किी ं तक हम जवि कुछ भी बिवले बािी उ तिसंदेह पूिा हो जाा। 8 एही से सग्दूि के आजा के अिुसाि दु िो लोग उ जगह छोड के चल गाले, जहवां उ लोग िहले अवुिी जब उ लोग सग्दूि के भतवषवा्ी मे बिावल जगह प पहं चले ि दु िो लोग एक दू सिा से तमल गाले। 9 एक दू सिा के दश्ि से खुश होके आ एगो लइका के पतिजा मे पूिा ििह से संिुष होके उ लोग िम लोग के ऊपि उठावे वाला पभु के उतचि धनवाद तदहल। 10 पभु के सुति कइला के बाद उ लोग अपिा घिे लवट अइले आ पिमेशि के वादा के आशा से हँ समुख आ आशस होके िहि िहले। 11 अना गभ्विी होके एगो बेटी के जिम तदहली आ सग्दूि के आजा के अिुसाि ओकि मािा-तपिा ओकि िाम मरियम िखले। अधाय 4 के बा 1 जब िीि साल पूिा हो गइल आ दू ध छु डावे के समय पूिा हो गइल ि ऊ लोग कुंवािी के बतलदाि के सारे पभु के मंतदि मे ले अइले। 2 मंतदि के आसपास पनह गो भजि के अिुसाि पनह गो सीढी चढे खातिि िहे । 3 मंतदि के तिमा् ् पहाड पि होि िहे आ होमबतल के वेदी जवि बाहि िहे , ओकिा लगे सीढी से िा आ सकि िहे । 4 धन कुंवािी आ तशशु मरियम के मािा-तपिा उिका के एहमे से एगो सीढी पि बइठा तदहले; 5 लेतकि जब उ लोग आपि कपडा उिािि िहले, जविा मे उ लोग याता काले िहले अवुिी रिवाज के मुिातबक कुछ अवुिी साफ-सुरिा कपडा पतहिले िहले। 6 एह बीच पभु के कुंवािी अइसि ििीका से एक के बाद एक सब सीढी पि चढ गइली, तबिा केह के मदद कइले तक ऊ ओकिा के ले जाए भा उठावे, तक केह इहाँ से ा अंदाजा लगा लेि तक ऊ पूिा उतमि के बाडी। 7 एह ििह से पभु अपिा कुंवािी के शैशवाव्रा मे ा असाधाि् काम कइलि आ एह चमताि से पमात्ि कइलि तक ऊ पिलोक मे केििा महाि िहली। 8 लेतकि माा-बाप कािूि के रिवाज के मुिातबक आपि बतलदाि दे के अवुिी आपि वि पूिा क के, कुंवािी के दोसिा कुंवािी के संगे मंतदि के अपाट् मेट मे छोड दे ले, जविा के पालि-पोद् उहाँ होखे के िहे अवुिी उ लोग अपिा घिे लवट गाले।
अधाय 5 के बा 1 बातकि पभु के कुंवािी जइसे-जइसे िि मे बढि गइली, तसदिा मे भी बढि गइली आ भजिहाि के कहला के अिुसाि उिकि बाप-माा उिका के छोड तदहलि, लेतकि पभु उिकि दे खभाल कइलि। 2 काहे तक उ िोज सग्दूि के बाि किि िहली आ हि तदि पिमेस् वि के ओि से आवे वाली िहली, जवि उिका के हि ििह के बुिाा से बचावि िहे आ हि अचा चीज से भिपूि िहे । 