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SEVAPURV CHATRA ADHYAPAKON KI KAUSHAL VIKAS KARYAKRAMO KE PRATI ABHIVRUTTI KA ADHYAYAN

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Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2018 = 6.371, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFERRED JOURNAL, MAY-JUNE, 2019, VOL- 6/51

सेवापूवव छात्र अध्यापकों की कौशल ववकास कायवक्रमों के प्रवि अविवृवि का अध्ययन के सर वसहिं शोध छात्र,महात्मा गा​ांधी अांतरराष्ट्रीय हहदां ी हिश्वहिद्यालय िधा​ा, महाराष्ट्र-442001

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र में सेिापिू ा छात्र अध्यापकों की कौशल हिकास कायाक्रमों के प्रहत अहि​िृहि का अध्ययन हकया गया है । शोध का प्रमख ु उद्देश्य छात्राध्यापकों की कौशल हिकास कायाक्रमों के प्रहतअहि​िृहि का अध्ययन करना था। प्रस्तुत अध्ययन हेतु शोधाथी ने सिेक्षण हिहध का उपयोग हकया गया। प्रस्तुत शोध के हलएसोद्देश्यपणू ा न्यादशानप्रहिहध द्वारा क्षेत्रीय हशक्षा सांस्थानिोपाल,क्षेत्रीय हशक्षा सांस्थान अजमेर,महात्मा गा​ांधी अांतरराष्ट्रीय हहदां ी हिश्वहिद्यालय िधा​ा, देिी अहहल्या हिश्वहिद्यालय इदां ौर, दहक्षण हिहार कें द्रीय हिश्वहिद्यालय गया, डॉ हररहसांह गौर हिश्वहिद्यालय सागर, सेकुल430 छात्र अध्यापकों का चयन हकया गया ।प्रदािों के सांकलन हेतु स्िहनहमात “कौशल हिकास कायाक्रमों के प्रहत अहि​िृहि मापनी” का हनमा​ाण हकया गया। शोध काया के उद्देश्य की पहू ता हेतु सिेक्षण हिहध द्वारा प्रदिों का सांग्रहण हकया गया।प्रदािों के सांग्रहण के पश्चात उनका हिश्लेषण एिां हि​िेचन हकया गया। प्रदिों के हिश्लेषण से यह पाया गया हक छात्राध्यापकों की कौशल हिकास कायाक्रमों के प्रहत अहि​िृहि सकारात्मक है। Scholarly Research Journal's is licensed Based on a work at www.srjis.com

प्रस्िावना शिक्षा लोगों को ज्ञानऔरकौिल से पररपणू ण करने की एक प्रशिया है । यह शिक्षण, शनदेिन या शिद्यालय शिक्षा द्वारा एक व्यशि की िशियों को शिकशसत करने की प्रशिया है।यह शि​िेष रूप से यिु ा के शलए ाईन्हें जीिन के शलए तैयार करने के शलएाअिश्यक जानकारी, कौिल, मल्ू य और दृशिकोण लेने के शलए एक व्यिशथथत प्रशिक्षण और शनदेि है।शिक्षा व्यिथथा को व्यिशथथत रूप से चलाने के शलए िषों से गुणित्तापणू ण ाऄध्यापक की बहुत मा​ांग हैं। एक गुणित्तापणू ण ाऄध्यापक तैयार करने के शलए सेिापिू ण ाऄध्यापक शिक्षा की रूपरे खा सही प्रकार से तैयार करनी होगी।सेिापिू ण ाऄध्यापक शिक्षा मेंाऄभ्यास शिक्षण सबसे महत्िपणू ण व्यािहाररक गशतशिशधयों में से एक है।ाऄध्यापक के महत्त्ि के सम्बन्ध में डॉ सिणपल्ली राधाकृ ष्णन ने कहा है शक “ाऄध्यापक का समाज में बहुत महत्िपणू ण थथान हैं, िह एक पीढ़ी से दसू री पीढ़ी को बौशिक, सा​ांथकृ शतकऔर तकनीकी कौिलों को पहुचाने में मख्ु य भशू मका ाऄदा करता हैं और सभ्यता के दीपक को जलाये रखता हैं”।शिक्षक शिक्षा एक सतत चलने िाली प्रशिया है तथा ाआसके दोनों घटक सेिापिू ण और सेिारत एक दसू रे के परू क हैं।डब्लल्यoू एचo शकल्पैशिक ने ाऄध्यापक शिक्षा के बारे मेंकहा हैशक प्रशिक्षणजानिरों और सकण स कलाकारों को शदया जाता है, परन्तु ाऄध्यापकों को शिक्षा दी जाती हैं।शिक्षक शिक्षा में शिक्षण कौिल,शिक्षणिास्त्रीय शसिा​ांत और व्यिसाशयक कौिल िाशमल है।शिक्षक शिक्षा के बारे में मत हैं शक एक राष्ि की गुणित्ता ाईसके नागररकों की गुणित्ता पर शनभणर करती है ।भारतीय शिक्षक शिक्षा का ाआशतहास प्राचीनकल से िरू ु होकर मध्ययगु ीन काल, बौि काल, मशु थलम काल,शिशटि काल से होते हुए थितांत्र भारत में शिक्षक शिक्षा 1947 से ाऄब तक हैं। बहुत से ाअयोग और सशमशतयों ने ाऄध्यापक शिक्षा में सधु र के शलए सझु ाि शदए शजससे छात्र ाऄध्यापकों में कौिल शिकास हो सकें ।

