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GANIT PATHYAKRAM KE CHAYAN KARNE ME AVARONDHO KI PAHACHAN EANV KARAKO KA VISHLESHAN

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Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2021 = 7.380, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFEREED JOURNAL, MAR-APRIL, 2021, VOL- 8/64 गणित पाठ्यक्रम के चयन करने में अवरोधो​ों की पहचान एवों कारको का णवश्लेषि जयवीर ण ोंह & आर. पुष्पा नामदे व, Ph. D. jayveern50@gmail.com & pushpanamdeo@yahoo.com

शिक्षा शिद्यापीठ, महात्मा गा​ां धी आां तरराष्ट्रीय शहां दी शिश्वशिद्यालय िधा​ा , महाराष्ट्र

Paper Received On: 21 APRIL 2021 Peer Reviewed On: 28 APRIL 2021 Published On: 1 MAY 2021 Abstract गशित पाठ्यक्रम को पढ़ते समय शिद्याशथा बहुत सी समस्याओां का सामना करते हैं । ये समस्याए गशित पाठयक्रम अध्ययन में अिरोध उत्पन्न करती हैं । इन्ीां समस्याओां के कारि छात्ोां में गशित शिषय छोड़ने या चयन न करने की प्रिृ शत का शिकास होता हैं । इस प्रिृ शत को कम करने के शलए गशित शिषय छोड़ने के पीछे एिां चयन न करने पीछे के कारिोां की पहचान करना एिां शिश्लेषि करना आिश्यक हैं । िोधाशथायोां ने इस पत् में सां बांशधत साशहत्य की समीक्क्क्षा कर 38 कारिोां को पहचान की हैं । शिन्ें आठ समूह में िगीकृत शकया गया है शिसमें व्यक्तिगत कारि, मनोिै ज्ञाशनक कारि, पूिा कक्षागत अनुभि, शिक्षक के व्यिहार से सां बांशधत कारि, सांस्थागत कारि, सामाशिक एिां पया​ा िरिीय कारि, गशित एिां गशित पाठ्यक्रम से सां बांशधत कारि। उपकरि की शिश्वसनीयता और िै धता के सम्बन्ध में और सम्बक्तन्धत सु झाि भी सक्तिशलत शकए गए हैं । तथा कथनोां का शिश्लेषि एिां शि​िे चना का काया प्रशतित शिश्लेषि के माध्यम से शकया हैं । प्रदत्ोां की सां ग्रहि हे तु ऑनलाइन सिे क्षि शिशध का प्रयोग शकया गया शिसमें 65 प्रशतशक्रया दाताओां ने प्रशतशक्रया शदया। शिसमें 76% पुरुष और 24% मशहलाएां सक्तिशलत हैं । गशित पाठ्यक्रम को छोड़ने की क्तस्थशत को कम करने के शलए पाठ्यक्रमोां में लचीलापन तथा छात्ोां को बे हतर िानकारी के साथ शिक्षि-अशधगम करिाना चाशहए। साथ ही में कक्षा-कक्ष अन्तःशक्रया में िास्तशिक एिां दृश्य सामग्री का प्रयोग करना चाशहए। गशित पाठ्यक्रम छोड़ने एिां चयन करने की दर को बढ़ाने के शलए गशित सां बांशधत भशिष्य के महत्व को बताना चाशहए। शिद्याशथायोां में असामाशिक व्यिहार स्थानीय समस्याओां दू र करना होगा । पाररिाररक समस्याओां को दू र करना होगा। गशित अशधगम सां बांशधत कशठनाइयोां को दू र करना होगा ।माता शपता एिां शिक्षा से सां बांशधत समस्याओां को दू र करना होगा। शिससे गशित शिषय एिां पाठ्यक्रम को छोड़ने की दर को कम शकया िा सकता हैं । बीज शब्द: गशित, कारि, प्रशतशक्रया,प्रशतशक्रया दाता, आशद।

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पृ ष्ठभूणम गशित पढ़ते समय शिद्याशथा योां को अने कोां समस्याओां का सामना करना पड़ता हैं (क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुासन, डी. 2005) । िै से-िै से छात् बड़ी कक्षाओां में पहुां चते हैं , िैसे ही शिद्याशथा योां की शभन्नता बढ़ िाती हैं । छात् शिशभन्न सांकाय िै से शिज्ञान, कला, िाशिज्य एिां अन्य शिषयोां में बांट िाते हैं । इन भागोां में बटने के पीछे कई कारि होते हैं (सालािार-फननॅं डेज़, िे . पी., सेपुल्वेडा, एम. एिां मु नोज़-गमा, िे .2019)। ये कारि गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोध उत्पन्न करते हैं । इन कारिोां के कारि शिद्याशथा गशित पाठ्यक्रम छोड़ दे ते हैं , या शफर गशित शिषय

