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Bhojpuri - The Apocrypha

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अध्याय 1 के बा 1 योसिया यरूशलेम में फिह के परब अपना प्रभु के मनावलन आ पसहला महीना के चौदहवा​ाँ सदन फिह के परब चढ़वले। 2 प्रभु के मंसदर में लमहर कपडा पसहनले याजकन के अपना रोजमरा​ा के काम के सहिाब िे रखले रहले। 3 उ इस्राएल के पसवत्र िेवक लेवी लोग िे कहले सक उ लोग प्रभु के पसवत्र िन्दू क के ओह घर में रखे जवन राजा दाऊद के बेटा िुलैमान बनवले रहले। 4 ऊ कहलि, “तू लोग अब िन्दू क के अपना कंधा पर ना उठाईब, एह िे अब अपना परमेश्वर यहोवा के िेवा करीं आ उनकर लोग इस्राएल के िेवा करीं आ अपना पररवार आ ररश्तेदारी के सहिाब िे तोहनी के तइयार करीं। 5 इस्राएल के राजा दाऊद के सनयम के अनु िार आ अपना बेटा िुलेमान के मसहमा के अनु िार, मंसदर में खडा होके तोहनी लेवी पररवार के कई गो मया​ा दा के सहिाब िे, जवन तोहनी इस्राएल के भाई लोग के िामने िेवा करे नी , के बा . 6 फिह के पवा के क्रम िे चढ़ाईं आ अपना भाई लोग खासतर बसलदान तैयार करीं आ प्रभु के आज्ञा के अनु िार फिह के पवा मनाईं जवन मूिा के सदहल गइल रहे। 7 ओसहजा समलल लोग के योसशया तीि हजार मेमना आ बछडा आ तीन हजार बछडा सदहलन आ ई िब चीज राजा के वादा के मुतासबक लोग, याजक आ लेवीयन के सदहल गइल। 8 मंसदर के गवना र हेल्कियाि, जकरयाह आ सियलि फिह के पवा खासतर याजकन के दू हजार छह िौ भेड आ तीन िौ बछडा सदहले। 9 हजारन िेनापसत यकोसनया, िामय्या, ओकर भाई नथनील, अिसबया, ओकीएल आ योराम, जे फिह के पवा खासतर लेवीयन के पां च हजार भेड आ िात िौ बछडा दे सदहले। 10 जब ई िब पूरा भइल त याजक आ लेवी लोग सबना खमीर के रोटी लेके अपना ररश्तेदारन के सहिाब िे बसढ़या क्रम में खडा हो गइलन। 11 आ पूवाज लोग के कई गो मया​ा दा के अनु िार, लोग के िामने प्रभु के चढ़ावे के, जईिे सक मूिा के सकताब में सलखल बा। 12 उ लोग फिह के पवा के आग में भुनत रहले, जईिे सक बसलदान के बात त पीतल के बतान अवुरी कडाही में बसढ़या िुगंध िे गुलत रहले। 13 उ लोग के िब लोग के िामने रखल आ ओकरा बाद उ लोग अपना भाई हारून के बेटा याजक खासतर तैयार कईले। 14 काहेसक याजक लोग रात तक चबी के चढ़ावत रहले, आ लेवी लोग अपना खासतर आ याजक लोग खासतर आपन भाई, हारून के बेटा लोग खासतर तैयार करत रहले। 15 पसवत्र गायक, अिफ के बेटा, दाऊद के सनयुल्कि के अनु िार, अिफ, जकरयाह आ यदु थुन, जे राजा के दल के रहले। 16 हर फाटक पर दरवाजा के रखवाला लोग भी रहे। केहू के आपन िेवा िे जाए के इजाजत ना रहे काहे सक उनकर भाई लेवी लोग उनकरा खासतर तइयार करत रहले। 17 ओह सदन प्रभु के बसलदान के काम एही तरह िे पूरा भइल सक ऊ लोग फिह के पवा मना िके। 18 राजा योसिया के आज्ञा के अनु िार प्रभु के वेदी पर बसल चढ़ाई। 19 एही िे इस्राएल के लोग जे उहा​ाँ मौजूद रहले, उ लोग ओह िमय फिह के परब आ मीठ रोटी के परब िात सदन तक मनावत रहले। 20 शमूएल भसवष्यविा के िमय िे इस्राएल में अइिन फिह ना मनावल गइल। 21 हाँ, इस्राएल के िब राजा लोग अइिन फिह ना मनवले जइिे सक योसशयाि, याजक, लेवी आ यहूदी लोग के पूरा इस्राएल के िाथे जवन यरूशलेम में रहे वाला समलल रहे। 22 योसिया के शािन के अठारहवा​ाँ िाल में ई फिह मनावल गइल। 23 काम या योसिया अपना प्रभु के िामने िीधा भल्कि िे भरल सदल के िाथे िीधा रहे।

24 रहल बात उनकरा िमय में भइल बातन के बारे में पसहले के िमय में सलखल गइल रहे सक ऊ लोग पाप कइल आ िब लोग आ राज्य िे असधका प्रभु के ल्कखलाफ बुराई कइल आ कइिे ऊ लोग उनकरा के बहुते दु खी कइल, एह िे उनकर बात... प्रभु इस्राएल के ल्कखलाफ उठ गईले। 25 योसिया के एह िब काम के बाद समस्र के राजा सफरौन यूफ्रेसटि के सकनारे ककामीि में युद्ध करे अईले अवुरी योसिया उनुका ल्कखलाफ सनकल गईले। 26 लेसकन समस्र के राजा ओकरा लगे भेजले सक, हे यहूसदया के राजा, तोहरा िे हमार का िंबंध बा? 27 हम परमेि् वर परमेि् वर के ओर िे तोहरा ल्कखलाफ नईखी भेजल। काहे सक हमार लडाई यूफ्रेसटि पर बा, आ अब प्रभु हमरा िाथे बाडन, हाँ, प्रभु हमरा िाथे बाडन आ हमरा के जल्दी िे आगे बढ़ावत बाडन, हमरा िे हट जा आ प्रभु के ल्कखलाफ मत होख। 28 सफर भी योसशया आपन रथ के पीछे ना हटा सदहलन, बल्कि प्रभु के मुंह िे कहल गइल यरे मी भसवष्यविा के बात के बात ना करत ओकरा िे लडाई करे के काम शुरू कर सदहलन। 29 मसगद्दो के मैदान में उनकरा िाथे लडाई में शासमल हो गइलन आ राजकुमार लोग राजा योसिया के ल्कखलाफ आ गइलन। 30 राजा अपना नौकरन िे कहले, “हमरा के लडाई िे बाहर ले जा। काहे सक हम बहुते कमजोर बानी. आ तुरते उनकर नौकर उनका के लडाई िे बाहर सनकाल सदहले। 31 तब ऊ अपना दू िरा रथ पर चढ़ गइलन। यरूशलेम ले आके मर गइलन आ अपना सपता के कब्र में दफनावल गइलन। 32 पूरा यहूदी में ऊ लोग योसशयाि खासतर शोक मनावत रहे, हाँ, जेरेमी भसवष्यविा योसशयाि खासतर सवलाप कइलन आ मेहरारू लोग के िाथे मुल्कखया लोग आजु ले ओकरा खासतर सवलाप कइल, आ ई पूरा राष्ट्र में लगातार होखे वाला सनयम खासतर सदहल गइल इजरायल के ह। 33 ई िब बात यहूदा के राजा लोग के कहानी के सकताब में सलखल बा, जवन योसशयाि के हर काम, उनकर मसहमा, प्रभु के सनयम में उनकर िमझ आउर उ िब काम जवन उ पसहले कईले रहले। आ अब जवन बात पढ़ल गइल बा, ऊ इस्राएल आ यहूसदया के राजा लोग के सकताब में बतावल गइल बा। 34 लोग योसशयाि के बेटा योआआच के लेके आपन बाप योसियाि के जगह राजा बना सलहलि, जब उ तेइि िाल के रहले। 35 ऊ यहूसदया आ यरूशलेम में तीन महीना तक राज कइलन आ तब समस्र के राजा उनकरा के यरूशलेम में राज करे िे हटा सदहलन। 36 ऊ ओह दे श पर िौ तोरा चा​ाँ दी आ एक तोरा िोना के कर लगा सदहलन. 37 समस्र के राजा राजा योआिीम के भी यहूसदया आ यरूशलेम के राजा बनवले। 38 ऊ योआिीम आ कुलीन लोग के बान्ह सदहलन, बासकर उनकर भाई जरािेि के पकड के समस्र िे सनकाल सदहलन। 39 जब यहूसदया आ यरूशलेम में राजा बनावल गइलन त योआिीम के उसमर पां च बीि िाल रहे। उ प्रभु के िामने बुराई कईले। 40 एही िे बाबुल के राजा नबूकोदोनोिोर ओकरा ल्कखलाफ चढ़ के पीतल के जंजीर िे बां ध के बाबुल में ले गईले। 41 नबूकोदोनोिोर भी प्रभु के पसवत्र बतान के लेके ओकरा के लेके बेसबलोन के अपना मंसदर में रखले। 42 लेसकन उनकर अशुल्कद्ध आ अधमा के बारे में जवन बात सलखल बा, उ राजा लोग के इसतहाि में सलखल बा। 43 उनकर बेटा योआिीम उनकरा जगह पर राज कइलन आ अठारह िाल के उसमर में उनकर राजा बनावल गइल। 44 यरूशलेम में तीन महीना दि सदन तक राज कइलन। आ प्रभु के िामने बुराई कइलि। 45 एक िाल बाद नबूकोदोनोिोर भेज के प्रभु के पसवत्र बतान के िाथे उनु का के बाबुल ले आवे के काम करवले।


46 सिदसकयाि के बीि िाल के उसमर में यहूसदया आ यरूशलेम के राजा बनवले। उ एगारह िाल तक राज कईले। 47 ऊ प्रभु के नजर में बुराई भी कइलन आ जेरेमी भसवष्यविा द्वारा प्रभु के मुाँह िे कहल गइल बातन के परवाह ना कइलन। 48 राजा नबूकोदोनोिोर के प्रभु के नाम के सकररया खइला के बाद ऊ अपना के किम खइले आ सवद्रोह कइले। आ आपन गरदन, आपन सदल कठोर क के, उ इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के सनयम के उल्लंघन कईले। 49 लोग आ याजक के राज्यपाल भी कानू न के ल्कखलाफ बहुत काम कईले, आ िब जासत के िब गंदगी के पाररत कईले अवुरी यरूशलेम में पसवत्र भईल प्रभु के मंसदर के अशुद्ध क दे ले। 50 सफर भी उनकर पुरखन के परमेश्वर अपना दू त के द्वारा भेजले सक उ लोग के वापि बोलावे, काहे सक उ ओ लोग के आ अपना तम्बू के भी बख्शल। 51 लेसकन उ लोग उनकर दू त के मजाक उडावत रहले। दे खऽ, जब प्रभु ओह लोग िे बात कइलन त ऊ लोग अपना भसवष्यविा लोग के खे ला बनवले। 52 एतना दू र तक सक उ अपना लोग के बहुत अभल्कि के चलते क्रोसधत होके किदी के राजा लोग के उ लोग के ल्कखलाफ चढ़े के आदे श दे ले। 53 ऊ लोग अपना नवसहयन के तलवार िे मार सदहल, हाँ, अपना पसवत्र मंसदर के कम्पाि के भीतर, आ ओह लोग में ना त नवही ना नौकरानी, बूढ़ आ ना बच्चा के बख्शल। काहेसक उ िब लोग के हाथ में िौंप दे ले। 54 उ लोग प्रभु के छोट-बड, भगवान के िन्दू क के बतान आ राजा के खजाना के लेके बेसबलोन ले गईले। 55 रहल बात प्रभु के घर के त उ लोग ओकरा के जरा के यरूशलेम के दे वाल के तोड दे ले अवुरी ओकरा बुजा में आग लगा दे ले। 56 रहल बात ओकर मसहमामय चीजन के तब तक कबो ना रुकल जब तक सक ऊ िब के नाश ना कर सदहलि आ तलवार िे ना मारल लोग के ऊ बेसबलोन ले गइल। 57 जब तक फारिी लोग के राज ना भइल तब तक उ उनकरा आ उनकर लइकन के िेवक बनल रहलन तासक यरे मी के मुाँह िे कहल गइल प्रभु के वचन के पूरा कइल जा िके। 58 जब तक दे श आपन िब्त के सदन ना समल जाई, तब तक उ उजाड होखे के पूरा िमय ित्तर िाल के पूरा अवसध तक आराम करी। अध्याय 2 के बा 1 फारि के राजा कोरि के पसहला िाल में, तासक प्रभु के वचन पूरा होखे , जवन उ यरे मी के मुंह िे वादा कईले रहले। 2 प्रभु फारि के राजा कोरि के आत्मा के उठवले आ अपना पूरा राज्य में आ सलख के भी घोषणा कइले। 3 ऊ कहले, “फारि के राजा कोरि इहे कहत बाडन; इस्राएल के प्रभु, परम परम प्रभु, हमरा के पूरा दु सनया के राजा बनवले बाडे । 4 ऊ हमरा के यहूदी दे श में यरूशलेम में एगो घर बनावे के आदे श सदहलन। 5 एह िे अगर तोहनी में िे केहू ओकर लोग के बा त प्रभु, ओकर प्रभु, ओकरा िाथे रहि, आ ऊ यरूशलेम जवन यहूसदया में चढ़ के इस्राएल के प्रभु के घर बनावे, ओकरा खासतर यरूशलेम में रहे वाला प्रभु हवें। 6 जे केहू आिपाि के जगहन पर रहेला, ओकरा के मदद करे , हम कहत बानी सक ओकर पडोिी, िोना आ चां दी िे। 7 यरूशलेम में प्रभु के मंसदर खासतर वरदान, घोडा, मवेशी आ अउरी चीजन के िाथे जवन व्रत िे सदहल गइल बा। 8 तब यहूसदया के कुल आ सबन्यामीन के गोत्र के मुल्कखया खडा हो गईले। पुजारी लोग, लेवी लोग आऊ िब लोग जेकर मन परमेि् वर चढ़ के यरूशलेम में प्रभु खासतर घर बनावे के मन कइले रहले।

9 जे लोग ओह लोग के आिपाि रहे आ चां दी आ िोना, घोडा आ मवेशी िे आ बहुत िंख्या में मुफ्त उपहार िे हर काम में ओह लोग के मदद करत रहे, जेकर मन एह काम में हलचल रहे। 10 राजा कोरि भी पसवत्र बतान के ले अइले, जवन नबूकोदोनोिोर यरूशलेम िे लेके चल के अपना मूसता के मंसदर में रखले रहले। 11 जब फारि के राजा कोरि ओह लोग के बाहर ले अइले त ऊ ओह लोग के अपना कोषाध्यक्ष समसिदात के िौंप सदहलन। 12 उनकरा द्वारा यहूसदया के राज्यपाल िनबस्सर के िौंप सदहल गइल। 13 आ उनकर िंख्या इहे रहे। िोना के हजार प्याला, चां दी के हजार प्याला, चां दी के उनइि गो धू प के बतान, तीि िोना के शीशी आ चांदी के दू हजार चार िौ दि आ अउरी हजार बतान। 14 िोना चा​ाँ दी के िब बतान पां च हजार चार िौ अिठ नौ रहे। 15 एह लोग के िनाबिर के द्वारा बंदी में आइल लोग के िाथे बेसबलोन िे यरूशलेम वापि ले आवल गइल। 16 लेसकन फारि के राजा आटे ल्कि​ि के िमय में बेलेमि, समसिदात, ताबेसलयुि, रथुमि, बेलतेथमि, आ िेमेसलयुि िसचव आ अउरी लोग के िाथे काम करे वाला लोग के िाथे िामररया आ अउरी जगहन पर रहे वाला लोग के ल्कखलाफ सचट्ठी सलखले रहले यहूसदया आ यरूशलेम में रहे वाला लोग के एह सचट्ठी के बाद सदहल गइल बा। 17 हमनी के मासलक राजा आटे ल्कि​ि, तोहार िेवक, कहानीकार रथुमि, शास्त्री िेमेसलयुि आ उनकर बाकी पररषद् आ िेलोसिररया आ फीनीि के न्यायाधीश लोग के। 18 अब प्रभु राजा के पता चल जाव सक तोहरा िे लेके हमनी के लगे जवन यहूदी लोग यरूशलेम में आइल बा, उ सवद्रोही आ दु ष्ट् शहर में आके बाजार के मैदान बनावेला आ ओकर दे वाल के मरम्मत करे ला आ ओकर नींव रखे ला मंसदर. 19 अब अगर ई शहर आ ओकर दे वाल फेर िे बनावल जाव त ऊ लोग खाली कर दे बे िे ना मना करी, बलुक राजा लोग के ल्कखलाफ भी सवद्रोह करी। 20 काहे सक मंसदर के बात अब हाथ में आ गईल बा, एहिे हमनी के लागता सक अयीिन मामला के उपेक्षा ना कईल उसचत बा। 21 लेसकन हमनी के प्रभु राजा िे बात करीं सक अगर तोहार मन में तोहरा पुरखन के सकताब में खोजल जा िके। 22 तू इसतहाि में इ िब बात के बारे में जवन सलखल बा, ओकरा के पाईब आ िमझब सक उ शहर सवद्रोही रहे, जवन राजा आ शहर दु नो के परे शान करत रहे। 23 यहूदी लोग सवद्रोही रहलन आ ओहमें हमेशा लडाई लडत रहलन। जवना के चलते इ शहर भी उजड हो गईल। 24 एही िे, हे राजा, हम तोहरा के बतावत बानी सक अगर ई शहर फेर िे बनावल जाव आ ओकर दे वाल नया रूप िे बनावल जाव त अब िे तोहरा िेलोिीररया आ फीसनि में कवनो रास्ता ना हो पाई। 25 तब राजा कहानीकार रथुमि, बेलतेथमि, शास्त्री िेमेसलयुि आ िामररया आ िीररया आ फीनीक में रहे वाला बाकी लोग के फेर िे सलखले। 26 हम उ सचट्ठी पढ़ले बानी जवन तू हमरा के भेजले बाडू, एही िे हम आज्ञा दे ले बानी सक पूरा खोज करीं, आ पता चलल सक उ शहर शुरू िे राजा लोग के ल्कखलाफ चलत रहे। 27 ओसहजा के आदमी लोग सवद्रोह आ युद्ध में लाग गइल आ यरूशलेम में पराक्रमी राजा आ भयंकर राजा रहले आ िेलोिीररया आ फीनीि में कर लेत रहले। 28 अब हम आज्ञा दे ले बानी सक ओह लोग के शहर बनावे में बाधा डालल जाव आ एह बात के ध्यान राखल जाव सक एहमें अब कवनो काम ना होखे. 29 ऊ दु ष्ट् काम करे वाला राजा लोग के नाराजगी में आगे ना बढ़े । 30 राजा आटे ल्कि​ि के सचट्ठी पढ़ल गइल, रथुमि आ शास्त्री िेमेसलयुि आ बाकी लोग जे घुडिवारन के दल आ युद्ध में बइठल लोग के भीड के िाथे जल्दबाजी में यरूशलेम के ओर बढ़ल ; फारि के राजा दारा


के शािन के दू िरा िाल तक यरूशलेम में मंसदर के सनमा​ा ण बंद हो गईल। अध्याय 3 के बा 1 जब दारा राज कइलन त ऊ अपना िब प्रजा, अपना घर के िब लोग आ मीसडया आ फारि के िब राजकुमारन खासतर एगो बडहन भोज कइलन। 2 भारत िे लेके इसथयोसपया तक के िब गवनार आ कप्तान आ लेल्किनेंट के भेजल गइल जवन भारत िे लेके इसथयोसपया तक के एक िौ ित्ताईि प्रांत के रहे। 3 जब उ लोग खा के पी के तृप्त होके घरे चल गईले, त राजा दारा अपना िुतल कोठरी में गईले अवुरी िुत गईले अवुरी कुछ िमय बाद जाग गईले। 4 राजा के लाश के रखवाला पहरे दार के तीन गो नवही एक दू िरा िे बात कईले। 5 हमनी में िे हर केहू एक-एक वाक्य बोले सक जे जीत जाई, आ जेकर िजा बाकी लोग िे जादे बुल्कद्धमान लागी, ओकरा के राजा दारा बहुत बड वरदान सदहे अवुरी जीत के सनशानी में बड-बड बात सदहे। 6 जइिे सक बैंगनी रं ग के कपडा पसहनले, िोना के पीये, िोना पर िुते के, िोना के लगाम वाला रथ, महीन सलनन के सिर के टायर आ गदा न में जंजीर लगावे के। 7 ऊ दारा के बगल में बईठ के ओकर चचेरा भाई दारा कहल जाई। 8 तब हर केहू आपन वाक्य सलख के मुहर लगा के राजा दारा के तसकया के नीचे रख सदहलि। 9 ऊ कहलन सक जब राजा जी उसठहें त कुछ लोग ओकरा के सलखल सलख दीहें. आ जेकरा पक्ष िे फारि के राजा आ तीन गो राजकुमार ई फैिला करीहें सक ओकर िजा िबिे बुल्कद्धमान बा, ओकरा के जीत सदहल जाई जइिन सक तय कइल गइल रहे. 10 पसहला सलखले बा सक शराब िबिे मजबूत ह। 11 दू िरा सलखले बा सक राजा िबिे मजबूत बा। 12 तीिरा सलखले बा सक, मेहरारू िबिे ताकतवर हई, लेसकन िबकुछ िे जादे िच्चाई जीत के िहन करे ले। 13 राजा उठला के बाद उ लोग ओकर सलखावट लेके ओकरा के िौंप दे ले अवुरी उ पढ़ले। 14 भेज के ऊ फारि आ मीसडया के िब राजकुमारन, गवनार, िेनापसत, लेल्किनेंट आ मुख्य असधकारी लोग के बोलवले। 15 ओकरा के न्याय के राज आिन पर बइठा सदहलन। आ ओह लोग के िामने लेखन पढ़ल गइल। 16 उ कहले, “जवना के बोलवा, उ लोग आपन िजा िुनाई।” त उ लोग के बोलावल गईल, अवुरी भीतर आ गईले। 17 ऊ ओह लोग िे कहलन सक, “लेखन के बारे में आपन मन बताईं।” तब पसहला लोग शुरू भइल जे शराब के ताकत के बात कइले रहे। 18 ऊ कहलन, “हे लोग, शराब केतना मजबूत होला! एकरा के पीये वाला िभ आदमी के गलती करे के कारण बन जाला। 19 ई राजा आ अबाप बच्चा के मन के एक बना दे ला। दाि आ आजाद के, गरीब आ अमीर के। 20 हर सवचार के उल्लाि आ उल्लाि में बदल दे ला, तासक आदमी के ना त दु ख के याद आवेला, ना कजा के। 21 ई हर मन के अमीर बनावेला सक आदमी ना राजा के याद करे ला ना राज्यपाल के। आ ई िब बात के टोलेंट के सहिाब िे बोलावेला। 22 जब ऊ लोग अपना प्याला में रहेला त दोस्तन आ भाई लोग िे आपन प्रेम भुला जाला आ कुछ दे र बाद तलवार सनकालेला। 23 लेसकन जब उ लोग शराब िे सनकलेले त उ लोग के याद ना आवेला सक उ लोग का कईले बाडे । 24 हे लोग, का शराब िबिे मजबूत ना ह जवन अयीिन करे के मजबूर करे ला? आ जब उ अईिन बोलले त उ चुप रह गईले।

अध्याय 4 के बा 1 तब दू िरा जे राजा के ताकत के बात कईले रहे, उ कहे लागल। 2 हे लोग, का आदमी ताकत में बेहतर ना होला जे िमुद्र आ जमीन आ ओहमें मौजूद िब चीजन पर राज करे ला? 3 लेसकन राजा तबो पराक्रमी बा, काहेसक उ एह िब चीजन के मासलक हउवें आ एह िब पर ओकर प्रभुता बा। आ जवन कुछ उ लोग के आज्ञा दे वेले, उ लोग उ लोग करे ले। 4 अगर उ ओ लोग के एक दू िरा के ल्कखलाफ लडाई करे के कहे त उ लोग इ काम करे ले, अगर उ दु श्मन के ल्कखलाफ भेज दे ले त उ लोग जाके पहाड के दे वाल अवुरी बुजा के तोड दे ले। 5 ऊ लोग हत्या कर दे ला आ मारल जाला आ राजा के आज्ञा के उल्लंघन ना करे ला, अगर जीत समल जाला त ऊ िब कुछ राजा के लगे ले आवेला, लूट के िामान भी, बाकी िब चीज के िमान। 6 ओइिहीं जे लोग सिपाही ना हवे आ युद्ध िे िंबंध ना राखे ला, बलुक खे ती के काम करे ला, जब उ लोग जवन बोवल बा ओकरा के फेरु िे काट लेला त राजा के लगे ले आवेला आ एक दू िरा के राजा के कर दे वे खासतर मजबूर करे ला। 7 तबो ऊ एके आदमी हवे, अगर ऊ मारे के आदे श दे ला त ऊ लोग मार दे ला। अगर ऊ बख्शला के आदे श दे त बा त ऊ लोग बख्शत बा. 8 अगर उ मारे के आदे श दे वे त उ लोग मार दे वेले। अगर उ उजाड करे के आदे श दे ले त उ लोग उजाड कर दे ले। अगर ऊ बनावे के आदे श दे त बा त ऊ लोग सनमा​ा ण करे ला; 9 अगर उ काटे के आदे श दे ले त उ लोग काट दे ले। अगर ऊ रोपे के आदे श दे त बा त रोपत बाडे . 10 त ओकर िब लोग आ ओकर िेना ओकर बात माने ला आ ऊ लेट जाला, खात-पीयत आराम करे ला। 11 ई लोग ओकरा चारो ओर चौकि रहेला, ना केहू छोड के आपन काम कर िकेला आ ना ही कवनो बात में ओकर आज्ञा ना माने । 12 हे लोग, राजा के िबिे ताकतवर कइिे ना होखे के चाहीं, जब ओकरा के अइिन बात मानल जाला? आ ऊ आपन जीभ पकड सलहले. 13 तब तीिरा जे औरतन के बारे में आ िच्चाई के बात कईले रहले, (इ जरोबाबेल रहले) बोले लगले। 14 हे लोग, ना त महान राजा ह, ना आदमी के भीड, ना शराब ह। तब के बा जे ओह लोग पर राज करे ला आ ओकरा पर प्रभुत्व के बा? का उ लोग मेहरारू ना हई? 15 औरत राजा के आ िमुंदर आ जमीन के रास्ता िे राज करे वाला िब लोग के जनम दे ले बाडी। 16 उ लोग में िे उ लोग भी अईले अवुरी अंगूर के बगइचा लगावे वाला के पोषण कईले, जहां िे शराब सनकलेला। 17 इ लोग आदमी खासतर कपडा भी बनावेला। ई लोग आदमी के मसहमा ले आवेला; आ मेहरारू के सबना मरद ना हो िके. 18 हाँ, आ अगर आदमी िोना चा​ाँ दी भा कवनो बसढ़या चीज एकट्ठा कइले बा त का ऊ लोग ओह औरत िे प्रेम ना करे ला जवन अनु ग्रह आ िुंदरता में िुन्दर होखे ? 19 उ िब बात छोड के का उ लोग फाड के मुाँह खोल के भी ओकरा पर नजर ना डाले। का िब आदमी ओकरा खासतर चां दी भा िोना भा कवनो बसढ़या चीज िे बेिी चाहत नइखे ? 20 आदमी अपना बाप के पालन पोषण करे वाला बाप आ अपना दे श के छोड के अपना मेहरारू िे सचपक जाला। 21 ऊ अपना मेहरारू के िाथे आपन सजसनगी ना सबतावे खासतर सचपकल रहेला। आ ना त बाप, ना महतारी, ना दे श के याद करे ला। 22 एही िे तोहनी के ई भी जानल जरूरी बा सक मेहरारू लोग के प्रभुत्व तोहरा पर बा, का तू लोग मेहनत आ मेहनत ना कर के औरत के िब कुछ ना दे के ले आवऽ?


23 हाँ, आदमी आपन तलवार लेके लूटपाट आ चोरी करे , िमुंदर आ नदी पर जहाज चलावे खासतर सनकल जाला। 24 शेर के दे ख के अन्हार में चल जाला। आ जब ऊ चोरी, लूट आ लूट के काम करे ला त ओकरा के अपना प्यार में ले आवेला. 25 एही िे आदमी अपना पत्नी िे बाप-माई िे जादे प्यार करे ला। 26 हाँ, बहुत लोग अइिन बा जे मेहरारू लोग खासतर आपन बुल्कद्ध खतम हो गइल बा आ ओह लोग खासतर नौकर बन गइल बा। 27 मेहरारू लोग खासतर बहुत लोग नाश हो गइल बा, गलती हो गइल बा आ पाप कइल गइल बा। 28 अब का तू हमरा पर सवश्वाि नइखऽ? का राजा अपना शल्कि में महान नइखे ? का िभ क्षेत्र ओकरा के छूवे िे ना डे राला? 29 तबो हम ओकरा आ राजा के उपपत्नी अपमे, िराहनीय बरताकि के बेटी के राजा के दासहना ओर बइठल दे खनी। 30 राजा के माथा िे मुकुट उतार के अपना माथा पर रखली। उहो राजा के बायां हाथ िे मार सदहली। 31 एह िब के बाद राजा फाड के मुाँह खोल के ओकरा के दे खत रहले, अगर उ ओकरा पर हंित रहली त उहो हंित रहले, लेसकन अगर उनु का िे कवनो नाराजगी भईल त राजा चापलूिी करे में बेचैन रहले तासक उनु कर मेल समलाप हो िके फेरु. 32 हे मरद लोग, मेहरारू लोग के अइिन करे के दे खत बलवान कइिे हो िकेला? 33 तब राजा आ राजकुमार लोग एक दू िरा के दे खत रहले, त उ िच्चाई के बात करे लगले। 34 हे मरद लोग, का मेहरारू मजबूत ना हई? धरती बडहन बा, आकाश ऊाँच बा, िूरज तेज बा, काहे सक ऊ आकाश के चारो ओर घूमेला आ एके सदन में आपन रास्ता अपना जगह पर ले आवेला। 35 का उ महान ना ह जे इ िब बनावेला? एह िे िच्चाई बडहन बा आ िब चीजन िे भी मजबूत बा। 36 पूरा धरती िच्चाई पर सचल्लात बा आ आकाश ओकरा के आशीष दे ला, िब काम ओकरा पर सहलत-डु लत आ का​ाँ पत बा, आ ओकरा िाथे कवनो अधमा के बात नइखे । 37 शराब दु ष्ट् ह, राजा दु ष्ट् ह, मेहरारू दु ष्ट् ह, आदमी के िब िंतान दु ष्ट् ह, आ उ लोग के िब दु ष्ट् काम अयीिन बा। आ ओह लोग में कवनो िच्चाई नइखे ; अपना अधमा में भी उ लोग नाश हो जइहें। 38 रहल बात िच्चाई के त ऊ सटकल रहेला आ हमेशा मजबूत रहेला। ऊ हमेशा खासतर सजंदा रहेला आ जीतत रहेला। 39 ओकरा िाथे कवनो व्यल्कि के स्वीकार ना होला आ ना कवनो इनाम। लेसकन उ न्याय के काम करे ले अवुरी िभ अन्याय अवुरी दु ष्ट् काम िे परहेज करे ली। आ िभे आदमी ओकर काम पिंद करे ला। 40 ना ही ओकर न्याय में कवनो अधमा के बात होला। आ ऊ हर युग के ताकत, राज्य, शल्कि आ मसहमा हई। िच्चाई के भगवान के धन्य होखे । 41 इ कह के उ चुप रह गईले। तब िब लोग सचल्ला के कहलि सक, िच्चाई बड ह, अवुरी िभिे जादे पराक्रमी ह। 42 राजा ओकरा िे कहलन सक, “सलल्कखत में जवन सलखल बा ओकरा िे बेिी तू का चाहत बाडू, ओकरा िे पूछीं, त हमनी के तोहरा के दे दे ब जा, काहे सक तू िबिे बुल्कद्धमान पावल गईल बाडू। आ तू हमरा बगल में बइठब आ हमार चचेरा भाई कहल जाई। 43 तब ऊ राजा िे कहलन सक, “जब तू अपना राज्य में अइलऽ, ओह सदन यरूशलेम के सनमा​ा ण के प्रसतज्ञा के याद करऽ। 44 ऊ िब बतान जेरूशलेम िे ले जाइल गइल रहे, जवना के कोरि अलगा रखले रहले, जब ऊ बेसबलोन के नाश करे के प्रण कइले रहले आ ओकरा के फेर िे ओसहजा भेजे के प्रण कइले रहले। 45 तू उ मंसदर के सनमा​ा ण करे के प्रण लेले बाडू, जवना के एदोमी लोग जरा दे ले रहले, जब यहूसदया के किदी लोग उजाड कर दे ले रहले। 46 आ अब हे राजा प्रभु, इहे ह जवन हम मा​ाँ गत बानी आ जवन हम तोहरा िे चाहत बानी, आ इहे ररयाित के उदारता ह जवन तोहरा िे

सनकलत बा, एहिे हम चाहत बानी सक तू अपना मुाँह िे व्रत के पूरा करऽ, जवना के पूरा कइल तू स्वगा के राजा के प्रण कइले बाडू। 47 तब राजा दारा खडा होके ओकरा के चुम्मा लेहले आ ओकरा खासतर िब खजानची, लेल्किनें ट, कप्तान आ गवनार लोग के सचट्ठी सलखले सक उ लोग ओकरा आ जेरुिलम के सनमा​ा ण करे खासतर ओकरा िाथे चढ़े वाला िब लोग के िुरसक्षत तरीका िे बतावे . 48 ऊ िेलोिीररया आ फीनीक आ सलबानि में रहे वाला लेल्किनेंट लोग के भी सचट्ठी सलखले सक ऊ लोग सलबान िे दे वदार के लकडी ले के यरूशलेम ले आवे आ ओकरा िाथे शहर के सनमा​ा ण करे । 49 उ अपना क्षेत्र िे बाहर सनकलल यहूदी लोग खासतर आजादी के बारे में सलखले रहले सक कवनो असधकारी, कवनो शािक, ना लेल्किनें ट, ना कोषाध्यक्ष जबरन ओ लोग के दु आर में ना जाि। 50 आउर जवन भी दे श उ लोग के लगे बा, उ िब सबना कर के मुि होखे । आ एदोमी लोग यहूदी लोग के गा​ाँ व के िौंप दे , जवन ओह घरी उ लोग के लगे रहे। 51 हाँ, सक मंसदर के सनमा​ा ण के िमय तक हर िाल बीि ताला सदहल जाव, जब तक सक मंसदर के सनमा​ा ण ना भइल। 52 आउर दि तोला िालाना दे ि के बसल के हर सदन वेदी पर चढ़ावे के आज्ञा सदहल रहे। 53 आउर जे लोग बाबुल िे शहर बनावे खासतर गइल रहे, ओकरा िाथेिाथे ओह लोग के वंशज आ ओह िब याजकन के भी मुि आजादी समल िके। 54 उ एह बारे में भी सलखले बाडन। आरोप, आ पुजारी लोग के कपडा जवना में ऊ लोग िेवा करे ला। 55 ओइिहीं लेवी लोग के काम तब तक सदहल जाई जब तक सक घर बन के यरूशलेम के सनमा​ा ण ना हो जाई। 56 उ आज्ञा सदहलन सक शहर के रखे वाला िब लोग के पेंशन आ मजदू री सदहल जाव। 57 उ बाबुल िे उ िब बतान के भी भेज दे ले, जवन कोरि अलग कईले रहले। कोरि के जवन भी आज्ञा दे ले रहले, उहे उनु का के पूरा करे के आदे श दे ले अवुरी यरूशलेम भेज दे ले। 58 जब ई नवही सनकलल त ऊ यरूशलेम के ओर स्वगा के ओर मुड के स्वगा के राजा के स्तुसत कइलि। 59 ऊ कहलि, “तोहरा िे जीत समलेला, तोहरे िे बुल्कद्ध आवेला आ मसहमा तोहार ह आ हम तोहार िेवक हईं।” 60 धन्य हउअ, जे हमरा के बुल्कद्ध दे ले बानी, काहेसक हे हमनी के पुरखन के मासलक, हम तोहरा के धन्यवाद दे त बानी। 61 एही िे उ सचट्ठी लेके बाहर सनकल के बाबुल में आके अपना िब भाई लोग के बतवले। 62 उ लोग अपना पुरखन के भगवान के स्तुसत कईले, काहेकी उ ओ लोग के आजादी अवुरी आजादी दे ले रहले 63 ऊ लोग चढ़ के यरूशलेम आ मंसदर के सनमा​ाण करे खासतर, जवना के उनकर नाम िे बोलावल जाला, आ ऊ लोग िात सदन तक वाद्ययंत्र आ खुशी के वाद्ययंत्र िे भोज कइल। अध्याय 5 के बा 1 एकरा बाद अपना गोत्र के सहिाब िे चुनल गईल पररवार के प्रमुख आदमी अपना पत्नी, बेटा-बेटी के िंगे अपना नौकर-दािी अवुरी अपना मवेशी के िंगे चढ़ गईले। 2 दारा ओह लोग के िाथे हजार घुडिवार भेजलि, जब तक सक उ लोग िुरसक्षत रूप िे यरूशलेम ना ले आवलि। 3 उ लोग के िब भाई लोग खे लत रहले अवुरी उ ओ लोग के िंगे-िंगे चढ़ा दे ले। 4 उ लोग के नाम उ लोग के नाम ह, जवन सक अपना गोत्र के बीच अपना पररवार के सहिाब िे अपना कई गो मुल्कखया के मुतासबक चढ़ल रहले।


5 याजक, हारून के बेटा सफने ि के बेटा, िाराया के बेटा यूिेदक के बेटा यीशु आ दाऊद के घराना के िलासथयल के बेटा िोरोबाबेल के बेटा योआिीम, फारे ि के ररश्तेदार के यहूदा के गोत्र के लोग; 6 उ फारि के राजा दारा के िामने अपना शािन के दू िरा िाल, सनिान महीना में, जवन सक पसहला महीना ह, बुल्कद्धमानी िे िजा िुनवले। 7 ई यहूदी लोग हवें जे बंदी िे ऊपर आइल रहलन, जहा​ाँ ऊ लोग परदे िी बन के रहत रहलन, जेकरा के बाबुल के राजा नबूकोदोनोिोर बाबुल ले गइल रहले। 8 ऊ लोग यरूशलेम आ यहूदी लोग के बाकी इलाका में, हर केहू अपना शहर में वापि आ गइलन, जे जरोबाबेल के िाथे यीशु, नहेसमया, जकरयाह, रीियाह, एने सनयि, मादोसकयि के िाथे आइल रहले। बेलिारि, अस्फाराि​ि, रीसलयि, रोइमि आ बाना, उनकर मागादशाक। 9 फोरोि के बेटा लोग के िंख्या दू हजार िौ बहत्तर रहे। िफात के बेटा चार िौ बहत्तर रहले। 10 आरे ि के बेटा िात िौ छप्पन। 11 फात मोआब के बेटा दू हजार आठ िौ बारह। 12 एलाम के बेटा एक हजार दू िौ चौवन: जथूल के बेटा नौ िौ पैंतालीि, कोबे के बेटा िात िौ पां च, बानी के बेटा छह िौ अडतालीि। 13 बेबाई के बेटा छह िौ तेइि, िदाि के बेटा तीन हजार दू िौ बाइि। 14 अदोसनकम के बेटा छह िौ िातिठ, बगोई के बेटा दू हजार सछयािठ, आदीन के बेटा चार िौ चौवन। 15 अतेरेसिया के बेटा बानब्बे, िेइलान आ अजेताि के ित्तर बेटा, अजुरान के बेटा चार िौ बत्तीि। 16 अनसनया के बेटा िौ एक: आरोम के बेटा बत्तीि आ बािा के बेटा तीन िौ तेइि, अजेफुरीत के बेटा िौ दू । 17 मीतेरि के बेटा तीन हजार पा​ाँ च, बेतलेमोन के बेटा एक िौ तेइि। 18 नतोफा के लोग पचपन, अनाथोथ के लोग एक िौ अडवन, बेतिामोि के लोग बयालीि। 19 सकररयासथयार के लोग पच्चीि, काफीरा आ बेरोत के लोग िात िौ तेतालीि, पीरा के लोग िात िौ। 20 चसदयाि आ अम्मीदोई के लोग चार िौ बाइि, िीरामा आ गबदे ि के लोग छह िौ इक्कीि। 21 मकालोन के लोग एक िौ बाइि, बेटोसलयि के लोग, बावन: नीफी के बेटा, एक िौ छप्पन। 22 कालामोलालुि आ ओनु ि के बेटा िात िौ पच्चीि, यरे कुि के बेटा दू िौ पैंतालीि। 23 हन्ना के बेटा तीन हजार तीन िौ तीि। 24 याजक: िनसिब के बेटा जेद्दू के बेटा, जे यीशु के बेटा, नौ िौ बहत्तर, मेरुत के बेटा, एक हजार बावन। 25 फिारोन के बेटा एक हजार ितालीि, करमे के बेटा एक हजार ितरह। 26 लेवी लोग: सयशु, कदमीएल, बनु आि आ िुसदया के बेटा, चौहत्तर। 27 पसवत्र गायक लोग: आिाफ के बेटा, एक िौ अट्ठाईि। 28 द्वारपाल: िलूम के बेटा, जताल के बेटा, तलमोन के बेटा, दाकोबी के बेटा, तेता के बेटा, िामी के बेटा, कुल समलाके एक िौ उनतीि। 29 मंसदर के नौकर: एिाव के बेटा, आसिफा के बेटा, तबओत के बेटा, िेराि के बेटा, िूद के बेटा, फलेआ के बेटा, लबाना के बेटा, ग्राबा के बेटा। 30 अकुआ के बेटा, उता के बेटा, िेताब के बेटा, अगाबा के बेटा, िुबाई के बेटा, अनन के बेटा, कथुआ के बेटा, गेद्दू र के बेटा। 31 ऐरि के बेटा, दाइिन के बेटा, नोएबा के बेटा, चिेबा के बेटा, गजेरा के बेटा, असजया के बेटा, सफने ि के बेटा, अजारे के बेटा, बस्ताई के बेटा, आिन के बेटा , मीआनी के बेटा, नफीिी के बेटा, अकूब के बेटा, अिीफा के बेटा, अिूर के बेटा, फरािीम के बेटा, बिालोत के बेटा।

32 मीदा के बेटा, कौता के बेटा, चरे आ के बेटा, चकाि के बेटा, अिेरर के बेटा, थोमोई के बेटा, नािीत के बेटा, आसतफा के बेटा। 33 िुलेमान के नौकरन के बेटा: अजासफयोन के बेटा, फरीरा के बेटा, येली के बेटा, लोजोन के बेटा, इस्राएल के बेटा, िफेत के बेटा। 34 हासगया के बेटा, सफरकरत के बेटा, िाबी के बेटा, िरोथी के बेटा, मसिया के बेटा, गर के बेटा, अद् दू के बेटा, िुबा के बेटा, अफेरा के बेटा, बरदीि के बेटा , िबात के बेटा, अलोम के बेटा। 35 मंसदर के िब िेवक आ िुलेमान के नौकरन के बेटा तीन िौ बहत्तर रहले। 36 ई लोग थमालेथ आ थेलरिा िे ऊपर उठल, चराथलर ओह लोग के अगुवाई करत आ आलर। 37 ना त उ लोग आपन पररवार आ ना ही आपन झुंड बता िकत रहले सक उ लोग इस्राएल के कइिे हवें, बान के बेटा लादान के बेटा, नकोदान के बेटा, छह िौ बावन। 38 जे याजक के पद हडप सलहले आ ना समलल, ओल्किया के बेटा, अद् दू ि के बेटा अकोज के बेटा, जे बरिेलुि के एगो बेटी औसगया िे सबयाह कइले रहले आ ओकर नाम पर ओकर नाम रखल गइल रहे। 39 जब रसजस्टर में एह लोग के ररश्तेदारन के बारे में बतावल गइल आ ना समलल त ऊ लोग पुरोसहताई के काम करे िे हटा सदहल गइल। 40 काहेसक नहेसमया आ अथररया उ लोग िे कहलन सक जब तक एगो महायाजक सशक्षा आ िच्चाई के कपडा पसहनले ना उठी तब तक उ लोग पसवत्र चीज में भाग ना लेवे के चाही। 41 इस्राएल के लोग बारह िाल िे ऊपर के उसमर के लोग के िंख्या चालीि हजार रहे, पुरुष नौकर आ नौकरानी के छोड के दू हजार तीन िौ िाठ लोग रहे। 42 ओह लोग के नौकर आ नौकरानी िात हजार तीन िौ ितालीि रहली आ गावे वाली मरद आ गावे वाली मेहरारू दू िौ पैंतालीि रहली। 43 चार िौ पैंतीि ऊंट, िात हजार छत्तीि घोडा, दू िौ पैंतालीि खच्चर, पां च हजार पां च िौ पच्चीि जानवर जुआ के आदत रहे। 44 जब उ लोग यरूशलेम में परमेश्वर के मंसदर में पहुंचले त उ लोग अपना घर के अपना जगह प घर के फेर िे खडा करे के प्रण कईले। 45 काम के पसवत्र खजाना में हजार पाउं ड िोना, पां च हजार चांदी आ िौ याजक के कपडा दे वे के चाहीं। 46 यरूशलेम आ दे हात में याजक आ लेवी आ जनता, गायक आ दरवाजा के रखवाला लोग भी रहत रहे। आ पूरा इस्राएल के अपना गा​ाँव में। 47 जब िातवा​ाँ महीना नजदीक आ गइल आ इस्राएल के लोग हर केहू अपना जगह पर आ गइल त िभे एक िहमसत िे पसहला फाटक के खु ला जगह पर आ गइल जवन पूरब के ओर बा। 48 तब जोिेदेक के बेटा यीशु, उनकर भाई याजक आ िलासथयल के बेटा जरोबाबेल आ उनकर भाई लोग खडा होके इस्राएल के परमेश्वर के वेदी तैयार कईले। 49 ओकरा पर होमबसल चढ़ावल जाव, जइिन सक परमेश्वर के आदमी मूिा के सकताब में स्पष्ट् आज्ञा सदहल गइल बा। 50 दे श के बाकी राष्ट्रन में िे उ लोग के जुटावल गइल आ ऊ लोग वेदी के अपना जगह पर खडा कइल, काहे सक दे श के िब राष्ट्र ओह लोग िे दु श्मनी करत रहे आ ओह लोग पर अत्याचार करत रहे। उ लोग िमय के सहिाब िे बसल चढ़ावत रहले अवुरी िबेरे-िां झ के प्रभु के होमबसल चढ़ावत रहले। 51 उ लोग तम्बू के परब भी मनावत रहले, जईिे सक व्यवस्था में कहल गईल बा। 52 ओकरा बाद लगातार बसलदान, िब्त के सदन, अमावस्या के बसलदान आ िब पसवत्र भोज के बसलदान। 53 जे भी लोग भगवान िे कवनो प्रण कइले रहले, िातवा​ाँ महीना के पसहला सदन िे ही परमेश्वर के बसल चढ़ावे लगले, हालां सक अभी तक प्रभु के मंसदर ना बनल रहे।


54 ऊ लोग राजसमस्त्री आ बढ़ई लोग के हाँिी-खु शी िे पइिा, भोजन आ पेय पदाथा सदहल। 55 सिदोन आ िोर के लोग के भी गाडी सदहल सक उ लोग सलबानि िे दे वदार के पेड ले आवल जाव, जवना के फारि के राजा कोरि के आदे श के अनु िार तैर के याप्पा के सठकाना में ले आवल जा िकेला। 56 यरूशलेम में परमेश्वर के मंसदर में अइला के बाद दू िरा िाल आ दू िरा महीना में िलासथएल के बेटा जरोबाबेल, यूिुदेक के बेटा यीशु, उनकर भाई, याजक, लेवी आ िब लोग शुरू भइल बंदी िे सनकल के यरूशलेम आ जाइए। 57 यहूदी आ यरूशलेम अइला के बाद दू िरा िाल दू िरा महीना के पसहला सदन परमेश् वर के घर के नींव रखले। 58 ऊ लोग बीि िाल के उसमर िे लेवी लोग के प्रभु के काम पर सनयुि कइल। तब यीशु, उनकर बेटा आ भाई, उनकर भाई कदमीएल आ मसदयाबून के बेटा, एसलयादु न के बेटा योदा के बेटा, िब लेवी के बेटा आ भाई लोग के िाथे एक मन िे काम के काम करे वाला लोग खडा हो गइलन। भगवान के घर में काम के आगे बढ़ावे खासतर मेहनत करत। त मजदू र लोग प्रभु के मंसदर बनवले। 59 पुजारी लोग वाद्ययंत्र आ तुरही बजा के आपन कपडा पसहनले खडा रहले। आिाफ के बेटा लेवी लोग के लगे झां झ रहे। 60 इस्राएल के राजा दाऊद के अनु िार धन्यवाद के गीत गावत आ प्रभु के स्तुसत करत। 61 ऊ लोग जोर-जोर िे प्रभु के स्तुसत खासतर गीत गावत रहे काहे सक उनकर दया आ मसहमा पूरा इस्राएल में हमेशा खासतर बा। 62 िब लोग तुरही बजावत जोर िे सचल्लात रहे आ प्रभु के घर के पालन पोषण खासतर प्रभु के धन्यवाद के गीत गावत रहे। 63 पुजारी आ लेवी आ ओह लोग के कुल के मुल्कखया लोग में िे पुरान लोग जे पसहले के घर दे खले रहले, रोवत-रोवत रोवत-रोवत एकरा के सनमा​ा ण में आ गईले। 64 लेसकन बहुत लोग तुरही आ खुशी िे जोर िे सचल्लात रहे। 65 एह िे सक लोग के रोअला के चलते तुरही ना िुनाई दे वे, लेसकन भीड अचरज िे बाजत रहे अवुरी दू र िे िुनाई दे लि। 66 एही िे यहूदा आ सबन्यामीन के गोत्र के दु श्मन लोग के ई बात पता चलल सक तुरही के आवाज के का मतलब होखे के चाहीं। 67 उ लोग के पता चलल सक कैद में रहे वाला लोग इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के मंसदर बनवले बा। 68 उ लोग जरोबाबेल आऊ यीशु आ पररवार के मुल्कखया के लगे जाके कहलि, “हमनी के तोहनी के िाथे समल के सनमा​ा ण करब जा।” 69 हमनी के भी तोहनी सनयर तोहरे प्रभु के आज्ञा मानत बानी जा आ अश्शूर के राजा अजबिरत के जमाना िे ही उनकरा खासतर बसल चढ़ावत बानी जा, जे हमनी के इहा​ाँ ले आइल रहले। 70 तब जरोबाबेल आ ईिा आ इस्राएल के घराना के मुल्कखया लोग ओह लोग िे कहलन सक हमनी के आ तोहनी के समल के हमनी के प्रभु परमेश्वर खासतर घर बनावे के काम नइखे । 71 हमनी के अकेले इस्राएल के प्रभु खासतर सनमा​ाण करब जा, जईिे सक फारि के राजा कोरि हमनी के आज्ञा दे ले बाडे । 72 लेसकन यहूसदया के सनवािी लोग पर भारी पडल दे श के गैर-यहूदी लोग ओह लोग के सनमा​ा ण में बाधा डाल सदहलि। 73 आ अपना गुप्त िासजश आ लोकसप्रय मनावे आ हंगामा िे ऊ लोग जबले राजा िाइरि रहत रहले तबले भवन के सनमा​ा ण के काम पूरा करे में बाधा डालत रहले, एहिे दू िाल ले दारा के शािनकाल ले ओह लोग के सनमा​ा ण करे में बाधा आवत रहे. अध्याय 6 के बा 1 दारा अग्गेउि आ अद्दो के बेटा जकरयाह भसवष्यविा लोग के शािन के दू िरा िाल में यहूदी आ यरूशलेम में यहूदी लोग िे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम िे भसवष्यवाणी कईले।

2 तब िलातीएल के बेटा जरोबाबेल आ यूिेदेक के बेटा यीशु खडा होके यरूशलेम में प्रभु के घर बनावे लगले, प्रभु के भसवष्यविा लोग ओह लोग के िाथे रहले आ ओह लोग के मदद करत रहले। 3 ओही िमय िीररया आ फीनीि के गवनार सिसिने ि आ ितराबुजनेि आ उनकर िाथी लोग के िाथे ओह लोग के लगे अइले आ कहलन। 4 तू केकर सनयुल्कि िे ई घर आ ई छत बनावत बाडऽ आ बाकी िब काम करत बाडऽ? आ ई काम करे वाला मजदू र के हवें? 5 सफर भी यहूदी लोग के बुजुगा लोग के एहिान समलल काहे सक प्रभु बंदी के दे खले रहले। 6 जब तक दारा के ओह लोग के बारे में कवनो मतलब ना सदहल गइल आ ओकरा जवाब ना समल गइल। 7 ऊ सचट्ठी के प्रसतसलसप जवन िीररया आ फीनीि के गवनार सिसिनेि आ ितराबुजाने ि आ अपना िाथी लोग के िाथे, जे िीररया आ फीनीि के शािक लोग के िाथे दारा के भेजले रहले। राजा दारा के, असभवादन करत: 8 हमनी के प्रभु राजा के िब बात पता चल जाव सक यहूसदया के दे श में आके यरूशलेम शहर में घुिला के बाद हमनी के यरूशलेम शहर में यहूदी लोग के प्राचीन लोग समलल जवन बंदी में रहले 9 प्रभु खासतर एगो बडहन आ नया घर बनावल, जवन कटल आ महंगा पत्थर िे बनावल जाव आ दे वालन पर पसहले िे सबछल लकडी के बनावल। 10 ऊ काम बहुते तेजी िे होला आ काम ओह लोग के हाथ में बसढ़या िे चलत रहेला आ पूरा मसहमा आ लगन िे कइल जाला. 11 तब हम एह बुजुगा लोग िे पूछनी सक, “तू केकरा आज्ञा िे ई घर बनावत बानी आ एह काम के नींव रखत बानी?” 12 एह िे हमनी के सलख के तोहरा के ज्ञान दे वे के उद्दे श्य िे हमनी के ओह लोग िे जे मुख्य काम करे वाला लोग िे मां ग कईनी जा, आ हमनी के ओह लोग िे ओह लोग के प्रमुख आदमी के नाम सलल्कखत रूप िे मा​ाँ गनी जा। 13 उ लोग हमनी के इ जवाब दे ले सक, हमनी के प्रभु के िेवक हई, जे आकाश अवुरी धरती के बनवले। 14 रहल बात इ घर के त इ बहुत िाल पसहले इस्राएल के एगो महान अवुरी मजबूत राजा बनवले रहले अवुरी एकरा के पूरा क लेले रहले। 15 जब हमनी के पुरखा लोग परमेश्वर के गुस्सा में डाल सदहलन आ स्वगा में मौजूद इस्राएल के प्रभु के ल्कखलाफ पाप कइलन त ऊ ओह लोग के बाबुल के राजा नबूकोदोनोिोर के असधकार में िौंप सदहलन। 16 उ घर के सगरा के जरा के लोग के बंदी बना के बेसबलोन ले गईल| 17 लेसकन राजा कोरि के पसहला िाल में जब राजा कोरि बाबुल के दे श में राज कईले रहले, राजा कोरि इ घर बनावे खासतर सचट्ठी सलखले। 18 िोना आ चा​ाँ दी के पसवत्र बतान जवन नबूकोदोनोिोर यरूशलेम के घर िे सनकाल के अपना मंसदर में रखले रहले, जवना के राजा कोरि बेसबलोन के मंसदर िे वापि ले अईले रहले अवुरी ओकरा के िौंप दे ले रहले जरोबाबेल आ िनाबस्सर शािक के, 19 आज्ञा दे के सक उहे बतान लेके यरूशलेम के मंसदर में रखे । आ सक उनकर जगह पर प्रभु के मंसदर बनावल जाव। 20 तब उहे िनाबस्सर आके यरूशलेम में प्रभु के घर के नींव रखले। आ ओह घरी िे ले के ई अबहीं ले एगो भवन होखला का बावजूद ई अबहीं पूरा तरह िे खतम नइखे भइल. 21 अब अगर राजा के अच्छा लागे त राजा कोरि के ररकाडा में खोजल जाव| 22 आ अगर पता चलल सक यरूशलेम में प्रभु के घर के सनमा​ाण राजा कोरि के िहमसत िे भइल बा आ अगर हमनी के मासलक राजा के मन में अइिन बा त ऊ हमनी के एकर िंकेत दे ि। 23 तब राजा दारा आज्ञा सदहलन सक ऊ बेसबलोन में दजा​ा खोज लेव, आ एही िे एकबताने महल जवन मीसडया के दे श में बा, में एगो रोल समलल जवना में ई िब बात सलखल रहे।


24 कोरि के शािन के पसहला िाल में राजा कोरि आज्ञा सदहलन सक यरूशलेम में प्रभु के घर के दोबारा बनावल जाव, जहा​ाँ उ लोग लगातार आग िे बसल चढ़ावेला। 25 जेकर ऊाँचाई िाठ हाथ आ चौडाई िाठ हाथ होखी आ तीन पंल्कि में कटल पत्थर आ एक पंल्कि ओह दे श के नया लकडी के होखी। आ ओकर खरचा राजा कोरि के घर िे सदहल जाई। 26 प्रभु के घर के पसवत्र बतान िोना चांदी के जवन नबूकोदोनोिोर यरूशलेम के घर िे सनकाल के बाबुल ले अइले, ओकरा के यरूशलेम के घर में वापि कर सदहल जाव आ ओह जगह पर राखल जाव जहा​ाँ राखल जाव उ लोग पसहले के रहे। 27 आऊ आज्ञा भी सदहलन सक िीररया आ फीनीि के गवना र सिसिनेि, ित्राबुजाने ि आ उनकर िाथी लोग आ जे लोग िीररया आ फीनीि में शािक बनल रहे, एह जगह पर दखल ना दे वे के चाहीं, बलुक ओह जगह के नौकर जरोबाबेल के कष्ट् ना दे वे के चाहीं प्रभु, यहूसदया के राज्यपाल आ यहूदी लोग के बुजुगा लोग, ओह जगह पर प्रभु के घर बनावे खासतर। 28 हम आज्ञा दे ले बानी सक एकरा के फेर िे ठीक करावल जाव। आ जब तक प्रभु के घर पूरा ना हो जाई, तब तक उ लोग यहूदी लोग के बंदी में रहे वाला लोग के मदद करे के पूरा कोसशश करे ले। 29 िेलोसिररया आ फीनीि के कर में िे एगो सहस्सा एह लोग के प्रभु के बसलदान खासतर, यानी सक गवनार जरोबाबेल के बैल, मेढ़क आ मेमना खासतर सदहल जाव। 30 मकई, नमक, शराब आ तेल भी, आ हर िाल लगातार सबना कवनो िवाल के, जइिन सक यरूशलेम में रहल याजक लोग रोज खचा​ा होखे के िंकेत दे त बा। 31 तासक राजा आउर उनकर लइकन खासतर परम परमेश्वर के चढ़ावल जा िके आ उ लोग अपना जान खासतर प्राथाना कर िके। 32 ऊ आज्ञा सदहलन सक जे केहू उल्लंघन करी, हाँ, भा पसहले कहल भा सलखल कवनो बात के हिा कर दे व, ओकरा अपना घर िे एगो पेड सनकालल जाव आ ओकरा के फा​ाँ िी पर लटका सदहल जाव आ ओकर िगरी िामान राजा खासतर जब्त कर सलहल जाव. 33 एह िे प्रभु, जेकर नाम उहा​ाँ पुकारल जाला, हर राजा आ राष्ट्र के पूरा तरह िे नष्ट् कर दीं, जे यरूशलेम में प्रभु के घर में बाधा डाले भा नु किान चहुाँपावे खासतर आपन हाथ बढ़ावत बा। 34 हम राजा दारा इ तय कइले बानी सक एह िब के अनु िार ई काम पूरा मेहनत िे होखे । अध्याय 7 के बा 1 तब िेलोिीररया आ फीनीि के गवनार सिसिने ि आ ितराबुजानेि आ अपना िाथी लोग राजा दारा के आज्ञा के पालन करत। 2 पसवत्र काम के बहुत िावधानी िे दे खरे ख करत रहले, यहूदी लोग के प्राचीन लोग आ मंसदर के राज्यपाल लोग के िहायता करत रहले। 3 जब अग्गेउि आ जकरयाह भसवष्यविा भसवष्यवाणी कइले रहले त पसवत्र काम में िफलता समलल। 4 उ लोग इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के आज्ञा िे आ फारि के राजा कोरि, दारा आ आटे ल्कि​ि के िहमसत िे इ िब काम पूरा कईले। 5 फारि के राजा दारा के छठवा​ाँ िाल में अदार महीना के तीन बीिवा​ाँ सदन पसवत्र घर के काम पूरा हो गइल 6 इस्राएल के लोग, याजक, लेवी आ अउरी लोग जे कैद में रहे, उ लोग मूिा के सकताब में सलखल काम के मुतासबक काम कईले। 7 प्रभु के मंसदर के िमपाण के िमय उ लोग िौ बैल के दू िौ मेढ़क, चार िौ मेमना चढ़वले। 8 पूरा इस्राएल के पाप खासतर बारह गो बकरी, इस्राएल के गोत्र के मुल्कखया के िंख्या के सहिाब िे। 9 याजक आ लेवी लोग भी अपना वस्त्र में िजल-धजल, मोिा के सकताब के अनु िार इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के िेवा में खडा रहले।

10 बंदी में आइल इस्राएल के लोग पसहला महीना के चौदहवा​ाँ सदन फिह मनावत रहलन, ओकरा बाद याजक आ लेवी लोग के पसवत्र कइल गइल। 11 जे बंदी में रहलन उ िब एक िंगे पसवत्र ना भईले, लेसकन लेवी िब एक िंगे पसवत्र भईले। 12 एही िे उ लोग बंदी में रहे वाला िब लोग खासतर आ अपना भाई याजकन खासतर आ अपना खासतर फिह के पवा चढ़वले। 13 बंदी िे सनकलल इस्राएल के लोग, उ िब लोग जे दे श के लोग के सघनौना काम िे अलग होके प्रभु के खोजत रहले, उ लोग खा गईले। 14 उ लोग िात सदन तक सबना खमीर के रोटी के परब मनवले अवुरी प्रभु के िोझा मस्ती करत रहले। 15 काहे सक उ अश्शूर के राजा के िलाह के ओ लोग के ओर मोड दे ले रहले सक उ लोग इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के काम में उनु कर हाथ मजबूत करि। अध्याय 8 के बा 1 एह िब के बाद जब फारि के राजा आटे ल्कि​ि के राज भइलन त िरायि के बेटा एस्द्राि, एजेररया के बेटा, हेल्किया के बेटा, िलूम के बेटा, अईले। 2 िद् दू क के बेटा, अकीतोब के बेटा, अमररया के बेटा, एसजया के बेटा, मेरेमोत के बेटा, जराय के बेटा, िसवया के बेटा, बोक्का के बेटा, अबीशम के बेटा, सफने ि के बेटा , एसलयाजर के बेटा, हारून मुख्य याजक के बेटा। 3 इ एस्द्रा इस्राएल के परमेश्वर के सदहल मूिा के व्यवस्था में बहुत तैयार होके एगो शास्त्री के रूप में बेसबलोन िे चल गईले। 4 राजा उनकर आदर कइलन काहे सक उनकर िब सनहोरा में उनकर अनु ग्रह समलल। 5 इस्राएल के लोग, लेवीयन के याजक, पसवत्र गायक, द्वारपाल आ मंसदर के िेवक में िे कुछ लोग उनकरा िाथे यरूशलेम चल गइलन। 6 आटे ल्कि​ि के शािन के िातवा​ाँ िाल में पां चवा महीना में राजा के िातवा​ाँ िाल रहे। काहेसक उ लोग पसहला महीना के पसहला सदन बाबुल िे सनकल के यरूशलेम पहुंचले, जवन सक प्रभु ओ लोग के सदहल िमृद्ध यात्रा के मुतासबक रहे। 7 काहेसक एस्द्राि में बहुत बड कौशल रहे, एहिे उ प्रभु के व्यवस्था अवुरी आज्ञा में िे कवनो बात ना छोडले, बालुक पूरा इस्राएल के सनयम अवुरी न्याय के बारे में सिखवले। 8 राजा आटे ल्कि​ि िे सलखल आज्ञा के प्रसतसलसप इहे ह जवन प्रभु के व्यवस्था के पढ़े वाला याजक आऊ एद्राि के लगे आइल रहे। 9 प्रभु के व्यवस्था के पढ़े वाला याजक आ आटे ल्कि​ि राजा एद्राि के असभवादन भेजलन। 10 हम अनु ग्रह िे व्यवहार करे के ठान लेले बानी सक यहूदी लोग के जासत आ याजक आ लेवी के लोग जे हमनी के क्षेत्र में बा, जे इच्छु क बा आ इच्छु क बा, उ तोहरा िाथे यरूशलेम चल जाि। 11 एह िे जेतना लोग के मन में बा, उ लोग तोहरा िाथे चल जाव, जइिन सक हमरा आ हमार िात गो दोस्त िलाहकार लोग के अच्छा लागल। 12 तासक उ लोग यहूसदया आ यरूशलेम के काम के दे खत रहन, जवन प्रभु के व्यवस्था में बा। 13 आउर इजराइल के प्रभु के वरदान के यरूशलेम ले जा, जवना के हम आ हमार दोस्त लोग प्रण कइले बानी, आ बाबुल के दे श में जवन िोना चां दी समल िकेला, ओकरा के यरूशलेम में प्रभु के िामने ले जाईं। 14 यरूशलेम में उनकर परमेश्वर यहोवा के मंसदर खासतर जवन भी लोग के सदहल गइल बा, ओकरा िाथे बैल, मेढ़क आ मेमना आ ओकरा िे जुडल चीजन खासतर चां दी आ िोना एकट्ठा कइल जा िकेला।


15 एही खासतर उ लोग अपना परमेश्वर के वेदी पर प्रभु के बसल चढ़ावे जवन यरूशलेम में बा। 16 तू आ तोहार भाई लोग चा​ाँ दी आ िोना िे जवन कुछ करबऽ, ऊ तोहरा भगवान के मजी के अनु िार करीं। 17 प्रभु के पसवत्र बतान जवन तोहरा के यरूशलेम में अपना परमेश्वर के मंसदर के उपयोग खासतर सदहल गईल बा, ओकरा के तू यरूशलेम में अपना परमेश्वर के िामने रख दीह। 18 आउर जवन भी चीज तू अपना परमेश्वर के मंसदर के उपयोग खासतर याद करब, ओकरा के राजा के खजाना िे दे ब। 19 हम राजा आटे ल्कि​ि अराम आ फीनीक के खजाना के रखवाला लोग के भी आज्ञा दे ले बानी सक जवन कुछ भी एस्द्रा याजक आ परम परमेश्वर के व्यवस्था के पाठक भेजिु, ओकरा के जल्दी िे दे ि। 20 िौ तोरा चा​ाँदी के रकम, ओइिहीं गेहूं के िौ कोि तक के रकम, िौ कोट शराब आ अउरी चीज के भरमार। 21 राजा आ उनकर बेटा लोग के राज्य पर क्रोध मत आवे खासतर परमात्मा परमेश्वर के िामने िब कुछ परमेश्वर के सनयम के अनु िार पूरा मेहनत िे पूरा होखे । 22 हम तोहनी के इहो आज्ञा दे त बानी सक तू लोग कवनो याजक, लेवी, पसवत्र गायक, द्वारपाल, मंसदर के िेवक, या एह मंसदर में काम करे वाला के कवनो कर, ना कवनो दोिर आरोप के मां ग करीं सक केहू के ओह लोग पर कवनो चीज थोपे के असधकार नइखे. 23 तू एस्द्रा, परमेश्वर के बुल्कद्ध के अनु िार न्यायी आ न्यायी के सनयुि करऽ तासक ऊ लोग पूरा िीररया आ फीनीि में ओह िब लोग के न्याय कर िके जे तोहरा परमेश्वर के सनयम के जानत बा। आ जे एकरा के ना जानत बा, ओकरा के तू सिखाईब। 24 जे केहू तोहार भगवान आ राजा के सनयम के उल्लंघन करी ओकरा के पूरा मेहनत िे िजा सदहल जाई, चाहे ऊ मौत के िजा होखे भा कवनो दोिर िजा, पइिा के िजा होखे भा जेल के िजा। 25 तब शास्त्री एस्द्रा कहले, “हमरा पुरखा लोग के एकलौता प्रभु परमेश्वर के धन्य होखे , जे यरूशलेम में अपना घर के मसहमामंडन करे खासतर राजा के मन में इ िब बात रखले बाडे । 26 राजा, उनकर िलाहकार आऊ उनकर िब दोस्त आ कुलीन लोग के नजर में हमरा के आदर कइले बा। 27 एही िे हम अपना परमेश्वर यहोवा के मदद िे उत्सासहत हो गईनी अवुरी इस्राएल के लोग के अपना िंगे चले खाती एकट्ठा कईनी। 28 राजा आटे ल्कि​ि के शािनकाल में हमरा िाथे बाबुल िे सनकलल ई लोग अपना पररवार आ कई गो मया​ादा के सहिाब िे प्रमुख हवें। 29 सफने ि के बेटा गेरिन, इथामार के बेटा में िे गमाएल, दाऊद के बेटा िेकेसनया के बेटा लेतुि। 30 फारे ज के बेटा जकरयाह; ओकरा िाथे एक िौ पचाि आदमी सगनल गइल। 31 पहत मोआब के बेटा एसलयाओसनयाि, िरायि के बेटा आ ओकरा िाथे दू िौ आदमी। 32 जाथोए के बेटा िेकेसनयाि जेजलि के बेटा आ ओकरा िाथे तीन िौ आदमी, आदीन के बेटा ओबेथ जोनाथन के बेटा आ ओकरा िाथे दू िौ पचाि आदमी। 33 एलाम के बेटा में िे गोथोसलया के बेटा योसिया आ ओकरा िाथे ित्तर आदमी। 34 िफासतया के बेटा में िे समकेल के बेटा जरायि आ ओकरा िाथे िाठ आदमी। 35 योआब के बेटा में िे ईजेलुि के बेटा अबसदयाि आ ओकरा िाथे दू िौ बारह आदमी। 36 बनीद के बेटा में िे योिासफया के बेटा अस्सलीमोथ आ ओकरा िाथे िौ िठ आदमी। 37 बाबी के बेटा में िे बेबाई के बेटा जकरयाह आ ओकरा िाथे अठाईि आदमी।

38 अस्ताथ के बेटा में िे अकातन के बेटा योहानि आ ओकरा िाथे एक िौ दि आदमी। 39 अदोनीकाम के अंसतम बेटा में िे एलीफालेट, गहना आ िामईया आ ित्तर आदमी के नाम बा। 40 बागो के बेटा उथी इस्तालकुरि के बेटा आ ओकरा िाथे ित्तर आदमी। 41 हम एह लोग के थेराि नाम के नदी में बटोरनी, जहा​ाँ हमनी के तीन सदन तक आपन डे रा खडा कईनी। 42 जब हम ओसहजा कवनो याजक आ लेवी के ना समलल। 43 तब हम एसलयाजर, इदु एल आ मिमान के लगे भेजनी। 44 अलनाथन, ममाइयाि, योररबाि, नाथन, यूनातन, जकरयाह आ मोिोलामोन, प्रमुख लोग आ सवद्वान रहलन। 45 हम ओह लोग के कहनी सक ऊ लोग खजाना के जगह पर मौजूद िद्दे उि िेनापसत के लगे जाि। 46 उ लोग के आज्ञा सदहलन सक उ लोग दद्दी, उनकर भाई लोग आ ओह जगह के खजानची िे बात करि सक हमनी के अइिन आदमी भेजल जाव जे प्रभु के घर में पुरोसहत के काम कर िके। 47 हमनी के प्रभु के पराक्रमी हाथ िे उ लोग हमनी के लगे इस्राएल के बेटा लेवी के बेटा मोली, अिेबेसबया अवुरी उनुकर बेटा अवुरी उनुकर भाई के सनपुण आदमी ले आईल, जवन सक अठारह िाल के रहले। 48 चननु नेि के बेटा में िे अिेसबया, अनु ि आ ओकर भाई ओिैया बीि आदमी रहले। 49 मंसदर के नौकरन में िे जवना के दाऊद सनयुि कइले रहले आ लेवीयन के िेवा खासतर प्रमुख लोग में िे दू िौ बीि गो िेवक रहले, सजनकर नाम के िूची दे खावल गइल रहे। 50 उहा​ाँ हम अपना प्रभु के िामने नवसहयन िे उपवाि के प्रण कइनी सक हमनी के आ हमनी के िाथे रहे वाला लोग खासतर, हमनी के लइकन खासतर आ मवेशी खासतर उनु का िे एगो िमृद्ध यात्रा के मां ग करब। 51 काहे सक हम राजा के पैदल चले वाला आ घुडिवारन िे पूछे में शमा महिूि करत रहनी आ हमनी के सवरोसधयन िे बचाव खासतर आचरण के मां ग करत रहनी। 52 हमनी के राजा िे कहले रहनी जा सक हमनी के प्रभु परमेश्वर के शल्कि उनकरा के खोजे वाला लोग के िाथे होखे तासक उ लोग के हर तरह िे िाथ दे िके। 53 हमनी के फेरु िे अपना प्रभु िे एह बात के बारे में सनहोरा कईनी अवुरी उनु का के हमनी के अनु कूल पावल। 54 तब हम याजक के िरदारन में िे बारह गो, एिेसब्रया आ अस्ससनया आ ओह लोग के िाथे दि गो भाई लोग के अलगा कर सदहनी। 55 हम ओह लोग के िोना, चा​ाँ दी आ हमनी के प्रभु के घर के पसवत्र बतान के तौलनी जवन राजा, उनकर पररषद, राजकुमार आऊ पूरा इस्राएल दे ले रहले। 56 जब हम ओकरा के तौल के ओकरा के छह िौ पचाि तोरा चा​ाँदी, चा​ाँ दी के बतान िौ तोला आ िौ तोला िोना दे सदहनी। 57 िोना के बीि गो बतान आ पीतल के बारह गो बतान, महीन पीतल के, जवन िोना सनयर चमकत रहे। 58 हम ओह लोग िे कहनी, “तू दु नु जाना प्रभु खासतर पसवत्र हउअ, आ बतान पसवत्र बा, आ िोना चां दी हमनी के पुरखन के प्रभु प्रभु के व्रत ह। 59 जब तक सक यरूशलेम में याजक आ लेवी के मुल्कखया आ इस्राएल के पररवार के प्रमुख लोग के हाथ में हमनी के परमेश्वर के घर के कोठरी में ना दे ब तब तक जागल रहब। 60 चा​ाँ दी, िोना आ बतान लेबे वाला याजक आ लेवी लोग ओ लोग के यरूशलेम, प्रभु के मंसदर में ले अइले। 61 हमनी के पसहला महीना के बारहवा​ाँ सदन थेराि नदी िे सनकल के अपना प्रभु के पराक्रमी हाथ िे यरूशलेम पहुाँचनी जा, जवन हमनी के िाथे रहे, आ हमनी के यात्रा के शुरुआत िे ही प्रभु हमनी के हर दु श्मन िे बचा सलहले, आ अइिने हम यरूशलेम आ गईनी।


62 जब हमनी के उहा​ाँ तीन सदन रहनी जा त चउथा सदन हमनी के प्रभु के घर में िोना चां दी के तौलल इरी के बेटा याजक मरमोथ के दे सदहल गईल। 63 ओकरा िाथे सफने ि के बेटा एसलयाजर आ ओह लोग के िाथे यीशु के बेटा योिाबाद आ िब्बान के बेटा मोएत, लेवी लोग रहले। 64 ओही घडी ओह लोग के िब वजन सलखल गइल। 65 बंदी िे सनकलल लोग इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के बसल चढ़वले, पूरा इस्राएल खासतर बारह बैल, चौडह गो मेढ़। 66 बारह गो मेमना, शांसत बसल खासतर बकरी, बारह; उ िब प्रभु के बसलदान ह। 67 ऊ लोग राजा के आज्ञा राजा के भंडारी आ िेलोसिररया आ फीनीि के राज्यपालन के दे सदहल। आ उ लोग लोग आ परमेश्वर के मंसदर के आदर करत रहले। 68 जब ई िब पूरा भइल त शािक लोग हमरा लगे आके कहलि। 69 इस्राएल के राष्ट्र, राजकुमार, याजक आ लेवी लोग, ना ही कनान, सहत्ती, फरे िी, यबूिी आ मोआबी लोग के पराया लोग के, ना ही गैरयहूदी लोग के प्रदू षण के दू र कइले। समस्र के लोग, आ एदोमी लोग। 70 काहेसक उ लोग आ उनकर बेटा दु नु अपना बेटी के िाथे सबयाह कर लेले बाडे आ पसवत्र िंतान दे श के पराया लोग में समल गईल बा। आ एह बात के शुरुआत िे ही शािक आ महान लोग एह अधमा के भागीदार रहल बा। 71 आ जइिहीं हम ई बात िुननी त हम आपन कपडा आ पसवत्र वस्त्र फाड के अपना माथा आ दाढ़ी के बाल उतार के उदाि आ बहुते भारी बइठा सदहनी. 72 तब जब हम इस्राएल के परमेि् वर परमेि् वर के वचन िे चसकत रहलन, उ िब हमरा लगे जुट गईले, जब तक हम अधमा के शोक मनावत रहनी, लेसकन हम शाम के बसलदान तक भारी भरकम बईठल रहनी। 73 तब आपन कपडा आ पसवत्र वस्त्र फाड के उपवाि िे उठ के घुटना टे क के प्रभु के िामने हाथ बढ़ा के। 74 हम कहनी, हे प्रभु, हम तोहरा िामने लजाइल बानी आ लजाइल बानी। 75 हमनी के पाप हमनी के माथा िे ऊपर बढ़ गईल बा अवुरी हमनी के अज्ञानता स्वगा तक पहुंच गईल बा। 76 काहेसक हमनी के पुरखन के िमय िे ही हमनी के बहुत पाप में बानी जा आ आज तक भी बहुत पाप में बानी जा। 77 आ हमनी के पाप आ अपना पुरखन के चलते हमनी के अपना भाई, राजा आ पुजारी के िाथे धरती के राजा, तलवार, कैद आ शमा के सशकार बनावे खासतर आजु ले िौंपल गइल बानी जा। 78 अब हे प्रभु, तोहरा िे हमनी पर कुछ हद तक दया कइल गइल बा सक तोहरा पसवत्र स्थान के जगह हमनी के एगो जड आ एगो नाम रह जाव। 79 आ हमनी के परमेश्वर प्रभु के घर में एगो रोशनी के खोज करे खासतर आ हमनी के गुलामी के िमय में खाना दे वे खासतर। 80 हाँ, जब हमनी के गुलामी में रहनी जा, त हमनी के अपना प्रभु िे ना छोडल गइल रहनी जा। लेसकन उ हमनी के फारि के राजा लोग के िामने कृपा कईले, तासक उ लोग हमनी के खाना दे ले। 81 हाँ, आ हमनी के प्रभु के मंसदर के आदर कइलन आ उजाड सियोन के खडा कइलन सक ऊ लोग हमनी के यहूदी आ यरूशलेम में पक्का रहे के मौका सदहले बा. 82 आ अब हे प्रभु, हमनी के का कहब जा, ई िब समल के? काहे सक हमनी के तोहार आज्ञा के उल्लंघन कइले बानी जा जवन तू अपना िेवक भसवष्यविा लोग के हाथ िे दे ले रहलू। 83 सक जवना दे श में तू लोग धरोहर के रूप में अपना कब्जा में लेत बानी, उ दे श के परदे िी लोग के गंदगी िे दू सषत भूसम ह अवुरी उ लोग ओकरा के अपना अशुद्धता िे भर दे ले बाडे ।

84 एह िे अब तू अपना बेटी के बेटा के िंगे ना जोडब अवुरी ना उनुका बेटी के अपना बेटा के िंगे ले जाईब। 85 एकरा अलावा तू लोग कबो ओह लोग िे मेल समलाप ना करे के कोसशश करब सक तू लोग मजबूत हो िकीले आ दे श के बसढ़या चीज खाईं आ दे श के सवराित हमेशा खासतर अपना लइकन के छोड दीं। 86 आ जवन कुछ भी हमनी के बुरा काम आ बडहन पाप खासतर भइल बा ऊ हमनी के िाथे भइल बा। काहे सक हे प्रभु, तू हमनी के पाप के हिा कर सदहनी। 87 आ हमनी के अइिन जड सदहलि, लेसकन हमनी के तोहार सनयम के उल्लंघन करे खासतर आ दे श के राष्ट्रन के अशुद्धता में घुलल-समल जाए खासतर पीछे हट गईल बानी जा। 88 का तू हमनी के नाश करे खासतर नाराज होखब, जबले तू हमनी के ना जड, ना बीज, ना नाम ना छोडबऽ? 89 हे इस्राएल के प्रभु, तू िच्चा हउअ, काहेसक आज हमनी के जड रह गईल बा। 90 दे ख, अब हमनी के अपना अधमा में तोहरा िामने बानी जा, काहे सक हमनी के अब तोहरा िामने एह िब के चलते खडा ना हो िकेनी जा। 91 जब एस्द्राि आपन प्राथाना में रोवत-रोवत मंसदर के िामने जमीन पर िपाट लेट के कबूल करत रहले त यरूशलेम िे मरद मेहरारू आ लइका-लइकी के बहुते भीड जुट गइलन काहे सक भीड में बहुते रोअत रहे। 92 तब इस्राएल के एगो बेटा येलुि के बेटा यकोसनयाि सचल्ला के कहलि, “हे एस्द्रा, हमनी के प्रभु परमेश्वर के ल्कखलाफ पाप कईले बानी जा, हमनी के दे श के जासत के पराया मसहला िे सबयाह कईले बानी जा, अवुरी अब पूरा इस्राएल ऊपर बा . 93 हमनी के प्रभु के सकररया खाईं जा सक हमनी के अपना िब मेहरारू के छोड दे ब जा, जवन हमनी के गैर-यहूदी िे लेहले बानी जा, उ लोग के बच्चा के िंगे। 94 जइिे तू तय कइले बाडऽ आ जे लोग प्रभु के व्यवस्था के पालन करे ला। 95 उठ के फां िी दे दीं, काहेसक ई बात तोहरा पर बा आ हमनी के तोहरा िाथे रहब जा, बहादु री िे करऽ। 96 एही िे एद्राि उठ के पूरा इस्राएल के याजक आ लेवी के मुल्कखया लोग के सकररया खइले सक ऊ लोग एह िब के बाद काम करी। आ एही िे ऊ लोग सकररया खइले. अध्याय 9 के बा 1 एस्द्रा मंसदर के आाँ गन िे उठ के एसलयािीब के बेटा योआन के कोठरी में चल गईले। 2 उहा​ाँ रह के भीड के बड अपराध के शोक मनावत ना खाना खईले ना पानी सपयले। 3 पूरा यहूदी आ यरूशलेम में बंदी में रहे वाला िब लोग के घोषणा भइल सक ऊ लोग यरूशलेम में एकट्ठा हो जाई। 4 आ जे भी दू -तीन सदन के भीतर ओसहजा ना समलल, जइिन सक शािन करे वाला बुजुगा लोग के सनयुल्कि के अनु िार ओकर मवेशी मंसदर के उपयोग खासतर पकडल जाव आ खु द के बंदी में िे बाहर सनकाल सदहल जाव। 5 तीन सदन में यहूदा आ सबन्यामीन के गोत्र के िब लोग नौवां महीना के बीिवा​ाँ सदन यरूशलेम में एकट्ठा हो गइल। 6 वतामान में खराब मौिम के चलते मंसदर के चौडा आाँ गन में िब भीड का​ाँ पत बईठल रहे। 7 एद्राि उठ के कहलि, “तू लोग परदे िी मेहरारू िे सबयाह क के कानून के उल्लंघन कईले बाडू, जवना िे इस्राएल के पाप बढ़ गईल बा।” 8 अब कबूल करके हमनी के पुरखन के परमेश्वर प्रभु के मसहमा करीं।


9 ओकर मजी के पालन करीं आ दे श के गैर-यहूदी आ परदे िी मेहरारू लोग िे अलगा हो जाईं। 10 तब पूरा भीड जोर िे सचल्ला के कहलि, “जइिन तू कहले बाडू, ओइिन हमनी के भी करब जा।” 11 लेसकन जबिे लोग के िंख्या बहुत बा, आ मौिम खराब बा, जवना िे हमनी के बाहर ना खडा हो िकेनी जा, आ ई एक-दू सदन के काम ना ह, काहे सक हमनी के पाप बहुत दू र तक फैलल बा। 12 एह िे भीड के शािक लोग रुक जाि आ हमनी के िब घर में जे लोग परदे िी पत्नी बा, उ लोग सनधा​ा ररत िमय पर आ जाि। 13 आ हर जगह के शािक आ न्यायाधीश लोग के िाथे जब तक हमनी के एह बात खासतर प्रभु के क्रोध के हमनी िे दू र ना कर दे ब जा। 14 तब अजाएल के बेटा जोनाथन आ सथयोकानि के बेटा इजसकयाि एह बात के अपना ऊपर ले सलहले आ मोिोलाम, लेवीि आ िल्कब्तयि ओह लोग के मदद कइले। 15 कैद में रहे वाला लोग इ िब काम के मुतासबक काम कईले। 16 एद्राि याजक अपना पररवार के प्रमुख आदमी के नाम िे चुनले अवुरी दिवां महीना के पसहला सदन उ लोग एक िंगे बईठ के मामला के जां च कईले। 17 एह िे परदे िी मेहरारू के रखे वाला ओह लोग के मुकदमा पसहला महीना के पसहला सदन खतम हो गइल। 18 जवन पुजारी लोग एकट्ठा भइल रहे आ उनकर परदे िी मेहरारू रहली, ओह लोग में िे उहा​ाँ समल गइली। 19 यूिुदेक के बेटा यीशु के बेटा आ उनकर भाई लोग में िे। मथेलाि आ एसलजाबेथ, आ जोररबि आ योआदानि। 20 ऊ लोग आपन मेहरारू के छोडे आ मेढ़ा चढ़ावे खासतर हाथ दे के अपना गलती के िुलह कर सदहल। 21 एमेर के बेटा लोग में िे। अनसनया, जिे उि, ईनीि, िमेयि, सहयरे ल आ अजररया। 22 फईिुर के बेटा लोग में िे। एसलओनाि, मसियाि इजरायल, आ नथनील, आ ओसिडलि आ तालिाि। 23 लेवी लोग के भी। जोजाबाद, िेमीि, कोसलयि, जेकरा के कैसलटाि कहल जात रहे, आ पसथयि, यहूदा आ योनाि। 24 पसवत्र गावे वाला लोग के; एसलजाबेथ, बक्कुरि के नाम िे जानल जाला। 25 द्वारपालन के लोग के; िल्लमि, आ टोलबेन्स के नाम िे जानल जाला। 26 इस्राएल के लोग में िे, फोरोि के बेटा लोग में िे। सहयरमाि, एसदयाि, मल्कियाि, माएलि, एसलयाजर, असिसबयाि आ बासनयाि। 27 एला के बेटा लोग में िे; मथसनया, जकरयाह, आ सहयररलि, आ सहरे मोथ, आ एसडयाि। 28 आ जामोत के बेटा लोग में िे; एसलयादाि, एसलसिमि, ओथोसनयाि, जररमोथ, आ िबाति, आ िरदे उि। 29 बबई के बेटा लोग में िे; योहासनि, अनसनया आ योिाबाद आ अमाथेि। 30 मनी के बेटा लोग में िे; ओलामि, मामुचि, जेड्यूि, जिुबि, यािाएल आ सहरे मोथ के नाम बा. 31 आदी के बेटा लोग में िे। नाथि, मूसियाि, लैकुनि, नायडि, मथासनयाि, िेस्टेल, बालनु ि आ मनिेि। 32 आ हन्ना के बेटा लोग में िे। एसलयोनाि, असियाि, मल्कियाि, िबब्यूि, आ सिमोन चोिमेउि। 33 आिोम के बेटा लोग में िे; अल्टाने ि, मसथयि, बानाया, एसलफालेट, मनिेि आ िेमेई। 34 आ मानी के बेटा लोग में िे; सयमायाह, मोमदीि, ओमायरि, जुएल, मबदाई आ पेसलयाि, अनोि, काराबसियन, एनासिबि, आ मसमनतानीमि, एसलयाि, बन्नि, एसलयाली, िासमि, िेलेसमया, नथसनयाि, आ ओजोरा के बेटा लोग के। िेसि​ि, एसस्रल, अजाएलि, िमटि, जाल्कम्बि, जोिेफि के नाम बा।

35 एथमा के बेटा लोग में िे; मसजसटयाि, जबदाइयाि, एडे ि, जुएल, बनइयाि के नाम िे जानल जाला। 36 इ िब लोग परदे िी पत्नी के सबयाह क लेले रहले अवुरी उ लोग अपना बच्चा के िंगे छोड दे ले रहले। 37 िातवा​ाँ महीना के पसहला सदन याजक आ लेवी आ इस्राएल के लोग यरूशलेम आ दे श में रह गइल। 38 पूरा भीड एक मन िे पूरब के ओर पसवत्र बरामदा के चौडा जगह में आ गईल। 39 ऊ लोग याजक आ पाठक एद्राि िे कहल सक ऊ मूिा के व्यवस्था ले आवे जवन इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के सदहल रहे। 40 एही िे मुख्य याजक एद्राि िातवा​ाँ महीना के पसहला सदन पूरा भीड के िामने कानून के बात ले अइले। 41 ऊ पसवत्र बरामदा के िामने चौडा आाँ गन में िबेरे िे दु पहररया तक मरद मेहरारू के िामने पढ़त रहले। आ भीड व्यवस्था पर ध्यान सदहलि। 42 एस्डराि याजक आ व्यवस्था के पाठक लकडी के एगो मंच पर खडा हो गइलन जवन एही खासतर बनल रहे। 43 ओकरा लगे दासहना ओर मत्तसथया, िम्मुि, अनसनया, अजररया, उररया, इजसिया, सबलािम खडा हो गइलन। 44 ओकरा बायां हाथ में फाल्दी, समिाइल, मल्किया, लोथािुबि आ नबररयाि खडा रहले। 45 तब एद्राि के व्यवस्था के सकताब भीड के िामने ले गईल, काहेसक उ िबिे पसहले िब के िामने आदर िे बईठल रहले। 46 जब उ व्यवस्था खोलले त उ िब िीधा खडा हो गईले। त एस्डराि परम परम परमात्मा, िेना के परमेश्वर, िवाशल्किमान परमात्मा के आशीष सदहलन। 47 िब लोग जवाब सदहलि, “आमीन; हाथ उठा के ऊ लोग जमीन पर सगर गइल आ प्रभु के आराधना कइल। 48 ईिा, अनु ि, िरसबयाि, अदीनि, याकूबि, िबासतयाि, औसतयाि, मैयासनयाि, कासलताि, असस्रयाि, योआजबदु ि, अनसनयाि, सबयाताि, लेवी लोग प्रभु के व्यवस्था के सिखवले आ ओकरा के िमझे में मदद कइले। 49 तब अथरात मुख्य याजक एद्राि िे कहलन। आ पाठक आ भीड के सिखावे वाला लेवी लोग के िब के कहत रहले। 50 ई सदन प्रभु खासतर पसवत्र बा। (काहेसक उ िब व्यवस्था िुन के रोवत रहले।) 51 तब जाके चबी खाईं आ मीठ पीईं आ जेकरा लगे कुछु ओ नइखे ओकरा के कुछ सहस्सा भेज दीं। 52 काहेसक ई सदन प्रभु खासतर पसवत्र बा, आ दु खी मत होखऽ। काहे सक प्रभु तोहनी के आदर में ले अइहें। 53 लेवी लोग लोग के िामने िब कुछ बतावत कहले सक, “ई सदन प्रभु खासतर पसवत्र बा। दु खी ना होखे के चाहीं। 54 तब ऊ लोग हर केहू खाए-पीये आ मस्ती करे आ जेकरा लगे कुछु ओ ना रहे ओकरा के सहस्सा दे वे आ हाँिी-मजाक करे खासतर सनकलल। 55 काहे सक उ लोग उ शि िमझत रहले, जवना में उ लोग के सशक्षा सदहल गईल रहे अवुरी जवना खाती उ लोग जुटल रहले।


अध्य 1 के ब् 1 एस्द् भविषियद के दू ्र वकतदब, ्रयदह के बेटद, अजररयद के बेटद, हे ल्यद् के बेटद, ्ददवियद के बेटद, ्ददोक के बेटद, अकीतोब के बेटद। 2 अवकयद् के बेटद, विने् के बेटद, हे ली के बेटद, अिररयद के बेटद, अजीई के बेटद, िरीिोथ के बेटद, अनदन के बेटद, ओवजयद के बेटद, बोररथ के बेटद, अबी्ेई के बेटद , विने् के बेटद, एवलयदजर के बेटद, 3 ले िी के गोत के हदरन के बेटद। जिन िददी के दे श िे , िदर् के रदजद आट् ले् के शद्नकदल िे कैद रहे । 4 पभर के िचन हिरद लगे आइल वक 5 जदके हिरद लोग के पदप के कदि आ ओह लोग के लइकन के आपन बररदई दे खद द जिन ऊ लोग हिरद लखलदि कइले बद। तदवक उ लोग अपनद लइकन के लइकन के बतद ्के। 6 कदहे वक उ लोग के बदप-दददद के पदप बढ गईल बद, कदहे वक उ लोग हिरद के भरलद गईल बदडे अिर री परदे ्ी दे ितद के चढद दे ले बदडे । 7 कद हि उहे नद हईं जे विस के दे श ्े, गरलदिी के घर ्े वनकदल के ले अइनी? ले वकन उ लोग हिरद के गरसद िे डदल दे ले बदडे अिर री हिरद ्लदह के तरच ्िझले बदडे । 8 तब तू अपनद िदथद के बदल उतदर के ओह लोग पर ्ब बररदई डदलऽ, कदहे वक ऊ लोग हिरद वनयि के पदलन नद कइल, बदवकर ई एगो वि्ोही लोग ह। 9 हि कब तक ओह लोग के छोडब, जेकरद िे हि एतनद भलदई कईले बदनी? 10 हि ओह लोग खदवतर बहत रदजद के नष कर दे ले बदनी। विरौन के ओकर नौकर आ ओकर पूरद तदकत के ्दथे हि िदर दे ले बदनी। 11 हि ओह लोग के ्दिने ्ब जदवत के नष कर दे ले बदनी आ पूरब िे हि दू गो पदं त, ्ोर आ ्ीदोन के लोग के वततर-वबतर क दे ले बदनी आ ओह लोग के ्ब दर शनन के िदर दे ले बदनी। 12 एह ्े तू ओह लोग ्े कहऽ वक पभर इहे कहत बदडन। 13 हि तोहनी के ्िरंदर के बीच ्े ले के चलत रहनी आ शर र िे तोहके एगो बडहन आ ्ररव्त रदसद दे ले रहनी। हि तोहके िू्द के एगो नेतद खदवतर दे ले बदनी आ हदरन के एगो यदजक खदवतर दे ले बदनी। 14 हि तोहनी के आग के खं भद िे रोशनी दे ले बदनी आ तोहनी के बीच िे बहत बड चितदर कईले बदनी। तबो तू हिरद के भरलद गइल बदडऽ, पभर कहत बदडन। 15 ्िन शलयिदन पभर इ कहत बदडन वक बटे र तोहनी खदवतर एगो वनशदनी के रप िे रहे । हि तोहनी के र्द खदवतर डे रद दे ले बदनी, विर भी तू उहदँ बडबडदत रहलू । 16 तोहनी के दर शनन के विनदश खदवतर हिरद नदि ्े जीत नद विलल, ले वकन आज तक तू लोग गरनगरनदत बदडू। 17 हि जिन िदयदद तोहरद खदवतर कइले बदनी ऊ कहदँ बद? जब तू लोग जंगल िे भूखल आ पद्ल रहलू त कद तू हिरद ्े नद वचलदत रहलू ? 18 ऊ कहलन वक तू हिनी के िदरे खदवतर कदहे हिनी के एह जंगल िे ले आइल बदडू? हिनी खदवतर विस के ्ेिद कइल बेहतर रवहत, एह जंगल िे िरलद ्े। 19 तब हि तोहरद शोक पर तर् खद के तोहरद के िनद खद के दे नी। एही ्े तू लोग सगनदूतन के रोटी खइनी। 20 जब तोहनी के पद् लदगल रहे त कद हि चटदन के िदड के पदनी नद बहत रहे ? गरिी खदवतर हि तोहरद के पेड के पतई ्े ढं क दे ले रहनी। 21 हि तोहनी के बीच एगो िलददर दे श बदं टनी, तोहनी के ्दिने कनदन, िरे ्ी आ पवलसी के बदहर वनकदल दे नी। पभर कहत बदडन। 22 ्िन शलयिदन पभर इहे कहत बदडन वक जब तू लोग जंगल िे अिोरी लोग के नदी िे पद्ल रहनी आ हिरद नदि के वनंदद करत रहलू ।

23 हि तोहनी के वनंदद के चलते आग नद दे ले रहनी, बलर क पदनी िे पेड िेक दे नी अिर री नदी के िीठ क दे ले रहनी। 24 हे यदकूब, हि तोहरद के कद करब? तू , यहदद, हिदर बदत नद िदनब, हि हिरद के दो्रद जदवत के ओर िोड दे ब, आ ओह लोग के हि आपन नदि दे ब, तदवक उ लोग हिदर वनयि के पदलन कर्। 25 तू लोग हिरद के छोड दे ले बदडू, हि तोहनी के भी छोड दे ब। जब तू लोग हिरद ्े कृपद करे के चदहत बदडू त हि तोहरद पर किनो दयद नद करब। 26 जब भी तू हिरद के परकदरबऽ त हि तोहनी के बदत नद ्रनब, कदहे वक तू लोग आपन हदथ खू न ्े अशर द कर दे ले बदडऽ आ तोहदर गोड गैर इरददतन हतद करे िे तेज हो गइल बदडऽ। 27 पभर कहत बदडन वक तोहनी के जइ्न हिरद के छोडल गइल बद, ओइ्न नद, बलर क आपन खर द के छोड वदहले बदडऽ। 28 ्िन शलयिदन पभर इहे कहत बदडन वक कद हि तोहरद के अपनद बेटद के बदप, बेटी के रप िे िदई आ अपनद छोट बचद के दू ध वपयदिे के तरह पदथननद नद कइले बदनी। 29 वक तू हिदर लोग बनी ं आ हि तोहदर भगिदन बनब। वक तू हिदर लइकद बनबऽ आ हि तोहदर बदप बनबऽ? 30 हि तोहनी के ओइ्ही ं बटोरले बदनी जइ्े िरग् अपनद िरग् के अपनद पदँ ख के नीचे बटोरे ले , ले वकन अब हि तोहनी के कद करब? हि तोहरद के अपनद चेहरद ्े बदहर वनकदल दे ब। 31 जब तू हिरद के चढद दे बऽ त हि तोहरद ्े िरँह िोड ले ब, कदहे वक हि तोहनी के अिदिसद आ खतनद के छोड दे ले बदनी। 32 हि तोहनी के लगे आपन ्ेिक भविषियद भेजले बदनी, जेकरद के तू लोग पकड के िदर दे ले बदडऽ आ ओह लोग के लदश के टर कडदटर कडद कर दे ले बदनी, जेकर खू न हि तोहरद हदथ ्े िदँ गब, पभर कहत हउिे । 33 ्िन शलयिदन पभर इहे कहत बदडन वक तोहदर घर उजदड हो गइल बद, हि तोहरद के ओइ्ही ं बदहर वनकदल दे ब जइ्े हिद के ठूंठ िदरे ले । 34 तोहदर लइकद-लइकी िल नद पैदद करीहे । कदहे वक उ लोग हिरद आजद के तरच ्िझ के हिरद ्ोझद बररदई के कदि कईले बदडे । 35 हि तोहदर घर ओह लोग के दे ब जिन आिे िदलद बद। जिन हिरद बदरे िे अभी तक नद ्रनले बदडे त हिरद प विशद् करीहे । जेकरद के हि किनो वनशदनी नईखी दे खिले , ले वकन उ लोग हि जिन आजद दे ले बदनी, उहे पूरद करीहे । 36 उ लोग किनो भविषियद के नईखन दे खले , विर भी उ लोग अपनद पदप के यदद क के ओकरद के सीकदर करीहे । 37 हि आिे िदलद लोग के कृपद के गिदह बनत बदनी, जेकर छोट-छोट लइकद खर शी िे आनल्त होले , आ भले उ लोग हिरद के शरीर के आँ ख ्े नद दे खले होख्, ले वकन हि जिन बदत कहत बदनी ओकरद पर आतद िे विशद् करे लन। 38 अब भदई, दे खऽ किन िवहिद बद; आ पूरब ्े आिे िदलद लोग के दे खऽ। 39 जेकरद के हि अबदहि, इ्हदक, यदकूब, ओव्यद्, आिो्, िीवकयद, योएल, अल्यद् आ योनद् के नेतद के रप िे दे ब। 40 नहि, अबदकूक, ्ोिोवनयद, अगेउ्, जकरयदह आ िलदकी, जेकरद के पभर के दू त भी कहल जदलद। अध्य 2 के ब् 1 पभर इहे कहत बदडन वक हि एह लोग के गरलदिी ्े बदहर वनकदलले बदनी आ भविषियद लोग के ्ेिक के ददरद आपन आजद दे ले बदनी। जेकरद के उ लोग नद ्रनले , ले वकन हिरद ्लदह के तरच ्िझत रहले । 2 ओह लोग के पैदद करे िदली िहतदरी ओह लोग ्े कहली वक, हे लइकद लोग जद। कदहे वक हि विधिद हईं आ छोडल गइल बदनी।


3 हि तोहरद के खर शी ्े पदलन पोषण कइले बदनी। ले वकन हि तोहके दर ख आ भदरी ्े गंिद दे ले बदनी, कदहे वक तू लोग अपनद परिे्​् िर के ्दिने पदप कइले बदडऽ आ ओकरद ्दिने बररद कदि कइले बदडऽ। 4 अब हि तोहनी के कद करब? हि विधिद आ छोडल गइल हईं, हे हिदर लइकद, जदके पभर ्े दयद िदँ गऽ। 5 हे बदबूजी, हि तोहरद के एह लइकन के िहतदरी के गिदही खदवतर परकदरत बदनी, जिन हिदर िदचद के पदलन नद करे । 6 तदवक तू ओह लोग के उलझन िे डदल दी ं आ ओह लोग के िहतदरी के लू ट िे डदल दी ं तदवक ओह लोग के ्ंतदन नद होखे । 7 ऊ लोग गैर-यहदी लोग के बीच वबखरदइल होखे आ ओह लोग के नदि धरती ्े हटद वदहल जदि, कदहे वक ऊ लोग हिरद िदचद के तरच ्िझले बद। 8 अ्रर, तोहरद पर वधकदर बद, जे तोहरद िे अधिन के वछपदित बदडऽ! हे दर ष लोग, यदद करऽ वक हि ्दोि आ अिोरद के कद कइले रहनी। 9 जेकर दे श गडद आ रदख के ढे र िे पडल बद, हि ओही लोग के भी करब जे हिदर बदत नद ्रनेलद, ्िन शलयिदन पभर कहत बदडन। 10 पभर एस्द् ्े इ कहत हउिे वक, “हिरद लोग ्े कहऽ वक हि ओह लोग के यरशले ि के रदज दे दे ब जिन हि इसदएल के दे ब।” 11 हि ओह लोग के िवहिद भी अपनद लगे ले के एह लोग खदवतर अनन तमू दे ब जिन हि ओह लोग खदवतर तइयदर कइले रहनी। 12 िीठ ्रगंध के िरहि के रप िे उ लोग के जीिन के पेड होई। नद िेहनत करीहे , नद थक जइहे । 13 जद, तोहनी के विल जदई, तोहनी ्े करछ वदन खदवतर पदथननद करी ं वक ऊ छोट हो जदि, तोहनी खदवतर रदज पवहले ्े तइयदर हो गइल बद। 14 आकदश आ धरती के गिदही बनदईं। कदहे वक हि बररदई के टर कडदटर कडद क के अचदई के रचले बदनी, कदहे वक हि वजंदद बदनी, पभर कहत हउिे । 15 िदई, अपनद लइकन के गले लगद के खर शी ्े पदलन पोषण करऽ, ओह लोग के गोड खं भद वनयर तेज करऽ, कदहे वक हि तोहरद के चरनले बदनी, पभर कहत बदडन। 16 िरअल लोग के हि अपनद जगह ्े वजंदद क के कब ्े बदहर वनकदल दे ब, कदहे वक हि इसदएल िे आपन नदि जदनत बदनी। 17 हे लइकन के िहतदरी, ित डे रद, कदहे वक हि तोहरद के चरनले बदनी, पभर कहत बदडन। 18 तोहरद िदद ्े हि अपनद ्ेिक ए्े आ जेरेिी के भेजब, वजनकर ्लदह के िरतदवबक हि तोहरद खदवतर बदरह गो पेड के पवित क के तैयदर कईले बदनी, जिन वक कई तरह के िल ्े भरल बद। 19 दू ध आ शहद ्े बहत ओतने िवदरद आ ्दत गो परदकिी पहदड, जिनद पर गरलदब आ करिरद के िूल उगेलद, जिनद ्े हि तोहदर लइकन के खर शी ्े भर दे ब। 20 विधिद के ्दथे ्ही करी ं, अनदथ के नदय करी,ं गरीब के दे , अनदथ के बचदि करी,ं नंगद के कपडद पवहन दी ं। 21 टू टल-िूटल आ किजोर के ठीक करऽ, लं गडद के वतरसदर करे खदवतर ित हँ ्ऽ, अपंग के बचदि करऽ आ आनर के हिरद ्दि-्दि के ्दिने आिे दी ं। 22 बूढ आ जिदन के अपनद दे िदल के भीतर रदखऽ। 23 जहदँ -जहदँ िरअल लोग के विल जदई, ओकरद के ले के दिनद दऽ, आ हि अपनद जी उठलद िे तोहरद के पवहलद सथदन दे ब। 24 हे हिदर लोग, लसथर रहऽ आ आरदि करऽ, कदहे वक तोहदर शदं वत अबवहयों आ गइल बद। 25 हे बवढयद न्न, अपनद लइकन के पोषण करऽ; ओह लोग के गोड सथदवपत कर दी.ं 26 रहल बदत जे हि तोहरद के दे ले बदनी, ओहिे ्े केह के नदश नद होई। कदहे वक हि तोहरद ्ंखद िे ्े ओह लोग के िदँ गब।

27 थक ित, कदहे वक जब विपव् आ भदरीपन के वदन आई त दू ्र लोग रोिे आ दर खी हो जइहे, ले वकन तू खर श होखब आ भरिदर होखब। 28 गैर-यहदी लोग तोहरद ्े ईषदन करी, ले वकन उ तोहरद लखलदि करछ नद कर पदई। 29 हिदर हदथ तोहरद के ढं क दी, तदवक तोहदर लइकद नरक नद दे ख्र। 30 हे िदई, अपनद लइकन के ्दथे आनल्त रहऽ। कदहे वक हि तोहरद के बचद ले ब, पभर कहत बदडन। 31 अपनद ्रतल लइकन के यदद करऽ, कदहे वक हि ओह लोग के धरती के वकनदरे ्े वनकदल के ओह लोग पर दयद करब, कदहे वक हि दयदलर हईं, ्िन शलयिदन पभर कहत बदडन। 32 जबले हि नद आके ओह लोग पर दयद नद करब तबले अपनद लइकन के गले लगदईं कदहे वक हिदर करआँ बहत बद आ हिदर कृपद खति नद होखी. 33 हि एस्द् के ओरे ब पहदड पर पभर के आजद विलल वक हि इसदएल िे जदइब। बदवकर जब हि ओह लोग के लगे अइनी त ऊ लोग हिरद के बेकदर कर वदहल आ पभर के आजद के तरच ्िझ वदहल. 34 आ एही ्े हि तोहनी ्े कहत बदनी वक हे गैर-यहदी लोग, जे ्रनत आ ्िझत बद, अपनद चरिदहद के तलदश करी ं, ऊ तोहनी के अनन विशदि वदही। कदहे वक उ दर वनयद के अंत िे आिे िदलद नजदीक आ गईल बद। 35 रदज के इनदि खदवतर तइयदर रही ं कदहे वक अनन रोशनी तोहनी पर हिेशद खदवतर चिकत रही। 36 एह ्ं्दर के परछदई ्े भदग जद, आपन िवहिद के आन् गहण करऽ, हि अपनद उददरकतदन के खर ल के गिदही दे त बदनी। 37 हे तोहनी के वदहल िरददन के गहण करी ं आ खर श होके, जे तोहनी के सग्य रदज िे ले गइल बद, ओकर धनिदद दी।ं 38 उठ के खडद होके दे खऽ वक पभर के परब िे िरहर लगदिल लोग के ्ंखद केतनद बद। 39 ऊ लोग दर वनयद के परछदई ्े दू र हो गइल बद। आ पभर के गौरिशदली िस विलल बद। 40 हे व्योन, आपन ्ंखद ले के, जे लोग उजर कपडद पवहनले बद, जे पभर के वनयि के पूरद कईले बद, ओकरद के बंद कर द। 41 तोहदर ्ंतदन के ्ंखद पूरद हो गइल, जेकरद खदवतर तू तर्त रहलू , पभर के शलय ्े वनहोरद करऽ वक तोहदर लोग जिन शर र ्े बोलदिल गइल बद, पवित होखे । 42 हि एस्द व्योन पहदड पर एगो बडहन लोग के दे खनी, जेकरद के हि वगन नद पिनी, आ उ ्ब गीतन ्े पभर के सरवत करत रहले । 43 ओह लोग के बीच िे एगो लिहर कद के निही रहे , जिन बदकी लोग ्े लिहर रहे , आ ओह लोग के हर िदथद पर िरकरट पवहनले रहे आ ऊ अउरी ऊँच रहे । जिनद पर हि बहते अचरज िे पड गइनी. 44 हि सगनदूत ्े पूछनी, “िहदरदज, इ ्ब कद ह?” 45 उ हिरद ्े कहल्, “ई उ लोग हिे जे नशर कपडद उतदर के अिर कपडद पवहनले बदडे अिर री भगिदन के नदि कबूल कईले बदडे । 46 तब हि सगनदूत ्े कहनी वक किन निही ओह लोग के िरकरट पवहन के हदथ िे हथेली दे त बद? 47 उ हिरद ्े कहल्, “ई परिेशर के बेटद हिे , जेकरद के उ लोग दर वनयद िे कबूल कईले बदडे ।” तब हि ओह लोग के बहते तदरीि करे लगनी जे पभर के नदि खदवतर अतनद कठोरतद ्े खडद रहले . 48 तब सगनदूत हिरद ्े कहल् वक, जदके हिरद लोग के बतदईं वक तू अपनद पभर परिेशर के किन-किन बड चितदर दे खले बदडू। अध्य 3 के ब् 1 शहर के बबदन द भइलद के ती्िदँ ्दल िे हि बेवबलोन िे रहनी आ वबछौनद पर घबरदहट िे पडल रहनी आ िन िे िन िे विचदर आ गइल।


2 हि व्योन के उजदड आ बेवबलोन िे रहे िदलद लोग के धन दे खनी। 3 हिदर आतद बहत लखव्यद गइल वक हि परिदतद ्े भय ्े भरल बदत कहे लगनी। 4 हे पभर, जे शद्न धदरण करे नी, तू शर र िे कहले रहलू जब तू धरती रोपले रहलू , आ ऊ अकेले , आ जनतद के आजद दे ले रहलू । 5 आदि के एगो शरीर दे वदहलन जिन तोहरद हदथ के बनदिल रहे आ ओकरद िे जीिन के ्दँ ् वदहल् आ ऊ तोहरद ्दिने वजंदद हो गइल। 6 आ तू ओकरद के जनत िे ले जदइले , जिन तोहदर ददवहनद हदथ धरती के ्दिने आिे ्े पवहले रोपल रहे । 7 तू ओकरद के आपन रदसद ्े पेि करे के आजद दे हनी, जिनद के उ उलं घन कईल् अिर री तररंत ओकरद अिर री ओकरद पीढी िे िौत के वनयरलय क दे नी, जिनद िे ्े जदवत, कबीलद, लोग अिर री जदवत-जदवत पैदद भईल। 8 हर लोग अपनद िज् के वह्दब ्े चलत रहे आ तोहरद ्दिने अद् भरत कदि करत रहे आ तोहदर आजद के वतरसदर करत रहे । 9 आ ्िय के ्दथ विर ्े तू दर वनयद िे रहे िदलद लोग पर बदढ ले अइनी आ ओकरद के नदश कर वदहनी। 10 हर केह िे जइ्े आदि के िौत भइल, ओइ्ही ं ई लोग खदवतर जलपलय भइल। 11 एकरद बददो तू ओहिे ्े एगो नूह के अपनद घरदनद के ्दथे छोड दे हनी। 12 जब धरती पर रहे िदलद लोग के ्ंखद बढे लदगल आ उ लोग के बहत ्ंतदन पैदद भइल आ एगो बडहन लोग हो गइल त ऊ लोग िेर ्े पवहलकद लोग ्े अवधकद अभय होखे लदगल। 13 जब ऊ लोग तोहरद ्े पवहले अतनद दर षतद ्े वजयत रहे त तू ओह लोग िे ्े एगो आदिी चरननी, जेकर नदि इबदहीि रहे । 14 तू ओकरद ्े पदर करत रहलू आ खदली ओकरद ्े तू आपन िज् दे खदित रहलू । 15 ओकरद ्े अनन कदल के िदचद कइलन आ ओकरद ्े िददद कइलन वक तू ओकरद ्ंतदन के कबो नद छोडब। 16 ओकरद के तू इ्हदक के दे ले रहलू आ इ्हदक के यदकूब आ ए्दि भी दे ले बदडू। रहल बदत यदकूब के त तू ओकरद के अपनद खदवतर चरन के ए्दि के लगे रखले बदडू, आ एही ्े यदकूब के भीड बहत हो गईल। 17 जब तू उनकर िं शज के विस ्े वनकदल के व्नदई पहदड पर ले अइनी। 18 आ आकदश के झरकद के धरती के तेज कर वदहनी, पूरद दर वनयद के वहलद वदहनी आ गवहरदई के कदँ प वदहनी आ ओह जिदनद के आदिी के परे शदन कर वदहनी। 19 तोहदर िवहिद चदर गो िदटक ्े गरजरत रहे , आग, भूकंप, हिद आ ठं डद के िदटक ्े। तदवक यदकूब के िं शज के विसथद आ इसदएल के पीढी के लगन दे दी।ं 20 तबहँ तू ओह लोग ्े एगो दर ष वदल नद हटद पिनी वक तोहदर विसथद ओह लोग िे िल दे ्के। 21 कदहे वक पवहलद आदि जे दर ष िन के धदरण करत रहले , उ अपरदध कईले अिर री उनरकद प विजय पद ले ले। आ ओकरद ्े पैदद भइल ्ब लोग भी अइ्ने होखे । 22 एह तरह ्े किजोरी के सथदयी बनद वदहल गइल। आ जड के दर भदन िनद िदलद लोग के वदल िे कदनून (उहो); एह ्े अचदई चल गइल आ बररदई लसथर रह गइल। 23 तब ्िय बीत गईल आ ्दल के अंत हो गईल, तब तू ददऊद नदि के एगो नौकर के खडद कईनी। 24 तू ओकरद के आपन नदि खदवतर एगो शहर बनदिे के आजद दे ले बदडू, आ ओकरद िे तोहरद खदवतर धूप आ बवल चढदिे के आजद दे ले बदडू।

25 जब ई कदि बहत ्दल तक भइल त शहर िे रहे िदलद लोग तोहरद के छोड वदहल। 26 ्ब कदि िे आदि आ ओकर ्ब पीढी के जइ्न कइलन कदहे वक ओह लोग के िन िे भी दर ष िन रहे । 27 आ एही ्े तू आपन शहर के अपनद दर शनन के हदथ िे दे वदहनी। 28 त कद उ लोग के कदि बदबरल िे रहे िदलद लोग ्े बेहतर बद वक उ लोग व्योन पर रदज कर ्के? 29 जब हि उहदँ अइनी आ बेशरिदर अधिन के दे खले रहनी त एह ती्िदँ ्दल िे हिदर पदण बहत दर षन के दे खल् कदन, जे्े हिदर वदल हिरद के िेल कर वदहल्। 30 कदहे वक हि दे खले बदनी वक तू कइ्े ओह लोग के पदप करे दे त बदडऽ आ दर षन के बखत बदडऽ, आ अपनद लोग के नदश कर वदहनी आ अपनद दर शनन के बचद के रखले बदडऽ आ एकर ्ंकेत नद दे ले बदडऽ। 31 हिरद इयदद नइखे वक ई रदसद कइ्े छोडल जद ्केलद वक कद उ लोग व्योन के लोग ्े बेहतर बदबरल के हिे ? 32 कद इसदएल के अलदिद तोहरद के जदने िदलद किनो दो्र लोग बद? यदकूब के जइ्न तोहदर िदचद पर किन पीढी वब्िद् कइले वबयद? 33 तबो ओह लोग के इनदि नइखे लउकत आ ओह लोग के िेहनत के किनो िल नइखे , कदहे वक हि गैर-यहदी लोग के बीच ्े इहदँ -उहदँ गइल बदनी आ दे खत बदनी वक ऊ लोग धन-दौलत िे बहत बद आ तोहदर आजद के बदरे िे नइखे ्ोचत। 34 एह ्े तू अब हिनी के दर षतद के तरदजू िे तौलऽ आ दर वनयद िे रहे िदलद लोग के भी। आ एही तरे तोहदर नदि इसदएल के छोड के कही ं नद विली। 35 धरती पर रहे िदलद लोग तोहरद ्ोझद कब पदप नद कइले? कद लोग तोहदर आजद के अतनद पदलन कइले बद? 36 तू पदबऽ वक इसदएल के नदि ्े तोहदर आजद के पदलन कइले बद। बदवकर विधि् लोग के नद। अध्य 4 के ब् 1 हिरद लगे भेजल सगनदूत, जेकर नदि उरीएल रहे , उ हिरद के जिदब दे ले। 2 ऊ कहल्, “तोहदर िन एह ्ं्दर िे बहत दू र हो गइल बद आ कद तू परि परिदतद के रदसद ्िझे के ्ोचत बदडऽ? 3 तब हि कहनी, हँ , हिदर िदवलक। ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “हिरद के भेजल गइल बद वक हि तोहरद के तीन रदसद दे खदईं आ तीन गो ्िदनतद तोहरद ्ोझद बतदईं. 4 अगर तू हिरद के एगो बतद ्कत बदडू त हि तोहरद के उ रदसद दे खद दे ब जिनद के तू दे खल चदहत बदडू, आ हि तोहरद के दे खद दे ब वक दर ष वदल कहदँ ्े आिे लद। 5 हि कहनी, हे िदवलक, बतदिऽ। तब उ हिरद ्े कहल् वक, जद, हिरद के आग के िजन तौल, चदहे हिद के धिदकद नदप, चदहे बीतल वदन के दोबदरद बोलदि। 6 तब हि पूछनी, “कौन आदिी अइ्न कर ्केलद वक तू हिरद ्े अइ्न बदत िदँ गऽ?” 7 ऊ हिरद ्े कहले , “अगर हि तोहरद ्े पूछब वक ्िरंदर के बीच िे केतनद बडहन आिद् बद, भद गवहरदह के शर रआत िे केतनद झरनद बद, यद आकदश ्े ऊपर केतनद झरनद बद, भद किनद के वनकलल बद सगन: 8 शदयद तू हिरद ्े कहब वक हि कबो गवहरदह िे नद उतरनी, नद अभी तक नरक िे , नद हि कबो सगन िे चढनी। 9 तबवहयो अब हि तोहरद ्े खदली आग आ हिद के बदरे िे पूछले बदनी, आ ओह वदन के बदरे िे जिनद ्े तू गरजरल बदडू, आ जिनद चीजन ्े तू


अलगद नद हो ्केलऽ, बदवकर तबवहयों तू हिरद के ओह लोग के किनो जिदब नइखीं दे ्कत। 10 उ हिरद ्े कहलन वक, “कद तू आपन बदत आउर जे तोहरद ्दथे पलल-बढल बद, कद तू नइखऽ जदनत; 11 तब तोहदर बतनन परिदतद के रदसद के कइ्े ्िझ पदई, आ दर वनयद अब बदहर ्े वबगड गइल बद, तदवक हिरद नजर िे जिन भषदचदर लउकत बद ओकरद के ्िझ ्के? 12 तब हि ओकरद ्े कहनी वक हिनी के बररदई िे वजंदद रहब आ कष भोगत रहब आ ई नद जदन पइब वक कदहे हिनी के नद होखब जद। 13 ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “हि एगो जंगल िे िैददन िे चल गइनी आ पेड-पौधद के बदत हो गइल। 14 ऊ कहल्, “आ जद, हिनी के जदके ्िरंदर ्े लडदई करी ं जद तदवक ऊ हिनी के ्दिने ्े चल जदि आ हिनी के अउरी जंगल बनद ्कीले ।” 15 ्िरंदर के बदढ भी ओही तरह ्े ्लदह ले के कहल्, “चलऽ, हिनी के ऊपर जदके िैददन के जंगल के अपनद िश िे कर लीं, तदवक उहदँ भी हिनी के दू ्र दे श बनद ्कीले ।” 16 लकडी के बदरे िे ्ोच बेकदर हो गईल, कदहे वक आग आके ओकरद के भस क वदहल्। 17 ्िरंदर के बदढ के बदरे िे ्ोच भी ओइ्ही ं बेितलब हो गइल, कदहे वक बदलू खडद होके ओह लोग के रोक वदहल्। 18 अगर तू अब एह दर नो के बीच नदयी होखब त केकरद के धि् ठहरदिे के कदि शर र करब? भद तू केकरद के दोषी ठहरदिऽ? 19 हि जिदब दे नी, “्चहँ इ दर नो लोग के िन िे िूखनतदपूणन विचदर बद, कदहे वक जिीन जंगल के वदहल गईल बद अिर री ्िरंदर के भी ओकर बदढ के ्हन करे के जगह बद। 20 तब उ हिरद के जिदब दे ले, “तू ्ही िै्लद कईले बदडू, ले वकन तू खर द के भी नदय कदहे नईखी करत? 21 जइ्े जिीन जंगल के आ ्िरंदर ओकरद बदढ के वदहल गइल बद, ओइ्ही ं धरती पर रहे िदलद लोग धरती पर िौजूद चीजन के अलदिद करछ नद ्िझ पदई आ आकदश ्े ऊपर रहे िदलद खदली चीजन के ्िझ ्केलद जिन आकदश के ऊंचदई ्े ऊपर बद। 22 तब हि जिदब वदहनी, “हे पभर, हि तोहरद ्े वनहोरद करत बदनी वक हिरद ्िझ होखे दी ं। 23 कदहे वक हिरद िन िे ऊंच चीजन के बदरे िे उतरकतद नद रहे , बलर क हिनी के पद् ्े रोज गरजरे िदलद लोग के बदरे िे वजजद्द करे के िन रहे , यदनी वक एह ्े इसदएल के गैर-यहदी लोग के वनंदद के रप िे छोड वदहल गइल बद आ जिनद लोग ्े तू पदर कइले बदडू, ओकरद के किनद कदरण ्े वदहल गइल बद अभय रदष्न के ओर ्े आ हिनी के पररखन के विसथद के कदहे नदश कर वदहल गइल बद आ वलखल िदचद के बेकदर हो गइल बद. 24 हिनी के वटडी बन के दर वनयद ्े बदहर वनकल जदनी जद आ हिनी के जीिन अचरज आ डर बद, आ हिनी के दयद पदिे के लदयक नईखी। 25 तब उ अपनद नदि के कद करीहे , जिनद ्े हिनी के बोलदिल गईल बदनी जद? एह ्ब के हि पूछले बदनी। 26 तब ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “तू जेतनद खोजब, ओतने अचरज िे पडब। कदहे वक दर वनयद जली ्े गरजरत बद। 27 आगदिी ्िय िे धि् लोग ्े जिन िददद कइल गइल बद, ओकरद के ्िझ िे नद आ पदई कदहे वक ई ्ं्दर अधिन आ किजोरी ्े भरल बद। 28 ले वकन जइ्े वक वथ के बदरे िे ngs जिनद के तू हिरद ्े पूछत बदडू, हि तोहरद के बतद दे ब; कदहे वक बररदई बोिल गइल बद, बदवकर ओकर विनदश अबहीं नइखे आइल. 29 अगर बोिल के उलद नद होखे आ जहदँ बररदई बोिल जदलद उ जगह नद बीत ्केलद त उ नीिन के बोिल िदलद जगह नद आ ्केलद।

30 कदहे वक आदि के वदल िे शर रए ्े बररद बीज के ददनद बोिल गइल बद आ अब तक ई केतनद अभलय पैदद कइले बद? आ जबले करटनी के ्िय नद आ जदई तबले ई केतनद पैदद करी? 31 अब खर दे िनन करी ं वक बररद बीज के ददनद केतनद बड बररदई के िल दे ले बद। 32 जब कदन कदट वदहल जदई, जिन वक अनवगनत बद, त उ केतनद बड िंवजल भर जदई? 33 तब हि पूछनी वक ई ्ब कइ्े आ कब होई? कदहे हिनी के ्दल कि आ बररद बद? 34 ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “तू परिदतद ्े आगे ित बढऽ, कदहे वक तोहदर जलबदजी बेकदर बद वक ऊ ओकरद ्े ऊपर हो गइल बदडऽ, कदहे वक तू बहत जददे हो गइल बदडू।” 35 कद धि् लोग के आतद भी अपनद कोठरी िे इ ्ब बदत ्े ्िदल नद पूछल् वक हि कब तक एह तरीकद ्े आशद करब? हिनी के इनदि के िशन के िल कब आई? 36 उरीएल िहददू त ओह लोग के जिदब दे के कहले, “जब तोहनी िे बीज के ्ंखद भर जदई, कदहे वक उ दर वनयद के तरदजू िे तौलले बदडे ।” 37 ऊ नदप ्े ्िय नदपले बदडन। आ वगनती के वह्दब ्े ऊ ्िय वगनले बदडन। आ जबले उय िदप पूरद नद हो जदि तबले ऊ ओह लोग के नद वहलदिे लद नद वहलदिे लद. 38 तब हि जिदब दे नी, “हे शद्न करे िदलद पभर, हिनी के ्ब केह अधिन ्े भरल बदनी जद।” 39 हिनी के खदवतर शदयद ई हो ्केलद वक धरती पर रहे िदलद लोग के पदप के चलते धि् लोग के िशन नद भरल होखे । 40 त उ हिरद के जिदब दे ले अिर री कहल् वक, “किनो गभनिती िवहलद के लगे जदके ओकरद ्े पूछ लीं वक जब उ नौ िहीनद पूरद हो जदई, त उनरकर गभन ओकरद भीतर जददद ्िय तक जन के ्िय तक रदखे ।” 41 तब हि कहनी वक नद हे पभर , उ नद कर ्केली। उ हिरद ्े कहले , “कब िे आतद के कोठरी िेहरदर के पेट वनहन होखे लद। 42 जइ्े प्ि करे िदली औरत प्ि के जररत ्े बचे िे जलबदजी करे ले, ओइ्ही ं इ जगह उनके ्ौंपल चीजन के बचदिे िे जली करे ले । 43 शर र ्े दे खऽ, जिन तू दे खल चदहत बदडऽ, ऊ तोहरद के दे खदिल जदई। 44 तब हि जिदब दे नी, “जवद हिरद तोहरद नजर िे अनरगह विलल बद आ ्ंभि हो ्केलद आ अगर हि उवचत होखब त” 45 तब हिरद के दे खद द वक पवहले ्े अवधकद आिे िदलद बद वक आिे िदलद ्े अवधकद बीतल। 46 जिन बीतल बद, हि जदनत बदनी, ले वकन जिन आिे िदलद बद, हि नईखी जदनत। 47 उ हिरद ्े कहल् वक, ददवहनद ओर खडद हो जद, त हि तोहरद के एकर ्िदनतद बतद दे ब। 48 हि खडद होके दे खनी वक हिरद ्ोझद ्े एगो गरि जरत अँग ्े गरजरत रहे आ जब लौ खति हो गइल त हि दे खनी त दे खनी वक धरँआ लसथर हो गइल। 49 एकरद बदद हिरद ्ोझद पदनी के बददल गरजरल अिर री तूिदन के ्ंगे बहत बरखद भईल। आ जब तूिदनी बरखद बीत गइल त बूंद लसथर रह गइल. 50 तब उ हिरद ्े कहल्, “अपनद िन िे विचदर करऽ। जइ्े बरखद बूंद ्े अवधकद होलद आ जइ्े आग धरँआ ्े अवधकद होलद. बदवकर बूंद आ धरँआ पीछे रह जदलद, त जिन िदतद बीतल बद ऊ अवधकद ्े अवधकद हो गइल. 51 तब हि पदथननद कइनी आ कहनी वक हि तब तक वजंदद रह ्कत बदनी? भद ओह वदनन िे कद होई?


52 ऊ हिरद ्े जिदब वदहलन, “जिनद वचनन के तू हिरद ्े पूछत बदडऽ, त हि तोहरद के करछ हद तक बतद ्कत बदनी, ले वकन तोहरद जदन के बदरे िे हि तोहरद के बतदिे खदवतर नद भेजल गइल बदनी। कदहे वक हि एकरद के नइखी जदनत। अध्य 5 के ब् 1 बदवकर जइ्े -जइ्े ्ंकेत आिे िदलद बद, दे खऽ, ऊ वदन आिे िदलद बद वक धरती पर रहे िदलद लोग के बहत ्ंखद िे पकडल जदई आ ्चदई के रदसद वछपल जदई आ दे श विशद् ्े बंजर हो जदई। 2 ले वकन अधिन जिन अब दे खत बदडू भद जिन तू बहत पवहले ्रनले बदडू, ओकरद ्े बढ जदई। 3 जिनद दे श के तू अब जड िदलद दे खत बदडू, ओकरद के अचदनक उजडल दे खदई वदही। 4 ले वकन अगर परिदतद तोहरद के वजए के अनरिवत दे ले त ती्रद तररही के बदद तू दे खब वक रदत िे अचदनक ्ूरज आ वदन िे तीन बेर चं्िद िेर ्े चिक जदई। 5 लकडी ्े खू न वगर जदई आ पतर आपन आिदज वनकदली आ लोग घबरद जदई। 6 उहे रदज करी, जेकरद के उ लोग धरती पर रहे िदलद के इं तजदर नद करीहे अिर री वचरई एक ्ंगे भदग जईहे । 7 ्दोि के ्िरंदर िछरी के बदहर वनकदल के रदत िे हलद िचदई, जिनद के बहत लोग नईखन जदनत, ले वकन ्ब लोग ओकर आिदज ्रनदई। 8 कई जगहद भी उलझन हो जदई आ आग अेर िेर ्े बदहर भेजल जदई आ जंगली जदनिर आपन जगह बदल जइहे आ िदव्क धिन के िेहरदर लोग रद्​् पैदद करीहे । 9 िीठ िे खदरद पदनी विल जदई आ ्ब दोस एक दू ्रद के नदश कर वदहे । तब बरलद लर कद जदई आ ्िझ अपनद गरप कोठरी िे िदप् आ जदई। 10 बहत लोग के खोजल जदई, ले वकन नद विलल, तब धरती पर अधिन आ अ्ंयि बढ जदई। 11 एक दे श भी दू ्रद ्े पूछी वक, कद धिन जिन आदिी के धि् बनदिे लद, उ चल गईल बद hrough तोहरद के? आ कहत होई वक नद। 12 ओही ्िय आदिी के आशद होई, ले वकन करछर ओ नद विली, उ िेहनत करी, ले वकन उनरकर रदह ठीक नद होई। 13 हि तोहरद के अइ्न वचन दे खदिे खदवतर छोड दे ले बदनी। अगर तू िेर ्े पदथननद करब, आ अब वनहन रोिे ब अिर री वदन तक उपिद् करब त अिर री बड बदत ्रनब। 14 तब हि जदग गईनी त हिरद पूरद शरीर िे बहत भय के भदि आ गईल अिर री िन परे शदन हो गईल वक उ बेहोश हो गईल। 15 हिरद ्े बदत करे आइल सगनदूत हिरद के पकड के वदलद्द वदहल् आ हिरद के गोड पर खडद कर वदहल्। 16 दू ्रकद रदत िे जनतद के ्ेनदपवत ्लदवथएल हिरद लगे आके पूछले वक, “तू कहदँ गईल बदडू?” आ तोहदर चेहरद एतनद भदरी कदहे बद? 17 कद तू नइख जदनत वक इसदएल के अपनद बंदी के दे श िे तोहरद लगे ्ौंपल गइल बद? 18 तब उठ के रोटी खदईं आ हिनी के ित छोडीं, जइ्े वक चरिदहद अपनद भेड के कूर भेवडयद के हदथ िे छोड के चल जदलद। 19 तब हि ओकरद ्े कहनी वक हिरद ्े दू र हो जद आ हिरद लगे ित आ जद। हिदर बदत ्रन के उ हिरद ्े चल गईले । 20 हि ्दत वदन तक शोक आ रोित रहनी, जइ्े वक उरीएल सगनदूत हिरद के आजद दे ले रहले । 21 ्दत वदन के बदद हिरद िन के िन िेर ्े बहत दर खी हो गईल।

22 हिरद आतद िे ्िझददरी के आतद ठीक हो गईल अिर री हि िेर ्े परिदतद ्े बदत करे लगनी। 23 ऊ कहलन, “हे पभर जे धरती के हर लकडी आ ओकर ्ब पेडन िे ्े रदज करे िदलद, तू अपनद के एके गो बेल चरनले बदडऽ। 24 पूरद दर वनयद के ्ब दे शन िे ्े तू एगो गडद चरनले बदडू, आ ओकरद ्ब िूलन िे ्े एगो वलली चरनले बदडू। 25 ्िरंदर के ्ब गहरदई िे ्े तू एक नदी भर दे ले बदडू, आ ्ब बनल शहर िे ्े तू अपनद खदवतर व्योन के पवित क दे ले बदडू। 26 जिन भी वचरई पैदद भइल बद ओकरद िे ्े तू तोहरद के एगो कबूतर के नदि रखले बदडू, आ जिन भी ि​िे शी बनल बद ओकरद िे ्े एक भेड के इं तजदि कइले बदडऽ। 27 लोग के भीड के बीच ्े तोहरद के एगो लोग विलल बद, आ एह लोग के जेकरद ्े तू पदर करत रहलू , ओकरद के तू एगो अइ्न वनयि दे ले बदडू जिन ्बके िंजूर बद। 28 अब हे पभर , तू एह एक लोग के बहत लोग के कदहे ्ौंप दे ले बदडू? आ एक जड पर तू दो्रद के तइयदर कइले बदडऽ आ अपनद एके गो लोग के बहते लोग के बीच कदहे वबखरिले बदडऽ? 29 जे लोग तोहदर िददद के उलं घन करत रहे आ तोहदर िदचद पर विशद् नद करत रहे , उ लोग ओकरद के दबद वदहले बद। 30 अगर तू अपनद लोग ्े एतनद निरत करत रहलू तबो ओकरद के अपनद हदथ ्े ्जद दे िे के चदही। 31 जब हि इ बदत कहनी त हिरद लगे जिन सगनदूत हिरद लगे आईल रहले , उ हिरद लगे भेजल गईले । 32 उ हिरद ्े कहल् वक, हिदर बदत ्रन, हि तोहरद के व्खद दे ब। हि जिन बदत कहत बदनी ओकरद के ्रनऽ आ हि तोहरद के अउरी बतदइब। 33 हि कहनी, हे पभर , बोलत रहऽ। तब उ हिरद ्े कहल्, “तू इसदएल खदवतर बहत परे शदन बदडू। 34 हि कहनी, “हे पभर , हि बहत दर ख के बदत कहनी, कदहे वक हि परिदतद के रदसद ्िझे आ उनकर नदय के करछ वहसद खोजे िे िेहनत करत बदनी, हर घंटद हिदर लगदि हिरद के पीडद दे लद। 35 ऊ हिरद ्े कहल्, “तू नद कर ्कऽ।” हि कहनी, कदहे हे पभर ? तब हिदर जनि किनद िे भइल रहे ? भद तब हिदर िदई के पेट हिदर कब कदहे नद रहे वक हि यदकूब के प्ि आ इसदएल के थकदन िदलद िेहनत नद दे ख पिनी? 36 उ हिरद ्े कहले , “अभी तक नद आइल चीजन के वगनती करऽ, वबखरदइल कचरद हिरद के एकटद करऽ, िररझल िूलन के िेर ्े हररयर बनद दऽ। 37 हिरद के जिन जगह बंद बद ओकरद के खोल के हिरद के ओह हिद के ्दिने ले आि जिन ओकरद िे बंद बद, हिरद के आिदज के छवि दे खदईं, तब हि तोहरद के उ बदत बतद दे ब जिनद के जदने के तू िेहनत करत बदडू। 38 हि कहनी, हे शद्न करे िदलद पभर , ई ्ब के जदनत होई, ले वकन जे आदिी के ्ंगे आपन वनिद् नईखे करत? 39 हिदर बदत त हि बेबरवनयदद हईं, त हि ई बदत कइ्े कह ्कीले जिन तू हिरद ्े पूछले बदडू? 40 तब उ हिरद ्े कहल्, “जइ्े तू हि जिन बदत कहले बदनी, ओइ्ही ं तू हिदर िै्लद िे ्े किनो कदि नद कर ्कब, ओ्ही तू हिदर िै्लद के बदरे िे नद पतद लगद पईब, नद आलखर िे उ पेि के बदरे िे जिन हि अपनद लोग ्े िददद कईले बदनी। 41 हि कहनी वक दे ख, हे पभर , तू अंत तक ्ररव्त लोग के नजदीक बदडू, अिर री उ लोग कद करीहे , जिन हिरद ्े पवहले रहे , चदहे हिनी के अभी बदडे , चदहे हिनी के बदद आिे िदलद लोग?


42 उ हिरद ्े कहले , “हि अपनद िै्लद के अंगूठी ्े तरलनद करब, जई्े अंवति के ढील नद होखे लद, ओ्ही पवहलद के तेज नद होखे लद। 43 हि जिदब वदहनी, “कद तू उन के एके बेर िे नद बनद पिनी वक जिन बनल बद, अब बद, आ आिे िदलद बद। तदवक तू जली ्े आपन िै्लद दे खद ्कीले ? 44 तब ऊ हिरद के जिदब वदहलन आ कहलन वक, पदणी बनदिे िदलद ्े बे्ी जली नद हो ्के. नद त दर वनयद एके बेर िे ओह लोग के पकड ्के जिन ओहिे ्ृवजत होखी. 45 हि कहनी, जइ्े तू अपनद ्ेिक ्े कहले बदडू वक तू जे ्बके जीिन दे त बदडू, ओकरद के एके बेर िे वजवनगी दे ले बदडू, जिनद के तू बनिले बदडू अिर री जीि ओकरद के पैदद क दे ले बद अब एके बेर िे िौजूद हो जदईं. 46 उ हिरद ्े कहल्, “किनो औरत के गभन ्े पूछी ं आ ओकरद ्े कहऽ वक अगर तू ्ंतदन पैदद कर रहल बदडू त एक के बदद एक ्ंगे कदहे नद? एह ्े ओकरद ्े पदथननद करी ं वक ऊ द् बचद पैदद कर् एन एके बेर िे। 47 हि कहनी, “उ नद कर ्केली, ले वकन ्िय के दू री पर कदि करे के पडी।” 48 तब उ हिरद ्े कहल्, “हि धरती के गभन अपनद ्िय िे बोिल लोग के दे दे ले बदनी।” 49 जइ्े एगो छोट लइकद बूढ लोग के चीज नद पैदद कर ्केलद, ओइ्ही ं हि अपनद बनदिल दर वनयद के वनपटदरद कइले बदनी। 50 हि पूछनी, “तू अब हिरद के रदसद दे दे ले बदडू त हि तोहरद ्ोझद बदत करब, कदहे वक हिनी के िदई, जेकरद बदरे िे तू हिरद के बतिले बदनी वक उ छोट बदडी, अब उिर के करीब आ गईल बदडी। 51 ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “किनो िेहरदर ्े पूछी ं जिन ्ंतदन पैदद करे ले , त ऊ तोहरद के बतद दी.” 52 ओकरद ्े कहऽ वक तू जेकरद के अब पैदद कइले बदडू, ऊ लोग पवहले के लोग जइ्न कदहे बद, ले वकन कद कि बद? 53 ऊ तोहरद के जिदब दीहे वक जिदनी के तदकत िे पैदद होखे िदलद एके तरह के होलद आ उविर के ्िय िे पैदद होखे िदलद लोग दो्रद तरह के होलद. 54 एह ्े तू इहो ्ोची ं वक तोहनी के कद तोहरद ्े पवहले के लोग ्े कि बद। 55 तोहनी ्े कि तोहनी के बदद आिे िदलद लोग भी उ जीि के रप िे बद जिन अब बूढ होखे लदगल बद आ जिदनी के तदकत ्े गरजर चरकल बद। 56 तब हि कहनी, पभर, हि तोहरद ्े वनहोरद करत बदनी वक अगर हिरद तोहरद पर अनरगह विलल बद त अपनद ्ेिक के दे खद दी,ं जेकरद ददरद तू अपनद पदणी के परिदह करत बदडू।

अध्य 6 के ब् 1 ऊ हिरद ्े कहले, “शर रआत िे जब धरती बनल रहे त दर वनयद के ्ीिद खडद होखे भद कबो हिद बहत रहे । 2 गरजत आ ह्द होखे ्े पवहले , भद कबो जनत के नीिं रखे ्े पवहले । 3 गोरद िूल दे खे ्े पवहले , भद कबो चलल शलय के सथदवपत होखे ्े पवहले , सगनदूतन के अ्ंख भीड एकटद होखे ्े पवहले । 4 यद कबो आकदश के नदप के नदि नद होखे ्े पवहले हिद के ऊंचदई ऊपर उठदिल जदत रहे , यद कबो व्योन के वचिनी गरि हो गईल रहे ।

5 पवहले के ्दलन के खोजल गइल, भद अब पदप करे िदलद लोग के आविषदर के खोजल गइल, ओकरद ्े पवहले वक ऊ लोग के िोहर लगदिल गइल रहे जे लोग विशद् के खजदनद के रप िे बटोरले बद। 6 तब हि ई ्ब बदत पर विचदर कइनी आ ई ्ब अकेले हिरद ्े बनल बद आ केह दो्रद के िदधि ्े नद, हिरद ्े भी ई ्ब के अंत होई आ केह दो्रद के ददरद नद। 7 तब हि पूछनी वक ्िय के अलगदि कद होई? भद पवहलद के अंत आ ओकरद बदद के शर रआत कब होई? 8 उ हिरद ्े कहले , “अबदहि ्े ले के इ्हदक तक जब यदकूब अिर री ए्दि उनरकद ्े पैदद भईले , त यदकूब के हदथ पवहले ए्दि के एडी के पकडले रहे । 9 कदहे वक ए्दि दर वनयद के अंत ह आ यदकूब दर वनयद के शर रआत ह। 10 आदिी के हदथ एडी आ हदथ के बीच िे बद, दू ्र ्िदल, एस्, तू ित पूछऽ। 11 तब हि जिदब दे नी, “हे शद्न करे िदलद पभर , अगर हिरद पर तोहरद अनरगह विलल बद। 12 हि तोहरद ्े वनहोरद करत बदनी वक, अपनद ्ेिक के आपन वनशदनी के अंत दे खदईं, जिनद ्े तू हिरद के आलखरी रदत िे भदग वदहनी। 13 उ हिरद ्े कहल्, “अपनद गोड पर खडद होके एगो तेज आिदज ्रनऽ।” 14 आ ई एगो बडहन गवत जइ्न होई। ले वकन जहदँ तू खडद बदडू, उ जगह नद वहलल जदई। 15 एही ्े जब ई बदत कहत बद त डे रद ित, कदहे वक िचन अंत के ह आ धरती के नीिं ्िझल गइल बद। 16 आ कदहे? कदहे वक एह बदतन के बदत कदँ प जदलद आ वहल जदलद, कदहे वक ऊ जदनत बद वक एह बदतन के अंत बदले के पडी. 17 जब हि ई बदत ्रननी त हि अपनद गोड पर खडद होके ्रननी आ दे खनी वक एगो आिदज बोलत रहे आ ओकर आिदज बहत पदनी के आिदज जइ्न रहे । 18 ऊ कहल्, “दे खऽ, ऊ वदन आित बद वक हि नजदीक आके धरती पर रहे िदलद लोग के िरलदकदत करे लगब। 19 आ उ लोग ्े पूछतदछ करे लदगी वक उ लोग कद हिे जे अपनद अधिन ्े अनदय के चोट पहं चिले बद आ व्योन के कब कब पूरद होई। 20 जब दर वनयद, जिन खति होखे लदगी, खति हो जदई, त हि ई वनशदन दे खद दे ब। 21 एक ्दल के लइकद अपनद आिदज ्े बोवलहे , गभनिती िेहरदर तीन चदर िहीनद के अ्िय ्ंतदन पैदद करीहे आ ऊ वजंदद हो जइहे आ वजंदद हो जइहे . 22 अचदनक बोिल जगह वबनद बोिल लउकी, भरल भंडदर अचदनक खदली हो जदई। 23 तररही के आिदज ्रन के हर आदिी अचदनक डे रद जदई। 24 ओह घरी दोस दर शन वनहन एक दू ्रद ्े लवडहे अिर री धरती ओकरद िे रहे िदलद लोग के ्ंगे डर ्े खडद हो जदई, िवदरद के झरनद लसथर हो जदई अिर री तीन घंटद िे नद भदगी। 25 जे भी हि तोहरद के बतदिल ्ब बदत ्े बच जदई आ हिरद उददर आ तोहरद दर वनयद के अंत दे ख पदई। 26 जेकरद के गहण कइल गइल बद, ऊ लोग एकरद के दे ख ली, जे अपनद जनि ्े िौत के सदद नद चखले होई, आ ओवहजद के लोग के वदल बदल के दो्रद अथन िे बदल जदई। 27 कदहे वक बररदई के दू र हो जदई आ धोखद के बरझदिल जदई। 28 रहल बदत विशद् के त उ िलत-िूलत होई, भषदचदर पर विजय पदई अिर री ्चदई जिन एतनद वदन ्े वबनद िल के रहल बद, ओकर घोषणद होई।


29 आ जब उ हिरद ्े बदत कईले , दे खऽ, हि धीरे -धीरे ओकरद ओर दे खत रहनी जेकरद ्दिने हि खडद रहनी। 30 उ हिरद ्े इ बदत कहले । हि तोहरद के आिे िदली रदत के ्िय दे खदिे आइल बदनी। 31 अगर तू अउरी पदथननद करब आ ्दत वदन के उपिद् करब त हि तोहरद के वदन िे जिन बदत ्रनले बदनी ओकरद ्े बडहन बदत बतदइब। 32 कदहे वक तोहदर आिदज परिदतद के ्दिने ्रनल जदलद, कदहे वक परदकिी तोहदर धि् विहदर दे खले बद, तोहदर पवतवतद भी दे खले बद, जिन तोहरद जिदनी ्े ही रहल बद। 33 एही ्े उ हिरद के भेजले बदडे वक हि तोहरद के इ ्ब बदत बतद ्कीले अिर री तोहरद ्े कहब वक, '्दं तनद वदही अिर री ित डे रदई।' 34 आउर बीतल ्िय के ्दथ जली ित करी ं आ बेकदर बदत ्ोचे िे ित जदईं वक बदद के ्िय ्े जली ित करी।ं 35 एकरद बदद हि िेर ्े रोित-रोित ्दत वदन के उपिद् कईनी तदवक उ तीन ्पदह के पूरद कर ्की। 36 आठिीं रदत िे हिदर िन िेर ्े परे शदन हो गइल आ हि परिदतद के ्दिने बदत करे लगनी। 37 कदहे वक हिरद आतद िे बहत आग लदग गईल रहे अिर री हिदर आतद ्ंकट िे रहे । 38 हि कहनी, हे पभर , तू ्ृवष के शर रआत ्े ही पवहलद वदन ्े कहत रहलू । आकदश आ धरती बनल होखे ; आ तोहदर िचन एगो व्द कदि रहे । 39 तब आतद रहे आ चदरो ओर अनदर आ चरपी रहे । आदिी के आिदज के आिदज अभी तक नद बनल रहे । 40 तब तू आजद दे हनी वक तोहदर खजदनद ्े एगो ्रंदर रोशनी वनकले तदवक तोहदर कदि पकट हो ्के| 41 दू ्रद वदन तू आकदश के आतद बनिनी आ ओकरद के अलग करे आ पदनी के बीच िे बंटिदरद करे के आदे श दे नी तदवक एक भदग ऊपर चढ ्के आ दू ्रद भदग नीचे रह ्के। 42 ती्रद वदन तू आजद दे हनी वक धरती के ्दतिदँ वहसद िे पदनी बटोरल जदि, छह भदग तू ्रखद के रखले बदडू, एही ्े वक एह िे ्े करछ लोग भगिदन के रोपले आ जोत िे तोहदर ्ेिद करे । 43 कदहे वक जइ्हीं तोहदर िचन वनकलल, कदि पूरद हो गइल। 44 कदहे वक तररते बडहन आ अ्ंख िल आ सदद खदवतर बहते आ गोतदखोर ्रख, अपररितननीय रं ग के िूल आ अद् भरत गंध के गंध आइल आ ती्रद वदन ई कदि भइल। 45 चउथद वदन तू आजद दे ले रहलू वक ्ूरज चिके, चदँ द ओकरद के रोशनी दे िे आ तदरद कि िे रहे । 46 उ लोग के आदिी के ्ेिद करे के वजमद वदहल् जिन वक होखे िदलद रहे । 47 पदं चिद वदन तू ्दतिदँ भदग ्े कहनी वक जहदँ पदनी बटोरल बद वक ऊ जीि-जंतर, वचरई आ िछरी पैदद करी। 48 कदहे वक गूंगद पदनी आ वबनद जीिन के परिेशर के आजद ्े जीि-जनर पैदद कइल् तदवक ्ब लोग तोहदर अचरज के सरवत कर ्के। 49 तब तू दू गो जीि के वनयरलय कइनी, एगो के हनोक आ दू ्रद के ले वियथन कहलऽ। 50 एक के दो्रद ्े अलगद कर वदहल्, कदहे वक ्दतिदँ भदग, यदनी जहदँ पदनी एकटद भइल रहे , उहदँ दर नर के नद पकडल जद ्कत रहे । 51 तू हनोक के एक वहसद दे ले रहलू जिन ती्रद वदन ्ूख गईल रहे तदवक उ ओही वहसद िे रह्, जिनद िे हजदर पहदडी बद। 52 ले वकन ले वियथन के ्दतिदँ वहसद दे हनी, जिन वक नि बद। आ जेकरद के तू चदहत बदडू, ओकरद के खदए खदवतर रखले बदडू। 53 छठिदँ वदन तू धरती के आजद दे हनी वक ऊ तोहरद ्ोझद जदनिर, पशर आ रे गत जीि पैदद करे ।

54 एह लोग के बदद आदि भी, जेकरद के तू अपनद ्ब ्ृवष के िदवलक बनिले बदडू, हिनी के ्ब केह उनरकद ्े आऊ उ लोग भी जेकरद के तू चरनले बदडू। 55 हे पभर , हि तोहरद ्दिने ई ्ब बदत कहले बदनी कदहे वक तू हिनी खदवतर दर वनयद के बनिले बदडू 56 आदि ्े वनकलल बदकी लोग के बदरे िे तू कहले बदडू वक उ लोग थूक वनहन करछूओ नईखे, अिर री ओ लोग के भरिदर के तरलनद बतनन ्े वगरल बूंद ्े कईले बदनी। 57 अब हे पभर, दे खऽ, ई गैर-यहदी लोग, जिन कबो करछर ओ नद िदनल जदलद, हिनी के िदवलक बने लदगल बद आ हिनी के खदए लदगल बद। 58 ले वकन हिनी के तोहदर लोग, जेकरद के तू आपन जेठ बचद, आपन एकलौतद आ आपन गंभीर पेिी कहले बदडू, उ लोग के हदथ िे ्ौंपल गईल बदनी। 59 अगर अब दर वनयद हिनी के खदवतर बनल बद त हिनी के दर वनयद के ्ंगे विरद्त कदहे नद विलत बद? ई कब ले वटकल रही? अध्य 7 के ब् 1 जब हि इ बदत कहनी त उ सगनदूत हिरद लगे भेजल गईल, जिन वक हिरद लगे पवहले के रदत िे भेजल गईल रहे । 2 उ हिरद ्े कहल्, “एस्द, उठ के उ बदत ्रनऽ जिन हि तोहरद के बतदिे आइल बदनी।” 3 हि कहनी, हे भगिदन, बोलत रहऽ। तब उ हिरद ्े कहल्, “्िर् एगो चौडद जगह पर वटकल बद, तदवक उ गवहरदह आ बड होखे ।” 4 ले वकन के् के दे खल जदि त पिे श ददर ्ंकरी रहे आ नदी वनहन रहे । 5 तब के ्िर्र िे जदके ओकरद के दे ख ्केलद आ ओकरद पर रदज कर ्केलद? अगर ऊ ्ंकरी ्े नद गरजरत त चौडद िे कइ्े आ ्कत रहे ? 6 एगो अउरी बदत भी बद। एगो शहर बनल बद आ चौडद खे त पर बनल बद आ ऊ ्ब बवढयद चीजन ्े भरल बद। 7 एकर पिे श ददर ्ंकरी बद आ वगरे खदवतर खतरनदक जगह पर रखल बद, जइ्े ददवहनद ओर आग आ बदईं ओर गवहरद पदनी होखे । 8 आ दर नर के बीच एके गो रदसद, उहो आग आ पदनी के बीच, एतनद छोट वक ओ ने आदिी एके बेर िे उहदँ जद। 9 अगर अब ई शहर किनो आदिी के विरद्त के रप िे वदहल गइल होखे , अगर ऊ ओकरद ्ोझद रदखल खतरद ्े कबो नद गरजर पदई त ओकरद ई उ्रदवधकदर कइ्े विली? 10 हि कहनी, “हे पभर।” तब उ हिरद ्े कहल्, “इसदएल के वहसद भी ओइ्ने बद।” 11 कदहे वक हि ओह लोग खदवतर दर वनयद के बनिले बदनी आ जब आदि हिदर वनयि के उलं घन कइलन त अब तय भइल वक अब पूरद हो गइल बद. 12 तब एह ्ं्दर के पिे श ददर ्ंकरी हो गइल, दर ख आ कष ्े भरल, उ बहत कि आ बररद, खतरद ्े भरल, आ बहत कषददयक बद। 13 कदहे वक पररदन दर वनयद के पिे श ददर चौडद आ पकद रहे आ अिर िल दे त रहे । 14 अगर वजए िदलद लोग एह ्ंकट आ वथन चीजन िे घर्े खदवतर िेहनत नद करे त उ लोग के कबो नद पद ्के जिन वक उ लोग खदवतर रखल बद। 15 अब तू कदहे परे शदन हो रहल बदडू, कदहे वक तू एगो नदशिदन आदिी हउअ? आ तू कदहे वहलत बदडू, जबवक तू त नशर बदडू? 16 तू अपनद िन िे ितनिदन बदत के बजदय आिे िदलद बदत के कदहे नद ्ोचले बदडू?