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एन.सी.एफ. (2005) और शिक्षक शिक्षा के शलए राष्िीय पाठ्यिम की रुपरे खा(एनसीएफटीाइ, 2009) ने शिक्षक शिक्षा की ितणमान शचांताओ ां का िणणन करते हुए कहा है शक- ाऄध्यापकों की भाषा की प्रिीणता को बढ़ाया जाना चाशहए।छात्र ाऄध्यापक या शनयशमत ाऄध्यापकों द्वारा पाठ्यचयाण, पाठ्यिम और पाठ्यपथु तकों की गांभीर रूप से जा​ांच की जानी चाशहए ।ितणमान में िैचाररक और िैक्षशणक पहलओ ु ां के ाऄलािा, मौजदू ा कायणिमोंद्वारा​ाऄध्यापकों में खास ाऄशभिृशत्त,थिभाि, ाअदतों और रुशचया​ाँ को शिकशसत करने की ाअिश्यकता है।ाआन पक्षों के मल्ू याक ां न के शलए व्यिथथा की जानी चाशहए।ितणमान ाऄध्यापक शिक्षा में व्यािसाशयक शिकास के शलए पाठ योजनाओकां ी एकशनशित सख्ां या के ाऄभ्यास को पयाणप्त माना जाता है।यह माना जाता है शक सीखने के शसिातां ों और मॉडलों तथा शिक्षण शिशधया​ां के बीच सबां ांध छात्र ाऄध्यापकों द्वारा ाऄपनी समझ से ाऄपने ाअप शिकशसत कर शलए जाते हैं तथाशिक्षणात्मक ज्ञान को व्यिसाशयक प्रशिक्षण में थितांत्र प्रशिक्षण के रूप में देखा जाता है। ाऄध्यापक शिक्षा कायणिम छात्र ाऄध्यापकोंको ाईनके थियां के ाऄनभु िों को प्रदशिणत करने के शलए बहुत कम ाऄिसर प्रदान करते हैं तथासैिा​ांशतक पाठ्यिम का व्यािहाररक कायण और िाथतशिकताओ ां के साथ कोाइ थपि सम्बन्ध नहीं है। ाऄताः िोधकताण द्वारा ाऄध्यापक शिक्षा के बदले हुए पाठयिम के कौिल शिकास कायणिमों के प्रशत छात्राध्यापकों की ाऄशभिृशत्त का ाऄध्ययन करना और भी ाअिश्यक हो गया हैं । शोध का औवित्य ितणमान समय में बीएड पाठयिम एक िषण से शद्विषीय कर शदया गया है और ाऄब ाऄध्यापक शिक्षा को भारत में पणू ण रूप से चार िषीय कायणिम बनाने का प्रथताि ाअ चक ू ा हैं । एक िषण से शद्विषीय होने से ाऄध्यापक शिक्षा में प्रयोगात्मक समय को बढ़ा शदया गया हैं शजससे छात्र ाऄध्यापकों को शिद्यालय प्रशिक्षण के दौरान शिद्यालय के िाथतशिक ाऄनभु ि प्राप्त हो सके ।ाऄध्यापक शिक्षा को एकिषीय से शद्विषीय होने से पाठ्यिम में कुछ और कौिल शिकास कायणिम जोड़े गये हैं तथा कुछ कायणकमो का समय भी बढ़ाया गया हैं । शजससे छात्र शिक्षक में ज्यादा से ज्यादा कौिलों का शिकास हो और ये योग्य तथा दक्षतापणू ण शिक्षक बन सके । ितणमान मा​ांग यह हैं शक ाऄध्यापक शिक्षा के एकिषीय से शद्विषीय होने से छात्र ाऄध्यापकों के शलए कौिल शिकास कायणिमों जो बदलाि हुए हैं ाईनके प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त का ाऄध्ययन शकया जाये शजससे ाआन कौिल शिकास कायणिमों का मल्ू या​ांकन तथा शिश्लेषण शकया जाये तथा ाआनकी प्रभाि​िीलता जा​ांची जा सके तथा क्या-क्या नये बदलािों की ाअिश्यकता हैं? ाईसका पता लगाया जा सकें । प्रथतुत िोध के माध्यम से शिशभन्न शिक्षक सथां थानों में सचां ाशलत ाआन्ही कौिल शिकास कायणिमों के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त का पता लगाने का प्रयास शकया गया हैं शजससे कायणिम की प्रभाि​िीलता ि ाईपयोशगता तथा ाऄध्यापक शिक्षा से सम्बांशधत समथयाओ ां को समझाजा सकें । यह लघु िोध शिक्षक प्रशिक्षण से जड़ु े सथां थानों को शिक्षक शिक्षा कायणकमो में नयापन,एकरूपता लाने में सहायता करे गा । शोध उद्देश्य ाऄध्यापक शिक्षा सथां थानों के छात्र ाऄध्यापकों की प्रचशलत कौिल शिकास कायणिमों के प्रशत ाऄशभिृशत्त का ाऄध्ययन करना।

