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BARELI JANAPAD KE UCHH MADHYAMIK VIDHYALAYON ME ADHYAYANRAT KISHORAVASTHA KI CHATRAON KE SASHKTIKARA

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Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies, Online ISSN 2278-8808, SJIF 2016 = 6.17, www.srjis.com UGC Approved Sr. No.49366, MAR–APR, 2018, VOL- 5/44

बरेली जनपद के उच्च माध्यममक मिद्यालयों में अध्ययनरत मकशोरािस्था की छात्राओं के सशमिकरण स्तर का तुलनात्मक अध्ययन अममता गप्तु ा1, Ph. D. ि मशखा ममश्रा2 1

Assistant professor, Department of Teacher Education, Bareilly College, Bareilly

2

M.Ed. Student (2015-17), Department of Teacher Education, Bareilly College, Bareilly

प्रस्तुत अध्ययन में बरेली जनपद के उच्च माध्यममक मिद्यालयों में अध्ययनरत मकशोरािस्था की छात्राओं के सशमिकरण स्तर को ज्ञात करने का प्रयत्न मकया गया है | शोधकता​ा ने न्यादशा के रूप में 126 छात्राओं का चयन स्तरीकृत न्यादशा चयन मिमध द्वारा मकया मजसमें 62 छात्राएं यू०पी० बोर्ा ि 64 सी०बी०एस०ई० बोर्ा की हैं ि 65 छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र की तथा 61 शहरी क्षेत्र की हैं, 65 छात्राएं महन्दू धमा की तथा 61 अन्य धमों की है | शोधाथी ने adolescent girls empowerment scale का उपयोग उपकरण के रूप में मकया है जो की र्ॉ देिेन्र मसंह मससोमदया ि कल्पना मसंह द्वारा मनममा त प्रमापीकृत उपकरण है इसमें कुल 7 क्षेत्र तथा 49 पद हैं | पररकल्पना परीक्षण तथा आंकड़ों के मिश्लेषण हेतु मध्यमान, प्रमामणक मिचलन तथा ‘ t ‘ परीक्षण सांमययकीय प्रमिमधयों का प्रयोग मकया गया है | अध्ययन के मनष्कषों से ज्ञात होता है मक ममहला सशमिकरण का स्तर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं में शहरी क्षेत्र की छात्राओं की अपेक्षा मनम्न है | यू०पी० ि सी०बी०एस०ई० बोर्ा की छात्राओं में ममहला सशमिकरण स्तर समान पाया गया | महन्दू धमा ि अन्य धमों की छात्राओं के मध्य सशमिकरण स्तर में साथा क अंतर नहीं पाया गया | उच्च आमथा क मस्थमत िाले पररिारों की छात्राओं का सशामिकरण स्तर मनम्न आमथा क मस्थमत िाली छात्राओं की तुलना में अमधक पाया गया | मूल शब्द – उच्च माध्यममक मिद्यालय, मकशोरािस्था, सशमिकरण स्तर Z

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प्रस्तावना :कहा जाता है कक जहा​ाँ नारी का सम्मान होता है वहा​ाँ देवता कनवास करते हैं परन्तु अज भी देखा जाता है कक हमारे समाज में मकहलाओ ं के साथ होने वाले ऄपराधों की संख्या कदन प्रकतकदन बढती ही जा रही है | प्रश्न यह ईठता है कक ऐसा कयूाँ हो रहा है कया हमारे देश में मकहलाओ ं की सरु क्षा के कलए कोइ कानून नहीं है या मकहलाओ ं को कोइ ऄकधकार प्राप्त नहीं हैं ? हमारे देश में मकहलाओ ं को परु​ु षों के सामान ऄकधकार प्राप्त हैं तथा भारतीय संकवधान में मकहला सुरक्षा व ऄकधकारों की रक्षा के कलए कइ प्रावधान ककये गए हैं परन्तु जागरूकता के अभाव में तो कभी पररवार की समाज में आज्जत की खाकतर मकहलाएं स्वयं के साथ होने वाले ऄन्याय व ऄत्याचार के कखलाफ अवाज नहीं ईठा पातीं | ऄतः अज मकहला सशकिकरण एक प्रमख ु कवषय है कजसके Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


Dr. Amita Gupta & Shikha Mishra 9869 (Pg. 9868-9878)