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(Pg. 14807-14817) में अध्ययन िारी नहीां रखते हैं । (ली, िी. इ., एिां बुरकम, डी. टी. 2003) ने माध्यशमक शिद्यालय की छात्ोां की स्कूल छोड़ने एिां स्कूल में न रहने के कारिोां को िानने का प्रयास शकया था। िहा​ाँ इन्ोांने स्कूल छोड़ने एिां स्कूल न छोड़ने के कारिोां को तीन भागोां में िगीकरि शकया। पहला सामाशिक क्तस्थशत शिसमें इन्ोांने शलां ग, सामाशिकआशथा क क्तस्थशत, पाररिाररक ढा​ां चा, रहने की क्तस्थशतआशद को सक्तिशलत शकया था। दू सरा िै शक्षक पृष्ठभू शम शिसमें उन्ोांने शिद्याशथा योां की छात्ोां की क्षमता, परीक्षाओां में प्राप्त अांक, एिां स्कूल में छात्ोां के इशतहास को सक्तिशलत शकया था। तथा तीसरा इन्ोांने अकादमी व्यिहार को सक्तिशलत शकया, शिसमें स्कूल प्राप्ता​ां क, पाठ्यक्रम प्रशतयोशगताओां मैं सहभाशगता, तथा असफल होने से सांबांशधत कारिोां को सक्तिशलत शकया था। बहुत से छात् व्यक्तिगत समस्याओां और चुनौशतयोां एिां अन्य कारिोां के कारि िै से सामाशिक पररिेि, आशथा क एिां सामाशिक आधार, शिक्षि सांस्थान का व्यिहार, शिक्षक का व्यिहार, पाठ्यक्रम सांबांशधत कारि , भशिष्य सम्बक्तन्धत

पूिा अशभग्रहोां पूिा​ा ग्रह एिां

पररकल्पनाओां को समशलत शकया था, शिन अिरोधोां के कारि छात् गशित पाठ्यक्रम को शिद्यालय एिां शिश्वशिद्यालय स्तर पर छोड़ दे ते हैं (क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुासन, डी. 2005) । गशित पाठयक्रम के अध्ययन से सम्बक्तन्धत अिरोधोां तक पहुां चने के शलए,गशित पाठ्यक्रम छोड़ने के पीछे कारिोां की पहचान एिां शिश्लेषि करना आिश्यक हैं । गशित पाठ्यक्रम छोड़ने के पीछे कारिोां की पहचान करने के शलए सम्बक्तन्धत साशहत्य की समीकक्षाओाँ समीकक्षा के अध्धयन स्वरूप पाया है , शक गशित पाठ्यक्रम छोड़ने के पीछे छात्ोां के अने कोां कारि सक्तिशलत होते हैं । िै से िैशक्षक पृष्ठभू शम, गशित शिषय सांबांशधत पूिा अनु भि, कौिल, मनोिैज्ञाशनक क्षमता, गशित पाठ्यक्रम का स्वरूप, सांस्थान सांबांशधत कारि, कक्षा-कक्ष अां तःशक्रया , भशिष्य के प्रशत लक्ष्य की प्रशतबद्धता एिां पया​ा िरि से सम्बक्तन्धत कारि आशद (ली. िाई., एिां चोई.िे .(2011) । शिद्यालय एिां शिश्वशिद्यालय स्तर पर गशित शिषय छोड़ने के शलए प्रभाशित करने िाले ऐशतहाशसक कारिोां को इस प्रकार से िगीकृत शकया हैं । शिसमें छात्ोां के गशित शिषय के प्रशत व्यक्तिगत धारिा, गशित पाठ्यक्रम और शिक्षा सम्बां शधत कारि, अथिा शिद्याशथा योां की रुशच क्षमता से सम्बक्तन्धत कारिोां को (क्सेनोस, एम., शपएरा​ा कीस, सी., एिां शपन्टे ल्स, पी.2012) ने उिागर शकया था। शिद्यालय एिां शिश्वशिद्यालय स्तर पर गशित एिां अन्य शिषयोां को छोड़ने एिां चयन न करने के सम्बन्ध में (ली. िाई., एिां चोई.िे. 2011) 69 कारिोां को पहचाना है शिन्ें तीन भागोां में िगीकरि शकया गया था। पहला व्यक्तिगत कारिोां से सांबांशधत, दू सरा पाठ्यक्रम सांबांशधत कारि, तीसरा पया​ा िरि एिां भािनात्मक चुनौशतया​ां । साथ ही में प्रेरक तत्वोां की कमी के कारि एिां ध्यान तथा अिधान सांबांशधत कारिोां के कारि गशितीय सम्प्रशतयोां को समझने में कशठनाई होती हैं । शिसके कारि बहुत से छात् गशित पाठ्यक्रम को छोड़ दे ते हैं। ऐसे अने क कारिोां के कारि छात् गशित पाठ्यक्रम को छोड़ दे ते हैं । या शफर उसका चयन नहीां करते हैं । कुछ छात् गशित शिषय को समय की प्रशतबद्धत्ा एिां प्रेरक तत्वोां की कमी के कारि भी छोड़ दे ते हैं । इस प्रकार से अने कोां तत्व िो गशित छोड़ने के शि​िेदार होते हैं । इस पत् में उन सब का ि​िान शकया गया हैं, तथा उन कारिोां का शिश्लेषि भी शकया हैं ।

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(Pg. 14807-14817) इस अध्ययन में गशित पाठ्यक्रम अिरोधोां से सांबांशधत कारिोां को िानने के शलए एिां उन कारिोां की पहचान एिां शिश्लेषि शकया गया हैं । िो गशित पाठयक्रम छोड़ने एिां चयन न करने से सांबांशधत हैं । अिरोधोां की पहचान एिां प्रशतशक्रयाओां के शिश्लेषि हे तु दो उद्दे श्योां का शनमा​ा ि शकया गया है िो इस प्रकार से हैं । ●

उन कारिोां की पहचान करना है िो गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोध के शि​िेदार हैं ।

●

गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोधोां से सम्बक्तन्धत से सांबांशधत प्रशतशक्रयाओां का शिश्लेषि करना। ली. िाई., एिां चोई.िे .(2011)ने गशित शिषय से सांबांशधत साशहत्य अध्ययनोां का अिलोकन करने के

