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VAIKALPIK SHHIKSHA KI AVADHARANA EANV BHARATIY SANDARBH

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Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2016 = 6.17, www.srjis.com UGC Approved Sr. No.49366, MAR–APR, 2018, VOL- 5/44

वैकल्पिक ल्िक्षा की अवधारणा एवं भारतीय संदभभ चन्द्र प्रकाि ल्संह1 & भरत कुमार िंडा2 1 पी एच.डी., शोध छात्र, शशक्षा शिद्यापीठ, Email.chandraprakashbhu@gmail.com 2 सहायक प्रोफे सर, महात्मा गा​ाँधी अंतरा​ाष्ट्रीय शहदं ी शिश्वशिद्यालय, िधा​ा, महाराष्ट्र

िैकशपपक शशक्षा की अिधारणा भारत एिं पूरे शिश्व की आगामी शैशक्षक मांग एिं अशधगम दृशिकोण है | िैकशपपक शशक्षा की शब्दािली अपने आप में शशक्षा का एक निीन पैराडाइम है, जो परम्परागत शशक्षा एिं उसके ढांचे को चुनौती देता है | इसका मख् ु य उद्देश्य बच्चों के जन्मजात क्षमताओ ं और रूशच को शिकशसत एिं प्रेररत करना है | सामान्य शिद्यालयों के पूिाशनधा​ाररत पाठ्यक्रम एक शनधा​ाररत ढांचे में शिद्याशथायों के समय एिं ज्ञान को उसके प्रकृशत के शिरुद्ध शनचोड़ रहें हैं | िहीं िैकशपपक शशक्षा प्रकृशत एिं समाज की मदत से शिद्याशथायों को अपने ढंग से शिकशसत होने में सहायक है | इस शोध पत्र में िैकशपपक शशक्षा से सबं शं धत कुछ प्रश्नों जैसे- िैकशपपक शशक्षा क्या है ? िैकशपपक शशक्षा शक आिश्यकता क्यों पड़ीं ? इसका सशं छप्त इशतहास क्या है ? इसकी सक ं पपना, मान्यताए,ं शशक्षण-अशधगम प्रशक्रया एिं मूपयाकन की सस्ं कृशत तथा भारतीय पररप्रेक्ष्य में पनपती िैकशपपक शशक्षा का शिश्ले षण प्रस्तुत शकया गया है | प्रमख ु शब्द – िैकशपपक शशक्षा, पैराडाइम, पोर्ा फोशलयो, शनकष सदं शभात परीक्षण, लशनिंग लाग्स, सध ु ारात्मक आक ं लन | Scholarly Research Journal's is licensed Based on a work at www.srjis.com

वैकल्पिक ल्िक्षा का इल्तहास विश्व पटल पर अगर हम दृविपात करे तो पाते है वक मनष्ु य की विज्ञासाओ ं ने ही िैवश्वक पररदृश्य को बहु आयामी ढ़ंग से वनवमित वकया है, विक्षा के सन्दर्ि में ऐवतहावसक रूप से अगर हम देखें तो इसका प्रारम्र् 18वीं सदी के बाद खड़ा हुआ जब लोग ल्िधाभररत करिें लगे ल्क यहीं ल्िक्षा है | अतः ितिमान समय की मांग ने इस िैकवपपक विक्षा के पररदृश्य को िन्म वदया िो विवर्न्न दि​िनों पर आधाररत एक व्यापक पररप्रेक्ष्य है | पविमी देिों एिं र्ारत में इसकी उत्पवि कुछ मामलों में वर्न्नता रखते हैं िहा​ाँ पविम में िद्ध ु िैचाररक बौवद्धकता, आधवु नकता एिं मनोिैज्ञावनक वसद्ातं ों का पररणाम था, िही ाँ र्ारत में आिश्यकता आधाररत था | ल्मलर के अनसु ार - “The History of alternative education is a story of social reformers and individualists, religious believers and romantics” उदाहरण स्िरुप अमेररका में होरेस मैि िो एक नेता एिं अमेररकी विक्षा सधु ारक थे उन्होंने िहां पर कें द्रीयकृ त विक्षा व्यिस्था का समथिन वकया,