3 जब आसखि मे ऊ चौदहवाँ साल मे पहँ च गइली, जइसे दु ष लोग ओकिा पि िां ट के लायक कुछ िा िाल पवलस, ओइसहीं उिकिा से परितचि सभे िीमि लोग उिकि जीवि आ बािचीि के िािीफ कइल। 4 ओह घिी महायाजक एगो साव्जतिक वव्रा बिवले। तक जवि भी कुंवािी मंतदि मे साव्जतिक बसी िहे , आ एह उतमि मे आ गइल िहे , ऊ घिे लवट आवे, आ जइसे तक ऊ लोग अब उतचि परिपकिा के हो गइल िहे , अपिा दे श के रिवाज के तहसाब से तबयाह किे के कोतशश किे . 5 एह आजा के भले ही बाकी सब कुंवािी लोग सहजिा से आजा माि लेि िहली, लेतकि पभु के कुंवािी मरियम अकेले जवाब दे ली तक उ एकि पालि िा कि पवली। 6 एह काि्ि के बिावि तक ऊ आ ओकि माा-बाबूजी दु िु उिका के पभु के सेवा मे समतप्ि कि तदहले िहले. आ एकिा अलावा तक ऊ पभु से कुंवािीपि के प् लेले िहली, जविा के प् के ऊ संकल लेले िहली तक ऊ कबो कविो आदमी के सारे लेट के िा िोड पइहे . 7 महायाजक के पिे शािी मे िाल तदहल गइल। 8 ऊ एक ओि से वि के भंग किे के तहमि िा कइलि आ पतवतशाश के िा मािे के तहमि िा कइलि जविा मे कहल गइल बा तक वि किऽ आ पूिा किऽ. 9 िा ही दोसिा ििफ कविो अइसि रिवाज के शुरआि किी,ं जविा से लोग पिदे सी होखे, आजा तदहल गइल होखे तक 10 आवि भोज मे यरशलेम आ आसपास के सब पमुख लोग एक संगे तमलस िातक उ लोग के सलाह तमल सके तक अििा कतठि मामला मे उ कइसे आगे बढल। 11 जब उ लोग के मुलाकाि भाल ि उ लोग सव्समति से पभु के खोजे अवुिी ए मामला मे उिुका से सलाह मां गे प सहमि भाले। 12 जब उ सब पार्िा मे लागल िहले ि महायाजक िोज के िासा के मुिातबक भगवाि से सलाह लेवे चल गाले। 13 िुिंि जहाज आ दया आसि से आवाज आइल जवि मौजूद सब लोग सुिल तक यशायाह के कविो भतवषवा्ी से पूछिाछ भा खोजल जरिी बा, जेकिा से कुंवािी के सगाा तदहल जाा। 14 यशायाह कहि बाडि तक तयशै के ििा से एगो छडी तिकली आ ओकिा जड से फूल तिकली। 15 पभु के आता ओकिा पि तटकल िही, बुसद आ समझ के आता, सलाह आ पिाकम के आता, जाि आ धम्पिाय्िा के आता ओकिा के भि तदही। 16 िब उ एह भतवषवा्ी के अिुसाि दाऊद के घिािा आ परिवाि के सब आदमी जे तबयाह के लायक िहले आ तबयाह िा कइले िहले, उ लोग आपि का गो लाठी वेदी पि ले आवे के तियुसक कइले। 17 आ जेकिा के लाठी ले अइला के बाद ओकिा से फूल तिकले आ ओकिा ऊपि पभु के आता कबूिि के रप मे बाठे , उहे आदमी होखे जेकिा के कुंवािी तदहल जाव आ सगाा कि तदहल गइल.