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शोध वववध प्रथतुत लघु िोध ाऄध्ययन में समथया के ाऄनरू ु प िणाणत्मक िोधसिेक्षण शिशध का प्रयोग शकया गया है। प्रविदशव एविं प्रविदशवन प्रावववध प्रथतुत लघु िोध में प्रशतदिण चयन ाऄथिा प्रदिणन हेतु सोद्देश्य प्रशतदिणन प्रशिशध का ाईपयोग शकया गया। प्रशतदिण के रूप मेंप्रथतुत िोध ाऄध्ययन में कुल 430छात्र ाऄध्यापकों को ाईद्देश्यपणू ण न्यादिणनप्रशिशध से चनु ा गया । शजनमें दो िषीय बी.एड. के 150 छात्र ाऄध्यापक (क्षेत्रीय शिक्षा सथां थान ,ाऄजमेर,म.गा​ाँ.ाऄ.शह.शि.शि., िधाणतथा देिी ाऄशहल्या शि. शि., ाआदां ौर के 50-50 छात्र ाऄध्यापक), बी.ए.- बी.एड. और बी.एस-सी.-बी.एड. के 280 छात्र ाऄध्यापक (क्षेत्रीय शिक्षा सथां थान, ाऄजमेर,क्षेत्रीय शिक्षा सथां थान, भोपाल,दशक्षण शबहार के न्रीय शिश्वशिद्यालय,गया तथाडॉ.हरर शसहां गौड़ शि.शि., सागर के 70-70छात्र ाऄध्यापक)छात्र ाऄध्यापकोंको सम्मशलत शकया गया । शोध उपकरण प्रथतुत िोध की प्रकृ शत के ाऄनसु ार कोाइ भी िोध ाईपकरण ाईपलब्लध नहीं पाया गया, ाआसशलए िोधाथी द्वारा कौिल शिकास कायणिमों के प्रशतथिशनशमणताऄशभिृशत्त मापनी का शनमाणण शकया गया। ाऄशभिृशत्त मापनी में शनम्न ाअयामों से सम्बांशधत कथनों को सम्मशलत शकया गया•

वशक्षण अभ्यास पवू व कौशल ववकास वक्रयाकलाप (Skill development activities before teaching

practice) a. ाईन्मख ु ीकरण कायणिम (Orientation Programme) b. सक्ष्ू म शिक्षण (Microteaching) c.पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियन (Lesson Planning andImplementation) d.कौिल एकीकरण (Skill Integration) e.ाऄनरू ु पण शिक्षण (Simulation Teaching) •

पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियन (Lesson Planning andImplementation)

•

शिद्यालय प्रशिक्षण (Internship)कायणिम

•

व्यािसाशयक दक्षता सिां धणन कायणिम (Professional Competence Enrichment Programme) ।

अविवृवि मापनी की फलािंकन प्रवक्रया ाऄशभिृशत्त मापनी के माध्यम से एकशत्रत ाअक ां ड़ों का शिश्लेषण प्रत्येक कथन का कुल ाऄक ां लेकर शकया गया। ाऄशभिृशत्त मापनी में पणू णत: सहमत, सहमत,ाऄशनशित,ाऄसहमत,पणू णत: ाऄसहमत प्रकार के शिकल्प थे। शजसमे सकारात्मक कथनों में पणू णत: सहमत के शलए 05, सहमत के शलए 04,ाऄशनशित के शलए 03,ाऄसहमत के शलए 02 और पणू णत: ाऄसहमत के शलए 01 ाऄक ां शदए गये। ऋणात्मक कथनों के शलए पणू णत: सहमत के शलए 01, सहमत 02,ाऄशनशित 03,ाऄसहमत 04,पणू णत: ाऄसहमत के शलए 05 ाऄांक Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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शदए गये। ाआस प्रकार ाऄशभिृशत्त मापनी का न्यनू तम प्राप्ता​ांक 32 तथा ाऄशधकतम प्राप्ता​ांक 160 थे ।ाआस प्रकार थकोर करने के बादशफरप्रदत्तोंका शिश्लेषण शिशभन्न सा​ांशख्यकीय तकनीकोंका ाईपयोग करके शकया गया था। प्रयुक्त सािंवययकीय प्रवववधयािं प्रथतुत िोध के शलए ाऄशभिृशत्त मापनी द्वारा सक ां शलत प्रदत्तों को ाऄथणपणू ण बनाने एिां पररणामों की व्याख्या हेतु प्रशतित, मध्यमान, मानक शिचलन और शिचरणिीलता गणु ाक ां साशां ख्यकीय प्रशिशधयों का ाईपयोग शकया गया। प्रदत्तों का शिश्लेषण िोध के ाईद्देश्य “ाऄध्यापक शिक्षा सथां थानों के छात्र ाऄध्यापकों की प्रचशलत कौिल शिकास कायणिमों के प्रशत ाऄशभिृशत्त का ाऄध्ययन करना” के शलए प्रदत्तों के शिश्लेषण शनम्नशलशखत ाऄनसु ार हैंसारणीसयिं या- 01:कथन के अनुसार छात्र अध्यापकों की कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि के प्रवि प्रविवक्रयाए, मध्यमान और प्रविशि (*मोटे अक्षरों में नकारात्मक प्रववविया​ाँ हैं ) क्र कथन . सं . 0 अध्यापक शिक्षा में सक्ष्ू म शिक्षण अशत आवश्यक 1 काययक्रम हैं ,इसके द्वारा छात्र-अध्यापकों के शिक्षण व्यवहार में सकारात्मक पररवतयन होता है। 0 छात्र अध्यापक इटं र्नशिप के दौरार् पूरे शदर् 2 शिद्यालयकी गशिशिशियों में भाग लेिे हैं इसशलए इटं र्नशिप पूिन शिद्यालयसपं कन कायनक्रम का कोई लाभ र्हीं हैं।* 0 अध्यापक प्रशिक्षण संस्थान में भाषा दक्षता 3 काययिाला के आयोजन से छात्र-अध्यापकों को भाषागत कमजोररयों को सधु ारने में मदद शमलती हैं। 0 स्वयं की समझ काययक्रम से स्व-शवकास में 4 सहायता शमलती हैं। 0 अध्यापक-शिक्षा में शक्रयात्मक अनसु ंधान तथा 5 के स स्टडी महत्वपणू य काययक्रम हैं इनके द्वारा छात्रअध्यापक शवद्यालय एवं शवद्याशथययों की समस्याओ ं का समाधान करते हैं। 0 कौिल एकीकरण सम्पूणन शिक्षण र्हीं हैं । 6. इसशलए इसका अभ्यास व्यर्न हैं।* 0 शिक्षण सहायक सामग्री के प्रयोग से शिक्षण 7 में शिद्याशर्नयों का ध्यार् भंग होिा हैं।* 0 छात्र-अध्यापक ररफ्लेशटटि डायरी में सही