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विसका कुछ धावमिक एिं अन्य आलोचकों ने विरोध वकया क्योंवक िे विक्षा को वनिी, पाररिाररक एिं सामदु ावयक प्रयास मानते थे न वक एक रािनीवतक कायिक्रम िो राज्य द्वारा अवनिायि रूप से थोपा िाये | 1762 में प्रकावित रूसो की पस्ु तक ‘एल्मल’ में इन्होनें र्ी पवललक स्कूल व्यिस्था की आलोचना की है और इस बात पर बल वदया है वक विक्षा बच्चों के िन्मिात एिं सहि विकास पर बल देने िाली होनी चावहए न वक सामाविक मांग के अनुरूप | 19वीं सदी में िैकवपपक विक्षा का विकास पवललक एिक ु े िन के विरोध स्िरुप हुआ और विसने िैकवपपक विक्षा की पृष्ठर्वू म का वनमािण वकया |इसमें कुछ मख्ु य विचारकों एिं विक्षाविदों का प्रयास रहा – जे.जे. रूसो, िेस्तालाजी, फ्रोबेल (वकंडरगाटिन), अपकाट, रापफ वापडो, एमसभि, हेिरी डेल्वड थोरो इत्यावद | 20 वीं सदी में कई ऐसे प्रयास एिं घटनाक्रम घवटत हुए िो आि तक िैकवपपक विक्षा के पररदृश्य को प्रर्ावित कर रहे है | 1909 में प्रकावित पस्ु तक ‘the century of the child’ विसका लेखन एक स्िीवडि विक्षाविद एलेि की के द्वारा वकया गया | िो बाल के वन्द्रत विक्षा की िकालत करने िालो में अग्रणीय थे और इस िदी में अन्य मख्ु य नाम माररया मान्द्टेसरी, रुडोपफ स्टीिर, जॉि डीवी (प्रोग्रेवसि आन्दोलन), सेलेल्स्टयि फ्रेिेट (1935 में अपने स्कूल की स्थापना के वलए पवललक स्कूल से त्याग पत्र वदया), फ्रांल्सस िाकभ र इत्यावद | 1960 से 1970 के दिक में िैकवपपक विक्षा की अिधारणा ने एक सामाविक आन्दोलन का रूप ले वलया और इसका मख्ु य कारण कुछ प्रमख ु लेखक एिं विचारक थे इसमें मुख्यतः इवाि इल्लच, एवरेट रीमर, ए.एस. िील, हमभट वाि हेंल्तग, जाि हापट, जोिाथि काजल (डेथ एट अली ऐि), हबभटभ कोल, कटभ एच.ए.हैि (राउंड स्क्िायर स्कूल), िाउलो फ्रेरे (वक्रवटकल पेडागािी) आवद ने के अपने व्यविगत एिं सामवू हक प्रयासों द्वारा इन्होने पवललक स्कूवलंग के मपू य एिं विवधयों पर प्रश्न खड़े वकये एिं विक्षा में एक सधु ारात्मक आदं ोलन को िन्म वदया | 21 वीं सदी में ल्िमाभणवादी अल्धगम ल्सधदांत पर आधाररत दो मख्ु य वि्ालयों की स्थापना हुई है-इस्ं टीट्यटू ऑफ़ वबटनबगि (वस्िस),प्रोवटक (कनेवडयन) इत्यावद | भारतीय सन्द्दभभ में वैकल्पिक ल्िक्षा र्ारतीय सन्दर्ि में िैकवपपक विक्षा के आयाम पविमी अिधारणा से वर्न्न थे य्वप वक पविमी िैकवपपक विक्षा की संकपपना ने र्ारतीय सन्दर्ि को अत्यवधक प्रर्ावित वकया है, विर र्ी यहा​ाँ मख्ु य समस्या वि्ालय तक पहुचाँ यानी नामांकन,वि्ालय की उपललधता, गरीबी, र्ौगोवलक बाधायें, संसाधनों की कमी एिं Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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सामाविक िरूरते थी, औपचाररक