अधाय 6 के बा1 बाकी लोग मे यूसुफ िाम के एगो आदमी िहले, जवि दाऊद के घि अवुिी परिवाि के िहले अवुिी एगो आदमी िहले, जवि तक बहि बड उमि मे िहले, जवि तक आपि लाठी पीछे खीच ं लेले, जब एकिा अलावे हिे क आदमी आपि लाठी पेश काले। 2 जब सग् के आवाज के अिुकूल कुछ िा लउकल ि महायाजक फेि से भगवाि से सलाह लेवे के उतचि समझले। 3 जे जवाब तदहलस तक जेकिा से कुंवािी के सगाा होखे के बा, उहे एकमात वसक ह, जेकिा के एक संगे ले आवल गाल िहे , जवि तक उिुकि लाठी िा ले आाल िहे । 4 एही से यूसुफ के धोखा तदहल गइल। 5 जब ऊ आपि लाठी लेके अइले आ सग् से आवि एगो कबूिि ओकिा चोटी पि खडा हो गइल ि सभे साफ-साफ दे खल तक कुंवािी के सगाा ओकिा से होखे वाला बा। 6 एही तहसाब से सगाा के सामान िस खिम होखला के बाद उ अपिा घि के ववस्रि किे अवुिी तबयाह खािी जरिी चीज के बिावे खािी अपिा शहि बेिलेहेम मे वापस आ गाले। 7 लेतकि पभु के कुंवािी मरियम, ओही उतमि के साि गो अउिी कुंवािी के सारे, जे ओही समय दु ध छु डा के िखले िहली, आ जेकिा के याजक दािा उिकि दे खभाल किे खातिि तियुक कइल गइल िहे , गलील मे अपिा मािा-तपिा के घिे लवट अइली। अधाय 7 के बा 1 गलील मे पतहला बेि अइला के समय पिमेश् वि के ओि से तजबााल सग्दूि के भेजल गाल तक उ हमिी के उदािकिा् के गभ्धाि् के बािे मे बिावे। 2 ओही तहसाब से ओकिा मे जाके ऊ ओह कोठिी के एगो अद् भुि िोशिी से भि तदहलि आ बहिे तशष ििीका से ओकिा के िमसाि किि कहलि. 3 जय हो, मरियम! पभु के कुंवािी सबसे सीकाय् बा! हे कृपा से भिल कुंवािी! पभु िोहिा सारे बाडे , िू सब मेहिार से ऊपि धन बाडू, सब मिद से ऊपि धन बाडू, तक... अब िक के जिम भइल बा। 4 बातकि कुंवािी, जे पतहले सग्दूिि के चेहिा से बतढया से परितचि िहली आ जेकिा खातिि सग् से आवे वाला अइसि िोशिी कविो असामान बाि िा िहे । 5 िा ि सग्दूि के दश्ि से घबिा गाले, िा ही पकाश के महाििा से अचिज मे पड गाले, बालुक सग्दूि के बाि से पिे शाि िहिी। 6 आ तवचाि किे लगलि तक अििा असाधाि् िमसाि के का मिलब होखे के चाहीं, ा का संकेि दे ि बा भा एकि अंि कविा ििह के होखी. 7 एह तवचाि के सग्दूि ाशि से पेरिि होके जवाब दे ि बाडे । 8 मरियम, अइसि मि िे िा, जइसे हम एह अतभवादि मे िोहिा पतिविा से असंगि कविो बाि के इिादा िखले बािी। 9 काहे तक िोहिी के पभु के अिुगह तमलल बा, काहे तक िू कुंवािीपि के आपि पसंद बिवले बाडू। 10 एही से जबले िू कुंवािी िहब, िब िक िू तबिा पाप के गभ्विी होखब आ एगो बेटा पैदा किब। 11 ऊ महाि होा, काहे तक ऊ समुंदि से समुद मे आ िदी से लेके धििी के छोि िक िाज किी।