17 तब हि जिदब दे नी, “हे शद्न करे िदलद पभर , तू अपनद वनयि िे तय कइले बदडऽ वक धि् लोग के ई ्ब के उ्रदवधकदर विले , ले वकन अभय लोग के नदश होखे के चदहीं।” 18 विर भी धि् लोग के कष उठदिे के पडी आ उ लोग के उमीद बद वक उ लोग बररदई के कष उठद ले ले बद, ले वकन उ लोग चौडदई के नद दे ख पदई। 19 उ हिरद ्े कहले । भगिदन ्े ऊपर किनो नदयदधीश नइखे आ परि ्े ऊपर के ्िझ िदलद केह नइखे । 20 कदहे वक एह जीिन िे बहत लोग नदश हो जदलद, कदहे वक उ लोग परिेशर के विसथद के तरच ्िझेलद। 21 कदहे वक परिेशर आइल लोग के कडद आजद दे ले बदडन वक उ लोग जइ्े आइल रहले ओइ्ही ं वजए खदवतर कद करे के चदहीं आ ्जद ्े बचे खदवतर कद पदलन करे के चदहीं। 22 विर भी उ लोग उनकर आजद नद िनले । ले वकन ओकरद लखलदि बोलल आ बेकदर बदत के कलनद कइल्। 23 आ अपनद दर ष कदि ्े धोखद दे त रहले । आ परि ऊँच के बदरे िे कहलन वक ऊ नइखे ; उ आपन रदसद नद जदनत रहले । 24 ले वकन उ लोग उनकर विसथद के तरच ्िझले बदडे अिर री उनरकर िदचद के नकदर दे ले बदडे । उनकर वनयि िे उ लोग ि​िदददर नद रहलन आ उनकर कदि नद कइले बदडन। 25 एही ्े हे ए्द्, कदहे वक खदली खदली चीज ह आ भरल खदवतर भरल चीज ह। 26 दे खऽ, ऊ ्िय आई जब हि जिन टोकन तोहरद के बतिले बदनी ऊ पूरद हो जदई आ दर लवहन पकट हो जदई आ ऊ ्दिने आित दे खल जदई जिन अब धरती ्े हट गइल बद. 27 जे भी कहल बररदई ्े िरय हो जदई, उ हिदर अचरज दे खदई। 28 कदहे वक हिदर बेटद यीशर ओकरद ्दथे रहे िदलद लोग के ्दथे पगट हो जइहे आ चदर ्ौ ्दल के भीतर जे बचे िदलद लोग खर श हो जइहे । 29 एह ्दलन के बदद हिदर बेटद ि्ीह आ जीिन िदलद ्ब लोग िर जइहे । 30 आ दर वनयद ्दत वदन तक पररदन चरपी िे बदल जदई, जइ्े वक पवहले के नदय िे भइल रहे , तदवक केह नद रह पदई। 31 ्दत वदन के बदद जिन दर वनयद अभी तक नद जदगल बद, उ वजंदद हो जदई अिर री जिन दर वनयद खरदब हो गईल बद, उ िर जदई 32 धरती अपनद िे ्रतल लोग के िेर ्े बनद वदही, आ चरपी िे रहे िदलद लोग के धूल भी बहदल करी आ गरप जगह ओह आतद के बचदई जिन ओकरद के ्ौंपल गइल रहे । 33 आउर परिदतद नदय के आ्न पर पकट हो जइहे आ दर ख खति हो जदई आ लिहर ्हनशीलतद के अंत हो जदई। 34 ले वकन खदली नदय ही रह जदई, ्चदई खडद रही आ विशद् िजबूत हो जदई। 35 ओकरद बदद कदि होई, आ इनदि दे खदिल जदई, आ नीिन कदि जोरददर होई, आ बररद कदि के किनो वनयि नद होई। 36 तब हि कहनी वक, “अबदहि पवहले ्दोवियन खदवतर पदथननद कइले रहले आ िू्द जंगल िे पदप करे िदलद पररखन खदवतर पदथननद कइले रहले । 37 आकदन के ्िय िे इसदएल खदवतर यीशर उनकरद बदद। 38 शिूएल आ ददऊद के विनदश खदवतर आ ्रलैिदन के पवित सथदन िे आिे िदलद लोग खदवतर। 39 बरखद भइल लोग खदवतर हे वलयद्। आ िरअल लोग खदवतर, तदवक उ वजंदद होखे । 40 ्नहे रीब के ्िय िे इजवकयद् के लोग खदवतर आ बहत लोग के बहत लोग खदवतर।

41 अब भी ओइ्ही ं जब नदश बढल बद आ दर षतद बढ गइल बद आ धि् लोग अभयन खदवतर पदथननद करत बद, अब भी अइ्न कदहे नद होई? 42 उ हिरद के जिदब वदहलन, “ई ितनिदन जीिन उ अंत नद ह जहदँ बहत िवहिद बनल रहे लद। एही ्े उ लोग किजोर लोग खदवतर पदथननद कईले बदडे । 43 ले वकन पलय के वदन एह ्िय के अंत होई, आ आिे िदलद अिरतद के शर रआत होई, जिनद िे विनदश बीत चरकल बद। 44 ्ंयि के अंत हो गइल बद, बेि​िदई कट गइल बद, धिन बढ गइल बद आ ्चदई उग गइल बद। 45 तब केह नदश होखे िदलद के बचदिे िे ्​्ि नद होई आ नद ही जीत पदिे िदलद के दबदिे िे ्​्ि नद होई। 46 तब हि जिदब दे नी, “ई हिदर पवहलद आ आलखरी बदत ह वक धरती आदि के नद वदहल रवहत, नद त जब धरती ओकरद के वदहल गईल त ओकरद के पदप करे ्े रोक वदहल्। 47 कदहे वक अब एह ्िय िे आदिी के कतनद िदयदद बद वक ऊ लोग भदरी पडदि िे वजयत बद आ िरलद के बदद ्जद के इं तजदर करत बद? 48 हे आदि, तू कद कइले बदडऽ? कदहे वक भले तू पदप कइले बदडू, ले वकन तू अकेले नद वगरल बदडू, बलर क हिनी के ्ब जे तोहरद ्े आइल बदनी जद। 49 अगर हिनी के अिर ्िय के िददद कइल गइल बद त हिनी के कद िदयदद होई s हिनी के उ कदि कइले बदनी जद जिन िौत ले आिे लद? 50 आ हिनी के अनन आशद के िददद कइल गइल बद, जबवक हिनी के बहत दर ष होखलद के नदते बेकदर हो गइल बदनी जद? 51 आ वक हिनी खदवतर सदव आ ्ररव्त वनिद् के जगह रखल गइल बद, जबवक हिनी के दर ष तरीकद ्े वजयले बदनी जद? 52 आऊ परि परिदतद के िवहिद ओह लोग के बचदिे खदवतर रखल जदि जे ्दिधदन जीिन जीयत बद, जबवक हिनी के ्ब्े दर ष रदसद पर चलल बदनी जद? 53 आ एगो अइ्न जनत दे खदिल जदि जिनद के िल हिेशद खदवतर बनल रहे लद, जिनद िे ्रर्द आ दिदई बद, कदहे वक हिनी के ओकरद िे नद घर्ब जद? 54 (कदहे वक हिनी के अवपय जगहन पर चलल बदनी जद।) 55 आ परहे ज करे िदलद लोग के चेहरद तदरद ्े ऊपर चिकी जबवक हिनी के चेहरद अनदर ्े भी कररयद हो जदई? 56 जबले हिनी के वजयत रहनी जद आ अधिन करत रहनी जद, तब तक हिनी के इ नद ्ोचनी जद वक हिनी के िरलद के बदद एकरद खदवतर कष उठदिे के शर र हो जदई। 57 तब ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “जिन धरती पर जनिल आदिी लडी, ओकर हदलत इहे बद। 58 वक अगर उ हदर गईल त उ तू कहलद के िरतदवबक कष उठदई, ले वकन जदी ओकरद जीत विल गईल त उनरकद उ बदत विल जदई जिन हि कहतदनी। 59 इहे जीिन ह जिनद ्े िू्द वजंदद रहते लोग ्े कहले रहले वक, “अपनद जीिन के चरन के वजंदद रहब।” 60 तबवहयो उ लोग उनकरद पर विशद् नद कइल, नद उनकर बदद के भविषियद, नद हि जे उनकरद ्े बदत कइले बदनी। 61 एह ्े वक ओह लोग के विनदश िे अतनद भदरीपन नद होखे , जिन वक उददर खदवतर िनदिे िदलद लोग पर खर शी होई। 62 हि जिदब दे नी, “हे पभर , हि जदनत बदनी वक परिदतद के दयदलर कहल जदलद, कदहे वक ऊ ओह लोग पर दयद करे लद जे अभी तक दर वनयद िे नइखे आइल। 63 आउर जे उनकर विसथद के ओर िरडत बद, उ लोग पर भी। 64 ऊ धैयन रदखे लद आ पदप करे िदलद लोग के अपनद पदणी के रप िे लं बद ्िय तक ्हन करे लद।


65 आ वक ऊ भरपूर बद, कदहे वक ऊ जहदँ जररत बद, उहदँ दे बे खदवतर तइयदर बद. 66 आ ई वक ऊ बहते दयदलर हउिे कदहे वक ऊ ओह लोग पर अवधकद ्े अवधकद दयद करत बद जे िौजूद बद, जिन पवहले के बद, आ आिे िदलद लोग पर भी. 67 अगर उ आपन दयद नद बढदई त दर वनयद ओह लोग के ्दथे नद रवहत जे ओकरद िे िदरर् बद। 68 आ ऊ िदि कर दे लद। कदहे वक अगर उ अपनद भलदई के चलते अयी्न नद कईले वक अधिन के कदि करे िदलद लोग ओकरद ्े कि होखे , त आदिी के द् हजदरिदं वहसद वजंदद नद रह पदई। 69 आऊ नदयदधीश होके अगर उ अपनद िचन ्े ठीक होखे िदलद लोग के िदि नद कर् आ वि​िदद के भीड के दू र नद कर्। 70 अ्ंख भीड िे शदयद बहत कि बचल होखे के चदहीं। अध्य 8 के ब् 1 ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “परिेशिर एह दर वनयद के बहत लोग खदवतर बनिले बदडन, ले वकन आिे िदलद दर वनयद के बहत कि खदवतर बनिले बदडन।” 2 हि तोहरद के एगो उपिद बतदइब, एस्​्। जइ्े जब तू धरती ्े पूछब त ऊ तोहरद ्े कह दी वक ऊ बहते ्दँ चद दे लद जिनद ्े िदटी के बतनन बनदिल जदलद, बदवकर ्ोनद के धूल कि होलद, एही तरह ्े एह ितनिदन दर वनयद के चदल बद। 3 बहत लोग के रचनद भइल बद, ले वकन बहत कि लोग के उददर होई। 4 हि जिदब दे नी, “हे हिदर पदण, ्िझ के वनगल जद आ बरलद के खद जद।” 5 कदहे वक तू कदन दे बे के तइयदर हो गइल बदडऽ आ भविषिदणी करे के तइयदर बदडऽ, कदहे वक तोहरद लगे अब खदली वजए के जगह नइखे । 6 हे पभर, अगर तू अपनद ्ेिक के कष नद दे ब वक हिनी के तोहरद ्दिने पदथननद कर ्कीले , आ तू हिनी के वदल के बीज, आ ्ंसृवत के हिनी के ्िझ िे दे ब, तदवक ओकर िल विले । जे आदिी के जगह ले बे िदलद बद, ऊ हर आदिी कइ्े वजयत बद? 7 कदहे वक तू अकेले बदडू, आ हिनी के ्ब केह तोहरद हदथ ्े बनल बद, जइ्े तू कहले बदडू। 8 जब िदई के गभन िे शरीर के वनिदन ण हो जदलद आ तू ओकरद के अंग दे ब त तोहदर पदणी आग आ पदनी िे ्ररव्त हो जदलद आ तोहदर कदरीगरी नौ िहीनद तक तोहदर पदणी के ्हन करे लद जिन ओकरद िे बनल बद। 9 ले वकन जिन रखले बद आ रखले बद, उ दर नों ्ररव्त रही, आ जब ्िय आई त ्ंरव्त गभन अपनद िे बढल चीज के ्ौंप दे ले। 10 कदहे वक तू शरीर के अंग ्े, िदने वक सन ्े दू ध दे िे के आजद दे ले बदडू, जिन सन के िल ह। 11 जब तक तू ओकरद के अपनद दयद िे नद डदलब, तब तक जिन चीज बनल बद, ओकरद के करछ ्िय तक पोषण विले । 12 तूँ एकरद के अपनद धदविनकतद के ्दथे पो्ले बदडऽ आ ओकरद के अपनद विसथद िे पो्ले बदडऽ आ अपनद नदय ्े ओकरद के ्रधदरले बदडऽ। 13 तू ओकरद के आपन पदणी के रप िे िरबऽ आ ओकरद के आपन कदि के रप िे वजंदद करबऽ। 14 एह ्े अगर तू ओकरद के नष कर दे ब जिन एतनद िेहनत ्े बनल रहे त तोहरद आजद ्े वनयरय कइल आ्दन कदि बद तदवक जिन चीज बनल बद ओकरद के बचदिल जद ्के। 15 अब हे पभर, हि बदत करब। ्दिदन रप ्े आदिी के छूिे िदलद, तू ्ब्े बवढयद जदनत बदडू; ले वकन तोहरद लोग के छूित बदनी, जेकरद खदवतर हि दर खी बदनी।

16 आ तोहदर विरद्त खदवतर, जेकरद खदवतर हि शोक िनदित बदनी। आ इसदएल खदवतर, जेकरद खदवतर हि भदरी बदनी। आ यदकूब खदवतर, जेकरद खदवतर हि परे शदन बदनी। 17 एही ्े हि अपनद खदवतर आ ओह लोग खदवतर तोहरद ्दिने पदथननद करे लगब, कदहे वक हि ओह दे श िे रहे िदलद हिनी के वगरल दे खत बदनी। 18 ले वकन हि ्रनले बदनी वक आिे िदलद नदयदधीश के तेज गवत। 19 एह ्े हिदर आिदज ्रनी ं आ हिदर बदत ्िझीं आ हि तोहरद ्दिने बोलब। एस्द् के ऊपर उठदिे ्े पवहले के बदत के शर रआत इहे ह, आ हि s ्हदयतद, 20 हे पभर , तू अनन कदल िे रहे िदलद जे ऊपर ्े आकदश आ हिद िे चीजन के दे खत बदडऽ। 21 जेकर व्ंहद्न अिूल बद। जेकर िवहिद के ्िझ िे नद आ ्के। जेकरद ्दिने सगनदूतन के ्ेनद कदँ पत खडद बद। 22 जेकर ्ेिद हिद आ आग िे होलद। जेकर बदत ्ही बद, आ कहदित वनरं तर बद; जेकर आजद िजबूत बद आ वनयि भयदिह बद। 23 जेकर नजर गवहरदई के ्रखद दे लद आ आकोश पहदड के वपघलद दे लद। जिनद के ्चदई गिदह बद। 24 हे अपनद ्ेिक के पदथननद ्रनऽ आ अपनद ्ृवष के वनहोरद पर ्रनऽ। 25 जबले हि वजंदद रहब तबले हि बोलब आ जबले हिरद लगे ्िझ रही तबले हि जिदब दे ब। 26 हे अपनद लोग के पदप के ित दे खऽ। ले वकन जे ्चदई ्े तोहदर ्ेिद करे ले, ओकरद प। 27 गैर-यहदी लोग के दर ष आविषदर के धदन ित दी ं, बलर क ओह लोग के इचद के धदन रदखी ं जे कष िे तोहदर गिदही के पदलन करे लद। 28 जे लोग तोहरद ्दिने नकली चलल बद, ओकरद बदरे िे ित ्ोची, ले वकन उ लोग के यदद रदखी, जिन तोहदर इचद के िरतदवबक तोहदर डर के जदन गईल बद। 29 जदनिर वनयर वजए िदलद लोग के नदश कइल तोहदर इचद नद होखे । ले वकन जे तोहदर विसथद के ्दि-्दि व्खिले बदडे , ओकरद के दे खे के चदही। 30 जे जदनिरन ्े भी बररद िदनल जदलद, ओकरद पर तू नद आकोश ित करऽ। ले वकन जे लोग हिेशद तोहरद धदविनकतद आ िवहिद पर भरो्द रदखे लद, ओकरद ्े पेि करी।ं 31 हिनी के आ हिनी के बदप-दददद अइ्न बेिदरी ्े तस हो जदनी जद, ले वकन हिनी के पदपी लोग के चलते तू दयदलर कहल जदईब। 32 अगर तोहरद हिनी पर दयद करे के इचद बद त तू हिनी के दयदलर कहल जदई, जिन वक धिन के किनो कदि नइखे । 33 कदहे वक धि् लोग जेकरद लगे बहत अचद कदि तोहरद लगे रखल बद, उ लोग के आपन कदि ्े इनदि विली। 34 कदहे वक आदिी कद ह वक तू ओकरद ्े नदरदज हो जद? भद नदशिदन पीढी कद होलद वक तू ओकरद पर अतनद कडरआ होखऽ? 35 कदहे वक ्दँ च िे पैदद भइल लोग िे केह नइखे , बलर क ऊ बररदई कइले बद। आ विशदव्यन िे केह अइ्न नइखे जे गलत कदि नद कइले होखे . 36 हे पभर, अगर तू ओह लोग पर दयद करब, जेकरद नीिन कदि के भरो्द नइखे त एही ्े तोहदर धदविनकतद आ तोहदर भलदई के बदत हो जदई। 37 तब ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “तू करछ बदत ्ही कहले बदडऽ आ तोहरद बदत के िरतदवबक होई।” 38 हि ओह लोग के सभदि पर नद ्ोचब जे िौत ्े पवहले , नदय ्े पवहले आ विनदश ्े पवहले पदप कइले बद। 39 ले वकन हि धि् लोग के सभदि पर आनल्त होखब आ ओह लोग के तीथनयदतद, उददर आ इनदि के भी यदद करब जिन ओह लोग के विली।


40 जइ्े हि अब कहले बदनी, ओइ्ही ं होई। 41 जइ्े वक्दन जिीन पर ढे र बीज बोिे लद आ ढे र पेड लगदिे लद आ तबवहयो जिन चीज अपनद ्िय िे बवढयद ्े बोिल जदलद ऊ नद उठे लद आ नद ही ्ब रोपल जड जिदिे लद, ओइ्ही ं बोिल िदलद के भी होलद दर वनयद िे होखे के चदहीं; उ ्ब के उददर नद होई। 42 तब हि जिदब दे नी, “अगर हिरद कृपद विलल बद त हि बोले दी।ं ” 43 जइ्े वक्दन के बीज नदश हो जदलद, अगर उ नद उठल आ ठीक ्िय पर तोहदर बरखद नद विलल त उ नदश हो जदलद। भद अगर बहते बरखद होके ओकरद के खरदब कर दे ि त. 44 ओइ्ही ं आदिी भी नदश हो जदलद जिन तोहरद हदथ ्े बनल बद आ ओकरद के तोहदर पवतरप कहल जदलद, कदहे वक तू ओकरद जइ्न बदडू, जेकरद खदवतर तू ्ब करछ बनिले बदडू आ ओकरद के वक्दन के बीज ्े तरलनद कइले बदडू। 45 हिनी पर गरसद ित करऽ बलर क अपनद लोग के बखऽ आ अपनद विरद्त पर दयद करऽ कदहे वक तू अपनद ्ृवष पर दयदलर हउअ। 46 तब ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “उपलसथत चीज ितनिदन खदवतर बद आ आिे िदलद लोग खदवतर आिे िदलद चीज बद।” 47 कदहे वक तू हिरद ्े जददे हिरद पदणी ्े पदर करे िे बहत कि आ गईल बदडू, ले वकन हि बहत बेर तोहरद अिर री ओकरद नजदीक आईल बदनी, ले वकन अधि् के कबो नद। 48 एही ्े तू परिदतद के ्दिने अचंवभत हो रहल बदडू। 49 एह ्े वक तू अपनद के अपनद के नम बनद ले ले बदडू, आउर अपनद के धि् लोग के बीच बहत िवहिद पदिे के लदयक नद िदनले बदडू। 50 कदहे वक बदद के ्िय िे दर वनयद िे रहे िदलद लोग के बहत बड दर ख होई, कदहे वक उ लोग बहत घिंड ्े चलल बदडे । 51 ले वकन तू अपनद खदवतर ्िझीं आ तोहरद जइ्न लोग के िवहिद के तलदश करी ं। 52 कदहे वक तोहनी खदवतर जनत खर लल बद, जीिन के पेड लगदिल गइल बद, आिे िदलद ्िय तइयदर हो गइल बद, भरपूर चीज तइयदर हो गइल बद, शहर बनल बद आ आरदि के अनरिवत बद, हँ, पूरद भलदई आ बरलद। 53 तोहनी ्े बररदई के जड िरहर लगद वदहल गइल बद, किजोरी आ पतई तोहरद ्े वछपल बद, आ भषदचदर के भरलदए खदवतर नरक िे भदग गइल बद। 54 दर ख बीत जदलद आ अंत िे अिरतद के खजदनद दे खदिल जदलद। 55 एह ्े नदश होखे िदलद लोग के भीड के बदरे िे अब किनो ्िदल ित पूछी ं। 56 जब उ लोग आजददी पद ले ले रहले त परि ऊँच के तरच ्िझत रहले , उनरकर विसथद के वतरसदर करत रहले अिर री उनरकर रदसद छोड दे ले। 57 उ लोग ओकर धि् लोग के रौंदले बद। 58 उ लोग िन िे कहलन वक भगिदन नइखन। हँ , आ ई जदनत वक ओह लोग के िरहीं के पडी. 59 जइ्े वक पवहले के बदत तोहनी के गहण करी, ओइ्ही ं ओह लोग खदवतर पद् आ पीडद तइयदर हो गइल बद, कदहे वक उनकर इचद नद रहे वक आदिी के अविनदशी होखे । 60 ले वकन जे रचल गइल बद, ओकरद लगे बद जे ओह लोग के बनिले बद ओकर नदि अशर द कर वदहलन आ जे ओह लोग खदवतर जीिन तइयदर कइले बद ओकर शर कगरजदर नद कइलन. 61 आ एही ्े हिदर िै्लद अब नजदीक आ गईल बद। 62 ई बदत हि ्ब आदिी के नद, तोहरद आ तोहरद जइ्न करछ लोग के बतद दे ले बदनी। तब हि जिदब दे नी आ कहनी वक 63 दे ख, हे पभर , अब तू हिरद के उ चितदर के भीड दे खिले बदडू, जिन तू अंवति ्िय िे करे लगब, ले वकन किनद ्िय िे तू हिरद के नद दे खिले बदडू।

अध्य 9 के ब् 1 तब उ हिरद के जिदब वदहलन, “्िय के नदप के पूरद िेहनत ्े करऽ। 2 तब तू ्िझब वक उहे ्िय ह जिनद िे परिदतद उ दर वनयद के घूिे लदगी जिन उ बनिले बदडे । 3 एही ्े जब दर वनयद िे भूकंप आ लोग के हं गदिद दे खदई वदही। 4 तब तू बवढयद ्े ्िझब वक परि ऊ बदत तोहरद ्े पवहले ्े ही कहले रहलन। 5 जइ्े वक दर वनयद िे बनल हर चीज के शर रआत आ अंत होलद आ अंत पकट होलद। 6 एही तरे परिदतद के ्िय के शर रआत आशयन आ शलयशदली कदि ्े होलद आ अंत पभदि आ ्ंकेत ्े होलद। 7 जे केह उददर पदई आ अपनद कदि आ विशद् ्े बच पदई, जिनद ्े तू विशद् कइले बदडऽ। 8 उय खतरद ्े बचदिल जदई आ हिरद दे श िे आ हिरद ्ीिद िे हिदर उददर दे खदई वदही, कदहे वक हि शर र ्े ही हिरद खदवतर ओह लोग के पवित कइले बदनी। 9 तब उ लोग करण हदलत िे हो जइहे, जे अब हिरद रदसद के दर रपयोग कइले बदडन, आ जे लोग ओह लोग के दर खी होके िेकले बद, ऊ लोग यदतनद िे रह जदई। 10 कदहे वक जे लोग के जीिन िे िदयदद विलल बद, ले वकन उ हिरद के नईखन जदनत। 11 जे लोग हिरद विसथद ्े घृणद करत रहे , जब तक वक उ लोग के आजददी रहे , आ जब अभी तक पशदतदप के जगह खर लल रहे , उ लोग एकरद के नद ्िझले , ले वकन एकरद के तरच ्िझत रहले । 12 उहे पीडद ्े िरलद के बदद एकरद के जदनल जररी बद। 13 एह ्े तू इ उतरक ित होखऽ वक अभय लोग के कइ्े ्जद वदहल जदई आ कब, बदवकर पूछी ं वक धि् लोग के कइ्े उददर होई, दर वनयद केकर ह आ दर वनयद केकरद खदवतर बनदिल गइल बद। 14 तब हि जिदब दे नी वक 15 हि पवहले कहले बदनी, अब बोलत बदनी आ बदद िे भी इ बदत कहब वक उददर पदिे िदलद लोग ्े जददद नदश होखे िदलद लोग िे ्े बहत जददद बद। 16 जइ्े जइ्े लहर बूंद ्े बड होलद। 17 ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “जइ्न खे त बद, ओइ्ही ं बीज भी बद। जइ्े िूल होलद, रं ग भी अइ्ने होलद; जइ्े कदिगदर बद, कदि भी अइ्ने बद। जइ्े वक्दन खर द होलद, ओइ्ही ं ओकर खे ती भी होलद, कदहे वक ऊ दर वनयद के ्िय रहे । 18 अब जब हि दर वनयद के जिन अभी तक नद बनल रहे , उ लोग के अभी वजंदद रहे खदवतर तैयदर कईनी त केह हिरद लखलदि नद बोलल। 19 तब हर केह आजद िदनत रहे , ले वकन अब एह दर वनयद िे जिन ्ृवजत बद, ओकर वशषदचदर एगो ्नदतन बीज आ एगो कदनून ्े नदश हो गइल बद जिन खोजल नद जद ्केलद। 20 हि दर वनयद के बदरे िे ्ोचनी त दे खनी वक ओकरद िे जिन चदल चलल रहे ओकरद चलते खतरद पैदद हो गईल रहे । 21 हि दे खनी आ ओकरद के बहत बखनी आ हिरद खदवतर एगो गरचद के अंगूर आ एगो बडहन लोग के पौधद रखले बदनी। 22 तब ऊ भीड नदश हो जदि जिन बेकदर िे पैदद भइल रहे । आ हिदर अंगूर आ हिदर पौधद रदखल जदि। कदहे वक हि बहत िेहनत ्े एकरद के व्द बनद दे ले बदनी। 23 एकरद बदिजूद अगर तू ्दत वदन अउरी रके के चदहत बदडू, (ले वकन तू ओह लोग िे उपिद् नद करबऽ।


24 ले वकन िूल िदलद खे त िे जदके जहदँ घर नद बनल होखे , उ खदली खे त के िूल खदईं। नद िदं ् के सदद लीं, नद शरदब पीईं, बलर क खदली िूल खदईं;) 25 आउर परिदतद ्े लगदतदर पदथननद करत रहब वक हि तोहरद ्े बदत करे आके कहब। 26 हि ओह खे त िे चल गइनी जिन अरदथ कहल जदलद, जइ्े वक उ हिरद के आजद वदहले रहले । आ उहदँ हि िूलन के बीच बइठ के खे त के जडी-बूटी खदत रहनी आ ओही के िदं ् हिरद के तृप करत रहे । 27 ्दत वदन बदद हि घद् पर बईठ गईनी आ हिदर िन पवहले वनहन परे शदन हो गईल। 28 हि आपन िरँह खोल के परि उचद के ्दिने बदत करे लगनी आ कहनी। 29 हे पभर, तू जे हिनी के ्दिने आपन बदत दे खदित बदडू, तू हिनी के पररखद लोग के विस ्े वनकललद के ्िय जंगल िे , जिनद जगह प केह नद चले लद, ओवहजद दे खदिल गईल रहलू । 30 तू कहनी वक, हे इसदएल, हिदर बदत ्रनऽ। आ यदकूब के िं शज, हिदर बदत पर वनशदन लगदईं। 31 कदहे वक दे खऽ, हि तोहनी िे आपन विसथद बोअत बदनी आ ऊ तोहनी िे िल वदही आ ओकरद िे तोहनी के हिेशद खदवतर ्मदन विल जदई। 32 ले वकन हिनी के पररखन जे विसथद के गहण कइले रहले , उ लोग एकर पदलन नद कइले आ तोहदर वनयि के पदलन नद कइले , आ भले तोहदर विसथद के िल नदश नद भइल, नद नदश हो ्कल, कदहे वक ऊ तोहदर रहे । 33 ले वकन जे लोग एकरद के गहण कइले रहे , उ नदश हो गइल कदहे वक उ लोग जिन चीज ओह लोग िे बोिल गइल रहे ओकरद के नद रखले रहे । 34 आ दे खऽ, ई ररिदज ह वक जब जिीन िे बीज भद ्िर्र के जहदज भद किनो बतनन के खदनद भद पेय पददथन विल जदलद, त ऊ नदश हो जदलद जिनद िे ऊ बोिल गइल रहे भद िेकल गइल रहे . 35 जिन चीज बोिल गइल बद, ओकरद िे डदलल गइल बद, भद विलल बद, ऊ नदश हो जदलद आ हिनी के ्दथे नद रहे लद, ले वकन हिनी के ्दथे अइ्न नइखे भइल। | 37 ले वकन विसथद नदश नद होलद, ले वकन ओकरद िे रहे लद ओकर बल के बद। 38 जब हि िन िे ई बदत कहनी त आँ ख ्े पीछे िरड के दे खनी त ददवहनद ओर एगो िेहरदर दे खनी त दे खनी वक ऊ शोक िनदित रहली आ जोर ्े रोित रहली आ िन िे बहते दर खी रहली आ उहो कपडद िदटल रहे आ िदथद पर रदख रहे । 39 तब हि आपन विचदर छोड दे नी वक हि अपनद भीतर रहनी आ हिरद के ओकरद ओर िोड दे नी। 40 उ ओकरद ्े कहल्, “तू कदहे रोित बदडू? िन िे एतनद दर खी कदहे बदडू? 41 ऊ हिरद ्े कहली, “िहदरदज, हिरद के छोड दी ं वक हि अपनद के विलदप कर ्कीले आ अपनद दर ख के अउरी बढद ्कीले , कदहे वक हि अपनद िन िे बहते परे शदन बदनी आ बहते नीच हो गइल बदनी. 42 हि ओकरद ्े कहनी वक तोहरद कद बेिदरी बद? हिरद के बतदईं. 43 ऊ हिरद ्े कहली, “हि तोहदर नौकर बंजर रहनी आ किनो ्ंतदन नद भइल, भले हिदर पवत ती् ्दल के रहे । 44 ओह ती् ्दल िे हि वदन-रदत आ हर घंटद अउरी करछ नद कइनी, बलर क परिदतद ्े आपन पदथननद कइनी। 45 ती् ्दल बदद भगिदन हिरद के तोहदर दद्ी के बदत ्रनले , हिरद दर ख के दे खले , हिदर परे शदनी के बदरे िे ्ोचले अिर री हिरद के एगो बेटद दे ले, अिर री हि ओकरद ्े बहत खर श भईनी, ओ्ही हिदर पवत अिर री

हिदर ्भ पडो्ी भी खर श भईले अिर री हिनी के उनरकर बहत आदर कईनी ्िन शलयिदन के ह। 46 हि ओकरद के बहत िेहनत ्े पो्नी। 47 जब उ बड होके उनकर िेहरदर होखे के ्िय पर अइले त हि भोज बनिनी। अध्य 10 के ब् 1 जब हिदर बेटद अपनद वबयदह के कोठरी िे घर्ल त उ वगर के िर गईल। 2 तब हिनी के ्ब केह रोशनी उखदड वदहनी जद आ हिदर ्ब पडो्ी हिरद के वदलद्द दे िे खदवतर उठले , त हि रदत िे दू ्रद वदन तक आरदि कईनी। 3 जब उ ्ब हिरद के वदलद्द दे िे के कदि छोड दे ले रहले त हि चरप हो गईनी। तब हि रदत िे उठ के भदग गइनी आ इहदँ एह खे त िे आ गइनी, जइ्े वक तू दे खत बदडऽ। 4 अब हिदर इरददद बद वक हि शहर िे नद लिटब, बलर क इहदँ रहब, नद खदएब नद पीयेब, बलर क िरलद तक लगदतदर शोक िनदिे के आ उपिद् करे के। 5 तब हि जिनद िनन िे रहनी, ओकरद के छोड के ओकरद ्े गरसद िे बोलनी। 6 तू ्ब ्े ऊपर िूखन औरत, कद तू हिनी के शोक नईखी दे खत अिर री हिनी के कद होखतद? 7 कइ्े हिनी के िदई व्योन ्ब भदरीपन ्े भरल बदडी, आ बहत विनम बदडी, बहत दर खी बदडी? 8 अब हिनी के ्ब केह शोक िनदित बदनी आ दर खी बदनी जद, कदहे वक हिनी के ्ब केह भदरी पड गइल बदनी जद, कद तू एके बेटद खदवतर दर खी बदडू? 9 कदहे वक धरती ्े पूछी ं त ऊ तोहरद के बतद दी वक ओकरद पर उगे िदलद एतनद लोग के पतन के शोक िनदिे के चदहीं। 10 कदहे वक पवहले ्े ्ब लोग ओकरद ्े वनकलल आ बदकी ्ब लोग ओकरद ्े वनकली आ दे खऽ वक ऊ लोग लगभग ्ब लोग विनदश िे चलत बद आ ओह लोग के भीड एकदि ्े उखदडल बद। 11 त ओकरद ्े जददे शोक करे के होई, जिन वक एतनद भीड के गंिद चरकल बदडी। आ तू नद, जिन एक आदिी के छोड के पछतदित बदडू? 12 ले वकन अगर तू हिरद ्े कहब वक हिदर विलदप धरती के विलदप वनहन नईखे , कदहे की हि अपनद पेट के िल गंिद दे ले बदनी, जिन हि दर ख ्े पैदद कईले रहनी अिर री दर ख के ्ंगे पैदद कईले रहनी। 13 ले वकन धरती अइ्न नइखे , कदहे वक धरती के कि के अनर्दर ओकरद िे िौजूद भीड खति हो गइल बद। 14 तब हि तोहरद ्े कहत बदनी वक जइ्े तू िेहनत ्े पैदद कइले बदडू। ओइ्ही ं धरती भी आपन िल, यदनी आदिी, शर र ्े ही ओकरद के बनदिे िदलद के दे ले वबयद। 15 अब आपन दर ख अपनद भीतर रखीं आ जिन तोहरद पर आइल बद ओकरद के वहमत ्े ्हत रहऽ। 16 कदहे वक अगर तू परिे्​् िर के धदविनक होखे के वनशय िदनब त ्िय रहते अपनद बेटद के गहण करब आ िेहरदर लोग के बीच ओकर पशं ्द होखब। 17 तब शहर िे अपनद पवत के लगे जद। 18 उ हिरद ्े कहली वक हि अयी्न नद करब, हि शहर िे नद जदईब, ले वकन इहदँ हि िरब। 19 हि ओकरद ्े अउरी बदत कइनी आ कहनी। 20 अइ्न ित करी,ं बलर क ्लदह ले त रही।ं हिरद ददरद: कदहे वक व्योन के कतनद विपव् बद? यरशले ि के दर ख के ्ंबंध िे वदलद्द वदहल जदि।


21 कदहे वक तू दे खत बदडऽ वक हिनी के पवित सथदन उजदड हो गइल बद, हिनी के िे दी टू ट गइल बद, हिनी के िंवदर नष हो गइल बद। 22 हिनी के भजन के गदनद जिीन पर वबछदिल गइल बद, हिनी के गीत चरप हो गइल बद, हिनी के उलद् के अंत हो गइल बद, हिनी के दीयद के रोशनी बरझ गइल बद, हिनी के िदचद के ्नदू क वबगड गइल बद, हिनी के पवित चीजन के अशर द हो गइल बद आ ओकर नदि अशर द हो गइल बद हिनी पर बोलदिल गइल बद लगभग अपवित हो गइल बद: हिनी के लइकन के शविमदद कर वदहल गइल बद, हिनी के यदजकन के जरद वदहल गइल बद, हिनी के ले िी लोग कैद हो गइल बद, हिनी के करंिदरी लोग अशर द हो गइल बद आ हिनी के िेहरदर लोग के लू ट वदहल गइल बद; हिनी के धि् लोग के ले जदइल गइल, हिनी के छोटछोट लोग के नदश कर वदहल गइल, हिनी के निही लोग के गरलदि बनद वदहल गइल आ हिनी के बलिदन लोग किजोर हो गइल बद; 23 आ, जिन ्ब्े बड बद, व्योन के िरहर अब आपन इजत खो दे ले बद। कदहे वक उ हिनी ्े निरत करे िदलद के हदथ िे ्ौंपल गईल बदडी। 24 एह ्े आपन बडहन भदरीपन के वहलद दऽ आ दर ख के भीड के दू र कर दऽ तदवक परदकिी तोहरद पर िेर ्े दयद कर् आ परिदतद तोहरद के तोहरद िेहनत ्े आरदि आ आरदि दे ्र. 25 जब हि ओकरद ्े बवतयदित रहनी त दे खनी वक अचदनक ओकर चेहरद बहत चिक गईल अिर री चेहरद चिक गईल, जिनद ्े हि ओकरद ्े डे रद गईनी अिर री ्ोचनी वक इ कद हो ्कतद। 26 अचदनक उ बहत भयभीत होके वचलद उठली, जिनद ्े उ औरत के शोर ्े धरती वहल गईल। 27 हि दे खनी त दे खनी वक उ िेहरदर हिरद ्े अब नद लउकल, ले वकन उहदँ एगो शहर बनल रहे , आ एगो बडकद जगह नीिं ्े दे खदित रहे , तब हि डे रद गईनी, आ जोर ्े वचलद के कहनी। 28 उरीएल सगनदूत कहदँ बदडे , जिन पवहले हिरद लगे आईल रहले ? कदहे वक ऊ हिरद के कई गो ्िदवध िे वगरद वदहले बदडन आ हिदर अंत भष हो गइल बद आ हिदर पदथननद डदं ट दे बे खदवतर. 29 जब हि ई बदत कहत रहनी त दे खनी वक उ हिरद लगे आके हिरद ओर दे खले । 30 हि िरल आदिी वनहन ले ट गईल बदनी अिर री हिदर ्िझ हिरद ्े छीन वलहल गईल, उ हिरद के ददवहनद हदथ पकड के वदलद्द दे ले अिर री हिरद के गोड प खडद क दे ले। 31 तोहरद के कद बेिदरी बद? आ तू कदहे एतनद बेचैन बदडू? आ तोहदर ्िझ आ तोहदर िन के विचदर कदहे परे शदन बद? 32 हि कहनी, कदहे वक तू हिरद के छोड दे ले बदडू, ले वकन हि तोहदर बदत के िरतदवबक कदि कईनी अिर री खे त िे चल गईनी, अिर री दे ख, हि दे खले बदनी, ले वकन दे खतदनी वक हि इ बदत कहे िे ्​्ि नईखी। 33 उ हिरद ्े कहल्, “िदन होके खडद हो जद, हि तोहरद के ्लदह दे ब।” 34 तब हि कहनी वक, हे िदवलक, हिरद िे बोलत रहऽ। खदली हिरद के ित छोडीं, कही ं हि अपनद उमीद ्े करंवठत होके िर नद जदइब। 35 हि दे खले बदनी वक हि नद जदनत रहनी आ ्रनत बदनी वक हि नइखी जदनत। 36 कद हिदर इं ् धोखद हो गइल बद वक हिदर आतद ्पनद िे बद? 37 अब हि तोहरद ्े वनहोरद करत बदनी वक तू अपनद ्ेिक के एह दशन न के दे खद दी ं। 38 तब उ हिरद के जिदब वदहलन, “हिरद के ्रनऽ, हि तोहरद के बतद दे ब वक तू कदहे डे रदत बदडू, कदहे वक परिदतद तोहरद के बहत गरप बदत बतदई।” 39 ऊ दे खले बद वक तोहदर रदसद ्ही बद, कदहे वक तू अपनद लोग खदवतर लगदतदर दर खी रहे लद आ व्योन खदवतर बहते विलदप करत रहे लद।

40 एह ्े उ दशन न के ितलब इहे बद जिन तू हदल िे दे खले बदडू। 41 तू एगो िेहरदर के शोक िनदित दे खनी आ ओकरद के वदलद्द दे बे लगनी। 42 अब तू अब ओह औरत के उपिद नइखऽ दे खत बदडऽ, बदवकर तोहरद के एगो शहर बनल लउकल बद। 43 उ अपनद बेटद के िौत के बदरे िे तोहरद के बतिले रहली, त एकर ्िदधदन इहे बद। 44 ई िेहरदर जेकरद के तू दे खले बदडू, ऊ व्योन ह, आ जब ऊ तोहरद ्े कहल्, जिनद के तू बनल शहर के रप िे दे खत बदडऽ। 45 हि कहत बदनी वक ऊ ती् ्दल ्े बंजर बदडी, ऊ ती् ्दल ह जिनद िे उनरकद िे किनो चढदई नद भइल रहे । 46 ले वकन ती् ्दल बदद ्रलेिदन शहर के वनिदन ण क के बवल चढिले अिर री ओकरद बदद बंजर के एगो बेटद पैदद कईले । 47 ऊ तोहरद के बतिली वक ऊ ओकरद के िेहनत ्े पो्ली, ऊ यरशले ि के वनिद् रहे । 48 ले वकन जब उ तोहरद ्े कहली वक, “हिदर बेटद अपनद वबयदह के कोठरी िे आके ्ंजोग ्े वि​िल हो गईल अिर री िर गईल।” 49 दे खऽ, तू ओकर उपिद दे खनी आ अपनद बेटद खदवतर शोक िनदिे के चलते ओकरद के वदलद्द दे बे लगनी, आ ्ंजोग ्े ई बदत तोहरद खदवतर खर लल बद। 50 कदहे वक अब परिदतद दे खत बद वक तू ओकरद खदवतर दर खी बदडू आ ओकरद खदवतर तोहदर पूरद िन ्े दर खी बदडू, ओइ्ही ं ऊ तोहरद के ओकर िवहिद आ ओकर ्रंदरतद के चिक दे खिले बद। 51 एही ्े हि तोहरद के ओह खे त िे रहे के कहनी जहदँ किनो घर नद बनल रहे । 52 कदहे वक हि जदनत रहनी वक परिदतद तोहरद के ई बदत बतदई। 53 एही ्े हि तोहके खे त िे जदए के आदे श दे ले रहनी, जहिदँ किनो भिन के नीिं नद रहे । 54 कदहे वक जिनद जगह पर परिदतद आपन शहर दे खदिे लदगेलद, उहदँ केह के भिन खडद नद हो ्केलद। 55 एह ्े ित डे रदईं, तोहदर िन डे रदए ित, बलर क भीतर जदके इिदरत के ्रंदरतद आ िहदनतद के ओतनद दे खऽ, जेतनद तोहदर आँ ख दे ख ्केले । 56 तब तू जेतनद ्रनब, ओतनद तोहदर कदन ्िझ िे आ ्केलद। 57 कदहे वक तू बहत लोग ्े ऊपर धन बदडू आ परिदतद के नदि ्े बोलदिल गइल बदडू। आ ओइ्ही ं बहते कि लोग बद. 58 ले वकन कदल रदत िे तू इहदँ रहब। 59 एही तरे परिदतद तोहरद के ऊंच चीजन के दशन न करीहे जिन अंवति ्िय िे धरती पर रहे िदलद लोग के ्दथे परिदतद करीहे । त हि ओह रदत आ एगो अउरी रदत ्रतल रहनी, जइ्े वक ऊ हिरद के आजद वदहले रहले . अध्य 11 के ब् 1 तब हि एगो ्पनद दे खनी त दे खनी वक ्िरंदर ्े एगो चील उठल, जिनद के बदरह गो पंख िदलद पदँ ख आ तीन गो व्र रहे । 2 हि दे खनी वक ऊ पूरद धरती पर आपन पदँ ख िइलिली आ हिद के ्ब हिद ओकरद पर बहल आ इकटद हो गइल। 3 हि दे खनी वक ओकरद पंख िे ्े अउरी विपरीत पंख वनकलल। आ छोट-छोट पंख आ छोट-छोट हो गइल। 4 ले वकन ओकर िदथद आरदि ्े रहे , बीच के व्र दू ्रद ्े बड रहे , ले वकन बदकी के ्ंगे आरदि करत रहे । 5 हि दे खनी वक चील अपनद पंख के ्ंगे उडत रहे अिर री धरती अिर री ओकरद िे रहे िदलद लोग प रदज करत रहे । 6 हि दे खनी वक सगन के नीचे के ्ब चीज ओकरद अधीन बद आ केह ओकरद लखलदि नद बोलल, नद धरती पर किनो पदणी।


7 हि दे खनी वक चील अपनद पोंछ पर उठ के ओकरद पंख ्े कहल्। 8 एके बेर िे जदगल ित होखऽ, हर केह अपनद जगह पर ्रतऽ आ दे खत रहऽ। 9 ले वकन व्र के आलखरी खदवतर ्ररव्त रदखल जदि। 10 हि दे खनी वक आिदज ओकरद िदथद ्े नद वनकलल, बलर क ओकरद दे ह के बीच ्े वनकलल। 11 हि ओकर उलद पंख वगन के दे खनी वक आठ गो पंख रहे । 12 हि दे खनी त दे खनी वक ददवहनद ओर एगो पंख उठल बद आ रदज करत बद पूरद धरती पर घ; 13 जब ऊ रदज कइल् त ओकर अंत हो गइल आ ओकर जगह अब नद लउकल। आ रदज कइलन आ बहत बवढयद ्िय वबतदिल; 14 जब ऊ रदज कइल् त ओकर अंत भी पवहलकद वनयर हो गइल आ ऊ अब नद लउकल। 15 तब एगो आिदज आइल आ कहल्। 16 तू जे एतनद वदन ्े धरती पर रदज कइले बदडऽ, ्रनऽ, हि तोहरद ्े ई कहत बदनी वक तू अब नद लउके ्े पवहले । 17 तोहरद बदद केह तोहरद ्िय के नद पहँ च पदई आ नद ओकर आधद ्िय तक। 18 तब ती्रद उठल आ पवहले के दो्रद वनहन रदज कईल् अिर री अब उहो नद दे खदई दे ल्। 19 एक के बदद एक ्ब बचे िदलद लोग के ्दथे चलल, जइ्े वक हर केह रदज करत रहे आ िेर नद लउकत रहे । 20 तब हि दे खनी आ दे खनी वक ओकरद बदद के पंख ददवहनद ओर खडद हो गइल तदवक उहो रदज कर ्के। करछ लोग रदज कइलन, बदवकर करछ दे र िे ऊ लोग अब नद लउकल। 21 कदहे वक उ लोग िे ्े करछ लोग खडद हो गईल रहे , ले वकन रदज नद कईले | 22 एकरद बदद हि दे खनी वक बदरह गो पंख अब नद लउकल आ नद ही दू गो छोट पंख। 23 चील के दे ह पर अउरी किनो नद रहे , बलर क तीन गो व्र जिन आरदि करत रहे आ छह गो छोट पदँ ख रहे । 24 तब हि दे खनी वक छह गो िे ्े दू गो छोट-छोट पंख अलग हो गइल आ ददवहनद ओर के िदथद के नीचे रह गइल कदहे वक चदरो अपनद जगह पर बनल रहे । 25 हि दे खनी वक पदँ ख के नीचे जिन पंख रहे , उ अपनद के खडद होखे के ्ोचत रहे । 26 हि दे खनी वक एक आदिी खडद हो गईल रहे , ले वकन करछ दे र िे उ अब नद लउकल। 27 दो्रकद पवहलकद ्े जली दू र हो गइल। 28 हि दे खनी आ दे खनी वक जे दू गो बचल रहले , उहो अपनद िन िे रदज करे के ्ोचले । 29 जब उ लोग अई्न ्ोचले त दे खले वक आरदि िे ्े एगो व्र जदग गईल, जिन वक बीच िे रहे । कदहे वक ऊ बदकी दू गो व्र ्े बडहन रहे । 30 तब हि दे खनी वक दू गो अउरी व्र ओकरद ्दथे जरड गइल बद। 31 दे खऽ वक ओकरद ्दथे रहे िदलद लोग के ्दथे व्र घरि गइल आ पदँ ख के नीचे के दू गो पंख खद गइल जिन रदज करे के चदहत रहे । 32 ले वकन इ व्र पूरद धरती के डे रद वदहल् अिर री बहत अतदचदर के ्ंगे धरती प रहे िदलद ्भ लोग प रदज क दे ल्। आ ओकरद िे दर वनयद के शद्न ओह ्ब पदँ ख ्े अवधकद रहे जिन पवहले रहे . 33 एकरद बदद हि दे खनी वक बीच िे जिन व्र रहे उ अचदनक पदँ ख वनहन नद लउकल। 34 ले वकन उ दर नो व्र रह गईल, जिन वक धरती प अिर री ओकरद िे रहे िदलद लोग प भी रदज करत रहले । 35 हि दे खनी वक ददवहनद ओर के व्र बदईं ओर के व्र के खद गईल।

36 तब हि एगो आिदज ्रनत बदनी जिन हिरद ्े कहल् वक, “अपनद ्ोझद दे खऽ आ जिन चीज तू दे खत बदडऽ ओकरद पर विचदर करऽ।” 37 हि दे खनी वक जंगल ्े एगो गजनत शे र वनहन भगदित दे खनी त दे खनी वक उ एगो आदिी के आिदज चील के लगे भेज के कहल्। 38 ्रनऽ, हि तोहरद ्े बदत करब आ परिदतद तोहरद ्े कह्र वक 39 कद तू ओह चदरो जदनिरन िे ्े बचल नद हउअ, जेकरद के हि अपनद दर वनयद िे रदज बनिले बदनी, तदवक ओह लोग के ्िय के अंत ओह लोग के िदधि ्े होखे ? 40 चउथद आके पवहले के ्ब जदनिरन पर हरद वदहल्, आ बहत भय ्े दर वनयद पर आ पूरद धरती के कमद् पर बहत दर ष अतदचदर ्े अवधकदर रखल्। आ एतनद वदन तक ऊ धोखद ्े धरती पर रहले । 41 कदहे वक धरती के तू ्चदई ्े नदय नद कईले बदडू। 42 कदहे वक तू नम लोग के दर ख दे ले बदडू, शदं वतवपय लोग के दर ख दे ले बदडू, झूठद लोग ्े पदर कईले बदडू, िल पैदद करे िदलद लोग के आिद् के नष क दे ले बदडू, अिर री अयी्न लोग के दे िदल वगरद दे ले बदडे , जिनद के तोहरद किनो नरक्दन नद भईल। 43 एही ्े तोहदर गलत विहदर परिदतद के पद् आ गईल बद आ तोहदर घिंड परदकिी के पद् आ गईल बद। 44 परिदतद भी घिंडी ्िय के दे खले बदडन आ दे खऽ वक ऊ ्िय खति हो गइल बद आ उनकर वघनौनद कदि पूरद हो गइल बद। 45 आ एही ्े, हे चील, नद तोहदर भयदिह पदँ ख, नद तोहदर दर ष पंख, नद तोहदर दर भदन िनदपूणन व्र, नद तोहदर चोट पहं चदिे िदलद पंजद, नद तोहदर पूरद बेकदर दे ह। 46 तदवक तोहदर वहं ्द ्े िरय होके पूरद धरती तरोतदजद हो जदि आ िदप् आ जदि आ ओकरद के बनदिे िदलद के नदय आ दयद के आशद रदखे ।

अध्य 12 के ब् 1 जब शे र चील ्े इ बदत कहल् त हि दे खनी। 2 दे खऽ, जिन व्र बचल रहे आ चदरो पदँ ख अब नद लउकल आ दर नर जदनद ओकरद लगे जदके रदज करे खदवतर खडद हो गइलन आ ओह लोग के रदज छोट हो गइल आ हं गदिद ्े भरल रहे । 3 हि दे खनी आ दे खनी वक ऊ लोग अब नद लउकल आ चील के पूरद शरीर जरर गइल जिनद ्े धरती बहते डे रद गइल. आ हिरद आतद ्े कहलन वक 4 दे खऽ, तू हिरद ्दथे ई कदि कइले बदडऽ वक तू परिदतद के रदसद खोजत बदडऽ। 5 दे खऽ, हि िन िे थक गइल बदनी आ आतद िे बहत किजोर बदनी। आ हिरद िे बहते कि तदकत बद, कदहे वक आजर रदत जिनद बहते डर ्े हि पीवडत भइनी. 6 एही ्े हि अब ्ि्च ्े वनहोरद करब वक उ हिरद के अंत तक वदलद्द दे ्। 7 हि कहनी, पभर जे शद्न करे लद, अगर हिरद टी ्े पवहले कृपद विलल बद hy दवष, आ अगर हि तोहरद ्दथे बहत लोग के ्दिने धि् ठहरदिल जदइब, आ अगर हिदर पदथननद ्चिरच तोहरद ्दिने आ जदि। 8 त हिरद के वदलद्द दी ं आ अपनद ्ेिक के एह भयदिह दशन न के वदखद आ ्दि-्दि अंतर दे खदईं, तदवक तू हिरद आतद के पूरद तरह ्े वदलद्द दे ब। 9 कदहे वक तू हिरद के अंवति ्िय दे खदिे लदयक ्िझले बदडू। 10 उ हिरद ्े कहले , “दशन न के वदखद इहे ह।


11 चील, जेकरद के तू ्िरंदर ्े ऊपर उठत दे खनी, उ रदज ह जिन तोहदर भदई ददवनयल के दशन न िे दे खल गईल रहे । 12 ले वकन ओकरद के नद बतदिल गईल रहे , एह्े अब हि तोहके बतदित बदनी। 13 दे खऽ, ऊ वदन आई जब धरती पर एगो रदज उठी आ ओकरद ्े पवहले के ्ब रदजन ्े ओकरद ्े डर लदगी। 14 ओही िे बदरह गो रदजद एक के बदद एक रदज करीहे । 15 जिनद िे ्े दू ्रद के रदज होखे लदगी अिर री बदरह िे ्े किनो ्े जददे ्िय होई। 16 बदरह गो पदँ ख इहे बतदिे लद जिन तू दे खले बदडू। 17 जिन आिदज तू बोलत ्रनले बदडू आ जिनद आिदज के तू िदथद ्े नद वनकलत दे खले बदडू, बलर क ओकरद दे ह के बीच ्े वनकलत दे खले बदडू, एकर ितलब इहे बद। 18 वक ओह रदज के ्िय के बदद बहत झगडद हो जदई आ ऊ अ्िल होखे के खतरद िे खडद हो जदई, विर भी ऊ तब नद वगरी, बलर क िेर ्े अपनद शर रआत िे िदप् आ जदई। 19 तू ओकरद पदँ ख ्े वचपकल आठ गो छोट-छोट पंख के पदँ ख ्े वचपकल दे खले बदडू, एकर वदखद इहे बद। 20 ओकरद िे आठ गो रदजद पैदद हो जइहे , वजनकर ्िय छोट होई आ उविर तेज होई। 21 ओहिे ्े दू गो नदश हो जइहे आ बीच के ्िय नजदीक आित बद, चदर गो के तबले रदखल जदई जबले ओकर अंत नजदीक नद आिे लदगी, बदवकर दू गो के अंत तक रदखल जदई. 22 तू तीन गो व्र के आरदि करत दे खले बदडू, एकर ितलब इहे बद। 23 अपनद अंवति ्िय िे परिदतद तीन गो रदज खडद करीहे आ ओहिे बहते चीजन के निीकरण करीहे आ ओह लोग के धरती पर रदज हो जदई. 24 आ ओहिे रहे िदलद लोग के बहत अतदचदर के ्दथ, अपनद ्े पवहले के ्ब लोग ्े ऊपर, एही ्े ओह लोग के चील के व्र कहल जदलद। 25 कदहे वक इहे लोग उनकर बररदई के पूरद करी आ उनकर अंवति अंत पूरद करी। 26 आ जब तू दे खनी वक बडकद व्र अब नद लउकल, ई त इहे दशदन ित बद वक ओहिे ्े केह अपनद वबछौनद पर िर जदई आ तबवहयो ददन ्े िर जदई. 27 कदहे वक जे दू गो बचल बद, ओकरद के तलिदर ्े िदर वदहल जदई। 28 कदहे वक एक के तलिदर दू ्रद के खद जदई, ले वकन आलखर िे उ खर द तलिदर ्े वगर जदई। 29 तू दे खनी वक पदँ ख के नीचे दू गो पंख ददवहनद ओर के िदथद के ऊपर ्े गरजरत बद। 30 ई बतदिे लद वक ई उहे हिे , जेकरद के परिदतद अपनद अंत तक रखले बदडन, ई छोट रदज ह आ ्ंकट ्े भरल ह, जइ्न वक तू दे खले रहलू । 31 शे र, जेकरद के तू जंगल ्े उठ के गजनत दे खनी आ चील ्े बोलत आ ओकरद अधिन के कदरण तू ्रनल ्ब बदत ्े डदं टत दे खनी। 32 इहे अवभवषय हिे , जेकरद के परिदतद अंत तक ओह लोग खदवतर आ ओह लोग के दर षतद खदवतर रखले बदडन, ऊ ओह लोग के डदं ट दीहे आ ओह लोग के कूरतद ्े डदं टत रहीहे । 33 कदहे वक उ नदय के ्िय ओ लोग के वजंदद अपनद ्ोझद रदख के ओ लोग के डदं ट के ्रधदर करीहे । 34 कदहे वक उ हिरद बदकी लोग के दयद ्े बचदई, जिन वक हिरद ्ीिद प दबदिल गईल बद, अिर री उ नदय के वदन के आिे तक उनरकद के खर श करीहे , जिनद के बदरे िे हि शर र ्े तोहरद ्े कहले बदनी। 35 इहे ्पनद ह जिन तू दे खले रहलू आ एकर वदखद इहे ह। 36 तू खदली परिदतद के ई रहस जदने के योग हो गइल बदडू। 37 एह ्े ई ्ब बदत जिन तू दे खले बदडू, ओकरद के एगो वकतदब िे वलख के वछपद द।

38 आ ओह लोग के जदनी लोग के व्खदईं, जेकर वदल तू जदनत बदडू, एह बदत के ्िझ ्केले आ ओकरद के रख ्केले । 39 ले वकन तू खर द इहदँ ्दत वदन अउरी इं तजदर करऽ तदवक तोहरद के ई बतदिल जद ्के वक जिन भी परिदतद तोहरद के बतदिे के चदहत बद। आ एतनद कह के ऊ अपनद रदसद पर चल गइलन. 40 जब ्ब लोग दे खल वक ्दत वदन बीत गइल बद आ हि शहर िे नद आित बदनी त छोटकद ्े ले के बडकद तक के ्ब लोग के एकटद क के हिरद लगे आके कहल्। 41 हि तोहरद के कद ठे ् पहँ चिले बदनी? हिनी के तोहरद लखलदि किन बररदई कईले बदनी जद वक तू हिनी के छोड के इहदँ बईठ गईल बदडू? 42 कदहे वक ्ब भविषियद लोग िे ्े तू हिनी के खदली करंड के गरचद के रप िे आ अनदर जगह पर िोिब्ी के रप िे आ तूिदन ्े बचदिल एगो अडद भद जहदज के रप िे छोड वदहल गइल बदडू। 43 कद हिनी के ्दिने जिन बररदई आईल बद उ पयदन प नईखे ? 44 अगर तू हिनी के छोड दे ब त हिनी के केतनद बवढयद रवहत, अगर हिनी के भी व्योन के बीच िे जरद वदहल गईल रवहत? 45 हिनी के ओवहजद िरल लोग ्े बवढयद नईखी। आ ऊ लोग जोर-जोर ्े रोित रहे । तब हि ओह लोग के जिदब वदहनी। 46 हे इसदएल, ्दं तनद ्े भरल रहऽ। हे यदकूब के घरदनद, भदरी ित होखऽ। 47 कदहे वक परिदतद के तोहनी के यदद कइल गइल बद आ परदकिी तोहनी के परी्द िे नद भरलदइल बद। 48 रहल बदत हिदर त हि तोहरद के नद छोडले बदनी आ नद तोहरद ्े दू र हो गइल बदनी, बलर क एह जगह पर आइल बदनी वक व्योन के उजदड होखे खदवतर पदथननद करी ं आ तोहनी के नीच ्ंपव् पर दयद िदँ ग ्कीले उर अभयदरण के बद। 49 अब हर एक घरे जदइब आ एह वदनन के बदद हि तोहरद लगे आ जदईब। 50 तब लोग शहर िे चल गईल, जई्े हि आजद दे ले रहनी। 51 ले वकन हि ्दत वदन तक खे त िे लसथर रहनी, जई्े वक सगनदूत हिरद के कहले रहले । आ खदली ओह वदनन िे खे त के िूल के खदत रहनी आ जडी-बूटी के हिदर िदं ् खदत रहनी। अध्य 13 के ब् 1 ्दत वदन बदद रदत िे ्पनद दे खनी। 2 दे खऽ, ्िरंदर ्े एगो हिद उठल वक ऊ ओकर ्ब लहर के वहलद वदहल्। 3 हि दे खनी वक ऊ आदिी हजदरन आकदश के ्दथे िजबूत हो गइल आ जब ऊ आपन चेहरद घरिद के दे खल् त ओकरद नीचे जिन करछ लउकत रहे ऊ ्ब कदँ प गइल। 4 जब भी आिदज उनकर िरँह ्े वनकलल त उनकर आिदज ्रनल ्ब लोग जरत रहे , जइ्े धरती आग के िह्ू् करत घरी ्ीण हो जदले । 5 एकरद बदद हि दे खनी वक ्िर्र ्े वनकलल आदिी के अपनद िश िे करे खदवतर आकदश के चदरो हिद ्े बहत ्ंखद िे आदिी जरट गईल रहले 6 बदवकर हि दे खनी वक ऊ अपनद खदवतर एगो बडहन पहदड गढले रहले आ ओकरद पर उड गइल रहले . 7 ले वकन हि उ इलदकद भद जगह दे खल चदहत रहनी जहदँ पहदडी उकेरल बद, ले वकन नद दे ख पिनी। 8 एकरद बदद हि दे खनी वक ओकरद के अपनद िश िे करे खदवतर जरटल ्ब लोग बहत डे रद गईल, ले वकन लडदई करे के वहमत कईले । 9 दे ख, जब उ लोग के भीड के वहं ्द दे खले त उ नद त हदथ उठिले, नद तलिदर पकडले , नद किनो यरद के औजदर।


10 ले वकन हि दे खनी वक उ अपनद िरँह ्े आग के धिदकद वनहन भेजले अिर री उनरकद होंठ ्े जदलदिरखी ्दं ् वनकलले अिर री जीभ ्े वचंगदरी अिर री आं धी-तूिदन वनकदलले । 11 उ ्ब एक ्ंगे विल गईल। आग के धिदकद, जदलदिरखी ्दँ ् आ बडहन तूिदन; आ लडदई करे खदवतर तइयदर भीड पर जोर ्े वगर गइल आ हर एक के जरद वदहल् वक अचदनक अ्ंख भीड िे करछ नद बरझदइल, खदली धूल आ धरँआ के गंध के, जब हि ई दे खनी त हि डे रद गइनी . 12 ओकरद बदद हि दे खनी वक उहे आदिी पहदड ्े उतर के एगो अिर री शदं वतवपय भीड के बोलिले । 13 तब बहत लोग उनकरद लगे अइले , जिनद ्े करछ लोग खर श भइल, करछ लोग के अि्ो्, करछ लोग के बदनल आ करछ लोग चढदिल गइल लोग ्े ले के आइल। 14 तू अपनद ्ेिक के शर र ्े ही ई चितदर दे खदित रहलू आ हिरद के एह लदयक िदनले बदडू वक तू हिदर पदथननद गहण करऽ। 15 अबहीं हिरद के एह ्पनद के वदखद दे खद दऽ। 16 जइ्े हि अपनद ्िझ िे गभनिती बदनी, ओह वदनन िे जे लोग बच जदई, ओकरद खदवतर वधकदर बद आ जे लोग पीछे नद छोडल जदई, ओकरद खदवतर बहत अवधक हदय! 17 कदहे वक जे लोग नद बचल रहे , उ लोग भदरी पड गईले । 18 अब हि ्िझत बदनी वक आलखर के वदन िे जिन चीज रखल गइल बद, जिन ओह लोग के आ पीछे छोडल गइल लोग के ्दथे होई। 19 एह ्े उ लोग बहत खतरद आ बहत जररी चीजन िे पड जदलद, जइ्े वक ई ्पनद बतदित बद। 20 विर भी खतरद िे पडल आदिी खदवतर एह ्ब िे आिे ्े आ्दन बद वक उ दर वनयद ्े बददल वनहन चल जद् अिर री अंवति ्िय िे होखे िदलद घटनद के नद दे ख्। उ हिरद ्े जिदब दे के कहले । 21 हि तोहरद के दशन न के वदखद बतदइब आ जिन बदत तू िदँ गले रहलू ओकरद के हि तोहरद खदवतर खोल दे ब। 22 कदहे वक तू पीछे छोडल लोग के बदरे िे कहले बदडू, एकर वदखद इहे बद। 23 जे ओह ्िय िे खतरद के ्हन करी, उ अपनद के रखले बद, जे खतरद िे पड गईल बद, उ लोग अयी्न हिे , जेकरद लगे कदि बद अिर री ्िन शलयिदन के पवत विशद् बद। 24 एह ्े ई जदन लीं वक िरल लोग ्े भी जददद धन होलद जे पीछे छोडल गइल बद। 25 दशन न के ितलब इहे बद वक तू एगो आदिी के ्िरंदर के बीच ्े ऊपर आित दे खनी। 26 उहे उहे ह जेकरद के परिदतद एगो बडहन ्िय रखले बदडन, जिन अपनद ददरद अपनद ्ृवष के बचदिे के कदि करीहे आ जे लोग पीछे रह गइल बद, ओकरद के विलसथत करीहे । 27 तू दे खनी वक ओकरद िरँह ्े हिद, आग आ तूिदन वनयर वनकलल बद। 28 नद त ओकरद लगे नद त तलिदर रहे आ नद किनो यरद के औजदर, बलर क ओकरद के दौडलद ्े ओकरद के अपनद िश िे करे आइल पूरद भीड के नदश कर वदहल्। इहे वदखद बद: 29 दे खऽ, उ वदन आिे लद जब परि परिेशिर धरती पर िौजूद लोग के बचदिे लदवगहे । 30 ऊ धरती पर रहे िदलद लोग के अचरज िे पड जदई। 31 एक आदिी दो्रद ्े, एक शहर दो्रद ्े, एक जगह दो्रद ्े, एक लोग दो्रद ्े आ एक ्ेत दो्रद ्े लडे के वजमद ले त होई। 32 उ ्िय होई जब इ ्ब बदत होई अिर री जिन ्ंकेत हि तोहरद के पवहले दे खिले रहनी, उ ्िय होई, तब हिदर बेटद के घोषणद होई, जेकरद के तू चढत दे खले रहलू ।

33 जब ्ब लोग उनकर आिदज ्रनदई त हर आदिी अपनद दे श िे एक दू ्रद के लखलदि लडदई छोड के चल जदई। 34 आ अनवगनत भीड एकटद हो जदई, जइ्े वक तू दे खले बदडू, जिन आिे के इचर क होई आ ओकरद के लडदई ्े जीते के इचर क होई। 35 ले वकन ऊ व्योन पहदड के चोटी पर खडद हो जइहे । 36 व्योन आके ्ब लोग के ्दिने आके तैयदर होके बनदिल जदई। जइ्े तूँ वबनद हदथ के उकेरल पहदड के दे खले बदडू। 37 ई हिदर बेटद ओह रदष्न के दर ष आविषदर के डदं टत होई, जिन अपनद दर ष जीिन के चलते तूिदन िे पड गइल बद। 38 ऊ ओह लोग के बररद विचदर आ जिनद यदतनद ्े ऊ लोग ्तदिल शर र करी, जिन लौ वनयर बद, ओकरद ्ोझद रदख दी आ ऊ हिरद जइ्न कदनून ्े वबनद िेहनत के ओह लोग के नदश कर दी. 39 तू दे खनी वक ऊ एगो अउरी शदं वतवपय भीड के बटोरले बदडन। 40 ऊ द् गो गोत ह जिन रदजद ओव्यद के ्िय िे अपनद दे श ्े बंदी बनद के ले जदइल गइल रहे , जेकरद के अशूर के रदजद ्लिदनद्र बंदी बनद के ले गइलन आ ऊ ओह लोग के पदनी के पदर ले गइलन आ एही ्े ऊ लोग दो्रद दे श िे आ गइलन . 41 ले वकन उ लोग आप् िे इ ्लदह ले ले वक उ लोग गैर-यहदी के भीड के छोड के एगो अिर री दे ् िे चल जईहे, जहदं कबहँ िनरष नद रहत रहले । 42 तदवक उ लोग उहदँ आपन वनयि के पदलन कर् जिन उ लोग अपनद दे श िे कबो नद रखले । 43 उ लोग नदी के ्ंकरी जगह ्े िरदत िे घर् गईले । 44 कदहे वक परिदतद ओह लोग खदवतर वनशदनी दे खदित रहलन आ जबले ऊ लोग नद पदर नद हो गइल तबले जलपलय के रोक वदहलन। 45 कदहे वक ओह दे श ्े गरजरे के एगो बडहन रदसद रहे , जिन वक डे ढ ्दल के रहे । 46 तब उ लोग बदद के ्िय तक उहदँ रहत रहले । आ अब जब ऊ लोग आिे लदगी त 47 ्ब्े ऊँच धदर के झरनद के िेर ्े रोक वदहे तदवक उ लोग ओवहजद ्े गरजर ्के, एह्े तू भीड के शदं वत ्े दे खनी। 48 ले वकन जे तोहदर लोग ्े पीछे रह गईल बद उ उहे ह जिन हिरद ्ीिद िे विले लद। 49 जब ऊ एकटद भइल रदष्न के भीड के नदश कर दी त ऊ अपनद बचे िदलद लोग के बचदि करी। 50 तब ऊ ओह लोग के बडहन चितदर करीहे । 51 तब हि कहनी, हे शद्न करे िदलद पभर , हिरद के इ बतदि वक हि ्िर् के बीच ्े उ आदिी के कदहे दे खले बदनी? 52 उ हिरद ्े कहले , “जइ्े तू ्िरंदर के गवहरदई िे िौजूद चीजन के नद खोज ्कत बदडू नद जदन ्कत बदडू . 53 इहे ओह ्पनद के वदखद ह जिन तू दे खले रहलू आ जिनद ्े तू खदली इहदँ ह्द हो गइल बदडू। 54 कदहे वक तू आपन रदसद छोड के हिरद विसथद पर आपन लगन लगद के ओकरद के खोजत रहलू । 55 तू अपनद जीिन के बरलद ्े विलसथत कइले बदडू आ ्िझददरी के अपनद िदई के बोलिले बदडू। 56 एही ्े हि तोहरद के परिदतद के खजदनद दे खद दे ले बदनी, तीन वदन बदद हि तोहरद ्े अउरी बदत कहब आ तोहरद के परदकिी आ अद् भरत बदत बतदइब। 57 तब हि खे त िे वनकल गइनी आ परि परिदतद के बहत सरवत आ धनिदद दे त रहनी, कदहे वक ऊ ्िय के चितदर कइलन। 58 कदहे वक ऊ ओही चीजन पर शद्न करे लद आ जिन चीजन के ्िय पर पडे लद, आ हि तीन वदन उहदँ बईठल रहनी। अध्य 14 के ब्


1 वत्रकद वदने हि एगो ओक के नीचे बइठल रहनी त दे खनी वक हिरद ्दिने एगो झदडी ्े आिदज आइल आ कहल्, “एस्द, एस्द्।” 2 हि कहनी, इहदँ हि बदनी, पभर आ हि अपनद गोड पर खडद हो गईनी। 3 तब उ हिरद ्े कहल्, “जब हिदर लोग विस िे ्ेिद करत रहे त हि झदडी िे िू्द के ्दिने आपन बदत पकट कईले रहनी अिर री उनरकद ्े बदत कईनी। 4 हि ओकरद के भेज के अपनद लोग के विस ्े वनकदल के ओह पहदड पर ले अइनी जहदँ हि ओकरद के लं बद ्िय तक अपनद लगे रखले रहनी। 5 ऊ ओकरद के बहत अचरज के बदत कहलन आ ओकरद के ्िय आ अंत के रहस बतदित रहलन। आजद वदहलन वक, 6 ई बदत तू बतदइबऽ आ ई बदत तू वछपद दे बऽ। 7 अब हि तोहरद ्े कहत बदनी वक 8 तू अपनद िन िे जिन वनशदनी दे खिले बदनी, जिन ्पनद दे खले बदनी आ जिन वदखद ्रनले बदनी ओकरद के अपनद िन िे रख दी ं। 9 कदहे वक तू ्ब ्े दू र हो जदईब आ अब ्े तू हिरद बेटद आ तोहरद जइ्न लोग के ्दथे रहब जब तक वक ्िय खति नद हो जदई। 10 कदहे वक दर वनयद आपन जिदनी गँिद चरकल बद आ ्िय पररदन होखे लदगल बद। 11 कदहे वक दर वनयद बदरह भदग िे बदँ टल गइल बद आ ओकर द् भदग पवहलही ं खति हो गइल बद आ द्िदँ वहसद के आधद वहसद खति हो गइल बद। 12 द्िदँ वहसद के आधद वहसद के बदद जिन बद ऊ बदचल बद। 13 अब अपनद घर के ्रविलसथत करऽ आ अपनद लोग के डदं टऽ, जेकरद के ्ंकट िे पडल बद, ओकरद के वदलद्द दी ं आ अब विनदश के तदग करऽ। 14 तोहरद ्े नशर विचदर छोड दी,ं आदिी के बोझ िेक दी,ं अब किजोर सभदि के छोड दी ं। 15 जिन विचदर तोहरद पर भदरी पडे लद ओकरद के अलगद कर के एह ्िय ्े भदगे िे जली करऽ। 16 कदहे वक जिन बररदई तू दे खले बदडू ओकरद ्े भी बड बररदई बदद िे होई। 17 कदहे वक दे खऽ वक दर वनयद केतनद किजोर हो जदई, आउर ओवहजद रहे िदलद लोग पर बररदई ओतने बढी। 18 कदहे वक ्िय दू र भदग गइल बद आ पटद ले िे के कदि िरल्ल हो गइल बद, कदहे वक अब जिन दशन न तू दे खले बदडू, जलबदजी िे आिे िदलद बद। 19 तब हि तोहरद ्ोझद जिदब वदहनी। 20 दे खऽ हे पभर , हि जइ्न तू हिरद के आजद दे ले बदडऽ, जदके ओवहजद िौजूद लोग के डदं टब, ले वकन जे लोग ओकरद बदद पैदद होई, ओकरद के के ्लदह वदही? एह तरह ्े दर वनयद अनदर िे पड गइल बद आ ओकरद िे रहे िदलद लोग वबनद रोशनी के बद। 21 कदहे वक तोहदर विसथद जरर गइल बद तोहरद ्े जिन कदि हो रहल बद आ जिन कदि शर र होखे िदलद बद, ओकरद के केह नइखे जदनत। 22 ले वकन अगर हिरद तोहरद ्दिने अनरगह विलल बद त पवित आतद के हिरद िे भेज दी ं आ हि दर वनयद िे जिन करछ शर र ्े भइल बद, जिन तोहरद विसथद िे वलखल बद, ओकरद के वलख दे ब, तदवक लोग तोहदर रदसद खोज ्के आ उ लोग जिन बदद के वदन िे वजंदद रही, उ वजंदद रह ्कतद। 23 ऊ हिरद के जिदब वदहलन, “जद के लोग के एकटद कर के कहऽ वक चदली् वदन ले तोहरद के नद खोजत रहे ।” 24 बदवकर दे खऽ, तू अपनद ्दथे बहते बेद के पेड तइयदर करऽ आ अपनद ्दथे ्रे आ, दबररयद, ्ेलेवियद, एकन् आ अ्ीएल के ले के चलऽ, ई पदं च गो जे तेजी ्े वलखे खदवतर तइयदर बदडे ।

25 आ इहदँ आके हि तोहरद वदल िे ्िझ के एगो दीयद जरद दे ब जिन तब तक नद बरझदई जब तक वक उ कदि पूरद नद हो जदई जिन तू वलखे शर र करब। 26 जब तू कदि कर ले ब त करछ बदत के पचदर करब आ करछ बदत जदनी लोग के गरप रप ्े बतदईब। 27 तब हि उनकर आजद के अनर्दर बदहर वनकलनी आ ्ब लोग के एकटद क के कहनी। 28 हे इसदएल, ई बदत ्रनऽ। 29 हिनी के पररखद लोग शर र िे विस िे परदे ्ी रहले , जहदँ ्े उ लोग के िरलय विलल रहे । 30 उ लोग जीिन के वनयि के पद वलहले , जिनद के उ लोग नद पदलन कईले , जिनद के तू भी उ लोग के बदद उलं घन कईले बदनी। 31 तब व्योन के दे श तोहनी के बीच वचटी ्े बंटल रहे , ले वकन तोहनी के बदप-दददद आ तोहनी खर द अधिन कइले बदनी आ परिदतद के आजद के नईखी रखले । 32 जब्े उ एगो धि् नदयदधीश हउिे , उ ्िय के ्दथ तोहनी ्े उ चीज ले के चल गईले जिन उ तोहनी के दे ले रहले । 33 अब तू लोग इहदँ आऊ तोहनी के बीच िे आपन भदई लोग। 34 एह ्े अगर तू लोग अपनद ्िझ के अपनद िश िे करब आ अपनद वदल िे ्रधदर करब त तोहनी के वजंदद रदखल जदई आ िरलद के बदद तोहनी पर दयद हो जदई। 35 कदहे वक िरलद के बदद नदय आई, जब हिनी के िेर ्े वजंदद होखब जद, तब धि् लोग के नदि पकट होई अिर री अभय लोग के कदि के घोषणद होई। 36 एह चदली् वदन ्े केह हिरद लगे नद आिे आ नद ही हिरद के खोजे। 37 हि ओह पदँ च आदिी के ले के, जइ्न वक उ हिरद के कहले रहले , हि खे त िे चल गइनी आ उहदँ रह गइनी। 38 अवगलद वदने एगो आिदज हिरद के बोलिल् वक, “एसड्द, आपन िरँह खोल के जिन हि तोहरद के पीये दे त बदनी, ओकरद के पी लीं।” 39 तब हि आपन िरँह खोलनी त दे खनी वक उ हिरद लगे एगो भरल पदलद पहं चल, जिन पदनी ्े भरल रहे , ले वकन ओकर रं ग आग वनहन रहे । 40 हि ओकरद के ले के पी वलहनी आ जब हि ओकरद ्े पी वलहनी त हिदर िन ्िझ के बदत कइल् आ हिरद छदती िे बरलद बढल, कदहे वक हिदर आतद हिदर यददददश िजबूत कर वदहल्। 41 हिदर िरँह खर लल आ अब बंद नद भइल। 42 परिदतद पदं चों आदिी के ्िझ दे ले अिर री उ लोग रदत के अद् भरत दशन न वलखले , जिन वक उ लोग नद जदनत रहले । 43 रहल बदत हिरद के त। हि वदन िे बोलत रहनी, रदत िे जीभ नद पकड पिनी। 44 चदली् वदन िे उ लोग दू ्ौ चदर वकतदब वलखले । 45 चदली् वदन पूरद भइलद पर परिदतद कहलन वक, “पवहले जिन तू वलखले बदडऽ, ओकरद के खर ल के पकदवशत करऽ, तदवक योग आ अयोग लोग ओकरद के पढ ्के। 46 बदकी ्​्र के बदद के रखीं तदवक तू ओकरद के खदली ओह लोग के दे दी ं जे लोग के बीच िे बरलदिदन होखे । 47 कदहे वक ओह लोग िे ्िझ के झरनद, बरलद के िवदरद आ जदन के धदरद बद। 48 आ हि अई्न कइनी। अध्य 15 के ब् 1 दे ख, तू हिरद लोग के कदन िे भविषिदणी के बदत कहऽ, जिन हि तोहरद िरँह िे डदल दे ब, पभर कहत बदडन।


2 आ ओकरद के कदगज पर वलखिद दी,ं कदहे वक ऊ विशद्ी आ ्चद हिे । 3 तोहरद लखलदि कलनद ्े ित डे रदईं, तोहरद लखलदि बोले िदलद कलनद के अविशद् ्े तोहरद परे शदन ित होखे । 4 कदहे वक ्ब अविशद्ी अपनद बेि​िदई िे िर जइहे । 5 दे खऽ, पभर कहत बदडन, हि दर वनयद पर विपव् ले अइब। तलिदर, अकदल, िौत आ विनदश के। 6 कदहे वक दर षतद पूरद धरती के बहत गंदद क दे ले बद, आ ओकर अपिदनजनक कदि पूरद हो गईल बद। 7 एही ्े पभर कहत बदडन वक 8 हि अब ओह लोग के दर षतद के ले के आपन जीभ नद पकडब, जिन उ लोग अशर द तरीकद ्े करे लद, आ नद ही हि ओह लोग के ओह कदि िे ्हन करब, जिनद िे उ लोग बररदई के कदि करे लद ब् लगदतदर वशकदयत करत रही.ं 9 एही ्े पभर कहत बदडन वक हि ओह लोग के बदलद जरर ले ब आ ओह लोग के बीच ्े ्ब वनद्ष खू न हिरद खदवतर ले ले ब। 10 दे खऽ, हिदर लोग के झंरड वनयर िध के ओर ले जदइल गइल बद, हि अब ओह लोग के विस के दे श िे नद रहे दे ब। 11 ले वकन हि ओह लोग के एगो तदकतिर हदथ आ प्रल बदं ह ्े ले के आईब आ विस के पवहले जइ्न विपव् ्े िदर दे ब आ ओकर पूरद दे श के नष कर दे ब। 12 विस शोक करी आ ओकर नीिं पर उ विपव् आ ्जद के िदरल जदई जिन परिेशर ओकरद पर ले अइहे । 13 जिीन जोतिदिे िदलद लोग शोक करी, कदहे वक उनकर बीज धिदकद आ ओलद आ भयदिह न्त के ्दथ खति हो जदई। 14 दर वनयद आ ओकरद िे रहे िदलद लोग के हदय! 15 कदहे वक तलिदर आ ओकर विनदश नजदीक आ गइल बद आ एक लोग खडद होके लडदई लडत होई टी दू ्रद, आ हदथ िे तलिदर। 16 कदहे वक आदिी के बीच बगदित होई आ एक दू ्रद पर आकिण होई। ऊ लोग अपनद रदजद आ नद रदजकरिदरन के परिदह नद करी आ ओह लोग के कदि के रदसद ओह लोग के ्​्द िे खडद हो जदई. 17 आदिी के किनो शहर िे जदए के इचद होई, ले वकन नद हो पदई। 18 कदहे वक ओह लोग के घिंड के चलते शहर परे शदन हो जइहे , घर उजड जदई आ आदिी डे रद जदई। 19 आदिी के अपनद पडो्ी पर किनो दयद नद होई, बलर क रोटी के किी आ बहत कष के चलते तलिदर ्े ओकर घर के उजदड वदही अिर री ओकर ्ंपव् लू ट ली। 20 दे खऽ, भगिदन कहत बदडन वक हि धरती के ्ब रदजद लोग के एकटद कर के हिरद के आदर दे ब, जिन ्ूरज के उगलद ्े, दव्ण ्े, पूरब ्े आ वलबदन् ्े बद। एक दू ्रद के लखलदि िरड के उ लोग जिन कदि कईले बदडे ओकर बदलद दे िे के चदही। 21 जइ्े आज भी उ लोग हिरद चरनल लोग के कदि करत बद, ओइ्ही ं हिहँ करब आ ओह लोग के कोरद िे बदलद दे ब। पभर परिेशर इहे कहत बदडन वक; 22 हिदर दवहनद हदथ पदपी लोग के नद छोडी आ धरती पर वनद्ष खू न बहदिे िदलद लोग पर हिदर तलिदर नद रकी। 23 उनकर कोध ्े आग वनकल के धरती के नीिं आ पदपी लोग के भस कर दे ले बद, जइ्े वक भू्द जरदिल जदलद। 24 वधकदर बद वक पदप करे िदलद लोग आ हिदर आजद के पदलन नद करे लद! पभर कहत बदडन। 25 हि ओह लोग के नद छोडब, हे लइकद लोग, आपन रदसद ्े जद, हिरद पवित सथदन के अशर द ित करऽ। 26 कदहे वक पभर उनकरद लखलदि पदप करे िदलद ्ब लोग के जदनत हउिे आ एही ्े उ ओह लोग के िौत आ विनदश के ओर ्ौंप दे ले।

27 कदहे वक अब पूरद धरती पर विपव् आ गइल बद आ तू लोग ओहिे रहबऽ, कदहे वक परिेशर तोहनी के नद बचदई, कदहे वक तू लोग ओकरद लखलदि पदप कइले बदडऽ। 28 दे खऽ एगो भयदनक दशन न आ पूरब ्े ओकर रप दे खऽ। 29 जहदँ अरब के अजगरन के रदष् बहत रथ ले के वनकलीहे आ ओह लोग के भीड के हिद वनयर धरती पर ले जदइल जदई तदवक जे ्ब ्रनत बद ऊ डे रद के कदँ प ्के। 30 कोध ्े भडकल किदन वनयन लोग जंगल के जंगली ्ूअर वनहन वनकल जईहे अिर री बहत शलय ्े उ लोग आके ओ लोग के ्ंगे लडदई िे शदविल होईहे अिर री अशूर के दे श के करछ वहसद बबदन द क वदहे । 31 तब अजगरन के आपन सभदि के यदद करत ऊपरी हदथ होखी। आ अगर उ लोग अपनद के ्तदिे के बहत तदकत ्े ्दवजश रच के अपनद के िरड जदई। 32 तब ई लोग घबरदहट िे खू न बह जदई आ अपनद शलय ्े चरप रह जदई आ भदग जदई। 33 अशूर के दे श ्े दर शन ओह लोग के घेरदबंदी करी आ ओह लोग िे ्े करछ लोग के भस करी आ ओह लोग के ्ेनद िे डर आ भय आ ओह लोग के रदजद लोग के बीच झगडद हो जदई. 34 दे खऽ, पूरब आ उ्र ्े दल्न ओर बददल आ दे खे िे बहते भयदिह बद, जिन कोध आ तूिदन ्े भरल बद। 35 ऊ लोग एक दो्रद के िदर दीहे आ धरती पर तदरद के बहते भीड, ऊ लोग आपन तदरद, िदर दीहे. आ तलिदर ्े ले के पेट तक खू न हो जदई। 36 ऊंट के गोबर तक आदिी के गोबर। 37 आ धरती पर बहते भय आ कदँ प उठी आ जे कोध दे ख्र ऊ डे रद जइहे आ ओह लोग पर कदँ प उठी. 38 तब दल्न ्े, उ्र ्े आ पवशि ्े एगो अउरी वहसद ्े बडहन तूिदन आई। 39 पूरब ्े तेज हिद उठ के ओकरद के खोल वदही। ऊ बददल जिनद के ऊ कोध िे उठिले रहले आ तदरद पूरब आ पलचि के हिद के ओर भय पैदद करे खदवतर झकझोर वदहले रहले , ऊ नदश हो जदई. 40 बडकद-बडकद बददल कोध आ तदरद ्े भरल िरलद जदई, तदवक ऊ पूरद धरती आ ओकरद िे रहे िदलद लोग के डे रद ्के। आ ऊ हर ऊँच आ पिरख जगहन पर एगो भयदिह तदरद उझर दीहे . 41 आग, ओलद, उडत तलिदर आ बहत पदनी, तदवक ्ब खे त आ ्ब नदी, बहत पदनी के भरिदर होखे । 42 शहर आ दे िदल, पहदड आ पहदडी, जंगल के पेड, घद् के घद् आ ओकर धदन के तोड दीहे । 43 उ लोग दढतद ्े बदबरल िे जदके ओकरद के डे रद वदहे । 44 ऊ लोग ओकरद लगे आके ओकरद के घेरदबंदी करी, ओकरद पर तदरद आ पूरद कोध उडदई, तब धूल आ धरँआ आकदश िे चढ जदई आ ओकरद आ्पद् के ्ब लोग ओकरद के विलदप करी। 45 आउर जे उनकरद अधीन रही, उ लोग उनकर ्ेिद करी जे ओकरद के डरद दे ले बद। 46 आ एवशयद, तू बदबरल के आशद के वहसद हउअ आ ओकर िवहिद हउअ। 47 वधकदर बद, हे दरर्, कदहे वक तू अपनद के ओकरद जइ्न बनद ले ले बदडऽ। आ तोहरद बेटी लोग के िे शदिृ व् िे ्जिले बदडऽ तदवक ऊ लोग तोहरद पेिी लोग के खर श करे आ घिंड करे , जे हिेशद ्े तोहरद ्दथे िे शदिृ व् करे के चदहत रहे । 48 तूँ ओकरद ्ब कदि आ आविषदर िे निरत करे िदलद के पदछे चलल बदडऽ। 49 हि तोहरद पर विपव् भेजब। विधिद, गरीबी, अकदल, तलिदर आ िहदिदरी, अपनद घरन के विनदश आ िौत ्े बबदन द करे खदवतर।


50 आ तोहदर शलय के िवहिद िूल वनहन ्ूख जदई, उ गि् पैदद हो जदई जिन तोहरद ऊपर भेजल जदलद। 51 तूँ एगो गरीब िेहरदर वनयर किजोर हो जइबऽ वक ओकरद के चोट लदगल बद आ जइ्े घदि ्े ्जद वदहल गइल बद, जिनद ्े परदकिी आ पेिी लोग के नद विल पदई िे तोहरद के। 52 पभर कहत बदडन वक कद हि ईषदन ्े तोहरद लखलदि अई्न कदि कइले रहतीं? 53 अगर तू हिेशद हिरद चरनल लोग के नद िदरत रवहत, अपनद हदथ के िदर के ऊपर उठदित आ नशद िे धर् रहलद पर ओह लोग के िरल लोग के ऊपर नद कहत रवहत। 54 तोहरद चेहरद के ्रंदरतद के बदरे िे बतदईं? 55 तोहदर िे शदिृ व् के इनदि तोहरद गोदी िे होई, एह्े तोहरद बदलद विल जदई। 56 जइ्े तू हिरद चरनल लोग के ्दथे कइले बदडऽ, पभर कहत हउिे , ओइ्ही ं परिेशर तोहरद ्दथे भी करीहे आ तोहरद के बदिदशी िे ्ौंप वदहे 57 तोहदर लइकद भूख ्े िर जइहे आ तू तलिदर ्े वगर जदईं, तोहदर शहर टू ट जदई आ तोहदर ्ब लोग खे त िे तलिदर ्े नदश हो जदई। 58 पहदड पर रहे िदलद लोग रोटी के भूख आ पदनी के पद् के चलते भूख ्े िर जदई, आपन िदं ् खद के आपन खू न पीई। 59 तूँ दर खी होके ्िरंदर के रदसद ्े आके िेर ्े विपव् पदईबऽ। 60 एह रदसद िे ऊ लोग बेकदर शहर पर दौड के तोहदर दे श के करछ वहसद के नष कर दीहे आ तोहदर िवहिद के करछ वहसद के भस कर दीहे आ नष भइल बदबरल िे िदप् आ जइहे । 61 आ तू ओह लोग के ददरद ठूंठ वनयर िेक वदहल जदई आ ऊ तोहरद खदवतर आग वनयर हो जदई। 62 तोहरद के आ तोहदर शहरन के, तोहदर दे श के आ तोहरद पहदडन के भस कर दी। तोहदर ्ब जंगल आ िलददर पेड के आग ्े जरद दीहे । 63 तोहदर लइकन के बंदी बनद के ले जइहे आ दे ख, तोहरद लगे जिन बद, ओकरद के लू ट के तोहरद चेहरद के ्रंदरतद के वबगदड दीहे । अध्य 16 के ब् 1 हे बदबरल आ एवशयद, तोहरद पर हदय! वधकदर बद तोहरे , विस आ ्ीररयद! 2 बोरद आ बदल के कपडद पवहन के अपनद लइकन के विलदप करी ं आ पछतदिद करी ं। कदहे वक तोहदर विनदश नजदीक आ गइल बद। 3 तोहनी पर तलिदर भेजल गइल बद आ ओकरद के के घरिद ्केलद? 4 तोहनी के बीच िे आग भेजल गइल बद आ ओकरद के के बरझद ्केलद? 5 तोहनी पर विपव् भेजल गइल बद आ ऊ कद ह जे ओकरद के भगद ्केलद? 6 कद किनो आदिी जंगल िे भूखल शे र के भगद ्केलद? भद केह आग के ठूंठ िे बरझद ्केलद, जब ऊ आग जरे लदगल बद? 7 कद किनो िजबूत तीरं ददज के गोली िदरल तीर के िेर ्े घरिदिल जद ्केलद? 8 परदकिी पभर विपव्यन के भेजत बदडन आ ऊ के ह जे ओकरद के भगद ्केलद? 9 ओकरद कोध ्े आग वनकली आ ओकरद के बरझदिे िदलद के ह? 10 ऊ वबजली वगरदई आ के नद डे रदई? ऊ गरजत होई आ के नद डे रदई? 11 पभर धिकी वदहे , आ ओकरद ्दिने केकरद के पीट के पदउडर नद बनदिल जदई? 12 धरती आ ओकर नीिं वहल जदलद। ्िरंदर गवहरदह ्े लहर के ्दथे उठत बद आ ओकर लहर आ ओकर िछरी भी पभर के ्दिने आ उनकर शलय के िवहिद के ्दिने तस हो जदलद।

13 कदहे वक ओकर ददवहनद हदथ िजबूत बद जिन धनरष के िोड दे लद, ओकर तीर तेज होलद आ जब दर वनयद के छोर पर गोली चले लदगी त ऊ नद छूट पदई। 14 दे खऽ, विपव् भेजल गइल बद आ जबले ऊ धरती पर नद आई तबले िेर ्े नद लिट पदई. 15 आग तब तक नद बरझदई जब तक वक उ धरती के नीिं के नद भस नद करी। 16 जइ्े किनो परदकिी तीरं ददज के गोली ्े तीर पीछे नद लिटत होखे , ओइ्ही ं धरती पर जिन विपव् भेजल जदई ऊ िेर ्े नद लिट पदई। 17 हदय हिरद पर बद! हदय हिरद पर बद! ओह वदन िे हिरद के के बचदई? 18 दर ख आ बडहन शोक के शर रआत भइल। अकदल आ बहते िौत के शर रआत भइल; यरद के शर रआत, आ शलय लोग डर ्े खडद हो जदई। बररदई के शर रआत हो जदलद! जब ई बररदई आई त हि कद करब? 19 दे खऽ, अकदल आ विपव्, कष आ पीडद के ्रधदर खदवतर कोडद के रप िे भेजल गइल बद। 20 ले वकन एह ्ब बदत के चलते उ लोग अपनद बररदई ्े नद िरवडहे अिर री नद ही हिेशद कोडद के बदरे िे यदद करीहे । 21 दे खऽ, धरती पर अतनद बवढयद ्सद हो जदई वक ऊ लोग अपनद के बवढयद हदलत िे ्िझी आ तबवहयो धरती पर बररदई, तलिदर, अकदल आ बहते भि पैदद हो जदई. 22 कदहे वक धरती पर रहे िदलद बहत लोग अकदल ्े नदश हो जइहे । आ दू ्रकद, जे भूख ्े बचेलद, तलिदर के नदश कर दी। 23 िरअल लोग के गोबर वनहन िेक वदहल जदई अिर री ओकरद के वदलद्द दे िे िदलद केह नद होई, कदहे की धरती उजड जदई अिर री शहर वगर जदई। 24 धरती के जोते आ बोिे िदलद केह नद रह जदई 25 पेड िल दे ई आ के बटोरी? 26 अंगूर पक जदई आ ओकरद के के दबदई? कदहे वक ्ब जगह आदिी के उजदड हो जदई। 27 एक आदिी के दो्रद के दे खे के आ ओकर आिदज ्रने के इचद होखे । 28 कदहे वक किनो शहर के द् गो आ खे त के दू गो बदचल रहीहे जिन िोट बगीचद आ चटदन के दरदर िे लर कदइल रहीहे . 29 जइ्े जैतून के बगइचद िे हर पेड पर तीन चदर जैतून रह जदलद। 30 जइ्े वक अंगूर के बगइचद बटोरलद पर अंगूर के बगइचद के करछ झरंड रह जदलद जे पूरद िेहनत ्े अंगूर के बगइचद िे खोजत रहे लद। 31 ओही वदन िे तलिदर ्े घर के तलदशी ले िे िदलद लोग के तीन चदर गो रह जइहे । 32 धरती उजदड हो जदई आ ओकर खे त पररदन हो जदई आ ओकर रदसद आ ओकर ्ब रदसद कदँ ट ्े भरल हो जदई कदहे वक केह ओवहजद ्े नद गरजरी। 33 करंिदरी लोग शोक िनदिे ली, जेकरद लगे दू लद नद होई। िेहरदर लोग शोक िनदिे ली, जेकर किनो पवत नद होई। उनकर बेटी लोग शोक करी, जेकरद लगे किनो ्हदयक नद होई। 34 यरद िे उनकर दू लद नदश हो जइहे आ उनकर िरद अकदल ्े नदश हो जइहे । 35 हे पभर के ्ेिक लोग, अब ई बदत ्रनी ं आ ्िझीं। 36 दे खऽ, पभर के िचन के गहण करी,ं जिनद दे ितद लोग के बदरे िे पभर कहले बदडन, ओकरद पर विशद् ित करी।ं 37 दे खऽ, विपव् नजदीक आित बद आ ढील नइखे होखत। 38 जइ्े नौिदँ िहीनद िे गभनिती िेहरदर अपनद बेटद के जनि दे ले त ओकरद जनि के दू -तीन घंटद के बदद ओकरद गभन िे बहत ददन हो जदलद, जिन वक जब बचद पैदद होखे लद त एक पल भी ढील नद होखे लद।


39 ओइ्ही ं धरती पर विपव् आिे िे ढील नद होखी आ दर वनयद शोक करी आ ओकरद पर हर तरि दर ख आ जदई. 40 हे हिदर लोग, हिदर िचन ्रनऽ, तोहनी के आपन लडदई खदवतर तइयदर करऽ, आ ओह बररदई िे धरती पर तीथनयदती जइ्न रहऽ। 41 जे बेचेलद, उ भदगल वनहन होखे अिर री खरीदे िदलद के नरक्दन होखे िदलद वनहन होखे । 42 जे बवनयद के कबद िे बद, उ ओइ्ही ं जइ्े ओकरद ्े किनो िदयदद नद होखे , आ जे वनिदन ण करे लद, ऊ ओइ्ही ं जइ्े ओकरद िे नद रहे िदलद। 43 बोिे िदलद, जइ्े वक अंगूर के बगइचद नद िटत होखे , ओइ्ही ं अंगूर के बगइचद रोपे िदलद भी अंगूर नद बटोरे । 44 जे वबयदह करे लद, ओइ्ही ं जेकरद ्ंतदन नद होई। आ जे वबयदह नद करे लद, उ विधिद लोग वनहन। 45 एही ्े जे लोग बेकदर िे िेहनत करे लद। 46 कदहे वक परदे ्ी लोग आपन िल कदट के आपन ्ंपव् लू ट के आपन घर उखदड िेकी आ अपनद लइकन के बंदी बनद ली कदहे वक बंदी आ अकदल िे ओह लोग के ्ंतदन विल जदई। 47 जे लोग अपनद वदपदर िे डकैती के कदि करे लद, ओतने अपनद शहर, घर, ्ंपव् आ अपनद आदिी के ्जदिे लद। 48 पभर कहत बदडन वक हि ओह लोग पर ओतने नदरदज होखब। 49 जइ्े िे शद ्ही ईिदनददर आ ्द् गरणी औरत ्े ईषदन करे ले । 50 ओइ्ही ं धिन अधिन ्े निरत करी जब ऊ अपनद के धोखद वदही आ ओकरद पर आरोप लगदई आ जब ऊ अइहे जे धरती पर हर पदप के खोज करे िदलद के बचदि करी। 51 एह ्े तू लोग ओकरद जइ्न नद होखऽ आ नद ओकर कदि के जइ्न होखऽ। 52 कदहे वक अबहीं करछर ओ धरती ्े अधिन दू र हो जदई आ तोहनी िे धदविनकतद के रदज होई। 53 पदपी ई ित कहे वक ऊ पदप नइखे कइले, कदहे वक भगिदन ओकरद िदथद पर आग के कोयलद जरद दीहे जिन पभर परिेशर आ उनकर िवहिद के ्दिने कहत बद वक हि पदप नइखीं कइले । 54 दे खऽ, पभर आदिी के ्ब कदि, उनकर कलनद, उनकर विचदर आ उनकर वदल के जदनत बदडन। 55 उ लोग खदली इहे बदत कहल् वक धरती बनल होखे । आ ऊ बन गइल: आकदश बनल होखे ; आ एकर रचनद भइल। 56 उनकरद िचन ्े तदरद बनल बद आ ऊ ओह लोग के ्ंखद जदनत हउिे । 57 ऊ गवहरदई आ ओकर खजदनद के खोज करे लद। ऊ ्िरंदर के नदपले बद आ ओकरद िे कद बद. 58 ऊ ्िरंदर के पदनी के बीच िे बंद कर वदहले बदडन आ अपनद बदत ्े धरती के पदनी पर लटकद वदहले बदडन. 59 ऊ आकदश के वतजोरी वनयर प्रत बद। पदनी पर ऊ एकर नीिं बनिले बदडन। 60 रे वगसदन िे ऊ पहदड के चोटी पर पदनी के झरनद आ करंड बनिले बदडन, तदवक ऊंच चटदन ्े बदढ बह के धरती के पदनी दे ्के। 61 ऊ आदिी के बनिले आ आपन िन दे ह के बीच िे रख के ओकरद के ्दँ ्, जीिन आ ्िझ वदहलन। 62 हँ आ ्िन शलयिदन परिेशर के आतद, जे ्ब करछ बनिले बद आ धरती के रहस िे ्ब वछपल चीजन के खोजत बद। 63 ऊ तोहनी के आविषदर के जदनत बद आ तोहनी के वदल िे कद ्ोचत बदडू, उहे लोग जिन पदप करे लद आ आपन पदप वछपदिे के चदहत बद। 64 एही ्े पभर तोहनी के ्ब कदि के ठीक ्े खोज ले ले बदडे , त उ तोहनी के ्ब के शविमदद क वदहे ।

65 आ जब तोहनी के पदप ्दिने आई त तू लोग के ्दिने शविमदद होखब आ ओह वदन तोहनी के पदप तोहनी के आरोपी बन जदई। 66 तू कद करबऽ? यद तू लोग आपन पदप के परिेशर आ उनकर दू त के ्दिने कइ्े वछपदबऽ? 67 दे खऽ, भगिदन खर दे नदयी हउिे , ओकरद ्े डे रदईं, आपन पदप छोड के आपन अपरदध के भरलद जदईं आ ओकरद िे अब हिेशद खदवतर दखल ित दे ब। 68 कदहे वक दे खऽ, तोहनी पर बहत भीड के जरत कोध हो गइल बद आ ऊ लोग तोहनी िे ्े करछ लोग के छीन के बेकदर होके िूवतनयन के चढदिल चीजन ्े पेट भरी। 69 जे लोग ओह लोग के ्हिवत दे त बद, ओकरद के िजदक उडदिल जदई, आ ओकरद के गोड ्े दबद वदहल जदई। 70 कदहे वक हर जगह आ ओकरद बदद के शहरन िे पभर ्े डे रदए िदलद लोग पर बहत बड वि्ोह होई। 71 उ लोग पदगल लोग वनहन होईहे , जिन वक केह के नद छोडीहे , ले वकन तबहँ पभर ्े डे रदए िदलद के लू ट के नदश करीहे । 72 कदहे वक उ लोग आपन ्दिदन उजदड के ले जईहे अिर री घर ्े बदहर वनकदल वदहे । 73 तब उ लोग के पतद चल जदई वक हिदर चरनल के हिे । आ आग िे ्ोनद जइ्न परखल जदई। 74 हे हिदर वपयजन, ्रनऽ, पभर कहत बदडन, दे खऽ, ्ंकट के वदन नजदीक आ गइल बद, बदवकर हि तोहनी के ओही ्े िरय कर दे ब। 75 ित डे रदईं आ नद ्ंदेह करी।ं कदहे वक भगिदन तोहदर िदगनदशन क हिे । 76 हिदर आजद आ उपदे श के पदलन करे िदलद लोग के िदगनदशन क, पभर परिेशर कहत हउिे वक तोहनी के पदप के बोझ ित उठदिे के चदहीं आ तोहनी के अपरदध के ऊपर ित उठदिे के चदहीं। 77 वधकदर बद वक जे लोग अपनद पदप ्े बदनल बद आ अपनद इवन ्े ढं कल बद अइ्न गरण जइ्े खे त िे झदडी ्े ढं कल होखे आ ओकर रदसद कदँ टद ्े ढं कल होखे , जिनद ्े केह नद जद ्के! 78 ओकरद के वबनद कपडद के छोड वदहल जदलद आ ओकरद ्े भस होखे खदवतर आग िे िेक वदहल जदलद।


अध्याय 1 के बा 1 तोबीत के वचन के ककताब, तोबीएल के बेटा, अननील के बेटा, अदु एल के बेटा, गबाएल के बेटा, असएल के वंश के, नेफ्ताली गोत्र के। 2 अश्शूर के राजा एनेमेसर के समय में उनुका के किस्बे से बंदी बना के ले जाइल गइल, जवन ओह शहर के दाकहना ओर बा, जवना के गलील में आसेर के ऊपर ठीक से नेफ्िाली कहल जाला। 3 हम तोबीत अपना जीवन के पूरा कदन सच्चाई आ न्याय के रास्ता पर चलत रहनी आ अपना भाई लोग आ अपना राष्ट्र के बहुत कभक्षा कइले बानी जवन हमरा सािे नीनवे में अश्शूर के दे श में आइल रहे । 4 जब हम अपना दे श में, इस्राएल के दे श में छोट रहनी त हमार कपता नेफ्ताली के पूरा गोत्र यरूशलेम के घर से कगर गईल, जवन कक इस्राएल के सभ गोत्र में से चुनल गईल रहे , ताकक सभ गोत्र बकलदान दे वे उहा​ाँ, जहा​ाँ परम उच्च के कनवास के मंकदर के पकवत्र कइल गइल आ हर युग खाकतर बनावल गइल। 5 अब जवन सब गोत्र कमल के कवद्रोह कइले रहे आ हमरा कपता नेफ्ताली के घराना बाल बकछया के बकल कदहलस। 6 लेककन हम अकेले परब में अक्सर यरूशलेम जात रहनी, जईसे कक इजराइल के सब लोग के अनन्त फरमान से तय कईल गईल रहे , जवना में पकहला फल अवुरी दसवां कहस्सा के बढ़ल रहे , जवन कक पकहले काटल गईल रहे । हम वेदी पर हारून के संतान के याजकन के दे कदहनी। 7 हम सब उपज के पकहला दसवां कहस्सा हारून के बेटा लोग के दे कदहनी जे यरूशलेम में सेवा करत रहले। 8 तीसरा हम ओह लोग के दे कदहनी, जइसन कक हमरा बाबूजी के माई डे बोरा हमरा के आज्ञा दे ले रहली, काहे कक हमरा के हमार कपता अनाि छोड़ दे ले रहले। 9 एकरा अलावा जब हम आदमी के उकमर में पहुाँ चनी त हम अपना ररश्तेदार के हन्ना से कबयाह कईनी अवुरी उनुका से हम टोकबयास के जनम कईनी। 10 जब हमनी के बंदी बना के नीनवे ले जाइल गइल त हमार सब भाई आ हमार ररश्तेदार गैर-यहूदी लोग के रोटी खइले। 11 लेककन हम अपना के खाना खाए से बचावत रहनी। 12 काहे कक हम पूरा मन से भगवान के याद करत रहनी। 13 परम परमेशवर हमरा के एनेमेसर के सामने अनु ग्रह आ अनु ग्रह कदहलन, जवना से हम उनकर पूरक हो गईनी। 14 हम मीकडया में जाके गबररया के भाई गबाएल के सािे मीकडया के एगो शहर रे गेस में दस तोला चांदी के भरोसे छोड़ के चल गइनी। 15 जब एनेमेसर के मौत हो गइल त उनकर बेटा सेनहे ररब उनकरा जगह पर राज कइलन। जेकर संपकि परे शान रहे कक हम मीकडया में ना जा पवनी। 16 एनेमेसर के समय में हम अपना भाई लोग के बहुत कभक्षा दे नी आ भूखल लोग के आपन रोटी दे नी। 17 आऊ हमार कपड़ा नंगा लोग खाकतर, आ अगर हम अपना जाकत में से केहू के मरल दे खनी भा नीनवे के दे वाल के चारों ओर फेंकल दे खनी त ओकरा के दफना दे नी। 18 राजा सेनहे ररब केहु के हत्या क के यहूकदया से भाग गईल रकहत त हम ओकरा के गुप्त रूप से दफना दे ले रहनी। काहेकक उ अपना क्रोध में बहुत लोग के मार कदहलस। लेककन राजा के खोजला प लाश ना कमलल। 19 जब नीनवी में से एगो लोग राजा से हमरा बारे में कशकायत कइलस कक हम ओह लोग के दफना के लुका गइनी। ई समझ के कक हमरा के मारे खाकतर खोजल गइल बा, हम डर से अपना के पीछे हट गइनी। 20 तब हमार सब सामान जबरन ले जाइल गइल आ हमरा मेहरारू हन्ना आ हमार बेटा टोकबयास के अलावा हमरा से कवनो चीज ना बचल। 21 पा​ाँच पचास कदन ना बीतल कक उनकर दू गो बेटा उनकरा के मार कदहले आ ऊ लोग अररात के पहाड़ पर भाग गइल। आ उनकर बेटा सरकेडोनस उनकरा जगह पर राज कइलन। जे अपना बाप के कहसाबककताब आ अपना सब काम पर, हमार भाई अनाएल के बे टा अकचयाचरस के कनयुक्ति कइले। 22 अकचयाकरस हमरा खाकतर कनहोरा करत हम नीनवे में लवट अइनी। अकचयाकरस शराबी, हस्ताक्षर के रखवाला, भंडारी आ कहसाब-ककताब

के दे खरे ख करे वाला रहले अवुरी सरकेडोनस उनुका के अपना बगल में कनयुि कईले अवुरी उ हमरा भाई के बेटा रहले। अध्याय 2 के बा 1 जब हम फेर से घरे अइनी आ हमार मेहरारू हन्ना हमरा बेटा टोकबयास के सािे पेंटेकुस्ट के परब में, जवन सात हफ्ता के पकवत्र पवव ह, त हमरा खाकतर एगो बकढ़या रात के खाना बनावल गइल, जवना में हम खाए खाकतर बइठ गइनी। 2 जब हम भरपूर भोजन दे खनी त हम अपना बेटा से कहनी कक जाके हमनी के भाई लोग से जवन गरीब आदमी कमल जाई, उ प्रभु के मन करे वाला लोग से ले आव। आ दे खऽ, हम तोहरा खाकतर कटकल बानी। 3 लेककन उ फेर आके कहलस, “हे कपता, हमनी के एगो जाकत के गला रे त के बाजार में फेंक कदहल गईल बा।” 4 तब कवनो मांस के स्वाद लेबे से पकहले हम उठ के ओकरा के एगो कमरा में ले गईनी, जब तक कक सूरज डू ब ना गईल। 5 तब हम लौट के धोआ के अपना मांस के भारी भरकम खा गईनी। 6 आमोस के उ भकवष्यवाणी के याद करत जब उ कहले रहले कक, “तोहार भोज शोक में बदल जाई अवुरी तोहार सभ खुशी कवलाप में बदल जाई।” 7 एही से हम रोवत रहनी आ सूरज डू बला के बाद हम जाके कब्र बना के दफना दे नी। 8 लेककन हमार पड़ोसी लोग हमरा के मजाक उड़ावत कहलस, “ई आदमी अभी तक एह बात के मारे से डे रात नईखे। आ तबो दे खऽ, ऊ मुअल लोग के फेर से दफनावेला। 9 ओही रात हम दफन से लवट के अपना आाँ गन के दे वाल के ककनारे सुत गइनी, आ हमार चेहरा उघार हो गइल रहे । 10 हम ना जानत रहनी कक दे वाल में गौरै या बाड़ी स आ हमार आाँ ख खुलल बा, गौरै या हमरा आाँ ख में गरम गोबर म्यूट कर दे ले रहली आ हमरा आाँ ख में सफेदी आ गईल, हम वैद्य के लगे गईनी, लेककन उ लोग हमार मदद ना कईले, एकरा अलावे अकचयाचरस हमरा के जरूर पोसले, जब तक कक हम एकलमैस में ना गईनी। 11 हमार मेहरारू अन्ना मेहरारू लोग के काम लेत रहली। 12 जब ऊ ओह लोग के माकलकन के घरे भेज कदहली त ऊ लोग ओकरा के मजदू री दे कदहल आ ओकरा के एगो बच्ची के अलावा भी कदहल। 13 जब उ हमरा घर में रहे आ रोवे लगनी त हम ओकरा से कहनी कक इ बछड़ा कहा​ाँ से आइल बा? का ई चोरी नइखे भइल? माकलकन के दे दीं; काहे कक चोरी के कवनो चीज खाइल जायज नइखे। 14 लेककन उ हमरा से कहली, “मजदू री से जादा उपहार में कदहल गईल बा।” बाककर हम ओकरा पर कवश्वास ना कइनी, बलुक ओकरा के माकलकन के सौंप दे बे के कहनी, आ हम ओकरा पर लजा गईनी। बाककर ऊ हमरा पर जवाब कदहली, “तोहार कभक्षा आ तोहार धमव-कमव कहा​ाँ बा? दे खऽ, तू आ तोहार सब काम के पता चलल बा। अध्याय 3 के बा 1 तब हम दु खी होके रोवत रहनी आ दु ख में प्रािवना करत रहनी। 2 हे प्रभु, तू न्यायी हउअ, आ तोहार सब काम आ तोहार सब रास्ता दया आ सच्चाई ह, आ तू हमेशा खाकतर सही आ न्याय से न्याय करत बाड़ू। 3 हमरा के याद करऽ आ हमरा के दे खऽ, हमरा पाप आ अज्ञानता आ हमरा पुरखा लोग के पाप के सजा मत दीं जवन तोहरा सामने पाप कइले बा। 4 काहेकक उ लोग तोहार आज्ञा के पालन ना कइल, एही से तू हमनी के लूट के खाकतर, कैद में, मौत के खाकतर आ ओह सब राष्ट्रन के अपमान के कहावत खाकतर सौंप दे ले बाड़ऽ, जेकरा बीच हमनी के कबखराइल बानी जा। 5 अब तोहार न्याय बहुत आ सच्चा हो गइल बा, हमरा पाप आ हमरा पुरखा के पाप के कहसाब से हमरा सािे व्यवहार करऽ, काहे कक हमनी के तोहार आज्ञा के पालन ना कइले बानी जा आ ना तोहरा सामने सच्चाई से चलले बानी जा।


6 अब हमरा सािे जवन अच्छा लागे, ओइसन काम करऽ आ हमरा से हमार आत्मा छीन के आज्ञा दीं ताकक हम भंग हो जाईं आ धरती बन सकीले, काहे कक हमरा खाकतर कजए से बेसी मरल फायदे मंद बा, काहे कक हम झूठ सुनले बानी डा​ाँटत बा आ बहुते दु ख बा, एहसे आज्ञा दीं कक अब हम एह संकट से मुि हो जाईं आ अनन्त जगह पर चल जाईं, हमरा से आपन मुाँह मत मोड़ऽ. 7 ओही कदन एकबताने में मीकडया के एगो शहर सारा रगुएल के बेटी के भी ओकर कपता के दासी लोग के कनंदा कइल गइल। 8 काहे कक उ सात गो पकत से कबयाह क लेले रहली, जेकरा के अस्मोकडयस दु ष्ट्ात्मा ओकरा संगे सुते से पकहले मार दे ले रहले। उ लोग कहल कक का तू नईख जानत कक तू अपना पकत के गला रे त दे ले बाड़ू? तोहार सात गो पकत हो चुकल बाड़े , ना त तोहार कवनो के नाम प राखल गईल रहे । 9 तू हमनी के काहे पीटत बाड़ू? अगर मर गइल बाड़े त ओह लोग के पीछे चल जा, हमनी के तोहरा के कबो ना त बेटा ना दे खब जा। 10 इ बात सुन के उ बहुत दु खी हो गईली कक उ अपना के गला रे त के समझत रहली। आ कहली कक हम अपना बाबूजी के एकलौती बेटी हईं आ अगर हम अइसन करब त ओकरा खाकतर ई कनंदा होखी आ हम ओकर बुढ़ापा के दु ख से कब्र में ले अइब. 11 तब ऊ क्तखड़की के ओर प्रािवना कइली आ कहली, “हे हमार परमेश्वर प्रभु, तू धन्य बाड़ऽ, आ तोहार पकवत्र आ गौरवशाली नाम हमेशा खाकतर धन्य आ सम्मानजनक बा, तोहार सब काम तोहार हमेशा खाकतर स्तुकत करे । 12 अब हे प्रभु, हम आपन नजर आ मुाँह तोहरा ओर रखले बानी। 13 आ कहऽ कक हमरा के धरती से कनकाल दऽ कक हम अब ई कनंदा ना सुनी। 14 हे प्रभु, तू जानत बाड़ऽ कक हम आदमी के सािे सब पाप से शुद्ध बानी। 15 आ कक हम अपना बंदी के दे श में कबो आपन नाम ना अपना बाप के नाम के गंदा ना कइनी, हम अपना बाप के एकलौती बेटी हईं, ना ओकरा लगे कवनो संतान बा जवन ओकर वाररस होखे, ना कवनो करीबी ररश्तेदार, ना कवनो बेटा उनकर कजन्दा के, जेकरा से हम अपना के पत्नी के रूप में रख सकीले, हमार सात पकत पकहलही मर चुकल बाड़े । आ हम काहे कजएब? बाककर अगर तोहरा मन ना लागे कक हम मर जाईं त हमरा पर कुछ ध्यान दे बे के आज्ञा दीं आ हमरा पर दया कर दीं कक हम अब कवनो कनंदा ना सुनी. 16 एही से दु नों के प्रािवना महान परमेश्वर के मकहमा के सामने सुनल गईल| 17 राफेल के भेजल गइल कक ऊ दु नु जाना के ठीक करस, यानी कक तोबीत के आाँ ख के सफेदी के स्केल करस, आ रागुएल के बेटी सारा के तोबीत के बेटा तोकबयास के मेहरारू के रूप में दे दे व। आ असमोकडयोस के बुरा आत्मा के बान्हे खाकतर; काहे कक ऊ कवरासत के अकधकार से टोकबयास के रहली। ओही समय टोकबट घरे आके ओकरा घर में घुसल आ रागुएल के बेटी सारा अपना ऊपर के कमरा से उतरली। अध्याय 4 के बा 1 ओह कदन टोकबट के उ पईसा याद आ गईल जवन उ मीकडया के क्रोध में गबाएल के दे ले रहले। 2 ऊ मन से कहलस, “हम मौत के कामना कइले बानी। हम अपना बेटा टोकबयास के काहे ना बोलावत बानी कक हम मरला से पकहले ओकरा के पइसा के संकेत दे सकीले? 3 जब उ ओकरा के बोलवले त कहले, “हे बेटा, जब हम मर जाईब त हमरा के दफना द। आ अपना महतारी के कतरस्कार मत करीं, बलुक ओकरा के कजकनगी भर आदर करीं आ जवन ओकरा के खुश करे आ ओकरा के दु ख मत दीं. 4 हे बेटा, याद करऽ कक जब तू अपना पेट में रहलू त ऊ तोहरा खाकतर बहुत खतरा दे खले रहली आ जब ऊ मर गइली त ओकरा के हमरा लगे एक कब्र में दफना दऽ। 5 हे बेटा, आपन पूरा कदन हमनी के प्रभु प्रभु के बारे में सतकव रहऽ आ आपन इच्छा के पाप करे भा उनकर आज्ञा के उल्लंघन ना करे के चाहीं।

6 अगर तू सच्चाई से काम करब त तोहार काम तोहरा आ न्याय के कजए वाला सब लोग के सफल हो जाई। 7 अपना सम्पकि से कभक्षा दे ; आ जब तू कभक्षा दे बऽ त तोहार आाँ ख के ईष्याव मत होखे आ ना कवनो गरीब से मुाँह मोड़ऽ आ भगवान के मुाँह तोहरा से ना मोड़ल जाई। 8 अगर तोहरा लगे प्रचुरता बा त ओकरा कहसाब से कभक्षा दीं, अगर तोहरा लगे िोड़-बहुत कभक्षा बा त ओह कम के कहसाब से दान दे वे से मत डे राईं। 9 काहेकक तू जरूरत के कदन अपना खाकतर एगो बकढ़या खजाना जमा कर लेत बाड़ू। 10 काहे कक कभक्षा मौत से बचावेला आ अन्हार में ना आवे दे ला। 11 काहेकक कभक्षा परम परमेश्वर के नजर में दे वे वाला सब खाकतर एगो बकढ़या वरदान ह। 12 हे बेटा, सब वेश्यावृकि से सावधान रहऽ आ मुख्य रूप से अपना पुरखन के वंश में से एगो मेहरारू ले लीं आ कवनो पराया मेहरारू के कबयाह मत करऽ जवन तोहार बाप के गोत्र से ना होखे, काहे कक हमनी के भकवष्यविा लोग के संतान हईं जा, नोह, अब्राहम , इसहाक आ याकूब: याद राखीं, बेटा, कक हमनी के बाप-दादा शुरू से ही कक उ सब अपना-अपना जाकत के पत्नी से कबयाह कईले रहले अवुरी अपना संतान में आशीवावद कमलल रहले अवुरी उनुकर संतान दे श के उिराकधकारी होईहे । 13 अब हे बेटा, अपना भाई लोग से प्यार करऽ आ अपना भाई लोग के, अपना लोग के बेटा-बेटी के अपना मन में कतरस्कार मत करऽ, काहे कक घमंड में कवनाश आ बहुत परे शानी होला आ अश्लीलता में सड़न होला आ बहुत कमी, काहे कक अश्लीलता अकाल के महतारी ह। 14 जे केहू तोहरा खाकतर काम कइले बा ओकर मजदू री तोहरा सािे मत रहऽ, बलुक ओकरा के हाि से दे दीं, काहे कक अगर तू भगवान के सेवा करब त ऊ तोहरा के भी बदला कदही। आ अपना सगरी बतकही में बुक्तद्धमान रहीं. 15 जवना से तू नफरत करे लऽ ओकरा से अइसन मत करऽ, शराब मत पी के तोहरा के नशा में धुि करऽ, आ नशा के यात्रा में तोहरा सािे ना चले दीं। 16 आपन रोटी के कुछ कहस्सा भूखल लोग के दऽ आ आपन कपड़ा में से कुछ नं गा लोग के दे ऽ। आ अपना भरमार के कहसाब से कभक्षा दीं, आ जब तू कभक्षा दे ब त तोहार आाँ ख के ईष्याव मत होखे। 17 धमी के दफन पर आपन रोटी उकझल द, लेककन दु ष्ट् के कुछ मत दीं। 18 सब बुक्तद्धमान लोग से सलाह मांगीं आ कवनो फायदा के सलाह के तुच्छ मत दीं। 19 अपना परमेस् वर परमेस् वर के हमेशा आशीष दीं आ ओकरा से चाहत रहीं कक तोहार रास्ता ठीक होखे आ तोहार सब रास्ता आ योजना सफल होखे, काहेकक हर जाकत के कवनो सलाह नइखे। बाककर प्रभु खुदे सब बकढ़या चीज दे त बाड़न आ जे करा के चाहत बा, ओकरा के अपना मन में नम्र कर दे त बाड़न. अब हे बेटा, हमार आज्ञा के याद करऽ आ ना ही ओकरा के तोहरा कदमाग से दू र होखे दीं। 20 अब हम ओह लोग के बतावत बानी कक हम मीकडया के रे गेस में गबररया के बेटा गबाएल के दस तोला सौंप दे ले बानी। 21 हे बेटा, ई मत डे राईं कक हमनी के गरीब हो गइल बानी जा, काहे कक तोहरा लगे बहुत धन बा, अगर तू भगवान से डे रा के सब पाप से दू र होके ओकरा नजर में जवन काम करे ले ओकरा के करब। अध्याय 5 के बा 1 तोकबयास जवाब कदहलन, “हे कपता, हम उ सब काम करब जवन तू हमरा के दे ले बाड़ू। 2 लेककन हम ओकरा के नईखी जानत, हम पईसा कईसे पाईब? 3 तब उ हस्तकलक्तखत दे के कहलस, “जब तक हम कजंदा रहब तब तक तोहरा सािे जाए वाला आदमी के खोज कर, हम ओकरा के मजदू री दे ब। 4 जब उ एगो आदमी के खोजे गईले त उ राफेल के कमल गईले जवन कक एगो स्वगवदूत रहले।


5 लेककन उ ना जानत रहले। ऊ ओकरा से कहलस, का तू हमरा सािे रे गेस जा सकत बाड़ऽ? आ का तू ओह जगहन के बकढ़या से जानत बाड़ऽ? 6 स्वगवदूत ओकरा से कहलन कक हम तोहरा सािे चलब आ रास्ता के हम बकढ़या से जानत बानी काहे कक हम अपना भाई गबाएल के लगे ठहरल बानी। 7 तब टोकबयास ओकरा से कहलस, जब तक हम अपना बाबूजी के बात ना कहब तब तक हमरा खाकतर रुक जा। 8 तब ऊ ओकरा से कहलस, “जा के मत रुकऽ।” त ऊ भीतर जाके अपना बाबूजी से कहलस, “दे खऽ, हमरा एगो अइसन कमल गइल बा जवन हमरा सािे जाई।” तब ऊ कहलन, “ओकरा के हमरा लगे बोलावऽ कक हम जान सकीले कक ऊ कवना गोत्र के ह आ तोहरा सािे जाए खाकतर ऊ भरोसेमंद आदमी ह कक ना?” 9 तब ऊ ओकरा के बोलवले आ ऊ भीतर अइले आ ऊ लोग एक दोसरा के नमस्कार कइल. 10 तब टोबीत ओकरा से कहलस, “भाई, हमरा के बताव कक तू कवन गोत्र आ कवन कुल के हउअ।” 11 ओकरा से कहलन कक का तू अपना बेटा के सािे जाए खाकतर कवनो गोत्र भा पररवार भा भाड़ा के आदमी के खोजत बाड़ऽ? तब टोबीत ओकरा से कहलस, “हे भाई, हम तोहार ररश्तेदार आ नाम जानब चाहत बानी।” 12 तब ऊ कहलस, “हम अजररयाह हईं, जे बड़का हनकनया आ तोहार भाई लोग के बेटा हईं।” 13 तब टोबीत कहलस, “भाई, तोहार स्वागत बा। अब हमरा पर नाराज मत हो, काहे कक हम तोहार गोत्र आ तोहार पररवार के जाने के पूछले बानी। काहे कक तू हमार भाई हउअ, ईमानदार आ बकढ़या टोला के, काहे कक हम ओह महान समैया के बेटा अनकनया आ योनािा के जानत बानी, जब हमनी के पूजा करे खाकतर यरूशलेम गइल रहनी जा आ पकहलका बच्चा आ फल के दसवां कहस्सा चढ़वले रहनी जा। हमनी के भाई लोग के गलती से उ लोग बहकावल ना गईले। 14 लेककन बताव कक हम तोहरा के कवन मजदू री दे ब? का तू रोज एक डर ाकम आ जरूरी चीजन के चाहत बाड़ू, जइसे कक हमरा बेटा खाकतर? 15 एकरा अलावा अगर तू सुरकक्षत लवटब त हम तोहरा मजदू री में कुछ जोड़ दे ब। 16 त उ लोग बहुत खुश हो गईले। तब ऊ टोकबया से कहलन कक, “अपना के यात्रा खाकतर तइयार करऽ, त भगवान तोहरा के एगो बकढ़या यात्रा भेजसु.” जब उनकर बेटा यात्रा खाकतर सब कुछ तइयार कर कलहले त उनकर बाप कहलन, “तू एह आदमी के सािे जा, आ स्वगव में रहे वाला भगवान तोहार यात्रा के सफल बना दीं आ भगवान के दू त तोहरा सािे राखे.” त दु नु जाना, आ जवान के कुकुर भी अपना सािे कनकल गईले। 17 उनकर माई हन्ना रोवत कहली कक, “तू हमनी के बेटा के काहे भेजले बाड़ू?” का ऊ हमनी के हाि के लाठी ना ह, हमनी के सामने घुसे-जाए में? 18 पईसा में पईसा जोड़े के लालच मत करीं, लेककन हमनी के लईका के मामला में उ कचरा कनहन होखे। 19 काहे कक जवन प्रभु हमनी के कजए खाकतर दे ले बाड़े , उहे हमनी के काफी बा। 20 तोबीत ओकरा से कहलस, “हे बकहन, कवनो परवाह मत करऽ। ऊ सुरकक्षत लवट जाई आ तोहार आाँ ख ओकरा के दे ख ली। 21 काहेकक अच्छा स्वगवदूत ओकरा सािे रखी आ ओकर यात्रा सफल होई आ ऊ सुरकक्षत लवट आई। 22 तब उ रोवे के अंत क दे ली। अध्याय 6 के बा 1 जब उ लोग अपना यात्रा पर चलत रहले त सा​ाँझ के दकग्रस नदी में पहुं चले अवुरी उहा​ाँ ठहर गईले। 2 जब ऊ नवही धोवे खाकतर उतरल त नदी से एगो मछरी कूद के ओकरा के खाए के चाहत रहे । 3 तब स्वगव दूत ओकरा से कहलस, मछरी ले जा। उ युवक मछरी के पकड़ के जमीन प खींच लेलस। 4 स्वगवदूत ओकरा से कहले, “मछरी खोल के कदल आ कजगर आ कपि लेके सुरकक्षत रख दीं।”

5 उ युवक स्वगवदूत के आज्ञा के मुताकबक काम कईलस। जब उ लोग मछरी भुन के खा गईले, तब तक दु नो लोग एकबताने के नजदीक ना पहुं च गईले। 6 तब उ युवक स्वगवदूत से कहलस, “भाई अजररयास, मछरी के कदल, कजगर अवुरी गैल के का फायदा? 7 ऊ ओकरा से कहलस, “कदल आ कजगर के छू के अगर कवनो शैतान भा कवनो दु ष्ट्ात्मा केहू के परे शान करे ला त हमनी के ओकरा से मरद भा मेहरारू के सामने धुाँआ उड़ावे के पड़ी आ दल अब परे शान ना होई। 8 रहल बात कपि के त बकढ़या बा कक जेकरा आाँ ख में सफेदी होखे ओकरा के अकभषेक कइल जाव त ऊ ठीक हो जाई. 9 जब उ लोग रागेस के नजदीक पहुं चले। 10 स्वगवदूत युवक से कहलस, “भाई, आज हमनी के रगुएल के लगे ठहरब जा, जवन कक तोहार चचेरा भाई ह। उनकर एगो अकेली बेटी भी बाड़ी, जेकर नाम सारा बा। हम ओकरा खाकतर बोलब, ताकक ओकरा के तोहरा के पत्नी के रूप में कदहल जा सके। 11 काहेकक ओकर अकधकार तोहरा के बा, काहे कक तू ओकरा ररश्तेदार के हउअ। 12 दासी गोरी आ बुक्तद्धमान कबया, अब हमार बात सुनीं आ हम ओकरा कपता से बात करब। आ जब हमनी के रे गेस से लवटब जा त हमनी के कबयाह के जश्न मनाइब जा, काहे कक हम जानत बानी कक रागुएल मूसा के कनयम के अनुसार ओकरा के दोसरा से कबयाह ना कर सकेला, लेककन उ मौत के दोषी हो जाई, काहे कक कवरासत के अकधकार कवनो से ज्यादा तोहरा के होला दोसर. 13 तब उ युवक स्वगवदूत से कहलस, “हम सुनले बानी, भाई अजररयास कक इ नौकरानी सात आदमी के कदहल गईल बा, जवन कक सब कबयाह के कोठरी में मर गईले। 14 अब हम अपना बाप के एकलौता बेटा हईं आ डे रात बानी कक अगर हम ओकरा लगे जाइब त हम पकहले के जइसन मर जाईं काहे कक एगो दु ष्ट् आत्मा ओकरा से प्यार करे ला जवन कवनो शरीर के नुकसान ना पहुाँ चावेला, बलुक ओकरा लगे आवे वाला लोग के नु कसान ना पहुाँ चावेला ऊनकर; एह से हम भी डे रात बानी कक कहीं हम मर जाईं आ हमरा चलते अपना बाप-माई के जान दु ख से कब्र में ना ले आईं, काहे कक ओह लोग के दफनावे खाकतर दोसर कवनो बेटा नइखे। 15 तब स्वगवदूत ओकरा से कहलस, “का तोहरा उ उपदे श याद नइखे जवन तोहार कपता तोहरा के दे ले रहले कक तू अपना ररश्तेदार के मेहरारू से कबयाह कर लीं? एह से हे भाई, हमार बात सुनऽ; काहे कक उ तोहरा के पत्नी के रूप में कदहल जाई। आ बुरा आत्मा के कवनो कहसाब मत करऽ। काहे कक एही रात उनुकर कबयाह तोहरा के कदहल जाई। 16 जब तू कबयाह के कक्ष में अइबऽ त इत्र के राख लेके मछरी के कदल आ कजगर के कुछ कहस्सा ओकरा पर डाल के ओकरा से धुाँआ कनकालब। 17 शैतान एकर गंध सूंघ के भाग जाई आ अब कबो ना आई, लेककन जब तू ओकरा लगे अइबऽ त तोहनी दु नु जाना उठ के दयालु भगवान से प्रािवना करऽ, जे तोहनी पर दया करी आ बचाई तू: मत डे रा, काहे कक ऊ शुरू से तोहरा खाकतर कनयुि बाड़ी। आ तू ओकरा के बचाइब आ ऊ तोहरा सािे चल जाई। अतने ना हमरा लागत बा कक ऊ तोहरा के संतान पैदा करीहें. अब जब टोकबया ई सब सुन के ओकरा से प्यार कइलस आ ओकर कदल ओकरा से प्रभावी ढं ग से जुड़ गइल। अध्याय 7 के बा 1 जब उ लोग एकबताने पहुं चले त उ लोग रगुएल के घरे पहुं चले अवुरी सारा ओ लोग से कमलली अवुरी एक दू सरा के नमस्कार कईला के बाद उ ओ लोग के घर में ले अईली। 2 तब रगुएल अपना मेहरारू एडना से कहलस, “ई नवही हमरा चचेरा भाई टोकबट से केतना जइसन बा! 3 रगुएल ओह लोग से पूछलस, “हे भाई लोग, तू लोग कहा​ाँ से आइल बाड़ऽ? उ लोग ओकरा से कहलस, “हमनी के नीनवे में बंदी बनल नेफ्तालीम के बेटा हईं जा।” 4 तब ऊ ओह लोग से कहलस, “का तू लोग हमनी के ररश्तेदार तोबीत के जानत बाड़ऽ? उ लोग कहलस, हम ओकरा के जानत बानी। तब उ कहलस, का उनुकर तकबयत ठीक बा?


