Scholarly Research Journal for Humanity Science & English Language, Online ISSN 2348-3083, SJ IMPACT FACTOR 2017: 5.068, www.srjis.com PEER REVIEWED & REFERRED JOURNAL, JUNE-JULY, 2019, VOL- 7/34 शिऺण अधधगभ प्रक्रिमा भें कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन का उऩमोग एवं प्रबाविीरता ववये न्द्र कुभाय1 & ओभ प्रकाि गु्ता2 1
िोध छात्र, (शिऺा ववबाग), भ. गां. अं. हहं. वव. वव. वधाा.
Email- airvirendra@gmail.com 2
िोध छात्र (शिऺािास्त्त्र), वविभ ववश्वववद्मारम,उज्जैन(भध्म प्रदे ि)
Email-om.om.prakash00@gmail.com
Abstract प्रस्त्तुत िोध आरेख वताभान शिऺा व्मवस्त्था भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन की उऩमोधगता एवं इसकी प्रबाविीरता को प्रकाि भें राने का प्रमास कयता है । हभ सबी रोग जानते हैं क्रक वताभान सभम भें कम्प्मूटय का जीवन के प्रत्मेक ऺेत्र भें उऩमोग हो यहा है , अत् शिऺा जगत बी इससे अछूता नही है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन शिऺा को क्रकस प्रकाय से प्रबाववत कय यहा है , शिऺकों एवं ववद्माधथामों को सीखने भें क्रकस प्रकाय से सहामता कय यहा है एवं कऺागत शिऺण अधधगभ प्रक्रिमा को क्रकस प्रकाय से प्रबाविारी फना यहा है , मह हभें जानने की आवश्मकता है । कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन की उऩमोधगता का अनुभान इसी फात से रगामा जा सकता है क्रक आज शिऺा भें कम्प्मूटय का उऩमोग कयके ववषमवस्त्तु को कही अधधक सयरता एवं योचकता से सभझामा जा सकता है । मह साभान्द्म फच्चों एवं वविेष फारकों दोनों के शरए ही उऩमोगी है । प्रस्त्तुत िोध आरेख मह स्त्ऩष्ट कयने का प्रमास कयता है क्रक कम्प्मूटय के द्वाया सूचनाओं को प्रा्त कयने, प्रमोग कयने ,ननरुवऩत कयने तथा स्त्थानान्द्तयण कयने भें सहामता शभरती है । इसका उद्देश्म प्रमोगकत्ताा के ऻान, सम्पप्रेषण कौिर, ननणाम ऺभता तथा सभस्त्मा-सभाधान ऺभता को फढ़ाना है । इस प्रकाय ऻान को प्रा्त कयने की क्रिमा भें कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन अत्मंत आवश्मक है । अत् प्रस्त्तुत आरेख कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन की ववशबन्द्न वविेषताओं एवं वताभान शिऺण भें इसकी प्रबाविीरता का ही अध्ममन कयने का प्रमास कय यहा है । प्रमुक्त िब्दावरी् शिक् षण,कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन, उऩमोग तथा प्रबाविीरता।
Scholarly Research Journal's is licensed Based on a work at www.srjis.com प्रस्त्तावना : वताभान सभम भें ववद्मारम तथा शिऺण प्रणारी ऩय कम्प्मूटय का प्रबाव स्त्ऩष्ट रुऩ से हदखाई दे यहा है । शिऺण के ऺेत्र भें अनुदेिन ऩद्धनत, िोधकामा तथा ऩयीऺा प्रणारी को कम्प्मूटय ने अत्मधधक प्रबाववत क्रकमा है । वऩछरे कापी वषों से शिऺण के ऺेत्र भें चाटा औय फोडा ऩद्धनत का ही उऩमोग क्रकमा जाता यहा है रेक्रकन वताभान के नए ऩाठ्मिभ एवं छात्र कं्मूटय की सहामता से होने वारी शिऺण ऩद्धनत को स्त्वीकाय कय यहे हैं। कम्प्मूटय छात्रों को वैमक्क्तक एवं साभूहहक दोनों रूऩ से सक्रिम औय यचनात्भक कामा कयने भें सऺभ फनाता है । यचनात्भक Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