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िथ्य र्हीं शलखिे हैं इसशलए इसे शलखर्े का कोई उपयोग र्हीं है।* शिक्षण सस्ं थान में ICT के उपयोग का ज्ञान छात्रअध्यापकों को शदया जाना चाशहए क्योशक शिक्षण में ICT के प्रयोग से शिक्षण प्रभावी हो जाता हैं। अर्रू ु पण शिक्षण कृशत्रम पररशथर्शियों में शकया जािा हैं, इसशलए िाथिशिक शिक्षण में छात्र अध्यापकों को इसका कोई लाभ र्ही शमल पिा हैं।* पाठ योजना शनमायण काययिाला में वतयमान अवश्यकताओ ं के अनसु ार नतू न शवशधयों एवं प्रशवशधयों का प्रयोग करके पाठ योजना तैयार करना शसखाया जाता हैं इसशलए यह काययिाला छात्र अध्यापकों के शलए उपयोगी हैं। कला,हथि और सौंदयनिास्त्र(Art, Craft andAesthetics) कायनिालाओ ं का आयोजर् के िल समयकी बबानदी है।* पाठ योजर्ाएं िैयार करर्ा व्यर्न है टयोंशक िाथिशिक कक्षा पररशथर्शियों में इर्के अर्ुसार पढ़ार्ा सभ ं ि र्हीं हो पािा है।* अध्यापक-शिक्षा काययक्रम ( B.Ed.) में इटं नयशिप की काल अवशध शिक्षण में दक्षता की दृशि से उपयक्त ु है। अध्यापक प्रशिक्षण संस्थानों में छात्र-अध्यापकों के व्यावसाशयक शवकास के शलए व्यवशस्थत ढंग से वतयमान आवश्यकता अनसु ार पयायप्त काययक्रम संचाशलत शकये जा रहे हैं। इटं नयशिप के दौरान जनरल या ररफ्लेशक्टव डायरी शलखने से छात्र-अध्यापकों में शवश्ले षणात्मक क्षमता का शवकास होता है। सक्ष्ू म शिक्षण में अशिक समय लगिा हैं । इसके शबर्ा भी छात्र-अध्यापकों में कौिल शिकास शकया जा सकिा हैं।* वतयमान अध्यापक शिक्षा में इटं नयशिप की अवशध (Internship) छात्र-अध्यापक को शवद्यालय से सम्बंशधत उत्तरदाशयत्वों के सफल शनष्पादन में दक्ष करने के शलए पयायप्त है। अध्यापक-शिक्षा में शक्रयात्मक अर्ुसि ं ार् िर्ा के स थटडी कायनक्रम का कोई थर्ार् र्हीं होर्ा चाशहए टयोशक छात्र-अध्यापकों का

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कायन के िल शिक्षण करर्ा हैं।* शिक्षण सहायक सामग्री के प्रयोग से शिक्षण और अशधक प्रभावी हो जाता हैं। अनरू ु पण शिक्षण का अनभु व वास्तशवक शिक्षण में सहायक होता है इसशलए अनरू ु पण शिक्षण वास्तशवक शिक्षण काशवकल्प हो सकता है। कला,हस्त और सौंदययिास्त(Art, Craft andAesthetics) काययिाला का आयोजन छात्रअध्यापकों को उनकी शिक्षण सहायक सामग्री बनाने एवं रचनात्मकता बढाने में सहायता करता है। अध्यापक शिक्षा कायनक्रम में शिक्षण सम्बंशि​ि कायनक्रम ही कराएँ जार्े चाशहए योग आशद कायनक्रमों का छात्र अध्यापकों को कोई लाभ र्हीं होिा हैं।* शवद्यालय सपं कय काययक्रम से छात्र-अध्यापकों को इटं नयशिप पवू य शवद्यालयकी कायय प्रणाली को समझने में सहायता शमलती हैं। शिद्यालयों में ICT उपकरणों के उपयोग की व्यिथर्ा र्हीं होिी इसशलए ICT का ज्ञार् छात्र-अध्यापकों के शलए उपयोगी र्हीं हैं।* कौिल एकीकरण के द्वारा छात्र-अध्यापकों में एक से अशधक शिक्षण कौिलों का शवकास थोड़ी ही अवशध में हो जाता हैं। अध्यापक प्रशिक्षण कायनक्रम शिद्यालयकी ि​िनमार् जरूरिों के अर्ुसार अध्यापक िैयार र्ही कर रहे हैं।* छात्र-अध्यापक पहले से ही भाषा में दक्ष होिे हैं इसशलए भाषा दक्षिा कायनिाला का आयोजर् अर्ािश्यक हैं।* अध्यापक-शिक्षा में योग के द्वारा छात्र अध्यापकों को अपने सवेगों को शनयंशत्रत करने के कौिल के शवकास का अवसर शमलता हैं। इटं नयशिप में सीशमत संख्या में पाठ योजनाओ ं का अभ्यास करने का अवसर शमलता हैं , इसशलए पाठ योजनाओ ं की संख्या एवं और समय अवशध को बढाया जाना चाशहए। छात्र अध्यापकों के सामदु ाशयक कायय में भाग लेने से उनको समाज के प्रशत अपने कतयव्यों एवं शजम्मेदाररयों को समझने का अवसर शमलता हैं। अध्यापक प्रशिक्षण पाठ्क्रम में सैद्ांशतक ज्ञान की

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अपेक्षा व्यावहाररक ज्ञान को अशधक समय शदया जाना चाशहए। औसतमध्यमान

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सारणीसंख्या- 02:कौशऱ विकासकाययक्रमों के प्रति अभि​ित्ृ ति का मध्यमान,माध्य विचऱन एिं विचरणशीऱ गुणांक

N

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9.96

(78.53%)

सारणी सांख्या-01 से थपि है शक 32 कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.93 ाऄथाणत 78.53 प्रशतित हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है। शिचरण िीलता गुणा​ांक का मान 09.96 है शजसका ाऄथण है शक ाऄशभिृशत्त में लगभग 10 प्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्तकौिल शिकास कायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। आयाम अनुसार छात्र अध्यापकों की कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि का ववश्ले षण छात्र ाऄध्यापकके शलए कौिल शिकासकायणिमों के प्रशत ाऄशभिृशत्त मापनी में चार ाअयाम थे। ाअयाम ाऄनसु ारप्रदत्तों का शिश्लेषण शनम्नशलशखत हैंवशक्षण अभ्यास पूवव कौशल ववकास वक्रयाकलाप (ाईन्मख ु ीकरण कायणिम /सक्ष्ू म शिक्षण / कौिल एकीकरण/ ाऄनरू ु पण शिक्षण) सारणीसयिं या- 03:कथन के अनुसार छात्र अध्यापकों की कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि के प्रवि प्रविवक्रयाए, मध्यमान और प्रविशि क्रमांक कथन का संख्या प्रकार 01. 06. 10. 17. 21. 26

सकारात्मक सकारात्मक नकारात्मक नकारात्मक सकारात्मक सकारात्मक

पणू य सहमत

सहमत

268 16 30 27 87 64

150 33 65 78 195 216

अशभमत श्रेशणया अशनशित असहमत 08 95 100 73 105 82

02 162 163 161 25 62

म.मान

%

4.58 3.80 3.42 3.49 3.71 3.62

91.6

पणू तय : असहमत 02 124 72 91 18 06

Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies

76.00 68.4 69.8 74.2 72.4


के सर हसांह

12579

(Pg. 12572-12584)

N Attitude 6 Valid N (listwise) 6

Minimum Maximum Mean (%)

Std. Deviation

3.42

.42048

4.58

3.7700

Cv 11.15

(75.40)

व्याख्या-सारणी सांख्या 03 से थपि है शक 06कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.78 ाऄथाणत 75.40 प्रशतित हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है। शिचरणिीलता गुणा​ांक का मान 11.15 है शजसका ाऄथण है शक ाऄशभिृशत्त में लगभग 11प्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों कीाऄशभिृशत्त शिक्षण ाऄभ्यास पिू ण कौिल शिकास शियाकलापकायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। पाठ योजना वनमावण एविं वक्रयान्वयन सारणीसयिं या- 05:कथन के अनुसार छात्र अध्यापकों की कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि के प्रवि प्रविवक्रयाए, मध्यमान और प्रविशि क्रमांक कथन का सख्ं या प्रकार

पणू तय : सहमत

सहमत

अशभमत श्रेशणया अशनशित असहमत

म.मान

%

पणू तय : असहमत

165 22 07 05 4.41 11. सकारात्मक 231 88.2 29 95 66 146 94 3.42 68.4 13. नकारात्मक 163 72 65 30 3.55 71.0 30. सकारात्मक 100 व्याख्या-पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियन के प्रशत ाऄशभिृशत्त में कुल 03 कथन थे जो िमिाः 11,13 तथा 30 थे।ाआनमां कथन

13नकारात्मकका कथन और 11, 30सकारात्मक के कथन थे। सारणी में प्रत्येक कथन पर छात्र ाऄध्यापकों की ाऄनशु ियाएां और कथन का औसत मान तथा ाईसका प्रशतित दिाणए गए हैं। कथन 11 में मध्यमान4.41और प्रशतित 88.2 है।कथन 13 में मध्यमान3.42और प्रशतित 68.4 है।कथन 30 में मध्यमान 3.55और प्रशतित 71.0है। ाईपरोि शि​िरण ाऄनसु ार थपि हैं शक ाआस ाअयाम के कुल 03 कथनों पर छात्र ाऄध्यापकों शक ाऄशभिृशत्त धनात्मक हैं तथा ाईच्च प्रशतित में छात्र ाऄध्यापक पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियन के सदां भण में सकारात्मक प्रशतशिया प्रदशिणत करते हैं। ाऄत: ाईपरोि सभी गशतशिशधयों को कौिल शिकास कायणिम का ाऄगां बनाये जाना ाऄच्छा हैं।

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के सर हसांह

12580

(Pg. 12572-12584)

सारणीसयिं या- 06:कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि का मध्यमान,माध्य वविलन एविं वविरणशील गुणािंक N Attitude 3 Valid N (listwise) 3

Cv

Minimum Maximum Mean (%)

Std. Deviation

3.42

.53799

4.41

3.7933

14.18

(76.86%)

व्याख्या-सारणी संख्या-4.13 से स्पि है शक 03कथनों के शलए माध्य अशभवृशत्त फलक 3 .79 अथायत 7 6.86 प्रशतित हैं। यह दिायता है शक कौिल शवकास काययक्रम के प्रशत छात्र अध्यापकों की अशभवृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है । शवचरणिीलता गणु ांक का मान 14.18 है शजसका अथय है शक अशभवृशत्त में लगभग 1 4प्रशतित शवचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलस्वरुप कहा जा सकता है शक छात्र अध्यापकों की अशभवृशत्त पाठ योजना शनमायण एवं शक्रयान्वयन के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। ववद्यालय प्रवशक्षण (Internship) सारणीसयिं या- 07:कथन के अनुसार छात्र अध्यापकों की कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि के प्रवि प्रविवक्रयाए, मध्यमान और प्रविशि क्रमांक कथन का संख्या प्रकार 02. नकारात्मक 05. सकारात्मक 08 नकारात्मक 14. सकारात्मक 16. सकारात्मक 18. सकारात्मक 19. नकारात्मक 24. सकारात्मक व्याख्या- शिद्यालय प्रशिक्षणके

अशभमत श्रेशणया पणू तय : सहमत सहमत 14 53 167 211 15 86 160 200 123 210 83 199 25 37 176 214 प्रशत ाऄशभिृशत्त में कुल

म.मान

%

अशनशित

असहमत पणू तय : असहमत 75 154 134 3.79 75.8 41 10 01 4.23 84.6 98 142 89 3.47 69.4 33 27 10 4.1 82.00 52 38 07 3.93 78.6 80 60 08 3.79 73.4 64 158 146 3.84 76.8 26 10 04 4.27 85.4 08 कथन थे जो िमिाः 02,05,08,14,16,18,19,24 थे।ाआनमें कथन

02,08,19नकारात्मक के कथन और 05,14,16,18,24सकारात्मक के कथन थे। सारणी में प्रत्येक कथन पर छात्र ाऄध्यापकों की ाऄनशु ियाएां और कथन का औसत मान तथा ाईसका प्रशतित दिाणए गए हैं। कथन 02 में मध्यमान3.79और प्रशतित 75.8 है।कथन 05 में मध्यमान4.23और प्रशतित 84.6 है।कथन 08 में मध्यमान3.47और प्रशतित 69.4 है।कथन 14 में मध्यमान4.1और प्रशतित 82.00 है।कथन 16 में मध्यमान3.93और प्रशतित 78.6 है।कथन 18 में मध्यमान3.79और प्रशतित 73.4 है।।कथन 19 में मध्यमान3.84 और प्रशतित 76.8 है।कथन 24 में मध्यमान4.27और प्रशतित 85.4 है। Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


के सर हसांह (Pg. 12572-12584)

12581

ाईपरोि शि​िरण ाऄनसु ार थपि हैं शक ाआस ाअयाम के कुल 08 कथनों पर छात्र ाऄध्यापकों शक ाऄशभिृशत्त धनात्मक हैं तथा ाईच्च प्रशतित में छातर् ाऄध्यापकशिद्यालय प्रशिक्षणके सांदभण में सकारात्मक प्रशतशिया प्रदशिणत करते हैं। ाऄत: ाईपरोि सभी गशतशिशधयों को कौिल शिकास कायणिम का ाऄांग बनाये जाना ाऄच्छा हैं। सारणीसयिं या- 08:कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविवृवि का मध्यमान मध्य वविलन एविं वविरणशील गुणािंक N Attitude

8

CV

Minimum Maximum Mean (%)

Std. Deviation

3.47

.26548

4.27

3.9275

6.75

Valid N (listwise) 8

(78.55%) व्याख्या- सारणी सांख्या-4.15 से थपि है शक 08कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.93 ाऄथाणत 78.55 प्रशतित हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है। शिचरण िीलता गुणा​ांक का मान 6.75 है। शजसका ाऄथण है शक ाऄशभिृशत्त में लगभग 7प्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्तशिद्यालय प्रशिक्षणकायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। व्यावसावयक दक्षिा सविं धवन कायवक्रम सारणीसयिं या- 09:कथन के अनस ु ार छात्र अध्यापकों की कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविववृ ि के प्रवि प्रविवक्रयाए, मध्यमान और प्रविशि क्रमांक कथन का संख्या प्रकार 03. 04. 07. 09. 12. 15. 20. 22. 23. 25. 27. 28. 29. 31. 32.