प्रकत समाज के यवु ा वगग को मख्ु य रूप से जागरूक होना चाकहए | प्रस्तुत ऄध्ययन में मकहला सशकिकरण का मापन कुल सात अयामों पर ककया गया है जो कक ऄग्रकलकखत हैं 1. ऄकधकार एवं स्वतंत्र ऄकस्तत्व (Power and Entitlement ) 2. स्वायत्ता एवं अत्मकवश्वास ( Autonomy and Self – Reliance ) 3. कनणग य प्रकिया ( Decision making ) 4. भागीदारी ( Participation ) 5. क्षमता कवकास ( Capacity Building ) 6. सामाकजक, राजकनकतक व कानूनी जागरूकता (Social, Political and Legal awareness ) 7. सचु ना माध्यमों की ईपयोकगता ( Exposure to information media ) शमाग ,(2015) ने ऄध्ययन में पाया कक शहरी क्षेत्र के बी० एड० प्रकशक्षओ ु में स्त्री कशक्षा व सुरक्षा के प्रकत ऄकभवृकत्त का स्तर ग्रामीण बी० एड० प्रकशक्षओ ु ं में स्त्री कशक्षा व सुरक्षा के प्रकत जागरूकता स्तर से ईच्च प्राप्त हुअ | शेट्टार(2015) द्वारा ककये गए ऄध्ययन में कहा गया की मकहलाओ ं का सशकिकरण आककीसवीं सदी की एक महत्त्वपूणग कचंताओ ं में से एक है | लेककन वास्तव में अज भी मकहला सशकिकरण एक भ्रम ही है | अज भी समाज में मकहलाएं असानी से सामकजक बरु ाआयों का कशकार हो रही हैं | श्रीकनवास,डीo (2015) “रीसेंट ट्रेंड्स आन वुमेन एम्पावरमेंट : ऄन एनाकलकसस” में कहा गया कक कलंग न्याय, शारीररक सशकिकरण, सामाकजक सशकिकरण, अकथग क सशकिकरण, कानूनी सशकिकरण तथा राजनीकतक सशकिकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के कलए राज्य, नागररक समाज, कवकश्वद्यालयों,मीकडया संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और ऄन्य संस्थानों को कमलकर काम करने की अवश्यकता है | दत्ता,(2014) “स्टडी ऑफ़ वुमेन एम्पावरमेंट आन दा कडकस्ट्रकट ऑफ़ बांकुरा” है , में पाया गया कक यहा​ाँ सैंपल की 40% मकहलाओ ं ने पररवार कनयोजन को ऄपनाया नहीं है तथा घरेलू कहंसा एक प्रमख ु समस्या है| के वल एक कतहाइ मकहलाएं घरेलू व सामदु ाकयक स्तर पर सशि हैं | प्रस्तुत ऄध्ययन की अवश्यकता व महत्त्व यह है की अज यवु ा पीढ़ी यकद जागरूक होगी तभी कल के सशि भारत का कनमाग ण संभव है तथा मकहलाओ ं के सशि होने का सीधा सम्बन्ध राष्ट्ट्र की प्रगकत से होता है | ऄध्ययन द्वारा प्राप्त कनष्ट्कषों द्वारा हम ज्ञात ि सकते हैं की अज ककशोरावस्था की छात्राओ ं में मकहला सशकिकरण के प्रकत कया दृकिकोण है तथा वे स्वयं ककतनी सशि व जागरूक हैं साथ ही अवश्यक क्षेत्रों में सुधार के कलए प्रयत्न भी ककये जा सकें गे | Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


Dr. Amita Gupta & Shikha Mishra 9870 (Pg. 9868-9878)

अध्ययन के उद्देश्य 1. ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की छात्राओ ं के मध्य सशकिकारण स्तर की तुलना करना | 2. कहन्दू धमग व ऄन्य धमों की छात्राओ ं के मध्य मकहला सशकिकरण स्तर की तुलना करना | 3. यू०पी० बोडग व सी०बी०एस०इ०बोडग की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर की तुलना करना | 4. ईच्च अकथग क कस्थकत व कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर की तल ु ना करना | अध्ययन की पररकल्पनाएं :1. ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर में कोइ साथग क ऄंतर नहीं है | 2. कहन्दू धमग व ऄन्य धमों की छात्राओ ं के मध्य मकहला सशकिकरण स्तर में साथग क ऄंतर नहीं है | 3. यू०पी० बोडग व सी०बी०एस०इ०बोडग की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर में साथग क ऄंतर नही है | 4. ईच्च अकथग क कस्थकत व कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के मध्य मकहला सशकिकरण स्तर में कोइ साथग क ऄंतर नहीं है | अनुसधं ान क्रियाक्रवक्रध :प्रस्तुत ऄध्ययन हेतु वणग नात्मक सवे कवकध का प्रयोग ककया गया है | जनसँख्या :प्रस्तुत शोध में बरेली जनपद के कवद्यालयों में ईच्च माध्यकमक स्तर पर ऄध्ययनरत 13 से 18 वषग की छात्राओ ं को जनसाँख्या के रूप में सकम्मकलत ककया गया है | न्यादर्श :शोधकताग ने स्तरीकृत यादृकच्छक न्यादशग न कवकध का प्रयोग 126 छात्राओ ं के चयन में ककया है | कजनमें कुल 62 यू०पी० बोडग व 64 सी०बी०एस०इ० बोडग की छात्राएं हैं | कजनमें से 65 ग्रामीण क्षेत्र की व 61 शहरी क्षेत्र की, 65 कहन्दू व 61 ऄन्य धमों की तथा 67 ईच्च अकथग क कस्थकत व 59 कनम्न अकथग क कस्थकत की हैं | प्रयुक्त उपकरण :प्रस्तुत ऄध्ययन में शोधाथी ने ADOLESCENT GIRLS