ववये न्द्र कुभाय & ओभ प्रकाि गु्ता
(Pg. 9321-9327)
9322
िैक्षऺक उद्देश्मों के साथ ही साथ शिऺण सहामक के रूऩ भें बी कं्मूटय कामा कय यहा है ।शिऺक जो बी कामा कयना चाहता है ,कम्प्मूटय इस संफंध भें उसको ऩूणा स्त्वतंत्रता प्रदान कयता है । इसके द्वाया छात्रों को व्मक्क्तगत रूऩ से शिऺण प्रा्त होता है । ववशबन्द्न मोग्मता वारे छात्र अऩनी गनत से शिऺण ग्रहण कयते हुए आगे फढ़ सकते हैं। एक कम्प्मूटय अनेक छात्रों के शिऺण अथवा अनुदेिन के शरए प्रमोग होता है । इस आधाय ऩय हभ मह बी कह सकते हैं क्रक कम्प्मट ू य ववद्माधथामों को अऩनी गनत औय अऩनी उऩरक्ब्ध दोनों के अनुसाय प्रगनत कयने के अवसय प्रदान कयता है , क्जसभें छात्रों को ऩरयणाभ बी तत्कार प्रा्त होता है । आधनु नक शिऺण प्रणाशरमों भें नई तकनीकों का प्रमोगहो यहा है । आज हयऺेत्र भें कम्प्मूटय का प्रमोगहो यहा है । नई-नई शिऺण साभधग्रमों की सहामता सेशिऺणकों अधधकाधधक योचक फनाने के प्रमासहो यहा है । अध्माऩकोंको बी ववशबन्द्न ऺेत्रों के शरएवविेष प्रकाय के प्रशिऺण की आवश्कता होती है । उन्द्हें अऩने अध्माऩन के ढ़ं ग, ऩाठ को सयर, प्रेयणादामक एवं योचक फनाने हे तु प्रमास कयने होते हैं। उन्द्हें अऩनी जानकायी को नवीनतभ तकनीक के अनरू ु ऩ फदरनेकी आवश्मकता होती है ।हदनों-हदन शिऺा केववस्त्तत ृ होते ऺेत्र एवं जनसाधायण भें शिऺाके प्रनत फढ़ती जागरूकताको ध्मान भें यखते हुए आज अध्माऩकबीआधनु नकतभ शिऺण तकनीकी प्रववधधमों का ऻान अक्जात कय यहें हैं। इन आवश्मकताओं को ऩरयऩण ू ा कयने के शरए ववशबन्द्न ववषमों के सॉफ्टवेमयप्रोग्राभ वइनसाक्रोऩीडडमा उऩरब्ध हैं, क्जनके द्वाया शिऺक एवं ववद्माथीकम्प्मूटय के भाध्मभ से ववश्व-स्त्तयीम ऻान प्रा्त कय यहें हैं। ववशबन्द्न िोध कामों से बी उक्त तथ्मों की ऩुक्ष्ट होती है । कॉटन (1991)ने ‘कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड इन्द्सट्रक्िन’ववषम ऩय अध्ममन कामा के आधाय ऩय फतामा क्रक शिऺक ननदे शित ऩायं ऩरयक कऺा के ववद्माधथामों की अऩेऺा कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन वारी कऺा के ववद्माधथामों की उऩरक्ब्ध कहीं अधधक होती है , कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन के उऩमोग से छात्रों की अशबवक्ृ त्त, स्त्वमं सीखने वारे छात्रों की अशबवक्ृ त्त की अऩेऺा अधधक सकायात्भक दृक्ष्टकोण की ओय रे जाती है ।