12 ओकिा के पिमाता के बेटा कहल जाा। काहे तक जे धििी पि िीच अव्रा मे पैदा भइल बा ऊ सग् मे ऊंच अव्रा मे िाज किे ला। 13 पभु ओकिा के अपिा बाप दाऊद के तसंहासि दे तदहे आ ऊ याकूब के घिािा पि हमेशा खातिि िाज किीहे आ उिकि िाज के अंि िा होा। 14 काहे तक ऊ िाजा लोग के िाजा आ पभु लोग के पभु हवे आ उिकि तसंहासि हमेशा खातिि बा। 15 सग्दूि के एह बाि के जवाब कुंवािी अासि िा कहली तक उ अतवशासी होखस, लेतकि एकि ििीका जािे के इचु क िहली। 16 ऊ कहली, “अइसि कइसे हो सकेला? काहे तक दे ख के, अपिा वि के अिुसाि, हम कबो कविो आदमी के िा जािि िहिी, तबिा आदमी के बीज के जोडले हम कइसे बचा पैदा किब। 17 एह बाि पि सग्दूि कहलि, “हे मरियम, ा मि सोचऽ तक िू साधाि् ििीका से गभ्विी होखबऽ।” 18 काहे तक कुंवािी िहला पि तबिा कविो आदमी के सारे लेट के गभ्विी होखब। जबतक कुंवािी बािी, िू जिम दे ब; आ जबतक एगो कुंवािी दू ध चूस दीहे . 19 काहे तक पतवत आता िोहिी पि आ जाा आ पिमाता के शसक िोहिी पि छा जाा, तबिा कविो कामवासिा के िाप के। 20 िोहिे से जवि जिम होा उ खाली पतवत होा। काहे तक एकिा के खाली तबिा पाप के गभ् मे तलहल गइल बा आ पैदा भइला पि ओकिा के भगवाि के बेटा कहल जाा. 21 मरियम आपि हार बढा के सग् के ओि आँ ख उठा के कहली, “दे खऽ, पभु के दासी हा!” िोहिा वचि के अिुसाि हमिा खातिि होखे। अधाय 8 के बा 1 यूसुफ यहतदया से गलील चल गइलि आ उिकि सगाा किे वाली कुंवािी से तबयाह किे के इिादा से चल गइलि। 2 काहे तक अब उिकि सगाा के िीि महीिा के किीब हो गाल िहे | 3 आसखि मे ा साफ लउकल तक ऊ गभ्विी बाडी आ यूसुफ से ा बाि िा तछपावल जा सकि िहे । 4 काहे तक ऊ कुंवािी के लगे मुफ मे जाके, जइसे तक केह शादी कइले िहे , आ ओकिा से परितचि बाि किि िहे , ऊ ओकिा के गभ्विी समझि िहे । 5 ओकिा बाद बेचैिी आ संदेह होखे लागल, ा िा जािि तक कवि िासा िय कइल बेहिि होा। 6 नायी आदमी होखला के चलिे उ ओकिा के उजागि किे के िैयाि िा िहले अवुिी िा ही वेशा होखे के शक से ओकि बदिाम किे के िैयाि िहले, काहे की उ एगो धमा् ता िहले। 7 एह से उ तिजी िौि प ओ लोग के समझौिा के अंि किे के इिादा िखले िहले अवुिी तिजी िौि प उिुका के दू ि किे के इिादा िखले िहले। 8 जब ऊ एह बाि पि मिि किि िहले ि दे खऽ तक पभु के दू ि िीद ं मे उिका से पकट भइले आ कहलि तक दाऊद के बेटा यूसुफ, मि िे िा। 9 कुंवािी के वतभचाि के दोदी होखे के कविो शक किे के िइयाि मि होखी,ं भा ओकिा बािे मे कविो गलि सोचे के िइयाि मि िही,ं आ िा ही ओकिा के पती बिावे से िे िाां;
10 काहे तक जवि ओकिा मे जिमल बा आ अब िोहिी के मि के पिे शाि कि िहल बा, उ आदमी के काम िा ह, बस् पतवत आता के काम ह। 11 काहे तक सब मेहिार मे से ऊ एकमात कुंवािी हा जे पिमेशि के बेटा के पैदा किी आ िू ओकि िाम यीशु यािी उदािकिा् िखबऽ, काहे तक ऊ अपिा लोग के पाप से बचाा। 12 यूसुफ सग्दूि के आजा के अिुसाि कुंवािी से तबयाह क लेले अवुिी उिुका के िा जािि िहले, लेतकि उिुका के पतिविा मे िखले। 13 अब उिकि गभ्धाि् के िौवाँ महीिा िजदीक आ गइल जब यूसुफ आपि मेहिार के लेके चल गइलि आ बेिलेहेम खातिि जवि कुछ जरिी िहे , ऊ शहि जहाँ से ऊ आइल िहले. 14 जब उ लोग उहाँ िहले ि उिुका बचा के जन दे वे के तदि पूिा हो गाल। 15 ऊ अपिा पतहला बेटा के जिम तदहली, जइसे तक पतवत सुसमाचाि पचािक लोग तसखवले बा, हमिी के पभु यीशु मसीह, जे तपिा, बेटा आ पतवत आता के सारे अिन युग िक तजयि बाडि आ िाज किि बाडि।