EMPOWERMENT SCALE का प्रयोग

ईपकरण के रूप में ककया है जो डॉ. देवेन्र कसंह कससोकदया व डॉ. ऄल्पना कसंह द्वारा कनकमग त प्रमापीकृत परीक्षण है| यह ईपकरण 13 से 18 वषग तक की छात्राओ ं में सशकिकरण स्तर मापने हेतु है आसमें कुल 7 क्षेत्र तथा 49 पद हैं | परीक्षण की कवश्वसनीयता 0.71 है | Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


Dr. Amita Gupta & Shikha Mishra 9871 (Pg. 9868-9878)

рдЧреНрд░рд╛рдореАрдг рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдПрдВ N1 = 65

рд╢рд╣рд░реА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдПрдВ N2 = 61

M1

SD1

M2

SD2

1.рдДрдХрдзрдХрд╛рд░ рдПрд╡рдВ рд╕реНрд╡рддрдВрддреНрд░ рдДрдХрд╕реНрддрддреНрд╡ 2.рд╕реНрд╡рд╛рдпрддреНрддрд╛ рдПрд╡рдВ рдЕрддреНрдордХрд╡рд╢реНрд╡рд╛рд╕ 3.рдХрдирдгрдЧ рдп рдкреНрд░рдХрд┐рдпрд╛

24.384

4.649

29.213

4.239

6.09

24.476

4.593

29.393

4.231

6.19

24.646

4.855

29.377

4.34

5.77

4.рднрд╛рдЧреАрджрд╛рд░реА

24.076

5.078

29.426

4.264

6.41

5.рдХреНрд╖рдорддрд╛ рдХрд╡рдХрд╛рд╕

24.323

4.796

29.524

3.901

6.69

6.рд╕рд╛рдорд╛рдХрдЬрдХ,рд░рд╛рдЬрдиреАрдХрддрдХ рд╡ 24.323 рдХрд╛рдиреВрдиреА рдЬрд╛рдЧрд░реВрдХрддрд╛ 24.338 7.рд╕реВрдЪрдирд╛ рдорд╛рдзреНрдпрдореЛрдВ рдХреА рдИрдкрдпреЛрдХрдЧрддрд╛ 170.56 рд╕рдордЧреНрд░ рдорд╛рди

5.235

29.278

4.389

5.77

4.874

29.18

4.283

5.95

34.08

205.39

29.64

6.13

рдЖрдпрд╛рдо

t-рдорд╛рди

рд╕рд╛рдерд╢рдХрддрд╛ рд╕реНрддрд░ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ рд╕рд╛рдерд╢рдХ рдЕрдВрддрд░ рд╣реИ |