त्मागी (2013)ने ‘जीवववऻान अधधगभ भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन भाड्मूर का ववकास औय वैधभान्द्मकयण’ववषम ऩय अध्ममनक्रकमा औय ननष्कषा भें ऩामा गमा क्रक कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन के द्वाया प्रामोधगक सभूह के ववद्माधथामों की उऩरक्ब्ध भें सकायात्भक ववृ द्ध होती है , ववद्माथी ऩयं ऩयागत शिऺण की तुरना भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन के साथ अधधक फेहतय ढं ग से सीखते है , कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन ववद्माधथामों को सीखने के शरमे अधधक अवसय प्रदान कयते है , मह ऩयं ऩयागत शिऺण से अधधक फेहतय है ।मादव (2011)ने ‘कऺा 8वीं के ववद्माधथामों के शरमे बूगोर ववषम भें Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
ववये न्द्र कुभाय & ओभ प्रकाि गु्ता
(Pg. 9321-9327)
9323
चमननत इकाइमों ऩय कम्प्मूटय सहामक अनुदेिनात्भक कामािभों के ववकास’ववषम ऩय अध्ममन क्रकमा औय ऩामा क्रक बूगोर ववषम को सीखने के शरमे ऩयम्पऩयागत कऺा शिऺण की तुरना भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन कामािभ अधधक प्रबावी है , ऩयम्पऩयागत कऺा शिऺण की तुरना भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन के भाध्मभ से ववद्माथी सीखने के शरमे अधधक सक्रिम रूऩ से बाग रेते हैं। भुयैना एवं अडडरेके (2011) ने ‘कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड इन्द्सट्रक्िन पॉय टीधचंग रननिंग प्रासेस एण्ड इट्स इपैक्ट ऑन स्त्टूडेंट्स ऩयपॉभेंस इन टशिामयी इंस्त्टीट्मूिन्द्स’ववषम ऩय िोध कामा क्रकमा औय ऩरयणाभ रूऩ भें ऩामा क्रक कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन ऩद्धनत का उऩमोग छात्रों के प्रदिान ऩय भहत्वऩण ू ा प्रबाव डारता है , ऩायं ऩरयक शिऺण ऩद्धनत भें कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन को िाशभर कयके इसके द्वाया सीखने को फढ़ावा दे ने ऩय छात्रों को फेहतय अनुबव प्रदान क्रकमा जा सकता है । है न्द्सय एण्ड ट्मूजभैन (2008)ने अऩने अध्ममन ‘रयसचा ऑन द इपेक्ट ऑप एकम्प्मूटय अशसस्त्टे ड साइंस टीधचंग’ के भाध्मभ से फतामा क्रक उऩचाय सभूह एवं ननमंत्रत्रत सभूह के फीच भें साथाक अंतय ऻात होता है , क्जसभें उऩचाय सभह ू की उऩरक्ब्ध भें अत्मधधक फढ़ोतयी दृक्ष्टगत होती है ,कम्प्मट ू य सहामक अनद ु े िन वारा सभह ू , ऩायं ऩरयक शिऺण ववधध से ऩढ़ामे जाने वारे सभह ू ों की अऩेऺा अधधक सपर हैं। यानाडे (2001)ने ‘साइंस टीधचंग थ्रो कम्प्मट ू य अशसस्त्टे ड इन्द्स्त्ट्रक्सन: रयसचा फ़ाइंडडंग एण्ड इनसाइड’ववषम ऩय अध्ममन कामा क्रकमा औय ननष्कषा भें मह प्रा्त क्रकमा क्रक कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन वारे छात्रों की प्रनतक्रिमा कापी सकायात्भक यही। ऩूवा औय ऩश्च ऩयीऺण के फाद ऩता चरा क्रक कं्मूटय सहामक अनुदेिन वारे छात्रों ने हय भाभरे भें फढ़ती हुई उऩरक्ब्ध को प्रा्त क्रकमा है । इसकी प्रबाविीरता ननमशभत अध्माऩन वारी कऺा