उपरा​ां त पाया हैं , शक अिधान एिां गशित शिषय के प्रशत ध्यान, गशित शिषय पाठ्यक्रम छोड़ने के पीछे एक महत्वपूिा कारि पाया गया हैं । क्ोांशक बहुत से छात्ोां की गशित के प्रशत रुशच होती हैं , परां तु सेमेस्टर प्रिाली के कारि िह अपनी परीक्षा और उपक्तस्थशत पूिा नहीां कर पाते हैं । शिसके कारि छात् गशित शिषय एिां अन्य शिषयोां को छोड़ दे ते हैं । प्राथशमक एिां उच्च प्राथशमक स्तर के उपरा​ां त गशित पढ़ने की अशनिायाता समाप्त हो िाती हैं । उसके उपरा​ां त गशित पाठ्यक्रम छोड़ने िाले शिद्याशथा योां की सांख्या में उच्चतम िृक्तद्ध पाई गई है (क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुासन, डी. 2005)। गशित शिषय छोड़ने के कारिोां की शि​िेचना करना एक िशटल प्रशक्रया हैं । क्ोांशक गशित शिषय छोड़ने के पीछे छात्ोां की व्यक्तिगत कारि, सांस्थागत कारि एिां सामाशिक कारि तथा पया​ा िरि कारि होते हैं (क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुासन, डी. 2005)। कसालोड़ी आर एिां एबोनी. िे . (2021) ने गशित पाठ्यक्रम को छोड़ने से सम्बक्तन्धत कारिोां की पहचान के शिषय में कहा यह अपने आप में िशटल समस्या हैं । क्ोांशक शकसी भी शिषय को छोड़ने के पीछे कुछ ऐसे कारि होते हैं िो िास्तशिक होते हुए भी समाि उन्ें स्वीकार नहीां करता हैं। शिसके कारि ऐसे तत्व छु प िाते हैं । िो शकसी शिषय छोड़ने के िास्तशिक शि​िेदार होते हैं । शिन्ें समाि एिां शिक्षाशिद निरअांदाि कर दे ते हैं । शिनके शपछे कुछ नै शतक कारक भी शि​िेदार होते हैं । शिन्ें समाि एिां बुक्तद्धिीिी िगा खु लासा नहीां करते हैं (कसालोड़ी. आर एिां एबोनी. िे . 2021) । गशित शिषय छोड़ने के सांबांध में अध्ययन करने के शलए हमने िनसा​ां क्तख्यकीय शि​िेषताओां िै से आयु, शलां ग, िै शक्षक स्तर एिां रोिगार की क्तस्थशत को भी सक्तिशलत शकया हैं । गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोधोां सम्बक्तन्धत सांबांशधत कारिोां की पहचान करने के शलए सम्बक्तन्धत साशहत्य की समीक्षा की सहायता एिां सहपाशठयोां से बातचीत के द्वारा गशित पाठ्यक्रम को छोड़ने एिां चयन न करने से सांबांशधत कारिोां की पहचान की गई। तथा प्रदत्ोां के शिश्लेषि हे तु कथनोां को पांच शबांदु मापनी पर शनशमा त कर ऑनलाइन, व्हाट् सएप ग्रुप, टे लीग्राम ग्रुप एिां व्यक्तिगत ई मेल के द्वारा प्रेररत शकया गया। प्रदत् सांग्रहि हे तु शहम कांदु क न्यादिा शिशध का प्रयोग शकया गया। शिसमें 65 प्रशतशक्रया दाताओां ने प्रशतशक्रया दे ने में सहयोग शकया। शिसमें 76% पुरुष तथा 24% मशहलाएां

सक्तिशलत थीां। प्रदत्ोां के शिश्लेषि का काया प्रशतित शिश्लेषि के द्वारा

शकया गया ।

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(Pg. 14807-14817) प्रदत्त

ोंग्रहि हे तु प्रयुत उपकरि

गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोधोां एिां गशित पाठयक्रम छोड़ने िाले कारको की पहचान पाठ्यक्रम छोड़ने से सम्बक्तन्धत साशहत्य समीक्षा के उपरा​ां त गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोधोां सम्बक्तन्धत िो गशित पाठयक्रम चयन न करने से सम्बक्तन्धत हैं , उन कथनो का शनमा​ा ि शकया गया। साथ में गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोधोां सम्बक्तन्धत कारकोां का शनधा​ा रि शकया गया हैं । शिन्ें आठ समू ह में िगीकृत शकया गया है शिसमें व्यक्तिगत कारि, मनोिैज्ञाशनक कारि, पूिा कक्षागत अनु भि, शिक्षक के व्यिहार से सांबांशधत कारि, सांस्थागत कारि, सामाशिक एिां पया​ा िरिीय कारि, गशित एिां गशित पाठ्यक्रम से सांबांशधत कारि, उपकरि की शिश्वसनीयता और िैधता के सम्बन्ध में और सम्बक्तन्धत सुझाि भी सक्तिशलत शकए गए हैं । गणित पाठयक्रम के अध्ययन में अवरोधों एवं गणित पाठयक्रम छोड़ने वाले कारको की पहचान कारक (Factors) व्यक्तिगत कारि