рддрд╛рдХрд▓рдХрд╛ :1 рдЧреНрд░рд╛рдореАрдг рд╡ рд╢рд╣рд░реА рдХреНрд╖реЗрддреНрд░ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреЗ рдордзреНрдп рд╕рд╢рдХрд┐рдХрд╛рд░рдг рд╕реНрддрд░ рдХреА рддреБрд▓рдирд╛ рд╕рд╛рдВрдХреНрд░рдЦреНрдпрдХреАрдп рдкреНрд░рдХреНрд░рд╡рдХреНрд░рдзрдпрд╛рдВ :рдкреНрд░рд╕реНрддреБрдд рдДрдзреНрдпрдпрди рдореЗрдВ рдордзреНрдпрдорд╛рди, рдкреНрд░рдорд╛рдХрдгрдХ рдХрд╡рдЪрд▓рди рддрдерд╛ рдЯреА-рдкрд░рд░рдХреНрд╖рдг рдХрд╛ рдкреНрд░рдпреЛрдЧ рдХрдХрдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рд╣реИ | рдкреНрд░рджрддреНрддреЛрдВ рдХрд╛ рдХреНрд░рд╡рд╢реНрд▓реЗрд╖рдг рддрдерд╛ рдЕрдерд╛рд╢рдкрди :рддрд╛рдХрд▓рдХрд╛ рд╕рдВрдЦреНрдпрд╛ -1 рдореЗрдВ рдкреНрд░рд╛рдкреНрдд рдЕрдВрдХреЬреЛрдВ рд╕реЗ рдкрддрд╛ рдЪрд▓рддрд╛ рд╣реИ рдХрдХ рдЧреНрд░рд╛рдореАрдг рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХрд╛ рдорд╛рдкреЗ рдЧрдП рдкреНрд░рддреНрдпреЗрдХ рдЕрдпрд╛рдо рдДрдХрдзрдХрд╛рд░ рдПрд╡рдВ рд╕реНрд╡рддрдВрддреНрд░ рдДрдХрд╕реНрддрддреНрд╡, рд╕реНрд╡рд╛рдпрддреНрддрд╛ рдПрд╡рдВ рдЕрддреНрдордХрд╡рд╢реНрд╡рд╛рд╕, рдХрдирдгрдЧ рдп рдкреНрд░рдХрд┐рдпрд╛,рднрд╛рдЧреАрджрд╛рд░реА, рдХреНрд╖рдорддрд╛ рдХрд╡рдХрд╛рд╕, рд╕рд╛рдорд╛рдХрдЬрдХ рд░рд╛рдЬрдиреАрдХрддрдХ рд╡ рдХрд╛рдиреВрдиреА рдЬрд╛рдЧрд░реВрдХрддрд╛, рд╕реВрдЪрдирд╛ рдорд╛рдзреНрдпрдореЛрдВ рдХреА рдИрдкрдпреЛрдХрдЧрддрд╛ рддрдерд╛ рд╕рдордЧреНрд░ рдорд╛рди рдХреЗ рдХрд▓рдП рдкреНрд░рд╛рдкреНрдд рдордзреНрдпрдорд╛рди (рд┐рдорд╢рдГ M1 = 24.384, 24.476, 24.646, 24.076, 24.323, 24.323, 24.338, 170.56) рд╢рд╣рд░реА рдХреНрд╖реЗрддреНрд░ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреЗ рдЖрди рдЕрдпрд╛рдореЛрдВ рдХреЗ рдХрд▓рдП рдкреНрд░рд╛рдкреНрдд рдордзреНрдпрдорд╛рди (рд┐рдорд╢рдГ

ЁЭСА2 = 29.213, 29.393, 29.377, 29.426,

29.524, 29.278, 29.18, 205.39) рдХреА рддреБрд▓рдирд╛ рдореЗрдВ рдХрдо рд╣реИ рдЬреЛ рдпрд╣ рджрд╢рд╛рдЧ рддрд╛ рд╣реИ рдХрдХ рдкреНрд░рддреНрдпреЗрдХ рдЕрдпрд╛рдо рддрдерд╛ рд╕рдордЧреНрд░ рд╕реНрдХреЛрд░ рдореЗрдВ рдХрдХрд╢реЛрд░рд╛рд╡рд╕реНрдерд╛ рдХреА рдЧреНрд░рд╛рдореАрдг рдХреНрд╖реЗрддреНрд░ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХрд╛ рд╕рд╢рдХрд┐рдХрд░рдг рд╕реНрддрд░ рд╢рд╣рд░реА рдХреНрд╖реЗрддреНрд░ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреА рддреБрд▓рдирд╛ рдореЗрдВ Copyright ┬й 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


Dr. Amita Gupta & Shikha Mishra 9872 (Pg. 9868-9878)

कनम्न है | आसके साथ ही साथग कता स्तर पर भी प्रत्येक अयाम के साथ ही समग्र स्कोर में भी दोनों समूहों के मध्य साथग क ऄंतर पाया गया चकूाँ क प्रत्येक अयाम तथा समग्र स्कोर के कलए प्राप्त टी-मान (िमशः

6.09,

6.19, 5.77, 6.41, 6.69, 5.77, 5.95, 6.13) 124 स्वतंत्रता की कोकट पर 0.05 व 0.01 दोनों स्तरों के ताकलका मान से ऄकधक है ऄतः प्रथम शून्य पररकल्पना ऄस्वीकार की जाती है | ग्राफ -1 ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर की अयाम ऄनस ु ार प्राप्त अंकड़ों की तुलना 30 25 20 15 10 5 0

ग्रा0 छात्राएं

मध्यमान ग्रा0 छात्राएं SD शहरी छात्राएं

मध्यमान शहरी छात्राएं SD

ताकलका : 2 कहन्दू धमग व ऄन्य धमों की छात्राओ ं के मध्य मकहला सशकिकरण स्तर की तुलना कहन्दू-धमग N1 = 65 आयाम