सकारात्मक सकारात्मक नकारात्मक सकारात्मक नकारात्मक सकारात्मक सकारात्मक सकारात्मक नकारात्मक नकारात्मक नकारात्मक नकारात्मक सकारात्मक सकारात्मक सकारात्मक

अशभमत श्रेशणया म.मान पणू तय : सहमत अशनशित पणू तय : सहमत असहमत असहमत 190 194 35 06 05 4.29 199 189 30 10 02 4.33 18 26 54 138 194 4.07 283 120 18 07 02 4.56 22 38 50 132 188 3.99 69 287 234 30 23 45 19 115 212 169

173 116 138 55 60 89 46 217 174 172

94 13 35 58 38 133 61 66 36 67

71 08 15 162 154 115 188 22 06 17

23 06 08 125 155 48 116 10 02 05

3.45 4.55 4.33 3.69 3.83 3.07 3.78 3.94 4.36 4.12

Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies

%

85.8 86.6 81.4 91.2 79.8 69.00 91.00 86.6 73.8 76.6 61.4 75.6 78.8 87.2 82.4


के सर हसांह (Pg. 12572-12584)

व्याख्या-व्यािसाशयक दक्षता सांिधणन कायणिमके

12582

प्रशत ाऄशभिृशत्त में कुल 15 कथन थे जो िमिाः

03,04,07,09,12,15,20,22,23,25,27,28,29,31,32 थे।ाआनमें कथन 07,12,23,25,27,28नकारात्मकके कथन और 03,04,09,15,20,22,29,31,32सकारात्मक के कथन थे। सारणी में प्रत्येक कथन पर छात्र ाऄध्यापकों की ाऄनशु ियाएां और कथन का औसत मान तथा ाईसका प्रशतित दिाणए गए हैं। कथन 03 में मध्यमान4.29और प्रशतित 85.8 है।कथन 04 में मध्यमान4.33और प्रशतित 86.6 है।कथन 07 में मध्यमान4.07और प्रशतित 81.4 है।कथन 09 में मध्यमान4.56और प्रशतित 91.2 है।कथन 12 में मध्यमान3.99और प्रशतित 79.8 है।कथन 15 में मध्यमान3.45और प्रशतित 69.00 है।कथन 20 में मध्यमान4.55 और प्रशतित 91.00 है।कथन 22 में मध्यमान4.33और प्रशतित 86.6 है।कथन 23 में मध्यमान3.69 और प्रशतित 73.8 है।कथन 25 में मध्यमान3.83और प्रशतित 76.6 है।कथन 27 में मध्यमान3.07 और प्रशतित 61.4 है।कथन 28 में मध्यमान3.78और प्रशतित 75.6 है।कथन 29 में मध्यमान3.94और प्रशतित 78.8 है।कथन 31 में मध्यमान4.36 और प्रशतित 87.2 है।कथन 32 में मध्यमान 4.12और प्रशतित 82.4 है। ाईपरोि शि​िरण ाऄनसु ार थपि हैं शक ाआस ाअयाम के कुल 15 कथनों पर छात्र ाऄध्यापकों शक ाऄशभिृशत्त धनात्मक हैं तथा ाईच्च प्रशतित में छात्र ाऄध्यापक व्यािसाशयक दक्षता सांिधणन कायणिम के सांदभण में सकारात्मक प्रशतशिया प्रदशिणत करते हैं। ाऄत: ाईपरोि सभी गशतशिशधयों को कौिल शिकास कायणिम का ाऄांग बनाये जाना ाऄच्छा हैं। सारणीसयिं या- 10 :कौशल ववकासकायवक्रमों के प्रवि अविववृ ि का मध्यमान, मध्य वविलन एविं वविरणशील गण ु ािंक N

Minimum

Maximum

Mean

Cv Std. Deviation

Attitude Valid N (listwise)

15 15

3.07

4.56

4.0240

.41428

10.29

(80.48%) व्याख्या- सारणी सांख्या-09 से थपि है शक 15कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 4.02 ाऄथाणत 80.48 प्रशतित हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है। शिचरण िीलता गुणा​ांक का मान 10.29 है। शजसका ाऄथण है शक ाऄशभिृशत्त में लगभग 10प्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्तव्यािसाशयक दक्षता सांिधणन कायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। पररणाम सभी कथनों के शलए ाऄशभिृशत्त मापनी का माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.93 ाऄथाणत 78.53 प्रशतित हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है।छात्र ाऄध्यापकों कीाऄशभिृशत्त में लगभग दसप्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्तकौिल शिकास कायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। ाअयाम ाऄनसु ार छात्र ाऄध्यापकों की कौिल शिकासकायणिमों के प्रशत ाऄशभिृशत्त का शिश्लेषण

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के सर हसांह (Pg. 12572-12584)

12583

छात्र ाऄध्यापकके शलए कौिल शिकासकायणिमों के प्रशत ाऄशभिृशत्त मापनी में चार ाअयाम थे। ाअयाम ाऄनसु ारप्रदत्तों का शिश्लेषण के ाअधार पर पररणाम शनम्नशलशखत हैं1. वशक्षण अभ्यास पूवव कौशल ववकास वक्रयाकलाप (ाईन्मख ु ीकरण कायणिम /सक्ष्ू म शिक्षण / कौिल एकीकरण/ ाऄनरू ु पण शिक्षण) शिक्षण ाऄभ्यास पिू ण कौिल शिकास शियाकलापों के कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.78हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है।शिक्षण ाऄभ्यास पिू ण कौिल शिकास शियाकलापों के कथनों के शलए ाऄशभिृशत्त में लगभग ग्यारहप्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों कीाऄशभिृशत्त शिक्षण ाऄभ्यास पिू ण कौिल शिकास शियाकलापकायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। 2.पाठ योजना वनमावण एविं वक्रयान्वयन पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियन के कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.79हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है।पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियनके शलए ाऄशभिृशत्त में लगभग चौदहप्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त पाठ योजना शनमाणण एिां शियान्ियन के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। 3. ववद्यालय प्रवशक्षण कायवक्रम शिद्यालय प्रशिक्षणकायणिमों के थनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 3.93हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है।शिद्यालय प्रशिक्षणकायणिमों के शलए ाऄशभिृशत्त में लगभग सातप्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्तशिद्यालय प्रशिक्षणकायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। व्यावसावयक दक्षिा सविं धवन कायवक्रम व्यािसाशयक दक्षता सांिधणन कायणिमों के कथनों के शलए माध्य ाऄशभिृशत्त फलक 4.02हैं। यह दिाणता है शक कौिल शिकास कायणिम के प्रशत छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्त बहुत हद तक सकारात्मक है।व्यािसाशयक दक्षता सिां धणन कायणिमोंके शलए ाऄशभिृशत्त में लगभग 10प्रशतित शिचरणिीलता है जो शक काफी कम है फलथिरुप कहा जा सकता है शक छात्र ाऄध्यापकों की ाऄशभिृशत्तव्यािसाशयक दक्षता सिां रध् न कायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है। व्यायया ाऄध्ययन और पररणामों से यह पाया गया शकछात्र ाऄध्यापकों कीाऄशभिृशत्तकौिल शिकास कायणिमों के प्रशत काफी हद तक सकारात्मक है।