म्बन्धित कथन (Related Statements) गशित अध्यापक से भय गशित पढ़ने के शलए पया​ा प्त समय का न होना पररिार का सहयोग न शमलना प्राइिे ट ट्यूिन फीस का अशधक होना आपके आस-पास ट्यूिन टीचर का ना होना आपके आस-पास ट्यूिन सें टर का न होना या ट्यूिन सें टर का दू र होना गशित शिषय अध्यापक के साथ आपका व्यिहार अच्छा ना होना गशित अशधगम (पठन-पाठन) हे तु समय का अभाि आसपास शकसी कोशचांग सां स्थान का न होना ट्यूिन िाने िाले शिद्याशथायोां का व्यिहार आपके साथ अच्छा न होना

मनोिै ज्ञाशनक कारि

आपने ऐसा पाया शक आप में गशित सीखने के प्रशत रूशच एिां शिज्ञासा का आभाि था गशित पढ़ने-पढ़ाने से सां बांशधत भाषागत समस्याओ के कारि आपने गशित छोड़ी हैं गशित पढ़ने के प्रशत सही प्रेरिा का न शमलना आपका ऐसा सोचना रहा हैं शक गशित शसफा उच्च आय िगा के लोगोां पढ़ सकते हैं

पूिा कक्षागत अनुभि

पूिा कक्षाओां में गशित अध्यापकोां के द्वारा पढ़ाया समझ में न आना

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14811

(Pg. 14807-14817) गशित शिषय में अन्य शिषयोां की अपेक्षा कम अांक प्राप्त होना अन्य शिषयोां की तु लना में गशित मूल्ा​ां कन/माशकॅंग/स्कोररां ग का कशठन होना

शिषय

में

अन्य शिषयोां की तु लना में गशित शिषय में मूल्ा​ां कन का खराब होना शिक्षक व्यिहार से सम्बक्तन्धत कारि

गशित शिक्षक का शिद्यालय में अभाि या शफर गशित शिक्षक का शिद्यालय में अनुपक्तस्थत रहना गशित अध्यापकोां के द्वारा रोचक एिां रूशचपूिाक तरीके से पढ़ाया न िाना गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन सामग्री का कक्षा में प्रयोग न करना एिां गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन के दौरान अध्यापन (शिक्षि)सामग्री का प्रयोग न करना गशित शिषय के अध्यापक का व्यिहार ठीक न होना गशित अध्यापक का व्यिहार आपके प्रशत एिां अन्य शिशधयाशथायोां के प्रशत ठीक न होना गशित अध्यापक आपकी राय में अशधक अशधक कठोर एिां आशडयल होते हैं इसशलए गशित शिषय से सां बांशधत िानकारोां एिां अध्यापकोां में भाईभतीिेिाद (नेपोशटज्म) का पाया िाना

सां स्थागत कारि

शिद्यालय/स्कूल द्वारा अशग्रम उच्च कक्षाओां में गशित शिषय न शदए िाने पर िोर दे ना आपकी इच्छा थी परां तु शिस शिद्यालय में आप पढ़ रहे थे उन्ोांने आपको गशित पढ़ने को नही ां दी गशित शिषय से सां बांशधत शिद्यालय महाशिद्यालय शिश्वशिद्यालय में भाई-भतीिेिाद (नेपोशटज्म) का पाया िाना गशित शिषय से सां बांशधत शिद्यालय/महाशिद्यालय/शिश्वशिद्यालय भ्रष्ट्ाचार पाया िाना

गशित पाठ्यक्रम के अध्ययन से सम्बक्तन्धत अिरोधोां के सम्बन्ध में गशित पाठयक्रम छोड़ने एिां चयन न करने के सम्बन्ध में प्रशतशक्रया दाताओां (Respondents) के दृशष्ट्कोि को समझने के शलए कथनो 5 शबांदु मापनी पर शनमा​ा ि कर, गूगल फॉमा के माध्यम से प्रशतशक्रया दाताओां को प्रेशषत शकया गया हैं । इस ऑनलाइन सिे में 65 प्रशतशक्रया दाताओां ने अपनी प्रशतशक्रयाएां दी शिनमें 84% प्रशतशक्रया दाता 25 से 50 िषा के हैं । इस ऑनलाइन सिेक्षि में मु ख्य प्रशतशक्रया दाता 25 से 50 िषा की आयु के हैं । तथा 50 िषा से अशधक एिां 25 िषा से कम आयु िगा की प्रशक्रया दाताओां की सांख्या बहुत कम हैं । इस ऑनलाइन सिेक्षि में शिद्यालय छात्, शिश्वशिद्यालय छात्, B.Ed छात्, Copyright © 2021, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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14812

(Pg. 14807-14817) स्कूल शिक्षक, शिश्वशिद्यालय शिक्षक, शिक्षक प्रशिक्षक, एिां िोधाथी तथा अन्य लोगोां ने प्रशतशक्रया दे ने में सहयोग शकया शिसमें सिा​ा शधक प्रशतशक्रया दाताओां की सांख्या सांख्याओां में िोधाथी, शिश्वशिद्यालय शिक्षक, एिां शिद्यालय शिक्षक, तथा शिक्षक प्रशिक्षक सक्तिशलत थे । इस सिेक्षि में इां टरमीशडएट, स्नातक, परास्नातक, परास्नातक के साथ B.Ed, परास्नातक के साथ M.Ed, एकीकृत B.Edएिां M.Ed, एिां िोधाथी सक्तित हुए थे । शिनमें सबसे अशधक प्रशतशक्रया दाता (Respondent) स्नातक, एकीकृत M.Ed एिां B.Ed, M.Ed एकीकृत, तथा िोधाशथा योां द्वारा प्राप्त की गई हैं । इस ऑनलाइन सिेक्षि में 24% मशहलाओां एिां 76% पुरूषोां ने प्रशतशक्रया दे ने में सहयोग शकया। सिेक्षि में 41.5% बेरोिगार 27.7% सरकारी सेिा में कायारत 21.5% स्वरोिगार एिां 9.2% अन्य एिां अधा सरकारी सेिाओां में कायारत िनोां ने सहयोग शकया। गशित पाठयक्रम के अध्ययन में अिरोधोां से सम्बक्तन्धत से सांबांशधत प्रशतशक्रयाओां का कथनिार शिश्लेषि गणित पाठयक्रम के अध्ययन में अवरोधो​ों एवों गणित पाठयक्रम छोड़ने के कारिो​ों की कथनवार ाोंख्यकीय णववेचना कथन