M1

SD1

ऄन्य-धमग N 2 = 61 M2

SD2

t-मान साथशकता

1.ऄकधकार एवं स्वतंत्र ऄकस्तत्व

26.701

4.879

26.861

5.275

0.177

2.स्वायत्ता एवं अत्मकवश्वास

26.598

4.779

26.865

5.189

0.299

3.कनणग य प्रकिया

26.643

4.877

26.786

5.261

0.157

4.भागीदारी

26.699

4.689

26.89

5.274

0.214

Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies

स्तर साथग क ऄंतर नहीं है साथग क ऄंतर नहीं है साथग क ऄंतर नहीं है साथग क


Dr. Amita Gupta & Shikha Mishra 9873 (Pg. 9868-9878)

5.क्षमता कवकास

26.782

4.779

26.861

5.271

0.087

6.सामाकजक,राजनीकतक व कानूनी जागरूकता

26.702

4.879

26.9

5.276

0.294

7.सूचना माध्यमों की ईपयोकगता

26.701

4.862

26.861

5.3

0.176

186.82

33.764 188.02

36.846

0.189

कुल मान

ऄंतर नहीं है साथग क ऄंतर नहीं है साथग क ऄंतर नहीं है साथग क ऄंतर नहीं है साथशक अंतर नहीं है

ताकलका संख्या: 2 में प्राप्त अंकड़ों से पता चलता है कक कहन्दू धमग की छात्राओ ं का मापे गए प्रत्येक अयाम ऄकधकार एवं स्वतंत्र ऄकस्तत्व, स्वायत्ता एवं अत्मकवश्वास, कनणग य प्रकिया,भागीदारी, क्षमता कवकास, सामाकजक राजनीकतक व कानूनी जागरूकता, सूचना माध्यमों की ईपयोकगता तथा समग्र मान के कलए प्राप्त मध्यमान (िमशः M1 = 26.701, 26.598, 26.643, 26.699, 26.782, 26.702, 26.701, 186.82) तथा ऄन्य धमों की छात्राओ ं के आन अयामों के कलए प्राप्त मध्यमानों (िमशः

M2 = 26.861, 26.865, 26.786,

26.89, 26.861, 26.9, 26.861, 188.02)के मध्य महत्त्वपूणग ऄंतर नहीं है तथा ये अंकड़े लगभग सामान हैं जो यह दशाग ते हैं कक कहन्दू धमग की छात्राओ ं तथा ऄन्य धमों की छात्राओ ं का सशकिकरण स्तर सामान है | आसके साथ ही साथग कता स्तर पर भी प्रत्येक अयाम के साथ ही समग्र स्कोर में भी दोनों समूहों के मध्य साथग क ऄंतर नहीं पाया गया चकूाँ क प्रत्येक अयाम तथा समग्र स्कोर के कलए प्राप्त टी-मान (िमशः

0.177,

0.299, 0.157, 0.214, 0.087, 0.294, 0.176, 0.189) स्वतंत्रता की कोकट 124 पर 0.05 व 0.01 दोनों स्तरों के ताकलका मान से कम है ऄतः कद्वतीय शून्य पररकल्पना – “कहन्दू धमग व ऄन्य धमों की छात्राओ ं के मध्य मकहला सशकिकरण स्तर में कोइ साथग क ऄंतर नहीं है|” स्वीकार की जाती है | ग्राफ- 2 कहन्दू धमग व ऄन्य धमों की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर का अयाम ऄनुसार तुलनात्मक ऄध्ययन Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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30 25 20

हहन्द ू धमम मध्यमान

15

हहन्द ू धमम SD

10

अन्य धमम मध्यमान

5

अन्य धमम SD

0 आयाम आयाम आयाम आयाम 1

2

3

4

आयाम आयाम आयाम 5

6

7

ताकलका :3 यू०पी० बोडग व सी०बी०एस०इ०बोडग की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर की तुलना यू०पी० बोडग N1 = 62 अयाम

सी०बी०एस०इ०बोडग N2 = 64

M1

SD1

M2

1.ऄकधकार एवं स्वतंत्र ऄकस्तत्व 2.स्वायत्ता एवं अत्मकवश्वास 3.कनणग य प्रकिया

26.548

4.633

25.921

5.349

25.725

4.731

26.218

5.328

27.79

4.798

26.109

5.419

4.भागीदारी

27.00

5.153

26.156

5.277

5.क्षमता कवकास

25.983

5.029

26.187

5.356

6.सामाकजक,राजनीकतक व कानूनी जागरूकता 7.सूचना माध्यमों की ईपयोकगता कुल मान

27.612

5.061

26.00

5.371

24.403

5.029

25.984

5.274

185.06

34.43

182.57

37.375

ताकलका संख्या 3 के ऄवलोकन से स्पि है कक यू० पी०बोडग

SD2

t-मान

साथग कता स्तर 0.70 साथग क ऄंतर नहीं है 0.55 साथग क ऄंतर नहीं है 1.84 साथग क ऄंतर नहीं है 0.90 साथग क ऄंतर नहीं है 0.22 साथग क ऄंतर नहीं है 1.73 साथग क ऄंतर नहीं है 1.72 साथग क ऄंतर नहीं है 0.388 साथशक अंतर नहीं है |

