Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2021 = 7.380, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFEREED JOURNAL, MAY-JUNE, 2022, VOL- 10/71
राष्ट्रीय शिक्षा शिशि : महत्व व चुिौशियााँ
डॉ० एम०पी० त्रिपाठी1 एवं िाशििी चौपड़ा2 1
एसो० प्रोफेसर शिक्षा-संकाय ,आर०आर०पी०जी० कॉिेज अमेठी, उत्तर प्रदे ि
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िोध छािा शिक्षा-संकाय , E-mail ID: shalinitandon25@gmail.com
Paper Received On: 22 JUNE 2022 Peer Reviewed On: 27 JUNE 2022 Published On: 28 JUNE 2022
Abstract
राष्ट्रीय शिक्षा शिशि, 2020 में भारि केन्द्रिि शिक्षा प्रणािी की पररकल्पिा की गयी है । सभी को उच्च गुणवत्ता वािी शिक्षा प्रदाि करके, यह हमारे दे ि के एक समाि और और सपरि ज्ञाि समाज की ददिा में दीर्घकाशिक पररविघि में सीधे योगदाि दे िा है । यह 21वीं सदी की पहिी शिक्षा शिशि है , न्द्जसका उद्दे श्य हमारे दे ि की कई बढ़िी हुई त्रवकासात्मक अशिवायघिाओं को संबोशधि करिा है । यह शिशि भारि की परम्पराओं और मूल्य प्रणाशियों पर शिमाघण करिे हुए, 21वीं सदी की शिक्षा के आकांक्षात्मक िक्ष्यों के साथ संरेन्द्िि एक िई प्रणािी बिािे के शिए इसके त्रवशियमि िासि सदहि शिक्षा प्रणािी के सभी पहिुओं को संिोशधि करिे का प्रस्िाव करिी है । NEP, 2020 प्रत्येक व्यत्रि की रचिात्मक क्षमिा और उच्च क्रम की संज्ञािात्मक क्षमिाओं के त्रवकास पर त्रविेष जोर दे िा है , जैसे दक महत्वपूणघ सोच और समस्या समाधाि; और सामान्द्जक िैशिक और भाविात्मक क्षमिा और सवभाव । सबसे महत्वपूणघ बाि यह है दक प्राचीि और िाश्वि भारिीय ज्ञाि और त्रवचारों की समृद्ध त्रवरासि िे इस िीशि को बिािे में मागघदिघि दकया है । मुख्य िब्द : राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, गुणवत्तापूण,घ ऑपरे िि ब्िेकबोडघ , वैन्द्श्वक पररदृश्य, बुियादी साक्षरिा, संख्यािात्मक ज्ञाि । Scholarly Research Journal's is licensed Based on a work at www.srjis.com
भूशमका
जीवि में शिक्षा के महत्त्व को दे ििे हुए गुणवत्तापूणघ शिक्षा उपिब्ध करािे के
उद्दे श्य से विघमाि सरकार िे शिक्षा क्षेि में व्यापक बदिावों के शिये िई राष्ट्रीय शिक्षा िीशि को मंजूरी दे दी है । करीब िीि दिक के बाद दे ि में िई शिक्षा िीशि को मंजूरी दी
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गई है । इससे पूवघ वषघ 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा िीशि बिाई गई थी और वषघ 1992 में इसमें
संिोधि दकया गया था। उम्मीद की जा रही है दक यह शिक्षा िीशि शिक्षा क्षेि में िवीि और सवाांगीण पररविघिों की आधारशििा रिेगी। त्रवददि है दक राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 2020 को िैयार करिे के शिये त्रवश्व की सबसे बड़ी परामिघ प्रदक्रया आयोन्द्जि की गयी
थी। न्द्जसमें दे ि के त्रवशभरि वगों से रचिात्मक सुझाव मााँगे गए थे । प्राप्त सुझावों और