विक्षा तक सबकी पहुचाँ नहीं थी या कहें वक औपचाररक विक्षा सबकी िरूरतों को पणू ि करनें में असमथि थी | यहा​ाँ मख्ु य रूप से दरू दराि के बच्चों को विक्षा की व्यिस्था करना, बीच में स्कूल छोड़ने िालो के वलए विक्षा की व्यिस्था करना, कृ वि कायि से स्थानान्तररत होनें िाले पररिार के बच्चों के विक्षा की व्यिस्था करना, छोटे बच्चों के वलए अलग से योिना का वनमािण करना छुरियों के समय वि​ि कोसि चलाना, कौिल विकास एिं उत्पादकता के वलए विक्षा की व्यिस्था करना इत्यावद | इन बातो को ध्यान में रखते हुए र्ारत में विविध विचारों एिं आिश्यकताओ ं पर आधाररत वि्ालय संचावलत वकये िा रहे है,िैसे श्री अरविन्दो स्कूल, टैगोर इटं रनेिनल स्कूल,आनदं वनके तन, वगिर्ू ाई बदेका के स्कूल, सत्य साई ं स्कूल, वचन्मय वमिन के स्कूल, कृ ष्णमवू ति िाउन्डेिन के स्कूल (िाकिडु पाकि स्कूल य.ू के .,ऑक ग्रोि स्कूल य.ू एस.ए., ऋवि िैली स्कूल आन्र प्रदेि, रािघाट स्कूल िाराणसी, सह्याद्री स्कूल महाराष्र, बाल आनन्द स्कूल मबंु ई, द िैली स्कूल बंगलरु​ु ), वदगान्तर स्कूल (रािस्थान), हेररटेि स्कूल (बल ु ंद िहर, कोलकाता, गडु गा​ाँि, etc.), िागृवत स्कूल, वि्ोदय स्कूल, ग्रीन स्कूल, सारंग स्कूल, बालाबलागा स्कूल, विकासना स्कूल,इमली महुआ स्कूल इत्यावद | र्ारत में छुरियो के समय वि​ि कोसि स्कूल चलाये िा रहे है एिं अन्य िरुरतमदं ो के वलये- विवसंग बोट स्कूल, टेंट स्कूल, प्लेटफ़ॉमि स्कूल, एकलव्य(NGO) यह होिगं ाबाद में प्रारम्र् हुआ िो ग्रामीण प्राथवमक वि्ालयों के साथ वमलकर कायि कर रहा है | यह सवक्रय कक्षा की अिधारणा में विश्वास करता है यहा​ाँ विक्षक प्रविक्षक कायिक्रम र्ी चलाया िाता है | एकलव्य के कायिक्रमों में प्रयोग एिं अतं वक्रियायों का वसलवसला चलता रहता है | वैकल्पिक ल्िक्षा की संकपि​िा िैकवपपक विक्षा एक ऐसी विक्षा है िो परंपरागत विक्षा से हटकर है | यह एक बहुआयामी पररप्रेक्ष्य है न वक कोई प्रवक्रया या कायिक्रम और इसका आधार इस विश्वास पर वटका है वक विवक्षत होने के कई मागि है | कई तरह के पयाि​िरण एिं सरं चनाए है और प्रत्येक व्यवि विवक्षत हो सकता है | प्रत्येक व्यवि एक समान तरीके से नहीं सीखता और इसवलए उसे एक समान पाठ्यक्रम का अनसु रण करते हुए नहीं वसखाया िा सकता है | िैकवपपक विक्षा एक ऐसा माध्यम है िो विकपपों में विविधता के माध्यम से सांस्कृ वतक बहुलता को समािेिी बनता है | िैकवपपक विक्षा एक इस बात में विश्वास करता है वक प्रत्येक व्यवि समदु ाय के िैवक्षक लक्ष्य की प्रावि का मागि खोि सकता है | िैकवपपक विक्षा एक ऐसा माध्यम है िो चयन की स्ितंत्रता देता है एिं इसके माध्यम से Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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उसे एक सिल एिं उत्पादक व्यवि बनने में मदद करता है | िैकवपपक विक्षा एक ऐसा माध्यम है िो