की छात्राओ ं का मापे गए प्रत्येक अयाम -

ऄकधकार एवं स्वतंत्र ऄकस्तत्व, स्वायत्ता एवं अत्मकवश्वास, कनणग य प्रकिया,भागीदारी, क्षमता कवकास, सामाकजक Copyright © 2018, Scholarly Research Journal for Interdisciplinary Studies


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рд░рд╛рдЬрдиреАрдХрддрдХ рд╡ рдХрд╛рдиреВрдиреА рдЬрд╛рдЧрд░реВрдХрддрд╛, рд╕реВрдЪрдирд╛ рдорд╛рдзреНрдпрдореЛрдВ рдХреА рдИрдкрдпреЛрдХрдЧрддрд╛ рддрдерд╛ рд╕рдордЧреНрд░ рдорд╛рди рдХреЗ рдХрд▓рдП рдкреНрд░рд╛рдкреНрдд рдордзреНрдпрдорд╛рди (рд┐рдорд╢рдГ M1 = 26.548, 25.725, 27.79, 27, 25.983, 27.612, 24.403,185.06) рддрдерд╛ рд╕реАреж рдмреАреж рдПрд╕реж рдЗреж рдмреЛрдбрдЧ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреЗ рдкреНрд░рддреНрдпреЗрдХ рдЕрдпрд╛рдо рдХреЗ рдордзреНрдпрдорд╛рди ( рд┐рдорд╢рдГ M2 = 25.921, 26.218, 26.109, 26.156, 26.187, 26, 25.984, 182.57) рдХреЗ рдордзреНрдп рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рдирд╣реАрдВ рд╣реИ рдЪрдХреВрд╛рдБ рдХ рджреЛрдиреЛрдВ рд╕рдореВрд╣реЛрдВ рдХреЗ рдЯреА- рдорд╛рди ( рд┐рдорд╢рдГ 0.70, 0.55, 1.84, 0.90, 0.22, 1.73, 1.72, 0.388) 0.05 рд╡ 0.01 рд╕рд╛рдердЧ рдХрддрд╛ рд╕реНрддрд░ рдкрд░ рддрд╛рдХрд▓рдХрд╛ рдорд╛рди рд╕реЗ рдХрдо рд╣реИрдВ (df = 124) рдДрддрдГ рддреГрддреАрдп рд╢реВрдиреНрдп рдкрд░рд░рдХрд▓реНрдкрдирд╛- тАЬ рдпреВрежрдкреАреж рдмреЛрдбрдЧ рд╡ рд╕реАрежрдмреАрежрдПрд╕режрдЗрежрдмреЛрдбрдЧ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреЗ рдордзреНрдп рд╕рд╢рдХрд┐рдХрд░рдг рд╕реНрддрд░ рдореЗрдВ рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рдирд╣реА рд╣реИ тАЭ рд╕реНрд╡реАрдХрд╛рд░ рдХреА рдЬрд╛рддреА рд╣реИ | рдЧреНрд░рд╛рдл- 3 :рдпреВрежрдкреАрежрдмреЛрдбрдЧ рд╡ рд╕реАрежрдмреАрежрдПрд╕режрдЗреж рдмреЛрдбрдЧ рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреЗ рдордзреНрдп рд╕рд╢рдХрд┐рдХрд░рдг рд╕реНрддрд░ рдХреА рдЕрдпрд╛рдо рдДрдирд╕ реБ рд╛рд░ рддреБрд▓рдирд╛ 30 рдпрежреВ рдйреАреж рдмреЛрд░реНрдо

