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Bhojpuri - The Art of Ruling (Political Governance)

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शासन करे के कला - राजनीतिक शासन अररसे स के तिटी राजा के जवाब मंजूरी के संगे तमलल अवुरी उ अतगला से पूछिाछ कईले तक, 'शासन खािी सबसे जररी योगिा का बा?' उ जवाब दे ले तक, 'अपना के घूस से मुक राखे अवुरी जीवन के अतिकां श तिसा मे संयम के अभास करे के, सभसे ऊपर िम् के समान करे अवुरी ए पकार के आदमी से दोसी करे के।' कािे तक भगवान भी नाय के पेमी िवे! अरससया के पत 8:12-13 मे तदिल गइल बा राजा आपन सिमति के संकेि दे ि दोसरा से किलन तक राजा के सार का िोला? आ ऊ जवाब तदिलन तक ‘अपना के बत़या से राज कइल आ िन भा यश से असमतमि भा अनुति​ि इचा मे ना भटकल, अगर रउरा बाि के बत़या से िक् दे ि बानी ि ई फैसला करे के सिी िरीका ि. कािे तक रउरा जवन िीज के जररि बा ऊ सब राउर बा, आ भगवान जररि से मुक आ सौम िउवे . राउर तविार अइसन िोखे तक आदमी बन जाव, आ बहिे िीजन के इचा ना िोखे बलुक खाली अइसने िोखे जवन शासन करे खातिर जररी िोखे! अरससया के पत 8:15-16 मे तदिल गइल बा अतगला तदने उिे ववया दे खल गइल आ जब राजा के ओि आदमी से सवाल पूछे के मौका तमलल ि अतगला पूछिाछ खातिर जे बिल रिे ओिमे से पतिला से पूछिाछ कइलन तक सरकार के उचिम रप का िोला? आ ऊ जवाब तदिलन तक ‘अपना पर राज कइल आ आवेग से ना बिावल जाव. कािे तक सभ आदमी के मन के एगो खास साभातवक झुकाव िोला. संभावना बा तक अतिकिर आदमी के झुकाव खाना-पीना आ भोग-तवलास के ओर िोला आ राजा लोग के झुकाव इलाका आ बहि पतससि िातसल करे के ओर िोला। बातकर ई नीमन बा तक सब बाि मे संयम िोखे के िािी ं. अरससया के पत 8:26-27 मे तदिल गइल बा राजा ओि आदमी के दयालु सागि कइलन आ अतगला से पूछलन तक ऊ एि सवाल के जवाब दी ं तक सिजिा आ सुख के तजतनगी से ऊ कइसे बिी? आ ऊ जवाब तदिलन, 'अगर ओकरा लगािार याद रिे तक ऊ एगो बडिन सामार के शासक आ तवशाल भीड के मातलक िउवे आ ओकरा मन के दोसरा िीजन मे वस ना िोखे के िािी,ं बलुक, ओकरा िमेशा एि बाि पर तविार करे के िािी ं तक ऊ ओि लोग के भलाई के कइसे बेि​िर िरीका से ब़ावा दे सकेले.' ओकरा भी भगवान से पार्ना करे के िोई तक कवनो कि्व के उपेका ना िोखे।' अरससया के पत 9:17-18 मे तदिल गइल बा ...'मनुष अपना के घमंड से कइसे बिा सकेला?' आ जवाब तदिलन तक अगर ऊ समानिा बनवले राखे आ िर मौका पर याद राखे तक ऊ आदमी पर राज करे वाला आदमी ि. आ भगवान घमंडी लोग के बेकार कर दे ले, आ नम आ तवनम लोग के ऊंिा कर दे ले! अरससया के पत 9:45-46 मे तदिल गइल बा


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