त्रवशभरि शिक्षात्रवदों के अिुभव िथा के. कस्िूरीरं गि सशमशि की शसफाररिों के आधार पर शिक्षा िक सबकी आसाि पहुाँच, समिा, गुणवत्ता, वहिीयिा और जवाब दे ही के आधारभूि स्िंभों पर शिशमघि यह िई शिक्षा िीशि सिि त्रवकास के शिये‘ एजेंडा 2030’
के अिुकूि है और इसका उद्दे श्य 21वीं ििाब्दी की आवश्यकिाओं के अिुकूि स्कूि और कॉिेज की शिक्षा को अशधक समग्र, िचीिा बिािे हुए भारि को एक ज्ञाि
आधाररि जीवंि समाज और वैन्द्श्वक महाित्रि में बदिकर प्रत्येक छाि में शिदहि अदििीय क्षमिाओं को सामिे िािा है । भारिीय शिक्षा की त्रवकास यािा राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 1968
स्विंि भारि में शिक्षा पर यह पहिी िीशि कोठारी आयोग (1964-1966) की शसफाररिों पर आधाररि थी।
● शि क्षा को राष्ट्रीय महत्त्व का त्रव षय र्ोत्रष ि दक या गया।
● 14 वषघ की आयु िक के सभी बच्चों के शि ये अशि वायघ शि क्षा का िक्ष्य और शिक्षकों का बेहिर प्रशिक्षण और योग्यिा पर फोकस।
● िीशि िे प्राचीि संस्कृ ि भाषा के शिक्षण को भी प्रोत्सादहि दकया, न्द्जसे भारि की संस्कृ शि और त्रवरासि का एक अशिवायघ दहस्सा मािा जािा था।
● शिक्षा पर केरिीय बजट का 6 प्रशििि व्यय करिे का िक्ष्य रिा।
● माध्यशमक स्िर पर ‘त्रिभाषा सूि’ िागू करिे का आह्वाि दकया गया। राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 1986
● इस िीशि का उद्दे श्य असमाििाओं को दरू करिे त्रविेष रूप से भारिीय मदहिाओं, अिुसशू चि
जिजाशियों और अिुसशू चि जाशि समुदायों के शिये िैन्द्क्षक अवसर की बराबरी करिे
पर त्रविेष ज़ोर दे िा था।
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● इस िीशि िे प्राथशमक स्कूिों को बेहिर बिािे के शिये "ऑपरे िि ब्िैकबोडघ " िॉरच दकया।
● इस िीशि िे इं ददरा गांधी राष्ट्रीय मुि त्रवश्वत्रवद्यािय के साथ ‘ओपि यूशिवशसघ टी’ प्रणािी का त्रवस्िार दकया।
● ग्रामीण भारि में जमीिी स्िर पर आशथघक और सामान्द्जक त्रवकास को बढ़ावा दे िेके शिए महात्मा गांधी के दिघि पर आधाररि "ग्रामीण त्रवश्वत्रवद्यािय" मॉडि के शिमाघण के शिये िीशि का आह्वाि दकया।
राष्ट्रीय शिक्षा िीशि में संिोधि, 1992
● राष्ट्रीय शिक्षा िीशि , 1986 में संिोधि का उद्दे श्य दे ि में व्यावसाशयक और िकिीकी
कायघक्रमों में प्रवेि के शिये अन्द्िि भारिीय आधार पर एक आम प्रवेि परीक्षा आयोन्द्जि करिा था।
● इं जीशियररं ग और आदकघटे क्चर कायघक्रमों में प्रवेि के शिये सरकार िे राष्ट्रीय स्िर पर
संयि ु प्रवेि परीक्षा (Joint Entrance Examination-JEE) और अन्द्िि भारिीय इं जीशियररं ग प्रवेि परीक्षा (All India Engineering Entrance Examination- AIEEE) िथा राज्य स्िर के संस्थािों के शिये राज्य स्िरीय इं जीशियररं ग प्रवेि परीक्षा (SLEEE) शिधाघररि की।
● इसिे प्रवेि परीक्षाओं की बहुििा के कारण छािों और उिके अशभभावकों पर िारीररक, मािशसक और त्रवत्तीय बोझ को कम करिे की समस्याओं को हि दकया। शिक्षा िीशि में पररविघि की आवश्यकिा क्यों?