25

рдордзреНрдпрдорд╛рди

20

рдпрежреВ рдйреАрежрдмреЛрд░реНрдо SD

15 10

рд╕реАрежрдмреАрежрдПрд╕режрдИрежрдмреЛрд░реНрдо

5

рдордзреНрдпрдорд╛рдирдорд╛рди

0 рдЖрдпрд╛рдо 1

рдЖрдпрд╛рдо 2

рдЖрдпрд╛рдо 3

рдЖрдпрд╛рдо 4

рдЖрдпрд╛рдо 5

рдЖрдпрд╛рдо 6

рдЖрдпрд╛рдо

рд╕реАрежрдмреАрежрдПрд╕режрдИреж

7

рдмреЛрд░реНрдо SD

рддрд╛рдХрд▓рдХрд╛ :4 рдИрдЪреНрдЪ рдЕрдХрдердЧ рдХ рдХрд╕реНрдердХрдд рд╡ рдХрдирдореНрди рдЕрдХрдердЧ рдХ рдХрд╕реНрдердХрдд рдХреА рдЫрд╛рддреНрд░рд╛рдУ рдВ рдХреЗ рдордзреНрдп рдордХрд╣рд▓рд╛ рд╕рд╢рдХрд┐рдХрд░рдг рдЙрдЪреНрдЪ рдЖрдХреНрд░рдерд╢рдХ рдХреНрд░рд╕реНрдердХреНрд░рдд рдХреНрд░рдирдореНрди рдЖрдХреНрд░рдерд╢рдХ рдХреНрд░рд╕реНрдердХреНрд░рдд ЁЭРНЁЭЯП = 67 ЁЭРН ЁЭЯР = 59 рдЖрдпрд╛рдо 1.рдДрдХрдзрдХрд╛рд░ рдПрд╡рдВ рд╕реНрд╡рддрдВрддреНрд░ рдДрдХрд╕реНрддрддреНрд╡ 2.рд╕реНрд╡рд╛рдпрддреНрддрд╛ рдПрд╡рдВ рдЕрддреНрдордХрд╡рд╢реНрд╡рд╛рд╕ 3.рдХрдирдгрдЧ рдп рдкреНрд░рдХрд┐рдпрд╛

ЁЭРМЁЭЯП

ЁЭРТЁЭРГЁЭЯП

ЁЭРМЁЭЯР

ЁЭРТЁЭРГЁЭЯР

29.074

4.363

24.05

4.446

29.283

4.481

24.135

4.26

29.236

4.422

24.056

4.229

t-рдорд╛рди рд╕рд╛рдерд╢рдХрддрд╛

рд╕реНрддрд░ 6.38 рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ 6.60 рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ 6.71 рд╕рд╛рдердЧ рдХ рдДрдВрддрд░ рд╣реИ

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4.भागीदारी

29.299

4.396

24.10

4.212

5.क्षमता कवकास

29.28

4.433

24.054

4.197

4.422

24.0

4.287

4.467

24.21

4.121

30.987

168.60

29.752

6.सामाकजक,राजनीकतक व 29.293 कानूनी जागरूकता 7.सूचना माध्यमों की 29.29 ईपयोकगता कुल मान 204.75

6.77 साथग क ऄंतर है 6.79 साथग क ऄंतर है 6.74 साथग क ऄंतर है 6.63 साथग क ऄंतर है 6.68 साथशक अंतर है |

ताकलका संख्या – 4 के ऄवलोकन से स्पि है कक ईच्च अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं का सशकिकरण स्तर कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं से ऄकधक है | चकूाँ क ईच्च अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के मापे गए सातों अयामों ऄकधकार एवं स्वतंत्र ऄकस्तत्व, स्वायत्ता एवं अत्मकवश्वास, कनणग य प्रकिया,भागीदारी, क्षमता कवकास, सामाकजक राजनीकतक व कानूनी जागरूकता, सूचना माध्यमों की ईपयोकगता तथा समग्र के कलए प्राप्त मध्यमान के मान

( िमशः

29.074, 29.283, 29.236, 29.299, 29.28, 29.293, 29.29,

204.75) कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के आन अयामों में प्राप्त मध्यमान के मान (िमशः

24.05,

24.135, 24.056, 24.10, 24.054, 24, 24.21, 168.60) से ऄकधक हैं कजससे पता चलता है कक ईच्च अकथग क कस्थकत की छात्राएं कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं की तुलना में ऄकधक सशि हैं | 124 स्वतंत्रता कोकट पर दोनों समूहों का टी- मान प्रत्येक अयाम पर 0.05 व 0.01 साथग कता स्तर के टी- मान से ऄकधक प्राप्त हुअ कजससे कनष्ट्कषग कनकलता है कक ईच्च अकथग क कस्थकत व कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर में साथग क ऄंतर है तथा चतुथग शून्य पररकल्पना – “ईच्च अकथग क कस्थकत व कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के मध्य मकहला सशकिकरण स्तर में कोइ साथग क ऄंतर नहीं है ” ऄस्वीकार हो जाती है |

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ग्राफ – 4 ईच्च अकथग क कस्थकत व कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर का अयामों के ऄनुरूप तुलनात्मक ऄध्ययन 30