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के सर हसांह (Pg. 12572-12584)

12584

सझ ु ाव छात्र ाऄध्यापकों कीकौिल शिकास कायणिमों के प्रशत ाऄशभिृशत्त में और सधु र के शलए शनम्नशलशखत सझु ाि शदए जा रहे हैं1.

शिक्षण ाऄभ्यास पिू ण ाईन्मख ु ीकरण कायणिम को प्रभािी तरीके से ाअयोशजत शकया जाना चाशहए ।

2.

सक्ष्ू मशिक्षण कायणिम को गांभीरतापिू णक ाअयोशजत शकया जाना चाशहए।

3.

सक्ष्ू मशिक्षण कायणिम में ज्यादा से ज्यादा कौिलों का ाऄभ्यास कराया जाना चाशहए।

4.

ाऄभ्यास शिक्षण में जाने से पहले छात्र शिक्षकों ाअिश्यक तैयारी करा​ाइ जानी चाशहए।

5.

शिशभन्न कायणिालों का ाअयोजन शि​िेषज्ञों के द्वारा ाअयोशजत कराया जाना चाशहए।

6.

ाऄच्छे शिद्यालयों में ाऄभ्यास शिक्षण(ाआटां नणशिप) ाअयोशजत शकया जाना चाशहए ।

7.

पयणिेक्षकों द्वारा गांभीरता पिू णक छात्र ाऄध्यापकों को ाऄिलोशकत शकया जाना चाशहए ।

8.

छात्र ाऄध्यापकों को शिक्षण की निीन शिशधयों ि प्रशिशधयों से ाऄिगत कराया जाना चाशहए ।

वनष्कषव पहलेसमाज की यह धारणा थी शक ाऄध्यापक जन्मजात होते हैं लेशकन ाऄब ाऄध्यापक शिक्षाके द्वारा ाईनमें शिशभन्न कौिलोंव्यशित्ि, सामाशजक, नैशतक, व्यिसाशयक तथा सा​ांथकृ शतक गुणों का शिकास करके ाईन्हें ाऄध्यापक के शिशभन्न ाईत्तरदाशयत्ि को सफलतापिू णक ि प्रभाि​िाली ढांग से शनिणहन करने के योग्य बनाया जाता हैं सदिं िव ग्रन्थ सि ू ी गप्तु ा, एस.पी.(2015.) आधहु नक मापन एिां मल्ू याक ां न,इलाहािाद:शारदा पस्ु तक िडां ार डॉ. सल ु ैमान,म.ु (2016). मनोहिज्ञान हशक्षा एिां अन्य हिज्ञानां में सामाहजक सा​ांहययकी: िाराणसी, मोतीलाल िनारसीदस िागाि, म.(2010). ररसचा मेथोलाजी इन हिहैहिहर साइसां : हदल्ली पी.एच.आई. लहनिंग प्राइिेट हल कहपल,एच.के .(2011). अनसु न्धान हिहधया​ाँ, आगरा: एच .पी. िागाि िुक हाउस हसहां ,अ. ( 2014). मनोहिज्ञान समाजशास्त्र तथा हशक्षा में शोध हिहधया​ां, िाराणसी: मोतीलाल िनारसीदास सक्सेना, एन. आर.(2008). हशक्षा के दाशाहनक एिां समाजशास्त्रीय हसद्ा​ांत, मेरठ:आर. लाल िुक हडपो लाल, हिहारी, र.(2008). िारतीय हशक्षा का इहतहास हिकास एिां समस्याएां, मेरठ: आर. लाल िुक हडपो राष्ट्रीय पाठ्यचया​ा की रूपरे खा 2005, राष्ट्रीय शैहक्षक अनसु ांधान एिां प्रहशक्षण पररषद,् नयी हदल्ली अध्यापक हशक्षा में नीहतगत पररदृश्य: हि​िेचन एिां प्रलेखन(2001).एन.सी.टी.ई.नई हदल्ली कोठारी हशक्षा आयोग : हशक्षा कमीशन ररपोटा (1964-66), हशक्षा (1964-66)कमीशन, नई हदल्ली राष्ट्रीय हशक्षा नीहत : हशक्षा कमीशन ररपोटा (1986) मान, मां.(2012).“प्रहशक्षुओ ां के िृहिक हिकास में सेिापिू ा हशक्षक-हशक्षा कायाक्रम की उपादेयता-एक अध्ययन”,राजस्थान: िनस्थली हिद्यापीठ हिश्वहिद्यालय

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