प्रत्येक व्यवि को उनकी मांग के अनुरूप विकपपों को उपललध कराकर प्रत्येक व्यवि की मपू य एिं क्षमता की पहचान एिं उनका सम्मान करता है | िैकवपपक विक्षा वकसी र्ी वि्ालय एिं समदु ाय की उत्कृ िता का प्रतीक है |िैकवपपक विक्षा एक ऐसा साधन है िो वि्ालय के रूपांतरण की िकालत करता है साथ ही साथ एक दाि​िवनक एिं िैचाररक रूपांतरण का विचार र्ी देता है | राि ल्मलर के अिुसार वैकल्पिक ल्िक्षा के िांच आधारभूत तत्व हैिैयविकता का सम्मान, सतं ल ु न, सिा का विके न्द्रीकरण, सामाविक दखल से परे और समग्र दृविकोण वैकल्पिक ल्िक्षा की मान्द्यताएं - सिलता यह नहीं है वक लोगों के वनधािररत मानको पर खरा उतरा िाये , बवपक यह है वक हम क्या है ? और इस रूप में समाि में क्या योगदान दे सकते है | वकसी व्यवि के मापन का पैमाना यह नहीं है वक िह वकस तरह की उपावध रखता है बवपक यह है वक िह क्या है, एिं वकतना आत्म वनर्िरता एिं आत्मानर्ु वु त के मपू यों में विश्वास करता है | अवधगम प्रवक्रया पर िोर देता है, विक्षा अपने आप में िीिन है समदु ाय में र्ागीदारी करें और अवधगम के वलए मैदान का वनमािण करें और उसे लागू करें | छात्र को स्ितन्त्रता दी िाए वक िह अपनी रुवच के अनसु ार वि​िय का चयन करें विससे अवधगम ज्यादा से ज्यादा सहि अथिपणू ि एिं आनंददायी बन सकें | विक्षक की र्वू मका उत्साहिधिक एिं सलाहकारी हो न वक विचारों को थोपने िाला हो, िह छात्र को सोचने एिं कायि के वलए उद्ीि करें | उपवस्थवत और कायि छात्र का उिरदावयत्ि हो, विक्षक एिं छात्र के मध्य पारस्पररक विश्वास का संबंध हो और छात्र के स्ि की गररमा का सम्मान वकया िाए | विक्षक र्ी एक व्यवि है,एक वमत्र है न वक विक्षक है | विक्षक असीम रूप से एक धैयि​िान सहकमी है, विक्षक का व्यवित्ि एिं नैवतक चररत्र मख्ु य है | विक्षा एक सतत प्रवक्रया है िो िन्म से समावध तक चलती है एिं छात्र की ियस्कता के सक्र ं मण काल में विक्षा एक महत्िपणू ि चरण है | वैकल्पिक ल्िक्षा की ढ़ांचागत ल्विेषताएं सामान्य रूप से यह चार है िो िैकवपपक विक्षा को प्रर्ािकारी बनाती है विसे हम ‘CSSS’ र्ी कह सकते है – 1. कन्सनि िॉर द होल स्टूडेंट्स 2. स्मालनेस 3. सपोवटिंि इनिायनिमटें Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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4. सेन्स ऑफ़ कम्यवु नटी िरम्िरागत अल्धगम प्रल्िया एवं वैकल्पिक अल्धगम प्रल्िया में अन्द्तर िरम्िरागत ल्िक्षण-अल्धगम प्रल्िया वैकल्पिक ल्िक्षण-अल्धगम प्रल्िया  एक वनधािररत पाठ्यचयाि से अध्यापक  इसमें पाठ्यचयाि लचीली होती है बधा रहता है  वि्ावथियों के द्वारा व्यि विज्ञासाएं एिं उनकी रुवचयों को महत्ि वदया िाता है  विक्षण में वकताबे मख्ु य श्रोत है  सीखना दोहराि पर वनर्िर करता है  सीखना अतं रवक्रयात्मक प्रवक्रया है, बच्चा िो िानता है उससे आगे बढ़  अध्यापक सच ू नाएं प्रदान