5 उ लोग कहले, “उ कजंदा बाड़े अवुरी स्वस्थ बाड़े ।” 6 तब रगुएल कूद के चुम्मा लेहले आ रोवे लगले । 7 आशीष कदहलन आ कहलन कक तू ईमानदार आ बकढ़या आदमी के बेटा हउअ। लेककन जब उ सुनले कक टोकबट आन्हर बाड़े त उ दु खी हो गईले अवुरी रोवे लगले। 8 ओइसहीं उनकर मेहरारू एडना आ उनकर बेटी सारा रोवत रहली। ततने ना ऊ लोग ओह लोग के हाँ सी-खुशी से मनोरं जन कइल; आ ओकरा बाद उ लोग भेड़ के एगो मेढ़ा के मार के मेज पर मांस के भंडार रखले। तब टोकबया राफेल से कहलस, “भाई अजररया, जवना बात के तू रास्ता में बकतयावत रहलू, ओकरा बारे में बताईं आ ई धंधा भेजल जाव। 9 तब उ रगुएल से बात बतवले, त रगुएल टोकबया से कहलस कक, खा-पी के मस्ती करीं। 10 काहेकक तू हमरा बेटी से कबयाह कईल उकचत बा, कफर भी हम तोहरा के सच्चाई बताईब। 11 हम अपना बेटी के सात आदमी से कबयाह क दे ले बानी, जवन कक उनुका लगे आईल रात के मौत हो गईल। लेककन टोकबया कहले कक, जब तक हमनी के सहमत ना होखब अवुरी एक दू सरा के ककररया ना खाएब, तब तक हम इहा​ाँ कुछूओ ना खाएब। 12 रगुएल कहलस, “तब ओकरा के अब से ओह तरीका के कहसाब से ले लीं, काहे कक तू ओकर चचेरा भाई हउअ आ ऊ तोहार हउअ आ दयालु भगवान तोहरा के सब काम में बकढ़या सफलता दे सु। 13 तब उ अपना बेटी सारा के बोलवले अवुरी उ अपना कपता के लगे पहुं चली अवुरी उ ओकरा के हाि पकड़ के टोकबया के पत्नी बनावे के कहले कक, दे ख, मूसा के कनयम के मुताकबक ओकरा के लेके अपना लगे ले जा बाप. आ ऊ ओह लोग के आशीष कदहलन; 14 ऊ एडना के आपन मेहरारू के बोलवले आ कागज ले के एगो वाचा के साधन कलख के ओकरा पर मोहर लगा कदहलन। 15 तब उ लोग खाए लगले। 16 ओकरा बाद रगुएल अपना मेहरारू एडना के बोला के कहलस, “बकहन, एगो अउरी कोठरी तैयार क के ओकरा के ओकहजा ले आवऽ।” 17 जब उ अपना कहला के मुताकबक काम कईली त उ ओकरा के उहा​ाँ ले अईली अवुरी उ रोवे लगली अवु री बेटी के लोर पा के कहली। 18 हे बेटी, सांत्वना से भरल रहऽ। आकाश-पृथ्वी के माकलक तोहरा के एह दु ख खाकतर आनन्द दीं। अध्याय 8 के बा 1 जब उ लोग रात के खाना खइले त टोकबया के ओकरा लगे ले अइले। 2 जात घरी राफेल के बात याद कइलन आ इत्र के राख लेके मछरी के कदल आ कजगर डाल के ओकरा से धुाँआ कनकल गइलन। 3 जवना गंध के गंध जब दु ष्ट् आत्मा के गंध आईल त उ कमस्र के छोर में भाग गईल अवुरी स्वगवदूत ओकरा के बान्ह दे ले। 4 दु नु जाना के एक संगे बंद कईला के बाद टोकबया कबछौना से उठ के कहलस, “बकहन, उठ के हमनी के प्रािवना करीं कक भगवान हमनी प दया करस।” 5 तब टोकबया कहे लगलन, “हे हमनी के पुरखन के परमेश्वर, तू धन्य बाड़ऽ आ तोहार पकवत्र आ गौरवशाली नाम हमेशा खाकतर धन्य बाड़ऽ। आकाश तोहरा के आ तोहार सब प्राणी के आशीवावद दे वे। 6 तू आदम के बना के हव्वा के आपन मेहरारू दे के ओकरा के सहायक बनवनी आ रह गइल, ओह लोग में से मनुष्य कनकलल, तू कहले बाड़ू कक, “अकेला रहला से अच्छा नइखे। हमनी के ओकरा जइसन सहायक बनावल जाव। 7 अब हे प्रभु, हम एह बकहन के कामवासना में ना बलुक सीधा-सीधा मानत बानी, एहसे दया से हमनी के एक संगे बुढ़ापा के इं तजाम करत बानी। 8 उ ओकरा सािे कहली, “आमीन।” 9 त उ लोग ओह रात दु नु जाना सुत गईले। रगुएल उठ के एगो कब्र बनवले। 10 कहलन, “हमरा डर बा कक कहीं उहो मर ना जास।” 11 लेककन जब रगुएल अपना घर में अईले।

12 ऊ अपना मेहरारू एडना से कहलन। एगो नौकरानी के भेज के दे खऽ कक ऊ कजंदा बा कक ना, अगर ऊ नइखे त हमनी के ओकरा के दफना दीं जा आ केहू के पता ना चली। 13 तब नौकरानी दरवाजा खोल के अंदर जाके दु नु जाना के सुतल दे खली। 14 ऊ बाहर कनकल के उनकरा के बतवले कक उ कजंदा बाड़े । 15 तब रगुएल भगवान के स्तुकत कइलन आ कहलन, “हे परमेश्वर, तू शुद्ध आ पकवत्र स्तुकत के सािे स्तुकत करे लायक बाड़ऽ। एह से तोहार संत लोग तोहार सब प्राणी के सािे तोहार स्तुकत करस। आ तोहार सब स्वगवदूत आ तोहार चुनल लोग तोहार हमेशा खाकतर स्तुकत करस। 16 तोहार स्तुकत होखे के चाहीं, काहे कक तू हमरा के खुश कर दे ले बाड़ू। आ ऊ हमरा लगे नइखे आइल जवना पर हमरा शक भइल रहे ; लेककन तू अपना बहुत दया के मुताकबक हमनी के संगे व्यवहार कईले बाड़ू। 17 तोहार स्तुकत होखे के चाहीं काहे कक तू दू गो पर दया कइले बाड़ू जे ओह लोग के बाप-दादा के एकलौता संतान रहलन, हे प्रभु, ओह लोग पर दया करऽ आ ओह लोग के जीवन के खुशी आ दया से पूरा करऽ. 18 तब रगुएल अपना नौकरन के कब्र भरे के कहलन। 19 उ चौदह कदन तक कबयाह के भोज मनवले। 20 काहे कक कबयाह के कदन खतम होखे से पकहले रागुएल ओकरा से कसम खा के कहले रहले कक जब तक कबयाह के चौदह कदन पूरा ना हो जाई तब तक उ ना जाए के चाही। 21 ओकरा बाद उ आपन आधा सामान लेके अपना कपता के लगे सुरकक्षत चल जास। आ बाकी के तब कमले के चाहीं जब हम आ हमार मेहरारू मर जाईं. अध्याय 9 के बा 1 तब तोकबयास राफेल के बोला के कहलस। 2 भाई अजररयास, अपना सािे एगो नौकर आ दू गो ऊंट लेके गबाएल के रे गेस ऑफ मीकडया में जाके हमरा खाकतर पइसा ले आके कबयाह में ले आवऽ। 3 काहे कक रगुएल कसम खइले बा कक हम ना छोड़ब। 4 लेककन हमार बाबूजी कदन कगनत बाड़े । आ अगर हम ढे र दे र ले दे ब त ओकरा बहुते अफसोस होखी. 5 राफेल बाहर कनकल के गबाएल के लगे ठहर गईले अवुरी ओकरा के हस्तकलकप दे ले, जवन कक सीलबंद बैग लेके ओकरा के दे ले। 6 सबेरे-सबेरे दु नु जाना एक संगे कनकल के कबयाह में अईले अवु री तोकबयास अपना पत्नी के आशीवावद दे ले। अध्याय 10 के बा 1 उनकर बाप तोबीत हर कदन कगनत रहले, आ जब यात्रा के कदन पूरा हो गईल रहे , लेककन उ ना आईल रहले। 2 तब टोबीत कहलस, “का उ लोग कहरासत में बाड़े ? का गबाएल मर गइल बा आ ओकरा के पइसा दे बे वाला केहू नइखे? 3 एही से उ बहुत दु खी रहले। 4 तब उनकर मेहरारू उनका से कहली, “हमार बेटा मर गइल बा, काहे कक ऊ ढे र कदन ले रहे ला। ऊ ओकरा के कवलाप करे लगली आ कहली। 5 अब हमरा कवनो बात के परवाह नइखे, बेटा, जबसे हम तोहरा के छोड़ दे ले बानी, हमार आाँ ख के रोशनी। 6 तोबीत ओकरा से कहले, “चुप रहऽ, परवाह मत करऽ, काहे कक उ सुरकक्षत बा।” 7 लेककन उ कहली कक चुप रहऽ आ हमरा के धोखा मत दीं। हमार बेटा मर गइल बा। ऊ रोज ओह रास्ता पर कनकलत रहली जवना पर ऊ लोग जात रहे आ कदन में कवनो खाना ना खात रहली आ रात भर अपना बेटा टोकबया के कवलाप कइल ना छोड़त रहली जबले कक कबयाह के चौदह कदन ना खतम हो गइल जवना के ककररया रगुएल के ककररया खइले रहुवे उहा​ाँ खचाव करे के बा। तब टोकबयास रगुएल से कहलस, “हमरा के जाए दीं, काहे कक हमार बाबूजी आ हमार माई हमरा के दे खे खाकतर अब नईखी दे खत।


8 लेककन ओकर ससुर ओकरा से कहलस, “हमरा संगे रह, हम तोहरा कपता के लगे भेज दे ब, अवुरी उ लोग ओकरा के बताई कक तोहरा संगे कईसन हालात होखता। 9 तोकबयास कहले, “ना; बाककर बाबूजी के लगे जाए दीं। 10 तब रगुएल उठ के आपन मेहरारू सारा आ ओकर आधा सामान, नौकर, मवेशी आ पइसा दे कदहलस। 11 ऊ ओह लोग के आशीष कदहलन आ भेज कदहलन कक, “हे हमार लइका लोग, स्वगव के भगवान तोहनी के एगो समृद्ध यात्रा दे सु.” 12 ऊ अपना बेटी से कहलन, “अपना बाप आ सास के आदर करऽ, जवन अब तोहार माई-बाबूजी बाड़े , ताकक हम तोहरा बारे में बकढ़या खबर सुन सकीले।” आ ऊ ओकरा के चुम्मा ले कलहले. एडना टोकबयास से भी कहली, “हे हमार कप्रय भाई, स्वगव के माकलक तोहरा के बहाल करऽ आ हमरा मरला से पकहले अपना बेटी सारा के तोहरा संतान के दे खे के अनुमकत दीं ताकक हम प्रभु के सामने खुश हो सकीले। दे ख, हम आपन बेटी के तोहरा के सौंप दे ले बानी खास भरोसा कइल जाला; जहा​ाँ बा ओकरा बुराई के कनहोरा मत करीं। अध्याय 11 के बा 1 एकरा बाद टोकबयास भगवान के स्तुकत करत चल गईले कक उ उनु का के एगो समृद्ध यात्रा दे ले बाड़े अवुरी रगुएल अवुरी उनुकर पत्नी एडना के आशीवावद दे ले अवुरी जब तक उ लोग नीनवे के नजदीक ना पहुं च गईले, तब तक चल गईले। 2 तब राफेल टोकबयास से कहलस, “हे भाई, तू जानत बाड़ू कक तू अपना बाप के कइसे छोड़ दे ले बाड़ू। 3 हम तोहरा मेहरारू के सामने जल्दी से घर के तइयारी करऽ। 4 आ मछरी के कपि अपना हाि में ले लीं। त उ लोग अपना रास्ता से चल गईले अवुरी कुकुर ओ लोग के पीछे -पीछे चल गईल। 5 अब अन्ना अपना बेटा के रास्ता के ओर इधर-उधर दे खत रहली। 6 जब ऊ ओकरा के आवत दे खली त ओकरा कपता से कहली, “दे खऽ, तोहार बेटा आ ओकरा सािे गइल आदमी आवत बा.” 7 तब राफेल कहलस, “टोकबया, हम जानत बानी कक तोहार बाप आपन आाँ ख खोल कदहे ।” 8 एह से तू ओकरा आाँ ख पर कपि से अकभषेक करऽ आ ओकरा से चुभला के बाद ऊ रगड़त आ उज्जरता कगर जाई आ ऊ तोहरा के दे ख ली। 9 तब अन्ना दौड़ के अपना बेटा के गदव न पर कगर के कहली, “हे बेटा, हम तोहरा के दे खले बानी, अब से हम मरला में संतुष्ट् बानी।” आ दु नु जाना रोवत रहले। 10 तोबीत भी दु आर के ओर बढ़ के ठोकर खा गईल, लेककन ओकर बेटा ओकरा लगे भाग गईल। 11 ऊ अपना बाप के पकड़ कलहले आ ऊ अपना बाप के आाँ ख पर कपि मार के कहले, “हे बाबू, आशा राखऽ.” 12 जब उनकर आाँ ख चकनाचूर होखे लागल त उ ओकरा के रगड़त रहले। 13 आाँ ख के कोना से उज्जरता बढ़ गईल, जब उ अपना बेटा के दे ख के गरदन प कगर गईल। 14 ऊ रोवत कहले, “हे भगवान, तू धन्य हउअ आ तोहार नाम हमेशा खाकतर धन्य बाड़ऽ। आ तोहार सब पकवत्र स्वगवदूत धन्य हवें। 15 काहेकक तू हमरा पर कोड़ा मार के दया कइले बाड़ऽ, काहे कक दे खऽ, हम अपना बेटा टोकबयास के दे खत बानी। उनकर बेटा खुशी-खुशी में जाके अपना कपता के मीकडया में भईल बड़का घटना के बारे में बतवलस। 16 तब टोबीत अपना पतोह से कमले खाकतर नीनवे के फाटक पर खुश होके परमेश्वर के स्तुकत करत कनकल गईले, आउर जे लोग ओकरा के जात दे ख के अचरज में पड़ गईले, काहे कक उ दे ख के दे ख लेले रहले। 17 तोकबया उनकरा सामने धन्यवाद कदहलन काहे कक परमेश्वर उनकरा पर दया कइले रहले। जब उ अपना पतोह सारा के नजदीक पहुं चले त उनुका के आशीवावद दे ले अवुरी कहले कक, बेटी, तोहरा स्वागत बा, भगवान के आशीवावद होखे, जवन कक तोहरा के हमनी के लगे ले आईल बाड़े अवुरी तोहार बाप-माई के आशीवावद होखे। नीनवे में उनकर सब भाई लोग के बीच खुशी के भाव रहे |

18 अकचयाकरस आ उनकर भाई के बेटा नसबास अइले। 19 तोकबयास के कबयाह सात कदन तक बहुत खुशी से मनावल गईल। अध्याय 12 के बा 1 तब टोबीत अपना बेटा टोकबयास के बोला के कहलस, “हे बेटा, दे खऽ कक ओह आदमी के मजदू री बा जवन तोहरा सािे कमलल रहे , त ओकरा के अउरी दे बऽ।” 2 तोकबयास ओकरा से कहलस, “हे बाबूजी, हम जवन चीज लेके आइल बानी ओकरा में से आधा ओकरा के दे के हमरा कवनो नुकसान नइखे। 3 काहेकक उ हमरा के सुरकक्षत रूप से तोहरा लगे ले आके हमार मेहरारू के ठीक क दे ले बाड़े अवुरी पईसा लेके आईल बाड़े अवुरी ओसही तोहरा के ठीक क दे ले बाड़े । 4 तब बुढ़वा कहलस, “उनुके बकाया बा।” 5 तब ऊ स्वगवदूत के बोलवले आ कहलन कक, “तू जवन कुछ लेके आइल बाड़ू ओकरा में से आधा लेके सुरकक्षत चल जा.” 6 तब ऊ दु नु के अलगा क के कहलन, “परमेशवर के आशीष दीं, उनकर स्तुकत करीं आ उनकर बड़ाई करीं आ उनकर स्तुकत करीं कक ऊ रउरा सभे के सािे जवन काम कइले बाड़न, ओकरा खाकतर ऊ सब कजंदा लोग के सामने कइले बाड़न। भगवान के स्तुकत कइल, उनकर नाम के ऊाँचाई कइल आ आदर से परमेश्वर के काम के दे खावल अच्छा बा। एह से उनकर तारीफ करे में ढील मत होखीं। 7 राजा के रहस्य के बंद रखल अच्छा बा, लेककन परमेश्वर के काम के खुलासा कईल सम्मानजनक बा। जवन नीमन होखे, उहे करीं, त कवनो बुराई तोहरा के ना छूई। 8 प्रािवना उपवास आ कभक्षा आ धमव के सािे बकढ़या होला। अधमव के सािे तनी मन से बकढ़या होला अधमव के सािे बहुत कुछ। सोना जमा करे से बेहतर बा कक कभक्षा कदहल जाव। 9 काहे कक कभक्षा मौत से मुक्ति दे ला आ सब पाप के शुद्ध कर दी। जे लोग कभक्षा आ धमव के प्रयोग करे ला, उ लोग जीवन से भरल होई। 10 पाप करे वाला लोग अपना जान के दु श्मन हवे। 11 हम तोहरा से कुछु ओ ना रखब। काहे कक हम कहनी कक राजा के रहस्य के बंद राखल बकढ़या रहे , लेककन भगवान के काम के खु लासा कईल सम्मानजनक रहे । 12 अब जब तू आ तोहार पतोह सारा के प्रािवना करत रहलू त हम तोहार प्रािवना के याद पकवत्र के सामने ले अइनी आ जब तू मुअल लोग के दफनावत रहलू त हमहूाँ तोहरा सािे रहनी। 13 जब तू उठ के आपन खाना छोड़ के मुअल लोग के ढं क के जाए में दे री ना कइनी त तोहार अच्छा काम हमरा से कछपल ना रहे , लेककन हम तोहरा सािे रहनी। 14 अब परमेश्वर हमरा के तोहरा आ तोहार पतोह सारा के ठीक करे खाकतर भेजले बाड़न। 15 हम राफेल हईं, सात गो पकवत्र स्वगवदूतन में से एगो हईं, जे पकवत्र लोग के प्रािवना पेश करे नी आ पकवत्र परमेश्वर के मकहमा के सामने आवत-जात कनकलेनी। 16 तब उ दु नो लोग घबरा गईले अवुरी मुंह प कगर गईले, काहें की उ लोग डे रा गईले। 17 लेककन उ ओ लोग से कहलस कक, मत डे राईं, काहे कक इ तोहनी के ठीक हो जाई। एह से भगवान के स्तुकत करीं। 18 काहे कक हम अपना कवनो अनुग्रह से ना, बलुक हमनी के परमेश्वर के इच्छा से आईल बानी। एह से हमेशा खाकतर उनकर स्तुकत करीं। 19 ई सब कदन हम तोहनी के सामने प्रकट भइनी। लेककन हम ना खईनी ना कपयनी, लेककन तोहनी के दशवन दे खाई दे लस। 20 अब परमेश्वर के धन्यवाद दीं काहे कक हम ओकरा लगे जा रहल बानी जे हमरा के भेजले बा। लेककन जवन काम होला उ सब ककताब में कलख लीं। 21 जब उ लोग उठले त ओकरा के अब ना दे खले। 22 तब उ लोग परमेश्वर के बड़हन आ अद् भुत काम के कबू ल कइलन कक कइसे प्रभु के दू त ओह लोग के प्रकट भइल बा।


अध्याय 13 के बा 1 तब टोबीत खुशी के प्रािवना कलख के कहलन, “उनका खाकतर कजंदा रहे वाला परमेश्वर के धन्य होखे आ उनकर राज्य के धन्य होखे।” 2 ऊ कोड़ा मारे ला आ दया करे ला, ऊ नरक में ले जाला आ ओकरा के फेर से ले आवेला आ ना केहू ओकरा हाि से बाच सके। 3 हे इस्राएल के लोग गैर-यहूदी लोग के सामने ओकरा के कबू ल करीं, काहे कक उ हमनी के ओ लोग के बीच में कततर-कबतर क दे ले बाड़े । 4 उहा​ाँ उनकर महानता के घोषणा करीं आ सब कजंदा लोग के सामने उनकर बड़ाई करीं, काहे कक ऊ हमनी के प्रभु हवें आ हमेशा खाकतर हमनी के कपता परमेश्वर हवें। 5 हमनी के अपराध के चलते उ हमनी के कोड़ा मार कदहे अवुरी फेर से दया करीहे अवुरी हमनी के ओ सभ जाकत में से बटोर कदहे , जवना के बीच उ हमनी के कततर-कबतर कईले बाड़े । 6 अगर तू अपना पूरा मन से आ पूरा मन से ओकरा ओर मुड़ब आ ओकरा सामने सीधा व्यवहार करब त उ तोहनी के ओर मुड़ के तोहरा से आपन चेहरा ना कछपाई। एह से दे खऽ कक ऊ तोहरा सािे का करी आ ओकरा के पूरा मुाँह से कबूल करीं आ पराक्रमी प्रभु के स्तुकत करीं आ अनन्त राजा के बड़ाई करीं। हम अपना कैद के दे श में ओकर स्तुकत करत बानी, आ एगो पापी राष्ट्र के सामने ओकर पराक्रम आ मकहमा के घोषणा करत बानी। हे पापी लोग, मुड़ के ओकरा सामने न्याय करीं, के बता सकेला कक ऊ तोहनी के स्वीकार करी आ तोहनी पर दया करी? 7 हम अपना भगवान के बड़ाई करब आ हमार प्राण स्वगव के राजा के स्तुकत करी आ उनकर महानता में आनक्तन्दत होई। 8 सब लोग बोले आ उनकर धाकमवकता खाकतर सब लोग उनकर स्तुकत करे । 9 हे पकवत्र नगर यरूशलेम, ऊ तोहरा लइकन के काम खाकतर तोहरा के कोड़ा मार दी आ धमी लोग के बेटा पर फेर से दया करी। 10 प्रभु के स्तुकत करऽ, काहे कक ऊ भला हउवन, आ अनन्त राजा के स्तुकत करऽ कक ओकर तम्बू तोहरा में फेर से खुशी से बनल होखे आ ऊ तोहरा में कैदी लोग के खुश करस आ तोहरा में हमेशा खाकतर प्रेम करे जवन दयनीय बा। 11 बहुत जाकत दू र से प्रभु परमेश्वर के नाम के हाि में वरदान लेके आ जइहें , स्वगव के राजा के वरदान भी। सब पीढ़ी बहुत खुशी से तोहार स्तुकत करी। 12 तोहरा से नफरत करे वाला सब लोग अकभशप्त बा, आ तोहरा से प्यार करे वाला सब लोग धन्य होई। 13 धमी लोग के संतान खाकतर आनक्तन्दत होके खुश रहीं, काहेकक उ लोग एकट्ठा होके धमी लोग के प्रभु के आशीष करीहे । 14 हे धन्य हवें जे तोहरा से प्यार करे लन, काहे कक ऊ लोग तोहरा शांकत में आनक्तन्दत हो जइहें । काहे कक जब ऊ लोग तोहार मकहमा दे ख के तोहरा खाकतर खुश हो जइहें आ हमेशा खाकतर खुश हो जइहें । 15 हमार आत्मा भगवान महान राजा के आशीवावद दे वे। 16 काहे कक यरूशलेम नीलम, पन्ना आ कीमती पत्थर से बनल होई, तोहार दे वाल, बुजव आ लड़ाई शुद्ध सोना से बनल होई। 17 यरूशलेम के सड़कन पर बेररल आ काबंकल आ ओफीर के पत्थर से पक्का हो जाई। 18 ओकर सब गली कहत होई कक, “अलेलुया!” उ लोग ओकर स्तुकत क के कहत होई कक, “परमेशवर के धन्य होखे, जे एकरा के हमेशा खाकतर बड़ाई कईले बाड़े ।” अध्याय 14 के बा 1 तोबीत परमेश्वर के स्तुकत के अंत कर कदहलस। 2 आठ साल बाद उनकर दृकष्ट् खतम हो गइल त ऊ आठ पचास साल के रहले आ ऊ कभक्षा कदहलन आ प्रभु परमेश्वर के भय बढ़ गइलन आ उनकर स्तुकत कइलन। 3 जब ऊ बहुत बूढ़ हो गइलन त ऊ अपना बेटा आ अपना बेटा के बेटा के बोलवले आ कहलन कक, “हे बेटा, आपन लइकन के ले जा; काहे कक दे खऽ, हम बूढ़ हो गइल बानी आ एह जीवन से कनकले खाकतर तइयार बानी।

4 हमार बेटा मीकडया में जा, काहे कक हम ओह बातन पर कवश्वास करत बानी जवन योना भकवष्यविा नीनवे के बारे में कहले रहले कक ऊ उखाड़ फेंकल जाई. आ कक कुछ समय खाकतर मीकडया में शांकत होखे के चाहीं; आ कक हमनी के भाई लोग ओह बकढ़या दे श से धरती पर कबखराइल रह जइहें आ यरूशलेम उजाड़ हो जाई आ ओकरा में भगवान के घर जरावल जाई आ कुछ समय खाकतर उजाड़ हो जाई। 5 जबले ऊ यु ग के समय पूरा ना हो जाई तबले भगवान फेर से ओह लोग पर दया करीहें आ ओह लोग के फेर से ओह दे श में ले अइहें जहा​ाँ ऊ लोग मंकदर बनइहें बाककर पकहला मंकदर जइसन ना. आ ओकरा बाद ऊ लोग अपना बंदी के हर जगह से लवट के यरूशलेम के गौरवशाली तरीका से कनमावण करी आ ओकरा में हमेशा खाकतर एगो गौरवशाली इमारत के सािे परमेश्वर के घर बन जाई, जइसन कक भकवष्यविा लोग ओकरा बारे में कहले बा। 6 आ सब राष्ट्र मुड़ के प्रभु परमेश्वर से सही मायने में डे राई आ आपन मूकतव के दफना कदही। 7 एही तरे सब राष्ट्र प्रभु के स्तुकत करीहें आ उनकर लोग भगवान के कबूल करीहें आ प्रभु अपना लोग के ऊपर उठाईहें । आऊ जे भी लोग प्रभु परमेश्वर से सच्चाई आ न्याय से प्रेम करे ला, उ लोग हमनी के भाई लोग पर दया करी। 8 अब हे बेटा, नीनवे से कनकल जा, काहे कक जवन बात योना भकवष्यविा कहले रहले, उ बात जरूर पूरा होई। 9 लेककन तू व्यवस्था आ आज्ञा के पालन करीं आ अपना के दयालु आ धमी दे खाईं ताकक तोहरा ठीक होखे। 10 हमरा के शालीनता से दफना द, आ तोहार माई के भी हमरा सािे दफना द। बाककर अब नीनवे में ना रुकीं. याद राखीं, बेटा, अमन कइसे अकचयाचरस के संभाल कलहलन जे ओकरा के पोसले रहे , कइसे रोशनी से ओकरा के अन्हार में ले अइलन आ कइसे ओकरा के फेर से इनाम कदहलन, तबो अकचयाचरस के उद्धार भइल, बाककर दोसरा के ओकर इनाम कमलल, काहे कक ऊ अन्हार में उतर गइल. मनशस कभक्षा दे के मौत के जाल से बच गईले जवन उ लोग ओकरा खाकतर रखले रहले, लेककन अमन जाल में कगर गईले अवुरी नाश हो गईले। 11 एह से हे बेटा, अब सोचीं कक कभक्षा का करे ला आ धाकमवकता कइसे बचावे ला। इ सब कहला के बाद उ एक सौ आठ पचास साल के होके कबछौना प भूत के छोड़ दे ले। आ ऊ ओकरा के आदर से दफना कदहलन. 12 जब उनकर माई अन्ना के मौत हो गईल त उ ओकरा के अपना कपता के संगे दफना दे ले। तोकबयास अपना मेहरारू आ लइकन के सािे एकबताने में अपना ससुर रगुएल के लगे चल गइलन। 13 उहा​ाँ उ आदर से बूढ़ हो गइलन आ अपना बाप आ सास के आदर से दफना कदहलन आ ओह लोग के संपकि आ अपना बाप टोबीत के संपकि के कवरासत में कमल गइलन. 14 ऊ मीकडया के एकबताने में एक सौ सात बीस साल के उकमर में मर गइलन। 15 लेककन मरला से पकहले उ नीनवे के कवनाश के बारे में सुनले रहले, जवना के नबूकोदोनोसोर अवुरी अस्सूरोस के हाि में ले कलहले रहले अवुरी उनुका मौत से पकहले उ नीनवे के बारे में खुश रहले।


अध्याय 1 के बा

अध्याय 2 के बा

1 नबूकोदोनोसोर के शासन के बारहवा​ाँ साल में, जे महान शहर नीनवे में राज कइलन। एकबताने में मादी लोग पर राज करे वाला अरफाक्सद के समय में। 2 एकबताने में चारो ओर तीन हाथ चौडाई आ छह हाथ लंबा पत्थर से दे वाल बनवले आ दे वाल के ऊाँचाई सत्तर हाथ आ चौडाई पचास हाथ बनवले। 3 ओकरा फाटक पर ओकर बुजज सौ हाथ ऊाँच आ नीवं में साठ हाथ चौडाई लगाईं। 4 ऊ ओकर फाटक के सत्तर हाथ के ऊाँचाई वाला फाटक बनवले आ ओकर चौडाई चालीस हाथ रहे , जवना से ऊ अपना पराक्रमी सेना के ननकले खानतर आ पैदल चले वाला लोग के सजग में बइठल रहे । 5 ओह जमाना में राजा नबूचोदोनोसोर राजा अफाज क्सद से महान मैदान में लडाई लडले रहले जवन नक रगौ के सीमा में मैदान ह। 6 पहाडी इलाका में रहे वाला सब लोग, यूफ्रेनटस, टाइनिस आ नहदास्पेस के नकनारे रहे वाला सब लोग, इनलमी के राजा अररओक के मैदान में रहे वाला लोग आ केलोद के बेटा लोग के बहुत सारा राष्ट्र उनुका लगे जु ट गईले लडाई के ओर बढे के बा। 7 तब अश्शूर के राजा नबूकोदोनोसोर फारस में रहे वाला सब लोग, पनिम के ओर रहे वाला सब लोग के लगे, नकनलनसया, दनमश्क, नलबानस, एं टीनलबानस आ समुंदर के नकनारे रहे वाला सब लोग के भेज नदहलन। 8 कमेल, गलाद, ऊाँच गलील आ एस्ड्र े लोम के बडहन मैदान के राष्ट्रन में से लोग के भेजल गइल। 9 सामररया आ ओकर शहरन में, यरदन के पार यरूशलेम, बेताने, चेलुस, कादे स, नमस्र के नदी, तफनेस, रामसे आ पूरा गेसेम के दे श के सब लोग के। 10 जब तक तू तननस आ मेम्फफस के पार आ नमस्र के सब ननवासी लोग के लगे ना पहुाँ चब, जब तक नक इनथयोनपया के सीमा तक ना पहुाँ चब। 11 लेनकन दे श के सब ननवासी अश्शूर के राजा नबूकोदोनोसोर के आज्ञा के हल्का में रखले अवुरी ना उनुका संगे लडाई में गईले। काहे नक ऊ लोग ओकरा से ्े रात ना रहे , हाँ , ऊ ओह लोग से पनहले एक आदमी ननयर रहे आ ऊ लोग ओकर राजदू तन के बेकार आ बेइज्जती से ओह लोग से भेज नदहल. 12 एह से नबूकोदोनोसोर एह पूरा दे श से बहुत नाराज होके अपना नसंहासन आ राज्य के कसम खइले नक ऊ नकनलनसया, दनमश्क आ अररया के ओह सब तट से बदला लेबे के पडी आ ओकरा में रहे वाला सब लोग के तलवार से मार दीहें मोआब के दे श, अम्मोन के लोग, पूरा यहूनदया आ नमस्र के सब लोग, जब तक नक तू दु नो समुंदर के सीमा तक ना पहुं चब। 13 तब ऊ सतरहवा​ाँ साल में राजा अरफाक्सद के म्खलाफ अपना शम्ि के साथे लडाई में जुटल आ अपना लडाई में जीत हानसल कइलस, काहे नक ऊ अरफाक्सद के पूरा ताकत आ ओकर सब घुडसवार आ ओकर सब रथ के उखाड फेंक नदहलस। 14 ऊ अपना शहरन के मानलक बन के एकबताने में अइले आ बुजजन के पकड नलहले आ ओकर गली लूट नलहले आ ओकर सुंदरता के शमज में बदल नदहले. 15 उ रगौ के पहाड में अरफक्सद के भी पकड लेले अवुरी ओकरा के बाण से मार के ओ नदन ओकरा के पूरा तरीका से नष्ट् क दे ले। 16 ओकरा बाद उ नीनवे में वापस आ गईले, उ अवुरी उनुकर सभ जानत के भीड बहुत जादे युद्धकमी रहले अवुरी उहा​ाँ उ अवुरी उनु कर सेना सौ बीस नदन तक आराम से भोज कईले.

1 अठारहवा​ाँ साल, पनहला महीना के बीसवा​ाँ नदन, अश्शूर के राजा नबूकोदोनोसोर के घर में बात भइल नक ऊ जइसन नक ऊ कहले रहले, पूरा धरती पर आपन बदला लेव. 2 त ऊ अपना सब अफसरन आ अपना सब कुलीन लोग के अपना लगे बोलवले आ ओह लोग से आपन गुप्त सलाह सुनवले आ अपना मुाँह से पूरा धरती के दु ख के समापन कर नदहलन. 3 तब उ लोग उनकर मुाँह के आज्ञा के पालन ना करे वाला सब शरीर के नाश करे के फैसला कईले। 4 जब ऊ आपन सलाह खतम कइलन त अश्शूर के राजा नबूकोदोनोसोर अपना सेना के प्रमुख सेनापनत होलोफनेस के बोला के कहलन। 5 पूरा धरती के मानलक महान राजा इहे कहत बाडन नक दे खऽ, तू हमरा सोझा से ननकल के अपना ताकत पर भरोसा करे वाला लोग के अपना साथे ले जाईब, पैदल चले वाला लोग में से एक लाख बीस हजार लोग। आ घोडा के संख्या अपना सवाररयन के साथे बारह हजार। 6 तू पूरा पम्िम के दे श के म्खलाफ चलब, काहे नक उ लोग हमार आज्ञा के ना मनले। 7 आ तू बताई नक ऊ लोग हमरा खानतर माटी आ पानी तइयार करऽ, काहे नक हम अपना क्रोध में ओह लोग पर ननकलब आ अपना सेना के गोड से पूरा धरती के ढं क दे ब आ ओह लोग के लूट के रूप में दे ब उहनी लोग: 8 जब तक नक उनकर मारल लोग उनकर घाटी आ नदी में भर जाई आ नदी उनके मरल लोग से भर जाई जब तक नक उ पानी ना बह जाई। 9 हम ओह लोग के बंदी बना के पूरा धरती के छोर तक ले जाइब। 10 एही से तू आगे बढबऽ। आ हमरा खानतर पनहले से ओह लोग के पूरा इलाका ले लीं आ अगर ऊ लोग तोहरा सोझा अपना के सौंप दी त तू ओह लोग के सजा के नदन तक हमरा खानतर सुरनित राखऽ. 11 लेनकन नवद्रोह करे वाला लोग के बारे में तोहार आाँ ख ओकरा के मत दहाई। लेनकन ओकरा के कत्ल में ्ाल दीं आ जहा​ाँ जाइब उनके लूट लीं। 12 जइसे हम नजयत बानी आ अपना राज्य के शम्ि से हम जवन कुछ कहले बानी, उहे हम अपना हाथ से करब। 13 आ तू ध्यान राखऽ नक तू अपना मानलक के कवनो आज्ञा के उल्लं घन मत करऽ, बलुक ओकरा के पूरा तरह से पूरा करऽ जइसन हम तोहरा के नदहले बानी आ ओकरा के पूरा करे में टाल मत दीं. 14 तब होलोफनेस अपना मानलक के सामने से ननकल के असूर के सेना के सब गवनजर आ कप्तान आ अफसरन के बोलवले। 15 ऊ चुनल आदमी लोग के लडाई खानतर जुटा नलहलन, जइसन नक उनकर मानलक उनका के कहले रहले, एक लाख बीस हजार आ घोडा पर सवार बारह हजार तीरं दाज के। 16 ऊ ओह लोग के रें ज कइलन जइसे नक युद्ध खानतर एगो बडहन सेना के आदे श नदहल गइल बा. 17 ऊ ऊंट आ गदहा के बोगी खानतर ले गइलन, बहुत ढे र संख्या में। आ भेड-बकरी, बैल आ बकरी के नगनती ना कइल गइल। 18 सेना के हर आदमी खानतर भरपूर भोजन आ राजा के घर से बहुत सारा सोना चां दी ननकलल। 19 तब ऊ अपना पूरा ताकत के साथे राजा नबूकोदोनोसोर के आगे ननकल गइलन आ अपना रथ, घुडसवार आ अपना चु नल पै दल सैननकन से पनिम के पूरा धरती के ढं क नदहलन। 20 बहुत संख्या में नटड्डी आ धरती के बालू ननयर कई तरह के दे श भी ओह लोग के साथे आइल, काहे नक भीड के नगनती ना रहे । 21 ऊ लोग नीनवे से तीन नदन के सफर से बेम्िलेथ के मैदान के ओर ननकलल आ बेम्िलेथ से ओह पहाड के लगे खडा हो गइल जवन ऊपरी नकनलनसया के बाईं ओर बा।


22 तब उ आपन सब सेना, पैदल सवार, घुडसवार आ रथ के लेके उहा​ाँ से पहाडी इलाका में चल गईले। 23 फुद आ लुद के नष्ट् कर नदहलस आ चेनलयन के दे श के दम्िन में जंगल के ओर रहे वाला रास आ इस्राएल के सब लोग के लूट नलहलस। 24 तब ऊ यूफ्रेनटस के पार क के मेसोपोटानमया से होके अरबोनाई नदी के नकनारे के सब ऊाँच शहरन के तब तक नाश कर नदहलस जब तक नक तू लोग समुंदर में ना आ जाईब। 25 ऊ नकनलनसया के सीमा के पकड नलहलस आ ओकरा से नवरोध करे वाला सब लोग के मार नदहलस आ अरब के सामने दम्िन ओर याफेत के सीमा तक पहुाँ च गइल। 26 उ मदीयन के सब लोग के घेराबंदी कईले अवुरी ओ लोग के तम्बू के जरा दे ले अवुरी ओ लोग के भेड के घर के लूट ले ले। 27 तब ऊ गेहूं के कटाई के समय दनमश्क के मैदान में उतर गइलन आ ओह लोग के सगरी खेत के जरा नदहलन आ ओह लोग के भे ड आ भेड के नष्ट् कर नदहलन आ ओह लोग के शहरन के लूट नलहलन आ ओह लोग के दे श के पूरा तरह से बरबाद कर नदहलन आ ओह लोग के सगरी नवनहयन के मार नदहलन तलवार के नकनारा के। 28 एह से समुन्दर के नकनारे के सब लोग सीदोन आ सोरस में रहे वाला लोग आ सूर आ ओसीना में रहे वाला लोग आ यमनान में रहे वाला सब लोग पर उनकर ्र आ भय पैदा हो गइल। आजोटस आ अस्कलोन में रहे वाला लोग ओकरा से बहुत ्े रात रहे । अध्याय 3 के बा 1 उ लोग ओकरा लगे शां नत के काम करे खानतर राजदू त भेजले नक 2 दे ख, हमनी के बडका राजा नबूकोदोनोसोर के सेवक तोहरा सोझा पडल बानी जा। हमनी के ओइसन इस्तेमाल करऽ जवन तोहरा नजर में नीमन होई। 3 दे खऽ, हमनी के घर, हमनी के सब जगह, हमनी के गेहूं के खेत, भेड, भेड, आ हमनी के ्े रा के सब लॉज तोहरा सामने पडल बा। जइसन मन करे ओइसने इस्तेमाल करी.ं 4 दे खऽ, हमनी के शहर आ ओकरा में रहे वाला लोग तोहार सेवक हवे। आके ओह लोग के साथे व्यवहार करऽ जवन तोहरा अिा लागेला। 5 तब उ लोग होलोफनेस के लगे जाके उनुका के अईसन तरीका से बतावत रहले। 6 तब उ आऊ आपन से ना समुंदर के नकनारे उतर के ऊाँच शहरन में सेना बना के ओह लोग में से चुनल आदमी के सहायता खानतर ननकाल नलहले। 7 एही से उ लोग आ आसपास के लोग माला, नाच-गान आ धुन-धना से स्वागत कइलस। 8 तबो ऊ ओह लोग के सीमा के नगरा नदहलन आ ओह लोग के बगीचा के काट नदहलन काहे नक ऊ एह दे श के सगरी दे वता लोग के नाश करे के फैसला कइले रहले नक सभे राष्ट्र खाली नबूकोदोनोसोर के पूजा करे आ सभे भाषा आ गोत्र उनुका के दे वता के रूप में पुकारे . 9 ऊ यहूनदया के लगे एस्ड्र े लोन के सामने आ गइलन, जवन यहूनदया के बडहन संकट के सामने आ गइलन। 10 ऊ गेबा आ नसथोपोनलस के बीच में खडा हो गइलन आ उहा​ाँ पूरा महीना रुकल नक ऊ अपना सेना के सब गाडी के एकट्ठा कर सके. अध्याय 4 के बा 1 यहूनदया में रहे वाला इस्राएल के लोग अश्शूर के राजा नबूकोदोनोसोर के प्रमुख सेनापनत होलोफनेस के सब कुछ सुनले जवन राष्ट्रन के साथे कइले रहले आ कइसे ऊ ओह लोग के सब मंनदरन के लूट के बेकार कर नदहले रहले।

2 एही से उ लोग ओकरा से बहुत ्े रा गईले अवुरी यरूशलेम अवु री अपना परमेश्वर प्रभु के मंनदर खाती परे शान रहले। 3 काहे नक ऊ लोग बंदी से नया लवटल रहे आ यहूनदया के सब लोग हाल में एकट्ठा हो गइल रहे आ बतजन, वेदी आ घर के अपनवत्र कइला के बाद पनवत्र कइल गइल। 4 एही से ऊ लोग सामररया के पूरा इलाका, गा​ाँ व आ बेथोरोन, बेलमेन, यरीहो, चोबा, एसोरा आ सलेम के घाटी में भेज नदहल। 5 ऊंच पहाडन के सब चोटी पर पनहले से अपना के अपना कब्जा में ले नलहले आ ओह गा​ाँ वन के मजबूत बना नलहले आ युद्ध के इं तजाम खानतर खान-पान के सामान जमा कइले काहे नक ओह लोग के खेत में दे र से कटाई भइल रहे . 6 ओह घरी यरूशलेम में रहल महायाजक योआसीम बेतुनलया आ बेतोमेस्तम में रहे वाला लोग के नलखले रहले जवन एस्डद्रे लोन के सामने खुला इलाका के ओर दोथाईम के लगे बा। 7 पहाडी इलाका के रास्ता के रखे के आदे श नदहलस काहे नक ओह लोग के पास से यहूनदया में प्रवेश द्वार रहे आ ऊपर आवे वाला लोग के रोकल आसान रहे काहे नक रास्ता सीधा रहे , अनधका से अनधका दू आदमी खानतर। 8 इस्राएल के लोग यरूशलेम में रहे वाला सब इस्राएल के लोग के पुरनका लोग के साथे महायाजक योआसीम के आज्ञा के मुतानबक काम कईले। 9 तब इस्राएल के हर आदमी बहुत जोर से परमेश्वर से पुकारत रहलन आ बहुत जोर से आपन आत्मा के नम्र कर नदहलन। 10 ऊ लोग, मेहरारू आ लइका, मवेशी, हर परदे शी आ भाडा के आदमी आ पइसा से खरीदल नौकर दु नु अपना कमर में बोरा पनहनले। 11 एह तरह से हर मरद मेहरारू, लइका-लइकी आ यरूशलेम के ननवासी मंनदर के सामने नगर के अपना माथा पर राख ्ाल के प्रभु के सामने आपन बोरा पसरले। 12 आऊ इस्राएल के परमेश्वर से सभे एक सहमनत से पुकारलस नक उ ओह लोग के लइकन के नशकार में आ ओह लोग के मेहरारू लोग के लूट के रूप में ना दे स, आ ओह लोग के नवरासत के शहरन के नाश ना दे स, आ पनवत्र स्डथान के अपनवत्र आ ननंदा के रूप में ना दे स राष्ट्रन के खुश होखे खानतर। 13 तब परमेस् वर उनकर प्राथजना सुन के उनकर दु ख के दे खत रहलन, काहे नक लोग सवज शम्िमान प्रभु के पनवत्र स्डथान के सामने पूरा यहूनदया आ यरूशलेम में बहुत नदन तक उपवास करत रहलन। 14 महायाजक योआसीम आउर प्रभु के सामने खडा सब याजक आ प्रभु के सेवा करे वाला लोग के कमर में बोरा से बान्ह के लोग के व्रत आ मुफ्त उपहार के साथे रोज होमबनल चढावल गइल। 15 उ लोग के हाथ में राख रखले रहले अवुरी अपना पूरा ताकत से प्रभु से पुकारत रहले नक उ पूरा इस्राएल के घराना के कृपा से दे खस। अध्याय 5 के बा 1 तब असूर के सेना के प्रमुख होलोफनेस के इ बतावल गईल नक इस्राएल के लोग युद्ध के तैयारी कईले बाडे अवुरी पहाडी इलाका के रास्ता बंद क दे ले बाडे अवुरी ऊाँच पहाडी के सभ चोटी के मजबूत क दे ले बाडे अवुरी उनुका लगे बाडे चैंनपयननशप दे शन में बाधा नबछा नदहल गइल: 2 एह से ऊ बहुत म्खनसया के मोआब के सब सरदारन, अम्मोन के सेनापनतयन आ समुंदर के नकनारे के सब गवनजर लोग के बोलवले। 3 ऊ ओह लोग से कहलन, “हे कनान के लइका लोग, अब बताईं नक ई पहाडी इलाका में रहे वाला लोग के ह आ कवन शहर बा जवना में ऊ लोग रहे ला आ ओह लोग के सेना के भीड कतना बा आ ओह लोग के कहा​ाँ बा सत्ता आ ताकत, आ ओह लोग पर कवन राजा, भा ओह लोग के सेना के कप्तान बनावल गइल बा;


4 पनिम के सब ननवासी से जादे उ लोग हमरा से नमले ना आवे के ठान ले ले बाडे । 5 तब अम्मोन के सब संतान के सेनापनत अकीओर कहलस, “हमार मानलक अब तोहार सेवक के मुंह से एगो बात सुनस, त हम तोहरा लगे रहे वाला अवुरी पहाडी इलाका में रहे वाला ए लोग के बारे में सच्चाई बताईब : आ तोहरा सेवक के मुाँह से कवनो झूठ ना ननकली। 6 ई लोग कल्दीयन के वंशज हवे। 7 उ लोग अब तक मेसोपोटानमया में प्रवास करत रहले, काहे नक उ लोग अपना पुरखन के दे वता के पालन ना करत रहले, जवन नक कम्ल्दया के दे श में रहले। 8 काहेनक उ लोग अपना पुरखन के रास्ता छोड के स्वगज के भगवान के पूजा कईले, जेकरा के उ लोग जानत रहले। 9 तब उनकर परमेस् वर उ लोग के आज्ञा नदहलन नक उ लोग जवना जगह से प्रवास करत रहले, ओनहजा से हट के कनान के दे श में चल जास, जहवा उ लोग रहत रहले, उ लोग सोना चां दी अवुरी बहुत जादा पशु के संगे बढल रहले। 10 जब पूरा कनान दे श में अकाल पडल त उ लोग नमस्र में चल गईले अवुरी पोसत-पोसल उहा​ाँ रह गईले अवुरी उहा​ाँ बहुत भीड हो गईले, जवना से केहु उ लोग के जानत के नगनती ना हो पावल। 11 एही से नमस्र के राजा ओह लोग के म्खलाफ उठ के ओह लोग के साथे धोखाधडी कइलन आ ईंट के मेहनत से ओह लोग के नीचा कर नदहलन आ ओह लोग के गुलाम बना नदहलन. 12 तब उ लोग अपना परमेश्वर से पुकारलस आ उ पूरा नमस्र दे श के असाध्य नवपनत्तयन से मार नदहलस, एहसे नमस्र के लोग ओ लोग के नजर से दू र क नदहलस। 13 भगवान ओह लोग के सामने लाल सागर के सुखा नदहले। 14 ऊ लोग के सीना परबत आ कादे स-बाने पर ले गइलन आ जंगल में रहे वाला सब लोग के फेंक नदहलन। 15 उ लोग अमोरी लोग के दे श में रह गईले अवुरी अपना ताकत से एसेबोन के सभ लोग के नष्ट् क दे ले अवुरी यरदन के पार क के पूरा पहाडी इलाका के अपना कब्जा में ले लेले। 16 ऊ लोग कनानी, फरे जी, यबूसी, सुकेमी आ सब गेगेसी लोग के अपना सामने फेंक नदहल आ ऊ लोग ओह दे श में बहुत नदन तक रह गइल। 17 जब तक उ लोग अपना परमेश्वर के सामने पाप ना कईले, तब तक उ लोग सफल भईले, काहे की अधमज से नफरत करे वाला परमेश्वर उ लोग के संगे रहले। 18 जब ऊ लोग ओह रास्ता से चल गइल त ऊ लोग बहुते लडाई में बहुते लडाई में नाश हो गइल आ ओह लोग के बंदी बना के एगो अइसन दे श में ले जाइल गइल जवन ओह लोग के ना रहे आ ओह लोग के भगवान के मंनदर जमीन पर फेंक नदहल गइल आ ओह लोग के शहर हो गइल दु श्मनन के ले नलहल गइल बा. 19 लेनकन अब उ लोग अपना परमेश्वर के लगे वापस आ गईल बाडे अवुरी जहवां उ लोग नबखराइल रहले, उहा​ाँ से चढ गईल बाडे अवुरी यरूशलेम प कब्जा क ले ले बाडे , जहां उनुकर पनवत्र स्डथान बा अवु री पहाडी इलाका में बईठल बाडे । काहे नक ऊ उजाड हो गइल रहे । 20 अब हे मानलक आ राज्यपाल, अगर एह लोग के म्खलाफ कवनो गलती होखे आ ऊ लोग अपना भगवान के म्खलाफ पाप होखे त हमनी के ई मान लीं नक ई ओह लोग के बबाज दी होखी आ हमनी के ऊपर जाइब जा आ हमनी के ओह लोग पर नवजय पा लेब जा। 21 लेनकन अगर उनकरा जानत में कवनो अधमज ना होखे त हमार मानलक अब ओनहजा से गुजरे , कही ं उनकर प्रभु उनकर बचाव ना करस आ उनकर परमेश्वर उनकरा खानतर ना होखस आ हमनी के पूरा दु ननया के सामने ननंदा ना बन जाईं जा। 22 जब अकीओर ई बात पूरा कइलस त ्े रा के चारों ओर खडा सब लोग बडबडात रहे आ होलोफने स के मुम्खया आ समुंदर के नकनारे आ मोआब में रहे वाला सब लोग ओकरा के मारे के बात कहले।

23 ऊ लोग कहत बा नक हमनी के इस्राएल के लोग के मुाँह से ना ्े राएब जा, काहे नक दे खऽ, ई अइसन जनता ह जवना के कवनो ताकत नइखे आ ना कवनो ताकत मजबूत लडाई करे खानतर 24 अब हे प्रभु होलोफनेस, हमनी के ऊपर जाइब जा आ ऊ लोग तोहार सेना के खाए के नशकार हो जइहें । अध्याय 6 के बा 1 जब मं्ली के आसपास के लोग के हं गामा बंद हो गईल त असूर के सेना के प्रमुख होलोफनेस अकीओर अवुरी पूरा मोआबी लोग से बाकी जानत के दल के सामने कहले। 2 अनकयोर आ एप्रैम के मजदू र तू के हउअ, जवन तू आज के जइसन हमनी के म्खलाफ भनवष्यवाणी कइले बाडऽ आ कहले बाडऽ नक हमनी के इस्राएल के लोग से लडाई ना करे के चाही,ं काहे नक ओह लोग के परमेश्वर ओह लोग के बचाव करीहें ? आ नबूचोदोनोसोर के अलावा भगवान के हवें? 3 ऊ आपन शम्ि भेज के धरती से नाश कर दीहें आ उनकर भगवान ओह लोग के ना बचाईहें , बानकर हमनी के उनकर से वक एक आदमी के रूप में नाश कर दे ब जा। काहे नक ऊ लोग हमनी के घोडा के ताकत के नटकावे में सिम नइखे. 4 काहे नक ओह लोग के साथे हमनी के ओह लोग के गोड से चढा दे ब जा आ ओह लोग के पहाड ओह लोग के खून से नशा में धुत्त हो जाई आ ओह लोग के खेत ओह लोग के लाश से भरल हो जाई आ ओह लोग के कदम हमनी का सोझा ना खडा हो पाई काहे नक ऊ लोग एकदम नाश हो जाई. पूरा धरती के मानलक राजा नबूकोदोनोसोर कहत बाडन काहे नक ऊ कहले बाडन नक हमार कवनो बात बेकार ना होखी. 5 तू अम्मोन के नकरायादार अकीओर, जे तोहरा अपराध के नदन ई बात कहले बाडऽ, आजु से अब तक हमार चेहरा ना दे खब जब तक नक हम नमस्र से ननकलल एह राष्ट्र के बदला ना लेब। 6 तब हमार सेना के तलवार आ हमार सेवा करे वाला लोग के भीड तोहरा बगल से गुजरी आ जब हम लवटब त तू ओह लोग के मारल लोग के बीच में नगर जाईब। 7 अब हमार सेवक तोहरा के पहाडी इलाका में ले आके रास्ता के कवनो शहर में बइठा नदहें । 8 जबले तू ओह लोग के साथे नाश ना होखब तबले तू नाश ना होखबऽ। 9 आ अगर तू अपना मन में मना लेत बाडू नक ओह लोग के पकडल जाई त तोहार चेहरा मत नगर जाव, हम ई बात कहले बानी आ हमार कवनो बात बेकार ना होई। 10 तब होलोफनेस अपना ्े रा में इं तजार करत अपना नौकरन के आज्ञा नदहलन नक अकीओर के लेके बेतुनलया ले आके इस्राएल के लोग के हाथ में सौंपल जाव। 11 तब ओकर नौकर ओकरा के लेके ्े रा से बाहर मैदान में ले अइले आ मैदान के बीच से पहाडी इलाका में जाके बेतुनलया के नीचे के फव्वारा पर पहुाँ चले। 12 जब शहर के लोग ओह लोग के दे खले त ऊ लोग आपन हनथयार उठा के शहर से बाहर पहाडी के चोटी पर चल गइल आ हर आदमी गोफन चलावे वाला लोग ओह लोग पर पत्थर ्ाल के ओह लोग के ऊपर ना आवे से रोकत रहे । 13 तबहूाँ ऊ लोग गुप्त रूप से पहाडी के नीचे आके अकीओर के बान्ह के नीचे फेंक के पहाडी के तलहटी में छोड के अपना मानलक के लगे लवट गईले। 14 लेनकन इस्राएली लोग अपना शहर से उतर के ओकरा लगे आके ओकरा के खोल के बेतुनलया ले अइले आ ओकरा के शहर के राज्यपालन के सोझा पेश कर नदहले। 15 उ लोग ओह घरी नशमोन के गोत्र के मीका के बेटा ओनजयास आ गोथोनीएल के बेटा कानिस आ मल्कीएल के बेटा करमीस रहले।


16 ऊ लोग शहर के सब पुरनका लोग के एकट्ठा क के आपन सब नवही लोग आ उनकर मेहरारू लोग के भीड में भाग गइल आ अनकयोर के अपना सब लोग के बीच में बइठा नदहल। तब ओनजयास उनका से पूछले नक जवन भइल बा। 17 ऊ जवाब नदहलन आ होलोफनेस के पररषद के बात आ असूर के राजकुमारन के बीच जवन भी बात कहले रहले आ होलोफनेस इस्राएल के घराना के म्खलाफ जवन कुछ भी गवज से कहले रहले, उ सब सुनवले। 18 तब लोग नगर के भगवान के आराधना कइल आ भगवान से पुकारल। कहत बानी नक 19 हे स्वगज के परमेश्वर, ओह लोग के घमं् दे खऽ आ हमनी के जानत के नीच म्स्डथनत पर दया करऽ आ आज तोहरा खानतर पनवत्र भइल लोग के चेहरा दे खऽ। 20 तब उ लोग अनकयोर के नदलासा दे ले अवुरी उनुकर बहुत तारीफ कईले। 21 ओनजयास ओकरा के सभा से बाहर लेके अपना घरे ले गइलन आ बुजुगज लोग खानतर भोज बनवले। उ लोग रात भर इस्राएल के भगवान से मदद खानतर पुकारत रहले। अध्याय 7 के बा 1 अनगला नदने होलोफनेस आपन सब से ना आ उनकर सब लोग जे उनकर नहस्सा लेवे आइल रहे , आज्ञा नदहलन नक ऊ लोग आपन ्े रा बेथुनलया के म्खलाफ हटावे, पहाडी इलाका के चढाई के रास्ता पनहले से ले लेव आ इस्राएल के लोग के म्खलाफ लडाई करस . 2 तब ओह नदन ओह लोग के ताकतवर लोग आपन ्े रा हटा नदहल आ युद्धकमी लोग के सेना में एक लाख सत्तर हजार पैदल सैननक आ बारह हजार घुडसवार, सामान के बगल में आ अउरी लोग जे ओह लोग के बीच पैदल चलत रहे , बहुत भीड रहे . 3 ऊ लोग बेतुनलया के लगे घाटी में, फव्वारा के नकनारे ्े रा ्ाल के दोथाईम से लेके बेलमैम तक आ बेथुनलया से लेके एस्ड्र े लोन के सामने वाला नसनामोन तक पसरल। 4 इस्राएल के लोग ओह लोग के भीड दे ख के बहुत घबरा गईले आ हर केहू अपना पडोसी से कहलस, “अब इ लोग धरती के चाट जईहे । काहे नक ना त ऊाँच पहाड, ना घाटी, ना पहाडी आपन वजन उठावे में सिम बा। 5 तब हर आदमी आपन युद्ध के हनथयार उठा के जब ऊ लोग अपना बुजज पर आग लगा के रात भर दे खत रहे । 6 लेनकन दू सरा नदन होलोफनेस अपना सब घुडसवार के बेतुनलया में रहल इस्राएल के लोग के सामने ले अइले। 7 शहर तक के रास्ता दे ख के ओह लोग के पानी के फव्वारा पर आके ओह लोग के पकड के ओह लोग पर युद्धकमी लोग के सेना लगा नदहलन आ ऊ खुद अपना लोग के ओर बढ गइलन. 8 तब एसाव के सब सरदार आ मोआब के लोग के सब गवनजर आ समुंद्र के नकनारे के सेनापनत उनकरा लगे आके कहले। 9 हमनी के मानलक अब एगो बात सुनस नक तोहार सेना में कवनो उखाड ना होखे। 10 इस्राएल के ई लोग अपना भाला पर भरोसा ना करे ला, बलुक ओह पहाडन के ऊाँचाई पर भरोसा करे ला जवना में ऊ लोग रहे ला, काहे नक ओह लोग के पहाड के चोटी पर चढल आसान ना होला। 11 अब हे मानलक, ओह लोग से लडाई के नसलनसला में मत लडीं आ तोहरा लोग में से एक आदमी के नाश ना होई। 12 अपना ्े रा में रहऽ आ अपना सेना के सब आदमी के रखीं आ तोहार नौकरन के ओह पानी के फव्वारा के अपना हाथ में ले आवे दीं जवन पहाड के तलहटी से ननकले ला। 13 बेतुनलया के सब ननवासी लोग के पानी उहा​ाँ से नमले ला। त प्यास ओह लोग के मार दी आ ऊ लोग आपन शहर छोड दी आ हमनी के

आ हमनी के लोग नजदीक के पहाडन के चोटी पर चढ के ओह लोग पर ्े रा ्ाल के दे खब जा नक केहू शहर से बाहर ना ननकले. 14 एही से उ लोग आ उनकर मे हरारू आ लइका लोग आग से भस्म हो जाई आ तलवार के म्खलाफ आवे से पनहले उ लोग के रहे वाला गली में उखाड फेंकल जाई। 15 एह तरह से तू ओह लोग के बुरा इनाम दे बऽ। काहे नक ऊ लोग नवद्रोह कइल आ तोहरा से शां नत से ना नमलल. 16 ई बात होलोफनेस आ उनकर सब नौकरन के नीक लागल आ ऊ लोग के कहला के मुतानबक काम करे के ननयुम्ि कइलन। 17 अम्मोन के ्े रा आ अपना साथे पां च हजार अश्शूर के लोग ननकलल आ घाटी में ्े रा ्ाल के इस्राएल के लोग के पानी आ पानी के फव्वारा के पकड नलहल। 18 तब एसाव के लोग अम्मोन के लोग के साथे चढ के दोथाईम के सामने पहाडी इलाका में ्े रा ्ाल के कुछ लोग के दम्िन ओर आ पूरब के ओर एकरे बेल के सामने भेजले जवन नक चूसी के नजदीक बा, यानी मोचमुर नदी पर बा; अश्शूर के बाकी सेना मैदान में ्े रा ्ाल के पूरा दे श के ढं क नलहलस। आ ओह लोग के ्े रा आ गाडी बहुते भीड खानतर खडा हो गइल रहे । 19 तब इस्राएल के लोग अपना परमेस् वर यहोवा से पुकारल, काहे नक उनकर नदल कमजोर हो गईल रहे , काहे नक उनकर सब दु श्मन उनकरा के चारो ओर घेर लेले रहले आ ओह लोग के बीच से बाहर ननकले के कवनो रास्ता ना रहे । 20 असूर के सब दल चार तीस नदन तक पैदल चले वाला, रथ आ घुडसवार दु नो के आसपास रहल, जवना से बेथुनलया के सब रोकथाम वाला लोग के पानी के सब बतजन खराब हो गईल। 21 कुं् खाली हो गइल आ एक नदन तक पेट पीये खानतर पानी ना रहे । काहे नक उ लोग नाप-जोख से ओ लोग के पानी नपयावत रहले। 22 एह से ओह लोग के छोट लइका-लइकी के मन बेहोश हो गइल आ ओह लोग के मेहरारू आ नवही लोग प्यास से बेहोश हो गइल आ शहर के गली-गली आ फाटक के रास्ता पर नगर गइल आ अब ओह लोग में कवनो ताकत ना रहे । 23 तब सब लोग ओनजयास आ शहर के मुम्खया, युवक, मेहरारू आ लइका-लइकी के लगे जुट गइल आ जोर से नचल्ला के सब बुजुगजन के सामने कहलस। 24 परमेस् वर हमनी आ तोहनी के बीच न्याय करस, काहे नक तू हमनी के बहुत बुराई कइले बाडऽ, काहे नक तू लोग असूर के लोग से शां नत ना मा​ाँ गले बाडऽ। 25 अब हमनी के कवनो सहायक नइखे, लेनकन परमेश्वर हमनी के ओ लोग के हाथ में बे च दे ले बाडे तानक हमनी के प्यास अवुरी बहुत नवनाश के संगे ओ लोग के सोझा फेंक नदहल जाए। 26 अब ओह लोग के अपना लगे बोला के पूरा शहर के लूट के रूप में होलोफनेस के लोग आ ओकर पूरा सेना के सौंप दीं। 27 काहे नक हमनी के प्यास से मरला से बनढया बा नक हमनी के ओ लोग के लूट बनावल जाइब जा, काहे नक हमनी के उनकर सेवक बनब जा तानक हमनी के प्राण नजंदा रह सके आ ना ही हमनी के आाँ ख के सामने हमनी के नशशु के मौत ना दे खेनी जा, ना ही हमनी के मेहरारू के सामने हमनी के लइकन के मर जाए के बा। 28 हमनी के तोहनी के म्खलाफ आकाश आ धरती, आ अपना परमेश्वर आ हमनी के पूवजज के प्रभु के गवाही दे त बानी जा, जे हमनी के पाप आ हमनी के पुरखन के पाप के नहसाब से सजा दे वेले, नक उ आज हमनी के कहला के मुतानबक ना करे । 29 तब सभा के बीच में एक सहमनत से बहुत रोवे लागल। उ लोग जोर-जोर से प्रभु परमेश्वर से पुकारत रहले। 30 तब ओनजयास उनकरा से कहलस, “हे भाई लोग, नहम्मत राखीं, हमनी के पां च नदन तक नटकल रही ं जा, जवना में हमनी के परमेश्वर प्रभु हमनी के ओर आपन दया कर सकेले। काहे नक उ हमनी के एकदम से ना छोडीहे ।


31 अगर इ नदन बीत गईल आ हमनी के कवनो मदद ना आई त हम तोहरा वचन के मुतानबक काम करब। 32 उ लोग के हर एक के अपना नहसाब से नततर-नबतर कर नदहलन। ऊ लोग अपना शहर के दे वाल आ बुजजन पर जाके मेहरारू आ लइकन के अपना घर में भेज नदहल आ ओह लोग के शहर में बहुते नीचा ले आवल गइल. अध्याय 8 के बा 1 ओही घरी जून्थ एकर बात सुनली, उ यूसुफ के बेटा बैल के बेटा मेरारी के बेटी रहली, ओजेल के बेटा, एम्िया के बेटा, अनननया के बेटा, रफाइम के बेटा नगदोन के बेटा रहली , एलीयू के बेटा अनसथो के बेटा, एनलयाब के बेटा, नतनएल के बेटा, समएल के बेटा, इस्राएल के बेटा सलासादाल के बेटा। 2 मनशस उनकर पनत, उनकर गोत्र आ ररश्तेदार रहलन, जे जौ के फसल में मर गइलन। 3 जब उ खेत में गुिा बान्हे वाला लोग के दे खरे ख करत खडा रहले त उनुका माथा प गमी आ गईल अवुरी उ अपना नबछौना प नगर गईले अवुरी बेतुनलया शहर में मर गईले अवुरी उ लोग उनुका के अपना नपता के संगे दोथाईम अवुरी बालामो के बीच के खेत में दफना दे ले . 4 जून्थ तीन साल चार महीना के घर में नवधवा रहली। 5 ऊ अपना घर के चोटी पर एगो ्े रा बनवली आ कमर में बोरा पनहनली आ नवधवा के कपडा पनहनली। 6 ऊ अपना नवधवा होखे के पूरा नदन उपवास करत रहली, नसवाय सब्त के नदन, सब्त के नदन, अमावस्या के पूवज संध्या, अमावस्या आ इस्राएल के घराना के परब आ गंभीर नदन के। 7 उनकर चेहरा भी बनढया रहे आ दे खे में बहुत सुन्दर रहली आ उनकर पनत मनसस उनकर सोना, चां दी, नौकर-दासी, मवेशी आ जमीन छोड के चल गइल रहले। आ ऊ ओह लोग पर रह गइली. 8 केहू अइसन ना रहे जे ओकरा के बुरा बात कहलस। जइसे नक ऊ भगवान से बहुते ्े रात रहली. 9 जब उ राज्यपाल के म्खलाफ लोग के बुरा बात सुनली नक उ लोग पानी के कमी से बेहोश हो गईले। काहे नक जून्थ ओनजयास के कहल सब बात सुनले रहले आ पां च नदन बाद शहर के अश्शूर के सौंप दे वे के कसम खइले रहले। 10 तब उ आपन प्रतीिक मनहला के भेजली, जवन नक ओकरा लगे जवन भी चीज के सरकार रहे , ओनजयास, चानिस आ चारनमस के शहर के प्राचीन लोग कहे खानतर भेजली। 11 उ लोग ओकरा लगे अईले अवुरी कहली नक, हे बेथुनलया के ननवासी के राज्यपाल, अब हमार बात सुन, काहें की आज जवन बात तू लोग के सोझा कहले बाडू, उ सही नईखे, जवन नक तू जवन नकररया खईले अवुरी सुनवले बानी, उ सही नईखे भगवान आ तोहनी के बीच में, आ वादा कइले बानी नक शहर के हमनी के दु श्मनन के सौंप दे ब, जबले नक एह नदनन के भीतर प्रभु तोहनी के मदद ना कर लेव। 12 अब रउवां के हईं जे आज परमेश्वर के परीिा दे ले बानी आ आदमी के संतान के बीच में परमेश्वर के जगह खडा बानी? 13 अब सवजशम्िमान प्रभु के परीिण करी,ं लेनकन तोहनी के कबो कवनो बात ना पता चली। 14 काहे नक तू लोग आदमी के नदल के गहराई ना पा सकेलऽ आ ना ही ओकर सोच के बात के बोध कर सकेनी, तब तू लोग ई सब बनावे वाला परमेश्वर के कइसे खोज सकीले आ ओकर मन के कइसे जान सकीले आ ओकर उद्दे श्य के कइसे समझ सकीले? हे भाई लोग, हमनी के प्रभु प्रभु के नाराज मत करी।ं 15 अगर उ एह पां च नदन में हमनी के मदद ना करी त ओकरा लगे हर नदन हमनी के बचाव करे के अनधकार बा, चाहे उ हमनी के दु श्मन के सोझा हमनी के नाश क दे वे।

16 हमनी के परमेस् वर परमेस् वर के सलाह के मत बा​ाँ धऽ, काहेनक परमेश्वर आदमी ननयर नइखन नक ओकरा के धमकी नदहल जा सके। ना ऊ आदमी के बेटा जइसन बा नक ऊ ्गमगात रहे . 17 एह से हमनी के ओकर उद्धार के इं तजार करीं जा आ ओकरा से हमनी के मदद करे के आह्वान करीं जा, आ अगर ओकरा मन में उ हमनी के आवाज सुन लीहें । 18 हमनी के जमाना में केहू ना पैदा भइल रहे आ ना ही अब कबो हमनी के बीच ना कवनो गोत्र, ना पररवार, ना लोग, ना शहर, जवन पनहले जइसन हाथ से बनल दे वता के पूजा करे ला। 19 एही से हमनी के पुरखा लोग तलवार आ लूट के काम में ्ूब गइलन आ हमनी के दु श्मनन के सामने बहुते नगर गइलन। 20 लेनकन हमनी के कवनो दोसर दे वता के नईखी जानत, एहसे हमनी के भरोसा बा नक उ हमनी के अवुरी हमनी के कवनो जानत के नतरस्कार ना करीहे । 21 अगर हमनी के अईसन पकडल जाई त पूरा यहूनदया उजाड हो जाई अवुरी हमनी के पनवत्र स्डथान लूट हो जाई। आ ऊ हमनी के मुाँह से एकर अपनवत्र करे के मा​ाँ ग करीहें . 22 हमनी के भाई लोग के कत्ल, दे श के बंदी आ हमनी के नवरासत के उजाड, उ गैर-यहूदी लोग के बीच हमनी के माथा पर मुड जाई, जहा​ाँ भी हमनी के गुलामी में रहब जा। आ हमनी के अपना कब्जा में राखे वाला सब लोग खानतर अपराध आ ननंदा होखब जा। 23 काहे नक हमनी के दासता के अनुिह ना होई, लेनकन हमनी के परमेश्वर प्रभु एकरा के बेइज्जत में बदल नदहे । 24 अब हे भाई लोग, हमनी के अपना भाई लोग के एगो उदाहरण दे खाईं जा काहे नक उनकर नदल हमनी पर ननभजर बा, पनवत्र स्डथान, घर आ वेदी हमनी पर नटकल बा। 25 एकरा अलावा हमनी के प्रभु परमेश्वर के धन्यवाद दे वे के चाही ं, जे हमनी के परखत रहले, जइसे नक उ हमनी के पुरखन के कइले रहले। 26 याद रखीं नक उ अिाहम के साथे कवन काम कइले रहले, इसहाक के कइसे परीिा नदहले रहले, आ अराम के मेसोपोटानमया में याकूब के का भइल रहे जब ऊ अपना महतारी के भाई लाबान के भेड रखले रहले। 27 काहे नक उ हमनी के आग में परीिा ना कईले, जईसे उ लोग के नदल के जां च कईले रहले, ना ही हमनी से बदला लेले, लेनकन प्रभु अपना नजदीक आवे वाला के कोडा मारे ले अवुरी उनुका के सलाह दे वेले। 28 ओनजयास ओकरा से कहलस, “तू जवन कुछ कहले बाडू, उ सब बात तू अिा मन से कहले बाडू, लेनकन केहु नईखे जे तोहार बात के नवरोध कर सके।” 29 काहे नक ई पनहला नदन ना ह जवना में तोहार बुम्द्ध प्रकट होई। लेनकन तोहरा नदन के शुरुआत से ही सब लोग तोहार समझ के जानत बा, काहे नक तोहार मन के स्वभाव बनढया बा। 30 लेनकन लोग बहुत प्यासल रहे आ हमनी के मजबूर कर नदहलस नक हमनी के कहला के मुतानबक उ लोग के साथे कसम ले आईं जा, जवना के हमनी के ना तोडब जा। 31 एह से अब तू हमनी खानतर प्राथजना करऽ काहे नक तू एगो भम्िमान औरत हउअ आ प्रभु हमनी के कुं् भरे खानतर बरखा भे ज नदहे आ हमनी के अब बेहोश ना होखब जा। 32 तब जून्थ ओह लोग से कहली नक, हमार बात सुनीं, हम एगो अइसन काम करब जवन हर पीढी में हमनी के जानत के संतान तक चली। 33 आजु रात तू लोग फाटक में खडा होखब आ हम अपना प्रतीिक मेहरारू के साथे ननकलब आ जवना नदन में तू लोग शहर के हमनी के दु श्मनन के सौंप दे बे के वादा कइले बाडऽ, ओह नदन में प्रभु हमरा हाथ से इस्राएल के दौरा करीहें ।


34 लेनकन हमार काम के बारे में मत पूछी,ं काहे नक जब तक हम जवन काम पूरा ना हो जाई, तब तक हम तोहनी के इ बात ना बताईब। 35 ओनजयास आ राजकुमार लोग ओकरा से कहलस, “हमनी के दु श्मनन से बदला लेवे खानतर शां नत से जा, आ प्रभु परमेश्वर तोहरा सामने रहस।” 36 तब उ लोग ्े रा से लवट के अपना वा्ज में चल गईले। अध्याय 9 के बा 1 जून्थ मुाँह पर नगर के अपना माथा पर राख ्ाल के ऊ बोरा खोल नदहली जवना से ऊ कपडा पनहनले रहली। जब ओह सा​ाँ झ के धूप यरूशलेम में प्रभु के घर में चढावल गइल रहे , ओही समय जून्थ जोर से नचल्ला के कहली। 2 हे हमार नपता नशमोन के परमेश्वर प्रभु, जेकरा के तू परदे सी लोग के बदला लेवे खानतर तलवार दे ले रहलू, जे एगो नौकरानी के पट्टी ढीला क के ओकरा के अशुद्ध कर नदहलस, आ ओकरा लाज खानतर जां घ के पता चलल, आ ओकर कुंवारीपन के ओकरा ननंदा करे खानतर दू नषत कर नदहलस। काहे नक तू कहले रहलू नक अइसन ना होई। आ तबनहयो ऊ लोग अइसही ं कइल: 3 एही से तू ओह लोग के शासकन के मारे खानतर दे हनी नक ऊ लोग धोखा खा के आपन नबछौना खून से रं गल आ अपना मानलकन के साथे नौकरन के मार नदहलस आ ओह लोग के नसंहासन पर बइठल मानलकन के मार नदहलस। 4 आ अपना मेहरारूवन के नशकार बना के आ बेटी के बंदी बना के आ आपन सब लू ट के तोहरा नप्रय लइकन में बा​ाँ टे खानतर दे ले बा। जे तोहार जोश से भावुक होके अपना खू न के प्रदू षण से घृणा करत रहे आ तोहरा के सहायता खानतर पुकारत रहे , हे भगवान, हे हमार भगवान, हमरा के नवधवा के रूप में भी सुनऽ। 5 काहे नक तू खाली उहे काम ना कइले बाडू, बलुक ऊ काम भी कइले बाडऽ जवन पनहले नगरल रहे आ ओकरा बाद के काम भी कइले बाडऽ। तूाँ अब आ आवे वाला बातन के बारे में सोचले बाडू। 6 हाँ , जवन बात तू तय कइले रहलू ऊ तइयार हो गइल रहे आ कहत रहे नक दे ख, हमनी के इहा​ाँ बानी जा, काहे नक तोहार सब रास्ता तइयार हो गइल बा आ तोहार न्याय तोहरा पनहले से पता चलल बा। 7 काहे नक दे खऽ, अश्शूर लोग के ताकत बढ गइल बा। घोडा आ आदमी के साथे ऊ लोग के ऊंचाई नदहल जाला; ऊ लोग अपना पैदल चले वाला लोग के ताकत पर घमं् करे ला। ढाल, भाला, धनुष आ गोफन पर भरोसा करे लें। आ ई मत जानऽ नक तू लडाई के तोडे वाला प्रभु हईं, प्रभु तोहार नाम हऽ। 8 अपना शम्ि में ओह लोग के ताकत के नगरा द आ अपना क्रोध में ओह लोग के ताकत के नगरा दी ं काहे नक ऊ लोग तोहार पनवत्र स्डथान के अशुद्ध करे के आ तोहार गौरवशाली नाम के तम्बू के गंदा करे के आ तोहार वेदी के सीग ं के तलवार से नगरावे के इरादा रखले बा। 9 दे खऽ ओह लोग के घमं् आ ओह लोग के माथा पर आपन क्रोध भेजऽ, हमरा नवधवा के हाथ में दे दऽ जवन हम गभजवती बानी। 10 हमरा होंठ के धोखा से नौकर के राजकुमार के साथे आ राजकुमार के नौकर के मार दी।ं 11 काहेनक तोहार शम्ि भीड में ना खडा बा आ ना ही तोहार ताकत ताकतवर लोग में, काहे नक तू दु खी लोग के परमेश्वर हउअ, दबलल लोग के सहायक हउअ, कमजोर लोग के सहारा दे वे वाला हउअ, नवरह के रिक हउअ, आ आशाहीन लोग के उद्धारकताज हउअ . 12 हे हमार बाप के परमेश्वर, आ इस्राएल के उत्तरानधकार के परमेश्वर, आकाश आ धरती के प्रभु, पानी के रचनयता, हर प्राणी के राजा, हमार प्राथजना सुनऽ। 13 आ हमरा बात आ धोखा के ओह लोग के घाव आ चोट बनाईं, जे तोहार वाचा, तोहार पनवत्र घर, नसयोन के चोटी आ तोहरा लइकन के घर के म्खलाफ क्रूर काम कइले बा।

14 आ हर जानत आ गोत्र के ई मान लेव नक तू हर शम्ि आ ताकत के भगवान हउअ आ तोहरा छोड के दोसर केहू नइखे जे इस्राएल के लोग के रिा करे . अध्याय 10 के बा 1 एकरा बाद उ इस्राएल के परमे श्वर से पुकारल बंद क दे ली अवुरी इ सभ बात के अंत क दे ली। 2 जहा​ाँ ऊ नगरल रहली उहा​ाँ उठ के अपना नौकरानी के बोलवली आ सब्त के नदन आ परब के नदन जवना घर में रहत रहली। 3 ऊ जवन बोरा पनहनले रहली ओकरा के उतार के नवधवा के कपडा उतार के आपन दे ह के चारो ओर पानी से धो नदहली आ कीमती मरहम से अनभषेक कइली आ माथा के बाल के बेनी आ टायर पनहन नलहली ओकरा के उ खुशी के कपडा पनहनले, जवना से उ अपना पनत मनशस के जीवन में पनहनले रहली। 4 ऊ अपना गोड पर चप्पल लेके आपन कंगन, जंजीर, अंगूठी, झुमका आ आपन सब आभूषण पनहनली आ अपना के बहादु री से सजवली, तानक उनुका के दे खे वाला सभ आदमी के आाँ ख लु भावल जा सके। 5 तब ऊ अपना नौकरानी के शराब के बोतल आ तेल के क्रूस नदहली आ एगो थैली में सूखल मकई, अंजीर के गां ठ आ बनढया रोटी भर नदहली। त ऊ ई सब चीजन के मोड के अपना ऊपर नबछा नदहली। 6 एह तरह से उ लोग बेथुनलया नगर के फाटक पर गईले आ ओनहजा ओनजयास आ नगर के प्राचीन लोग चानिस आ चरमीस के खडा नमलल। 7 जब उ लोग ओकरा के दे खले नक ओकर चेहरा बदल गईल बा अवुरी कपडा बदल गईल बा, त उनुकर सुंदरता दे ख के बहुत आियजचनकत हो गईले अवुरी उनु का से कहले। 8 हमनी के पुरखन के परमेश्वर तोहरा के अनुिह करस आ इस्राएल के लोग के मनहमा आ यरूशलेम के ऊंचाई खानतर आपन काम पूरा करऽ। तब उ लोग भगवान के पू जा कईले। 9 ऊ ओह लोग से कहली, “नगर के फाटक हमरा खानतर खोले के आदे श दीं तानक हम जवन बात तू हमरा से कहले बानी ओकरा के पूरा करे खानतर ननकल सकीले।” त उ लोग नवही लोग के आदे श दे ले नक उ जईसन उ कहले रहली, उ उनुका सोझा खुल के दे खस। 10 जब उ लोग अईसन कईले त जून्थ अपना नौकरानी के संगे ननकल गईली। शहर के लोग ओकर दे खभाल तब तक करत रहले, जब तक नक उ पहाड से नीचे ना उतर गईल अवुरी जब तक उ घाटी से ना गुजरली अवुरी ओकरा के अब ना दे ख पवली। 11 एह तरह से ऊ लोग सीधे घाटी में चल गइलन आ अश्शूर के पनहला पहरादार ओकरा से नमलल। 12 ऊ ओकरा के लेके पूछले, “तू कवना लोग के हईं?” आ तू कहा​ाँ से आइल बाडू? आ तू कहा​ाँ जात बाडू? ऊ कहली, “हम इिाननयन के मेहरारू हईं आ ओह लोग से भाग गइल बानी काहे नक ऊ लोग तोहरा के नाश करे खानतर नदहल जाई. 13 हम तोहरा सेना के प्रमुख होलोफनेस के सामने सच्चाई के बात बतावे खानतर आवत बानी। आ हम ओकरा के एगो रास्ता दे खा दे ब जवना से ऊ जाके पूरा पहाडी इलाका के जीत लेव, नबना कवनो आदमी के दे ह भा जान गाँववले. 14 जब आदमी उनकर बात सु न के उनकर चेहरा दे खले त उनकर सुंदरता दे ख के बहुत अचरज में पड गइलन आ कहलन। 15 तू आपन जान बचा लेले बाडू नक तू जल्दी से हमनी के मानलक के सोझा उतरल बाडू, एहसे अब उनुका ्े रा में आ जाईं अवुरी हमनी में से कुछ लोग तोहरा के तब तक चला नदहे , जब तक नक उ लोग तोहरा के उनुका हाथ में ना दे नदहे । 16 जब तू ओकरा सोझा खडा होखब त अपना मन में मत ्े राईं, बलुक ओकरा के अपना वचन के मुतानबक दे खाईं। आ ऊ तोहरा से बनढया से ननहोरा करीहें .


17 ओकरा बाद उ लोग ओकरा में से सौ आदमी के चुनले, जवन नक उनुका अवुरी ओकर दासी के संगे चले। उ लोग ओकरा के होलोफनेस के ्े रा में ले गईले। 18 तब पूरा ्े रा में एगो भीड रहे , काहे नक तम्बू के बीच में उनु का आवे के हल्ला हो गईल रहे अवुरी जब तक उ होलोफनेस के ्े रा के बहरी खडा रहली, तब तक उ लोग उनुका के चारों ओर घूमत रहले। 19 उ लोग ओकर सुंदरता दे ख के अचरज में पड गईले अवुरी ओकरा चलते इस्राएल के लोग के तारीफ कईले अवुरी हरे क आदमी अपना पडोसी से कहलस नक, “एह लोग के नतरस्कार के करी, जवना में अयीसन मनहला बाडी?” नननित रूप से ई अिा नइखे नक ओहमें से एक आदमी के छोड नदहल जाव जेकरा छोड नदहला से पूरा धरती के धोखा दे सके. 20 होलोफनेस के लगे पडल लोग आ ओकर सब नौकर आऊ ओकरा के ्े रा में ले अइले। 21 होलोफनेस अपना नबछौना पर एगो छतरी के नीचे नटकल रहले, जवन बैंगनी, सोना, पन्ना आ कीमती पत्थर से बुनल रहे । 22 तब उ लोग ओकरा के उनकरा बारे में बतावत रहले। उ अपना ्े रा के सामने चां दी के दीया लेके ननकलल। 23 जब जून्थ आ उनकर नौकरन के सामने अइली त सभे उनकर चेहरा के सुंदरता दे ख के अचरज में पड गइलन। ऊ मुाँह पर नगर के ओकर आदर कइली आ ओकर नौकर ओकरा के उठा नलहले. अध्याय 11 के बा 1 तब होलोफनेस ओकरा से कहलस, “हे औरत, सां त्वना हो, तोहरा मन में मत ्े रा, काहे नक हम कबो केहू के दु ख ना कइनी जे पूरा धरती के राजा नबूकोदोनोसोर के सेवा करे के इिु क होखे। 2 अब अगर पहाड पर रहे वाला तोहार लोग हमरा से रोशनी ना कइले रनहत त हम ओह लोग के म्खलाफ आपन भाला ना उठवले रहती।ं 3 लेनकन अब बताव नक तू ओह लोग से काहे भाग गइल बाडू आ हमनी के लगे काहे आइल बाडू, काहे नक तू बचाव खानतर आइल बाडू? आराम से रहऽ, तू आजु रात आ ओकरा बाद नजयबऽ। 4 काहे नक केहू तोहरा के कवनो नुकसान ना पहुाँ चाई, बलुक तोहरा से ननहोरा करी, जइसे नक राजा नबूकोदोनोसोर के सेवक लोग करे ला। 5 तब जून्थ ओकरा से कहली, “अपना नौकर के बात िहण करऽ आ अपना दासी के तोहरा सोझा बोले दी,ं त हम आजु रात अपना मानलक से कवनो झूठ ना बताइब।” 6 अगर तू अपना दासी के बात के पालन करब त भगवान तोहरा लगे पूरा तरीका से पूरा कर नदहे । आ हमार मानलक अपना मकसद से ना चूक पइहें । 7 जइसे पूरा धरती के राजा नबूकोदोनोसोर नजंदा बा आ ओकर शम्ि नजंदा बा, जे तोहरा के हर जीव के भरण-पोषण खानतर भेजले बा, काहे नक खाली आदमी तोहरा से ओकर सेवा ना करी, बलुक खेत के जानवर आ पशु-पिी भी ओकर सेवा करी। आ आकाश के नचरई, नबूकोदोनोसोर आ ओकर पूरा घर के अधीन तोहरा शम्ि से नजयत रहीहें । 8 हमनी के तोहार बुम्द्ध आ तोहार नीनत के बारे में सुनले बानी जा आ पूरा धरती में खबर बा नक तू खाली पूरा राज्य में श्रेष्ठ बाडू, ज्ञान में पराक्रमी बाडू, आ युद्ध के कारनामा में अद् भुत बाडू। 9 अनकयोर जवन बात तोहरा पररषद में कहले रहले, ओकरा बारे में हमनी के उनुकर बात सुनले बानी जा। काहे नक बेथुनलया के लोग ओकरा के बचा नलहले आ ऊ तोहरा से जवन कुछ कहले रहले ओकरा के बता नदहले. 10 एह से हे प्रभु आ राज्यपाल, ओकर बात के आदर मत करीं। लेनकन एकरा के अपना नदल में रख ली,ं काहे नक ई सा​ाँ च ह, काहेनक हमनी के जानत के सजा ना नमली आ ना ही तलवार ओकरा पर हावी

हो सकेला, जब तक नक उ लोग अपना परमेश्वर के म्खलाफ पाप ना करी। 11 आ अब, नक हमार मानलक हार ना जाव आ अपना मकसद से नाकाम ना हो जाव, त अब मौत तक ओह लोग पर पड गइल बा, आ ओह लोग के पाप ओह लोग पर आ गइल बा, जवना से ऊ लोग जब भी ऊ काम करी जवन होखे लायक नइखे, तब ऊ लोग अपना भगवान के नाराज कर दी हो गईल: 12 काहे नक ओह लोग के खाना खतम हो जाला आ ओह लोग के पूरा पानी कम हो जाला आ ऊ लोग अपना मवेशी पर हाथ ्ाले के ठान नलहले बा आ ऊ सब चीजन के भस्म करे के योजना बनवले बा जवना के भगवान अपना ननयम से ओह लोग के खाए से मना कर नदहले बाडन. 13 आऊ ठान ले ले बानी नक शराब आ तेल के दसवां नहस्सा के पनहला फल के खचाज करब, जवना के ऊ लोग पनवत्र कइले रहे आ हमनी के परमेश्वर के सामने यरूशलेम में सेवा करे वाला याजकन खानतर सुरनित रखले रहे । जवना चीजन के कवनो लोग के हाथ से छूवे के जायज नइखे. 14 उ लोग कुछ लोग के यरूशले म भेजले बाडे , काहे नक उहा​ाँ के लोग भी सीनेट से लाइसेंस ले आवे खानतर अयीसन कईले बाडे । 15 जब ऊ लोग ओह लोग के खबर ले आई त तुरते कर दीहें आ ओही नदन तोहरा के नष्ट् कर नदहल जाई. 16 एही से हम तोहार दासी ई सब जान के ओह लोग के सामने से भाग गइल बानी। भगवान हमरा के तोहरा साथे काम करे खानतर भेजले बाडन, जवना से पूरा धरती अचरज में पड जाई आ जे सुनत होई। 17 काहे नक तोहार सेवक धानमजक ह आ नदन रात स्वगज के भगवान के सेवा करे ला, अब हे मानलक, हम तोहरा साथे रहब आ तोहार सेवक रात में घाटी में ननकल जाई आ हम भगवान से प्राथजना करब हमरा के बताई नक जब उ लोग आपन पाप कईले बाडे । 18 हम आके तोहरा के बताइब, तब तू अपना पूरा सेना के साथे ननकलब, आ ओह लोग में से केहू तोहरा के नवरोध ना करी। 19 हम तोहरा के यहूनदया के बीच से लेके चलब, जब तक नक तू यरूशलेम के सामने ना आ जाईब। आ हम तोहार नसंहासन ओकरा बीच में बइठा दे ब। आ तू ओह लोग के अइसन भे ड ननयर भगा दे ब जवना के चरवाहा नइखे आ कुकुर तोहरा पर आपन मुाँह तक ना खोली काहे नक ई सब बात हमरा पनहले से बतावल गइल रहे आ हमरा के बतावल गइल रहे आ हम बतावे खानतर भेजल बानी तोहरा के। 20 तब उनकर बात होलोफनेस आ उनकर सब नौकरन के खुश कइलस। ऊ लोग उनकर बुम्द्ध पर अचरज में पड गइलन आ कहलन। 21 धरती के एक छोर से दू सरा छोर तक अइसन मेहरारू नइखे, चेहरा के सुंदरता आ बात के बुम्द्ध दु नो खानतर। 22 ओइसही ं होलोफनेस ओकरा से कहलन। भगवान तोहरा के लोग के सामने भेजला से बनढया काम कइले बाडन नक हमनी के हाथ में ताकत होखे आ हमरा मानलक के हल्का में दे खे वाला लोग पर नवनाश होखे। 23 आ अब तू अपना चेहरा में सुन्दर आ अपना बात में चुटीला हो गइल बाडू, अगर तू जइसन कहले बाडू ओइसन करब त तोहार भगवान हमार भगवान हो जइहें आ राजा नबूकोदोनोसोर के घर में रहब आ पूरा तरह से नामी होखब धरती. अध्याय 12 के बा 1 तब उ ओकरा के ओनहजा ले आवे के आदे श नदहलन जहा​ाँ उनकर थाली राखल रहे । आ कहलन नक ऊ लोग ओकरा खानतर ओकरे खाना बनावे आ ओकरे शराब से पीये.


2 जून्थ कहली, “हम एकर ना खइब, कही ं कवनो अपराध ना होखे, लेनकन जवन चीज हम लेके आइल बानी ओकरा से हमरा खानतर इं तजाम हो जाई।” 3 तब होलोफनेस ओकरा से कहलस, “अगर तोहार खाना खतम हो गईल त हमनी के तोहरा के अयीसन कईसे दे ब? काहे नक हमनी के साथे तोहार जानत के केहू ना होखे। 4 तब जून्थ ओकरा से कहली नक जइसे तोहार प्राण नजंदा बा, हे मानलक, तोहार दासी हमरा लगे जवन चीज बा, ओकरा से पनहले प्रभु हमरा हाथ से उहे काम ना करी जवन उ तय कईले बाडे । 5 होलोफनेस के नौकर ओकरा के ्े रा में ले अइले आ ऊ आधा रात तक सुत गइली आ भोर के समय उठल। 6 होलोफनेस के लगे भेजलन नक, “हमार मानलक अब आज्ञा दे स नक तोहार दासी प्राथजना करे ननकलस।” 7 तब होलोफनेस अपना पहरे दार के आज्ञा नदहलन नक ऊ लोग ओकरा के ना रोके, एह तरह से ऊ तीन नदन ्े रा में रहली आ रात में बेतुनलया के घाटी में ननकल गइली आ ्े रा के नकनारे पानी के फव्वारा में नहा गइली। 8 जब उ बाहर ननकलली त इस्राएल के परमेश्वर यहोवा से ननहोरा कईली नक उ अपना लोग के संतान के नजंदा करे के रास्ता तय करस। 9त ऊ साफ-सुथरा भीतर आके ्े रा में रहली, जब तक नक सा​ाँझ के खाना ना खइली। 10 चउथा नदन होलोफनेस खाली अपना नौकरन खानतर भोज कइलन आ कवनो अनधकारी के भोज में ना बोलवले। 11 तब उ बगोआस नपुंसक से कहलन, जे अपना सब कुछ के नजम्मा रखले रहले, “अब जाके अपना साथे मौजूद एह इिानी औरत के समझा द नक उ हमनी के लगे आके हमनी के संगे खाए-पीये। 12 दे खऽ, हमनी के लाज के बात होई नक अगर हमनी के अइसन मेहरारू के छोड दे ब जा, ओकरा साथे ना रहला के। काहे नक अगर हमनी के ओकरा के अपना लगे ना खींचब जा त ऊ हमनी के नतरस्कार करत हाँ स दीहें . 13 तब बगोआस होलोफनेस के सोझा से जाके ओकरा लगे आके कहलस, “ई गोरी लईकी हमरा मानलक के लगे आवे से ना ्े राए अवुरी उनुका सोझा इज्जत पावे के, शराब पीये अवुरी हमनी के संगे मस्त होखे अवुरी होखे से मत ्े राए एह नदन के अश्शूर के बेटी में से एगो के रूप में बनवले बा, जवन नबू चोदोनोसोर के घर में सेवा करे ली। 14 तब जून्थ ओकरा से कहली, “हम अब के हईं नक हम अपना मानलक के नवरोध कर सकीले?” हम जवन कुछ ओकरा के पसंद करी, उ जल्दी से करब, अवुरी इ हमरा मौत के नदन तक हमार खु शी होई। 15 त ऊ उठ के अपना कपडा आ अपना मेहरारू के सगरी कपडा से सजवली आ उनकर दासी जा के ओकरा खानतर होलोफनेस के सामने जमीन पर मुलायम चमडा नबछा नदहली जवन ओकरा रोजाना इस्तेमाल खानतर बगोआस से नमलल रहे , तानक ऊ बइठ सके आ... ओह लोग के खाईं। 16 जब जून्थ भीतर अईली आ बईठली त होलोफनेस के मन ओकरा से म्खनसया गईल अवुरी उनुकर मन म्खनसया गईल अवु री उनुकर संगत के बहुत इिा भईल। काहे नक ऊ ओकरा के धोखा दे बे खानतर कुछ समय इं तजार करत रहले, जवना नदन से ऊ ओकरा के दे खले रहले. 17 तब होलोफनेस ओकरा से कहलस, “अब पी के हमनी के साथे मस्ती करऽ।” 18 त जून्थ कहली, “हे मानलक, हम अब पी लेब, काहे नक हमार जनम के बाद के सब नदन से भी जादा आज हमरा जीवन में बढोतरी भईल बा।”

19 ओकरा बाद उ अपना दासी के जवन कुछ बनवले रहे , ओकरा के लेके ओकरा सोझा खईली अवुरी पी लेली। 20 होलोफनेस ओकरा से बहुत खुश हो गईले अवुरी उनुका जनम के बाद से एक नदन में जवन शराब नपयले रहले, ओकरा से जादे शराब पी लेले। अध्याय 13 के बा 1 जब सा​ाँ झ हो गइल त उनकर नौकर जल्दी से ननकल गइलन आ बगोआस आपन ्े रा बाहर बंद कर नदहलन आ खबास लोग के अपना मानलक के सामने से बाहर कर नदहलन। उ लोग अपना नबछौना पर चल गईले, काहे नक उ सब थक गईल रहले, काहे नक भोज बहुत लंबा हो गईल रहे । 2 जून्थ तम्बू में अकेले रह गइलन आ होलोफनेस अपना नबछौना पर अकेले लेट गइल रहले, काहे नक ऊ शराब से भरल रहले। 3 जून्थ अपना नौकरानी के आदे श दे ले रहली नक उ अपना बे्रूम के बाहर खडा होके ओकर इं तजार करस। जइसे ऊ रोज करत रहली, काहे नक ऊ कहत रहली नक ऊ अपना प्राथजना में ननकल जइहें आ बगोआस से ओही मकसद से बात करत रहली. 4 एही से सब लोग ननकलल आ केहू सुतल के कोठरी में ना बचल, ना छोट ना बड। तब जून्थ, उनकर नबछौना के लगे खडा होके मन में कहली, “हे हर शम्ि के परमेश्वर, यरूशलेम के ऊंचाई खानतर हमरा हाथ के काम के ई उपहार दे खऽ। 5 काहे नक अब समय आ गईल बा नक रउवा आपन नवरासत के मदद करीं आ हमनी के म्खलाफ उठल दु श्मनन के नाश करे खानतर आपन उद्यम के ननष्पानदत करीं। 6 तब ऊ होलोफनेस के माथा पर नबछौना के खंभा पर पहुाँ चली आ ओनहजा से उनकर फाउसी उतार नदहली। 7 ऊ अपना नबछौना के नजदीक आके उनकर माथा के बाल पकड के कहले, “हे इस्राएल के परमेश्वर प्रभु, आज हमरा के मजबूत करऽ।” 8 ऊ अपना पूरा ताकत से उनकर गरदन पर दू बेर मार नदहली आ उनकर माथा ओकरा से छीन नलहली। 9 आपन लाश नबछौना से नगरा के खंभा से छतरी उतार नदहलस। आ ओकरा बाद ऊ ननकल के होलोफनेस के नसर अपना नौकरानी के दे नदहली। 10 ऊ ओकरा के अपना भोजन के थैली में ्ाल नदहली आ दु नु जाना अपना ररवाज के मुतानबक प्राथजना करे लगले, आ जब उ लोग ्े रा से गुजरले त घाटी के घेर लेले अवुरी बेतुनलया पहाड प चढ के ओकरा दु आर प पहुं चले। 11 जून्थ दू र से फाटक पर चौकीदारन से कहली, “अब फाटक खोलीं, हमनी के परमेस् वर हमनी के साथे बाडन नक यरूशलेम में अबहीं ले आपन शम्ि आ दु श्मन के म्खलाफ आपन सेना के दे खावे के काम कइले बाडन कइल गइल ई नदन। 12 जब उनकर शहर के लोग उनकर आवाज सुन के जल्दी से अपना शहर के फाटक पर उतर गइलन आ शहर के बुजुगज लोग के बोलवले। 13 तब उ लोग छोट-बड सब लोग एक संगे भाग गईले, काहेनक उ लोग के इ बात अजीब रहे नक उ लोग आईल रहली। 14 तब ऊ ओह लोग से जोर से कहली, “परमेशवर के स्तुनत करीं, स्तुनत करीं, भगवान के स्तुनत करीं, हम कहत बानी नक ऊ इस्राएल के घराना से आपन दया ना छीनले, बलुक आजु रात हमरा हाथ से हमनी के दु श्मनन के नाश कर नदहले बाडन। 15 तब ऊ झोरा से नसर ननकाल के ओकरा के दे खा नदहली आ कहली नक दे खऽ असूर के सेना के प्रमुख होलोफनेस के नसर आ दे खऽ ऊ छतरी जवना में ऊ नशा में पडल रहले. आ प्रभु ओकरा के एगो मेहरारू के हाथ से मार नदहले बाडन। 16 जइसे प्रभु नजंदा हउवें, जे हमरा के अपना रास्ता में रखले बाडन, हमार चेहरा उनका के धोखा दे के उनकर नाश कर नदहले बा, बानकर


तबनहयों उ हमरा साथे पाप ना कइले बाडन, हमरा के अशुद्ध आ शमजसार करे खानतर। 17 तब सब लोग अचरज में अचरज में पड गईले अवुरी एक मन से प्रणाम कईले अवुरी भगवान के आराधना कईले अवुरी एक मन से कहलस नक, हे हमनी के भगवान, तू धन्य हो, जवन नक आज तोहरा लोग के दु श्मन के नाश क दे ले बा। 18 ओनजयास ओकरा से कहलस, “हे बेटी, तू धरती पर सब मेहरारू से ऊपर परम ऊाँच परमेश्वर के धन्य हउअ। आ भगवान परमेस् वर के धन्य होखे, जे आकाश आ धरती के रचले बाडन, जे तोहरा के हमनी के दु श्मनन के मुम्खया के नसर काट दे बे खानतर ननदे नशत कइले बाडन। 19 काहे नक तोहार भरोसा ओह आदमी के नदल से ना हट जाई जवन परमेश्वर के शम्ि के हमेशा खानतर याद करे ला। 20 परमेस् वर ई सभ बात तोहरा ओर हमेशा के स्तुनत खानतर मोड दे स, आउर अिा काम में तोहरा से भेंट करस काहे नक तू हमनी के जानत के दु ख खानतर आपन जान ना छोडले बाडू, बलुक हमनी के नवनाश के बदला लेहले बाडू, हमनी के परमेश्वर के सामने सीधा रास्ता से चलत बाडू। आ सब लोग कहलस नक; त होखे, अईसन होखे। अध्याय 14 के बा 1 तब जून्थ कहली, “हे भाई लोग अब हमार बात सुनी ं आ ई नसर लेके आपन दे वाल के सबसे ऊाँच जगह पर लटका दी।ं 2 जइसही ं सबेरे लउकी आ सूरज धरती पर ननकली, हर केहू आपन हनथयार लेके हर वीर आदमी के शहर से बाहर ननकल के ओह लोग पर एगो कप्तान बनवऽ जइसे नक रउरा चाहत होखीं अश्शूर के पहरा के ओर खेत में उतर जा। बानकर नीचे मत जाईं. 3 तब उ लोग आपन कवच लेके अपना ्े रा में जाके असूर के सेना के सेनापनत लोग के उठा के होलोफनेस के तम्बू में भाग जइहें , लेनकन ओकरा के ना पाई, तब ओह लोग पर ्र लागी आ उ लोग के ्र लागी तोहरा चेहरा के सामने भाग जाई। 4 त तू आ इस्राएल के तट पर रहे वाला सब लोग ओह लोग के पीछा करब आ जात-जात ओह लोग के उखाड फेंकब। 5 लेनकन इ काम करे से पनहले हमरा के अम्मोनी अनकयोर कह दीं तानक उ ओकरा के दे ख सके अवुरी जान सके, जे इस्राएल के घराना के तुि समझत रहे अवुरी ओकरा के हमनी के लगे भेजले, जईसे नक उनुका मौत खाती भेजलस। 6 तब उ लोग ओनजयास के घर से अकीओर के बोलवले। जब उ आके लोग के मं्ली में एगो आदमी के हाथ में होलोफनेस के नसर दे खले त उ मुंह प नगर गईले अवु री उनुकर आत्मा कमजोर हो गईल। 7 लेनकन जब उ लोग ओकरा के बरामद कईले त उ जूदीथ के गोड प नगर गईले अवुरी उनुकर आदर कईले अवुरी कहले नक, “यहूदा के सभ तम्बू अवुरी सभ जानत में तू धन्य बाडू, जवन नक तोहार नाम सुन के अचरज में पड जईहे ।” 8 अब हमरा के उ सब बताव जवन तू इ नदन में कईले बाडू। तब जून्थ लोग के बीच में उनकर सब काम के बारे में बता नदहली, जवना नदन से उ ननकलली, तब तक जब उ लोग से बात कईली। 9 जब ऊ बोलल छोड नदहली त लोग जोर से नचल्ला के अपना शहर में खुशी के हल्ला मचल। 10 अकीओर इस्राएल के परमेश्वर के सब काम दे ख के भगवान पर बहुत नवश्वास कईले अवुरी अपना अिचमडी के खतना क दे ले अवुरी आज तक इस्राएल के घराना से जुड गईले। 11 सबेरे उठते होलोफनेस के नसर दे वाल पर लटका नदहले आ हर आदमी आपन हनथयार लेके पहाड के गठरी तक पट्टी बन्ह के ननकल गइलन।

12 अश्शूर के लोग जब उ लोग के दे खले त उ लोग अपना सरदारन के लगे भेजले, जवन नक अपना सेनापनत अवुरी नटर ब्यून अवुरी हरे क शासक के लगे पहुं चले। 13 तब ऊ लोग होलोफनेस के ्े रा पर आके उनकर सब चीजन के संभाले वाला से कहलन, “हमनी के मानलक जाग जा, काहे नक गुलाम हमनी के म्खलाफ लडाई में उतरे के नहम्मत कइले बाडे तानक उ लोग के पूरा तरह से नष्ट् कर नदहल जा सके।” 14 तब बगोआस में जाके ्े रा के दरवाजा खटखटवले। काहे नक ऊ सोचत रहले नक ऊ जून्थ के साथे सुतल बाडन. 15 लेनकन केहू जवाब ना नदहला के चलते उ ओकरा के खोल के बे्रूम में गईले अवुरी उनुका के मरल फशज प फेंकल दे खले अवुरी उनुकर माथा उनुका से छीन नलहल गईल। 16 एही से ऊ जोर-जोर से, रोअत, आह भरत, आ जोरदार नचल्लाहट से नचल्लात आपन कपडा फाड नदहलन। 17 जून्थ के ठहरल ्े रा में गईला के बाद जब उ ओकरा के ना नमलल त उ लोग के पास कूद के नचल्लात कहले। 18 ई गुलाम लोग धोखाधडी कइले बा। इिाननयन के एगो मेहरारू राजा नबूकोदोनोसोर के घर पर शनमिंदगी पैदा कइले नबया काहे नक दे खऽ नक होलोफनेस नबना नसर के जमीन पर पडल बा। 19 जब अश्शूर के सेना के कप्तान इ बात सुनले त उ लोग आपन कोट फाड दे ले अवुरी उनुकर मन अचरज से परे शान हो गईल अवुरी पूरा ्े रा में नचल्लाहट अवुरी बहुत जादे शोरगुल भईल। अध्याय 15 के बा 1 ्े रा में बइठल लोग सुन के अचरज में पड गइलन। 2 ओह लोग पर ्र आ का​ाँ प उठल नक केहू अइसन ना रहे जे अपना पडोसी के नजर में रहे के नहम्मत ना कर लेव, बानकर सब लोग एक संगे दौड के मैदान आ पहाडी इलाका के हर रास्ता में भाग गइल। 3 बेतुनलया के आसपास के पहाडन पर ्े रा ्ाल के लोग भी भाग गइलन। तब इस्राएल के लोग, जे उनके बीच से हर केहू योद्धा रहे , उ लोग पर दौडल। 4 तब ओनजयास के बेतोमास्टे म, बेबाई, चोबाई, कोला आ इस्राएल के पूरा इलाका में भेजलस, जे लोग जवन काम भइल बा, ओकरा के बतावे आ सब लोग अपना दु श्मनन पर दौड के ओकरा के नाश करे । 5 जब इस्राएल के लोग ई बात सुन के सब लोग एक सहमनत से ओह लोग पर नगर गइल आ चोबाई तक मार नदहल, ओइसही ं यरूशलेम से आ पूरा पहाडी इलाका से आवे वाला लोग भी, काहे नक लोग ओह लोग के बतवले रहे नक का भइल रहे दु श्मनन के ्े रा में) आ गलाद आ गलील में रहे वाला लोग दनमश्क आ ओकरा सीमा से गुजरत जबले ओह लोग के बहुते कत्ल के पीछा कइल. 6 बेथुनलया में रहे वाला बचे वाला लोग असूर के ्े रा पर नगर गइल आ ओह लोग के लूट नलहल आ बहुते समृद्ध हो गइल. 7 वध से लवटल इस्राएल के लोग के लगे जवन बचल रहे । पहाड आ मैदान में मौजूद गा​ाँ व आ शहरन में बहुत लूट नमलत रहे काहे नक भीड बहुते रहे । 8 तब महायाजक योआसीम आ यरूशलेम में रहे वाला इस्राएल के प्राचीन लोग, परमेश्वर इस्राएल के अिा बात दे खे आ जूदीथ के दे खे आ ओकरा के नमस्कार करे खानतर अइले। 9 जब उ लोग ओकरा लगे अइले त एक मन से ओकरा के आशीष दे के कहल लोग नक, “तू यरूशलेम के ऊंचाई वाला हउअ, तू इस्राएल के बडहन मनहमा हउअ, तू हमनी के जानत के बडहन आनन्द हउअ। 10 तू इ सब काम अपना हाथ से कईले बाडू, तू इस्राएल के बहुत भलाई कईले बाडू, अवुरी भगवान ओकरा से खुश बाडे । सब लोग कहलस, “अइसन होखे।” 11 लोग तीस नदन के समय ्े रा के लूट नलहलस आ जून्थ होलोफनेस के ओकर ्े रा, ओकर पूरा थाली, नबछौना, बतजन आ


ओकर सब सामान दे नदहलस, आ ऊ ओकरा के लेके अपना खच्चर पर रख नदहली। आ ओकर गाडी तइयार क के ओकरा पर नबछा नदहलस। 12 तब इस्राएल के सब मेहरारू ओकरा के दे खे खानतर दौड के आशीष नदहली आ ओकरा खानतर नाच कइली आ ऊ अपना हाथ में ्ाढ लेके अपना साथे मौजूद मेहरारू लोग के भी दे ली। 13 ऊ लोग ओकरा आ ओकरा साथे रहे वाली नौकरानी पर जैतून के माला लगा नदहल आ ऊ सब मेहरारू लोग के अगुवाई करत नाच में सब लोग के आगे चल गइल आ इस्राएल के सब आदमी अपना कवच में माला आ गीतन से पीछे -पीछे चलल उनकर मुाँह में घुस गइल। अध्याय 16 के बा 1 तब जून्थ पूरा इस्राएल में ई धन्यवाद गावे लगली आ उनकरा बाद सब लोग ई स्तुनत के गीत गावे लगली। 2 जून्थ कहली, “हमार भगवान के सुरुआत करी,ं झां झ से हमरा प्रभु के गाईं। 3 काहे नक परमेश्वर लडाई के तोड दे ले, काहे नक उ हमरा के सतावे वाला लोग के हाथ से बचा लेले बाडे । 4 असूर उत्तर से पहाड से ननकलल, उ अपना से ना के दस हजार लोग के संगे आईल, जवना के भीड धार के रोक दे लस अवुरी उनु कर घुडसवार पहाडी के ढं क ले ले बाडे । 5 ऊ बडाई कइलन नक ऊ हमार सीमा जरा के हमरा नवनहयन के तलवार से मार दीहें आ दू ध नपयावे वाला लइकन के जमीन पर धकेल दीहें आ हमरा नशशु के नशकार बना दीहें आ हमरा कुंवारी लोग के लूट के सामान बना दीहें . 6 लेनकन सवजशम्िमान प्रभु एगो औरत के हाथ से ओ लोग के ननराश क दे ले बाडे । 7 काहे नक पराक्रमी जवानन के हाथे ना नगरल, ना टाइटन के बेटा ओकरा के मारल, ना ही ऊाँच नदग्गज ओकरा पर उतरल, लेनकन मेरारी के बेटी जून्थ ओकरा के अपना चेहरा के सुंदरता से कमजोर क दे ली। 8 काहे नक उ इस्राएल में अत्याचारी लोग के ऊपर उठावे खानतर आपन नवधवा के कपडा उतार के अपना चेहरा प मरहम के अनभषे क कईली अवुरी बाल के टायर में बां धली अवुरी ओकरा के धोखा दे वे खाती नलनन के कपडा ले लेली। 9 ओकर चप्पल ओकरा आाँ ख के लूट नलहलस, ओकर सुंदरता ओकरा मन के बंदी बना नलहलस आ फौनचयन ओकरा गरदन से गुजरत रहे । 10 फारसी लोग उनकर नहम्मत से का​ाँ प गइल आ मादी लोग उनकर कठोरता से ्े रा गइल। 11 तब हमार दु खी लोग खुशी से नचल्लात रहे आ हमार कमजोर लोग जोर से नचल्लात रहे । लेनकन उ लोग अचरज में पड गईले, इ लोग आपन आवाज उठवले, लेनकन उ लोग उखाड फेंकल गईले। 12 लइनकन के बेटा ओह लोग के छे द के लइका के रूप में घायल कर नदहले बाडन, ऊ लोग प्रभु के लडाई में नाश हो गइल बा। 13 हम प्रभु के एगो नया गीत गाब, हे प्रभु, तू महान आ मनहमामंन्त, ताकत में अद् भुत आ अजेय हउअ। 14 सब प्राणी तोहार सेवा करस, काहे नक तू बोलले बाडू, आ उ लोग बनल बा, तू आपन आत्मा के भेजले बाडू, आ उहे ओकरा के रचले बा, आ केहू नइखे जे तोहार आवाज के नवरोध कर सके। 15 काहे नक पहाड अपना नीवं से पानी के साथे हट जाई, चट्टान तोहरा सामने मोम ननहन नपघल जाई, लेनकन तू तोहरा से ्े राए वाला लोग प दयालु बाडू। 16 काहेनक सब बनलदान तोहरा खानतर मीठ गंध खानतर बहुत कम बा, आ सब चबी तोहरा होमबनल खानतर पयाज प्त नइखे, लेनकन जे प्रभु से ्े राला उ हर समय बड होला।

17 नधक्कार बा ओह राष्ट्रन के जवन हमरा ररश्तेदारन के म्खलाफ उठत बा! सवजशम्िमान प्रभु न्याय के नदन ओह लोग के बदला लेबे के काम करीहें आ ओह लोग के मां स में आग आ कीडा ्ाल दीहें . आ ऊ लोग ओह लोग के महसूस करी आ हमेशा खानतर रोवे लागी. 18 यरूशलेम में घुसते ही उ लोग प्रभु के आराधना कईले। आ जइसही ं लोग शुद्ध भइल, ऊ लोग आपन होमबनल, आपन मुफ्त बनल आ आपन वरदान चढा नदहल। 19 जून्थ भी होलोफनेस के सब सामान के समनपजत क नदहली जवन लोग उनुका के दे ले रहले अवुरी उनुका बे्रूम से ननकालल छतरी के प्रभु के उपहार में दे ली। 20 एही से लोग यरूशले म में पनवत्र स्डथान के सामने तीन महीना तक भोज करत रहलन आ जून्थ ओह लोग के साथे रहली। 21 एकरा बाद हर केहू अपना-अपना नवरासत में वापस आ गईल अवुरी जून्थ बेतुनलया गईली अवुरी अपना घर में रह गईली अवुरी अपना समय में पूरा दे श में इज्जतदार रहली। 22 बहुत लोग उनकरा से ननहोरा करत रहे , लेनकन उनकर पनत मनसेस के मरला के बाद उनकरा के लोग के बीच बटोरला के बाद उनकर जीवन भर केहू उनका के ना जानत रहे | 23 बानकर ऊ आदर में बढत गइली आ अपना पनत के घर में बूढ हो गइली आ पा​ाँ च सौ साल के रहली आ अपना नौकरानी के मुि कर नदहली. एही से ऊ बेतुनलया में मर गइल आ ऊ लोग ओकरा के ओकर पनत मनशस के गुफा में दफना नदहल। 24 इस्राएल के घराना सात नदन तक उनकर नवलाप कइलस आ उनकर मरला से पनहले ऊ आपन सामान अपना पनत मनशस के नजदीकी लोग आ अपना ररश्तेदारन के सबसे नजदीकी लोग में बा​ाँ ट नदहली। 25 जूदीत के समय में आ ना ही उनकर मरला के बहुत बाद भी इस्राएल के लोग के अउरी ्े रावे वाला केहु ना रहे |


अध्याय 10 के बा 4 तब मार्दोककयस कहलस, “परमेशवर इ सब काम कइले बाड़न।” 5 काहेकक हम एगो सपना इयार्द करत बानी जवन हम एह सब के बारे में र्देखले रहनी, लेककन ओकरा में से कुछ भी ना टूटल। 6 एगो छोट फव्वारा नर्दी बन गइल, उहाँ उजाला, सूरज आ बहुत पानी रहे। 7 आ र्दुनु अजगर हम आ अमन हईं। 8 राष्ट्र उहे लोग रहे जवन यहूर्दी लोग के नाम के नाश करे खाकतर जुटल रहे| 9 हमार राष्ट्र इ इस्राएल ह, जवन परमेश्वर से पुकारलस आ बचावल गईल, काहेकक प्रभु अपना लोग के बचा लेले बाड़े अवुरी प्रभु हमनी के ओ सभ बुराई से बचा लेले बाड़े, अवुरी भगवान चमत्कार अवुरी बड़ चमत्कार कईले बाड़े, जवन कक नईखे भईल गैर-यहूर्दी लोग के बीच में। 10 एही से उ र्दू गो कचट्ठी बनवले बाड़न, एगो परमेश्वर के लोग खाकतर आ एगो सब गैर-यहूर्दी लोग खाकतर। 11 इ र्दुनो कचट्ठी सभ जाकत के बीच परमेस् वर के सामने उ समय, समय अवुरी न्याय के कर्दन आईल। 12 एही से परमेश्वर अपना लोग के यार्द कइलन आ अपना कवरासत के धमी ठहरवले। 13 एही से ऊ कर्दन ओही महीना के चौर्दहवाँ आ पन्र्द्रहवाँ कर्दन आर्दर महीना में एगो सभा आ खुशी आ खुशी के साथे भगवान के सामने पीक़ियन के अनुसार उनकर लोग के बीच हमेशा खाकतर होई। अध्याय 11 के बा 1 टोलेकमयोस आ कललयोपेट्रा के शासन के चउथा साल में डोकसकथयस जे कहत रहले कक ऊ एगो याजक आ लेवी हउवें आ उनकर बेटा टोलेकमयस फुरीम के ई पत्र लेके अइले जवना के ऊ लोग उहे कहल आ टोलेकमयस के बेटा लाइकसमाकस. जवन यरूशलेम में रहे, ओकर व्याख्या कइले रहे। 2 महान आटेकलसस के शासन के र्दूसरा साल में, कनसान महीना के पकहला कर्दन, याइरस के बेटा मार्दोककयस, जे कबन्यामीन के गोत्र के सीसाई के बेटा सेमेई के बेटा रहले, एगो सपना र्देखले रहले। 3 ऊ यहूर्दी रहलन आ सूसा नगर में रहत रहलन आ राजा के आँगन में सेवक रहलन। 4 उ बंर्दी में से एगो भी रहले, जेकरा के बाबुल के राजा नबूकोर्दोनोसोर यरूशलेम से यहूकर्दया के राजा यकोकनया के संगे लेके चल गईले। आ ई उनकर सपना रहे।

5 र्देखऽ, र्देस में गरज, भूकंप आ हंगामा के आवाज हो रहल बा। 6 र्देख, र्दू गो बड़हन अजगर लड़ाई करे खाकतर तइयार कनकलल आ ओह लोग के कचल्लाहट बहुते हो गइल. 7 ओह लोग के कचल्लाहट पर सब राष्ट्र लड़ाई करे खाकतर तइयार हो गइलन कक ऊ लोग धमी लोग से लड़ सके। 8 आ र्देखऽ, धरती पर अन्हार आ अंधकार, संकट आ पीड़ा, कष्ट आ बड़हन हंगामा के कर्दन। 9 पूरा धमी राष्ट्र अपना बुराई से डेरा के परेशान हो गईल अवुरी नाश होखे खाती तैयार हो गईल। 10 तब उ लोग परमेस् वर से पुकारल आउर उ लोग के कचल्लाहट पर, जइसे कक एगो छोट फव्वारा से कनकलल, एगो बड़हन बा़ि आ गईल, उहो बहुत पानी। 11 उजाला आ सूरज उठल आ नीच लोग के ऊंचा कइल गइल आ मकहमामंकडत लोग के खा गइल। 12 जब मार्दोककयस, जे इ सपना र्देखले रहले अवुरी भगवान जवन करे के ठानले रहले, उ जाग गईले, त उ इ सपना के कर्दमाग में रखले अवुरी रात तक एकरा के जाने के इच्छा रखले। अध्याय 12 के बा 1 मार्दोककयस राजा के र्दू गो नपुंसक आ महल के रखवाला गबथा आ थरा के साथे आँगन में आराम कइलन। 2 ऊ ओह लोग के चाल सुन के ओह लोग के मकसर्द के खोज कइलन आ पता चलल कक ऊ लोग राजा आटेकलसस पर हाथ डाले वाला बा. आ एही से ऊ ओह लोग के राजा के प्रमाकित कर कर्दहलन. 3 राजा र्दुनो नपुंसक के पूछताछ कईले अवुरी कबूल कईला के बार्द उनुकर गला रेत कर्दहल गईल। 4 राजा इ सब बात के करकाडड बनवले अवुरी मार्दोककयो भी एकरा बारे में कलखले। 5 त राजा आज्ञा कर्दहलन कक मार्दोककयस के आँगन में सेवा करस आ एकरा खाकतर ऊ ओकरा के इनाम कर्दहलन। 6 लेककन राजा के र्दुगो नपुंसक के वजह से अमार्दाथस के बेटा अमन, जे राजा के बहुत इज्जत में रहे, मार्दोककयस आ ओकर लोग के संगे छेड़खानी करे के कोकशश कईले। अध्याय 13 के बा 1 कचट्ठी के प्रकतकलकप इ रहे कक महान राजा आटेकलसस भारत से लेके इकथयोकपया तक के एक सौ सात बीस प्रांत में अपना अधीन रहल राजकुमार आ गवनडर लोग के इ सब बात कलखले बाड़े।


2 ओकरा बार्द हम कई गो राष्ट्रन पर प्रभु बन गइनी आ पूरा र्दुकनया पर प्रभुत्व बनवनी, अपना अकधकार के अकभमान से ना उठनी, बलुक हमेशा अपना के न्याय आ कोमलता से लेके चलत, हम अपना प्रजा के लगातार शांत जीवन में बसावे के आ आपन बनावे के इरार्दा रखनी राज्य शांकतपूिड, आ चरम तट तक जाए खाकतर खुला, शांकत के नवीकरि करे खाकतर, जवन सभ आर्दमी के चाहत बा। 3 जब हम अपना सलाहकारन से पूछनी कक ई कइसे हो सकेला, अमन, जे हमनी के बीच बुकि में बक़िया रहलन, आ अपना लगातार सद्भावना आ अकडग कनष्ठा के कारि अनुमोकर्दत रहलन आ राज्य में र्दूसरा स्थान के सम्मान करत रहलन। 4 हमनी के घोषिा कइलस कक र्दुकनया भर के सब राष्ट्रन में एगो खास र्दुभावनापूिड लोग कबखराइल बा, जेकर कनयम सब राष्ट्र के कवपरीत रहे, आ राजा लोग के आज्ञा के लगातार कतरस्कार करत रहे, ताकक हमनी के राज्यन के एकीकरि, जवन हमनी के इज्जत से इरार्दा बा, ना जा सकेला आगे. 5 तब हमनी के समझत बानी जा कक अकेले इ लोग लगातार सब आर्दमी के कवरोध में रहेला, अपना कानून के अजीब तरीका से अलग-अलग रहेला, आ हमनी के राज्य के बुराई के प्रभाकवत करेला, जवन भी बर्दमाशी कर सकेला ताकक हमनी के राज्य मजबूती से स्थाकपत ना होखे। 6 एही से हमनी के आज्ञा र्देले बानी जा कक जे भी लोग के अमान के द्वारा कलकखत रूप से संकेत कर्दहल गइल बा, जे काम के र्देखरेख में कनयुलत बा आ हमनी के बगल में बा, सब लोग अपना मेहरारू आ लइकन के साथे अपना र्दुश्मनन के तलवार से पूरा तरह से नष्ट हो जाई , कबना कवनो र्दया आ र्दया के, एह साल के बारहवाँ महीना आर्दर के चौर्दहवाँ कर्दन। 7 ताकक उ लोग, जे पकहले आ अब भी र्दुभावनापूिड बा, एक कर्दन में कहंसा के साथ कब्र में जा सके, आ एही से अब तक हमनी के कामकाज के ठीक से आ कबना कवनो परेशानी के कनपटारा कर सके। 8 तब मार्दोककयस प्रभु के सब काम के बारे में सोच के उनकरा से प्राथडना कइलन। 9 कहत रहलन कक हे प्रभु, प्रभु, सवडशकलतमान राजा, काहेकक पूरा र्दुकनया तोहरा अकधकार में बा आ अगर तू इस्राएल के बचावे खाकतर कनयुलत कइले बाड़ऽ त तोहरा के कवरोध करे वाला केहू नइखे। 10 काहे कक तू आकाश आ धरती आ आकाश के नीचे के सब अद्भुत चीजन के बनवले बाड़ू। 11 तू सब कुछ के माकलक हउअ आ तोहरा कवरोध करे वाला केहू नइखे, जवन प्रभु हउअ।

12 हे प्रभु, तू सब कुछ जानत बाड़ू आ तू जानत बाड़ू कक हम घमंडी अमन के सामने ना झुकनी, ना घमंड, ना कवनो मकहमा के चाहत। 13 काहेकक हम इस्राएल के उिार खाकतर सद्भावना से संतुष्ट हो सकत रहनी कक हम उनकर गोड़ के तलवा चुम्मा ले सकत रहनी। 14 लेककन हम ई एह से कइनी कक हम परमेश्वर के मकहमा से आर्दमी के मकहमा के अउरी ना ब़िाईं, ना ही हम तोहरा छोड़ के केहू के पूजा करब, हे परमेश्वर, ना हम घमंड से करब। 15 हे प्रभु परमेश्वर आ राजा, अब आपन लोग के बख्श र्द, काहे कक उनकर नजर हमनी पर बा कक हमनी के नाश कर र्दीं। हँ, ऊ लोग ओह कवरासत के नष्ट करे के चाहत बा जवन शुरू से तोहार रहल बा. 16 जवन कहस्सा तू अपना खाकतर कमस्र से बाहर कनकालले बाड़ू, ओकरा के तुच्छ मत मत। 17 हमार प्राथडना सुनऽ आ अपना कवरासत पर र्दया करऽ, हे प्रभु, हमनी के र्दुख के खुशी में बर्दल र्द, ताकक हमनी के कजंर्दा रह सकीले आ तोहार नाम के स्तुकत करीं जा, आ हे प्रभु, तोहार स्तुकत करे वाला लोग के मुँह के नाश मत करऽ। 18 पूरा इस्राएल भी एही तरह से प्रभु से बहुत जोर से पुकारलस काहे कक उनकर मौत उनकर आँख के सोझा रहे| अध्याय 14 के बा 1 रानी एस्टर भी मौत के डर से प्रभु के सहारा ले गईली। 2 ऊ आपन गौरवशाली पकरधान छोड़ के पीड़ा आ शोक के कपड़ा पकहनली आ कीमती मरहम के जगह राख आ गोबर से माथा ढंक कर्दहली आ अपना र्देह के बहुते नम्र कर कर्दहली आ अपना खुशी के सगरी जगहन के भर कर्दहली ओकर फाटल बाल के बा। 3 ऊ इस्राएल के परमेश्वर यहोवा से प्राथडना कइली, “हे हमार प्रभु, तू ही हमनी के राजा हउअ। 4 काहेकक हमार खतरा हमरा हाथ में बा। 5 जवानी से हम अपना पकरवार के गोत्र में सुनले बानी कक हे प्रभु, तू इस्राएल के सब लोग के बीच से आ हमनी के पुरखा लोग के अपना से पकहले के सब लोग से सर्दा के कवरासत खाकतर ले लेले बाड़ू, आ तू जवन भी वार्दा कईले रहलू ओकरा के पूरा कईले बाड़ू। 6 अब हमनी के तोहरा सामने पाप कइले बानी जा, एही से तू हमनी के र्दुश्मनन के हाथ में र्दे र्देले बाड़ऽ। 7 काहे कक हम ओह लोग के र्देवता लोग के पूजा करत रहनी, हे प्रभु, तू धमी हउअ।


8 कफर भी उ लोग के संतुष्ट ना होला कक हमनी के कड़ुआ बंर्दी में बानी जा, लेककन उ लोग अपना मूकतड से हाथ मारले बाड़े। 9 कक ऊ लोग जवन चीज तू अपना मुँह से तय कइले बाड़ऽ ओकरा के खतम कर र्दी आ तोहार कवरासत के नष्ट कर र्दी आ तोहार स्तुकत करे वाला लोग के मुँह रोक र्दी आ तोहरा घर आ तोहरा वेर्दी के मकहमा के बुझा र्दी. 10 आउर मूकतडयन के स्तुकत करे खाकतर आ कवनो शारीकरक राजा के हमेशा खाकतर मकहमा करे खाकतर गैर-यहूर्दी लोग के मुँह खोलीं। 11 हे प्रभु, जे कुछुओ ना होखे ओकरा के आपन राजर्दंड मत र्दीं आ हमनी के कगरला पर ऊ लोग के हँस मत र्दीं। बाककर ओह लोग के चाल अपना पर घुमा के ओकरा के एगो उर्दाहरि बनाईं जे हमनी का कखलाफ ई काम शुरू कइले बा. 12 हे प्रभु, यार्द कर, हमनी के र्दुख के समय अपना के बता र्दीं आ हमरा के कहम्मत र्दीं, हे जाकत के राजा आ सब शकलत के माकलक। 13 हमरा के शेर के सामने हमरा मुँह में वालपटु बोल र्दीं, हमनी के कखलाफ लड़ाई करे वाला से नफरत करे खाकतर ओकर मन घुमा र्दीं ताकक ओकर आ ओकरा समान कवचारधारा के अंत हो जाव। 14 लेककन हमनी के अपना हाथ से बचा के हमरा के उजड़ल आर्दमी के मर्दर्द करीं, जवना के तोहरा अलावे अवुरी कवनो मर्दर्द नईखे। 15 हे प्रभु, तू सब कुछ जानत बाड़ू। तू जानत बाड़ू कक हम अधमी लोग के मकहमा से नफरत करेनी, अखतना के कबछौना से घृिा करेनी। 16 तू हमार जरुरत जानत बाड़ू, काहे कक जब हम अपना के र्देखावेनी, ओह कर्दन में हमरा माथा पर जवन कनशानी बा, ओकरा से हम घृिा करेनी, आ हम ओकरा के माकसक धमड के चीथड़ा कनहन घृिा करेनी अवुरी जब हम एकांत में ना पकहनेनी हम खुर्द. 17 तोहार र्दासी अमन के मेज पर ना खाना खइले कबया आ हम राजा के भोज के कवनो खास आर्दर ना कइले बानी आ ना ही पेय बकल के शराब कपयले बानी। 18 हे अब्राहम के परमेस् वर, तोहार र्दासी के जब से हमरा के इहाँ ले आवल गईल रहे, ओकरा बार्द से कवनो खुशी ना भईल। 19 हे सब से ब़ि के पराक्रमी भगवान, कवरह में पड़ल लोग के आवाज सुन के हमनी के बर्दमाश के हाथ से बचाईं आ हमरा के हमरा डर से बचाईं।

अध्याय 15 के बा 1 तीसरा कर्दन जब ऊ आपन प्राथडना खतम कइली त ऊ आपन शोक के कपड़ा छोड़ के आपन मकहमामंकडत कपड़ा पकहनली। 2 मकहमा से सजल होके उ सब कुछ र्देखे वाला आ उिारकता परमेश्वर के पुकार के अपना साथे र्दू गो र्दासी के लेके चल गईली। 3 आ जेकरा पर ऊ झुकल रहली, जइसे कक ऊ अपना के धूमधाम से ढोवत रहली। 4 र्दूसरकी आपन रेलगाड़ी उठा के पीछे-पीछे चलल। 5 ऊ अपना सुंर्दरता के कसिता से लाल रंग के रहली आ उनकर चेहरा हँसमुख आ बहुते कमलनसार रहे, बाककर उनकर मन डर से व्यकथत रहे। 6 तब उ सब र्दरवाजा से गुजर के राजा के सामने खड़ा हो गईली, जे राजा के राजकसंहासन प बईठल रहले अवुरी उनुकर सभ भव्य वस्त्र पकहनले रहले, जवन कक सब सोना अवुरी कीमती पत्थर से चमकत रहे। आ ऊ बहुते भयावह रहले. 7 तब उ अपना चेहरा के ऊपर उठा के जवन मकहमा से चमकत रहे, ओकरा के बहुत भयंकर नजर से र्देखले अवुरी रानी कगर गईली अवुरी पीयर हो गईली अवुरी बेहोश हो गईली अवुरी उनुका से आगे कनकलल नौकरानी के कसर प झुक गईली। 8 तब भगवान राजा के आत्मा के नम्रता में बर्दल कर्दहलन, ऊ डर से अपना कसंहासन से कूर्द के ओकरा के अपना कोरा में ले कलहलन, जबले कक ऊ अपना मन में ना आ गइल आ प्रेम से ओकरा के कर्दलासा कर्दहलन आ कहलन कक, “ 9 एस्थर, का बात बा? हम तोहार भाई हईं, धीरज राखऽ। 10 तू ना मरब, भले ही हमनी के आज्ञा सामान्य होखे। 11 एही से ऊ आपन सोना के राजर्दंड उठा के ओकरा गर्दडन पर रख कर्दहलन। 12 ओकरा के गले लगा के कहलस, “हमरा से बात करऽ।” 13 तब उ ओकरा से कहली, “हे माकलक, हम तोहरा के परमेश्वर के र्दूत कनहन र्देखनी अवुरी तोहार मकहमा के डर से हमार मन घबरा गईल। 14 हे प्रभु, तू अद्भुत हउअ आ तोहार चेहरा अनुग्रह से भरल बा। 15 जब उ बोलत रहली त उ बेहोश होके कगर गईली। 16 तब राजा घबरा गइलन आ ओकर सब नौकर ओकरा के कर्दलासा कर्दहलन।


अध्याय 16 के बा 1 महान राजा आटेकलसस भारत से लेके इकथयोकपया तक के एक सौ सात बीस प्रांत के राजकुमारन आ राज्यपालन के आ हमनी के सब कवश्वासी प्रजा के नमस्कार करत रहले। 2 बहुत लोग जेतना बेर अपना कृपालु राजकुमारन के बड़हन इनाम से सम्माकनत होखेलें, ओतने घमंडी होखेलें. 3 हमनी के प्रजा के खाली र्दुख ना पहुँचावे के कोकशश करीं, लेककन बहुत कुछ ना सह पावे के कोकशश करीं, उ लोग के भलाई करे वाला लोग के कखलाफ भी अभ्यास करीं। 4 आऊ आर्दमी के बीच से खाली धन्यवार्द के ना हटाईं, बलुक अश्लील लोग के गौरवशाली बात से भी उठाईं, जवन कबो अच्छा ना रहलन, उ लोग परमेश्वर के न्याय से बचे के सोचेलन, जे सब कुछ र्देखेला अउर बुराई से नफरत करेला। 5 अलसर अपना र्दोस्तन के कामकाज के प्रबंधन करे खाकतर भरोसा में राखल लोग के कनष्पक्ष भाषि से बहुत लोग के कनर्दोष खून के कहस्सा बनवले बा आ ओकरा के बेकार कवपकियन में लपेटले बा। 6 अपना अश्लील स्वभाव के झूठ आ धोखा से राजकुमारन के कनर्दोषता आ भलाई के बहकावत। 7 अब रउवां ई र्देख सकत बानी, जइसन कक हमनी के घोषिा कइले बानी जा, प्राचीन इकतहास से ओतना ना, जतना कक रउवां र्देख सकत बानी, अगर रउवां ओह लोग के महामारी के व्यवहार के माध्यम से खोज कर सकत बानी जवन र्देर से बुरा तरीका से कइल गइल बा। 8 हमनी के आवे वाला समय के ध्यान राखे के चाहीं कक हमनी के राज्य सब लोग खाकतर शांत आ शांकतपूिड होखे। 9 र्दुनु हमनी के उद्देश्य बर्दल के, आ हमेशा ओह चीजन के न्याय कइल जवन अकधका समान प्रकक्रया से स्पष्ट होखे। 10 काहे कक अमन, मककर्दुकनयाई, अमर्दाथा के बेटा, फारसी खून से परर्देशी आ हमनी के भलाई से बहुत र्दूर आ हमनी के से परर्देशी के रूप में कमलल। 11 अब तक हमनी के हर जाकत के प्रकत उ अनुग्रह कमल गईल रहे, जईसे कक उनुका के हमनी के कपता कहल गईल रहे अवुरी राजा के आगे के सभ लोग के ओर से लगातार उनुकर आर्दर होखत रहे। 12 लेककन उ आपन बड़हन गकरमा ना लेके हमनी के राज्य आ जीवन से वंकचत करे लागल। 13 हमनी के कई तरह के आ धूतड धोखा से हमनी के कवनाश के मांग कईले, संगही मार्दोककयस के भी, जे हमनी के जान बचा लेले अवुरी लगातार हमनी के भलाई के तलाश कईले, अवुरी हमनी के राज्य के भागीर्दार कनर्दोष एस्थेर के भी अपना पूरा राष्ट्र के संगे कवनाश के मांग कईले।

14 एही से उ सोचले कक हमनी के र्दोस्तन के अभाव में फारस के राज्य के मककर्दुकनयाई लोग के सौंप र्देले बानी जा। 15 लेककन हमनी के पाता चलल कक यहूर्दी लोग जेकरा के ई र्दुष्ट र्दकरर्द्र पूरा तरह से कवनाश खाकतर सौंप र्देले बा, उ लोग कवनो बुराई ना हवे, लेककन अकधकांश न्याय के कनयम के पालन करेले। 16 आ उ लोग परम ऊँच आ पराक्रमी जीकवत परमेश्वर के संतान होखस, जे हमनी के आ हमनी के पूवडज लोग खाकतर सबसे बक़िया तरीका से राज्य के व्यवस्था कइले बाड़न। 17 एही से अमार्दथा के बेटा अमन के भेजल कचट्ठी के कनष्पाकर्दत ना कइल ठीक बा। 18 काहेकक जे एह सब के काम करे वाला रहे, ओकरा पूरा पकरवार के साथे सूसा के फाटक पर फांसी पर लटकल बा। 19 एही से तू लोग एह कचट्ठी के प्रकत सब जगह छपवऽ ताकक यहूर्दी लोग अपना कनयम के पालन में स्वतंत्र रूप से कजए सके। 20 आउर तू लोग ओह लोग के सहायता करऽ कक ओही कर्दन बारहवाँ महीना के तेरहवाँ कर्दन के होके ओह लोग से बर्दला कलहल जा सके, जे लोग अपना कष्ट के समय ओह लोग पर हमला करी। 21 काहेकक सवडशकलतमान परमेस् वर उ कर्दन उ लोग के खुशी में बर्दल र्देले बाड़े, जवना कर्दन चुनल लोग के नाश होखे के चाहत रहे। 22 एह से तू लोग अपना भोज के बीच में पूरा भोज के साथे एकरा के बड़का कर्दन मनावे के चाहीं। 23 ताकक अब आ बार्द में हमनी के आ बहुत प्रभाकवत फारसी लोग के सुरक्षा होखे। लेककन जे हमनी के कखलाफ साकजश रचत बाड़े, ओकरा खाकतर कवनाश के स्मारक। 24 एह से हर शहर आ र्देश जे एह सब के अनुसार ना करी, ओकरा के कबना कवनो र्दया के आग आ तलवार से नष्ट कर कर्दहल जाई आ ना खाली आर्दमी खाकतर ना, बलुक जंगली जानवर आ कचरई खाकतर भी हमेशा खाकतर घृकित हो जाई।


अध्य के ब् 1 1 हे धरती के न्य्धीध, धर् से पेर करीं, प्र के ब्रे रे अच्छ से सोचीं आ स्दगी से ओकर् के खोजीं। 2 क्हे कक उ उ लोग के करल जइहे जे ओकर् के परीक् न् दे सर। आ जे ओकर् पर अकिश्स न् करे ल्, ओकर् से खरद के दे ख्िेल्। 3 क्हे कक बेिकूफी ्रल किच्र ्गि्न से अलग हो ज्ल् आ उनकर धक् के परीक् कइल् पर अबरक्र्न के ड्ं टत रहे ल्। 4 क्हे कक दर ्​्​् िन्पू्​् आत् रे बरक् न् पिेध करी। न् ही प्प के अधीन होखे ि्ल् धरीर रे रहे के च्हीं। 5 क्हे कक अनरध्सन के पकित आत् धोख् से ्​्ग ज्छ आ सरझहीन किच्र से दू र हो ज्छ आ अधर् के आिे पर न् कटकी। 6 क्हे कक बरक् एगो पेरी आत् ह। आ कनंद् करे ि्ल् के ओकर ब्त से बरी न् करी, क्हे कक ्गि्न ओकर ब्गडोर के गि्ह हउिे आ ओकर कदल के सच् दे खे ि्ल् आ ओकर जी् के सरनत हउिे. 7 क्हे कक प्र के आत् दर कनय् के ्र दे ल् आ जिन् रे सब करछ ब् ओकर् आि्ज के ज्न होल्। 8 एह से जे अधर् के ब्त कहे ल्, ओकर् के कछप्िल न् ज् सकेल्, आ जब ऊ सज् दे ल् त बदल् ओकर् से न् गरजरी। 9 क्हे कक अ्​् लोग के सल्ह रे पूछत्छ कइल ज्छ आ ओकर िचन के आि्ज प्र के स्रने ओकर दर ष क्र के पकटीकर् ख्कतर आछ। 10 क्हे कक छर्​् के क्न सब ब्त सरनेल् आ गरनगरन्हट के धोर कछपल नइखे। 11 एह से गरनगरन्हट से स्िध्न रहीं जिन बेक्र ब्। आ आपन जी् के बकबक करे से परहे ज करीं क्हे कक अतन् गरप किनो धब नइखे जिन बेक्र हो ज्छ आ जिन ररँह झूठ बोलेल् ऊ ज्न के र्र दे ल्. 12 अपन् जीिन के गलती रे रौत के खोज रत करीं, आ अपन् ह्थ के क्र से किन्ध के अपन् ऊपर रत खींचीं। 13 क्हे कक पररेशर रौत के न् बनिले, न् ही उ कजंद् लोग के न्ध रे खरध ब्डे । 14 क्हे कक उ सब करछ के एह से बनिले कक उ लोग के अक्त होखे, आ दर कनय् के पीढी स् रहे । आ ओह लोग रे न्ध के जहर नइखे आ न् ही धरती पर रौत के र्ज ब्। 15 (क्हे कक धर् अरर ह।) 16 लेककन अ्​् लोग अपन् क्र आ ब्त से एकर् के बोलिले, क्हे कक जब उ लोग एकर् के आपन दो् बने के सोचले त उ लोग एकर् के बेक्र क दे ले अिररी एकर् से ि्च् कछले, क्हे की उ लोग एकर् रे कहस् लेिे ल्यक ब्डे । अध्य के ब् 2 1 क्हे कक अ्​् लोग अपन् आप रे तक् करत ब्, लेककन सही नछखन कक, हरनी के जीिन छोट अिररी थक्ऊ ब्, अिररी आदरी के रौत रे एकर किनो उप्य नछखे।

2 क्हे कक हरनी के जनर से किनो तरह के स्हकसकत् रे पैद् ्इल ब्नी ज्, आ हरनी के ब्द रे अइसन होखब ज् जइसे हरनी के कबो न् ्इल होखीं ज्, क्हे कक हरनी के न्क के छे द रे स्ँ स धरँआ कनयर ब् आ हरनी के कदल के गकत रे तनी कचंग्री ब्। 3 छ बरझ् के हरनी के धरीर र्ख रे बदल ज्छ आ हरनी के आत् कोरल हि् के रप रे ग्यब हो ज्छ। 4 आ हरनी के न्र सरय के स्थ ्रल् ज्छ आ केह के हरनी के क्र य्द न् होछ आ हरनी के कजनगी ब्दल के कनध्न कनहन बीत ज्छ अिररी धरंध कनहन कबखर् ज्छ, जिन कक के बीर से ्ग्िल ज्ल् सूरज, आ ओकर गर् से ह्िी हो ज्ल्। 5 हरनी के सरय एगो परछ्छ ह जिन बीतत ब्। हरनी के अंत के ब्द किनो ि्पसी नछखे, क्हे कक एकर् प ते जी से ररहर ल्गल ब्, त्कक केह फेर से न् आिे। 6 एह से आ ज्, हरनी के रौजूद नीरन चीजन के ्ोग करीं ज्, आ हरनी के जली से जि्नी के जइसन प्​्ी के इ्ेर्ल करीं ज्। 7 हरनी के रहं ग् धर्ब आ ररहर से ्रीं ज्, आ बसंत के किनो फूल हरनी के प्स से न् गरजरे के च्हीं। 8 हरनी के गरल्ब के कली के ररकरट पकहरे के च्हीं, ओकर् पकहले कक ऊ रररझ् ज्ि। 9 हरनी रे से केह अपन् क्ररकत् के कहस् के कबन् न् ज्ए, हरनी के हर जगह अपन् खरधी के कनध्न छोड दे िे, क्हे कक इहे हरनी के कहस् ह अिररी हरनी के ्​्ग इहे ब्। 10 हरनी के गरीब धर् के अत्च्र करीं ज्, किधि् के न् छोडीं ज्, न् ही बरढ लोग के परर्न धूसर ब्ल के आदर करीं ज्। 11 हरनी के त्कत न्य के कनयर होखे, क्हे कक करजोर के किनो रोल न् प्िल ज्ल्। 12 एह से हरनी के धर् लोग के इं तज्र रे रहे के च्हीं। क्हे कक ऊ हरनी के ब्री ख्कतर नइखे आ ऊ हरनी के क्र के किपरीत स्फ ब्, ऊ हरनी के क्नून के ठे स पहँ च्िे से ड्ं टत ब् आ हरनी के कधक् के उलंलन पर हरनी के बदन्री पर आपक् करत ब्. 13 ऊ ्गि्न के ज्न होखे के द्ि् करे ल् आ ऊ अपन् के प्र के संत्न कहे ल्। 14 उ हरनी के किच्र के ड्ं ट दे िे ख्कतर बन्िल गछल रहले। 15 उ हरनी के दे खे रे ्ी दर खी ब्, क्हे कक ओकर जीिन दोसर् के कनहन नछखे , ओकर र्​्​् अलग तरीक् के ब्। 16 हरनी के ओकर् ब्रे रे नकली र्नल ज्ल्, उ हरनी के र्​्​् से गंदगी कनहन परहे ज करे ल्, उ धर् के अंत के ब्रे रे बत्िेल्, त्कक उ आधीष प्िेल् अिररी अपन् के लरंड करे ल् कक ्गि्न ओकर कपत् हिे। 17 हरनी के दे खल ज्ि कक ओकर ब्त सही ब् कक न्, आ हरनी के परीक् करीं ज् कक ओकर अंत रे क् होछ। 18 अगर धर् आदरी पररेशर के बेट् ह त उ ओकर रदद करी अिररी ओकर् के अपन् दर शन के ह्थ से बच्छ। 19 आछं हरनी के ओकर नमत् के ज्न सकीले आ ओकर धैय् के परख कर सकीले।


20 हरनी के ओकर् के धर्न्क रौत के सज् सरन्िल ज्ि, क्हे कक ओकर् आपन ब्त से ओकर आदर कइल ज्छ। 21 उ लोग अइसन ब्त के कलन् कछले अिररी धोख् दे ले, क्हे कक उ लोग के बरर्छ उ लोग के आनर क दे ले ब्। 22 रहल ब्त पररेशर के रहस के त उ लोग न् ज्नत रहले, न् उ लोग ध्कर्कत् के रजदू री के उमीद करत रहले अिररी न् कनद्ष आत् के इन्र के सरझत रहले। 23 क्हे कक पररेशर आदरी के अरर बन्िे ख्कतर बनिले ब्डन आ ओकर् के अपन् अनंत क्ल के पकतरप बनिले ब्डन। 24 कफर ्ी धैत्न से छर्​् के चलते दर कनय् रे रौत आछल, आ जे उनकर पक से पकडे ि्ल् लोग ओकर् के प्िेल्। अध्य के ब् 3 1 लेककन धर् लोग के प्​् पररेशर के ह्थ रे ब्, आ ओकर् के किनो य्तन् न् छूछ। 2 अज्नी लोग के नजर रे उ लोग ररत बरझ्इल आ उनकर ज्ए के दर ख र्नल ज्ल्। 3 हरनी से उ लोग के ज्ए के पूर् न्ध हो गछल, लेककन उ लोग ध्ं कत रे ब्डे । 4 ्ले ही उ लोग के रन रे सज् करल ज्ि, लेककन उ लोग के आध् अररत् से ्रल ब्। 5 तनी सज् करलल् के ब्द उ लोग के बहत इन्र करली, क्हे कक पररेशर ओ लोग के परख के अपन् ख्कतर योग प्िलन। 6 जइसे ्टी रे सोन् के परीक् कइले ब्डन आ होरबकल के रप रे गह् कइले ब्डन। 7 आउर उनके दर षर् के सरय उ लोग चरककहे आ ठूंठ के बीच रे कचंग्री कनहन इधर-उधर ्​्ग जइहे । 8 उ लोग र्ष्न के न्य करीहे आ लोग पर र्ज करीहे आ उनकर प्र हरेध् ख्कतर र्ज करीहे । 9 जे उनकर् पर ्रोस् करी, उ सच्छ के सरकझहे आ पेर रे किश्सी लोग उनकर् स्थे रही, क्हे कक उनकर् पकित लोग पर अनरगह आ दय् ब् आ ऊ अपन् चरनल लोग के दे ख्​्ल करे ल्। 10 लेककन अ्​् लोग के अपन् कलन् के ररत्कबक सज् कदहल ज्छ, जिन कक धर् लोग के उपेक् क के प्र के छोड दे ले ब्डे । 11 क्हे कक जे बरक् आ प्लन-पोष् के तर च सरझेल् ऊ दयनीय होल् आ ओकर आध् वथ् होल्, ओकर रेहनत कनषल होल् आ ओकर क्र बेक्र होल्। 12 उनकर रेहर्र रूख् हिे आ उनकर लइक् दर ष हिे। 13 उनकर संत्न श्कपत ब्। एही से धन ब् उ बंजर जे अधर् ब्, जिन प्प के कबछौन् के न् ज्नत कबय्, उ प्​्ी के द्न रे फल प्छ। 14 धन ब् ऊ नपरंसक जे अपन् ह्थ से किनो अपर्ध न् कइले ब् आ न् ही ्गि्न के कखल्फ बरर्छ के कलन् कइले ब्, क्हे कक ओकर् के किश्स के किधेष िरद्न कदहल ज्छ आ प्र के रंकदर रे ओकर रन के अकधक् सीक्य् किर्सत कदहल ज्छ।

15 क्हे कक अच् पररशर के फल रकहर्रंकडत होल् आ बरक् के जड कबो न् कगरी। 16 रहल ब्त वक्च्री के संत्न के त उ लोग अपन् कस् न् होछहे अिररी अधर् के कबछौन् के बीज के जड से उख्ड कदहल ज्छ। 17 क्हे कक उ लोग लंब् सरय तक कजंद् रही, लेककन उ लोग के किनो परि्ह न् होछ अिररी उ लोग के अंकतर यरग के किनो इजत न् होछ। 18 य् अगर उ लोग जली रर ज्स त उ लोग के किनो उमीद नछखे , न् परीक् के कदन रे किनो कदल्स्। 19 क्हे कक अधर् पीढी के अंत ्य्िह ब्। अध्य के ब् 4 1 बेहतर ब् कक संत्न न् होखे आ सद् गर् होखे, क्हे कक ओकर सर् अरर होल्, क्हे कक छ ्गि्न आ आदरी के ्ी ज्नल ज्ल्। 2 जब ऊ रौजूद होल् त आदरी एकर् पर उद्हर् दे ल्। आ जब ऊ खतर हो ज्ल् त ओकर इच् होल्, ऊ ररकरट पकहरे ल् आ जीत प् के हरेध् ख्कतर जीत ह्कसल करे ल् आ कनर्ल इन्र ख्कतर पय्स करत रहे ल्. 3 लेककन अ्​्न के बढत संत्न न् पनपी, न् ही करीन् के कफसलन से गकहर्ह जड जर्छ, न् किनो ते ज नींि रखी। 4 क्हे कक उ लोग करछ सरय ख्कतर ड्ढ रे फलत-फूलत रहे ल्। तबो आकखरी रे न् खड् होके हि् से कहल ज्छ आ हि् के त्कत से जड से उख्ड फेकल ज्छ। 5 अपू्​् ड्ढ टू ट ज्छ, ओकर फल बेक्र हो ज्छ, ख्ए ख्कतर प्कल न् होछ, हँ , बेक्र रे करल ज्छ। 6 गैरक्नूनी कबछौन् से पैद् ्इल लइक्-लइकी अपन् र्छ-ब्बूजी के कखल्फ बरर्छ के गि्ह होले। 7 लेककन ्ले ही धर् के रौत से रोकल ज्ि, लेककन उ आर्र रे रही। 8 क्हे कक इजतद्र उकरर न् होल् जिन सरय के लंब्छ रे खड् होल् आ न् स्ल के संख् से न्पल ज्ल्। 9 लेककन बरक् आदरी ख्कतर धूसर ब्ल ह, आ बेद्ग जीिन बरढ्प् ह। 10 ऊ पररेशर के खरध कइलन आ उनकर कपय रहलन, एह से प्पी लोग के बीच रे रहत उनकर् के बदल कदहल गइल। 11 हँ , ओकर् के जली से ले ज्इल गइल कक दर षत् ओकर सरझ रे बदल्ि न् कर दे ि, न् धोख् ओकर् आत् के बहक्िे। 12 क्हे कक नटखट के ज्दू छर्नद्र ब्त के असष कर दे ल्। आ क्ररकत् के ्टकल स्ध्र् रन के करजोर कर दे ल्। 13 ऊ कर सरय रे कस् हो गइलन आ बहत कदन रे पूर् हो गइलन। 14 क्हे कक उनकर प्​् प्र के खरध करत रहे , एही से उ जली से ओकर् के दर षन के बीच से ले ज्ए रे ल्गल रहले। 15 लोग छ दे ख के न् सरझल आ न् ही छ ब्त अपन् रन रे रखल कक उनकर अनरगह आ दय् उनकर पकित लोग पर ब् आ उ अपन् चरनल लोग के आदर करे लन।


16 एह तरह से जिन धर् ररल ब्, उ अ्​् लोग के दोषी ठहर्छ जिन कजंद् ब्डे । आ जि्नी जिन जलीए अधर् लोग के कछ स्ल आ बरढ्प् रे कस् हो ज्ल्। 17 क्हे कक उ लोग बरक्र्न के अंत दे ख के इ न् सरकझहे कक पररेशर अपन् सल्ह से ओकर् ब्रे रे क् फैसल् कछले ब्डे अिररी प्र ओकर् के किन् रकसद से सररककत रखले ब्डे । 18 उ लोग ओकर् के दे ख के कतरस्र करीहे । ब्ककर ्गि्न ओह लोग के कतरस्र करे ख्कतर हँ स जइहे आ ब्द रे ऊ लोग एगो नीच ल्ध आ ररअल लोग के बीच हरेध् ख्कतर अपर्नजनक हो जइहे . 19 क्हे कक ऊ ओह लोग के फ्ड के र्थ् से नीचे कगर् दीहे कक ऊ लोग बेजरब्न हो जइहे. आ ऊ ओह लोग के नींि से कहल् दीहे । आ उ लोग एकदर उज्ड हो जइहे आ दर ख रे रह जइहे । आ ओह लोग के स्रक न्ध हो ज्छ. 20 जब उ लोग अपन् प्प के कहस्ब लग्छ त उ लोग डे र् के आ जछहे अिररी उ लोग के अपर्ध से उनरक् सोझ् किश्स हो ज्छ। अध्य के ब् 5 1 तब धर् आदरी बहत कहमत से ओह लोग के स्रने खड् हो ज्छ जे ओकर् के दर ख दे ले ब् आ अपन् रेहनत के किनो कहस्ब न् दे ले ब्। 2 जब उ लोग एकर् के दे ख के ्यंकर डर से परे ध्न हो जइहे आ उनकर उ्​्र के अजीबपन दे ख के अचरज रे पड जइहे, जिन कक उ लोग के इं तज्र से ्ी बहत दू र ब्। 3 उ लोग पश्त्प करत आ आत् के पीड् से कर्हत लोग रन रे कहत होछ कक, “छ उहे रहले, जेकर हरनी के कबोकबो रज्क उड्ित रहनी ज् अिररी कनंद् के कह्ित रहे । 4 हरनी के रूख् लोग उनकर ज्न के प्गलपन आ अंत के बेइजत र्नत रहनी ज्। 5 ऊ ्गि्न के संत्न रे कइसे कगनल ज्ल् आ ओकर ्​्ग पकित लोग रे कइसे ब्! 6 एही से हरनी के सच्छ के र्​्​् से ्टक गछल ब्नी ज्, आ ध्कर्कत् के रोधनी हरनी के न् चरकल आ ध्कर्कत् के सूरज हरनी पर न् उठल। 7 हरनी के दर षत् आ किन्ध के र्​्​् रे थक गछनी ज्, हँ , हरनी के रे कग्​्न से गरजरल ब्नी ज्, जह्ँ किनो र्​्​् न् रहे , लेककन प्र के र्​्​् के ब्रे रे हरनी के एकर् के नछखी ज्नत। 8 लरंड से हरनी के क् फ्यद् ्इल ब्? हरनी के लरंड से धन हरनी के किन ्ल्छ दे ले ब्? 9 ऊ सब ब्त परछ्छ कनहन आ जली से गरजरत खं्​् कनहन बीत गछल ब्। 10 आ जइसे किनो जह्ज प्नी के लहरन के ऊपर से गरजरे ल्, जिन् के गरजरल् पर ओकर कनध्न न् करल प्िेल् आ न् ही लहर रे कील के र्​्​्। 11 य् जइसे जब किनो कचरछ हि् रे उड गइल होखे त ओकर र्​्​् के किनो कनध्नी न् करलेल्, बलरक ओकर् प्ँ ख के चोट से पीटल हल् हि् के ते ज आि्ज आ गकत से