34 वषों के बाद भारि के शिक्षा िीशि में बदिाव के शिम्ि कारण हैं
● बदििे वैन्द्श्वक पररदृश्य में ज्ञाि आधाररि अथघव्यवस्था की आवश्यकिाओं की पूशिघ करिे केशि ये मौजूदा शिक्षा प्रणािी में पररविघि की आवश्यकिा थी।
● शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ािे, िवाचार और अिुसंधाि को बढ़ावा दे िे के शिये िई शिक्षा िीशि की आवश्यकिा थी।
● भारिीय शिक्षण व्यवस्था की वैन्द्श्वक स्िर पर पहुाँच सुशिन्द्िि करिे के शिये शिक्षा के वैन्द्श्वक मािकों को अपिािे के शिये शिक्षा िीशि में पररविघि की आवश्यकिा थी।
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राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 2020
राष्ट्रीय शिक्षा िीशि -2020 में शिक्षा की पहुाँच, समिा, गुणवत्ता, वहिीयिा और
उत्तरदाशयत्व जैसे मुद्दों पर त्रविेष ध्याि ददया गया है । िई शिक्षा िीशि के िहि केंि व
राज्य सरकार के सहयोग से शिक्षा क्षेि पर दे ि की जीडीपी के 6% दहस्से के बराबर
शिवेि का िक्ष्य रिा गया है । िई शिक्षा िीशि के अंिगघि ही ‘मािव संसाधि त्रवकास मंिािय’ (Ministry of Human Resource Development- MHRD) का िाम बदि कर ‘शिक्षा मंिािय’ (Education Ministry) करिे को भी मंज़ूरी दी गई है । राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 2020 की प्रमिु त्रबंद ु
प्रारं शभक शिक्षा से संबंशधि प्रावधाि
● 3 वषघ से 8 वषघ की आयु के बच्चों के शि ये िैन्द्क्षक पाठ्यक्रम का दो समूहों में
त्रवभाजि- 3 वषघ से 6 वषघ की आयु के बच्चों के शिये आाँगिवाड़ी/बािवादट का/प्रीस्कूि (Pre-School) के माध्यम से मुफ्ि, सुरन्द्क्षि और गुणवत्तापूणघ ‘प्रारं शभक बाल्यावस्था
दे िभाि और शिक्षा’ (Early Childhood Care and Education ECCE) की उपिब्धिा सुशिन्द्िि करिा।
● 6 वषघ से 8 वषघ िक के बच्चों को प्राथशमक त्रवद्याियों में कक्षा 1 और 2 में शिक्षा प्रदाि की जाएगी।
● प्रारं शभक शिक्षा को बहुस्िरीय िेि और गशित्रवशध आधाररि बिािे को प्राथशमकिा दी जाएगी।
● NEP में MHRD िारा ‘बुशियादी साक्षरिा और संख्यात्मक ज्ञाि पर एक राष्ट्रीय शमिि’ (National Mission on Foundational Literacy and Numeracy) की स्थापिा की मांग की गई है ।
● राज्य सरकारों िारा वषघ 2025 िक प्राथशमक त्रवद्याियों में कक्षा-3 िक के सभी बच्चों में बुशियादी
साक्षरिा और संख्यात्मक ज्ञाि प्राप्त करिे हे िु इस शमिि के दक्रयारवयि की योजिा िैयार की जाएगी।
भाषायी त्रवत्रवधिा को संरक्षण
● NEP-2020 में कक्षा-5 िक की शिक्षा में मािृभाषा/ स्थािीय या क्षेिीय भाषा को
अध्यापि के माध्यम के रूप मेंअपिािेपर बि दद या गया है , साथ ही इस िीशि Copyright © 2022, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
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मेंमािृभाषा को कक्षा-8 और आगे की शिक्षा के शिये प्राथशमकिा दे िे का सुझाव ददया गया है ।
● स्कूिी और उच्च शिक्षा में छािों के शिये संस्कृ ि और अरय प्राचीि भारिीय भाषाओं का त्रवकल्प उपिब्ध होगा परं िु दकसी भी छाि पर भाषा के चुिाव की कोई बाध्यिा िहीं होगी।
पाठ्यक्रम और मूल्यांकि संबंधी सुधार: इस िीशि में प्रस्िात्रवि सुधारों के अिुसार, किा और त्रवज्ञाि, व्यावसाशयक िथा िैक्षन्द्णक त्रवषयों एवं पाठ्यक्रम व पाठ्येिर गशि त्रवशधयों के बीच बहुि अशधक अंिर िहीं होगा।
● कक्षा-6 से ही िैन्द्क्षक पाठ्यक्रम में व्यावसाशयक शिक्षा को िाशमि कर ददया जाएगा और इसमें इं टिघशिप (Internship) की व्यवस्था भी दी जाएगी।
● ‘राष्ट्रीय िैन्द्क्षक अिुसध ं ाि और प्रशिक्षण पररषद’ (National Council of Educational
Research and Training- NCERT) िारा ‘स्कूिी शिक्षा के शिये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरे िा’ (National Curricular Framework for School Education) िैयार की जाएगी।
● छािों के समग्र त्रवकास के िक्ष्य को ध्याि में रििे हुए कक्षा-10 और कक्षा-12 की
परीक्षाओं में बदिाव दकये जाएंगे। इसमें भत्रवष्य में समेस्टर या बहुत्रवकल्पीय प्रश्न आदद जैसे सुधारों को िाशमि दकया जा सकिा है ।
● छािों की प्रगशि के मूल्यांकि के शिये मािक-शिधाघरक शिकाय के रूप में ‘परि’ (PARAKH) िामक एक िए ‘राष्ट्रीय आकिि केंि’ (National Assessment Centre) की स्थापिा की जाएगी।
● छािों की प्रगशि के मूल्यांकि िथा छािों को अपिे भत्रवष्य से जुड़े शिणघय िेिे में सहायिा प्रदाि करिे के शिये ‘कृ त्रिम बुत्रद्ध मत्ता’ (Artificial Intelligence- AI) आधाररि सॉफ्टवेयर का प्रयोग।
शिक्षण व्यवस्था से संबंशधि सुधार
● शिक्षकों की शियुत्रि में प्रभावी और पारदिी प्रदक्रया का पािि िथा समय-समय पर शिये गए कायघ-प्रदिघि आकिि के आधार पर पदोरिशि।
● राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा पररषद वषघ 2022 िक ‘शिक्षकों के शिये राष्ट्रीय व्यावसाशयक
मािक’ (National Professional Standards for Teachers- NPST) का त्रवकास दकया जाएगा।
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● राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा पररषद िारा NCERT के परामिघ के आधार पर ‘अध्यापक शिक्षा हे िु राष्ट्रीय पाठ्यचयाघ की रूपरे िा’ (National Curriculum Framework for Teacher Education-NCFTE) का त्रवकास दकया जाएगा।
● वषघ 2030 िक अध्यापि के शिये रयूििम दडग्री योग्यिा 4- वषीय एकीकृ ि बी०एड० दडग्री का होिा अशिवायघ दकया जाएगा। उच्च शिक्षा से संबंशधि प्रावधाि
● NEP-2020 के िहि उच्च शिक्षण संस्थािों में ‘सकि िामांकि अिुपाि’ (Gross Enrolment Ratio) को 26.3% (वषघ 2018) से बढ़ाकर 50% िक करिे का िक्ष्य रिा गया है , इसके साथ ही दे ि के उच्च शिक्षण संस्थािों में 3.5 करोड़ िई सीटों को जोड़ा जाएगा।
● NEP-2020 के िहि स्िािक पाठ्यक्रम में मल्टीपि एंट्री एंड एन्द्क्ज़ट व्यवस्था को
अपिाया गया है , इसके िहि 3 या 4 वषघ के स्िािक कायघक्रम में छाि कई स्िरों पर पाठ्यक्रम को छोड़ सकेंगेऔर उरहें उसी के अिुरूप दडग्री या प्रमाण-पि प्रदाि दक या
जाएगा (1 वषघ के बाद प्रमाणपि, 2 वषों के बाद एडवांस दडप्िोमा, 3 वषों के बाद स्िािक की दडग्री िथा 4 वषों के बाद िोध के साथ स्िािक)।
● त्रवशभरि उच्च शिक्षण संस्थािों से प्राप्त अंकों या क्रेदडट को दडन्द्जटि रूप से सुरन्द्क्षि
रििे के शिये एक ‘एकेडशमक बैंक ऑफ क्रेदडट’ (Academic Bank of Credit) ददया
जाएगा, न्द्जससे अिग-अिग संस्थािों में छािों के प्रदिघि के आधार पर उरहें दडग्री प्रदाि की जा सके।
● िई शिक्षा िीशि के िहि एम.दफि. (M. Phil) कायघक्रम को समाप्त कर ददया गया। भारि उच्च शिक्षा आयोग
● शचदकत्सा एवं कािूिी शिक्षा को छोड़कर पूरे उच्च शिक्षा क्षेि के शिये एक एकि शिकाय के रूप में भारि उच्च शिक्षा आयोग (Higher Education Commission of India -HECI) का गठि दकया जाएगा।
● HECI के कायों के प्रभावी और प्रदशिघिापूणघ शिष्पादि के शिये चार संस्थािों/शिकायों