एवं स्त्व-अध्ममन से कभ नहीं है । इन सबी िोध ऩरयणाभों से शिऺण अधधगभ प्रक्रिमा भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन की भहत्ता स्त्वत् शसद्ध होती है । कम्प्मूटय का उऩमोग् कम्प्मूटय का उऩमोग आधनु नक सभम भें अत्मधधक व्माऩक हो गमा है । मह अध्माऩकों एवं छात्रों के दै ननक जीवन का एक आवश्मक अंग फन गमा है । क्जसके ऩरयणाभस्त्वरूऩ शिऺा के प्रत्मेक ऺेत्र भें कम्प्मूटय का उऩमोग अधधक क्रकमा जाने रगा है । कम्प्मूटय ववशबन्द्नववषमों केिोधों के शरए एक अननवामा अनुसंधान साधन है । इन्द्टयनेट के भाध्मभ सेववशबन्द्न सहामक साभग्री को प्रा्त क्रकमा जा सकता है । आज छात्र कम्प्मूटय काउऩमोगग्राप फनाने,सांक्यमकीम गणनाकयने, यं गीन धचत्र ननभााण भें , आनराइन ऩुस्त्तकारम के रूऩ भें , कयके सीखने कीप्रक्रिमा,शभत्रों से फातचीत कयने, भनोयं जन आहद क्रकसी बी ववषम ऩय आधारयत प्रोग्राभ फनाने आहद भे Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
ववये न्द्र कुभाय & ओभ प्रकाि गु्ता
(Pg. 9321-9327)
9324
कयते हैं। इसके अनतरयक्त कम्प्मूटय ऩय गेभ खेरकय ववद्माथीअऩनी भानशसक व ताक्रकाक िक्क्तमों भें ववृ द्ध कय सकते हैं।शिऺण तथा अनुदेिन प्रक्रिमा भें छात्रों की सभस्त्माओं के आधाय ऩय सुधायात्भक शिऺण बी क्रकमा जाता है । इसके द्वाया हजायों छात्रों के िैक्षऺक ऺेत्र के गुणात्भक तथा ऩरयभाणात्भक दोनों प्रकाय की सभस्त्माओं का सभाधान क्रकमा जा सकता है । शिऺा के िोध कामों भें प्रदत्तों के ववश्रेषण तथा सांक्यमकी भान को बी कम्प्मूटयकी सहामता से ही ऻात क्रकमा जाने रगा है । इसके द्वाया व्मक्क्तगत रूधच, रुझान के अनुसाय प्रनतऩुक्ष्ट को प्रा्त क्रकमा जा सकता है । इस तयह कम्प्मूटयकी सहामता से शिऺकछात्रों हे तु बावी यणनीनत तैमाय कयता है । इसकी एक भान्द्मता मह बी है क्रक ववषम तथा ववषमवस्त्तु को ववशबन्द्न ववधधमों द्वाया प्रस्त्तुत कयने की ऺभता प्रदान कयता है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन् कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन से अशबप्राम ऐसी अनुदेिन तकनीकी से है क्जसकेअन्द्तगात छात्र तथा कम्प्मूटय संमन्द्त्र (क्जसभें सॉफ्टवेमय के रूऩ भें वांनछतअनद ु े िात्भक साभग्री यहती है ) के फीच मोजनाऩण ू ा अन्द्त्क्रिमा चरती यहतीहै क्जसके परस्त्वरूऩ छात्रों को अऩनी ऺभताओं तथाअधधगभ गनत मा अनस ु यणकयते हुए वांनछत अनद ु े िात्भक उद्देश्मों की प्राक््त भें सभधु चत सहामता प्रा्त होतीहै ।सीखने भें कंम्प्मट ू य सहामक अनद ु े िन के उऩमोग से मह अधधगभकत्ताा को ववषमवस्त्तु के साथ आकवषात कयता है । इसकी सहामता से अधधगभकताा अरग-अरग त्रफन्द्दओ ु ं से सीखनाप्रायम्पब कय दे ता है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन को साभान्द्मत् अनुदेिन मा सीखने के रूऩ भें दे खा जाता है ।