करता है और िाता है छात्र ग्रहण करता है  अध्यापक वनदेि देता है और उसी के  विक्षक वि्ावथियों से बात-चीत करते है अन्दर सिा के वन्द्रत होती है और छात्र स्ियं अपने ज्ञान का वनमािण करता है  मपू याङ्कन परीक्षक के द्वारा एिं सही उिरों के द्वारा होता है यावन यहा​ाँ  यहा​ाँ विक्षक सहायक एिं वमत्र होता है मपू याङ्कन उत्पाद आधाररत है और सिा का विके न्द्रीयकरण होता है  यहा​ाँ मपू याङ्कन से ज्यादा आक  ज्ञान वनमािण की प्रवक्रया वनवष्क्रय है ं लन पर िोर है, प्रवक्रया को देखा िाता है  यहा​ाँ अनि ु ासन मख्ु य है  यहा​ाँ ज्ञान वनमािण की प्रवक्रया सवक्रय है  यहा​ाँ स्ितन्त्रता मख्ु य है वैकल्पिक ल्वद्यालयों के सामान्द्य प्रकार एवं कायभिम कन्द्टीन्द्यूएसि स्कूल – इस प्रकार के वि्ालय उन अवधगमकतािओ ं को पनु ः विक्षा का विकपप प्रदान करते है विनकी विक्षा वकन्ही कारणों से बीच में छूट गयी है | इसमें मख्ु य रूप से ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स, पोटेंवियल ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स, प्रेग्नेन्ट स्टूडेंट्स, टीन एि पैरेन्ट्स इत्यावद | ये वि्ालय अवधगमकतािओ ं को अपप प्रवतयोवगतापणू ि एिं अत्यवधक िैयविक विक्षा प्रदान करते है, और इनकी यह िैयविकता उनकी उपवस्थवत एिं प्रगवत की स्ितन्त्रता में है |  फण्डामेंटल स्कूल - इस तरह के वि्ालय मल ू र्तू पाठ्यक्रम,विक्षक वनदेवित अनदु ेिन,कठोर अनि ु ासन ,गृह कायि,ड्रेस कोड,ग्रेड इत्यावद इनकी वि​िेिताए है |ये इस रूप में िैकवपपक वि्ालय है िो वक समाि के उस िगि को अपने समहू में सवम्मवलत करते है िो कठोर अनि ु ासन और िैवक्षक/िास्त्रीय अवधगम में विश्वास करता है |

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 स्कूल ल्वद इि अ स्कूल – इस तरह के वि्ालय एक ऐसे विकपप के वनमािण वक बात करते है िहा व्यापक कक्षा समहू के आकार एिं संख्या को छोटा करके उन्हें प्रबन्धनीय एिं मानिोवचत बनाया िा सके |  डेमोिे ल्टक एण्ड फ्री स्कूल – इस तरह के वि्ालयों की मख्ु य मान्यता स्ितन्त्रता के मपू य में विश्वास एिं बालक को प्रकृ वत से अच्छा माननें की आस्था है | यहा​ाँ विक्षक एिं छात्र को समान मत देने की परम्परा है कुछ स्कूल तो सर्ी मामलों (आवथिक ,संघि​ि समाधान ,वनयवु ि एिं लघु प्रिासवनक वनणियों) में समान मत के पक्षधर है | ऐसी व्यिस्था में कहीं-कहीं विक्षक कक्षा में तब आते है िब छात्र बल ु ाएं और कहीं-कहीं विक्षक खदु से कक्षा में िाते है |  मपटीकपचरल स्कूल – इस तरह के वि्ालय विविध नृिातीय एिं प्रिातीय पृष्ठर्वू म के लोगो को एक साथ लाने पर ज्यादा िोर देते है विससे सास्ं कृ वतक बहुलता को बढ़ािा वदया िा सके और इस तरह के लक्ष्यों को प्राि करने के वलए इनके पाठ्यक्रम और अवधगम प्रवक्रयाओ ं का वनधािरण वकया िाता है |  लल्ि​िंग सेंटसभ – इस तरह के वि्ालय वि्ावथियों को एक हीं िगह पर विवि​ि प्रकार के ससं ाधन एिं कायिक्रम उपललध कराते है िो उनके कै ररयर को ध्यान में रखते हुए र्विष्य के प्रवत िागरूक एिं तैयार करता है | यह कायिक्रम व्यािसावयक एिं तकवनकी कौिलों के प्रविक्षण से सम्बवन्धत होते है |  मैगिेट स्कूल – इस तरह के वि्ालयों का विकास एक खास उद्ेश्य को लेकर हुआ है और िह उद्ेश्य िणि र्ेद को वमटाना है इसके वलए ये वि्ालय विवि​ि प्रकार के अध्ययन कायिक्रम उपललध कराते है,विससे विवर्न्न प्रकार के सर्ी प्रिातीय समहू ों को आकवि​ित वकया िा सके |  स्कूल ल्वदाउट वापस – इस तरह के वि्ालय समदु ाय आधाररत अवधगम अनर्ु िों के कायिक्रम की िकालत करते है यहा​ाँ समदु ाय के लोगो को मानि ससं ाधन के रूप में देखा िाता है और िे लोग वि्ालय में अपनी सेिा अनदु ि े न वक्रया के रूप में देते है | वैकल्पिक ल्िक्षा में ल्िक्षण ल्वल्ध, अल्धगमकताभ, ल्िक्षक, िाठ्यिम तथा मूपयांकि अवधगम की सवक्रय विवधयों का चयन, वनणिय वनमािण में वि्ावथियों की सहर्ावगता, छात्र एिं विक्षक के मध्य अनौपचाररक संबंध, हस्त कौिलों का विकास करना, सृिनात्मकता के विकास पर बल, िैयविक अध्ययन पर बल, उदाहरणों के द्वारा विक्षण, रटने की अपेक्षा तकि एिं समझ पर बल, वि्ावथियों में उत्साह प्यार एिं स्नेह को बढ़ािा देना, वि्ावथियों में िैज्ञावनक वचंतन एिं तकि का विकास करना, मानिता के सम्मान की Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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विक्षा, स्ि अवधगम को बढ़ािा देना, वि्ावथियों को अिसर देना वक िे स्ि अवधगम के मागि का चनु ाि करें ,स्ि अनि ु ासन को उत्पन्न करना इत्यावद | ज्यादातर िैकवपपक वि्ालय अपने पाठ्यक्रम वनमािण में विवि​ि स्ितन्त्रता रखते है और अतं रवि​ियी दृविकोण में विश्वास करते है | य्वप सर्ी िैकवपपक प्रवतमान इस बात में विश्वास करते हैं वक अवधगम सवक्रय प्रवक्रया है िो छात्र की आिश्यकता एिं रूवच पर आधाररत है पर कुछ मद्ु ों को लेकर इनकी राय एक दसू रे से वर्न्न है | यहा​ाँ विक्षक की कोई एक रूप पररर्ािा नहीं है | यहा​ाँ मख्ु यतः दो प्रवतमान है, प्रथम विक्षक समय से कक्षा में पढ़ाने िायेगा पर छात्र वनधािररत करते है वक िे कक्षा में बैठेंगे या नहीं, वद्वतीय विक्षक कक्षा में तब िायेगा िब छात्र उसे बल ु ाने आयेंगे | यहा​ाँ विक्षक पाठ प्रस्ततु कताि नहीं बवपक वमत्र, सलाहकार एिं िै वसवलटेटर की र्वू मका का वनि​िहन करते हैं | िैकवपपक वि्ालय इस बात में विश्वास करते है वक बच्चे एिं वकिोर तर्ी वकसी वि​िय एिं पररयोिना को प्रर्ािकारी तरीके से सीख सकते है िब इसमें उनकी रूवच एिं उसके वलए प्रोत्सावहत हो यही पैराडाइम इनके आकलन एिं मपू याङ्कन की वक्रया एिं संस्कृ वत को आकार प्रदान करता है | यहा​ाँ वनमािणात्मक आकलन पर िोर होता है | यहा​ाँ प्रत्येक छात्र की िैयविकता को महत्ि वदया िाता है | वनकि