उच्च आर्थमक

25

स्थथति मध्यमान

20

उच्च आर्थमक

15

स्थथति SD

10

तनम्न आर्थमक

5

स्थथति मध्यमान

0 आयाम 1 आयाम 2 आयाम 3आयाम 4 आयाम 5 आयाम 6 आयाम 7

तनम्न आर्थमक स्थथति SD

क्रनष्कषश :प्रस्तुत ऄध्ययन से स्पि होता है कक धमग तथा कशक्षा का माध्यम मकहला सशकिकरण स्तर को प्रभाकवत नहीं करता है जबकक अकथग क कस्थकत तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्र का प्रभाव सशकिकरण स्तर पर पड़ता है | प्रस्तुत ऄध्ययन में यह पाया गया कक ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं शहरी क्षेत्र की छात्राओ ं की तुलना में कम सशि हैं तथा ईच्च अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं का सशकिकरण स्तर कनम्न अकथग क कस्थकत की छात्राओ ं की तुलना में ऄकधक है | जबकक कहन्दू धमग व ऄन्य धमों की छात्राओ ं का सशकिकरण स्तर तल ु नात्मक रूप से समान पाया गया | आसी प्रकार यू०पी० बोडग व सी०बी०एस०इ० बोडग की छात्राओ ं के मध्य सशकिकरण स्तर में कोइ साथग क ऄंतर नहीं पाया गया | र्ैक्रिक क्रनक्रहताथश :प्रस्तुत ऄध्ययन की कुछ प्रमख ु शैकक्षक ईपयोकगताएं आस प्रकार हैं – 1. ईच्च माध्यकमक स्तर पर मकहला ऄकधकारों के प्रकत जागरूकता बढाने हेतु सेमीनार, कायग शाला, गोकियों अकद का अयोजन ऄकनवायग रूप से ककया जाना चाकहए कजससे ककशोरावस्था की छात्राओ ं का सशकिकरण स्तर ईच्च होगा तथा भावी पीकढयां भी सशि हो पायेंगी | 2. कवद्यालयों के पाठ् यिम में मकहला ऄकधकारों से सम्बंकधत कवषयों व पाठ् य सामग्री को स्थान कदया जाना चाकहए कजससे बाकलकाएं ऄपने ऄकधकारों को जान पायेंगी तथा सशि बनने हेतु प्रेररत रहेंगी |

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3. ग्रामीण क्षेत्रों की बाकलकाओ ं को ऄकधक सशि बनाने के कलए कशक्षा की गणु वत्ता में सुधार तथा कशक्षा के माध्यम से जागरूक बनाने का कायग ककया जाना अवश्यक है | 4. बाकलकाओ ं में सशकिकरण स्तर को ईच्च बनाने के कलए कवद्यालयों को कवशेष प्रावधान करने चाकहए जैसे- मकहला ऄकधकारों से जुडी जानकारी देना, कनणग य लेने की क्षमता का कवकास करना, जीकवकोपाजग न की कशक्षा देना अकद | REFERENCES:Ashraf, N. (2006). Female empowerment : Impact of a commitment savings product in the Philippine. World development, Vol.38(3), pp 333- 334.doi: 10.1061. Retrieved from http://isps.yale.edu/research/publications/isps09-014 Dutta, P.(2014).Study of women’s empowerment in the district of Bankura. Retrieved from http://www.shodhganga.inflibnet.ac.in Hashmi, S.M.(1996).Rural credit programs and women’s empowerment in Bangladesh. World development, Vol.24(4),pp635-653.doi:org/10.1016/0305-750x(75)00159-A. Retrieved from https://www.sciencedirect.com Sharma, P.(2015).बी०एर्o प्रमशक्षुओ ं की स्त्री मशक्षा एिं सुरक्षा के प्रमत अमि​िृमि का अध्ययन.एक अप्रकामशत लघु शोध प्रबंध.एम०जे०पी० रुहेलखण्र् मिश्वमिद्यालय, बरेली Sharme, R.A. (2012). मशक्षा अनुसन्धान के मूल तत्ि एिं शोध प्रमिया, आर० लाल बुक मर्पो, मेरठ, पृष्ठ 220-222, 135140 Shettar, M.R. (2015). A study on issues and challenges of women empowerment in India. IOSR journal of business and management, Volume 17, Issue 4, pp13-19 Shrinivasa, D. (2015).Recent trends in women empowerment : An analysis. International education and research journal, Vol 1, Issue 5 Siwal, B.R..(2008). Gender framework analysis of empowerment of women : a case study of kudumbashree program. Retrieved from http://nipccd.nic.in

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