सीखने के शरए इसभें सॉफ्टवेमय, हाडावेमय, नेटवका एवं दस ू ये दयू संचाय प्रमासों को सक्म्पभशरत क्रकमा जाता है । कम्प्मूटयसबी ववद्माधथामों केआउटऩुट का ववश्रेषण कयने भें सऺभ है । मह छात्रों के ऩरयणाभों से उन्द्हें तत्कार अवगत कयाता है औय शिऺकों को गुणवत्ता फनाए यखने भें सऺभ फनाता है । डेननमर (1999)कहते हैं क्रक कम्प्मट ू यसहामक अनुदेिन का एक प्रशसद्ध इनतहास है , इसे तकनीकी सहामता के शरए ही ववकशसत क्रकमा गमा है । कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन शिऺण औय अधधगभ के शरए एक भाध्मभ है मह सीखने को प्रेरयत कयता है । इसका उऩमोग प्रशिऺक, अधधगभकत्ताा मा शिऺक के द्वाया क्रकमा जा सकता है । कं्मूटय सहामक अनुदेिन भें प्रत्मेक व्मक्क्त अरग- अरग कामा कयते है , जफ उन्द्हें भदद की जरूयत होती है तफ प्रशिऺक मा दस ू या सहामक अधधगभकत्ताा त्रफना क्रकसी अन्द्म को ऩये िान क्रकए इरेक्ट्रॉननक स्त्कैननंग की सहामता से उनकी भदद कय सकता है । शिऺक छात्रों की प्रगनत ऩय नजय यखता है औय उन्द्हें तत्कार ननजी तौय ऩय प्रनतक्रिमा मा Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
ववये न्द्र कुभाय & ओभ प्रकाि गु्ता
(Pg. 9321-9327)
9325
सहामता प्रदान कयता है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन एक िैक्षऺक ववधध है जो क्रक सभम की भांग के अनुसाय कम्प्मूटय का उऩमोग कयती है , जो शिऺण एवं अशबप्रेयणा को भजफूत फनाती है । मह छात्रों की सीखने की गनत को फेहतय फनाती है औय सीखने के शसद्धांतों को तकनीकी के साथ संगहठत कयती है । यें जय (1980)कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन के फाये भें फताते हैं क्रक मह एक प्रक्रिमा है क्जसभें छात्र शरखखत एवं दृश्म साभग्री को एक ताक्रकाक अनुिभ के अनुसाय प्रस्त्तुत कयता है । िैऺखणक उद्देश्मों के शरए कम्प्मूटयके उऩमोग की फात कयते हुए आज बी इस िब्द का उऩमोग क्रकमा जाता है । मह छात्रों को तात्काशरक प्रनतक्रिमा दे ने का दोहया राब प्रदान कयता है औय छात्रों को सीखामी जाने वारी साभग्री का रगाताय सभामोजन कयता है । कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन के संबाववत राबों को सभकारीन दनु नमा भें कभ कयके नहीं दे खा जा सकता है ।ववकशसत दे िों भें कम्प्मूटय के फेहतय ऩरयणाभ हदखामी दे ते हैं। कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन की प्रबाविीरता् प्रौद्मोधगकी ने भानव जीवन का संऩण ू ा स्त्वरुऩ फदर हदमा है । तकनीकी का सफसे फड़ा मोगदान कम्प्मट ू य का ववकास औय शिऺण की प्रक्रिमा भें इसका उऩमोग है । अनद ु े िन साभग्री, सहामक साभग्री भें िाशभर होती है , क्जसका उऩमोग शिऺक, ववषमवस्त्तु को अधधक प्रबावी, स्त्थामी एवं भनोयं जक फनाने भें कयताहै । कम्प्मट ू य ऩद्धनत एवं अनुदेिन दोनों ही रूऩों भें उऩमोग क्रकमा जाता है । मह छात्रों के ऩाठ्मिभ ऩय ध्मान केंहरत कयने, सभझने, संश्रेषण औय सकायात्भक दृक्ष्टकोण भें सुधाय कयने के शरए प्रबावी है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन शिऺण साभग्री को छात्रों के शरए अधधक स्त्ऩष्ट स्त्थामी एवं ठोस फनाती है ।कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन एक प्रबाविारी ववधध है , क्जसको शिऺण गुणवत्ता को सुधायने के शरए उऩमोग क्रकमा जा सकता है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन ननम्पन स्त्तय के सीखने वारे छात्रों के शरए एक सहामक उऩकयण के रूऩ भें कामा कय सकता है । कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन शिऺण ववषम को प्रबाविारी तयीके से ऩढ़ाने एवं संऻानात्भक ऺभता को फढ़ाने भें सहामक हो सकता है । ननष्कषा् उऩयोक्त सभस्त्त ववश्रेषणों के आधाय ऩय हभ कह सकते हैं क्रक कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन शिऺण के ऺेत्र भें अत्मधधक उऩमोगी है , अत् मह कहा जा सकता है क्रक ऩायं ऩरयक शिऺण ववधध भें सुधाय के शरए कम्प्मूटयकी सहामता री जानी चाहहए ।ववद्मारम के ऩाठ्मिभ भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन की सहामता,उऩमोग एवं Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
ववये न्द्र कुभाय & ओभ प्रकाि गु्ता
(Pg. 9321-9327)
9326
प्रसाय क्रकमा जाना चाहहए क्मोंक्रक मह अवधायणा के ववकास भें अत्मधधक सहामक है । कम्प्मूटयके फाये भें शिऺकों को जानकायी दे ना अत्मधधक आवश्मक है क्मोंक्रक इसकी सहामता से उनके कामा को गनत प्रा्त होती है । इसके द्वाया ववद्माधथामों का एक ही सभम भें उनकी ध्वनन, दृक्ष्ट औय भोटय कौिर का उऩमोग एवं ववकास होता है । शिऺकों औय छात्रों के शरए कम्प्मूटयएक अंत्क्रिमात्भक प्रक्रिमा है जो सीखने ऩय सकायात्भक प्रबाव डारता है । कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन द्वाया छात्र कहीं अधधक तीव्रता से सीखते हैं। िैक्षऺक वातावयण की तैमायी कयते सभम कम्प्मूटयसहामता को ध्मान भें यख जाना चाहहएक्मोंक्रक ऩायं ऩरयक शिऺण ववधध की अऩेऺा कं्मूटय सहामक अनुदेिन शिऺण प्रक्रिमा भें अधधक उऩमोगी है । इससे मह बी ऻात होता है क्रक कम्प्मूटयसहामक अनुदेिन िैक्षऺक उऩरक्ब्ध औय ऻान को स्त्थामी फनाने भें कापी सपर शसद्ध हुआ है । संदबा ग्रन्द्थ सूची् कॉटन,कैथशरन
(1991).‘कम्प्मूटय
अशसस्त्टे ड
इन्द्सट्रक्िन’
स्त्कूर
इंप्रूवभें ट
रयसचा
सीयीज.
http://educationnorthwest.org/sites/default/files/Computer-AssistedInstruction.pdf.
कुरश्रेष्ठ, एस. ऩी.(2010). िैक्षऺक तकनीकी के भूर आधाय. आगया: अग्रवार ऩक्ब्रकेिन. कौसय, ताएफा; चौधयी, फी. एन एण्ड गुज्जय अइजाज अहभद (2008). ए स्त्टडड ऑप इपेक्क्टवनेस ऑप कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड इंस्त्ट्रकसन ओवय क्रासरूभ रेक्चय एट आई सी एस रेवर. भैनेजसा जनार ऑन एजूकेिनर साइकोराजी. वॉल्मूभ 2 नं. (1).