पूरी तरह ह मत

ह मत

अणनणि त

अ ह मत

पूरी तरह अ ह मत

माध्य

मानक णवचलन

गशित शिक्षक का शिद्यालय में अभाि या शफर गशित शिक्षक का शिद्यालय में अनु पक्तस्थत रहना

28%

17%

15%

8%

32%

3

2.9404

गशित अध्यापक से भय

30%

17%

22%

8%

23%

3.2188

3.0771

गशित पढ़ने के शलए उपयुि या पया​ाप्त समय का न होना

17%

15%

23%

11%

34%

2.7077

2.6136

पररिार का सहयोग न शमलना

17%

16%

20%

16%

31%

2.7188

2.6161

प्राइिे ट ट्यूिन फीस का अशधक होना

45%

15%

8%

12%

20%

3.5231

3.3878

आपके आस-पास ट्यूिन टीचर का ना होना

25%

14%

17%

20%

25%

2.9385

2.8284

आपके आस-पास ट्यूिन सेंटर का न होना या ट्यूिन सेंटर का दू र होना

28%

12%

18%

17%

25%

3.0154

2.9089

गशित शिषय अध्यापक के साथ आपका व्यिहार अच्छा ना होना

22%

8%

18%

8%

45%

2.5385

2.548

गशित अशधगम (पठन-पाठन) हे तु समय का अभाि

8%

20%

22%

17%

34%

2.5077

2.3599

आसपास शकसी कोशचांग सांस्थान का न होना

23%

14%

17%

15%

31%

2.8308

2.7568

ट्यूिन िाने िाले शिद्याशथायोां का व्यिहार आपके साथ अच्छा न होना

11%

17%

12%

14%

46%

2.3231

2.2804

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14813

(Pg. 14807-14817) आपके क्षेत् में िरारती तत्वोां का होना शिसके कारि आप एिां आपके पररिार िन आपको घर से बाहर नहीां भेिते थे

12%

15%

11%

14%

48%

2.3077

2.2871

पूिा कक्षाओां में गशित अध्यापकोां के द्वारा पढ़ाया समझ में न आना

32%

22%

18%

11%

17%

3.4154

3.2201

गशित अध्यापकोां के द्वारा रोचक एिां रूशचपूिाक तरीके से पढ़ाया न िाना

45%

25%

5%

11%

15%

3.7231

3.517

गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन सामग्री का कक्षा में प्रयोग न करना एिां गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन के दौरान अध्यापन (शिक्षि)सामग्री का प्रयोग न करना

42%

20%

11%

11%

17%

3.5846

3.4014

गशित शिषय के अध्यापक का व्यिहार ठीक न होना

25%

15%

22%

9%

29%

2.9692

2.8716

गशित अध्यापक का व्यिहार आपके प्रशत एिां अन्य शिशधयाशथायोां के प्रशत ठीक न होना

26%

18%

20%

15%

20%

3.1538

2.9923

शिद्यालय/स्कूल द्वारा अशग्रम उच्च कक्षाओां में गशित शिषय न शदए िाने पर िोर दे ना

22%

15%

20%

18%

25%

2.9077

2.779

आपकी इच्छा थी परां तु शिस शिद्यालय में आप पढ़ रहे थे उन्ोांने आपको गशित पढ़ने को नहीां दी

9%

23%

17%

9%

42%

2.4923

2.4115

गशित पढ़ने के प्रशत सही प्रेरिा का न शमलना

42%

15%

12%

9%

22%

3.4615

3.3282

गशित शिषय में अन्य शिषयोां की अपेक्षा कम अां क प्राप्त होना

29%

26%

9%

5%

31%

3.1846

3.1033

अन्य शिषयोां की तुलना में गशित शिषय में मू ल्ा​ांकन/माशकॅंग/स्कोररां ग का कशठन होना

23%

22%

12%

14%

29%

2.9538

2.8662

अन्य शिषयोां की तुलना में गशित शिषय में मू ल्ा​ांकन का खराब होना

18%

23%

17%

14%

28%

2.9077

2.7846

गशित अध्यापक आपकी राय में अशधक अशधक कठोर एिां आशडयल होते हैं इसशलए

25%

20%

17%

12%

26%

3.0462

2.93

गशित से सांबांशधत शिक्षकोां एिां लोगोां का सामाशिक एिां रािनीशतक गशतशिशधयोां में भाग न करना

23%

18%

23%

15%

20%

3.0923

2.9194

गशित के उपयोग के शिषय में अखबारोां न्यूज़ चैनलोां समाचार पत्ोां एिां शिज्ञापनोां में शकसी प्रकार की खबरोां का ना होना

26%

20%

22%

9%

23%

3.1692

3.0179

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ियिीर शसां ह & डॉ. आर. पुष्पा नामदे ि