का शिधाघरण दकया गया है - त्रवशियमि हे िु- राष्ट्रीय उच्चिर शिक्षा शियामकीय पररषद (National Higher Education Regulatory Council NHERC) ● मािक शिधाघरण- सामारय शिक्षा पररषद (General Education Council- GEC) Copyright © 2022, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
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● त्रवि पोषण- उच्चिर शिक्षा अिुदाि पररषद (Higher Education Grants CouncilHEGC) ● प्रत्यायि- राष्ट्रीय प्रत्यायि पररषद (National Accreditation Council- NAC) ● दे ि में आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) के समकक्ष वैन्द्श्वक मािकों के ‘बहुत्रवषयक शिक्षा एवं अिुसंधाि त्रवश्वत्रवद्यािय’ (Multidisciplinary Education and Research Universities- MERU) की स्थापिा की जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 2020 से संबंशधि चुिौशियााँ :
● महाँ गी शिक्षा: िई शिक्षा िीशि में त्रवदे िी त्रवश्वत्रवद्याियों के प्रवेि का मागघ प्रिस्ि
दकया गया है , त्रवशभरि शिक्षात्रवदों का माििा है दक त्रवदे िी त्रवश्वत्रवद्याियों के प्रवेि से भारिीय शिक्षण व्यवस्था महाँ गी होिे की संभाविा है । पररणामस्वरूप शिम्िवगघ के छािों के शिये उच्च शिक्षा प्राप्त करिा चुिौिीपूणघ हो जाएगा।
● शिक्षकों का पिायि: त्रवदे िी त्रवश्वत्रवद्याियों के प्रवेि से भारि के दक्षशिक्षक भी इि त्रवश्वत्रव द्याियों में अध्यापि हे िु पिायि कर सकिे हैं ।
● शिक्षा का संस्कृ शिकरण: दन्द्क्षण भारिीय राज्यों का यह आरोप है दक ‘त्रि -भाषा’ सूि से सरकार शिक्षा का संस्कृ शिकरण करिे का प्रयास कर रही है ।
● संसद की अवहे ििा: त्रवपक्ष का आरोप है दक भारिीय शिक्षा की दिा व ददिा िय करिे वािी इस िीशि को अिुमशि दे िे में संसद की प्रदक्रया का उल्िंर्ि दकया गया। पूवघ में राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 1986 भी संसद के िारा िागू की गई थी।
● मािव संसाधि का अभाव: विघमाि में प्रारं शभक शिक्षा के क्षेि में कुिि शिक्षकों का
अभाव है , ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा िीशि, 2020 के िहि प्रारं शभक शिक्षा हे िु की गई व्यवस्था के दक्रयारवयि में व्यावहाररक समस्याएाँ हैं ।
शिष्कषघ : संन्द्क्षप्त रुप में कहा जा सकिा है दक NEP 2020 सचमुच हर िरह से एक क्रांशिकारी दस्िावेज़ है । इस िीशि के िहि िमाम दस ू रे मसिों के साथ-साथ िैक्षन्द्णक
मुद्दों और ढांचागि त्रवषमिाओं के शिपटारे पर ज़ोर ददया गया है । इसमें 21वीं सदी में भारि की ज़रूरिों के मद्दे िज़र शिक्षा को व्यापक और सुिभ बिािेऔर छािों को भावी
मांग के दहसाब से िैयार करिे का िाका िींचा गया है । इसके साथ ही NEP के सामिे शिक्षा जगि की अिेक समस्याओं से शिपटिे की कदठि चुिौिी भी है । शिन्द्िि रूप से भारि अपिी युवा आबादी का िाभ उठािा चाहिा है . साथ ही िेज़ गशि से बढ़िी ज्ञािCopyright © 2022, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
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आधाररि अथघव्यवस्था में पैदा होिे वािे अवसरों को भी हम अपिे फायदे के शिए इस्िेमाि करिा चाहिे हैं । ऐसे में िई शिक्षा िीशि पर प्रभावी रूप से अमि करिा शिहायि ज़रूरी हो जािा है । NEP दे ि का कायापिट करिे की क्षमिा रििी है । यही
वजह है दक महामारी से जुड़ी िमाम चुिौशियों के बावजूद केंि सरकार िे इसकी गंभीरिा और मकसद को समझिे हुए ित्काि कई कदम उठाए हैं । संदभघ
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