संदवर्ित आकलन पर िोर देते है | इसका उद्ेश्य वि्ावथियों में आतंररक अवर्प्रेरणा को बढ़ािा देना है | इसमें आकलन का आधार प्रत्येक छात्र की रुवचया​ाँ, अवधगम स्टाईल, एिं अवधगम गवत है | यहा​ाँ वि्ावथियों के अवधगम ररपोटि, अवधगम लाग्स और पोटि िोवलयो का वनमािण वकया िाता है | यह सब इनका दस्तािेि है िो उनके खदु के अवधगम को प्रदवि​ित करता है | ल्िष्कषभ :र्ारत में िैकवपपक विक्षा बहुतों के वलए कुछ अलग तरह की विक्षा है िो अपने आप में कई तरह के पेडागाविकल अप्रोच को सवम्मवलत वकये हुए है विसके माध्यम से समाि के सांस्कृ वतक बहुलता को विक्षा में उवचत स्थान प्रदान करता है और यह वकसी स्थान, गृह, विला, राज्य, राष्र के स्तर पर वक्रयावन्ित हो सकता है यह एक प्रवक्रयागत अिधारणा है िहा​ाँ बच्चों के सम्मान, स्िगवत, रूवच को महत्ि वदया िाता है | यहा​ाँ अध्यापक, छात्र, पाठ्यक्रम, विक्षण विवध, वि्ालय, मपू याङ्कन आवद की सक ं पपना परम्परागत सक ं पपना से वर्न्न है | यहा​ाँ मपू याङ्कन वबना तल ु ना के एिं सामदु ावयक सहर्ावगता पर बल वदया िाता है | अतः िैकवपपक विक्षा की संकपपना में छात्र की मल ू प्रिृवि आधाररत ज्ञान परम्परा की बात की िाती है िो ‘you are the best in your

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area’ का समथिन करता है | यह विक्षा के एक नये बहुआयामी पैराडाइम की बात करता है िहा​ाँ स्थानीय (local) एिं िैवश्वक (global) दोनो समान महत्ि रखते है | संदर्ि ग्रंथ सचू ी मिश्रा, ऊ. (2014). मिक्षा का सिाजिास्त्र, इलाहाबा: अनभु व पमललमिगिं हाउस. एरोन, एल.वाई. (2006). एन ओवरव्यू ऑफ़ अल्टरनेमटव एजक ु े िन. अग्लल्वे, एस. (2005). ज्योमिबा फूले का का सािामजक दिशन, नई मदल्ली: सम्यक प्रकािन. लैंग, सी. एि. (2002). अल्टरनेमटव एजक ु े िन: अ ब्रीफ महस्ट्री एिंड ररसर्श मसिंथेमसस. देिािंिरी, डी. (2001). भारि के सािामजक क्ािंमिकारी, नई मदल्ली: सोिल र्ेंज पेपसश. िामटशन, आर. ए. (2000). एन इरिं ोडक्िन टू एजक ु े िनल अल्टरनेमटव्स. गडु िैन, जी. एस. (1999). अल्टरनेमटव्स इन एजक ु े िन:मक्मटकल पेडागाजी फॉर मडसअफे क्टेड यथू ,मस्ट्वट्जरलैंड: पीटर लैंग. िोले, आर. ई. (1991). अल्टरनेमटव एजक ु े िन, अ पमललके िन ऑफ़ नेिनल ड्रॉपआउट मप्रवेंसन सेंटर. राइिर, ई. (1971). द स्ट्कूल इज डेड, लन्दन: पेंमग्लवन. इमलर्, आई. (1971). मडस्ट्कूमलिंग सोसाइटी, न्यू यॉकश :हापशर एिंड रो पमललिसश. फ्रेरे , पी. (1970). पेडागाजी ऑफ़ द आप्रेस्ट्ड, न्यू यॉकश :सेबरु ी प्रेस. नील, ए. एस. (1960). सिरमहल, महदिं ी रूपािंिरण. http://www.educationrevolution.org/store/resources/alternatives/introtoalternatives द कॉमन्रलयि ू न ऑफ़ अल्टरनेमटव्स एजक ु े िन, बाई-अन्ने मस्ट्लव्का. http://en.mwikipedia,org>wiki>Alternativeeducation

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