अलग हो ज्ल्। आ ओकर् ब्द किनो कनध्नी न् करल प्छ कक ऊ कह्ँ गइल रहली. 12 जइसे किनो कनध्न पर तीर र्रल ज्ल् त ऊ हि् के अलग कर दे ल् जिन तर रते फेर से एकट् हो ज्ल् आ आदरी के पत् न् चले कक ऊ कह्ँ से गरजरल ब्। 13 ओइसहीं हरनी के जनर के ही अपन् अंत तक पहं चे लगनी ज् आ हरनी के किनो सद् गर् के कनध्नी न् रहे । लेककन हरनी के बरर्छ रे ्स हो गछल रहनी। 14 क्हे कक अ्​् लोग के आध् हि् से उडल धूल कनयर होल्। जइसे कक एगो प्तर झ्ग जिन तू फ्न के स्थे ्ग् कदहल ज्ल्; जइसे कक धरँआ जिन तू फ्न से इधर-उधर कबखर ज्ल् आ एक कदन ्र रके ि्ल् रेहर्न के य्द के रप रे बीत ज्ल्। 15 लेककन धर् लोग हरेध् ख्कतर कजंद् रहे ल्। उनकर इन्र ्ी प्र के प्स ब् आ उनकर दे ख्​्ल परर उच् के प्स ब्। 16 एही से ओह लोग के प्र के ह्थ से एगो रकहर्रंकडत र्ज आ एगो सरनर ररकरट करली, क्हे कक ऊ अपन् द्कहन् ह्थ से ओह लोग के ढं क के र्खी आ अपन् ब्ं ह से ओह लोग के रक् करी। 17 ऊ पूर् किच ख्कतर आपन छर्​् के अपन् लगे ले ज्छ आ ओह प्​्ी के अपन् दर शनन के बदल् लेबे ख्कतर आपन हकथय्र बन् दी. 18 उ छ्ती के पटी कनहन ध्कर्कत् अिररी हे लरेट के जगह सच् न्य पकहनहे । 19 ऊ पकितत् के अजेय ढ्ल के रप रे ले ली। 20 ओकर कड् कोध के ऊ तलि्र ख्कतर ते ज कर दी आ दर कनय् ओकर् स्थे अज्नी लोग से लडी। 21 तब द्कहन् कनध्न् लग्िे ि्ल् िज ब्हर कनकल जइहे । आ ब्दल से, जइसे कक बकढय् से खींच्इल धनरष से , कनध्न पर उड ज्छ। 22 आ कोध से ्रल ओल् पतर के धनरष से कनकलल कनयर फेकल ज्छ आ सररंदर के प्नी ओह लोग पर ्डक ज्छ आ ब्ढ ओह लोग के कनर्रत् से डूब् दी। 23 हँ , एगो ते ज हि् ओह लोग के कखल्फ खड् हो ज्छ आ तू फ्न कनयर ओह लोग के उड् दी, एह तरह से अधर् पूर् धरती के तब्ह कर दी आ बरर्छ पर्करी लोग के कसंह्सन के उख्ड कदही। अध्य के ब् 6 1 हे र्ज् लोग, सरनीं आ सरझीं। हे धरती के छोर के न्य करे ि्ल् लोग, सीखऽ। 2 हे लोग के र्ज करे ि्ल् लोग क्न दीं आ ज्कत के ्ीड रे लरंड करीं। 3 क्हे कक प्र के ओर से तोहनी के अकधक्र कदहल गइल ब् आ परर्त् के ओर से प्रत कदहल गइल ब्, जे तोह्र क्र के परीक् करी आ तोह्र सल्ह के खोज करी। 4 क्हे कक उनकर र्ज के सेिक होखल् के न्ते तू लोग सही न्य न् कइनी, न् वि्​् के प्लन कइनी आ न् ही पररेशर के सल्ह के प्लन कइनी।


5 ऊ ्य्िह आ ते जी से तोहनी पर आ ज्छ, क्हे कक ऊंच जगह पर रहे ि्ल् लोग ख्कतर तीख् न्य होछ। 6 क्हे कक दय् जकलये नीच लोग के र्फ कर दी, लेककन पर्करी लोग के बहत य्तन् कदहल ज्छ। 7 क्हे कक जे सबकरछ पर प्र ब्, उ केह के वक् से न् डे र्छ, न् केह के रह्नत् के दे ख के डर से खड् होछ, क्हे कक उ छोट-बड के बन् दे ले ब् अिररी स्के एक सर्न कचंत् करे ले। 8 लेककन पर्करी लोग पर एगो कड् परीक् आछ। 9 एह से हे र्ज् लोग, हर तोहनी से कहत ब्नी कक तू लोग बरक् सीखीं आ न् कगर ज्छं। 10 क्हे कक जे पकितत् के पकित रखेल्, ओकर् के पकित र्नल ज्छ, आ जे अइसन ब्त सीखले ब्, उ लोग के जि्ब करल ज्छ। 11 एही से हर्र ब्त पर आपन सेह लग्छं। ओह लोग के इच् करीं, त तोहनी के कधक् करल ज्छ। 12 बरक् रकहर्रंकडत होल् आ कबो न् खतर होल्, हँ , ओकर् से पेर करे ि्ल् लोग से ओकर् के आस्नी से दे खल ज्ल् आ ओकर् के खोजे ि्ल् लोग के करल ज्ल्। 13 ऊ अपन् के च्हत लोग के पकहले अपन् के बत्िे से रोकत कबय्। 14 जे ओकर् के जली खोजत होछ ओकर् किनो बड पसि न् होछ, क्हे कक उ ओकर् के अपन् दर आर प बछठल प्छ। 15 एह से ओकर् ब्रे रे सोचल बरक् के कस्त् ह, आ जे ओकर् ख्कतर ज्गल ब्, उ जली से बेपरि्ह हो ज्छ। 16 क्हे कक ऊ अपन् ल्यक लोग के खोजत लूरत रहे ली, र्​्​् रे ओह लोग के अनरकूलत् दे ख्िेली आ हर किच्र रे ओह लोग से करलत रहे ली। 17 क्हे कक ओकर असली धररआत अनरध्सन के इच् ह। आ अनरध्सन के दे ख्​्ल पेर ह; 18 पेर ओकर कनयर के प्लन ह। आ ओकर कनयरन पर ध्न कदहल अकिन्धी के आश्सन ह। 19 अकिन्धी हरनी के पररेशर के नजदीक ले आिेल्। 20 एही से बरक् के इच् एगो र्ज रे ले आिेल्। 21 हे लोग के र्ज् लोग, अगर तोहनी के कसंह्सन आ र्जदं ड रे ररल ब्, त बरक् के आदर करीं, त्कक तू लोग हरेध् ख्कतर र्ज करीं। 22 रहल ब्त बरक् के त ऊ क् हछ आ कइसे ऊपर आइल ब्डी, त हर तोहके बत्इब आ तोहनी से रहस न् कछप्छब, बलरक ओकर् जन के धररआत से ही ओकर् के खोजब आ ओकर् ब्रे रे ज्न के रोधनी रे ले आछब आ... सच्छ के ऊपर न् गरजरी। 23 न् हर छर्​् के ्स कर के चलब। क्हे कक अइसन आदरी के बरक् से किनो स्झीद्री न् होछ। 24 लेककन ज्नी लोग के ्ीड दर कनय् के ्ल्छ ह, आ बरक्र्न र्ज् लोग के सह्र् ह। 25 एह से हरर् ब्त से कधक् गह् करऽ आ छ तोहर् के ्ल्छ करी।

अध्य के ब् 7 1 हरहँ नशर आदरी हछं, सबके जइसन आऊ धरती से पकहले बनल आदरी के संत्न हछं। 2 हरर् र्छ के पेट रे दस रहीन् के सरय रे खून से संकरकचत होके आदरी के संत्न आ नींद के स्थे करले ि्ल् सरख के र्ं स बनल रहे । 3 जब हर जनरनी त हर आर हि् रे खींच के धरती पर कगर गइनी जिन कक ओही तरह के पकरकत के ह, आ सबसे पकहले जिन आि्ज हर सरननी ऊ कचल्त रहे , जइसे कक ब्की लोग करे ले। 4 हरर् के लपेट के कपड् रे दू ध कपय्िल गइल आ ऊ कचंत् से। 5 क्हे कक अइसन किनो र्ज् नइखे जेकर जनर के धररआत दोसर होखे। 6 क्हे कक सब आदरी के जीिन रे एके गो पिेध होल् आ अइसने लोग के ब्हर कनकले के र्​्​् ब्। 7 एही से हर प्थ्न् कइनी आ हरर् के सरझ करलल। 8 हर र्जदं ड आ कसंह्सन से पकहले ओकर् के पसंद करत रहनी आ ओकर् तर लन् रे धन के करछर ओ न् र्नत रहनी। 9 हर ओकर् से किनो कीरती पतर के तर लन् न् कइनी क्हे कक ओकर् ब्रे रे सब सोन् तनी ब्लू कनयर ब् आ च्ँ दी के ओकर् स्रने र्टी के रप रे कगनल ज्छ। 10 हर ओकर् से स्व आ सरंदरत् से अकधक् प्र करत रहनी आ रोधनी के जगह ओकर् के प्िे के चरननी क्हे कक ओकर् से आिे ि्ल् रोधनी कबो न् बरझेल्। 11 ओकर् स्थे सब बकढय् चीज हरर् लगे करलल आ ओकर् ह्थ रे असंख धन करलल। 12 हर ओह सब रे खरध ्इनी क्हे कक बरक् ओह लोग के आगे चलत रहे ल् आ हर न् ज्नत रहनी कक ऊ ओह लोग के रहत्री हछ। 13 हर रेहनत से सीखनी आ ओकर् से उद्रत् से ब्त करे नी। 14 क्हे कक उ आदरी ख्कतर एगो खज्न् हछ जिन कबो न् खतर होखेले, जिन् के इ्ेर्ल करे ि्ल् लोग पररेशर के दो् बन ज्ल्, आ सीखल् से करले ि्ल् िरद्न के चलते त्रीफ हो ज्ल्। 15 ्गि्न हरर् के जइसन च्हत ब्नी ओइसन बोले के आ हरर् के कदहल चीजन ख्कतर जइसन उकचत ग्​्ध्र् करे के अनररकत दे ले ब्डन, क्हे कक उहे बरक् के ओर ले ज्ल् आ बरक्र्न के कनद् कधत करे ल्। 16 क्हे कक हरनी के आ हरनी के ब्त उनकर् ह्थ रे ब्। सब बरक् ्ी, आ क्रीगरी के ज्न ्ी। 17 क्हे कक उ हरर् के ओह चीजन के ब्रे रे करछ ज्नक्री दे ले ब्डन, जिन कक दर कनय् के कनर्​् ् आ ततन के क्रक्ज के ब्रे रे ज्ने के ब्। 18 सरय के धररआत, अंत आ बीच, सूरज के लरर्ि आ रौसर के बदल्ि। 19 स्लन के चकर आ त्र् के क्कत। 20 जीि-जनर के स्​्ि आ जंगली ज्निरन के कोध, हि् के कहं स् आ आदरी के तक्, पौध् के किकिधत् आ जड के गर्।


21 आऊ सब ब्त जिन गरप ब् य् पकट ब्, उ सब हर ज्नत ब्नी। 22 क्हे कक हर चीज के क्र करे ि्ली बरक् हरर् के कसखिलस, क्हे कक ओकर् रे एगो सरझद्र आत् पकित ब्, एकही, कछ तरह के, सूक, जीिंत, स्फ, कनर्ल, स्द्, आहत न् होखे ि्ल्, अच् क्र से पेर करे ि्ल् जली, जिन् के न् कदहल ज् सके, ्ल्छ करे ख्कतर तइय्र, 23 आदरी के पकत दय्लर, अकडग, कनकशंत, परि्ह से रर्, पूर् धक् ि्ल्, सब करछ के दे खरे ख करे ि्ल्, आ पूर् सरझ, धर् आ सूक आत् से गरजरे ि्ल्। 24 क्हे कक बरक् किनो गकत से ्ी ज्द् कहलत-डर लत होले , उ अपन् धर्त् के चलते सब करछ से गरजरत रहे ली। 25 क्हे कक उ पररेशर के धक् के स्ँ स हछ आ सि्धक्र्न के रकहर् से बहत धर् प्​्ि हछ। 26 क्हे कक ऊ अनन पक्ध के चरक ह, पररेशर के धक् के बेद्ग आछन् हछ आ उनकर ्ल्छ के पकतरप हछ। 27 एकल होखल् के न्ते ऊ सब करछ कर सकेली आ अपन् रे रह के सब करछ नय् बन्िेली आ हर यरग रे पकित आत् रे लरस के ओह लोग के पररेशर के दो् आ ्किरि्​् बन् दे ली। 28 क्हे कक पररेशर केह से पेर न् करे लन, कसि्य बरक् के स्थ रहे ि्ल् के। 29 क्हे कक ऊ सूरज से आ त्र् के कर से ्ी सरंदर ब्डी। 30 क्हे कक एकर् ब्द र्त आिेल्, लेककन बरक् के कखल्फ कररीकत ह्िी न् होछ। अध्य के ब् 8 1 बरक् एक छोर से दू सर् छोर तक जोरद्र तरीक् से पहं चेले अिररी उ सब चीज के रीठ तरीक् से विक्त करे ले। 2 हर ओकर् से प्र करत रहनी, आ जि्नी से ओकर् के खोजत रहनी, ओकर् के आपन जीिनस्थी बन्िे के इच् रहे , आ हर ओकर् सरंदरत् के पेरी रहनी। 3 ऊ ्गि्न से पररकचत होके आपन करलीनत् के बड्छ करे ली, हँ , सब चीजन के र्कलक खरद ओकर् से प्र कइलन। 4 क्हे कक उ पररेशर के ज्न के रहस से पररकचत हछ आ उनकर क्र के पेरी हछ। 5 अगर एह जीिन रे धन के इच् होखे; बरक् से ्ी धनी क् ब् जिन सब क्र करे ल्? 6 आ अगर कि​िेक क्र करे ल् त; जेकर् रे से के ब्, ओकर् से ज्दे धूत् रजदू र ब्? 7 अगर आदरी ध्कर्कत् से पेर करे ल् त ओकर रेहनत गर् ह, क्हे कक ऊ संयर आ कि​िेक, न्य आ धैय् के कसख्िेले, जिन अइसन चीज ह, जइसे कक आदरी के जीिन रे एकर् से ज्द् फ्यद् करछ न् हो सकेल्। 8 अगर आदरी के बहत अनर्ि के इच् होखे त उ परर्न ब्त के ज्नत कबय् अिररी आिे ि्ल् ब्त के सही तरीक् से अनरर्न लग्िेले, उ ्​्ष् के सूकत् के ज्नत कबय् अिररी अन्र ि्क के सरझ् सकेले, उ चरत्र अिररी चरत्र अिररी रौसर अिररी सरय के लटन् के पकहले से दे खत कबय्।

9 एही से हर ओकर् के अपन् संगे रहे ख्कतर ले ज्ए के इर्द् रखनी, क्हे कक उ इ ज्न के कक उ नीरन ब्त के सल्ह दे िे ि्ली होछ अिररी कचंत् अिररी दर ख रे कदल्स् कदही। 10 ओकर् ख्कतर हर ्ीड के बीच आदर करब आ बडक् लोग के आदर, ्ले हर छोट ब्नी। 11 हर न्य रे जली लरंडी होखब आ बडक् लोग के नजर रे हर्र पधंस् होखब। 12 जब हर आपन जी् पकडब त उ लोग हरर् फररसत के इं तज्र करीहे अिररी जब हर बोलब त उ लोग हरर् के बकढय् से क्न कदहे । 13 ओकर् से हर अररत् प् लेब आ हरर् ब्द आिे ि्ल् लोग ख्कतर एगो अनन सर् छोडब। 14 हर लोग के विक्त करब आ र्ष् हरर् अधीन हो जइहे । 15 ्य्िह अत्च्री लोग हरर् ब्रे रे सरनल् पर डे र् जइहे । हर ्ीड के बीच अच् आ यर् रे िीर करलब। 16 हर अपन् लर रे अइल् के ब्द ओकर् स्थे आर्र करब, क्हे कक ओकर ब्त रे किनो कडि्हट न् होल्। आ ओकर् स्थे रहे रे किनो दर ख न् होल्, बलरक उल्स आ उल्स होल्। 17 जब हर अपन् रन रे एह ब्तन पर किच्र कइनी आ रन रे रनन कइनी कक बरक् से जरड्ि कइसे अररत् ह। 18 आ ओकर दो्ी करलल् से बहत खरधी होल्। आ ओकर् ह्थ के क्र रे अनंत धन ब्। आ ओकर् स्थे समे लन के पयोग रे कि​िेक; आ ओकर् से बकतय्िे रे एगो बकढय् ररपोट् ; हर खोजत लूर गइनी कक ओकर् के अपन् लगे कइसे ले ज्इल ज्ि. 19 क्हे कक हर एगो चरटील् लइक् रहनी आ ओकर रन बकढय् रहे । 20 बकल हर कनरन होके कनद्ष धरीर रे आ गछनी। 21 तबकहयो जब हर बरझनी कक जबले ्गि्न ओकर् के न् दे सर, हर ओकर् के दोसर् तरीक् से न् प् सकीं। आ छहो एगो बरक् के कबंदर रहे कक ऊ केकर िरद्न हछ; हर प्र से प्थ्न् कइनी आ उनकर् से कनहोर् कइनी आ पूर् रन से कहनी। अध्य के ब् 9 1 हे हर्र पूि्ज के पररेशर, दय् के प्र, जे तोहर् िचन से सब करछ बनिले ब्नी। 2 तोहर् बरक् से आदरी के कनयर् कइले कक ऊ तू जिन प्​्ी बनिले ब्डऽ ओकर् पर ओकर प्रत र्खे। 3 आ दर कनय् के न्य आ ध्कर्कत् के अनरस्र विक्त करीं आ सीध् रन से न्य करीं। 4 हरर् के बरक् दऽ, जिन तोहर् कसंह्सन के लगे बइठल ब्। आ हरर् के अपन् लइकन के बीच से रत ठर कर्छं। 5 क्हे कक हर तोह्र नौकर आ तोह्र द्सी के बेट् करजोर हछं, कर सरय के हछं आ न्य आ क्नून के सरझे ख्कतर बहत छोट हछं। 6 आदरी के संत्न के बीच ्ले ही आदरी कबो एतन् कस् न् होखे, लेककन अगर तोह्र बरक् ओकर् संगे न् होछ त ओकर् के किनो ब्त न् र्नल ज्छ।


7 तू हरर् के अपन् लोग के र्ज् आ अपन् बेट्-बेटी के न्य्धीध बने ख्कतर चरनले ब्डू। 8 तू हरर् के आपन पकित पह्ड पर एगो रंकदर बन्िे के आज् दे ले ब्डू, जिन् धहर रे तू रहत ब्डू, ओह धहर रे एगो िेदी बन्िे के जिन पकित तमू से करलत जरलत ब्, जिन तू धरर से तइय्र कइले ब्डू। 9 बरक् तोहर् स्थे रहे , जिन तोह्र क्र के ज्नत रहे आ दर कनय् के बन्िे के सरय रौजूद रहे , आ ज्नत रहे कक तोहर् नजर रे क् सीक्य् ब् आ तोहर् आज् रे क् सही ब्। 10 हे ओकर् के अपन् पकित आक्ध से आ अपन् रकहर् के कसंह्सन से ्ेज दीं, त्कक उ हरर् संगे रेहनत करस, त्कक हर ज्न सकी कक तोहर् क् पसंद ब्। 11 क्हे कक उ सब करछ ज्नत कबय् आ सरझत कबय्, आ हरर् के अपन् क्र रे संयर से अगरि्छ करी अिररी हरर् के अपन् धक् रे बच् के र्खी। 12 एही तरे हर्र क्र सीक्य् हो ज्छ आ तब हर तोहर् लोग के ध्कर्क न्य करब आ अपन् कपत् के आसन पर बछठे ल्यक होखब। 13 क्हे कक उ किन आदरी ह जे पररेशर के सल्ह के ज्न सकेल्? ्​् के सोच सकेल् कक प्र के इच् क् ह? 14 क्हे कक नशर आदरी के किच्र दयनीय ब् आ हरनी के षडंत अकनकशत ब्। 15 क्हे कक न्ध होखे ि्ल् धरीर आत् के दब् दे ल् आ र्टी के तमू बहत करछ पर कचंतन करे ि्ल् कदर्ग के बोझ दे ल्। 16 हरनी के धरती पर रौजूद चीजन के ब्रे रे ध्यदे सही अंद्ज् लग्िल ज् सकेल् आ रेहनत से हरनी के स्रने के चीजन के खोजल ज् सकेल्। 17 आ तोह्र सल्ह के ज्नत होछ कक जबले तू बरक् न् दे ब आ ऊपर से आपन पकित आत् न् ्ेजब? 18 एही से धरती पर रहे ि्ल् लोग के र्​्​् रे सरध्र ्इल आ आदरी के ऊ ब्त कसख्िल गइल जिन तोहर् नीक ल्गेल् आ बरक् के द्र् उ्​्र करलल। अध्य के ब् 10 1 उ दर कनय् के पकहल् बनल कपत् के बच् के रखली, जिन अकेले बनल रहले अिररी ओकर् के कगरल् से ब्हर कनक्ल दे ली। 2 आऊ ओकर् के सब चीजन पर र्ज करे के अकधक्र कदहलन। 3 लेककन जब अधर् लोग अपन् कोध रे ओकर् से दू र हो गछल त उ अपन् ्​्छ के हत् के कोध रे न्ध हो गछल। 4 जेकर् क्र् से धरती जलपलय रे डूब गइल, बरक् ओकर् के फेर से बच् कलहलस आ धर् लोग के र्​्​् के एगो छोट कीरत के लकडी के टर कड् रे कनद् कधत कइलस। 5 एकर् अल्ि्ं , र्ष् लोग अपन् दर ष स्कजध रे लकजत होके धर् लोग के पत् लग् के ओकर् के पररेशर के स्रने कनद्ष बन् के रखली आ ओकर् के अपन् बेट् के पकत कोरल कर्​् के कखल्फ रजबूत रखली।

6 जब अ्​् लोग के न्ध हो गइल त ऊ ओह धर् आदरी के बच् कदहली जिन प्ं च धहरन पर कगरल आग से ्​्ग गइल। 7 आजर ले धरँआ उड्िे ि्ल् उज्ड ्ूकर आ फल दे िे ि्ल् पौध् जिन कबो न् प्क प्िेल्, ओकर दर षत् के गि्ही ब्, आ नरक के खड् खं्​् अकिश्सी आत् के स्रक ह। 8 क्हे कक उ लोग बरक् के ब्रे रे न् ख्ली इहे चोट न् पहं चिले कक उ लोग अच् ब्त के न् ज्नत रहले। लेककन उ लोग के पीछे दर कनय् के स्रने आपन रूख्त् के य्द ्ी छोड गछले, त्कक जिन् चीज रे उ लोग ठे स पहं चिले रहले , ओकर् रे उ लोग एतन् ्ी कछपल न् रहले। 9 लेककन बरक् ओकर् के पीड् से रर् कर कदहलस। 10 जब धर् लोग अपन् ्​्छ के कोध से ्​्ग गछल त उ ओकर् के सही र्ह पर ले गछली, ओकर् के पररेशर के र्ज के ब्रे रे बत्ित रहली अिररी पकित चीज के ज्नक्री दे ली, उनरक् के य्त् रे अरीर बनिली अिररी उनरक् रेहनत के फल के बढ् दे ली। 11 जे लोग ओकर् पर अत्च्र करत रहे ओकर लो् रे ऊ ओकर् स्थे खड् होके ओकर् के अरीर बन् कदहली। 12 ऊ ओकर् दर शनन से बच्ि कइली आ ओकर् के इं तज्र रे पडल लोग से सररककत रखली आ एगो कड् संलष् रे ओकर् के जीत कदहली। त्कक ऊ ज्न सके कक ्ल्छ स्से रजबूत होल्। 13 जब धर् के बेचल गइल त ऊ ओकर् के न् छोडली, बलरक ओकर् के प्प से रर् कर कदहली आ ओकर् स्थे गड् रे उतरली। 14 जबले ऊ ओकर् पर र्ज के र्जदं ड आ ओकर् पर अत्च्र करे ि्ल् लोग के कखल्फ अकधक्र न् ले अइली, तब तक ओकर् के बंद न् छोड कदहली। 15 उ धर् लोग आ कनद्ष संत्न के ओह र्ष् से बच् कलहली जिन ओह लोग के अत्च्र करत रहे । 16 उ प्र के सेिक के आत् रे लरस गछली अिररी चरत्र अिररी चरत्र रे ्य्िह र्ज् के स्रन् कछली। 17 धर् लोग के रेहनत के इन्र कदहलन, अद् ्रत तरीक् से र्ग्दध्न कइलन आ कदन रे ओह लोग ख्कतर ढं कल आ र्त रे त्र् के रोधनी बनल। 18 ओह लोग के ल्ल स्गर के बीच से ले अइले आ बहत प्नी रे ले गइलन। 19 ब्ककर ऊ ओह लोग के दर शनन के डूब् कदहली आ गकहर्ह के तल से ब्हर फेक कदहली. 20 एही से धर् लोग अ्​् लोग के लूटत रहले , हे प्र, तोह्र पकित न्र के ्रकत करत रहले अिररी एक रन से तोह्र ह्थ के बड्छ कछले, जिन कक ओ लोग ख्ती लडत रहे । 21 क्हे कक बरक् गूंग् लोग के ररँह खोल कदहलस आ जे लोग बोल न् प्िेल्, ओकर जी् के ि्कटर बन् कदहलस। अध्य के ब् 11 1 उ पकित ्किरि्​् के ह्थ रे उनकर क्र के सरर् कइली।


2 ऊ लोग ओह जंगल रे ज्के जह्ँ किनो र्​्​् न् रहे , ओकहज् डे र् खड् कइल। 3 उ लोग अपन् दर शनन के कखल्फ खड् होके अपन् किरोकधयन से बदल् लेत रहले। 4 जब ऊ लोग प्स ल्गल त ऊ लोग तोहर् के परक्रत रहे आ चकरक पतर से प्नी करल गइल आ कठोर पतर से ओह लोग के प्स बरझ गइल। 5 क्हे कक जिन् चीज से उनकर दर शनन के सज् करलल, उहे चीज से उ लोग के जररत पडल। 6 क्हे कक गंद् खून से परे ध्न हरेध् बहत नदी के जगह। 7 तू ओह आज् के सष ड्ं ट ख्कतर जिन् से कधधर के र्रल गइल रहे , तू ओह लोग के अइसन तरीक् से ्रपूर प्नी दे ले रहलू जिन् के उमीद ऊ लोग न् कइले रहे । 8 तब प्स से लोष्​् करत कक तू ओह लोग के किरोकधयन के कइसे सज् दे ले ब्डू। 9 जब उ लोग पर परीक् रे आित रहले , लेककन दय् से सज् करलत रहले , त उ लोग ज्नत रहले कक कइसे अ्​् लोग के कोध रे न्य कछल ज्ल् अिररी उ लोग धर् लोग के अल्िे दोसर् तरीक् से प्सल रहले। 10 क्हे कक तू एह लोग के सल्ह कदहनी आ कोकधध करत रहलू, ब्प के रप रे, लेककन दू सर् के कठोर र्ज् के रप रे तू दोषी कदहनी आ सज् कदहनी। 11 च्हे उ लोग अनरपक्त रहले ्​् रौजूद रहले , उ लोग एके कनहन परे ध्न रहले। 12 क्हे कक ओह लोग पर दर गरन् दर ख आउर पकहले के ब्त के य्द करे ख्कतर कर्ह उठल। 13 जब उ लोग अपन् सज् से दू सर् के फ्यद् उठ्िे के ब्त सरनले त उ लोग के प्र के ब्रे रे करछ ्​्ि रहे । 14 क्हे कक ऊ लोग कतरस्र से आदर करत रहे , जब ऊ बहत पकहले कधधर के फेकल् पर फेकल गइल रहे , आ आकखर रे जब ऊ लोग जिन ्इल ओकर् के दे ख के ओकर पधंस् करत रहे । 15 लेककन उ लोग के दर षत् के रूख्त्पू्​् योजन् के चलते, जिन् से उ लोग बेिकूफी ्रल स्ँ प अिररी नीच ज्निर के पूज् करत रहले, एहसे तू बदल् लेिे ख्ती ओ लोग प बेिजह ज्निर के ्ीड ्ेज दे नी। 16 त्कक उ लोग ज्नस कक आदरी जिन् से प्प करे ल्, ओकर् के सज् ्ी करल ज्छ। 17 क्हे कक तोह्र सि्धक्र्न ह्थ, जिन पद्थ् के दर कनय् के कबन् रप के बनिले , ओकर् बीच रे ्​्लू ्​् उग धेर के ्ीड ्ेजे के स्धन के करी न् रहे । 18 य् अनज्न जंगली ज्निर, कोध से ्रल, नय् सरकजत, य् त आग के ि्ष य् कबखर्इल धरँआ के गंद् गंध के स्ँ स कनक्लत ब्डे , य् आँ ख से ्य्नक चरक कनक्लत ब्डे । 19 जिन् के नरकस्न न् ख्ली एके बेर रे ्ेज सकेल्, बलरक ्य्नक नज्र् ्ी ओ लोग के पूर् तरह से न्ध कर सकेल्। 20 हँ , आ एह लोग के कबन् ऊ लोग एके धर्क् से कगर गइल रकहत, बदल् लेबे के सत्िल गइल आ तोहर् धक् के स्ँ स से कबखर गइल रकहत, ब्ककर तू सब करछ न्प आ संख् आ िजन के कहस्ब से करब् कइले ब्डऽ।

21 क्हे कक तू हर सरय जब रन करे त आपन बडहन त्कत दे ख् सकेनी। आ तोहर् ब्ँ कह के त्कत के के स्रन् कर सकेल्? 22 क्हे कक तोहर् स्रने पूर् दर कनय् तर्जू के एगो छोट द्न् कनयर ब्, जइसे कक ्ोर के ओस के बूंद धरती पर कगरत ब्। 23 लेककन तू सब पर दय् करत ब्डू। क्हे कक तू सब करछ कर सकेलऽ आ आदरी के प्प के आँ कख करचौनी कर सकेनी क्हे कक ऊ लोग सरध्रे ि्ल् ब्. 24 क्हे कक तू जिन करछ ब् ओकर् से प्र करे लऽ आ जिन करछ बनिले ब्डऽ ओकर् से लर्​् न् करे लऽ क्हे कक अगर तू ओकर् से नफरत करत रकहतऽ त तू कबो किनो चीज न् बनिले रकहतऽ। 25 अगर तोह्र इच् न् रकहत त किनो चीज कइसे कटक सकत रहे ? ्​् संरककत कइल गइल ब्, अगर तोहर् द्र् न् बोल्िल गइल? 26 लेककन तू सबके बखत ब्डू, क्हे कक हे प्र, तू प्​्ी के पेरी, उ लोग तोह्र ह। अध्य के ब् 12 1 क्हे कक तोह्र अकिन्धी आत् सब करछ रे ब्। 2 एही से तू ओह लोग के तकनक्-रनी सज् दे त ब्डऽ आ जिन् के अपर्ध कइले ब् ओकर् के य्द कर के चेत्ित ब्नी कक हे प्र, आपन बरर्छ छोड के तोहर् पर किश्स कर सके। 3 क्हे कक तोह्र इच् रहे कक हरनी के पररखन के ह्थ से तोहर् पकित दे ध के परर्न कनि्सी दर नर के नष कर दीं। 4 तू ओकर् से नफरत करत रहलू कक ऊ ज्दू -टोन् आ दर ष बकलद्न के लरक्त क्र करे ल्। 5 आऊ लइक्-लइकी के हत् करे ि्ल्, आ आदरी के र्ं स ख्ए ि्ल् आ खून के ्ोज के कनद् यत् से ्ी। 6 अपन् रूकत् पूजक दल के बीच से उनकर य्जक आ र्त्कपत् जे रदद से िंकचत प्​्ी के अपन् ह्थ से र्रत रहले। 7 त्कक जिन दे ध के तू सब से ऊपर र्नत ब्डू, ओकर् के पररेशर के संत्न के एगो योग उपकनिेध करल सके। 8 तबकहयो तू ओह लोग के ्ी आदरी के रप रे बखले रहलू आ अपन् सेन् के अगदू त ततै य् ्ेजनी कक ऊ लोग के धीरे -धीरे न्ध करस। 9 छ न् कक तू अ्​् लोग के लड्छ रे धर् लोग के ह्थ रे ले आिे रे असरथ् रहलू , न् ही कूर ज्निरन से, य् एक कच् धब से एके बेर रे न्ध न् कर पिनी। 10 लेककन तू ओह लोग पर आपन फैसल् के धीरे -धीरे प्लन करत, तू ओह लोग के पश्त्प के जगह दे कदहनी, आ छ न् ज्नत रहलू कक ऊ लोग एगो नटखट पीढी हिे आ ओह लोग के दर ्​्​् िन् पैद् ्इल ब् आ ओह लोग के कचंतन कबो न् बदली। 11 क्हे कक छ धरर से ही एगो अक्धप िंध रहे । न् त केह के डर से ओह लोग के र्फी दे हनी जिन् रे उ लोग प्प कछले रहले। 12 क्हे कक के कही कक तू क् कइले ब्डू? क् तोह्र न्य के के स्रन् करी? क् तोहर् के न्ध होखे ि्ल् र्ष्न


ख्कतर के आरोप लग्छ, जेकर् के तू बनिले ब्डू? य् तोहर् कखल्फ के खड् होके अधर् लोग के बदल् लेिे ख्कतर आछ? 13 क्हे कक तोहर् अल्ि् किनो ्गि्न नइखे जे सबके परि्ह करे ले , जेकर् के तू बत् सकत ब्नी कक तोह्र न्य गलत नइखे। 14 जेकर् के तू सज् दे ले ब्डू ओकर् ख्कतर न् त र्ज् ्​् अत्च्री तोहर् कखल्फ आपन ररँह न् खड् कर प्छ। 15 एही से जइसे तू खरद धर् हछं, तूँ सब ब्त के धर् तरीक् से विक्त करत ब्डू, आ ओकर् के सज् दे िे के हकद्र न् होखे ि्ल् के दोषी ठहर्िल अपन् धक् से सहरत न् सरझत ब्डू। 16 क्हे कक तोह्र धक् धर् के धररआत ह, आ क्हे कक तू सबके र्कलक हउअ, छ तोहर् के सबके पकत करप् करे ले। 17 जब आदरी किश्स न् करी कक तू पूर् त्कत के ब्डू त तू आपन त्कत दे ख्िे आ ओकर् के ज्ने ि्ल् लोग के बीच तू ओकर कहमत के पकट करऽ। 18 लेककन तू अपन् धक् रे रह्रत ह्कसल क के न्य के न्य करीं आ हरनी के बहत अनरगह से विक्त करीं, क्हे कक तू जब रन करे त स्​् के पयोग कर सकेनी। 19 लेककन अइसन क्र से तू अपन् लोग के कसखिले ब्डू कक धर् आदरी दय्लर होखे के च्हीं, आ अपन् लइकन के एगो बकढय् आध् पैद् कइले ब्डऽ कक तू प्प ख्कतर पश्त्प करऽ। 20 अगर तू अपन् लइक्-लइकी के दर शनन आ फ्ँ सी के सज् प्िे ि्ल् लोग के अतन् सोच-सरझ के सज् दे ब आ ओकर् के सरय आ जगह दे ब कक ऊ लोग अपन् दर ्​्​् िन् से रर् हो सके. 21 तू अपन् बेट् लोग के केतन् स्िध्नी से न्य कइनी, जेकर् ब्प-द्द् के ककररय् खइले ब्डऽ आ बकढय् ि्द् कइले ब्डऽ? 22 एह से जब तू हरनी के त्डत ब्डू, हरनी के दर शनन के हज्र गरन् ज्द् कोड् र्रत ब्डू, त्कक जब हरनी के न्य करब ज् त हरनी के तोह्र ्ल्छ के ब्रे रे ध्न से सोचे के च्हीं आ जब हरनी के खरद के न्य होखे त हरनी के दय् के तल्ध करे के च्हीं। 23 एही से जब आदरी उथल-परथल आ अधर् तरीक् से कजयले ब्, तू ओह लोग के कलनौन् क्र से सत् दे ले ब्डू। 24 क्हे कक उ लोग गलती के र्​्​् से बहत दू र ्टक गछले अिररी ओ लोग के दे ित् के रप रे पकडले रहले, जिन कक अपन् दर शन के ज्निर के बीच ्ी कतरस्र कछल ज्त रहले अिररी धोख् ख्त रहले, क्हे की उ लोग बेबरकनय्द बच् कनहन रहले। 25 एह से तू ओह लोग के रज्क उड्िे ख्कतर न्य ्ेजले ब्डू, जइसे कक लइक्-लइकी के कबन् तक् के। 26 लेककन जे लोग ओह सरध्र से सरध्र न् च्हसर , जिन् रे ऊ ओह लोग के स्थे रेल करल्प कइले रहले, ऊ लोग ्गि्न के ल्यक न्य रहसूस करीहे । 27 दे खऽ कक जब ऊ लोग सज् करलत रहे त ऊ लोग किन् ब्त से न्र्ज रहे , र्ने कक जेकर् के ऊ लोग दे ित् सरझत रहे । अब ओह लोग रे सज् करलल् पर जब ऊ लोग छ दे ख के ओकर् के सच् ्गि्न र्न कलहल, जेकर् के ज्ने से

पकहले इनक्र करत रहे , आ एही से ओह लोग पर चरर दण आ गइल। अध्य के ब् 13 1 कनशय ही सब आदरी स्​्ि से वथ् हिे, जे पररेशर से अनज्न हिे , आ जिन अच् चीज दे खल ज् रहल ब्, ओकर् से न् ज्न पिले, न् ही क्र पर किच्र करके क्र के र्कलक के सीक्र कइले। 2 लेककन आग, य् हि्, य् ते ज हि्, य् त्र् के चकर, य् ते ज प्नी य् सग् के रोधनी के दर कनय् के ध्सन करे ि्ल् दे ित् र्नल ज्ल्। 3 जेकर सरंदरत् से अगर उ लोग खरध होके दे ित् बन् लेले रहले। ओह लोग के पत् चल ज्ि कक ओह लोग के प्र केतन् बकढय् ब्डन क्हे कक सरंदरत् के पकहल् लेखक ओह लोग के बनिले ब्डन. 4 लेककन अगर उ लोग अपन् धक् आ गर् से अचरज रे पड गछले त उ लोग के ब्त से सरझे कक उ लोग के बन्िे ि्ल् केतन् त्कतिर ब्डे । 5 क्हे कक प्​्ी के रह्नत् आ सरंदरत् से ओह लोग के कनर्​् त् के आनरप्कतक रप से दे खल ज्ल्। 6 लेककन एकर् ख्कतर उ लोग के दोष कर ब्, क्हे कक उ लोग ध्यद गलती से ्गि्न के खोजत ब्डे अिररी उनरक् के खोजे के च्हत ब्डे । 7 क्हे कक उ लोग उनकर क्र रे पररकचत होके उनकर् के पूर् तरह से खोजत ब्डे आ अपन् दकष पर किश्स करे लन, क्हे कक जिन चीज दे खल ज्ल् उ सरनर होल्। 8 ब्ककर न् ही ओह लोग के र्फ करे के च्हीं। 9 अगर उ लोग एतन् करछ ज्न सकत रहले कक उ लोग दर कनय् के ओर कनध्न् बन् सकत रहले। कइसे ऊ लोग जली ओकर प्र के पत् न् चलल? 10 लेककन उ लोग दयनीय ब्डे अिररी ररअल चीज रे उनरकर आध् ब्, जिन कक उनरक् के दे ित् कहे ले, जिन कक आदरी के ह्थ के क्र ह, सोन्-च्ं दी, त्कक उ लोग ज्निर अिररी बेक्र पतर के क्र के दे ख्िे एगो प्चीन ह्थ के। 11 एगो बढछ जिन लकडी क्टे ल्, ओकर् ब्द एगो पेड के आरी से क्ट के च्रो ओर के सब छ्ल के करधलत् से उत्र के ओकर् के सरनर बन् के ओकर् के आदरी के ज्न के सेि् ख्कतर एगो बत् न बन् लेल्। 12 अपन् क्र के कचर् अपन् ख्न् के सजि्िे रे खरच कइल् के ब्द ऊ अपन् के ्र कलहले ब्। 13 जिन कचर् बेरतलब के क्र करत रहे , ओकर् के लकडी के टे ढ टर कड् आ ग्ँ ठ से ्रल होखल् के न्ते , जब ओकर् लगे अउरी करछ करे के न् रहे , त ओकर् के पूर् रेहनत से उकेर के ओकर् के अपन् सरझ के कौधल से बनिले ब्, आ... एकर् के आदरी के पकतरप के रप रे फैधन कइले ब्; 14 य् कफर ओकर् के किनो नीच ज्निर कनहन बन् के ओकर् के कसंदूर रं ग से कबछ् के ओकर् के ल्ल रं ग से रं ग दे ले अिररी ओकर् हर जगह के ढं क दे ले। 15 ओकर् ख्कतर एगो सरगर कोठरी बन् के ओकर् के दे ि्ल रे रख के लोह् से जकड कदहलन।


16 क्हे कक उ एकर् के कगर न् दे िे के इं तज्र कछले, क्हे कक उ ज्नत रहले कक उ अपन् के बच्िे रे असरथ् ब्। क्हे कक छ एगो रूकत् ह आ ओकर् रदद के जररत ब्। 17 तब ऊ अपन् संपक् ख्कतर, अपन् रेहर्र आ लइकन ख्कतर प्थ्न् कर्िेल् आ जेकर् लगे ज्न नइखे ओकर् से ब्त करे रे ल्ज न् आिेल्। 18 स्व ख्कतर ऊ करजोर के परक्रत ब्, क्हे कक जीिन ररल चीज से प्थ्न् करे ल्। क्हे कक जेकर् लगे रदद करे के कर से कर स्धन ब् ओकर् से सह्यत् किनमत् से कनहोर् करे ल् आ बकढय् य्त् ख्कतर ऊ ओह चीज से र्ँ गेल् जे आगे गोड न् र्ख सके. 19 आऊ अपन् ह्थ के फ्यद् प्िे आ प्िे ख्कतर आ बकढय् सफलत् ख्कतर ओकर् से करे के करत् र्ँ गेल् जे किनो क्र करे रे असरथ् ब्। अध्य के ब् 14 1 फेर से केह जह्ज चल्िे ख्कतर तै य्र होके उग लहर से गरजरे ि्ल् लकडी के टर कड् के आि्ज दे ल् जिन ओकर् के ढोिे ि्ल् बत् न से ्ी ज्द् सडल ब्। 2 क्हे कक सचहँ ल्​् के इच् उहे सोचलस आ रजदू र अपन् हनर से ओकर् के बनिले। 3 हे कपत्, तोह्र वि्​् एकर् के चल्िेल्, क्हे कक तू सररंदर रे र्​्​् बन् लेले ब्डू, आ लहर रे सररककत र्​्​् बनिले ब्डू। 4 छ दे ख्ित कक तू हर खतर् से बच् सकेनी, हँ , ्ले केह कबन् कल् के सररद रे चल गइल होखे। 5 कफर ्ी तू न् च्हत रहलू कक तोह्र बरक् के क्र बेक्र होखे आ एही से आदरी आपन ज्न एगो छोट लकडी के टर कड् रे सौंप दे िे, आ करजोर बत् न रे खररदर र् सररंदर से गरजरल् से बच्िल ज्ल्। 6 क्हे कक परर्न सरय रे जब लरंडी कदगज लोग के न्ध होखत रहे त तोहर् ह्थ से चलत दर कनय् के आध् एगो करजोर बत् न रे ्​्ग गछल अिररी हर यरग के पीढी के बीज छोड गछल। 7 क्हे कक धन ब् ऊ लकडी जिन् से ध्कर्कत् आिेल्। 8 ह्थ से बनल चीज के ्ी अक्धप ब्, जइसे कक ओकर् के बन्िे ि्ल् के ्ी। आ छ, क्हे कक न्ध होखे ि्ल् होखल् के चलते एकर् के ्गि्न कहल ज्त रहे । 9 क्हे कक अ्​् आ उनकर अ्​् दर नर ्गि्न के लर्​् करे ि्ल् हिे। 10 क्हे कक जिन बनल ब् ओकर् के बन्िे ि्ल् के संगे सज् कदहल ज्छ। 11 एह से गैर-यहदी लोग के रूकत् पर ्ी दं ग हो ज्छ क्हे कक पररेशर के सरकष रे उ लोग कलनौन् आ आदरी के आत् ख्कतर ठोकर आ अज्नी के गोड ख्कतर ज्ल बन गइल ब्। 12 क्हे कक रूकत् के कलन् से आध्कतक वक्च्र के धररआत ्इल आ ओकर आकिष्र जीिन के न्ध होखे। 13 न् ही उ लोग धरर से ही रहे आ न् ही हरेध् ख्कतर रही। 14 क्हे कक रनरर के वथ् रकहर् से उ लोग दर कनय् रे आछल ब्डे अिररी एहीसे उ लोग के अंत जली हो जछहे ।

15 क्हे कक जब असरय धोक से ग् ब्प अपन् लइक् के रूकत् बन् के जलीए छीन लेल् त अब ओकर् के दे ित् के रप रे आदर दे त रहे , जिन तब एगो ररल आदरी रहे आ अपन् अधीन रहल लोग के संस्र आ बकलद्न दे कदहलस। 16 एह तरह से सरय के स्थ एगो अ्​् पथ् के रजबूती के रप रे प्लन कइल गइल आ र्ज् लोग के आज् के अनरस्र उकेरल रूकत् के पूज् कइल गइल। 17 जेकर् के लोग दू र रहत रहले , ओकर् के स्रने आदर न् कर सकत रहले, दू र से ओकर चेहर् के नकली कपड् लेके एगो र्ज् के छकि बनिले, जिन् के उ लोग सम्कनत करत रहले , त्कक उ लोग अपन् आगे बढल् से ओकर् के च्पलूसी करस अनरपक्त रहे, जइसे कक ऊ रौजूद होखे. 18 स्थ ही क्रीगर के एकल लगन अज्नी के अउरी अंधकिश्स के ओर ले ज्ए रे जरर रदद कछलस। 19 क्हे कक ऊ ध्यद अकधक्र रे आदरी के खरध करे के इचर क होके आपन पूर् कौधल के सबसे बकढय् फैधन के सर्नत् बन्िे ख्कतर रजबूर कर कदहलस। 20 एही से ्ीड क्र के अनरगह से लर्​् के अब ओकर् के एगो दे ित् र्न कलहलस, जिन् के करछ पकहले त इजत करलत रहे । 21 छ दर कनय् के धोख् दे बे के रौक् रहे क्हे कक आदरी आफत ्​् अत्च्र के सेि् करत पतर आ स्क के अपचकलत न्र दे त रहले . 22 उ लोग ख्कतर इहे क्फी न् रहे कक उ लोग पररेशर के ज्न रे गलती कछले| ब्ककर जह्ँ ऊ लोग अज्नत् के बडहन यर् रे कजयत रहे , ऊ अतन् बडहन किपक् ओह लोग के ध्ं कत कहत रहे . 23 जब उ लोग अपन् लइकन के बकलद्न रे र्रत रहले , य् गरप रप से रस-ररि्ज करत रहले , य् अजीब-अजीब संस्र के र्ी करत रहले। 24 उ लोग न् त जीिन के न् कबय्ह के कनद्ष रखले, लेककन य् त केह दोसर् के गद्र तरीक् से र्र दे ले, य् वक्च्र से दर खी कछले। 25 एह से सब आदरी रे खून, गैर इर्दतन हत्, चोरी, छे डख्नी, भष्च्र, बेिफ्छ, उथल-परथल, झूठ गि्ही के र्ज कइलस। 26 ्ल् आदरी के परे ध्न कइल, ्ल्छ के ्रल् कदहल, आत् के अधर् कइल, दय् बदलल, कबय्ह रे अवि्​्, वक्च्र आ कनल्ज अधर्त्। 27 क्हे कक रूकत् के पूज् जिन् के न्र न् बत्िल ज्ि, उ सब बरर्छ के धररआत, क्र् अिररी अंत ह। 28 क्हे कक य् त उ लोग र् होके प्गल हो ज्ल्, य् झूठ के ्किरि्​्ी करे ल्, य् अन्य के कजएल्, य् कफर हल् रे अपन् के ग्री दे िेल्। 29 क्हे कक उनकर ्रोस् रूकत् पर ब्, जिन् के किनो ज्न नइखे। ्ले ऊ लोग झूठ् ग्री दे त ब्, ब्ककर ऊ लोग के किनो नरकस्न न् होखे के लउकत ब्. 30 लेककन दर नो क्र् से उ लोग के न्यसंगत सज् कदहल ज्छ, क्हे कक उ लोग रूकत् के ध्न रे र्खत ्गि्न के ब्रे रे कनरन न् सोचले अिररी पकितत् के कतरस्र करत धोख् के ककररय् खछले।


31 क्हे कक उ लोग के अकधक्र न् ह जेकर् के कसर ख्ल्, लेककन प्पी लोग के न्यसंगत बदल् ह जिन हरेध् अ्​् के अपर्ध के सज् दे िेल्। अध्य के ब् 15 1 लेककन हे ्गि्न, तू करप्लर आ सच् हउअ, धैय्ि्न आ दय् से सब करछ के विक्त करे ि्ल् हउअ। 2 अगर हरनी के प्प करब ज् त तोह्र धक् के ज्न के तोह्र हछ ज्, लेककन हरनी के प्प न् करब ज्, इ ज्न के कक हरनी के तोह्र कगनल गछल ब्नी ज्। 3 क्हे कक तोहर् के ज्नल पूर् ध्कर्कत् ह, हँ , तोहर् धक् के ज्नल अररत् के जड ह। 4 क्हे कक न् त आदरी के धर्रती आकिष्र हरनी के धोख् कदहलस आ न् ही किनो रूकत् के रं ग-कबरं ग से द्गद्र, कचतक्र के कनषल रेहनत। 5 जिन् के दे ख के रूख् लोग के ल्लस् करे ख्कतर लर्​्िेल् आ एही से ऊ लोग एगो ररल रूकत् के रप के च्हत करे ल् जिन् के स्ँ स नइखे। 6 जे ओकर् के बन्िेल्, ओकर् के च्हत ब्, आ ओकर पूज् करे ले , दर नो बरर्छ के पेरी हिे अिररी ओकर् प ्रोस् करे ल्यक ब्। 7 क्हे कक करम्र कोरल र्टी के संचय करे ि्ल् हर बत् न के बहत रेहनत से हरनी के सेि् ख्कतर बन्िेल्, हँ , उहे र्टी से ऊ बत् न बन्िेल् जिन स्फ-सरथर् क्र ख्कतर क्र करे ल् आ ओही तरह से उल् क्र करे ि्ल् सब बत् न ्ी बन्िेल्, लेककन जिन ब् दर नो रे से किनो पक्र के पयोग, करम्र खरद न्य्धीध होल्। 8 ऊ अपन् रेहनत के अशील तरीक् से इ्ेर्ल करत, उहे र्टी से एगो वथ् दे ित् बन्िेल्, उहे दे ित् जिन करछ पकहले खरद धरती से बनल रहे , आ करछ दे र रे ऊ ओही रे ि्पस आ ज्ल् जब ओकर उध्र कदहल गइल ज्न हो ज्छ र्ं ग कइले ब्डन. 9 ब्ककर ओकर कचंत् छ नइखे कक ओकर् ढे र रेहनत होखे आ न् ओकर उकरर कर होखे, बलरक सोन्र आ च्ं दी के क्र करे ि्ल् लोग से बेहतर होखे के कोकधध करे ल् आ पीतल के क्र करे ि्ल् लोग जइसन क्र करे के कोकधध करे ल् आ नकली चीज बन्िे के आपन रकहर् र्नेल्। 10 ओकर रन र्ख ब्, ओकर आध् धरती से ्ी नीच ब् आ ओकर ज्न र्टी से कर कीरती ब्। 11 क्हे कक उ अपन् बन्िे ि्ल् के न् ज्नत रहले , आ जे ओकर् रे एगो सककय आत् के पेर्​् दे ले रहले अिररी कजंद् आत् के स्ं स लेले रहले। 12 लेककन उ लोग हरनी के जीिन के धगल र्नत रहले अिररी इह्ँ के सरय के फ्यद् के ब्ज्र र्नत रहले, क्हे कक उ लोग कहत्रे कक हरनी के हर र्​्​् रे चलत होछ, ्ले उ बरर् तरीक् से होखे। 13 क्हे कक स्ं स्ररक पद्थ् से ्ंगरर बत् न आ उकेरल रूकत् बन्िे ि्ल् छ आदरी अपन् के सब से बेसी न्र्ज करे ि्ल् ज्नत ब्। 14 तोहर् लोग के सब दर शन जे ओह लोग के अधीन ब्, ऊ बहते रूख् हिे आ बहते बच् से ्ी दयनीय हिे।

15 क्हे कक उ लोग गैर-यहदी के सब रूकत् के दे ित् र्नत रहले , जिन् के न् त आं ख के क्र ब्, न् स्ँ स लेिे ख्कतर न्क के, न् सरनल् के क्न के, न् ह्थ के अँगररी के सं्​्ले रे। आ रहल ब्त ओह लोग के गोड के त ऊ लोग चले रे धीर् ब्. 16 क्हे कक आदरी ओह लोग के बनिले ब् आ जे अपन् आत् के उध्र लेले ब्, ओकर् के बनिले ब्, लेककन केह अपन् जइसन दे ित् के न् बन् सकेल्। 17 क्हे कक ऊ नशर होके दर ष ह्थ से ररल चीज के क्र करे ल्, क्हे कक ऊ जिन् चीजन के पूज् करे ल् ओकर् से ऊ खरदे बकढय् ब्, जबकक ऊ एक बेर कजंद् रहलन ब्ककर कबो न्. 18 हँ , ऊ लोग ओह ज्निरन के ्ी पूज् करत रहे जिन सबसे लरक्त होल्, क्हे कक एक दोसर् के तर लन् रे करछ लोग दोसर् से ्ी बरर् होल्। 19 न् ही उ लोग ओतन् सरंदर नछखन, जेतन् कक ज्निर के पकत ि्ं कछत होखे के च्ही, लेककन उ लोग ्गि्न के ्रकत अिररी उनरकर आधीष के कबन् चल गछले। अध्य के ब् 16 1 एही से ओह लोग के उकचत सज् कदहल गइल आ ज्निरन के ्ीड से सत्िल गइल। 2 जिन् सज् के बदले तू अपन् लोग के स्थे दय्लरत् से विह्र करके ओह लोग ख्कतर एगो अजीब स्द के र्ं स, बटे र तक के ख्न् बन् के ओह लोग के ्ूख के ्डक्िे के क्र कइनी। 3 एह ख्कतर कक ऊ लोग ्ोजन के च्हत रे से ओह लोग के बीच ्ेजल ज्निरन के कररप दकष से लर्​् कर सके, जिन् के च्हत होखे के च्हीं। ब्ककर कर सरय ख्कतर गरीबी के कधक्र होखे ि्ल् एह लोग के किनो अजीब स्द के ्​्गीद्र बन्िल ज् सकेल्. 4 क्हे कक अत्च्र करे ि्ल् लोग पर गरीबी आिे के जररत रहे , जिन् से ऊ लोग बच न् सकत रहे , ब्ककर एह लोग के ख्ली छ बत्िल ज्ि कक ओह लोग के दर शनन के कइसे सत्िल गइल. 5 जब ज्निरन के ्य्िह उगत् एह लोग पर आइल आ ऊ लोग टे ढ स्ँ प के डं क से न्ध हो गइल त तोह्र कोध हरेध् ख्कतर न् रहल। 6 लेककन उ लोग करछ सरय ख्कतर परे ध्न हो गछले त्कक उ लोग के सल्ह कदहल ज् सके कक उ लोग के उ्​्र के कनध्नी होखे त्कक उ लोग के तोह्र वि्​् के आज् के य्द करस। 7 क्हे कक जे अपन् के ओकर् ओर ररडल ओकर् के उ दे खल् से न्, बलरक तोहर् से बच्िल गछल, जिन कक सबके उ्​्रकत्​् हछ। 8 एही रे तू अपन् दर शनन के कबूल करिनी कक तू ही हर बरर्छ से ररक् दे िे ि्ल् हउअ। 9 ओह लोग ख्कतर कटडी आ रकी के क्ट के र्र कदहल गइल आ न् ही ओह लोग के ज्न के किनो उप्य करलल क्हे कक ऊ लोग अइसनक् लोग के सज् प्िे ल्यक रहे ।


10 तोह्र बेट् जहरील् अजगर के द्ँ त न् जीत पिले, क्हे कक तोह्र दय् हरेध् ओ लोग प रहे अिररी ओकर् के ठीक करत रहे । 11 क्हे कक उ लोग के चर्न कदहल गछल रहे कक उ लोग तोह्र ब्त के य्द करस। आ जली से उ्​्र हो गइलन कक गकहर्ह ्रल्ए रे न् कगर के ऊ लोग लग्त्र तोह्र ्ल्छ के रन रे रहे . 12 क्हे कक न् त जडी-बूटी, न् रंद करे ि्ल् प्सर ओह लोग के ठीक करे ि्ल् रहे , बलरक हे प्र, तोह्र िचन रहे जिन सब करछ ठीक करे ल्। 13 क्हे कक तोहर् रे जीिन आ ररतर के धक् ब्, तू नरक के फ्टक के ओर ले ज्के कफर से ऊपर ले आिेल्। 14 आदरी अपन् दर ्​्​् िन् से हत् करे ल्, आ आत् जब कनकल ज्ल् त ि्पस न् आिेल्। न् त उठल आत् फेर से आिेल्। 15 लेककन तोहर् ह्थ से बचल सं्ि नइखे। 16 क्हे कक तोहर् के ज्ने से इनक्र करे ि्ल् अ्​् लोग के तोह्र ब्ँ कह के त्कत से कोड् र्रल गइल, अनज्न बरख्, ओल् आ बरख् से ओह लोग के सत्िल गइल, जिन् से ऊ लोग न् बच पिलस आ आग से ्स हो गइल। 17 क्हे कक सबसे अचरज के ब्त ब् कक प्नी रे आग के त्कत ज्द् रहे , जिन कक सब चीज के बरझ्िेल्, क्हे कक दर कनय् धर् लोग ख्कतर लडत रहे ल्। 18 क्हे कक करछ सरय रे आग के लौ कर हो गछल रहे त्कक उ अ्​् लोग के कखल्फ ्ेजल गछल ज्निर के न् जर् सके। लेककन खरद दे ख सकत रहले आ सरझ सकत रहले कक उ लोग पररेशर के न्य से सत्िल गछल ब्डे । 19 दोसर् सरय रे ऊ आग के धक् से अकधक् प्नी के बीच रे जरे ल् त्कक ऊ किनो अन्यी दे ध के फल के न्ध कर सके। 20 एकर् बदले तू अपन् लोग के सग्दूतन के ख्न् कखय्ित रहलू आ ओकर् के सग् से कबन् रेहनत के रोटी ्ेज कदहनी जिन हर आदरी के खरधी के संतरष करे रे सकर होखे आ हर स्द के ररत्कबक होखे। 21 क्हे कक तोह्र रोजी-रोटी तोह्र करठ्स के तोहर् लइकन के बत्ित रहे आ ख्ए ि्ल् के ्ूख के सेि् करत रहे आ हर आदरी के पसंद के कहस्ब से अपन् के सं्​्लत रहे । 22 ब्ककर बफ् आ बरफ आग के सहन कइलस आ न् कपललल, त्कक ऊ लोग ज्न सके कक ओल् रे जरत आ बरख् रे चरकत आग दर शनन के फल के न्ध कर कदहलस। 23 लेककन इ फेर से आपन त्कत तक ्रल् गछल, त्कक धर् लोग के पोष् हो सके। 24 क्हे कक जिन प्​्ी तोह्र सेि् करे ल्, जिन कक बन्िे ि्ल् ह, ऊ अधर् लोग के सज् ख्कतर आपन त्कत बढ्िेल् आ जे लोग तोहर् पर ्रोस् करे ल्, ओकर् ख्कतर आपन त्कत कर करे ल्। 25 एही से तब ्ी छ हर तरह के रप रे बदल गइल आ तोह्र अनरगह के आज्क्री रहल जिन जररतरंद लोग के इच् के अनरस्र सब करछ के पोष् करे ल्।

26 हे प्र, जेकर् से तू प्र करे लऽ, तोह्र संत्न ज्नस कक फल के बढे से आदरी के पोष् न् होल्, बलरक तोह्र िचन ह जिन तोहर् पर ्रोस् करे ि्ल् लोग के बच्िेल्। 27 जिन आग से न्ध न् ्इल रहे , ऊ तनी धूप से गरर होके जलीए कपलल गइल। 28 एह से पत् चल ज्ि कक हरनी के सूरज के तोहर् के धनि्द दे िे से रोके के च्हीं आ कदन के बसंत रे तोहर् से प्थ्न् करे के च्हीं। 29 क्हे कक अधर् लोग के आध् ज्ड् के खरखर ठं ढ् कनहन कपलल ज्छ अिररी बेक्र प्नी कनहन ्​्ग ज्छ। अध्य के ब् 17 1 क्हे कक तोह्र कन्​्य बहत बड ब्, आ ओकर् के व् न् कइल ज् सकेल्, एही से अपोकषत प्​्ी गलत हो गइल ब्। 2 जब अधर् लोग पकित र्ष् पर अत्च्र करे के सोचत रहे । ऊ लोग अपन् लर रे बंद होके, अन्र के कैदी, आ लरहर र्त के बंधन से ब्नल, ध्शत पयोजन से कनि्​् कसत होके पडल रहे । 3 क्हे कक जब उ लोग अपन् गरप प्प रे लरक् के लेटत रहले , तब तक उ लोग ्ूल ज्ए के एगो कररय् पद्​् के नीचे कबखर गछल रहले, ्य्नक रप से है र्न रहले अिररी अजीब-अजीब पकटीकर् से परे ध्न रहले। 4 क्हे कक ओह लोग के पकडे ि्ल् कोन् ओह लोग के डर से न् रोकल ज् सकत रहे , लेककन प्नी के कगरत आि्ज जइसन आि्ज सरन्छ दे त रहे आ ्​्री चेहर् से दर खद दध्न दे ख्छ दे त रहे । 5 आग के किनो धक् ओह लोग के रोधनी न् दे सकत रहे आ न् ही त्र् के ते ज लौ ओह ्य्िह र्त के रोधन करे ख्कतर सहन कर सकत रहे । 6 ख्ली उ लोग के स्रने एगो आग बहत ्य्िह ल्गल, क्हे कक उ लोग बहत डे र् के जिन ब्त दे खले रहले, ओकर् के उ लोग न् दे खले नजर से ्ी बरर् सरझले। 7 रहल ब्त कल् ज्दू के भर के त ओह लोग के नीचे ड्ल कदहल गइल आ ओह लोग के बरक् के लरंड के बेइजती से ड्ं ट कदहल गइल. 8 क्हे कक जे लोग बेर्र आत् से आतं क आ परे ध्नी के ्ग्िे के ि्द् कछले रहले, उ लोग खरद डर से बेर्र रहले अिररी हँ से के ल्यक रहले। 9 ्ले ही किनो ्य्िह ब्त ओह लोग से डे र्त न् रहे । तबो ओकहज् से गरजरत ज्निरन से डे र्इल आ स्ँ प के कससकी र्रत। 10 ऊ लोग डर से रर गइलन आ एह ब्त से इनक्र करत कक ऊ लोग हि् दे खले ब्, जिन् से किनो पक से बचल न् ज् सकत रहे । 11 क्हे कक बरर्छ के दोषी अपन् गि्ही से बहत डर्िन् होल् आ कि​िेक से दब्िल हरेध् दर खद ब्त के पूि्​् नरर्न लग्िेल्। 12 क्हे कक डर करछर ओ न् ह, कसि्य ओह सह्यत् के धोख् दे िे के जिन तक् दे िेल्। 13 ्ीतर से उमीद कर होखल् के चलते अज्नत् के ओ क्र् से ज्दे कगन्िेल्, जिन कक य्तन् दे िेल्।


14 लेककन उ लोग ओह र्त उहे नींद सरतल रहले , जिन सचररच असहनीय रहे अिररी जिन अकनि्य् नरक के तल से उनरक् प आछल रहे । 15 करछ हद तक र्कसी पकटीकर् से परे ध्न आ करछ हद तक बेहोध हो गइलन, ओह लोग के कदल बेहोध हो गइल, क्हे कक अच्नक एगो डर आ गइल, जिन् के इं तज्र न् कइल गइल रहे । 16 एही से जे ्ी उह्ँ कगरल रहे , ओकर् के कबन् लोह् के सल्ख के जेल रे बंद कर कदहल ज्त रहे । 17 क्हे कक ऊ ककस्न होखस, च्हे चरि्ह् होखे, ्​् खेत रे रजदू र होखे, ओकर् के पकड के उ जररत के सहन कछलस, जिन् से न् बचल ज् सकत रहे , क्हे कक उ सब लोग अन्र के एक जंजीर से ब्नल रहले। 18 च्हे ऊ सीटी के हि् होखे, ्​् फइलल ड्ढन के बीच कचरछ के सररील् आि्ज होखे, ्​् प्नी के रन्​्िन झरन् होखे जिन जोर से बहत होखे। 19 य् नीचे कगरल पतर के ्य्नक आि्ज, य् किनो दौड जिन कूदत ज्निरन के न् दे खल ज् सकत रहे , य् अकधकतर जंगली ज्निरन के गज्न् आि्ज, य् खोखल् पह्ड से उछलत गूंज; एह सब ब्त से उ लोग डर से बेहोध हो गछले। 20 क्हे कक पूर् दर कनय् स्फ रोधनी से चरकत रहे आ केह के रेहनत रे ब्ध् न् आइल। 21 ख्ली ओह लोग के ऊपर एगो ्​्री र्त फइलल रहे , जिन अन्र के रूकत् रहे जिन ब्द रे ओह लोग के गह् करे ि्ल् रहे , लेककन कफर ्ी उ लोग अपन् ख्कतर अन्र से ्ी ज्द् दर खी रहले। अध्य के ब् 18 1 कफर ्ी तोह्र संत लोग के एगो बहत बडहन रोधनी रहे , जेकर आि्ज सरन के आकरकत न् दे ख के, क्हे कक उ लोग ्ी उहे कष न् ्ोगले रहे , उ लोग खरध र्नत रहले। 2 लेककन अब उ लोग के किनो नरकस्न न् ्छल, जेकर् से पकहले उ लोग के संगे अन्य ्छल रहे , एहसे उ लोग ओ लोग के धनि्द दे ले अिररी र्फी रंगले कक उ लोग दर शन रहले। 3 जिन् के बदले तू ओह लोग के एगो जरत आग के खं्​् दे ले ब्डू, जिन कक अनज्न य्त् के र्ग्दध्क बने आ एगो बेह्कनक्रक सूरज के सम्न से रनोरं जन करे ख्कतर। 4 ऊ लोग रोधनी से िंकचत होखे आ अन्र रे बंद होखे के ल्यक रहे , जे तोह्र बेट् लोग के बंद रखले रहे , जेकर् द्र् वि्​् के अकिन्धी रोधनी दर कनय् के कदहल ज्ए ि्ल् रहे । 5 जब उ लोग संत लोग के बच् के र्रे के ठ्न लेले रहले, एगो बच् के ब्हर फेक के बच्िल गछल, त तू ओ लोग के लछकन के ्ीड के लेके एगो धक्ध्ली प्नी रे पूर् तरह से नष क दे नी। 6 हरनी के पररख् लोग के ओह र्त के ब्रे रे पकहले से पर्क्त कइल गइल रहे कक ऊ लोग छ पक् ज्नत रहे कक ऊ लोग किन् कसर पर किश्स कइले ब्, आ ब्द रे ऊ लोग खरध हो सके। 7 तोह्र लोग रे से धर् लोग के उ्​्र आ दर शनन के किन्ध दर नो सीक्र कइल गइल।

8 क्हे कक तू हरनी के किरोकधयन के जिन् से सज् कदहनी, उहे हरनी के रकहर् कदहनी, जेकर् के तू बोलिले रहलू। 9 क्हे कक अच् आदरी के धर् संत्न गरप रप से बकलद्न दे त रहले आ एके सहरकत से एगो पकित कनयर बनिले रहले कक संत लोग एके अच्छ आ बरर्छ के ्​्गीद्र कनहन होखस, अब कपत् लोग अब ्रकत के गीत ग्ित रहले। 10 लेककन दू सर् ओर दर शनन के बेर्र कचल्हट सरन्छ पडल आ किल्प करे ि्ल् लइकन ख्कतर धोक रन्िे ि्ल् आि्ज कनकलल। 11 र्कलक आ नौकर के एके तरह से सज् कदहल गइल। आ जइसे र्ज् के तरह, आर आदरी के ्ी ओइसहीं दर ख ्इल। 12 एह से उ सब करल के एक तरह के रौत के स्थ असंख ररल रहले। न् ही कजंद् लोग ओह लोग के दफन्िे ख्कतर पय्​् प रहे , क्हे कक एके पल रे ओह लोग के सबसे करलीन संत्न के न्ध हो गइल। 13 क्हे कक उ लोग ज्दू -टोन् के चलते किनो ब्त प किश्स न् करत रहले। जेठ बच् के न्ध ्इल् पर ऊ लोग एह लोग के ्गि्न के बेट् र्न कलहल. 14 क्हे कक जब सब करछ चरपच्प चरपी रे रहे आ र्त ओकर् ते ज गकत के बीच रे रहे । 15 तोह्र सि्धक्र्न िचन तोहर् र्जकसंह्सन से सग् से उछल के उतरल, जइसे कक एगो ्यंकर यर् के आदरी किन्ध के दे ध के बीच रे उछल गइल। 16 ऊ आपन बेढंग् आज् के ते ज तलि्र कनयर ले अइनी आ खड् होके सब करछ रौत से ्र कदहलस। ऊ आक्ध के छूिलस, ब्ककर धरती पर खड् हो गइल। 17 अच्नक ्य्नक सपन् के दध्न ओह लोग के बहत परे ध्न कर कदहलस आ अनदे खी रे आतं क आ गइल। 18 एगो इह्ँ फेकल आ एगो उह्ँ , आध् ररल, अपन् रौत के क्र् बत्ित रहे । 19 क्हे कक उ लोग के परे ध्न करे ि्ल् सपन् पकहले से पत् चलत रहे कक कहीं उ लोग न्ध न् हो ज्स अिररी न् ज्नस कक उ लोग क्हे दर खी रहले। 20 हँ , रौत के चखल् से धर् लोग के ्ी छू गइल आ जंगल रे ्ीड के न्ध हो गइल, लेककन कोध बहत दे र न् कटकल। 21 तब कनद्ष आदरी जली से ओह लोग के बच्ि करे ख्कतर खड् हो गइल। आ अपन् उकचत सेि् के ढ्ल, प्थ्न् आ धूप के प्यकशत के लेके, अपन् के कोध के कखल्फ खड् कर कदहलस आ एह तरह से किपक् के अंत कर कदहलस, छ लोष्​् करत कक ऊ तोह्र सेिक ह। 22 उ न्ध करे ि्ल् पर न्, न् त ब्ं ह के बल से, बलरक एक िचन से दं कडत करे ि्ल् के िध रे क कदहलस, जिन कक कपत्-कपत् के संगे कछल गछल ककररय् अिररी ि्च् के आरोप लग्ित रहले। 23 जब ररअल लोग के बीच रे खड् होके एक दू सर् पर ढे र हो गइल त ऊ कोध के रोक के कजंद् लोग के र्​्​् अलग कर कदहलस। 24 क्हे कक लरहर कपड् रे पूर् दर कनय् रहे आ पतर के च्र पंक् रे ब्प-कपत् के रकहर् उकेरल रहे आ तोह्र रह्रकहर ओकर् र्थ् के ररकरट पर। 25 न्ध करे ि्ल् एह लोग के जगह दे कदहलस आ डे र् गइल, क्हे कक छ सब ख्ली कोध के स्द लेबे ख्कतर क्फी रहे ।


अध्य के ब् 19 1 रहल ब्त अ्​् लोग के त अंत तक कबन् दय् के उनकर् पर कोध आ गछल, क्हे कक उ पकहले से ज्नत रहले कक उ लोग क् करीहे । 2 कइसे उ लोग के ज्ए के अनररकत दे के जलब्जी रे ्ेज के उ लोग पश्त्प क के उनकर पीछ् करत रहले। 3 जब उ लोग अ्ी तक ररअल लोग के कब प धोक रन्ित रहले अिररी किल्प करत रहले, त उ लोग एगो अिररी रूख्त्पू्​् च्ल जोडले अिररी ्गोड् के रप रे ओ लोग के पीछ् कछले, जेकर् के उ लोग न् ज्ए के कनहोर् कछले रहले। 4 क्हे कक जिन् ्​्ग के ऊ लोग ल्यक रहे , ऊ ओह लोग के एह अंत तक खींच कलहलस आ पकहले से ्इल ब्तन के ्रल् कदहलस, त्कक ऊ लोग ओह सज् के पूर् कर सके जिन ओह लोग के य्तन् से कर रहे । 5 तोह्र लोग एगो अद् ्रत र्​्​् से गरजरे , लेककन उ लोग के एगो अजीब रौत करल सके। 6 क्हे कक पूर् प्​्ी अपन् तरह के नय् रप रे नय् रप से बनल ब्, जिन ओकर् के कदहल गइल आज् के सेि् करत रहे त्कक तोह्र लइकन के कबन् किनो चोट के प्लन कइल ज् सके। 7 जइसे कक एगो ब्दल डे र् पर छ्य् ड्लत ब्। आ जह्ँ पकहले प्नी खड् रहे , ओकहज् सूखल जरीन लउकत रहे । आ ल्ल स्गर से कबन् किनो ब्ध् के र्​्​् कनकलल; आ कहं सक ध्र् से ब्हर एगो हररयर खेत: 8 तोहर् ह्थ से बच्िे ि्ल् सब लोग तोह्र अद् ्रत अचरज के दे ख के ओकहज् से गरजरत रहले। 9 हे प्र, जे उ लोग के बच्िे ि्ल् ब्, तोह्र ्रकत करत उ लोग लोड् कनहन उछलत रहले अिररी रेरन् कनहन उछलत रहले। 10 क्हे कक उ लोग अ्ी तक परदे सी दे ध रे पि्स करत लरी जिन क्र ्छल रहे , ओकर् ब्रे रे य्द करत रहले कक कइसे जरीन रे रिेधी के जगह रकी पैद् ्छल अिररी नदी रछरी के जगह बेग के ्ीड उड्ित रहे । 11 लेककन ओकर् ब्द उ लोग एगो नय् पीढी के कचरछ के दे खले, जब उ लोग ्ूख के चलते न्जरक ख्न् रंगले। 12 क्हे कक बटे र ओह लोग के संतरकष ख्कतर सररंदर से ऊपर आित रहे । 13 आ प्पी लोग पर गरज के बल से कबन् पकहले के कनध्नी के सज् न् करलल क्हे कक ऊ लोग अपन् बरर्छ के कहस्ब से न्यसंगत रप से कष उठ्ित रहे , क्हे कक ऊ लोग परदे सी लोग के स्थे अउरी कठोर आ नफरत करे ि्ल् विह्र करत रहे । 14 क्हे कक सदोर के लोग ओह लोग के न् गह् कइल, जेकर् के ऊ लोग अइल् पर न् ज्नत रहे , ब्ककर छ लोग दो्न के गरल्र बन् कदहल जिन ओह लोग के बहत हकद्र रहे । 15 ख्ली इहे न्, बकल ध्यद ओह लोग के करछ आदर कइल ज् सकेल् क्हे कक ऊ लोग परदे सी लोग के दो्ी न् करत रहे ।

16 लेककन उ लोग ओह लोग के बहत दर खी करत रहले , जेकर् के उ लोग ्ोज के संगे करल गछल रहले अिररी उ लोग के संगे पकहलही से उहे कनयर रे ध्करल हो गछल रहले। 17 एह से छ लोग अंधत् से ्ी र्रल गइल, जइसे कक धर्​् त् के दर आर पर ल्गल लोग, जब ्य्नक बहत अन्र से लेरल रहे आ हर केह अपन् दर आर से र्​्​् खोजत रहे । 18 क्हे कक तत अपन् आप रे एक तरह के त्लरेल से बदलल रहे , जइसे कक ्ोत रे सर रे धरन के न्र बदल ज्ल्, आ तबकहयो हरेध् धकन होल्। जिन कक जिन क्र ्इल ब् ओकर् के दे ख के बकढय् से बूझल ज् सकेल्. 19 क्हे कक स्ं स्ररक चीज प्नी रे बदल गइल रहे आ जिन चीज पकहले प्नी रे तै रत रहे , अब जरीन पर चल गइल। 20 प्नी रे आग के धक् रहे , उ आपन गर् के ्रल् गछल, आ प्नी आपन बरझ्िे ि्ल् स्​्ि के ्ूल् गछल। 21 दू सर् ओर, आग के लपट न्धि्न जीि के र्ं स के बब्​् द न् कछलस, ्ले ही उ लोग ओकह रे चलत रहले। न् त ऊ बफ्ल् तरह के सग्य र्ं स के कपललल जिन कपलले के अनरकूल पकरकत के रहे . 22 हे प्र, तू हर ब्त रे अपन् लोग के बड्छ कइनी आ ओकर रकहर् कइनी आ न् ही ओकर् के हल् रे दे खनी, बलरक हर सरय आ हर जगह ओह लोग के सह्यत् कइनी।


अध्य 1 1 सिराक के बेटा ईिा के बुद् के प्ास्ा​ा काहे सक वसया आ भससषसया लोग के दारा आउर उ्कर कदम के पीछे चले साला लोग के दारा हम्ी के बहु बड बाु समलल बा, जस्ा खासुर इसारल के ससदा आ बुद् के प्रिा करे के चाहीरा आ जस्ा मे ्ा खाली पाठक् के खुदे कु्ल ब्े के जररु बा, बलुक िीखल चाहु लोग के भी, जस् लोग बाहर बा, ओकरा के बोले आ सलखे िे फायदा उठासे मे िकम होखे के चाहीर: हमार दादा ईिा, जब ऊ अप्ा के का्ू् के पढे मे बहु कुछ दे सदहले रहले , आ भससषसया लोग, आ हम्ी के पुरखा लोग के अउरी सकुाब् के, आ ओहमे िसदसेक समलल रहे , ससदा आ बुद् िे जुडल कुछ सलखे खासुर भी अप्ा पर खीरचाइल रहे ा रह इरादा िे सक जे लोग िीखल चाहु बा आ रह चीज् के लु बा, ओकरा के का्ू् के अ्ुिार सजर मे बहुे असिका फायदा हो िके. रह िे हम रउआ िे स्होरा करु बा्ी सक रकरा के अ्ुगह आ धा् िे पढीर आ हम्ी के माफ करीर, जस्ा मे हम्ी के कुछ ्ब् के कमी लउकु बा, जस्ा के वाया करे मे हम्ी के मेह्ु कइले बा्ी जा​ा काहे सक जस् बाु सहबू मे कहल गइल बा आ दोिरा भाषा मे अ्ुसाद कइल गइल बा, ओकरा मे रके गो ुाकु ्इखे, आ खाली रह बाु् मे ्ा, बलुक वसया, भससषसया आ बाकी सकुाब् मे कस्ो छोट अरुर ्इखे, जब उ लोग के आप् भाषा मे बोलल जाला​ा काहे सक समस मे अइला के आठसाँ िाल मे जब यूग्टेि राजा रहले आ कुछ िमय ओसहजा रहला पर हमरा रगो छोट पढाई के सकुाब समलल, रह िे हम रकरा के वाया करे मे कुछ मेह्ु आ मेह्ु कइल िबिे जररी िमझ्ीा ओह जगह पर बहुे चौकि आ कौ्ल के इ्ेमाल क के सकुाब के अरु मे ले आसे के, आ ओकरा के ओह लोग खासुर भी रखे के, जस् सक कस्ो अज्बी दे ् मे िीखे के ुइयार बा, का्ू् के पाल् करे खासुर पसहले स्षाचार मे ुइयार होके. िब बुद् पभु िे आसेला आ हमे्ा खासुर उ्करा िाथे रहे ला​ा 2 िमुरदर के बालू , बरखा के बूरद आ अ्रु काल के सद् के सग्ुी के कर िकेला? 3 सगव के ऊँचाई, िरुी के चौडाई, गसहराई आ बुद् के के पुा लगा िकेला? 4 िब कुछ िे पसहले बुद् आ बुद् के िमझ अ्न िे पैदा भइल बा​ा 5 परमेिे सर के सच् बुद् के फवारा हा आ ओकर रा्ा अ्न आजा हा 6 बुद् के जड केकरा पर पगट भइल बा? भा ओकर बुद्मा् िलाह के जा्ु बा? 7 बुद् के जा् केकरा िे पकट भइल बा? आ ओकर बडह् अ्ुभस के िमझले बा? 8 रगो बुद्मा् आ बहु डे रार के चाहीर, पभु अप्ा सिरहाि् पर बइठल बाड्ा 9 ऊ ओकरा के ब्सले, ओकरा के दे ख के ओकर सग्ुी कइलि आ ओकरा के अप्ा िब काम पर उझल सदहलिा 10 उ अप्ा सरदा् के मु​ुासबक िब ्रीर के िरगे बाडी असुरी उ उ्ुका के अप्ा िे पेम करे साला लोग के दे ले बाडे ा 11 पभु के डर आदर, मसहमा, खु्ी आ खु्ी के मुकुट हा

12 पभु के डर िे म् खु् हो जाला, आ खु्ी, खु्ी आ लरबा उसमर समलेला​ा 13 जे पभु िे डे राला, ओकरा आदखर मे भलाई होई, आ ओकरा मरला के सद् अ्ुगह समलीा 14 पभु िे डे राइल बुद् के ्ुरआु ह, आ उ गभव मे ससशािी लोग के िाथे ब्ासल गईल बा​ा 15 ऊ आदमी के िाथे रगो अ्न ्ीरस ब्सले बाडी आ ऊ ओह लोग के िरुा् के िाथे ब्ल रहीहे ा 16 पभु िे डे राइल बुद् के पूरवुा ह आ आदमी के अप्ा फल िे भर दे ला​ा 17 ऊ ओह लोग के िब घर के म्चाहा चीज् िे भर दे ली आ अप्ा उपज िे बटोर के ि् भर दे लीा 18 पभु के भय बुद् के मुकुट ह, जस् ्ार सु आ पूरव साव के प्पे के काम करे ला​ा दु ्ो भगसा् के सरदा् ह, असुरी इ उ्ुका िे पेम करे साला लोग के खु्ी के बढासेला​ा 19 बुद् खडा होखे के कमुा आ िमझ के जा् के बरिाु करे ले आ ओकरा के पकडे साला लोग के आदर दे से खासुर ऊपर उठासेलेा 20 बुद् के जड पभु िे डे रार के ह, आ ओकर डाढ लरबा उसमर हा 21 पभु के भय पाप के भगा दे ला आ जहाँ ऊ होखे, उहाँ कोि के दू र कर दे ला​ा 22 कोसिु आदमी के िम् ्ा ठहरासल जा िकेला​ा काहे सक ओकर कोि के झूला ओकर सस्ा् हो जाईा 23 िैयवसा् आदमी कुछ दे र खासुर फाड दी, आ ओकरा बाद ओकरा मे खु्ी पैदा हो जाईा 24 ऊ आप् बाु कुछ दे र खासुर सछपा के रदखहे आ बहु लोग के होठ आप् बुद् के बखा् करीहे ा 25 जा् के दषार ु बुद् के खजा्ा मे बा, लेसक् पापी खासुर भदय सघ्ौ्ा बा​ा 26 अगर ुू बुद् के चाहु बाडू ु आजा के पाल् करीर, ु पभु ओकरा के ुोहरा के दे सदहे ा 27 काहे सक पभु के भय बुद् आ स्का ह, आ ससशाि आ ्मुा उ्कर आ्न हा 28 गरीब रहला पर पभु के डर पर भरोिा मु करीर आ ओकरा लगे दोग म् िे मु आईरा 29 आदमी के ्जर मे पाखरडी मु ब्ऽ आ जस् बाु कहु बाडऽ ओकरा पर पूरा धा् राखऽा 30 अप्ा के ऊँच मु करऽ, कहीर सगर के अप्ा आता पर बेइजुी मु करऽ, आ रह ुरह िे भगसा् ुोहार राज के पुा ्ा लगा लेस आ ुोहरा के मरडली के बीच मे सगरा दे िु, काहे सक ुू िचाई मे पभु के डर िे ्ा, बलुक अप्ा सदल मे आइल रहलू िोखा िे भरल बा​ा अध्य 2 1 बेटा, अगर ुू पभु के िेसा करे आइल बाडऽ ु आप् आता के परीका खासुर ुइयार करऽा 2 आप् म् के ठीक करऽ आ लगाुार िह् करऽ आ िरकट के िमय मे जलबाजी मु करऽा 3 ओकरा िे सचपकल रहऽ आ दू र मु जा, ुासक ुू अप्ा आदखरी छोर पर बढ जाईरा


4 जस् कुछ ुोहरा पर ले आसल जाला, ओकरा के हँ िीखु्ी िे ले लीर आ जब ुू ्ीच जागीर मे बदल जाइब ु िैयव राखीरा 5 काहे सक िो्ा आग मे परखल जाला आ सीकायव आदमी ससपस् के भटी मेा 6 ओकरा पर सबिसाि करऽ, ु ऊ ुोहार मदद करीा आप् रा्ा ठीक िे वसदयु करीर आ ओकरा पर भरोिा करीरा 7 जे लोग पभु िे डे राु बा्ी, उ्कर दया के इर ुजार करीरा आ रक ुरफ मु जाईर सक कहीर सगर मु जाइबा 8 हे जे पभु िे डे राु बा्ी, उ्करा पर ससशाि करीरा आ ुोहार इ्ाम ्ा खुम होईा 9 ुू जे पभु िे डे राु बा्ी, भलाई आ अ्न आ्न आ दया के आ्ा करीरा 10 पुरा् पीढी के दे खऽ आ दे खऽा कबो पभु पर भरोिा कइले रहले , आ भसमु हो गइल रहले ? का केह उ्का डर िे रह के छोड सदहल गइल? भा ऊ कबो केकरा के ु​ु च िमझले, जे ओकरा के बोलसले रहे ? 11 काहे सक पभु दया आ दया, िैयवसा् आ बहु कररा िे भरल हसे आ पाप के माफ करे ल् आ दु ख के िमय बचासेलेा 12 भयभीु सदल, कमजोर हाथ आ दू रा्ा िे जार साला पापी के हाय! 13 जे कमजोर म् बा ओकरा पर हाय! काहे सक ऊ ससशाि ्इखे करु; रह िे ओकर बचास ्ा कइल जाईा 14 सिकार बा ुोह्ी के जे िीरज खो दे ले बाडऽ! आ जब पभु ुोहरा िे भेट करीहे ु ुू का करबऽ? 15 जे लोग पभु िे डे रेला, उ लोग उ्कर सच् के ्ा मा्ेा आ ओकरा िे पेम करे साला लोग ओकर राह के पाल् करीा 16 जे लोग पभु िे डे राु बा, उहे अचाई के खोज करीहे , जस् पभु िे खु् होईा आउर जे ओकरा िे पेम करे ला, उ वसया िे भरल होईा 17 जे लोग पभु िे डे रेला, उ लोग आप् म् के ुै यार करीहे असुरी उ्ुका िोझा आप् पार के ्म करीहे ा 18 उ कहले सक, हम्ी के पभु के हाथ मे सगरब, आदमी के हाथ मे ्ा, काहे सक उ्ुकर मसहमा जईि् बा, ओिही उ्ुकर दया बा​ा अध्य 3 1 हे लइका लोग, आप् बाप के बाु िु्ऽ आ ओकरा बाद करऽ, ुासक ुू लोग िुरसकु रहऽा 2 काहे सक पभु बाप के लइक् पर आदर दे ले बाड् आ बेटा पर महुारी के असिकार के पुसष कइले बाड्ा 3 जे अप्ा सपुा के आदर करे ला, उ अप्ा पाप के पायसयु करे ला​ा 4 जे अप्ा महुारी के आदर करे ला ऊ खजा्ा जमा करे साला जइि् होला. 5 जे अप्ा बाप के आदर करी, ओकरा अप्ा िरुा् िे खु्ी होईा जब उ आप् पाथव्ा करी ु ओकर बाु िु्ल जाईा 6 जे अप्ा बाप के आदर करी ओकर उमर लमहर होईा जे पभु के आजाकारी होई, उ अप्ा महुारी के सदलािा सदहीा 7 जे पभु िे डे राला ऊ अप्ा बाप के आदर करी आ अप्ा मासलक् के जइि् माई-बाबूजी के िेसा करीा

8 अप्ा बाप-माई के बाु आ काम दु ्ु मे आदर करीर, ुासक ुोहरा पर ओह लोग िे आ्ीसाव द समल िकेा 9 काहे सक बाप के आ्ीष िे लइक् के घर यासपु हो जाला​ा बासकर माई के शाप ्ीरस के जड िे उखाड दे ला​ा 10 अप्ा बाप के बेइजुी मे मसहमा मु करऽा काहे सक ुोहरा बाप के बेइजुी ुोहरा खासुर कस्ो मसहमा ्इखेा 11 काहे सक आदमी के मसहमा ओकरा बाप के आदर िे समलेला​ा आ बेइजु मे माई लइक् के स्रदा होला​ा 12 हे बेटा, अप्ा बाप के उसमर मे मदद करऽ आ जबले ऊ सजरदा बा ुबले ओकरा के दु ख मु दीर. 13 अगर ओकर िमझ कमजोर हो जाला ु ओकरा िाथे िैयव राखीरा आ जब ुू पूरा ुाकु मे होखब ु ओकरा के सुरसार मु करीरा 14 काहे सक ुोहार बाप के राहु ्ा भुलार के पडी आ पाप के जगह ुोहरा के मजबूु करे खासुर जोडल जाईा 15 ुोहरा कष के सद् ओकरा के याद कइल जाईा ुोहार पाप भी सपघल जाई, जइिे सक गोरा गरम मौिम मे बफव होला​ा 16 जे अप्ा बाप के छोड दे ला ऊ स्ना करे साला जइि् होला​ा जे अप्ा महुारी के कोसिु करे ला, उ भगसा् के शासपु बा​ा 17 हे बेटा, ्मुा िे आप् काम करु रहऽा ओइिहीर ुू जेकरा के मरजूर बा ओकरा के सपय होखबऽा 18 जेु्ा बड होखब, ओु्े सस्म होखब, आ पभु के िाम्े कृपा समलीा 19 बहु लोग ऊँच जगह पर आऊ ्ामी बा, लेसक् रहस ्म लोग के िाम्े पकट होला​ा 20 काहे सक पभु के िामरव बहु बा आ ्ीच लोग के उ्कर आदर होला​ा 21 जस् चीज ुोहरा खासुर बहु कसठ् होखे ओकरा के मु खोजीर आ ्ा ही जस् अप्ा ुाकु िे असिका बा ओकरा के खोजीरा 22 लेसक् जस् आजा सदहल गइल बा, ओकरा पर आदर िे िोची, काहे सक ुोहरा खासुर जस् बाु गुप बा ओकरा के अप्ा आँ ख िे दे खे के जररु ्इखेा 23 बेमुलब के बाु मे उतुक मु रहऽ, काहे सक आदमी के िमझ िे असिका बाु ुोहरा के दे खासल जाला​ा 24 काहे सक बहु लोग अप्ा वथव ससचार िे िोखा खा जाला​ा आ रगो बुरा ्क ओह लोग के फैिला के उखाड फेकले बा. 25 सब्ा आँ ख के ुोहरा रो्​्ी के कमी होई, रहिे जस् जा् ुोहरा लगे ्ईखे, ओकरा के मु कबूल करीरा 26 सजदी सदल के अरु मे बुराई हो जाईा आ जे खुरा िे पेम करे ला, उ ओकरा मे ्ा् हो जाईा 27 सजदी सदल दु ख िे बोसझल हो जाईा आ दु ष आदमी पाप पर पाप के ढे र लगा दीा 28 घमरडी के िजा मे कस्ो उपाय ्इखेा काहे सक ओकरा मे दु षुा के पौिा जड जमा लेले बा​ा 29 िमझदार के सदल रगो दषान िमझीा आ चौकि का् जा्ी के इचा होला​ा 30 पा्ी िे जालामुखी आग बुझा जाईा आ सभका पाप के पायसयु ब्ासेला​ा


31 आ जे अचा मोड के बदला लेसेला, उ ओकरा बाद के घट्ा के बारे मे िोचेला​ा जब सगर जाई ु ओकरा ठहरास समल जाईा अध्य 4 1 बेटा, गरीब के रोजी-रोटी के ठगी मु करऽ आ जररुमरद आँ ख के ढे र इर ुजार मु करऽा 2 भूखल आता के दु खी मु करीर; ्ा ु कस्ो आदमी के परे ्ा्ी मे भडकाईरा 3 जस् सदल परे ्ा् बा ओकरा मे अउरी परे ्ा्ी मु जोडीरा आ जररुमरद के ्ा दे बे मे टाल दीर. 4 दु खी लोग के स्होरा के ्कार मु दीरा ्ा कस्ो गरीब आदमी िे मुँह मोडऽा 5 जररुमरद िे आप् ्जर मु हटाईर आ ओकरा के गारी दे से के मौका मु दीरा 6 अगर उ अप्ा आता के कडसाहट मे ुोहरा के गारी दे से ु ओकर पाथव्ा ओकरा के ब्ासे साला िे िु्ल जाईा 7 अप्ा के मरडली के पेम करऽ आ रगो बडह् आदमी के िाम्े आप् माथा झुकाईरा 8 गरीब के का् झुक के ओकरा के ्मुा िे दो्ा्ा जसाब दे से मे ुोहरा दु ख मु होखेा 9 जेकरा के कष उठासेला ओकरा के अताचारी के हाथ िे बचाईरा आ जब ुू नाय मे बइठल बाडऽ ुऽ कमजोर मु होखऽा 10 अ्ाथ लोग खासुर बाप के रप मे रहऽ आ ओह लोग के महुारी के पसु के जगह पर, ओइिहीर ुू परमाता के बेटा जइि् होखऽ आ ऊ ुोहरा िे ुोहरा महुारी िे बेिी पार करीा 11 बुद् अप्ा लइक् के ऊपर उठासेले आ ओकरा के खोजे साला लोग के पकड लेलेा 12 जे ओकरा िे पेम करे ला, उ जीस् िे पार करे ला​ा जे लोग ओकरा के जली िे खोजु बा, उ लोग खु्ी िे भर जाईा 13 जे ओकरा के मजबूुी िे पकडले बा, उ मसहमा के उ्रासिकारी होईा आ जहाँ भी उ घुिीहे, पभु आ्ीसाव द सदहे ा 14 जे ओकर िेसा करे ला ऊ पससत परमेशर के िेसा करी आ जे ओकरा िे पेम करे ला, ओकरा िे पभु पेम करे ल्ा 15 जे ओकर बाु िु्ेला ऊ राष्​् के नाय करी आ जे ओकर िेसा करी ऊ िुरसकु रह जाईा 16 अगर केह ओकरा के िौरप दे ला ु ओकरा के ओकर उ्रासिकारी समल जाईा आ ओकर पीढी ओकरा के अप्ा कबा मे ले लीा 17 पसहले ु ऊ ओकरा िाथे टे ढ रा्ा पर चली आ ओकरा पर डर आ भय पैदा करी आ ओकरा के अप्ा अ्ु्ाि् िे िुा सदही, जबले सक ऊ ओकरा पर भरोिा ्ा कर िके आ ओकरा के अप्ा स्यम िे परख ्ा कर िके. 18 ुब उ िीिा रा्ा िे ओकरा लगे सापि आके ओकरा के सदलािा सदही असुरी ओकरा के आप् गुप बाु बुाईा 19 लेसक् अगर उ गलु हो जाई ु उ ओकरा के छोड के अप्ा बबाव दी मे दे सदहे ा

20 मौका के पाल् करीर आ बुराई िे िासिा् रहीरा आ जब बाु ुोहरा आता के होखे ु ्मव मु करऽा 21 काहे सक लाज के बाु बा जस् पाप ले आसेला​ा आ रगो लाज बा जस् मसहमा आ अ्ुगह हा 22 अप्ा आता के दखलाफ केह के सीकार मु करीर आ केह के आदर िे ुोहरा के सगरा मु दीरा 23 जब भलाई करे के मौका समले ु बोले िे परहे ज मु करीर आ ओकरा िुरदरुा मे आप् बुद् मु सछपाईरा 24 काहे सक बोलला िे बुद् के पहचा् होई, आ स्का जीभ के सच् िेा 25 कस्ो ुरह िे िचाई के दखलाफ मु बोलीरा बासकर अप्ा अजा्ुा के गलुी िे लजा जा​ा 26 आप् पाप कबूल करे मे ्मव मु करऽा आ ्दी के िार के बल ्ा​ा 27 अप्ा के मूखव आदमी के अिी् मु ब्ाईरा ्ा ु पराकमी के वदय के सीकार करीरा 28 िचाई खासुर मौु ुक पयाि करऽ, ु पभु ुोहरा खासुर लसडहे ा 29 अप्ा जीभ मे जलबाजी मु करीर आ अप्ा कर्ी मे ढील आ लापरसाह मु होखऽ. 30 अप्ा घर मे ्ेर स्ह् मु रहऽ आ ्ा ही अप्ा ्ौकर् के बीच बेिडक होखऽा 31 गहर करे खासुर ुोहार हाथ ्ा बढासल जास आ जब चुकासे के पडी ु ओकरा के बरद ्ा कर दीरा अध्य 5 1 आप् म् अप्ा माल पर मु लगाईरा आ ्ा कहऽ सक हमरा लगे अप्ा जा् खासुर बहुे बा. 2 अप्ा म् के रा्ा पर चले खासुर अप्ा म् आ अप्ा ुाकु के पाल् मु करीरा 3 आ ई मु कहऽ सक हमरा काम के चलुे हमरा के के रोकी? काहे सक पभु ुोहरा घमरड के बदला जरर लेिुा 4 ई मु कहऽ सक हम पाप कइले बा्ी आ हमरा का ्ुकिा् भइल बा? काहे सक पभु िैयवसा् हउस्, ऊ ुोहरा के कस्ो ुरह िे ्ा छोडिु. 5 पायसयु के बारे मे पाप मे पाप के जोडे खासुर सब्ा डर के मु रहबा 6 आ ई मु कहऽ सक उ्कर दया बहु बा​ा हमरा पाप के भीड के चलुे उ ्ान हो जाई, काहे सक दया असुरी कोि ओकरा िे आसेला असुरी ओकर कोि पापी लोग प बा​ा 7 पभु के ओर मुडला मे कस्ो दे री मु करीर आ सद्पसुसद् के सठका्ा मु छोडीर, काहे सक अचा्क पभु के कोि िाम्े आ जाई आ ुोहरा िुरका मे ्ा् हो जाईब आ बदला लेसे के सद् ्ा् हो जाईबा 8 अनाय िे समलल िरपस् पर आप् म् मु राखीर, काहे सक ससपस् के सद् ुोहरा कस्ो फायदा ्ा होईा 9 हर हसा के िाथ हसा मु चलाईर आ हर रा्ा मे मु जाईर, काहे सक दु गु्ा जीभ साला पापी भी अइि्े करे ला​ा 10 अप्ा िमझ मे असडग रहऽा आ ुोहार सच् उहे होखेा 11 िु्े मे जली होखे; आ ुोहार सज्गी स्शल होखे; आ िैयव िे जसाब दे दीरा


12 अगर ुोहरा लगे िमझ बा ु अप्ा पडोिी के जसाब दीरा अगर ्ा ु मुँह पर हाथ रख दीरा 13 आदर आ लाज के बाु होला आ आदमी के जीभ ओकर पु् हा 14 फुिफुिाहट करे साला मु कहऽ आ जीभ िे बेहाल मु रहऽ, काहे सक चोर पर गरदा लाज होला आ दु गु्ा जीभ पर बुरा स्रदा होला​ा 15 कस्ो बड बाु भा छोट बाु मे कस्ो बाु िे अ्जा् मु रहीरा अध्य 6 1 दो् के जगह दु श् ्ा ब् जा; काहे सक रही िे ुू रगो बदमा्, ्मव आ स्रदा के उ्रासिकारी होखबा 2 अप्ा म् के िलाह िे आप् बडाई मु करीरा सक ुोहार आता अकेले भटकु बैल स्ह् टु कडा-टु कडा मु होखेा 3 ुू आप् पुई खा के आप् फल गँसा दे ब आ अप्ा के िूखल पेड स्यर छोड दे बऽा 4 दु ष आता जेकरा लगे बा ओकरा के ्ा् करी आ ओकरा के अप्ा दु श्​् के सुरसार मे हँ िा दीा 5 मीठ भाषा दो्​् के गुरा करी, आ स्षक भाषा िे दयालु असभसाद् बढीा 6 बहु लोग के िाथे ्ार सु िे रहऽ, सफर भी हजार लोग के रक िलाहकार होखेा 7 अगर ुू कस्ो दो् पासे के चाहु बाडू ु पसहले ओकरा के िासबु करऽ आ ओकर शेय दे बे मे जलबाजी मु करऽ. 8 काहे सक केह अप्ा मौका खासुर दो् होला आ ुोहरा िरकट के सद् मे ्ा सटक पाईा 9 रगो दो् बा, जे दु श्ी मे बदल के झगडा मे ुोहार स्रदा के पुा लगाईा 10 फेर िे कस्ो दो् मेज पर िाथी ह, आ ुोहरा दु ख के सद् ्ा रसहहे ा 11 लेसक् ुोहरा िमृद् मे उ ुोहरा स्ह् होई असुरी ुोहरा िेसक् प िाहिी होईा 12 अगर ुोहरा के ्ीचा सगरासल जाई ु उ ुोहरा दखलाफ होई असुरी ुोहरा चेहरा िे लुका जाईा 13 अप्ा दु श्​् िे अलग हो जा आ अप्ा दो्​् िे िासिा् रहऽा 14 ससशािी दो् रगो मजबूु बचास होला आ जेकरा अइि् आदमी समलल बा ओकरा खजा्ा समल गइल बा​ा 15 ससशािी दो् के कस्ो चीज के मुकाबला ्ा करे आ ओकर महा्ुा बे्कीमुी होला​ा 16 ससशािी दो् जीस् के दसाई हा आ पभु िे डे रार साला लोग ओकरा के पाईा 17 जे पभु िे डे राला, उ आप् दो्ी के िही ुरीका िे चलासेला, काहे सक जईिे उ बा, ओिही ओकर पडोिी भी होईा 18 हे बेटा, जसा्ी िे ही स्का बटोर, बुढापा ुक ुोहरा बुद् समल जाईा 19 जोु​ु आ बोसे साला के ुरह ओकरा लगे आके ओकर बसढया फल के इर ुजार करीर, काहे सक ुू ओकरा के लेके बहु मेह्ु ्ा करब, लेसक् ओकर फल जली खारबा

20 ऊ अससदा् लोग खासुर बहु असपय हई, जे िमझही् बा, उ ओकरा िरगे ्ा रहीा 21 ऊ ओकरा पर परीका के रगो पराकमी पतर स्यर लेट जाईा आ ऊ ओकरा के अप्ा िे फेक दीहे , अबहीर लमहर होखे िे पसहले. 22 काहे सक बुद् ओकरा ्ाम के सहिाब िे होला आ ऊ बहु लोग के िाम्े ्ा लउकेला​ा 23 हे बेटा, का् करऽ, हमार िलाह गहर करऽ आ हमरा िलाह िे इ्कार मु करऽा 24 आप् गोड ओकरा बेडी मे डाल दीर आ गरद् ओकरा जरजीर मे डाल दीरा 25 आप् करिा झुक के ओकरा के िह्, आ ओकरा बरि् िे दु खी मु होखऽा 26 पूरा म् िे ओकरा लगे आके ओकर राह के पूरा ुाकु िे पाल् करऽा 27 खोजीर आ खोजीर ु ओकरा के ुोहरा के बुासल जाई आ जब ुू ओकरा के पकड लेब ु ओकरा के मु जार दीरा 28 आदखर मे ुोहरा ओकर आराम समल जाई आ ऊ ुोहरा खु्ी मे बदल जाईा 29 ुब ओकर बेडी ुोहरा खासुर मजबूु बचास होई आ ओकर जरजीर मसहमा के सस ब् जाईा 30 काहे सक ओकरा पर िो्ा के आभूषर बा आ ओकर पटी बैग्ी रर ग के फीुा हा 31 ुू ओकरा के आदर के सस स्ह् पसह्ब असुरी ओकरा के अप्ा चारो ओर खु्ी के मुकुट स्ह् पसह्बा 32 बेटा, अगर ुू चाहब ु ुोहरा के सिखासल जाई, आ अगर ुू आप् म् के पाल् करब ु ुू िमझदार होखबा 33 अगर ुू िु्ल चाहु बाडू ु ुू िमझ पाईब आ का् झुकब ु बुद्मा् होखबा 34 बुजुगव् के भीड मे खडा हो जा​ा आ जे बुद्मा् बा ओकरा िे सचपकल रहऽा 35 हर भदय के बाु िु्े के ुइयार रहीरा आ िमझ के दषार ु ुोहरा िे ्ा बचे के चाहीरा 36 आ अगर ुू कस्ो िमझदार आदमी के दे खु बाडू ु ओकरा लगे जाके ओकरा दु आर के िीढी के आप् गोड पसहरे दीरा 37 ुोहार म् पभु के स्यम् पर रहे आ उ्कर आजा पर लगाुार म्​् करे के चाहीर, ऊ ुोहार सदल के मजबूु करीहे आ ुोहरा के आप् इचा के सहिाब िे बुद् दीहे ा अध्य 7 1 कस्ो बुराई मु करीर, ु ुोहरा कस्ो ्ुकिा् ्ा होईा 2 अिम् िे हट जा, अिमव ुोहरा िे दू र हो जाईा 3 हे बेटा, अिमव के खाई मे मु बोईर आ ओकरा के िाु गु्ा ्ा काटबा 4 पभु िे पमुखुा मु खोजीर, ्ा राजा के आदर के आि् ्ा खोजीरा 5 पभु के िाम्े अप्ा के िम् मु िमझीरा आ राजा के िाम्े आप् बुद् के घमरड मु करीरा


6 अिमव के दू र ्ा कर पासे के कारर नायी ब्े के कोस्​् मु करीरा कहीर ुू कबो पराकमी के वदय िे डे रारब, जस् सक ुोहरा िीिाप् के राह मे ठोकर खार साला होखेा 7 कस्ो ्हर के भीड के दखलाफ अपराि मु करीर, ुब ुू लोग के बीच मे ्ा सगराईरा 8 रक पाप के दोिरा पाप पर मु बानीरा काहे सक रक मे ुू बेददव ्ा होखबऽा 9 ई मु कहऽ सक भगसा् हमरा बसलदा् के भीड दे दखहे आ जब हम परम भगसा् के चढाईर ु ऊ ओकरा के सीकार करीहे ा 10 जब ुू आप् पाथव्ा करीर ु िीमा मु होखऽ आ सभका दे से मे कोुाही मु करीरा 11 केह के आप् कडसाहट मे सुरसार करे खासुर मु हँ ि, काहे सक रगो अइि् आदमी होला जे ्म आ ऊरचाई दे ला​ा 12 अप्ा भाई के दखलाफ झूठ मु िोचीरा ्ा ु अप्ा दो् के भी अयीि् करीरा 13 कस्ो ुरह के झूठ मु बोलीर, काहे सक रकर ररसाज ठीक ्इखेा 14 बडका लोग के भीड मे ढे र ्ब् के पयोग मु करीर आ पाथव्ा करु घरी ढे र बकबक मु करीरा 15 मेह्ुी काम िे ्फरु मु करीर आ ्ा खेुी िे जस् परम परमाता के स्युदय कइले बाड्ा 16 पापी लोग के भीड मे अप्ा के मु सग्ा, लेसक् याद राखीर सक कोि ढे र सद् ुक ्ा सटक पाईा 17 बहु ्म हो जा, काहे सक अभय के बदला आग आ कीडा हा 18 दो् के कस्ो भलाई खासुर मु बदल दीर; ्ा ही ओफीर के िो्ा खासुर रगो सफादार भाईा 19 बुद्मा् आ भला औरु के मु छोडीर, काहे सक ओकर अ्ुगह िो्ा िे ऊपर बा​ा 20 जबिे ुोहार िेसक िचाई िे काम करे ला ु ओकरा िे बुराई के स्होरा मु करीर आ ्ा ही ुोहरा खासुर पूरा ुरह िे काम करे साला सकरायादार िेा 21 ुोहार पार रगो बसढया िेसक िे पेम करऽ आ ओकरा के आजादी िे िोखा मु करऽा 22 का ुोहरा मसे्ी बा? ओह लोग पर ्जर राखीर आ अगर ऊ लोग ुोहरा फायदा खासुर बा ु ओकरा के अप्ा लगे राखीर. 23 का ुोहरा िरुा् बा? ओह लोग के स्द् ् दीर आ जसा्ी िे ही ओह लोग के गरद् झुकाईरा 24 का ुोहरा बेटी बाडी? ओह लोग के दे ह के याल राखीर आ ओह लोग के पसु अप्ा के हँ िमुख मु दे खाईर. 25 अप्ा बेटी के सबयाह करऽ, आ रही िे ुू कस्ो सज्दार काम पूरा कर लेबऽ, बासकर ओकरा के िमझदार आदमी के दे दीरा 26 का ुोहरा म् के सहिाब िे मेहरार बा? ओकरा के मु छोडऽ, बासकर अप्ा के कस्ो हला मेहरार के हसाले मु करऽ. 27 अप्ा बाप के पूरा म् िे आदर करीर आ अप्ा माई के दु ख मु भुलाईरा

28 याद राखऽ सक ुू ओह लोग िे ज्मल हउअा आ ऊ लोग जस् काम ुोहरा खासुर कइले बा ओकर बदला ुू कइिे दे बऽ? 29 अप्ा पूरा पार िे पभु िे डे राईर आ उ्कर याजक् के आदर करीरा 30 जे ुोहरा के पूरा ुाकु िे ब्सले बा ओकरा िे पेम करीर आ ओकर िेसक के मु छोडीरा 31 पभु िे डे राईर आ पुजारी के आदर करीरा आ ओकरा के ओकर सहसा दे दीर, जइि् सक ुोहरा िे कहल गइल बा​ा पसहला फल, अपराि बसल, आ करिा के सरदा्, पससतुा के बसलदा् आ पससत चीज् के पसहला फला 32 गरीब् के ओर आप् हाथ बढाईर ुासक ुोहार आ्ीसाव द पूरा होखेा 33 हर सजरदा आदमी के ्जर मे सरदा् पर कृपा होला​ा आ मुअल लोग खासुर रकरा के रोक ्ा लगाईरा 34 रोसे साला लोग के िाथे ्ा रहब आ ्ोक म्ासे साला लोग के िाथे ्ोक मु करीरा 35 बेमार लोग के मुलाकाु करे मे दे री मु करीर, काहे सक रहिे ुोहरा सपय होखबा 36 जस् कुछ हाथ मे लेब, अरु के याद करीर, आ कबो गलु ्ा करबा अध्य 8 1 कस्ो पराकमी िे झगडा मु करीर' कहीर ओकरा हाथ मे मु पड जाईरा 2 कस्ो अमीर आदमी िे मुभेद मु करीर सक ऊ ुोहरा पर भारी मु पड जास काहे सक िो्ा बहुे लोग के ्ा् कर सदहलसि आ राजा लोग के सदल सबगाड सदहलसि. 3 जीभ िे भरल आदमी िे झगडा मु करीर आ ओकरा आग पर लकडी के ढे र मु लगाईरा 4 अभद आदमी िे मजाक मु करऽ, कहीर ुोहार पुरख् के बेइजुी मु होखऽा 5 पाप िे मुडल आदमी के स्रदा मु करीर, लेसक् याद राखीर सक हम्ी के िब केह िजा के लायक बा्ी जा​ा 6 आदमी के बुढापा मे बेइजु मु करीर, काहे सक हम्ी मे िे कुछ लोग भी बूढ हो जाला​ा 7 ुोहार िबिे बड दु श् के मरला पर खु् मु होखऽ, बासकर याद राखऽ सक हम्ी के िब मर जा्ी जा​ा 8 जा्ी लोग के बाु के सुरसार मु करीर, बलुक ओह लोग के कहासु िे पररसचु हो जाईर, काहे सक ुू ओह लोग िे िीखब आ बडका लोग के िेसा िहजुा िे करे के ुरीका िीखबा 9 बुजुगव लोग के बाु मु छोडीर, काहे सक उ लोग भी अप्ा बाप-दादा िे िीखले बा, आ ुू ओह लोग िे िमझ के िीखब आ जररु के सहिाब िे जसाब दे से के िीखबा 10 पापी के कोयला मु जरा, कहीर ओकर आग के लौ िे ुू ्ा जरा जाईरा 11 घायल करे साला के िाम्े गुसा मे मु उठ, कहीर ऊ ुोहरा बाु मे फँिासे खासुर ठे ि मु पड जास


12 जे अप्ा िे भी ुाकुसर बा ओकरा के उिार मु दीरा काहे सक अगर ुू ओकरा के उिार दे ले बाडऽ ु ओकरा के खोसल मा् लीर. 13 अप्ा ्दय िे असिका जमा्ु मु राखऽ, काहे सक अगर ुू जमा्ुदार बाडऽ ु ओकरा के चुकासे के धा् राखऽ. 14 कस्ो जज के िाथे का्ू् मे मु जा​ा काहे सक उ लोग ओकरा खासुर ओकर इजु के सहिाब िे नाय करीहे ा 15 कस्ो िाहिी आदमी के िाथे रा्ा मे मु जाईर, कहीर ऊ ुोहरा के दु खी ्ा हो जास, काहे सक ऊ अप्ा मज् के मु​ुासबक काम करी आ ुू ओकरा िाथे ओकर मूखवुा िे ्ा् हो जाईबा 16 कस्ो दखसियाइल आदमी िे झगडा मु करीर आ ओकरा िाथे रकार ु जगह मु जाईर, काहे सक खू् ओकरा ्जर मे कुछु ओ ्ा होखे आ जहाँ कस्ो िहायुा ्ा होखे, ऊ ुोहरा के उखाड फेकीा 17 मूखव िे बाु मु करीरा काहे सक ऊ िलाह के पाल् ्ा कर िके. 18 परदे िी के िाम्े कस्ो गुप बाु मु करीरा काहे सक ुू ्इखऽ जा्ु सक ऊ का पैदा करीहे . 19 हर आदमी के िाम्े आप् सदल मु खोलीर, कहीर ऊ ुोहरा के चु​ु राई िे जसाब ्ा दे दे सा अध्य 9 1 अप्ा छाुी के मेहरार िे ईषाव मु करीर आ ओकरा के अप्ा दखलाफ कस्ो बुरा पाठ मु सिखाईरा 2 कस्ो मेहरार के आप् पार मु दीर सक ऊ अप्ा िरपस् पर गोड राखे. 3 सेशा िे मु समलऽ, कहीर ुू ओकरा जाल मे ्ा फँिऽा 4 गासे साली औरु के िरगु के जादा इ्ेमाल मु करीर, कहीर ुू ओकरा पयाि िे ्ा पकडल जाइबा 5 कस्ो दािी के ओर मु टकटकी लगा के दे खऽ सक ओकरा मे जस् कीमुी चीज बा ओकरा िे ुू सगर मु जा​ा 6 सेशा के आप् जा् मु दे , सक ुू आप् ससरािु मु गँसासेा 7 ्हर के गली-गली मे अप्ा चारो ओर मु दे खऽ आ ्ा ही ओकर रकार ु जगह पर भटकऽा 8 कस्ो िुनर मेहरार िे आप् ्जर हटाईर आ दोिरा के िुरदरुा के मु दे खऽ. काहे सक बहु लोग मेहरार के िुरदरुा िे िोखा खा गइल बा​ा काहे सक रही िे पेम आग स्ह् जरासल जाला​ा 9 दोिरा के मेहरार के िरगे सबलुल मु बईठ, ्ा ओकरा के अप्ा कोरा मे बईठ, असुरी ्राब मे ओकरा िरगे आप् पईिा मु खचव करीरा कहीर ुोहार म् ओकरा ओर ्ा झुक जास आ रह ुरह िे ुोहार इचा िे ुू सस्ा् मे सगर जाईरा 10 पुरा् दो् के मु छोडीरा काहे सक ्या के ु​ु ल्ा ओकरा िे ्ा कइल जा िके, ्या दो् ्या ्राब स्यर होला​ा जब ऊ बूढ हो जाई ु ुू ओकरा के खु्ी िे पी लेबऽा 11 पापी के मसहमा िे ईषाव मु करीर, काहे सक ुू ्इखऽ जा्ु सक ओकर अरु का होईा

12 जस्ा चीज मे अभय लोग के खु्ी होखे, ओकरा मे आ्न मु करीरा बासकर याद राखीर सक ऊ लोग सब्ा िजा के अप्ा कब मे ्ा जाई. 13 जेकरा मारे के असिकार बा ओकरा िे दू र राखऽा रही िे ुू मौु के डर पर ्क ्ा करऽ, आ अगर ुू ओकरा लगे अइबऽ ु कस्ो दोष मु करऽ, कहीर ऊ ुोहार जा् ्ा छी् लेस, याद राखऽ सक ुू जाल के बीच मे चलु बाडऽ आ ्हर के लडाई पर चलु बाडऽा 14 जेु्ा ्जदीक हो िके, अप्ा पडोिी के अरदाजा लगाईर आ बुद्मा् लोग िे िलाह लीरा 15 ुोहार बाु जा्ी लोग के िाथे होखे आ ुोहार िब बाु परमाता के वसया मे होखेा 16 आ खाली आदमी ुोहरा िाथे खार-पीयेा आ ुोहार घमरड पभु के भय मे होखेा 17 कारीगर के हाथ िे काम के ुारीफ होई, आ ज्ुा के बुद्मा् ्ािक के आप् बाु के ुारीफ होईा 18 बदमा् जीभ के आदमी अप्ा ्हर मे खुर्ाक होला​ा आ जे अप्ा बाु मे बेिडक बा ओकरा िे ्फरु कइल जाई. अध्य 10 1 बुद्मा् नायािी् अप्ा लोग के स्का सदहीा आ रगो सससेकी आदमी के िरकार बसढया िे वसदयु होला. 2 जइिे लोग के नायािी् खुद होला, ओइिहीर ओकर असिकारी लोग भी होला​ा आ ्हर के ्ािक कइि् आदमी ह, ओसहजा रहे साला िब लोग अइि् होला​ा 3 अबुद्मा् राजा अप्ा लोग के ्ा् कर दे ला​ा लेसक् असिकार साला लोग के सससेक िे ्हर मे आबादी होईा 4 िरुी के ्दय पभु के हाथ मे बा, आ िमय पर उ ओकरा पर रगो फायदे मरद चीज के याप्ा कर सदहे ा 5 आदमी के िमृद् परमेशर के हाथ मे बा, आ उ आप् आदर ्ासी के वदय पर डाल सदहे ा 6 हर गलुी खासुर अप्ा पडोिी िे ्फरु मु करीरा आ चोट पहर चासे साला पथा िे सबलुल कुछ ्ा करीर. 7 घमरड परमेिे सर आ आदमी के िाम्े घृरा होला आ दु ्ोर के दारा अिमव के काम करे ला​ा 8 िोखा िे समलल अिमव के काम, चोट आ ि् के कारर राज के अ्ुसाद रक लोग िे दू िरा लोग मे हो जाला​ा 9 िरुी आ राख काहे घमरडी बा? लोभी आदमी िे जादे दु ष कुछु ओ ्ईखे, काहे सक अयीि् आदमी अप्ा जा् के बेच दे सेला​ा काहे सक जबले ऊ सजरदा बा ुबले ऊ आप् आर ु फेक दे ला. 10 सैद लमहर बेमारी के काट दे ला​ा आ जे आज राजा होई, उ काल मर जाईा 11 जब आदमी मर जाई ु ओकरा रे गु जा्सर, जा्सर आ कीडा के ससरािु समल जाईा 12 घमरड के ्ुरआु ुब होला जब केह भगसा् िे दू र हो जाला आ ओकर म् अप्ा ब्ासे साला िे दू र हो जाला​ा 13 काहे सक घमरड पाप के ्ुरआु ह, आ जेकरा लगे बा उ सघ्ौ्ा काम उसझल सदही, रहिे पभु ओ लोग प अजीब ससपस् ले आईल असुरी उ्ुका के पूरा ुरीका िे उखाड फेक दे लेा


14 पभु घमरडी राजकुमार् के सिरहाि् सगरा सदहले बाड् आ ओह लोग के जगह ्म लोग के खडा कर सदहले बाड्. 15 पभु घमरडी राष्​् के जड उखाड के ओह लोग के जगह ्ीच लोग के रोपले बाड्ा 16 पभु गैर-यहदी दे ्​् के उखाड फेक सदहल् आ ओह लोग के िरुी के ्ीरस ुक ्ा् कर सदहल्ा 17 ऊ ओह लोग मे िे कुछ लोग के लेके ्ष कर सदहल् आ ओह लोग के याद िरुी िे खुम कर सदहले बाड्. 18 ्ा ु मरद खासुर घमरड कइल गइल आ ्ा ही मेहरार िे पैदा भइल लोग खासुर कोसिु कोिा 19 जे पभु िे डे राला ऊ रगो पका बीज हसे आ जे ओकरा िे पेम करे ला ऊ रगो इजुदार पौिा हसेा आजा के उलरघ् करे साला लोग िोखा दे से साला बीज हसेा 20 भाई लोग के बीच जे मुदखया होला ऊ आदररीय होला​ा अइि्े उ लोग भी होला जे पभु के ्जर मे उ्करा िे डे राला​ा 21 असिकार पासे िे पसहले पभु के डर होला, लेसक् खुरदराप् आ घमरड ओकर ्ुकिा् होला​ा 22 ऊ अमीर होखे, कुली् होखे भा गरीब, उ्कर मसहमा पभु के भय हा 23 िमझदार गरीब आदमी के सुरसार कइल उसचु ्इखेा ्ा ही पापी आदमी के बडाई कइल िुससिाज्क बा​ा 24 बडका आदमी, नायािी् आ ुाकुसर लोग के आदर कइल जाईा ुबो पभु िे डे रार साला िे बड केह ्इखेा 25 बुद्मा् ्ौकर के आजाद लोग िेसा करी, आ जेकरा मे जा् बा, ओकरा के िुिारला पर ओकरा िे कस्ो ्ाराजगी ्ा होईा 26 आप् िरिा करे मे बेिी बुद्मा् मु होखऽ; आ िरकट के िमय मे आप् घमरड मु करीरा 27 जे मेह्ु करु बा आ हर चीज मे भरपूर बा, ओकरा िे बसढया बा जे घमरड करे ला आ ओकरा रोटी के कमी बा​ा 28 हे बेटा, ्मुा िे अप्ा आता के मसहमा करऽ आ ओकरा मयाव दा के सहिाब िे ओकर आदर करऽा 29 जे अप्ा पार के दखलाफ पाप करे ला ओकरा के के िम् ठहराई? आ जे अप्ा जा् के बेइजु करे ला ओकर आदर के करी? 30 गरीब के ओकर ह्र के आदर कइल जाला आ अमीर के ओकर ि् के आदर कइल जाला​ा 31 जे गरीबी मे िमास्ु होला, ओकर ि्-दौलु केु्ा असिका? जे ि्-दौलु मे बेइजु बा, गरीबी मे केु्ा जादा? अध्य 11 1 बुद् ्ीच आदमी के माथा उठा के बड आदमी के बीच बईठासेलेा 2 आदमी के िुरदरुा के ुारीफ मु करीरा ्ा ु आदमी के बाहरी रप िे घृरा करीरा ३ मकी जइि् मकी मे मिुमकी कम होला​ा बासकर ओकर फल मीठ चीज् के पमुख होला​ा 4 अप्ा कपडा आ कपडा के घमरड मु करीर आ आदर के सद् अप्ा के ऊँच मु करीर, काहे सक पभु के काम अदे भु​ु बा आ आदमी के बीच उ्कर काम सछपल बा​ा

5 बहु राजा जमी् पर बइठल बाडे ा आ जस्ा के बारे मे कबो ्ा िोचल गइल रहे ऊ ुाज पसह्ले बा. 6 बहु पराकमी लोग बहु बेइजु हो गइल बा​ा आ आदररीय लोग के दोिरा के हाथ मे िौरप सदहल गइल. 7 िचाई के जाँ चला िे पसहले दोष मु दीर, पसहले िमझीर आ फेर डार टु रहीरा 8 कारर िु्ला िे पसहले जसाब मु दीर, ्ा ही आदमी के बाु के बीच मे टोक दीरा 9 जस्ा मामला मे ुोहरा िरबरि ्ा होखे, ओकरा मे झगडा मु करीरा आ पापी लोग के िाथे नाय मे मु बइठीरा 10 हे बेटा, बहु बाु मे दखल मु दीर, काहे सक अगर ुू बहु दखल दे ब ु ुू स्द्ष ्ा होखबा आ अगर ुू पीछे -पीछे चलब ु ुोहरा कस्ो फायदा ्ा होई, ्ा ुू भाग के बाचबऽा 11 रगो अइि् आदमी बा जे मेह्ु करे ला, कष उठासेला आ जलबाजी करे ला आ रु्ा पीछे रह जाला​ा 12 फेर रगो अउरी बा जे िीमा बा, आ ओकरा मदद के जररु बा, ओकरा कमुा के कमी बा आ गरीबी िे भरल बा​ा ुबो पभु के ्जर ओकरा के भलाई खासुर दे खु रहे आ ओकरा के अप्ा स्चला पायदा् िे खडा कर सदहलिा 13 आ दु ख िे आप् माथा उठसलेा जस्ा िे रकरा के दे खे साला बहु लोग उ्ुका के दे ख के अचरज मे पड गईलेा 14 िमृद् आ ससपस्, जीस्-मरर, गरीबी आ ि्-दौलु पभु के ओर िे समलेला​ा 15 बुद्, जा् आ वसया के िमझ पभु के ह, पेम आ भलाई के रा्ा उ्ुके िे हा 16 गलुी आ अनार के ्ुरआु पापी लोग िे भइल रहे आ ओकरा मे घमरड करे साला लोग के िाथे बुराई पुरा् हो जाईा 17 पभु के सरदा् भगसा् के भदय करे साला लोग के िाथे रहे ला आ उ्कर अ्ुगह हमे्ा खासुर िमृद् दे ला​ा 18 उहो बा जे अप्ा िासिा्ी आ चुटकी िे अमीर हो जाला आ ई ओकर इ्ाम के सहसा हा 19 उ कहु हस सक, “हमरा आराम समल गईल बा, अब हम लगाुार आप् िरपस् खारबा आ ुबसहयो ऊ ्इखे जा्ु सक ओकरा पर कस् िमय आई आ ऊ बाु दोिरा पर छोड के मरे के पडी. 20 अप्ा साचा मे असडग रहीर आ ओकरा िे पररसचु रहीर आ अप्ा काम मे बूढ हो जाईरा 21 पापी लोग के काम पर अचरज मु करीरा लेसक् पभु पर भरोिा राखीर आ अप्ा मेह्ु मे ब्ल रहीर काहे सक गरीब के अमीर ब्ासल अचा्क पभु के ्जर मे आिा् काम होला​ा 22 पभु के आ्ीष भदय करे साला के इ्ाम मे होला आ अचा्क ऊ आप् आ्ीष के प्प दे ला​ा 23 ई मु कहऽ सक हमरा िेसा िे कस् फायदा बा? आ ओकरा बाद हमरा लगे कस् ्ीम् चीज होई? 24 फेर िे मु कहऽ सक हमरा लगे बहु कुछ बा आ हमरा लगे बहु कुछ बा, आ ओकरा बाद हमरा कस् बुराई होई? 25 िमृद् के सद् कष के भुला जाला आ दु ख के सद् अब िमृद् के याद ्ा होला​ा 26 काहे सक पभु खासुर मौु के सद् आदमी के ओकर राह के सहिाब िे इ्ाम सदहल आिा् काम हा


27 रक घरटा के दु ख आदमी के िुख भुला दे ला, आ ओकरा अरु मे ओकर काम के पुा चल जाईा 28 आ्ीष के मरला िे पसहले केह के नाय मु करीर, काहे सक आदमी के आप् िरुा् मे पहचा्ल जाईा 29 हर रक आदमी के अप्ा घर मे मु ले आसऽ, काहे सक िोखेबाज के बहुे काम होला​ा 30 जइिे ुीुर के लेके सपरजरा मे राखल जाला, ओइिहीर घमरडी के सदल होला​ा ऊ जािूि स्यर ुोहरा पु् के दे खु रहे ला​ा 31 काहे सक ऊ बेहाल रहे ला आ अचाई के बुराई मे बदल दे ला आ ्ुसु करे लायक चीज् मे ुोहरा पर दोषी ठहरासल जाईा 32 आग के सचरगारी िे कोयला के ढे र जरे ला आ पापी खू् के इर ुजार करे ला​ा 33 बदमा् िे िासिा् रहऽ, काहे सक ऊ बुराई करे ला​ा कहीर ऊ ुोहरा पर हमे्ा के िबा ्ा ले आसेा 34 कस्ो परदे िी के अप्ा घर मे ले लीर, ु ऊ ुोहरा के परे ्ा् कर दी आ ुोहरा के अप्ा घर िे बाहर स्काल दीा अध्य 12 1 जब ुू भलाई करब ु जा् लीर सक ुू केकरा के करबऽ; ु ुोहरा फायदा खासुर िनसाद सदहल जाईा 2 भगसा् आदमी के भलाई करऽ, ु ुोहरा बदला समल जाईा आ अगर ओकरा िे ्ा, ुबो परमाता िेा 3 जे हमे्ा बुराई मे व् रहे ला, ओकरा के कस्ो भलाई ्ा हो िकेला, ्ा ही जे सभका ्ा दे सेला​ा 4 भगसा् आदमी के दे दीर, आ पापी के मदद मु करीरा 5 ्ीच के िाथे भलाई करीर, लेसक् अभय के मु दीर, आप् रोटी रोक के ओकरा के मु दीर, कहीर ऊ ुोहरा पर हासी ्ा हो जास, ्ा ु ुोहरा जस् भलाई होई ओकरा िे दु गु्ा बुराई समल जाई ओकरा िाथे कइल गइला 6 काहे सक परमाता पापी लोग िे ्फरु करे ला आ अभय लोग के बदला लेबे के पडी आ ओह लोग के िजा के पराकमी सद् िे बचासेला​ा 7 भलाई के दे बऽ आ पापी के मदद मु करऽा 8 िमृद् मे दो् के ्ा जा्ल जा िकेला आ दु श् के ससपस् मे सछपल ्ा हो िकेला​ा 9 आदमी के िमृद् मे दु श् दु खी होईहे, लेसक् ओकरा ससपस् मे दो् भी चल जाईा 10 अप्ा दु श् पर कबो भरोिा मु करीर, काहे सक जइिे लोहा के जरग लागेला, ओइिहीर ओकर दु षुा भी बा​ा 11 भले ऊ अप्ा के ्म होके कुबडा होके चल जास, बासकर ओकरा िे िासिा् रहऽ आ ओकरा िे िासिा् रहऽ आ ओकरा खासुर अइिे होखब जइिे ुूँ दे ख के चशा पोरछले होखऽ आ ुू जा्ब सक ओकर जरग पूरा ुरह िे ्ा पोरछल गइल होखेा 12 ओकरा के अप्ा लगे मु राखऽ, कहीर ऊ ुोहरा के उखाड फेक के ुोहरा जगहा पर खडा ्ा हो जास. ्ा ु ऊ ुोहरा दासह्ा ओर बईठे , कहीर ऊ ुोहरा बईठे के कोस्​् मु कर लेस आ ुू आदखर मे हमार बाु याद करऽ आ ओकरा िे चुभ् ्ा खाईर.

13 िाँ प के काटले साला जादू गर भा जरगली जा्सर के ्जदीक आसे साला के के दया करी? 14 जे पापी के लगे जाके ओकरा पाप मे अ्ु् हो जाला, ु के दया करी? 15 कुछ दे र ुक उ ुोहरा िरगे रही, लेसक् अगर ुू सगर जार लगब ु उ सटकल ्ा होईा 16 दु श् अप्ा होरठ िे मीठ बोलेला, लेसक् म् मे िोचेला सक ुोहरा के कइिे गडा मे फेकल जा िकेला, उ आँ ख िे रोसेला, लेसक् मौका समलला प खू् िे ुृ प ्ा होईा 17 अगर ुोहरा पर कस्ो ससपस् आसे ु पसहले ओकरा के उहाँ समल जाईा आ भले ऊ ुोहार मदद करे के ्ाटक करी, ुबो ुोहरा के कमजोर करीा 18 ऊ आप् माथा सहला के ुाली बजाई आ बहु फुिफुिाहट करी आ आप् चेहरा बदल सदहीा अध्य 13 1 जे सपच के छूसेला ओकरा िे अ्ु् हो जाईा जे घमरडी आदमी िे िाझीदारी राखेला ऊ ओकरा जइि् होखी. 2 जबले ुू सजयु बाडू, अप्ा पर अप्ा ्दय िे असिका बोझ मु डालऽ; आ अप्ा िे भी ुाकुसर आ ि्ी आदमी िे कस्ो िरगसु मु राखीर काहे सक केुली आ माटी के घडा कइिे रक दोिरा िे समलु जुलु बा? काहे सक अगर रक दोिरा िे मारल जास ु ऊ टू ट जाई. 3 अमीर गलु कइले बा, ुबो ऊ िमकी दे ु बा, गरीब पर अनाय हो जाला आ ओकरा भी स्होरा करे के पडे ला​ा 4 अगर ुू ओकर फायदा खासुर बाडू ु उ ुोहरा के इ्ेमाल करी, लेसक् अगर ुोहरा लगे कुछूओ ्ईखे ु उ ुोहरा के छोड सदहीा 5 अगर ुोहरा लगे कस्ो चीज बा ु ऊ ुोहरा िाथे रह जाई, हँ , ऊ ुोहरा के ्रगे कर दी आ ओकरा खासुर पछुासा ्ा करीा 6 अगर ओकरा ुोहार जररु बा ु ऊ ुोहरा के िोखा दे के ुोहरा पर मुसुरा के ुोहरा के आ्ा मे डाल दीा ऊ ुोहरा के गोरी बाु कहिु आ कहिु सक ुोहरा का चाहीर? 7 जबले ऊ ुोहरा के दू -ुी् बेर िुखा के ्ा खीरच लेस, ुबले ऊ ुोहरा के अप्ा भोज् िे ्सममदा करी आ आदखर मे ुोहरा के सुरसार िे हँ ि दी, जब ऊ ुोहरा के दे ख के ुोहरा के छोड दी आ ुोहरा पर आप् माथा सहला दीा 8 िासिा् रहऽ सक ुूँ िोखा मु खाईर आ अप्ा हँ िी-खु्ी मे ्ीचे ्ा सगरा जा​ा 9 अगर ुोहरा के कस्ो पराकमी के बोलासल जास ु अप्ा के पीछे हट जाईर आ ऊ ुोहरा के ओु्े बेिी बोलाईा 10 ओकरा पर दबास मु डालऽ, कहीर ुू पीछे ्ा पड जाईरा दू र मु खडा होखऽ, कहीर ुू भुला ्ा जाइबऽा 11 बाु मे ओकरा बराबर मु ब्ाईर आ ओकर बहु बाु पर ससशाि मु करीर, काहे सक ऊ बहुे िरसाद िे ुोहरा के परीका मे डाल दी आ ुोहरा पर मुसुरा के ुोहार गुप बाु स्कालीा 12 लेसक् उ कूरुा िे ुोहार बाु के जमा कर सदहे असुरी ुोहरा के ्ुकिा् पहर चासे असुरी जेल मे डाले िे ्ा छोडीा


13 धा् राखीर आ धा् राखीर, काहे सक ुू अप्ा उखाड फेके के खुरा मे चलु बाडू, जब ुू ई बाु िु्ब ु ्ीरद मे जाग जा​ा 14 पूरा जीस् पभु िे पेम करऽ आ ओकरा िे आप् उ्ार खासुर पुकारऽा 15 हर जा्सर अप्ा जइि् पार करे ला आ हर आदमी अप्ा पडोिी िे पार करे ला​ा 16 िब ्रीर अप्ा ुरह के आदमी िे समलु जुलु रहे ला​ा 17 भेसडया के मेम्ा िे कस् िाझीदारी बा? ु भगसा् के िाथे पापीा 18 हाइ्ा आ कुकुर के बीच कस् िमझौुा बा? आ अमीर आ गरीब के बीच कस् ्ार सु? 19 जइिे जरगल मे जरगली गदहा ्ेर के स्कार होला, ओइिहीर अमीर गरीब के खा जाला​ा 20 जइिे घमरडी लोग सस्मुा िे ्फरु करे ला, ओइिहीर अमीर लोग गरीब िे घृरा करे ला​ा 21 सगरल ्ुर करे साला अमीर के दो्​् के हाथ िे पकडल जाला, लेसक् गरीब के दो् के हाथ िे फेक सदहल जाला​ा 22 जब कस्ो अमीर सगर जाला ु ओकर बहु िहायक होला, ऊ बाु ्ा कहे ला, लेसक् आदमी ओकरा के िम् ठहरासेला​ा ऊ िमझदारी िे बोलु रहले, आ ओकरा लगे कस्ो जगह ्ा हो िकु रहे ा 23 जब कस्ो अमीर आदमी बोलेला ु हर आदमी आप् जीभ पकड लेला आ दे खऽ सक ऊ जस् कहु बा ओकरा बादल के ऊपर बडाई करे ला, लेसक् अगर गरीब बोलेला ु कहे ला सक ई कस् आदमी ह? आ अगर ऊ ठोकर खा जाई ु ओकरा के उखाड फेके मे मदद करीहे . 24 जेकरा पाप ्इखे ओकरा खासुर ि् ्ीम् होला आ अभय के मुँह मे गरीबी बुरा होला​ा 25 आदमी के सदल ओकर चेहरा बदलेला, चाहे उ अचाई होखे भा बुराई, आ खु्हाल म् खु् चेहरा ब्ासेला​ा 26 हँ िमुख चेहरा ओह सदल के स्​्ा्ी ह जस् िमृद् मे बा​ा आ दषान के खोज म् के थकाऊ मेह्ु हा अध्य 14 1 िन बा ऊ आदमी जे मुँह िे सफिलल ्ा होखे आ पाप के भीड िे चुभल ्ा होखेा 2 िन बा ऊ जेकर सससेक ओकरा के दोषी ्ा ठहरसले बा आ जे पभु पर आ्ा िे ्ा सगरल बा​ा 3 ि्-दौलु रगो स्राला आदमी खासुर बसढया ्ा होला आ ईषाव करे साला आदमी के पइिा िे का करे के चाहीर? 4 जे अप्ा जा् के िोखा दे के जुटासेला, उ दोिरा खासुर जुटासेला, जस् आप् िरपस् उिम मचासेला​ा 5 जे अप्ा खासुर बुरा बा, उ केकरा खासुर भलाई होई? ऊ अप्ा माल मे मजा ्ा लेबेा 6 जे खुद िे ईषाव करे ला ओकरा िे बुरा केह ्इखेा आ ई उ्कर दु षुा के बदला हा 7 अगर उ भलाई करे ला ु उ ्ा म् िे काम करे ला​ा आ आदखर मे ऊ आप् दु षुा के घोषरा करी. 8 ईषाव करे साला के बुरा ्जर होला​ा ऊ आप् मुँह मोड के आदमी के सुरसार करे ला​ा

9 लोभी के आँ ख ओकर सहसा िे ुृ प ्ा होला​ा आ दु ष के अिमव ओकरा आता के िुखा दे ला​ा 10 दु ष आँ ख ओकरा रोटी िे ईषाव करे ला आ ऊ अप्ा टे बुल पर रगो स्राला होला​ा 11 हे बेटा, अप्ा कमुा के सहिाब िे अप्ा भलाई करऽ आ पभु के ओकर उसचु बसलदा् दे ऽा 12 याद रखीर सक मौु के आसे मे ढे र सद् ्ा होई आ कब के साचा ुोहरा के ्ा बुासल गइल बा​ा 13 मरला िे पसहले अप्ा दो् के भलाई करऽ आ अप्ा कमुा के सहिाब िे हाथ बढा के ओकरा के दे दीरा 14 अचा सद् िे अप्ा के िोखा मु दीर, आ अचा इचा के सहसा ुोहरा पर ्ा पडे ा 15 का ुू आप् कष दोिरा पर ्ा छोडबऽ? आ ुोहार मेह्ु के सचटी िे बँटसारा होखे के बा? 16 दे , ले, आ आप् पार के पससत करऽा काहे सक कब मे सासदष चीज् के खोज ्ा होला​ा 17 िब मार ि कपडा स्ह् पुरा् हो जाला, काहे सक ्ुर िे साचा बा सक, ुू मौु के मरबा 18 मोट पेड पर हररयर पुई जइि् कुछ सगर जाला आ कुछ बढे ला​ा ओइिहीर खू्-मार ि के पीढी भी होला, रगो के अरु हो जाला आ दू िरा के ज्म होला​ा 19 हर काम िड जाला आ खुम हो जाला आ ओकर काम करे साला भी िाथ मे चल जाईा 20 िन बा उ आदमी जे बुद् िे अचा बाु के म्​् करे ला आ अप्ा िमझ िे पससत बाु् के बारे मे िोचेला​ा 21 जे अप्ा म् मे ओकर रा्ा पर ससचार करी, ओकर गुप बाु मे भी िमझ होईा 22 ओकरा पीछे -पीछे चल के ओकरा पीछे -पीछे चल जा, जइिे सक ओकर रा्ा खोजु रहे ा 23 जे ओकरा दखडकी पर चढासेला ऊ ओकर दु आर पर भी िु्ु होईा 24 जे ओकरा घर के लगे ठहरल बा, ओकरा दे साल मे भी सप् लगाईा 25 ऊ ओकरा लगे आप् डे रा खडा करी आ ओह आसाि मे ठहर जाई जहाँ बसढया चीज होखे. 26 ऊ अप्ा लइक् के ओकरा आशय मे रख के ओकरा डाढ के ्ीचे ठहर जाईा 27 ओकरा िे ऊ गरमी िे ढर कल जाई आ ओकरा मसहमा मे रह जाईा अध्य 15 1 जे पभु िे डे राला ऊ भलाई करी आ जेकरा लगे वसया के जा् बा ऊ ओकरा के पाईा 2 माई के रप मे ओकरा िे समल के कुरसारी िे सबयाह कईल पती के रप मे गहर करीा 3 ऊ ओकरा के िमझ के रोटी िे दखयाई आ ओकरा के पीये खासुर बुद् के पा्ी दे ईा 4 ऊ ओकरा पर रोकल जाई आ ऊ कस्ो सहलल ्ा जाई. आ ओकरा पर भरोिा करी, आ बेसझझक ्ा होखी. 5 ऊ ओकरा के पडोिी िे ऊपर उठाई आ मरडली के बीच मे ओकर मुँह खोल दीा


6 ओकरा खु्ी आ खु्ी के मुकुट समली आ ऊ ओकरा के अ्न ्ाम के उ्रासिकारी ब्ा दीा 7 लेसक् मूखव आदमी ओकरा के ्ा पइहे आ पापी लोग ओकरा के ्ा दे ख पाईा 8 काहे सक उ घमरड िे बहु दू र सबया असुरी झूठा आदमी उ्ुका के याद ्ईखे क िकुा 9 पापी के मुरह मे ्ुसु ्ा होखे, काहे सक पभु के ओर िे उ ्ा भेजल गईला 10 काहे सक ्ुसु बुद् िे कहल जाई आ पभु ओकरा के िमृ् करीहे ा 11 ुू ई मु कहऽ सक पभु के चलुे हम सगर गइल बा्ी, काहे सक ऊ काम ुोहरा ्ा करे के चाहीर जस्ा िे ऊ ्फरु करे लेा 12 ुू ई मु कहऽ सक ऊ हमरा के भटकसले बा, काहे सक ओकरा पापी के कस्ो जररु ्इखेा 13 पभु िब सघ्ौ्ा चीज िे ्फरु करे ल्ा आऊ जे परमेशर िे डे राला, उ लोग रकरा िे पार ्ा करे ला​ा 14 उ खुद ्ुर िे आदमी के ब्सले असुरी ओकरा के अप्ा िलाह के हाथ मे छोड दे लेा 15 अगर ुू चाहु बाडू ु आजा के पाल् करीर आ सीकायव स्षा के पाल् करीरा 16 उ ुोहरा िोझा आग पा्ी डाल दे ले बा, हाथ बढाई सक ुू चाहु बाडू सक ्ा​ा 17 आदमी के िाम्े जीस् आ मौु बा​ा आ ओकरा पिरद बा सक ्ा, ओकरा के सदहल जाईा 18 काहे सक पभु के बुद् बहु बा, उ ्दय मे पराकमी हउसे आ िब कुछ दे खु हउसेा 19 ओकर ्जर ओकरा िे डे रासे साला लोग पर बा आ ऊ आदमी के हर काम के जा्ु बा​ा 20 ऊ केह के बुराई करे के आजा ्इखे सदहले आ ्ा केह के पाप करे के इजाजु सदहले बाड्ा अध्य 16 1 बेमुलब के िरुा् के भीड के इचा मु करीर आ ्ा ही अभय बेटा मे आ्दनु रहीरा 2 भले ऊ लोग बढु होखे, लेसक् ओह लोग मे आ्दनु मु होखऽ, जबले सक पभु के डर ओह लोग के िाथे ्ा होखेा 3 ओह लोग के जीस् पर भरोिा मु करऽ आ ्ा ही ओह लोग के भीड के आदर करीर, काहे सक नायी हजार िे बसढया होला​ा आ अभय लोग के होखे िे बसढया बा सक सब्ा िरुा् के मरल जास. 4 िमझदार के दारा ्हर के भरमार हो जाई, लेसक् दु ष के ररशेदार जली उजड हो जाईा 5 हम अप्ा आँ ख िे अइि् बहु कुछ दे खले बा्ी आ का् रह िे बडह् बाु िु्ले बा​ा 6 अभय लोग के मरडली मे आग जरासल जाईा आ रगो ससदोही राष् मे कोि मे आग लगा सदहल जाला​ा 7 ऊ पुर्का सदगज् के पसु ्ान ्ा भइल्, जे लोग अप्ा मूखवुा के बल पर सगर गइल्ा 8 ऊ ओह जगह के ्ा छोडल् जहाँ लूु पसाि करु रहले, बलुक ओह लोग के घमरड िे घृरा करु रहले.

9 उ ्ा् के लोग् पर दया ्ा कइल्, जे अप्ा पाप मे दू र हो गइल रहलेा 10 ्ा ही छह लाख पैदल आदमी जे अप्ा म् के कठोरुा मे रकटा भइल रहलेा 11 अगर केह के गदव ् अकडल बा ु अगर उ सब्ा िजा के बच जास ु अचरज होई, काहे सक दया आ कोि ओकरा िरगे बा​ा ऊ माफ करे आ ्ाराजगी के उडासे मे पराकमी होला​ा 12 जइिे ओकर दया बहु होला, ओइिहीर ओकर िुिार भी होला, ऊ आदमी के काम के सहिाब िे नाय करे ला 13 पापी अप्ा लूट के िाथे ्ा बच पाई आ भदय करे साला के िैयव के कस्ो ्ुकिा् ्ा होईा 14 दया के हर काम खासुर रा्ा ब्ाईर, काहे सक हर केह अप्ा काम के सहिाब िे पाईा 15 पभु सफरौ् के कठोर कर सदहल् सक ऊ ओकरा के ्ा जा् िके, ुासक दु स्या के उ्कर ्दय्ाली काम के पुा चल िकेा 16 उ्कर दया हर पारी पर पकट होला​ा आ ऊ अप्ा रो्​्ी के अनार िे अलगा कर सदहले बाड्. 17 ुू ई मु कहऽ सक हम पभु िे लुका जाईब, का केह हमरा के ऊपर िे याद करी? रु्ा लोग के बीच हमरा के याद ्ा कइल जाई काहे सक रु्ा अिीम पारी के बीच हमार आता का बा? 18 दे खऽ, आका् आ आका् के आका्, गसहराई आ िरुी आ ओकरा मे मौजूद िब कुछ जब ऊ घूमीहे ु सहल जाईा 19 िरुी के पहाड आ ्ीरस भी काँ प के सहल जाला जब पभु ओकरा के दे खिा 20 कस्ो सदल रह बाु् के उसचु रप िे ्ा िोच िकेला आ ओकर रा्ा के िोचे मे िकम बा? 21 ई रगो अइि् ुू फा् ह जस्ा के केह ्ा दे ख िकेला काहे सक ओकर असिकुर काम सछपल बा​ा 22 अप्ा नाय के काम के के घोषरा कर िकेला? भा के िहल जा िकेला? काहे सक ओकर साचा दू र बा, आ िब कुछ के परीका अरु मे बा​ा 23 जेकरा िमझ के कमी बा, उ वथव के बारे मे िोची, आ गलुी करे साला मूखव मूखवुा के कल्ा करे ला​ा 24 हे बेटा, हमार बाु िु्ऽ आ जा् िीखऽ आ हमरा बाु के अप्ा म् िे सचदनु करऽा 25 हम स्का के सज् मे बुाइब आ ओकर जा् ठीक िे बुाइबा 26 पभु के काम ्ुर िे ही नाय मे होला, आ जब िे उ ओकरा के ब्सले रहले, ुब िे उ ओकर सहसा के स्पटारा कईलेा 27 ऊ अप्ा काम के हमे्ा खासुर िजासु रहल् आ ओकरा हाथ मे हर पीढी ुक के मुदखया बाडे , ऊ लोग ्ा ु मेह्ु करे ला, ्ा थक जाला आ ्ा ही काम छोडे ला​ा 28 ओहमे िे केह दोिरा के बािा ्ा डालेला आ ऊ कबो ओकर सच् ्ा मा्े . 29 रकरा बाद पभु िरुी के दे ख के अप्ा आ्ीष िे भर सदहल्ा 30 ऊ हर ुरह के जीस-जनु िे ओकर चेहरा ढर कले बाड्ा आ उ लोग फेर िे ओकरा मे सापि आ जइहे ा


अध्य 17 1 पभु िरुी के आदमी के ब्सले आ ओकरा के फेर िे ओकरा मे बदल सदहलेा 2 उ ओह लोग के कुछ सद्, कम िमय आ ओकरा मे मौजूद चीज् पर भी असिकार दे सदहल्ा 3 ऊ ओह लोग के अप्ा िे बल दे के अप्ा पसुरप के अ्ुिार ब्सलेा 4 ऊ आदमी के डर िब ्रीर पर डाल सदहलि आ ओकरा के जा्सर आ सचरई पर राज कर सदहलिा 5 ओह लोग के पभु के पार च गो सकया के पयोग समलल आ छठसाँ जगहा ऊ ओह लोग के िमझ आ िाुसाँ भाषर मे ओकर सचरु् के वायाकार सदहल्. 6 िलाह, जीभ, आँ ख, का् आ सदल उ लोग के िमझे के मौका सदहलिा 7 ओह लोग के िमझ के जा् िे भर सदहल् आ अचा-बाउर के बाु कइल्ा 8 ऊ उ्कर ्जर ओह लोग के सदल पर रखल् सक ऊ लोग के आप् काम के बडह्ुा दे खासेा 9 उ उ्करा के अप्ा अचरज के काम मे हमे्ा खासुर मसहमा करे दे ले, ुासक उ लोग उ्कर काम के िमझ िे बुा िकेा 10 चु्ल लोग उ्कर पससत ्ाम के ्ुसु करीा 11 रकरा अलासा उ ओह लोग के जा् सदहल् आ जीस् के वसया के ससरािु के रप मे सदहल्ा 12 उ ओ लोग के िाथे अ्न काल के साचा कईले असुरी उ लोग के आप् नाय के बारे मे बुासु रहलेा 13 उ्कर आँ ख उ्कर मसहमा के मसहमा दे खलि आ का् उ्कर मसहमा के आसाज िु्लिा 14 ऊ ओह लोग िे कहल्, “िब अिमव िे िासिा् रहऽा उ हर आदमी के अप्ा पडोिी के बारे मे आजा दे लेा 15 उ्कर रा्ा हमे्ा उ्का िाम्े रहे ला आ उ्कर ्जर िे ्ा सछपल होईा 16 हर आदमी जसा्ी िे ही बुराई के काम मे डूबल बा​ा ्ा ही ऊ लोग अप्ा खासुर पतर के बदले मार िल सदल ब्ा िकु रहे ा 17 काहे सक पूरा िरुी के जासु के बरटसारा मे उ हर लोग के रगो ्ािक ब्सलेा लेसक् इसारल पभु के सहसा हा 18 ऊ आप् जेठ बचा होके अ्ु्ाि् िे पोिेला आ ओकरा के अप्ा पेम के रो्​्ी दे ला िे ओकरा के ्ा छोडे ला​ा 19 रह िे उ्कर िब काम उ्करा िाम्े िूरज स्यर बा आ उ्कर ्जर लगाुार ओह लोग के रा्ा पर रहे ला​ा 20 उ्कर कस्ो अिमव के काम उ्करा िे सछपल ्इखे, लेसक् उ्कर िब पाप पभु के िाम्े बा 21 लेसक् पभु कृपालु होके आप् कारीगरी के जा् के ्ा ु छोडले ्ा छोडले, बलुक ओ लोग के बखलेा 22 आदमी के सभका ओकरा खासुर रगो स्​्ा्ी स्ह् होखेला असुरी उ आदमी के स्म् काम के आर ख के िेब स्ह् राखी असुरी अप्ा बेटा-बेटी के पयाुाप करीा 23 ओकरा बाद ऊ उठ के ओह लोग के इ्ाम दीहे आ ओह लोग के बदला ओह लोग के माथा पर दे दीहे.

24 लेसक् जे लोग पयाुाप करे ला, उ लोग के सापि आसे के अ्ुमसु दे ले असुरी िैयव मे कमी आसे साला के सदलािा दे लेा 25 पभु के पाि सापि आ जा, आ आप् पाप छोड, उ्करा िाम्े आप् पाथव्ा करऽ आ कम ्ाराज करऽा 26 परम ऊपर के ओर मुड जा आ अिमव िे मुड जा, काहे सक उ ुोहरा के अनार िे बाहर स्काल के साव के रो्​्ी मे ले जईहे असुरी सघ्ौ्ा काम िे बहु ्फरु करीहे ा 27 जे सजरदा आ िनसाद दे से साला लोग के जगह कब मे िबिे ऊपर के के ्ुसु करी? 28 मुअल लोग िे िनसाद दे से के काम ्ा् हो जाला, जइिे सक मुअल लोग के ्ा् हो जाला​ा 29 हम्ी के परमेशर पभु के दया आउर उ्कर कररा केु्ा बडह् बा जे पससतुा मे उ्करा ओर मुडु बा! 30 काहे सक आदमी मे िब कुछ ्ा हो िकेला, काहे सक आदमी के बेटा अमर ्ा होला​ा 31 िूरज िे ुे ज का बा? ुबो ओकर रो्​्ी खुम हो जाला​ा आ खू्-मार ि बुराई के कल्ा करीा 32 ऊ सगव के ऊँचाई के ुाकु के दे खु बा​ा आ िब आदमी खाली िरुी आ राख हा अध्य 18 1 जे हमे्ा खासुर सजरदा रहे ला, उ िब चीज् के िामान रप िे ब्सले बा​ा 2 खाली पभु ही िम् हसे, अउर उ्के अलासा दोिर केह ्इखेा 3 ऊ अप्ा हथेली िे दु स्या के ्ाि् करे ला आ िब कुछ ओकर इचा के पाल् करे ला, काहे सक ऊ िब के राजा हसे आ अप्ा ्दय िे पससत चीज् के अपससत िे बाँ ट दे ला​ा 4 ऊ केकरा के आप् काम बुासे के असिकार दे ले बाड्? आ ओकर उदा् काम के के पुा लगाई? 5 ओकर मसहमा के ुाकु के सग्ुी करी? आ ओकर दया के बुाई? 6 रहल बाु पभु के अचरज के काम के ु ओह लोग िे कुछु ओ ्ा सलहल जा िकेला, ्ा कस्ो चीज के डालल जा िकेला आ ्ा ही ओह लोग के जमी् के पुा लगासल जा िकेला​ा 7 जब आदमी काम कर लेला ु ्ुर हो जाला​ा आ जब ऊ छोड दीहे ु ओकरा िरदेह होखी. 8 आदमी का ह आ कस्ा िेसा करे ला? ओकर भलाई का बा आ ओकर बुराई का बा? 9 आदमी के सद् के िरया असिका िे असिका िौ िाल होला​ा 10 िमुरदर के पा्ी के बूरद आ बालू के ु​ु ल्ा मे सगटी के पतर स्यरा ु हजार िाल अ्रु काल के सद् ुक भी बा​ा 11 रही िे परमेशर ओह लोग पर िैयव रखल् आ ओह लोग पर आप् दया बरिाु बाड्ा 12 ऊ ओह लोग के अरु बुराई के दे खल् आ िमझ सलहल्ा रही िे ऊ आप् कररा के गुरा बढा सदहल्. 13 आदमी के दया अप्ा पडोिी पर होला​ा लेसक् पभु के दया िब ्रीर पर बा, उ डार टु बाडे , पोिले, सिखासेले असुरी


सिखासेले असुरी अप्ा भेड के चरसाहे स्ह् फेर िे ले आसेलेा 14 जे लोग अ्ु्ाि् पासेला आ जे ओकर नाय के पूरा मेह्ु िे खोजु रहे ला, ओकरा पर उ दया करे ला​ा 15 हे बेटा, अप्ा ्ीम् काम पर दाग मु लगाईर, ्ा कस्ो चीज दे ु घरी अिहज ्ब के पयोग करीरा 16 का ओि गम् के ्ा चढाई? ु रगो ्ब सरदा् िे बसढया होला​ा 17 दे खऽ, का रगो ्ब सरदा् िे बसढया ्इखे? बासकर दु ्ु रगो कृपालु आदमी का िाथे बाडे . 18 मूखव के डार टु बा आ ईषाव करे साला के सरदा् आँ ख के भस कर दे ला​ा 19 बोले िे पसहले िीख लीर आ सफसजक के इ्ेमाल करीर भा कबो बेमार होखऽ. 20 नाय िे पसहले अप्ा के परखऽ, आ दया के सद् ुोहरा पर दया हो जाईा 21 बेमार होखे िे पसहले अप्ा के ्म करऽ आ पाप के िमय पयाुाप दे खाईरा 22 िमय पर आप् वु पूरा करे मे कस्ो बािा मु आसे, आ िम् ठहरासे खासुर मौु ुक टाल मु दीरा 23 पाथव्ा करे िे पसहले अप्ा के ुइयार करऽा आ पभु के परीका दे से साला के जइि् मु ब्ीरा 24 अरु मे जस् कोि होई, आ बदला लेसे के िमय के बारे मे िोची, जब उ आप् मुँह मोड सदहीा 25 जब ुोहरा लगे बहु हो जाई ु भूख के िमय याद करीर आ जब ुू अमीर होखब ु गरीबी आ जररु के बारे मे िोचीा 26 िबेरे िे िाँ झ ुक िमय बदल जाला आ जदलये पभु के िाम्े िब काम हो जाला​ा 27 बुद्मा् आदमी हर बाु मे डे राई आ पाप करे के सद् अपराि िे िासिा् रही, लेसक् मूखव िमय के पाल् ्ा करीा 28 िमझदार हर आदमी बुद् के जा्ु बा आ ओकरा के पासे साला के ्ुसु करीा 29 जे लोग बाु मे िमझदार रहे , उ लोग भी खुद बुद्मा् हो गईले असुरी बसढया दषार ु उझले लगलेा 30 अप्ा साि्ा के पाल् मु करऽ, बलुक अप्ा भूख िे परहे ज करऽा 31 अगर ुू अप्ा आता के उ इचा दे ब जस् ओकरा के खु् करे ला ु उ ुोहरा के बद्ाम करे साला दु श् के हँ िी के पात ब्ा सदहीा 32 ढे र हँ िी-खु्ी मे ्ा खु् होखऽ आ ्ा ओकर खरचा िे बानल रहऽा 33 जब ुोहरा पिव मे कुछु ओ ्ा होखे ु उिार के भोज खा के सभखारी मु ब्ाईर, काहे सक ुू अप्ा जा् के इर ुजार मे रहब आ बाु के बाु होखबा अध्य 19 1 मेह्ुी आदमी जे ्​्ा मे िु् होखे, ऊ अमीर ्ा होई आ छोट-छोट चीज् के सुरसार करे साला िीरे -िीरे सगर जाईा

2 ्राब आ मेहरार िमझदार आदमी के सगरा सदहे आ सेशा िे सचपकल बे्मव हो जाईा 3 पुई आ कीडा ओकरा के िरोहर मे पाई, आ रगो िाहिी आदमी के ले जाइल जाईा 4 जे जलबाजी मे शेय दे से मे आसेला, उ हलुक होला​ा आ जे पाप करी ऊ अप्ा आता के दखलाफ अपराि करीा 5 जे दु षुा मे खु् होखे ओकरा के दोषी ठहरासल जाई, लेसक् जे भोग के ससरोि करे ला, उ ओकरा जा् के मुकुट पह्ासेला​ा 6 जे अप्ा जीभ पर राज कर िकेला ऊ सब्ा झगडा के सजरला​ा जे बकबक िे ्फरु करे ला ओकरा बुराई कम होईा 7 जस् बाु ुोहरा के बुासल गइल बा ओकर अभाि दोिरा के मु करऽ आ ुोहरा कबो खराब हालु ्ा होखी. 8 चाहे दो् होखे भा दु श्, दोिरा के जा् के बाु मु करीरा आ अगर ुू सब्ा कस्ो अपराि के कर िकेलऽ ु ओह लोग के खुलािा मु करऽ. 9 काहे सक उ ुोहरा के िु्ले आ ओकर पाल् करु रहले , आ जब िमय आई ु उ ुोहरा िे ्फरु करीहे ा 10 अगर ुू कस्ो बाु िु्ले बाडऽ ु ओकरा के ुोहरा िाथे मरे दीरा आ सहमु करीर, ई ुोहरा के ्ा फट पाईा 11 मूखव रगो सच् िे पिस करे ला, जइिे लइका के पिस करे साली औरुा 12 जइिे आदमी के जार घ मे ुीर सचपक जाला, ओइिहीर मूखव के पेट मे ्ब होला​ा 13 कस्ो दो् के िलाह दीर सक हो िकेला सक ऊ ई काम ्ा कइले होखे आ अगर ऊ काम कइले बा ु ऊ अब ्ा करे . 14 अप्ा दो् के िलाह दीर सक ऊ ई बाु ्ा कहले होखे आ अगर कहले बा ु ऊ फेर िे ई बाु मु बोले . 15 दो् के िलाह दीर, काहे सक ई बहु बेर स्रदा ह, आ हर कहा्ी पर ससशाि मु करीरा 16 रगो अइि् बा जे अप्ा बाु मे सफिल जाला, लेसक् सदल िे ्ा; आ ऊ के ह जे अप्ा जीभ िे ्ाराज ्इखे कइले? 17 अप्ा पडोिी के िमकी दे से िे पसहले ओकरा के िलाह दीरा आ ्ाराज ्ा होके परमाता के वसया के जगह दे दीरा 18 पभु के डर ही पसहला कदम ह जस्ा िे ओकरा के सीकार कइल जाला आ बुद् िे ओकर पेम समलेला​ा 19 पभु के आजा के जा् जीस् के स्का ह, आ जे उ्कर म् के म् करे साला काम करे ला, उ अमरुा के पेड के फल पाईा 20 पभु के डर िब बुद् हा आ िब बुद् मे वसया के पाल् आ ओकर िसव्दयमा्ुा के जा् बा​ा 21 अगर कस्ो ्ौकर अप्ा मासलक िे कहे सक हम ुोहरा म् के मु​ुासबक काम ्ा करबा हालार सक बाद मे उ अयीि् करे ला, लेसक् ओकरा के पोिे साला के ्ाराज क दे सेला​ा 22 दु षुा के जा् बुद् ्ा ह, ्ा ही कबो पापी लोग के िलाहा 23 रगो दु षुा बा आ उहे सघ्ौ्ा काम बा​ा आ बुद् के कमी रगो मूखव बा​ा 24 जेकर बुद् कम बा आ भगसा् िे डे राु बा, ऊ बहु बुद् साला आ परमाता के स्यम के उलरघ् करे साला िे बसढया बा​ा


25 रगो बसढया चालाकी बा आ उहे अनाय बा​ा आ रगो अइि् बा जे नाय के पकट करे खासुर मुड जाला​ा आ रगो बुद्मा् आदमी बा जे नाय मे िम् ठहरासेला​ा 26 रगो दु ष आदमी बा जे उदाि होके आप् माथा ्ीचे लटकल बा​ा बासकर भीुर िे ऊ िोखा िे भरल बा. 27 अप्ा चेहरा के ्ीचे सगरा के जइिे सक ऊ ्ा िु्ले होखे, जहाँ ओकर कस्ो पहचा् ्ा होखे, ऊ ुोहरा के पुा ्ा चले िे पसहले ुोहरा पर बदमा्ी करीा 28 अगर ्दय के कमी के चलुे पाप करे िे रोकल जा िकेला, ुबो जब मौका समल जाई ु उ बुराई करीा 29 जब ुू ओकरा िे समलब ु आदमी के ओकर ्जर िे जा्ल जा िकेला आ ओकरा चेहरा िे िमझल जा िकेला​ा 30 आदमी के पह्ासा, बेिी हँ िी आ चाल, ओकरा के दे खासेला सक ऊ का हा अध्य 20 1 रगो अइि् डार ट बा जस् उसचु ्इखे, सफर िे केह आप् जीभ पकड के रखेला आ ऊ बुद्मा् होला​ा 2 गुप रप िे कोसिु होखे िे डार टल बहु बसढया बा, आ जे आप् गलुी कबूल करी ओकरा के कस्ो ्ुकिा् िे बचासल जाईा 3 जब ुोहरा के डार टल जाला ु पयाुाप कइल केु्ा बसढया बा! काहे सक रही ुरे ुू जा्बूझ के पाप िे बचीबा 4 जइिे ्पुरिक के कुरसारी के फूल के फूले के लालिा होला​ा अइि्े होला जे सहर िा िे नाय करे ला​ा 5 रगो अइि् बा जे चुप रहे ला आ बुद्मा् पासल जाला आ दोिरो बहु बकबक िे घृसरु हो जाला​ा 6 केह आप् जीभ पकडे ला, काहे सक ओकरा जसाब ्ा दे से के पडे ला, ु केह आप् िमय के जा्ु चुप रहे ला​ा 7 बुद्मा् आदमी जब ुक मौका ्ा दे खाई ुब ुक आप् जीभ पकड के रखी, लेसक् बकबक करे साला आ मूखव िमय के कस्ो परसाह ्ा करीा 8 जे बहु ्ब् के पयोग करे ला, ओकरा िे घृरा होईा आ जे ओकरा मे असिकार अप्ा के ले लेला ओकरा िे ्फरु कइल जाई. 9 रगो पापी बा जेकरा बुरा काम मे बसढया िफलुा समलेला​ा आ रगो फायदा होला जस् ्ुकिा् मे बदल जाला. 10 रगो अइि् सरदा् बा जस्ा िे ुोहरा कस्ो फायदा ्ा होईा आ रगो अइि् सरदा् बा जस्ा के पसुफल दु गु्ा होला. 11 मसहमा के चलुे अपमा् होला​ा आ उहो बा जे स्म जागीर िे आप् माथा उठासेला​ा 12 उहो बा जे ु्ी-म्ी मे बहु खरीद के िाु गु्ा चुकासेला​ा 13 बुद्मा् आदमी अप्ा बाु िे सपय ब्ासेला, लेसक् मूखव लोग के कृपा उझल जाईा 14 मूखव के सरदा् जब ुोहरा लगे होई ु ुोहरा कस्ो भलाई ्ा होईा ्ा ु अप्ा जररु िे ईषाव करे साला के, काहे सक उ रक के बदला मे बहु कुछ पासे के इर ुजार करे ला​ा 15 ऊ कम दे ला आ बहुे डाँ टु बा. ऊ रोसे साला स्यर मुँह खोलु बा​ा आजु ऊ उिार दे ु बा आ कालह फेर िे माँ गु बा.

16 मूखव कहे ला सक हमरा कस्ो दो् ्इखे, हमरा िब अचा काम खासुर िनसाद ्इखे आ हमार रोटी खार साला लोग हमरा के बुराई करे ला​ा 17 ऊ केु्ा बेर आ केु्ा बेर हँ ि के सुरसार कइल जाई! काहे सक ऊ ठीक िे ्इखे जा्ु सक ओकरा लगे का बा. आ ओकरा खासुर ई िब रके बा जइिे ओकरा लगे ्इखे. 18 फुटपाथ पर सफिलल जीभ िे सफिलला िे बसढया बा, रही िे दु ष के पु् जली हो जाईा 19 बेमौिम सकसा हमे्ा बेबुस्याद के मुरह मे रहीा 20 बुद्मा्ी के साक जब मूखव के मुँह िे स्कलेला ु ओकरा के खाररज कर सदहल जाईा काहे सक उ िमय पर रकरा के ्ा बोलीा 21 उहो बा जेकरा के कमी के चलुे पाप करे मे बािा आसेला, जब उ आराम करी ु उ घबरा ्ा पाईा 22 उहो बा जे लजा के अप्ा पार के ्ा् कर दे ला आ आदमी के सीकार कइला िे अप्ा के उखाड फेकेला​ा 23 उहो बा काहे सक लाज अप्ा दो् िे सादा करे ला आ ओकरा के बेकार मे ओकर दु श् ब्ा दे ला​ा 24 झूठ आदमी मे गरदा िबा ह, लेसक् उ अस्सकु के मुरह मे लगाुार रहे ला​ा 25 झूठ बोले के आदु साला आदमी िे चोर बेहुर बा, लेसक् दु ्ो के िरोहर के सस्ा् हो जाईा 26 झूठा के सभास बेइजु होला आ ओकर लाज हमे्ा ओकरा िाथे रहे ला​ा 27 बुद्मा् आदमी अप्ा बाु िे अप्ा के आदर दे सेला, आ जेकरा मे िमझ बा, उ महा् लोग के खु् करीा 28 जे अप्ा दे ् के जोु​ु बा, ओकर ढे र बढ जाई, आ जे बडका लोग के खु् करी ओकरा अपराि के माफी समल जाईा 29 उपहार आ सरदा् जा्ी के आँ ख के आनर कर दे ला आ ओकर मुँह रोक दे ला सक ऊ डार ट ्ा िकेा 30 जस् बुद् सछपल बा आ जस् खजा्ा जमा हो गइल बा, ओकरा दु ्ो मे का फायदा बा? 31 आप् बुद् सछपासे साला आदमी िे बसढया बा जे आप् मूखवुा सछपासेला​ा 32 पभु के खोजे मे जररी िैयव िे बसढया बा जे सब्ा कस्ो मागवद्वक के आप् जीस् जीरला​ा अध्य 21 1 बेटा, का ुू पाप कइले बाडऽ? अब अयीि् मु करीर, लेसक् अप्ा पसहले के पाप के माफी मार गीा 2 पाप िे िाँ प के मुँह िे भागल जा, काहे सक अगर ुू ओकरा बहु ्जदीक आ जाईब ु उ ुोहरा के काट लीा 3 िब अिमव दु िारी ुलसार स्ह् बा, जस्ा के घास ठीक ्ईखे हो िकुा 4 भयभीु कइल आ गलु कइल ि् के बबाव द कर दी, रह ुरह िे घमरडी लोग के घर उजाड हो जाईा 5 गरीब के मुँह िे रगो पाथव्ा परमेशर के का् ुक पहँ च जाला आ ओकर नाय जली आसेला​ा 6 जे डार टला िे ्फरु करे ला, उ पापी के रा्ा मे बा, लेसक् जे पभु िे डे राला, उ अप्ा म् िे पयाुाप करीा


7 साकटु आदमी के दू र-दू र ुक जा्ल जाला​ा लेसक् िमझदार आदमी के पुा चलेला सक जब सफिल जाला​ा 8 जे दोिरा के पईिा िे आप् घर ब्ासेला, उ अप्ा दफ् के कब खासुर पतर बटोरला स्ह् बा​ा 9 दु ष् के मरडली रक िाथ लपेटल टोल स्यर होला आ उ्कर अरु आग के लौ होला जे ओह लोग के ्ा् कर िकेा 10 पापी लोग के रा्ा पतर िे िाफ हो जाला, लेसक् ओकरा अरु मे ्रक के गडा बा​ा 11 जे पभु के वसया के पाल् करे ला ओकरा ओकर िमझ समल जाला, आ पभु के भय के सि्ुा बुद् हा 12 जे बुद्मा् ्ा होई ओकरा के सिखासल ्ा जाई, लेसक् रगो अइि् बुद् बा जस् कडसाहट के बढासेला​ा 13 बुद्मा् के जा् बाढ स्ह् भरपूर होई असुरी ओकर िलाह जीस् के ्ु् फवारा स्ह् होईा 14 मूखव के भीुर के अरग टू टल बुव ् स्ह् होखेला असुरी जब ुक उ सजरदा रही, ुब ुक कस्ो जा् ्ा राखीा 15 अगर कस्ो स्पुर आदमी कस्ो बुद्मा्ी के बाु िु्ेला ु ओकरा के ुारीफ क के ओकरा मे बढोुरी करी, लेसक् जइिहीर कस्ो िमझदार आदमी ओकरा के िु्ेला ु ओकरा ्ाराज हो जाला असुरी उ ओकरा के अप्ा पीठ के पीछे फेक दे सेला​ा 16 मूखव के बाु रा्ा मे बोझ जइि् होला, लेसक् जा्ी के होठ मे अ्ुगह समल जाईा 17 ऊ लोग मरडली मे जा्ी के मुँह िे पूछुाछ करे ला आ ओकर बाु म् मे म्​् करे ला​ा 18 जइिे घर ुबाह हो जाला, ओइिहीर मूखव के बुद् होला आ अजा्ी के जा् बेबुस्याद बाु जइि् होला​ा 19 मूखव लोग खासुर स्का गोड पर बेडी स्यर होला आ दासह्ा हाथ के बेडी स्यर होला​ा 20 मूखव हँ ि के आसाज उठासेला​ा बासकर बुद्मा् आदमी के ु्ी मुसा् मुद्ल होला. 21 जा्ी आदमी खासुर ससदा िो्ा के आभूषर स्ह् होखेला असुरी ओकरा दासह्ा बार ह प करग् स्ह् होखेला​ा 22 मूखव के गोड जदलये पडोिी के घर मे आ जाला, लेसक् अ्ुभसी आदमी ओकरा िे ्मव आसेला​ा 23 मूखव घर के दु आर पर झार क के घुि जाई, लेसक् जे बसढया िे पोिल जाला, उ बाहर खडा हो जाईा 24 दु आर पर िु्ल आदमी के अभदुा ह, लेसक् बुद्मा् आदमी के बेइजुी िे दु खी हो जाईा 25 बाु करे साला लोग के होठ उ बाु कहु होई जस् उ लोग के ्ा होखे, लेसक् िमझदार लोग के बाु ुराजू मे ुौलल जाला​ा 26 मूखव लोग के सदल ओह लोग के मुँह मे बा, लेसक् जा्ी लोग के मुँह ओह लोग के सदल मे बा​ा 27 जब अभय ्ैुा् के गारी दे ला ु ऊ अप्ा जा् के गारी दे ला​ा 28 फुिफुिाहट करे साला अप्ा जा् के अ्ु् कर दे ला आ जहाँ भी रहे ला ओकरा िे ्फरु होला​ा

अध्य 22 1 आलिी आदमी के ु​ु ल्ा गरदा पतर िे कइल जाला आ हर केह ओकरा के सि​िकारी मार के ओकर बेइजुी करीा 2 आलि आदमी के ु​ु ल्ा गोबर के गरदगी िे कइल जाला, जे ओकरा के उठासेला ऊ हाथ सहला दीा 3 कुपोसषु आदमी के ज्म दे से साला बाप के बेइजुी होला आ मूखव बेटी के ज्म होला सक ओकर ्ुकिा् हो जाला​ा 4 बुद्मा् बेटी अप्ा पसु के ससरािु मे ले आई, लेसक् जे बेईमा्ी िे सजरले , उ ओकर बाप के भारी बा​ा 5 जे सहमु करे ले , उ अप्ा बाप आ अप्ा पसु दु ्ो के बेइजु करे ले, लेसक् दु ्ो लोग ओकरा के ु​ु च िमझेलेा 6 मौिम िे बाहर के कहा्ी ्ोक मे िरगीु जइि् होला, लेसक् िार आ बुद् के िुिार कबो िमय िे ्ा होला​ा 7 जे मूखव के सिखासेला, उ ओइि् होला जे घडा के टु कडा के गोरद लगासेला आ ्ीरद िे जगासेला​ा 8 जे मूखव के कहा्ी िु्ासेला, उ िु​ुल आदमी िे बाु करे ला​ा 9 अगर लइका-लइकी ईमा्दारी िे सजयु बाडे आ ओकरा लगे औकाु बा ु ऊ अप्ा माई-बाबूजी के ्ीचुा के ढँ क दीहे . 10 लेसक् लइका घमरडी होके सुरसार आ पाल्-पोषर के कमी िे अप्ा ररशेदार् के कुली् सगव के दाग लगासेला​ा 11 मुअल खासुर रोईर, काहे सक ऊ रो्​्ी गँसा सदहले बा, आ मूखव खासुर रोईर, काहे सक ओकरा िमझ के कमी बा, मुअल खासुर कम रोईर, काहे सक ऊ आराम मे बा, बासकर मूखव के जा् मौु िे भी खराब बा​ा 12 िाु सद् ुक आदमी मरल आदमी के ्ोक म्ासेला​ा लेसक् रगो मूखव आ अभय आदमी खासुर ओकर जीस् भरा 13 मूखव िे ढे र बाु मु करीर आ जेकरा लगे कस्ो िमझ ्इखे ओकरा लगे मु जाईर, ओकरा िे िासिा् रहीर सक कहीर ुोहरा कस्ो परे ्ा्ी ्ा होखे आ ओकरा मूखवुा िे ुू कबो अ्ु् ्ा होखब, ओकरा िे दू र हो जाईर आ ुोहरा आराम समल जाई आ कबो ्ा रहब पागलप् िे बेचै् हो गइला 14 िीिा िे भारी का होला? आ रकर ्ाम का ह, मूखव के अलासा? 15 बालू आ ्मक आ लोहा के दवमा् के िह् कइल आिा् होला, सब्ा िमझदार आदमी िेा 16 जइिे कस्ो भस् मे बानल लकडी के सहलु-डु लु ढीला ्ा कइल जा िकेला, ओइिहीर िलाह सदहला िे दयर होखे साला सदल कबो ्ा डे रारा 17 िमझ के ससचार पर बिल सदल गैलरी के दे साल पर गोरा पालररर ग जइि् होला​ा 18 ऊँच जगह पर बइठल पालेि कबो हसा के िाम्े ्ा खडा होई, रहिे मूखव के कल्ा मे डरल सदल कस्ो डर के दखलाफ ्ा खडा हो िकेला​ा 19 जे आँ ख के चुभु बा, उ लोर सगरा सदही, आ जे सदल के चुभु बा, उ ओकर जा् दे खासेला​ा 20 जे सचरई के पथरास करे ला, उ सचरई के चीर दे ला, आ जे अप्ा दो् के डार टेला, उ दो्ी के ुोड दे ला​ा


21 भले ुू अप्ा दो् पर ुलसार चलासु रहलू , लेसक् स्रा् मु होखऽ, काहे सक रहिा् के सापिी हो िकेला​ा 22 अगर ुू अप्ा दो् के दखलाफ आप् मुँह खोलले बाडू ु मु डे रा​ा काहे सक कस्ो मेल-समलाप हो िकेला, सिसाय डार ट, घमरड, भा रहस के खुलािा, भा ससशािघाु के घास के, काहे सक रह िब खासुर हर दो् चल जाईा 23 अप्ा पडोिी के गरीबी मे सफादार रहीर, ुासक ुू ओकर िमृद् मे खु् होखब, ओकरा िरकट के िमय ओकरा िरगे असडग रहीर, ुासक ुू ओकरा ससरािु मे ओकरा िरगे साररि ब् िकीले, काहे सक ्ीच िरपस् के हमे्ा सुरसार ्ा कईल जा िकुा : ्ा ही अमीर जे प्रिा मे होखे के मूखव बा​ा 24 जइिे भटी के साष आ िुँआ आग के िाम्े जाला​ा खू् के िाम्े रु्ा स्रदा करे साला​ा 25 हम कस्ो दो् के बचास करे मे लाज ्ा करबा ्ा ु हम ओकरा िे अप्ा के लुकारबा 26 अगर ओकरा दारा हमरा पर कस्ो बुराई होखे ु जे भी ओकरा के िु्ु होई, ओकरा िे िासिा् रहीा 27 के हमरा मुँह के िोझा चौकीदार आ हमरा होरठ पर बुद् के मोहर लगाई सक हम अचा्क ओह लोग के लगे ्ा सगर जाईर आ हमार जीभ हमरा के ्ा् मु कर दे स? अध्य 23 1 हे पभु, हमरा पूरा जीस् के सपुा आ राजपाल, हमरा के ओह लोग के िलाह पर मु छोडीर आ हमरा के ओह लोग के िाथ मु सगरे दीरा 2 हमरा ससचार् पर के कोडा लगाई आ हमरा सदल पर बुद् के अ्ु्ाि्? सक उ लोग हमरा के हमरा अजा्ुा के चलुे ्ा बखु असुरी इ हमरा पाप िे ्ा गुजरे ा 3 कहीर हमार अजा्ुा ्ा बढ जास आ हमार पाप हमरा सस्ा् के ओर ्ा बढ जास आ हम अप्ा ससरोसिय् के िाम्े सगर जाईर आ हमार दु श् हमरा पर खु् ्ा हो जास, जेकर आ्ा ुोहार दया िे दू र बा​ा 4 हे पभु, हमरा जीस् के सपुा आ भगसा्, हमरा के घमरडी ्जर मु दीर, बलुक अप्ा िेसक् िे हमे्ा घमरडी सदमाग िे मुड जा​ा 5 हमरा िे वथव आ्ा आ कामुकुा के मोड दऽ आ जे हमे्ा ुोहार िेसा करे के इचु क बा ओकरा के ुूँ पकड के राखबऽा 6 पेट के लोभ आ ्रीर के साि्ा हमरा पर ्ा पकडे ा आ हमरा पर आप् िेसक के बे्म् मे मु दऽा 7 हे लइका लोग, मुरह के अ्ु्ाि् िु्ीर, जे ओकरा के पाल् करी ओकरा के कबो होठ मे ्ा पकडल जाईा 8 पापी अप्ा मूखवुा मे रह जाई, बुरा बोले साला आ घमरडी दु ्ो रकरा िे सगर जाईा 9 अप्ा मुँह के गारी के आदु मु लगाईरा ्ा ु पससत के ्ामकरर के इ्ेमाल करीरा 10 जइिे लगाुार मारल-पीटल ्ौकर के ्ील रर ग के स्​्ा् ्ा होखे, ओइिहीर जे लगाुार किम खा के परमेशर के ्ाम लेु बा, उ स्द्ष ्ा होईा 11 जे आदमी बहु गारी दे ला, उ अिमव िे भरल होई, आ ओकरा घर िे ससपस् कबो ्ा स्कली, अगर उ अपराि करी

ु ओकर पाप ओकरा प होई, असुरी जदी उ अप्ा पाप के ्ा कबूल करी ु उ दु गु्ा अपराि करी बेकार के सकररया खाई ु स्द्ष ्ा होई, लेसक् ओकर घर ससपस् िे भरल होईा 12 रगो सच् बा जस् मौु के कपडा पसह्ले बा, भगसा् के इ बाु याकूब के ससरािु मे ्ा समलेा काहे सक अइि् िब बाु भदय करे साला लोग िे दू र हो जाई आ ऊ लोग अप्ा पाप मे ्ा लरगल जाईा 13 अप्ा मुँह के बेसजह गारी मु खाईर, काहे सक पाप के सच् ओही मे बा​ा 14 जब ुू बडका लोग के बीच बईठल बाडू ु अप्ा बापमाई के याद करऽा ओह लोग का िोझा भुलार साला मु होखऽ आ रही िे ुू अप्ा ररसाज िे मूखव ब् जा, आ का् सक ुू ज्म ्ा भइल रसहुऽ आ ओह लोग के अप्ा ज्म के सद् गारी दीर. 15 जे आदमी के अपमा्ज्क बाु के आदु बा, ओकर जीस् भर कबो िुिार ्ा होईा 16 दू ुरह के आदमी पाप के बढासेला आ ुीिरा कोि ले आसेला, गरम म् जरु आग स्ह् होला, जब ुक उ ्ा खुम ्ा हो जाई, ुब ुक उ कबो ्ा बुझाई, जब ुक सक अप्ा ्रीर मे वसभचारी ुब ुक कबो ्ा रकी जब ुक सक उ रगो ्ा जरा सदही आसग. 17 सेशा के िब रोटी मीठ होला, जब ुक उ मर ्ा जाई ुब ुक ्ा छोडीा 18 जे आदमी सबयाह ुोड के म् मे इ कहु बा सक, हमरा के के दे खु बा? हम अनार िे घेरल बा्ी, दे साल हमरा के ढर कले बा, आ कस्ो दे ह हमरा के ्ा दे ख पासेला​ा हमरा कस्ा चीज िे डे रार के जररु बा? परम परम हमार पाप के याद ्ा करीा 19 अइि् आदमी खाली आदमी के आँ ख िे डे राला आ ई ्ा जा्ु बा सक पभु के आँ ख िूरज िे दि हजार गु्ा चमकदार बा, ऊ आदमी के िब रा्ा दे खु बा आ िबिे गुप अरग पर ससचार करु बा​ा 20 ऊ िब चीज् के रच्ा होखे िे पसहले जा्ु रहलेा ओइिहीर ओह लोग के सि् होखला के बाद उ िब के दे खलेा 21 रह आदमी के ्हर के गली मे िजा सदहल जाई आ जहाँ ओकरा ्क ्ा होखे ओकरा के ले जाइल जाईा 22 जस् मेहरार अप्ा पसु के छोड के दोिरा के साररि के ले आसेले, ओकरा िरगे भी अयीि् होईा 23 पसहले ु ऊ परमाता के स्यम के ्ा मा्ेलीा आ दू िरा, उ अप्ा पसु के दखलाफ अपराि कईले सबया​ा आ ुीिरा ई सक ऊ वसभचार मे सेशा ब्सले सबया आ दोिरा आदमी िे िरुा् ले के आइल सबया. 24 ओकरा के मरडली मे ले आसल जाई आ ओकरा लइक् िे पूछुाछ कइल जाईा 25 ओकर लइका जड ्ा जड पाई आ ओकर डाढ कस्ो फल ्ा सदहीा 26 ऊ आप् याददाश के गारी दे बे खासुर छोड दीहे आ ओकर स्रदा ्ा समटासल जाई. 27 बाकी लोग जा् जइहे सक पभु के डर िे बसढया कुछु ओ ्इखे आ पभु के आजा के धा् राखे िे बसढया कुछु ओ ्इखेा


28 पभु के पीछे चलल बहु मसहमा ह, आ उ्करा िे गहर कइल लरबा उसमर हा अध्य 24 1 बुद् अप्ा के ्ुसु करी आ अप्ा लोग के बीच मे घमरड करीा 2 परमाता के मरडली मे उ आप् मुँह खोल के ओकर ्दय के िाम्े जीु हासिल करीा 3 हम परम भगसा् के मुँह िे स्कल के िरुी के बादल स्ह् ढर क दे ्ीा 4 हम ऊँच जगह् पर रहु रह्ी आ हमार सिरहाि् बादल साला खरभा मे बा​ा 5 हम अकेले सगव के चकर लगा के गसहराह के ुल मे चलु रह्ीा 6 िमुरदर के लहर् मे आ पूरा िरुी मे आ हर जासु आ राष् मे हमरा आप् कबा समलला 7 हम रह िब के िाथे आराम के खोजु रह्ी आ हम केकरा ससरािु मे रहब? 8 रही िे िब कुछ के रचसयुा हमरा के रगो आजा सदहल् आ हमरा के ब्ासे साला हमरा ुमू के आराम सदहल् आ कहल् सक, “ुोहार स्साि याकूब मे होखे आ ुोहार ससरािु इसारल मे होखे.” 9 उ हमरा के ्ुर िे ही दु स्या िे पसहले ब्सले रहले असुरी हम कबो ्ा खुम होखबा 10 हम पससत ुमू मे उ्करा िाम्े िेसा करु रह्ीा आ ओइिहीर हम सियो् मे यासपु हो गइल रहीर. 11 ओइिहीर सपय ्हर मे उ हमरा के आराम सदहल् आ यर्लेम मे हमार ्दय रहल्ा 12 हम पभु के ससरािु के सहसा मे रगो आदररीय लोग मे जड जमा लेह्ीा 13 हम सलबा्ि मे दे सदार के पेड स्ह् आ हरमो् के पहाड प िर के पेड स्ह् ऊँच हो गई्ीा 14 हम र्-गदी मे ुाड के पेड स्ह्, यरीहो मे गुलाब के पौिा स्ह्, िुखद खेु मे रगो िुरदर जैुू् के पेड स्ह् ऊँच हो गई्ी असुरी पा्ी के सक्ारे रगो पे् के पेड स्ह् पलल बढ्ीा 15 हम दालची्ी आ रसालाथि स्यर मीठ गरि दे ु रह्ी आ हमरा िे बसढया गरि स्यर गरि आसु रहे , जइिे सक गैलब्म, गोमेद, आ मीठ लोरे र आ ुमू मे लोबा् के िुँआ स्यरा 16 ुारपेनाइ् के पेड स्ह् हम आप् डाढ पिार्ी असुरी हमार डाढ आदर असुरी अ्ुगह के डाढ हा 17 जइिे बेल के पेड िे िुगरि स्कलल रहे आ हमार फूल आदर आ ि् के फल हा 18 हम िुरदर पेम, भय, जा् आ पससत आ्ा के महुारी हई, रहिे हम अ्न होके अप्ा िब िरुा् के सदहल गईल बा्ी, जेकर ्ाम उ्ुका ्ाम िे बा​ा 19 हे िब जे हमरा िे चाहु बा्ी, हमरा लगे आके हमरा फल िे भर जा​ा 20 काहे सक हमार सरर ्हद िे भी मीठ बा आ हमार ससरािु मिुको् िे भी मीठ बा​ा

21 हमरा के खार साला अबसहयोर भूखल रहीहे आ हमरा के पीये साला अबसहयोर पािल रहीहे ा 22 जे हमार बाु मा्ेला, उ कबो लदजु ्ा होई, आ हमरा िे काम करे साला लोग गलु ्ा करीा 23 इ िब बाु परम परमेशर के साचा के सकुाब ह, उ वसया ह जस् मूिा याकूब के मरडली के ससरािु के रप मे आजा दे ले रहलेा 24 पभु मे मजबूु होखे खासुर बेहो् मु होखऽा ुासक ऊ ुोह्ी के मजबूु कर िके, ओकरा िे सचपकल रहऽ काहे सक िसव्दयमा् पभु अकेले परमेशर हसे आ ओकरा अलासा दोिर कस्ो उ्ारकुाव ्इख्ा 25 ऊ ्या फल के िमय मे सफिो् आ टाइसगि स्यर िब चीज के अप्ा बुद् िे भर दे ला​ा 26 ऊ फिल के िमय मे यूफेसटि आ यरद् स्यर िमझ के भरमार कर दे ला​ा 27 ऊ जा् के सि्ार ु के रो्​्ी के रप मे दे खासेला आ ससरटेज के िमय मे सजयो् के रप मेा 28 पसहला आदमी ओकरा के पूरा ुरह िे ्ा जा्ु रहे , अब आदखरी आदमी ओकरा के पुा ्ा चलीा 29 काहे सक ओकर ससचार िमुरदर िे भी असिक बा आ ओकर िलाह बहु गसहराह िे भी गसहराह बा​ा 30 हम ्दी िे िार स्यर स्कल्ी आ बगइचा मे ्ाली स्यर स्कल्ीा 31 हम कह्ी सक हम अप्ा िबिे बसढया बगइचा मे पा्ी दे ब आ अप्ा बगइचा के खूब पा्ी दे बा 32 हम ुबो स्का के िबेरे स्ह् चमका दे ब असुरी ओकरा के दू र िे रो्​्ी भेजबा 33 हम ुबो स्का के भससषसारी के रप मे उसझल दे ब आ ओकरा के हमे्ा खासुर हर युग खासुर छोड दे बा 34 दे खऽ सक हम खाली अप्ा खासुर ्ा, बलुक बुद् के खोज करे साला िब लोग खासुर मेह्ु कइले बा्ीा अध्य 25 1 हम ुी् गो बाु मे िुनर हो गई्ी आ परमेशर आ आदमी के िाम्े िुनर खडा हो गई्ी: भाई लोग के रकुा, पडोिी के पेम, रक िाथ रक आदमी आ पती के पेमा 2 ुी् ुरह के आदमी िे हमार पार ्फरु करे ला आ हम ओह लोग के जा् िे बहुे आहु बा्ी: रगो गरीब आदमी जे घमरडी बा, रगो अमीर आदमी जे झूठा बा आ रगो बूढ वसभचारी जे काम करे ला​ा 3 अगर ुू जसा्ी मे कुछ ्ा बटोरले बाडू ु अप्ा उसमर मे कुछु ओ कइिे समल पाई? 4 हे िूिर बाल खासुर नाय केु्ा िुनर बा, आ पाची् लोग के िलाह जा्े खासुर! 5 हे बूढ लोग के बुद् केु्ा िुनर बा, आ िमा्ज्क लोग खासुर िमझ आ िलाह केु्ा िुनर बा​ा 6 बहु अ्ुभस बूढ लोग के मुकुट ह, आ भगसा् के भय उ्कर मसहमा हा 7 हम अप्ा म् मे ्ौ गो बाु खु् होखे के फैिला कइले बा्ी आ दिसाँ बाु हम अप्ा जीभ िे कहब: ऊ आदमी जे


अप्ा लइक् िे खु् होखेा आ जे अप्ा दु श् के पु् दे खे खासुर सजरदा बा​ा 8 ऊ ठीक बा जे िमझदार मेहरार के िाथे रहे ला आ जीभ िे सफिलल ्ा होखे आ अप्ा िे बेिी अयोग आदमी के िेसा ्ा कइले होखेा 9 जेकरा के िमझदारी समलल बा, आ जे िु्ु लोग के का् मे बोलु बा, उ ठीक बा​ा 10 हे बुद् पासे साला केु्ा बड बा! ुबो ओकरा िे ऊपर केह ्इखे जे पभु िे डे राु होखेा 11 लेसक् पभु के पेम रो्​्ी खासुर िब कुछ िे आगे बढ जाला, जे ओकरा के पकडले बा, ओकर उपमा कस्ा िे होई? 12 पभु के भय उ्कर पेम के ्ुरआु ह, आ ससशाि उ्करा िे सचपकल होखे के ्ुरआु हा 13 हमरा के कस्ो ससपस् दे द, लेसक् सदल के ससपस् के, आ कस्ो बुराई के, लेसक् कस्ो औरु के दु षुा केा 14 हमरा िे ्फरु करे साला लोग के कष के छोड के कस्ो दु ख के बदला लेसे के बा, लेसक् दु श् के बदला लेसे केा 15 िाँ प के सिर िे ऊपर कस्ो सिर ्ा होला​ा आ दु श् के कोि िे ऊपर कस्ो कोि ्इखेा 16 हमरा ्ेर आ अजगर के िाथे रहला िे बसढया रहे सक हम कस्ो दु ष औरु के िाथे घर रखीरा 17 मेहरार के दु षुा ओकर चेहरा बदल दे ला आ ओकर चेहरा के बोरा स्यर कररया कर दे ला​ा 18 ओकर पसु अप्ा पडोिी के बीच मे बईठ जाईा आ जब ऊ िु्ाई ु ऊ कडुआ आह भरीा 19 औरु के दु षुा िे िब बुराई कम बा, पापी के सहसा ओकरा पर पडे ा 20 जइिे रे ुीला रा्ा पर चढल बूढ लोग के गोड मे होला, ओइिहीर चुपचाप आदमी खासुर बाु िे भरल मेहरार होला​ा 21 औरु के िुरदरुा पर ठोकर मु खाईर आ ओकरा के भोग खासुर ्ा चाहु रहीरा 22 औरु अगर अप्ा पसु के दे खभाल करे ले ु कोि, बे्म् असुरी बहु स्रदा िे भरल होखेला​ा 23 दु ष औरु सहमु कम कर दे ले, चेहरा भारी आ घायल सदल ब्ासेले, जस् औरु अप्ा पसु के िरकट मे सदलािा ्ा दे सेले, उ कमजोर हाथ असुरी कमजोर घुट्ा ब्ासेलेा 24 ओह औरु िे पाप के ्ुरआु भइल आ ओकरा दारा हम्ी के िब केह मरु बा्ी जा​ा 25 पा्ी के रा्ा ्ा दीरा ्ा ु कस्ो दु ष औरु के ससदे ् मे गड करे के आजादीा 26 अगर उ अप्ा म् के मु​ुासबक ्ा गईल ु ओकरा के अप्ा ्रीर िे काट के ओकरा के ुलाक के पत दे के छोड दा अध्य 26 1 िन बा ऊ आदमी जेकर मेहरार िदे गुरी होखे, काहे सक ओकर सद् के िरया दु गु्ा हो जाईा 2 िदे गुरी औरु अप्ा पसु के खु् करे ले असुरी उ अप्ा जीस् के िाल ्ार सु िे पूरा करीहे ा 3 रगो बसढया पती रगो बसढया सहसा ह, जस् पभु के डे रार साला के सहसा मे सदहल जाईा

4 आदमी चाहे अमीर होखे भा गरीब, अगर ओकरा पभु के पसु स्म् म् होखे ु ऊ हर िमय हँ िमुख चेहरा िे आ्दनु रहीा 5 ुी् गो बाु बा जस्ा िे हमार सदल डे राला​ा चउथा खासुर हम बहु डे रा गई्ी: ्हर के स्रदा, बेकाबू भीड के जुटा् असुरी झूठा आरोप, इ िब मौु िे भी बुरा बा​ा 6 लेसक् सदल आ दु ख के दु ख उ औरु ह जस् दोिरा औरु िे ईषाव करे ले, आ जीभ के कोडा ह जस् िबके िरगे िरसाद करे लेा 7 दु ष पती इिर-उिर सहलासल जुआ ह, जेकरा के पकडले बा, उ सबचू के पकडले होखिा 8 ्​्ा मे िु् औरु आ बाहर के गडबड बहुे कोि पैदा करे ला आ ऊ आप् लाज ्ा ढँ केलेा 9 मेहरार के सेशासृस् ओकर घमरडी ्जर आ पलक िे पुा चल िकेला​ा 10 अगर ुोहार बेटी बे्मव सबया ु ओकरा के िखी िे राखऽ, कहीर ऊ बहुे आजादी िे अप्ा के दु ववसहार ्ा करे . 11 बे्मव आँ ख के दे खु रहीर आ अगर ऊ ुोहरा दखलाफ अपराि करी ु अचरज मु करीरा 12 ऊ पािल याती के फवारा समलला पर आप् मुँह खोल के ओकरा लगे के हर पा्ी िे पी के हर हे ग के सक्ारे बइठ के हर ुीर के िाम्े आप् कुरड खोलीा 13 पती के कृपा ओकरा पसु के खु् करे ला असुरी ओकर सससेक ओकर हडी के मोटासेला​ा 14 चुपचाप आ पेमी मेहरार पभु के सरदा् हा आ बसढया िे स्द् स्ु म् के अु्ा लायक कुछु ओ ्इखे. 15 ्सममदा आ ससशािी औरु दु गु्ा कृपा ह, आ ओकर महादीपीय म् के कस्ो मोल ्ा सदहल जा िकेला​ा 16 जइिे िूरज ऊँच आका् मे उगला पर होला​ा ओइिहीर रगो बसढया मेहरार के घर के कमब्ुा मे भी िुरदरुा होला​ा 17 जइिे पससत दीया पर िाफ रो्​्ी होला​ा ु पाकल उसमर मे चेहरा के िुरदरुा भी होला​ा 18 जइिे िो्ा के खरभा चार दी के आिार पर होला​ा ु स्रर ुर सदल साला गोरा गोड भी होला​ा 19 बेटा, अप्ा उसमर के फूल के ठीक राखऽ; आ परदे िी लोग के आप् ुाकु मु दीरा 20 जब पूरा खेु मे फलदार िमस् समल जाई ु ओकरा मे आप् बीज बोईर आ अप्ा भलाई के भलाई पर भरोिा करीरा 21 रही िे ुोहार जासु जस् ुू छोडब, ओकरा के बढासल जाई, आ ओकरा मे ओकर भला सर् के भरोिा होईा 22 सेशा के थूक मा्ल जाईा बासकर सबयाहल मेहरार अप्ा पसु खासुर मौु के दखलाफ रगो टासर होले . 23 दु ष औरु के दु ष आदमी के सहसा के रप मे सदहल जाला, लेसक् भगसा् के भदय करे साला के सदहल जाला​ा 24 बेईमा् औरु ्मव के ु​ु च िमझेले, लेसक् ईमा्दार औरु अप्ा पसु के आदर करे लेा 25 बे्मव मेहरार के कुकुर के रप मे सग्ल जाईा लेसक् जे लजाइल उ पभु िे डे राईा 26 जे औरु अप्ा पसु के आदर करे ले , ओकरा के िभके बुद्मा् मा्ल जाईा लेसक् जे अप्ा घमरड िे ओकर बेइजु करी, ओकरा के िभका िे अभय मा्ल जाईा


27 दु श्​् के भगासे खासुर जोर िे रोसे साली औरु आ डार ट के खोजल जाईा 28 दू गो बाु बा जस् हमरा सदल के दु खी करे ला​ा ुीिरा हमरा के ्ाराज कर दे ला: रगो यु् के आदमी जे गरीबी के स्कार होखेा आ िमझदार आदमी जेकरा िे िेट ्ा होखे; आ जे िासमवकुा िे पाप मे सापि आ जाला​ा अइि् आदमी के पभु ुलसार खासुर ुइयार कर दे ला​ा 29 वापारी अप्ा के गलु काम करे िे मुद्ल िे बचा िकेला​ा आ हकलर पाप िे मुय ्ा होईा अध्य 27 1 बहु लोग छोट बाु खासुर पाप कइले बा​ा आ जे भरपूर चीज के ुला् मे बा, उ आप् ्जर हटा सदहीा 2 जइिे पतर के जोड् के बीच मे कील मजबूुी िे सचपक जाला​ा ु पाप खरीद-सबकी के बीच बरद हो जाला​ा 3 जब ुक कस्ो आदमी पभु के भय मे अप्ा के लग् िे ्ा राखी, ुब ुक ओकर घर जलीर उखाड फेकल जाईा 4 जइिे चल्ी िे छा्ल जाला ु कचरा रह जाला​ा ु आदमी के गरदगी ओकरा बाु मेा 5 भटी कुमार के बुव ् के परीकर करे ला​ा ु आदमी के परीका ओकरा ुकव मे होला​ा 6 फल बुासेला सक अगर पेड के िजासल गइल बा​ा ओइिहीर आदमी के सदल मे रगो असभमा् के उचारर होला​ा 7 केह के बाु िु्े िे पसहले ओकर ्ुसु मु करऽा काहे सक इहे आदमी के परीका हा 8 अगर ुू िमव के पाल् करब ु ओकरा के पा के रगो मसहमामरसडु लमहर सस स्ह् पसह्बा 9 सचरई अप्ा जइि् के िहारा ले लीहे ा ओइिहीर िचाई ओह लोग के सापि आ जाई जे ओकरा मे अभाि करे ला​ा 10 जइिे ्ेर स्कार के इर ुजार मे पडल रहे ला​ा ु अिमव के काम करे साला लोग खासुर पाप करीरा 11 भदयमा् आदमी के पसच् हमे्ा बुद् के िाथे होला​ा बासकर मूखव चाँ द स्यर बदल जाला​ा 12 अगर ुू असससेकी लोग के बीच मे बा्ी ु िमय के पाल् करीरा लेसक् लगाुार िमझदार लोग के बीच मे रहबा 13 मूखव लोग के पसच् परे ्ा् करे साला होला आ उ्कर खेल पाप के बेहदाप् होला​ा 14 बहु सकररया खार साला के बाु िे बाल िीिा खडा हो जाला​ा आ ओह लोग के झगडा िे आदमी के का् रोक सदहल जाला. 15 घमरडी लोग के झगडा खू्-खराबा होला आ उ्कर गारी का् मे गरभीर होला​ा 16 जे गुप बाु के खोज करे ला ओकर शेय खो दे ला​ा आ ओकरा म् के कबो दो् ्ा समलीा 17 अप्ा दो् िे पेम करीर आ ओकरा िे सफादार रहीर, लेसक् अगर ुू ओकर गुप बाु के िोखा दे ु बाडू ु ओकरा पीछे ्ा चलीा 18 जइिे आदमी अप्ा दु श् के ्ा् कर दे ले बा​ा ओइिहीर ुू अप्ा पडोिी के पार खो दे ले बाडूा 19 जइिे सचरई के हाथ िे स्कले दे ला, ओइिहीर ुू अप्ा पडोिी के छोड दे ले बाडऽ आ ओकरा के फेर िे ्ा ले पइबऽ

20 अब ओकरा पीछे मु चल, काहे सक ऊ बहु दू र बा​ा ऊ ओइि्े बा जइिे कस्ो रोडा जाल िे बाहर स्कलल होखे. 21 रहल बाु घास के ु ओकरा के बानल जा िकेला​ा गारी दे ला के बाद िुलह हो िकेला, लेसक् जे गुप बाु के िोखा दे ला, उ आ्ाही् बा​ा 22 जे आँ ख िे आँ दख समचौ्ी करे ला ऊ बुराई करे ला, आ जे ओकरा के जा्ेला ऊ ओकरा िे दू र हो जाईा 23 जब ुू मौजूद रहब ु ऊ मीठ-मीठ बाु करी आ ुोहार बाु के ुारीफ करी, बासकर आदखर मे ऊ आप् मुँह मरोड के ुोहार बाु के स्रदा करीा 24 हम बहु बाु िे ्फरु करु बा्ी, लेसक् उ्ुका जइि् कुछु ओ ्ा; काहे सक पभु ओकरा िे ्फरु करीहे ा 25 जे केह ऊँच पतर फेकेला ऊ ओकरा के अप्ा माथा पर फेकेला​ा िोखा के चोट िे घास हो जाईा 26 जे गडा खोदु बा, उ ओकरा मे सगर जाई, आ जे जाल बा, ओकरा मे फरिल जाईा 27 जे बदमा्ी करे ला ऊ ओकरा पर पड जाई आ ओकरा पुा ्ा चली सक ऊ कहाँ िे आइल बा. 28 उपहाि आ स्रदा घमरडी लोग िे होला​ा बासकर बदला लेबे के काम ्ेर स्यर ओह लोग के इर ुजार मे पड जाई. 29 जे िम् लोग के पु् िे खु् बा, उ जाल मे फरि जाईा आ मरला िे पसहले पीडा ओह लोग के भस कर दी. 30 दु भाव स्ा आ कोि, इ िब सघ्ौ्ा काम हा आ पापी आदमी के दु ्ु समल जाईा अध्य 28 1 बदला लेबे साला के पभु िे बदला समल जाई आ ऊ अप्ा पाप के याद मे जरर राखीा 2 अप्ा पडोिी के जस् चोट ुोहरा के कइले बा ओकरा के माफ करऽ, ओइिहीर जब ुू पाथव्ा करबऽ ु ुोहार पाप भी माफ हो जाईा 3 रक आदमी दोिरा िे ्फरु करे ला आ का ऊ पभु िे माफी मार गेला? 4 ऊ अप्ा जइि् आदमी पर कस्ो दया ्ा करे ला आ का ऊ अप्ा पाप के माफी माँ गेला? 5 अगर ्रीर खाली ्फरु के पोषर करे ला ु के अप्ा पाप के माफी के स्होरा करी? 6 आप् अरु के याद करऽ आ दु श्ी खुम होखे दीरा भषाचार आ मौु के याद करीर आ आजा के पाल् करीरा 7 आजा के याद करीर आ अप्ा पडोिी के िाथे कस्ो दु भाव स्ा मु करीर, परमाता के साचा के याद करीर आ अजा्ुा के आँ दख समचौ्ी करीरा 8 झगडा िे परहे ज करऽ आ ुू आप् पाप कम करऽ, काहे सक कोसिु आदमी झगडा जरा दीा 9 पापी दो्​् के परे ्ा् करे ला आ ्ार सु िे रहे साला लोग के बीच बहि करे ला​ा 10 जइिे आग के बाु होला, ओइिहीर ऊ जरे ला आ जइिे आदमी के ुाकु होला, ओइिहीर ओकर कोि होला​ा आ ओकरा ि् के सहिाब िे ओकर कोि बढे ला​ा आ जेु्ा मजबूु होखी ऊ लोग जे झगडा करी, ओु्े ऊ लोग भडक जाई.


11 जलबाजी मे झगडा आग जरा दे ला आ जलबाजी मे लडाई खू् बहासेला​ा 12 अगर ुू सचरगारी उडाईर ु ऊ जरर जाई, अगर ुू ओकरा पर थूक दे ब ु ऊ बुझ जाई आ ई दु ्ु ुोहरा मुँह िे स्कल जाईा 13 फुिफुिाहट करे साला आ दु भासषया के गारी दीर, काहे सक अइि् लोग ्ार सु िे रहे साला बहु लोग के ्ा् कर सदहले बा​ा 14 रगो बकबक जीभ बहु लोग के परे ्ा् कर दे ले सबया आ रक राष् िे दू िरा दे ् मे भगा दे ले सबया, मजबूु ्हर के सगरा दे ले सबया असुरी बड आदमी के घर उखाड दे ले सबया​ा 15 बकबक जीभ िदे गुरी मेहरार के बाहर स्काल दे ले सबया आ ओह लोग के मेह्ु िे सरसचु कर दे ले सबया​ा 16 जे रकर बाु िु्ेला, ओकरा कबो आराम ्ा समली आ कबो चुपचाप ्ा रहे ला​ा 17 कोडा के चोट िे मार ि मे स्​्ा् लागेला, लेसक् जीभ के चोट िे हडी टू ट जाला​ा 18 बहु लोग ुलसार के िार िे सगर गईल बा, लेसक् जेु्ा लोग जीभ िे सगर गईल बा​ा 19 ठीक बा जे ओकर जहर िे बचासल जाला​ा जे ओकर जुआ ्ा खीरचले सबया आ ्ा ओकरा पटी मे बानले सबया​ा 20 काहे सक ओकर जुआ लोहा के जुआ ह आ ओकर पटी पीुल के पटी हा 21 ओकर मौु रगो बुरा मौु ह, कब ओकरा िे बसढया रहे ा 22 भगसा् िे डे रार साला लोग पर ओकर राज ्ा होई आ ्ा ही ओकर लौ िे जरासल जाईा 23 जे पभु के छोड दे ला, उ लोग ओकरा मे सगर जाईा आ ऊ ओह लोग मे जरर जाई आ ्ा बुझाईा ओकरा पर ्ेर स्यर भेजल जाई आ ुे दुआ स्यर खा जाईा 24 दे खऽ सक ुू अप्ा िरपस् के काँ ट िे घेर के आप् चार दी आ िो्ा के बानऽा 25 आप् बाु के ुराजू मे ुौल के मुँह खासुर दरसाजा आ िलाख ब्ाईा 26 िासिा् रहऽ सक ुू ओकरा िे सफिल मु, कहीर ुू ओकरा िोझा ्ा सगर जाइा अध्य 29 1 दयालु अप्ा पडोिी के उिार सदहीा आ जे आप् हाथ मजबूु करे ला ऊ आजा के पाल् करे ला​ा 2 अप्ा पडोिी के जररु के िमय उिार दऽ आ अप्ा पडोिी के िमय पर उिार दे दऽा 3 आप् सच् के पाल् करीर आ ओकरा िाथे स्षा िे वसहार करीर, ु ुू हमे्ा ऊ चीज समल जाई जस् ुोहरा खासुर जररी बा​ा 4 बहु लोग जब कस्ो चीज उिार सदहल गईल ु ओकरा के समलला के सहिाब िे उ लोग के परे ्ा्ी मे डाल दे ले, जस् सक उ लोग के मदद करु रहे ा 5 जब ुक उ ्ा पाई, ुब ुक उ आदमी के हाथ चुरब् करीा आ पडोिी के पइिा खासुर ऊ अिी्ुा िे बाु करी, बासकर जब ओकरा चुकासे के पडी ु ऊ िमय के लमहर करी आ दु ख के बाु सापि करी आ िमय के स्कायु करी.

6 अगर ऊ जीु जाई ु ओकरा आिा मुद्ल िे समल जाई आ ऊ अइिे सग्ा जाई जइिे ओकरा समलल होखे, अगर ्ा ु ऊ ओकरा के पइिा िे सरसचु कर सदहले बा आ ओकरा के बेसजह दु श् ब्ा सलहले बा, ओकरा के गारी दे ु बा आ... रे सलरग के काम कइल जाला; आ इजु खासुर ऊ ओकरा के बेइजु करी. 7 रह िे बहु लोग िोखा खार के डर िे दोिरा के बुरा वसहार खासुर उिार दे से िे इ्कार क दे ले बाडे ा 8 सफर भी ुू गरीब के आदमी के िाथे िैयव राखऽ आ ओकरा पर दया करे मे दे री मु करऽा 9 आजा के खासुर गरीब के मदद करीर आ ओकरा गरीबी के चलुे ओकरा के मु मोड दीरा 10 अप्ा भाई आ अप्ा दो् खासुर आप् पइिा गँसा दऽ आ ओकरा के गँसासे खासुर पतर के ्ीचे जरग मु लागे दीरा 11 परम परमाता के आजा के अ्ुिार आप् खजा्ा जमा करऽ, ु ओकरा िे ुोहरा िो्ा िे भी जादा फायदा होईा 12 सभका के भरडार मे बरद कर, ु उ ुोहरा के हर दु ःख िे बचाईा 13 ऊ ुोहरा खासुर ुोहरा दु श्​् िे रगो ुाकुसर ढाल आ मजबूु भाला िे बसढया लडाई लडीा 14 ईमा्दार आदमी अप्ा पडोिी खासुर जमा्ु होला, लेसक् जे बे्मव ओकरा के छोड सदहीा 15 ुोहरा जमा्ुदार के दो्ी के मु भुलाईर, काहे सक ऊ ुोहरा खासुर आप् जा् दे सदहले बा​ा 16 पापी अप्ा जमा्ु के बसढया िरपस् के उखाड फेकीा 17 जे अ्ुभ म् के बा, उ ओकरा के बचासे साला के खुरा मे छोड सदहीा 18 स्ययुा बहु लोग के बसढया िरपस् के उुार दे ले बा असुरी िमुरदर के लहर स्ह् सहला दे ले बा, ुाकुसर लोग ओकरा के अप्ा घर िे भगा दे ले बा, जस्ा िे उ लोग परदे िी जासु के बीच भटक गईलेा 19 पभु के आजा के उलरघ् करे साला दु ष आदमी जमा्ु मे पड जाई, आ जे फायदा खासुर दोिरा के काम करे ला आ ओकर पाल् करे ला, उ मुकदमा मे पड जाईा 20 अप्ा ्दय के सहिाब िे अप्ा पडोिी के मदद करीर आ िासिा् रहीर सक ुू खुद ओही मे मु पडऽा 21 सजस्गी खासुर मुय चीज पा्ी, रोटी, कपडा आ लाज के ढके खासुर घर हा 22 दोिरा के घर मे ्ाजुक सकराया िे ्ीच कुटी मे गरीब के सज्गी बेहुर बा​ा 23 कम होखे भा बहु, ुोहरा के िरुोष राखीर सक ुू अप्ा घर के स्रदा मु िु्ीा 24 काहे सक घर-घर घूमल रगो दय्ीय जीस् ह, काहे सक जहाँ ुू परदे ्ी बाडू, उहाँ ुू आप् मुँह खोले के सहमु ्ा करे ्ीा 25 ुू म्ोरर ज् आ भोज करबऽ आ कस्ो िनसाद ्ा करबऽ, रकरा अलासा ुू कडुआ बाु िु्बऽा 26 हे परदे िी, आके रगो मेज के िाज-िजा करऽ आ जस् ुू ुइयार कइले बाडऽ ओकरा िे हमरा के दखयाईरा 27 हे परदे िी, रगो आदररीय आदमी के जगह दे दीरा हमार भाई ठहरे आसेला आ हमरा घर के जररु बा​ा


28 िमझदार आदमी खासुर ई िब बाु दु खी होला​ा घर के कमरा के डार टल, आ उिार दे बे साला के डार टल. अध्य 30 1 जे अप्ा बेटा िे पेम करे ला, उ ओकरा के बार-बार लाठी के रहिाि करासेला, ुासक अरु मे ओकरा िे खु्ी होखेा 2 जे अप्ा बेटा के ुाडु बा, उ ओकरा मे आ्दनु होई आ ओकरा जा्-पहचा् के बीच ओकरा िे आ्दनु होईा 3 जे अप्ा बेटा के सिखासेला, उ दु श् के दु खी करे ला, असुरी अप्ा दो् के िोझा ओकरा िे खु् होईा 4 भले ओकर बाप मर जाि, लेसक् उ अईि् बा जईिे उ मरल ्ईख्, काहे सक उ अप्ा स्ह् आदमी के छोड दे ले बाडे ा 5 जब उ सजना रहले ु उ दे ख के खु् हो गईले, जब उ मर गईले ु उ दु खी ्ा भईलेा 6 ऊ अप्ा दु श्​् िे बदला लेबे साला आ अप्ा दो्​् पर दया के बदला लेबे साला छोड गइल्. 7 जे अप्ा बेटा िे जादा कमाई करे ला, उ ओकर घास के बान सदहीा आ हर सचलाहट पर ओकर आर ु परे ्ा् हो जाईा 8 ्ा टू टल घोडा सिरददव हो जाला आ अप्ा खासुर छोडल लइका जा्बूझ के हो जाला​ा 9 अप्ा लइका के कोक मारऽ, ऊ ुोहरा के डे रा दी, ओकरा िाथे खेलीर, ु ऊ ुोहरा के भारी पड जाईा 10 ओकरा िाथे हँ िी मु, कहीर ओकरा िाथे दु ख मु होखऽ आ आदखर मे दाँ ु ्ा चीरऽा 11 जसा्ी मे ओकरा के कस्ो आजादी मु दीर आ ओकर मूखवुा पर आँ दख समचौ्ी मु करीर. 12 छोट उसमर मे ओकर गरद् झुका के ओकरा के बगल मे मार दीर, कहीर ऊ सजद ्ा हो जास आ ुोहार आजा ्ा मा्े आ रह ुरह िे ुोहरा म् मे दु ख ्ा आसेा 13 अप्ा बेटा के ुाड दीर आ ओकरा के मेह्ु िे पकडीर, कहीर ओकर अशील वसहार ुोहरा खासुर अपराि ्ा होखेा 14 अमीर आदमी िे बसढया होला जे अप्ा ्रीर मे दु खी होखेा 15 ्रीर के साव आ बसढया िरपदा िो्ा िे ऊपर बा, आ अिीम ि् िे मजबूु ्रीरा 16 िुदढ ्रीर िे ऊपर कस्ो ि् ्ा होला आ सदल के आ्न िे ऊपर कस्ो आ्न ्ा होला​ा 17 कडुआ सजस्गी भा लगाुार बेमारी िे मौु बेहुर होला​ा 18 बरद मुँह पर डालल ्ाजुक पदाथव कब पर डालल मार ि के गरदगी जइि् होला​ा 19 मूसुव के चढासे िे का फायदा होला? काहे सक ्ा ु ऊ खा िकेला आ ्ा गरि कर िकेला. 20 ऊ आँ ख िे दे खु बा आ कराहु बा, जइिे कस्ो ्पुरिक कुरसारी के गले लगा के आह भरु बा​ा 21 अप्ा म् के भारी बाु पर मु दऽ आ अप्ा िलाह िे अप्ा के कष मु करऽा 22 म् के उलाि आदमी के जीस् ह, आ आदमी के उलाि िे ओकर सद् लरबा हो जाला​ा

23 अप्ा जा् िे पेम करऽ आ अप्ा म् के सदलािा दऽ, दु ख ुोहरा िे दू र दू र करऽ, काहे सक दु ख बहु लोग के मार दे ले बा आ ओकरा िे कस्ो फायदा ्इखेा 24 ईषाव आ कोि जीस् के छोट कर दे ला आ िासिा्ी िे िमय िे पसहले उसमर हो जाला​ा 25 हँ िमुख आ ्ीम् सदल के अप्ा मार ि आ खा्पा् के दे खभाल होईा अध्य 31 1 ि् के पसु जागरक रहला िे मार ि भस हो जाला आ ओकर सचरुा ्ीरद के भगा दे ला​ा 2 दे खभाल दे खला िे आदमी के ्ीरद ्ा आसे सदहल जाई, जइिे सक ददव ्ाक बेमारी ्ीरद के ुोड दे ला​ा 3 ि्ी लोग के ि् जुटासे मे बहु मेह्ु होला​ा आ जब आराम करे ला ु ऊ अप्ा ्ाजुक चीज् िे भर जाला. 4 गरीब अप्ा गरीब िरपस् मे मेह्ु करे ला​ा आ जब ऊ छोड दे ला ु ऊ अबसहयोर जररुमरद बा. 5 जे िो्ा िे पेम करे ला, ओकरा के िम् ्ा ठहरासल जाई, आ जे भषाचार के पाल् करे ला ओकरा िे भरपूर हो जाईा 6 िो्ा बहु लोग के बबाव द हो गइल बा आ ओह लोग के ्ा् हो गइल बा​ा 7 रकरा खासुर बसलदा् दे से साला लोग खासुर ई ठोकर ह, आ हर मूखव के ओकरा िाथे पकडल जाईा 8 िन बा अमीर जे बेदाग समलेला आ िो्ा के पीछे ्ा चलेा 9 ऊ के ह? हम्ी के ओकरा के िन कहब जा, काहे सक उ अप्ा लोग के बीच अदे भु​ु काम कईले बाडे ा 10 रकरा िे केकरा के परखल गइल बा आ ओकरा के सि् पासल गइल बा? ुब ऊ घमरड करे ा के ठे ि पहँ चा िकेला आ के ्ा ठे ि पहँ चासल? भा बुराई कइले बा आ ्ा कइले बा? 11 ओकर माल यासपु हो जाई आ मरडली ओकर सभका के घोषरा करीा 12 अगर ुू कस्ो भरपूर मेज पर बइठल बाडऽ ु ओकरा पर लालच मु करीर आ ई मु कहऽ सक ओकरा पर बहु खा्ा बा​ा 13 याद रखीर सक दु ष आँ ख बुरा चीज ह, आ आँ ख िे जादा दु ष का ब्ासल गइल बा? रही िे हर मौका पर रोसेला​ा 14 जहाँ -जहाँ हाथ दे खाई दे ु बा, ओसहजा हाथ मु बढाईर आ ओकरा िरगे बुव ् मे मु डालीरा 15 अप्ा पडोिी के नाय मु करीर आ हर बाु मे िमझदार रहीरा 16 जस् चीज ुोहरा िाम्े राखल गइल बा, ओकरा जइि् आदमी के चाहीर, खाईरा आ खा लीर, कहीर ुोहरा िे ्फरु मु होखेा 17 स्षाचार के खासुर पसहले छोड दीरा आ अुृ प मु होखऽ, कहीर ुू कस्ो ्ाराजगी मु करऽ. 18 जब ुू बहु लोग के बीच मे बईठल रहब ु िबिे पसहले आप् हाथ मु बढाईरा 19 बसढया िे पोिल आदमी खासुर बहु कम ही काफी होला आ ऊ अप्ा सबछौ्ा पर आप् हसा कम ्ा करे ला​ा


20 ठीक ्ीरद मधम भोज् िे आसेला, ऊ जली उठे ला आ ओकर बुद् ओकरा िाथे रहे ला, बासकर अुृ प आदमी के दे खु रहे के पीडा आ पेट के पीडा होला​ा 21 आ अगर ुोहरा के खार खासुर मजबूर कइल गइल बा ु उठ के उली करऽ आ ुोहरा आराम समल जाईा 22 बेटा, हमार बाु िु्ऽ आ हमरा के सुरसार मु करऽ आ आदखर मे जइि् हम ुोहरा के कहले रह्ी, ओइि् पा लेबऽ, ुोहरा िब काम मे ुे ज रहऽ, ओइिहीर ुोहरा के कस्ो बेमारी ्ा आईा 23 जे केह अप्ा भोज् के उदार बा, ओकरा बारे मे लोग बसढया बाु करीा आ ओकरा बसढया घर के रखरखास के ररपोटव पर ससशाि हो जाई. 24 लेसक् जे ओकर भोज् के स्राला बा ओकरा दखलाफ पूरा ्हर गु्गु्ाईा आ ओकरा स्रालाप् के गसाही पर कस्ो िरदेह ्ा होखी. 25 ्राब मे आप् सीरुा मु दे खाईरा काहे सक ्राब िे बहुे लोग के ्ा् हो गइल बा. 26 भटी डु बकी लगा के सक्ारा के परखेला, ओइिहीर ्राब ्​्ा मे घमरडी लोग के सदल के परखेला​ा 27 मसदरा आदमी खासुर जीस् जइि् बसढया होला, अगर ऊ मधम रप िे पीयल जास ु ्राब के सब्ा आदमी के जीस् का होला? काहे सक ई आदमी के खु् करे खासुर ब्ासल गइल रहे ा 28 ्ापल-जोख के ्राब सपयला आ मौिम मे म् मे खु्ी आ म् के हँ िी-खु्ी होला​ा 29 बासकर बेिी िे ्​्ा मे िु् ्राब म् के कडसाहट पैदा करे ला, झगडा आ झगडा िेा 30 ्​्ा मूखव के कोि के ुब ुक बढासेला जब ुक सक उ अपराि ्ा करे , ुाकु कम करे ला असुरी घास पैदा करे ला​ा 31 अप्ा पडोिी के ्राब मे डार ट मु दीर आ ओकरा खु्ी मे ओकरा के सुरसार मु करीर, ओकरा के घृसरु बाु मु दीर आ ओकरा पर दबास मु दीर सक ऊ ्राब पीये के आगह करीर. अध्य 32 1 अगर ुोहरा के कस्ो भोज के मासलक ब्ासल गइल बा ु अप्ा के ऊपर मु उठाईर, बलुक बाकी लोग मे िे रगो स्यर ओह लोग के बीच मे रहऽा ओह लोग के लग् िे दे खभाल करीर आ रही िे बइठ जाईर. 2 जब ुू आप् पूरा काम पूरा कर लेब ु आप् जगह ले लीर सक ुू ओह लोग के िाथे म् होखऽ आ भोज के अप्ा बसढया िे वसदयु करे खासुर मुकुट पाईरा 3 ुू बडका, बोलऽ, काहे सक ई ुोहरा के चाहीर, लेसक् िही सससेक िेा आ बािा ्ा मूसजक. 4 जहाँ िरगीुकार होखे, उहाँ बाु मु उझल आ िमय के सब्ा बुद् मु दे खाईरा 5 ्राब के भोज मे मूसजक के िरगीु कायवकम िो्ा मे िेट काबमकल के स्​्ा् के रप मे होला​ा 6 िो्ा के काम मे लागल पना के स्​्ा् के रप मे, ओइिहीर िुखद ्राब के िाथ िरगीु के राग भी होला​ा

7 हे जसा्, अगर ुोहरा के जररु बा ु बोलऽ, बासकर जब ुोहरा िे दू बेर पूछल जास ु मुद्ल िे बोलऽ. 8 ुोहार बोलल छोट होखे, कम ्ब् मे बहु कुछ िमझे के चाहीरा जे जा्ु होखे आ ुबसहयो आप् जीभ पकडले होखे ओकरा जइि् होखऽ. 9 अगर ुू बडका लोग के बीच मे बा्ी ु अप्ा के ओह लोग के बराबर मु ब्ाईरा आ जब पाची् आदमी जगह पर होखे ु ढे र ्ब् के पयोग ्ा करीर. 10 गरज के सबजली सगरला िे पसहलेा आ लजाइल आदमी के रहिा् होखे के िाम्ेा 11 कबो-कबो उठऽ, आ आदखरी मु ब्ीर; बासकर ुोहरा के सब्ा दे री कइले घरे ले आसऽ. 12 उहाँ आप् ्गल करऽ आ जस् म् करे ुस् करऽ, लेसक् घमरडी बाु िे पाप मु करऽा 13 रह िब खासुर आ्ीष दीर जे ुोहरा के ब्सले बा आ ुोहरा के आप् ्ीम् चीज् िे भरले बा​ा 14 जे पभु िे डे राला, ओकर अ्ु्ाि् समल जाईा आ जे ओकरा के जली खोजु बा, ओकरा पर अ्ुगह समलीा 15 जे वसया के खोज करे ला, उ ओकरा िे भरल होई, लेसक् पाखरडी के ओकरा िे ्ाराजगी होईा 16 जे लोग पभु िे डे रेला, उ लोग के नाय समल जाई असुरी उ नाय के रो्​्ी के रप मे जरा सदहे ा 17 पापी आदमी के डार टल ्ा जाई, लेसक् उ अप्ा मज् के सहिाब िे बहा्ा खोज लेला​ा 18 िलाहकार आदमी ससचार्ील होईा बासकर पराया आ घमरडी आदमी डर िे डे राु ्ा होला, ुबसहयो जब ऊ अप्ा िे सब्ा कस्ो िलाह के काम कइले होखे. 19 सब्ा िलाह के कुछ भी मु करीर; आ जब ुू रक बेर कर लेब ु पयाुाप मु करऽा 20 अइि् रा्ा िे मु जा जस्ा िे ुू सगर जाईर आ पतर् के बीच मे ठोकर मु खाईरा 21 िादा ुरीका िे भरोिा मु करीरा 22 आ अप्ा लइक् िे िासिा् रहऽा 23 हर ्ीम् काम मे अप्ा आता पर भरोिा राखीरा काहे सक इहे आजा के पाल् हा 24 जे पभु पर ससशाि करे ला ऊ आजा के धा् राखेला​ा आ जे ओकरा पर भरोिा करी ओकर हालु कबो खराब ्ा होखी. अध्य 33 1 जे पभु िे डे राला ओकरा िाथे कस्ो बुराई ्ा होईा लेसक् परीका मे भी उ फेर िे ओकरा के बचाईा 2 बुद्मा् आदमी वसया िे ्फरु ्ा करे ला​ा लेसक् जे ओहमे पाखरडी बा, उ ुू फा् मे आसे साला जहाज स्ह् बा​ा 3 िमझदार आदमी वसया पर भरोिा करे ला​ा आ वसया ओकरा खासुर रगो सच् के रप मे सफादार बा​ा 4 का कहे के बा ओकरा के ुइयार करऽ आ रही िे ुोहार बाु िु्ल जाई, आ स्का के बान के जसाब दीरा 5 मूखव के सदल गाडी के चका स्ह् होखेला​ा आ उ्कर ससचार रगो लुढकु ररलेटरी स्यर बा​ा 6 घोडा के घोडा मजाक उडासे साला दो् स्ह् होखेला, उ अप्ा प बईठल हर आदमी के ्ीचे गडबडा जाला​ा


7 जब िाल मे हर सद् के िब रो्​्ी िूरज िे स्कलेला ु रक सद् दोिरा सद् िे काहे आगे बढे ला? 8 पभु के जा् िे उ लोग अलग-अलग हो गईले असुरी उ मौिम असुरी भोज मे बदलास कईलेा 9 कुछ के ऊ बडका सद् ब्सले बाड् आ पससत कइले बाड् आ कुछ के िािारर सद् ब्सले बाड्. 10 आदम के रच्ा िरुी िे भइल बा​ा 11 पभु बहु जा् िे ओह लोग के बरटसारा कइले बाड् आ ओह लोग के रा्ा अलग-अलग ब्सले बाड्ा 12 कुछ लोग के आ्ीष दे के ऊपर उठसले आ कुछ के पससत क के अप्ा ्जदीक रखले, लेसक् कुछ लोग के गारी दे के ्ीचे सगरा दे लेा 13 जइिे माटी कुमार के हाथ मे होला आ ओकरा के अप्ा म् मे ब्ासे खासुर होला, ओइिहीर आदमी ओकरा के ब्ासे साला के हाथ मे होला सक ऊ लोग के ओकर िबिे बसढया बदला दे सेा 14 अचाई बुराई के दखलाफ होला आ जीस् मौु के दखलाफ होला, ओइिहीर भगसा् के भदय साला पापी के दखलाफ आ पापी के भदय करे साला के दखलाफ होला​ा 15 रह िे परम परमेशर के िब काम के दे खल जासा आ दू गो आ दू गो बा, रक दोिरा का दखलाफ. 16 हम आदखर मे जाग गई्ी, जइिे सक अरगूर बटोरे साला के पीछे -पीछे बटोरे ला​ा 17 ई िोचीर सक हम खाली अप्ा खासुर ्ा, बलुक पढाई के ुला् करे साला िब लोग खासुर मेह्ु कइ्ीा 18 हे ज्ुा के बडका लोग, हमार बाु िु्ऽ आ मरडली के ्ािक लोग, आप् का् िे िु्ऽा 19 जबले ुू अप्ा बेटा-मेहरार, भाई-समत के अप्ा ऊपर असिकार मु दीर आ आप् िरपस् दोिरा के मु दीर, कहीर ऊ ुोहरा पर पयाुाप मु करऽ आ ुू फेर िे उहे स्होरा मु करऽ. 20 जबले ुू सजना बाडऽ आ ुोहरा मे िाँ ि बा, ुबले अप्ा के केह के िौरप मुऽा 21 काहे सक ुू ओह लोग के स्षाचार के िाम्े खडा होखे िे बसढया बा सक ुोहार लइका ुोहरा के खोजेा 22 अप्ा िब काम मे अप्ा के पमुखुा िे राखीरा अप्ा इजु मे कस्ो दाग मु छोडीरा 23 जस्ा िमय ुू आप् सद् खुम होखब आ आप् सजस्गी खुम करब, ुब आप् ससरािु के बरटसारा करऽा 24 चारा, छडी आ बोझ गदहा खासुर होला​ा आ रोटी, िुिार आ काम, रगो ्ौकर खासुरा 25 अगर ुू अप्ा िेसक के काम मे लगा दे ब ु ुोहरा आराम समल जाई, लेसक् अगर ुू ओकरा के बेकार छोड दे ब ु उ आजादी के ुला् करीा 26 जुआ आ कालर गरद् के झुकासेला, ओइिहीर दु ष ्ौकर के याु्ा आ याु्ा होला​ा 27 ओकरा के मेह्ु करे खासुर भेज दीर ुासक ऊ बेकार मु होखेा काहे सक आलस बहु बुराई के सिखासेला​ा 28 ओकरा के जइि् काम करे के चाहीर, ओकरा के काम मे लगाईर, अगर ऊ आजाकारी ्ा होखे ु अउरी भारी बेडी लगाईरा

29 लेसक् केह के पसु असु्योदय मु करीरा आ सब्ा सससेक के कुछ मु करीर. 30 अगर ुोहरा लगे कस्ो ्ौकर बा ु ओकरा के ुोहरा स्ह् होखे, काहे सक ुू ओकरा के दाम िे खरीदले बाडूा 31 अगर ुोहार कस्ो ्ौकर बा ु ओकरा के भाई स्ह् स्होरा करीर, काहे सक ुोहरा ओकरा के जररु बा, जईिे सक आपके अप्ा जा् के जररु बा, जदी ुू ओकरा िे बुराई के स्होरा करब असुरी उ ुोहरा िे भाग जाई, ु ुू ओकरा के खोजे खाुी कस्ा रा्ा िे जाईब? अध्य 34 1 िमझही् आदमी के आ्ा वथव आ झूठा होला आ िप्ा मूखव लोग के ऊपर उठासेला​ा 2 जे िप्ा के परसाह करे ला, उ छाया के पकड के हसा के पीछे चले साला स्ह् होखेला​ा 3 िप्ा के द्व् रक चीज के दोिरा चीज िे समलु जुलु होला, जइिे चेहरा के चेहरा िे िमा्ुा होला​ा 4 अ्ु् चीज िे का ्ु् कइल जा िकेला? आ जस् बाु झूठ बा ओकरा िे कस् िचाई आ िकेला? 5 भससषसारी, भससक, आ िप्ा बेकार ह, आ सदल ओइिहीर कल्ा करे ला, जइिे सक पिस मे पडल मेहरार के सदला 6 अगर ुोहरा परमाता िे ्ा भेजल जास ु आप् म् ओह लोग पर मु राखऽा 7 काहे सक िप्ा बहु लोग के िोखा दे ले बा असुरी उ लोग ्ाकाम हो गईल बाडे , जस् सक उ्ुका प भरोिा कईले बाडे ा 8 वसया सब्ा झूठ के सि् पासल जाई आ बुद् ससशािी मुँह खासुर सि्ुा हा 9 जे आदमी याता कइले बा, ऊ बहु कुछ जा्ु बा​ा जेकरा लगे बहु अ्ुभस बा, उ बुद् के घोषरा करीा 10 जेकरा लगे कस्ो अ्ुभस ्इखे, उ बहु कम जा्ु बा, लेसक् जे याता कईले बा, उ िमझदारी िे भरल बा​ा 11 जब हम याता करु रह्ी ु बहु कुछ दे ख्ीा आ हम जु्ा बाु कह िकीले ओकरा िे बेिी िमझु बा्ी. 12 हम अरर मौु के खुरा मे रह्ी, लेसक् रकरा चलुे हम मुय हो गई्ीा 13 जे लोग पभु िे डे राु बा, ओकर आता सजरदा रहीा काहे सक उ्कर आ्ा उहे पर बा जे उ्करा के बचासेला​ा 14 जे पभु िे डे राला, उ ्ा डे राई ्ा डे राईा काहे सक ऊ ओकर आ्ा ह. 15 जे पभु िे डे राला ओकर आता िन ह, ऊ केकरा ओर दे खु बा? आ ओकर ुाकु के ह? 16 काहे सक पभु के ्जर उ्करा िे पेम करे साला पर बा, उ उ्कर पराकमी रका आ मजबूु ठहरास ह, गम् िे बचास ह, आ दु पहररया मे िूरज िे ढर कल ह, ठोकर िे बचासेला आ सगरला िे िहायक हा 17 ऊ आता के सजरदा करे ला आ आँ ख के रो्​्ी दे ला, ऊ साव, जीस् आ आ्ीसाव द दे ला​ा 18 जे गलु ुरीका िे समलल चीज के बसलदा् दे ला, ओकर चढाई हासासद होला​ा आ अनायी लोग के सरदा् के सीकार ्ा कइल जाला​ा


19 परमाता दु ष् के चढासे िे खु् ्ा होला​ा ्ा ही बसलदा् के भीड िे पाप खासुर ्ान हो जाला​ा 20 जे गरीब के िमस् के चढाई ले आसेला, उ ओइि् काम करे ला जइिे बेटा के अप्ा बाप के ्जर मे मार दे ला​ा 21 जररुमरद के रोटी ओकर जा् ह, जे ओकरा िे िोखा दे ला उ खू् िे भरल आदमी हा 22 जे अप्ा पडोिी के रोजी-रोटी छी् लेला, उ ओकरा के मार दे ला​ा आ जे मजदू र के सकराया िे िोखा दे ला ऊ खू् बहासे साला होला. 23 जब केह स्माव र करे ला आ दोिर सगर जाला ु ओह लोग के मेह्ु के अलासा का फायदा? 24 जब केह पाथव्ा करी आ दोिर गारी दी ु पभु केकर आसाज िु्ाई? 25 जे ला् के छूला के बाद िोसेला, अगर ओकरा के फेर िे छूसेला ु ओकरा िोसे िे का फायदा होई? 26 का अइि् आदमी के भी होला जे अप्ा पाप के उपसाि करे ला आ फेर जाके उहे करे ला​ा भा ओकर सस्मुा िे ओकरा का फायदा होला? अध्य 35 1 जे वसया के पाल् करे ला उ भरपूर बसलदा् ले आसेला, जे आजा के धा् राखेला उ ्ार सु बसल चढासेला​ा 2 जे भलाई के बदला लेसेला उ मही् आटा चढासेला​ा आ जे सभका दे सेला ऊ ्ुसु करे ला​ा 3 दु षुा िे दू र होखल पभु के म् खु् करे साला बाु हा आ अिमव के छोडल पायसयु हा 4 ुू पभु के िाम्े खाली ्ा लउकबा 5 काहे सक इ िब काम आजा के चलुे होखे के बा​ा 6 िम् के बसलदा् सेदी के मोटा करे ला आ ओकर मीठ िुगरि परम भगसा् के िाम्े आसेला​ा 7 नायी आदमी के बसलदा् सीकायव होला​ा आ ओकर सारक कबो ्ा भुलार के पडी. 8 अचा ्जर िे पभु के आदर दीर आ अप्ा हाथ के पसहला फल के कम मु करीरा 9 अप्ा िब सरदा् मे हँ िमुख चेहरा दे खाईर आ आप् दिसार सहसा खु्ी िे िमसपवु करऽा 10 परम परमाता के ओइिहीर दे दीर जइिे ऊ ुोहरा के िमृ् कइले बा​ा आ जइिे समलल बा, हँ िमुख ्जर िे दे ा 11 काहे सक पभु के बदला मे ुोहरा के िाु गु्ा दे सदहे ा 12 सरदा् िे भष करे के मु िोचीरा काहे सक ऊ अइि्का बसलदा् ्ा पइहे आ अिमव बसलदा् पर भरोिा मु करीहे . काहे सक पभु नायी हउसे आ ओकरा िाथे कस्ो वदय के कस्ो आदर ्इखे. 13 ऊ कस्ो गरीब आदमी के दखलाफ केह के सीकार ्ा करी, बलुक दबल-कुचलल लोग के पाथव्ा िु्ीा 14 ऊ अ्ाथ लोग के स्होरा के सुरसार ्ा करीा ्ा ससिसा, जब ऊ आप् स्कायु उसझलु सबया​ा 15 का ससिसा के गाल िे लोर ्ा बहु बा? आ का ओकर पुकार ओह आदमी के दखलाफ ्इखे जस् ओह लोग के सगरासेला?

16 जे पभु के िेसा करे ला, ओकरा के कृपा िे सीकार कइल जाई आ ओकर पाथव्ा बादल ुक पहँ च जाईा 17 सस्म लोग के पाथव्ा बादल के छे दे ला, जब ुक उ ्जदीक ्ा आई, ुब ुक ओकरा सदलािा ्ा समलीा आ जबले परम परम आदमी िासमवक नाय करे आ नाय करे के ्ा दे दखहे ुबले ्ा चलीा 18 काहे सक पभु ुब ुक ढील ्ा होई आ ्ा ही पराकमी ओह लोग के पसु िैयव रखी, जब ुक सक उ स्दव य लोग के कमर ्ा मार के गैर-यहदी लोग के बदला ्ा सदहीा जबले ऊ घमरडी लोग के भीड ्ा हटा दीहे आ अिम् लोग के राजदर ड ्ा ुू ड दीहे . 19 जबले ऊ हर आदमी के अप्ा काम के सहिाब िे आ आदमी के काम के उ्के चाल के सहिाब िे ्ा दे दीहे ा जबले ऊ अप्ा लोग के मुदा के फैिला ्ा कर लेस आ ओह लोग के अप्ा दया मे खु् ्ा कर दीहे . 20 दया दु ःख के िमय मे मौिमी होला, जइिे िूखा के िमय बरखा के बादल होला​ा अध्य 36 1 हे िबके परमेशर पभु, हम्ी पर दया करऽ आ हम्ी के दे खऽा 2 आऊ आप् डर ओह िब राष्​् पर भेज दीर जस् ुोहार खोजु ्इखेा 3 परदे िी राष्​् के दखलाफ आप् हाथ उठाईर आ ओह लोग के ुोहार ्दय दे खे दीरा 4 जइिे ुू हम्ी मे उ्करा िे पसहले पससत भइल रहलू, ओइिहीर ुू हम्ी के िाम्े ओह लोग के बीच मे महा् हो जा​ा 5 आउर उ लोग ुोहरा के ओइिहीर जा्ि जइिे हम्ी के ुोहरा के जा्ु बा्ी जा सक हे भगसा्, खाली ुोहरे के अलासा कस्ो भगसा् ्इख्ा 6 ्या चमतार दे खाईर आ अउरी अजीबोगरीब चमतार करीर, अप्ा हाथ आ दासह्ा बाँ सह के मसहमा करऽ ुासक ऊ लोग ुोहार चमतार के काम के िाम्े आ िकेा 7 कोि पैदा करऽ आ कोि उझडऽ, ससरोिी के दू र करऽ आ दु श् के ्ा् करऽा 8 िमय कम करे खासुर, साचा के याद करऽ आ ुोहार अचरज के काम बुासेा 9 जे बच जाला ऊ आग के कोि िे भस हो जासा आ ज्ुा के अताचार करे साला लोग के ्ा् होखेा 10 गैर-यहदी के ्ािक् के सिर के फाड दीर, जस् कहु बा सक हम्ी के छोड के दोिर केह ्इखेा 11 याकूब के िब गोत के रकटा कर के ुू ओह लोग के उ्रासिकारी ब् लीर, जइिे सक ्ुर िे भइल रहे ा 12 हे पभु, ओह लोग पर दया कर, जेकरा के ुोहार ्ाम िे बोलासल जाला, आ इसारल पर, जेकरा के ुू अप्ा पसहला बचा के ्ाम रखले बाडूा 13 हे यर्लेम पर दया कर, ुोहार पससत ्गर, ुोहार ससशाम यला 14 सियो् के आप् अकथ्ीय बाु िे भर दीर आ अप्ा लोग के आप् मसहमा िे भर दीरा


15 जस् लोग के ुोहरा ्ुर िे समलल बा ओकरा के गसाही दीर आ जस् भससषसया लोग ुोहरा ्ाम िे रहल बा ओकरा के खडा करऽा 16 जे लोग ुोहार इर ुजार करु बा ओकरा के इ्ाम दीर आ ुोहार भससषसया लोग के सफादार पासल जासा 17 हे पभु, अप्ा लोग पर हार् के आ्ीष के अ्ुिार अप्ा िेसक् के पाथव्ा िु्, ुासक िरुी पर रहे साला िब लोग जा् िके सक ुू पभु, अ्न परमेशर हईा 18 पेट िब भोज् के खा जाला, लेसक् रक भोज् दू िरा िे बेहुर होखेला​ा 19 जइिे ुालू मे ुरह ुरह के सहर् के मार ि के साद समलेला, ओइिहीर झूठा बाु के िमझे साला सदल भी करे ला​ा 20 दखसियाइल सदल भारीप् पैदा करे ला, लेसक् अ्ुभसी आदमी ओकर बदला सदहीा 21 मेहरार हर मरद के गहर करी, लेसक् रक बेटी दू िरा िे बेहुर होलेा 22 मेहरार के िुरदरुा चेहरा के खु् करे ला आ आदमी के रकरा िे बसढया कुछु ओ ्ा पिरद होला​ा 23 अगर ओकरा जीभ मे दयालु​ुा, ्मुा आ सदलािा बा ु ओकर पसु दोिरा आदमी स्ह् ्ईख्ा 24 जे पती पासेला, ऊ आप् िरपस्, अप्ा जइि् िहायुा आ आराम के खरभा ्ुर करे ला​ा 25 जहाँ हे ड ्ा होखे, उहाँ के िरपस् लूट जाला, आ जेकर मेहरार ्ा होखे, उ ्ोक म्ासु ऊपर ्ीचे भटक जाईा 26 के भरोिा करी सक रगो चोर के भरोिा करी, जस् सक रगो ्हर िे दू िरा ्हर मे उछलु बा? जस्ा आदमी के घर ्इखे आ राु मे जहाँ भी ठहरल बा, ओकरा पर के ससशाि करी? अध्य 37 1 हर दो् कहे ला सक हम ओकर दो् भी हईर, लेसक् रगो दो् बा, जस् ्ाम िे खाली दो् हा 2 का ई मौु के दु ख ्ा ह, जब कस्ो िाथी आ दो् दु श् के ओर मुड जाला? 3 हे दु ष कल्ा, ुू कहाँ िे िरुी के िोखा िे ढँ के आइल बाडू? 4 रगो िाथी बा, जस् दो् के िमृद् मे खु् होला, लेसक् िरकट के िमय ओकरा दखलाफ होईा 5 रगो िाथी बा, जस् अप्ा दो् के पेट खासुर मदद करे ला आ दु श् के दखलाफ बकिुआ उठासेला​ा 6 अप्ा दो् के म् मे मु भुला जा, आ अप्ा ि् मे ओकरा िे बेपरसाह मु होखा 7 हर िलाहकार िलाह के बडाई करे ला​ा लेसक् कुछ लोग बा जे अप्ा खासुर िलाह दे सेला​ा 8 कस्ो िलाहकार िे िासिा् रहीर आ पसहले िे जा् लीर सक ओकरा कस् जररु बा; काहे सक ऊ अप्ा खासुर िलाह दीहे . कहीर ऊ ुोहरा पर सचटी मु डाल दे स. 9 ुोहरा िे कहऽ सक ुोहार रा्ा बसढया बा, आ ओकरा बाद ऊ दू िरा ओर खडा होके दे खऽ सक ुोहरा का होईा 10 जेकरा ुोहरा पर ्क होखे ओकरा िे िलाह मु लीर, आ जे ुोहरा िे ईषाव करे साला लोग िे आप् िलाह सछपाईरा

11 जेकरा िे ऊ ईषाव करे ले , ओकरा के छूसे साला मेहरार िे िलाह मु लीरा ्ा ु यु् के मासमला मे कायर के िाथे; ्ा ही कस्ो वापारी के िाथे आदा्-पदा् के बारे मे; ्ा ही बेचे के खरीददार के िाथे ; ्ा ही कस्ो ईषाव लु आदमी के िाथेा ्ा ही दयालु​ुा के छूसे साला स्दव य आदमी के िाथेा ्ा ही कस्ो काम खासुर आलिी लोग के िाथे; ्ा ही कस्ो सकराया पर लेसे साला के िाथे रक िाल के काम खुम करे खासुर; ्ा ही कस्ो बेकार िेसक के िाथे , कस्ो बाु मे रह लोग के बाु मु िु्ीा 12 लेसक् लगाुार रगो भदयमा् आदमी के िरगे रहीर, जेकरा के ुू पभु के आजा के पाल् करे के जा्ु बाडू, जेकर म् ुोहरा म् के मु​ुासबक बा असुरी अगर ुू गभवपाु हो जाई ु आपके िरगे दु खी होईा 13 आ ुोहरा म् के िलाह खडा होखे, काहे सक ुोहरा खासुर ओकरा िे जादा सफादार केह ्इखेा 14 काहे सक आदमी के म् मे कबो-कबो ओकरा के िाु िे असिका चौकीदार बुासे के आदु होला जस् ऊपर रगो ऊँच बुजव मे बईठल बाडे ा 15 रह िब िे बढ के परमाता िे पाथव्ा करीर सक ऊ ुोहार रा्ा िचाई िे स्द् स्ु करिा 16 हर काम मे ुकव के आगे बढे के चाहीर आ हर काम िे पसहले िलाह दे से के चाहीरा 17 चेहरा सदल के बदले के स्​्ा्ी हा 18 चार ुरह के बाु लउकेला: अचाई, बुराई, जीस् आ मौु, लेसक् जीभ ओकरा पर लगाुार राज करे लेा 19 रगो अइि् आदमी बा जे बुद्मा् बा आ बहु लोग के सिखासेला, लेसक् सफर भी अप्ा खासुर बेमुलब बा​ा 20 रगो अइि् आदमी बा जे बाु मे बुद् दे खासेला आ ओकरा िे घृरा होला, ऊ िब भोज् िे सरसचु हो जाईा 21 काहे सक पभु के ओर िे अ्ुगह ्ा सदहल जाला, काहे सक उ िब बुद् िे सरसचु बा​ा 22 दोिर अप्ा खासुर बुद्मा् होला​ा आ िमझ के फल उ्का मुँह मे िराह्ीय बा​ा 23 बुद्मा् आदमी अप्ा लोग के सिखासेला​ा आ ओकर िमझ के फल ्ा खुम होला​ा 24 बुद्मा् आदमी आ्ीष िे भरल होईा आ ओकरा के दे खे साला िभे ओकरा के खु् मा्ीा 25 आदमी के जीस् के सद् सग्ल जा िकेला, लेसक् इसारल के सद् अ्सग्ु बा​ा 26 बुद्मा् आदमी के अप्ा लोग के बीच मसहमा समल जाई आ ओकर ्ाम हमे्ा खासुर ब्ल रहीा 27 बेटा, अप्ा जीस् मे आप् जा् के परख के दे खऽ सक ओकरा खासुर का बुरा बा, आ ओकरा के ऊ मु दीरा 28 काहे सक िब कुछ िब आदमी खासुर फायदे मरद ्ा होला आ ्ा ही हर आदमी के हर चीज मे पिनुा होला​ा 29 कस्ो सासदष चीज मे अुृ प मु होखऽ आ ्ा ही भोज् के ढे र लालची होखऽा 30 काहे सक असिका भोज् िे बेमारी होला आ भरपूर माता मे खजा्ा हो जाला​ा 31 असु्योदय िे बहु लोग के ्ा् हो गइल बा​ा बासकर जे धा् राखेला ऊ आप् उसमर लमहर करे ला.


अध्य 38 1 कस्ो सैद के ओह आदर िे आदर करीर जस् ओकरा िे समले साला काम खासुर ओकरा िे हो िकेला, काहे सक पभु ओकरा के ब्सले बाड्ा 2 काहे सक परम परमाता िे चरगाई आसेला आ ओकरा राजा के आदर समल जाईा 3 सैद के ह्र ओकर माथा ऊपर उठाई आ बडका लोग के ्जर मे ओकर प्रिा हो जाईा 4 पभु िरुी िे दसाई ब्सले बाड्ा आ जे बुद्मा् बा ऊ ओह लोग िे घृरा ्ा करी. 5 का पा्ी के लकडी िे मीठ ्ा कइल गइल रहे सक ओकर गुर के बारे मे पुा चल िके? 6 उ आदमी के ह्र दे ले बाडे ुासक उ अप्ा अदे भु​ु काम मे िमास्ु हो िकेा 7 अइि् आदमी के ठीक करे ला आ ओकर पीडा दू र करे ला​ा 8 अइि्े दसाई ब्ासे साला समठाई ब्ासेला​ा आ उ्कर काम के कस्ो अरु ्इखेा आ ओकरा िे पूरा िरुी पर ्ार सु बा​ा 9 हे बेटा, ुोहरा बेमारी मे लापरसाह मु हो, लेसक् पभु िे पाथव्ा कर, उ ुोहरा के ठीक कर सदहे ा 10 पाप छोड के आप् हाथ ठीक िे वसदयु करऽ आ अप्ा म् के िब बुराई िे िाफ करऽा 11 मीठ िुगरि आ मही् आटा के याद सदला दीरा आ मोट चढासे के चढाई, जइिे सक ्ा होखेा 12 ुब सैद के जगह दे द, काहे सक पभु ओकरा के ब्सले बाडे , ओकरा के ुोहरा िे मु जार दीर, काहे सक ुोहरा ओकर जररु बा​ा 13 रगो िमय होला जब ओह लोग के हाथ मे बसढया िफलुा होला​ा 14 काहे सक उ लोग पभु िे भी पाथव्ा करीहे सक उ उहे चीज के िमृ् करि, जस् उ लोग जीस् के लरबा करे खासुर िहजुा आ उपाय खासुर दे सेलेा 15 जे अप्ा ब्ासे साला के िाम्े पाप करे ला, उ सैद के हाथ मे पड जारा 16 हे बेटा, मुअल लोग पर लोर सगर के ससलाप करे लागे , जइिे ुोहरा बहु ्ुकिा् भइल होखेा आ फेर ओकरा ला् के ररसाज का सहिाब िे ढँ क दीर आ ओकरा के दफ्ासे के अ्दे खी मु करीर. 17 कडुआ रोईर, आ बहुे कराहऽ, आ ससलाप के पयोग करीर, जइिे सक ऊ लायक बा, आ रक-दू सद्, कहीर ुोहरा पर बुराई मु बोलल जास, आ ुब अप्ा भारीप् खासुर अप्ा के सदलािा दीरा 18 काहे सक भारीप् िे मौु आसेला आ सदल के भारीप् ुाकु के ुोड दे ला​ा 19 दु ख मे भी दु ख ब्ल रहे ला आ गरीब के जीस् सदल के असभ्ाप हा 20 कस्ो भारी बाु के सदल मे मु राखीर, ओकरा के भगाईर, आ अरसुम छोर के िदस ब्ाईरा 21 रकरा के मु भुलाईर, काहे सक कस्ो मुडल ्इखे, ुू ओकर भलाई ्ा करब, बलुक अप्ा के चोट पहर चाईा

22 हमार फैिला के याद करऽ, काहे सक ुोहार भी अइि्े होईा काल हमरा खासुर, आ आज ुोहरा खासुरा 23 जब मुअल आराम कर लेस ु ओकर इयाद आराम करे ा आ जब ओकर आता ओकरा िे दू र हो जाई ु ओकरा खासुर सदलािा समल जाईा 24 ससदा् के बुद् फुरिु के मौका िे समलेला आ जेकर कम काम बा ऊ बुद्मा् हो जाईा 25 ऊ बुद् कइिे समल िकेला जस् हल पकडे ला आ चोरच मे घमरड करे ला, बैल के भगासेला आ अप्ा मेह्ु मे व् होखे आ जेकर बाु बैल के बाु होखे? 26 ऊ खररहा् ब्ासे मे आप् म् दे ु बा​ा आ गाइ् के चारा दे से मे लग् िे काम करे ला​ा 27 रही िे हर बढई आ कामगार, जे राु-सद् मेह्ु करे ला, आ मुहर काट के कब के काम करे साला, बहु ुरह के सबम ब्ासे मे लागल रहे ला, आ ्कली मूसुव के काम पूरा करे खासुर जागरक रहे ला​ा 28 लोहार भी स्हाई के लगे बइठ के लोहा के काम पर ससचार करु आग के साष ओकर मार ि के बबाव द कर दे ला आ भटी के गम् िे लडु रहे ला, हथौडा आ स्हाई के आसाज ओकरा का् मे हमे्ा रहे ला आ ओकरा का् मे आँ ख दयर रप िे ओह चीज के पैट्व के दे खु बा जस् ऊ ब्सले बा​ा ऊ आप् काम पूरा करे के म् ब्ासेला आ ओकरा के पूरा ुरह िे चमकासे मे दे खु रहे ला. 29 ओइिहीर कुमार अप्ा काम मे बइठल आ गोड िे चका घुमासेला, जे हमे्ा अप्ा काम मे िासिा्ी िे सटकल रहे ला आ आप् िब काम सग्ुी के सहिाब िे करे ला​ा 30 ऊ अप्ा बाँ सह िे माटी के गढे ला आ अप्ा गोड के िोझा आप् ुाकु झुकासेला​ा ऊ ओकरा के ्ेुृत करे खासुर अप्ा के लगा दे ला; ऊ भटी के िाफ करे मे लग् िे काम करे ला​ा 31 ई िब लोग अप्ा हाथ पर भरोिा करे ला आ हर केह अप्ा काम मे बुद्मा् होला​ा 32 रह लोग के सब्ा कस्ो ्हर मे आबादी ्ा हो िकेला आ ऊ लोग जहाँ म् करे उहाँ ्ा रह पाई आ ्ा ऊपर-्ीचे जाईा 33 उ लोग के िासवजस्क िलाह मे ्ा खोजल जाई, ्ा मरडली मे ऊँच बईठल जाई, ्ा उ लोग नायािी् के िीट प बईठे के होई, ्ा नाय के िजा के िमझे के होईा आ जहाँ दषार ु कहल जाला उहाँ उ लोग ्ा समलीा 34 लेसक् उ लोग दु स्या के हालु के कायम राखीहे असुरी उ्ुकर िभ इचा उ्ुका कारीगरी मे बा​ा अध्य 39 1 जे परम परमाता के वसया मे आप् म् दे ु बा आ ओकरा म्​् मे व् बा, ऊ िब पाची् लोग के बुद् के खोज करी आ भससषसारी मे व् रहीा 2 ऊ ्ामी लोग के बाु के पाल् करीहे आ जहाँ िूक दषार ु बा, उहाँ उहाँ भी रहीहे ा 3 ऊ गरभीर साक् के रहस के खोज करीहे आ अनार दषार ु् िे पररसचु रहीहे ा


4 ऊ बडका-बडका लोग के बीच िेसा करी आ राजकुमार् के िाम्े पे् होई, ऊ परदे िी दे ्​् मे घूमीा काहे सक ऊ आदमी के बीच ्ीम् आ बुराई के परखले बा. 5 ऊ आप् म् जली िे अप्ा के ब्सले पभु के िहारा लेबे आ परम परमेशर के िाम्े पाथव्ा करी आ पाथव्ा मे आप् मुँह खोल के अप्ा पाप खासुर सस्ुी करीा 6 जब महा् पभु के इचा होई ु उ िमझ के आता िे भरल होई, उ बुद्मा्ी के साक उझली असुरी अप्ा पाथव्ा मे पभु के िनसाद सदहीा 7 ऊ आप् िलाह आ जा् के स्द् स्ु करी आ अप्ा रहस मे म्​् करीा 8 ऊ जस् कुछ िीखले बा ओकरा के बुाई आ पभु के साचा के वसया पर घमरड करीा 9 बहु लोग उ्कर िमझ के ुारीफ करीहे ा आ जबले दु स्या सटकल रही ुबले ओकरा के ्ा समटासल जाई. ओकर सारक ्ा चली आ ओकर ्ाम पीढी दर पीढी सजरदा रहीा 10 राष् ओकर बुद् बुाई आ मरडली ओकर ्ुसु करीा 11 अगर उ मर जाई ु हजार िे भी बड ्ाम छोड सदही असुरी जदी उ सजरदा होई ु ओकरा के बढा सदहीा 12 ुबो हमरा अउरी कुछ कहे के बा जस् हम िोचले बा्ीा काहे सक हम चरदमा स्ह् भरल बा्ीा 13 हे पससत लइका, हमार बाु िु्ीर आ खेु के िार के सक्ारे उगे साला गुलाब के फूल स्यर कली पैदा करीरा 14 लोबा् जइि् मीठ िुगरि दीर आ कुमुद स्यर प्प जा, गरि भेजीर आ ्ुसु के गीु गाईर, पभु के हर काम मे आ्ीष दीरा 15 ओकर ्ाम के बडाई करीर आ आप् होठ के गीु आ सीरा िे ओकर ्ुसु करीर आ ओकर ्ुसु मे ुू लोग रही ुरह िे कहबा 16 पभु के िब काम बहुे बसढया होला आ ऊ जस् भी आजा दीहे ऊ िमय पर पूरा हो जाईा 17 केह ्ा कह िकेला सक ई का ह? काहे अइि् बा? काहे सक िमय पर ओह िब के खोजल जाई, उ्कर आजा पर पा्ी ढे र स्यर खडा हो गइल आ उ्कर मुँह के बाु पर पा्ी के बुव ् ब् गइला 18 उ्कर आजा पर उहे काम होला जस् ओकरा के म् करे ला​ा आ केह बािा ्ा डाल िकेला, जब ऊ बचास करी. 19 िब म्ुष के काम ओकरा िाम्े बा, आ ओकरा आँ ख िे कुछु ओ सछपल ्ईखे जा िकुा 20 ऊ अ्न िे अ्न ुक दे खु रहे ला​ा आ ओकरा िोझा कस्ो अदे भु​ु बाु ्इखे. 21 आदमी के ई कहे के जररु ्इखे सक ई का ह? काहे अइि् बा? काहे सक ऊ िब कुछ ओह लोग के काम खासुर ब्सले बाड्. 22 उ्कर आ्ीष िूखल जमी् के ्दी स्ह् ढर क सदहलि असुरी बाढ के रप मे पा्ी सदहलिा 23 जइिे ऊ पा्ी के ्मकी् ब्ा सदहले बा, ओइिहीर गैरयहदी लोग ओकर कोि के उ्रासिकारी होईा 24 जइिे उ्कर रा्ा पससत लोग खासुर िाफ बा​ा ओइिहीर ऊ दु ष् खासुर ठोकर ह. 25 काहे सक ्ीम् चीज ्ुर िे ब्ल बसढया चीज ह, पापी लोग खासुर भी बुरा चीज हा

26 आदमी के जीस् के पूरा उपयोग खासुर मुय चीज बा पा्ी, आग, लोहा आ ्मक, गेहर के आटा, ्हद, दू ि आ अरगूर के खू्, ुे ल आ कपडा​ा 27 ई िब बाु भदय करे साला लोग खासुर भलाई खासुर होला, रही िे पापी लोग खासुर ई बुराई मे बदल जाला​ा 28 अइि् आता लोग बा जस् बदला लेसे खासुर ब्ासल गइल बा, जस् अप्ा कोि मे बहु चोट पर पडल रहे ला​ा सस्ा् के िमय मे उ लोग आप् ुाकु उसझल दे सेले असुरी ओकरा के ब्ासे साला के कोि के ्ार ु करे लेा 29 आग, ओला, अकाल आ मौु, इ िब बदला लेसे खासुर ब्ासल गईल बा​ा 30 जरगली जा्सर् के दाँ ु, सबचू, िाँ प आ ुलसार जस् दु ष् के सस्ा् के िजा दे ु रहे ा 31 उ लोग उ्कर आजा पर खु् हो जइहे आ जररु पडला पर िरुी पर ुइयार हो जइहे ा आ जब उ्कर िमय आ जाई ु उ्कर सच् के उलरघ् ्ा करीहे ा 32 रही िे हम ्ुर िे ही िोचले रह्ी आ इ िब बाु पर िोचु रह्ी आ सलदखु रप मे छोड दे ले बा्ीा 33 पभु के िब काम अचा होला आ उ िमय पर हर जररु के चीज दे सदहे ा 34 रह िे केह ई ्ा कह िके सक, ‘ई ुऽ रकरा िे भी बुरा बा, काहे सक िमय के िाथ उ िब लोग के म् मे आगाज हो जाईा 35 रही िे पूरा म् आ मुँह िे पभु के ्ुसु करीर आ पभु के ्ाम के आ्ीष करीरा अध्य 40 1 हर आदमी खासुर बडह् पिस पैदा होला आ आदम के बेटा लोग पर भारी जुआ बा, जब िे ऊ लोग अप्ा माई के पेट िे बाहर स्कलेला, ुब ुक जब ऊ िब कुछ के महुारी के लगे लसट आसेला​ा 2 आसे साला चीज् के बारे मे उ्कर कल्ा आ मौु के सद् उ्कर ससचार के परे ्ा् करे ला आ सदल के डर पैदा करे ला​ा 3 जे मसहमा के सिरहाि् पर बइठल बा, ओकरा िे लेके जे िरुी आ राख मे ्म हो गइल बा​ा 4 बैग्ी आ मुकुट पसहरे साला िे लेके सल्​् के कपडा पसह्ले ुका 5 कोि, ईषाव , परे ्ा्ी आ अ्ार सु, मौु के डर, कोि आ झगडा आ सबछौ्ा पर आराम के िमय ओकर राु के ्ीरद ओकर जा् बदल दे ला​ा 6 ु्ी-म्ी आराम बा, आ ओकरा बाद ऊ ्ीरद मे बा, जइिे सक चौकि के सद् मे, अप्ा सदल के द्व् मे परे ्ा् हो जाला, जइिे सक ऊ कस्ो लडाई िे बच गइल होखेा 7 जब िब कुछ िुरसकु हो जाला ु ऊ जाग जाला आ अचरज मे पड जाला सक डर कुछु ओ ्ा रहे ा 8 अइि् बाु िब म्ुष के िाथे होला, आदमी आ जा्सर के िाथे, आ पापी लोग पर ई िाु गु्ा असिका होला​ा 9 मौु, खू्-खराबा, झगडा, ुलसार, ससपस्, अकाल, कष आ कोडा​ा 10 ई िब दु ष् खासुर ब्ासल गइल बा आ ओह लोग खासुर जलपलय आइला


11 िरुी के िब चीज फेर िे िरुी के ओर मुड जाई, आ पा्ी के िब कुछ िमुरदर मे सापि आ जाईा 12 घूि आ अनाय के िब समटा सदहल जाई, लेसक् िचा वसहार हमे्ा खासुर ब्ल रहीा 13 अिम् के माल ्दी स्ह् िूख जाई असुरी बरखा मे ुे ज गरज स्ह् ्ोरगुल िे गायब हो जाईा 14 जबले ऊ आप् हाथ खोली ुबले ऊ आ्दनु होखी आ अपरािी लोग के ्ा् हो जाई. 15 अभय के लइका बहु डाढ ्ा पैदा करीहे , बलुक कठोर चटा् पर अ्ु् जड स्यर हो जइहे ा 16 ्दी के हर पा्ी आ सक्ारे उगे साला खरपुसार के िब घाि के िाम्े खीरच सलहल जाईा 17 भरपाई रगो बहु फलदार बगीचा स्यर होला आ दया हमे्ा खासुर ब्ल रहे ला​ा 18 मेह्ु कइल आ आदमी के लगे जस् चीज बा ओकरा िे िरुोष कइल मीठ जीस् ह, लेसक् जे खजा्ा पासेला ऊ दु ्ोर िे ऊपर बा​ा 19 लइका-लइकी आ ्हर के स्माव र आदमी के ्ाम ब्ल रहे ला, लेसक् स्द्ष पती के सग्ुी दु ्ो िे ऊपर होखेला​ा 20 ्राब आ िरगीु सदल के खु् करे ला, लेसक् बुद् के पेम दु ्ो िे ऊपर बा​ा 21 ्ली आ भज् मीठ राग ब्ासेला, लेसक् दु ्ो के ऊपर रगो िुखद जीभ बा​ा 22 ुोहार आँ ख अ्ुगह आ िुरदरुा के चाहु ह, लेसक् हररयर होखे के दौरा् दु ्ो िे जादा खाईा 23 दो् आ िाथी कबो गलु ्ा समलेला, लेसक् दु ्ो के ऊपर पती अप्ा पसु के िरगे होखेला​ा 24 भाई लोग आ िहायुा ससपस् के िमय के दखलाफ बा, लेसक् सभका दु ्ो िे जादा बचास करीा 25 िो्ा चार दी िे गोड के मजबूुी समलेला, लेसक् िलाह दु ्ो िे जादे मा्ल जाला​ा 26 ि् आ ुाकु सदल के ऊपर उठासेला, लेसक् पभु के डर दु ्ो िे ऊपर बा, पभु के डर मे कस्ो कमी ्ईखे असुरी ओकरा मदद के मार ग करे के जररु ्ईखेा 27 पभु के भय रगो फलदार बगइचा ह, आ ओकरा के िब मसहमा िे ऊपर ढर क दे ला​ा 28 हे बेटा, सभखारी के जा् मु लीरा काहे सक भीख मार गे िे बसढया बा सक मरल जास. 29 जे दोिरा के मेज पर स्भवर बा ओकर जा् रक जा् के रप मे ्ा सग्ल जा िकेला​ा काहे सक ऊ दोिरा के भोज् िे अप्ा के गरदा करे ला, बासकर बुद्मा् आदमी जेकरा के बसढया िे पोिल जाला, ओकरा िे िासिा् रहे ला​ा 30 बे्मव के मुँह मे भीख मार गल मीठ होला, लेसक् ओकरा पेट मे आग जरे ला​ा अध्य 41 1 हे मौु, जे आदमी अप्ा िमस् मे आराम िे सजरला, ओकरा खासुर ुोहार याद केु्ा कडुआ बा, जेकरा लगे ओकरा के परे ्ा् करे खासुर कुछु ओ ्इखे आ जेकरा लगे िब कुछ मे िमृद् बा, हँ , जे अभी ुक ले पासे मे िकम बा ओकरा खासुर मार ि!

2 हे मौु, जररुमरद खासुर, आ जेकर ुाकु खुम हो गइल बा, ऊ अब अरसुम युग मे बा, आ िब चीज िे परे ्ा् बा, आ जे स्रा् बा आ िैयव खो सदहले बा, ओकरा खासुर ुोहार िजा सीकायव बा! 3 फाँ िी के िजा िे मु डे रा, ुोहरा िे पसहले के आ ओकरा बाद आसे साला के याद करीरा काहे सक ई िब ्रीर पर पभु के िजा हा 4 आ ुू परमाता के पिनुा के दखलाफ काहे बाडऽ? कब मे कस्ो इद्कसज्​् ्इखे, सक ुू दि िाल, िौ िाल, हजार िाल सजयले बाडूा 5 पापी लोग के िरुा् सघ्ौ्ा िरुा् हसे आ अभय लोग के स्साि मे पररसचु लोगा 6 पापी लोग के िरुा् के ससरािु ्ा् हो जाई आ ओह लोग के िरुा् के हमे्ा खासुर स्रदा हो जाईा 7 लइका-लइकी रगो अभय बाप के स्कायु करीहे, काहे सक उ्करा खासुर उ्करा के स्रदा कइल जाईा 8 हे अभय लोग, ुोह्ी के सिकार बा, जे परम परमेशर के वसया के छोड दे ले बाडऽ! काहे सक अगर ुू लोग बढब ु ुोह्ी के ्ा् हो जाईा 9 अगर ुू लोग पैदा होखब ु ुू लोग असभ्ाप िे पैदा होखब आ अगर ुू मरब ु असभ्ाप ुोहार सहसा होईा 10 िरुी के िब लोग फेर िे िरुी पर मुड जाई, रही िे अभय लोग असभ्ाप िे सस्ा् मे चल जाईा 11 आदमी के ्ोक ओकर ्रीर के बारे मे होला, लेसक् पापी लोग के रगो बुरा ्ाम समटा सदहल जाईा 12 अप्ा ्ाम के धा् राखीरा काहे सक िो्ा के हजार बडह् खजा्ा िे ऊपर ुोहरा िाथे ई बाु ब्ल रहीा 13 अचा जीस् के सद् कम होला, लेसक् अचा ्ाम हमे्ा खासुर ब्ल रहे ला​ा 14 हे लइका लोग, ्ार सु िे अ्ु्ाि् राखीर, काहे सक जस् बुद् सछपल बा आ जस् खजा्ा ्ा लउकु बा, ओकरा दु ्ो मे का फायदा बा? 15 आप् मूखवुा के सछपासे साला आदमी िे बसढया होला जे आप् बुद् सछपासेला​ा 16 रह िे हमरा सच् के अ्ुिार ्सममदा हो जा, काहे सक िब लजा के बरकरार रखल ठीक ्इखेा ्ा ु हर बाु मे रकरा के रकदम िे मरजूर बा​ा 17 बाप-माई के िाम्े सेशासृस् िे ्मव आऊ, आ राजकुमार आ पराकमी के िाम्े झूठ बोलला िे लजा जा​ा 18 नायािी् आ ्ािक के िाम्े अपराि के बारे मेा कस्ो मरडली आ लोग के िाम्े अिमव के; अप्ा िाथी आ दो् के िाम्े अनाय के वसहार के; 19 आउर जस्ा जगह पर ुू पसाि करु बाडू, आउर परमेशर के िचाई आ उ्कर साचा के बारे मे चोरी के बारे मेा आ कोह्ी िे मार ि पर झुकल; आ दे बे आ लेबे के सुरसार के; 20 आ ुोहरा के ्मसार करे साला लोग के िाम्े चुपी िाि केा आ सेशा के दे खे के; 21 आ अप्ा ररशेदार िे मुँह मोडे खासुरा भा कस्ो सहसा भा उपहार ले जार के; भा दोिरा आदमी के मेहरार के टकटकी लगा के दे खल.


22 या सफर अप्ा दािी के िाथे जादा व् होके ओकरा सबछौ्ा के ्जदीक ्ा आसे के चाहीरा भा दो्​् का िोझा डार टु भाषर के; आ सदहला के बाद डार ट मु करऽा 23 या ुू जस् िु्ले बाडू ओकरा के दोहरासे के आ दोबारा बोले केा आ रहस के खुलािा करे केा 24 रही िे ुू िचमुच ्सममदा होखब आ िब लोग के िाम्े अ्ुगह पाईबा अध्य 42 1 रह िब बाु िे ुू लाज मु करऽ आ ओकरा िे केह के पाप करे के सीकार मु करऽा 2 परम परमेशर के वसया आ उ्कर साचा के बारे मेा आ अभय् के िम् ठहरासे खासुर नाय के; 3 अप्ा िाथी आ याती लोग िे सहिाब-सकुाब करे के; भा दो्​् के ससरािु के सरदा् के; 4 िरु​ुल् आ सज् के िटीकुा के; भा बहुे कम समले के; 5 आ वापाररय् के उदािी् सबकी के बारे मे; लइक् के बहु िुिार के; आ कस्ो दु ष ्ौकर के पक के खू् बहासे खासुरा 6 जहाँ दु ष पती होखे, उहाँ पका पाल् ्ीम् होला​ा आ चुप रहऽ, जहाँ कई गो हाथ बा​ा 7 िब चीज् के िरया आ सज् के सहिाब िे दे दीरा आ जस् कुछ ुू दे ु बाडू भा गहर करु बाडू, ओकरा के सलख के सलख दीरा 8 अबुद्मा् आ मूखव आ चरम बूढ लोग के बुासे मे ्मव मु करऽ जे जसा्​् िे झगडा करे ला​ा 9 बाप बेटी खासुर जागु रहे ला, जब केह के पुा ्ा चलेला​ा आ ओकर दे खभाल ्ीरद ले लेला, जब ऊ छोट होखेले, कहीर ऊ अप्ा उसमर के फूल ्ा सबुासेा आ सबयाह हो गइल बा सक कहीर ओकरा िे ्फरु मु होखेा 10 कुरसारीप् मे, कहीर ऊ अप्ा सपुा के घर मे अ्ु् होके गभवसुी ्ा हो जासा आ पसु होखे के चाहीर सक कहीर ऊ अप्ा के गलु वसहार ्ा कर लेस. आ जब ओकर सबयाह हो जाई ु कहीर ऊ बरजर ्ा हो जास. 11 रगो बे्मव बेटी के पका ्जर राखऽ सक कहीर ऊ ुोहरा के दु श्​् खासुर हँ िी के बाु ्ा ब्ा दे स आ ्हर मे ुोहरा के अपमा् ्ा ब्ासे आ लोग के बीच ुोहरा के अपमा् ्ा ब्ासे आ भीड के िाम्े ुोहरा के ्सममदा ्ा कर दे सा 12 हर ्रीर के िुरदरुा के ्ा दे खऽ आ मेहरार लोग के बीच मु बईठऽा 13 काहे सक कपडा िे पुई आ मेहरार िे दु षुा आसेला​ा 14 हम कहु बा्ी सक ्मव आ स्रदा करे साली औरु िे मरद के चरचलुा बेहुर होला​ा 15 हम अब पभु के काम के याद करब आ जस् दे खले बा्ी ओकरा के बुाइबा 16 जस् िूरज रो्​्ी दे सेला, उ िब चीज के दे खु रहे ला असुरी ओकर काम पभु के मसहमा िे भरल बा​ा 17 पभु पससत लोग के आप् िब अदे भु​ु काम के घोषरा करे के असिकार ्इख् सदहले, जस्ा के िसव्दयमा् पभु

मजबूुी िे ुय कइले बाड्, ुासक जस् कुछ भी बा ओकरा के उ्कर मसहमा खासुर यासपु कइल जा िकेा 18 ऊ गसहराह आ सदल के खोजु बा आ ओह लोग के चालाक चाल पर ससचार करे ला काहे सक पभु जस् कुछ जा्ल जा िकेला ओकरा के जा्ु बाड् आ दु स्या के स्​्ा्ी दे खु बाड्. 19 ऊ बीुल आ आसे साला बाु् के बुासेला आ सछपल चीज् के कदम के खुलािा करे ला​ा 20 ओकरा िे कस्ो ससचार ्ा बचेला आ ्ा कस्ो बाु ओकरा िे सछपल बा​ा 21 ऊ अप्ा बुद् के बसढया काम के िजा सदहले बा आ ऊ अ्न िे अ्न ले बा, ओकरा मे कुछ ्ा जोडल जा िके आ ्ा ओकरा के कम कइल जा िके आ ओकरा कस्ो िलाहकार के जररु ्इखे. 22 अरे ओकर िब काम केु्ा सार छ्ीय बा! आ सक आदमी सचरगारी ुक दे ख िकेा 23 ई िब चीज हर काम खासुर सजरदा रहे ला आ हमे्ा खासुर रहे ला आ िब आजाकारी होला​ा 24 िब कुछ रक दू िरा के दखलाफ दोगु्ा बा, उ कस्ो चीज के अपूरव ्ईख् ब्सलेा 25 रगो चीज अचाई के यासपु करे ला सक दोिर चीज, आ ओकर मसहमा के दे ख के के भरल होई? अध्य 43 1 ऊँचाई के घमरड, िाफ आका्, सगव के िुरदरुा, ओकर गौरस्ाली दे खासा के िाथेा 2 िूरज जब पकट होला ु ऊ अप्ा उदय के िमय रगो अदे भु​ु सादयरत के घोषरा करे ला, जस् परम परमाता के काम हा 3 दु पहररया मे ई दे ् के िुखा दे ला आ ओकर जरु गम् के के िहल जा िकेला? 4 भटी उडासे साला आदमी गम् के काम मे लागेला, लेसक् िूरज पहाड के ुी् गु्ा जादा जरा दे सेला​ा आसग के साष के िाँ ि स्काल के, आ चमकदार सकरर भेजु, आँ ख के मद्म कर दे ला​ा 5 रकरा के ब्ासे साला पभु महा् हसेा आ उ्कर आजा पर जलबाजी मे दौडु बा​ा 6 उ चरदमा के िमय के घोषरा खासुर आ दु स्या के स्​्ा्ी खासुर अप्ा िमय मे िेसा करे खासुर ब्सलेा 7 चाँ द िे भोज के स्​्ा्ी ह, जस् पका् ओकर सि्ुा मे कम हो जाला​ा 8 मही्ा ओकरा ्ाम िे बोलासल जाला, जस् बदलुबदलु-बदलु बा, ऊ ऊपर के िे्ा के िाि् ह, आका् के आका् मे चमकु बा​ा 9 सगव के िुरदरुा, ुारा के मसहमा, पभु के ऊँच जगह् पर रो्​्ी दे से साला आभूषरा 10 पससत परमे्े सर के आजा पर उ लोग अप्ा कम मे खडा हो जइहे आ अप्ा घडी मे कबो बेहो् ्ा होईहे ा 11 इर दि्ुष के दे खऽ आ ओकरा के ब्ासे साला के ्ुसु करीरा बहु िुनर बा रकर चमक मेा


12 ऊ आका् के चारो ओर रगो मसहमामरसडु घेरा िे घेरले बा आ परमाता के हाथ ओकरा के मोडले बा​ा 13 ऊ अप्ा आजा िे बफव के सगरासेला आ अप्ा नाय के सबजली ुे जी िे भेज दे ला​ा 14 रही िे खजा्ा खुलेला आ बादल सचरई स्यर उडु बा​ा 15 ऊ अप्ा बडह् ्दय िे बादल के मजबूु कर दे ला आ ओला के पतर छोट हो जाला​ा 16 ओकरा दे ख के पहाड सहल जाला आ ओकरा मज् िे ददक् के हसा बहु बा​ा 17 गरज के आसाज िे िरुी काँ प जाला, ओइिहीर उ्र के ुू फा् आ बसरडर उडु सचरई स्यर बफव के सबखेर दे ला आ ओकर सगरल सटडी के रो्​्ी स्यर होला​ा 18 ओकर उजरुा दे ख के आँ ख अचरसभु हो जाला आ ओकरा बरिाु दे ख के म् अचरज मे पड जाला​ा 19 ऊ ठर ढा भी ्मक स्यर िरुी पर डालेला आ जम के ऊ ुे ज खरभा के चोटी पर पड जाला​ा 20 जब उ्र के ठर डा हसा बहे ला आ पा्ी बफव मे जम जाला ु ऊ हर पा्ी के बटोरला पर सटक जाला आ पा्ी के छाुी के कपडा स्ह् कपडा पसहरे ला​ा 21 ई पहाड् के खा जाला, जरगल के जरा दे ला आ घाि के आग स्यर भस कर दे ला​ा 22 िबके सुव मा् उपाय ह सक िुरि ुे जी िे आसेला, ओि गम् िे ुाजा होखे के बाद आसेला​ा 23 अप्ा िलाह िे ऊ गसहराह के ्ार ु करे ला आ ओकरा मे दीप रोपेला​ा 24 िमुद पर चले साला लोग रकर खुरा बुासेला​ा आ जब हम्ी का का् िे िु्ु बा्ी जा ु ओकरा पर अचरज मे पड जा्ी जा. 25 काहे सक रह मे अजीब आ अदे भु​ु काम होला, जस्ा मे ुरह ुरह के जा्सर आ वे ल ब्ासल गइल बा​ा 26 उ्करा िे उ्कर अरु मे िफलुा समलेला आ उ्कर सच् िे िब कुछ ब्ल बा​ा 27 हम्ी के बहु कुछ बोल िके्ी जा, लेसक् छोट हो िके्ी जा, रही िे कुल समलाके उ िब कुछ हसेा 28 हम्ी के ओकरा के कइिे बढा िके्ी जा? काहे सक ऊ अप्ा िब काम िे बडह् बा. 29 पभु भयासह आ बहु महा् हसे आ उ्कर ्दय अदे भु​ु हा 30 जब ुू लोग पभु के मसहमा करबऽ ु ओकरा के जु्ा हो िके ऊ ऊपर उठाईरा काहे सक अबसहयोर ऊ बहुे असिका होखी आ जब रउरा ओकरा के ऊँच करबऽ ु आप् पूरा ुाकु लगाईर आ थक मु जाईर. काहे सक ुू कबो रु्ा दू र ्ा जा िकेलऽा 31 ओकरा के के दे खले बा सक उ हम्ी के बुासे? आ ओकरा के जइि् बा ओइि् के बढा िकेला? 32 रह िे बडह् बाु अबहीर सछपल बा, काहे सक हम्ी के उ्कर कुछ काम दे खले बा्ी जा​ा 33 काहे सक पभु िब कुछ ब्सले बाड्ा आ भदयमा् के ऊ बुद् दे ले बाड्ा

अध्य 44 1 अब हम्ी के ्ामी आदमी आ हम्ी के ज्म दे से साला पुरखा लोग के ्ुसु करीर जा​ा 2 पभु ्ुर िे ही अप्ा महा् ्दय के दारा उ्करा दारा बहु मसहमा कइले बाड्ा 3 जे लोग अप्ा राज मे राज करु रहले, उ लोग अप्ा ्दय खासुर म्हर रहले, अप्ा िमझ िे िलाह दे ु रहले असुरी भससषसारी करु रहलेा 4 ज्ुा के ्ेुा लोग अप्ा िलाह िे, आ अप्ा ससदा के जा् िे ज्ुा खासुर योग, बुद्मा् आ साकटु लोग के स्द् ् सदहल जाला​ा 5 जइिे सक िरगीु के िु् के पुा चलल, आ सलदखु रप िे शोक िु्ल: 6 अमीर लोग कमुा िे िुिदजु, अप्ा आसाि मे ्ार सु िे रहुा 7 ई िब लोग के पीढी-दर-पीढी आदर-ितार भइल आ अप्ा िमय के मसहमा रहे ा 8 उ लोग मे िे रगो ्ाम छोड के चल गईल बा ुासक उ लोग के ्ुसु के खबर समल िकेा 9 कुछ लोग अइि्ो बा जस्ा के कस्ो सारक ्इखेा जे ्ा् हो गइल बा, जइिे कबो ्ा भइल होखे; आ अइि् हो गइल बा जइिे ऊ लोग कबो पैदा ्ा भइल होखे; आ ओह लोग के बाद के लइका-लइकीा 10 लेसक् इ लोग दयालु आदमी रहले , जेकर िासमवकुा के ्ा भुलासल गईला 11 उ्कर िरुा् के िाथे लगाुार रगो बसढया ससरािु ब्ल रही आ उ्कर िरुा् साचा के भीुर रहीहे ा 12 उ्कर िरुा् आ उ्कर लइका उ्करा खासुर खडा बा​ा 13 उ्कर िरुा् हमे्ा खासुर रह जाई आ उ्कर मसहमा ्ा समटासल जाईा 14 उ्कर ला् ्ार सु िे दफ् हो गइल बा​ा लेसक् उ्कर ्ाम हमे्ा खासुर सजरदा बा​ा 15 लोग आप् बुद् के बारे मे बुाई आ मरडली आप् ्ुसु करीा 16 ह्ोक पभु के खु् कइल् आ उ्कर अ्ुसाद कर सदहल् आ हर पीढी खासुर पयाुाप के उदाहरर ब् गइल्ा 17 ्ूह के सि् आ िम् समलला कोि के िमय मे ओकरा के दु स्या के बदला मे ले सलहल गईला रही िे जब जलपलय आइल ु ऊ िरुी पर अस्ेष के रप मे छोड सदहल गइल्ा 18 उ्करा िाथे अ्न काल के साचा कइल गइल सक जलपलय िे िब ्रीर के ्ा् ्ा होखेा 19 अबाहम बहु लोग के बड सपुा रहले, मसहमा मे उ्ुका जइि् केह ्ा रहे ा 20 ऊ परमाता के वसया के पाल् कइल् आ उ्करा िाथे साचा कइल्ा आ जब ऊ परख भइल ु ऊ सफादार पासल गइल्. 21 रही िे ऊ किम खा के भरोिा सदहल् सक ऊ अप्ा सर्ज मे राष्​् के आ्ीसाव द दीहे आ ओकरा के िरुी के िूरा


स्यर बढा दीहे आ अप्ा सर्ज के ुारा स्यर ऊँच कर दीहे आ ओह लोग के िमुरदर िे िमुद मे उ्रासिकारी ब्ा दीहे . आ ्दी िे लेके दे ि के अरु ुका 22 उ इिहाक के िाथे भी अप्ा सपुा अबाहम के खासुर िब लोग के आ्ीष आ साचा के यासपु कईले असुरी याकूब के सिर प रकरा के सटकसलेा ऊ अप्ा आ्ीसाव द मे ओकरा के सीकार कइल्, आ ओकरा के रगो िरोहर सदहल्, आ आप् सहसा बाँ ट सदहल्; बारह गो गोत मे िे ऊ ओह लोग के अलगा कर सदहल्. अध्य 45 1 उ अप्ा मे िे रगो दयालु आदमी के ले अइले, जेकरा के िब ्रीर के ्जर मे अ्ुगह समलल, उहे मूिा, जे परमेशर आ आदमी के सपय रहले , जेकर सरर िन बा​ा 2 ऊ ओकरा के मसहमामय िरु लोग के जइि् ब्ा सदहल् आ ओकरा के मसहमामरड् कइल् सक ओकर दु श् ओकरा िे डे रा के खडा हो गइल्. 3 ऊ अप्ा बाु िे चमतार के काम बरद कर सदहल् आ राजा लोग के ्जर मे ओकरा के मसहमामरड् कर सदहल् आ अप्ा लोग खासुर रगो आजा सदहल् आ अप्ा मसहमा के कुछ सहसा ओकरा के दे खा सदहल्. 4 उ अप्ा अससशाि आ ्मुा िे ओकरा के पससत कईले असुरी िभ आदमी मे िे उ्ुका के चु्लेा 5 ऊ ओकरा के आप् आसाज िु्सले आ ओकरा के कररया बादल मे ले अइले आ ओकरा के जीस् आ जा् के स्यम के आजा सदहल् सक ऊ याकूब के आप् साचा आ इसारल के आप् नाय सिखासेा 6 उ हार् के ऊपर उठसले, जस् सक उ्ुका स्ह् पससत आदमी रहले, उ लेसी के गोत के उ्ुकर भाई रहलेा 7 उ ओकरा िे अ्न काल के साचा कईले असुरी लोग के बीच मे पुरोसहुाई के काम दे लेा ऊ ओकरा के िुनर आभूषर िे िुनर कइल् आ ओकरा के मसहमा के सस पसहरा सदहल्. 8 उ ओकरा पर पूरा मसहमा रखलेा आऊ ओकरा के िमृ् कपडा, बेि, लमहर सस आ रफोड िे मजबूु कइल्ा 9 ऊ अ्ार आ चारो ओर िो्ा के कई गो घरटी िे घेर सलहल्, ुासक ऊ जाु घरी मरसदर मे आसाज आ आसाज हो िके, जस् सक अप्ा लोग के िरुा् के याद मे होखेा 10 िो्ा, ्ीला रे ्म आ बैग्ी रर ग के पससत सस, कढाई के काम, नाय के छाुी आ उरीम आ थुमीम के िाथा 11 मुडल लाल रर ग के, िूुव मजदू र के काम, मोहर स्ह् उकेरल असुरी िो्ा मे राखल कीमुी पतर, जौहरी के काम, असुरी इसारल के गोत के िरया के मु​ुासबक सारक खाुी उकेरल लेखा 12 ऊ माइटर पर िो्ा के मुकुट रखल्, जस्ा मे पससतुा, िमा् के आभूषर, महर गा काम, आँ ख के इचा, अचा आ िुनर उकेरल रहे ा 13 ओकरा िे पसहले अइि् केह ्ा रहे , ्ा कस्ो पराया आदमी ओकरा के पसहरले रहे , लेसक् खाली ओकर लइका आ ओकर लइका-लइकी हमे्ा खासुर पसहरले रहे ा

14 उ्कर बसलदा् हर सद् दू बेर लगाुार पूरा ुरह िे खुम हो जाईा 15 मूिा उ्करा के पससत कइल् आ पससत ुे ल िे असभषेक कइल्, ई उ्करा आ उ्कर सर्ज खासुर रगो अ्न साचा िे आउर उ्कर सर्ज खासुर ुय कइल गइल जबले आका् ब्ल रही, ुासक उ लोग उ्कर िेसा करि आ पुरोसहुाई के पद के स्षाद् करिा आ ओकरा ्ाम िे ज्ुा के आ्ीसाव द दीरा 16 उ अप्ा लोग खासुर मेल समलाप करे खासुर पभु के बसलदा्, िूप आ मीठ गरि चढासे खासुर सजरदा िब लोग मे िे चु्लेा 17 ऊ ओकरा के आप् आजा आ नाय के स्यम् मे असिकार सदहल् सक ऊ याकूब के गसाही सिखासे आ इसारल के अप्ा स्यम् मे बुासेा 18 परदे िी लोग उ्का दखलाफ िासज् रच के जरगल मे उ्कर बद्ामी कइले, दाथा् आ अबीरो् के पक के लोग आ कोर के मरडली के लोग भी कोि आ कोि िे उ्कर बद्ामी कइलेा 19 ई बाु पभु दे ख के ्ाराज हो गइल् आ उ्कर कोि मे ऊ लोग भस हो गइल आ ऊ ओह लोग पर चमतार कइल् आ आग के लौ िे भस कर सदहल्ा 20 लेसक् उ हार् के अउरी इजुदार ब्ा सदहल् आ ओकरा के रगो िरोहर दे सदहल् आ उ्के पसहला फल ओकरा के बाँ ट सदहल्ा खािकर के उ भरपूर रोटी ुै यार करु रहलेा 21 काहे सक उ लोग पभु के बसलदा् मे िे खाले, जस् उ उ्ुका असुरी उ्ुका िरुा् के दे ले रहलेा 22 लेसक् लोग के दे ् मे उ्कर कस्ो उ्रासिकार ्ा रहे आ ्ा ही उ्कर कस्ो सहसा रहे , काहे सक पभु खुद उ्कर सहसा आ उ्रासिकार हसेा 23 ुीिरा मसहमा मे रसलजाबेथ के बेटा सफ्ेि हउसे, काहे सक उ पभु के भय मे जो् रखले रहले आ म् मे सहमु िे खडा रहलेा 24 रह िे उ्करा िाथे ्ार सु के साचा कइल गइल सक ऊ पससत या् आ अप्ा लोग के मुदखया होखि आ ओकरा आ उ्कर िरुा् के हमे्ा खासुर पुरोसहुाई के गररमा समल जासा 25 यहदा के गोत के सय्ै के बेटा दाऊद के िाथे कइल गइल साचा के अ्ुिार राजा के उ्रासिकार खाली उ्कर सर्ज के होखेा 26 परमेिे सर ुोह्ी के म् मे बुद् दे ि सक हम अप्ा लोग के िासमवकुा िे नाय कर िकीले , ुासक उ्कर भलाई ्ा खुम हो जास आ उ्कर मसहमा हमे्ा खासुर ब्ल रहे ा अध्य 46 1 ईिा बेटा रगो ्ासे यु्​् मे सीर रहल् आ भससषसारी मे मूिा के उ्रासिकारी रहल्, जे परमेशर के चु्ल लोग के बचासे खासुर अप्ा ्ाम के अ्ुिार महा् भइल् आ ओह लोग के दखलाफ उठल दु श्​् के बदला लेु रहल्ा ुासक उ इसारल के ओह लोग के ससरािु मे रख िकेा


2 जब ऊ आप् हाथ उठा के ्हर् पर आप् ुलसार पिारलि ु उ्कर केु्ा मसहमा भइला 3 ओकरा िे पसहले के के अु्ा खडा रहे ? काहे सक पभु खुदे अप्ा दु श्​् के अप्ा लगे ले अइलेा 4 का िूरज अप्ा िाि् िे सापि ्ा चलल? आ का रक सद् दू सद् के बराबर ्ा रहे ? 5 जब दु श् ओकरा पर हर ुरफ दबास डालु रहले ु ऊ परम ऊँच पभु के पुकारु रहलेा आ महा् पभु उ्कर बाु िु् सलहल्ा 6 ऊ पराकमी ओला के पतर िे राष्​् पर जोरदार लडाई कर सदहल् आ बेथ-होरो् के उुरु घरी ऊ ससरोि करे साला लोग के ्ा् कर सदहल् जेहिे सक राष्​् के आप् पूरा ुाकु पुा चल िके काहे सक ऊ पभु के ्जर मे लडु रहले , आ ऊ पराकमी के पीछे -पीछे चल गइला 7 मूिा के िमय मे उ आ यफू् के बेटा कालेब दया के काम कईले सक उ लोग मरडली के ससरोि कईले असुरी लोग के पाप िे रोकले असुरी दु ष के गु्गु्ाहट के ्ार ु कईलेा 8 पैदल चले साला छह लाख लोग मे िे ऊ दु ्ु ज्े के दू ि आ ्हद िे बहु दे ् ुक के िरोहर मे ले आसे खासुर िुरसकु राखल गइला 9 पभु कालेब के भी ुाकु सदहल् जे बुढापा ुक ओकरा िाथे रहल्, रह िे ऊ दे ् के ऊँच जगह् पर घुि गइल् आ ओकर िरुा् ओकरा के िरोहर के रप मे पा सलहल्ा 10 ुासक इसारल के िब लोग ई दे ख िके सक पभु के पीछे चलल अचा बा​ा 11 आउर जज लोग के बारे मे, हर केह के ्ाम िे, जेकर म् सेशा ्ा भइल आ ्ा ही पभु िे हट गइल, ओकर याददाश िन होखेा 12 ओह लोग के हडी अप्ा जगह िे प्प जास आ जेकरा के िमास्ु कइल गइल रहे ओकर ्ाम ओह लोग के लइक् पर ब्ल रहे ा 13 ्मूरल, पभु के भससषसया, जे अप्ा पभु के सपय रहले, रगो राज के याप्ा कईले असुरी अप्ा लोग प राजकुमार के असभषेक कईलेा 14 पभु के स्यम के अ्ुिार उ मरडली के नाय करु रहले असुरी पभु याकूब के आदर करु रहलेा 15 उ्कर सफादारी िे उ रगो िचा भससषसया पासल गईले असुरी उ्ुका सच् िे उ्ुका के द्व् मे ससशािी होखे के बारे मे जा्ल गईला 16 जब उ दू ि सपयासे साला मेम्ा के चढासु रहले ु उ पराकमी पभु के पुकारु रहलेा 17 ुब पभु सगव िे गरजले आ बहु हला िे आप् आसाज िु्सलेा 18 ऊ िोररय् के ्ािक् आ पसल्ीय् के िगरी िरदार् के ्ा् कर सदहल्. 19 ऊ अप्ा लमहर ्ीरद िे पसहले पभु आ उ्कर असभसषय लोग के िाम्े ससरोि कइल् सक हम केह के िामा्, जूुा जइि् ्ा लेले बा्ी, आ केह ओकरा पर आरोप ्ा लगसलिा 20 मरला के बाद ऊ भससषसारी कइल् आ राजा के आप् अरु बुा सदहल् आ भससषसारी मे िरुी िे आप् आसाज उठा के लोग के दु षुा के समटा सदहल्ा

अध्य 47 1 ओकरा बाद ्ाथ् दाऊद के िमय मे भससषसारी करे खासुर उठल्ा 2 जइिे ्ार सु बसल के चब् स्कालल जाला, ओइिहीर दाऊद के इसारल के िरुा् मे िे चु्ल गइला 3 ऊ ्ेर के िाथे जइिे बचा के िाथे खेलु रहले आ भालू के िाथे मेम्ा के िाथे खेलु रहलेा 4 जब उ अभी छोट रहले ु उ रगो सदगज के ्ा मारले रहले ? आ जब ऊ गोसल मे पतर िे हाथ उठा के गोसलयु के घमरड के पीट सदहल् ु का ऊ लोग िे स्रदा ्ा हटा सदहल्? 5 काहे सक उ परम परम पभु के पुकारु रहलेा ऊ अप्ा दासह्ा हाथ मे ुाकु सदहल् सक ऊ ओह पराकमी यो्ा के मार िके आ अप्ा लोग के िीरग खडा कर िके. 6 रही िे लोग दि हजार िे उ्कर आदर कइल आ पभु के आ्ीष मे उ्कर ्ुसु कइल सक ऊ उ्का के मसहमा के मुकुट दे सदहल्ा 7 ऊ हर ुरफ िे दु श्​् के ्ा् कर सदहल् आ अप्ा ससरोसिय् के पसल्ीय् के ्ा् कर सदहल् आ आजु ले ओह लोग के िीरग ुोड सदहल्. 8 उ अप्ा िब काम मे परम पससत के मसहमा के बाु िे ्ुसु कईलेा पूरा म् िे गीु गासु रहले, आ ओकरा के ब्ासे साला िे पार करु रहलेा 9 उ गायक लोग के सेदी के िाम्े रखले, ुासक उ लोग के आसाज िे मीठ िु् बजासे असुरी रोज अप्ा गीु मे ्ुसु गासेा 10 उ ओह लोग के भोज के िुनर ब्ासु रहले आ अरसुम िमय ुक के िमय के कम मे रखले रहले ुासक उ लोग उ्कर पससत ्ाम के ्ुसु करि असुरी भोर िे मरसदर के आसाज दे सेा 11 पभु उ्कर पाप हटा सदहल् आ आप् िीरग के हमे्ा खासुर ऊँच कर सदहल् आ ओकरा के राजा लोग के साचा आ इसारल मे मसहमा के सिरहाि् सदहल्ा 12 ओकरा बाद रगो बुद्मा् बेटा उठल आ ओकरा खासुर ऊ मुय रह गइला 13 िुलेमा् ्ार सु के िमय मे राज कइल् आ िमास्ु भइल्ा काहे सक भगसा् ओकरा चारो ओर िब लोग के ्ार ु कर सदहले सक ऊ अप्ा ्ाम पर घर ब्ा िके आ आप् पससत या् हमे्ा खासुर ुइयार कर िके. 14 जसा्ी मे ुू केु्ा बुद्मा् रहलू आ बाढ के ुरह िमझ िे भरल रहलू ! 15 ुोहार पार पूरा िरुी के ढर क सदहलि आ ओकरा के अनार दषार ु िे भर सदहलऽा 16 ुोहार ्ाम दू र-दू र ुक दीप ुक चल गईला आ अप्ा ्ार सु खासुर ुू सपय रह्ीा 17 ुोहार गीु, कहासु, दषान आ वाया खासुर दे ् ुोहरा पर अचरज मे पड गइला 18 परमेिे सर परमेिे सर के ्ाम िे, जेकरा के इसारल के परमेिे सर कहल जाला, ुू िो्ा के टी् के रप मे बटोर्ी आ चाँ दी के िीिा के रप मे बढा सदह्ीा 19 ुू मेहरार लोग के िाम्े आप् कमर झुका के अप्ा दे ह िे ुोहरा के अिी् कइल गइला


20 ुू आप् इजु के दाग लगा सदह्ी आ अप्ा िरुा् के गरदा कर सदह्ी आ अप्ा लइका-लइकी पर कोि पैदा कर सदह्ी आ अप्ा मूखवुा िे दु खी हो गइ्ीा 21 रह िे राज बँट गइल आ रपैम मे िे रगो ससदोही राज के राज भइला 22 लेसक् पभु कबो आप् दया ्ा छोडीहे , ्ा उ्कर कस्ो काम ्ा् होई, ्ा ही उ अप्ा चु्ल लोग के िरुा् के खुम करीहे , आ जे ओकरा िे पार करे ला ओकर िरुा् के उ ्ा छी् सदहे , आ ओकरा िे दाऊद खासुर रगो जड स्कलला 23 रही ुरे िुलेमा् अप्ा पुरखा लोग के िरगे आराम कईले असुरी उ अप्ा िरुा् मे िे रोबोआम के छोड के चल गईले, जस् सक लोग के मूखवुा असुरी िमझदार ्ा रहे , जस् सक अप्ा िलाह िे लोग के मोड दे लेा ्बाु के बेटा यारोबाम भी रहले, जे इसारल के पाप करसले आ रपैम के पाप के रा्ा दे खा सदहलेा 24 उ लोग के पाप बहु बढ गईल सक उ लोग के दे ् िे भगा सदहल गईला 25 काहे सक उ लोग िब बुराई के खोजु रहले, जब ुक सक बदला उ लोग प ्ा आईला अध्य 48 1 ुब रसलयाह भससषसया आग के रप मे खडा हो गईले असुरी उ्ुकर सच् दीया स्ह् जर गईला 2 ऊ ओह लोग पर बहुे अकाल ले अइल् आ अप्ा जो् िे ओह लोग के िरया कम कर सदहल्. 3 पभु के सच् िे ऊ सगव के बरद कर सदहल् आ ुी् बेर आग भी सगरा सदहल्ा 4 हे रसलयाि, ुोहरा अचरज के काम मे केु्ा िमा् समलल! आ ुोहरा जइि् के मसहमा कर िकेला! 5 ऊ परम परमाता के सच् िे मरल आदमी के मौु िे सजरदा कर सदहल् आ ओकर पार के मुअल लोग के जगह िे सजरदा कर सदहल्ा 6 ऊ राजा लोग के आ िमास्ु लोग के सबछौ्ा िे सस्ा् के ओर ले अइलेा 7 ऊ सि्ाई मे पभु के डार ट िु्ले रहले आ होरे ब मे बदला लेसे के फैिला िु्ले रहलेा 8 उ राजा लोग के असभषेक कईले सक उ बदला लेसे खासुर आ भससषसया लोग के उ्करा बाद िफल होखे खासुर असभषेक कईले| 9 ऊ आग के बसरडर आ आग के घोडा के रथ मे उठासल गइला 10 उ लोग अप्ा िमय मे डार ट के खासुर स्युय रहले, पभु के नाय के कोि के ्ान करे खासुर, ओकरा िे पसहले सक उ कोि मे टू ट जार, आ सपुा के सदल के बेटा के ओर मोड दे से असुरी याकूब के गोत के बहाल करे ा 11 िन हसे उ लोग जे ुोहरा के दे ख के पेम मे िु​ुल बा​ा काहे सक हम्ी के जरर सजरदा रहब जा​ा 12 इसलयाि रहे , जे बसरडर िे ढर कल रहे , आ रसलसियि के आता भरल रहे , जबले उ सजरदा रहले , ुब ुक कस्ो राजकुमार के िाम्े ्ा सहलल असुरी ्ा केह उ्ुका के अिी् क िकु रहे ा

13 कस्ो ्ब ओकरा पर हासी ्ा हो पासला आ उ्कर मरला के बाद उ्कर ला् भससषसारी कइलिा 14 ऊ अप्ा जीस् मे चमतार कइल् आ मरला पर उ्कर काम अदे भु​ु रहला 15 रह िब के चलुे लोग पयाुाप ्ा कइल आ ्ा ही अप्ा पाप िे हट गइल, जबले सक ऊ लोग लूट के अप्ा दे ् िे ्ा ले जाइल गइल आ पूरा िरुी मे सबखरा गइल, ुबसहयो दाऊद के घरा्ा मे रगो छोट लोग आ रगो ्ािक रह गइल : 1ा 16 उ्करा मे िे कुछ लोग उ काम कइल जस् परमेिे सर के म् करे आ कुछ लोग पाप के बढा सदहला 17 इजसकयाह अप्ा ्हर के मजबूु कईले असुरी ओकरा बीच मे पा्ी ले अईले असुरी लोहा िे कडा चटा् के खोद के पा्ी खाुी कुआर ब्सलेा 18 अप्ा िमय मे िे्हे ररब चढ के रबिाि के भेज के सियो् के दखलाफ हाथ उठा के घमरड करु घमरड कईलेा 19 ुब ओह लोग के सदल आ हाथ काँ प गइल आ ऊ लोग पिस िे पीसडु मेहरार स्यर पीडा मे पड गइला 20 लेसक् उ लोग दयालु पभु के पुकार के उ्करा ओर हाथ बढसले, ु ु​ु रुे पससत परमेशर सगव िे उ्कर बाु िु् के रिे के िेसकाई के दारा उ लोग के बचा लेलेा 21 ऊ अशूर के िे्ा के मार सदहल् आ ओकर दू ु ओह लोग के ्ा् कर सदहल्. 22 इजसकयाह उ काम कईले रहले जस् सक पभु के पिरद करु रहले असुरी अप्ा सपुा दाऊद के राह मे मजबूु रहले , जईिे सक इिे भससषसया, जस् सक अप्ा द्व् मे महा् असुरी सफादार रहले , उ्ुका के आजा दे ले रहलेा 23 अप्ा िमय मे िूरज पीछे हट गईल असुरी उ राजा के जीस् लरबा क दे लेा 24 ऊ रगो बसढया आता िे दे खल् सक आदखर मे का होखे साला बा आ सियो् मे ्ोक म्ासे साला लोग के सदलािा सदहल्ा 25 ऊ बुासु रहल् सक का हमे्ा खासुर होखे साला बा, आ गुप बाु भा कबो आसे साला बाुा अध्य 49 1 जोसिया के सरर ओह इत के रच्ा जइि् होला जस् दसाई ब्ासे साला के कला िे ब्ल होला, ई िब मुँह मे ्हद स्यर मीठ होला आ ्राब के भोज मे िरगीु के रप मेा 2 उ लोग के िमाम ुरर मे िही वसहार कइलि आ अिमव के सघ्ौ्ा काम के दू र कर सदहलिा 3 ऊ आप् म् पभु के ओर ले गइल् आ अभय लोग के िमय मे ऊ परमेशर के आराि्ा के यासपु कइल्ा 4 दाऊद, इजसकयाि आ योस्याह के छोड के िब लोग दोषपूरव रहल्, काहे सक ऊ लोग परमाता के स्यम के छोड सदहल आ यहदा के राजा लोग भी अिफल हो गइला 5 रही िे ऊ ओह लोग के असिकार दोिरा के दे सदहल् आ ओह लोग के मसहमा परदे िी जासु के दे सदहल्. 6 सयमवयाह के भससषसारी के अ्ुिार पससत या् के चु्ल ्हर के जरा दे ले असुरी िडक के उजड क दे लेा 7 काहे सक उ लोग उ्करा िे बुराई के स्होरा करु रहले , लेसक् उ रगो भससषसया रहले, अप्ा महुारी के पेट मे


पससत हो गईल रहले , ुासक उ जड िे उखाड के दु खी असुरी ्ा् करिा आ ुासक ऊ भी स्माव र कर िके आ रोप िकेा 8 इजसकरल ही उ मसहमामरसडु द्व् दे खले रहले जस् करब् के रथ पर उ्ुका के दे खल गईल रहे ा 9 काहे सक ऊ बरखा के आकृसु के ्ीचे दु श्​् के सजक करु रहले आ िही जाु लोग के स्द् ् दे ु रहलेा 10 बारह गो भससषसया लोग मे िे याद के आ्ीष समल जास आ ओह लोग के हडी अप्ा जगह िे फेर िे प्प जास, काहे सक ऊ लोग याकूब के सदलािा सदहल आ भरोिा िे बचासला 11 हम्ी के जरोबाबेल के कइिे बढाईब जा? इहाँ ुक सक उ दासह्ा हाथ के स्​्ा् स्ह् रहलेा 12 यूिुदेक के बेटा यी्ु भी अइि्े रहल्, जे ओह लोग के िमय मे घर ब्सले आ पभु खासुर रगो पससत मरसदर ब्सले, जस् अ्न मसहमा खासुर ुइयार कइल गइल रहे ा 13 चु्ल लोग मे ्ीसमया भी रहले , जेकर ्ाम बहु बा, उ हम्ी खासुर सगरल दे साल के खडा कईले, फाटक असुरी िलाख के खडा कईले असुरी हम्ी के खरडहर के फेर िे खडा कईलेा 14 लेसक् िरुी पर ह्ोक जइि् केह के रच्ा ्ा भइला काहे सक ऊ िरुी िे हटा सदहल गइल बा. 15 यूिुफ जइि् कस्ो ्सही ्ा पैदा भइल रहे , ऊ अप्ा भाई लोग के राजपाल, लोग के ठहरास रहे , जेकर हडी के पभु मा्ु रहलेा 16 िेम आ िेु के आदमी के बीच बहु आदर रहे आ आदम के िृसष के हर जीस िे ऊपर रहे ा अध्य 50 1 ओस्या के बेटा ्मौ् महायाजक जे अप्ा जीस् मे घर के मरमु के फेर िे ठीक कईले असुरी मरसदर के गढ ब्सलेा 2 ओकरा दारा ्ीरस िे दु गु्ा ऊँचाई, मरसदर के चारोर ओर दे साल के ऊँच सकला ब्ला 3 उ्करा जमा्ा मे पा्ी लेसे के कुरड िमुरदर स्ह् कमाि मे रहे असुरी पीुल के पेट िे ढर कल रहे ा 4 ऊ मरसदर के दे खभाल कइल् सक ऊ ्ा सगर जास आ ्हर के घेराबरदी िे बचास कइल्ा 5 पससत या् िे बाहर स्कलला पर लोग के बीच मे उ्कर कु्ा आदर भइल! 6 उ बादल के बीच मे भोर के ुारा स्ह् रहले असुरी पूरा होखे के िमय चरदमा स्ह् रहलेा 7 जइिे िूरज परम परमेशर के मरसदर पर चमकु बा आ इर दि्ुष के चमकदार बादल मे रो्​्ी दे ु बा​ा 8 िाल के बिरु मे गुलाब के फूल स्ह्, पा्ी के ्दी के सक्ारे कुमुद के फूल स्ह् असुरी गम् के िमय मे लोबा् के डाढ स्ह्ा 9 िूप मे आग आ िूप के िमा् आ हर ुरह के कीमुी पतर िे ब्ल पीटल िो्ा के बुव ् जइि्ा 10 रगो गोरा जैुू् के पेड स्ह् जस् फल दे सेला असुरी िर के पेड स्ह् जस् बादल ुक बढे ला​ा

11 जब ऊ आदर के सस पसह्ले आ मसहमा के सि्ुा के कपडा पसह्ले रहले ु पससत सेदी पर चढले ु पससतुा के सस के िमा्ज्क ब्ा सदहलेा 12 जब ऊ याजक् के हाथ िे सहसा ले सलहले ु ऊ सेदी के चूला के लगे चारो ओर चारोर ओर चारो ओर खडा होके सलबा्ि मे दे सदार के बचा स्ह् खडा हो गईलेा आ जइिेजइिे ुाड के पेड ओकरा के चारो ओर घेरु रहे ा 13 रही ुरे हार् के िब बेटा अप्ा मसहमा मे आ पभु के बसलदा् अप्ा हाथ मे, इसारल के पूरा मरडली के िाम्े रहलेा 14 ऊ सेदी पर िेसा पूरा कइल् सक ऊ िसव्दयमा् परमाता के बसलदा् के िजा िकेा 15 ऊ आप् हाथ पाला पर बढा के अरगूर के खू् डाल सदहल् आ सेदी के ुलहटी मे रगो िुगरसिु िुगरि उडा सदहल् जस् िबिे ऊँच राजा के िाम्े आ गइल्. 16 ुब हार् के बेटा लोग सचला के चार दी के ु​ु रही बजासु रहे आ परम ऊँच के िाम्े याद करे खासुर बहु आसाज कइला 17 ुब िब लोग जलबाजी मे अप्ा िसव्दयमा् पभु परमाता परमाता के आराि्ा करे खासुर मुँह पर िरुी पर सगर गइला 18 गायक लोग भी अप्ा आसाज िे ्ुसु गासु रहे , बहु ुरह के आसाज के िाथे उहाँ मीठ राग ब्ु रहे ा 19 ुब ुक लोग दयालु के िाम्े पाथव्ा िे परम परम पभु िे स्होरा करु रहे , जब ुक सक पभु के उतस खुम ्ा हो गईल असुरी उ्ुकर िेसा पूरा ्ा हो गईला 20 ुब उ ्ीचे उुर के इसारल के लोग के पूरा मरडली के ऊपर हाथ उठसले ुासक उ अप्ा होरठ िे पभु के आ्ीसाव द दे से असुरी उ्ुका ्ाम प खु् होखेा 21 उ लोग दू िरा बेर आराि्ा करे खासुर झुक गईले ुासक उ लोग परम परमेशर िे आ्ीष पा िके| 22 अब ुोह्ी िभे के परमेशर के आ्ीष दीर, जे हर जगह अचरज के काम करे ला, जे हम्ी के गभव िे ही हम्ी के सद् के ऊपर उठासेला असुरी हम्ी के िरगे अप्ा दया के मु​ुासबक वसहार करे ला​ा 23 उ हम्ी के म् मे आ्न दे सेल् आ इसारल मे हम्ी के सद् मे हमे्ा खासुर ्ार सु समलेा 24 ुासक उ हम्ी के िाथे आप् दया मजबूु करि आ अप्ा िमय पर हम्ी के बचासे! 25 दू ुरह के राष् बा जस्ा िे हमार म् घृरा बा, आ ुीिरा कस्ो राष् ्ा हा 26 िामररया के पहाड पर बइठल लोग, पसल्ीय् के बीच मे रहे साला लोग आ सिकेम मे रहे साला मूखव लोगा 27 यर्लेम के सिराख के बेटा यी्ु रह सकुाब मे िमझ आ जा् के स्का सलखले बाड्, जे अप्ा म् िे बुद् के बहास कइले बाड्ा 28 िन बा जे रह काम मे लागल होईा आ जे ओह लोग के अप्ा म् मे जमा करी ऊ बुद्मा् हो जाई. 29 अगर उ ओह िब के पाल् करी ु उ िब काम मे मजबूु होई, काहे सक पभु के पका् ओकरा के ले जाला, जे भगसा् के भदय करे साला के बुद् दे सेला​ा भगसा् के ्ाम िदा खासुर िन होखेा आमी्, आमी् के बा​ा


अध्य 51 1 सिराक के बेटा ईिा के रगो पाथव्ा​ा हे पभु आ राजा, हम ुोहार िनसाद दे ब, हे हमार उ्ारकुाव परमेशर, ुोहार ्ुसु करबा 2 ुू हमार रकक आ िहायक हउअ आ हमरा ्रीर के सस्ा् िे, स्रदा करे साला जीभ के जाल िे, आ झूठ गढे साला होठ िे बचा के रखले बाडू, आ हमरा ससरोसिय् के दखलाफ हमार िहायक रहल बाडूा 3 ुोहरा ्ाम के दया आ महा्ुा के बहुायु के सहिाब िे हमरा के खार खासुर ुइयार लोग के दाँ ु िे आ हमरा जा् के ुला् करे साला लोग के हाथ िे आ कई ुरह के कष िे बचा लेले बा हम कई्ीर; 4 चारो ओर िे आग के गला घोरटला िे आ ओह आग के बीच िे जस् हम ्ा जरसले रह्ीा 5 ्रक के पेट के गहराई िे, अ्ु् जीभ िे आ झूठ बोल िेा 6 राजा पर अिम् जीभ िे आरोप लगसला िे हमार पार मौु ुक के ्जदीक आ गईल, हमार जा् ्ीचे ्रक के ्जदीक आ गईला 7 उ लोग हमरा के चारो ओर िे घेरले रहले असुरी हमरा मदद करे साला केह ्ा रहे , हम आदमी के मदद के ुला् मे रह्ी, लेसक् केह ्ा रहे ा 8 हे पभु, हम ुोहार दया आ पुरा् काम पर िोच्ी सक ुू अप्ा इर ुजार करे साला लोग के कइिे बचासु बाडू आ दु श्​् के हाथ िे बचासु बाडूा 9 ुब हम आप् स्होरा िरुी िे उठा के मौु िे मुदय के पाथव्ा कइ्ीा 10 हम अप्ा पभु के सपुा पभु िे पुकारु रह्ी सक उ हमरा िरकट के सद् मे आ घमरडी लोग के िमय मे जब कस्ो मदद ्ा रहे ु उ हमरा के ्ा छोडिा 11 हम ुोहार ्ाम के ्ुसु करु रहब आ िनसाद के िाथे ्ुसु गासु रहबा आ रही िे हमार पाथव्ा िु्ल गइला 12 काहे सक ुू हमरा के सस्ा् िे बचा लेले बाडू, आउर बुरा िमय िे बचा दे ले बाडू, रही िे हम ुोहार िनसाद दे ब, ुोहार ्ुसु करब आ ओह लोग के ्ाम के आ्ीसाव द दे ब, हे पभुा 13 जब हम अभी छोट रह्ी, या कबो ससदे ् गईल रह्ी ु हम अप्ा पाथव्ा मे खुल के बुद् के चाहु रह्ीा 14 हम मरसदर के िाम्े ओकरा खासुर पाथव्ा कईले रह्ी असुरी अरु ुक ओकरा के खोजु रहबा 15 फूल िे लेके अरगूर के पाकल ुक हमार म् ओकरा िे खु् हो गईल बा, हमार गोड िही रा्ा प चलल, जसा्ी िे हम ओकरा के खोजु रह्ीा 16 हम आप् का् ु्ी झुका के ओकरा के गहर कइ्ी आ बहु कुछ िीख्ीा 17 हम ओकरा िे फायदा उठस्ी, रहिे हम ओकरा के मसहमा दे ब जे हमरा के बुद् दे सेला​ा 18 हम ओकरा बाद काम करे के इरादा रखले रह्ी, आ हम पूरा म् िे अचा काम के पाल् करु रह्ीा ु हमहँ भसमु ्ा होखबा 19 हमार पार ओकरा िे कुशी कइले बा आ अप्ा काम मे हम िटीक रह्ी, हम आप् हाथ ऊपर के आका् मे बढा के ओकरा बारे मे अप्ा अजा्ुा के ससलाप कइ्ीा

20 हम आप् पार ओकरा लगे सदह्ी आ ओकरा के ्ु्ुा मे पा सलह्ी, हम ्ुर िे ही ओकर सदल ओकरा िे जोडले बा्ी, रहिे हमरा के ्ा छोडल जाईा 21 हमार म् ओकरा के खोजे मे घबरा गईल, रही िे हमरा रगो बसढया िरपस् समल गईल बा​ा 22 पभु हमरा इ्ाम खासुर रगो जीभ दे ले बाडे असुरी हम ओकरा िे उ्ुकर ्ुसु करबा 23 हे अस्सकु लोग, हमरा लगे आ जा, आ ससदा के घर मे रहऽा 24 ुू लोग काहे िीमा बाडऽ, आ ुोह्ी के ई बाु का कहु बाडऽ, काहे सक ुोह्ी के बहु पाि लागल बा? 25 हम आप् मुँह खोल के कह्ी सक सब्ा पईिा के ओकरा के अप्ा खासुर खरीद लीरा 26 आप् गरद् जुआ के ्ीचे राखऽ आ आप् आता के स्का पासे दीर, ओकरा के खोजल मुद्ल बा​ा 27 ुोह्ी के आँ ख िे दे खऽ सक हमरा बहु कम मेह्ु बा आ हमरा लगे बहु आराम समलल बा​ा 28 बहुे ि् िे पढाई करऽ आ ओकरा िे ढे र िो्ा पाईरा 29 उ्कर दया मे ुोहार पार खु् होखे आ उ्कर ्ुसु मे ्मव मु करीरा 30 िमय िे आप् काम करऽ, आ ओकरा िमय मे ऊ ुोहार इ्ाम सदहीा


अध्याय 1 के बा 1 ई किताब िे बात बा, जवन बरुि बाबुल में कलखले बाड़न, जवन माकियाि िे बेटा, िेदेकिया िे बेटा, अिकदया िे बेटा, िेलकिया िे बेटा बरुि बाबुल में कलखले रहले। 2 पा​ांचवा िाल आ िातवा​ाँ कदन में ि​िदी लोग यरूशलेम िे पिड़ िे आग िे जरा कदहले। 3 बरुि यहूदा िे राजा योआिीम िे बेटा यिोकनयाि िे िुन िे आ किताब िुने आवे वाला िब लोग िे िान में एह किताब िे बात पढ़ले। 4 िुद नदी िे किनारे बाबुल में रहे वाला िब लोग िे िुनवाई में िुलीन लोग, राजा िे बेटा लोग, बुजुगग लोग आ िब लोग िे िुनाई पड़ल। 5 तब उ लोग रोवत, उपवाि िरत आ प्रभु िे िामने प्रार्गना िरत रहलन। 6 उ लोग हर आदमी िे शक्ति िे कहिाब िे पईिा िे िांग्रह भी बनवले। 7 ऊ लोग एिरा िे यरूशलेम में िलोम िे बेटा िेक्तियाि िे बेटा महायाजि योआिीम आ याजि लोग िे लगे भेज कदहलन आ जेरुिलम में उनिरा िार्े कमलल रहे । 8 किवान महीना िे दिवा​ाँ कदन जब ऊ प्रभु िे घर िे बतगन, जवन मांकदर िे बाहर ले जाइल गइल रहे , ओिरा िे यहूदा िे दे श में वापि ले आवे खाकतर, यानी चा​ांदी िे बतगन, जवन िेदेकियाि िे... योकिया िे बेटा जादा िे राजा बनवले रहले, 9 एिरा बाद बेकबलोन िे राजा नबूिोदोनोिोर यरूशलेम िे यिोकनया, राजिुमारन, बांदी लोग, पराक्रमी लोग आ दे श िे लोग िे लेिे बेकबलोन ले अइले। 10 उ लोग िहलि, “दे खऽ, हमनी िे तोहनी िे होमबकल, पापबकल आ धूप खरीदे खाकतर पइिा भेजले बानी जा, आ मन्ना तैयार िर िे हमनी िे परमेश्वर प्रभु िे वेदी पर चढ़ावे खाकतर। 11 आऊ बाबुल िे राजा नबूिोदोनोिोर िे जान खाकतर प्रार्गना िरीां आ उनिर बेटा बाल्तािर िे जान खाकतर प्रार्गना िरीां कि ओह लोग िे कदन धरती पर स्वगग िे कदन जइिन होखे। 12 आ प्रभु हमनी िे ताित कदहे , आ हमनी िे आाँ ख हिा िर कदहे , आ हमनी िे बेकबलोन िे राजा नबूिोदोनोिोर िे िाया में आ उनिर बेटा बालर्ािर िे िाया में रहब जा, आ हमनी िे बहुत कदन ति ओह लोग िे िेवा िरब जा आ ओह लोग िे नजर में अनुग्रह पाईब जा . 13 हमनी खाकतर भी हमनी िे परमेश्वर प्रभु िे प्रार्गना िरीां, िाहे कि हमनी िे प्रभु परमेश्वर िे क्तखलाफ पाप िइले बानी जा। आ आजु ले प्रभु िे क्रोध आ उनिर क्रोध हमनी िे नइखे मोड़ल। 14 आउर तू लोग ई किताब पढ़ब जवन हमनी िे तोहनी िे भेजले बानी जा कि परब आ कदन में प्रभु िे घर में िबूल िरे खाकतर। 15 तोहनी िहब कि हमनी िे परमेश्वर यहोवा िे धाकमगिता ह, लेकिन हमनी िे चेहरा िे भ्रम जवन आज हो रहल बा, यहूदा िे लोग आ यरूशलेम िे कनवािी लोग िे िामने बा। 16 हमनी िे राजा लोग िे, हमनी िे राजिुमारन िे, हमनी िे याजिन िे, हमनी िे भकवष्यविा लोग िे आ हमनी िे पुरखन िे भी। 17 हमनी िे प्रभु िे िामने पाप िइले बानी जा।

18 आऊ उनिर आज्ञा ना मनलन आ हमनी िे परमेश्वर प्रभु िे आवाज ना िुननी कि उ हमनी िे खुलेआम कदहल आज्ञा पर चले खाकतर। 19 जवना कदन िे प्रभु हमनी िे पुरखन िे कमस्र दे श िे बाहर ले अइले, तब िे आज ति हमनी िे प्रभु परमेश्वर िे आज्ञा ना मानत बानी जा आ उनिर आवाज ना िुनला में लापरवाही िरत बानी जा। 20 एही िे हमनी िे बुराई आ अकभशाप जवन प्रभु अपना िेवि मूिा िे द्वारा ओह िमय रखले रहले, जब उ हमनी िे पुरखन िे कमस्र िे बाहर कनिालले रहले, ताकि हमनी िे एगो अयीिन दे श दे ि जवन कि दू ध अवुरी शहद िे बहत रहे , जवन कि ओिरा कनहन बा िे ई कदन दे खे िे बा। 21 एिरा बावजूद हमनी िे प्रभु परमेश्वर िे आवाज िे बात नईखी िुनले, जवन कि उ हमनी िे लगे भेजल भकवष्यविा लोग िे िब बात िे मुताकबि ह। 22 लेकिन हर आदमी अपना दु ष्ट मन िे िल्पना िे पालन िरत परदे शी दे वता िे िेवा िरत रहे आ हमनी िे प्रभु प्रभु िे नजर में बुराई िरत रहे। अध्याय 2 के बा 1 एही िे प्रभु हमनी िे क्तखलाफ, हमनी िे न्यायी लोग िे क्तखलाफ, इस्राएल िे न्याय िरे वाला, हमनी िे राजा लोग िे क्तखलाफ, हमनी िे राजिुमारन िे क्तखलाफ, आ इस्राएल आ यहूदा िे लोग िे क्तखलाफ जवन बात िुनवले रहले, ओिरा िे पूरा ि दे ले बाड़े । 2 हमनी पर अइिन बड़हन कवपकि ले आवे जवन पूरा आिाश िे नीचे िबो ना भइल रहे , जइिन कि मूिा िे व्यवस्र्ा में कलखल बात िे अनुिार यरूशलेम में भइल रहे । 3 कि आदमी अपना बेटा िे मा​ां ि खाए आ अपना बेटी िे मा​ां ि खाए। 4 उ ओह लोग िे हमनी िे आिपाि िे िब राज्य िे अधीन रहे खाकतर ि प ां दे ले बाड़े , ताकि उ चारो ओर िे िभ लोग िे बीच कनांदा अवुरी उजाड़ िे रूप में होखि, जहा​ां प्रभु ओ लोग िे कततरकबतर ि दे ले बाड़े । 5 एह तरह िे हमनी िे नीचे कगरावल गईल, लेकिन ऊपर ना उठावल गईल, िाहे कि हमनी िे प्रभु परमेश्वर िे क्तखलाफ पाप िईले बानी जा, आ उनिर आवाज िे आज्ञा ना मनले बानी जा। 6 हमनी िे परमेश्वर प्रभु िे धाकमगिता ह, लेकिन हमनी िे आ हमनी िे पूवगज िे लाज खुलल बा, जईिे कि आज दे खाई दे ता। 7 िाहे कि इ िब कवपकि हमनी पर आ गईल बा, जवन प्रभु हमनी िे क्तखलाफ िुनवले बाड़े 8 तबो हमनी िे प्रभु िे िामने प्रार्गना ना िइले बानी जा कि हमनी िे हर िेहू अपना दु ष्ट मन िे िल्पना िे दू र हो जाव। 9 एही िे प्रभु हमनी िे बुराई िे दे खत रहले अवुरी प्रभु हमनी िे ऊपर ले आईल बाड़े , िाहे कि प्रभु अपना िभ िाम में धमी बाड़े , जवन कि उ हमनी िे दे ले बाड़े । 10 तबो हमनी िे उनिर आवाज ना िुनले बानी जा कि उ प्रभु िे आज्ञा पर चले खाकतर जवन उ हमनी िे िामने रखले बाड़े । 11 आ अब हे इस्राएल िे परमेि् वर, जे अपना लोग िे कमस्र िे दे श िे एगो ताितवर हार्, ऊाँच बा​ांह, आ चमत्कार, चमत्कार आ


बहुत शक्ति िे बाहर कनिालले बानी आ अपना िे नाम ले लेले बानी। जइिन कि आज लउित बा। 12 हे हमनी िे परमेि् वर प्रभु, हम पाप िइले बानी, अभक्ति िइले बानी, तोहार िभ कनयम में अधमग िइले बानी। 13 तोहार क्रोध हमनी िे हट जा, िाहे कि हमनी िे िुछ लोग रह गईल बानी जा, जहा​ाँ तू हमनी िे कततर-कबतर िईले बाड़ू। 14 हे प्रभु, हमनी िे प्रार्गना आ हमनी िे कनहोरा िुनी, आ अपना खाकतर हमनी िे बचाईां आ जे हमनी िे ले गइल बा, ओह लोग िे नजर में हमनी िे अनुग्रह िरीां। 15 ताकि पूरा धरती जान ि​िे कि तू हमनी िे परमेश्वर प्रभु हई, िाहे कि इस्राएल आ ओिर िांतान तोहरा नाम िे बोलावल जाला। 16 हे प्रभु, अपना पकवत्र घर िे नीचे दे ख िे हमनी िे कवचार िरीां, हे प्रभु, हमनी िे बात िुने खाकतर आपन िान झुिाईां। 17 आाँ ख खोल िे दे खऽ। िाहे कि िब्र में म जूद मुअल लोग, जेिर आत्मा ओिरा शरीर िे हटा कदहल गइल बा, ऊ प्रभु िे ना त स्तुकत िरी आ ना धाकमगिता। 18 हे प्रभु, जवन आत्मा बहुत परे शान बा, जवन झुि िे िमजोर हो जाला, आ आाँ ख िमजोर हो जाला, आ भूखल प्राणी, हे प्रभु, तोहरा िे स्तुकत आ धाकमगिता कदही। 19 एही िे हे हमनी िे परमेि् वर, हमनी िे अपना पुरखन आ अपना राजा लोग िे धाकमगिता खाकतर तोहरा िामने कवनम्र कनहोरा नइखी िरत। 20 िाहे कि तू हमनी पर आपन क्रोध आ क्रोध भेजले बाड़ू, जइिे कि तू अपना िेवि भकवष्यविा लोग िे माध्यम िे िहले बाड़ऽ। 21 प्रभु इहे िहत हउवें, “बाबुल िे राजा िे िेवा िरे खाकतर आपन िांधा झुिा जा।” 22 लेकिन अगर तू लोग बाबुल िे राजा िे िेवा िरे खाकतर प्रभु िे आवाज ना िुनब त 23 हम यहूदा िे शहरन आ यरूशलेम िे बाहर िे हाँ िी-खुशी िे आवाज, उल्लाि िे आवाज, दू ल्हा आ दु लकहन िे आवाज िे बांद िर दे ब आ पूरा दे श उजाड़ हो जाई कनवािी लोग िे बा। 24 लेकिन हमनी िे बाबुल िे राजा िे िेवा िरे खाकतर तोहार आवाज ना िुनल चाहत रहनी जा, एही िे तू जवन बात तू अपना िेवि भकवष्यविा िे माध्यम िे िहले रहलू, उ बात िे ठीि ि दे ले बाड़ू, कि हमनी िे राजा लोग िे हड्डी अवुरी हमनी िे पूवगज िे हड्डी िे ठीि िरे िे चाही अपना जगह िे बाहर कनिालल जा ि​िेला। 25 आ दे खऽ, ऊ लोग कदन िे गमी आ रात िे ठां ढा में फेंिल गइल बा आ अिाल, तलवार आ महामारी िे बहुते दु ख में मर गइल बा. 26 इजराइल िे घराना आ यहूदा िे घराना िे दु ष्टता िे चलते जवन घर िे तोहरा नाम िे बोलावल जाला, ओिरा िे तू उजाड़ िर दे ले बाड़ू, जईिे आज दे खल जा रहल बा। 27 हे हमनी िे परमेश्वर प्रभु, तू हमनी िे िार्े आपन पूरा भलाई आ अपना पूरा दया िे अनुिार व्यवहार िइले बाड़ऽ। 28 जइिन कि तू अपना िेवि मूिा िे द्वारा ओह कदन िहले रहलू जब तू ओिरा िे इस्राएल िे लोग िे िामने व्यवस्र्ा कलखे िे आज्ञा दे ले रहलू। 29 अगर तू हमार आवाज ना िुनब त ई बहुत बड़ भीड़ राष्टरन िे बीच में िम िांख्या में बदल जाई जहा​ाँ हम ओह लोग िे कततरकबतर िर दे ब।

30 हम जानत रहनी कि उ लोग हमार बात नईखन िुनत, िाहे कि इ एगो िठोर गदग न वाला लोग ह, लेकिन अपना बांदी िे दे श में उ लोग अपना िे याद िरीहे। 31 ऊ जान जइहें कि हम ओह लोग िे परमेश्वर प्रभु हईां, िाहे कि हम ओह लोग िे मन आ िान दे ब कि ऊ लोग िुन ि​िे. 32 उ लोग अपना बांदी िे दे श में हमार स्तुकत िरीहे अवुरी हमरा नाम िे बारे में िोचीहे । 33 आ अपना िड़ा गदग न िे आ अपना दु ष्ट िाम िे ल ट जा, िाहे कि उ लोग अपना पुरखन िे रास्ता िे याद िरीहे , जवन प्रभु िे िामने पाप िईले रहले। 34 हम ओह लोग िे ओह दे श में फेर िे ले अइब जवना िे हम ओह लोग िे पुरखन अब्राहम, इिहाि आ यािूब िे किररया खा िे वादा िइले रहीां आ ऊ लोग ओिर माकलि बन जइहें आ हम ओह लोग िे बढ़ा दे ब आ ऊ लोग िम ना होखी. 35 हम ओह लोग िे िार्े अनन्त िाल िे वाचा िरब कि हम ओह लोग िे भगवान बनब आ ऊ लोग हमार लोग बन जइहें आ हम अब अपना इस्राएल िे लोग िे ओह दे श िे ना भगा दे ब जवन हम ओह लोग िे कदहले बानी. अध्याय 3 के बा 1 हे िवगशक्तिमान प्रभु, इस्राएल िे परमेश्वर, व्यकर्त आत्मा परे शान आत्मा तोहरा िे पुिारत बा। 2 हे प्रभु, िुनऽ, दया िरऽ। िाहे कि तू दयालु हउअ आ हमनी पर दया िरऽ िाहे कि हमनी िे तोहरा िामने पाप िइले बानी जा। 3 तू हमेशा खाकतर कटिल रहऽ आ हमनी िे नाश हो जाइब जा। 4 हे िवगशक्तिमान प्रभु, हे इस्राएल िे परमेश्वर, अब मरल इस्राएकलयन आ ओह लोग िे िांतान िे प्रार्गना िुनी, जे तोहरा िामने पाप िइले बा आ तोहरा आपन परमेश्वर िे आवाज ना िुनले बा, िाहे कि ई कवपकि हमनी िे कचपिल बा . 5 हमनी िे पुरखन िे अपराध िे याद मत िर, लेकिन अभी अपना शक्ति अवुरी अपना नाम िे बारे में िोची। 6 िाहे कि तू हमनी िे परमेि् वर प्रभु हउअ आ हम तोहार स्तुकत िरब, हे प्रभु। 7 आ एही िे तू हमनी िे कदल में आपन डर डाल दे ले बाड़ू कि हमनी िे िैद में तोहार नाम िे पुिारत आ तोहार स्तुकत िरीां जा, िाहे कि हमनी िे अपना पुरखन िे िब अपराध िे याद कदला दे ले बानी जा, जे तोहरा िामने पाप िईले रहले। 8 दे ख, हमनी िे आज भी अपना बांदी में बानी जा, जहा​ाँ तू हमनी िे कनांदा आ गारी िे खाकतर कबखर दे ले बाड़ू, आ हमनी िे पुरखन िे िब अपराध िे अनुिार, जवन हमनी िे प्रभु परमेश्वर िे दू र हो गईल रहे । 9 हे इस्राएल, जीवन िे आज्ञा िुनऽ, बुक्ति िे िमझे खाकतर िान िरऽ। 10 इस्राएल िे ई िइिे भइल कि तू अपना दु श्मनन िे दे श में बाड़ऽ, परदे ि में बूढ़ हो गइल बाड़ऽ आ मुवलन िे िार्े अशुि हो गइल बाड़ऽ। 11 कि तू िब्र में उतरे वाला लोग िे िार्े कगनल गईल बाड़ू? 12 तू बुक्ति िे फव्वारा िे छोड़ दे ले बाड़ू।


13 िाहे कि अगर तू परमेि् वर िे राह पर चलल रकहत त तू हमेशा खाकतर शा​ां कत िे रहत रकहत। 14 जान लीां कि िहा​ाँ बुक्ति बा, िहा​ाँ ताित बा, िहा​ाँ िमझ बा; ताकि तू इहो जान ि​िीले कि िहा​ाँ कदन िे लांबाई बा, आ जीवन िहा​ाँ बा, िहा​ाँ बा आाँ ख िे रोशनी आ शा​ां कत िहा​ाँ बा। 15 ओिर जगह िे िे पता चलल बा? ओिरा खजाना में िे आइल बा? 16 धरती पर जानवरन पर राज िरे वाला गैर-यहूदी िे राजिुमार िहा​ाँ हो गइल बाड़े । 17 ऊ लोग जे हवा िे कचरई िे िार् शगल िरत रहे आ जे चा​ांदी आ िोना िे जमाखोरी िरत रहे , जवना पर लोग भरोिा िरत रहे आ आपन फायदा िे अांत ना िरत रहे? 18 िाहे कि चा​ाँदी िे िाम िरे वाला लोग, अतना िावधान रहलन आ जेिर िाम खोजल ना जा ि​िेला। 19 उ लोग गायब होिे िब्र में उतर गईल बाड़े अवुरी उनुिा जगह प अवुरी लोग चढ़ गईल बाड़े । 20 नवही लोग रोशनी दे ख िे धरती पर रह गइल बा, लेकिन ज्ञान िे रास्ता ना जानत बा। 21 ना ही ओिर रास्ता िमझल, ना ओिरा िे पिड़ले, उ लोग िे लइिा ओ रास्ता िे दू र रहले। 22 िनान में एिर नाम ना िुनल गइल आ ना ही र्ेमन में दे खल गइल। 23 धरती पर बुक्ति िे खोज िरे वाला अगारे नी, मेरन आ र्ेमन िे व्यापारी, दां तिर्ा िे लेखि आ िमझ िे बाहर खोज िरे वाला। एहमें िे िेहू बुक्ति िे रास्ता नइखे जानत, ना ओिर राह याद िइले बा. 24 हे इस्राएल, भगवान िे घर िेतना बड़ बा! आ ओिर िब्जा िे जगह िेतना बड़ बा! 25 बड़िा, आ ओिर िवनो अांत नइखे। ऊाँच, आ नापे िे नापल जा ि​िेला. 26 शुरू िे ही मशहूर कदग्गज रहले, जवन कि एतना बड़ िद िे रहले अवुरी युि में एतना कनपुण रहले। 27 प्रभु उनिे ना चुनले, ना ही उ लोग िे ज्ञान िे रास्ता दे ले। 28 लेकिन उ लोग नष्ट हो गईले, िाहे कि उ लोग िे लगे िवनो बुक्ति ना रहे अवुरी उ लोग अपना मूखगता िे चलते नाश हो गईले। 29 िे स्वगग में जािे ओिरा िे लेिे बादल िे उतारले बा? 30 िमुांदर िे पार जािे िे ओिरा िे कमलल बा आ ओिरा िे शुि िोना िे बदला में ले आई? 31 िेहू ओिर रास्ता ना जानत बा आ ना ही ओिर राह िे बारे में िोचेला। 32 लेकिन जे िब िुछ जानेला उ ओिरा िे जानत बा आ ओिरा िे अपना िमझ िे पा लेले बा। 33 जे प्रिाश भेज िे चल जाला, ऊ ओिरा िे दोबारा बोलावेला आ ऊ डर िे ओिर बात मानेला। 34 ओह लोग िे घड़ी में तारा चमित रहे आ खुश होत रहे । आ एही िे ऊ लोग हाँ िी-खुशी िे ओिरा िे बनावे वाला िे रोशनी दे खवलि। 35 इहे हमनी िे परमेश्वर हउवें आ ओिरा तुलना में दोिर िेहु िे कहिाब ना कदहल जाई 36 ऊ ज्ञान िे िब रास्ता खोज लेले बा आ ओिरा िे अपना िेवि यािूब आ अपना कप्रय इस्राएल िे दे कदहले बा।

37 ओिरा बाद ऊ धरती पर आपन जलवा दे खावत आदमी िे बातचीत िइलन। अध्याय 4 के बा 1 इहे परमेश्वर िे आज्ञा िे किताब ह आ व्यवस्र्ा जवन हमेशा खाकतर बनल रहे ला। बाकिर जे एिरा िे छोड़ दीहें ऊ मर जइहें . 2 हे यािूब, तू मुड़ िे ओिरा िे पिड़ लीां, ओिरा रोशनी िे िामने चलीां ताकि तू रोशन हो जा। 3 आपन आदर दोिरा िे मत दीां आ ना ही िवनो पराया जाकत िे जवन चीज तोहरा खाकतर फायदे मांद होखे ओिरा िे मत दीां। 4 हे इस्राएल, हमनी िे खुश बानी जा, िाहे कि जवन बात परमेश्वर िे मन िरे ला, उ हमनी िे बतावल जाला। 5 हे हमार लोग, इस्राएल िे यादगार हउवें, ह िला बढ़ाईां। 6 तोहनी िे कवनाश खाकतर ना, लेकिन तोहनी िे परमेि् वर िे क्रोकधत िइला िे चलते तोहनी िे दु श्मनन िे हार् में ि प ां ल गईल बाड़ू। 7 िाहे कि तू लोग भगवान िे ना बलुि दु ष्टात्मा िे बकलदान दे िे जे तोहनी िे बनवले बाड़ू ओिरा िे नाराज िइले रहलू। 8 तू लोग अनन्त परमेि् वर िे भुला गइल बाड़ऽ, जे तोहनी िे पालन पोषण िइले बाड़ऽ। आ तोहनी यरूशलेम िे दु ख दे ले बानी, जवन तोहनी िे पोिले रहे । 9 जब उ तोहनी पर परमेश्वर िे क्रोध आवत दे खली त िहली कि, हे कियोन िे आिपाि रहे वाला लोग, िुनीां। 10 िाहे कि हम अपना बेटा-बेटी िे बांदी बना िे दे खले रहनी, जवन अनन्त िे लोग ओह लोग पर ले अइले। 11 हम खुशी िे ओह लोग िे पोषण िइनी। लेकिन रोवत-रोवत शोि मना िे भेज कदहलि। 12 हमरा पर िेहू खुश ना होखे, जे कवधवा हईां आ बहुत लोग िे छोड़ल बानी, जे हमरा लइिन िे पाप िे चलते उजाड़ हो गइल बानी। िाहे कि उ लोग परमेश्वर िे व्यवस्र्ा िे हट गईले। 13 उ लोग उनिर कनयम िे ना जानत रहले, ना उनिर आज्ञा िे रास्ता पर चलत रहले, ना ही उनिर धाकमगिता में अनुशािन िे रास्ता पर चलत रहले। 14 कियोन िे आिपाि रहे वाला लोग आिे हमरा बेटा-बेटी िे बांदी िे याद िरऽ जवन अनन्त िाल ओह लोग पर ले आइल बा। 15 िाहे कि ऊ दू र िे ओह लोग पर एगो अइिन राष्टर ले आइल बाड़न, बेशमग आ पराया भाषा िे, जवन ना त बुढ़ऊ िे आदर िरत रहे आ ना लइिन पर दया िरत रहे । 16 इ लोग कवधवा िे कप्रय िांतान िे लेिे चल गईल बाड़े अवुरी बेटी िे कबना अिेले उजड़ िे छोड़ दे ले बाड़े । 17 लेकिन हम तोहरा िे िा मदद िर ि​िीले? 18 िाहे कि जे तोहनी पर ई कवपकि ले आइल बा, ऊ तोहनी िे दु श्मनन िे हार् िे बचाई। 19 हे हमार लइिा लोग जा, जा, िाहे कि हम उजाड़ हो गइल बानी। 20 हम शा​ांकत िे िपड़ा उतार िे अपना प्रार्गना िे बोरा पकहनले बानी। 21 हे हमार लइिा लोग, िाहब रहऽ, प्रभु िे पुिारऽ, ऊ तोहनी िे दु श्मनन िे शक्ति आ हार् िे मुि िर दीहें ।


22 हमार आशा अनन्त िाल में बा कि उ तोहनी िे बचाई। आ हमरा पर पकवत्र िे आनन्द कमलल बा, एह दया िे चलते जवन जक्तिए हमनी िे अनन्त उिारिताग िे तोहनी पर आई। 23 हम तोहनी िे शोि आ रोअत भेजले बानी, लेकिन परमेश्वर तोहिे हमरा लगे हमेशा खाकतर खुशी आ खुशी िे िार्े कफर िे दे कदहे । 24 जइिे अब कियोन िे पड़ोिी तोहरा िे बांदी दे खले बाड़े , ओइिहीां ऊ लोग जिीए हमनी िे परमेश्वर िे तोहार उिार दे ख पाई जवन तोहरा पर बहुत मकहमा आ अनन्त िे चमि िे आई। 25 हे लइिा लोग, परमेि् वर िे ओर िे तोहनी पर जवन क्रोध आइल बा, ओिरा िे धैयग िे भोगऽ, िाहे कि तोहार दु श्मन तोहरा िे ितावले बा। लेकिन जक्तिये तू ओिर कवनाश दे खब आ ओिर गरदन पर र द ां ब। 26 हमार नाजुि लोग िच्चा रास्ता िे चल गइल बा आ दु श्मनन िे पिड़ल झुांड कनयर ले जाइल गइल बा। 27 हे हमार लइिा लोग, िा​ांत्वना होिे परमेश्वर िे पुिारऽ, िाहे कि तोहनी िे याद िइल जाई जे तोहनी पर ई िब बात ले आइल बा। 28 जइिे तोहनी िे मन में परमेश्वर िे भटिल रहे , ओइिहीां ल टला िे बाद ओिरा िे दि गुना अउरी खोजीां। 29 िाहे कि जे तोहनी पर ई कवपकि ले आइल बा, ऊ तोहनी िे उिार िे िार्े अनन्त आनन्द ले आई। 30 हे यरूशलेम, नीमन मन बनाई, िाहे कि जे तोहरा िे इ नाम दे ले बा, उ तोहरा िे कदलािा कदही। 31 दयनीय हवें जे तोहरा िे दु खी िइलन आ तोहरा कगरला पर खुश हो गइलन। 32 जवन शहर तोहार लइिा-लइिी िेवा िरत रहले ऊ दयनीय बा, ऊ दयनीय बा जे तोहार बेटा िे स्वागत िइले बा। 33 जइिे ऊ तोहरा बबाग दी िे खुश रहली आ तोहरा कगरला िे खुश रहली, ओइिहीां ऊ अपना उजाड़पन खाकतर दु खी हो जइहें । 34 िाहेकि हम ओिर बहुत भीड़ िे खुशी िे दू र िर दे ब आ ओिर घमांड शोि में बदल जाई। 35 िाहे कि ओिरा पर अनन्त िाल िे आग आ जाई, जवना िे िहन िरे िे लालिा बा। आ ओिरा में बहुत िमय ति शैतान िे कनवाि होई। 36 हे यरूशलेम, अपना चारो ओर पूरब िे ओर दे खऽ, आ दे खऽ कि भगवान िे ओर िे तोहरा िे ितना खुशी आवत बा। 37 दे खऽ, तोहार लइिा आवत बाड़े , जेिरा िे तू भेजले बाड़ऽ, ऊ लोग पकवत्र परमेश्वर िे वचन िे पूरब िे पकिम ति एिट्ठा होिे आवत बा आ परमेश्वर िे मकहमा में आनक्तन्दत होिे आवत बा। अध्याय 5 के बा 1 हे यरूशलेम, शोि आ क्लेश िे वस्त्र उतार िे परमेश्वर िे ओर िे आवे वाला मकहमा िे िुांदरता िे हमेशा खाकतर पकहन लीां। 2 भगवान िे कमले वाला धाकमगिता िे दु गुना वस्त्र अपना चारोां ओर डाल दीां। आ अपना मार्ा पर अनन्त िे मकहमा िे मुिुट लगाईां। 3 िाहेकि भगवान स्वगग िे नीचे िे हर दे श में तोहार चमि दे खाई कदहे ।

4 िाहेकि तोहार नाम परमेश्वर िे द्वारा हमेशा खाकतर धाकमगिता िे शा​ांकत आ परमेश्वर िे आराधना िे मकहमा िहल जाई। 5 हे यरूशलेम उठ िे ऊाँच खड़ा होिे पूरब िे ओर दे खऽ आ दे खऽ कि तोहार लइिा पकवत्र परमेश्वर िे वचन िे पकिम िे पूरब िे ओर इिट्ठा हो गइल बाड़े आ भगवान िे याद में आनक्तन्दत बाड़े । 6 िाहेकि उ लोग तोहरा िे पैदल चल िे चल गईले आ अपना दु श्मनन िे हार् िे दू र हो गईले, लेकिन परमेश्वर ओ लोग िे राज िे िांतान िे रूप में मकहमा िे ऊपर उठा िे तोहरा लगे ले आवेले। 7 िाहे कि भगवान तय िइले बाड़न कि हर ऊाँच पहाड़ी आ लमहर किनारे िे किनारे िे कगरा कदहल जाव आ घाटी भर कदहल जाव आ जमीन िे िमतल बनावल जाव जेहिे कि इस्राएल भगवान िे मकहमा में िुरकित चल ि​िे. 8 एिरा अलावा जांगल आ हर िुगांकधत पेड़ भी परमेश्वर िे आज्ञा िे इस्राएल पर छाया डाल कदही। 9 िाहेकि परमेि् वर इस्राएल िे अपना मकहमा िे रोशनी में उनिे दया आ धाकमगिता िे िार् खुशी िे अगुवाई िरीहें ।


अध्याय 1 के बा 1 एगो पत्र के प्रतितितप जेरेमी ओह िोग के भेजिे रहिे, जेकरा के बेतबिोन के राजा बंदी बना के बेतबिोन में िे जाए वािा रहिे, िातक उ िोग के प्रमाति​ि कईि जा सके, जईसे तक परमेश्वर के आदे श रहे । 2 परमेस् वर के सामने जवन पाप कइिे बानी, ओकरा चि​िे िोहनी के बेतबिोन के राजा नबूकोदोनोसोर बंदी बना के बेतबिोन में िे जाइब। 3 जब िू िोग बाबुि में अइबऽ ि िू िोग ओतहजा बहुि साि आ िमहर समय िे, यानी साि पीढी िे रहबऽ आ ओकरा बाद हम िोहनी के शां ति से ओतहजा से दू र कर दे ब। 4 अब िू िोग बेतबिोन में चा​ाँ दी, सोना आ िकडी के दे विा िोग के दे खब, जेकरा के कंधा पर उठावि गइि बा, जवन राष्ट्रन के डे रावेिा। 5 एह से सावधान रहीं तक जब िू िोग के सामने आ पीछे के भीड के आराधना करि दे खब ि िू कबो परदे सी िोग जइसन ना होखीं आ ना ही ओह िोग से। 6 िेतकन िू िोग मन में कहऽ तक हे प्रभु, हमनी के िोहार आराधना करे के पडी। 7 काहे तक हमार दू ि िोहरा साथे बा आ हम खुद िोहनी के जान के परवाह करि बानी। 8 रहि बाि ओह िोग के जीभ के काम करे वािा के द्वारा चमकावि जािा आ ऊ िोग सोना के रं ग के चां दी से तबछावि जािा। िबो ऊ िोग खािी झूठ बा आ बोि नइखे पावि। 9 आऊ सोना िेके जइसे कवनो कुंवारी खातिर होिा जवन समिैंतगक होखे के शौकीन होखे, उ िोग अपना दे विा िोग के तसर खातिर मुकुट बनावेिा। 10 कबो-कबो पुजारी िोग भी अपना दे विा िोग से सोना-चा​ाँ दी िे जाके अपना के दे दे िे। 11 हाँ , ऊ िोग आम वेश्या िोग के दे दीहें आ चां दी के दे विा आ सोना आ िकडी के दे विा होके कपडा से आदमी तनयर सजाईहें । 12 िबो ई दे विा िोग बैंगनी रं ग के कपडा से ढं कि होखे के बावजूद जंग आ पिई से बचाव ना कर सके। 13 मंतदर के धूि के चि​िे उ िोग आपन चेहरा पोंछि बाडे , जब उ िोग प बहुि कुछ बा। 14 जे ओकरा के दोषी ठहरावे वािा के हत्या ना कर पावे, ओकरा िगे राजदं ड बा, जइसे तक ऊ दे श के न्यायाधीश होखे। 15 ओकरा दातहना हाथ में खंजर आ कुल्हाडी भी बा, िेतकन युद्ध आ चोर से बचाव ना कर सकेिा। 16 एही से उ िोग के दे विा ना होखे के जानि जािा, एहसे उ िोग से मि डे राईं। 17 जइसे कवनो बितन टू टिा पर कवनो बितन के कवनो मोि ना होिा। इहे हाि उनकर दे विा िोग के भी होिा, जब उ िोग मंतदर में खडा होिा ि उनकर आाँ ख भीिर आवे वािा िोग के गोड से धूि से भरि हो जािा। 18 जइसे राजा के ठे स पहुाँ चावे वािा के हर िरफ से दरवाजा पक्का हो जािा, जइसे तक ओकरा के मौि के तशकार होखे के सजा तदहि जािा, ओइसहीं पुजारी िोग अपना मंतदरन के दरवाजा, िािा आ सिाख से जकड िेिा, कहीं ओह िोग के दे विा िोग के डकैि से िूट ना होखे।

19 ऊ िोग ओह िोग के दीया जरा के, हाँ , अपना खातिर से अतधका, जवना में से ऊ िोग एको ना दे ख पावेिा। 20 ऊ िोग मंतदर के एगो बीम तनयर बा, िबो ऊ िोग कहि बा तक धरिी से रें गि चीजन से उनकर तदि चीर-फाड हो गइि बा। आ जब ऊ िोग ओह िोग के आ ओह िोग के कपडा खाि बा ि ओह िोग के ई ना िागेिा. 21 मंतदर से तनकिे वािा धुाँआ से उनकर चेहरा कररया हो गइि बा। 22 ओह िोग के दे ह आ माथा पर चमगादड, तनगि आ तचरई आ तबिार भी बइठि बाडी स। 23 एही से िू िोग जानि होखब तक ऊ िोग कवनो दे विा ना ह, एहसे ओह िोग से मि डे राईं। 24 भिे ही ओह िोग के सुंदर बनावे खातिर सोना के आसपास बा, जब िक तक उ जंग के ना पोंछी, िब िक उ िोग चमकि ना होई, काहे तक जब उ िोग तपघि गईिे ि उ िोग के सोना ना महसूस भईि। 25 जवना चीज में सा​ाँ स ना होखे, उ चीज़ बहुि जादा दाम में खरीदि जािा। 26 ओह िोग के कंधा पर उठावि जािा आ ओह िोग के कवनो गोड नइखे जवना से ऊ िोग आदमी के बिावे तक ऊ िोग कवनो मोि नइखे. 27 ओह िोग के सेवा करे वािा िोग भी शतमिंदा होिा, काहे तक अगर उ िोग कबो जमीन पर तगर जािा ि उ िोग खुद से उठ ना सकेिा, आ अगर केहू ओकरा के सीधा कर दे िा ि उ खुद से तहि सकेिा। उ िोग अपना के सीधा कर सकेिे, िेतकन उ िोग अपना सोझा मुअि आदमी तनहन वरदान दे वेिे। 28 जहा​ाँ िक ओह िोग के बतिदान तदहि जािा ि ओह िोग के याजक बेचेिे आ दु रुपयोग करे िे। ओइसहीं उनकर मेहरारूओ ओकर कुछ तहस्सा नमक में डाि दे िी। िेतकन गरीब आ नपुंसक के उ िोग एकरा में से कुछ ना दे वेिे। 29 मातसक धमत में रहे वािी औरि आ बच्चा के तबछौना पर बइठि मेहरारू आपन बतिदान खाि बाडी आ एह बाि से िू िोग जान सकीिे तक ऊ दे विा ना हउवन, एकरा से मि डे राईं। 30 काहे तक ओह िोग के दे विा कइसे कहि जा सकेिा? काहे तक मेहरारू िोग चा​ाँ दी, सोना आ िकडी के दे विा िोग के सामने मां स रखेिी। 31 आ पुजारी िोग अपना मंतदर में बईठि बा, कपडा फाड के, माथा आ दाढी मुंडवा के, माथा पर कुछु ओ ना। 32 ऊ िोग अपना दे विा िोग के सामने गजतना करे िा आ रोवेिा, जइसे तक भोज में आदमी मरिा पर करे िा। 33 पुजारी िोग भी आपन कपडा उिार के आपन मेहरारू आ िइकन के कपडा पतहरा दे िा। 34 चाहे केहू ओकरा साथे बुराई होखे भा अच्छाई, ओकर बदिा ना दे पावेिा। 35 ओइसहीं ऊ िोग ना ि धन दे सकेिा ना पइसा, भिे केहू ओह िोग से व्रि कर िेव आ ओकरा के पूरा ना कर िेव ि ऊ ओकर मा​ाँ ग ना करी. 36 ऊ िोग केहू के मौि से ना बचा सकेिा आ ना ही कमजोर के िाकिवरन से बचा सकेिा।


37 ऊ िोग आन्हर के नजर में वापस ना िे सकेिा आ ना ही केहू के संकट में मदद कर सकेिा। 38 उ िोग तवधवा पर कवनो दया ना कर सकेिे, ना अनाथ पर भिाई कर सकेिे। 39 ओह िोग के िकडी के दे विा आ सोना चा​ाँ दी से ढं कि दे विा पहाड से कटि पत्थर तनयर हवें। 40 जब कल्दी िोग भी ओह िोग के बेइज्जि करे िा ि आदमी कइसे सोचे आ कहे तक ऊ िोग दे विा हवें? 41 अगर उ िोग कवनो गूंगा के दे ख के जवन बोि ना पावेिा ि ओकरा के िेके आके बे ि के तनहोरा करे िे तक उ बोिे, जईसे उ समझे में सक्षम होखे। 42 िबो उ िोग खुद एकरा के ना समझ पावेिे अवुरी उ िोग के छोड के ना छोडे िे, काहें की उनुका िगे कवनो ज्ञान नईखे। 43 रस्सी में बईठि मेहरारू िोग भी इत्र खातिर चोकर जरावेिी, िेतकन अगर उ िोग में से केहु ओतहजा से गुजरि आदमी के खींच के ओकरा संगे िेट जािा ि उ अपना साथी के तनंदा करे िे तक उ अपना तनहन योग्य ना मानि गईि , ना ओकर डोरी टू ट गइि। 44 ओह िोग के बीच जवन कुछ भी होिा उ झूठ ह, िब कइसे ई सोचि जा सकेिा तक ई िोग दे विा हवें? 45 इ बढई आ सोनार से बनि बा, इ सब कुछ अउर ना हो सकेिा, जवन तक मजदू र के चाहि होई। 46 आ ऊ खुदे जे ओह िोग के बनविे बा ऊ कबो ढे र तदन िे ना रह सके. िब जवन चीज ओह िोग से बनि बा ऊ दे विा कइसे होखे के चाहीं? 47 काहे तक उ िोग ओकरा बाद आवे वािा िोग खातिर झूठ आ तनंदा छोड दे िे। 48 जब ओह िोग पर कवनो युद्ध भा महामारी आवेिा ि पुजारी िोग अपना से सिाह िेिा तक ऊ िोग कहा​ाँ िुकाइि रह सके. 49 िब आदमी कइसे ई ना बुझ पाई तक ऊ कवनो दे विा ना हउवें जवन ना ि अपना के युद्ध से बचा सकेिा आ ना तवपति से? 50 काहे तक ई सब िकडी के ह आ चां दी आ सोना से ढं कि बा, एहसे बाद में पिा चि जाई तक ई झूठ ह। 51 आ सब जाति आ राजा िोग के ई साफ िउकी तक ऊ िोग कवनो दे विा ना ह, बिुक आदमी के हाथ के काम ह आ ओह िोग में भगवान के कवनो काम नइखे। 52 िब के ना जानि होई तक उ िोग कवनो दे विा ना हवें? 53 ना ि उ िोग ओह दे श में राजा बना सकेिा आ ना ही आदमी के बरखा कर सकेिा। 54 ना ऊ िोग अपना मुद्दा के न्याय कर सकेिा आ ना ही कवनो गि​िी के सुधार कर सकेिा, काहे तक ऊ िोग आकाश आ धरिी के बीच कौआ तनयर होिा। 55 जब िकडी के दे विा िोग के घर पर आग िागी, भा सोना भा चां दी से ढं कि घर पर आग िागी ि ओकर पुजारी भाग के भाग जइहें । िेतकन उ िोग खुद बीम तनहन जरा जईहे। 56 एकरा अिावे उ िोग कवनो राजा चाहे दु श्मन के सामना नईखन क सकि, िब इ कईसे सोचि जा सकिा तक उ िोग दे विा हवे? 57 ना ि ऊ िकडी के दे विा आ चां दी भा सोना से तबछि दे विा, ना ि चोर भा डकैि से बचे में सक्षम बाडे ।

58 जेकर सोना चा​ाँ दी आ कपडा पतहनिे बा, ऊ मजबूि िोग िे के चि जािा आ ना ही अपना के बचावे में सक्षम बा। 59 एह से अइसन झूठा दे विा िोग से बेहिर बा तक राजा होके आपन शक्ति दे खावे, ना ि घर में फायदे मंद बितन होखे, जवना के मातिक के उपयोग होखे। या घर में दरवाजा होखे के, जवना में अइसन चीज रखे के, अइसन झूठा दे विा िोग के िुिना में। या महि में िकडी के खंभा, अइसन झूठा दे विा िोग से। 60 काहे तक सूरज, चा​ाँ द आ िारा उज्ज्वि होके आपन काम करे खातिर भेजि आज्ञाकारी हवें। 61 ठीक ओइसहीं तबजिी जब फूटे िा ि ओकरा के दे खि आसान होिा। आ ओही िरह से हर दे श में हवा बहि रहे िा। 62 जब परमेश्वर बादि के पूरा दु तनया में घूमे के आदे श दे ि बाडे ि उ िोग जइसन कहि जािा, ओइसने करे िा। 63 ऊपर से पहाडी आ जंगि के भस्म करे खातिर भेजि आग जइसन कहि गइि बा, उहे काम करे िा, िेतकन इ िोग ना ि दे खावा में ओ िोग तनहन बा, ना ही शक्ति में। 64 एह से ना ि ई मानि जा सकेिा ना कहि जा सकेिा तक ऊ िोग दे विा ह, काहे तक ई िोग ना ि कारि के न्याय करे में सक्षम बा आ ना आदमी के भिाई करे में सक्षम बा। 65 ई जान के तक उ िोग कवनो दे विा ना हवें, एह से ओह िोग से मि डे राईं। 66 काहे तक उ िोग ना ि राजा के गारी दे सकेिा ना आशीष दे सकेिा। 67 ना ि ऊ िोग आकाश में गैर-यहूदी िोग के बीच कवनो तनशानी दे खा सकेिा, ना सूरज तनहन चमक सकेिा, ना चा​ाँ द तनहन रोशनी दे सकेिा। 68 जानवर ओह िोग से बतढया बा, काहे तक ऊ िोग एगो आड में जा के अपना के मदद कर सकेिा। 69 िब हमनी के ई कबो ना बुझािा तक ऊ दे विा हवें, एहसे ओह िोग से मि डे राईं। 70 जइसे तक खीरा के बगइचा में तबजूका कुछ ना राखेिा, ओइसहीं ओकर िकडी के दे विा िोग चां दी आ सोना से तबछि होिा। 71 ओइसहीं ओह िोग के िकडी के दे विा आ चां दी आ सोना से तबछि बगइचा के सफेद का​ाँ टा जइसन होिें जवना पर हर तचरई बइठि रहे िा. जइसे तक एगो मृि शरीर के भी, जवन पूरब से अन्हार में बा। 72 आ ओकरा पर सडि चमकदार बैंगनी रं ग से िू िोग ओह िोग के कवनो दे विा ना होखे के जानब आ ओकरा बाद ऊ िोग खाइि जाई आ दे हाि में तनंदा हो जाई. 73 एह से धमी आदमी के बतढया होिा जेकर कवनो मूतित ना होखे, काहे तक ऊ तनंदा से दू र रही।


अध्य 1 के ब् 1 उ लोग आग के बीच मे चलत रहले, भगवान के स्तत करत रहले अव्री पभ् के आशीष दे त रहले। 2 तब अजररया खडा होके एही तरह से पाराना कइलन। आग के बीच मे आपन म्ँह खोल के कहलस। 3 हे हमनी के प्रखन के परमेशर पभ्, तू धन हउअ, तोहार नाम हमेशा खाततर स्तत आ मतहमा होखे लायक बा। 4 काहे तक तू हमनी के जवन भी काम कइले बाडू, ओकरा मे तू धम् हउअ, हँ , तोहार सब काम साँ च बा, तोहार रासा सही बा आ तोहार सब नाय सचा बा। 5 तू हमनी पर आ हमनी के प्रखन के पतवत नगर यरशलेम पर जवन भी चीज ले आइल बाडू, ओकरा मे तू सचा नाय के अंजाम दे ले बाडू, काहे तक तू हमनी के पाप के वजह से इ सब बात हमनी पर सचाच आ नाय के अन्सार ले आइल बाडू। 6 हमनी के पाप क के पाप कचले बानी जा, तोहरा से हट के। 7 हमनी के सब काम मे उलंलन कइले बानी जा, आ ना ही तोहार आजा के पालन कइनी जा, ना ओकर पालन कइनी जा, ना ही तोहरा आजा के काम कइनी जा तातक हमनी के ठीक होखे। 8 एही से तू जवन क्छ हमनी पर ले आइल बाड़ आ जवन क्छ हमनी के सारे कइले बाड़, ओकरा के तू सचा नाय से कइले बाड़। 9 तू हमनी के अराजक द् शनन के हार मे सौंप तदहनी, जवन परमेशर के बहत लृतित करे वाला लोग, आ एगो अनायी राजा आ पूरा द् तनया के सबसे द् ष राजा के हार मे दे तदहनी। 10 अब हमनी के म्ँह नचखी खोल सकत, हमनी के तोहार सेवकन खाततर शमा आ तनंदा के बात हो गचल बानी जा। आ जे तोहार आराधना करे ला, ओकरा के। 11 तबो अपना नाम के खाततर हमनी के पूरा तरह से ना छोड दी ं आ ना ही आपन वाचा के तोड दी।ं 12 आपन दया हमनी से दू र मत कऱ, आपन तपय अबाहम के खाततर, आपन सेवक इसहाक खाततर आ अपना पतवत इसाएल खाततर। 13 तू जेकरा से बात कइले बाड़ आ वादा कइले बाड़ तक तू ओह लोग के संतान के आकाश के तारा तनयर आ सम्ंदर के तकनारे पडल बालू तनयर बढा दे ब़। 14 हे पभ्, हमनी के कवनो जातत से कम हो गचल बानी जा, आ अपना पाप के चलते पूरा द् तनया मे आज के नीचे राखल जा रहल बानी जा।

15 एह लरी ना कवनो राजक्मार, ना भतवषवया, ना नेता, ना होमबतल, ना बतलदान, ना बतलदान, ना धूप, ना तोहरा सोझा बतल चढावे आ दया करे के जगह। 16 तिर भी पशाताप करे वाला तदल आ तवनम भावना से हमनी के सीकार कइल जाव। 17 जइसे मेढक आ बैल के होमबतल आ दस हजार मोट मेमना के होमबतल मे होला, आज् हमनी के बतलदान तोहरा नजर मे होखे आ हमनी के पूरा तरह से तोहरा पीछे चले के मौका दी ं काहे तक ऊ लोग एह बात से बेशमा ना होखी तोहरा पर आपन भरोसा राख़. 18 अब हमनी के पूरा मन से तोहरा पीछे चलत बानी जा, तोहरा से डे रात बानी जा आ तोहार म्ँह खोजत बानी जा। 19 हमनी के शतममदा मत कऱ, बल्क अपना दया आ अपना दया के भरमार के तहसाब से हमनी के सारे ववहार कऱ। 20 हे पभ्, अपना अचरज के अन्सार हमनी के भी बचाव, आ तोहरा नाम के मतहमा कऱ, आ तोहार सेवकन के द् ख करे वाला सब लोग शतममदा होखे। 21 आ ऊ लोग अपना पूरा ताकत आ ताकत मे लज्त हो जाव आ ओह लोग के ताकत टू ट जाव. 22 आऊ उ लोग के पता चले तक तू परमेशर हउअ, एकलौता परमेशर हउअ आ पूरा द् तनया पर मतहमा बा। 23 राजा के नौकर जे ओह लोग के रखले रहले, उ लोग राल, तपच, टो आ छोट-छोट लकडी से अंडा के गरम करे के काम ना छोडले। 24 एही से भटी के ऊपर से लौ उनचालीस हार बढल। 25 उ भटी के आसपास तमलल कसदी लोग के जरा तदहलस। 26 लेतकन पभ् के दू त अजररया आ उनकर सारी लोग के सारे अंडा मे उतर के आतग के लौ के भंडार से बाहर तनकाल तदहलस। 27 भटी के बीच के नमी सीटी के हवा जइसन बना तदहलस, जवना से आग ओ लोग के कवनो तरह से ना छूवलस, ना कवनो चोट पहं चवलस अव्री ना परे शान कचलस। 28 तीनों लोग एक म्ँह से तनकल के भटी मे भगवान के स्तत, मतहमा आ आशीष तदहले। 29 हे हमनी के प्रखन के परमेशर पभ्, तू धन बाडू, आ हमेशा खाततर सबक्छ से ऊपर स्तत आ ऊंचा होखे के बा। 30 तोहार गौरवशाली आ पतवत नाम धन बा, आ हमेशा खाततर सबक्छ से ऊपर स्तत आ ऊंचा होखे के चाही।ं 31 तू अपना पतवत मतहमा के मंतदर मे धन बाडू, आ हमेशा खाततर सब से ऊपर स्तत आ मतहमा होखे के बा।


32 तू धन हउअ जे गतहराच के दे ख के करबन पर बइठल बाड़ आ हमेशा खाततर सबक्छ से ऊपर स्तत आ ऊंचा होखे के चाही।ं 33 तू अपना राज के गौरवशाली तसंहासन पर धन बाडू, आ हमेशा खाततर सभसे ऊपर स्तत आ मतहमा होखे के बा। 34 तू सगा के आकाश मे धन बाडू, आ सबले बढ के हमेशा खाततर स्तत आ मतहमा होखे के बा। 35 हे पभ् के सब काम, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 36 हे आकाश, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 37 हे पभ् के दू त, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 38 हे आकाश से ऊपर के सब पानी, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 39 हे पभ् के सब शजय, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 40 हे सूरज आ चाँ द, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 41 हे आकाश के तारा, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 42 हे हर बरखा आ ओस, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 43 हे सब हवा, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 44 हे आग आ गम्, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ ऊपर उठाचं वे सब हमेशा खाततर। 45 हे जाडा आ गम्, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 46 हे ओस आ बिा के तूिान, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 47 हे रात-तदन, पभ् के आशीष दी,ं ओकरा के हमेशा खाततर सब से ऊपर आशीष दी।ं 48 हे इजोत आ अनार, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 49 हे बिा आ ठं डा, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 50 हे ठं ढा आ बिा, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 51 हे तबजली आ बादल, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं।

52 हे धरती पभ् के आशीष दे वे, उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 53 हे पहाड आ छोट पहाडी, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 54 हे धरती पर उगे वाला सब चीज, पभ् के आशीष करी ं, उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 55 हे पहाड, पभ् के आशीष करी ं, उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 56 हे सम्ंदर आ नदी, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 57 हे वे ल आ पानी मे चले वाला सब लोग, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 58 हे सब तचरच, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 59 हे सब जानवर आ पश्, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 60 हे मन्ष के संतान, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 61 हे इसाएल, पभ् के आशीष दी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 62 हे पभ् के याजक लोग, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 63 हे पभ् के सेवक लोग, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 64 हे धम् के आता आ पािी, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 65 हे पतवत आ तवनम तदल के आदमी, पभ् के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं। 66 हे अनतनया, अजररया आ तमसाएल, पभ् के आशीष दी,ं उनकर स्तत करी ं आ हमेशा खाततर सब से ऊपर उठाचं, काहे तक उ हमनी के नरक से बचा लेले बाडे , मौत के हार से बचा लेले बाडे अव्री भटी के बीच से बचा लेले बाडे आ जरत लौ, आग के बीच से भी उ हमनी के बचा लेले बाडे । 67 हे पभ् के धनवाद दी,ं काहे तक ऊ कृपाल् हवे, काहे तक उनकर दया हमेशा खाततर बनल रहे ला। 68 हे पभ् के आराधना करे वाला सब लोग, दे वता लोग के भगवान के आशीष करी,ं उनकर स्तत करी ं आ धनवाद दी,ं काहे तक उनकर दया हमेशा खाततर बनल रहे ला।


अध्याय 1 के बा 1 बाबुल में एगो आदमी रहे , जेकर नाम योआसीम रहे। 2 उ एगो पत्नी के बबयाह कईले, जेकर नाम सुसाना रहे , जवन बक चेल्कियास के बेटी रहली, उ बहुत सु​ुंदर मबहला रहली अवुरी प्रभु से डे रात रहली। 3 उनकर माई-बाबूजी भी धमी रहले आ अपना बेटी के मूसा के बनयम के अनुसार बसखावत रहले। 4 योआसीम एगो बड़ धनी आदमी रहलन आ उनकर घर से जुड़ल एगो सुन्दर बगइचा रहलन आ यहूदी लोग उनकर सहारा लेत रहलन। काहे बक ऊ बाकी लोग से अबधका इज्जतदार रहले. 5 ओही साल लोग के दू गो प्राचीन लोग के न्यायकता​ा बने खाबतर बनयुक्त कइल गइल, जइसन बक प्रभु कहले रहले बक बाबुल से बुराई प्राचीन न्यायाधीश लोग से आइल, जवन लोग के शासन करत बुझात रहे। 6 इ लोग योआसीम के घर में बहुत कुछ रखले रहले, आ जेकरा में ससुराल रहे , उ सब उ लोग के लगे आवत रहले। 7 दु पहररया में जब लोग बनकलल त सुसाना अपना पबत के बगइचा में घूमे खाबतर चल गईली। 8 दु नो बुजुगा ओकरा के रोज भीतर जात आ चलत दे खत रहले। जेसे उनकर वासना ओकरा प्रबत भड़क गईल। 9 उ लोग आपन मन के बबगाड़ के आपन आँ ख मोड़ दे ले बक उ लोग स्वगा के ओर ना दे खस अवुरी ना ही न्यायी फैसला के याद करस। 10 भले ही दु नु जाना ओकरा प्रेम से घायल हो गईल रहले, लेबकन एक दू सरा के आपन दु ख दे खावे के बहम्मत ना कईले। 11 काहेबक उ लोग आपन वासना बतावे में लाज करत रहले बक उ लोग ओकरा से सुंबुंध बनावे के चाहत रहले। 12 तबो उ लोग ओकरा के दे खे खाबतर बदन-प्रबतबदन पूरा लगन से दे खत रहले। 13 एक आदमी दू सरा से कहलस, “आब हमनी के घरे चल जाइले, काहेबक रात के खाना खाए के समय बा।” 14 जब उ लोग बाहर बनकलल त एक के दू सरा से अलग हो गईले अवुरी पीछे मुड़ के उहे जगह पहु​ुंच गईले। एक दू सरा से कारण पूछला के बाद उ लोग आपन इच्छा के कबूल कईले, बफर दु नो लोग के एक सुंगे एगो समय तय कईले, जब उ लोग उनुका के अकेले पाई। 15 जब उ लोग ठीक समय के दे खत रहले त उ पबहले बनहन बसफा दु गो नौकरानी के सुंगे भीतर गईली अवुरी उ बगइचा में धोवे के चाहत रहली, काहेंकी उ गरम रहे। 16 उहाँ दु नो बुजुगा के छोड़ के कवनो लाश ना रहे जवन लुका के ओकरा के दे खत रहे। 17 तब उ अपना नौकरानी से कहली, “हमरा खाबतर तेल आ धोवे के गोला लेके आवऽ आ बगइचा के दरवाजा बुंद करऽ ताबक हम हमरा के धो सकीले।”

18 उ लोग उनुका कहला के मुताबबक बगइचा के दरवाजा बुंद क दे ले अवुरी उ लोग जवन चीज़ के आज्ञा दे ले रहली, ओकरा के ले आवे खाती खुद गुप्त दु आर प बनकल गईले, लेबकन उ लोग बुजुगा लोग के ना दे खले, काहेंकी उ लोग बछपल रहले। 19 जब नौकरानी लोग बनकलल त दु नु बुजुगा उठ के ओकरा लगे भागल आ कहलस। 20 दे खऽ, बगइचा के दरवाजा बुंद बा बक केहू हमनी के ना दे ख सके आ हमनी के तोहरा से प्रेम करत बानी जा। एह से हमनी के सहमबत दीुं आ हमनी के साथे लेट जा। 21 अगर तू ना चाहब त हम तोहरा ल्कखलाफ गवाही दे ब बक एगो नवही तोहरा सुंगे रहे, एहसे तू अपना नौकरानी के अपना से भेज दे ले बाड़ू। 22 तब सुसाना आह भरली आ कहली, “हम हर तरफ से तुंग आ गईल बानी, काहेबक अगर हम इ काम करब त हमरा खाबतर मौत बा। 23 प्रभु के सामने पाप करे से बब़िया बा बक हम तोहरा हाथ में बगर के ना करब। 24 एही से सुसाना जोर से बचल्ला उठली आ दु नु बुजुगा ओकरा ल्कखलाफ बचल्लात रहले। 25 तब एगो दौड़ के बगइचा के दरवाजा खोललस। 26 घर के नौकर जब बगइचा में बचल्लाहट सुनले त उ लोग घर के नोकरी में घुस गईले बक उनुका सुंगे का भईल बा। 27 जब बुजुगा लोग आपन बात सुनवले त नौकर लोग के बहुत शमा आ गईल, काहे बक सुसाना के बारे में कबो अयीसन खबर ना भईल। 28 अबगला बदने जब लोग उनकर पबत योआबसम के लगे जुट गईल त दु नो बुजुगा सुसाना के हत्या करे खाबतर बदमाश से भरल आ गईले। 29 उ लोग के सामने कहलस, “जोआसीम के पत्नी केल्कियास के बेटी सुसाना के बोलावल जाव।” आ एही से उ लोग भेजले। 30 त उ अपना बाप-माई, अपना बच्चा अवुरी अपना सभ ररश्तेदार के सुंगे अईली। 31 सुसाना बहुत नाजुक औरत रहली आ दे खे में सुन्दर रहली। 32 ई दु ष्ट लोग ओकर चेहरा खोले के आज्ञा बदहल, (काहे बक ऊ ढुं कल रहे) ताबक ऊ लोग ओकर सु​ुंदरता से भरल होखे। 33 एही से ओकर दोस्त आ ओकरा के दे खे वाला सब लोग रोवे लागल। 34 तब दु नु बुजुगा लोग के बीच में खड़ा होके ओकरा माथा पर हाथ रखले। 35 ऊ रोवत-रोवत स्वगा के ओर दे खत रहली काहे बक उनकर मन प्रभु पर भरोसा करत रहे।


36 बुजुगा लोग कहले, “हम अकेले बगइचा में चलत रहनी त इ मेहरारू दु गो नौकरानी के सुंगे भीतर आईल अवुरी बगइचा के दरवाजा बुंद क के नौकरानी के भेज दे लस। 37 तब एगो युवक जवन उहाँ लुकाइल रहे , ओकरा लगे आके ओकरा सुंगे लेट गईल। 38 हमनी के बगइचा के कोना में खड़ा होके इ दु ष्टता दे ख के ओ लोग के लगे भाग गईनी। 39 जब हमनी के ओ लोग के एक सुंगे दे खनी त उ आदमी के हमनी के पकड़ ना पवनी, काहेकी उ हमनी से जादे मजबूत रहे अवुरी उ दरवाजा खोल के कूद के बाहर बनकल गईल। 40 लेबकन हम एह औरत के लेके पूछनी बक उ युवक के ह, लेबकन उ हमनी के इ ना बतावेली बक हमनी के इ बात के गवाही दे तानी। 41 तब भीड़ ओह लोग के मान के लोग के बुजुगा आ न्यायाधीश के रूप में बबसवास कइलस। 42 तब सुसाना जोर से बचल्ला के कहली, “हे अनन्त परमेश्वर, जे गुप्त बात के जानत बानी आ सब कुछ के पबहले से जानत बानी। 43 तू जानत बाड़ू बक उ लोग हमरा ल्कखलाफ झूठा गवाही दे ले बाड़े अवुरी दे ख, हमरा मर जाए के बा। जबबक हम कबो अइसन काम ना कइनी जवन ई लोग दु भा​ावना से हमरा ल्कखलाफ आबवष्कार कइले बा. 44 तब प्रभु ओकर आवाज सुनले। 45 जब उनुका के मारे खाबतर ले जाइल गइल त प्रभु एगो नवही के पबवत्र आत्मा के बजुंदा कर बदहलन जेकर नाम दाबनयल रहे। 46 ऊ जोर से बचल्ला के कहलस बक हम एह औरत के खून से साफ हो गईल बानी। 47 तब सब लोग उनकरा ओर मुड़ के कहलस, “तू जवन बात कहले बाड़ के का मतलब बा? 48 उ लोग के बीच में खड़ा होके कहलस, “हे इस्राएल के बेटा, का तू अतना मूखा हईुं बक बबना कवनो परख भा सच्चाई के जानकारी के तू लोग इस्राएल के बेटी के दोषी ठहरा दे ले बाड़ऽ?” 49 फेर से न्याय के जगह पर वापस आ जाइए, काहेबक उ लोग ओकरा ल्कखलाफ झूठा गवाही दे ले बाड़े । 50 एही से सब लोग जल्दबाजी में वापस आ गईले अवुरी बुजुगा लोग उनुका से कहले , “आके हमनी के बीच बईठ जा अवुरी हमनी के बताव, काहेंकी भगवान तोहरा के एगो बुजुगा के इज्जत दे ले बाड़े ।” 51 तब दाबनयल ओह लोग से कहलन, “एह दु नु के एक दोसरा से दू र रख दीुं त हम ओह लोग के जाँच करब।” 52 जब ऊ लोग एक दोसरा से अलग हो गइल त ऊ ओह लोग में से एगो के बोलवले आ कहलन बक, “हे दु ष्टता से बू़ि हो गइल बाड़ू, अब तोहार पाप जवन तू पबहले कइले बाड़ू, सामने आ गइल बा.”

53 काहे बक तू झूठा फैसला सुनवले बाड़ू आ बनदोष के दोषी ठहरवले बाड़ू आ दोषी के मुक्त छोड़ दे ले बाड़ू। हालाुंबक प्रभु कहत बाड़न बक बनदोष आ धमी के ना मारब। 54 अब अगर तू ओकरा के दे खले बाड़ू त बताईुं बक तू कवना पेड़ के नीचे ओ लोग के सुंगत करत दे खले बाड़ू? जे जवाब बदहलस, एगो माल्किक के पेड़ के नीचे। 55 दाबनयल कहलन, “बहुत बब़िया बा; तू अपना माथा के ल्कखलाफ झूठ बोलले बाड़ू। काहे बक अबबहयो भगवान के दू त के भगवान के सजा बमल गइल बा बक ऊ तोहरा के दू भाग में काट दे व. 56 त ऊ ओकरा के एक तरफ रख के दोसरा के ले आवे के आदे श बदहलन आ कहलन बक, “हे यहूदा के ना, कनान के वुंशज, सु​ुंदरता तोहरा के धोखा दे ले बबया आ कामवासना तोहरा मन के बबगाड़ बदहले बा। 57 तू लोग इस्राएल के बेटी लोग के साथे अईसन व्यवहार कईले बाड़ू, आ उ लोग डर से तोहरा सुंगे सुंगत भईले, लेबकन यहूदा के बेटी तोहार दु ष्टता के ना बटकल चाहत रहली। 58 अब हमरा के बताईुं बक तू ओह लोग के कवना पेड़ के नीचे रखले बाड़ू? जे जवाब बदहलस, एगो होल्म के पेड़ के नीचे। 59 तब दाबनयल ओकरा से कहलस, “अच्छा; तू अपना माथा के ल्कखलाफ भी झूठ बोलले बाड़ू, काहेबक परमेश्वर के दू त तलवार से तोहरा के दू भाग में काट के इुं तजार करत बा बक उ तोहरा के नाश कर सके। 60 एही से सब लोग जोर-जोर से बचल्लात रहे आ भगवान के स्तुबत करत रहे , जे उनकरा पर भरोसा करे वाला लोग के बचावेला। 61 उ लोग दु नो बुजुगा के ल्कखलाफ उठ गईले, काहेबक दाबनयल ओ लोग के खुद के मु​ुंह से झूठा गवाही दे वे के दोषी ठहरवले रहले। 62 मूसा के बनयम के मुताबबक उ लोग ओ लोग के सुंगे अयीसन कईले, जवन बक उ लोग अपना पड़ोसी के सुंगे दु भा​ावना से करे के चाहत रहले अवुरी उ लोग ओ लोग के हत्या क दे ले। एह तरह से ओही बदन बनदोष खून के बचाव हो गइल। 63 एही से केल्कियास आ उनकर मेहरारू अपना बेटी सुसाना, उनकर पबत योआसीम आ सब ररश्तेदारन खाबतर भगवान के स्तुबत कइलन, काहे बक उनकरा में कवनो बेईमानी ना बमलल। 64 ओह बदन से दाबनयल के लोग के नजर में बहुत नाम रहे।


अध्य 1 के ब् 1 राजा असात् य अपना पुरखन क् लत् जु ट तईल् अवु री फारय क् याइरय क् राज मिल तईल। 2 दामनयल राजा य् बातचीत कइलन आ उनकर यब दोसन य् अमिका आदर कइलन। 3 ब् मबलोन क् लत् ब् ल नाि क् एतो िू मतत रह् आ ओकरा पर रोज बारह तो बडहन नाप िहीन आटा, चालीय तो भ्ड आ छह तो शराब क् बततन खरच होखत रह् । 4 राजा एकर पूजा करत रहल् आ रोज एकर आरािना कर् जात रहल् , ल् मकन दामनयल अपना भतवान क् पूजा करत रहल् । राजा ओकरा य् कहलन, “तू ब् ल क् पूजा काह् नइखऽ करत?” 5 ऊ जवाब मदहलन मक हि हाथ य् बनल िू मतत क् पूजा ना कर यकील् , बलु क मजं दा भतवान क् पूजा कर यकील् , ज् आकाश आ िरती क् रचल् बाडन आ यब शरीर पर ओकर पभुभ बा। 6 राजा ओकरा य् कहलय, “का तोहरा नइख् लातत मक ब् ल एतो मजं दा भतवान हवे ?” का तू नइखऽ द् खत मक ऊ रोज क्तना खातपीयत बा? 7 तब दामनयल िु सुरा क् कहलन, “ह् राजा, िोखा ित खाईं, काह् मक ई त भीतर िाटी आ बाहर पीतल ह, आ कबो कवनो चीज ना खइल् ना मपयल् । 8 राजा कोमित होक् अपना याजकन क् बोलवल् आ कहलन मक अतर तू हिरा क् ना बताइब मक ई क् ह ज् एह खरचा क् खात बा त तोहनी क् िौत हो जाई। 9 ल् मकन अतर रउआ हिरा क् पिामात कर यक्नी मक ब् ल ओ लोत क् खा तईल बा, त दामनयल क् िौत हो जईह् , काह् की उ ब् ल क् मनंदा कईल् बाड् । दामनयल राजा य् कहल्, “तोहरा वचन क् िु तामबक होख्।” 10 ब् ल क् पुजारी लोत क् ि् हरार आ लइका-लइकी क् छोड क् यठ तो याजक रहल् । राजा दामनयल क् यं त् ब् ल क् िं मदर िे चल तईल् । 11 तब ब् ल क् याजक लोत कहलय, “हिनी क् बाहर मनकलत बानी जा, ल् मकन तू, ह् राजा, खाना पमहन क् शराब तैयार कर क् दरवाजा क् त्जी य् बं द क क् अपना मनशान य् िु हर लता दी।ं 12 काल् जब तू भीतर अइबऽ त अतर तू ना पाईब मक ब् ल यब खा तइल बा त हिनी क् िौत क् यािना कर् क् पडी, ना त दामनयल, ज् हिनी क् खखलाफ झूठ बोलत बा। 13 उ लोत एकरा क् ब्त कि द् खत रहल् , काह् मक ि् ज क् नीच् उ लोत एतो तु प पव् श दार बनवल् रहल् , जवना य् उ लोत लतातार घुयत रहल् अवु री उ यब खाना खात रहल् । 14 जब उ लोत बाहर मनकलल त राजा ब् ल क् यािन् भोजन रखल् । दामनयल अपना नौकरन क् राख ल् आव् क् आजा द् ल् रहल् , जवना क् उ लोत अक्ल् राजा क् योझा पूरा िं मदर िे मबख्र द् ल् रहल् । 15 रात िे याजक लोत अपना ि् हरार आ लइकन क् याथ् अइल् , जइय् मक उ लोत क् आदत रह्, आ यब कुछ खा-पी क् खात रहल् । 16 यब् र् राजा उठलन आ दामनयल भी उनका याथ् उठलन। 17 राजा कहलय, “दामनयल, का िु हर ठीक बा?” ऊ कहलन, “हँ , ह् राजा, ऊ लोत ठीक हो जा.” 18 जइयहीं ऊ कडाही खोलल् , राजा ट् बुल क् ओर द् खल् आ जोर य् मचला क् कहल्, “ह् ब् ल, तू बडका हउअ, आ तोहरा याथ् कवनो िोखा नइख्।” 19 तब दामनयल हँ य क् राजा क् पकड क् कहलन मक ऊ फुटपाथ क् द् खऽ आ बम़या य् मनशान लताईं मक ई क्कर कदि ह। 20 राजा कहल् , “हि िरद ि् हरार आ लइकन क् कदि द् खत बानी।” आ तब राजा खखमयया तइलन, 21 ऊ पुजारी लोत क् अपना ि् हरार आ लइकन क् याथ् ल् तइलन आ ऊ लोत ओकरा क् तु प दरवाजा द् खा मदहलन जहाँ ऊ लोत घुयल रह् आ ट् बुल पर राखल चीजन क् भस कर मदहल.

22 एही य् राजा ओह लोत क् िार मदहलन आ ब् ल क् दामनयल क् अमिकार िे यौंप मदहलन आ ब् ल क् दामनयल क् आ ओकर िं मदर क् नष कर मदहलन। 23 ओही जतह पर एतो बडहन अजतर रह् जवना क् बाबु ल क् लोत पूजत रह् । 24 राजा दामनयल य् कहलन, “का तू इहो कहब मक ई पीतल क् ह?” द् खऽ, ऊ मजं दा बा, ऊ खात-पीयत बा; तू ई ना कह यक्लऽ मक ऊ कवनो मजं दा द् वता ना ह, एहय् ओकर पूजा करऽ। 25 तब दामनयल राजा य् कहलन, “हि अपना परि् य् वर क् आरािना करब, काह् मक उ मजं दा परि् शर हवे ।” 26 ह् राजा, हिरा क् छोड दी ं, त हि एह अजतर क् मबना तलवार भा लाठी क् िार द् ब। राजा कहलन, हि तोहरा क् छु टी द् त बानी। 27 तब दामनयल चिडी, िोट आ बाल ल् क् उबाल क् तां ठ बनवल् , उ अजतर क् िुं ह िे डाल द् ल् अवु री एहीय् अजतर फाट तईल अवु री दामनयल कहल् , “द् ख, इह् द् वता हव् ।” पूजा. 28 जब ई बात यु न क् बाबु ल क् लोत ब्त तु सा िे आक् राजा क् खखलाफ यामजश रच क् कहलय, “राजा यहदी हो तईल बा, उ ब् ल क् नष क द् ल् बाड् , उ अजतर क् िार द् ल् बाड् अवु री पुजारी क् हता क द् ल् बाड् ।” 29 उ लोत राजा क् लत् आक् कहलय मक, “दामनयल क् हिनी क् बचा द, ना त हिनी क् तोहरा अवु री तोहार घर क् नष क द् ब।” 30 राजा जब द् खलन मक उ लोत ओकरा क् ब्त दबावत बाड् , त उ दामनयल क् ओ लोत क् यौंप द् ल्। 31 उ ओकरा क् श्र क् िां द िे फेक मदहलय, उहाँ उ छह मदन रहल् । 32 ओह िां द िे यात तो श्र रहल् आ ऊ लोत ओह लोत क् रोज दू तो लाश आ दू तो भ्ड द् त रह् , जवन तब ओह लोत क् ना मदहल तइल रह् मक ऊ लोत दामनयल क् खा जाव. 33 यहदी द् श िे हबाकुक नाि क् एतो भमवषवया रहल् , उ तिछा बना क् एतो कटोरी िे रोटी तोड क् ख्त िे जात रहल् अवु री कटनी कर् वाला लोत क् लत् ल् आवत रहल् । 34 ल् मकन परि् य् वर क् दू त हबाकुक य् कहलय, “जा क् तोहरा लत् जवन खाना बा, ओकरा क् श्र क् िां द िे दामनयल क् लत् ल् जा।” 35 हबाकूक कहलय, “ह् पभु, हि कबो बाबु ल क् ना द् खल् रहनी। ना त हिरा िालू ि बा मक िां द कहां बा। 36 तब पभु क् दू त ओकरा क् िु कुट पकड क् ओकरा िाथा क् बाल य् ढो क् ओकरा क् बाबु ल िे िां द क् ऊपर रख मदहलय। 37 हबकुक मचला क् कहलय, “ह् दामनयल, दामनयल, उ रात क् खाना ल् लीं जवन परि् शर तोहरा क् भ्जल् बाड् । 38 दामनयल कहल् , “ह् परि् शर, तू हिरा क् याद कर ल् ल् बाडू, ना ही तोहरा क् खोज् वाला आ तोहरा य् पार कर् वाला क् छोडल् बाडू।” 39 तब दामनयल उठ क् खाना खइल् आ पभु क् दू त तुरत् हबाकूक क् अपना जतह पर रख मदहलन। 40 यातवाँ मदन राजा दामनयल क् मवलाप कर् तइलन आ जब ऊ िां द िे प्ँ चलन त भीतर द् खलन त द् खलन मक दामनयल बईठल रहल् । 41 राजा जोर-जोर य् मचला क् कहलय, “दामनयल क् पभु परि् शर ब्त बड हउवे आ तोहरा अलावा दोयर क्ह नइख्।” 42 ऊ ओकरा क् बाहर मनकाल क् उनकर नाश क् कारा बनल लोत क् िां द िे फेक मदहलन आ ऊ लोत एक पल िे उनकरा यािन् खा तइल।


हे प्र, हमनी के पररखन अब्हम, इसह्क आ य्कूब के सर्वशकम्न परमेशर, आ ओह लोग के धम् संत्न के; जे आक्व आ धरती के ओकर सब आ्ूषण के स्थे बनरले ब्। जे तोह्र आज् के रचन से समरंदर के ब्नले ब्। जे गहहर्ह के बंद कर हदहले ब् आ ओकर् पर तोहर् ्य्नक आ गौररव्ली न्म से मरहर लग् हदहले ब्. जेकर् से सब लोग डे र्ल् आ तोहर् वशक के स्मने क्ँ पेल्। क्हे हक तोह्र महहम् के महहम् के सहन न् कइल ज् सके आ प्पी लोग के पहत तोह्र गरस् मे धमकी हदहल महत के ब्, ब्हकर तोह्र दय्लर र्द् अथ्ह आ खोजल न् ज् सके र्ल् ब्। क्हे हक तू परम ऊँच प्र हउअ, बहते दय्लर, धैय्र्न, बहते दय्लर आ आदमी के बरर्ई से पश्त्प करे र्ल् हउअ. हे प्र, तू अपन् बडहन ्ल्ई के अनरस्र तोहर् शखल्फ प्प करे र्ल् लोग के पश्त्प आ म्फी के र्द् कइले ब्ड़, आ अपन् अनंत दय् से प्पी लोग के पश्त्प के क्म तय कइले ब्ड़ त्हक ऊ लोग उद्र प्रे। एह से हे प्र, जे धम् लोग के परमेशर हउअ, तू धम् लोग ख्हतर पश्त्प के हनयरशक न् कइले ब्ड़, जइसे हक अब्हम, इसह्क आ य्कूब के, जे तोहर् शखल्फ प्प न् कइले ब्। लेहकन तू हमर् प्पी ख्हतर पश्त्प के हनयरशक कईले ब्डू, क्हे हक हम समरंदर के ब्लू से ज्द् प्प कईले ब्नी। हे प्र, हम्र अपर्ध बढल ब्, हम्र अपर्ध बढल ब्, आ हम अपन् अधम् के ्ीड के चलते सग् के ऊँच्ई के दे खे आ दे खे ल्यक नईखी। हम बहत लोह् के पटी से झरकल ब्नी, हक हम आपन म्थ् ऊपर न् उठ् सकत ब्नी, न् करनो छूट ब्, क्हे हक हम तोहर् कोध के ्डक् दे ले ब्नी अरररी तोहर् सोझ् बरर्ई कईले ब्नी, हम तोह्र इच् न् कईनी अरररी न् तोह्र आज् के प्लन कईनी हिनौन् चीजन के क्म कइले ब् आ अपर्ध के बढ् हदहले ब्डन. अब हम अपन् मन के िरटन् टे क के तोहर् से कृप् के हनहोर् करत ब्नी। हम प्प कइले ब्नी, हे प्र, हम प्प कइले ब्नी आ हम अपन् अपर्ध के सीक्र करत ब्नी, एही से हम हरनमत् से हनहोर् करत ब्नी हक हमर् के म्फ कऱ, हे प्र, हमर् के म्फ कऱ आ हमर् अपर्ध से न्व मत कऱ। हमर् ख्हतर बरर्ई के सररह्त र्ख के हमर् पर हमेव् ख्हतर न्र्ज मत होख़; न् त हमर् के धरती के हनचल् हहस् मे दोषी ठहर्ईं। क्हे हक तू ्गर्न हउअ, पश्त्प करे र्ल् लोग के परमेशर हउअ। आ हमर् मे तू आपन सब ्ल्ई दे ख्रेब, क्हे हक तू हमर् के अयोग के बच् लेब़, अपन् बडहन दय् के हहस्ब से। एही से हम अपन् हजहनगी ्र तोह्र सरहत करब, क्हे हक आक्व के सब वशक तोह्र सरहत करे ले, आ तोह्र महहम् हमेव् से हमेव् ख्हतर ब्। आमीन के ब्।


अध्याय 1 के बा 1 फिलीप के बेटा फिकंदर, जे मफकदु फियाई के चे फिम के दे श िे फिकलल, िारि आ मादी के राजा दारा के मार फदहलि, ओकरा बाद उ यूिाि के पफहला राजा दारा के हरा फदहलि। 2 ऊ बहुि युद्ध कइलि आ कई गो गढ़ जीिलि आ धरिी के राजा लोग के मार फदहलि। 3 ऊ धरिी के छोर िक चल गइलि आ कई गो राष्ट्रि के लूट ले फलहलि आ धरिी उिका िामिे शांि हो गइल। जविा पर ऊ ऊँच हो गइल आ ओकर फदल उठ गइल. 4 ऊ एगो पराक्रमी बलवाि िेिा के बटोर के दे ि, राष्ट्र आ राजा लोग पर राज कइलि, जे उिकर िहाफयका बि गइलि। 5 एह िब के बाद उ बेमार पड़ गईले अवु री िमझ गईले फक उ मर जाए वाला बाड़े । 6 एही िे ऊ अपिा जवािी िे अपिा िाथे पलल बढ़ल आदरणीय िौकरि के बोलवले आ फजं दा रहिे अपिा राज्य के बँटवारा कर फदहलि। 7 फिकन्दर बारह िाल िक राज कइलि आ ओकरा बाद मर गइलि। 8 उिकर िौकर हर एक के अपिा जगह पर राज कर फदहले। 9 उिकर मरला के बाद िब लोग मु कुट पफहिले। ओ लोग के बाद के बेटा भी बहुि िाल िक रहले अवु री धरिी प बुराई बढ़ गईल। 10 ओह लोग में िे एगो दु ष्ट् जड़ एन्टिओकि फिकलल, जे कर िाम रहे एफपिेिीि, राजा एन्टिओकि के बेटा, जे रोम में बंधक बिल रहे आ ऊ यूिािी लोग के राज्य के िौ ित्तीिवाँ िाल में राज कइलि। 11 ओह फदि​ि में इस्राएल िे दु ष्ट् आदमी फिकलल, जे बहुि लोग के मिा फलहले फक, “चलऽ हमिी के अपिा आिपाि के गैर-यहूदी लोग के िाथे वाचा करावल जाव, काहे फक जबिे हमिी के ओह लोग िे दू र हो गइल बािी जा िबिे हमिी के बहुि दु ख होि बािी जा। 12 ि ई यंत्र ओह लोग के बफढ़या िे खुश कइलि। 13 िब कुछ लोग एह काम में अि​िा आगे बढ़ल फक राजा के लगे चल गईले अवु री उ लोग के गैर-यहूदी के फियम के मु िाफबक काम करे के अिुमफि दे ले। 14 एकरा बाद उ लोग यरूशलेम में गैर-यहूदी लोग के रीफि-ररवाज के मु िाफबक व्यायाम के जगह बिवले। 15 ऊ लोग अपिा के खि​िा िा कइले आ पफवत्र वाचा छोड़ के गैर-यहूदी लोग के िाथे जु ड़ गइलि आ दु ष्ट्िा करे खाफिर बेचल गइलि। 16 जब एं फटयोकि के िामिे राज्य स्थाफपि हो गईल ि उ फमस्र प राज करे के िोचले िाफक उिुका लगे दु राज्य के राज हो िके। 17 एही िे उ बहुि भीड़ के िाथे रथ, हाथी, घुड़िवार आ एगो बड़हि िौिेिा के िाथे फमस्र में प्रवे श कइलि। 18 फमस्र के राजा टोलेमी िे लड़ाई लड़लि, लेफकि टोलेमी ओकरा िे डे रा गईले अवु री भाग गईले। आ बहुिे लोग घायल होके मर गइल. 19 एह िरह िे फमस्र दे श के मजबूि शहर फमल गईले अवु री उ ओकर लूट के िामाि ले लेले। 20 एन्टिओकि फमस्र के हरा फदहला के बाद ऊ िौ चालीि िाल में वापि लवट के बहुि भीड़ के िाथे इस्राएल आ यरूशलेम के न्टखलाि चढ़ गईले। 21 ऊ घमं ड िे पफवत्र स्थाि में घुि के िोिा के वे दी, रोशिी के फदया आ ओकर िब बिति लेके चल गइलि। 22 रोटी के टे बुल, डाले के बिति आ कड़ाही। िोिा के धूप के बिति, घूंघट, मु कुट आ िोिा के आभूषण जवि मं फदर के िामिे रहे , उ िब कुछ उिार दे ले रहले। 23 उ चांदी आ िोिा आ कीमिी बिति भी लेके चल गईले। 24 जब उ िब कुछ लेके चल गईले, ि उ बहुि िरिंहार क के अपिा दे श में चल गईले अवु री बहुि गवत िे बाि कईले। 25 एही िे इस्राएल में जहाँ-जहाँ उ लोग रहले, उहाँ बहुि शोक भईल। 26 एह िे राजकुमार आ बुजुगत लोग शोक मिावि रहे , कुंवारी आ िवही लोग कमजोर हो गइल आ मे हरारू लोग के िुंदरिा बदल गइल। 27 हर दू ल्हा फवलाप करि रहे आ फबयाह के कोठरी में बईठल मफहला के भारी भरकम रहे ।

28 ओह दे श के फिवािी लोग खाफिर भी ऊ दे श हट गइल आ याकूब के पू रा घरािा उलझि िे डू बल रहे । 29 दू िाल पू रा भइला के बाद राजा आपि प्रमु ख कर विूली वाला के यहूदा के शहरि में भेज फदहलि, जे बहुि भीड़ के िाथे यरूशलेम आइल रहले। 30 उ लोग िे शांफि के बाि कहलि, लेफकि िब धोखा रहे , काहे फक जब उ लोग उिुका के फवश्वाि दे ले ि उ अचािक शहर प फगर गईले अवु री ओकरा के बहुि मार दे ले अवु री इस्राएल के बहुि लोग के िाश क दे ले। 31 जब उ शहर के लूट के िामाि लेके ओकरा में आग लगा दे ले अवु री ओकरा घर अवु री दे वाल के चारो ओर उखाड़ दे ले। 32 लेफकि मे हरारू आ लइका लोग के बंदी बिा फलहले आ मवे शी के अपिा कब्जा में ले फलहले। 33 िब उ लोग दाऊद के शहर के एगो बड़हि आ मजबूि दे वाल आ पराक्रमी बुजत िे बिवले आ ओकरा के अपिा खाफिर गढ़ बिा फदहले। 34 उ लोग ओकरा में एगो पापी जाफि, दु ष्ट् लोग के रखले अवु री ओकरा में अपिा के मजबूि कईले। 35 ऊ लोग ओकरा के कवच आ खािपाि के िाथे भी िंग्रफहि कइल आ यरूशलेम के लूट के िामाि बटोर के ओफहजा रख फदहल आ एही िे ऊ लोग एगो गंभीर जाल बि गइल। 36 काहे फक ई पफवत्र स्थाि के िामिे लेट जाए के जगह रहे आ इस्राएल के दु ष्ट् फवरोधी रहे । 37 एह िरह िे उ लोग पफवत्र स्थाि के चारो ओर फिदोष खूि बहवले अवु री ओकरा के अशुद्ध क दे ले। 38 एि​िा फक यरूशलेम के फिवािी ओ लोग के चलिे भाग गईले, जविा के बाद इ शहर परदे िी लोग के फिवाि बि गईल अवु री ओकरा में पै दा भईल लोग खािी पराया हो गईल। आ ओकर आपि लइका-लइकी ओकरा के छोड़ के चल गइल। 39 ओकर पफवत्र स्थाि जं गल फिहि उजड़ गईल, ओकर भोज शोक में बदल गईल, ओकर िब्त के फदि ओकर आदर के फिंदा में बदल गईल। 40 जइिे ओकर मफहमा भइल रहे , ओइिही ं ओकर बेइज्जिी बढ़ल आ ओकर महाि​िा शोक में बदल गइल। 41 राजा एन्टिओकि अपिा पू रा राज्य के फचट्ठी फलखले फक िभे एक लोग होखे। 42 आ हर केहू आपि फियम छोड़े के चाही ं, एही िे राजा के आज्ञा के अिुिार िब गैर-यहूदी लोग िहमि हो गइल। 43 हँ , इस्राएली लोग में िे बहुि लोग भी उिकर धमत िे िहमि भइल आ मू फित के बफलदाि फदहल आ िब्त के फदि के अपफवत्र कइल। 44 काहे फक राजा यरूशलेम आ यहूदा के शहरि में दू ि के माध्यम िे फचट्ठी भेजले रहले फक उ लोग दे श के फवदे शी फियम के पालि करि। 45 मं फदर में होमबफल, बफलदाि आ पे यबफल िे मिा करी ं। आ उ लोग िब्त आ परब के फदि के अपफवत्र करि। 46 पफवत्र स्थाि आ पफवत्र लोग के गंदा करऽ। 47 वे दी, बगीचा आ मू फित के चै पल लगाईं आ िुअर के मांि आ अशुद्ध जािवरि के बफल दी ं। 48 उ लोग अपिा लइकि के खि​िा िा कइले छोड़ के हर िरह के अशुन्टद्ध आ अपफवत्रिा िे अपिा जाि के फघिौिा बिावे । 49 अं ि िक फक उ लोग व्यवस्था के भूला जाि अवु री िभ फियम के बदल िकिारे । 50 जे राजा के आज्ञा के अिुिार िा करे के चाहि, उ कहले फक उ मर जाए। 51 एही िरह िे उ अपिा पू रा राज्य के फचट्ठी फलखले अवु री िभ लोग के दे खरे ख करे वाला फियुक्त कईले अवु री यहूदा के शहर के शहर-शहर बफलदाि दे वे के आदे श दे ले। 52 िब बहुि लोग ओह लोग के लगे जु ट गईले, जवि फक व्यवस्था के त्याग करे वाला हर आदमी के बारे में बिावे । आ एही िे ऊ लोग ओह दे श में बुराई कइल; 53 इस्राएली लोग के गुप्त जगहि पर भगा फदहलि, जहाँ-जहाँ उ लोग िहायिा खाफिर भाग िकि रहे ।


54 कािल्यू महीिा के पन्द्रहवाँ फदि पचालीिवाँ िाल में ऊ लोग वे दी पर उजाड़ के फघिौिा चीज खड़ा कइल आ यहूदा के पू रा शहरि में चारो ओर मू फित के वे दी बिवलि। 55 घर के दु आर पर आ गली में धूप जरावल। 56 उ लोग जवि व्यवस्था के फकिाब फमलल रहे ओकरा के िाड़ के आग िे जरा दे ले। 57 जे करा के भी फियम के फकिाब के िाथे फमलल होखे, या अगर केहू व्यवस्था के पालि करे वाला बा ि राजा के आज्ञा रहे फक उ लोग ओकरा के मार दे वे। 58 उ लोग अपिा अफधकार िे हर महीिा इस्राएफलयि के अईि​ि करि रहले, जे ि​िा शहर में फमलि रहले। 59 महीिा के पं चबीिवाँ फदि उ लोग मू फित वे दी प बफल चढ़ावि रहले, जवि फक भगवाि के वे दी प रहे । 60 आज्ञा के अिुिार उ लोग कुछ औरि​ि के हत्या कर फदहले, जवि फक उ लोग के बच्चा के खि​िा करा दे ले रहली। 61 उ लोग फशशु के गरदि में लटका दे ले अवु री घर में राइि चलावि रहले अवु री खि​िा करे वाला के मार दे ले। 62 लेफकि इस्राएल में बहुि लोग पू रा िरह िे ठाि लेले रहले फक कविो अशुद्ध चीज़ िा खाए। 63 एही िे उ लोग मरल पिंद करे ला फक उ लोग भोजि िे अशुद्ध िा होखे अवु री पफवत्र वाचा के अपफवत्र िा करे , एहिे उ लोग मर गईले। 64 इस्राएल पर बहुि बड़हि क्रोध हो गइल। अध्याय 2 के बा 1 ओही फदि में यूहन्ना के बेटा मत्ताफथयि, फशमोि के बेटा, योआररब के बेटा के याजक, यरूशलेम िे उठ के मोदीि में रहि रहले। 2 उिकर पाँच गो बेटा योआि​ि रहले, जे कर िाम कादीि रहे । 3 शमौि के िाम िे जािल जाला; थािी कहल जाला: 4 यहूदा, जे कर िाम मक्काबि रहे । 5 एफलयाजर, जे करा के अवरि कहल जाला, आ जोिाथि, जे कर उपिाम अप्पूि रहे । 6 जब ऊ यहूदा आ यरूशलेम में कइल गइल फिंदा दे खलि। 7 ऊ कहलि, “हाय हमरा! काहे हम अपिा लोग के आ पफवत्र शहर के ई दु ख दे खे खाफिर पै दा भइल बािी आ ओफहजा रहे खाफिर जब ई दु श्मि के हाथ में आ पफवत्र स्थाि के परदे िी लोग के हाथ में िौंप फदहल गइल रहे ? 8 ओकर मं फदर फबिा मफहमा के आदमी फिहि हो गईल बा। 9 ओकर गौरवशाली बिति बंदी में ले जाइल जाला, ओकर फशशु िड़क पर मारल जाला, ओकर िवही दु श्मि के िलवार िे। 10 कवि राष्ट्र के अपिा राज्य में कविो फहस्सा िा फमलल आ ऊ आपि लूट के िामाि िा फमलल? 11 ओकर िब आभूषण छीि फलहल गइल बा। आजाद मे हरारू के ऊ गुलाम बि गइल बाड़ी। 12 दे खऽ, हमिी के पफवत्र स्थाि, हमिी के िुंदरिा आ मफहमा के उजड़ फदहल गइल बा आ गैर-यहूदी लोग ओकरा के अपफवत्र कर फदहले बा। 13 अब हमिी के कविा काम खाफिर फजं दा रहब जा? 14 िब मत्तीआि आ उिकर बेटा लोग आपि कपड़ा िाड़ के बोरा पफहि के बहुि शोक मिावे लगलि। 15 एही बीच राजा के अि​िर, जइिे फक जि​िा के फवद्रोह करे खाफिर मजबूर कर फदहले, मोदीि शहर में आके ओह लोग के बफलदाि दे वे खाफिर आ गईले। 16 जब इस्राएल के बहुि लोग उिकरा लगे अइले ि मत्तीआि आ उिकर बेटा लोग भी एक िाथ आ गईले| 17 राजा के अि​िर लोग जवाब दे के मत्तफथयि िे कहलि फक िू एह शहर में एगो शािक आ इज्जिदार आ महाि आदमी हउअ आ बेटा आ भाई लोग के िाथे मजबूि भइल बाड़ू। 18 अब िू पफहले आके राजा के आज्ञा के पू रा करऽ, जइिे फक िब जाफि के लोग कइले बा, हँ , यहूदा के लोग आ जे यरूशलेम में रहे वाला लोग कइले बा दोस्त लोग, आ िोहरा आ िोहार लइकि के चांदी आ िोिा आ कई गो इिाम िे िम्माफि​ि कइल जाई।

19 िब मत्तीआ जोर िे कहलि, “भले राजा के शाि​ि के अधीि िब राष्ट्र उिकर आज्ञा माि लेव आ हर केहू अपिा पु रखि के धमत िे हट के उिकर आज्ञा के िहमफि दे दे व। 20 िबो हम आ हमार बेटा आ भाई लोग अपिा पु रखि के वाचा में चलब। 21 भगवाि िा करि फक हमिी के व्यवस्था आ फियम के छोड़ दी ं। 22 हमिी के राजा के बाि िा िुिब जा फक हमिी के अपिा धमत िे दू र हो जाईं जा, िा दाफहिा ओर, िा बांया ओर। 23 जब उ इ बाि कह के चल गईले ि राजा के आज्ञा के मु िाफबक मोदीि के वे दी प बफल चढ़ावे खािी िभके िजर में एगो यहूदी अईले। 24 मफत्तयाि ई बाि दे ख के जोश िे भड़क उठल आ लगाम काँप गइल आ न्याय के फहिाब िे आपि क्रोध दे खावे िे िा रोकलि, एही िे ऊ दौड़ के वे दी पर मार फदहलि। 25 राजा के आयुक्त भी, जे आदमी के बफल चढ़ावे खाफिर मजबूर करि रहले, उ ओ िमय मार दे ले अवु री वे दी के फगरा दे ले। 26 उ परमे श्व र के व्यवस्था खाफिर ओइिही ं जोश िे व्यवहार कइलि जइिे फि​िेि िलोम के बेटा जन्टि के िाथे कइले रहले। 27 मफत्तयि पू रा शहर में जोर-जोर िे फचल्ला के कहलि, “जे केहू व्यवस्था के प्रफि जोश राखेला अवु री वाचा के पालि करे ला, उ हमरा पीछे चले। ” 28 उ आऊ उिकर बेटा पहाड़ पर भाग गईले आ शहर में जवि कुछ भी रहे उ िब छोड़ दे ले| 29 िब बहुि लोग न्याय आ न्याय के िलाश में उहाँ रहे खाफिर जं गल में उिर गईले। 30 ऊ लोग, उिकर लइका आ उिकर मे हरारू दु िु। आ ओह लोग के मवे शी; काहे फक ओह लोग पर दु ख बढ़ गइल. 31 राजा के िौकर आ दाऊद के शहर के यरूशलेम में रहल िेिा के ई बिावल गइल फक राजा के आज्ञा के िोड़े वाला कुछ लोग जं गल में गुप्त जगहि पर उिर गइल बा। 32 ऊ लोग बहुि िंख्या में उिकर पीछा कइल आ ओकरा के पकड़ के िब्त के फदि ओह लोग के न्टखलाि डे रा डाल के ओह लोग के न्टखलाि लड़ाई लड़ल। 33 उ लोग उ लोग िे कहलि फक, “अब िक जवि कईले बािी, उहे कािी होखे। आके राजा के आज्ञा के अिुिार करी ं, ि िू फजं दा रहबऽ। 34 लेफकि उ लोग कहलि फक, हम िब्त के फदि के अपफवत्र करे खाफिर िा फिकलब अवु री िा राजा के आज्ञा के पालि करब। 35 िब उ लोग पू रा गफि िे ओ लोग के लड़ाई दे फदहले। 36 बाफकर ऊ लोग ओह लोग के जवाब िा फदहल आ िा ऊ लोग ओह लोग पर पत्थर िेंकल आ िा ही ओह जगहि के रोकल जहाँ ऊ लोग लुकाइल रहे . 37 लेफकि कहलि फक, “हमिी के िब केहू अपिा फिदोषिा में मर जाईं। 38 उ लोग िब्त के फदि लड़ाई में उ लोग के न्टखलाि उठ गईले अवु री उ लोग अपिा पत्नी अवु री बच्चा अवु री मवे शी के िंगे हजार लोग के िंख्या में मार दे ले। 39 जब मफत्तयि आउर उिकर दोस्ति के ई बाि बुझाइल ि उ लोग उिकरा खाफिर बहुि शोक मिावे लगलि। 40 उ लोग में िे एगो दू िरा िे कहलि, “जफद हमिी के िब अपिा भाई लोग के जइि​ि करब जा आ गैर-यहूदी लोग के न्टखलाि अपिा जाि आ कािूि खाफिर लड़ाई िा लड़ब जा ि उ लोग हमिी के जल्दी िे धरिी िे जड़ िे उखाड़ फदहे । ” 41 ओही िमय उ लोग िरमाि दे ले फक, “जे केहू िब्त के फदि हमिी िे लड़ाई करे आई ि हमिी के ओकरा िे लड़ब जा। िा ही हमिी के िब केहू मरब जा, जइिे फक हमिी के भाई लोग के गुप्त जगहि पर हत्या कर फदहल गइल रहे । 42 िब ओकरा लगे अिीफदयि के एगो दल आइल जवि इस्राएल के पराक्रमी रहले, उहे िब लोग जे स्वेच्छ ा िे व्यवस्था के काम में लागल रहले। 43 ि​िावला के चलिे भागल िब लोग भी ओ लोग के िाथे जु ड़ गईले अवु री ओ लोग के ठहराव बि गईले।


44 उ लोग आपि िाकि फमला के अपिा गुस्सा में पापी लोग के आ दु ष्ट् लोग के क्रोध में मार दे ले, लेफकि बाकी लोग िहायिा खाफिर गैर-यहूदी में भाग गईले। 45 िब मत्तीआि आ ओकर दोस्त घूम-घूम के वे दी के फगरा फदहले। 46 इस्राएल के िट में जवि भी बच्चा के खि​िा िा भईल फमलल, उ लोग के खि​िा बहादु री िे कईले। 47 उ लोग घमं डी लोग के पीछा करि रहले अवु री काम ओ लोग के हाथ में बढ़ल। 48 ऊ लोग गैर-यहूदी लोग के हाथ िे आ राजा लोग के हाथ िे व्यवस्था के वापि ले फलहले आ िा ही पापी के जीि होखे फदहलि। 49 जब मत्तीयाि के मरला के िमय िजदीक आईल ि उ अपिा बेटा िे कहले, “अब घमं ड अवु री डांट के िाकि फमल गईल बा, अवु री फविाश के िमय अवु री क्रोध के क्रोध हो गईल बा। 50 अब हे बेटा लोग, िू लोग व्यवस्था के काम में जोश राखऽ आ अपिा पु रखि के वाचा खाफिर आपि जाि दे दी ं। 51 हमिी के पु रखि अपिा िमय में कवि काम कइले रहले, ओकरा के याद करी ं। ओइिही ं िोहिी के बहुि आदर आ अिन्त िाम फमल जाई। 52 का इब्राहीम के परीक्षा में फवश्वािी िा फमलल आ ओकरा के धाफमत किा के रूप में फगिल गइल? 53 यूिुि अपिा िंकट के िमय आज्ञा के पालि कइलि आ फमस्र के माफलक बि गइलि। 54 हमिी के फपिा फि​िेि जोश आ उग्र होके अिन्त पु रोफहिाई के वाचा पा फलहले। 55 यीशु के वचि के पू रा करे खाफिर इस्राएल में न्यायाधीश बिावल गईल। 56 कालेब के मं डली के िामिे गवाही दे वे खाफिर जमीि के फवराि​ि फमलल। 57 दाऊद दयालु होखला के चलिे अिन्त राज्य के फिंहाि​ि प कब्जा क लेले। 58 एफलयाि के व्यवस्था के काम में जोश आ उग्र रहला के चलिे स्वगत में ले जाइल गईल। 59 अिफिया, अजररया आ फमिाएल के फबिवाि करके आग के लौ िे बचावल गइल। 60 दाफियल के फिदोषिा के चलिे शेर के मुं ह िे मु न्टक्त फमल गईल। 61 आऊ हर युग में एह िरह िे फवचार करी ं फक जे ओकरा पर भरोिा करी, ओकरा पर कविो जीि िा हो पाई। 62 पापी के बाि िे मि डे राईं, काहे फक ओकर मफहमा गोबर आ कीड़ा हो जाई। 63 आजु ऊ उठावल जाई आ काल्हहु ऊ िा फमल पाई काहे फक ऊ अपिा धूल में लवट गइल बा आ ओकर फवचार बेकार हो गइल बा. 64 एह िे हे हमार बेटा लोग, वीर बिी ं आ व्यवस्था के खाफिर आदमी दे खाईं। काहे फक ओकरा िे िोहिी के मफहमा फमल जाई। 65 दे खऽ, हम जाि​ि बािी फक िोहार भाई शमौि एगो िलाहकार हउवें , हमे शा ओकर काि राखी ं, ऊ िोहरा के बाप बिल रहीहें . 66 रहल बाि यहूदा मक्काबि के ि उ जवािी िे ही िाकिवर आ मजबूि रहलि, उ िोहार िेिापफि बि के लोग के लड़ाई लड़े । 67 कािूि के पालि करे वाला िब लोग के भी अपिा लगे ले जा आ अपिा लोग के गलिी के बदला ले ली ं। 68 गैर-यहूदी लोग के पू रा भरपाई करी ं आ व्यवस्था के आज्ञा के ध्याि राखी ं। 69 ि ऊ ओह लोग के आशीष फदहलि आ अपिा पु रखि के लगे बटोरल गइलि. 70 ऊ िौ फछयालीिवाँ िाल में मर गइलि आ उिकर बेटा लोग उिका के मोदीि में अपिा बाप-दादा के कब्र में दि​िा फदहल आ पू रा इस्राएल उिका खाफिर बहुिे फवलाप कइल. अध्याय 3 के बा 1 िब उिकर बेटा यहूदा, जे कर िाम मकाबेि कहल जाला, उिकर जगह पर उठल।

2 उिकर िब भाई लोग उिकर मदद कइल आ उिकर बाप के िाथ रखल िब लोग भी इस्राएल के लड़ाई में हँ िी-खुशी िे लड़ल। 3 ि ऊ अपिा लोग के बहुिे िम्माि फदहलि आ एगो फवशालकाय फियर छािी पफहिले आ अपिा युद्धफप्रय िार के बान्ह फदहलि आ लड़ाई लड़लि आ अपिा िलवार िे िेिा के रक्षा करि रहले. 4 अपिा काम में ऊ शेर फियर रहे आ अपिा फशकार खाफिर गजत ि शेर के बच्चा फियर रहे । 5 ऊ दु ष्टि के पीछा करि रहले आ उिकरा के खोजि रहले आ अपिा लोग के परे शाि करे वाला लोग के जरा दे ि रहले. 6 एही िे दु ष्ट् ओकरा िे डे रा के फिकुड़ गइल आ अधमत के िब लोग घबरा गइल, काहे फक ओकरा हाथ में उद्धार फमलल। 7 ऊ बहुि राजा लोग के दु खी कइलि आ याकूब के अपिा काम िे खुश कर फदहलि आ उिकर स्मरण हमे शा खाफिर धन्य बा। 8 ऊ यहूदा के शहरि में घूम के ओह शहरि में िे अभक्त लोग के िाश कइलि आ इस्राएल िे क्रोध के दू र कर फदहलि। 9 एह िे उ धरिी के अं ि िक िामी हो गईले अवु री उ िाश होखे वाला लोग के अपिा में िमे ट लेले। 10 िब अपोलोफियि गैर-यहूदी लोग के आ िामररया िे एगो बड़हि िेिा के एकट्ठा क के इस्राएल के न्टखलाि लड़ाई लड़ले। 11 यहूदा के इ बाि के पिा चलल ि उ ओकरा िे फमले फिकल गईले अवु री उिुका के मार के हत्या क दे ले। 12 एही िे यहूदा ओह लोग के लूट आ अपोलोफियि के िलवार भी लेके चल गईले आ ओकरा िे उ जीवि भर लड़ाई लड़ले। 13 जब िीररया के िेिा के एगो िरदार िेरोि ई कहि िुिले फक यहूदा उिका िाथे युद्ध में जाए खाफिर फवश्वाफियि के भीड़ आ दल के भीड़ जु टा फलहले बाड़ि। 14 ऊ कहलि, “हमरा के राज्य में िाम आ िम्माि फमल जाई। काहे फक हम यहूदा आ ओकरा िाथे जे राजा के आज्ञा के िुच्छ िमझेला, ओकरा िे लड़ाई लड़ब। 15 ऊ ओकरा के चढ़े खाफिर िइयार कर फदहलि आ ओकरा िाथे अभक्ति के एगो पराक्रमी िेिा ओकर मदद करे आ इस्राएल के लोग िे बदला लेबे खाफिर चल गइल. 16 जब उ बेथहोरोि के चढ़े के िजदीक पहुं चले ि यहूदा एगो छोट दल के िंगे उिुका िे फमले फिकल गईले। 17 जब उ लोग िेिा के िेिा िे फमले आवि दे ख के यहूदा िे कहलि फक, “हमिी के एि​िा कम होखला के चलिे एि​िा बड़ भीड़ अवु री एि​िा मजबूि लोग िे लड़ाई कईिे हो िकिािी, काहें की हमिी के आज भर उपवाि िे बेहोश होखे खािी िैयार बािी? 18 यहूदा ओकरा िे जवाब फदहलि, “बहुि लोग खाफिर कुछ लोग के हाथ में बंद होखल कविो कफठि बाि िइखे। आ स्वगत के परमे श्व र के िाथे िब कुछ एक बा फक बहुि भीड़ या छोट िमू ह के िाथे बचावल जा िकेला| 19 काहे फक लड़ाई के जीि कविो िेिा के भीड़ में िा खड़ा होला। लेफकि िाकि स्वगत िे आवे ला। 20 उ लोग हमिी के, हमिी के मे हरारू आ लइकि के िाश करे आ हमिी के लूटपाट करे खाफिर बहुि घमं ड आ अधमत िे हमिी के न्टखलाि आवे लि। 21 लेफकि हमिी के आपि जाि आ अपिा कािूि खाफिर लड़ि बािी जा। 22 एही िे प्रभु खुद हमिी के िामिे ओह लोग के उखाड़ िेंक फदहे , आ िोहिी के ि िू लोग ओह लोग िे मि डे राईं। 23 जइिही ं ऊ बोलल छोड़ फदहलि ि अचािक ओह लोग पर कूद पड़लि आ एही िे िेरोि आ उिकर िेिा उिका िोझा उखाड़ िेंक फदहलि. 24 ऊ लोग बेथहोरोि िे उिर के मै दाि िक पीछा कइल, जहाँ लगभग आठ िौ आदमी मारल गइल। बाकी लोग पफलस्तीयि के दे श में भाग गईल। 25 िब यहूदा आ उिकर भाई लोग के डर आ बहुि भयावह हो गइल आ आिपाि के राष्ट्रि पर बहुि भय पै दा होखे लागल।


26 एहीिे राजा के प्रफिन्टद्ध फमलल आ िभे राष्ट्र यहूदा के लड़ाई के बारे में बफियावि रहले। 27 जब राजा एन्टिओकि इ बाि िुिले ि उ गुस्सा िे भर गईले, एहिे उ अपिा क्षेत्र के िभ िेिा के, बहुि मजबूि िेिा के, भेज के एकट्ठा क लेले। 28 ऊ आपि खजािा भी खोल के अपिा िैफिकि के एक िाल के वे ि​ि दे फदहलि आ जब भी जरूरि पड़े ि िइयार रहे के आदे श फदहलि। 29 िबफहयो जब ऊ दे खलि फक उिकर खजािा के पइिा खिम हो गइल बा आ दे श में कर कम हो गइल बा, काहे फक ऊ ओह दे श पर जवि फववाद आ फवपफत्त ले आइल रहले, जवि ऊ पफहले के कािूि के छीि के ले अइले रहले. 30 उिुका डर रहे फक अब उ इ आरोप िा उठा पईहे अवु री िा उिुका लगे अयीि​ि वरदाि िा होई, जवि फक उिुका िे पफहले के राजा िे जादे उदारिा िे दे िकिारे । 31 एही िे उ मि में बहुि अचरज में पड़ के िारि में जाए के ठाि लेले, उहाँ उ दे श के कर लेवे अवु री बहुि पईिा जु टावे । 32 िब उ लूफियाि के छोड़ फदहलि, जे एगो कुलीि आदमी आ खूि के राजघरािा में िे एगो रहले, आ यूफ्रेफटि िदी िे लेके फमस्र के िीमा िक राजा के कामकाज के दे खरे ख करे खाफिर छोड़ फदहले। 33 आऊ अपिा बेटा अं फिओकि के िब िक पालि पोषण करे के, जब िक फक उ िेर िे िा आ जाि। 34 उ अपिा आधा िेिा आ हाथी के ओकरा के िौंप फदहलि आ ऊ िब काम के फजम्मा फदहलि जवि ऊ करे के चाहि रहले, जइिे फक यहूदा आ यरूशलेम में रहे वाला लोग के बारे में भी। 35 मिलब फक ऊ ओह लोग के न्टखलाि िेिा भेज के इस्राएल आ यरूशलेम के बचे वाला लोग के िाकि के िष्ट् आ जड़ िे उखाड़ िेंके आ ओह जगह िे ओह लोग के स्मारक छीि लेव। 36 ऊ परदे िी लोग के चारो ओर रख के ओह लोग के दे श के फचट्ठी िे बँटवारा करि। 37 राजा जवि िेिा बचल रहे ओकर आधा फहस्सा लेके आपि राजिगर अं िाफकया िे िौ ि​िालीिवाँ िाल चल गइलि। आ यूफ्रेफटि िदी िे गुजर के ऊ ऊँच दे शि िे होके चल गइलि। 38 िब लूफिया राजा के दोस्ति में िे पराक्रमी डोरीमे िेि, फिकािोर आ गोफगतया के बेटा टोलेमी के चु िले। 39 ओह लोग के िाथे चालीि हजार पै दल िैफिक आ िाि हजार घुड़िवार भेजलि फक ऊ लोग यहूदा के दे श में जाके ओकरा के िष्ट् कर दे व, जइि​ि फक राजा के आदे श रहे । 40 उ लोग आपि पू रा िाकि लेके फिकल गईले अवु री मै दाि में इमाऊि के लगे खड़ा हो गईले। 41 दे श के व्यापारी लोग ओह लोग के प्रफिन्टद्ध िुि के िौकरि के िाथे चाँदी आ िोिा के बहुि ढे र लेके इस्राएल के लोग के गुलाम खाफिर खरीदे खाफिर डे रा में आ गइलि अपिा के ओह लोग िे जु ड़ गइलि. 42 जब यहूदा आ उिकर भाई लोग दे खल फक दु ख बढ़ल बा आ िेिा अपिा िीमा में डे रा डाल लेले बा, काहे फक ऊ लोग जाि​ि रहे फक राजा कइिे लोग के िाश करे के आज्ञा दे ले बाड़े आ ओकरा के पू रा िरह िे खिम कर दे ले बाड़े । 43 उ लोग एक दू िरा िे कहलि फक हमिी के अपिा लोग के िड़ल भाग्य के वापि ले आईं अवु री हमिी के अपिा लोग अवु री पफवत्र स्थाि खािी लड़ाई लड़ल जाए। 44 िब मं डली एकट्ठा हो गइल फक ऊ लोग लड़ाई खाफिर िइयार हो िके आ प्राथतिा कर िके आ दया आ करुणा माँग िके. 45 यरूशलेम जं गल फिहि शून्य हो गईल रहे , ओकर कविो लईका भीिर िा फिकलि रहे अवु री िा फिकलि रहे । फवधमी लोग के फिवाि ओह जगह पर रहे । याकूब िे खुशी हो गइल आ वीणा के चीर बंद हो गइल। 46 एही िे इस्राएली लोग एकट्ठा होके यरूशलेम के िामिे मि​िा में आ गईले। काहे फक मि​िा में उ जगह रहे जहाँ उ लोग इस्राएल में पफहले िे प्राथतिा करि रहले। 47 िब उ लोग ओह फदि उपवाि क के बोरा पफहि के माथा प राख डाल के कपड़ा िाड़ दे ले।

48 उ व्यवस्था के फकिाब खोल फदहलि, जविा में गैर-यहूदी लोग अपिा मू फित के रूप में रं गे के कोफशश करि रहे । 49 उ लोग याजक के कपड़ा, पफहला िल आ दिवां फहस्सा लेके अइले, आ िािररयि के भी उकिवले, जे लोग आपि फदि पू रा कइले रहे । 50 िब ऊ लोग जोर-जोर िे स्वगत के ओर फचल्ला के कहलि, “हमिी के एह िब के का करब जा आ एकरा के कहाँ ले जाइब जा?” 51 काहे फक िोहार पफवत्र स्थाि के रौंद के अपफवत्र कर फदहल गइल बा आ िोहार याजक लोग के भारी पड़ गइल बा आ िीचे फगरावल गइल बा। 52 दे खऽ, हमिी के िाश करे खाफिर गैर-यहूदी लोग हमिी के न्टखलाि एकट्ठा हो गइल बा। 53 हमिी के कइिे ओह लोग के न्टखलाि खड़ा हो िकेिी जा, जब िक फक िू हमिी के मदद िा होखब? 54 िब ऊ लोग िुरही बजा के जोर िे फचल्लाि रहे । 55 एकरा बाद यहूदा लोग के िेिापफि, हजारि, िैकड़ि, पचाि आ दि लोग के िेिापफि फियुक्त कइले। 56 लेफकि जे लोग घर बिावि रहले, चाहे पत्नी के िगाई कईले रहले, चाहे अं गूर के बगइचा लगावि रहले, चाहे डे राि रहले, उ लोग के आदे श के मु िाफबक, हर आदमी के अपिा घर में वापि आवे के आदे श दे ले रहले। 57 िब डे रा हट के इमाऊि के दन्टि​ि ओर डे रा डाल फदहलि। 58 यहूदा कहले, “हफथयार िे हफथयार बिाईं आ वीर आदमी बिी ं आ दे खि रही ं फक िू लोग िबेरे के न्टखलाि िइयार रही ं िाफक हमिी के आ हमिी के पफवत्र स्थाि के िाश करे खाफिर हमिी के न्टखलाि जु टल एह राष्ट्रि िे लड़ल जा िके। 59 हमिी के आपि लोग आ अपिा पफवत्र स्थाि के फवपफत्त के दे खे िे बफढ़या बा फक हमिी के लड़ाई में मरल जाव। 60 एकरा बावजू द, जइिे परमे श्व र के इच्छा स्वगत में बा, ओइिही ं उ करि। अध्याय 4 के बा 1 िब गोफगतयाि पांच हजार पै दल िवार आ एक हजार बेहिरीि घुड़िवार के लेके राि में डे रा िे बाहर फिकल गईले। 2 अं ि िक उ यहूदी लोग के डे रा में घुि के अचािक ओ लोग के मार दे िकिारे । आ फकला के आदमी उिकर मागतदशतक रहले। 3 यहूदा के ई बाि िुि के ऊ खुदे आ अपिा िाथे वीर आदमी लोग के हट गइलि फक ऊ राजा के िेिा के मार िके जवि इमाऊि में रहे । 4 जबफक अभी िक िेिा डे रा िे फि​िर-फबिर हो गईल रहे । 5 एही िमय में गोफगतयाि राि में यहूदा के डे रा में आ गइलि आ जब उहाँ केहू के िा फमलल ि ऊ पहाड़ि पर ओह लोग के खोजि रहले, काहे फक ऊ कहले रहले फक, “ई लोग हमिी िे भागि बा.” 6 लेफकि जइिही ं फदि भइल ि यहूदा िीि हजार आदमी के िाथे मै दाि में अपिा के दे खा फदहलि, जे करा बादो िा ि कवच रहे िा िलवार। 7 ऊ लोग दे खलि फक ऊ लोग गैर-यहूदी लोग के डे रा मजबूि आ बफढ़या िे िजल बा आ घुड़िवारि के चारो ओर घूमि रहे । आ ई लोग युद्ध के फवशेषज्ञ रहे । 8 यहूदा अपिा िाथे रहल लोग िे कहलि, “ओकिी के भीड़ िे मि डे राईं आ िा ही ओह लोग के हमला िे डे राईं। 9 याद करी ं फक जब फिरौि एगो िेिा के िाथे उिकरा के पीछा कइलि ि हमिी के पु रखि के कइिे बचावल गइल। 10 अब हमिी के स्वगत के ओर पु कारल जाव, अगर शायद प्रभु हमिी पर दया करीहें आ हमिी के पु रखि के वाचा के याद करिु आ आज हमिी के िामिे एह िेिा के िष्ट् कर दीहें । 11 िाफक िब गैर-यहूदी जाि िके फक इस्राएल के बचावे वाला आ बचावे वाला केहु बा। 12 िब परदे िी लोग आपि आँ ख उठा के दे खलि फक उ लोग के िामिे आवि बा। 13 एही िे उ लोग डे रा िे लड़ाई में फिकल गईले। लेफकि जे यहूदा के िाथे रहले उ लोग आपि िुरही बजावि रहले। 14 एही िे उ लोग लड़ाई में शाफमल हो गईले अवु री गैर-यहूदी लोग बेहाल मै दाि में भाग गईले।


15 बाकी िब पीछे के लोग िलवार िे मार फदहल गईल, काहे फक उ लोग गजे रा, इदु फमया, अजोिुि आ जमफिया के मै दाि िक पीछा कईलि, जविा िे िीि हजार आदमी के मारल गईल। 16 ई िब कइला के बाद यहूदा अपिा िेिा के िाथे उिकर पीछा करे िे वापि आ गइलि। 17 ऊ लोग िे कहलि, “जब िक हमिी के िामिे लड़ाई बा, लूट के लालच मि करी ं। 18 गोफगतयाि आ ओकर िेिा इहाँ पहाड़ पर हमिी के लगे बा, लेफकि िू लोग अब हमिी के दु श्मि​ि के न्टखलाि खड़ा होके ओह लोग के जीि करऽ, आ एकरा बाद िू लोग फहम्मि िे लूट के िामाि ले िकीले। 19 जब यहूदा इ बाि कहि रहले ि ओह लोग के एगो फहस्सा पहाड़ िे बाहर दे खि लउकल। 20 जब उ लोग के पिा चलल फक यहूदी लोग आपि िेिा के भाग के डे रा जरा दे ले बाड़े । काहे फक जवि धुँआ दे खल गइल रहे ऊ बिावल गइल फक जवि भइल बा. 21 जब उ लोग इ बाि के पिा चलल ि उ लोग बहुि डे रा गईले अवु री यहूदा के िेिा के मै दाि में लड़ाई करे खािी िैयार दे ख के उ लोग बहुि डे रा गईले। 22 उ लोग हर केहू परदे िी के दे श में भाग गईले। 23 िब यहूदा डे रा के लूटपाट करे खाफिर वापि आ गईले, जहां िे उ लोग के बहुि िोिा, चांदी, िीला रे शम, िमुं दर के बैंगिी रं ग अवु री बहुि धि फमलल। 24 एकरा बाद उ लोग अपिा घरे चल गईले अवु री स्वगत में प्रभु के स्तुफि के गीि गवले अवु री प्रभु के स्तुफि कईले, काहें की इ फिमि बा, काहें की उिुकर दया हमे शा खािी रहे ला। 25 एह िरह िे इस्राएल के ओह फदि बहुि मु न्टक्त फमलल। 26 बचल िब परदे िी लोग आके लूफिया के घटिा के बारे में बिवले| 27 ई बाि िुि के ऊ घबरा गइलि आ हिोत्साफहि हो गइलि काहे फक िा ि उ इस्राएल के िाथे अइि​ि काम भइल आ िा ही राजा के आज्ञा जइि​ि काम भइल। 28 अफगला िाल लूफिया के बाद िठ हजार चु फिंदा पै दल आदमी आ पांच हजार घुड़िवार लोग के एकट्ठा कइलि िाफक ऊ ओह लोग के अपिा वश में कर िके। 29 िब उ लोग इदु फमया में आके बेत्सू रा में आपि डे रा खड़ा कईले अवु री यहूदा दि हजार आदमी के िंगे ओ लोग िे फमलले। 30 जब ऊ ओह पराक्रमी िेिा के दे खलि ि ऊ प्राथतिा कइलि आ कहलि फक, “हे इस्राएल के उद्धारकिात, िू धन्य बाड़ऽ, जे अपिा िेवक दाऊद के हाथ िे ओह पराक्रमी के फहं िा के दबा फदहिी आ परदे िी लोग के िेिा के हाथ में दे फदहिी शाऊल के बेटा जोिाथि आ ओकर शस्त्र वाहक। 31 एह िेिा के अपिा लोग इस्राएल के हाथ में बंद कर दी ं आ ऊ लोग अपिा शन्टक्त आ घुड़िवारि में लन्टज्जि हो जाव. 32 ओह लोग के फहम्मि िा करऽ आ ओह लोग के िाकि के फहम्मि के फगरा दी ं आ ओह लोग के फविाश पर काँपे दी ं। 33 िोहरा िे प्रे म करे वाला लोग के िलवार िे फगरा दऽ आ िोहरा िाम के जािे वाला िब िोहार स्तुफि करऽ। 34 ि उ लोग लड़ाई में शाफमल हो गईले। लुफिया के िेिा में िे लगभग पांच हजार आदमी मारल गईले, उ लोग के हत्या िे पफहले। 35 जब लूफिया आपि िेिा के भागल आ यहूदा के िैफिकि के मदातिापि के दे खलि आ ऊ लोग बहादु री िे फजए भा मरला खाफिर िइयार बा ि ऊ अं िाफकया गइलि आ परदे िी लोग के एगो दल के बटोर फलहलि आ आपि िेिा के अउरी बढ़ा फदहलि जे ि​िा रहे , उ िेर िे यहूफदया में आवे के इरादा रखले रहले। 36 यहूदा आउर उिकर भाई लोग कहले, “दे खऽ, हमिी के दु श्मि बेचैि हो गइल बाड़े । 37 एही पर िब िेिा एकजु ट होके फियोि पहाड़ पर चढ़ गइल। 38 जब ऊ लोग पफवत्र स्थाि के उजाड़ हो गइल आ वे दी के अशुद्ध हो गइल आ िाटक जरर गइल आ आँ गि में जं गल भा कविो पहाड़ में जइि​ि झाड़ी उगि दे खल ि हँ , आ याजकि के कोठरी फगर गइल।

39 ऊ लोग आपि कपड़ा िाड़ के बहुिे फवलाप कइल आ माथा पर राख डाल फदहल. 40 ऊ लोग मुँ ह िे जमीि पर िपाट फगर के िुरही बजा के आकाश के ओर फचल्लाि रहे । 41 यहूदा कुछ लोग के फकला में रहे वाला लोग के न्टखलाि लड़ाई करे खाफिर फियुक्त कईले, जब िक फक उ पफवत्र स्थाि के िाि िा क दे ले। 42 उ फिदोष बिकही के याजक के चु िले, जे लोग व्यवस्था में खुश रहे । 43 ऊ पफवत्र स्थाि के शुद्ध कइलि आ अशुद्ध पत्थरि के अशुद्ध जगह पर उिार फदहलि। 44 जब उ लोग अशुद्ध होमबफल के वे दी के का करे के बाि प फवचार करि रहले। 45 उ लोग एकरा के फगरावल बेहिर िमझले फक कही ं उ लोग के फिंदा िा होखे, काहे फक गैर-यहूदी लोग एकरा के अशुद्ध क दे ले बा, एहिे उ लोग एकरा के फगरा दे ले। 46 मं फदर के पहाड़ में पत्थर के एगो िुफवधाजिक जगह प रखले, जब िक फक कविो भफवष्यवक्ता िा आ जाि फक उ बिावे फक ओकरा िंगे का होखे के चाही। 47 िब उ लोग व्यवस्था के अिुिार पू रा पत्थर लेके पफहले के अिुिार एगो िया वे दी बिवले। 48 पफवत्र स्थाि आ मं फदर के भीिर के चीजि के फिमातण कइलि आ आँ गि के पफवत्र कइलि। 49 ऊ लोग िया पफवत्र बिति भी बिवले आ मं फदर में दीया, होमबफल, धूप आ मे ज के वे दी ले अइले। 50 वे दी पर धूप जरा के दीया जरा के दीया जरा के मं फदर में रोशिी करि। 51 एकरा अलावे उ लोग रोटी के मे ज प रख के पदात पिार के जवि काम बिावे शुरू कईले रहले, उ िब काम पू रा कईले। 52 अब िौ अड़िालीिवाँ िाल के िौवाँ महीिा के पं चबीिवाँ फदि, जविा के महीिा कािल्यू कहल जाला, उ लोग िबेरे उठल। 53 ऊ लोग जवि होमबफल के िया वे दी पर व्यवस्था के अिुिार बफल चढ़ावल। 54 दे खऽ, कविा िमय आ कविा फदि गैर-यहूदी लोग एकरा के अपफवत्र कइले रहे , जविा में एकरा के गीि, झंझरी, वीणा आ झांझ िे िमफपत ि कइल गइल। 55 िब िब लोग अपिा मुँ ह पर फगर के स्वगत के भगवाि के पू जा आ स्तुफि करि रहले, जे ओह लोग के बफढ़या ि​िलिा दे ले रहले। 56 एही िे उ लोग आठ फदि िक वे दी के िमपत ण के फदि मिवले अवु री खुशी िे होमबफल चढ़वले अवु री मु न्टक्त अवु री स्तुफि के बफलदाि दे ले। 57 मं फदर के अग्रभाग के िोिा के मु कुट आ ढाल िे िजावल। आ िाटक आ कोठरी के िवीकरण कइले आ ओकरा पर दरवाजा लटकवले रहले. 58 एह िरह िे लोग में बहुि खुशी भइल काहे फक गैर-यहूदी लोग के फिंदा दू र हो गइल। 59 यहूदा आ उिकर भाई लोग पू रा इस्राएल के मं डली के िाथे इ िय कईले फक वे दी के िमफपत ि करे के फदि िाल दर िाल आठ फदि के िमय में रखल जाव, जवि फक कास्लेउ महीिा के पांच बीिवाँ फदि िे होखे , हँ िी-खुशी आ उल्लाि के िाथे। 60 ओह घरी उ लोग फियोि पहाड़ के चारो ओर ऊँच दे वाल आ मजबूि बुजत िे बिवले, िाफक गैर-यहूदी लोग आके ओकरा के पफहले फिहि रौंद िा दे ि। 61 उ लोग ओकरा के रखे खाफिर एगो िेिा बिवले आ ओकरा के बचावे खाफिर बेथिूरा के फकलाबंदी बिवले। फक जि​िा के इदु फमया के न्टखलाि बचाव हो िके। अध्याय 5 के बा 1 जब चारो ओर के राष्ट्र िुिलि फक वे दी बि गईल बा अवु री पफवत्र स्थाि पफहले फिहि िवीकरण हो गईल बा, ि उ लोग बहुि िाराज हो गईले। 2 एही िे उ लोग याकूब के पीढ़ी के िाश करे के िोचले, जवि फक उ लोग के बीच रहे ।


3 िब यहूदा इदु फमया में एिाव के िंिाि िे लड़ाई लड़ले, काहे फक उ लोग गाएल के घेराबंदी कईले रहे अवु री उ ओ लोग के बहुि उखाड़ िेंकले अवु री उिुकर फहम्मि कम क दे ले अवु री ओ लोग के लूट के िामाि ले लेले। 4 ओकरा बीि के लइका लोग के चोट के बाि भी याद आ गइल जवि लोग खाफिर जाल आ अपराध के रूप में बिल रहे , काहे फक ऊ लोग रास्ता में ओह लोग के इं िजार करि रहे । 5 ऊ ओह लोग के बुजति में बंद क के ओह लोग के न्टखलाि डे रा डाल फदहलि आ ओह लोग के पू रा िरह िे िष्ट् कर फदहलि आ ओह जगह के बुजति आ ओहमें मौजू द िब लोग के आग िे जरा फदहलि. 6 ओकरा बाद उ अम्मोि के लोग के लगे चल गईले, जहवां उिुका एगो पराक्रमी शन्टक्त अवु री बहुि लोग के िंगे उिुकर िेिापफि फिमु फथयुि फमलल। 7 एह िे ऊ ओह लोग के िाथे बहुि लड़ाई लड़लि, जबले फक आन्टखर में ऊ लोग उिकरा िामिे बेचैि िा हो गइल। आ ऊ ओह लोग के मार फदहलफि. 8 जब ऊ जाजर आ ओकर िगरि के िाथे लेके यहूफदया में वापि आ गइलि। 9 िब गलाद के गैर-यहूदी लोग अपिा इलाका में मौजू द इस्राएफलयि के न्टखलाि एकट्ठा होके ओह लोग के िाश कर फदहलि। बाफकर ऊ लोग दथेमा के फकला में भाग गइल. 10 यहूदा आ उिकर भाई लोग के फचट्ठी भेजलि फक, “हमिी के आिपाि के लोग हमिी के िाश करे खाफिर हमिी के न्टखलाि जु टल बा। 11 ऊ लोग आके ओह फकला के पकड़े के िइयारी करि बा जहाँ िे हमिी के भागल बािी जा, फिमु फथयुि ओह लोग के िेिा के िेिापफि हवें । 12 अब आके हमिी के ओह लोग के हाथ िे बचाईं, काहे फक हमिी में िे बहुि लोग मारल गइल बा। 13 हँ , हमिी के िब भाई जे टोबी के जगह पर रहले, ओकरा के मार फदहल गइल बा, उिकर मे हरारू आ लइकि के भी बंदी बिा के ले गइल बा आ आपि िामाि लेके चल गइल बा। उ लोग उहाँ करीब एक हजार आदमी के िष्ट् क दे ले बाड़े । 14 जब इ फचट्ठी पढ़ि रहे ि दे ख, गलील िे दू िर दू ि आपि कपड़ा िाट के आके एह बाि के खबर दे ले। 15 ऊ कहलि फक, “टोलेमैि, िोर, िीदोि आ गैर-यहूदी लोग के पू रा गलील के लोग हमिी के िाश करे खाफिर हमिी के न्टखलाि जु टल बा। 16 यहूदा आ लोग ई बाि िुि के एगो बड़हि मं डली एकट्ठा हो गइल फक ऊ लोग अपिा भाई लोग खाफिर का करे के चाही ं, जवि लोग िंकट में पड़ल रहे आ ओह लोग पर हमला करि रहे । 17 यहूदा अपिा भाई फिमोि िे कहलि, “िू लोग के चु ि के जाके गलील में रहे वाला भाई लोग के बचावल जा, काहे फक हम आ हमार भाई योिाथि गलाद के दे श में चल जाईब।” 18 िब ऊ जकरयाह के बेटा यूिुि आ जि​िा के िेिापफि अजररया के छोड़ के यहूफदया में िेिा के बचे वाला लोग के छोड़ फदहलि। 19 ओकरा के आज्ञा फदहलि फक, “िू लोग एह लोग के भार लेहऽ आ दे खऽ फक जबले हमिी के िेर िे िा अइिी जा िब िक िू लोग गैरयहूदी लोग िे लड़ाई मि करऽ।” 20 फिमोि के गलील जाए खाफिर िीि हजार आदमी आ यहूदा के गलाद के दे श खाफिर आठ हजार आदमी फदहल गइल। 21 िब शमौि गलील चल गइलि, जहाँ ऊ गैर-यहूदी लोग िे बहुि लड़ाई लड़लि, जविा िे गैर-यहूदी लोग उिकरा िे परे शाि हो गइल। 22 ऊ ओह लोग के पीछा करि टोलेमैि के िाटक िक पहुँ च गइलि। आ गैर-यहूदी लोग में िे करीब िीि हजार आदमी मारल गइलि, जे करा के ऊ लूट ले फलहले. 23 गलील आ अरबत्ती में जे लोग आपि मे हरारू आ लइका-लइकी आ उिकर िब कुछ भी रहे , उ लोग अपिा िाथे लेके बहुि खुशी िे यहूफदया ले अइले। 24 यहूदा मक्काफबयि आ उिकर भाई जोिाथि यरदि के पार कर के जं गल में िीि फदि के यात्रा कइले।

25 उ लोग िबािी लोग िे फमलल, जे लोग शांफि िे उिकरा लगे आके गलाद दे श में अपिा भाई लोग के िाथे भइल हर बाि बिवले| 26 उ लोग में िे बहुि लोग बोिोरा, बोिोर, अलेमा, कस्फोर, मे केड आ किातइम में बंद हो गईल। ई िब शहर मजबूि आ बड़हि बा। 27 ऊ लोग गलाद के बाकी शहरि में बंद हो गइल रहे आ काल्हहु ऊ लोग अपिा िेिा के फकला पर ले आवे आ ओह लोग के पकड़े आ एके फदि में िभका के िष्ट् करे के फियुन्टक्त कइले रहे . 28 यहूदा आ ओकर िेिा अचािक जं गल के रास्ता िे बोिोरा के ओर मु ड़ गईले। जब ऊ शहर जीि फलहले ि िलवार के धार िे िगरी िर के मार फदहलि आ ओह लोग के िगरी लूट के िामाि ले फलहलि आ शहर के आग िे जरा फदहलि. 29 राि में उहाँ िे हट के फकला में पहुं चे िक चल गईले। 30 िबेरे-िबेरे ऊ लोग आँ ख उठा के दे खलि ि दे खलि फक फकला पर कब्जा करे खाफिर िीढ़ी आ अउरी युद्ध के इं जि लेके अिंख्य लोग रहे , काहे फक उ लोग ओह लोग पर हमला करि रहे । 31 जब यहूदा दे खलि फक लड़ाई शुरू हो गइल बा आ शहर के फचल्लाहट, िुरही आ िेज आवाज के िाथे स्वगत में चढ़ गइल। 32 ऊ अपिा िेिा िे कहले, “आज अपिा भाई लोग खाफिर लड़ाई लड़ऽ।” 33 उ िीि दल में उ लोग के पीछे िे फिकल गईले अवु री उ लोग िुरही बजावि प्राथतिा के िंगे फचल्लाि रहले। 34 फिमु फथयुि के िेिा इ जाि के फक इ मकाबेि ह, उ ओकरा िे भाग गईल, एही िे उ ओ लोग के बहुि कत्ल क दे ले। जविा िे ओह फदि ओह लोग में िे करीब आठ हजार आदमी मारल गइल. 35 ई िब कइला के बाद यहूदा मि​िा के ओर मु ड़ गइलि। आ ओकरा पर हमला कइला के बाद ऊ ओकरा में मौजू द िभ िर के लेके मार फदहलि आ ओकर लूट के िामाि ले फलहलि आ ओकरा के आग िे जरा फदहलि। 36 उहाँ िे उहाँ िे जाके कैि​िोि, मगेद, बोिोर आ गलाद के बाकी शहरि के पकड़ फलहले। 37 एह िब के बाद िीमु फथयुि एगो अउरी िेिा के बटोर के िदी के पार रािोि के न्टखलाि डे रा डाल फदहले। 38 यहूदा िेिा के जािूिी करे खाफिर आदमी भेजले, उ लोग उिुका के खबर दे ले फक, “हमिी के आिपाि के िभ गैर-यहूदी, बहुि बड़ िेिा उिुका िंगे जु टल बाड़े । ” 39 उ अरब लोग के भी मदद खाफिर रखले बाड़े अवु री उ लोग धार के पार आपि डे रा खड़ा क दे ले बाड़े , जवि फक िोहरा न्टखलाि लड़ाई करे खािी िैयार बाड़े । एही पर यहूदा ओह लोग िे फमले गइलि। 40 िब िीमु फथयुि अपिा िेिा के िेिापफि लोग िे कहलि, “जब यहूदा आ ओकर िेिा धार के िजदीक अइहें ि अगर उ पफहले हमिी के पाि िे गुजरी ि हमिी के ओकर िामिा िा कर पइब जा। काहे फक उ हमिी के न्टखलाि बहुि िाकि िे जीि जईहे । 41 लेफकि अगर उ डे रा के िदी के ओह पार डे रा डाल दे ब ि हमिी के ओकरा लगे जाके ओकरा िे जीि हाफिल करब जा। 42 जब यहूदा धार के िजदीक पहुं चले ि उ लोग के शास्त्री लोग के धार के फकिारे ठहरवले, जे करा के उ आज्ञा दे ले फक, “केहु के डे रा में िा रहे दी ं, लेफकि िब लोग लड़ाई में आवे । ” 43 िब ऊ पफहले ओह लोग के लगे गइलि आ ओकरा बाद के िब लोग, ओकरा बाद िब गैर-यहूदी लोग उिकरा िामिे बेचैि होके आपि हफथयार िेंक के किातइम के मं फदर में भाग गइल। 44 लेफकि उ लोग शहर के पकड़ लेले अवु री मं फदर के िभ लोग के िंगे जरा दे ले। एह िरह िे किातइम वश में हो गइल, िा ही ऊ लोग यहूदा के िामिे अब खड़ा हो पावल। 45 िब यहूदा गलाद के दे श में छोट िे लेके बड़का िक के िब इस्राएफलयि के एकट्ठा कईले, उ लोग के पत्नी, लईका अवु री उिुकर िामाि, बहुि बड़ िेिा, जविा के अं ि िक उ लोग के दे श में िा पहुं चल यहूफदया के बा। 46 जब उ लोग एफ्रोि में पहुं चले, (ई रास्ता में एगो बड़ शहर रहे , जवि फक बहुि बफढ़या िे फकलाबंदी वाला रहे ) ि उ लोग ओकरा िे िा मु ड़


पवले, िा ि दाफहिा ओर िा बांया, लेफकि ओकरा बीच िे गुजरे के जरूरि बा इ. 47 िब शहर के लोग ओ लोग के बंद क दे ले अवु री पत्थर िे िाटक के रोक दे ले। 48 यहूदा शांफि िे ओह लोग के लगे भेजले फक, “हमिी के िोहिी के दे श िे गुजर के अपिा दे श में जाइब जा, ि केहू िोहिी के कविो िुकिाि िा करी। हमिी के पै दल ही गुजरब जा, लेफकि उ लोग ओकरा खाफिर खुलल िा चाहि रहले। 49 एही िे यहूदा पू रा िेिा में एगो घोषणा करे के आदे श फदहलि फक हर केहू अपिा िम्बू ओफहजा खड़ा करि। 50 िब िेिािी लोग डे रा डाल के फदि भर आ राि भर शहर पर हमला कइल जब िक फक शहर ओकरा हाथ में िा फमल गइल। 51 िब ऊ िब मरदि के िलवार के धार िे मार फदहलि आ शहर के चीर-िाड़ कइलि आ ओकर लूट के िामाि लेके शहर के बीच िे गुजरि मारल गइल लोग के ऊपर चल गइल। 52 एकरा बाद उ लोग यरदि के पार िे बेि​िाि के िामिे बड़ मै दाि में चल गईले। 53 यहूदा पीछे िे आइल लोग के बटोर के पू रा रास्ता में लोग के िलाह फदहलि जब िक फक ऊ लोग यहूफदया के दे श में िा पहुँ चल। 54 िब उ लोग खुशी आ खुशी के िाथ फियोि पहाड़ पर चढ़ गईले, जहाँ उ लोग होमबफल चढ़वले, काहे फक जब िक उ लोग शांफि िे िा लवटले िब िक उ लोग में िे केहु के िा मारल गईल। 55 जब यहूदा आ जोिाथि गलाद के दे श में रहले आ उिकर भाई शमौि गलील में टोलेमैि के िामिे रहले। 56 जकरयाह के बेटा यूिुि आ िेिा के िेिापफि अजररयाह ओह वीर काम आ युद्ध के काम के बारे में िुिले। 57 एही िे उ लोग कहलि फक हमिी के भी िाम ले आके अपिा आिपाि के गैर-यहूदी िे लड़ल जा। 58 जब उ लोग अपिा िंगे मौजू द िेिा के काम दे ले अवु री जमफिया के ओर चल गईले। 59 िब गोफगतयाि आ उिकर आदमी लोग शहर िे बाहर फिकल के उिकरा िे लड़े खाफिर फिकलल। 60 यूिुि आ अजराि के भाग के यहूफदया के िीमा िक पीछा कइल गइल आ ओह फदि इस्राएल के लोग के लगभग दू हजार आदमी मारल गइल। 61 एह िरह िे इस्राएल के लोग के बीच बहुि उखाड़ िेंकल गइल, काहे फक ऊ लोग यहूदा आ उिकर भाई लोग के आज्ञाकारी िा रहे , बलुक कविो वीरिा के काम करे के िोचि रहे । 62 इ लोग ओ लोग के िंिाि में िे िा रहले, जे करा हाथ िे इस्राएल के मु न्टक्त फमलल रहे । 63 लेफकि आदमी यहूदा आ ओकर भाई लोग पू रा इस्राएल आउर िब गैर-यहूदी के िजर में बहुि िामी रहे । 64 एही िे फक लोग ओह लोग के लगे हषोल्लाि के िाथ जु ट गईल। 65 ओकरा बाद यहूदा अपिा भाई लोग के िाथे फिकल के दफक्षण के दे श में एिाव के िंिाि िे लड़ाई लड़ले, जहाँ उ हे ब्रोि आ ओकर िगरि के हरा फदहले आ ओकर फकला के फगरा फदहले आ चारो ओर के बुजत के जरा फदहले। 66 उहाँ िे उ पफलस्तीयि के दे श में जाए खाफिर हट के िामररया िे होके गुजर गईले। 67 ओह घरी कुछ याजक जे आपि शौयत दे खावे के चाहि रहले, युद्ध में मारल गईले, काहे की उ लोग अिजािे में लड़ाई करे फिकलल रहले। 68 एही िे यहूदा पफलस्तीयि के दे श में अजोिुि के ओर मु ड़ले अवु री जब उ ओ लोग के वे दी के फगरा दे ले अवु री ओ लोग के िक्काशीदार मू फित के आग िे जरा दे ले अवु री ओ लोग के शहर के लूट लेले, ि उ यहूफदया के दे श में वापि आ गईले। अध्याय 6 के बा 1 लगभग ओही िमय राजा एन्टिओकि ऊँच दे शि में घूमि िुिले फक िारि के दे श में एफलमै ि एगो शहर ह जवि धि, चांदी आ िोिा खाफिर बहुि मशहूर बा।

2 आ ओकरा में एगो बहुि िमृ द्ध मं फदर रहे , जविा में िोिा के आवरण, छािी के पट्टी आ ढाल रहे , जवि फक मै फिडोफिया के राजा फिफलप के बेटा फिकंदर उहाँ छोड़ के चल गईल रहले, जवि फक यूिािी लोग में िबिे पफहले राज कईले रहले। 3 एही िे ऊ आके शहर के लूटपाट करे के कोफशश कइलि। बाफकर ऊ िा कर पवलि काहे फक शहर के लोग एकरा बारे में चे िवले रहले. 4 लड़ाई में ओकरा न्टखलाि उठ के उ भाग गईले अवु री बहुि भारी बोझ िे उहाँ िे फिकल गईले अवु री बाबुल लवट गईले। 5 एक आदमी िारि में उिकरा के खबर लेके आइल फक यहूफदया दे श के न्टखलाि जाए वाला िेिा के भाग फदहल गइल। 6 लूफिया जे पफहले बहुि िाकि के िाथे फिकलल रहले, उ यहूदी लोग िे भगा फदहल गईल। आ फक ऊ लोग ओह िेिा िे फमलल कवच, शन्टक्त आ लूट के भंडार िे मजबूि हो गइल रहे । 7 उ लोग यरूशलेम के वे दी पर जवि फघिौिा चीज रखले रहले, ओकरा के फगरा दे ले रहले अवु री पफहले फिहि पफवत्र स्थाि अवु री उिुकर शहर बेत्सू रा के चारो ओर ऊँच दे वाल िे घेर लेले रहले। 8 राजा इ बाि िुि के अचरज में पड़ गईले अवु री बहुि दु खी हो गईले। 9 उहाँ उ बहुि फदि िक रहले, काहे फक उिुकर दु ख बढ़ि गईल अवु री उ अपिा मरला के फहिाब लगावि रहले। 10 एही िे ऊ अपिा िब दोस्ति के बोला के कहलि, “हमरा आँ ख िे िी ंद खिम हो गइल बा आ हमार मि बहुि िावधािी िे कमजोर हो गइल बा।” 11 हम मि में िोचि रहिी फक हम कविा कष्ट् में आइल बािी आ अब हम कि​िा बड़ दु ख के बाढ़ में बािी! काहे फक हम अपिा शन्टक्त में भरपू र आ फप्रय रहिी। 12 लेफकि अब हमरा इयाद बा फक हम यरूशलेम में जवि बुराई कईले रहिी अवु री ओकरा में िोिा-चांदी के िभ बिति लेके फबिा कविो कारण के यहूफदया के फिवािी के िाश करे खािी भेजले रहिी। 13 हम िमझि बािी फक एही िे ई परे शािी हमरा पर आइल बा आ दे खऽ फक हम परदे िी दे श में बहुिे दु ख िे िाश हो गइल बािी। 14 िब उ अपिा एगो दोस्त फिफलप के बोलवले, जे करा के उ अपिा पू रा क्षेत्र के शािक बिवले। 15 आऊ ओकरा के मु कुट, आपि वस्त्र आ आपि छाप दे फदहलि, आ अं ि में ऊ अपिा बेटा एन्टिओकि के पालि पोषण करि आ ओकरा के राज्य खाफिर पोषण करि। 16 राजा एन्टिओकि उहाँ िौ उिचालीिवाँ िाल में मर गइलि। 17 जब लूफिया के पिा चलल फक राजा मर गईल बा, ि उ अपिा बेटा अं फिओकि के, जे करा के उ जवाि में पलल-बढ़वले रहले, ओकरा जगह प राज करे खािी खड़ा कईले अवु री उिुकर िाम यूपाटर रखले। 18 एही िमय में बुजत में मौजू द लोग इस्राएफलयि के पफवत्र स्थाि के चारों ओर बंद क दे ले अवु री हमे शा उिुका के िुकिाि पहुं चावे अवु री गैरयहूदी के मजबूिी दे वे के कोफशश करि रहले। 19 एही िे यहूदा ओह लोग के िाश करे के इरादा िे िब लोग के घेराबंदी करे खाफिर बोलवले। 20 ऊ लोग एकट्ठा होके िौ पचािवाँ िाल में ओह लोग के घेराबंदी कइल आ ऊ ओह लोग आ अउरी इं जि​ि के न्टखलाि गोली चलावे खाफिर माउं ट बिवले। 21 लेफकि घेराबंदी में िे कुछ लोग फिकलल, जे करा िे इस्राएल के कुछ अभक्त लोग जु ड़ गईले। 22 उ लोग राजा के लगे जाके पू छले, “िू न्याय के अं जाम दे के हमिी के भाई लोग के बदला लेवे में कब िक चली? 23 हमिी के िोहार बाप के िेवा करे खाफिर िैयार रहिी जा, जवि हमिी के चाहि बाड़े , उहे करे के आ उिकर आज्ञा के पालि करे खाफिर िैयार रहिी जा। 24 एही िे हमिी के जाफि के लोग बुजत के घेराबंदी क के हमिी िे दू र हो गईल बाड़े , हमिी में िे जे ि​िा लोग के रोशिी फमल िकि रहे , उ लोग हमिी के फवराि​ि के हत्या क दे ले। 25 िा ही उ लोग खाली हमिी के न्टखलाि हाथ बढ़वले बाड़े , बालुक अपिा िीमा के न्टखलाि भी हाथ बढ़वले बाड़े ।


26 आजु ऊ लोग यरूशलेम के बुजत के घेराबंदी कर के ओकरा के अपिा कब्जा में ले लेले बा। 27 एह िे अगर िू जल्दी िे ओह लोग के िा रोकब ि ऊ लोग एह िे बड़हि काम करी आ िू ओह लोग पर राज िा कर पइब। 28 राजा इ बाि िुि के न्टखफिया गईले अवु री अपिा िभ दोस्त, िेिा के िेिापफि अवु री घोड़ा के दे खरे ख करे वाला लोग के एकट्ठा क लेले। 29 दोिरा राज्यि िे आ िमु द्र के द्वीप िे भाड़ा के िैफिकि के दल भी उिका लगे आवि रहे । 30 एह िे उिकर िेिा के िंख्या एक लाख पै दल िैफिक, बीि हजार घुड़िवार आ दू िीि हाथी युद्ध में लागल रहले। 31 ई लोग इदु फमया िे होके बेि​िूरा के न्टखलाि खड़ा होके युद्ध के इं जि बिा के कई फदि िक हमला कईले। लेफकि बेत्सू रा के लोग फिकल के आग िे जरा के बहादु री िे लड़ाई लड़ले। 32 एही पर यहूदा बुजत िे हट के राजा के डे रा के िामिे बिजकररया में डे रा डाल फदहले। 33 िब राजा बहुि भोरे उठ के अपिा िेिा के िाथे बिजकररया के ओर बढ़ल, जहाँ उिकर िेिा ओह लोग के लड़ाई खाफिर िइयार कर फदहलि आ िुरही बजावलि। 34 आ अं ि िक हाथी के लड़ाई में उकिवले, अं गूर आ शहिूि के खूि दे खावि रहले। 35 ऊ लोग जािवरि के िेिा में बाँट के हर हाथी खाफिर हजार आदमी के फियुन्टक्त कइल, जे कोट आ पीिल के हे लमे ट पफहिले रहे । आ एकरा अलावा हर जािवर खाफिर पांच िौ बेहिरीि घुड़िवार के फियुन्टक्त कइल गइल रहे । 36 हर मौका पर ई लोग िइयार रहे , जहाँ-जहाँ जािवर रहे आ जािवर जहाँ-जहाँ गइल रहे , उहो लोग जाि रहे आ िा ही ओकरा िे हटि रहे । 37 जािवरि पर लकड़ी के मजबूि बुजत रहे जवि ओह लोग में िे हर एक के ढं कि रहे आ ओकरा िे षड्यंत्र िे बान्हल रहे आ हर एक पर दू िीि गो मजबूि आदमी भी रहले जे ओह लोग िे लड़ि रहले, शाि​ि करे वाला भारिीय के अलावा उिके. 38 रहल बाि घुड़िवारि के बचे वाला लोग के ि उ लोग ओह लोग के िेिा के दु िो फहस्सा में एही ओर रखले रहले, जविा िे उ लोग के इ िंकेि फमलि रहे फक उ लोग का करे के बा, अवु री चारो ओर िेिा के बीच में िवार रहले। 39 जब िोिा आ पीिल के ढाल पर िूरज चमकि रहे ि पहाड़ ओकरा िे चमकि रहे आ आग के दीया फिहि चमकि रहे । 40 राजा के िेिा के कुछ फहस्सा ऊँच पहाड़ि पर आ कुछ िीचे के घाटी में पिरल होके ऊ लोग िुरफक्षि आ क्रम िे आगे बढ़ल। 41 एही िे जे भीड़ के आवाज, दल के आवाज आ हािेि के खड़खड़ाहट िुि के िब लोग फहल गईल, काहे फक िेिा बहुि बड़ अवु री िाकिवर रहे । 42 िब यहूदा आ ओकर िेिा िजदीक आके लड़ाई में लाग गईले अवु री राजा के िेिा में िे छह िौ आदमी मारल गईले। 43 िवरि उपिाम के एफलयाजर भी ई बुझ के फक राजा के िार िे लैि जािवरि में िे एगो जािवर बाकी जािवरि िे ऊँच बा। 44 अपिा के खिरा में डाल दी ं फक ऊ अपिा लोग के बचा िके आ ओकरा के हमे शा खाफिर िाम ले िके. 45 एही िे ऊ लड़ाई के बीच में फहम्मि िे ओकरा पर दौड़ल आ दाफहिा आ बांया हाथ के हत्या कइलि, जविा िे ऊ लोग ओकरा िे दु िो ओर अलग हो गइल। 46 ई काम कइला पर ऊ हाथी के िीचे रें ग के ओकरा के िीचे धकेल फदहलि आ ओकरा के मार फदहलि आ हाथी ओकरा पर फगर गइल आ उहाँ ऊ मर गइल। 47 लेफकि बाकी यहूदी लोग राजा के िाकि अवु री ओकरा िेिा के फहं िा दे ख के ओ लोग िे मु ड़ गईले। 48 राजा के िेिा ओह लोग िे फमले खाफिर यरूशलेम चल गइल आ राजा यहूफदया आ फियोि पहाड़ के न्टखलाि आपि डे रा खड़ा कइलि। 49 लेफकि बेत्सु रा में रहे वाला लोग के िाथे मे ल फमलाप कईले, काहे फक उ लोग शहर िे बाहर फिकलल रहले, काहे फक उ लोग के लगे घेराबंदी

के िहि करे खाफिर कविो खािा िा रहे , काहे की उ दे श के आराम के िाल रहे । 50 राजा बेत्सू रा के लेके ओफहजा एगो िेिा रखले, जवि फक ओकरा के रखे खाफिर। 51 रहल बाि पफवत्र स्थाि के ि उ बहुि फदि िक घेराबंदी कईले अवु री आग अवु री पत्थर चलावे खािी इं जि अवु री िाज के िंगे िोपखािा अवु री बाण अवु री गोि​ि चलावे खािी टु कड़ा लगा दे ले। 52 एकरा बाद उ लोग अपिा इं जि के न्टखलाि इं जि भी बिवले अवु री लंबा िमय िक ओ लोग के लड़ाई लड़ले। 53 आन्टखर में उिकर बिति फबिा भोजि के रहे , काहे फक िािवाँ िाल रहे आ यहूफदया में जवि लोग गैर-यहूदी लोग िे मु क्त हो गइल रहे , उ लोग भंडार के बचे वाला फहस्सा के खा गइल रहे । ) 54 पफवत्र स्थाि में कुछ लोग बचल रहले, काहे फक उ लोग के अकाल अि​िा रहे फक उ लोग अपिा जगह प फि​िर-फबिर हो गईले। 55 ओही घरी लूफिया ई कहि िुिले फक फिफलपु ि, जे करा के राजा एन्टिओकि फजं दा रहिे अपिा बेटा एन्टिओकि के पालि पोषण करे खाफिर फियुक्त कइले रहले, िाफक उ राजा हो िके। 56 िारि आ मीफडया िे वापि आ गइलि आ राजा के िेिा भी जे उिका िाथे गइल रहे आ ऊ उिका लगे काम के शाि​ि लेबे के कोफशश करि रहे । 57 एही िे ऊ जल्दी-जल्दी जाके राजा आ िेिा के िेिापफि आ दल के िेिापफि लोग िे कहले, “हमिी के रोज िड़ि रहे िी जा, आ हमिी के खािपाि छोट बा, आ हमिी के घेराबंदी करे वाला जगह मजबूि बा आ राज्य के कामकाज मजबूि बा।” हमिी पर झूठ बोलि बािी: 58 अब हमिी के एह लोग िे दोस्ती करी ं जा आ ओह लोग के िाथे आ ओह लोग के पू रा जाफि िे मे ल फमलाप करी ं जा। 59 आ ओह लोग िे वाचा करऽ फक ऊ लोग पफहले जइि​ि अपिा फियम के पालि करि रहे , काहे फक ऊ लोग िाराज बा आ ई िब काम कइले बा काहे फक हमिी का ओह लोग के फियम के खिम कर फदहिी जा. 60 राजा आ राजकुमार लोग िंिुष्ट् हो गइलि, एही िे ऊ ओह लोग के लगे मे ल फमलाप करे खाफिर भेजलि। आ ऊ लोग एकरा के माि फलहल. 61 राजा आ राजकुमार लोग भी फकररया खइले, जविा के बाद उ लोग गढ़ िे बाहर फिकल गईले। 62 िब राजा फियोि पहाड़ में घुि गईले। लेफकि जब उ जगह के िाकि दे खले ि उ आपि किम िूड़ दे ले अवु री चारो ओर दे वाल के फगरा दे वे के आदे श दे ले। 63 ओकरा बाद ऊ जल्दबाजी में चल गइलि आ अं िाफकया लवट गइलि जहाँ फिलीप के शहर के माफलक फमल गइलि आ ऊ ओकरा िे लड़लि आ शहर के जबरि अपिा कब्जा में ले फलहलि. अध्याय 7 के बा 1 एक िौवाँ िाल में िेलुकि के बेटा दे मेफत्रयुि रोम िे फिकल के कुछ आदमी के िाथे िमु द्र के फकिारे एगो शहर में जाके उहाँ राज कइलि। 2 जब ऊ अपिा पु रखि के महल में घुिलि ि उिकर िेिा एं टीओकि आ लूफिया के अपिा लगे ले आवे खाफिर पकड़ फलहलि। 3 एही िे जब ऊ जाि गइलि ि ऊ कहलि, “हमरा ओह लोग के चे हरा िा दे खे दी ं.” 4 ि उिकर िेिा ओह लोग के मार फदहलि। जब दे मेफत्रयुि अपिा राज्य के फिंहाि​ि पर बइठल रहले। 5 इस्राएल के िब दु ष्ट् आ अभक्त आदमी उिकरा लगे उिकर िेिापफि खाफिर महायाजक बिे के इच्छु क अल्सीमि लेके अइले। 6 उ लोग राजा के िामिे लोग पर आरोप लगवले फक, “यहूदा आ ओकर भाई िोहार िब दोस्ति के मार दे ले बाड़े अवु री हमिी के अपिा दे श िे भगा दे ले बाड़े । ” 7 अब कविो आदमी के भेज के जे करा पर िू भरोिा बाड़ऽ, ओकरा के जाके दे खऽ फक ऊ हमिी के बीच आ राजा के दे श में कवि िबाही मचवले बा, आ ओकरा के ओह लोग के िहायिा करे वाला िब लोग के िाथे िजा दे वे।


8 िब राजा राजा के दोस्त बक्कीदे ि के चु िले, जे जलप्रलय के पार राज करि रहले आ राज्य में एगो महाि आदमी रहले अवु री राजा के प्रफि विादार रहले। 9 ऊ दु ष्ट् अल्सीमि के िाथे भेजलि, जे करा के ऊ महायाजक बिवले आ आज्ञा फदहलि फक ऊ इस्राएल के लोग िे बदला लेव। 10 उ लोग बहुि शन्टक्त के िाथ यहूफदया के दे श में चल गईले, जहाँ उ लोग धोखा िे शांफिपू णत बाि कह के यहूदा आ उिकर भाई लोग के पाि दू ि भेजले| 11 लेफकि उ लोग ओ लोग के बाि के कविो ध्याि िा दे ले। काहे फक उ लोग दे खले फक उ लोग बहुि शन्टक्त के िंगे आईल बाड़े । 12 िब उहाँ अल्सीमि आ बन्टक्कदे ि के एगो शास्त्री लोग के भीड़ जु ट गईल, िाफक न्याय के मांग कईल जा िके| 13 इस्राएल के लोग में िे िबिे पफहले अिीफदयि लोग शांफि के िलाश में रहे । 14 उ लोग कहले फक, हारूि के वं श के याजक इ िेिा के िंगे आईल बाड़े अवु री उ हमिी के कविो गलिी िा करीहे । 15 ऊ शांफि िे उिकरा िे बाि कइलि आ किम खइले फक हम िोहिी के िा ि िोहिी के िुकिाि उठाइब िा िोहिी के दोस्ति के। 16 िब उ लोग उिकरा पर फबिवाि कईले, लेफकि उ ओह लोग में िे िाठ आदमी के लेके एक फदि में मार दे ले, जवि फक उ फलखले रहले। 17 ऊ लोग िोहार पफवत्र लोग के मांि िेंक फदहले बा आ यरूशलेम के चारो ओर ओह लोग के खूि बहवले बा आ ओकरा के दि​िावे वाला केहू िा रहे । 18 एही िे ओह लोग के डर आ डर िब लोग पर पड़ल आ ऊ लोग कहल फक, “ओकिी में िा ि िच्चाई बा िा धाफमत किा। काहे फक उ लोग जवि वाचा अवु री फकररया कईले रहले, ओकरा के िोड़ दे ले बाड़े । 19 एकरा बाद बन्टक्कदे ि के यरूशलेम िे हटा के बेजेि में आपि डे रा खड़ा कर फदहलि, जहाँ ऊ भेज के अपिा के छोड़े वाला बहुि लोग के आ कुछ लोग के भी लेके चल गइलि आ जब ऊ ओह लोग के मार के बड़का लोग में डाल फदहलि गड़हा. 20 िब ऊ दे श अल्सीमि के िौंप फदहलि आ ओकरा िाथे एगो अफधकार छोड़ फदहलि फक ऊ ओकर िहायिा कर िके. 21 लेफकि अल्सीमि महायाजक के पद खाफिर लड़ि रहले। 22 उ लोग के परे शाि करे वाला िब लोग उिकरा लगे आ गईले, जवि लोग यहूदा के दे श के अपिा कब्जा में ले लेले के बाद इस्राएल में बहुि िुकिाि पहुं चवले। 23 यहूदा के उ िब बदमाशी दे खले जवि फक अल्सीमि आ ओकर दल इस्राएली लोग के बीच, जवि गैर-यहूदी लोग िे भी ऊपर कईले रहले। 24 ऊ यहूफदया के चारो ओर के इलाका में जाके अपिा िे फवद्रोह करे वाला लोग िे बदला ले फलहले, िाफक उ लोग अब दे हाि में जाए के फहम्मि िा कईले। 25 दू िरा ओर जब अल्सीमि दे खलि फक यहूदा आ ओकर दल के हाथ में आ गईल बा, आ उ जाि गईले फक उ लोग के िाकि के बदातश्त िईखि क िकि, ि उ िेर िे राजा के लगे गईले अवु री उिुका िे िबिे बुरा बाि के कहलि। 26 िब राजा अपिा इज्जिदार राजकुमारि में िे एगो फिकािोर के भेजलि, जे इस्राएल िे जािलेवा ि​िरि पै दा करि रहे आ लोग के िाश करे के आज्ञा दे ले। 27 िब फिकािोर बहुि िाकि के िाथे यरूशलेम आ गइलि। आऊ यहूदा आ उिकर भाई लोग के धोखा िे दोस्ती के बाि कह के भेजलि। 28 हमरा आ िोहरा बीच कविो लड़ाई िा होखे; हम कुछ आदमी के िंगे आईब, िाफक हम िोहरा के शांफि िे दे ख िकी। 29 ऊ यहूदा के लगे अइले आ ऊ लोग एक दू िरा के शांफि िे िमस्कार कइल। हालांफक दु श्मि लोग यहूदा के फहं िा िे छीिे के िैयार रहे । 30 यहूदा के ई बाि के पिा चलला के बाद फक ऊ धोखा िे उिकरा लगे अइले, ऊ उिका िे बहुि डे रा गइलि आ अब उिकर चे हरा िा दे ख पवले। 31 फिकािोर भी जब दे ख के फक उिकर िलाह फमलल बा ि किरिालामा के बगल में यहूदा िे लड़े खाफिर फिकल गईले|

32 उहाँ फिकािोर के ओर िे करीब पांच हजार आदमी मारल गईले अवु री बाकी लोग दाऊद के शहर में भाग गईले। 33 एकरा बाद फिकािोर फियोि पहाड़ पर चढ़ गइलि आ पफवत्र स्थाि िे कुछ याजक आ लोग के कुछ बूढ़ लोग ओकरा के शांफि िे िमस्कार करे आ राजा खाफिर चढ़ावल होमबफल दे खावे खाफिर फिकलल। 34 लेफकि उ ओ लोग के मजाक उड़ावि हं ि​ि रहले, शमत िाक गारी दे ि रहले अवु री गवत िे बोलि रहले। 35 ऊ क्रोध में किम खइले फक जब िक यहूदा आ ओकर िेिा हमरा हाथ में िा िौंपल जाई, अगर हम कबो िुरफक्षि रूप िे वापि आ जाईब ि हम एह घर के जरा दे ब। 36 िब पु जारी लोग भीिर घुि के वे दी आ मं फदर के िामिे खड़ा होके रोवि कहले। 37 हे प्रभु, िू ई घर चु िले बाड़ऽ फक ऊ अपिा िाम िे बोलावल जाव आ अपिा लोग खाफिर प्राथतिा आ फिहोरा के घर होखे। 38 एह आदमी आ ओकरा िेिा के बदला ली ं आ िलवार िे फगर जाए दी ं, ओह लोग के फिंदा के याद करी ं आ अब ओह लोग के िा रहे दी ं. 39 फिकािोर यरूशलेम िे फिकल के बेथहोरोि में आपि डे रा खड़ा कइलि, जहाँ िीररया के एगो िेिा उिकरा िे फमलल। 40 लेफकि यहूदा िीि हजार आदमी के िाथे अदािा में डे रा डाल के उहाँ प्राथतिा कइलि। 41 हे प्रभु, जब अश्शू र के राजा िे भेजल लोग फिंदा कइल ि िोहार स्वगतदूि फिकल के ओह लोग में िे एक लाख पचाि हजार लोग के मार फदहलि। 42 िू आजु हमिी के िामिे वाला एह िेिा के िष्ट् करऽ िाफक बाकी लोग जाि िके फक ऊ िोहरा पफवत्र स्थाि के फिंदा कइले बा आ ओकरा बुराई के फहिाब िे ओकर न्याय करऽ। 43 अदर महीिा के िेरहवाँ फदि िेिा लड़ाई में शाफमल हो गईल, लेफकि फिकािोर के िेिा बेहाल हो गईल अवु री उ खुद लड़ाई में िबिे पफहले मारल गईले। 44 जब फिकािोर के िेिा उिुका के मारल दे खलि ि उ लोग आपि हफथयार िेंक के भाग गईले। 45 िब उ लोग अदािा िे गजे रा िक एक फदि के यात्रा के पीछे -पीछे पीछे -पीछे चलि रहले अवु री अपिा िुरही िे उिुका पीछे -पीछे घबराहट बजावि रहले। 46 िब ऊ लोग यहूफदया के चारो ओर के िगरि िे बाहर फिकल के ओह लोग के बंद कर फदहल। एह िे उ लोग पीछा करे वाला लोग के पीछे मु ड़ के िब लोग िलवार िे मार फदहल गईल अवु री एको िा रह गईल। 47 ओकरा बाद उ लोग लूट के िामाि आ फशकार के लेके फिकािोर के फिर आ ओकर दाफहिा हाथ के मार फदहलि, जविा के उ अि​िा घमं ड िे बढ़ा के ले गईले अवु री यरूशलेम के ओर िांिी प लटका दे ले। 48 एही िे लोग बहुि खुश हो गईले अवु री उ लोग ओ फदि के बहुि खुशी के फदि मिवले। 49 उ लोग हर िाल अदर के िेरहवाँ फदि के फदि मिावे के फियुन्टक्त कईले। 50 एह िरह िे यहूदा के दे श ि​िी दे र आराम में रहे । अध्याय 8 के बा 1 यहूदा रोमि लोग के बारे में िुिले रहले फक उ लोग िाकिवर आ वीर आदमी हवें आ अइि​ि लोग जे अपिा के अपिा िाथे जु ड़ल िब लोग के प्रे म िे स्वीकार कर लेि रहले आ ओह लोग के लगे आवे वाला िब लोग के िाथे दोस्ती के लीग बिावि रहले। 2 आ फक उ लोग बहुि पराक्रमी आदमी रहले। ओकरा के गलािी के बीच में कइल गइल युद्ध आ कुलीि काम के बारे में भी बिावल गइल आ कइिे ऊ लोग ओह लोग के जीि के कर दे ले बा। 3 स्पे ि के दे श में जवि चांदी आ िोिा के खदाि​ि के जीिे खाफिर उ लोग कइले रहले। 4 आ फक अपिा िीफि आ धैयत िे ऊ लोग पू रा जगह जीि फलहले बा, भले ऊ ओह लोग िे बहुिे दू र रहे . आऊ राजा लोग भी जे धरिी के छोर िे ओह लोग के न्टखलाि आइल रहे , जब िक फक उ लोग ओह लोग के


बेहाल िा कर फदहलि आ उ लोग के बहुि उखाड़ िेंक फदहलि, िाफक बाकी लोग हर िाल ओह लोग के कर दे ि रहे । 5 एकरा अलावा उ लोग फिलीप आ फिटीम के राजा पफितयि आ अउरी लोग के िाथे लड़ाई में बेहाल हो गईल रहले जवि फक उ लोग के न्टखलाि उठ के ओ लोग के जीि लेले रहले| 6 एफशया के महाि राजा एन्टिओकि भी, जे ओह लोग के न्टखलाि लड़ाई में आइल रहले, ओकरा लगे एक िौ बीि हाथी, घुड़िवार, रथ आ बहुि बड़ िेिा रहे , उ लोग िे कइिे चफकि हो गईले। 7 कइिे ऊ लोग ओकरा के फजं दा ले फलहल आ वाचा कइल फक ऊ आ ओकरा बाद के राज करे वाला लोग बहुिे कर दे िु आ बंधक बिा दीहें आ जविा बाि पर िहमफि बिल रहे . 8 भारि के दे श, मीफडया, फलफडया आ िबिे बफढ़या दे शि के जवि उ लोग उिका िे लेके राजा यूमेिेि के दे ले रहले। 9 यूिािी लोग कइिे आके ओह लोग के िाश करे के ठाि लेले रहले। 10 एह बाि के जािकारी फमल के ऊ लोग एगो िेिापफि के भेज फदहल आ ओह लोग िे लड़ि ओह लोग में िे बहुिे लोग के मार फदहल आ ओह लोग के मे हरारू आ लइकि के बंदी बिा फलहल आ ओह लोग के लूट फलहल आ ओह लोग के जमीि पर कब्जा कर फलहल आ ओह लोग के िाकिवर के फगरा फदहल पकड़ले बा आ आजु ले ओह लोग के िेवक बिा के ले आइल बा. 11 एकरा अलावे उिुका के बिावल गईल फक कइिे उ लोग बाकी िभ राज्य अवु री द्वीप के िष्ट् क दे ले अवु री अपिा शाि​ि के अधीि क दे ले, जवि फक कबो ओ लोग के फवरोध करि रहे । 12 लेफकि उ लोग अपिा दोस्ति आ ओह लोग पर भरोिा करे वाला लोग के िाथे दोस्ती बिवले रहले आ दू र-दू र िक के राज्य जीि लेले रहले, एि​िा फक जे भी उिकर िाम िुिले रहले उ लोग ओ लोग िे डे रा गईले। 13 इहो फक, जे करा के उ लोग कविो राज्य में मदद करी, उ लोग राज करे ला। आ जे करा के िेरु िे चाहि रहले, ओकरा के फवस्थाफपि कर दे ले, अं ि में , फक उ लोग बहुि ऊँच हो गईले। 14 एह िब के चलिे केहू मु कुट िा पफहिले रहे िा बैंगिी रं ग के कपड़ा पफहिले रहे , िाफक उ लोग ओकरा िे बढ़ावल जा िके। 15 उ लोग अपिा खाफिर एगो िीिेट के घर बिवले रहले, जविा में िीि िौ बीि आदमी रोज पररषद में बईठ के लोग खाफिर हमे शा िलाहमशवरा करि रहले, िाफक उ लोग के व्यवस्था होखे। 16 उ लोग हर िाल आपि शाि​ि एक आदमी के िौंप दे ि रहे , जवि फक अपिा पू रा दे श प राज करि रहे अवु री िभ लोग ओ एक आदमी के आज्ञाकारी रहे अवु री िा ि ईष्यात होखि रहे अवु री िा अिुकरण होखि रहे । 17 एह िब बाि के दे खि यहूदा यूपोलेमि के बेटा यूपोलेमि, जे अकोि के बेटा, आ एफलयाजर के बेटा यािोि के चु ि के रोम भेजले, िाफक उ लोग के िाथे दोस्ती आ िंघ के लीग बिावल जा िके। 18 आउर उिकरा िे फिहोरा करे के फक उ लोग ओह लोग िे जु आ छीि लेव। काहे फक ऊ लोग दे खल फक यूिािी लोग के राज्य इस्राएल के गुलामी के िाथ दमि करि रहे । 19 उ लोग रोम गईल, जवि फक बहुि बड़ यात्रा रहे , अवु री िीिेट में पहुं चले, जहां उ लोग बाि कईले अवु री कहले। 20 यहूदा मक्काबि अपिा भाई लोग आ यहूदी लोग के िाथे हमिी के िोहिी के लगे भेजले बा फक हमिी के िोहिी िे फमलि आ शांफि बिावे के काम कर िकीले, िाफक हमिी के िोहिी के िाथी आ दोस्ति के िाम दजत कर िकीले। 21 एह िे ई बाि रोफमयि के बहुिे िीक लागल। 22 इ उ पत्र के प्रफि ह जवि िीिेट पीिल के िलक में फिर िे फलख के यरूशलेम भेजले रहे , िाफक उहाँ उ लोग के द्वारा शांफि आ िंघ के स्मारक होखे। 23 रोफमयि आ यहूदी लोग के िमु द्र आ जमीि के रास्ता िे हमे शा खाफिर बफढ़या ि​िलिा होखे, िलवार आ दु श्मि भी ओह लोग िे दू र होखे। 24 अगर पफहले रोमि भा ओह लोग के कविो िंघ के लोग के पू रा शाि​ि में कविो लड़ाई होखे ि

25 यहूदी लोग के लोग पू रा मि िे िमय के फहिाब िे उिकर मदद करी। 26 िा ि उ लोग जे लोग ओह लोग िे लड़ाई करे लि के कविो चीज िा दीहें आ िा ही ओह लोग के खािा, हफथयार, पइिा भा जहाज िे िहायिा करीहें , जइि​ि फक रोमि लोग के अच्छा लागल बा। लेफकि उ लोग आपि वाचा के पालि करीहे , एहिे कविो चीज़ िा लेि होईहे । 27 एही िरह िे अगर यहूदी लोग के जाफि पर पफहले युद्ध होखे ि रोमी लोग ओह लोग के पू रा मि िे मदद करी, जवि िमय के फहिाब िे होई। 28 िा ि ओह लोग के न्टखलाि भाग लेवे वाला के खािा िा फदहल जाई, िा हफथयार, िा पईिा, िा जहाज फदहल जाई, जईिे फक रोफमयि के अच्छा लागल बा। लेफकि उ लोग आपि वाचा फबिा धोखा के पालि करीहे । 29 एह लेखि के अिुिार रोमि लोग यहूदी लोग के िाथे एगो वाचा कइले रहे । 30 बाफकर अगर एकरा बाद कविो पक्ष भा दोिरा पक्ष कविो चीज के जोड़े भा कम करे खाफिर फमले के िोचे ि ऊ लोग अपिा मि मु िाफबक कर िकेला आ जवि कुछ जोड़ल भा ले जाई ओकरा के अिुमोदि कर फदहल जाई. 31 आऊ दमे फत्रयुि जवि बुराई यहूदी लोग के िाथे करे ला, ओकरा बारे में हमिी के ओकरा के फलखले बािी जा फक, “िू हमिी के दोस्ति पर आपि जु आ काहे बोला दे ले बाड़ू? 32 अगर उ लोग िोहरा न्टखलाि अउरी फशकायि करी ि हमिी के ओ लोग के न्याय करब जा आ िमु द्र आ जमीि के रास्ता िे िोहरा िे लड़ब जा। अध्याय 9 के बा 1 एकरा अलावा जब दे मेफत्रयुि फिकािोर आ ओकर िेिा के लड़ाई में मारल िुिलि ि दू िरा बेर बन्टक्कदे ि आ अल्सीमि के यहूफदया के दे श में भेज फदहलि। 2 ऊ लोग गलगला के रास्ता िे फिकल के अरबेला के मिलोथ के िामिे आपि डे रा खड़ा कइल आ ओकरा के जीिला के बाद बहुि लोग के मार फदहल। 3 िौ दू िरा िाल के पफहला महीिा में उ लोग यरूशलेम के िामिे डे रा डालल। 4 उहाँ िे उ लोग बीि हजार पै दल िैफिक आ दू हजार घुड़िवार के िाथे बेररया चल गइलि। 5 यहूदा एलेिा में आपि डे रा खड़ा कइले रहले आ ओकरा िाथे िीि हजार चु िल आदमी भी रहले। 6 उ लोग दोिरा िेिा के भीड़ के दे ख के एि​िा बड़ लोग डे रा गईले। जविा पर बहुि लोग िेिा िे बाहर फिकल गइल आ आठ िौ आदमी के अलावा अउरी िा रहे । 7 जब यहूदा दे खलि फक ओकर िेिा फि​िल गईल बा आ लड़ाई ओकरा पर दबाव में आ गईल बा, ि उ मि में बहुि परे शाि हो गईले अवु री बहुि परे शाि हो गईले, काहें की उिुका लगे ओ लोग के बटोरे के िमय िा रहे । 8 लेफकि बाकी लोग िे कहलि, “हमिी के उठ के अपिा दु श्मि​ि के न्टखलाि चढ़ जाईं जा, अगर शायद हमिी के ओह लोग िे लड़ाई लड़ पाईं जा।” 9 लेफकि उ लोग ओकरा के रोक के कहले, “हमिी के कबो िा हो पाई, अब हमिी के आपि जाि बचावे के चाही ं, आ बाद में हमिी के अपिा भाई लोग के िाथे वापि आके ओह लोग िे लड़ब जा, काहे फक हमिी के बहुि कम बािी जा।” 10 यहूदा कहले, “परमे शवर हम इ काम िा करि आ ओह लोग िे भाग जाइब, अगर हमिी के िमय आ गईल ि हमिी के अपिा भाई लोग खाफिर मदातिा होके मरब जा आ आपि इज्जि के दाग मि लगाईं जा।” 11 बन्टक्कदे ि के िेिा अपिा डे रा िे बाहर फिकल के ओह लोग के िामिे खड़ा हो गइल, घुड़िवार लोग दू गो में बँटल रहे आ ओकर गोि​ि आ िीरं दाज िेिा के आगे बढ़ि रहे आ आगे बढ़ि लोग िब पराक्रमी रहे ।


12 रहल बाि बन्टक्कदे ि के ि उ दाफहिा पाँख में रहले, ि िेिा दु िो भाग के िजदीक आके आपि िुरही बजावि रहले। 13 यहूदा के लोग भी आपि िुरही बजावि रहले, जविा िे िेिा के आवाज िे धरिी फहल गईल अवु री िबेरे िे राि िक लड़ाई चलि रहे । 14 जब यहूदा के पिा चलल फक बक्कीदे ि आ ओकर िेिा के िाकि दाफहिा ओर बा, ि उ अपिा िाथे िब कठोर आदमी के लेके चल गईले। 15 ऊ दफहिा पाँख के बेहाल क के अजोिुि पहाड़ िक पीछा कइलि। 16 जब बायां पाँख के लोग दे खल फक दाफहिा पाँख के लोग बेचैि हो गइल बा ि ऊ लोग यहूदा आ उिकर िाथ के लोग के पीछे िे कड़ा िे पीछे -पीछे चल गइल। 17 जविा के बाद बहुि कड़ा लड़ाई भईल, एि​िा फक दु िो ओर िे बहुि लोग के मौि हो गईल। 18 यहूदा के भी मारल गइल आ बचे वाला लोग भाग गइल। 19 िब जोिाथि आ शमौि अपिा भाई यहूदा के लेके मोदीि में अपिा पु रखि के कब्र में दि​िा फदहले। 20 उ लोग उिकरा िे फवलाप कइलि आ पू रा इस्राएल उिकरा खाफिर बहुि फवलाप कइलि आ बहुि फदि िक शोक मिावि रहलि। 21 इस्राएल के बचावे वाला वीर आदमी कइिे फगर गइल बा! 22 रहल बाि यहूदा आ उिकर युद्ध आउर उिकर कुलीि काम आ उिकर महाि​िा के बारे में फलखल िइखे, काहे फक उ बहुि ढे र रहे । 23 यहूदा के मौि के बाद दु ष्ट् लोग इस्राएल के पू रा इलाका में आपि माथा उठावे लगले अवु री अधमत के काम करे वाला िभ लोग उठ गईले। 24 ओह घरी भी बहुि बड़ अकाल पड़ल, जविा के चलिे दे श के लोग फवद्रोह क के ओ लोग के िंगे चल गईल। 25 बन्टक्कदे ि दु ष्ट् लोग के चु ि के दे श के माफलक बिवले। 26 ऊ लोग यहूदा के दोस्ति के पू छिाछ क के खोजि रहले आ बन्टक्कदे ि के लगे ले अइले आ ऊ लोग ओह लोग िे बदला लेि रहले आ उिकरा के घृफणि करि रहले। 27 एही िरे इस्राएल में एगो बड़हि कष्ट् भइल, जविा िमय िे अइि​ि िा भइल जब ओह लोग के बीच कविो भफवष्यवक्ता िा लउकल। 28 एही िे यहूदा के िब दोस्त एकजु ट होके जोिाथि िे कहलि। 29 जबिे िोहार भाई यहूदा मर गइल बा िबिे हमिी के लगे ओकरा जइि​ि केहू िइखे जवि हमिी के दु श्मि​ि, बक्कीदे ि आ हमिी के फवरोधी जाफि के लोग के न्टखलाि फिकल िके। 30 अब हमिी के आज िोहरा के चु िले बािी जा फक रउआ ओकरा जगह पर आपि राजकुमार आ कप्ताि बिी, िाफक िू हमिी के लड़ाई लड़ िकी। 31 एही पर जोिाथि ओह घरी अपिा भाई यहूदा के जगह पर शाि​ि के फजम्मा ले फलहले। 32 जब बक्कीदे ि के एह बाि के जािकारी फमलल ि उ ओकरा के मारे के कोफशश कईले 33 िब जोिाथि आ उिकर भाई फिमोि आ उिकर िाथ के िब लोग एह बाि के बुझ के थेको के जं गल में भाग गइलि आ अस्फार कुंड के पािी के फकिारे आपि डे रा खड़ा कर फदहलि। 34 जब बन्टक्कदे ि के बाि िमझ में आईल ि उ िब्त के फदि अपिा पू रा िेिा के िंगे यरदि के िजदीक पहुं चले। 35 योिाि​ि आपि भाई यूहन्ना, जे लोग के िेिापफि रहले, भेजले रहले फक उ लोग अपिा दोस्त िबिी लोग िे प्राथतिा करि फक उ लोग अपिा िंगे आपि गाड़ी छोड़ के चल जाि, जवि फक बहुि रहे । 36 जबरी के लोग मे दाबा िे फिकल के यूहन्ना आ उिकर िब कुछ लेके चल गईले। 37 एकरा बाद जोिाथि आ उिकर भाई फिमोि के खबर आइल फक जन्टि के लइका लोग एगो बड़हि फबयाह क के िदबथा िे दु लफहि के किाि के एगो बड़का राजकुमार के बेटी के रूप में लेके आवि बा। 38 एही िे उ लोग अपिा भाई यूहन्ना के याद करि पहाड़ के छु पा के िीचे लुका गईले। 39 उहाँ उ लोग आँ ख उठा के दे खले ि दे खले फक बहुि हं गामा हो गईल अवु री बड़ गाड़ी चलि रहे अवु री दु न्टल्ह ि अवु री उिुकर दोस्त अवु री भाई ढोलक, िंगीि के वाद्ययंि्र अवु री बहुि हफथयार लेके ओ लोग िे फमले खािी फिकलले।

40 िब जोिाथि आ ओकरा िाथे के लोग घाि लगा के बइठल जगह िे उठ के ओह लोग के अइि​ि वध कर फदहल फक बहुि लोग मर के फगर गइल आ बचे वाला लोग पहाड़ पर भाग गइल आ िब लोग के पकड़ फलहल उिकर लूट के िामाि। 41 एह िरह िे फबयाह शोक में बदल गइल आ ओह लोग के राग के शोर फवलाप में बदल गइल। 42 जब उ लोग अपिा भाई के खूि के पू रा बदला लेले ि उ लोग िेर िे यरदि के दलदल के ओर मु ड़ गईले। 43 बन्टक्कदे ि जब ई बाि िुिलि ि िब्त के फदि बहुि िाकि लेके यरदि िदी के फकिारे अईले। 44 िब जोिाथि अपिा दल िे कहलि, “चलऽ हमिी के अब जाके आपि जाि बचावे के लड़ाई लड़ि बािी जा, काहे फक ई आज हमिी के िाथे पफहले जइि​ि िइखे। 45 काहे फक दे खऽ, लड़ाई हमिी के िामिे आ हमिी के पीछे बा, आ यरदि के पािी ओिे आ ओिे बा, दलदल आ लकड़ी भी बा, आ हमिी के मु ड़े के जगह िइखे। 46 एही िे िू लोग अब स्वगत के ओर पु कारि बािी फक िू लोग अपिा दु श्मि​ि के हाथ िे मु क्त हो जाईं। 47 एि​िा कह के उ लोग लड़ाई में शाफमल हो गईले अवु री जोिाथि बक्कीदे ि के मारे खािी हाथ बढ़वले, लेफकि उ ओकरा िे पीछे हट गईले। 48 िब जोिाथि आ ओकरा िाथे के लोग यरदि में कूद के दू िरा फकिारे िैर के दू िरा फकिारे पहुँ च गईले, लेफकि दू िरा यरदि के पार िे ओ लोग के लगे िा गईल| 49 ओह फदि बक्कीदे ि के ओर िे करीब एक हजार आदमी मारल गईले। 50 ओकरा बाद बन्टक्कदे ि यरूशलेम वापि आके यहूफदया के मजबूि शहरि के मरम्मि कइलि। यरीहो, इमाऊ, बेथहोरोि, बेथेल, थमिाथा, िारथोिी आ िािोि के फकला के ऊ ऊँच दे वाल, िाटक आ िलाख िे मजबूि कइले। 51 आ ओह लोग में एगो िेिा बिवले फक ऊ लोग इस्राएल पर दु भातविा कर िके. 52 ऊ बेत्सू रा, गजे रा शहर आ बुजत के भी मजबूि कइलि आ ओहमें िेिा आ भोजि के इं िजाम कइलि। 53 एकरा अलावे उ दे श में मौजू द मु न्टखया लोग के बेटा के बंधक बिा के यरूशलेम के बुजत में डाल दे ले, िाफक उ लोग के राखल जा िके। 54 एकरा अलावा िौ िेरह िाल में दू िरा महीिा में अन्टल्समि आज्ञा फदहलि फक पफवत्र स्थाि के भीिरी आँ गि के दे वाल फगरावल जाव। उ भफवष्यवक्ता लोग के काम के भी फगरा दे ले 55 जब ऊ िीचे फगरल शुरू भइल ि ओही घरी अन्टल्समि के परे शािी हो गइल आ ओकर काम में बाधा आ गइल काहे फक ओकर मुँ ह रुक गइल रहे आ ओकरा के पक्षाघाि िे लथपथ हो गइल रहे जविा िे ऊ अब कविो बाि िा बोल पवले आ िा ही ओकरा बारे में आदे श दे पवले उिकर घर के। 56 एही िे अन्टल्समि ओह घरी बहुिे कष्ट् िे मर गइलि। 57 बन्टक्कदे ि जब दे खलि फक अन्टल्समि मर गईल बा, ि उ राजा के लगे लवट गईले, जविा के बाद यहूफदया के दे श दु िाल िक आराम करि रहे । 58 िब िब अभक्त लोग एगो मं डली में बईठ के कहलि, “दे खऽ, जोिाथि आ ओकर िाथी आराम िे बाड़े आ फबिा कविो परवाह के रहि बाड़े । 59 ि उ लोग जाके उिुका िे िलाह-मशवरा कईले। 60 िब उ बहुि िेिा के िाथे आके यहूफदया में अपिा िाथी लोग के गुप्त रूप िे फचट्ठी भेजले फक उ लोग योिाि​ि आ ओकरा िाथे रहे वाला लोग के ले जाि, लेफकि उ लोग िा कर पवलि, काहे फक उ लोग के िलाह उ लोग के पिा चलल रहे । 61 एही िे उ लोग ओह बदमाशी के रचफयिा के दे श के आदमी में िे करीब पचाि लोग के लेके हत्या क दे ले।


62 ओकरा बाद योिाि​ि आ शमौि आ उिकर िाथ के लोग बेिबािी ले गइल जवि जं गल में बा आ ओकर िड़ल चीज के ठीक क के मजबूि कर फदहल। 63 जब बन्टक्कदे ि के ई बाि पिा चलल ि ऊ आपि िब िेिा के एकट्ठा क के यहूफदया के लोग के खबर भेज फदहलि। 64 िब उ जाके बेिबािी के घेराबंदी कईले। आ ऊ लोग एकरा िे लमहर मौिम लड़ल आ युद्ध के इं जि बिवल. 65 लेफकि जोिाथि आपि भाई फिमोि के शहर में छोड़ के खुदे दे हाि में चल गईले अवु री कुछ िंख्या में उ फिकल गईले। 66 ऊ ओडोिाकेि आ ओकर भाई लोग आ ि​िीरोि के लोग के डे रा में मार फदहलि। 67 जब ऊ ओह लोग के मारे लगलि आ अपिा िेिा के िाथे चढ़ गइलि ि शमौि आ उिकर दल शहर िे बाहर फिकल गइलि आ युद्ध के इं जि जरा फदहलि. 68 ऊ बक्कीदे ि िे लड़ल, जे ओह लोग िे बेचैि हो गइल आ ऊ लोग ओकरा के बहुिे दु ख फदहल, काहे फक ओकर िलाह आ कष्ट् बेकार रहल. 69 एही िे ऊ ओह दु ष्ट् लोग पर बहुि िाराज हो गइलि जे उिका के दे श में आवे के िलाह फदहले रहले, काहे फक ऊ ओह लोग में िे बहुिे लोग के मार फदहलि आ अपिा दे श में लवटे के योजिा बिवले रहले. 70 जब जोिाथि के एह बाि के जािकारी फमलल ि उ अपिा लगे राजदू ि भेजले, िाफक उ अपिा िंगे मे ल फमलाप क के ओ लोग के कैदी के बचावे । 71 जविा बाि के ऊ स्वीकार कइलि आ अपिा माँग के फहिाब िे कइलि आ किम खइले फक ऊ अपिा फजफिगी भर ओकरा के कबो िुकिाि िा पहुँ चाई. 72 जब ऊ यहूफदया के दे श िे पफहले िे फिकालल कैफदयि के वापि ले अइले ि ऊ वापि आके अपिा दे श में चल गइलि आ िा ही अब ओह लोग के िीमा में अइले। 73 एह िरह िे इस्राएल िे िलवार खिम हो गइल, लेफकि योिाि​ि मकमाि में रह के लोग के शाि​ि करे लगलि। उ इस्राएल िे अभक्त लोग के िाश क फदहलि। अध्याय 10 के बा 1 िौ िाठवाँ िाल में फिकंदर, एफपिेिीि िाम के एन्टिओकि के बेटा, ऊपर जाके टोलेमैि के लेके चल गईले, काहे फक लोग उिुका के ग्रहण क लेले रहे , जविा के माध्यम िे उ उहाँ राज कईले रहले। 2 राजा दमे फत्रयुि इ बाि िुि के बहुि बड़ िेिा के जु टा के ओकरा िे लड़ाई करे फिकल गईले। 3 दे मेफत्रयुि योिाि​ि के प्रे म के बाि िे फचट्ठी भेजले। 4 काहे फक उ कहले फक, “पफहले हमिी के ओकरा िे मे ल फमलाप करावल जाव, ओकरा िे पफहले फक उ फिकंदर के िंगे हमिी के न्टखलाि फमलि। 5 िा ि उ िब बुराई के याद करी जवि हमिी के ओकरा न्टखलाि, ओकरा भाई अवु री ओकरा लोग के न्टखलाि कईले बािी। 6 एही िे उ ओकरा के एगो िेिा जु टावे आ हफथयार के इं िजाम करे के अफधकार फदहलि िाफक उ युद्ध में िहायिा कर िके। 7 िब जोिाथि यरूशलेम आके िब लोग आ बुजत में रहे वाला लोग के िामिे फचट्ठी पढ़ले। 8 ऊ लोग ई िुि के फक राजा ओकरा के िेिा जु टावे के अफधकार दे ले बाड़ि ि ऊ लोग बहुि डे रा गइलि। 9 िब बुजत के लोग आपि बंधक के जोिाथि के िौंप फदहलि आ ऊ ओह लोग के माई-बाबूजी के िौंप फदहलि। 10 ई िब कइला के बाद जोिाथि यरूशलेम में बि गइलि आ शहर के फिमातण आ मरम्मि करे लगलि। 11 ऊ मजदू रि के आज्ञा फदहलि फक दे वाल आ फियोि पहाड़ के चारो ओर चौकोर पत्थर िे फकलाबंदी खाफिर बिावल जाव। आ उ लोग अयीि​ि कईले। 12 बन्टक्कदे ि जवि फकला बिवले रहले, उ परदे िी लोग भाग गईले। 13 एह िे हर आदमी आपि जगह छोड़ के अपिा दे श में चल गइल।

14 बेत्सू रा में ि कुछ लोग जे व्यवस्था आ आज्ञा के छोड़ले रहले, उ लोग न्टस् थर रह गईले, काहे फक उ लोग के शरण के जगह रहे । 15 जब राजा फिकन्दर िुि के दे मेफत्रयुि जोिाथि िे कवि वादा कइले रहले, ि जब उिुका आउर उिकर भाई लोग के कइल लड़ाई आ उदात्त काम के बारे में बिावल गइल। 16 ऊ कहलि, “का हमिी के अइि​ि दोिर आदमी फमल जाई?” अब एह िे हमिी के ओकरा के आपि दोस्त आ िंघीय बिा दे ब जा। 17 एह बाि पर ऊ एगो फचट्ठी फलख के ओकरा के भेज फदहलि। 18 राजा फिकंदर अपिा भाई योिाि​ि के अफभवादि भेजलि। 19 हम िोहरा बारे में िुिले बािी फक िू बहुि िाकिवर आदमी हउअ आ हमिी के दोस्त बिे के बा। 20 एही िे आज हम िोहरा के िोहरा जाफि के महायाजक बिे खाफिर आ राजा के दोस्त कहे खाफिर फियुक्त करि बािी। (आ ओकरा िाथे ऊ ओकरा खाफिर बैंगिी रं ग के वस्त्र आ िोिा के मु कुट भेजलि।) आ िोहरा िे हमिी के फहस्सा लेवे के आ हमिी िे दोस्ती बिावे के मांग कइले। 21 एही िे िौ िाठवाँ िाल के िािवाँ महीिा में िम्बू के पवत पर जोिाथि पफवत्र वस्त्र पफहिले आ िेिा के बटोरले आ बहुिे कवच के इं िजाम कइले। 22 ई बाि िुि के दे मेफत्रयुि बहुि दु खी होके कहले। 23 हमिी के का कइले बािी जा फक फिकंदर हमिी के यहूदी लोग िे दोस्ती करे िे रोकले बाड़ि फक ऊ अपिा के मजबूि कर िकी ं? 24 हम ओह लोग के प्रोत्साहि के बाि फलखब आ ओह लोग के इज्जि आ वरदाि के वादा करब िाफक हम ओह लोग के िहायिा पाईं। 25 ऊ ओह लोग के लगे एही खाफिर भेजलि फक राजा दमे फत्रयुि यहूदी लोग के अफभवादि भेजलि। 26 जब िू हमिी के िाथे वाचा के पालि करि रहलू आ हमिी के दोस्ती में बिल रहलू आ हमिी के दु श्मि​ि के िाथे िा फमलि रहलू, ि हमिी के ई बाि िुिले बािी जा आ खुश बािी जा। 27 एही िे अब भी िू हमिी के प्रफि विादार रहब आ हमिी के जवि काम िोहिी के हमिी के खाफिर करब ओकरा के हमिी के बफढ़या िे बदला दे ब जा। 28 आ िोहरा के बहुिे छूट फदही आ िोहिी के इिाम फदही। 29 अब हम िोहरा के मु क्त कर दे िी आ िोहरा खाफिर िब यहूदी लोग के कर, िमक के ररवाज आ मु कुट कर िे मु क्त कर दे िी। 30 जवि चीज हमरा के फि​िरका फहस्सा भा बीज आ आधा पे ड़ के िल फमले के बा, ओकरा िे हम आज िे ओकरा के छोड़ दे ि बािी, िाफक ऊ लोग यहूफदया के दे श िे िा हट जाव आ िा ही िामररया आ गलील के दे श िे जवि िीिों िरकारि के जोड़ल गइल बा, ओकरा में िे आज िे हमे शा खाफिर। 31 यरूशलेम भी पफवत्र आ स्विंत्र होखे, ओकर िीमा के िाथे दिवां फहस्सा िे लेके कर िे भी। 32 रहल बाि यरूशलेम के बुजत के ि हम ओकरा पर अफधकार दे दे िी आ महायाजक के दे दे िी फक उ ओकरा में अइि​ि आदमी के रख िके जे करा के ऊ ओकरा के रखे खाफिर चु िे। 33 हम यहूफदया के दे श िे बंदी बिा के अपिा राज्य के कविो फहस्सा में ले जाइल गइल यहूदी लोग में िे हर एक के आजादी िे मु क्त कर दे िी आ हम चाहि बािी फक हमार िब अफधकारी अपिा मवे शी के कर माि करि। 34 एकरा अलावा हम चाहि बािी फक िब परब, िब्त, अमावस्या, आ गंभीर फदि, परब िे पफहले के िीि फदि आ पवत के बाद के िीि फदि हमरा क्षेत्र में मौजू द िब यहूदी लोग खाफिर िब कुछ अछूिा आ आजादी के होखे। 35 िंगही, केहु के कविो मामला में दखल दे वे चाहे छे ड़खािी करे के अफधकार िा होई। 36 हम आगे इहे कहब फक राजा के िेिा में यहूदी लोग में िे लगभग िीि हजार आदमी के िामांकि होखे, जे करा के राजा के िेिा के िमाि वे ि​ि फदहल जाई। 37 ओहमें िे कुछ लोग के राजा के गढ़ में राखल जाई आ ओहमें िे कुछ लोग के राज्य के कामकाज पर भी राखल जाई जवि भरोिा के बा, आ


हम चाहब फक ओह लोग के दे खरे ख करे वाला आ राज्यपाल अपिा िे होखिु आ ओकरा बाद ऊ लोग फजए उ लोग के आपि फियम, जईिे राजा यहूफदया के दे श में आज्ञा दे ले बाड़े । 38 िामररया के दे श िे यहूफदया में जवि िीिों िरकार जोड़ल गइल बा, ओकरा बारे में यहूफदया के िाथे जोड़ल जाव, िाफक उ लोग के एक के अधीि मािल जा िके आ िा ही महायाजक के अलावा कविो दोिर अफधकार के पालि करे खाफिर बाध्य हो िके। 39 रहल बाि टोलेमैि आ ओकरा िे जु ड़ल जमीि के ि हम पफवत्र स्थाि के जरूरी खरचा खाफिर यरूशलेम के पफवत्र स्थाि के मु फ्त उपहार में दे ि बािी। 40 एकरा अलावे हम हर िाल राजा के फहिाब िे पं द्रह हजार शेकेल चांदी दे वेिी। 41 आउर जवि भी ओवरप्लि अि​िर लोग पफहले के िमय फिहि िा दे ले रहे , ओकरा के अब िे मं फदर के काम के ओर फदहल जाई। 42 एकरा अलावे उ पांच हजार शेकेल चांदी, जवि उ लोग िाल दर िाल मं फदर के उपयोग िे फिकालि रहले, उ चीज़ भी छोड़ फदहल जाई, काहें की इ िेवा िेवा करे वाला याजक के ह। 43 जे केहू यरूशलेम के मं फदर में भागि बा, भा राजा के ऋणी होके, या कविो अउरी मामला में उ लोग के आजादी के आ हमरा क्षेत्र में जवि कुछ भी बा, ओकरा के आजादी िे फमले के चाही ं। 44 काहे फक पफवत्र स्थाि के फिमातण आ मरम्मि के काम भी राजा के फहिाब िे फदहल जाई। 45 हँ , आ यरूशलेम के दे वालि के फिमातण आ चारो ओर ओकरा के मजबूि करे खाफिर राजा के फहिाब िे खचात फदहल जाई, जइिे फक यहूफदया में दे वालि के फिमातण खाफिर भी। 46 जब जोिाथि आ लोग ई बाि िुिल ि ऊ लोग ओह लोग के कविो श्रेय िा फदहल आ िा ही ओकरा के ग्रहण कइल, काहे फक ऊ लोग इस्राएल में कइल बड़हि बुराई के याद कइल। काहे फक ऊ ओह लोग के बहुिे दु खी कइले रहले. 47 लेफकि फिकंदर िे उ लोग बहुि खुश रहले, काहे फक उ िबिे पफहले उ लोग िे िच्चा शांफि के फिहोरा कईले अवु री उ लोग हमे शा उिुका िंगे फमलि रहले। 48 िब राजा फिकंदर बहुि िेिा के बटोर के दे मेफत्रयुि के न्टखलाि डे रा डाल फदहलि। 49 दु िो राजा के लड़ाई में शाफमल होखला के बाद दे मेफत्रयुि के िेिा भाग गईल, लेफकि फिकंदर उिुका पीछे -पीछे चल गईले अवु री उिुका िे जीि हाफिल कईले। 50 जब िक िूरज डू ब िा गईल िब िक उ बहुि जोरदार लड़ाई जारी रखले अवु री ओ फदि दे मेफत्रयुि के हत्या क फदहल गईल। 51 एकरा बाद फिकंदर फमस्र के राजा टोलेमी के लगे राजदू ि भेजले अवु री इ िंदेश दे ले। 52 काहे फक हम अपिा राज्य में वापि आ गईल बािी आ अपिा पु रखि के फिंहाि​ि पर बइठल बािी आ प्रभुत्व पा लेले बािी आ दे मेफत्रयुि के उखाड़ िेंकले बािी आ आपि दे श के वापि ले लेले बािी। 53 हम ओकरा िाथे लड़ाई में शाफमल भइला के बाद उ आ ओकर िेिा हमिी के दे ख के बेचैि हो गईले अवु री हमिी के उिुका राज्य के फिंहाि​ि प बईठ गईिी। 54 अब हमिी के फमल के दोस्ती के एगो लीग बिा के अब हमरा के िोहार बेटी के पत्नी बिा दे ब जा, ि हम िोहार दामाद बिब अवु री िोहरा अवु री ओकरा के िोहरा मयातदा के मु िाफबक दे ब। 55 राजा टोलेमी जवाब फदहलि, “शुभ उ फदि जविा फदि िू अपिा पु रखि के दे श में वापि आके ओह लोग के राज्य के फिंहाि​ि पर बइठल होखब।” 56 अब हम िोहरा िाथे जइिे िू फलखले बाड़ू, हम िोहरा िाथे करबऽ, एहिे हमरा िे टोलेमैि में भेंट करऽ िाफक हमिी के एक दू िरा के दे ख िकीले। काहे फक हम अपिा बेटी के फबयाह िोहरा इच्छा के फहिाब िे िोहरा िे करब। 57 िब टोलेमी अपिा बेटी न्टियोपे टरा के िंगे फमस्र िे फिकल गईले अवु री िौ दु िरा िाल में उ लोग टोलेमैि पहुं चले।

58 जहाँ राजा फिकंदर उिुका िे फमलले, उ अपिा बेटी न्टियोपे टरा के दे ले अवु री राजा लोग के िरीका फिहि टोलेमैि में ओकर फबयाह बहुि मफहमा िे मिवले। 59 राजा फिकंदर जोिाथि के फचट्ठी फलखले रहले फक उ आके उिुका िे फमले। 60 ओकरा बाद ऊ आदर िे टोलेमैि गइलि जहाँ ऊ दु िु राजा िे भेंट कइलि आ ओह लोग के आ ओह लोग के दोस्ति के चांदी आ िोिा आ बहुिे उपहार फदहलि आ ओह लोग के िजर में अिुग्रह फमलल. 61 ओह घरी इस्राएल के कुछ महामारी वाला लोग, दु ष्ट् जीवि के लोग, ओकरा न्टखलाि आरोप लगावे खाफिर जु ट गईले, लेफकि राजा ओ लोग के बाि िा िुिले। 62 हाँ एकरा िे भी जादा राजा आपि कपड़ा उिार के बैंगिी रं ग के कपड़ा पफहि के आज्ञा दे ले। 63 ऊ ओकरा के अकेले बइठा के अपिा राजकुमारि िे कहलि, “ओकरा िाथे शहर के बीच में जाके घोषणा करऽ फक केहू ओकरा िे कविो बाि के फशकायि िा करे आ केहू ओकरा के कविो कारण िे परे शाि िा करे । ” . 64 जब उिकर आरोप लगावे वाला लोग दे खल फक उिकरा के घोषणा के अिुिार िम्माफि​ि कइल गइल बा आ बैंगिी रं ग के कपड़ा पफहिले बा ि उ िब भाग गइलि। 65 राजा ओकरा के आदर फदहलि आ ओकरा के अपिा प्रमु ख दोस्ति में फलख फदहलि आ ओकरा के ड्यूक बिा फदहलि आ ओकरा राज के फहस्सा बिवले. 66 ओकरा बाद जोिाथि शांफि आ खुशी के िाथ यरूशलेम लवट अइले। 67 एकरा अलावा में ; िौ पचािवाँ िाल के डे मेफत्रयुि के बेटा दे मेफत्रयुि क्रेिे िे फिकल के अपिा पु रखि के दे श में आ गइलि। 68 राजा फिकन्दर के ई बाि िुि के ऊ ठीक िे पछिावे लगलि आ अं िाफकया में वापि आ गइलि। 69 िब दे मेफत्रयुि िेलोिीररया के गवितर अपोलोफियि के आपि िेिापफि बिवले, जे एगो बड़हि िेिा के बटोर के जमफिया में डे रा डाल के महायाजक योिाथि के लगे भेज के कहले फक। 70 िू अकेले हमिी के न्टखलाि उठि बाड़ू, आ हम िोहरा खाफिर फिरस्कार करि हँ ि​ि बािी आ फिंदा करि बािी, आ िू पहाड़ पर हमिी के न्टखलाि आपि शन्टक्त के बड़ाई काहे करि बाड़ू? 71 अब अगर िू अपिा िाकि पर भरोिा करि बाड़ऽ ि हमिी के लगे मै दाि में उिरी ं आ उहाँ हमिी के फमल के मामला के परीक्षण करी ं जा, काहे फक शहरि के िाकि हमरा िंगे बा। 72 पू छी ं आ िीखी ं फक हम के हईं आ बाकी लोग जे हमिी के फहस्सा लेि बा, ि ऊ लोग िोहरा के बिा दी फक िोहार गोड़ अपिा दे श में भागे में िक्षम िइखे. 73 एही िे अब िू मै दाि में घुड़िवार आ एि​िा बड़हि िाकि के िा फटक पाईब, जहाँ िा पत्थर बा िा चकमक पत्थर, िा भागे के जगह। 74 जब जोिाथि अपोलोफियि के इ बाि िुि के मि में भावु क हो गईले अवु री दि हजार आदमी के चु ि के यरूशलेम िे फिकल गईले, जहां उिुकर भाई शमौि उिुका िे मदद करे खािी फमलले। 75 ऊ यािा के न्टखलाि आपि डे रा खड़ा कइलि, लेफकि; यािा के लोग ओकरा के शहर िे बाहर कर फदहल, काहे फक अपोलोफियि के उहाँ एगो िेिा रहे । 76 िब जोिाथि ओकरा के घेराबंदी क फदहलि, जविा के बाद शहर के लोग ओकरा के डर िे भीिर जाए दे ले अवु री एहीिे जोिाथि यािा के जीि लेले। 77 जब अपोलोफियि ई बाि िुिले ि ऊ िीि हजार घुड़िवारि के िाथे पै दल चले वाला लोग के एगो बड़हि िेिा लेके अजोटि के लगे चल गइलि जइिे फक एगो यात्रा करे वाला आदमी के मै दाि में ले गइलि. काहे फक ओकरा लगे घुड़िवारि के िंख्या बहुिे रहे , जे करा पर ऊ भरोिा करि रहले. 78 िब जोिाथि उिका पीछे -पीछे अजोिुि िक गईले, जहवाँ िेिा लड़ाई में शाफमल हो गईले।


79 अब अपोलोफियि हजार घुड़िवारि के घाि लगा के छोड़ फदहले रहले। 80 जोिाथि के पिा चल गईल फक ओकरा पीछे घाि लगा के बईठल बा। काहे फक ऊ लोग उिकर िेिा के घेराबंदी करि रहे आ िबेरे िे िाँझ ले लोग पर बाण चलावि रहे । 81 लेफकि लोग योिाि​ि के आज्ञा के मु िाफबक एक जगह खड़ा हो गईल अवु री दु श्मि के घोड़ा थक गईल। 82 िब शमौि आपि िेिा के बाहर ले आके पै दल चले वाला लोग के न्टखलाि खड़ा कर फदहलि, काहे फक घुड़िवार लोग खिम हो गईल रहे , जवि फक उिुका िे परे शाि हो गईले अवु री भाग गईले। 83 घुड़िवार लोग भी खेि में फबखर के अजोिुि में भाग गईले आ िुरफक्षि खाफिर आपि मू फित के मं फदर बेिदागोि में चल गईले। 84 लेफकि जोिाथि अजोिुि आ ओकरा आिपाि के शहरि में आग लगा फदहलि आ ओकर लूट के िामाि ले फलहलि। आ दागोि के मं फदर में भागल लोग के िाथे उ आग िे जरा फदहलि। 85 एह िरह िे आठ हजार आदमी के जरा के िलवार िे मार फदहल गइल। 86 ओफहजा िे जोिाथि आपि िेिा हट के अस्कलोि के न्टखलाि डे रा डाल फदहलि, जहाँ शहर के लोग फिकल के ओकरा िे बहुिे धूमधाम िे भेंट कइलि। 87 एकरा बाद जोिाथि आ ओकर िेिा कविो लूट के िामाि लेके यरूशलेम वापि आ गईले। 88 राजा फिकंदर ई बाि िुि के ऊ जोिाथि के अउरी आदर कइलि। 89 राजा के खूि िे चले वाला लोग के िोिा के बकिुआ भेज के ओकरा के ओकर िीमा के िाथे अकरोि भी दे फदहलि। अध्याय 11 के बा 1 फमस्र के राजा िमुं दर के फकिारे पड़ल बालू फियर एगो बड़हि िेिा आ कई गो जहाजि के बटोर के फिकंदर के राज्य लेबे आ ओकरा के अपिा राज्य िे जोड़े खाफिर धोखा िे घूम के चल गइलि। 2 िब ऊ शांफि िे स्पे ि के यात्रा कइलि, जइिे फक शहरि के लोग उिकरा िे भेंट कइलि, काहे फक राजा फिकंदर ओह लोग के अइि​ि करे के आज्ञा दे ले रहले, काहे फक ऊ उिकर दे वर रहले। 3 जब टोलेमी शहरि में घुिलि ि हर शहर में िैफिकि के एगो िेिा रखलि फक ऊ ओकरा के रखे। 4 जब ऊ अजोिुि के िजदीक अइले ि ऊ लोग ओकरा के दागोि के मं फदर के दे खा फदहल जवि जरा गइल रहे , अजोिुि आ ओकर आिपाि के इलाका जवि िष्ट् हो गइल रहे , आ जवि लाश बाहर िेंकल गइल रहे आ जवि लाश ऊ लड़ाई में जरा फदहले रहे , ओकरा के दे खवले। काहे फक उ लोग ओह रास्ता में ढे र बिा दे ले रहले जहाँ िे उ गुजरे के चाहि रहले। 5 उ लोग राजा के जवि कुछ भी कईले रहले, ओकरा के बिावि रहले फक उ उिुका के दोषी ठहरा िके, लेफकि राजा चु प रहले। 6 िब जोिाथि यािा में राजा िे बहुि धूमधाम िे फमलले, उहाँ उ लोग एक दू िरा के िमस्कार कईले अवु री ठहर गईले। 7 ओकरा बाद योिाि​ि राजा के िाथे एलेउथेरि िाम के िदी पर चल गइलि आ यरूशलेम वापि आ गइलि। 8 राजा टोलेमी िमुं दर के फकिारे िेलुफिया िक के शहरि के प्रभुत्व पा के फिकंदर के न्टखलाि बुरा िलाह के कल्पिा कईले। 9 िब ऊ राजा दे मेफत्रयुि के लगे राजदू ि भेजलि फक, “आ जा, हमिी के बीच एगो लीग बिाईं जा आ हम िोहरा के आपि बेटी दे दे ब, जे कर फिकंदर बा, आ िू अपिा बाप के राज्य में राज करबऽ। 10 हम पश्चािाप करि बािी फक हम अपिा बेटी के ओकरा के दे दे ले बािी, काहे फक उ हमरा के मारे के कोफशश कईले रहले। 11 एह िरह िे ऊ उिकर फिंदा कइलि काहे फक ऊ अपिा राज्य के चाहि रहले. 12 एही िे उ अपिा बेटी के अपिा िे लेके दे मेफत्रयुि के दे दे ले अवु री फिकंदर के छोड़ दे ले, िाफक ओ लोग के ि​िरि के बारे में खुल के पिा चल गईल। 13 िब टोलेमी अं िाफकया में घुि गईले, उहाँ उ अपिा माथा प एफशया अवु री फमस्र के मु कुट दु गो मु कुट रखले।

14 एही िमय में राजा फिकंदर फकफलफिया में रहले, काहे फक ओह इलाका में रहे वाला लोग उिकरा िे फवद्रोह कर फदहले रहे । 15 फिकन्दर जब ई बाि िुिलि ि उ उिकरा िे लड़ाई करे लगलि, िबे राजा टोलेमी आपि िेिा के िामिे ले अइले आ एगो पराक्रमी शन्टक्त िे उिकरा िे भेंट क के भगा फदहलि। 16 फिकंदर उहाँ बचावे खाफिर अरब भाग गइलि। लेफकि राजा टोलेमी के ऊपर उठावल गइल। 17 अरबी जब्दीएल फिकंदर के फिर उिार के टोलेमी के लगे भेज फदहलि। 18 राजा टोलेमी भी ओकरा िीिरा फदि मर गइलि आ गढ़ में रहे वाला लोग एक दू िरा के मार फदहल गइल। 19 एही िे दे मेफत्रयुि िौ िािवाँ िाल में राज कइलि। 20 ओही िमय जोिाथि यहूफदया के लोग के बटोर के यरूशलेम के बुजत पर कब्जा कर फलहले। 21 िब अभक्त लोग अपिा लोग िे ि​िरि करे वाला लोग राजा के लगे जाके कहलि फक जोिाथि बुजत के घेराबंदी कईले बाड़े । 22 ई बाि िुि के ऊ न्टखफिया गइलि आ िुरिे हट के िोलेमैि के लगे आके जोिाथि के फलखले फक ऊ बुजत के घेराबंदी मि करि, बलुक जल्दबाजी में आके टोलेमैि में ओकरा िे बाि करि। 23 फिर भी जोिाथि ई िुि के ओकरा के घेराबंदी करे के आदे श फदहलि आ उ इस्राएल के कुछ बूढ़ लोग आ याजकि के चु ि के अपिा के खिरा में डाल फदहलि। 24 चाँदी-िोिा, कपड़ा-लत्ता आ एकरा अलावे गोिाखोर के उपहार लेके राजा के लगे टोलेमैि गईले, जहां उिुका िजर में अिुग्रह फमलल। 25 भले ही लोग के कुछ अभक्त लोग उिकरा न्टखलाि फशकायि कईले रहले। 26 िबो राजा ओकरा िे पफहले जइि​ि फिहोरा कइलि आ ओकरा के अपिा िब दोस्ति के िामिे बढ़ा फदहलि. 27 ऊ महायाजक के पद में आ ओकरा पफहले जवि िम्माि फमलल रहे , ओकरा में ओकरा के मजबूि कइलि आ अपिा प्रमु ख दोस्ति में ओकरा के प्रमु खिा फदहलि। 28 िब जोिाथि राजा िे फिहोरा कइलि फक ऊ यहूफदया के कर िे मु क्त कर दे व, जइिे फक िीिों िरकार, िामररया के दे श के भी। आ ऊ ओकरा िे िीि िौ िाला के वादा कइलि. 29 राजा िहमफि दे के जोिाथि के एह िब बाि के बारे में एही िरह िे फचट्ठी फलखले| 30 राजा दमे फत्रयुि अपिा भाई जोिाथि आ यहूदी लोग के जाफि के अफभवादि भेजलि। 31 हमिी के ओह फचट्ठी के प्रफिफलफप इहाँ भेजि बािी जा जवि हमिी के अपिा चचे रा भाई लस्थेि​ि के िोहिी के बारे में फलखले रहिी जा िाफक िू लोग ओकरा के दे ख िकी। 32 राजा दे मेफत्रयुि अपिा फपिा लस्थिीि के अफभवादि भेजलि। 33 हमिी के ठाि लेले बािी जा फक यहूदी लोग के भलाई करे के, जवि हमिी के दोस्त हवे अवु री हमिी के िंगे वाचा के पालि करे ले, काहें की उ लोग हमिी के प्रफि भलाई करे ले। 34 एही िे हमिी के यहूफदया के िीमा के, अिेरे मा, लुद्दा आ रमाथेम के िीि िरकार के िाथे, जवि फक यरूशलेम में बफलदाि दे वे वाला िब लोग खाफिर यहूफदया में जोड़ल गईल बा, ओकरा के अिुमोफदि कईले बािी। ओकरा जगह पर जवि भुगिाि राजा के पफहले िे िालािा ओह लोग िे फमलि रहे , धरिी आ पे ड़ के िल िे। 35 हमिी के दिवां फहस्सा आ रीफि-ररवाज के िाथे-िाथे िमकीि के गड्ढा आ मु कुट के कर के जवि हमिी के बा, हमिी के ओह िब के राहि खाफिर छोड़ दे िी जा। 36 आ अब िे एकर कविो बाि हमे शा खाफिर रद्द िा कइल जाई। 37 अब दे खऽ फक िू एह बाि​ि के िकल बिा के जोिाथि के दे दी ं आ पफवत्र पहाड़ पर एगो लउके वाला जगह पर बइठा दी ं। 38 एकरा बाद जब राजा दे मेफत्रयुि दे खले फक दे श ओकरा िोझा शांि बा अवु री ओकरा न्टखलाि कविो फवरोध िईखे होखि, ि उ अपिा िभ िेिा के अपिा जगह प भेज दे ले, फिवाय कुछ परदे िी के दल के, जे करा िे उ


बटोरले रहले गैर-यहूदी के द्वीप, एही िे ओकर पु रखि के िब िाकि ओकरा िे ि​िरि करि रहे । 39 एकरा अलावे एगो टर ाइिोि भी रहले, जवि फक फिकंदर के फहस्सा के रहले, जवि दे ख के िब िेिा दे मेफत्रयुि के न्टखलाि बड़बड़ाि रहले, उ फिमलकुयू के लगे गईले, जवि फक फिकंदर के जवाि बेटा एन्टिओकि के पालि पोषण कईले रहले। 40 ऊ एह जवाि एन्टिओकि के बचावे खाफिर ओकरा पर चोट लगवले िाफक ऊ अपिा बाप के जगह पर राज कर िके, ऊ ओकरा के दमे फत्रयुि के िब काम बिवले आ कइिे ओकर युद्धकमी ओकरा िे दु श्मिी करि रहे , आ ऊ बहुि फदि ले रुकल मौिम. 41 एही बीच योिाि​ि राजा दमे फत्रयुि के लगे भेजले फक उ बुजत के लोग के यरूशलेम िे बाहर फिकाल दे ि अवु री फकला में रहे वाला लोग के भी, काहें की उ लोग इस्राएल िे लड़ि रहले। 42 िब दे मेफत्रयुि जोिाथि के लगे भेजले फक, “हम इ काम खाली िोहरा आ िोहरा लोग खाफिर िा करब, बलुक मौका फमलला पर िोहरा आ िोहरा जाफि के बहुि आदर करब।” 43 अब अगर िू हमरा के मदद करे खाफिर आदमी भेजब ि िू अच्छा करबऽ। काहे फक हमार िब िाकि हमरा िे खिम हो गइल बा। 44 एही पर जोिाथि िीि हजार बलवाि आदमी के अं िाफकया भेजले आ जब ऊ लोग राजा के लगे पहुँ चल ि राजा ओह लोग के अइला िे बहुि खुश हो गइलि। 45 लेफकि शहर के लोग एक लाख बीि हजार आदमी के िंख्या में शहर के बीच में जु ट गईले अवु री राजा के हत्या करे के चाहि रहले। 46 एही िे राजा आँ गि में भाग गईले, लेफकि शहर के लोग शहर के रास्ता के रखले अवु री लड़ाई करे लगले। 47 राजा यहूदी लोग के मदद खाफिर बोलवले, जवि लोग एके बेर में उिुका लगे आके शहर में फि​िर-फबिर होके शहर में एक लाख के िंख्या में हत्या क दे ले। 48 उ लोग शहर में आग लगा के ओह फदि बहुि लूट के िामाि लेके राजा के बचा लेले। 49 जब शहर के लोग दे खले फक यहूदी लोग के शहर के अपिा मि के मु िाफबक फमल गईल बा ि उिुकर फहम्मि कम हो गईल। 50 हमिी के शांफि दी ं आ यहूदी लोग हमिी आ शहर पर हमला कइल बंद कर दे व। 51 एही िे उ लोग आपि हफथयार िेंक के शांफि बिा फलहले। राजा आ ओकरा क्षेत्र में रहे वाला िब लोग के िजर में यहूदी लोग के आदर कइल गइल। उ लोग बहुि लूट लेके यरूशलेम लवट गईले। 52 राजा दमे फत्रयुि अपिा राज्य के फिंहाि​ि प बईठ गईले अवु री उिुका िोझा दे श शांि हो गईल। 53 िबफहयो ऊ हर बाि में बेढंगा होके जोिाथि िे अलग हो गइलि आ िा ही उिुका िे फमलल िायदा के मु िाफबक इिाम फदहलि, बलुक ओकरा के बहुिे परे शाि कर फदहलि. 54 एकरा बाद फत्रिोि आ ओकरा िाथे छोट लइका एन्टिओकि भी वापि आ गइलि जे राज कइले आ िाजपोशी कइलि। 55 ओकरा बाद दमे फत्रयुि के भगा फदहल िब युद्धकमी ओकरा लगे जु ट गईले अवु री दे मेफत्रयुि िे लड़ाई लड़ले, जवि फक पीठ िेर के भाग गईले। 56 फत्रिोि हाथी के लेके अं िाफकया के जीि फलहले। 57 ओह घरी जवाि एन्टिओकि जोिाथि के फचट्ठी फलखले फक, “हम िोहरा के महायाजक के पद में मजबूिी दे ि बािी आ चारो िरकारि के शािक बिावि बािी आ राजा के दोस्ति में िे एगो बि​ि बािी।” 58 एकरा बाद उ िोिा के बिति भेज के िोिा के बिति भेजले अवु री िोिा में पीये, बैंगिी रं ग के कपड़ा पफहिे अवु री िोिा के बकिुआ पफहरे के अिुमफि दे ले। 59 िोर के िीढ़ी िाम के जगह िे लेके फमस्र के िीमा िक अपिा भाई फिमोि के भी कप्ताि बिवले। 60 िब जोिाथि फिकल के पािी के ओह पार के शहरि िे गुजरल आ अराम के िब िेिा उिकर मदद करे खाफिर उिकरा लगे जु ट गइल आ जब ऊ अस्कलोि पहुँ चल ि शहर के लोग उिकरा िे आदर िे भेंट कइल।

61 जहाँ िे ऊ गाजा गइलि बाफकर गाजा के लोग ओकरा के बंद कर फदहल. एही िे ऊ ओकरा के घेराबंदी कर फदहलि आ ओकर आिपाि के इलाका के आग िे जरा के लूट फलहलि। 62 ओकरा बाद जब गाजा के लोग जोिाथि िे फिहोरा कइल ि ऊ ओह लोग िे मे ल फमलाप कर फलहलि आ ओह लोग के िरदारि के बेटा लोग के बंधक बिा के यरूशलेम भेज फदहलि आ दे श के बीच िे गुजरि दफमश्क चल गइलि. 63 जब जोिाथि िुिलि फक दे मेफत्रयुि के मु न्टखया लोग बहुि िाकि के िाथ गलील के कादे ि में आ गईल बा। 64 ऊ ओह लोग िे फमले गइलि आ अपिा भाई फिमोि के दे हाि में छोड़ के चल गइलि. 65 िब शमौि बेत्सू रा के न्टखलाि डे रा डाल के ओकरा िे लंबा िमय िक लड़ाई लड़ले अवु री ओकरा के बंद क दे ले। 66 लेफकि उ लोग उिकरा िे मे ल फमलाप करे के चाहि रहले, जवि फक उ ओ लोग के दे ले रहले अवु री ओकरा बाद उ लोग के उहाँ िे बाहर फिकाल के शहर के अपिा कब्जा में ले लेले अवु री ओकरा में एगो गैरीि​ि बिवले। 67 रहल बाि जोिाथि आ उिकर िेिा के ि उ लोग गेिेिर के पािी के फकिारे खड़ा हो गईले, जहाँ िे िबेरे िे उ लोग िािोर के मै दाि में पहुं च गईले। 68 दे खऽ फक मै दाि में परदे िी लोग के िेिा ओह लोग िे फमलल आ ऊ लोग पहाड़ पर ओकरा खाफिर घाि लगा के आदमी के घाि लगा के ओकरा के िामिे आ गइल। 69 जब घाि लगा के बइठल लोग अपिा जगह िे उठ के लड़ाई में शाफमल हो गइल ि योिाि​ि के िब लोग भाग गइल। 70 एही िे फक अबशालोम के बेटा मत्तीयाि आ काल्फी के बेटा यहूदा के छोड़ के केहू िा बचल, जे िेिा के िेिापफि रहले। 71 िब जोिाथि आपि कपड़ा िाड़ के अपिा माथा पर माटी डाल के प्राथतिा कइलि। 72 एकरा बाद िेर िे लड़ाई में मु ड़ के उ ओ लोग के भाग गईले अवु री एहीिे उ लोग भाग गईले। 73 जब उिकर भागल लोग ई दे ख के िेरु िे उिकरा ओर मु ड़ल आ उिका िाथे उिकर पीछा कदे ि िक ले गइल आ उहाँ उ लोग डे रा डाल फदहल। 74 ओह फदि गैर-यहूदी लोग के करीब िीि हजार आदमी मारल गइल, लेफकि योिाि​ि यरूशलेम वापि आ गइलि। अध्याय 12 के बा 1 जब जोिाथि दे खलि फक उ िमय उिकर िेवा करि बा, ि उ कुछ लोग के चु ि के रोम भेज फदहलि िाफक उ लोग के दोस्ती के पु फष्ट् आ िवीकरण कर िके| 2 उ एही मकिद िे लेफिडे मोफियाई लोग के आ अउरी जगहि पर भी फचट्ठी भेजले। 3 िब ऊ लोग रोम गइल आ िीिेट में घुि के कहलि, “महायाजक जोिाथि आ यहूदी लोग हमिी के िोहिी के लगे भेजले बा, िाफक िोहिी के दोस्ती आ लीग के िवीकरण कर िकीले , जइिे फक पफहले के िमय में भइल रहे . 4 एह पर रोम के लोग हर जगह के गवितर लोग के फचट्ठी दे ले फक उ लोग शांफि िे यहूफदया के दे श में ले आवि। 5 ई उ फचट्ठी के प्रफि ह जवि जोिाथि लाफिदे मोफियाई लोग के फलखले रहले। 6 योिाि​ि महायाजक, राष्ट्र के बुजुगत, याजक आउर यहूदी लोग के दू िरका, उिकर भाई लोग लाफिदे मोफिया के लोग के अफभवादि भेजि बा। 7 पफहले िोहिी के बीच में राज करे वाला दारा के ओर िे महायाजक ओफियाि के फचट्ठी भेजल गईल रहे , जविा िे इ बिावल जा िके फक िू हमिी के भाई हई, जईिे फक इहाँ फलखल प्रफिफलफप में बिावल गईल बा। 8 ओही िमय ओफियाि ओह राजदू ि िे फिहोरा कइलि जे िम्मािपू वतक भेजल गइल रहे आ फचट्ठी फमल गइल जविा में लीग आ दोस्ती के घोषणा भइल रहे ।


9 एही िे हमिी के भी, भले ही हमिी के एह में िे कविो चीज के जरूरि िइखे, िाफक हमिी के हाथ में पफवत्रशास्त्र के पफवत्र फकिाब बा जवि हमिी के फदलािा दे वे। 10 फिर भी भाईचारा आ दोस्ती के िवीकरण खाफिर िोहिी के पाि भेजे के कोफशश कईले बािी फक कही ं हमिी के िोहिी िे एकदम पराया िा हो जाईं जा, काहे फक िोहिी के हमिी के भेजला के बहुि िमय हो गईल बा। 11 एह िे हमिी के भोज-भोज आ अन्य िमय में , हमिी के जवि बफलदाि चढ़ावे िी जा, आ प्राथतिा में , िोहिी के याद करि रहे िी जा, जइिे फक हमिी के अपिा भाई लोग के बारे में िोचे के चाही ं। 12 आ हमिी के िोहरा इज्जि िे ठीक खुश बािी जा। 13 रहल बाि हमिी के ि हर िरि बहुि बड़ परे शािी अवु री युद्ध भईल बा, काहे की हमिी के आिपाि के राजा हमिी के न्टखलाि लड़ले बाड़े । 14 लेफकि हमिी के एह युद्धि में िोहिी के, िा ही हमिी के िंघ के िाथी आ दोस्ति के कविो परे शािी िा होखे के चाहि रहिी जा। 15 काहे फक हमिी के िहायिा करे वाला स्वगत िे िहायिा फमलल बा, जइिे हमिी के दु श्मि​ि िे मु न्टक्त फमल जाला आ हमिी के दु श्मि के गोड़ के िीचे ले आवल जाला। 16 एही िे हमिी के एन्टिओकि के बेटा िुमेफियि आ यािोि के बेटा एं टीपािेर के चु ि के रोफमयि के लगे भेजिी जा िाफक उ लोग के िाथे जवि दोस्ती रहे आ पफहले के लीग के िेर िे िया बिावल जा िके। 17 हम ओह लोग के भी आज्ञा दे ले रहिी फक उ लोग िोहिी के पाि जाके हमिी के भाईचारा के िवीकरण के बारे में आपि फचट्ठी िोहिी के िमस्कार करि। 18 एही िे अब िू लोग हमिी के एकर जवाब दे वे में अच्छा होई। 19 आ ई ओह फचट्ठी के प्रफि ह जवि ओफियारे ि भेजले रहले। 20 लाफिदे मोफिया के राजा अरे युि महायाजक ओफियाि के अफभवादि करि रहले। 21 फलन्टखि में पावल गइल बा फक लाफिदे मोफियाई आ यहूदी भाई हवें आ इब्राहीम के वं शज हवें । 22 अब जब हमिी के इ बाि हमिी के जािकारी में आ गईल बा, एहिे ठीक होई फक आप अपिा िमृ न्टद्ध के बारे में हमिी के फलख दी ं। 23 हम िोहिी के िेरु िे फलखि बािी फक िोहिी के मवे शी आ माल हमिी के ह आ हमिी के िोहार ह, एही िे हमिी के राजदू ि​ि के आज्ञा दे ि बािी जा फक ऊ लोग एह बाि के ररपोटत करि। 24 जब जोिाथि िुिलि फक डे मेफबयि के िरदार पफहले िे भी जादा िेिा के िंगे ओकरा िे लड़ाई करे आईल बाड़े । 25 ऊ यरूशलेम िे हट के अमाफथि दे श में ओ लोग िे भेंट कइलि काहे फक ऊ ओह लोग के अपिा दे श में घुिे खाफिर कविो राहि िा फदहलि. 26 उ जािूि भी भेज के ओ लोग के डे रा में भेजले, उ लोग िेर िे आके बिवले फक राि के िमय में उ लोग के ऊपर आवे के फियुन्टक्त भईल बा। 27 एही िे िूरज डू बिे ही जोिाथि अपिा आदमी के चौकि रहे आ हफथयार में रहे के आदे श फदहलि िाफक राि भर उ लोग लड़ाई करे खाफिर िैयार हो िके। 28 जब फवरोफधयि के िुिल फक जोिाथि आ ओकर आदमी लड़ाई खाफिर िइयार बाड़े ि ऊ लोग डे रा गइल आ मि में काँप गइल आ अपिा डे रा में आग लगा फदहल. 29 लेफकि जोिाथि आ उिकर दल िबेरे िक ई बाि िा जाि​ि रहले, काहे फक उ लोग रोशिी के जरि दे खले रहले। 30 िब जोिाथि उिकर पीछा कइलि, लेफकि उ लोग के िा फमलल, काहे फक उ लोग एलेउथेरि िदी के पार चल गईल रहे | 31 एही िे जोिाथि अरब लोग के ओर मु ड़ल, जे करा के जबाफदयि कहल जाि रहे । 32 उहाँ िे हट के दफमश्क आके पू रा दे श में घूम गईले। 33 शमौि भी ओफहजा िे होके अस्कालोि आ ओकरा िे िटल खजािा िक गइलि जहाँ िे ऊ यािा के ओर मु ड़ के ओकरा के जीि गइलि। 34 उ िुिले रहले फक उ लोग दे मेफत्रयुि के फहस्सा लेवे वाला लोग के पकड़ दे फदहे । एही िे ओकरा के रखे खाफिर उहाँ एगो गैरीि​ि बिवले।

35 एकरा बाद योिाि​ि फिर िे घरे अइले आ लोग के बुजुगत लोग के एकट्ठा क के यहूफदया में गढ़ बिावे के बारे में उिकरा िे बािचीि कइलि। 36 यरूशलेम के दे वाल के ऊँच बिा के, बुजत आ शहर के बीच में एगो बड़हि पहाड़ खड़ा कइल, िाफक ओकरा के शहर िे अलग कइल जा िके, िाफक ऊ अकेले रहे , िाफक आदमी िा बेच िके आ िा खरीद िके। 37 एह पर ऊ लोग शहर के फिमातण करे खाफिर एकजु ट हो गइल काहे फक पू रब ओर के धार के ओर के दे वाल के कुछ फहस्सा फगर गइल आ ऊ लोग किेिाथा िाम के जगह के मरम्मि कइल। 38 फिमोि िेिेला में अदीदा के भी खड़ा कर फदहलि आ ओकरा के िाटक आ िलाख िे मजबूि कर फदहलि। 39 फत्रिोि एफशया के राज्य के अपिा माथा पर िाज लगावे खाफिर राजा अं फिओकि के मारे खाफिर फिकलल। 40 लेफकि उ डे राि रहले फक जोिाथि ओकरा के िा दे ि अवु री उ ओकरा िे लड़ जईहे । एह िे ऊ एगो रास्ता खोजि रहलि फक ऊ जोिाथि के कइिे पकड़ िके, िाफक ऊ ओकरा के मार िके। ि ऊ हट के बेि​िाि आ गइलि। 41 िब जोिाथि लड़ाई खाफिर चु िल चालीि हजार आदमी के िंगे उिुका िे फमले फिकलले अवु री बेि​िाि पहुं चले। 42 फत्रिोि जब जोिाथि के एि​िा िाकि िे आवि दे खले ि ओकरा पर हाथ बढ़े के फहम्मि िा भइल। 43 लेफकि उिकरा के आदर िे स्वागि कइलि आ उिकर िब दोस्ति के िामिे उिकर प्रशंिा कइलि आ उिकरा के वरदाि फदहलि आ उिकर युद्धकमी लोग के आज्ञा फदहलि फक ऊ लोग उिकर आज्ञाकारी होखे, जइिे फक उिकर आज्ञाकारी होखे। 44 ऊ जोिाथि िे भी कहलि, “िू एह िब लोग के एि​िा बड़ परे शािी में काहे ले अइिी, काहे फक हमिी के बीच कविो लड़ाई िइखे?” 45 एह िे अब ओह लोग के घरे भेज के कुछ आदमी चु ि के िोहार इं िजार करे आ िू हमरा िाथे टोलेमैि आ जा, काहे फक हम िोहरा के आ बाकी गढ़ आ िेिा आ ओह िब के दे दे ब। ि हम लौट के चल जाईब, काहे फक हमार आवे के कारण इहे बा। 46 जोिाथि उिका पर फबिवाि कइलि, जइि​ि फक उिकर कहल गइल रहे , उ आपि िेिा के छोड़ फदहलि, जवि यहूफदया के दे श में चल गइलि। 47 उ अपिा िंगे िीि हजार आदमी के ही रखले, जे करा में िे उ दु हजार लोग के गलील भेजले अवु री एक हजार लोग उिुका िंगे चल गईले। 48 जइिही ं जोिाथि टोलेमैि में घुिल ि टोलेमैि के लोग िाटक बंद क के ओकरा के पकड़ फलहले आ ओकरा िाथे आवे वाला िब लोग के िलवार िे मार फदहले। 49 िब फत्रिोि के पै दल िवार आ घुड़िवारि के एगो िेिा गलील आ बड़का मै दाि में भेजलि िाफक योिाि​ि के िब दल के िष्ट् कर फदहल जा िके। 50 जब उ लोग जाि गईले फक जोिाथि अवु री ओकरा िंगे के लोग के पकड़ के मार फदहल गईल बा, ि उ लोग एक दू िरा के हौिला बढ़ा दे ले। आ लड़ाई करे के िइयार होके एक दोिरा के िजदीक चल गइलि. 51 उ लोग के पीछे -पीछे आवे वाला लोग इ बुझ के फक उ लोग अपिा जाि बचावे खाफिर िैयार बाड़े , फिर पीछे मु ड़ गईले। 52 उ िब शांफि िे यहूफदया के दे श में आके उहाँ जोिाथि आ ओकरा िाथे रहे वाला लोग के फवलाप कइलि आ ऊ लोग बहुि डे रा गइलि। एही िे पू रा इस्राएल बहुिे फवलाप कइलि। 53 िब आिपाि के िब गैर-यहूदी ओ लोग के िाश करे के कोफशश करि रहले, काहे फक उ लोग कहले रहले फक, 'ओकिी के कविो िेिापफि िईखे अवु री िा कविो मदद करे वाला। अध्याय 13 के बा 1 जब शमौि िुिलि फक फत्रिोि यहूफदया के दे श पर हमला करे आ ओकरा के िष्ट् करे खाफिर एगो बड़हि िेिा जु टा लेले बा। 2 ऊ दे ख के फक लोग बहुि काँपि आ डे राि बा, ऊ यरूशलेम चल गइलि आ लोग के बटोर फलहलि.


3 उ लोग के उपदे श फदहलि फक, “िू लोग खुद जाि​ि बाड़ऽ फक हम आ हमार भाई लोग आ हमार बाप के घरािा फियम आ पफवत्र स्थाि, लड़ाई आ िंकट खाफिर जवि हमिी के दे खले बािी जा, ओकरा खाफिर कवि बड़हि काम कइले बािी जा। 4 एही िे हमार िब भाई इस्राएल के खाफिर मारल गइल बाड़े आ हम अकेले रह गइल बािी। 5 अब हमरा िे दू र हो जा फक हम कविो िंकट के िमय में आपि जाि बचाईं, काहे फक हम अपिा भाई लोग िे बफढ़या िईखी। 6 फिस्संदेह हम अपिा राष्ट्र, पफवत्र स्थाि, आ अपिा मे हरारू आ हमिी के लइकि के बदला लेब, काहे फक िब गैर-यहूदी लोग हमिी के बहुि दु भातविा िे िाश करे खाफिर जु टल बा। 7 जइिही ंलोग ई बाि िुिलि, उिकर आत्मा िेर िे फजं दा हो गइल। 8 ऊ लोग जोर-जोर िे जवाब फदहलि, “यहूदा आ िोहार भाई योिाि​ि के जगह िू हमिी के िेिा बिबऽ।” 9 िू हमिी के लड़ाई लड़ऽ आ जवि कुछ िू हमिी के आज्ञा दे ि बाड़ऽ, हमिी के उहे करब जा। 10 िब उ िब युद्धकमी लोग के एकट्ठा क के यरूशलेम के दे वाल के काम करे में जल्दीबाजी कईले अवु री चारो ओर फकलाबंदी कईले। 11 उ अबशोलोम के बेटा योिाथि के आ एगो बड़हि िाकि के यािा में भेजले, जे ओफहजा के लोग के भगावि रहले। 12 ि फत्रिोि बहुि शन्टक्त के िाथ िोलेमाि िे दू र होके यहूफदया के दे श पर हमला कर फदहलि आ योिाि​ि उिका िाथे बररयार में रहले। 13 फशमोि मै दाि के िामिे अदीदा में आपि डे रा खड़ा कइलि। 14 जब फत्रिोि के पिा चलल फक शमौि अपिा भाई जोिाथि के जगह उठल बाड़े अवु री उिुका िंगे लड़ाई में शाफमल होखे के चाहि बाड़े , ि उ उिुका लगे दू ि भेज के कहले। 15 जबफक हमिी के िोहार भाई योिाथि के पकड़ में रखले बािी जा, ि उ पईिा के चलिे राजा के खजािा के बकाया बा, जवि फक उिुका के िौंपल गईल रहे । 16 एही िे अब िौ टोला चाँदी आ ओकर दू गो बेटा के बंधक बिा के भेज दी ं िाफक जब ऊ मु क्त हो जाई ि ऊ हमिी िे फवद्रोह िा कर िके आ हमिी के ओकरा के छोड़ दे ब जा। 17 एही पर शमौि के ई बुझाइल फक ऊ लोग धोखा िे बाि करि बा, िबो ऊ पइिा आ लइका भेजले बा फक कही ं ऊ लोग िे बहुिे ि​िरि िा कर लेव। 18 के कह िकि रहे फक हम ओकरा के पईिा अवु री बच्चा िा भेजले बािी, एहिे योिाि​ि मर गईल बाड़े । 19 ऊ ओह लोग के लइका आ िौ टोला भेज फदहलि, बाफकर फत्रिोि िा ि योिाि​ि के जाए फदहलि। 20 एकरा बाद फत्रिोि अदोरा िक जाए वाला रास्ता िे चारों ओर घूमेफिर के ओकरा के िष्ट् करे खाफिर अईले, लेफकि शमौि अवु री ओकर िेिा हर जगह उिुका न्टखलाि माचत कईले। 21 बुजत में रहे वाला लोग फत्रिोि में दू ि भेजल फक ऊ जं गल के फकिारे जल्दी िे ओह लोग के लगे आवे आ ओह लोग के भोजि भेज िके। 22 एही िे फत्रिोि अपिा िब घुड़िवारि के ओह राि आवे खाफिर िैयार कर फदहले, लेफकि बहुि बड़ बित फगर गईल, जविा के चलिे उ िा आईल। ि ऊ चल के गलाद के दे श में आ गइलि। 23 जब उ बास्कामा के िजदीक पहुं चले ि उ जोिाथि के हत्या क दे ले, जे करा के उहाँ दि​िावल गईल रहे । 24 ओकरा बाद फत्रिोि वापि आके अपिा दे श में चल गईले। 25 िब शमौि भेज के आपि भाई जोिाथि के हड्डी लेके अपिा पु रखि के शहर मोदीि में दि​िा फदहलि। 26 पू रा इस्राएल उिकरा खाफिर बहुि फवलाप कइलि आ बहुि फदि िक उिकरा िे फवलाप कइलि। 27 शमौि भी अपिा बाप आ भाई लोग के कब्र पर एगो स्मारक बिवले आ ओकरा के ऊपर िे ऊपर उठवले, जविा के पीछे आ आगे पत्थर कटल रहे । 28 उ अपिा बाप, महिारी आ चार भाई खाफिर िाि गो फपराफमड बिवले, एक दू िरा के न्टखलाि।

29 एह में ऊ धूित षड्यंत्र बिवले, जविा के आिपाि ऊ बड़हि खंभा बिवले, आ खंभा पर ऊ ओह लोग के िगरी कवच बिवले, जविा िे ऊ हमे शा याद राखे खाफिर आ कवच वाला जहाजि के उकेरल, िाफक िमु द्र पर चले वाला िब लोग के दे खल जा िके . 30 इ उ कब्र ह जवि उ मोदीि में बिवले रहले अवु री उ आज िक खड़ा बा। 31 फत्रिोि िवही राजा एन्टिओकि के धोखा दे के ओकरा के मार फदहलि। 32 उ उिकरा जगह पर राज कइलि आ एफशया के राजा के िाज पहिा फदहलि आ दे श पर बहुि बड़ फवपफत्त ले अइलि। 33 िब शमौि यहूफदया में गढ़ बिवले आ ओकरा चारो ओर ऊँच बुजत, बड़का दे वाल, िाटक आ िलाख िे बाड़ लगवले आ ओकरा में भोजि के िामाि रखले। 34 शमौि आदमी के चु ि के राजा दमे फत्रयुि के लगे भेजले फक उ दे श के छूट दे वे, काहे फक फत्रिोि जवि कुछ कईले उ िब लूटपाट के काम कईले। 35 राजा दमे फत्रयुि ओकरा के एही िरह िे जवाब फदहलि। 36 राजा दमे फत्रयुि महायाजक आ राजा लोग के दोस्त शमौि के भी अफभवादि भेजलि। 37 हमिी के िोिा के मु कुट आ लाल रं ग के वस्त्र जवि िू हमिी के भेजले रहलू, हमिी के फमल गईल बा, आ हमिी के िोहिी िे मजबूिी िे मे ल फमलाप करे खाफिर िैयार बािी जा, आ अपिा अि​िरि के फलखे खाफिर िैयार बािी जा, िाफक हमिी के फदहल छूट के पु फष्ट् हो िके। 38 हमिी के जवि भी वाचा िोहिी िे कइले बािी जा, उ कायम रही। आ जवि गढ़ िूँ बिवले बाड़ऽ ऊ िोहरे के होखी. 39 रहल बाि आजु ले कइल गइल कविो अिदे खी भा गलिी के ि हमिी के ओकरा के माि कर दे िी जा आ मु कुट कर के भी माि कर दे िी जा जवि िोहिी के हमिी के बकाया बा। 40 आ दे खऽ फक िोहिी में िे केकरा हमिी के आँ गि में रहे के चाही ं, िब िामांकि करावल जाव आ हमिी के बीच शांफि होखे। 41 एह िरह िे िौ ित्तरवाँ िाल में इस्राएल िे गैर-यहूदी लोग के जु आ छीि फलहल गइल। 42 िब इस्राएल के लोग अपिा वाद्ययंत्र आ अिुबंध में फलखे लगलि फक, “शमौि महायाजक, यहूफदयि के राज्यपाल आ िरदार के पफहला िाल में । ” 43 ओह घरी शमौि गाजा के न्टखलाि डे रा डाल के ओकरा के चारो ओर घेराबंदी कईले। ऊ युद्ध के इं जि भी बिवले आ ओकरा के शहर के फकिारे रखले आ एगो खाि टावर के पीट के ओकरा के ले फलहले। 44 इं जि में िवार लोग शहर में कूद गईल। जविा के बाद शहर में बहुि हं गामा हो गईल। 45 शहर के लोग आपि कपड़ा िाड़ के अपिा मे हरारू आ लइकि के िाथे दे वाल पर चढ़ के जोर िे फचल्ला के शमौि िे फिहोरा कइल फक ऊ लोग के शांफि दे वे। 46 उ लोग कहले, “हमिी के बुराई के मु िाफबक काम मि कर, बालुक अपिा दया के मु िाफबक व्यवहार करी ं।” 47 एही िे शमौि ओह लोग िे खुश हो गइलि आ अब ओह लोग िे लड़ाई िा कइलि बलुक ओह लोग के शहर िे बाहर फिकाल फदहलि आ जविा घरि में मू फित रहली िँ ऊ घरि के िाि कर फदहलि आ एही िे गीि​ि आ धन्यवाद दे ि ओफहजा में घुि गइलि. 48 हँ , ऊ ओकरा में िे िब अशुन्टद्ध के बाहर फिकाल फदहलि आ अइि​ि आदमी के ओफहजा रख फदहलि जे व्यवस्था के पालि करि रहे आ ओकरा के पफहले िे मजबूि बिा फदहलि आ ओकरा में अपिा खाफिर एगो आवाि बिवले. 49 यरूशलेम के बुजत के लोग भी एि​िा िंकुफचि रहे फक िा ि उ लोग बाहर आ िकि रहे , िा दे हाि में जा िकि रहे , िा खरीद िकि रहे , िा बेच िकि रहे अकाल के माध्यम िे भइल। 50 िब उ लोग फिमोि िे फचल्ला के कहलि फक उ लोग के िाथे एक हो जाि। उहाँ िे बाहर फिकाल के बुजत के प्रदू षण िे िाि कर फदहलि।


51 एकहत्तर िौ िाल में दू िरा महीिा के बीिवाँ फदि धन्यवाद, िाड़ के डाढ़, वीणा, झांझ, वायोल, भजि आ गीि के िाथ ओफह में घुिल, काहे फक उहाँ इस्राएल िे एगो बड़हि दु श्मि के िाश कर फदहल गइल। 52 उ इहो िय कईले फक उ फदि हर िाल खुशी िे मिावल जाए। एकरा अलावे मं फदर के पहाड़ी जवि बुजत के फकिारे रहे ओकरा के उ ओकरा िे भी मजबूि बिा दे ले अवु री उहाँ उ अपिा िंगि के िंगे रह गईले। 53 जब शमौि दे खलि फक उिकर बेटा यूहन्ना एगो वीर आदमी हवें ि ओकरा के िब िेिा के िेिापफि बिवले। आ ऊ गजे रा में रहि रहले। अध्याय 14 के बा 1 िौ बारहवाँ िाल में राजा दमे फत्रयुि आपि िेिा बटोर के मीफडया में चल गइलि फक ऊ टर ाइिोि िे लड़े में मदद ले िके। 2 िारि आ मीफडया के राजा अरिािेि जब िुिलि फक दे मेफत्रयुि के अपिा िीमा में घुिल बा, ि उ अपिा एगो राजकुमार के भेजले फक उ ओकरा के फजं दा ले जाि। 3 ऊ जाके दे मेफत्रयुि के िेिा के मार फदहलि आ ओकरा के पकड़ के अरिािेि ले अइले, जे करा िे उिुका के बरामदगी में डाल फदहल गइल। 4 रहल बाि यहूफदया के जवि शमौि के फदि भर शांि रहे । काहे फक ऊ अपिा राष्ट्र के भलाई के अि​िा खोजि रहले फक उिकर अफधकार आ िम्माि हमे शा ओह लोग के बफढ़या िे खुश करि रहे . 5 जइिे ऊ अपिा िब काम में आदरणीय रहलि, ओइिही ं ऊ यािा के फठकािा बिा फलहलि आ िमुं दर के द्वीपि के प्रवे श द्वार बिवले. 6 अपिा जाफि के िीमा बढ़ा के दे श के वापि ले फलहले। 7 ऊ बहुि िारा बंदी लोग के एकट्ठा कइलि आ गजे रा, बेत्सु रा आ बुजत पर राज कइलि, जविा िे ऊ िब अशुन्टद्ध फिकाल फलहलि आ केहू उिकर फवरोध करे वाला िा रहे । 8 िब ऊ लोग शांफि िे आपि जमीि जोि​ि रहे आ धरिी ओकरा के िल फदहलि आ खेि के पे ड़ि के िल फदहलि। 9 पु रिका लोग गली-गली में बईठ के बफढ़या बाि के बाि करि रहे आ िवही लोग गौरवशाली आ युद्ध के कपड़ा पफहिले रहे । 10 ऊ शहरि खाफिर भोजि के इं िजाम कइलि आ ओह शहरि में िरह िरह के गोला-बारूद रखलि, जविा िे उिकर िम्मािजिक िाम दु फिया के अं ि िक परफिद्ध हो गइल। 11 उ दे श में शांफि बिवले अवु री इस्राएल बहुि खुशी िे खुश हो गईले। 12 काहे फक हर आदमी अपिा बेल आ अं जीर के पे ड़ के िीचे बईठल रहे , लेफकि ओकरा के िोड़े वाला केहु िा रहे । 13 िा ही ओह दे श में केहू ओह लोग िे लड़े खाफिर बचल रहे । 14 उ अपिा लोग के िब लोग के मजबूि कईले, जवि फक िीच हो गईल रहे । आ हर व्यवस्था के फिरस्कार करे वाला आ दु ष्ट् आदमी के ऊ ले गइलि. 15 ऊ पफवत्र स्थाि के िुन्दर बिा फदहलि आ मं फदर के बिति के बढ़ा फदहलि। 16 रोम आ स्पाटात में जब जोिाथि के मौि के खबर िुिाई दे लि ि उ लोग बहुि दु खी हो गईले। 17 लेफकि जइिही ं उ लोग िुिले फक उिकर भाई फिमोि के उिकरा जगह पर महायाजक बिावल गइल बा आ उ दे श आ ओफहजा के शहरि पर राज कइलि। 18 उ लोग ओकरा के पीिल के पट्टी में फलखले फक उ लोग यहूदा आ उिकर भाई योिाथि के िाथे जवि दोस्ती आ गठजोड़ कईले रहले, ओकरा के िया बिावे खाफिर| 19 जवि लेखि यरूशलेम के मं डली के िामिे पढ़ल गईल। 20 ई ओह फचट्ठी के प्रफि ह जवि लाफिदे मोफियाई लोग भेजले रहे । शहर के िाथे लाफिदे फमयि के शािक, महायाजक फिमोि, बुजुगत, याजक आ यहूदी लोग के बचे वाला लोग, हमिी के भाई लोग, अफभवादि भेजि बाड़े । 21 हमिी के लोग के पाि भेजल गईल राजदू ि हमिी के िोहार मफहमा आ िम्माि के प्रमाफणि कईले। 22 आऊ लोग के मं डली में जवि बाि कहले रहले ओकरा के एही िरह िे दजत करवले। एन्टिओकि के बेटा िुमेफियि आ जे ि​ि के बेटा

एं टीपाटर, यहूदी लोग के राजदू ि, हमिी के िाथे जवि दोस्ती रहे ओकरा के िया बिावे खाफिर हमिी के लगे अइले। 23 लोग के मि में इज्जि िे स्वागि कइल आ ओह लोग के दू ि के प्रफिफलफप िावत जफिक ररकाडत में रखल, िाफक लाफिदे मोफियाई लोग के एकर स्मारक होखे . 24 एकरा बाद शमौि िुमेफियि के हजार पाउं ड वजि के िोिा के एगो बड़हि ढाल लेके रोम भेजले िाफक उ लोग के िाथे लीग के पु फष्ट् हो िके। 25 लोग ई बाि िुि के कहलि, “हम शमौि आ उिकर बेटा लोग के का धन्यवाद दे ब जा?” 26 काहे फक ऊ आउर उिकर भाई आ उिकर बाप के घरािा इस्राएल के मजबूि कइले बाड़ि आ लड़ाई में उिकर दु श्मि​ि के भगा फदहले बाड़ि आ उिकर आजादी के पु फष्ट् कइले बाड़ि। 27 िब उ लोग एकरा के पीिल के िलक में फलखले, जवि उ लोग फियोि पहाड़ में खंभा प रखले रहले। एलुल महीिा के अठारहवाँ फदि, िौ बारहवाँ िाल, फशमोि महायाजक के िीिरा िाल के फदि। 28 िरमे ल में याजक, लोग, राष्ट्र के शािक आ दे श के बुजुगत लोग के बड़का मं डली में हमिी के इ बाि के िूचिा फदहल गईल। 29 काहे फक दे श में बहुि बेर युद्ध भइल बा, जविा में जबरीब के वं शज के मफत्तयाि के बेटा फिमोि अपिा भाई लोग के िाथे आपि पफवत्र स्थाि आ व्यवस्था के रखरखाव खाफिर अपिा के खिरा में डाल फदहले आ दु श्मि​ि के फवरोध कइले अपिा राष्ट्र के आपि राष्ट्र के बहुि आदर कइलि। 30 (काहे फक योिाि​ि अपिा राष्ट्र के एकट्ठा क के उिकर महायाजक बिला के बाद अपिा लोग में शाफमल हो गइलि। 31 उिकर दु श्मि अपिा दे श पर हमला करे के िइयारी कइले िाफक ऊ लोग ओकरा के िष्ट् कर िके आ पफवत्र स्थाि पर हाथ डाल िके। 32 ओही घरी शमौि उठ के अपिा राष्ट्र खाफिर लड़ाई लड़ले आ अपिा जाफि के वीर लोग के हफथयार दे के मजदू री दे ले। 33 यहूफदया के शहरि के फकलाबंदी कइलि, बेत्सु रा के िाथे जवि यहूफदया के िीमा पर पड़े ला, जहाँ पफहले दु श्मि​ि के कवच रहे । लेफकि उहाँ यहूदी लोग के एगो िेिा बिवले। 34 उ िमु न्दर पर पड़े वाला यािा आ अजोिुि के िीमा पर गजे रा के फकलाबंदी बिवले, जहाँ दु श्मि पफहले रहि रहले। 35 एही िे लोग शमौि के काम गावि रहलि आ ऊ अपिा राष्ट्र के कवि मफहमा के खाफिर ले आवे के िोचि रहले, ओकरा के आपि राज्यपाल आ मु ख्य याजक बिवले, काहे फक ऊ ई िब काम कइले रहले आ अपिा राष्ट्र के िाथे जवि न्याय आ फवश्वाि के पालि कइले रहले. आ ओकरा खाफिर ऊ हर िरह िे अपिा लोग के ऊंचाई दे बे के कोफशश कइलि. 36 काहे फक उिकरा िमय में उिकरा हाथ में िब कुछ खूब िललिूलल रहे फक गैर-यहूदी लोग के आ यरूशलेम के दाऊद के शहर में रहे वाला लोग के भी, जवि लोग अपिा के एगो बुजत बिवले रहे , जविा िे उ लोग फिकल के अशुद्ध करि रहे पफवत्र स्थाि के बारे में िब कुछ आ पफवत्र स्थाि में बहुि चोट पहुं चवलि। 37 लेफकि उ यहूदी लोग के ओफह में रखले। आ दे ि आ शहर के िुरक्षा खाफिर एकरा के मजबूि कइलि आ यरूशलेम के दे वाल खड़ा कइलि। 38 राजा दे मेफत्रयुि भी उिकरा के महापु रोफहि के पद में मजबूिी दे ले। 39 ओकरा के अपिा दोस्त में िे एगो बिा के ओकरा के बहुि आदर िे िम्माि फदहलि। 40 उ िुिले रहले फक रोमि लोग यहूदी लोग के आपि दोस्त, िंघी आ भाई कहि रहले। आ फक ऊ लोग शमौि के राजदू ि​ि के आदर िे स्वागि कइले बा. 41 यहूफदयि आ याजक लोग के ई बाि भी बहुि खुश रहे फक शमौि हमे शा खाफिर उिकर राज्यपाल आ महायाजक बिल रहि, जब िक फक एगो फवश्वािी भफवष्यवक्ता िा पै दा हो जाव। 42 एकरा अलावा ऊ ओह लोग के कप्ताि बि के पफवत्र स्थाि के फजम्मा लेव, आ ओह लोग के काम, दे हाि, कवच आ फकला के दे खरे ख करि, िाफक हम कहि बािी फक ऊ ओह लोग के काम के िंभाल लेव अभयारण्य के जगह बा;


43 एकरा अलावा हर एक आदमी के उिकर बाि मािल जाव आ दे श के िब लेखि उिकरा िाम पर बिावल जाव आ बैंगिी रं ग के कपड़ा पफहि के िोिा पफहरे के चाही ं। 44 िाथ ही फक कविो लोग भा पु जारी के एहमें िे कविो बाि के िोड़ल, िा ओकर बाि के फवरोध िा कइल, भा ओकरा फबिा दे हाि में िभा िा जु टावल, िा बैंगिी रं ग के कपड़ा पफहरे के, भा बकिुआ िा पफहरे के िोिा; 45 जे केहू दोिरा िरह के काम करी भा एहमें िे कविो बाि के िूड़ि ओकरा के िजा फदहल जाई. 46 एह िरह िे िब लोग के फिमोि के िाथे व्यवहार करे आ जइि​ि कहल गइल बा, ओइि​िे काम करे के चाहि रहे । 47 िब शमौि एकरा के माि फलहलि आ यहूदी आ याजकि के महायाजक, कप्ताि आ गवितर बि के िभकर बचाव करे में बहुि खुश भइले। 48 एह िे उ लोग आज्ञा फदहल फक ई लेखि पीिल के पट्टी में रखल जाव आ पफवत्र स्थाि के कम्पाि के भीिर एगो लउके वाला जगह पर रखल जाव। 49 एकर प्रफिफलफप खजािा में रखल जाव िाफक शमौि आ उिकर बेटा लोग के पाि हो िके। अध्याय 15 के बा 1 राजा दे मेफत्रयुि के बेटा अं फिओकि िमुं दर के द्वीप िे यहूफदयि के याजक आ राजकुमार फिमोि आ िब लोग के फचट्ठी भेजले। 2 जविा के िामग्री इहे रहे फक राजा अं फिओकि अपिा जाफि के महायाजक आ राजकुमार फिमोि आ यहूदी लोग के अफभवादि करि रहले। 3 काहे फक कुछ महामारी लोग हमिी के पु रखि के राज्य के हड़प लेले बा आ हमार मकिद बा फक हम ओकरा के िेर िे चु िौिी दी ं, िाफक हम ओकरा के पु राि जागीर में वापि कर िकीले, आ एकरा खाफिर फवदे शी िैफिकि के भीड़ एकट्ठा कर के जहाज िइयार कर िकीले लड़ाई; 4 हमार मिलब इहो बा फक हम दे ि में घूम के हम ओह लोग िे बदला ले िकीले जे ओकरा के िष्ट् कर फदहले बा आ राज्य के कई गो शहरि के उजाड़ कर फदहले बा। 5 अब हम िोहरा के ओह िब बफलदाि के पु फष्ट् करि बािी जवि हमरा िे पफहले के राजा लोग िोहरा के फदहले रहले आ ओकरा अलावा जवि भी वरदाि दे ले रहले। 6 हम िोहरा के आपि मु हर लगा के अपिा दे श खाफिर पइिा बिावे के अिुमफि भी दे ि बािी। 7 यरूशलेम आ पफवत्र स्थाि के बारे में उ लोग आजाद होखि। आ जवि कवच िू बिवले बाड़ऽ आ जवि फकला बिवले बाड़ऽ आ अपिा हाथ में रखले बाड़ऽ, ऊ िोहरा खाफिर रह जाव. 8 अगर कुछ राजा के बकाया बा, भा होखे वाला बा, ि अब िे िोहरा के हमे शा खाफिर माि कर फदहल जाव। 9 एकरा अलावा जब हमिी के आपि राज्य फमल जाई ि हमिी के िोहरा आ िोहार राष्ट्र के आ िोहरा मं फदर के बहुि िम्माि िे िम्माि दे ब जा िाफक िोहार आदर के पू रा दु फिया में पिा चल जाई। 10 िौ चौदहवाँ िाल में एन्टिओकि अपिा पु रखि के दे श में चल गइलि आ ओह घरी िब िेिा उिका लगे आ गइल आ फत्रिोि के िाथे बहुि कम लोग रह गइल। 11 एही िे राजा एन्टिओकि के पीछा करि ऊ भाग के िमु द्र के फकिारे पड़ल डोरा में चल गइलि। 12 काहे फक उ दे खलि फक एके बेर में उिकरा पर परे शािी आ गईल आ उिकर िेिा उिका के छोड़ दे ले बा| 13 एं फटयोकि डोरा के न्टखलाि डे रा डाल के अपिा िाथे एक लाख बीि हजार युद्धकमी आ आठ हजार घुड़िवार रहले। 14 जब ऊ शहर के चारो ओर घेर फलहलि आ िमु द्र के फकिारे शहर के िजदीक जहाजि िे जु ड़ गइलि ि जमीि आ िमु द्र के रास्ता िे शहर के परे शाि कर फदहलि आ िा ि केहू के बाहर फिकले फदहलि िा भीिर जाए फदहलि.

15 एही बीच रोम िे िुमेफियि आ उिकर दल आके राजा आ दे शि के फचट्ठी फलखले रहले। जविा में ई बाि फलखल गइल बा। 16 रोमि के वाफणज्य दू ि लूफियि राजा टोलेमी के अफभवादि करि रहले। 17 यहूदी लोग के राजदू ि, हमिी के दोस्त आ िंघ के लोग, हमिी के लगे पु राि दोस्ती आ लीग के िया बिावे खाफिर आइल रहले, फशमोि महायाजक आ यहूदी लोग के लोग िे भेजल गइल रहले। 18 उ लोग िोिा के हजार पाउं ड के ढाल लेके अईले। 19 हमिी के अच्छा लागल फक राजा आ दे श के फचट्ठी फलखल जाव फक उ लोग ओह लोग के कविो िुकिाि िा करि, िा ही ओह लोग के, अपिा शहरि भा दे शि िे लड़ाई मि करि, आ िा ही ओह लोग के न्टखलाि अपिा दु श्मि​ि के िहायिा करि। 20 हमिी के भी अच्छा लागल फक हमिी के ओह लोग के ढाल फमलल। 21 अगर कविो महामारी के िाथी अपिा दे श िे भाग के िोहिी के लगे भागल बा ि ओकरा के फशमोि महायाजक के िौंप दी ं िाफक उ ओकरा के अपिा फियम के मु िाफबक िजा दे िके। 22 इहे बाि उ राजा दे मेफत्रयुि, अिालुि, अररयाराथेि आ अरिािेि के फलखले बाड़ि। 23 आ िब दे शि में , िैम्पिामे ि, लेफिडे मोफियाई लोग, डे लुि, फमं डि, फिक्योि, काररया, िामोि, पन्टफिफलया, लाइफिया, हफलकारिाि​ि, रोडि, अराडि, कोि आ िाइड के लोग के , आ अरडि, गोफटत िा, न्टिडि, िाइप्रि आ िाइरे ि। 24 एकर प्रफि उ लोग महायाजक फशमोि के फलखले। 25 राजा एन्टिओकि दू िरा फदि डोरा के न्टखलाि डे रा डाल के लगािार ओकरा पर हमला करि रहले अवु री इं जि बिावि रहले, जविा िे उ फत्रिोि के बंद क दे ले, िाफक उ िा ि बाहर फिकल पवले अवु री िा भीिर जा िके। 26 ओह घरी शमौि दू हजार चु िल आदमी भेजलि फक ऊ उिकर िहायिा करि। चाँदी, िोिा आ बहुि कवच भी। 27 िबफहयो ऊ ओह लोग के िा ग्रहण कइलि, बलुक ऊ िब वाचा के िोड़ फदहलि जवि ऊ अपिा िे पफहले कइले रहले आ ओकरा खाफिर पराया हो गइलि. 28 ओकरा अलावा ऊ अपिा एगो दोस्त एथेिोफबयि के भेजले फक ऊ उिका िे बाि करि आ कहे फक, “िू लोग जोप्पा आ गजे रा के रोकि बाड़ऽ। यरूशलेम के बुजत के िाथे जवि हमरा राज्य के शहर ह। 29 िूँ ओकर िीमा के बरबाद कर फदहलऽ आ दे श में बहुिे चोट पहुँ चा फदहलऽ आ हमरा राज्य के भीिर कई जगहा पर राज पा लेले बाड़ऽ। 30 अब ऊ शहरि के बचा ली ं जविा के िू लोग अपिा कब्जा में ले फलहले बाड़ऽ आ ओह जगहि के कर के छोड़ दी ं जविा पर िोहिी के प्रभुत्व यहूफदया के िीमा िे बाहर फमलल बा. 31 िा ि हमरा के पांच िौ िोरा चांदी दे दी ं। आउर जवि िुकिाि िोहिी कइले बािी आ शहरि के कर के खाफिर अउरी पांच िौ िोला, अगर िा ि हमिी के आके िोहिी िे लड़ब जा 32 राजा के दोस्त एथेिोफबयि यरूशलेम अईले अवु री जब उ शमौि के मफहमा, िोिा-चांदी के थाली के अलमारी अवु री उिुकर बहुि जादा उपन्टस् थफि दे ख के अचरज में पड़ गईले अवु री राजा के िंदेश िुिवले। 33 िब शमौि जवाब फदहलि आ कहलि, “हमिी के िा ि दोिरा के जमीि लेहिी जा आ िा ही दोिरा के जमीि पर कब्जा कर लेले बािी जा, बलुक हमिी के पु रखि के फवराि​ि ह, जवि फक हमिी के दु श्मि​ि के कुछ िमय गलि िरीका िे कब्जा में रहे । 34 एही िे हमिी के मौका फमलला पर अपिा पु रखि के फवराि​ि के पकड़ले बािी जा। 35 आ जब िू जोप्पा आ गजे रा के माँग करि बाड़ऽ, भले ऊ लोग हमिी के दे श के लोग के बहुिे िुकिाि पहुँ चवले बा, बाफकर हम िोहरा के ओह लोग खाफिर िौ िोला दे ब जा. एथेिोफबयि ओकरा के एक शब्द के जवाब िा फदहलि। 36 लेफकि राजा के लगे गुस्सा में वापि आके इ बाि, शमौि के मफहमा अवु री उिुका दे खल िभ चीज़ के बारे में बिा दे ले। 37 एही बीच जहाज िे टर ाइिोि भाग के ऑथोफियि चल गइलि।


38 राजा िेन्डेफबयि के िमुं दर के फकिारे के कप्ताि बिवले आ ओकरा के पै दल िवार आ घुड़िवारि के िेिा फदहलि। 39 आज्ञा फदहलि फक ऊ आपि िेिा यहूफदया के ओर ले जाि। ऊ ओकरा के िेडरोि के फिमातण करे आ िाटक के मजबूि करे आ लोग िे लड़ाई करे के आज्ञा फदहलि। लेफकि रहल बाि खुद राजा के ि उ फटर िोि के पीछा कईले। 40 िब िेन्डेफबयि जमफिया में आके लोग के भड़कावे लगले आ यहूफदया पर आक्रमण करे लगले आ लोग के बंदी बिा के मारे लगले। 41 जब ऊ िेदरो के फिमातण कइले ि उहाँ घुड़िवार आ पै दल िैफिकि के िेिा रखलि फक राजा के आज्ञा के मु िाफबक ऊ लोग यहूफदया के रास्ता पर फिकल िके। अध्याय 16 के बा 1 िब यूहन्ना गजे रा िे चढ़ के अपिा बाप फिमोि के बिवले फक िेन्देबि के का कइल ह। 2 एही िे शमौि अपिा दु िु बड़का बेटा यहूदा आ यूहन्ना के बोला के कहलि फक हम आ हमार भाई लोग आ हमार बाप के घरािा अपिा जवािी िे लेके आज िक इस्राएल के दु श्मि​ि िे लड़ि बािी जा। आ हमिी के हाथ में हालाि एि​िा बफढ़या िे चलल बा फक हमिी के इस्राएल के अक्सर बचा लेले बािी जा। 3 बाफकर अब हम बूढ़ हो गइल बािी आ भगवाि के दया िे िू लोग के उफमर पू रा हो गइल बा, हमरा आ हमरा भाई के जगह िू लोग रहऽ आ जा के हमिी के राष्ट्र खाफिर लड़ाई लड़ऽ आ स्वगत िे मदद िोहिी के िाथे होखे। 4 ि ऊ दे श िे बीि हजार घुड़िवारि के िाथे लड़ल आदमी चु िले, जे िेन्डेबि के न्टखलाि फिकलल आ ओह राि मोदीि में आराम कइल। 5 जब उ लोग िबेरे उठ के मै दाि में जाि रहले ि दे खलि फक पै दल आ घुड़िवार दु िो के एगो शन्टक्तशाली बड़ िेिा ओ लोग के न्टखलाि आ गईल, लेफकि ओ लोग के बीच में पािी के धार रहे । 6 िब ऊ आ उिकर लोग ओह लोग के न्टखलाि खड़ा हो गइलि आ जब ऊ दे खलि फक लोग पािी के धार के पार करे िे डे राि बा ि ऊ पफहले अपिा पर चढ़ गइलि आ ओकरा बाद ओकरा के दे ख के लोग ओकरा पीछे िे गुजर गइलि. 7 ई िब कइला पर ऊ अपिा आदमी के बाँट के घुड़िवारि के पै दल िवारि के बीच में रख फदहलि काहे फक दु श्मि​ि के घुड़िवार लोग बहुि ढे र रहे । 8 िब ऊ लोग पफवत्र िुरही बजावि रहे आ ओकरा बाद िेन्डेफबयि आ ओकर िेिा भाग गइलि आ ओह लोग में िे बहुि लोग के मारल गइल आ बचे वाला लोग ओह लोग के गढ़ में पहुँ च गइल। 9 ओह घरी यहूदा यूहन्ना के भाई घायल हो गइलि। लेफकि यूहन्ना अबफहयों उिकरा पीछे -पीछे चलि रहले, जब िक फक उ िेडरोि िा पहुं चले, जवि िेन्डेफबयि बिवले रहले। 10 उ लोग अजोिुि के खेि में बुजत िक भाग गईले। एही िे ऊ ओकरा के आग िे जरा फदहलि आ ओहमें िे करीब दू हजार आदमी मारल गइलि. एकरा बाद उ शांफि िे यहूफदया के दे श में वापि आ गईले। 11 यरीहो के मै दाि में अबूबूि के बेटा टोलेफमयोि के कप्ताि बिावल गईले अवु री उिुका लगे चांदी अवु री िोिा के भरमार रहे । 12 काहे फक उ महायाजक के दामाद रहले। 13 एह िे उिकर मि उठ के ऊ दे श के अपिा लगे पहुँ चावे के िोचलि आ ओकरा बाद शमौि आ उिकर बेटा लोग के िाश करे खाफिर धोखा िे िलाह फलहलि। 14 शमौि दे हाि के शहरि में घूमि रहले आ ओह शहरि के िुव्यवन्टस् थि​िा के ध्याि रखि रहले। जब ऊ अपिा बेटा मफत्तयि आ यहूदा के िाथे िौ ि​िरहवाँ िाल में , एगारहवाँ महीिा में यरीहो उिरले, जे करा के िबि कहल जाला। 15 उहाँ अबूबुि के बेटा धोखा िे ओह लोग के एगो छोटहि फठकािा में ले गईल, जविा के उ बिवले रहले, उ लोग के बहुि बड़ भोज बिवले रहले। 16 जब फशमोि आ उिकर बेटा लोग ढे र शराब पी फलहले ि टोलेमी आ उिकर आदमी उठ के आपि हफथयार लेके भोज के जगह पर शमौि पर

आके उिकरा आ उिकर दु िु बेटा आ उिकर कुछ िौकरि के मार फदहले। 17 एही िे ऊ बहुि बड़ धोखा कइलि आ भलाई के बदला बुराई के बदला फदहलि। 18 िब टोलेमी इ िब बाि फलख के राजा के लगे भेजलि फक उ ओकरा के मदद करे खाफिर िेिा भेजि अवु री उिुका के दे ि अवु री शहर के बचावे । 19 उ यूहन्ना के मारे खाफिर गजे रा में दू िर लोग के भी भेजले, आ फटर ब्यूि के फचट्ठी भेजले फक उ लोग के चांदी, िोिा अवु री इिाम दे ि। 20 ऊ दू िर लोग के यरूशलेम आ मं फदर के पहाड़ पर कब्जा करे खाफिर भेजलि। 21 एगो आदमी गजे रा के लगे भाग के यूहन्ना के बिवले रहे फक ओकर बाप आ भाई लोग मारल गइल बा आ अगर ऊ टोलेमी िोहरा के मारे खाफिर भेजले बा। 22 ई बाि िुि के ऊ बहुिे अचरज में पड़ गइलि आ ओकरा के िाश करे आइल लोग पर हाथ डाल के मार फदहलि. काहे फक ऊ जाि​ि रहले फक ऊ लोग ओकरा के दू र करे के कोफशश करि बा. 23 यूहन्ना के बाकी काम, उिकर युद्ध, उिकर योग्य काम आ उिकर बिावल दे वाल के फिमातण आ उिकर काम के बारे में । 24 दे खऽ, ई िब उिकर पु रोफहिाई के इफिहाि में फलखल बा, जब िे उ अपिा फपिा के बाद महायाजक बिल रहले।


अध्य 1 के ब् 1 यरूशल े आ यहूदयय कल दल ू े​े रहश यहदद भयई शोग, पूरय ूेस े​े रहश यहदद भयई शोग कल सयव आ ूयं ूि कल कयेनय करि बय। 2 परेल स् वर िोहनद पर कृपय करस, आऊ आपन वफयदयर सल वक अबयहे, इसहयक आ ययकूब कल सयथल जवन वयचय कइशल रहशन, ओकरय कल ययद करऽ। 3 िोहनद कल सब कलह कल उनकर सल वय करल आ उनकर इचय कल पूरय करल कल ूदश दद ं, अचय ूहमि आ इच् क ूदेयग सल । 4 आउर उनकर ववयय आ आजय े​े आपन ूदश खोश कल िोहनद कल ूयं ूि भलज दद।ं 5 आ िोहयर पयथानय स् नद, आ िोहरय सयथल एक हो जयईं, आ िोहरय कल कबहू सं कट कल सेय ेि छोडद।ं 6 अब हेनद कल इहयू िोहनद खयूिर पयथानय करि बयनद जय। 7 जब सल देल ू्य्स कल रयज भइश, ऊ सौ नौवयू सयश े​े , हेनद कल यहदद शोग िोहनद कल ूशखशल रहनद जय, जब सल ययसोन आ ओकर दश पूव् दल ू आ रयज सल ूवदोह कइशल रहल । 8 ऊ बरयेदय जरय कल ूनद्द खून बहवशल , िब हेनद कल पभ् सल पयथानय कइनद जय आ स् नश गइश। हेनद कल बूशदयन आ ेहदन आटय भद चढवनद जय आ ददयय जरय कल रोटद रखनद जय। 9 अब दल खऽ ूक िू शोग कयसलउ ेहदनय े​े िमू कल परब ेनयवल । 10 सौ अठवयू सयश े​े यरूशल े आ यहूदयय, पररदद् आ यहदय कल शोग, रयजय टोशल ूेयोस कल ेयूशक अररसोब् शस कल अूभूदक ययजकन कल टोशद कल शोग कल अूभवयदन आ सयव भलजशल ूेस े​े जवन यहदद रहशल उ शोग| 11 जल सल परेल स् वर हेनद कल बडहन सं कट सल बचय शल शल बयडन, हेनद कल उनकर बहि धनवयद दल ि बयनद जय ूक उ रयजय कल खखशयफ शडयई े​े रहश बयनद। 12 उ पूव् नगर कल भदिर शडि शोग कल बयहर ूनकयश ूदहशस। 13 जब ऊ सरदयर फयरस े​े अईशल आ ओकरय सयथल सल नय जल अजल य शयगि रहल , ि नयनल कल प्जयरद शोग कल धोखय सल नयनल कल ें ूदर े​े ेयर ूदहश गइश। 14 कयहल ूक एख्ओकस आउर उनकर सयथद दोसन कल सयथल दहल ज कल नये सल पईसय शल वल खयूिर उहयू अईशल | 15 जब नयनल कल ययजक शोग ूनकशश आ एगो छोट दश कल सयथल ें ूदर कल कमयस े​े घ्सश ि अं ूिओकस कल अं दर अइिल ें ूदर कल बं द कर ूदहश। 16 छि कल एगो ग् प दरवयजय खोश कल उ शोग वज ूनहन पतर फेकशल अव् रद कपयन कल ेयर कल ओकरय कल ट् कडय-ट् कडय क कल, ओ शोग कल ेयथय कयट कल बयहर कल शोग कल शगल फेक दल शल। 17 हर बयि े​े हेनद कल परेल शर कल धन होखल, जल अभक शोग कल सौंप दल शल बयडल । 18 एह सल जब हेनद कल ेन े​े ें ूदर कल ू्ख् कल कये कयसलू ेहदनय कल पयं च बदसवयू ूदन ेनयवल कल बय, ि हेनद कल एकरय कल पेयूाि कइश जररद सेझश जय, ियूक िू शोग भद एकरय कल िमू कल परब कल रप े​े ेनयवश जय सकल आग, जवन हेनद कल िब ूदहश गईश रहल जब नदूेययस बूश चढयवि रहशल , ओकरय बयद उ ें ूदर अव् रद वल दद बनवशल रहशल । 19 जब हेनद कल प्रखय शोग कल फयरस े​े शल जयइश गइश ि ऊ सेय कल भक ययजक शोग वल दद कल आग कल ग् प रप सल शल कल ूबनय पयनद कल गडय कल खोखशय जगह े​े ूछपय कल रखशल रहशल , जहयू उ शोग ओकरय कल पकय रखशल रहशल , ियूक उ जगह कल पिय नय चशश सब आदेद कल बय। 20 बहि सयश बयद जब भगवयन कल ेन ेनयईश ि फयरस कल रयजय सल भलजश नदूेयय ओह ययजकन कल सं ियन कल आग े​े भलजशल , शल ूकन जब उ शोग हेनद कल बिवशल ूक उ शोग कल आग नय ूेशश, बयश् क गयढ पयनद ूेशश ;

21 िब ऊ ओह शोग कल आजय ूदहशन ूक ऊ ओकरय कल खदच ं कल शल आवस। आ जब बूश चढयवश गइश ि नदूेयय प्जयरद शोग कल आजय ूदहशन ूक शकडद आ ओकरय पर ूबछयवश चदजन पर पयनद ूछडकयवश जयव. 22 जब ई कये भइश आ बयदश े​े श् कयइश सू रज कल चेकल कल सेय आ गइश ि एगो बडहन आग शयगश आ हर आदेद अचरज े​े पड गइश। 23 बूशदयन कल भस होखल कल दौरयन ययजक शोग पयथानय कइश, हे कहि बयनद, ययजक आ बयकद सब शोग, जोनयथन सल ू्र भइश आ बयकद शोग नदूेयय जइसन जवयब ूदहश। 24 पयथानय एहद िरह सल भइश। हल पभ्, पभ् भगवयन, सब चदजन कल रचूयिय, जल भयभदि आ बशवयन, धेया ाय, दययश् आ एकेय् आ कृपयश् रयजय हईं। 25 हर चदज कल एकेय् दयिय, एकशौिय धे्, सवा ूखकेयन आ अनन सेय वयशय, िू जल इसयएश कल हर सं कट सल बचयवि बयडऽ आ बयप-ूपिय कल च्न कल पूव् कइशल बयडू। 26 अपनय पूरय शोग इसयएश खयूिर बूशदयन गहा करऽ आ अपनय ूहसय कल बचय कल ओकरय कल पूव् करऽ। 27 हेनद सल ूबखरयइश शोग कल एकटय करऽ, गै र-यहदद शोग कल बदच सल वय करल वयशय शोग कल बचयईं, जल करय कल ि्च आ घृाय कइश जयशय, ओकरय कल दल खऽ आ गै र-यहदद शोग कल पिय चशल ूक िू हेनद कल परेल शर हउअ। 28 हेनद कल अतयचयर करल वयशय कल सजय दद ं आ घें ड सल हेनद कल गशि कये करदं। 29 ेू सय कल कहशय कल े् ियूबक अपनय शोग कल फलर सल अपनय पूव् ययन े​े रोप। 30 प्जयरद शोग धनवयद कल भजन गयवि रहशल । 31 जब बूशदयन खिे हो गइश ि नदूेययस आजय ूदहशन ूक जवन पयनद बचश रहल ओकरय कल बडकय पतरन पर डयशश जयव. 32 जब ई कये भइश ि एगो शौ जरर गइश, बयूकर वल दद सल ूनकशश रोूनद सल ऊ भस हो गइश। 33 जब ई बयि पिय चशश ि फयरस कल रयजय कल बियवश गइश ूक जवनय जगह पर शल जयइश गइश ययजक शोग आग ूछपय कल रखशल रहल , उहयू पयनद शउकश आ नदूेययस ओकरय सल बूशदयन कल ू्​् कइशल बय। 34 िब रयजय ओह जगह कल घलर कल पूव् कर ूदहशन। 35 रयजय बहि वरदयन शल कल जल करय कल उ ख्ू करल कल चयहि रहशल , ओकरय कल दल शल। 36 नदूेयय एह बयि कल नफथयर कहशल, जवन ूक कहश जय सकलशय ूक ू्ख्, शल ूकन बहि शोग एकरय कल नदफद कहल शय। अध्य 2 के ब् 1 ररकयडा े​े इहो पयवश गइश बय ूक जल रलेद भूवषवकय जल शोग कल शल जयइश गइश रहल, उ शोग कल आजय दल शल रहशल ूक उ शोग आग कल हटयवल , जईसल ूक इ बियवश गईश बय। 2 कइसल भूवषवकय ओह शोग कल ववयय दल कल आजय ूदहशन ूक पभ् कल आजय कल नय भ्शयए आ चयं दद आ सोनय कल ेू ूिा आ अपनय आभूदा कल सयथल दल ख कल ेन े​े गशिद ेि होखल। 3 आउर अइसनल भयदान सल उ शोग कल ूनहोरय कइशन ूक ववयय ओह शोग कल ूदश सल दू र ेि होखल। 4 एहद शल खन े​े इहो ूशखश रहल ूक भूवषवकय भगवयन कल चलियवशय पर िमू आ सनदू क कल अपनय सयथल चशल कल आदल ू ूदहशन, जब ऊ पहयड पर जयि रहशल , जहयू ेू सय चढ कल परेल शर कल ूवरयसि दल खशल रहशल । 5 जब जल रलेद उहयू पहं चशल ि उन्कय एगो खोखशय ग् फय ूेशश, जवनय े​े उ िमू , सनदू क आ धू प कल वल दद रखशल रहशल अव् रद एहदसल दरवयजय बं द क दल शल।


6 उनकरय पदछल -पदछल आवल वयशय क्छ शोग रयसय कल ूनूयन शगयवल आइश, शल ूकन उ शोग कल रयसय नय ूेशश। 7 जब जल रलेद कल ई बयि पिय चशश ि ऊ ओह शोग कल दोदद ठहरवशल आ कहशन ूक जबशल भगवयन अपनय शोग कल फलर सल एकटय नय करस् आ दयय े​े नय शल स् िबशल ऊ जगह कल बयरल े​े पिय नय चशद. 8 िब पभ् ओह शोग कल ई सब बयि बियईहे आ पभ् कल ेूहेय आ बयदश भद पकट होई, जइसल ूक ेू सय कल सेय े​े दल खयवश गइश रहल , जइसल ूक जब स् शैेयन चयहि रहशल ूक ओह जगह कल समयनजनक रप सल पूव् कइश जयव। 9 इहो घोदाय भइश ूक ऊ ब् ख्ेयन होकल ें ूदर कल सेपा​ा कल बूशदयन चढयवि बयडन। 10 जइसल ेू सय पभ् सल पयथानय कइशन ि आकयू सल आग उिर कल बूशदयन कल भस कर ूदहशस, स् शलेयन भद पयथानय कइशन आ आग सगा सल उिर कल होेबूश कल भस कर ूदहशस। 11 ेू सय कहशल, “पयप कल बूश नय खयए कल रहल , एहसल उ भस हो गईश। 12 स् शलेयन उ आठ ूदन कल रखशल । 13 नदूेयय कल शल खन आ टदकय े​े भद इहल बयि बियवश गइश बय। आ कइसल ऊ एगो प्सकयशय कल ययपनय करि रयजय शोग, भूवषवकय शोग, दयऊद कल कये आ पूव् वरदयन कल बयरल े​े रयजय शोग कल प् कल एकटय कइशन। 14 एहद िरल यहदय भद उ सब चदजन कल बटोरशल जवन हेनद कल शडयई कल चशिल खो गईश रहल अव् रद उ हेनद कल सं गल रहल शय। 15 एह सल अगर िोहनद कल एकर जररि बय ि क्छ शोग कल भलज दद ं ूक उ शोग कल िोहनद कल शगल शल आवल । 16 जब हेनद कल ू्ख् कल उतव ेनयवल वयशय बयनद जय, ि हेनद कल िोहनद कल ूशखशल बयनद जय ूक अगर िू उहल ूदन कल पयशन करब ि िोहनद कल भशयई करब। 17 हेनद कल इहो उमदद बय ूक उ परेल शर जल अपनय सब शोग कल बचय कल सब कल धरोहर, रयज, प्रोूहियई आ पूव् ययन दल शल। 18 जइसन ूक ऊ ववयय े​े वयदय कइशल बयडन, जख्यल हेनद पर दयय करदहे आ हेनद कल सगा कल नदचल कल हर दल ू सल पूव् ययन े​े एकटय कर ददहे , कयहल ूक ऊ हेनद कल बहिल सं कट सल बचय ूशहशल बयडन आ ओह जगह कल ू्​् कर ूदहशल बयडन. 19 यहदय ेकयूबयस आउर उनकर भयई शोग कल बयरल े​े आ ेहयन ें ूदर कल ू्ख् आ वल दद कल सेूपाि करल कल बयरल े​े । 20 एं ूटयोकस एूपफलनदस आ उनकर बल टय यूपयटर कल खखशयफ शडयई भइश। 21 ऊ शोग जल यहदद धेा कल समयन खयूिर ेदया नय ववहयर करि रहल , ओकरय खयूिर सगा सल पकट सं कलि ूेशश, जवनय सल ऊ शोग क्छ शोग रहशय कल बयद पूरय दल ू पर ूवजय पय ूशहशस आ बबा र शोग कल पदछय कइशस। 22 पूरय द् ूनयय े​े नयेद ें ूदर कल फलर सल बरयेद कइशस आ ूहर कल े् क कर ूदहशस आ चशि ूनये कल पयशन कइशस, पभ् ओह शोग पर कृपय कइशन। 23 हे कहि बयनद ूक ई सब बयि सयइरल न कल जल सन दयरय पयं च ूकियब े​े घोूदि कइश गइश बय, हेनद कल एक खंड े​े सं कलप े​े परखब जय। 24 कयहल ूक अनंि सं खय पर ूवचयर करि, आ जवन कूठनयई ओह शोग कल शयगल शय ूक कहयनद कल कथन कल दल खल कल इचय, बयि कल ूवूवधिय कल चशिल। 25 हेनद कल एह बयि सल सयवधयन रहश बयनद जय ूक जल शोग पढल कल चयहि बय, उ शोग कल ख्ूद होखल आ जल शोग ययद रयखल कल इच् क बय, उ शोग कल सहजिय ूेश सकल आ जल करय हयथ े​े ई बयि आवल शय, ओकरय कल फययदय होखल।

26 एह सल हेनद कल जल हेनद कल ई कषदययक ेल हनि सल सं ूकप करल कल कये कइशल बयनद जय, ई आसयन नय रहल , बश् क पसदनय आ दल खि रहल कल बयि रहल । 27 जइसल भोज कल िैययरद करल वयशय आ दोसरय कल फययदय कल िशयू करल वयशय कल कवनो सहजिय नय होशय, िबो हेनद कल बहि शोग कल ख्ूद खयूिर ई बडहन कष उठयवल कल कये करब जय। 28 हर खयस कल सहद सं भयश शल खक पर छोड कल, आ सं ूकप कल ूनये कल पयशन करल े​े ेल हनि कइश. 29 जइसल नयय घर बनयवल वयशय कल पूरय भवन कल दल खभयश करल कल पडल शय। शल ूकन जल एकरय कल सल ट करल आ रं गयई-पोियई करल कल ूजमय शल शय, ओकरय ओकरय कल सजयवल खयूिर उूचि चदज खोजल कल चयहद।ं 30 हर ूबनद् पर खडय होकल, वयपक रप सल बयिन पर ूवचयर कइश, आ ूवूलद रप सल ूजजयस् होखश, कहयनद कल पूहशय शल खक कल ह। 31 शल ूकन सं ूकप बयि कल पयोग आ कये कल बहि ेल हनि सल बचल कल अूधकयर ओकरय कल ूदहश जयशय जल सं ूकप बियवल शय। 32 िब हेनद कल कहयनद कल ू्रआि इहयू सल करब जय ूक जवन कहश गइश बय ओकरय े​े एिनय जोडश जय सकलशय ूक शेहर पसयवनय बनयवश आ कहयनद े​े हद छोट होखश ेू खािय कल बयि ह। अध्य 3 के ब् 1 ेहयययजक ओूनययस कल भखक आ द् षिय सल घृाय कल कयरा जब पूव् नगर े​े ूयं ूि सल शोग रहल आ ूनये कल बहि बूढयय सल पयशन कइश गइश। 2 अइसन भइश ूक ख्द रयजय शोग भद ओह जगह कल समयन कइश, आ अपनय बल हिरदन वरदयन सल ें ूदर कल बडयई कइश; 3 एिनय ूक एू​ूयय कल सल श्कस अपनय रयजस सल बूशदयन कल सल वय कल सब खचया उठय ूशहशल । 4 ूबनयेदन कल गो् कल एगो ूसेोन जल ें ूदर कल गवनार बनयवश गईश रहल , उ ेहयययजक कल सं गल ूहर े​े अववयय कल चशिल झगडय कईशल । 5 जब ऊ ओूनययस पर ूवजय नय हो पयवश ि ऊ ओकरय कल थलूसयस कल बल टय अपोशोूनयस कल शगल शल गइशन जल ओह घरद सल शोूसररयय आ फदनदस कल गवनार रहशल . 6 ऊ ओकरय कल बिवशल ूक यरूशल े कल खजयनय असदे रके सल भरश बय, एह सल ओह शोग कल धन कल भदड जवन बूशदयन कल ूहसयब सल नय ज् डश रहल , ऊ अनूगनि बय आ सब क्छ रयजय कल घर े​े शल आवश सं भव बय हयथ. 7 जब अपोशोूनयस रयजय कल शगल अईशल अव् रद उन्कय कल बियवश पईसय कल बयरल े​े बिय दल शल, ि रयजय अपनय खजयनचद हल ूशओडोरस कल च्नशल अव् रद उन्कय कल एगो आजय दल कल भलजशल ूक उ उन्कय कल उ पईसय शल आवस। 8 एहद सल ि्रिल हल ूशयोडोरस आपन सफर ू्र कर ूदहशन। सल शोूसररयय आ फदनदस ूहरन कल दौरय करल कल रं ग कल िहि, शल ूकन सचे् च रयजय कल ेकसद पूरय करल खयूिर। 9 जब उ यरूशल े पहं चशल अव् रद ूहर कल ेहयययजक कल ओर सल उन्कय कल ू​ूषयचयर सल सयगि कईश गईश, ि उ उन्कय कल बिवशल ूक पईसय कल बयरल े​े कवन जयनकयरद ूदहश गईश बय अव् रद उ बिय दल शल ूक उ कयहे आईश बयडल अव् रद पूछशल ूक कय इ बयि सचे् च अयदसन बय। 10 िब ेहयययजक ओकरय कल बिवशल ूक ूवधवय आ अनयथ सं ियन कल रयहि खयूिर अइसन पईसय जेय बय। 11 एकरय े​े सल क्छ टोूबययस कल बल टय ूहरकयनस कल ह, जवन बहि गररेय कल आदेद रहशल , नय ूक द् ष ूेौन कल गशि जयनकयरद दल शल रहशल । 12 आ ूक ई ूबल्श असं भव रहल ूक अइसन गशिद ओह शोग कल सयथल कइश जयव, जल शोग एकरय कल ओह जगह कल पूव्िय आ ें ूदर कल ेूहेय आ अभंग पूव्िय कल सौंपशल रहल , जवनय कल पूरय द् ूनयय पर समयूनि कइश गइश रहल ।


13 शल ूकन हल ूशओडोरस रयजय कल ूदहश आजय कल चशिल कहशल , “कवनो िरदकय सल एकरय कल रयजय कल खजयनय े​े शल आवश जररद बय।” 14 जवनय ूदन उ ूनधया ररि कईशल रहशल , उ ूदन इ ेयेशय कल के े​े पहं चशल , एहसल पूरय ूहर े​े कवनो छोट पदडय नय भईश। 15 शल ूकन ययजक शोग अपनय ययजक कल कपडय पूहन कल वल दद कल सयेनल सजदय क कल ओकरय कल सगा े​े बोशवशल , जवन ूक उन्कय कल पयशन करल वयशय चदज कल बयरल े​े एगो ूनये बनवशल , ियूक उ शोग कल स् रूकि रयखश जय सकल, जवन ूक ओकरय कल रखल कल ूजमय दल शल बय। 16 िब जल भद ेहयययजक कल चलहरय पर नजर डयशि रूहि ि ओकर ूदश घययश हो जयईि, कयहल ूक ओकर चलहरय आ रं ग बदशशय सल ओकर ेन कल भदिर कल पदडय कल घोदाय होखि रहल । 17 कयहल ूक ऊ आदेद ूरदर कल डर आ भय सल ूघरश रहल ूक ओकरय कल दल खल वयशय शोग कल पिय चशश ूक अब ओकरय ेन े​े किनय द् ख बय। 18 दू सर शोग अपनय घर सल बयहर ूनकश कल आे ूनहोरय खयूिर भयग गईश, कयहल ूक उ जगह ूिरसयर े​े आवल वयशय रहल । 19 छयिद कल नदचल बोरय पूहनशल ेल हरयर शोग गशद े​े भरेयर रहल आ घर े​े रयखश क्ंवयरद शोग भयगि रहल , क्छ फयटक कल ओर, क्छ दल वयश कल ओर आ क्छ खखडकद सल बयहर दल खि रहशद। 20 सब शोग आपन हयथ सगा कल ओर पकड कल ूवनिद कइश। 21 िब कवनो आदेद कल हर िरह कल भदड कल ूगरश आ ेहयययजक कल अिनय पदडय े​े डर दल ख कल दयय आवि होईि। 22 िब उ शोग सवा ूखकेयन पभ् सल आहयन कईशल ूक उ भरोसय कल कये कल कये करल वयशय शोग खयूिर स् रूकि अव् रद पकय रयखस। 23 एकरय बयवजू द हल ूशओडोरस जवन फरेयन ूदहश गइश रहल ओकरय कल ूनषयूदि कइशन। 24 जब उहयू खजयनय कल आसपयस अपनय पहरल दयर कल सयथल ेौजू द रहशल , ि आाय कल पभ् आ हर ूखक कल रयजक्ेयर एगो बडहन पगट हो गईशल, जवनय सल जल भद उन्कय सं गल आवल कल डर रहल, उ सब भगवयन कल ूखक सल अचरज े​े पड गईशल । आ बल होू हो गइशन आ बहिल डल रय गइशन. 25 कयहल ूक ओह शोग कल एगो घोडय शउकश जवनय पर एगो भययनक सवयर रहल आ ओकरय पर बहिल गोरय आवरा सल सजश रहल आ ऊ जोरदयर दौड कल हल ूशयोडोरस पर अपनय अूगशय गोड सल ेयर ूदहशूस आ शयगश ूक घोडय पर बइठश कल पूरय हयूननग बय सोनय. 26 दू गो अउरद नवहद उनकरय सयेनल आइश, जल ियकि े​े उललखनदय, स्ं दरिय े​े बूढयय आ कपडय े​े स् नर रहशल , जल उनकय सयथल द् नो ओर खडय रहशल । आ ओकरय कल शगयियर कोडय ेयरि रहल आ ओकरय पर बहिल चोट शयगश रहल । 27 हल ूशओडोरस अचयनक जेदन पर ूगर गइशन आ ओकरय कल बहिल अनयर सल घलरश गइशन बयूकर ओकरय सयथल कल शोग ओकरय कल उठय कल कूडय े​े डयश ूदहशन. 28 एह िरह सल ऊ जल हयश हद े​े एगो बडहन रल शगयडद कल सयथल आ अपनय पूरय पहरल दयर कल सयथल उक खजयनय े​े आइश रहल , ऊ शोग अपनय हूथययर सल आपन ेदद नय कर पवशल आ सयफ-सयफ ऊ शोग भगवयन कल ूखक कल सदकयर कइश। 29 कयहल ूक उ परेल शर कल हयथ सल नदचल ूगर गईश रहशल अव् रद जदवन कल पूरय आूय कल ूबनय बल ज्बयन पड गईश रहशल । 30 शल ूकन उ शोग पभ् कल स् ूि कईशल , जवन चेतयररक िरदकय सल ें ूदर खयूिर आपन जगह कल समयन कईशल रहशल । जवन िनद पूहशल डर आ परल ूयनद सल भरश रहल , जब सवा ूखकेयन पभ् पकट भइशल , ऊ ख्ूद आ ख्ूद सल भरश रहल । 31 िब हल ूशओडोरस कल क्छ दोस सदधल ओूनययस सल पयथानय कइशन ूक ऊ परेयाय सल आपन जयन दल दल व, जल भूि छोडल खयूिर िइययर रहल ।

32 एह सल ेहयययजक कल ूक रहल ूक कहद ं रयजय कल गशिद ेि होखल ूक यहदद शोग हल ूशओडोरस कल सं गल कवनो धोखय कईशल बयडल , उ आदेद कल सयव खयिद बूश चढवशल । 33 जब ेहयययजक पययूयि करि रहशल ि उहल कपडय पूहनशल नवहद शोग हल ूशओडोरस कल बगश े​े खडय होकल कहशल , “ओूनययस कल ेहयययजक कल बहि धनवयद दद,ं कयहल ूक पभ् ओकरय खयूिर िोहरय कल जयन दल शल बयडल । 34 िोहरय कल सगा सल कोडय ेयरश दल ख कल सब शोग कल सयेनल परेल शर कल परयकेद ूखक कल बयरल े​े बियईं। जब उ शोग इ बयि कहशल ि उ शोग अब पकट नय भईशल । 35 हल ूशओडोरस पभ् कल बूश चढय कल आपन जयन बचयवल वयशय सल बडहन वि कइशय कल बयद आ ओूनययस कल नेसयर कइशय कल बयद आपन सल नय कल सयथल रयजय कल शगल वयपस आ गइशन। 36 िब उ सब शोग कल सयेनल ेहयन परेल शर कल कये कल गवयहद दल शल, जवन उ अपनय आू ख सल दल खशल रहशल । 37 जब रयजय हल ूशओडोरस, जल ूययद एक बल र फलर यरूशल े भलजश जय सकल, कहशन। 38 अगर िोहयर कवनो द् शन भय गदयर बय ि ओकरय कल ओूहजय भलज दद ं आ अगर ऊ जयन शल कल बच जयव ि ओकरय कल बूढयय सल कोडय ेयर कल गहा करब कयहल ूक ओूहजय कवनो सं दलह नइखल. भगवयन कल एगो खयस ूखक बय। 39 कयहल ूक सगा े​े रहल वयशय कल नजर ओह जगह पर बय आ ओकर रकय करल शय। आ ओकरय कल चोट पहं चयवल वयशय शोग कल पदट-पदट कल नयू कर दल शय। 40 हल ूशओडोरस आ खजयनय कल रखरखयव कल बयरल े​े बयि एहद िरह सल ूगर गइश। अध्य 4 के ब् 1 अब इ ूेौन, जल करय बयरल े​े हेनद कल पूहशल बयि कईशल रहनद जय, उ पईसय अव् रद अपनय दल ू कल धोखय दल वल वयशय रहशल , उ ओूनयय कल ूनंदय कईशल , जईसल उ हल ूशओडोरस कल डल रय दल शल अव् रद ए ब् रयई कल कये करल वयशय रहशल । 2 एह िरह सल ऊ ओकरय कल गदयर कहल े​े ूहमि कइशन, जवन ूहर कल भशयई कल हकदयर रहल, आ अपनय रयष् कल ूनूवदय करि रहल आ कयनून कल पूि एिनय जोू े​े रहल । 3 शल ूकन जब उनकर नफरि एिनय बढ गईश ूक ूेौन कल एगो ग् ट कल दयरय हतय हो गईश| 4 ओूनययस एह ूववयद कल खिरय दल ख कल अपोशोूनयस सल शोसदररयय आ फदनदस कल रयजपयश कल रप े​े भडक गइशन आ ूेौन कल द् भया वनय बढय ूदहशन। 5 उ रयजय कल शगल अपनय दल ू कल शोग कल आरोप शगयवल खयूिर नय गईशल, बयश् क सयवा जूनक अव् रद ूनजद सभ कल भशयई कल िशयू े​े गईशल । 6 कयहल ूक उ दल खशल ूक रयज कल च्प रहश असं भव बय, आ ूेौन आपन ेू खािय छोड दल शल, जब िक रयजय ओकरय कल नय दल खस। 7 शल ूकन सल श्कस कल ेरशय कल बयद जब एूपफलनदस नये कल एख्ओकस रयज कल अपनय कबय े​े शल ूशहशल ि ओूनययस कल भयई ययसोन ेहयययजक बनल खयूिर ग् प रप सल ेल हनि कईशल । 8 रयजय सल ूबनिद सल िदन सौ सयठ िोरय चयू दद कल वयदय कइशन आ एगो अउरद रयजस सल असद िोरय कल वयदय कइशन। 9 एकरय अशयवय ऊ वयदय कइशन ूक अगर उन्कय शगल वययये खयूिर आ नवूहयन कल गै र-यहदद शोग कल फैून े​े जवयनन कल पू​ूका दल बल खयूिर जगह बनयवल कल शयइसे स ूेश जयव ि एक सौ पचयस गो अउरद कये सौंप ददहे आ यरूशल े कल ओह शोग कल ूशख कल ूशख ददहे अं ियूकयय कल शोग कल नये ह। 10 रयजय जब रयज कर ूदहशन आ ओकरय हयथ े​े आ गइशन ि ऊ ि्रिल अपनय रयष् कल यूनयनद फैून े​े शल अइशन.


11 यूपोशल ेस कल ूपिय यूहनय कल ेयधे सल यहदद शोग कल ूवूलद अन्गह खयूिर जवन रयजकदय ूवूलदयूधकयर ूेशश रहल , जवन दोसद आ सहययिय खयूिर रोे े​े रयजदू ि रहशल , उ शल ूशहशल । आ कयनून कल अन्सयर जवन सरकयर रहल ओकरय कल ूगरय कल कयनून कल खखशयफ नयय रदूि-ररवयज शल अइशल । 12 कयहल ूक उ ख्ूद-ख्ूद ब् जा कल नदचल वययये कल जगह बनवशल अव् रद े् खखयय य्वक कल अपनय अधदन क कल टोपद पूहनवशल । 13 यूनयनद फैून कल ऊंचयई आ गै र-यहदद आचरा कल बढनद अईसन रहल , जल सन कल बहि अपूव्िय कल चशिल, उ अभक दररद अव् रद कवनो ेहयययजक नय रहशल । 14 ूक ययजक शोग कल वल दद पर अउरद सल वय करल कल ूहमि नय रहल , शल ूकन ें ूदर कल ूिरसयर करि, आ बूशदयन कल उपलकय करि, ूडसस कल खलश कल बयद उ शोग कल बोशयवल कल बयद वययये कल जगह पर गै रकयनूनद भतय े​े भयग शल वल खयूिर ज्दबयजद कईशल । 15 अपनय प्रखन कल आदर सल नय, बश् क यूनयनद शोग कल ेूहेय कल सबसल जयदल पसं द करल शल । 16 जवनय कल चशिल उ शोग कल बहि ूवपूत आईश, कयहल ूक उ शोग कल द् शन अव् रद बदशय शल वल वयशय रहशल , जवनय कल ररवयज कल उ शोग एिनय गं भदरिय सल पयशन करि रहशल अव् रद हर चदज े​े उन्कय ूनहन बनल कल चयहि रहशल । 17 कयहल ूक परेल शर कल ूनये कल खखशयफ ब् रयई कईश हलय कये नय ह, शल ूकन बयद कल सेय इ सब बयि कल घोदाय करद। 18 जब हर ूवशयस कल सयश इसल ेयश होखल वयशय खलश सोर े​े होि रहल , रयजय ेौजू द रहशल । 19 ई अकृपय जल सन यरूशल े सल ूवूलद दू ि भलजशल , जल अं ियूकययई रहशल , हरकू ूशस कल बूशदयन े​े िदन सौ ड् ै क चयं दद शल कल चशल , जवनय कल वयहक शोग भद बूशदयन कल नय दल वल कल उूचि सेझशल , कयहल ूक इ स् ूवधयजनक नय रहल , बखल होखल कल रहल अन ू्ल खयूिर आरूकि बय। 20 िब ई पइसय, भलजनल वयशय कल सं बंध े​े , हरकू ूशस कल बूशदयन खयूिर ूनय्क कइश गइश; बयूकर ओकरय वयहक शोग कय चशिल एकरय कल गै शद बनयवल े​े इसल ेयश कइश गइश. 21 जब ेल नलखययस कल बल टय अपोशोूनयस कल रयजय टोशल ूेयोस ूफशोेल टोर कल रयजयूभदलक खयूिर ूेस भलजश गइश ि एं ूटयोकस कल ई सेझ कल ूक ऊ अपनय कये े​े कवनो खयस असर नय पडल आ अपनय स् रकय कल इं िजये कइशन आ ओकरय बयद ऊ ययफय आ ओूहजय सल यरूशल े आ गइशन : 1। 22 जहयू जल सन आ ूहर कल शोग उनकरय कल आदर सल सयगि कइशन आ ेूयश सल जरय कल आ बहि ूचलयहट कल सयथल शल आवश गइशन आ ओकरय बयद अपनय सल नय कल सयथल फदूनस चश गइशन। 23 िदन सयश बयद ययसोन ूसेोन कल भयई ेल नलशस कल भलजशल ूक उ पईसय रयजय कल शल जयस अव् रद क्छ जररद बयि कल धयन े​े रयखस। 24 शल ूकन रयजय कल सयेनल शल आवश गईश, जब उ अपनय ूखक कल गौरवूयशद रप कल चशिल उन्कय कल बडयई कईशल , ि उ ययसोन सल िदन सौ टोशय चयं दद सल जयदय चढय दल शल। 25 ि ऊ रयजय कल आजय कल सयथल ेहयययजक पद कल शययक क्छ नय शल कल अइशल , बश् क एगो कूर अतयचयरद कल कोध आ जं गशद जयनवर कल कोध शल कल अइशल । 26 िब ययसोन जल अपनय भयई कल केजोर क दल शल रहशल , ओकरय कल द् सरय कल ेयर कल अमोनद कल दल ू े​े भयग जयए कल पडश। 27 ि ेल नलशस कल ररययसि ूेश गईश, शल ूकन जवन पईसय उ रयजय सल वयदय कईशल रहशल , उ एकरय खयिद कवनो ूनेन ववयय नय शल शल, हयशयं ूक ेहश कल ूयसक सोस् यूिस एकरय कल ेयं ग कईशल रहशल । 28 कयहल ूक रदूि-ररवयज कल ज् टयवल कल कये उहल रहल । एहद सल द् नों कल रयजय कल सोझय बोशयवश गईश।

29 ेल नलशस अपनय जगह पर अपनय भयई ूशूसेयकस कल ययजक कल कये े​े छोड ूदहशल । आ सोस् ल टस कलट् स कल छोड ूदहशन जल सयइपूसयन कल गवनार रहशल . 30 जब उ सब कये चशि रहल िब िसूा स आ ेशोस कल शोग ूवदोह कर ूदहशल , कयहल ूक उ शोग रयजय कल उपपतद कल ूदहश गईश रहल , जल कर नये रहल अं ूिओकस। 31 रयजय ज्द-ज्द ेयेशय कल ूयं ि करल े​े अईशल अव् रद अपनय उपयूधकयरद े​े एं ड्ोूनकस कल छोड दल शल। 32 ेल नलशस इ सेझ कल ूक उन्कय सेय ूेश गईश बय, उ ें ूदर सल सोनय कल क्छ बिान चोरय कल क्छ बिान एं ड्ोूनकस कल दल दल शल अव् रद क्छ बिान सोर अव् रद आसपयस कल ूहर े​े बल च दल शल। 33 जब ओूनययस कल एगो जेयनि कल पिय चशश ि उ ओकरय कल डयं ट कल डयफनल कल एगो पूव् ययन े​े चश गईशल जवन ूक अं ियूकयय कल ूकनयरल बय। 34 एहद सल ेल नलशस एं ड्ोूनकस कल अशगय क कल ओूनययस कल अपनय हयथ े​े शल आवल कल पयथानय कइशन। उ एकरय खयूिर सेझय कल धोखय े​े ओूनययस कल शगल आकल ूकररयय खय कल आपन दयूहनय हयथ दल ूदहशस। आऊ भशल हद ओकरय पर ूक रहल , शल ूकन ऊ ओकरय कल पूव् ययन सल बयहर आवल खयूिर ेनय ूशहशस। 35 एहद सल खयशद यहदद शोग नय, बश् क अउरद जयूि कल बहि शोग भद बहि नयरयज हो गइशन आ ओह आदेद कल अनययपूा​ा हतय सल बहि द् खद हो गइशन। 36 जब रयजय ूकूशूसयय कल आसपयस कल इशयकय सल वयपस अइशल ि ूहर े​े ेौजू द यहदद शोग आ एह बयि सल घृाय करल वयशय क्छ यूनयनद शोग कल ू​ूकययि रहल कयहल ूक ओूनययस कल ूबनय कवनो कयरा कल हतय कर ूदहश गइश रहल । 37 एहद सल एं ूटयोकस कल ेन सल द् खद होकल दयय आकल रोवल शयगश, कयहल ूक ेरश आदेद कल सोझ आ ूवनम ववहयर कल चशिल उ रोवल शगशल । 38 ऊ कोध सल भडक कल ि्रिल एं ड्ोूनकस कल बै गनद रं ग कल शल कल आपन कपडय फयड कल पूरय ूहर े​े ओूहजय शल गइशन जहयू ऊ ओूनययस कल खखशयफ अधेा कल कये कइशल रहशल आ ओूहजय ऊ अूभूप हतयरय कल ेयर ूदहशन. एह िरह सल पभ् ओकरय कल ओकर सजय कल इनये ूदहशन, जइसन ूक ऊ हकदयर रहशल . 39 जब ेल नलशस कल सहेूि सल ूशूसेयकस कल दयरय ूहर े​े बहि बूशदयन हो गइश आ ओकर फश फैशश गइश ि भदड ूशूसेयकस कल खखशयफ ज् ट गइश आ सोनय कल बहि बिान पूहशहदं सल शल जयइश गइश रहल । 40 आे शोग उठ कल आकोू सल भरश शयइूसेयकस शगभग िदन हजयर आदेद कल हूथययरबं द कर ूदहशस आ सबसल पूहशल ूहं सय करल शगशन। एगो औरयनस नलिय होखशय कल नयिल, सयशन सल बहि दू र आदेद, आ ेू खािय े​े भद के नय। 41 िब उ शोग शयइूसेयकस कल कोू​ू​ू दल ख कल क्छ शोग पतर, क्छ शयठद, क्छ शोग कल े् टद भर धू श पकड कल, जवन ूक अूगशय हयथ े​े रहल , उ सब कल एक सं गल शयइूसेयकस अव् रद ओकरय प चढश शोग प फेक दल शल। 42 एह िरह सल उ शोग बहि शोग कल घययश क दल शल अव् रद क्छ शोग कल जेदन प ेयर दल शल अव् रद सभकल भयगल कल ेजबू र क दल शल, शल ूकन ख्द कशदूसयय कल डकैि कल ि उ शोग खजयनय कल बगश े​े ओकरय कल ेयर दल शल। 43 एहद सल ेल नलशस पर आरोप शगयवश गइश। 44 रयजय जब सोरस े​े अईशल ि सदनलट सल भलजश िदन आदेद उन्कय सोझय े् कदेय चशयवल शगशल । 45 शल ूकन ेल नलशस अब दोदद हो गईशय कल बयद डोरदेल नलस कल बल टय टोशल ेद सल वयदय कईशल ूक जदद उ रयजय कल ओकरय सल ूयन करदहल ि उन्कय कल बहि पईसय दल ूदहल । 46 िब टोशल ेद रयजय कल हवय शल जयए कल िरह एगो गशयरद े​े शल गईशल ।


47 एिनय ूक ऊ ेल नलशस कल आरोप सल े् क कर ूदहशन, जल बयवजू द ऊ सब बदेयूद कल कयरा रहल , आ ओह गरदब शोग कल, जल करय कल अगर ऊ शोग आपन बयि बिवशल रूहि, हू , ूसूथयन शोग कल सयेनल , ूनद्द ेयनश रूहि, ि ऊ ओह शोग कल ेौि कल सजय स् नवशल . 48 एह िरह सल जल शोग ूहर, जनिय आ पूव् बिान खयूिर ेयेशय कल पयशन करि रहल , उ शोग कल ज्दए अनयय कल सजय ूेश गईश। 49 एहद सल सोर कल शोग भद ओह द् ष कये सल घृाय सल उनकरय कल आदर सल दफनय ूदहश। 50 आ एहद सल सतयधयरद शोग कल शोभ सल ेल नलशस अबूहयों अूधकयर े​े रहशन, द् भया वनय े​े बढि गइशन आ नयगररकन कल बहिल गदयर बनि रहशन. अध्य 5 के ब् 1 शगभग ओहद सेय एख्ओकस ूेस कल दू सरय यय्य कल िैययरद कईशल । 2 आ िब भइश ूक पूरय ूहर े​े शगभग चयशदस ूदन िक घ्डसवयर शोग सोनय कल कपडय े​े आ शयं स सल शै स, सै ूनकन कल दश ूनहन हवय े​े दौडि दल खश गईश। 3 ढयश, पयईक कल भदड, िशवयर खदच ं ि, बया फेकि, सोनय कल आभूदा आ हर िरह कल हयन्स कल चेकि, एक दू सरय सल टकरयव आ दौडि घ्डसवयरन कल दश। 4 एहद सल हर आदेद पयथानय करि रहल ूक उ पकटदकरा भशयई े​े बदश जयव। 5 जब एगो झूठ अफवयह स् नयई पडश ूक जइसल एख्ओकस कल ेौि हो गइश होखल, ि ययसोन के सल के एक हजयर आदेद कल शल कल अचयनक ूहर पर हेशय कर ूदहशस। दल वयशन पर रहल वयशय शोग कल पदछल छोड ूदहश गइश आ ूहर कल शं बय सेय िक शल ूशहश गइश, ेल नलशस ेहश े​े भयग गइशन। 6 शल ूकन जल सन अपनय नयगररकन कल ूबनय कवनो दयय कल ेयर ूदहशल , ई नय सोचशल ूक अपनय रयष् कल ओह शोग कल ूदन पयवश ओकरय खयूिर बहि द् खद ूदन होई। बयूकर ई सोच कल ूक ऊ शोग ओकर द् शन रहश बय, ओकर दल ूवयसद नय, जल करय कल ऊ जदि ूशहशल . 7 बयूकर एह सब कल चशिल ऊ ररययसि नय ूेशश, बयूकर आखखर े​े अपनय दल ूदोह कल इनये खयूिर शयज ूेशश आ ऊ फलर सल अमोनद शोग कल दल ू े​े भयग गइशन. 8 अं ि े​े अरब कल रयजय अरल ियस कल सयेनल आरोप शगयवश गइश, ूहर सल ूहर भयगि रहशन, सब शोग कल पदछय कइशन, कयनून कल तयग करल वयशय कल रप े​े नफरि कइश गइशन आ ओकरय कल ख्शय द् शन कल रप े​े ूघनौनय कइश गइशन अपनय दल ू आ दल ूवयसद शोग कल ूेस े​े फेक ूदहश गइश। 9 एह िरह सल जल बहि शोग कल अपनय दल ू सल भगय ूदहशल रहल , ऊ परदल सद दल ू े​े नयू हो गइश, आ ऊ अपनय ररशल दयरन कल कयरा सल सहययिय पयवल कल सोचि रहल । 10 जल बहि शोग कल ूबनय दफन कल बयहर ूनकयशशल रहल , ओकरय शगल कलह कल ूोक ेनयवल वयशय नय रहल , नय हद कवनो गं भदर अं ूिे सं सयर करल वयशय रहल , नय हद ओकरय प्रखय शोग कल सं गल कब े​े रहल । 11 जब इ बयि रयजय कल गयडद कल शगल पहं चश ि उन्कय शयगश ूक यहूदयय ूवदोह कईशल बय। 12 ऊ अपनय य्​्के् शोग कल आजय ूदहशन ूक जल करय सल ूेशल शय ओकरय कल ेि छोडश जयव आ घर पर चढश शोग कल ेयरश जयव. 13 एह िरह सल छोट-बड कल हतय होि रहल , ेरद-ेल हरयर आ शइकयशइकद कल हटयवश गइश, क्ंवयरद आ ू​ू​ू् कल हतय होि रहल । 14 पूरय िदन ूदन कल भदिर चौदह हजयर शोग कल नयू हो गइश, जवनय े​े सल चयशदस हजयर शोग एह शडयई े​े ेयरश गइश। आ ेयरश गइश सल के नय बल चश गइश.

15 िबो ऊ एह बयि सल सं ि्ष नय भइशन, बश् क पूरय द् ूनयय कल सबसल पूव् ें ूदर े​े जयए कल घें ड कइशल । ेल नलशस, ऊ कयनून कल गदयर, आ अपनय दल ू कल, आपन ेयगा दूाक होखशय कल नयिल : 16 ऊ पूव् बिान कल दू ूदि हयथ सल शल कल आ अपूव् हयथ सल ओह चदजन कल उियर कल ूगरय ूदहशन जवन दोसरय रयजय शोग कल ओर सल ओह जगह कल बढयवल आ ेूहेय आ समयन खयूिर सेूपाि कइश गइश रहल । 17 एख्ओकस कल ेन े​े एिनय घें डद रहल ूक उ इ नय सोचशल ूक ूहर े​े रहल वयशय शोग कल पयप खयूिर पभ् क्छ सेय खयूिर नयरयज बयडल अव् रद एहदसल उन्कर नजर ओ जगह प नय रहल । 18 कयहल ूक अगर ऊ शोग पूहशल बहिल पयप े​े नय शपलटश रूहि ि एह आदेद कल अइशय पर ि्रिल कोडय ेयरश गइश रूहि आ हल ूशयोडोरस जइसन ूक रयजय सल श्कस खजयनय दल खल खयूिर भलजशल रहशल . 19 ूफर भद परेल शर शोग कल जगह कल खयूिर नय च्नशल , बखल दू र कल जगह कल शोग कल खयूिर च्नशल । 20 एहद सल उ जगह जवन रयष् कल सयथ भइश ूवपूत े​े भयग शल शल रहल , बयद े​े पभ् कल ओर सल भलजश शयभ कल बयरल े​े बियवि रहल ेल श ूेशयप होकल एकरय कल पूरय ेूहेय कल सं गल ययूपि कईश गईश। 21 जब एख्ओकस ें ूदर सल हजयर आठ सौ टोशय ूनकयश ूशहशल ि ज्बयजद े​े अं ियूकयय चश गइशन आ अपनय घें ड सल ूक ऊ दल ू कल जहयज चशयवल शययक बनयवल आ से्ं दर कल पैदश चशल शययक बनयवल , उनकर ेन कल घें ड अईसन रहल । 22 ऊ रयष् कल परल ूयन करल खयूिर रयजपयश छोड ूदहशन, यरूशल े े​े ूफूशप, अपनय दल ू खयूिर फदूगयन आ ओकरय कल ओूहजय रखल वयशय सल भद बबा र आचरा खयूिर। 23 गयरदूजे े​े एं ड्ोूनकस कल नये रहल । आ एकरय अशयवय ेल नलशस, जल बयकद शोग सल भद ब् रय नयगररकन पर भयरद हयथ उठवशल, अपनय दल ूवयसद यहदद शोग कल खखशयफ द् भया वनयपूा​ा ूदेयग रखशल । 24 ऊ घृूाि सरगनय अपोशोूनयस कल भद दू बदस हजयर सल नय कल सयथल भलज कल आजय ूदहशन ूक ऊ सब उूेर कल शोग कल ेयर दद ं आ ेल हरयर आ छोटकय शोग कल बल चल। 25 ऊ यरूशल े आकल ूयं ूि कल नयटक करि ूवशये कल ूदन कल पूव् ूदन िक नय छोडशल , जब यहदद शोग कल पूव् ूदन ेनयवल कल सेय उ अपनय आदेद कल हूथययर बनयवल कल आदल ू दल शल। 26 एहद सल उ सब कल ूदन ेनयवल जयए वयशय सब शोग कल ेयर दल शल अव् रद हूथययर शल कल ूहर े​े दौडि-दौडि बहि भदड कल ेयर दल शल। 27 शल ूकन यहदय ेकयूबयस नौ गो अउरद शोग कल सयथल जं गश े​े हट गइशन आ जयनवरन कल िरदकय सल पहयड पर अपनय दश कल सयथल रह गइशन, जवन शोग शगयियर जडद-बू टद कल खयि रहल , ियूक ऊ शोग एह पदू दा कल ूहसय नय होखल। अध्य 6 के ब् 1 एकरय क्छ दल र बयद रयजय एथेस कल एगो ब् ढ आदेद कल भलजशल ूक उ यहदद शोग कल अपनय प्रखन कल ूनये सल हट कल परेल शर कल ूनये कल पयशन नय करल खयूिर ेजबू र करस। 2 यरूशल े कल ें ूदर कल भद दू ूदि करल खयूिर आ ओकरय कल बृ हसूि ओशं ूपयस कल ें ूदर कहश। आ ूक गरदूजे े​े , बृ हसूि कल परदल सद शोग कल रकक, जइसल ूक ऊ शोग चयहि रहल ूक ओह जगह पर रहल शय. 3 एह बदेयूद कल आवल सल शोग कल कष आ द् खद रहल । 4 कयहल ूक ें ूदर े​े गै र-यहदद शोग बवयश आ ेसद सल भरश रहल , उ शोग वल शय कल सं गल खलशि रहशल अव् रद पूव् ययन कल चकर े​े ेूहशय शोग सल सं बंध बनयवि रहशल अव् रद एकरय अशयवल उ शोग कल सं गल जवन कये नय रहल , उ शोग भद शल आवि रहशल । 5 वल दद भद अू्​् चदजन सल भरश रहल , जवनय कल ववयय ेनय करल शय।


6 नय हद कवनो आदेद कल सब कल ूदन भय प्रयन उपवयस कल पयशन कइश आ नय हद अपनय कल यहदद बियवल कल जययज रहल । 7 रयजय कल जने कल ूदन हर ेहदनय ओह शोग कल कड्आ ेजबू रद े​े बूश कल खयए खयूिर शल आवश जयि रहल । आ जब बै कस कल वि ेनयवश गइश ि यहदद शोग कल आइवद शल कल ज् शूस े​े बै कस जयए कल पडश। 8 िोशल ेद कल स् झयव सल यहदद शोग कल खखशयफ गै र-यहदद कल पडोसद ूहरन े​े एगो आदल ू ूनकशश ूक उ शोग भद उहल िरदकय कल पयशन करस आ अपनय बूशदयन े​े भयग शल वल। 9 जल गै र-यहदद शोग कल ू​ूषयचयर कल े् ियूबक नय होखल कल चयहि ओकरय कल ेयर ूदहश जयई। िब ूययद कवनो आदेद विाेयन द् दाूय दल खशल होई। 10 कयहल ूक दू गो ेल हरयर शल आवश गइश रहशद जल अपनय शइकन कल खिनय कइशल रहशद। जब उ शोग ख्श कल ूहर कल चयरों ओर घ्ेय कल शईकन कल छयिद कल हयथ े​े शल कल दल वयश सल ूसर सल नदचल ूगरय दल शल। 11 आउर क्छ शोग जल सब कल ूदन कल ग् प रप सल ेनयवल खयूिर पयस कल ग् फय े​े भयगश रहशल , ूफूशप्स कल पिय चशश, उ सब एक सं गल जरय ूदहश गईशल, कयहल कद उ शोग सबसल पूव् ूदन कल समयन खयूिर अपनय कल ेदद करल कल ूववल क बनवशल रहशल । 12 अब हे एह ूकियब कल पढल वयशय शोग सल ूनहोरय करि बयनद ूक उ शोग एह ूवपूतयन सल हिोतयूहि ेि होखस, बखल उ शोग ओह सजय कल ूवनयू खयूिर नय, बश् क हेनद कल जयूि कल सजय दल वल खयूिर सेझल। 13 कयहल ूक ई उनकर बहि भशयई कल ूनूयनद ह जब द् ष शोग कल ढल र ूदन िक कष नय ूेशल शय, बखल ि्रंि सजय ूेश जयशय। 14 कयहल ूक जब िक उ शोग अपनय पयप कल पूरय नय हो जयई, िब िक पभ् धदरज सल सजय दल वल कल कये नय करल शल , जईसल ूक बयकद जयूि कल सं गल नय। 15 कहद ं पयप कल चरे पर आकल बयद े​े हेनद कल बदशय नय शल वल। 16 एहद सल उ हेनद सल आपन दयय कबो नय हट पयवल शय आ भशल हद उ ूवपूत कल सजय दल वलशय, शल ूकन उ अपनय शोग कल कबो नय छोडल शय। 17 शल ूकन हेनद कल जवन बयि कहशल बयनद जय, उ हेनद कल चलियवनद कल रप े​े होखल। आ अब कय हेनद कय क्छ ूबन े​े ेयूेशय कल घोदाय पर आ जयईं जय. 18 एूशययजर, जल एगो पे् ख ूयसद रहशल , उ ब् ज्गा रहशल अव् रद उन्कर चलहरय बहि पसं द रहल , उन्कय कल े्ं ह खोशल अव् रद स् अर कल ेयं स खयए कल ेजबू रद रहल । 19 बयूकर ऊ अइसन ूघनौनय कये सल दयगदयर ूजए सल बल सद ेूहेय सल ेरश पसं द कइशन आ ओकरय कल थूक कल अपनय ेज् सल ययिनय े​े आ गइशन. 20 जइसल उ शोग आवल कल चयहद,ं उ शोग अइसन चदजन कल खखशयफ खडय होखल कल सं कल शल शल बय, जवन जदवन कल पले कल सयद शल वल कल जययज नइखल। 21 शल ूकन जल शोग ओह आदेद सल प्रयन पररचय कल चशिल ओकरय कल एक ओर शल जयकल ओकरय सल ूनहोरय कईशल ूक उ अपनय खयनय कल ेयं स शल आवल , जवन ूक ओकरय कल इसल ेयश करल कल अन्ेूि रहल अव् रद ओकरय कल अयदसन बनयवल कल चयहद रयजय कल आजय कल बूशदयन सल ूशहश ेयं स खइशल रहशल । 22 अइसन कइशय सल ऊ ेौि सल े् क हो सकल आ ओह शोग कल सयथल प्रयन दोसद कल अन्गह पयवल । 23 बयूकर ऊ सेझदयरद सल ूवचयर करल शगशन, जइसल ूक उनकर उूेर, आ अपनय प्रयन सयशन कल शल रिय, आ उनकर धू सर ेयथय कल समयन, जवनय पर उनकर सबसल ईेयनदयर ू​ूकय ूेशश रहल , भय कहश जयव ि पूव् कयनून कल बनयवश आ... भगवयन कल ओर सल ूदहश गईश रहल, एहसल उ उन्कय कल ि्रंि कब े​े भलजल कल इचय कईशल ।

24 उ कहशल ूक हेनद कल उेर कल कवनो िरदकय सल नय होखल कल चयहद ूक हेनद कल कवनो पकयर कल रप े​े दल खयई दल वल कल चयहद, जवनय सल बहि नवहद सोच सकलशल ूक एूशययजर कल उेर चौडस सयश कल होखशय कल चशिल अब कवनो परययय धेा े​े चश गईश बय। 25 आ एहद सल उ शोग हेरय पयखंड सल क्छ सेय अव् रद एक पश अव् रद ूजए कल इचय रयखलशल, हेरय सल धोखय हो जईहल अव् रद हे अपनय ब् ढयपय कल दयग शगय दल नद अव् रद ओकरय कल ूघनौनय बनय दल नद। 26 भशल हद हे अभद िक आदेद कल सजय सल े् क हो जयईब, शल ूकन हे सवा ूखकेयन कल हयथ सल नय बचद, नय ूजं दय, नय ेरश। 27 एह सल अब हे अपनय कल अइसन आदेद कल दल खय दल ब जवनय कल हेयर उूेर कल जररि बय। 28 आ जवयन शोग खयूिर एगो उललखनदय उदयहरा छोड दद ं ूक ऊ शोग आदरादय आ पूव् ूनयेन खयूिर सलचय सल आ ूहमि सल ेर जयव. इ बयि कहशय कल बयद उ ि्रिल ययिनय े​े चश गईशल । 29 जल शोग ओकरय कल भशयई कल बदशल कल नलिृत करि रहल , उ शोग ओकरय कल िनद पूहशल नफरि े​े डयश दल शल रहल , कयहल ूक पूहशल कल बयि, जईसल ूक उ शोग सोचशल रहशल , हियू ूदेयग सल ूनकशश रहल । 30 जब उ कोडय ेयर कल ेरल कल िैययर हो गईशल ि उ करयह उठशल अव् रद कहशल , “पूव् जयन वयशय पभ् कल इ सयफ बय ूक जब िक हे ेौि सल े् क हो सकि रहनद, शल ूकन अब हे ूपटयई सल ूरदर े​े बहि ददा सहि बयनद : शल ूकन आाय े​े ई सब कष उठयवल े​े सं ि्ष बयनद, कयहल ूक हे ओकरय सल डल रयि बयनद। 31 आ एह िरह सल ई आदेद ेर गइश, अपनय ेौि कल एगो उदयत सयहस कल उदयहरा छोड कल, आ सद् ग् ा कल ययदगयर बनय कल, खयशद नवहद शोग खयूिर नय, बश् क अपनय पूरय रयष् खयूिर। अध्य 7 के ब् 1 सयि भयई शोग कल ेयई कल सयथल पकड कल रयजय कल दयरय कयनून कल खखशयफ स् अर कल ेयं स कल सयद शल वल खयूिर ेजबू र कईश गईश| 2 शल ूकन पूहशल बोशल वयशय शोग े​े सल एगो कहशस ूक, िू हेनद सल कय पूछश चयहि बयडू ूक कय सदखश चयहि बयडू? हेनद कल अपनय प्रखन कल ूनये कल उलंघन करल कल बजयय, ेरशय खयूिर िैययर बयनद जय। 3 िब रयजय ग् सय े​े आकल कडयहद आ कडयहद कल गरे करल कल आदल ू ूदहशन। 4 ऊ ि्रिल गरे भइशल आजय ूदहशन ूक जल पूहशल बोशि रहल ओकर जदभ कयट कल ओकरय दल ह कल अं ूिे ूहसय कल कयट ूदहश जयव, बयकद भयई आ ेयई दल खि रहशल । 5 जब उ अपनय सब अं ग कल अईसन रप सल अपंग हो गईशल, ि उ अभद ूजं दय रहशय कल बयद ओकरय कल आग े​े शल आकल कडयहद े​े िशल कल आदल ू दल शल अव् रद कडयहद कल वयष बहि जगह प ूबखरय गईशल , एहसल उ शोग एक आदेद कल ूनहोरय कईशल दोसरय कल ेहियरद कल सं गल ेदया नय िरदकय सल ेर जयए कल, इ कहि ूक 6 पभ् परेल शर हेनद कल दल खि बयडन आ सयू चह हेनद े​े ूदशयसय दल ि बयडन, जइसल ूक ेू सय अपनय गदि े​े , जल ओह शोग कल चलहरय कल गवयहद दल ि कहशल रहशल ूक, “उ अपनय सल वकन सल ूदशयसय ूेश जयई.” 7 जब एह सं खय कल बयद पूहशय कल ेौि हो गईश ि दू सरय कल ेजयक उडयवल खयूिर शल अईशल अव् रद बयश सल ओकर ेयथय कल खयश उियर कल पूछशल ूक, “कय िू खयए कल चयहि बयडू, एहसल पूहशल ूक िोहरय पूरय सजय ूेश जयई।” िोहरय ूरदर कल हर अं ग कल? 8 शल ूकन उ अपनय भयदय े​े जवयब दल कल कहशस ूक नय, एहद सल उहो अूगशय ययिनय कल के सल ूेशश, जईसल ूक पूहशय कल भईश रहल । 9 जब ऊ आखखरद े​े हयं फि कहशल , “िू हेनद कल कोध ूनहन हेनद कल विाेयन जदवन सल बयहर ूनकयश दल शल बयडू, शल ूकन द् ूनयय कल रयजय हेनद कल, जल अपनय ूनये खयूिर ेर च्कश बयनद, अनन जदवन खयूिर ूजं दय करदहल ।”


10 ओकरय बयद िदसरय कल ेजयक उडयवश गइश आ जब ओकरय सल ेयू ग भइश ि ऊ आपन जदभ ूनकयश ूदहशन आ ऊ ठदक ज्द हयथ बढय ूदहशन. 11 ऊ ूहमि सल कहशस, “ई सब हेरय शगल सगा सल ूेशश बय। आ ओकरय ूनयेन खयूिर हे ओह शोग कल ूिरसयर करि बयनद. आ ओकरय सल हे आूय करि बयनद ूक हे ओह शोग कल फलर सल पयईब. 12 रयजय आ ओकरय सयथल कल शोग ओह नवहद कल ूहमि दल ख कल अचरज े​े पड गइशन कयहल ूक ऊ एह पदडय कल क्छ नय दल खि रहशल . 13 जब इ आदेद भद ेर गईश ि उ शोग चउथय कल ओसहद िडपि अव् रद चकनयचूर क दल शल। 14 जब ऊ ेरशय कल िइययर हो गइशन ि ऊ कहशन ूक, “अचय बय ूक आदेद कल ेयर ूदहश गइश बय ूक भगवयन सल आूय कल इं िजयर करदं ूक रउरय ूजं दय हो जयईं. 15 ओकरय बयद उ शोग पयं चवय कल भद शल कल आकल ओकरय कल चकनयचूर क दल शल। 16 िब ऊ रयजय कल ओर दल खशन आ कहशन, “िोहरय आदेद पर अूधकयर बय, िू नयू होखल वयशय बयडू, िू जवन ेन करल ओकरय कल करि बयडू। िबो ई ेि सोचद ं ूक हेनद कल रयष् भगवयन कल छोड ूदहश गइश बय; 17 क्छ दल र रक कल दल खऽ ूक ऊ िोहरय आ िोहरय वं ूज कल कइसल सियई। 18 उनकरय बयद छठवयू कल भद शल अइशल , जल ेरशय खयूिर िइययर होकल कहशस, “बल वजह धोखय ेि खयईं, कयहल ूक हेनद कल अपनय खयूिर ई सब कष उठयवि बयनद जय, कयहल ूक हेनद कल अपनय परेल शर कल खखशयफ पयप कइशल बयनद जय, एहद सल हेनद कल सयथल अद् भ्ि कये होशय। 19 परेल स् वर कल खखशयफ शडयई करल कल हयथ पकडल वयशय िू ई ेि सोचऽ ूक िू ूबनय सजय कल बयच जयईं। 20 शल ूकन उ ेहियरद सब सल जयदल अद् भ्ि रहशद अव् रद इजिदयर ययद कल शययक रहशद, कयहे कद जब उ अपनय सयि बल टय कल एक ूदन कल भदिर ेयरश दल खशद ि उ बहि ूहमि सल ओकरय कल जन दल शद, कयहे कद उन्कय पभ् सल जवन उमदद रहल । 21 हू , उ ूहमि सल भरश हर एक कल अपनय भयदय े​े उपदल ू दल ि रहशद। आ ेरदयनय पलट सल अपनय नयरद कल ूवचयर कल उकसयवि कहशद। 22 हे ई नइखद ं बिय सकि ूक िू शोग हेरय पलट े​े कइसल आइश बयडऽ, कयहल ूक हे िोहनद कल नय ि सयू स दल शल बयनद नय जदवन, आ नय हे िोहनद े​े सल हर एक कल अं ग बनवशल बयनद। 23 शल ूकन ूनसंदलह द् ूनयय कल रचूयिय, जल आदेद कल पदढद बनवशल आ सब चदजन कल ू्रआि कल पिय शगय शल शल, उहो अपनय दयय सल िोहनद कल फलर सल सयू स आ जदवन दल ूदहल, कयहल ूक िू शोग अब ओकरय ूनये कल ूहसयब सल अपनय कल नय ेयनि बयडऽ। खयूिर. 24 एं ूटयोकस अपनय कल ूिरसयर करल वयशय सेझ कल आ छोटकय ूजं दय रहशय पर एकरय कल ूनंदय करल वयशय बयि सेझ कल नय खयशद बयि सल सशयह ूदहशल , बश् क कसे सल भद भरोसय दल शल ूक उ ओकरय कल अेदर आ ख्ूहयश द् नो बनय ूदहल आदेद, अगर ऊ अपनय बयपदयदय कल ूनये सल े्ू ह ेोड शल ि; आ इहो ूक ऊ ओकरय कल आपन दोस बनय कल कये े​े भरोसय करद. 25 शल ूकन जब उ य्वक कवनो िरदकय सल ओकर बयि नय ेनशल ि रयजय अपनय ेहियरद कल बोशवशल अव् रद उन्कय कल ूनहोरय कईशल ूक उ य्वक कल उन्कर जयन बचयवल खयिद सशयह दल स। 26 जब ऊ ओकरय कल बहि बयि सल सशयह ूदहशन ि ऊ ओकरय सल वयदय कइशद ूक ऊ अपनय बल टय कल सशयह ददहे . 27 बयूकर ऊ कूर अतयचयरद कल ूिरसयर सल हू सि ओकरय ओर झ्क कल अपनय दल हयिद भयदय े​े एह िरह सल बोशशद। हल बल टय, हेरय पर दयय करऽ ूक िोहरय कल हेरय पलट े​े नौ ेहदनय जने ूदहशस, आ िोहरय

कल अिनय िदन सयश दल ूदहशस, िोहरय कल पोसशल बय, आ िोहरय कल एह उूेर े​े शल आइश बय, आ पढयई कल परल ूयनद झलशनद। 28 हल बल टय, हे िोहरय सल ूनहोरय करि बयनद ूक, आकयू आ धरिद आ ओकरय े​े ेौजू द सब चदजन कल दल खऽ आ ई सोचऽ ूक परेल शर ओह चदजन सल बनवशल बयडन जवन नय रहल । आ ेयनव जयूि कल भद ओइसहद ं बनयवश गइश। 29 एह सियवल वयशय सल ेि डल रयह, बश् क अपनय भयई शोग कल शययक होखशय कल चशिल आपन ेौि शल शदं ियूक हे िोहरय कल फलर सल िोहरय भयई शोग कल सयथल दयय सल गहा कर सकदशल । 30 जब उ इ बयि कहि रहशद ि य्वक कहशस, “िू कलकरय कल इं िजयर करियनद? हे रयजय कल आजय कल पयशन नय करब, शल ूकन हे उ ववयय कल पयशन करब जवन ेू सय कल दयरय हेनद कल पूवाज कल ूदहश गईश रहल । 31 इबयूनयन कल खखशयफ हर िरह कल बदेयूद करल वयशय िू परेल शर कल हयथ सल नय बचद। 32 कयहल ूक हेनद कल पयप कल चशिल कष उठयवल नद जय। 33 अगर ूजं दय पभ् हेनद कल सजय आ स् धयर खयूिर हेनद पर िनद दल र नयरयज हो जयस् िबो ऊ अपनय सल वकन सल फलर सल एक हो जइहे . 34 हल अभक आदेद आउर सब द् षन े​े सल , िू बल वजह उठश ेि होखऽ, नय हद अूनूयि आूय सल आपन हयथ उठय कल भगवयन कल सल वकन कल खखशयफ हयथ उठयईं। 35 कयहल ूक िू अभद िक सवा ूखकेयन परेल शर कल नयय सल नई बयचश, जल सब क्छ दल खलशल। 36 कयहल ूक हेनद कल भयई शोग, जल अब क्छ सेय कल कष भोगशल बय, उ शोग परेल शर कल अनन जदवन कल वयचय कल िहि ेर गईश बयडल , शल ूकन िू परेल शर कल नयय कल दयरय अपनय घें ड कल नययसं गि सजय पयईब। 37 शल ूकन हे अपनय भयई शोग कल रप े​े अपनय प्रखन कल ूनये कल खयूिर आपन ूरदर आ जयन अूपाि करि बयनद आ परेल शर सल ूनहोरय करि बयनद ूक उ ज्द सल हेनद कल जयूि पर दयय करस। आ िू​ू ययिनय आ ूवपूत सल कबू श करऽ ूक ऊ अकलशल भगवयन हवे । 38 आ हेरय आ हेरय भयई शोग े​े सवा ूखकेयन कल कोध खिे हो जयव जवन हेनद कल रयष् पर नययसं गि रप सल आइश बय। 39 रयजय कल ग् सय े​े आकल ओकरय कल बयकद शोग सल भद ब् रय सौंप ूदहशस अव् रद उन्कय कल ेजयक उडयवश गईश। 40 ई आदेद ूनद्द ेर गइश आ पभ् पर आपन पूरय भरोसय रखशस। 41 आखखर े​े बल टय कल बयद ेहियरद कल ेौि हो गईश। 42 ेू ूिापूजय कल भोज आ बल हद ययिनय कल बयरल े​े कहशय सल अब इहल कयफद होखल। अध्य 8 के ब् 1 िब यहदय ेकयबस आ उनकर सयथ कल शोग ग् प रप सल ूहरन े​े जयकल अपनय ररशल दयरन कल बोशवशल आ यहदद धेा े​े रहल वयशय सब शोग कल अपनय शगल शल कल शगभग छह हजयर आदेद कल ज् टय ूशहशल । 2 उ शोग पभ् सल प्कयरि रहशल ूक उ ओह शोग कल दल खस जवन सबकल दबयवश बय। आ अभक शोग सल अपूव् ें ूदर पर भद दयय करदं। 3 आ ूक ऊ ूहर पर दयय करद, जवन बहि ूबगडश बय आ जेदन कल सयथल भद बनयवल खयूिर िइययर बय। आ ओकरय सल प्कयरि खून कल स् नऽ। 4 आ हयूनरूहि ू​ू​ू् कल द् ष कत आ ओकर नये कल ूनंदय कल ययद करदं। आ ूक ऊ द् षन सल आपन नफरि दल खयवल . 5 जब ेकयूबयस अपनय सं गल-सं गल रहशल ि उन्कय कल गै र-यहदद शोग कल सयेनय नय क सकश, कयहे कद पभ् कल कोध दयय े​े बदश गईश।


6 एहद सल ऊ अनजयनल े​े आकल ूहर आ नगरन कल जरय ूदहशन आ सबसल भरश जगहन कल अपनय हयथ े​े आ गइशन आ अपनय द् शनन कल हरय कल भगय ूदहशन। 7 शल ूकन खयस िौर प उ रयि कल फययदय उठयवि अयदसन ग् प पययस कईशल, एिनय ूक उन्कर पूव्िय कल फश हर जगह पसर गईश। 8 जब ूफूशप दल खशन ूक ई आदेद धदरल -धदरल बढि जयि बय आ ओकरय सयथल कये अउरद बढ रहश बय, ि ऊ सल शोूसररयय आ फदनदक कल गवनार टोशल ूेयस कल ूशखशन ूक रयजय कल कये े​े अउरद सहययिय ूदहश जयव. 9 िब ि्रिल पैट्ो​ोस कल बल टय ूनकयनोर कल च्न कल, जवन ूक अपनय खयस दोसन े​े सल एगो रहशल , ओकरय कल अपनय अधदन सब रयष् कल बदस हजयर सल के नय भलजशल , ियूक उ यहदद शोग कल पूरय पदढद कल जड सल उखयड फेकल। आ ओकरय सयथल ऊ गोूगा ययस एगो कपयन भद ज् ड गइशन, जल करय य्​् कल ेयूेशय े​े बहिल अन्भव रहल . 10 ूनकयनोर बं दद यहदद शोग सल एिनय पईसय केयए कल ूजमय शल शल ूक रयजय कल रोेन कल दल वल कल रहल , जवन ूक द् हजयर िोशय कल कर च्कयवल कल रहल । 11 एहद सल ऊ ि्रिल से् द कल ूकनयरल कल ूहरन े​े भलज ूदहशन आ बं दद यहदद शोग कल ूबकद कल घोदाय कइशन आ वयदय कइशन ूक ओह शोग कल एक टै शेट े​े चौडयस गो शयू ूेश जयई, कयहल ूक ऊ सवा ूखकेयन परेल शर कल ओर सल उनकरय पर होखल वयशय बदशय कल उमदद नय कइशन। 12 जब यहदय कल ूनकयनोर कल आवल कल खबर आइश आ ऊ अपनय सयथल रहशन कल बिय ूदहशन ूक सल नय कल नजददक आ गइश बय। 13 जल शोग डल रय कल परेल स् वर कल नयय पर अूवशयस करि रहशन, उ शोग भयग गईशल । 14 दू सर शोग जवन क्छ बचश रहल ओकरय कल बल च कल पभ् सल ूनहोरय कईशल ूक उ शोग कल बचयवल , जवन ूक द् ष ूनकयनोर कल ओर सल एक सं गल ूेशशय सल पूहशल बल चश गईश। 15 अगर उ शोग कल खयूिर नय, िबो उ शोग कल पूवाज कल सं गल जवन वयचय कईशल रहशल अव् रद अपनय पूव् अव् रद गौरवूयशद नये कल चशिल, जवनय कल नये सल उ शोग बोशयवश गईश रहशल । 16 एहद सल ेकयूबयस अपनय आदेद कल छह हजयर कल सं खय े​े बोशय कल सशयह ूदहशन ूक द् शन कल भय नय होखल आ नय हद ओह शोग कल खखशयफ गशि िरदकय सल आइश गै र-यहदद शोग कल भदड सल डल रयए। बयूकर ेदया नय सल शडल खयूिर, 17 आऊ ओह शोग कल आू ख कल सोझय रखल खयूिर ूक उ शोग पूव् ययन कल अनयय सल कइश गइश चोट आ ूहर कल कूर ववहयर, जवनय कल ेजयक उडयवशस आ अपनय प्रखन कल ूयसन कल भद छदन ूशहश। 18 उ कहशल ूक उ शोग अपनय हूथययर अव् रद ूहमि प भरोसय करल शल । बयूकर हेनद कल भरोसय सवा ूखकेयन पर बय जल हेनद कल खखशयफ आवल वयशय शोग कल आ पूरय द् ूनयय कल भद ूगरय सकलशय। 19 एकरय अशयवल उ ओ शोग कल बिवशल ूक उ शोग कल प्रखन कल कवन ेदद ूेशश अव् रद उ शोग कल कइसल बचयवश गईश, जब सल नयहल ररब कल सेय े​े एक शयख पचयस हजयर शोग कल ेौि हो गईश। 20 ऊ ओह शोग कल गशयिद कल शोग कल सयथल बल ूबशोन े​े भइश शडयई कल बयरल े​े बिवशल ूक कइसल ऊ शोग चयर हजयर ेूकद् ूनययई शोग कल सयथल क्श आठ हजयर शोग कल कये े​े आइश आ ेूकद् ूनययई शोग अचरज े​े पड गइश आ आठ हजयर शोग एक शयख बदस हजयर शोग कल नयू कर ूदहश कयहल ूक ओह शोग कल सगा सल ूेशश ेदद ूेशश आ एहद सल ओह शोग कल बहिल शू ट ूेशश. 21 एह िरह सल जब ऊ ओह शोग कल एह बयि सल ूहमि क कल कयनून आ दल ू कल खयूिर ेरल खयूिर िइययर हो गइशन ि ऊ अपनय सल नय कल चयर भयग े​े बयू ट ूदहशन. 22 ऊ अपनय भयई शोग कल सयथल ूेश कल ूसेोन, यूस्फ आ योनयिन कल सयथल ूेश कल हर एक कल पनह सौ आदेद ूदहशन।

23 ऊ एूशययजर कल पूव् ूकियब पढल खयूिर ूनय्क कइशन आ जब ऊ शोग कल ई पहरा ूब ूदहशन, “परेल ूवर कल ेदद”। ख्द पूहशय बै ड कल नलिृत करि रहशल , 24 आ सवा ूखकेयन कल ेदद सल ऊ शोग अपनय द् शनन कल नौ हजयर सल अूधकय शोग कल ेयर ूदहश आ ूनकयनोर कल सल नय कल अूधकिर ूहसय कल घययश आ अपंग कर ूदहश आ एह िरह सल सभल कल भयग ूदहश. 25 उ शोग कल खरददल आईश पईसय शल कल दू र िक पदछय कईशल, शल ूकन सेय कल केद कल चशिल उ शोग वयपस आ गईशल । 26 कयहल ूक उ सब कल ूदन सल पूहशल कल ूदन रहल , एहसल उ शोग अब ओ शोग कल पदछय नय करि रहशल । 27 जब उ शोग आपन कवच बटोर कल द् शनन कल शू ट शल शल ि सब कल ूदन े​े वस हो गईशल अव् रद पभ् कल बहि स् ूि अव् रद धनवयद दल ि रहशल , जवन ूक ओ ूदन िक ओ शोग कल बचय शल शल रहशल , जवन ूक उन्कय प दयय कल ू्रआि रहल । 28 सब कल ूदन कल बयद जब उ शोग शू ट कल क्छ ूहसय अपंग, ूवधवय आ अनयथ बचय कल दल दल शल, ि उ शोग कल बचल वयशय ूहसय कल आपस े​े अव् रद अपनय नौकर कल बदच बयं ट दल शल। 29 जब ई कये भइश आ ऊ शोग एगो आे ूनहोरय कइश ि दययश् पभ् सल ूनहोरय कइश ूक ऊ अपनय सल वकन सल हेल ूय खयूिर ेल श ूेशयप कर शल व. 30 ूिे् ूथय्स आ बखकदल स कल सयथल जल शोग ओह शोग सल शडि रहल , ओह शोग े​े सल बदस हजयर सल अूधकय शोग कल ेयर ूदहश आ बहिल आसयनद सल ऊूच आ गढ बनय ूशहश आ आपस े​े अउरद ढल र शू ट बयू ट कल अपंग, अनयथ, ूवधवय बनय ूदहश. आ ब् ज्गा शोग भद अपनय सयथल शू ट कल बरयबर होशय। 31 जब उ शोग आपन कवच बटोर कल सब शोग कल ठदक-ठयक जगह प रखशल अव् रद जवन शू ट कल बचल वयशय ूहसय कल यरूशल े शल आईश रहशल । 32 उ शोग ूफशयक्स कल भद ेयर दल शल, जवन ूक िदे् ूथय्स कल सं गल रहशल अव् रद यहदद शोग कल बहि िरह सल ूचढवशल रहशल । 33 एकरय अशयवय जब उ शोग अपनय दल ू े​े जदि खयूिर भोज ेनयवि रहशल ि उ शोग कूशसदनस कल जरय दल शल रहशल , जवन ूक पूव् फयटक प आग शगय दल शल रहशल , जवन ूक एगो छोट घर े​े भयग गईश रहशल । आ एहद सल ओकरय अपनय द् षिय कल इनये ूेशि रहल । 34 ऊ बहिल अदययश् ूनकयनोर कल बयरल े​े , जल यहदद शोग कल खरददल खयूिर हजयर वयपयररयन कल शल आइश रहल । 35 उ पभ् कल ेदद सल उ शोग कल दयरय ूगरयवश गईश, जल करय बयरल े​े उ के सल के ूहसयब शगवशल । आ आपन गौरवूयशद कपडय उियर कल आपन दश छोड कल एगो भगोडय नौकर ूनहन ेध कल् कल रयसय सल अं ियूकयय पहं चशल , जवनय कल बहि बल इजिद भईश, कयहल कद उन्कर सल नय कल नयू हो गईश। 36 एह िरह सल ऊ जल रसशे े​े बं दद कल ेयधे सल रोेन शोग कल कर दल वल कल ूजमय शल शल रहशल , उ ूवदल ू े​े बिवशल ूक यहदद शोग खयूिर परेल शर बयडल , जवन ूक उ शोग खयूिर शडि बयडल , एहसल उ शोग कल कवनो न्कसयन नय हो सकि रहल , कयहल कद उ शोग ूनये कल पयशन करि रहशल ऊ ओह शोग कल दल ूदहशल . अध्य 9 के ब् 1 शगभग ओहद सेय े​े अखनओकस फयरस कल दल ू सल बल इजिद सल ूनकशश 2 ऊ पस् पोूशस नये कल ूहर े​े घ्स कल ें ूदर े​े शू टपयट करल आ ूहर कल पकडल खयूिर ूनकशश रहशल । जवनय पर हूथययर सल बचयव करल खयूिर दौडि भदड ओह शोग कल भयग ूदहशस। आ अइसहदं भइश ूक एख्ओकस कल ूनवयसद शोग सल भयगल कल बयद शयज सल शवटश।


3 जब ऊ एकबियनल अइशल ि ओकरय कल खबर ूेशश ूक ूनकयनोर आ िदे् ूथय्स कल कय भइश बय। 4 ूफर कोध सल सू जन। ऊ सोचशस ूक ऊ यहदद शोग कल ओह बल इजिद कल बदशय शल बल जवन ओकरय कल भयगयवल वयशय शोग कइशल रहल । एहद सल उ अपनय रथ वयशय कल ूबनय रकशल गयडद चशयवल कल आजय दल शल अव् रद उन्कय पदछल -पदछल परेल ूवर कल नयय कल रयसय छोडल कल आदल ू दल शल। कयहल ूक उ एह िरह कल घें ड सल कहशल रहशल ूक उ यरूशल े आकल ओकरय कल यहदद शोग कल आे दफन जगह बनय ूदहल । 5 शल ूकन इसयएश कल परेल शर सवा ूखकेयन पभ् ओकरय कल एगो शयइशयज आ अदश ूवपूत सल ेयर ूदहशन, भय जइसहदं ऊ ई बयि कहशस, ओकरय पर आं ि कल ददा जवन बल कयर रहल , आ भदिरद अं ग कल ददा नयक ययिनय हो गइश। 6 आ ई सबसल नययसं गि बय कयहल ूक ऊ दोसरय कल आं ि कल बहिल अजदबोगरदब ययिनय दल शल रहशल . 7 बयूकर ऊ घें ड सल क्छ नय रकश, बयूकर िबूहयों ऊ घें ड सल भर गइश, यहदद शोग कल खखशयफ अपनय कोध े​े आग कल सयू स शल ि आ यय्य े​े ज्बयजद करल कल आदल ू ूदहशन, बयूकर अइसन भइश ूक ऊ अपनय रथ सल ूगर कल ूगर गइशन आ जोर सल शल जयइश गइशन ; जल करय चशिल उन्कय ूरदर कल सभ अं ग बहि ददा होखि रहल । 8 आ एह िरह सल जल क्छ पूहशल सोचशल रहल ूक ऊ से्ं दर कल शहरन कल आजय दल सकलशय, (उ आदेद कल हयशि सल परल एिनय घें डद रहल ) आ ऊूच पहयडन कल िरयजू े​े िौश सकलशय, अब जेदन पर फेकश गइश आ घोडय कल चयशक े​े शल जयइश गइश , परेल शर कल सब पगट ूखक कल दल खयवि। 9 एहद सल एह द् ष कल दल ह सल कदडय उठश आ जब ऊ द् ख आ पदडय े​े ूजयि रहल िब ओकर ेयं स ूगर गइश आ ओकर गं ध कल गं दगद ओकरय पूरय सल नय कल ूोरग् श कर ूदहशस। 10 आ ऊ आदेद जल िनद पूहशल सोचशल रहल ूक ऊ सगा कल ियरय िक पहू च सकलशय, कलह अपनय असहनदय बदबू कल ढोवल कल नय सह पवशस। 11 एहद सल ऊ िडपि आपन बडहन घें ड छोडल शगशन आ भगवयन कल पकोप सल अपनय कल जयनल शगशन आ हर पश उनकर पदडय बढि गइश। 12 जब ऊ ख्दल अपनय गं ध कल नय पयशन कर पवशल ि उ इ ूब कहशल, इ बयि भगवयन कल अधदन होखल कल ूेशश बय, अव् रद जवन आदेद नशर कल अपनय बयरल े​े गवा सल नय सोचल कल चयहद, जदद उ भगवयन रहशल ि. 13 ई द् ष आदेद पभ् सल भद पा कइशस ूक अब उनकरय पर दयय नय करद। 14 उ पूव् नगर कल (जवनय े​े उ ज्द सल जेदन कल सं गल ूबछयवल अव् रद एकरय कल आे दफन कल जगह बनयवल े​े जयि रहशल ) कल छोड दल स। 15 ऊ यहदद शोग कल बयरल े​े , जल करय कल ऊ दफनयवल शययक नय ेयनशल रहशल , बश् क अपनय शइकन कल सयथल बयहर ूनकयश कल ूचरई-च्रंग आ जं गशद जयनवरन कल खयए खयूिर, उ सब कल एथेस कल नयगररकन कल बरयबर बनय दल शल रहशल । 16 पूव् ें ूदर जवन उ पूहशल शू ट शल शल रहशल , उ बूढयय वरदयन सल सजयवि रहशल , अव् रद बहि पूव् बिान कल बहयश करि रहशल अव् रद अपनय आेदनद सल बूशदयन कल ू्ल च्कयवि रहशल । 17 हू , आ ईहो ूक ऊ ख्द यहदद बन जइहे आ पूरय द् ूनयय े​े जयकल परेल शर कल ूखक कल घोदाय करदहे । 18 शल ूकन एह सब कल बयद उनकर पदडय नय रकश, कयहल ूक परेल शर कल नययपूा​ा नयय उनकरय पर आ गईश रहल , एहसल उ आपन सयव सल ूनरयू होकल यहदद शोग कल इ ूचटद ूशखशल , जवनय े​े ूनहोरय कल रप रहल ।

19 रयजय आ रयजपयश एख्ओकस अपनय नयगररकन कल अचय यहदद शोग कल बहि ख्ूद, सयव आ सेृ ख् कल कयेनय करल शन। 20 अगर िोहनद आ िोहनद कल शइकय-शइकद कल हयशि ठदक बय आ िोहनद कल कये-कयज िोहनद कल सं िोदजनक होखल ि हे भगवयन कल बहि धनवयद दल ि बयनद कयहल ूक हेयर आूय सगा े​े बय। 21 रहश बयि हेरय कल ि हे केजोर रहनद, नय ि हे िोहयर इजि आ भशयई कल इययद कररि ूक फयरस सल वयपस आकल एगो गं भदर बल ेयरद सल पदूडि होकल हे सबकल सयझय स् रकय कल धयन रयखश जररद सेझि रहनद। 22 हेरय सयव पर अूवशयस नय, बश् क एह बल ेयरद सल बचल कल बहि उमदद बय। 23 शल ूकन इ दल खि ूक हेयर बयबू जद भद कवनय सेय सल नय कल नलिृत करि ऊूच दल ून े​े गईशन। एगो उतरयूधकयरद ूनय्क कइशल, . 24 एह सल ूक अगर कवनो बयि उमदद कल उशट हो गइश भय कवनो द् खद खबर शल आवश जयव ि दल ू कल शोग ई जयन कल ूक हयशि कलकरय खयूिर छोडश गइश बय, ऊ शोग परल ूयन नय होखल। 25 फलर सल सोचि बयनद ूक कइसल हेरय रयज कल सदेयवि् आ पडोसद रयजक्ेयर शोग ेौकय कल इं िजयर करि बय आ उमदद करि बय ूक कय होई। हे अपनय बल टय एख्ओकस कल रयजय बनवशल बयनद, जल करय कल हे अकर ऊूच पयं िन े​े चढि घरद िोहनद े​े सल बहि शोग कल सौंपशल रहनद आ ओकर पूंसय करि रहनद। जल करय कल हे ई ूशखशल बयनद। 26 एह सल हे रउआ सल पयथानय आ ूनहोरय करि बयनद ूक हे जवन फययदय रउआ सभल कल सयेयन रप सल आ ूवूलद रप सल कइशल बयनद ओकरय कल ययद करदं आ हर आदेद हेरय आ हेरय बल टय कल पूि अबूहयों वफयदयर रहद। 27 कयहल ूक हेरय पूरय ूवशयस बय ूक उ हेरय ेन कल सेझ कल िोहयर इचय कल अन्कूश आ कृपय सल झ्क जयई। 28 एह िरह सल हतयरय आ ूनंदय करल वयशय कल सबसल जयदय कष उठयवल कल पडश, जईसल उ दोसरय शोग सल ूनहोरय कईशल , ओसहद उ पहयड कल कवनो परययय दल ू े​े द् खद ेौि हो गईश। 29 ूफूशप्स जल उनकय सयथल पशश बढश रहशल , उनकर शयू शल कल चश गईशल, उ भद एख्ओकस कल बल टय सल डल रय कल ूेस े​े टोशल ूेयस ूफशोेल टोर कल शगल चश गईशल । अध्य 10 के ब् 1 ेकयबस आ उनकर दश, पभ् उनकर ेयगा दूान करि ें ूदर आ ूहर कल वयपस शल ूशहशल । 2 शल ूकन जवन वल दद कल गै र-यहदद शोग ख्शय गशद े​े बनवशल रहल , आ चैपश कल भद, उ शोग उखयड दल शल। 3 ें ूदर कल सयफ क कल ऊ शोग एगो अउरद वल दद बनवशल आ पतर ेयर कल ओह शोग े​े सल आग ूनकयश कल दू सयश बयद बूश चढवशल आ धू प, रोूनद आ रोटद रखशल । 4 जब ई कये भइश ि ऊ शोग सपयट ूगर कल पभ् सल ूनहोरय कइश ूक ऊ शोग अब अइसन सं कट े​े नय पडल । शल ूकन अगर उ शोग ओकरय खखशयफ अव् रद पयप करदहल ि उ ख्द ओ शोग कल दयय सल सजय ूदहल अव् रद उ शोग ूनंदय करल वयशय अव् रद बबा र जयूि कल हयथ े​े नय सौंपल। 5 जवनय ूदन परदल सद शोग ें ूदर कल अपूव् कइश, ठदक ओहद ूदन ें ूदर कल फलर सल ू्​् कइश गइश, उहल ेहदनय कल पयं च बदसवयू ूदन, जवन ूक कयसलू ह। 6 उ शोग आठ ूदन कल ख्ूद सल ेनयवि रहशल , जईसल ूक िमू कल पवा कल सेय े​े रहल, इ ययद करि रहशल ूक बहि ूदन पूहशल उ शोग पहयड अव् रद ेयं द े​े जयनवर ूनहन भटकि रहशल । 7 एहद सल उ शोग डयढ, गोरय डयढ आ ियड कल गयछ भद उठवशल आ उ शोग कल भजन गयवि रहशल , जल उ शोग कल आपन जगह कल ू्​् करल े​े बूढयय सफशिय दल शल रहल ।


8 उ शोग एगो आे ूनये आ फरेयन कल दयरय भद िय कईशल ूक हर सयश उ ूदन पूरय यहदद जयूि कल ेनयवश जयए। 9 एूपफलनदस नये कल एख्ओकस कल अं ि इहल रहल । 10 अब हेनद कल एह द् ष आदेद कल बल टय एख्ओकस यूपटर कल कये कल बयरल े​े बियइब जय आ य्​् कल ूवपूत कल सं कलप े​े बटोरब जय। 11 जब ऊ ियज पर पहू चशल ि ऊ एगो शू ूसयय कल अपनय रयज कल कयेकयज कल दल खरल ख े​े रखशल आ ओकरय कल सल शोसदररयय आ फदनदक कल े् ख रयजपयश ूनय्क कइशल । 12 कयहल ूक टोशल ूेयोस, जल करय कल ेै कोन कहश जयशय, ऊ यहदद शोग कल सयथल जवन गशिद भइश रहल ओकरय खयूिर नयय करल कल बजयय ओह शोग कल सयथल ूयं ूि बनयवल कल कोू​ू​ू कइशस। 13 जब रयजय कल दोसन कल ओर सल यूपटर कल सयेनल आरोप शगयवश गइश आ हर बयि पर गदयर बोशयवश गइश कयहल ूक ऊ सयइपस छोड कल चश गइशन आ ूफशोेल टोर ओकरय कल सौंप कल एख्ओकस एूपफलनदस चश गइशन आ ई दल ख कल ूक ऊ कवनो इजिदयर जगह पर नय रहशन, ऊ अिनय हिोतयूहि हो गइशन , ूक ऊ अपनय कल जहर दल कल ेर गइश. 14 जब गोूगा ययस होलन कल गवनार रहशल ि उ सै ूनकन कल कये पर रखशल रहशल अव् रद यहदद शोग कल सं गल शगयियर शडयई कल पोदा करि रहशल । 15 इद् ेद शोग अपनय हयथ े​े सबसल जयदय खजयनय शल कल यहदद शोग कल कबय े​े रखशल अव् रद यरूशल े सल भगयवश गईश शोग कल सयगि करि य्​् कल पोदा करल शगशल । 16 िब ेकयबस कल सयथल रहश शोग ूनहोरय कइश आ भगवयन सल ूनहोरय कइश ूक ऊ उनकर सहययक बनस। आ एहद सल ऊ शोग इद् ूेयन कल गढन पर ूहं सय कल सयथ दौडश। 17 ऊ शोग ओह शोग पर जोरदयर हेशय करि पकड जदि ूशहश आ दल वयश पर शडयई करल वयशय सब शोग कल रोक ूदहश आ ओह शोग कल हयथ े​े ूगरश सब शोग कल ेयर ूदहश आ बदस हजयर सल के नय ेयर ूदहश. 18 एह सल ूक क्छ शोग जल नौ हजयर सल के नय रहल , एक सं गल द् गो बहि ेजबू ि ेहश े​े भयग गईशल, जवनय े​े घलरयबं दद कल सहन करल खयूिर हर िरह कल सयेयन रहल । 19 ेकयबस ूसेोन आ यूस्फ आ जकलआ आ अपनय सयथल कल शोग कल छोड कल ओह जगहन पर चश गइशन जहयू उनकर ेदद कल अउरद जररि रहल । 20 ू​ूेोन कल सयथल रहश शोग शोभ कल सयथ रहल आ ेहश े​े ेौजू द क्छ शोग कल ेयधे सल पईसय कल खयूिर सतर हजयर ड् यके शल कल उ शोग े​े सल क्छ शोग कल भयग गईश| 21 जब ेकयूबयस कल ई बयि बियवश गइश ूक ऊ शोग कल रयजपयशन कल बोशवशल आ ओह शोग पर आरोप शगवशल ूक ऊ शोग अपनय भयई शोग कल पइसय े​े बल च कल अपनय द् शनन कल ओह शोग सल शडल खयूिर े् क कर ूदहशल बय. 22 जल करय बयद उ गदयर ूेशश शोग कल ेयर ूदहशस अव् रद ि्रंि द् नो ेहश कल अपनय कबय े​े शल शल शस। 23 आऊ अपनय हयथ े​े जवन भद कये े​े आपन हूथययर सल बूढयय कयेययब होकल द् नो होल े​े बदस हजयर सल अूधकय शोग कल ेयर ूदहशस। 24 ूिे् ूथय्स, जल करय कल पूहशल यहदद शोग जदि शल शल रहशल , जब उ बहि बड ूवदल ूद सल नय अव् रद एू​ूयय सल क्छल नय घोडय बटोरशल रहशल , उ अयदसन अईशल जईसल उ यहदद कल हूथययर सल पकड शल ि रहशल । 25 शल ूकन जब ऊ नजददक अइशल ि ेकयबस कल सयथल रहश शोग भगवयन सल पयथानय करल खयूिर े् डश आ अपनय ेयथय पर ेयटद ूछडक कल केर े​े बोरय कल पटद बयन ूदहश। 26 ऊ वल दद कल िशहटद े​े ूगर कल ूनहोरय कइशन ूक ऊ ओह शोग पर दयय करस् आ ओह शोग कल द् शनन कल द् शन बनस् आ ओह

शोग कल ूवरोूधयन कल ूवरोधद बनस् जइसन ूक कयनून े​े कहश गइश बय. 27 पयथानय कल बयद उ शोग आपन हूथययर शल कल ूहर सल आगल बढ गईशल अव् रद जब उ शोग अपनय द् शन कल नजददक पहं चशल ि उ शोग अकलशल रह गईशल । 28 सू रज नयय उगशय कल बयद द् न् जयनय कल एक सं गल जोड गईशल । एक भयग अपनय ग् ा कल सयथल ूेश कल अपनय सफशिय आ जदि कल पूिजय खयूिर पभ् कल भद ूरा शल ि रहल , दू सरय पक अपनय कोध कल अपनय शडयई कल अग् वयई करि रहल 29 जब शडयई ेजबू ि हो गइश ि सगा सल द् शनन कल सयेनल सोनय कल शगये शल कल घोडय पर सवयर पयं च गो स् नर आदेद पकट भइशल आ ओहे​े सल दू गो यहदद शोग कल अग् वयई करि रहशल . 30 ेकयूबयस कल अपनय बदच े​े पकड कल ओकरय कल हर िरफ हूथययर सल ढं क कल स् रूकि रखशल, शल ूकन द् शनन कल खखशयफ िदर आ ूबजशद चशय ूदहशल , जवनय सल उ शोग अं धकयर होकल आ परल ूयनद सल भरश होकल ेयरश गईशल । 31 पैदश चशल वयशय बदस हजयर पयं च सौ आ छह सौ घ्डसवयर कल हतय हो गइश। 32 रहश बयि ख्द िदे् ूथय्स कल ि उ गवरय नये कल एगो बहि गढ े​े भयग गईशल , जहवयं कलररययस कल रयजपयश रहशल । 33 शल ूकन ेकयूबयस कल सयथ रहल वयशय शोग चयर ूदन िक ूहमि सल ूकशय कल घलरयबं दद कईशल | 34 भदिर कल शोग ओह जगह कल ियकि पर भरोसय करि बहि ूनंदय करि रहशल आ ब् रय बयि कहि रहशल । 35 एकरय बयवजू द पयं चवय ूदन भोर े​े ेकयबस कल दश कल बदस गो नवहद ूनंदय कल चशिल ग् सय सल भडक कल दल वयश प ेदया नय िरदकय सल हेशय कईशल अव् रद उन्कय सल ूेशश सभ शोग कल ेयर दल शल। 36 भदिर कल शोग कल सयथल वस रहशय कल बयद उ शोग कल पदछल चढ कल दू सर शोग ब् जा कल जरय ूदहशस आ आग जरय कल ूनंदय करल वयशय शोग कल ूजं दय जरय ूदहशस। दू सर शोग फयटक िूड कल खोश कल बयकद सल नय े​े ूयूेश होकल ूहर कल अपनय कबय े​े शल ूशहशस। 37 एगो गडय े​े श् कयइश ूिे् ूथय्स आ ओकर भयई कलररययस कल अपोशोफलनदस कल सयथल ेयर ूदहशस। 38 जब ई कये भइश ि ऊ शोग भजन आ धनवयद कल सयथ पभ् कल स् ूि कइश, जल इसयएश खयूिर एिनय बडहन कये कइशल बयडन आ ओह शोग कल जदि ूदहशल बयडन। अध्य 11 के ब् 1 कल क्छ सेय बयद हद रयजय कल रकक आ चचलरय भयई ूशूसययस, जल कये कल भद सं भयशि रहशल , जवन कये भईश ओकरय सल बहि नयरयजगद हो गईशल । 2 जब ऊ सब घ्डसवयरन कल सयथल शगभग चौसठ हजयर शोग कल ज् टय ूशहशन ि ऊ एह ूहर कल गै र-यहदद शोग कल ूनवयस बनयवल कल सोच कल यहदद शोग कल खखशयफ आ गइशन। 3 ें ूदर कल फययदय उठयवल खयूिर, जइसल ूक गै र-यहदद शोग कल बयकद चैपश सल ूेशि रहल , आ हर सयश ेहयप्रोूहि कल कये बल चल खयूिर। 4 भगवयन कल ूखक कल बयरल े​े ूबल्श नय सोचि रहशल , बखल अपनय दस हजयर पैदश सै ूनकन, हजयरन घ्डसवयरन आ अपनय चौडय हयथद कल सयथल बडयई करि रहशल । 5 ऊ यहूदयय े​े आकल बल तूरय कल नजददक आ गइशन जवन एगो ेजबू ि ूहर रहल , शल ूकन यरूशल े सल करदब पयं च फरशयं ग दू र रहल आ ओकरय कल बहि घलरयबं दद कर ूदहशन। 6 जब ेकयूबयस कल सयथल रहश शोग स् नश ूक ऊ घलरयबं दद कल घलरयबं दद कइशल बय ि ऊ शोग आ सब शोग ूवशयप आ रोवि पभ् सल ूनहोरय कइश ूक ऊ एगो बूढयय सगा दूि भलज कल इसयएश कल बचयवल ।


7 िब ेकयबल स सबसल पूहशल हूथययर शल कल दू सरय कल ूनहोरय कईशल ूक उ शोग अपनय भयई कल ेदद करल खयूिर उन्कय सं गल खिरय े​े डयश दल शल। 8 जब उ शोग यरूशल े े​े रहशल ि घोडय प सवयर एगो सफलद कपडय पूहनशल सोनय कल कवच कल ूहशयवि उन्कय सोझय दल खयई दल शल। 9 िब ऊ शोग दययश् परेल शर कल स् ूि कइश आ ूहमि कइश ूक ऊ शोग खयशद आदेद सल नय, बश् क अूधकिर कूर जयनवरन सल शडयई करल आ शोहय कल दल वयश कल छल दल खयूिर िइययर हो गइश। 10 एह िरह सल ऊ शोग अपनय कवच े​े सगा सल एगो सहययक शल कल आगल बढश कयहल ूक पभ् ओह शोग पर दययश् रहशल 11 ऊ शोग अपनय द् शनन पर ूलर ूनयर हेशय कर कल एगयरह हजयर पैदश सै ूनक आ सोशह सौ घ्डसवयरन कल ेयर ूदहश आ बयकद सब शोग कल भयगय ूदहश। 12 उ शोग े​े सल बहि शोग घययश होकल नंगय हो गईशल । आ श् ूसयय ख्द ू​ूेन दय होकल भयग गइश आ एहद सल बच गइश। 13 ऊ एगो सेझदयर आदेद रहशन आ अपनय कल जवन न्कसयन भइश बय ओकरय कल अपनय सयथल फेकि रहशन आ ई सोच कल ूक इबयूनयन कल पयर नय कइश जय सकल, कयहल ूक सवा ूखकेयन परेल शर ओह शोग कल ेदद कइशन, ि ऊ ओह शोग कल शगल भलजशन। 14 आ ओह शोग कल हर उूचि ूिा पर सहेि होखल खयूिर ेनय ूशहशन आ वयदय कइशन ूक ऊ रयजय कल ेनय शदहे ूक उन्कय ओह शोग कल दोस बनल कल जररि बय. 15 िब ेकयूबयस आे भशयई सल सयवधयन रहशन ूक ूशूसययस कल हर इचय कल बयि करल खयूिर सहेि हो गइशन। ेकयबल स यहदद शोग कल बयरल े​े शू ूसयय कल जवन क्छ ूशखशल रहशल , रयजय ओकरय कल ें जूर क दल शल रहशल । 16 शू ूसयय सल यहूदयन खयूिर ूचटद ूशखश रहल ूक शू ूसयय यहदद शोग कल अूभवयदन भलजि बय। 17 यूहनय आ अबूोशोे, जल िोहनद सल भलजश गइश रहशल , उ हेरय कल ओह ययूचकय कल दल ूदहशन आ ओकरय े​े ेौजू द बयि कल पूरय करल कल ूनहोरय कइशन। 18 एह सल जवन बयि रयजय कल बियवश जररद रहल , हे ओकरय कल बिय दल शल बयनद अव् रद उ जिनय हो सकिय, ओिनय दल दल शल बयडल । 19 आ अगर िब िू शोग अपनय कल रयज कल पूि वफयदयर रखब ि आगल भद हे िोहनद कल भशयई कल सयधन बनल कल कोू​ू​ू करब। 20 शल ूकन हे एह बयि कल आजय दल शल बयनद ूक हे िोहनद सल बयि करस। 21 िू शोग कल हयशि ठदक हो जय। सौ आठ चयशदसवयू सयश, ूडयोसकोररख्यस ेहदनय कल चयर बदसवयू ूदन। 22 रयजय कल ूचटद े​े इ बयि ूशखश रहल ूक रयजय अं ूिओकस अपनय भयई ूशूसययस कल अूभवयदन भलजशल । 23 जबसल हेनद कल ूपिय दल विय शोग कल नये सल अन्वयूदि हो गईश बयडल , एहसल हेनद कल इचय बय ूक हेनद कल कल् े​े रहल वयशय शोग च्पचयप रहस ियूक हर कलह अपनय कये कल पूरय करल । 24 हेनद कल इहो सेझि बयनद जय ूक यहदद शोग हेनद कल ूपिय कल गै र-यहदद कल ररवयज कल े् ियूबक शल आवल खयूिर सहेूि नय दल ि रहशल , बयश् क उ शोग अपनय जदवन-ययपन कल िरदकय कल पयशन करि रहशल , एहसल उ शोग हेनद सल ेयं ग करियरल ूक हेनद कल ओ शोग कल अन्ेूि दल वल कल चयहद अपनय कयनून कल पयशन करि रहल शय। 25 एहद सल हेनद कल ेन बय ूक ई रयष् आरये े​े रहल आ हेनद कल िय कइशल बयनद जय ूक ऊ शोग आपन ें ूदर बहयश कर दद ं ियूक ऊ शोग अपनय प्रखन कल रदूि-ररवयज कल अन्सयर ूजए। 26 एह सल िू अचय करब ूक िू ओह शोग कल शगल भलज कल ूयं ूि दल दद ं ियूक जब उ शोग हेनद कल ेन कल पेयूाि हो जइहे ि उ शोग कल सयं तनय ूेश सकल आ हेल ूय हू सद-ख्ूद सल अपनय कये े​े शयग जयस।

27 रयजय कल यहूदयन कल जयूि कल ूचटद इहल रहल ूक रयजय अं ूिओकस पररदद आ बयकद यहदद शोग कल अूभवयदन भलजशल । 28 अगर िोहनद कल हयशि ठदक बय ि हेनद कल इचय बय। हेनद कल सयव भद ठदक बय। 29 ेल नलशस हेनद कल बिय ूदहशन ूक िोहनद कल इचय बय ूक घरल शवट कल आपन कये कल पयशन करदं। 30 एहद सल जल शोग ूनकशल वयशय बय, उ शोग जै ूथकस कल िदसवयू ूदन िक स् रूकि आचरा करद। 31 यहदद शोग पूहशल जइसन अपनय िरह कल खयनय आ कयनून कल इसल ेयश करदहे . आ ओहे​े सल कलह कल कवनो िरह सल छल डछयड नय कइश जयई अजयनिय सल कइश कये खयूिर. 32 हे ेल नलशस कल भद भलजशल बयनद ूक उ िोहकल ूदशयसय दल स। 33 िू शोग कल हयशि ठदक हो जय। सौ अडियशदसवयू सयश े​े , आ जै ख्कस ेहदनय कल पनहवयू ूदन। 34 रोेन शोग भद ओह शोग कल एगो ूचटद भलजशल जवनय े​े इ ूब रहल: रोेन कल रयजदू ि ू्ंटस ेल खमयस आ टयइटस ेनूशय्स यहदद शोग कल अूभवयदन भलजशल । 35 रयजय कल चचलरय भयई शू ूसयय जवन क्छ दल शल बयडल , ओकरय सल हेनद कल भद बहि ख्ू बयनद जय। 36 शल ूकन जवनय बयि कल उ रयजय कल बियवल कल बयि सेझशल , ओकरय बयद िोहनद कल सशयह ूेशशय कल बयद ि्रिल एक आदेद कल भलज दद ं ियूक हेनद कल िोहनद कल ठदक सल बिय दद ं, कयहल ूक हेनद कल अब अं ियूकयय जयि बयनद जय। 37 एह सल क्छ शोग कल िलजद सल भलज दद ं ियूक हेनद कल पिय चश सकल ूक िोहयर ेन कय बय। 38 ूवदयई कल बयि बय। एह सौ आठ चयशदसवयू सयश, जे ूथकस ेहदनय कल पनहवयू ूदन। अध्य 12 के ब् 1 जब ई वयचय भइश ि शू ूसयय रयजय कल शगल गइशन आ यहदद शोग खलिद कल कये े​े शयगश रहशल । 2 शल ूकन कई जगह कल गवनार शोग े​े सल ूिे् ूथय्स आ जल नलय्स कल बल टय अपोशोूनयस, ूहरोूनेस, डल ेोफोन, आ ओह शोग कल अशयवय सयइपस कल गवनार ूनकयनोर, ओह शोग कल च्पचयप आ ूयं ूि सल रहल नय दल ि रहशल । 3 ययफय कल शोग भद अइसन अभक कये कइशल , उ शोग ओह शोग कल बदच े​े रहल वयशय यहदद शोग सल पयथानय कइश ूक ऊ शोग अपनय ेल हरयर आ शइकन कल सयथल ओह नयव े​े चढ जयव जवन ऊ शोग िइययर कइशल रहल, जइसल ूक उ शोग कल कवनो न्कसयन नय होखल। 4 ऊ शोग ूहर कल आे फरेयन कल अन्सयर एकरय कल सदकयर कइश ूक ऊ शोग ूयं ूि सल रहल कल इच् क बय आ क्छ् ओ पर ूक नय करि रहल , शल ूकन जब ऊ शोग गूहरयई े​े ूनकशश ि दू सौ सल के नय डूबय ूदहश। 5 यहदय अपनय दल ू कल शोग कल सयथल भईश इ कूरिय कल बयरल े​े स् न कल अपनय सं गल कल शोग कल िैययर करल कल आदल ू दल शल। 6 उ धे् नयययधदू परेल शर कल प्कयरि अपनय भयई शोग कल हतयरन कल खखशयफ आकल रयि े​े आशय यश कल जरय कल नयव े​े आग शगय दल शल अव् रद उहयू भयगश शोग कल ेयर दल शल। 7 जब नगर बं द हो गइश ि ऊ पदछल हट गइशन जइसल ऊ ययफय ूहर कल सब शोग कल जड सल उखयड फेकल खयूिर शवटि होखस् . 8 शल ूकन जब उ स् नशल ूक जेनद शोग भद अपनय बदच े​े रहल वयशय यहदद शोग कल सयथल भद अइसनल करल कल चयहि बय। 9 रयि े​े उ जेनद शोग पर भद आकल आशय आ नौसल नय े​े आग शगय ूदहशस, जवनय सल दू सौ चयशदस फरशयं ग दू र यरूशल े े​े आग कल रोूनद दल खयई दल शस।


10 जब उ शोग ूिे् ूथय्स कल ओर सल नौ फशयन ग दू र चश गईशल ि पयं च हजयर सल के नय पैदश चशश अव् रद अरब कल पयं च सौ घ्डसवयर उन्कय प चढ गईशल । 11 जवनय कल बयद बहि कडय शडयई भईश। शल ूकन यहदय कल ओर सल भगवयन कल ेदद सल जदि ूेशश। एह सल अरब कल खयनयबदोू शोग परयस होकल यहदय सल ूयं ूि कल ूनहोरय कइश आ वयदय कइश ूक ऊ ओकरय कल ेवल ूद दल ददहे आ ओकरय कल दोसरय िरह सल ख्ू कर ददहे. 12 यहदय ई सोच कल ूक उ शोग कल बहि कये े​े फययदय होई, उ शोग कल ूयं ूि दल ूदहशन, जवनय कल बयद उ शोग हयथ ूेशय कल अपनय डल रय े​े चश गईशल । 13 उ एगो ेजबू ि ूहर कल प्श बनयवल कल भद कये करि रहशल , जवनय कल चयरो ओर दल वयश सल घलरश रहल अव् रद अशग-अशग दल ू कल शोग रहि रहशल । आ एकर नये कैखसस रहल । 14 शल ूकन ओकरय भदिर कल शोग दल वयश कल ेजबू िद अव् रद खयनय कल इं िजये प एिनय भरोसय करि रहशल ूक उ शोग यहदय कल सं गल रहश शोग कल सं गल अभद ववहयर करि रहशल , ूनंदय करि रहशल अव् रद ूनंदय करि रहशल अव् रद अयदसन ूब बोशि रहशल जवन ूक नय बोशल कल रहल । 15 एहद सल यहदय अपनय दश कल सयथल द् ूनयय कल ेहयन पभ् कल प्कयरि, जल यहोू​ू कल सेय े​े यरदहो कल ूबनय ेल ढक यय य्​् कल इं जन कल ूगरय दल शल रहशल , दल वयशन पर भयंकर हेशय कईशल । 16 भगवयन कल ेज् सल ूहर कल पकड कल अकथनदय कत कर ूदहशस ूक ओकरय सल सटश दू फरशयं ग चौडय झदश कल खून सल भरश दल खश गईश। 17 उ शोग ओूहजय सल सयि सौ पचयस फशयन ग दू र होकल चरयकय े​े यहदद शोग कल शगल पहं चशल , जल करय कल ि्ूबएनद कहश जयशय। 18 शल ूकन ूिे् ूथय्स कल बयरल े​े उ शोग ओकरय कल जगह-जगह े​े नय ूेशश, कयहल ूक उ कवनो चदज कल भलजशय सल पूहशल उहयू सल ूनकश गईशल । 19 शल ूकन डोूसूथयस आ सोूसपयटर, जल ेकयबस कल सल नयपूि रहशल , उ शोग ूनकश कल दस हजयर आदेद सल जयदय शोग कल ेयर दल शल। 20 ेकयबल स अपनय सल नय कल दश कल झ्ंड बनय कल ओह शोग कल दश पर बइठय कल ूिे् ूथय्स कल खखशयफ चश गइशन, जल करय शगल एक शयख बदस हजयर पैदश आदेद आ दू हजयर पयं च सौ घ्डसवयर रहशल । 21 जब िदे् ूथय्स कल यहदय कल आवल कल जयनकयरद ूेशश ि ऊ ेल हरयर आ शइकन आ बयकद सयेयन कल कयूनायन नये कल ूकशय े​े भलज ूदहशन, कयहल ूक सब जगह कल सं कदा​ािय कल चशिल ूहर कल घलरयबं दद कइश े् ख्श रहल आ आवल े​े आसयनद रहल . 22 जब उनकर पूहशय दश यहदय कल नजर े​े आईश ि द् शन सब क्छ दल खल वयशय कल दूान सल डर आ भय सल ्स होकल भयग गईशल , एक आदेद एह रयसय े​े भयग गईशल , दू सरय ओ रयसय े​े भयग गईशल , जवनय सल उ शोग अकर चोट पहं च गईशल अपनय आदेद कल, आ अपनय िशवयर कल नोक सल घययश। 23 यहदय भद ओ शोग कल पदछय करल े​े बहि गं भदरिय सल उ द् ष दररद शोग कल ेयर ूदहशस, जल करय े​े सल शगभग िदस हजयर आदेद कल ेयर ूदहशस। 24 ूिे् ूथय्स ख्द दोूसूथयस आ सोूसपयिलर कल हयथ े​े आ गइशन, जल करय सल ऊ बहि चयशबयजद सल ूनहोरय कइशन ूक ऊ शोग अपनय जयन कल सयथ छोड दद ं कयहल ूक उनकर बहि सयरय यहदद ेयिय-ूपिय आ क्छ शोग कल भयई भद रहशल , जल अगर उ शोग छोड दल शल ि ओकरय कल ेौि िक नय ेयनश जयव. 25 जब ऊ ओह शोग कल बहि ूबन सल भरोसय ूदअवशल ूक ऊ ओह शोग कल ूबनय कवनो न्कसयन कल बहयश कर ददहे , ि ऊ शोग अपनय भयई शोग कल बचयवल खयूिर ओकरय कल छोड ूदहशन. 26 िब ेकयबस कयूनायन आ अिरगूिस कल ें ूदर कल ओर बढश आ उहयू उ पयं च बदस हजयर शोग कल ेयर ूदहशस।

27 ऊ भयग कल ओह शोग कल नयू कइशय कल बयद यहदय सल नय कल एफोन कल ओर शल गइशन, जवन एगो ेजबू ि ूहर रहल , जवनय े​े शू ूसयय रहि रहशल , आ अशग-अशग जयूि कल बहि भदड रहल , आ ेजबू ि नवहद शोग दल वयश कल रखशल रहशल आ ओह शोग कल ियकि सल बचयव कइशल रहशल भद इं जन आ डयटा कल बहि बूढयय पयवधयन रहल । 28 जब यहदय आ ओकर दश सवा ूखकेयन परेल शर कल प्कयरशस, जल अपनय ूखक सल अपनय द् शनन कल ियकि कल िोड दल शल, ि उ शोग ूहर कल जदि शल शल अव् रद भदिर कल पचदस हजयर शोग कल ेयर दल शल। 29 उहयू सल उ शोग ूसथोपोूशस चश गईशल जवन यरूशल े सल छह सौ फशयन ग दू र बय। 30 शल ूकन जब उहयू रहल वयशय यहदद शोग गवयहद दल शल ूक ूसथोपोूशटन शोग उनकरय सयथल पले सल ववहयर करि रहल आ उनकल सं कट कल सेय े​े दययश् िय सल ूनहोरय करि रहल । 31 ऊ शोग ओह शोग कल धनवयद दल ि कहशन ूक ऊ शोग अबूहयों दोसद करि रहल आ एहद सल ऊ शोग यरूशल े चश गइश आ हफय कल परब नजददक आवि रहल । 32 पल्लकोस नये कल परब कल बयद इद् ूेयय कल गवनार गोूगा ययस कल खखशयफ ूनकश गईशल । 33 ऊ िदन हजयर पैदश आदेद आ चयर सौ घ्डसवयर कल सयथल ूनकशश। 34 अइसन भइश ूक ओह शोग कल शडयई े​े क्छ यहदद शोग कल ेयरश गइश। 35 ओहद घरद बल सलनर कल दश कल एगो डोूसूथयस, जल घोडय पर सवयर रहशल आ एगो ेजबू ि आदेद रहशल , अबहद ं गोूगा ययस पर रहशल आ उनकर कोट पकड कल जबरन खदच ं ूशहशल । आ जब ऊ ओह ूयूपि आदेद कल ूजं दय शल जयए कल चयहि रहशल ि थलूसयय कल एगो घ्डसवयर उनकय पर आकल उनकय कंधय सल ेयर ूदहशूस जवनय सल गोूगा ययस ेयररसय कल शगल भयग गइश. 36 जब गोूगा ययस कल सयथल रहश शोग बहि ूदन सल शडश आ थक गइश ि यहदय पभ् कल प्कयर कइशस ूक ऊ अपनय कल ओह शोग कल सहययक आ शडयई कल अग् वयई कल रप े​े दल खयवल । 37 ई कह कल ऊ अपनय भयदय े​े ू्र भइशन आ जोर सल भजन गयवि रहशल आ अनजयनल े​े गोूगा यय कल आदेद शोग पर दौडि रहशल आ ओह शोग कल भगय ूदहशन. 38 यहदय आपन सल नय कल बटोर कल ओडोशये ूहर े​े आ गईशल , आ सयिवयू ूदन आकल उ शोग अपनय कल ू्​् क शल शल, जईसल ूक ररवयज रहल अव् रद उहल जगह प सब कल ूदन ेनवशल । 39 एकरय बयद कल ूदन, जईसल -जईसल इसल ेयश भईश रहल , यहदय अव् रद उन्कर दश ेयरश गईश शोग कल शयू शल कल अपनय ररशल दयर कल सं गल अपनय ूपिय कल कब े​े दफनयवल पहं चशल । 40 हर कलह कल कोट कल नदचल जेनद शोग कल ेू ूिा खयूिर पूव् चदज ूेशश जवन यहदद शोग कल कयनून कल अन्सयर ेनय कईश गईश बय। िब हर आदेद दल खश ूक इहल कयरा बय ूक उ शोग कल हतय भईश। 41 एहद सल सब शोग पभ् कल स् ूि करि रहशल , जल धे् नयययधदू हवे , जल ूछपश चदजन कल खोशशल रहशल । 42 ऊ शोग पयथानय े​े शयग गइशन आ उनकरय सल ूनहोरय कइशन ूक कइश पयप कल पूरय िरह सल ययद कइश जय सकल। एकरय अशयवल उ क्शदन यहदय शोग कल पयप सल बचयवल कल सशयह दल शल, कयहल ूक उ शोग अपनय आं ख कल सोझय उ घटनय कल दल खि रहशल जवन ूक ेयरश गईश शोग कल पयप खयूिर भईश रहल । 43 जब ऊ पूरय दश े​े दू हजयर ड् यके चयं दद कल ज् टयन कइशन ि ऊ ओकरय कल पयपबूश चढयवल खयूिर यरूशल े भलज ूदहशन आ ओकरय े​े बहिल बूढयय आ ईेयनदयरद सल कये कइशन कयहल ूक ऊ प्नरतयन कल बयरल े​े सोचि रहशल . 44 अगर उ उमदद नय कईशल रूहि ूक ेयरश गईश शोग कल जद उठश रूहि ि े् अश शोग खयूिर पयथानय कईश फयशिू अव् रद बल कयर हो गईश रूहि।


45 आ इहो ब् झयइश ूक जल शोग परेल ू् वर कल भखक सल ेरल वयशय शोग पर बहि अन्गह रखश गइश बय, ई एगो पूव् आ बूढयय ूवचयर रहल । ओकरय बयद उ े् अश शोग खयूिर ेल श ूेशयप कईशल ियूक उ शोग पयप सल े् क हो सकल| अध्य 13 के ब् 1 सौ उनचयशदसवयू सयश े​े यहदय कल बियवश गइश ूक एख्ओकस यूपिोर बहि ूखक कल सयथ यहूदयय े​े आ रहश बयडन। 2 ओकरय सयथल ओकर रकक आ ओकर कये कल ूयसक ूशूसययस, जल करय े​े सल कवनो एक गदक पैदश सै ूनकन कल ियकि, एक शयख दस हजयर, घ्डसवयर पयं च हजयर िदन सौ, हयथद दू बदस आ िदन सौ रथ सल शै स रहल हक कल बय। 3 ेल नलशस भद ओह शोग कल सयथल ज् ड गइशन आ बहि छल डखयनद सल एख्ओकस कल पोतयूहि कइशन, दल ू कल रकय खयूिर नय, बश् क एह सल ूक ऊ अपनय कल गवनार बनयवश गइश सेझि रहशल । 4 शल ूकन रयजय शोग कल रयजय एं ूटयोकस कल ेन एह द् ष दररद कल खखशयफ शल गईशल अव् रद ूशूसयस रयजय कल सू ूचि कईशल ूक इहल आदेद सभ बदेयूद कल कयरा बय, एहसल रयजय ओकरय कल बल ररयय शल आवल कल आदल ू दल शल अव् रद ओकरय कल ेयरल कल आदल ू दल शल, जईसल ूक... अं दयज ओह जगह पर बय। 5 ओूहजय पचयस हयथ ऊूच एगो ब् जा रहल जवन रयख सल भरश रहल आ ओकरय शगल एगो गोश वयदयं् रहल जवन चयरो ओर रयख े​े शटकश रहल । 6 जल करय कल बूशदयन कल दोदद ठहरयवश गइश रहल भय ऊ कवनो दोसर गं भदर अपरयध कइशल रहल , ओकरय कल सब शोग ओकरय कल ेयर ूदहशस। 7 अइसन ेौि हो गइश ूक द् ष आदेद ेर गइश, धरिद पर दफनयवश िक नय रहल । आ ई सबसल नययसं गि िरदकय सल : 8 जब िक उ वल दद कल बयरल े​े बहि पयप कईशल रहशल , जवनय कल आग अव् रद रयख पूव् रहल , उ रयख े​े ेर गईशल । 9 रयजय बबा र आ घें डद ूदेयग सल यहदद शोग कल सयथल जवन ब् रयई अपनय ूपिय कल सेय े​े भईश रहल ओकरय सल कहद ं जयदय ब् रयई करल खयूिर अईशल । 10 यहदय कल ई बयि कल पिय चशशय पर उ भदड कल रयि-ूदन पभ् सल प्कयरल कल आजय ूदहशन ूक अगर कबो कवनो सेय े​े उ शोग कल ेदद करस, कयहल ूक उ शोग कल ववयय सल दू र होकल उ शोग कल दल ू सल दू र होखल कल बय। आ पूव् ें ूदर सल ूनकशश बय। 11 उ शोग कल ूनंदय करल वयशय जयूि कल अधदन नय होखल दल स, जवन अभद िनद िनद ियजय हो गईश रहल । 12 जब उ सब एक सं गल इ कये कईशल अव् रद िदन ूदन िक जेदन प सपयट शल ट कल दययश् पभ् सल ूनहोरय कईशल , ि यहदय ओ शोग कल ूनहोरय कईशल ूक उ शोग िैययर रहस। 13 यहदय ब् ज्गा शोग सल अशग होकल रयजय कल सल नय यहूदयय े​े घ्स कल ूहर कल शल जयए सल पूहशल, पभ् कल ेदद सल शडयई े​े ेयेशय कल े् कदेय चशयवल कल फैसशय कईशल । 14 जब ऊ सब क्छ द् ूनयय कल रचूयिय कल सौंप ूदहशन आ अपनय सै ूनकन कल कयनून, ें ूदर, ूहर, दल ू आ रयष्ें डश खयूिर ेदया नय िरदकय सल शडल कल सशयह ूदहशन, ि ऊ ेोददन कल शगल डल रय डयश ूदहशन. 15 आऊ अपनय आसपयस कल शोग कल पहरा कल ूब दल शल ूक, “जदि परेल शर कल ह। सबसल वदर आ च्ूनंदय नवहद शोग कल सयथल रयि े​े रयजय कल डल रय े​े घ्स कल डल रय े​े शगभग चयर हजयर आदेद आ हयथद े​े सल सबसल बड आदेद कल ेयर ूदहशस आ ओकरय पर ेौजू द सब शोग कल सयथल। 16 आखखर े​े ऊ शोग डल रय कल डर आ हं गयेय सल भर ूदहश आ सफशिय सल चश गइश.

17 ई कये ूदन कल भोर े​े भइश, कयहल ूक पभ् कल रकय उनकय कल बहि ेदद कइशस। 18 रयजय यहूदयन कल ेदया नयपन कल सयद शल हशल ि नदूि कल ूहसयब सल पकड शल बल शगशल । 19 ऊ बल तूरय कल ओर बढशल जवन यहदद शोग कल गढ रहल , शल ूकन उ भयग गईशल , नयकये हो गईशल अव् रद अपनय आदेद कल खो दल शल। 20 कयहल ूक यहदय अपनय े​े रहल वयशय शोग कल अइसन बयि बिय दल शल रहशल जवन जररद रहल | 21 शल ूकन रोडोकस, जल यहदद शोग कल सल नय े​े रहशल , द् शनन कल सयेनल ग् प बयि कल ख्शयसय कईशल । एहद सल ओकरय कल खोजश गइश आ जब ऊ शोग ओकरय कल ूेश गइश ि ओकरय कल जल श े​े डयश ूदहश. 22 रयजय दू सर बल र बल िस् े े​े उनकरय सयथल इशयज कइशन, हयथ दल कल उनकर हयथ पकड ूशहशन, चश गइशन, यहदय सल शडशन, आ जदि गइशन। 23 स् ननद ूक ूफशदप, जल अं ियूकयय े​े कये े​े रह गइश रहशल , बल ियब होकल झ्क गइश रहशल , असें जस े​े रहशल , यहदद शोग सल ूनहोरय करि रहशल , अपनय कल अधदन हो गईशल अव् रद सभ बरयबर ूिा कल कसे खईशल रहशल , ओ शोग कल बयि सल सहेि भईशल अव् रद बूश चढवशल , ें ूदर कल समयन कईशल अव् रद दययश् िय सल ववहयर कईशल जगह कल, 1999 े​े भइश रहल । 24 ेकयबल स कल बूढयय सल सदकयर कइशन आ ओकरय कल टोशल ेैस सल शल कल गल रलूनयन शोग िक कल पे् ख रयजपयश बनय ूदहशन। 25 टोशल ेैस े​े अइशल , उहयू कल शोग एह वयचय कल चशिल द् खद भइश। कयहल ूक उ शोग आपन वयचय कल ू​ून करल कल चशिल िूफयन ेचवशल | 26 शू ूसयय नयय कल आसन पर चढ कल े् दय कल बचयव े​े जिनय हो सकल ओिनय कहशन, ेनय ूशहशल , ूयन कइशल , ओह शोग कल बूढयय सल पभयूवि कर ूदहशल , आ अं ियूकयय शवट अइशल । एह िरह सल ऊ रयजय कल आवल -जयए कल छूवि गइश। अध्य 14 के ब् 1 िदन सयश बयद यहदय कल बियवश गईश ूक सल श्कस कल बल टय दल ेलू्य्स बहि ियकि अव् रद नौसल नय कल सं गल ू्पोूशस कल ूठकयनय े​े घ्स गईशल । 2 दल ू कल पकड शल शल रहशल , आ अं ूिओकस आ ओकर रकक ूशूसययस कल ेयर दल शल रहशल । 3 एगो अलदेस जल ेहयययजक रहशन आ गै र-यहदद शोग सल घ्शूेशशय कल सेय े​े जयनबू झ कल अपनय कल अू्​् कर शल शल रहशल , कयहल ूक उ अपनय कल कवनो िरदकय सल बचय नय सकि रहशल अव् रद नय हद पूव् वल दद िक पहं च सकि रहशल । 4 सौ एक पचयसवयू सयश े​े रयजय दल ेलू्य्स कल शगल सोनय कल े् क्ट, ियड कल े् क्ट आउर ें ूदर े​े इसल ेयश होखल वयशय डयढ कल भद भेट कइशल आ एहद सल ऊ च्प हो गइशन। 5 शल ूकन उ अपनय ेू खाियपूा​ा कये कल आगल बढयवल कल ेौकय ूेश गईशल अव् रद दल ेलू्य्स कल सशयह े​े बोशयवश गईशल अव् रद पूछशल ूक यहदद शोग कईसल पभयूवि बयडल अव् रद उन्कर कय इरयदय बय, ि उ जवयब दल शल। 6 जवन यहदद शोग कल उ अखसूययन कहशल रहशल , जल कर कपयन यहदय ेकयबल स हवल , उ शोग य्​् कल पोदा करल शल अव् रद बगयवि करल शल अव् रद बयकद शोग कल ूयं ूि सल नय रहल ूदहल । 7 एह सल हे अपनय प्रखन कल आदर सल वं ूचि होकल ेहयययजक कल पद सल वं ूचि होकल अब इहयू आ गईश बयनद। 8 पूहशय, रयजय कल बयरल े​े हेरय बल ढंगय ूचंिय कल चशिल। आ दू सरय, एकरय खयूिर भद हे अपनय दल ूवयूसयन कल भशयई कल इरयदय रखशल बयनद: कयहल ूक हेनद कल सगरद रयष् ओह शोग सल पूहशल बियवश गइश ूबनय सशयह कल ववहयर सल कवनो छोट द् ख े​े नइखल.


9 एहद सल हल रयजय, ई सब बयि जयन कल, दल ू आ हेनद कल रयष् खयूिर सयवधयन रहऽ, जवन हर िरफ दबयवश बय, ओइसनल दयय कल ूहसयब सल जवन िू सभकय पर सहजिय सल दल खयवि बयडऽ। 10 जब िक यहदय ूजं दय बय, िब िक हयशि च्प होखश सं भव नईखल। 11 जइसहदं उनकरय बयरल े​े ई बयि कहश गइश, शल ूकन रयजय कल दोसर दोस शोग यहदय कल खखशयफ द् भया वनय सल खडय होकल दल ेलू्य्स कल अउरद धू प जरय ूदहशन। 12 ि्रिल हयथद कल ेयूशक रहश ूनकयनोर कल बोशय कल यहूदयय कल रयजपयश बनय कल भलज ूदहशन। 13 यहदय कल हतय करल कल आजय ूदहशस आ ओकरय सयथल रहश शोग कल ूि​िर-ूबिर करल कल आ अलदेस कल बडकय ें ूदर कल ेहयययजक बनयवल कल आदल ू ूदहशस। 14 यहदय सल यहूदयय सल भयगश गै र-यहदद शोग यहदद शोग कल न्कसयन आ ूवपूत कल आपन भशयई सेझ कल झं्ड कल आधयर पर ूनकयनोर आ गईश| 15 जब यहदद शोग ूनकयनोर कल अइशय कल खबर स् नश आ गै र-यहदद शोग ओह शोग कल खखशयफ खडय हो गइश ि ऊ शोग अपनय ेयथय पर ेयटद डयश ूदहश आ ओह आदेद सल ूनहोरय कइश जल हेल ूय खयूिर आपन शोग कल ेजबू ि कइशल बय आ जल हेल ूय अपनय ूहसय कल ेदद करि बय आ ओकर ेौजू दगद दल खयवि बय . 16 ि सल नयपूि कल आजय पर उ शोग ि्रंि उहयू सल हट कल दल सयउ ूहर े​े अपनय नजददक आ गईशल । 17 यहदय कल भयई ूेौन ूनकयनोर कल सयथल शडयई े​े ूयूेश हो गईश रहशल , शल ूकन द् शन कल अचयनक च्पद कल चशिल उ क्छ बल चैन हो गईशल । 18 ूफर भद ूनकयनोर यहदय कल सयथ रहल वयशय शोग कल ेदया नयपन आ अपनय दल ू खयूिर शडयई शडल कल ूहमि कल बयरल े​े स् न कल िशवयर सल ेयेशय कल परदका करल कल ूहमि नय कईशल | 19 एहद सल ऊ पोूसडोूनयस, ूथयोडोटस आ ेतयूथयस कल ेल श ूेशयप करल खयूिर भलजशन। 20 जब उ शोग एकरय बयरल े​े शं बय सेय िक सशयह शल शल अव् रद कपयन भदड कल एकरय सल पररूचि करय दल शल अव् रद इ दल खयई दल शस ूक उ सभ एक ूवचयर कल बयडल , ि उ शोग वयचय प सहेि हो गईशल । 21 एक ूदन िय कईशल ूक उ शोग एक सं गल ूेशस, जब ूदन आई ि द् नो े​े सल कलह कल ेश-ेू ् रयखश गईश। 22 श् दयस हूथययरबं द आदेद कल स् ूवधयजनक जगह प िैययर रखशल , ियूक द् शन कल अचयनक क्छ ूवशयसघयि नय होखल, एहसल उ शोग ूयं ूिपूा​ा समलशन कईशल । 23 ूनकयनोर यरूशल े े​े रह गइशन आ कवनो न्कसयन नय कइशन, बश् क उनकरय शगल आवल वयशय शोग कल भलज ूदहशन। 24 ऊ यहदय कल अपनय नजर सल दू र नय कइश चयहि रहशल , कयहल ूक ऊ आदेद सल ेन सल पयर करल शन 25 ऊ उनकरय सल भद पयथानय कइशन ूक ऊ एगो ेल हरयर ूबययह करस् आ सं ियन पैदय करस, एहसल ऊ ूबययह कर ूशहशन आ ूयं ि हो गइशन आ एह ूजूनगद कल ूहसय बन गइशन. 26 शल ूकन अखलेस ओह शोग कल बदच कल पले कल सेझ कल आ जवन वयचय भइश रहल ओकरय पर ूवचयर करि दल ेलू्य्स कल शगल आकल बिवशल ूक ूनकयनोर कल एह हयशि कल पूि कवनो खयस असर नइखल। कयहल ूक ऊ अपनय कल् कल गदयर यहदय कल रयजय कल उतरयूधकयरद बनयवल कल ूनय्खक कइशल रहशल . 27 रयजय बहि द् ष आदेद कल आरोप सल भडक कल ूनकयनोर कल ूचटद ूशखशल ूक उ वयचय सल बहि नयरयज बयडल अव् रद उन्कय कल आदल ू दल शल ूक उ ेकयबल स कल ज्द सल कैदद बनय कल अं ियूकयय भलज दल वल। 28 जब ई बयि ूनकयनोर कल स् नवयई े​े आइश ि ऊ अपनय े​े बहिल उशझ गइशन आ ई बयि कल गं भदरिय सल ेयन ूशहशन ूक जवनय शल खन पर सहेूि बनश रहल ओकरय कल ू​ून कर ूदहश जयव, ओह आदेद कल कवनो गशिद नय रहल .

29 शल ूकन रयजय कल खखशयफ कवनो सौदय नय होखल कल चशिल उ नदूि कल े् ियूबक इ कये पूरय करल खयिद अपनय सेय कल दल खि रहशल । 30 ेकयबस जब दल खशस ूक ूनकयनोर ओकरय सल चंचश होखल शयगश आ ऊ ओकरय सल आदि सल बल सद ेोटय-ेोटद ूनहोरय करि बय, ई ब् झ कल ूक अइसन खटय ववहयर कवनो फययदय नय होखल, ि ऊ अपनय क्छ आदेद कल नय बटोर ूशहशन आ अपनय कल पदछल हट गइशन ूनकयनोर सल ूेशश बय. 31 शल ूकन दू सरय इ जयन कल ूक यहदय कल नदूि सल उन्कय कल खयस िौर प रोकश गईश बय, उ ेहयन अव् रद पूव् ें ूदर े​े आकल आपन रोज कल बूशदयन दल वल वयशय ययजकन कल आदल ू दल शस ूक उ आदेद कल उन्कय कल बचयवल । 32 जब ऊ शोग कसे खइशल ूक ऊ शोग कल खोजश आदेद कहयू बय, ई नय बिय पयई। 33 ऊ आपन दयूहनय हयथ ें ूदर कल ओर बढय कल एह िरह सल कसे खइशल ूक अगर िू शोग हेरय कल यहदय कल कैदद नय छोडब ि हे भगवयन कल ई ें ूदर कल जेदन कल सयथल रख दल ब आ वल दद कल िोड दल ब। आ बै कूस कल एगो उललखनदय ें ूदर खडय कइश। 34 एह बयि कल बयद उ चश गईशल । िब प्जयरद शोग सगा कल ओर हयथ उठय कल अपनय जयूि कल रकय करल वयशय सल ूनहोरय कईशल ूक, इहल कहि रहशल । 35 हल सब चदजन कल ेयूशक, जल करय क्छ् ओ कल जररि नइखल, िोहरय ूनवयस कल ें ूदर हेनद कल बदच होखल सल ख्ू हो गइश। 36 एह सल अब हल सब पूव्िय कल पूव् पभ्, एह घर कल हेल ूय अू्​् रयखद ं, जवन हयश े​े ू्​् भइश बय, आ हर अधेा कल े्ू ह कल रोक दद।ं 37 ूनकयनोर पर एगो रजद कल आरोप शयगश रहल , जल यरूशल े कल ब् ज्गान े​े सल एगो, अपनय दल ू कल शोग कल पलेद आ बहि बूढयय आदेद रहशन, जल करय कल अपनय दययश् िय कल चशिल यहदद शोग कल ूपिय कहश गइश। 38 पूहशल कल सेय े​े जब उ शोग गै र-यहदद शोग े​े नय घ्शूेशि रहशल ि उन्कय प यहदद धेा कल आरोप शयगश रहल अव् रद उ यहदद धेा कल चशिल अपनय ूरदर अव् रद जयन कल ूनभ्किय सल खिरय े​े डयशि रहशल । 39 एहद सल ूनकयनोर यहदद शोग सल जवन नफरि पैदय कईशल रहशल , ओकरय कल बियवल कल इच् क रहशल अव् रद पयं च सौ सल जयदल य्​्के् भलजशल, जवन ूक उन्कय कल पकडल खयिद भलजशल । 40 कयहल ूक उ अपनय कल यहदद शोग कल बहि न्कसयन पहं चयवल कल सोचि रहशल । 41 जब भदड ब् जा कल पकड कल बयहर कल दरवयजय े​े जोरदयर िरदकय सल घ्स कल ओकरय कल जरल खयूिर आग शल आवल कल कहश चयहि रहल , ि उ चयरो ओर सल पकडल खयूिर िैययर होकल अपनय िशवयर प ूगर गईशल । 42 ऊ द् षन कल हयथ े​े आवल सल बल सद ेदया नय ेरश च्नशल बयडन आ अपनय क्शदन जने सल दोसरय िरह सल द् वावहयर करल कल च्नशल बयडन. 43 शल ूकन ज्बयजद े​े ओकर चोट सल चूक गइश आ भदड भद दरवयजय कल भदिर दौडश, ऊ ूनभ्किय सल दल वयश कल शगल दौडश आ ओकरय े​े सल सबसल ेोट शोग कल बदच ेदया नय होकल ूगर गइश। 44 शल ूकन उ शोग ज्द सल वयपस दल कल खयशद जगह कल बदच े​े ूगर गईशल । 45 िबूहयो जब उनकरय भदिर सयू स रहल ि ऊ कोध सल भडक कल उठ गइशन। आऊ भशल उनकर खून पयनद कल टोंटद ूनयर बहि रहल आ उनकर घयव गं भदर रहल , िबो ऊ भदड कल बदच सल दौडि रहल । आ एगो खडय चटयन पर खडय होकल, 46 जब उनकर खून एकदे खिे हो गइश रहल ि ऊ आपन आं ि उखयड कल अपनय द् न् हयथ े​े शल कल भदड पर फेक ूदहशन आ जदवन आ आाय कल पभ् सल प्कयरि कहशल ूक ऊ ओह शोग कल फलर सल बहयश करस् , ि ऊ एह िरह सल ेर गइशन.


अध्य 15 के ब् 1 शल ूकन ूनकयनोर ई स् न कल ूक यहदय आ उनकर दश सयेररयय कल आसपयस कल ेजबू ि जगहन पर बय, ूबनय कवनो खिरय कल सब कल ूदन उ शोग पर सवयर होखल कल ठयन ूशहशल । 2 ूफर भद यहदद शोग जल उनकय सयथल जयए खयूिर ेजबू र रहल, उ शोग कहश ूक, “हल अिनय कूर आ बबा र िरदकय सल नयू ेि कर, बखल ओह ूदन कल आदर करदं, जवनय कल उ सब क्छ दल खल वयशय, बयकद ूदन सल जयदल पूव्िय सल समयूनि कईशल बय।” 3 िब सबसल बल दद् दररद ेयं ग कइशस ूक अगर सगा े​े कवनो परयकेद होखल, जल सब कल ूदन कल पयशन करल कल आदल ू दल शल होखल। 4 जब उ शोग कहशस ूक, “सगा े​े एगो ूजं दय पभ् आ परयकेद बयडल , जल सयिवयू ूदन कल पयशन करल कल आजय दल शल रहशल । 5 िब दू सरय कहशस, “हे भद धरिद पर परयकेद हईं आ हे हूथययर उठयवल आ रयजय कल कये करल कल आदल ू दल ि बयनद।” िबो ऊ ूेशश ूक ओकर द् ष इचय नय होखल. 6 ूनकयनोर बहि घें ड आ घें ड सल यहदय आ ओकरय सयथल रहश शोग पर आपन जदि कल सयवा जूनक सयरक बनयवल कल ठयन ूशहशन। 7 शल ूकन ेकयूबयस कल पूरय भरोसय रहल ूक पभ् ओकर ेदद करदहल । 8 एहद सल उ अपनय शोग कल ूनहोरय कईशल ूक उ शोग कल खखशयफ गै रयहदद कल आवल सल ेि डल रयए, बयश् क उ ेदद कल ययद करल जवन पूहशल उ शोग कल सगा सल ूेशश रहल , अव् रद अब उ जदि अव् रद सहययिय कल उमदद करल , जवन ूक सवा ूखकेयन कल ओर सल उ शोग कल ूेशल वयशय रहल । 9 आऊ ओह शोग कल ववयय आ भूवषवकय शोग सल ूदशयसय दल ि आ ओह शोग कल पूहशल जदिश शडयई कल बयरल े​े ययद ूदशयवि अउरद ख्ू कर ूदहशन। 10 जब ऊ ओह शोग कल ेन े​े हशचश कइशन ि ऊ ओह शोग कल आजय दल ूदहशन ूक ऊ शोग ओह शोग कल गै र-यहदद कल झूठ आ ूकररयय कल उलंघन कल बयरल े​े बिय ूदहशन. 11 एह िरह सल ऊ ओह शोग े​े सल हर कलह कल ढयश आ भयशय कल रकय सल नय बश् क आरयेदययक आ बूढयय ूबन सल हूथययरबं द कइशन आ एकरय अशयवय ऊ ओह शोग कल एगो सपनय बिवशल जवन ूवशयस करल शययक रहल , जइसल ूक सयू चह अइसन भइश होखल नय िूनको ख्ू होखल कल चयहद ं ओह शोग कल. 12 उनकर दूान इहल रहल ूक ओूनययस, जल ेहयययजक, एगो सद् ग् ाद आ अचय आदेद रहशल , बयिचदि े​े आदरादय, हयशि े​े कोेश, बूढयय बोशल वयशय, आ हयथ ऊपर उठय कल एगो शइकय सल सद् ग् ा कल हर ूबं द् े​े वययये करि रहशल यहदद शोग कल पूरय ूरदर खयूिर पयथानय कइशल । 13 ई सब कइशय पर एगो आदेद धू सर बयश वयशय आ बहिल ेूहेयें ूडि आदेद शउकश जवन अद् भ्ि आ बूढयय ेूहेय कल रहल । 14 िब ओूनययस जवयब ूदहशन, “ई भयई शोग कल पलेद ह, जवन शोग खयूिर आ पूव् नगर खयूिर बहि पयथानय करल शय, ययनद परेल शर कल भूवषवकय ूयेा ययह। 15 ूयेा ययह आपन दयूहनय हयथ बढय कल यहदय कल सोनय कल िशवयर दल कल इहल बोशशल | 16 ई पूव् िशवयर शल शदं, जवन परेल शर कल वरदयन ह, जवनय सल िू ूवरोूधयन कल घयव दल ब। 17 एह िरह सल यहदय कल बयि सल बूढयय सल ूदशयसय ूेशश, जवन बहि बूढयय रहल , आ ओह शोग कल ूौया े​े उकसयवल े​े सके रहल आ नवूहयन कल ूदश कल पोतयूहि करल े​े सके रहल , ि ऊ शोग डल रय नय डयशल कल, बश् क ूहमि सल ओह शोग पर बइठल कल ठयन ूशहशल , आ... ेदया नय िरदकय सल टकरयव सल ेयेशय कल आजेयवल खयूिर, कयहल ूक ूहर अव् रद अभययरण अव् रद ें ूदर खिरय े​े रहल ।

18 कयहल ूक उ शोग अपनय ेल हरयर आ अपनय शइकन, भयई आ शोग कल दल खभयश कल के सल के ूहसयब रखशल रहशल , शल ूकन सबसल बड आ सबसल बड डर पूव् ें ूदर कल रहल । 19 ूहर े​े रहल वयशय शोग भद ूवदल ू े​े सं घदा कल चशिल परल ूयन होकल िनको परवयह नय कईशल । 20 आ अब जब सब शोग दल खि रहल ूक परदकय कय होखल कल चयहद,ं आ द् शन पूहशल सल नजददक आ गइश रहशल , आ सल नय कल सज-धज े​े बइठश रहल , जयनवरन कल स् ूवधय सल रखश गइश रहल , आ घ्डसवयर शोग कल पयू ख े​े बइठश रहल । 21 ेकयबस भदड कल आवल कल, आ कई िरह कल कवच कल िैययरद आ जयनवरन कल उगिय कल दल ख कल सगा कल ओर हयथ बढय कल चेतयर करल वयशय पभ् कल प्कयरशस, कयहल ूक ई जयनि ूक जदि हूथययर सल नय, बश् क ओइसहद ं होशय ओकरय कल अचय शयगल शय, उ ओकरय कल जल योग बय, ओकरय कल दल वलशय। 22 एहद सल उ पयथानय े​े एहद िरह सल कहशल । हल पभ्, िू यहूदयय कल रयजय इजूकययह कल सेय े​े आपन सगा दूि भलजशल रहशू आ सनहल रदब कल सल नय े​े एक शयख पचयस हजयर शोग कल हतय कर ूदहनद। 23 एहद सल हल सगा कल ेयूशक, अब भद हेनद कल सयेनल एगो बूढयय सगा दूि भलज द, जवनय सल उ शोग कल डर आ डर सल डर शयगल । 24 िोहरय बयू ूह कल ियकि सल ऊ शोग आिंूकि हो जयस जवन िोहयर पूव् शोग कल खखशयफ ूनंदय करल खयूिर आवल शय। आ उन्कर अं ि अईसनल हो गईश। 25 िब ूनकयनोर आ उनकर सयथ कल शोग ि्रहद आ गदि शल कल आगल बढश। 26 शल ूकन यहदय आ ओकर सयथद द् शनन सल आवयहन आ पयथानय कल सयथ सयेनय कइशस। 27 एह सल उ शोग अपनय हयथ सल शडि आ ेन सल भगवयन सल पयथानय करि पैिदस हजयर आदेद सल के नय ेयर ूदहशन, कयहल ूक भगवयन कल पकटदकरा सल उ शोग बहि ख्ू हो गईशल । 28 जब शडयई पूरय हो गइश आ ख्ूद सल वयपस शवटि रहशल ि उ शोग जयन गईशल ूक ूनकयनोर अपनय हयर े​े ेरश पडश बय। 29 िब उ शोग अपनय भयदय े​े सवा ूखकेयन कल स् ूि करि बहि ूचलयहट अव् रद हलय ेचवशल । 30 यहदय, जल हेल ूय नयगररकन कल िन-ेन-दूष द् नो े​े पे् ख रकक रहशन, आ जल ूजनगद भर अपनय दल ूवयूसयन कल पूि आपन पले करि रहशन, आजय ूदहशन ूक ूनकयनोर कल ेयथय आ ओकर हयथ ओकरय कंधय सल कयट कल यरूशल े शल आवश जयव . 31 जब उहयू उहयू रहशल आ अपनय जयूि कल शोग कल बोशवशल आ प्जयरद शोग कल वल दद कल सयेनल रखशल ि उ ब् जा कल शोग कल बोशयवल कल भलजशल । 32 ऊ ओह शोग कल नदकयनोर कल नदच ेयथय आ ओह ूनंदय करल वयशय कल हयथ दल खय ूदहशन जवन ऊ घें ड सल बडयई सल सवा ूखकेयन कल पूव् ें ूदर कल खखशयफ फइशवशल रहशल . 33 ऊ अभक ूनकयनोर कल जदभ कयट कल आजय ूदहशन ूक ऊ शोग ओकरय कल ट् कडय-ट् कडय े​े ूचरई कल दल दल व आ ओकरय पयगशपन कल इनये ें ूदर कल सयेनल शटकय दल व. 34 एहद सल हर आदेद ेूहेयें ूडि पभ् कल सगा कल ओर स् ूि करि कहशस, “धन होखल ूक जल आपन जगह कल ूनद्द रखशल बय।” 35 ऊ ूनकयनोर कल ूसर भद टयवर पर शटकय ूदहशल , जवन पभ् कल सब ेदद खयूिर एगो सष आ सष ूनूयनद रहल । 36 उ शोग सबकल एक फरेयन कल सयथ कवनो भद िरदकय सल ूनय्क कईशल ूक उ ूदन ूबनय कवनो गं भदरिय कल नय होखल दल वल, बखल बयरहवयू ेहदनय कल िलरहवयू ूदन ेनयवल कल, जवनय कल सदररययई भयदय े​े अदयर कहश जयशय, ेयद्ूकयस कल ूदन सल एक ूदन पूहशल । 37 ूनकयनोर कल सयथल इहल हयश भइश आ िब सल इबयनद शोग कल अूधकयर े​े ई ूहर रहल । आ इहयू हे एकर अं ि करब।


38 अगर हे बूढयय कये कइशल बयनद आ कहयनद कल अन्रप बय ि ऊ उहल ह जवन हे चयहि रहनद, बयूकर अगर पिशय आ नदच होखब ि ऊ उहल ह जवन हे हयूसश कर सकि रहनद। 39 जइसल ूक अकलशल ूरयब भय पयनद पदयश न्कसयनदल ह होशय। आ जइसल पयनद े​े घ्शश ूरयब स् खद होशय आ सयद कल ख्ू करल शय, ओइसहद ं ेहदन फले कइश भयदा कहयनद पढल वयशय कल कयन कल ख्ू करल शय। आ इहयू एकर अं ि हो जयई।


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