त्मागी,एस.(2013). जीवववऻान अधधगभ भें कम्प्मूटय सहामक अनुदेिन भाड्मूर का ववकास औय वैधभान्द्मकयण. ऩीएच.डी.िोध प्रफंध(अप्रकाशित). शिऺा ववबाग,भहवषा दमानंद मूननवशसाटी. भुयैना,इस्त्भाइर ओ. एवं अडडरेके,इभयान (2011). ‘कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड इन्द्सट्रक्िन पॉय टीधचंग रननिंग प्रासेस एण्ड इट्स इपैक्ट ऑन स्त्टूडेंट्स ऩयपॉभेंस इन टशिामयी इंस्त्टीट्मूिन्द्स. इंटयनेिनर जनार ऑप कम्प्मूटय ट्रें ड्स एण्ड टे क्नोराजी.http://www.internationaljournalssrg.org. मादव,एभ. एस. (2011).कऺा 8वीं के ववद्माधथामों की बूगोर ववषम भें चमननत इकाइमों ऩय कम्प्मूटय सहामक अनुदेिनकामािभों का ववकास. ऩी-एच.डी.िोध-प्रफंध(अप्रकाशित). डडऩाटा भेंट आप एजुकेिन. एस. एन.डी.टी. वोभेन मूननवशसाटी. यानाडे,भृदर ु ा डी. (2001). साइंस टीधचंग थ्रो कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड इन्द्स्त्ट्रक्सन: रयसचा पाइंडडंग एण्ड इनसाइड. http://www.hbcse.tifr.res.in/episteme/episteme-1/allabs/mridula_abs.pdf.
रोवे,एस.जे.(2004).द थ्मोयी आप एपेक्क्टव कम्प्मूटय फेस्त्ड इंस्त्ट्रक्िन पाय एडल्टस. ऩी-एच.डी.िोध प्रफंध(अप्रकाशित). रूशसमाना स्त्टे ट मूननवशसाटी. ववजमरक्ष्भी, के.(2016).ववद्मारम शिऺकों के फीच सूचना एवं संचाय प्रौद्मोधगकी औय कम्प्मूटय के प्रनत दृक्ष्टकोण का अध्ममन.इंटयनेिनर एजूकेिनर ई-जनार(क्वाटरीम). वषा 5अंक 3. ववट्टे , कृस्त्टोप डी; हामरयभानस एण्ड योजी, ननक्की (2014). द इपेक्क्टवनेस ऑप कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड भैथ रननिंग प्रोग्राभ. जनार ऑप कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड रननिंग. वॉल्मूभ 31 (4).
Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies
ववये न्द्र कुभाय & ओभ प्रकाि गु्ता
(Pg. 9321-9327)
9327
िभाा, आय. ए.(2015). शिऺा के तकनीकी आधाय. भेयठ: आय रार फुक डडऩो. स्त्टल्ज, िेयी एर. (2013). द इपेक्क्टवनेस ऑप कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड इंस्त्ट्रकसन पॉय टीधचंग भैथेभेहटक्स टू स्त्टूडेंट्स ववथ स्त्ऩेशसक्रपक रननिंग डडसत्रफशरटी. जोशसमा : द जनार ऑप स्त्ऩेिर एजूकेसन. वॉल्मूभ 2 (2). है न्द्सय अहभट हकन एण्ड ट्मूजभैन,अहभट हकन (2008). रयसचा ऑन द इपेक्ट ऑप ए कम्प्मूटय अशसस्त्टे ड साइंस टीधचंग. वल्डा ए्ऩराइड साइंस जनार 4 (2).
Copyright © 2017, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies