5000 के फीडिं ग के बारे मे बतावल गइल बा मती 14:13-21 मे डिहल गइल बा 13 जब यीशु ई बात सुनले त उहाँ से जहाज से अलग-अलग रे डगसान मे चल गईले, आ जब लोग एकरा के सुन के शहरन से पैिल चल के उनकरा पीछे -पीछे चल गईले | 14 यीशु डनकल के बहत भीड के िे खले आ उनकरा पर िया आ गइल आ उनकर बेमार लोग के ठीक कर डिहलन। 15 जब साँ झ हो गइल त उनकर चेलन उनकरा लगे अइले आ कहलन, “ई एगो रे डगसान ह आ अब समय बीत गइल बा। भीड के भेज िी ं डक ऊ लोग गाँ व मे जाके अपना खाडतर खाना खरीि सके। 16 लेडकन यीशु ओनसे कहलन, “ उनका के जाए के जररत नइखे। तूँ ओह लोग के खाए खाडतर िे िऽ। 17 उ लोग ओकरा से कहलस डक, “हमनी के लगे पां च रोटी अवुरी िु मछरी बा।” 18 ऊ कहलन, “ ओकनी के हमरा लगे ले आवऽ.” 19 ऊ भीड के घास पर बइठे के आिे श डिहलन आ पाँ च गो रोटी आ िू गो मछरी लेके आकाश के ओर िे खत आशीष डिहलन आ तोड के रोटी के अपना चेलन के आ चेलन के भीड के िे डिहलन. 20 उ सब खा के पेट भर गईले अवुरी जवन टु कडा बचल रहे ओकरा मे से बारह टोकरी भर गईले। 21 जे लोग खाना खइले रहे , उ मेहरार आ लइका-लइकी के छोड के लगभग पां च हजार मरि रहले।
मरकु स 6:30-44 मे डिहल गइल बा 30 पेररत लोग यीशु के लगे एकटा होके उ लोग के काम आ डसखावल सब बात बतवले| 31 ऊ ओह लोग से कहलन डक, “ तू लोग अलग-अलग रे डगसान मे आके कुछ िे र आराम करऽ, काहे डक बहत लोग आवत-जात रहे आ ओह लोग के खाना खाए के फुरसत ना रहे । 32 उ लोग एकां त मे जहाज से एगो रे डगसानी जगह प डनकल गईले। 33 लोग ओह लोग के जात िे ख के बहत लोग उनका के जान गइल आ सब शहरन से पैिल उहाँ भागल आ ओह लोग के आगे बढ के ओकरा लगे आ गइल।
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34 यीशु जब बाहर डनकलले त बहत लोग के िे खले अवुरी उनुका प िया आईल, काहे की उ भेड डनहन रहले, जवना के चरवाहा ना रहे । 35 जब डिन बहत िू र हो गइल त उनकर चेला लोग उनकरा लगे आके कहलन, “ई एगो रे डगसान ह आ अब समय बहत बीत गइल बा। 36 ओह लोग के भेज िी ं डक ऊ लोग आसपास के िे हात आ गाँ व मे जाके अपना खाडतर रोटी खरीि सके, काहे डक ओह लोग के खाए खाडतर कुछु ओ नइखे। 37 ऊ जवाब डिहलन, “ तू लोग ओह लोग के खाना िे िी ं।” उ लोग ओकरा से कहलस डक का हमनी के जाके िु सौ पईसा के रोटी खरीि के खाए के िे ब जा? 38 उ लोग से कहलस डक तोहनी के लगे केतना रोटी बा? जाके िे खऽ। जब ऊ लोग के पता चलल त ऊ लोग कहत बा डक “पाँ च गो आ िू गो मछरी.” 39 ऊ ओह लोग के आजा डिहलन डक सब लोग के हररयर घास पर बईठावल जाव। 40 ऊ लोग सैकडन आ पचास के पंक् मे बइठल। 41 पां च गो रोटी आ िू गो मछरी लेके ऊ आकाश के ओर िे खलन आ आशीवाव ि डिहलन आ रोटी के तोड के अपना चेलन के िे डिहलन डक ऊ लोग ओह लोग के सोझा राखसु . आ िु नो मछरी के उ सब के बीच बां ट डिहलस। 42 सब लोग खा के पेट भर गइलन। 43 उ लोग बारह गो टोकरी मे टु कडा-टु कडा आ मछरी से भरल रखले। 44 रोटी के खाए वाला लोग करीब पां च हजार आिमी रहले।
लूक ा 9:10-17 मे डिहल गइल बा 10 जब पेररत लोग वापस अईले त उ सब काम उनुका के बतवले। उ ओह लोग के लेके बेतसैिा शहर के एगो रे डगसानी जगह मे एकां त मे चल गईले। 11 लोग जब ई बात जान गइल त उनकरा पीछे चल गइल आ ऊ उनकरा के गहर कइलन आ उनकरा से परमेशर के राज के बारे मे बात कइलन आ ठीक होखे के जररत वाला लोग के ठीक कर डिहलन। 12 जब डिन खतम होखे लागल त बारह लोग आके कहलन डक, “भीड के भगा ि, ताडक उ लोग आसपास के नगर अवुरी िे हात मे जाके ठहर के खाना खाए, काहे डक हमनी के इहाँ एगो रे डगसानी जगह प बानी। 13 लेडकन उ ओ लोग से कहलस, “ तू लोग ओकनी के खाए के िे िऽ।” उ लोग कहले, “हमनी के लगे पां च रोटी अवुरी िु मछरी के अलावे अवुरी कुछूओ नईखे। डसवाय हमनी के जाके एह सब लोग खाडतर मां स खरीिे के चाही ं। 14 काहे डक उ लोग करीब पां च हजार आिमी रहले। ऊ अपना चेलन से कहलन, “ पचास लोग के एक िल मे बइठा िी ं.” 15 उ लोग अयीसन कईले अवुरी सभके बईठवले। 16 तब उ पां च रोटी आ िू गो मछरी लेके आकाश के ओर िे खत आशीष िे के चेलन के भीड के सामने रखे खाडतर िे डिहलन। 17 उ लोग खाना खइले आ सब लोग पेट भर गइल आ ओह लोग के लगे जवन टु कडा बचल रहे ओकरा मे से बारह गो टोकरी जमा हो गइल।
यूह ना 6:1-14 मे डिहल गइल बा 1 एकरा बाि यीशु गलील के समुंिर के पार चल गईले , जवन डक डतबेररया के समुंिर ह।
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2 बहत भीड उनकरा पीछे -पीछे चलल, काहे डक उ लोग उनकर चमतार िे ख के जवन उ बेमार लोग पर करत रहले| 3 यीशु एगो पहाड पर चढ गइलन आ उहाँ उ अपना चेलन के साथे बइठ गइलन। 4 यहिी लोग के फसह के परब नजिीक आ गईल रहे । 5 जब यीशु आपन आँ ख उठा के िे खलन डक एगो बडहन भीड उनका लगे आवत बा, त डफडलपुस से पूछले, “ हमनी के रोटी कहाँ से खरीिब जा ताडक इ लोग खा सके? 6 उ इ बात ओकरा के परख के कहलस, काहे डक उ खुि जानत रहले डक उ का करीहे । 7 डफडलपुस जवाब डिहलन, “उनका खाडतर िू सौ पइसा के रोटी पयाव ा नइखे डक हर केह थोड-बहत रोटी ले सके।” 8 उनकर एगो चेला डसमोन पतरस के भाई अँडिर यास उनका से कहलस। 9 इहाँ एगो लईका बा, जेकरा लगे पां च जौ के रोटी अवुरी िु गो छोट मछरी बा, लेडकन एतना मछरी मे इ का बा? 10 यीशु कहलन, “ पुरषन के बइठा िऽ।” अब ओह जगहा बहत घास हो गइल रहे । त उ लोग बईठ गईले , संखा मे करीब पां च हजार। 11 यीशु रोटी लेके चल गइलन। जब ऊ धनवाि डिहलन त चेला लोग के आ चेला लोग के बईठल लोग मे बाँ ट डिहलन। आ ओही तरह मछरी के भी ओतने जतना चाहत रहे । 12 जब उ लोग पेट भर गईले त उ अपना चेलन से कहले, “ बचे वाला टु कडा के बटोर ली ं ताडक कुछु ओ ना गँवावल जा सके।” 13 एही से उ लोग ओह लोग के बटोर के बारह गो टोकरी मे जौ के पां च गो रोटी के टु कडा भर डिहले जवन डक खाए वाला लोग खाडतर बचे वाला पां च गो रोटी के टु कडा रहे । 14 उ लोग यीशु के कइल चमतार िे ख के कहले, “सच मे उ भडवषव्ा हवे जे िु डनया मे आवे वाला बा।”
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