14814

(Pg. 14807-14817) गशित के उपयोग के शिषय में अखबारोां ने शकसी प्रकार की खबर का ना होना एिां गशित के उपयोग के शिषय में समाचार पत्ोां में शकसी भी प्रकार के समाचार का ना शमलना

31%

22%

12%

18%

17%

3.3077

3.1379

शिज्ञान, योग, शफल्म, तकनीकी की तरह गशित से सम्बक्तन्धत खबरोां का समाचार पत्ोां में कम होना

28%

25%

17%

12%

18%

3.3077

3.1231

गशित शिषय से सांबांशधत िॉब शिज्ञापनोां का समाचार पत्ोां में कम पाया िाना

25%

28%

12%

11%

25%

3.1692

3.0332

गशित शिषय से सांबांशधत सूचनाओां का समाचार पत्ोां पर न प्रकाशित होना

35%

20%

9%

9%

26%

3.2923

3.1962

गशित शिषय से सांबांशधत िानकारोां एिां अध्यापकोां में भाई-भतीिेिाद (ने पोशटज्म) का पाया िाना

18%

17%

14%

9%

42%

2.6154

2.5959

गशित शिषय से सांबांशधत शिद्यालय महाशिद्यालय शिश्वशिद्यालय में भाईभतीिेिाद (ने पोशटज्म) का पाया िाना

15%

18%

18%

9%

38%

2.6308

2.5661

गशित शिषय से सांबांशधत शिद्यालय/महाशिद्यालय/शिश्वशिद्यालय भ्रष्ट्ाचार पाया िाना

17%

18%

18%

12%

34%

2.7231

2.637

आपका ऐसा सोचना है िब गशित तकनीकी की सहायता से स्वयां हो िाती हैं इसशलए गशित सीखने का कोई फायदा या लाभ नहीां है

14%

17%

17%

12%

40%

2.5231

2.462

आपका ऐसा सोचना रहा हैं शक गशित शसफा उच्च आय िगा के लोगोां पढ़ सकते हैं

18%

11%

12%

11%

48%

2.4154

2.4369

आपने ऐसा पाया शक आशथाक रूप से अक्षम होने के कारि आपके अध्यापक द्वारा आपको गशित शिषय पढ़ाया नहीां गया

17%

14%

11%

6%

52%

2.3692

2.4115

गशित पढ़ने -पढ़ाने से सांबांशधत भाषागत समस्याओ के कारि आपने गशित छोड़ी हैं

20%

11%

16%

13%

41%

2.5781

2.5617

आपने ऐसा पाया शक आप में गशित सीखने के प्रशत रूशच एिां शिज्ञासा का आभाि था

23%

25%

11%

14%

28%

3.0154

2.9142

आपको यह लगता है शक यह िानकाररया​ाँ /सूचनाएाँ गशित शिषय छोड़ने के कारिोां िानने के शलए उपयुि हैं

25%

26%

14%

14%

22%

3.1846

3.0281

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ियिीर शसां ह & डॉ. आर. पुष्पा नामदे ि

14815

(Pg. 14807-14817) चचा​ा एवों पररिाम इस पत् की प्राक्तप्तया​ां अत्यांत महत्वपूिा है क्ोांशक गशित पाठ्यक्रम के अध्ययन में अिरोधोां और छोड़ने एिां चयन न करने से सांबांशधत कारिोां को िानकर नीशत शनयांता ऐसी नीशतयोां का शनमा​ा ि कर सकते हैं । शिनके शक्रयान्वयन से गशित पाठ्यक्रम की छोड़ने की दर को कम शकया िा सकता हैं । साथ ही में इसके प्रशत शिद्याशथा योां में रोचकता एिां शिज्ञासा को िगाया िा सकता हैं (सालािार-फननॅं डेज़, िे . पी., सेपुल्वेडा, एम. एिां मुनोज़-गमा, िे .2019)। प्रदतो के शिश्लेषि में पाया गया हैं , शक गशित शिषय/पाठयक्रम छोड़ने एिां चयन न करने के सांदभा में प्रमु ख कारि प्रकट होते हैं । िो इस प्रकार हैं । (1) गशित शिक्षकोां के द्वारा पूिा कक्षाओां में रोचक एिां रूशचपूिाक तरीके के से न पढ़ाया िाना 69.2% (2) गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन सामग्री का कक्षा में प्रयोग न करना एिां गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन के दौरान अध्यापन (शिक्षि)सामग्री का प्रयोग न करना 61.5% (3) प्रािे टीचर की फीस का अशधक होना 60% (4) गशित पढ़ने के प्रशत उशचत प्रेरिा का न शमलना 56.9% (5) गशित शिषय में अन्य शिषयोां की अपेक्षा कम अांक प्राप्त होना 55.4% (6) गशित शिक्षक का शिद्यालय में अभाि या शफर गशित शिक्षक का शिद्यालय में अनु पक्तस्थत रहना, तथा गशित शिक्षक से भय 46.9% (7) पूिा कक्षाओां में पढ़ाया समझ में न आना 53.8% (8)गशित शिषय सम्बक्तन्धत समाचारोां,शिज्ञक्तप्तयोां, का समाचार पत्ोां पर प्रकाशित न होना 53.3% (9) अन्य शिषयोां की अपेक्षा अांक कम प्राप्त होना 55.4% (10) अन्य शिषयोां की तुलना में मूल्ा​ां कन का ख़राब एिां िशटल होना 44.6% (11) गशित शिक्षकोां का व्यिहार छात्ोां के साथ अशधक कठोर होना44.6% (12) छात्ोां में रूशच एिां शिज्ञासा का आभाि 47.7% (13) गशित शिक्षकोां का छात्ोां के साथ व्यिहार अच्छा न होना 44.7% मुख्य हैं । इसके अतररि गशित पाठ्यक्रम को छोड़ने एिां चयन न करने के कारिोां में (क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुासन, डी. (2005) ने आशथा क समस्याओां को अशधक महत्वपूिा माना हैं। यह कारि गशित ही नहीां अशपतु अन्य िै क्षशिक पाठ्यक्रम के छोड़ने की ऊपर भी लागू होता हैं (क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुासन, डी. 2005) ।लगातार कशमा क आकलन एिां मू ल्ा​ां कन परीक्षाओां में असफल होने के कारि छात् गशित शिषय पाठ्यक्रम को छोड़ दे ते हैं (ली. िाई., एिां चोई.िे .(2011)। उबाऊ एिां िशटल अशधगम शक्रयाएां गशित पाठ्यक्रम को छोड़ने के पीछे अशधक प्रभािी होती हैं (फेंग, डब्लू . तांग, एिां शलउ,टी. एक्स. 2019) ।सामाशिक एिां मनोिैज्ञाशनक सहयोग छात्ोां को गशित शिषय पाठ्यक्रम को छोड़ने की पद्धशत को कम करने में सहायक होते हैं (डी माशटा नो, पी. एिां ग्रेगोररओ,ऑफ. 2019)। गशित पाठ्यक्रम से सांबांशधत कारि हो, शिक्षक सम्बक्तन्धत कारिोां को गशित पाठ्यक्रम छोड़ने एिां चयन न करने के शलए प्रभािी माना गया हैं। छात्ोां की आयु शलां ग अकादमी की योग्यताओां कौिलोां को भी गशित छोड़ने एिां गशित पाठ्यक्रम चयन न करने का कारि माना (है क्सेनोस, एम., शपएरा​ा कीस, सी., एिां शपन्टे ल्स, पी. 2012). िै से लड़शकयोां के प्रशत एक परां परागत धारिाएाँ हैं , शक लड़शकया​ां गशित एिां शिज्ञान शिषयोां में कमिोर होती हैं । इसशलए लड़शकया​ां माध्यशमक शिक्षा के उपरा​ां त गशित शिषय छोड़ दे ती हैं या शफर चयन नहीां करती हैं । णनष्कषा क्तिथ, िे . पी. एिां नायलर, आर. ए. (2001) ने स्पष्ट् शकया है शक शकसी भी शिषय को छोड़ने या अपनाने के शलए कोई शनशित कारि प्रभािी नहीां होते हैं । बक्ति शकसी भी शिषय को छोड़ने या अपनाने के पीछे सांभाशित पररिाम Copyright © 2021, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


ियिीर शसां ह & डॉ. आर. पुष्पा नामदे ि

14816

(Pg. 14807-14817) होते हैं । इस प्रकार से इस िोध काया में भी हमें गशित शिषय छोड़ने की पीछे सांभाशित पररिाम शमले हैं , िो प्रदत्ोां के शिश्लेषि के उपरा​ां त पाए गए हैं । प्रदतो के शिश्लेषि में पाया गया शक गशित शिषय/पाठयक्रम छोड़ने एिां चयन न करने के सांदभा में प्रमु ख कारि प्रकट होते हैं । िो इस प्रकार हैं । (a)गशित शिक्षकोां के द्वारा पूिा कक्षाओां में रोचक एिां रूशचपूिाक तरीके के से न पढ़ाया िाना एिां गशित अध्यापक के द्वारा अध्यापन सामग्री का कक्षा में प्रयोग न करना। (b ) प्रािेट टीचर की फीस का अशधक होना तथा गशित पढ़ने के प्रशत उशचत प्रेरिा का न शमलना (c ) गशित शिषय में अन्य शिषयोां की अपेक्षा कम अांक प्राप्त होना (d ) गशित शिक्षक का शिद्यालय में अभाि या शफर गशित शिक्षक का शिद्यालय में अनु पक्तस्थत रहना, तथा गशित शिक्षक से भय (e ) पूिा कक्षाओां में पढ़ाया समझ में न आना (f )गशित शिषय सम्बक्तन्धत समाचारोां,शिज्ञक्तप्तयोां, का समाचार पत्ोां पर प्रकाशित न होना (g ) अन्य शिषयोां की अपेक्षा अांक कम प्राप्त होना एिां अन्य शिषयोां की तुलना में मूल्ा​ां कन का ख़राब एिां िशटल होना (h ) गशित शिक्षकोां का व्यिहार छात्ोां के साथ अशधक कठोर होना (i ) छात्ोां में रूशच एिां शिज्ञासा का आभाि (j ) गशित शिक्षकोां का छात्ोां के साथ व्यिहार अच्छा न होना मुख्य हैं । कुछ छात्ोां में यह भी पाया गया हैं , शक उनकी गशित शिषय से सांबांशधत परीक्षाओां में प्राप्ता​ां क भी अच्छे थे । परां तु भशिष्य की शचांताओां को ले कर एिां अन्य शिषयोां में अशधक रूशच के कारि िह गशित शिषय छोड़ दे ते हैं । गशित कक्षा में छात्ोां की शिज्ञासा बढ़ाने के शलए गशित शिक्षकोां ऐसी िस्तु ओां का प्रयोग करना चाशहए, िो आईसीटी एकीकृत िचुाअल एिां िास्तशिक उपकरिोां से सम्बक्तन्धत हो, शिससे गशित कक्षा में गशित शिषय के प्रशत छात्ोां में रोचकता एिां शिज्ञासा को बढ़ाया िा सके । गशित पाठ्यक्रम छोड़ने छोड़ने को कम करने के शलए कक्षा-कक्ष में अांतर को कम करने के शलए गशित कक्षा में में िास्तशिक एिां दृश्य उपागमओां का प्रयोग करना चाशहए । साथ में हमें गशित कक्षा में सुखद सांिाद स्थाशपत करने की आिश्यकता हैं । और गशित शिषय सांबांशधत गलत अिधारिाओां को निर अांदाि करने की आिश्यकता हैं । शिद्याशथा योां में असामाशिक व्यिहार स्थानीय समस्याओां दू र करना होगा । पाररिाररक समस्याओां को दू र करना होगा। गशित अशधगम सांबांशधत कशठनाइयोां को दू र करना होगा ।माता शपता एिां शिक्षा से सांबांशधत समस्याओां को दू र करना होगा। शिससे गशित शिषय एिां पाठ्यक्रम को छोड़ने की दर को कम शकया िा सकता है । न्दभा क्तिथ, िी. िी. एिां फेगुा सन, डी. (2005). स्टू डें ट अशटर िन इन मैथमे शटक्स इ-लशनॅंग. ऑस्टर ालाशसयन िना ल ऑफ़ एिुकेिनल टे क्नोलॉिी, 21(3). https://doi.org/10.14742/ajet.1323 ली. िाई., एिां चोई.िे.(2011). ए ररव्यु ऑफ़ ऑनलाइन कोसा डर ॉपआउट ररसचा: इक्तलिकेिन्स फॉर प्रक्तिसे स एां ड फ्यूचर ररसचा। एिुकेिनल टे क्नोलॉिी ररसचा एां ड डे िेलोपमेंट, 59(5), 593-618. https://doi.org/10.1007/s11423-0109177-y

ली, िी. इ., एिां बु रकम, डी. टी. (2003). डर ॉशपांग आउट ऑफ़ हाई स्कूल: द रोल ऑफ़ स्कूल आगे नाइिेिन एां ड स्टर क्चर। अमेररकन एिुकेिनल ररसचा िना ल, 40(2), 353-393. https://doi.org/10.3102%2F00028312040002353 क्तिथ, िे. पी. एिां नायलर, आर. ए. (2001) डर ॉपशपांग आउट ऑफ़ यू शनिशसा टी: ए स्टै शटक्तस्टकल एनाशलशसस ऑफ़ थे प्रोबे शबशलटी ऑफ़ शिथडर ॉिल फॉर UK यू शनिशसा टी स्टू डें ट्स. िनाल ऑफ़ थेर रॉयल स्टै शटक्तस्टकल सोसाइटी: सीरीि ए (स्टे शटक्तस्टक्स इन सोसाइटी), 164(2), 389-405, https://doi.org/10.1111/1467-985X.00209

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ियिीर शसां ह & डॉ. आर. पुष्पा नामदे ि

14817

(Pg. 14807-14817) ॅं े ज़, िे. पी., से पुल्वेडा, एम. एिां मुनोज़-गमा, िे.(2019) इन्फ्लुएांस ऑफ़ स्टू डें ट डाइिशसा टी ो​ो​ोां एिुकेिनल सालािार-फननड टर ािेिोररएस इन इां िीशनयररां ग हाई-फेशलयर रे ट कोसे स दै ट लीड तो लेट डर ॉपआउट। इन २०१९ IEEE ग्लोबल इां िीशनयररां ग एिुकेिन का​ां फ्रेंस। (pp. 607-616). IEEE. https://doi.org/10.1109/EDUCON.2019.8725143 फेंग, डब्लू,तां ग, एिां शलउ,टी. एक्स (2019)अांडरस्टैं शडां ग डर ॉपआउट् स इन मू क्स। प्रोसीशडां ग्स ऑफ़ दी AAAI कॉनफेरे न्स ऑन आशटा फीशसयल इां टेलेिन्स, 33(01), 517-524. https://doi.org/10.1609/aaai.v33i01.3301517 डी माशटा नो,पी. एिां ग्रे गोररओ,ऑफ.(2019). दमैथमेशटकल क्राइशसस इन से केंडरी-टे रतीआया टर ा​ां िीिन. इां टरनेिनल िनाल ऑफ़ साइां स एां ड मैथमेशटक्स एिु केिन, 17(4), 825-843.https://doi.org/10.1007/s10763-018-9894-y ॅं े ज़, िे. िे. (2018). बे शसक एक्शन्स तो रे डके डर ॉपआउट रे ट् स इन शडस्टें स लशनॅंग. ग्रे गोरी,पी., माशटा नेज़,िी.,एिां मायनो-फनन ड इिै ल्ूएिन एां ड प्रोग्राम िाशनांग, 66, 48-52. https://doi.org/10.1016/j.evalprogplan.2017.10.004 क्सेनोस, एम., शपएरा​ा कीस, सी., एिां शपन्टे ल्स, पी.(2012) ए सिे ऑन स्टू डें ट डर ॉपआउट रे ट् स एां ड डर ॉपआउट कॉसे स कांसशनॅंग थे स्टू डें ट्स इन थे कोसा ऑफ़ इन्फामेशटक्स ऑफ़ थे हे लेशनक ओपन उशनिे शसा त्य कलयू टसा & एिु केिन, 39(4), 361-377. https://doi.org/10.1016/S0360-1315(02)00072-6

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